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बड़े मलाल के साथ माता नंदा-सुनंदा के महोत्सव का हुआ समापन

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-नंदा देवी महोत्सव के दौरान नयना देवी मंदिर के कपाट बंद रहने से आम लोग नहीं कर पाये माता नयना एवं माता नंदा-सुनंदा के दर्शन
-महोत्सव के समापन अवसर पर टूटीं सामाजिक दूरी के नियम की धज्जियां
नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2020। 1902 से दो विश्व युद्धों के बावजूद 118 वर्षों से अनवरत आयोजित हो रहे माता नंदा-सुनंदा के महोत्सव पर कोरोना के नाम पर बड़ा मलाल नगर के आम लोगों के मन-मस्तिष्क में रह गया। पूरे कुमाऊं मंडल में हालिया वर्षों से नैनीताल के नंदा देवी महोत्सव को देखकर महोत्सव होने लगे। वहां भी इस वर्ष महोत्सव हुए और आम लोगों की भी सामाजिक दूरी बनाते हुए उनमें भागीदारी रही, लेकिन नैनीताल के नंदा देवी महोत्सव, जिसे हालिया वर्षों में गढ़वाल मंडल में होने वाली ‘राज जात’ की तर्ज पर आम जनता की भागीदारी के कारण ‘लोक जात’ भी कहा जाने लगा था, इस वर्ष आम जनता की भागेदारी से वंचित रहा। यहां तक कि आयोजक संस्था श्री राम सेवक सभा के पदाधिकारियों के परिजन तक माता नंदा के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं कर पाए। जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार भी मंदिर में प्रवेश पर रोक नहीं है, लेकिन महोत्सव के दौरान यहां नयना देवी मंदिर के द्वार बंद रहे। इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर भी आम लोगों में जबर्दस्त चर्चा और नाराजगी देखी जा रही है। लोग निर्णयकर्ताओं की कमजोरी को इसके लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।

माता नंदा-सुनंदा की मूर्तियों के विसर्जन पर दर्शनों के लिए लालायित खड़े श्रद्धालु।

शुक्रवार को नंदा देवी महोत्सव के समापन अवसर पर मंदिर परिसर में सामाजिक दूरी का नियमानुसार पालन नहीं हो पाया। लोग माता नंदा में अपार श्रद्धा के वशीभूत हर वर्ष की तरह बहन-बेटी की तरह विदा करने के लिए नयना देवी मंदिर के आसपास जुटे रहे। उन्होंने वहीं खड़े-खड़े माता के जयकारे लगाए और भजन गाए। लेकिन प्रशासन इस दौरान सामाजिक दूरी बहाल नहीं रख पाया। यहां तक कि नयना देवी मंदिर के अंदर भी सामाजिक दूरी नहीं बनी रह सकी। उपस्थित पुलिस-प्रशासन की भूमिका मूकदर्शक की दिखी। वे मंदिर में लोगों को प्रवेश न करने देने के अलावा किसी तरह की रोक-टोक करते भी नहीं दिखे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या व्यवस्थाएं बेहतर नहीं हो सकती थीं। क्या व्यवस्थित तरीके से लोगों को सीमित संख्या में माता नंदा-सुनंदा के दर्शन करने का मौका नहीं दिया जा सकता था। सोचिएगा जरूर….।

पहली बार नयना देवी मंदिर से हुआ विसर्जन

माता नंदा-सुनंदा के डोले को विसर्जन के लिए पंडाल से माता नयना के दर्शनों के लिए लाते आयोजक।

