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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन भवन के विस्तारीकरण के लिए खुली सीएम विवेकाधीन कोष की झोली

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डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 30 सितंबर 2021। उत्तराखंड शासन ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के भवन के विस्तारीकरण के लिए एक करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृति कर दी है। इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव कार्यालय से स्टाफ ऑफीसर अरविंद सिंह ह्यांकी की ओर से प्रमुख सचिव न्याय को पत्र जारी किया गया है। पत्र में बताया गया हैं कि यह बार के महासचिव विकास बहुगुणा की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र के आधार पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से यह स्वीकृति की गई है।

उल्लेखनीय है कि बार के महासचिव बहुगुणा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दो करोड़ रुपए की मांग करते हुए कहा था कि वर्तमान में हाईकोर्ट बार में लगभग तीन हजार अधिवक्ता पंजीकृत हैं। ऐसे में बार के पास उपलब्ध एकमात्र भवन में सभागार, अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के लिए कॉमन रूम, पुस्तकालय, बार एसोसिएशन कार्यालय, फोटो स्टेट एवं कम्प्यूटर कक्ष आदि को संचालित किये जाने में कठिनाई हो रही है। यह भी कहा था कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना हुए केवल 20 वर्ष हुए हैं, ऐसे में बार के अधिवक्ताओं एवं बार एसोसिएशन के पास ऐसे संसाधन नहीं हैं, जिससे बार भवन का विस्तारीकरण किया जा सके। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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-मिली स्वयं पैरवी करने की अनुमति
डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 28 सितंबर 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने भारतीय वन सेवा के चर्चित आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान चतुर्वेदी ने उच्च न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उन्हें उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं पर विश्वास नहीं है इसलिये उन्हें अपने मामले की स्वयं पैरवी करने की अनुमति दी जाये। पीठ ने मामले को सुनने के बाद उन्हें अपने मामले की ‘इन पर्सन’ यानी स्वयं पैरवी करने की अनुमति देते हुए सुनवाई के लिए अगली तिथि 23 अक्टूबर तय कर दी है।

उल्लेखनीय है कि श्री चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्ति में गड़बड़ी होने को लेकर कैट में याचिका दायर की थी। इसे कैट की नैनीताल सर्किट पीठ सुनवाई कर रही थी लेकिन उसे बाद में कैट की दिल्ली पीठ को रेफर कर दिया था। इसे चतुर्वेदी ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए इस मामले की सुनवाई नैनीताल में ही करने की अपील की थी। इस मामले में पैरवी के लिये संजीव चतुर्वेदी ने उच्च न्यायालय में सीनियर व जूनियर अधिवक्ता नियुक्त किये थे। किंतु पिछले दिनों उन्होंने उच्च न्यायालय में ‘हाईकोर्ट ऑफ उत्तराखंड, पार्टी इन पर्सन रूल्स 2020’ के तहत अपने मामले की पैरवी स्वयं करने का प्रार्थना पत्र दिया।

इसकी सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने चतुर्वेदी से पूछा कि उन्होंने पहले से ही अधिवक्ता नियुक्त किये हैं तो अब स्वयं क्यों पैरवी करना चाहते हैं और यदि उन्हें दूसरे वरिष्ठ अधिवक्ता की आवश्यकता है तो उच्च न्यायालय उन्हें उपलब्ध कराएगा। उच्च न्यायालय के इन सवालों के जबाव में चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं पर विश्वास नहीं है इसलिये उन्हें अपने मामले की स्वयं पैरवी करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने पीठ को बताया कि वे कैट के अलावा दिल्ली उच्च न्यायालय, पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट में भी अपने मामले की स्वयं पैरवी कर रहे हैं।

उच्च न्यायालय ने इस मामले में बहस के बाद उन्हें इन-पर्सन पैरवी की अनुमति दे दी है। उच्च न्यायालय ने संजीव चतुर्वेदी द्वारा उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं के प्रति की गई टिप्पणी को भी रिकॉर्ड में लिया है। साथ ही पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि इस मामले के रिकॉर्ड को देखने से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि संजीव चतुर्वेदी को वास्तव में एक कठिन कार्य का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्होंने कई मौकों पर एक व्हिसल ब्लोअर के रूप में काम किया है। प्रथमदृष्टया, यह भी पता चलता है कि संजीव चतुर्वेदी बड़ी संख्या में विवादों में उलझे हुए हैं। 

गौरतलब है कि संजीव ने अपने पूरक शपथ पत्र में कोर्ट को यह भी बताया था कि जिन अधिवक्ताओं ने उनके मामले की निःशुल्क पैरवी की थी, उन्हें आपराधिक अवमानना के मामलों में दंडित किया गया या जुर्माना लगाया गया। इस वजह से वह अपने किसी मामले में किसी अधिवक्ता को शामिल कर उसे नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं। इस पर न्यायालय ने यह टिप्पणी भी की कि संजीव का यह विचार है कि उनकी शक्तिशाली व्यक्तियों के खिलाफ इस अकेली लड़ाई में किसी अधिवक्ता को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यह बहुत दु:खद है कि एक याचिकाकर्ता के तौर पर संजीव ने न्यायालय में यह कहा कि उनका किसी बार के किसी सदस्य पर भरोसा नहीं है। यह संजीव की भ्रांति हो सकती है, क्योंकि ईमानदार व मेहनती अधिवक्ताओं की कमी नहीं है। साथ ही इस मुद्दे पर बार तथा कानून से पेशे से जुड़े लोगों को आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता भी है।  आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के सूरज बने यूथ कांग्रेस की विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष, अंकित उपाध्यक्ष

सूरज पांडे।

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 17 सितंबर 2021। यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर ने नैनीताल निवासी उत्तराखंड उच्च न्यायालय के युवा अधिवक्ता सूरज पांडे को यूथ कांग्रेस की विधि प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष और अंकित शाह को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। उनसे उम्मीद की गई है कि यूथ कांग्रेस के समक्ष मौजूद गंभीर चुनौतियों को देखते हुए वह कठिन परिश्रम करेंगे और संगठन को पूरा समय देते हुए यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करेंगे।

उल्लेखनीय है कि पांडे कांग्रेस पार्टी की छात्र ब्रिगेड एनएसयूआई के 2007 से 2012 तक नैनीताल नगर के अध्यक्ष व प्रदेश महासचिव व लोक सभा महासचिव रहे हैं, और डीएसबी परिसर की छात्र राजनीति में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं। उनके मनोनयन में नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, कमलेश तिवारी, सुनील महरा, पंकज बिष्ट, शुभम बिष्ट, विशाल भोजक, मयंक नेगी व शक्ति सिंह आदि ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड बार काउंसिल को मिले नए अध्यक्ष, बताई अपनी प्राथमिकताएं

कहा-अधिवक्ताओं के लिए बीमा की धनराशि बढ़ाना प्राथमिकता

उत्तराखंड बार काउंसिल के नए अध्यक्ष का फूल माला पहनाकर स्वागत करते महाधिवक्ता एवं अन्य अधिवक्ता।

