खुल गया जसपुर में मिले डायनासोर के कंकाल का राज

पूर्व आलेख : 19 नवम्बर 2017 : दुनिया के सबसे विशालकाय जीव माने जाने वाले डायनासोर हमेशा से मानव के लिए उत्सुकता का विषय रहे हैं। इसलिए भी कि जब पृथ्वी से इतने विशाल जीवों का अस्तित्व समाप्त हो गया, तो मानव की क्या बिसात है। कहा जाता है कि धरती से डायनासोरों का विनाश एक विशाल क्षुद्रग्रह के धरती से टकराने की वजह से हुआ। लेकिन डायनासोरों के विलुप्त होने का सही कारण और समय किसी को नहीं पता। इस गुत्थी में एक और कड़ी उत्तराखंड में जुड़ गयी है। यहां उत्तराखंड के जसपुर नाम के कस्बे में एक ऐसा कंकाल मिला है, जो हूबहू डायनासोर जैसा दिखने वाला है। बताया गया है कि जसपुर के एक ऐसे बिजलीघर में यह डायनासोर जैसा कंकाल मिला है, जोकि करीब 35 वर्ष से बंद पड़ा था, और इधर इसे किसी कारण खोला गया। यानी यह कंकाल सिर्फ 35 पुराना हो सकता है। इसे देखते ही लोग हैरत में पड़ गए। सवाल उठा है कि क्या लाखों वर्ष पूर्व अस्तित्व खो चुके बताए जाने वाले डायनासोर क्या 35 वर्ष पहले भी धरती व खासकर उत्तराखंड में मौजूद थे। यदि यह सच निकला तो डाइनासोरों के बारे में अध्ययन को एक नई दिशा मिल जाएगी। हालांकि इसकी संभावना बेहद कम हैं।

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बहरहाल, जसपुर पुलिस ने इसे कब्जे में लिया। जसपुर के थाना प्रभारी ने बताया कि कंकाल को आगे की जांच के लिए वन विभाग के सुपुर्द किया जा रहा है। साथ ही नेशनल जियोग्राफिक चैनल जैसे इस संबंध में रुचि रखने वाले विशेषज्ञों से भी संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों की जांच, कंकाल की सही उम्र पता लगने के बाद ही इस संबंध में स्थिति साफ होने की उम्मीद है।

इस संबंध में वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊं वृत्त, आईएफएस अधिकारी डा. पराग मधुकर धकाते का कहना है कि यह कंकाल किसी डायनासोर के तरह ही लग रहा है। ‘डीएनए कार्बन डेटिंग’ के जरिए इसकी उम्र एवं अन्य तथ्यों का सही-सही पता लगाया जाएगा।

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