नैनीताल। परंपरागत तौर पर माता नंदा-सुनंदा के महोत्सव के उपरांत मूर्तियों का विसर्जन पूरे शहर में शोभायात्रा के उपरांत पाषाण देवी मंदिर के पास देर शाम को होता था, लेकिन पहली बार नयना देवी मंदिर से ही मूर्तियों का विसर्जन दिन में 12 बजे डोला उठने के साथ ही कर दिया गया। इससे पूर्व माता नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का पूजन नयना देवी मंदिर की व्यवस्थाएं संभालने वाले अमर उदय ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी राजीव लोचन साह के सपत्नीक यजमानत्व में हुआ। धार्मिक अनुष्ठान, पूजा व आरती आदि आचार्य भगवती प्रसाद जोशी ने करवाए। इसके उपरांत ईको-फ्रेंडली तरीके से बनी मूर्तियों को माता नयना देवी मंदिर के दर्शन एवं तीन बार परिक्रमा कराने के उपरांत मंदिर परिसर से ही विसर्जन कर दिया गया। पूरे महोत्सव की अच्छी बात यह रही कि कोरोना की वैश्विक महामारी के बावजूद नंदा देवी महोत्सव का धार्मिक पक्ष आयोजक संस्था की ओर से, केवल हवन-यज्ञ को छोड़कर पूरे धार्मिक विधि-विधान से हो पाया। आयोजन में स्थानीय विधायक संजीव आर्य भी शामिल हुए। साथ ही सभा के महासचिव जगदीश बवाड़ी, पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी, कमलेश ढोंढियाल, डा. मनोज बिष्ट, हिमांशु जोशी, भीम सिंह कार्की, राजेंद्र बजेठा, शैलेंद्र साह सहित अन्य अनेक सदस्य शामिल रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अगस्त 2020। 1902 से दो विश्व युद्धों के बावजूद 118 वर्षों से अनवरत आयोजित हो रहे माता नंदा-सुनंदा के महोत्सव के तहत बृहस्पतिवार को आचार्यों के द्वारा सुंदर कांड व नंदा चालीसा का पाठ साथ ही कन्याकुमारी पूजन एवं शाम को पंचआरती आदि कार्यक्रम आयोजित किये गए। इन कार्यक्रमों में श्रीनंदा देवी महोत्सव के तहत भीम सिंह कार्की, मनोज जोशी व विमल चौधरी भी शामिल हुए। वहीं रात्रि में होने वाले देवी पूजन में सभा के सदस्य राजेंद्र बजेठा सपत्नीक यजमान की भूमिका में रहे। जबकि कन्या पूजन डीसीएस खेतवाल एवं डा. सरस्वती खेतवाल ने कन्या पूजन करवाया। इसके अलावा केबल पर प्रसारण एवं ऑनलाइन माध्यम से हजारों लोगों ने दूसरे दिन भी माता नंदा-सुनंदा के दर्शन किए। इस कार्य में शंकर दत्त जोशी, दिनेश खेतवाल, डा. सरस्वती खेतवाल, पद्मश्री अनूप शाह, डा. शेखर पाठक, वासु राय, विनोद पांडे, लतिका जलाल, मनोज चौधरी आदि ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। नरेश चनियाल व डा. गगनदीप होती ने भजन प्रस्तुत किया। प्रो. ललित तिवारी, हेमंत बिष्ट, मीनाक्षी कीर्ति, नवीन पांडे व डा. मोहित सनवाल आदि ने संचालन किया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 अगस्त 2020। 1902 से दो विश्व युद्धों के बावजूद 118 वर्षों से अनवरत हुआ माता नंदा-सुनंदा का महोत्सव कोरोना की विश्वव्यापी महामारी के बावजूद पूरे विधि-विधान के साथ आयोजित हुआ। सुबह तीन बजे ब्रह्म मुहूर्त में माता नंदा सुनंदा की परंपरागत तौर पर मूलतः कदली दलों से प्राकृत पर्वताकार आकृति में बनी मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्राण प्रतिष्ठा आचार्य भगवती प्रसाद जोशी ने करानी, जबकि आयोजक संस्था श्रीराम सेवक सभा के वरिष्ठ सदस्य घनश्याम लाल साह ने सपत्नीक यजमान की भूमिका निभाई। ‘नवीन समाचार’ सहित अन्य माध्यमों से पहले दिन ही 57 हजार से अधिक लोगों ने माता नंदा-सुनंदा के ऑनलाइन दर्शन किए।