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 7 सितंबर 2021। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभात कुमार चौधरी उत्तराखंड बार काउंसिल के नए अध्यक्ष बन गए हैं। मंगलवार को बार काउंसिल की ओर से उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी गई है। इसके बाद उन्हें बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हो गया है। अध्यक्ष बनने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि अधिवक्ताओं की मृत्यु होने पर बीमा की धनराशि कम से कम पांच लाख रुपए करने और गंभीर बीमारी के दावों की धनराशि बढ़ाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। इस हेतु जल्द ही वह महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर के नेतृत्व में बार एसोसिएशन के शिष्टमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मिलेंगे और बार काउंसिल की वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए धनराशि की मांग करेंगे।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं से संबंधित विवरणों को पूरी तरह डिजिटलाइजेशन किया जाएगा, ताकि कोई फर्जी व्यक्ति वकालत के पेशे को अपवित्र न कर सके। इससे पूर्व मंगलवार को बार काउंसिल सभागार में चुनाव अधिकारी व बार काउंसिल के सदस्य सचिव मेहरबान सिंह कोरंगा ने अल्मोड़ा निवासी श्री चौधरी के सर्वसम्मति से अध्यक्ष निर्वाचित होने की घोषणा की। इसके बाद निवर्तमान अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डीके शर्मा, कौंसिल के पूर्व चेयरमैन सुरेंद्र पुंडीर, उपाध्यक्ष रंजन सोलंकी, सदस्य अनिल पंडित, नंदन सिंह कन्याल, राकेश गुप्ता आदि ने नवनिर्वाचित चेयरमैन चौधरी का माल्यार्पण कर स्वागत किया। महाधिवक्ता ने काउंसिल को शासन स्तर से मदद दिलाने में सहयोग का भरोसा दिलाया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्रभात चौधरी होंगे उत्तराखंड बार काउंसिल के नए अध्यक्ष

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 4 सितंबर 2021। प्रभात कुमार चौधरी उत्तराखंड बार काउंसिल के नए अध्यक्ष होंगे। बार काउंसिल के अध्यक्ष पद हेतु चुनाव प्रक्रिया के तहत यह समय सीमा में केवल उन्होंने ही नामांकन किया, इस कारण उनका निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। अलबत्ता, अध्यक्ष पद पर उनके नाम की घोषणा आगामी 7 सितंबर को की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड बार काउंसिल निवर्तमान अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी ने गत 28 अगस्त को व्यक्तिगत कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके उपरांत काउंसिल के सदस्य सचिव मेहरमान सिंह कोरंगा ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी थी। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 31 अगस्त की शाम तक पांच बजे तक नामांकन किए जाने थे और सात सितंबर की दोपहर 12 बजे तक नाम वापसी के लिए समय तय था। लेकिन नामांकन की तय सीमा तक केवल चौधरी ने ही नामांकन किया और जांच में उनका नामांकन सही भी पाया गया है। काउंसिल के सदस्य सचिव श्री कोरंगा ने बताया कि इस कारण उनका अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। अलबत्ता उनके अध्यक्ष पद पर निर्वाचन की घोषणा सात सितंबर को की जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जिला बार ने अपने ही अधिवक्ता के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने की पुलिस में तहरीर…

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 1 सितंबर 2021। जिला बार एसोसिएशन नैनीताल ने बार के ही सदस्य एक अधिवक्ता के खिलाफ तल्लीताल थाना पुलिस में तहरीर देकर महिलाओं का अपमान करने और हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया है और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज साह द्वारा दी गई एवं अधिवक्ता पंकज कुलौरा द्वारा लिखी गई तहरीर में कहा गया है कि बार के अधिवक्ता ललित मोहन ने अपने मोबाइल नंबर 9760379107 से ह्वाट्सएप ग्रुप में भगवान के एक अवतार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए संदेश भेजा है। तहरीर में कहा है कि अधिवक्ता ने भगवान श्रीकृष्ण का व्रत करने को लेकर महिलाओं पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। यह समस्त हिंदू समाज को अपमानित करने के साथ ही धार्मिक उन्माद फैलाने का कार्य है। इस पर तल्लीताल के थाना प्रभारी विजय मेहता ने तहरीर मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से जिला बार के अनेक अन्य अधिवक्ता भी खासे आक्रोशित नजर आ रहे हैं।
इधर हल्द्वानी निवासी एक अन्य अधिवक्ता डॉ. सुनील पंत ने भी इस मामले में अलग से तहरीर दी है, और इस मामले में धार्मिक भावनाएं भड़काने के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता पर गोलियां चलाने का आरोप, मुकदमा दर्ज…

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 23 अगस्त 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के एक अधिवक्ता के खिलाफ उनके रिश्ते के साढ़ू भाई की तहरीर पर कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज हुआ है। उन पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से गाली गलौच की, जान से मारने की धमकी दी और घर के बाहर दो राउंड गोली चलाई।

हल्द्वानी निवासी शिकायतकर्ता की ओर से कोतवाल पुलिस में दी गई तहरीर के अनुसार 21 अगस्त की शाम 3.42 बजे उनके रिश्ते के साढ़ू अधिवक्ता ने उन्हें फोन कर गाली गलौच की जान से मारने की धमकी देते हुए आरोप लगाया कि उनके छोटे भाई ने अधिवक्ता की पत्नी को गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी के मैसेज भेजे। शाम साढ़े सात बजे मामले दोनों पक्ष चौकी हीरानगर पहुंचे तो वहां अधिवक्ता ने चौकी प्रभारी को जो मैसेज दिखाए उनमें कोई मैसेज अश्लील या धमकी भरा नहीं मिला। यहां लगा कि मामला निपट गया लेकिन रात्रि 11.25 बजे अधिवक्ता ने प्रेमपूर्वक बातें करते हुए फोन कर घर आने की बात कही, और रात्रि करीब 12 बजे घर आकर घर के बाहर दो राउंड गोलियां चलाईं और गालियां दीं।

इस मामले में नगर कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि आरोपित अधिवक्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 504 व 506 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। आगे मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अब दोनों पक्षों और मुखानी चौकी पुलिस का ‘नवीन समाचार’ को फोन कर कहना है कि उनका आपस में समझौता हो गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ने भाई-भाभी पर लगाया मां को संपत्ति के लिए मां की हत्या करने का आरोप, मुकदमा दर्ज

-बीमार होने पर समय पर जीवन रक्षक दवाइयां न देने और बल प्रयोग करने व मिलने न देने का भी लगाया आरोप
नवीन समाचार, देहरादून, 16 अगस्त 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में वकालत करने वाले एक अधिवक्ता ने अपने सगे भाई व भाभी पर अपनी मां की हत्या करने व साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता की शिकायत पर राजपुर थाना पुलिस ने उसके भाई-भाभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनीताल के तल्लीताल निवासी अधिवक्ता ने पुलिस को बताया कि उनकी मां के नाम उत्तर प्रदेश और बिहार में डेढ़ से दो करोड़ रुपये की चल व अचल संपत्ति है। उनका भाई अमर सिंह मां पर संपत्ति अपने नाम करवाने का दबाव बना रहा था। इसी लिए वह मां को बहला फुसलाकर देहरादून स्थित अपने घर ले आया। उनकी मां दिल की मरीज थीं, और उनका कुछ माह से एम्स दिल्ली में इलाज चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि अमर सिंह व उनकी पत्नी कंचन सिंह ने मां को समय पर दवा नहीं दी। तबीयत खराब होने पर उनकी मां को 10 जून को मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां 16 जून को उनकी मौत हो गई।

अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि 10 जून की रात को वह मां से मिलने के लिए गए तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया। 11 जून को वह थानाध्यक्ष राजपुर के माध्यम से अपनी मां से मिलने पहुंचे तो अस्पताल में सुरक्षा अधिकारी ने उनसे मिलने नहीं दिया। आरोपितों ने उनकी मां के साथ अस्पताल में बल प्रयोग किया। उनकी मां के हाथ पर चोट का निशान भी था।

अधिवक्ता ने बताया कि अमर सिंह व कंचन सिंह ने आपराधिक षडयंत्र रचकर उनकी मां को जीवरक्षक दवा समय पर नहीं दी, जिसके कारण उनकी मां का निधन हो गया। अधिवक्ता कुंवर सिंह ने मामले में अस्पताल के चिकित्सक पर भी आरोपितों को सहयोग करने का आरोप लगाया। थानाध्यक्ष राजपुर राकेश शाह ने बताया कि अमर सिंह व उनकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जिला बार के गंगा खेल, शिवांशु प्रेस व राजेश सांस्कृतिक सचिव बने

