नैनीताल विधायक के पीआरओ के नाम से एसबीआई के मैनेजर से धोखाधड़ी का प्रयास

नैनीताल। नैनीताल विधायक संजीव आर्य के पीआरओ के नाम से भारतीय स्टेट बैंक की मुख्यालय स्थित मुख्य शाखा प्रबंधक से धोखाधड़ी का प्रयास करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मामले में भाजपा नगर अध्यक्ष मनोज जोशी की ओर से कोतवाली पुलिस में लिखित शिकायत कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है।
भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक मनीश चौधरी ने बताया कि उन्हें सुबह दो-तीन बार मोबाइल संख्या 9870338455 से फोन आया। पंजाबी लहजे में बोल रहे फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को नैनीताल विधायक का पीआरओ बताते हुए उसके चंडीगढ़ स्थित बैंक खाते में बच्चों की फीस के लिए 29 हजार रुपए डालने और यह धनराशि पार्टी कार्यालय में अध्यक्ष से ले लेने को कहा। शंका होने पर चौधरी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं से इस संबंध में संपर्क साधा तो पता चला कि ऐसा कोई व्यक्ति विधायक का पीआरओ नहीं है। बात विधायक आर्य तक भी पहुंची, और उन्होंने मामले में पुलिस में शिकायत करने के निर्देश दिये, जिसके बाद भाजपा नगर अध्यक्ष मनोज जोशी ने थाना मल्लीताल में शिकायती पत्र दे दिया है। नगर कोतवाल विपिन चंद्र पंत ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी है।

हिमालय पर ‘रेलवे स्टेशन ढूंढते’ चीन सीमा पर मिला मध्य प्रदेश का संदिग्ध

  • 6 दिन बाद हैलीकाप्टर के जरिये पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय लाया गया

देश के उत्तराखंड प्रांत के चीन सीमा से सटे पांछू गांव में मध्य प्रदेश के एक संदिग्ध व्यक्ति को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया है। उसे 6 दिन बाद हैलीकाप्टर के जरिये पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय लाया गया। संदिग्ध अजीब बहकी-बहकी बातें कर रहा है। स्वयं को मध्य प्रदेश के रीवा जनपद का निवासी बता रहे इस व्यक्ति का कहना है कि वह उस अति दुर्गम क्षेत्र में रेलवे स्टेशन ढूंढ रहा था।
अलबत्ता, उच्च हिमालयी-बर्फीले इलाके में काफी समय तक रहने के कारण संदिग्ध व्यक्ति गैंग्रीन रोग से पीढ़ित हो गया है। उसके पैरों की अंगुलिया एक तरह से सड़ सी गयी हैं। इसे देखते हुए उसे इलाज के लिए पिथौरागढ़ के जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया है, जहाँ चिकित्सकों की टीम उसके इलाज में जुट गयी है। अलबत्ता, उच्च हिमालयी इलाकों में बर्फबारी के हालिया सर्दियों के मौसम में कैसे पांछू गांव तक जा पहुंचा, इसका फिलहाल पता नही चल पाया है। फिलहाल वह अपना नाम-पता भी ठीक से नहीं बता रहा है। चीन सीमा से जुड़ा मामला होने के चलते स्थानीय और केंद्रीय गुप्तचर एजेंसियां उससे पूछताछ करने व सही कारण जानने का प्रयास कर रही हैं। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासन भी इस मामले में जानकारी देने से बच रहा है।  

इनपुट: मनोज चंद, पिथौरागढ़।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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