इस वर्ष की नंदा-सुनंदा :
वहीं दिन में नयना देवी मंदिर में बने पूजा पंडाल में माता नंदा-सुनंदा की मूर्तियों के समक्ष पूरी तरह से शांति रही। किसी भी श्रद्धालु को पूजा-अर्चना के लिए आने की इजाजत नहीं मिली। यहां तक कि आयोजक संस्था के सदस्यों को भी पूरे महोत्सव में केवल एक बार मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिलने के कारण वे भी मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाए। अलबत्ता, इस पर किसी भी श्रद्धालु ने किसी तरह की निराशा घोषित व सार्वजनिक तौर पर प्रकट नहीं की।
वहीं शाम साढ़े छह बजे पंच आरती तथा रात्रि में भी देवी पूजन हुआ, जिसमें आयोजक संस्था के सदस्य भीम सिंह कार्की ने सपत्नीक यजमान की भूमिका निभाई। रात्रि 12 बजे भी परंपरानुसार देवी भोग हुआ। आयोजक संस्था के महासचिव जगदीश बवाड़ी ने बताया कि आगे बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे देवी पूजन, दिन में संस्था के आचार्यों के द्वारा ही सुंदर कांड व नंदा चालीसा का पाठ, कन्याकुमारी भोग व शाम को पंचआरती आदि कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।

57 हजार से अधिक लोगों ने ऑनलाइन किये माता नंदा-सुनंदा के दर्शन
नैनीताल। पहली बार नंदा-सुनंदा के महोत्सव के प्रसारण के लिए केबल टीवी के अलावा ऑनलाइन व्यवस्था भी की गई। आयोजक संस्था के महासचिव जगदीश बवाड़ी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से करीब 57 हजार लोगों ने माता नंदा-सुनंदा के ऑनलाइन दर्शन किए। उन्होंने बताया कि लोगों में माता नंदा-सुनंदा के दर्शन न कर पाने पर कोई निराशा नहीं दिखी है, बल्कि लोग इस बात के लिए संस्था की प्रशंसा कर रहे हैं कि ऐसी महामारी के दौर में भी इस आयोजन की परंपरा-देवी पूजन को जारी रखा गया है। प्रसारण के कार्य में संस्था के डा. मोहित सनवाल, डा. ललित तिवारी, नवीन पांडे, मीनाक्षी कीर्ति व हेमंत बिष्ट के साथ ही हरीश कुमार आदि लोग जुटे रहे। इस दौरान एसडीएम विनोद कुमार, सीओ विजय थापा, मल्लीताल कोतवाल अशोक कुमार सिंह, उप निरीक्षक दिनेश जोशी सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी अपनी ड्यूटी में मुस्तैद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अगस्त 2020। कोरोना काल में सीमित संसाधनों एवं मानव शक्ति के साथ तैयार होने के बावजूद इस बार राज्य की कुलदेवी माता नंदा-सुनंदा सरोवरनगरी में मंगलवार सप्तमी के दिन पूर्व के वर्षों की अपेक्षा काफी जल्दी ही सज-संवर गई हैं। अब वे नंदाष्टमी के अवसर पर बुधवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं को ऑनलाइन एवं टेलीविजन पर दर्शन देंगी। कोरोना के संक्रमण की वजह से इस वर्ष श्रद्धालु नैना देवी मंदिर में दर्शन नहीं कर पाएंगे। हम यहां बताना चाहते हैं कि आप बुधवार सुबह पांच बजे से अपने प्रिय एवं भरोसेमंद ‘नवीन समाचार’ पर भी माता नंदा-सुनंदा की प्राण प्रतिष्ठा एवं दर्शनों के ‘लाइव दर्शन’ कर सकेंगे। इसके लिए सुबह से आप ‘नवीन समाचार’ पर जुड़ सकते हैं।