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अगस्त 2021। नैनीताल जिला बार एसोसिएशन की कार्यकारणी का बुधवार को विस्तार किया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से गंगा सिंह बोरा (पंकज) को खेल, शिवांशु जोशी को प्रेस व राजेश कुमार त्रिपाठी को सांस्कृतिक सचिव मनोनीत किया गया।

नैनीताल जिला बार एसोसिएशन के नवनियुक्त पदाधिकारी।

जानकारी देते हुए बार के सचिव दीपक रूवाली ने बताया कि कार्यकारणी के सफल संचालन के लिये अपने क्षेत्रों में विशेष योग्यता रखने वाले सदस्यों को दायित्व दिए गये है, ताकि बार के कार्यो को गति मिलेगी। बैठक में एसोसिएशन के अध्य्ाक्ष नीरज साह, सचिव दीपक रुवाली, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सुयाल, कनिष्ठ उपाध्यक्ष तरुण चंद्र, उपसचिव उमेश कांडपाल व किरन आर्य, कोषाध्यक्ष मनीष कांडपाल, ऑडिटर मेघा उप्रेती सुयाल ने नवनियुक्त पदाधिकारियों के मनोनयन पर खुशी जाहिर करते हुए शुभकामनाएं दीं।

यह भी पढ़ें : कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ का हुआ विस्तार, अधिकवक्ताओं को मिली जिम्मेदारी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जुलाई 2021। कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ के नैनीताल जिलाध्यक्ष कमलेश तिवारी ने अपनी जिला व नगर कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए कई अधिवक्ताओं को प्रकोष्ठ में जिम्मेदारी सोंप दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश जोशी व उपाध्यक्ष रवींद्र बिष्ट की संस्तुति से उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता भगवत प्रसाद जी को प्रकोष्ठ का जिला उपाध्यक्ष, पंकज कपिल को जिला सचिव मनोनीति किया है। इसके अलावा नगर अध्यक्ष पवन खड़ायत की संस्तुति से आनंद सिंह मेहता व हरेंद्र सिंह बोरा को नगर उपाध्यक्ष नैनीताल, नवीन चंद्र, दीपक सिंह दानू व कौशल पांडे को नगर सचिव तथा हरेंद्र सिंह व राजेंद्र असवाल को संयुक्त सचिव (नगर) नियुक्त किया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के अधिवक्ता हरीश भट्ट बने उत्तराखंड विधि कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष

उत्तराखंड विधि कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हरीश भट्ट।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 06 जुलाई 2021।

हरीश भट्ट को कांग्रेस पार्टी के आनुषांगिक संगठन विधि कांग्रेस का उत्तराखंड का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। श्री बिष्ट की नियुक्ति पर विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष उमेश जोशी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवतार सिंह रावत, बहादुर पाल हरिशंकर कंसल जी, जिला बार एसोसिएशन के सचिव हेमंत रुबाली, पुष्पेश पांडे, जिला अध्यक्ष कमलेश तिवारी व संजय त्रिपाठी सहित अनेक अधिवक्ताओं ने हर्ष जताते हुए उन्हें बधाई दी है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पिथौरागढ़ में थाना प्रभारी द्वारा अधिवक्ता से अभद्रता का मामला मुख्य न्यायाधीश तक पहुंचा

-मुख्य न्यायाधीश से मिले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2021। पिथौरागढ़ में थाना प्रभारी द्वारा एक अधिवक्ता के साथ थाने में अभद्रता किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में थाना प्रभारी अधिवक्ता से ‘तू-तड़ाक’ से बातें करते और अपनी सीट से उठकर कैमरे की ओर थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं। देखें थाना प्रभारी द्वारा की गई अभद्रता का वीडियो:

इस मामले में संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवतार सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह चौहान से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि थाना पिथौरागढ़ में थाना प्रभारी के द्वारा एक अधिवक्ता के साथ अभद्रता की गई है। इसके बाद थाना प्रभारी को दंडित करने की जगह उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले में एक याचिका दायर करने को कहा। बार के अध्यक्ष रावत ने बताया कि इस मामले में पहले ही याचिका दायर की जा चुकी है, और इस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले में वांछित कदम उठाने की बात कही। इस मौके पर बार के महासचिव विकास बहुगुणा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष डीसीएस रावत भी साथ रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बार काउंसिल ने लक्सर के अधिवक्ता को वकालत के पेशे से किया निलंबित

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2021। उत्तराखंड बार काउंसिल यानी राज्य विधिज्ञ परिषद ने लक्सर, हरिद्वार के अधिवक्ता नवनीत तोमर को वकालत के व्यवसाय से निलंबित कर दिया है। बताया गया है कि तोमर ने लक्सर के एक न्यायिक अधिकारी के साथ अशोभनीय कृत्य किया। इस पर उसके खिलाफ थाना लक्सर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। राज्य विधिज्ञ परिषद के अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी की ओर से तोमर का वकालत का व्यवसाय निलंबित करने हेतु जारी आदेश में कहा गया है कि एक अधिवक्ता द्वारा न्यायिक अधिकारी के साथ किया गया ऐसा अभद्र व्यवहार वकालत के पेशे को कलंकित करने वाला, वकालत के पेशे का दुरुपयोग और गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। इसलिए सोशल मीडिया, विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों, लक्सर के एडवोकेट एसोसिएशन तथा द सिविल बार एसोसिएशन लक्सर के प्रार्थना पत्र एवं लक्सर थाने में दर्ज प्र्राथमिकी को देखते हुए तोमर को वकालत के पेशे से निलंबित कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि बार नवनीत तोमर लक्सर बार एसोसिएशन के सचिव हैं। उनके खिलाफ एक महिला न्यायाधीश ने 10 जून को लक्सर थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि वह उन्हें नंबर ब्लॉक किए जाने के बाद भी दूसरे नंबरों से बार-बार फोन और मैसेज कर रहे हैं। तोमर ने उनके साथ एक समारोह में फोटो खींची जिन्हें उन्होंने प्रिंट कराकर बुके व गिफ्ट के साथ उनके घर भेजने की कोशिश की। वह एक दिन घर भी आ गए, जहां उनके पति ने रोका। स्टाफ के रोके जाने के बावजूद वह कोर्ट परिसर स्थित चेंबर में आ रहे हैं। इस प्राथमिकी के बाद पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता नवनीत तोमर के खिलाफ आईपीसी की धारा 354ए, 354 बी, 353, 452, 506, 509 आदि धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण समाचार : कोरोना से संक्रमित रहे अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता देगी बार काउंसिल