बताया गया है कि इस वर्ष बीती रात्रि ही माता नंदा-सुनंदा की मूर्तियों के निर्माण के लिए दोनों कदली दलों को नैनी सरोवर में स्नान कराकर पहली बार आयोजक संस्था श्रीराम सेवक सभा के कार्यालय भवन में लाया गया, और यहां पिछले एक सप्ताह से तैयार कर ली गई बांश की खपच्चियों से मूर्ति निर्माण हेतु कपड़ा लगाने का कार्य सुबह ही कर लिया गया, जबकि पूर्व वर्षों में यह कार्य शाम तक हो पाता था। ऐसे में मूर्तियों में मोनिका साह व कल्याणी गंगोला द्वारा मूर्तियों में रंग भरने का काम भी अपराह्न में पूरा हो गया और इसके बाद मूर्तियों के श्रृंगार का कार्य भी शाम तक हो गया, जबकि पूर्व में यह कार्य मध्य रात्रि तक होता रहता था। मूर्ति निर्माण में भी इस वर्ष आयोजकों में बेहद सीमित संख्या में कार्यकर्ताओं को लगाया और यह कार्य भी गुप्त तरीके से कराया ताकि आम जन पिछले वर्षों की तरह अधिक संख्या में न जुट जाएं। मूर्ति निर्माण में चंद्र प्रकाश साह, मनोज जोशी, गोधन बिष्ट, दीप गुरुरानी, सागर सोनकर, भोला वर्मा आदि ने योगदान दिया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 24 अगस्त 2020। एक वर्ष के लंबे इंतजार के बाद, कोविद-19 की महामारी के पिछले 6 माह से भी अधिक लंबे समय दुनिया भर में व्याप्त भय व असमंजस के बावजूद सोमवार को उत्तराखंड की कुलदेवी एवं राज्य के दोनों अंचलों-कुमाऊं व गढ़वाल को एकसूत्र में पिरोने वाली राज राजेश्वरी माता नंदा-सुनंदा कदली स्वरूप में अपने मायके की तरह माता नयना की नगरी में आ गई हैं। अब वे यहां बेहद सादगी के साथ ‘एक स्थान पर केवल पांच लोगों की मौजूदगी’ के नियम का पालन करते हुए अगले चार दिन यहां रहेंगी एवं बुधवार यानी नंदाष्टमी के दिन से प्राकृत पर्वताकार सुंदर मूर्तियों के रूप में अपने भक्तों-श्रद्धालुओं को दर्शन देंगी। इसके लिए ऑनलाइन एवं टीवी पर उनके दर्शनों की व्यवस्था की जा रही हैं
उल्लेखनीय है कि सरोवरनगरी का सुप्रसिद्ध, 1902 से बीच में दो विश्व युद्धों के बावजूद अनवरत जारी रहा 118वां श्रीनंदा देवी महोत्सव रविवार को प्रारंभ हुआ है। महोत्सव के तहत सोमवार को आयोजक संस्था श्रीराम सेवक सभा के सदस्य विमल चौधरी व भीम ंिसह कार्की तथा आचार्य भगवती प्रसाद जोशी एवं उनके सहयोगी दीप जोशी व घनश्याम जोशी निकटवर्ती खुर्पाताल के पास स्थित गांव जोग्यूड़ा से परंपरागत लाल व सफेद निशानों यानी झंडों के साथ माता नंदा-सुनंदा को कदली दलों के स्वरूप में धार्मिक विधि-विधानपूर्वक लेकर एवं पहली बार बिना शोभायात्रा के मुख्यालय स्थित नयना देवी मंदिर पहुंच गए हैं। यहां आचार्य जोशी ने कदली दलों की पूजा-अर्चना की। आगे इन कदली दलों से मूर्तियों का निर्माण चंद्र प्रकाश साह के नेतृत्व में चार चरणों में पूरन सिंह, हरीश, राजन, दलीप, रमेश, भुवन नेगी, ललित साह, गोधन सिंह, हीरा सिंह, सागर, मनोज जोशी, मोनिका साह, कल्याणी गंगोला, दीपक गुरुरानी व भोला वर्मा आदि के द्वारा किया जाएगा एवं इसके उपरांत 26 अगस्त की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में मूर्तियों को मंदिर में स्थापित किया जाएगा। आयोजन में श्रीराम सेवक सभा के महासचिव जगदीश बवाड़ी, मनोज जोशी, मनोज साह, कमलेश ढोंढियाल, हिमांशु जोशी, किसन नेगी, प्रो. ललित तिवारी व प्रदीप बिष्ट लोग भी जुटे हुए हैं।

सांसद अजय भट्ट ने प्रशासन ने आयोजक संस्था को दो लाख रुपए किए अवमुक्त
नैनीताल। सांसद अजय भट्ट ने नैनीताल के जिलाधिकारी से वर्ष 2018 में नंदा देवी मेले के व्यय से बची 43 लाख रुपए की धनराशि में से नंदा देवी महोत्सव के सफल संचालन के लिए आयोजक संस्था दो लाख रुपए देने का सोमवार को अनुरोध किया। साथ ही बताया कि उनके अनुरोध पर डीएम सविन बंसल ने दो लाख रुपए आज ही अवमुक्त कर दिये हैं। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 10 अगस्त को भी उन्होंने इस बारे में डीएम से वार्ता की थी।

यह भी पढ़ें : नैनीताल का 118वां नंदा देवी महोत्सव प्रारंभ, कदली दल लेने के लिए दल हुआ रवाना