-बार काउंसिल से संबंध बार संघों के सदस्य अधिवक्ता 20 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जून 2021। उत्तराखंड बार काउंसिल यानी राज्य विधिज्ञ परिषद कोरोना की महामारी में कोरोना की चपेट में आए अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता देगा। परिषद के अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी की अध्यक्षता व सचिव मेहरमान सिंह कोरंगा के संचालन में रविवार को आयोजित हुई बैठक में इस बारे में निर्णय लिया गया है कि कोरोना की चपेट में आकर होम आइसोलेशन यानी घर पर रहकर उपचार कराने वाले एवं चिकित्सालय मंे भर्ती होकर उपचार कराने वाले अधिवक्ताओं को परिषद की ओर से अलग-अलग स्तर की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए राज्य विधिज्ञ परिषद से संबद्ध बार संघों के अधिवक्ता 20 जुलाई की अंतिम तिथि तक आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में निर्णय की जानकारी देते हुए परिषद के अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी ने सोमवार को बताया कि परिषद अपने संसाधनों तथा अन्य मदों से प्राप्त व उपलब्ध धनराशि से प्राप्त होने वाले आवेदनों की संख्या के आधार पर कम या अधिक आर्थिक सहायता प्राप्त करेगी। बैठक में मौजूद बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डीके शर्मा ने बताया कि परिषद ने गत वर्ष भी अधिवक्ताओं को 1.22 करोड़ रुपए की धनराशि उपलब्ध कराई थी। इस वर्ष भी राज्य सरकार एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया से इस हेतु धनराशि प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे हैं। बैठक में परिषद के सदस्य रंजन सोलंकी, प्रभात चौधरी, नंदन सिंह कन्याल व राजबीर सिंह बिष्ट आदि सदस्य शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ चलाएगा अधिवक्ताओं का सदस्यता अभियान, आगामी विस चुनावों पर है नजर…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जून 2021। कांग्रेस पार्टी का विधि प्रकोष्ठ आगामी जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से सदस्यता अभियान चलाएगा तथा अगस्त माह के तीसरे सप्ताह में आगामी विधान सभा चुनावों के दृष्टिगत प्रदेश स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन आयोजित करेगा। प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष उमेश जोशी की अध्यक्षता एवं प्रदेश प्रवक्ता शक्ति सिंह के संचालन में बुधवार को उत्तराखंड हाई कोर्ट के बार सभागार में आयोजित हुई मासिक बैठक में यह निर्णय लिया गया तथा अधिकाधिक अधिवक्ताओं को प्रकोष्ठ की सदस्यता दिलाने की बात कही गई। तय हुआ कि आजीवन सदस्यों को छोड़कर जुड़ने वाले सभी अधिवक्ताओं को जिला इकाई के माध्यम से अपनी सदस्यता का नवीनीकरण कराना होगा। बैठक में प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष रवींद्र बिष्ट, सचिव पुष्पेष पांडे, जिलाध्यक्ष कमलेश तिवारी, पूर्व महासचिव रवींद्र बाली, विपिन मोहन पिंगल, डॉ. दीप जोशी, आनंद पांडेय, प्रेम कौशल, सूरज पांडे, राजीव भट्ट, पंकज कपिल, आमिर मलिक, कौशल पांडे, मनोज जोशी, प्रसन्न कर्नाटक व रक्षित जोशी आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

मेहरबान कोरंगा ने संभाला उत्तराखंड बार काउंसिल के सदस्य सचिव पद का कार्यभार

उत्तराखंड बार काउंसिल के सदस्य पद का कार्यभार ग्रहण करने पर मेहरबान कोरंगा का अभिनंदन करते कर्मचारी।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 01 जून 2021। उत्तराखंड बार काउंसिल के सदस्य मेहरबान कोरंगा ने मंगलवार को बार काउंसिल के सदस्य सचिव पद का कार्यभार संभाल लिया है। गत 31 मई को काउंसिल के सचिव विजय सिंह के सेवानिवृत्त होने के दृष्टिगत गत 27 मई को आयोजित हुई उत्तराखंड बार काउंसिल की सदन की बैठक में सर्वसम्मति से उन्हें सदस्य सचिव बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसी क्रम में उन्होंने मंगलवार को उत्तराखंड बार काउंसिल के अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी की उपस्थिति में कार्यभार ग्रहण किया। इस मौके अध्यक्ष भंडारी सहित बार काउंसिल के कर्मचारियों ने नवनियुक्त सदस्य सचिव का पुष्पगुच्छ से अभिनंदन किया। बताया गया है कि इससे पूर्व बीपी नौटियाल एवं लोकेंद्र डोभाल भी उत्तराखंड बार काउंसिल के सदस्य सचिव रह चुके हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मई 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गत दिवस अधिवक्ताओं की कोरोना काल में बुरी आर्थिक स्थिति के कारण 50 हजार से 1 लाख रुपए तक के ऋण दिलाने के लिए दायर याचिका पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और केंद्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जवाब मांगा था, अब केंद्रीय प्राधिकरण ने उच्च न्यायालय ने अपना जवाब पेश कर कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से महामारी से प्रभावित लघु उद्योग, गरीब, सामाजिक लोगों के लिए सेक्टर के लिए ही ऋण की व्यवस्था की गई है। इस जवाब से याचिकाकर्ता एवं अधिवक्ताओं की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।
अधिवक्ताओं का कहना है अधिवक्ता इतनी बड़ी धनराशि का ऋण क्यों और कैसे ले सकते हैं। याचिका में अगली सुनवाई 28 जून को होनी है। उत्तराखंड बार काउंसिल की ओर से राज्य व केंद्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को पत्र भेज कर कोरोना काल में राज्य में कार्यरत करीब 18 हजार पंजीकृत अधिवक्ताओं की खराब आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए स्थितियों में सुधार करने को कहा है, ताकि युवा व जरूरतमंद अधिवक्ताओं को आपदा राहत कोष से आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 13 के अंतर्गत ऋण व्यवस्था लागू कर मदद की जा सके। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 13 के अनुसार इस तरह की सहायता दी जा सकती है। विदित हो कि देहरादून के अधिवक्ता अमित वर्मा द्वारा उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि कोरोना की वैश्विक महामारी में अधिवक्ता आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं के लिए अल्पकालिक व न्यूनतम ब्याज या ब्याजमुक्त ऋण योजना बनाकर 50 हजार से एक लाख तक की सहायता देने के आदेश पारित किए जाएं। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले में केंद्र व राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा था। (डॉ.नवीन जोशी)

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-अधिवक्ताओं के कोरोना काल में हालातों पर उत्तराखंड बार काउंसिल अध्यक्ष ने राज्य व केंद्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजा पत्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मई 2021। उत्तराखंड बार काउंसिल की ओर से राज्य व केंद्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को पत्र भेज कर कोरोना काल में राज्य में कार्यरत करीब 18 हजार पंजीकृत अधिवक्ताओं की खराब आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए स्थितियों में सुधार करने को कहा है। उत्तराखंड बार काउंसिल के चेयरमैन अर्जुन सिंह भंडारी ने मुख्यमंत्री व बार काउंसिल ऑफ इंडिया के बाद अब केंद्रीय व राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि कोविड महामारी के कारण अधिवक्ता बेरोजगारी व भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। वकालत के पेशे से जुड़े अधिवक्ताओं के सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है।
कई अधिवक्ता बीमारी से मौत के मुंह में समा चुके हैं तो कई अपना उपचार तक नहीं करा पा रहे हैं अधिवक्ता समाज मानसिक व आर्थिक तनाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसी परिस्थिति में युवा व जरूरतमंद अधिवक्ताओं को आपदा राहत कोष से आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 13 के अंतर्गत ऋण व्यवस्था लागू कर मदद की जा सकती है। इस व्यवस्था के तहत 50 हजार से एक लाख तक ऋण योजना लागू की जा सकती है। उन्होंने कहा है कि महामारी के काल में अधिवक्ता पेशे को ही अलविदा कहने की सोचने लगे हैं।

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जिला बार एसोसिएशन के सचिव दीपक रुवाली।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मई 2021। जिला बार एसोसिएशन ने डीएम धीराज गर्ब्याल को पत्र भेजकर जिला न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ताओं को कोरोना को टीका लगाने की मांग की है। बार के सचिव दीपक रूवाली ने डीएम को भेजे अपने पत्र में कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि कोविड काल के दौरान अधिवक्ता न्यायालय परिसर में कार्यरत कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों व गवाहों सहित वादकारियों के रोज संपर्क में आते हैं, इससे उनमें संक्रमण का खतरा कहीं अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्व में बार के पदाधिकारियों द्वारा जिला न्यायाधीश से भी आग्रह किया गया। इस पर जिला न्यायाधीश द्वारा अधिवक्ताओं के टीकाकरण के लिये आवश्यक दिशा निर्देश जारी करने के लिये कहा गया है। लिहाजा उन्होंने डीएम से जिले में कार्यरत सभी अधिवक्ताओं के लिये जल्द से जल्द न्यायालय परिसर में टीकाकरण शिविर लगाने के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आग्रह किया है।