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अगस्त 2020। सरोवरनगरी का सुप्रसिद्ध, 1902 से बीच में दो विश्व युद्धों के बावजूद अनवरत जारी रहा 118वां श्रीनंदा देवी महोत्सव रविवार को प्रारंभ हो गया। महोत्सव का पिछले वर्षों की तरह ऑपचारिक शुभारंभ तो नहीं हुआ, परंतु आयोजक संस्था श्रीराम सेवक सभा के मंदिर कक्ष में महोत्सव की शुरुआत विधिवत धार्मिक आयोजन पूजा-पाठ के साथ शुरू हुई। आचार्य भगवती प्रसाद जोशी ने पूजा-अर्चना करवाई। इसके उपरांत श्रीराम सेवक सभा के सदस्य विमल चौधरी व भीम ंिसह कार्की तथा आचार्य भगवती प्रसाद जोशी एवं उनके सहयोगी दीप जोशी व घनश्याम जोशी नगर से कदली दल लाने के लिए परंपरागत लाल व सफेद निशानों यानी झंडों के साथ निकटवर्ती खुर्पाताल के पास स्थित गांव जोग्यूड़ा के लिए रवाना हुए। बताया गया है कि महोत्सव के हर आयोजन में प्रशासन द्वारा निर्दिष्ट केवल पांच लोगों की उपस्थिति के नियम का पालन करने का प्रयास किया जा रहा है।

निशान के साथ कदली दल लेने के लिए रवाना होते श्रीराम सेवक सभा के लोग।

श्रीराम सेवक सभा के महासचिव जगदीश बवाड़ी ने बताया कि जोग्यूड़ा में रात्रि में विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत कदली दलों को सोमवार अपराह्न कोरोना के संक्रमण की वजह से बिना किसी शोभायात्रा के सीधे नयना देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि महोत्सव का सीधा प्रसारण स्थानीय चैनल के अलावा फेसबुक एवं यूट्यूब के माध्यम से प्रशासन की ओर से कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।

नंदा देवी महोत्सव के लिए ऐसे सजा है माता नयना का दरबार:

यह भी पढ़ें : इस वर्ष का नंदा देवी महोत्सव कल से, तय हो गए कार्यक्रम..

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अगस्त 2020। सरोवरनगरी में 1902 से, बीच में दो विश्व युद्धों के बावजूद अनवरत आयोजित हो रहा उत्तराखंड की कुलदेवी माता नंदा देवी का महोत्सव इस वर्ष रविवार 23 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। तभी से कुमाउनी संस्कृति एवं परंपरा का निर्वाह करते आ रहे इस महोत्सव को अलबत्ता इस वर्ष कोविद-19 के संक्रमण की संभावना के दृष्टिगत केवल प्रतीकात्मक आधार आयोजित किया जा रहा है। एक दिन पूर्व ही आयोजक संस्था श्रीराम सेवक सभा की ओर से शनिवार को इसके कार्यक्रम जारी किये गये हैं। जिनके अनुसार 118वां श्री नंदा देवी महोत्सव 23 से 28 अगस्त तक प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाएगा। इस दौरान कोविद-19 की नियमावली का पालन करते हुए उद्घाटन कार्यक्रम, कदली वृक्षों का नगर भ्रमण, भंडारा, महाभंडारा, प्रसाद वितरण व डोला नगर भ्रमण जैसे कार्यक्रम नहीं होंगे। सभा के अध्यक्ष मनोज साह व महासचिव जगदीश बवाड़ी की ओर से इसकी जगह लोगों से घर पर ही माता नंदा-सुनंदा की अर्चना करने का अनुरोध किया गया है। बताया गया है कि माता नंदा-सुनंदा के दर्शनों का सीधा प्रसारण हल्द्वानी के स्थानीय चैनल के माध्यम से किया जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से एसडीएम विनोद कुमार ने ‘फेसबुक लाइव’ के माध्यम से भी सीधे प्रसारण की व्यवस्था करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि आयोजन के लिए जिलाधिकारी की ओर से नगर पालिका को दो लाख रुपए दिये गए हैं।
तय कार्यक्रमों के अनुसार महोत्सव के तहत 23 अगस्त की शाम कदली वृक्ष लाने हेतु दल प्रस्थान करेगा। 24 अगस्त की दोपहर दो बजे कदली वृक्षों का नयना देवी मंदिर में आगमन होगा। 25 अगस्त को प्रातः नौ बजे से मूर्ति निर्माण का कार्य प्रारंभ होगा, जबकि 26 अगस्त यानी नंदाष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में देवी की प्राण प्रतिष्ठा, शाम साढ़े छह बजे पंच आरती, रात्रि नौ बजे देवी पूजन एवं रात्रि 12 बजे देवी भोग, 27 अगस्त की शाम साढ़े छह बजे पंच आरती, रात्रि नौ बजे देवी पूजन एवं रात्रि 12 बजे देवी भोग तथा 28 अगस्त को प्रातः नौ बजे देवी पूजन तथ दोपहर 12 बजे मूर्ति विसर्जन किया जाएगा।