उल्लेखनीय है कि इस बारे में जिला न्यायाधीश नैनीताल की ओर से भी नैनीताल डीएम को 13 मई को पत्र भेजकर न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं का कोराना टीकाकरण करने को कहा गया है। इसी तरह उत्तराखंड उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार-प्रोटोकॉल अनिरुद्ध भट्ट की ओर से भी गत 13 मई को प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को सभी जिलों में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं और उनके परिवारों का कोराना टीकाकरण करने के लिए सभी जिलों के चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करने को कहा गया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मई 2021 उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कोरोनाकाल में वैश्विक महामारी की मार झेल रहे कनिष्ठ अधिवक्ताओं के आर्थिक संकट के निवारण के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन व राज्य आपदा प्रंबधन को नोटिस जारी कर यह पूछा है कि विधि व्यवसाय कर रहे अधिवक्ताओं के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कोई ब्याज रहित ऋण या उनकी सहायता के लिए कोई योजना है या नहीं। कोर्ट ने 19 मई तक इस संबंध में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार अधिवक्ता चन्द्र शेखर जोशी व अधिवक्ता अमित वर्मा ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि पिछले डेढ़ वर्ष से विधि व्यवसाय कर रहे अधिवक्ताओं का विधि व्यवसाय कोरोना महामारी के कारण पूर्ण रूप से प्रभावित हो चुका है। इसके कारण अधिवक्ताओं पर रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना था कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जरूरतमंद अधिवक्ताओं को ब्याज रहित ऋण या आर्थिक सहायता दिलाई जाए।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अप्रैल 2021। जिला बार के अधिवक्ता पंकज गोयल के अचानक कोरोना की वजह से हुए निधन से अधिवक्ताओं में हड़कंप की स्थिति है। अधिवक्ताओं ने आज स्वर्गीय गोयल के निधन पर सोमवार को शोक सभा आयोजित कर गहरा दुख जताया, साथ ही उत्तराखंड हाइकोर्ट के मुख्य न्यायधीश को पत्र भेजकर जिला न्यायालय में तत्काल भौतिक सुनवाई रोक लगाने व स्थिति सामान्य होने तक वर्चुअल माध्यम से ही सुनवाई करने की मांग की। जिला बार के कार्यकारी अध्य्ाक्ष संजय सुयाल ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ता पंकज गोयल का रविवार को देहांत हो गया है। वहीं जिला बार के अध्य्ाक्ष नीरज साह सहित अधिवक्ता पंकज कुलौरा, संजय त्रिपाठी, परिवार न्यायालय के न्यायाधीश तथा राजन मेहरा भी कोरोना विषाणु से संक्रमित पाये गये हैं। इससे पहले कोरोना विषाणु की वजह से अधिवक्ताओं ने हल्द्वानी बार के पूर्व सचिव दिनेश मेहता सहित कुल छह अधिवक्ता साथियों को खो दिया है। इससे अधिवक्ताओं में काफी भय व्याप्त हो गया है। इसस कारण अधिवक्ता भौतिक सुनवाई करने में सक्षम नही हैं। इस दौरान कनिष्ठ उपाध्यक्ष तरुण चंद्रा, डीजीसी सुशील शर्मा, मनीष जोशी, अरुण बिष्ट, एपीओ देवेंद्र मूनगली, एडीजीसी पूजा साह, भुवन जोशी कैलाश बल्यूटिया भुवन मेलकानी, यशवंत बिष्ट, राम सिंह रौतेला, भगवत प्रसाद, राजीव साह, संयुक्त सचिव किरन आर्य, प्रदीप परगाई, सुभाष जोशी, सुल्तान मलिक, शंकर चौहान, प्रमोद कुमार, मुकेश कुमार हरेंद्र सिंह, मोहम्मद तस्लीम, आनंद कनवाल व शिवांशु जोशी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : जिन्होंने लगवाया कोरोना जांच शिविर, वे जिला बार अध्यक्ष सहित दो निकले पॉजिटिव

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अप्रैल 2021। जिला बार संघ नैनीताल के अध्य्ाक्ष नीरज साह सहित दो अधिवक्ताओं की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। इसके बाद उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को जिला न्यायालय परिसर में जिला बार संघ की पहल पर बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों की ओर से लगाए गए कोरोना जांच शिविर में श्री साह सहित 94 अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों व न्यायिक कर्मियों के कोरोना की आरटीपीसीआर जांच हेतु नमूने लिये गये थे। शनिवार शाम आई रिपोर्ट में श्री साह सहित कई लोग संक्रमित पाए गए हैं। इस बारे में उन्होंने स्वयं जानकारी सांझा करते हुए अपने संपर्क में आये अन्य लोगांे से अपनी जांच करवाने के लिये कहा है। वही अध्य्ाक्ष की रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर बार संघ सहित सभी अधिवक्ताओं ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अप्रैल 2021। कोरोना के बड़ते मामलों के देखते हुवे शुक्रवार को जिला न्यायालय में जिला बार एसोसिएशन के अनुरोध पर न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं सहित न्यायिक कर्मियों के कोरोना की आरटीपीसीआर जांच हेतु नमूने लिये गये। इस अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के चिकित्सकोे कुल 94 लोगो के नमूने लिए। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी ने बताया कि जल्द ही सभी की जांच रिपोर्ट आ जायेगी। तब तक सभी से खुद को आइसोलेट होने को कहा गया है। इस मौके पर डॉ. अनिरुद्ध गंगोला, डॉ. प्रियांशु श्रीवास्तव, डॉ हिमानी पलड़िया, विशाल मार्टिन व नंदा बल्लभ पालीवाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 12 अप्रैल 2021। जिला बार एसोसिएशन नैनीताल का शपथ ग्रहण सोमवार को सादे समारोह के रूप में आयोजित किया गया। जिला बार की नवनिर्वाचित कार्यकारणी ने सोमवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया यहां प्रताप भय्या सभागार में आयोजित सादे समारोह में नवनिर्वाचित कार्यकारणी को जिला जज राजेन्द्र जोशी ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलायी जिसके बाद नवनिर्वाचित कार्यकारणी ने औपचारिक रूप से कार्य करना शुरू कर दिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुवे जिला जज राजेन्द्र जोशी ने नयी कार्यकारणी को बधाई एवं शुभकामना दीं। एसोसिएशन के अध्य्क्ष नीरज साह ने कहा की अधिवक्ताओं ने जिस कार्य के लिये उन्हें चुना है वह उसमे सौ प्रतिशत खरा उतरने की कोशिश कर अधिवक्ता हित मे कार्य करेंगे सचिव दीपक रुवाली ने कहा कि वह सभी साथी अधिवक्ताओं को साथ लेकर बार व अधिवक्ता कल्याण के लिये कार्य करेंगे वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सुयाल ने कहा वह हर समय साथी अधिवक्ताओं के लिये उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे कनिष्ठ उपाध्यक्ष तरुण चंद्रा ने शपथ के बाद फिर एक बार अपनी प्राथमिकताओं पर कार्य करने की बात कही संयुक्त सचिव किरन आर्य उमेश कांडपाल सहित कोषाध्यक्ष मनीष कांडपाल ऑडिटर मेघा उप्रेती सुयाल ने साथी अधिवक्ताओं के लिये हर संभव कार्य करने की बात कही। कहा कि बार की नवनिर्वाचित कार्यकारणी अधिवक्ता हित मे हर संभव कार्य अपनी पूरी ताकत से करेगी।कार्यक्रम में प्रथम अपर जिला जज प्रीतू शर्मा द्वितीय अपर जिला जज राकेश कुमार सी जे एम मुकेश आर्य सिविल जज अभय सिंह वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर कंसल ओमकार गोस्वामी अरुण बिष्ट मनीष जोशी डी जी सी राजेन्द्र पाठक राजेश चंदोला भुवन मेलकानी संजय कुमार संजू अनिल बिष्ट राजीव साह घनश्याम पंत अशोक मौलखी स्वाति परिहार कैलाश बलुटिया पूरन जोशी पुलक अग्रवाल पंकज कुमार मोहम्मद तैयब अनिल कुमार प्रमोद कुमार भगवत सिंह जंतवाल शंकर चौहान रवि आर्य मुकेश चंद्र सुंदर सिंह मेहरा दीपक दानू सुनील कुमार शिवांशु जोशी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : महिला अधिवक्ता को मिली जान से मारने की धमकी…