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-सांकेतिक होगा इस बार आयोजन, डोले का नगर भ्रमण, प्रसाद वितरण, भंडारा व मेला नहीं होगा
नवीन समाचार, नैनीताल, 05 अगस्त 2020। दो विश्व युद्धों के दौरान भी अनवरत होता रहा सरोवरनगरी का प्रसिद्ध माता नंदा देवी का महोत्सव इस बार सांकेतिक रूप में मनाया जायेगा। वर्तमान में चल रहे कोरोना संक्रमण वायरस को देखते हुए प्रशासन ने जनता से अपील की है कि इस बार माता नंदा देवी के डोले का नगर भम्रण व प्रसाद वितरण व भंडारा नहीं किया जायेगा। साथ ही महोत्सव में होने वाले मेले से सम्बन्धित दुकानें नहीं लगेंगी। बुधवार को एसडीएम विनोद कुमार व पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय थापा की अध्यक्षता में नैना देवी ट्रस्ट व रामसेवक सभा के सदस्यों के साथ हुई बैठक के बाद यह बात कही गई।
बैठक में नैनादेवी ट्रस्ट व रामसेवक सदस्यों की ओर से बताया गया कि कदली वृक्ष व मूर्ति निर्माण के लिए 5 से 7 लोग मौजूद रहेंगे। अलबत्ता उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि महोत्सव का प्रसारण करने की प्रशासन द्वारा व्यवस्था की जाये ताकि लोग अपने-अपने घरों पर रह कर ही मॉ नन्दा-सुनन्दा देवी का प्रसारण से दर्शन कर सकंे। बैठक में नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा, मल्लीताल कोतवाल अशोक कुमार, रामसेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह, महासचिव जगदीश बवाड़ी, उपाध्यक्ष मनोज जोशी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी, नंदा देवी मंदिर के अमर उदय ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव लोचन साह, हेमंत कुमार साह, प्रदीप कुमार शाह व सुरेश मेलकानी आदि उपस्थित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2020। नगर एवं राज्य की कुल देवी नंदा देवी के 117वें महोत्सव के आयोजन पर कोरोना व लॉक डाउन के कारण छाया कुहासा साफ होने लगा है। शुक्रवार को आयोजक संस्था श्रीराम सेवक सभा की अध्यक्ष मनोज साह की अध्यक्षता एवं महासचिव जगदीश बवाड़ी के संचालन में आयोजित हुई बैठक में तय किया गया कि इस वर्ष नंदा देवी महोत्सव पंचमी यानी 23 अगस्त से प्रारंभ होगा। 26 अगस्त नंदाष्टमी के दिन माता नंदा-सुनंदा के दर्शन होंगे और 28 अगस्त दशमी को मूर्तियों का विसर्जन होगा। यह भी तय किया गया है कि शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए नंदा देवी के धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ आदि विधि-विधान से होंगे। सामाजिक दूरी बनाते हुए श्रद्धालुओं को लाइव टेलीकास्ट के जरिये माता नंदा-सुनंदा के दर्शन कराए जांएगे। बैठक में सभा के विमल साह, राजेंद्र बजेठा, विमल चौधरी, मनोज जोशी, हिमांशु जोशी, मुकेश जोशी, किसन नेगी, कमलेश ढोंढियाल, घनश्याम साह, भीम सिंह कार्की, चंद्र प्रकाश साह, राजेंद्र साह, आलोक चौधरी, ललित साह, अशोक साह, किसन गुरुरानी आदि सदस्य मौजूद रहे।

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