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 अप्रैल 2021। नगर की एक महिला अधिवक्ता को रुद्रपुर निवासी सुमित यादव नाम के व्यक्ति ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी है। महिला अधिवक्ता की तहरीर पर मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 504 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगर के मल्लीताल निवासी महिला अधिवक्ता ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा है कि गत 31 मार्च को उसके पास सुमित यादव नाम के व्यक्ति ने उससे अभद्रता की। इसका विरोध करने पर आरोपी ने उसे गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि वह रुद्रपुर आएगी तो वह उसे जान से मार देगा। महिला अधिवक्ता का कहना है कि वह कोर्ट के काम से आए दिन रुद्रपुर जाती रहती हैं। ऐसे में उसे आरोपी से जान का खतरा है। लिहाजा आरोपी पर कार्रवाई की जाए। कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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-हर वकालत नामे पर लगेगा 20 रुपए का अधिवक्ता कल्याणकारी टिकट
-इस धनराशि से अधिवक्ताओं के मृत्यु दावों में दोगुनी धनराशि मिल सकेगी
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 अप्रैल 2021। उत्तराखंड राज्य के सभी बार एसोसिएशनों से जुड़े अधिवक्ताओं को सभी वकालतनामों पर उत्तराखंड बार काउंसिल का 20 रुपए का अधिवक्ता कल्याणकारी टिकट लगाना होगा। इस प्रकार जहां एक ओर अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड को बड़ी धनराशि प्राप्त होगी, जिससे अधिवक्ताओं के मृत्यु दावों में दोगुनी राषि मिल सकेगी। वहीं वादकारियों की जेब पर हर वकालतनामा बनाने पर इस अतिरिक्त शुल्क का बोझ पड़ेगा।
रविवार को उत्तराखंड बार काउंसिल के अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि इससे पूर्व अधिवक्ताओं की मृत्यु के पश्चात दावे की धनराशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपए करने पर चर्चा हुई और दावे की राशि बढ़ाने के लिए कल्याणकारी टिकट के माध्यम से शुल्क बढ़ाने का विचार आया। इसके अलावा बैठक में राज्य की अदालतों में सप्ताह में कार्यदिवसों की संख्या 6 की जगह 5 करने पर भी चर्चा की गई तथा निर्णय लिया गया कि इस बारे में तथा राज्य के न्यायालय परिसरों में अधिवक्ताओं के लिए चैंबरों की व्यवस्था करने हेतु उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायालय से आग्रह किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कोविड-19 की महामारी की रोकथाम के लिए प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशक से सभी अदालत परिसरों में शिविर लगाकर अधिकवक्ताओं का टीकाकरण करने के लिए पत्र लिखने का निवेदन किया गया। बैठक में बार काउंसिल के उपाध्यक्ष रंजन सोलंकी तथा प्रभात चौधरी, मुनफैत अली व मेहरमान सिंह कोरंगा आदि सदस्य मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अप्रैल 2021। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने अध्यक्ष, विकास बहुगुणा ने महासचिव, डीसीएस रावत ने वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर मुकेश रावत, संयुक्त सचिव-प्रशासन पद पर शक्ति सिंह, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य-महिला के पद पर प्रभा नैथानी, कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य-महिला के पद पर नेहा खत्री बोहरा तथा कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के चार पदों पर आजाद सिंह, सिद्धार्थ जैन, किशोर राम व आदित्य कुमार आर्य ने जीत दर्ज कर ली है। उल्लेखनीय है कि इनके अलावा कनिष्ठ उपाध्यक्ष (महिला) के पद पर प्रीता भट्ट, संयुक्त सचिव (प्रेस) के पद पर आशुतोष पोस्ती, पुस्तकालयाध्यक्ष के एक पद पर शिवांगी गगंवार, कोषाध्यक्ष के पद पर मनी कुमार, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के पाँच पदों पर भुवनेश जोशी, कौशल साह जगाती, शिवानंद भट्ट, योगेश कुमार शर्मा व अतुल बहुगुणा का पहले ही निर्विरोध चुना जाना तय था। उन्हें भी आज निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। गौरतलब है कि भुवनेश जोशी ने रिकार्ड 16वीं बार हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में जीत दर्ज की है।
पूरे दिन 50-50 मतों की 13 राउंड तक चली मतगणना के पश्चात शनिवार शाम घोषित परिणामों के अनुसार अध्यक्ष पद पर अवतार सिंह रावत को 199, प्रभाकर जोशी को 167, दिनेश त्यागी को 107, परीक्षित सैनी को 74 व बासवानंद मौलेखी को 61 मत मिले जबकि 9 मत निरस्त हुए। इसी तरह वरिष्ठ उपाध्यक्ष पर पर दिनेश चंद्र सिंह रावत को 456 व चंद्रशेखर जोशी को 149, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर मुकेश रावत को 332 व अकरम परवेज को 262, महासचिव के पद पर विकास बहुगुणा को 344, प्रमोद बेलवाल को 205 व जगदीश बिष्ट को 60, संयुक्त सचिव-प्रशासन पद पर शक्ति सिंह को 368 व मानवेंद्र सिंह को 238, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य-महिला के पद पर प्रभा नैथानी को 484 व फरीदा खान को 199 तथा कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य-महिला के पद पर नेहा खत्री बोहरा को 370 व सरिता बिष्ट को 222 मत मिले। वहीं कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के चार पदों पर आजाद सिंह को 392, सिद्धार्थ जैन को 380, किशोर राम को 327 व आदित्य कुमार आर्य को 307 विजयी रहे, जबकि बिलाल अहमद 125 मत प्राप्त कर चुनाव हार गए।
इससे पूर्व शुक्रवार को हुए मतदान में 958 मतदाताओं में से 617 एवं एक दिन पूर्व 11 अधिवक्ताओं ने टेंडर वोट किया था। यानी 64.4 फीसद अधिवक्ताओं ने मतदान किया। वहीं पूर्व 8 अप्रैल की शाम टेंडर वोट भी डाले थे। इधर शनिवार को सुबह 10 बजे से हुई मतगणना के बाद चुनाव परिणामों की घोषणा की गई। मतगणना के कार्य में चुनाव कमेटी के सदस्य आलोक मेहरा, अनिल जोशी, राजेश जोशी, आसिफ अली, हीरेंद्र रावल, विजय लक्ष्मी फर्त्याल, मनोज मोहन, दिनेश बिष्ट, भाष्कर जोशी, विशाल मेहरा, अमित कापड़ी, पंकज शर्मा, सुहास रत्न जोशी, संगीता भारद्वाज उप चुनाव अधिकारी, मिलिंद राज, चरनजीत कौर, मनोज कुमार टिटगईं, दीपा, भूपेंद्र रावत, नवीन तिवारी, अंकित साह, पंकज कपिल, विक्रमादित्य साह व आशीष बेलवाल आदि ने योगदान दिया।

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-नीरज बने जिला बार एसोसिएशन नैनीताल के अध्यक्ष, दीपक महासचिव
-वरिष्ठ उपाध्यक्ष संयुक्त सचिव सहित ऑडिटर पर पद पर निर्विरोध निर्वाचन तय

जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में विजयी प्रत्याशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 09 अप्रैल 2021। नीरज साह जिला बार एसोसिएशन नैनीताल के नए अध्यक्ष एवं दीपक रुवाली महासचिव बन गए हैं। शुक्रवार को हुए चुनावों में उन्होंने जीत दर्ज की है। वहीं कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर तरुण चंद्रा, कोषाध्यक्ष पद पर मनीष कांडपाल भी जीत गए हैं। जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर संजय सुयाल, संयुक्त सचिव पद पर किरन आर्य व उमेश कांडपाल तथा ऑडिटर के पद पर मेघा उप्रेती सुयाल पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। नई कार्यकारिणी में एक को छोड़कर सभी सदस्य नए हैं। उम्मीद की जा रही है कि वे नई ऊर्जा के साथ कार्य करेंगे।
शुक्रवार को हुए जिला बार एसोसिएशन नैनीताल के चुनाव में कुल 326 अधिवक्ताओं में से 255 ने अपने मत का प्रयोग किया। देर शाम 6 बजे चुनाव अधिकारियों ने विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की। चुनाव में अध्य्ाक्ष व सचिव पद पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अध्य्ाक्ष पद पर विजयी रहे नीरज साह को 105, ओमकार गोस्वामी को 88 व मंजू कोटलिया को 54 मत मिले, वहीं सचिव पद पर दीपक रुवाली को 125 व भानु प्रताप सिंह मौनी को 119, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर तरुण चंद्रा को 145 व स्वाति परिहार को 96 जबकि कोषाध्यक्ष पद मनीष कांडपाल को 150 व मोहम्मद खुर्शीद को 94 मत मिले। इससे पूर्व सुबह 10 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम तीन बजे तक चला, और इसके बाद मतगणना हुई। चुनाव अधिकारी राजेश चंदोला ने विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की। चुनाव की प्रक्रिया में मुख्य चुनाव अधिकारी राजेश चंदोला, उत्तराखण्ड बार काउंसिल के सदस्य व ऑब्जर्वर प्रभात कुमार चौधरी, सहायक चुनाव अधिकारी बीके सांगुड़ी, प्रमोद बहुगुणा, शंकर चौहान, मुकेश चंद्र, शिवांशु जोशी व कार्यालय सहायक गौतम कुमार ने योगदान दिया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 08 अप्रैल 2021। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की जनरल गैदरिंग में अध्यक्ष व महासचिव पद के प्रत्याशियों ने बार की गरिमा को नया मुकाम दिलाने का वायदा किया है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव कल (आज) होने हैं। जिसमें 958 अधिवक्ता मतदान करेंगे।
गुरुवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी रवींद्र बिष्ट की अध्यक्षता व पूर्व उपाध्यक्ष पूरन रावत के संचालन में बार सभाकक्ष में हुई जनरल गैदरिंग को सम्बोधित करते हुये अध्यक्ष पद के प्रत्याशी व वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने कहा कि हाईकोर्ट राज्य की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था है। उसका दर्जा सरकार से ऊपर है। इसी तरह हाईकोर्ट बार का भी महत्व है और यदि उन्हें अध्यक्ष पद के लिये अधिवक्ताओं का समर्थन मिला तो वे बार की गरिमा व प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम करेंगे। दूसरे प्रत्याशी वासवानन्द मौलेखी ने जूनियर अधिवक्ताओं की समस्याओं, उनकी आर्थिकी स्थिति, चेम्बर की असुविधा का जिक्र करते हुए इसके समाधान का वायदा किया। तीसरे प्रत्याशी डी के त्यागी ने बार व बेंच के बीच बेहतर समन्वय व बार के सम्मान की रक्षा का आश्वासन दिया। परीक्षित सैनी ने कहा कि वे हर समय हाईकोर्ट में उपलब्ध हैं, और कोई भी अधिवक्ता अपनी समस्या उन्हें किसी भी समय बता सकता है। प्रभाकर जोशी ने अधिवक्ता चेम्बर के लिये उनके द्वारा कोर्ट में की गई पैरवी का जिक्र किया तथा कहा कि अगर वे अध्यक्ष चुने गए तो छः माह के भीतर चेम्बर निर्माण का कार्य पूरा करवा लिया जाएगा। महासचिव पद के प्रत्याशी जगदीश बिष्ट, प्रमोद बेलवाल व विकास बहुगुणा ने अधिवक्ता चेम्बर की समस्या, वर्तमान चेम्बर की साफ सफाई, कैंटीन की स्वच्छता, केश फाइलिंग, अर्जेंट मैटर के मेंशन करने में हो रही दिक्कतों के समाधान, कोरोना समय में वादों की सुनवाई वर्चुअल माध्यम से होने वाली परेशानी, हाईकोर्ट के आदेश से पेपर साइज, फॉन्ट साइज आदि की बाध्यता से उत्पन्न दिक्कतों का समाधान का वायदा किया ।
चुनाव संचालन कमेटी ने कोरोना महामारी से बचाव के लिये इन प्रत्याशियों के सम्बोधन को सुनने के लिये अलग अलग स्थानों में बड़ी स्क्रीनिंग लगाई गई थी । जहां पर जनरल गैदरिंग का लाइव टेलीकॉस्ट हुआ। जिससे एक स्थान भीड़ जमा नहीं हुई। जनरल गैदरिंग में निवर्तमान अध्यक्ष पूरन बिष्ट, सचिव जयवर्धन कांडपाल, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत, केंद्र सरकार के असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल राकेश थपलियाल, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, पूर्व अध्यक्ष एमसी कांडपाल, एमसी त्यागी, एसएस पवार, ललित बेलवाल, केएस बोरा शामिल थे। जबकि चुनाव कमेटी के सदस्य आलोक मेहरा, अनिल कुमार जोशी, राजेश जोशी, आसिफ अली, हीरेन्द्र रावल, विजय लक्ष्मी फर्त्याल, मनोज मोहन, दिनेश बिष्ट, भाष्कर जोशी, विशाल मेहरा, अमित कापड़ी, पंकज शर्मा, सुहास रत्न जोशी, संगीता भारद्वाज उप चुनाव अधिकारी, मिलिंद राज, चरनजीत कौर, मनोज कुमार टिटगईं, दीपा, भूपेंद्र रावत, नवीन तिवारी, अंकित साह, पंकज कपिल, विक्रमादित्य साह व आशीष बेलवाल आदि सदस्य बैठक में मौजूद रहे। इसके अलावा अन्य पदों के प्रत्याशी भी आज लगातार अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत सम्पर्क बनाते रहे।

जिला बार मे पड़े टेंडर वोट
नैनीताल। शुक्रवार को होने वाले जिला बार एसोसिएशन के मतदान और मतगणना से पूर्व बृहस्पतिवार को ही चुनाव के लिए टेंडर वाले के जरिए मतदान की शुरुआत हो गई है। बृहस्पतिवार सुबह 11 से दो बजे तक इस चुनाव के लिए टेंडर वोट डाले गए। मुख्य चुनाव अधिकारी राजेश चंदोला ने बताया कि कोरोना काल मे भीड़ भाड़ से बचने के साथ ही अधिवक्ताओ की परेशानी को देखते हुए यह व्यवस्था की गई। कुल 20 अधिवक्ताओं ने टेंडर वोट डाले। वोटों को सील बंद लिफाफे में लॉकर में रख दिया गया है। अब शुक्रवार को मतदान के बाद मतगणना कर देर शाम विजयी प्रत्यशियों की घोषणा की जायेगी। इस प्रक्रिया में सहायक चुनाव अधिकारी बीके सांगुड़ी, प्रमोद बहुगुणा, शंकर चौहान, मुकेश चंद्र, शिवांशु जोशी व कार्यालय सहायक गौतम कुमार शामिल रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 07 अप्रैल 2021। जिला बार एसोसिएशन के आगामी 9 अप्रैल को प्रस्तावित चुनावों में कोरोना की महामारी के फिर से बढ़ने एवं चुनाव के दिन भीड़भाड़ से बचने के लिये टेंडर वोट का भी प्राविधान हो गया है। बुधवार को जिला बार एसोसिएशन की चुनाव संचालन समिति की आपात बैठक में टेंडर वोट को मंजूरी दी गयी। मुख्य चुनाव अधिकारी राजेश चंदोला ने बताया कि कोविड महामारी का सभी के जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इसलिए अधिवक्ताओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए टेंडर वोट की व्यवस्था की गयी है। जिला बार में पंजीकृत अधिवक्ता चुनाव से एक दिन पहले गुरुवार आठ अप्रैल को सुबह 11 से दो बजे तक जिला बार कक्ष में पहुंच कर अपना टेंडर वोट डाल सकते हैं। इससे नौ अप्रैल को मतदान की तिथि पर अधिवक्ताओं की भीड़ कम हो सकेगी। बैठक में सहायक चुनाव अधिकारी बीके सांगुड़ी, प्रमोद बहुगुणा, शंकर चौहान, मुकेश चंद्र, शिवांशु जोशी व कार्यालय सहायक गौतम कुमार शामिल रहे।

बीसीआई परीक्षा पास नही होने पर मतदान नहीं कर सकेंगे अधिवक्ता
नैनीताल। जिला बार के चुनाव में बीसीआई यानी बार काउंसिल ऑफ इंडिया की परीक्षा पास करने वाले अधिवक्ताओं को ही मतदान का अधिकार दिया जायेगा। जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी राजेश चंदोला ने बताया कि जिला बार में नये पंजीकृत अधिवक्ताओं को बीसीआई की परीक्षा पास करने पर ही चुनाव में मतदान की अनुमति दी जायेगी। अधिवक्ताओं को मतदान करने से पूर्व बार काउंसिल द्वारा जारी पहचान पत्र भी दिखाना होगा। इसके साथ ही एक अधिवक्ता द्वारा एक ही बार कॉउंसिल मे वोट किया जायेगा। इसके लिये अधिवक्ताओं को वोट से पहले अंडरटेकिंग प्रमाण भी देना होगा।
जिला बार के अधिवक्ताओं ने कराया कोरोना टीकाकरण
नैनीताल। जिला बार के अधिवक्ताओं ने बुधवार को बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में कोरोना का टीका लगवाया। इस हेतु सुबह से ही जिला बार के 45 वर्ष की उम्र पार कर चुके अधिवक्ताओं ने अस्पताल पहंुच कर टीका लगवाया।

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-वरिष्ठ उपाध्यक्ष संयुक्त सचिव सहित ऑडिटर पर पद पर निर्विरोध निर्वाचन तय
नवीन समाचार, नैनीताल, 06 अप्रैल 2021। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच का कार्य हुआ। इस दौरान सभी 13 नामांकन पत्र वैध पाए गए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले किसी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस भी नहीं लिया। इसके बाद अध्यक्ष पद पर मंजू कोटलिया, ओमकार गोस्वामी व नीरज साह के बीच कड़ा मुकाबला तय माना जा रहा है, वहीं सचिव पद पर भानु प्रताप मोनी व दीपक रूवाली, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर तरुण चंद्रा व स्वाति बोरा, कोषाध्यक्ष पद पर खुर्शीद हुसैन व मनीष कांडपाल के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर संजय सुयाल, संयुक्त सचिव के दो पदों पर उमेश कांडपाल व किरन आर्य तथा ऑडिटर के पद पर मेघा उप्रेती सुयाल का निर्विरोध निर्वाचन पहले ही तय है। आज नामांकन पत्रों की जांच में मुख्य चुनाव अधिकारी राजेश चंदोला के साथ सहायक चुनाव अधिकारी बीके सांगुड़ी, प्रमोद बहुगुणा, शंकर चौहान, मुकेश चंद्र व कार्यालय सहायक गौतम कुमार ने योगदान दिया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 05 अप्रैल 2021। हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन पत्रों की बिक्री प्रारंभ हुई। पहले दिन मुख्य नौ एवं कार्यकारिणी के 11 पदों के लिए 39 अधिवक्ताओं ने नामांकन पत्र लिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी रवींद्र बिष्ट ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए दिनेश कुमार त्यागी, अवतार सिंह रावत, प्रभाकर जोशी, परीक्षित सैनी, बासवानंद मौलेखी व पूरन बिष्ट, महासचिव पद के लिए विकास बहुगुणा, प्रमोद बेलवाल व जगदीश बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए डॉ. चंद्रशेखर जोशी, राजीव पाठक व डीसीएस रावत, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए मुकेश रावत व अकरम परवेज, कनिष्ठ उपाध्यक्ष महिला के पद हेतु प्रीता भट्ट, संयुक्त सचिव के पद हेतु मानवेंद्र सिंह व शक्ति सिंह, संयुक्त सचिव हेतु आशुतोष पोस्ती, कोषाध्यक्ष हेतु शिवांगी गंगवार व मनी कुमार, पुस्तकालयाध्यक्ष हेतु शिवांगी गंगवार, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के पांच पदों हेतु भुवनेश जोशी, कौशल साह जगाती, शिवानंद भट्ट, योगेश कुमार शर्मा, अतुल बहुगुणा व विनोदानंद बर्थवाल, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य महिला के एक पद हेतु प्रभा नैथानी व फरीदा सिद्दीकी, कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के चार पदों हेतु सिद्धार्थ जैन, शिवांगी गंगवार, बिलाल अहमद, किशोर राय, आदित्य कुमार आर्य, प्रशांत जोशी, सुनील कुमार आर्य व आनंद सिंह मेर तथा कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य महिला के एक पद के लिए सरिता बिष्ट व नेहा खत्री ने नामांकन पत्र खरीदे हैं। नामांकन की प्रक्रिया में उप निर्वाचन अधिकारी राजेश जोशी, बिन्नी मेहरा, भाष्कर जोशी, सहायक निर्वाचन अधिकारी विजय लक्ष्मी, संगीता भारद्वाज, दीपा आर्या व भूपेंद्र सिंह ने योगदान दिया।

जिला बार एसोसिएशन की मतदाता सूची जारी, कुल 326 अधिवक्ता करेंगे मतदान
नैनीताल। जिला बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव के लिए सोमवार को मतदान सूची जारी कर दी गयी। मुख्य चुनाव अधिकारी राजेश चंदोला ने बताया कि वर्ष 2021 के चुनाव में जिला बार से जुड़े कुल 326 अधिवक्ता अपने मतदान का प्रयोग करेंगे। इससे पूर्व वर्ष 2019 में हुए चुनाव में यह संख्या 298 थी। साथ ही उन्होंने बताया कि सोमवार को नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक किसी भी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नही लिया। अब मंगलवार को नामांकन प्रपत्रों की जांच की जायेगी। यह भी बताया कि वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर संजय सुयाल, संयुक्त सचिव के दो पदो पर उमेश कांडपाल व किरन आर्य तथा ऑडिटर के पद पर मेघा उप्रेती सुयाल का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है।

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-कुल 13 प्रत्याशियों ने किया नामांकन, इनमें से वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर संजय सुयाल, संयुक्त सचिव के दो पदो पर उमेश कांडपाल व किरन आर्य तथा ऑडिटर पद पर मेघा उप्रेती का निर्विरोध नामांकन तय
नवीन समाचार, नैनीताल, 03 अप्रैल 2021। जिला बार एसोसिएशन नैनीताल के चुनाव के लिए शनिवार को नामांकन प्रक्रिया के दूसरे व अंतिम दिन 13 प्रत्याशियों ने नामांकन किया। मुख्य चुनाव अधिकारी राजेश चंदोला ने बताया कि आज दो नामांकन पत्र प्राप्त हुए। इन्हें मिलाकर विभिन्न पदों पर कुल दावेदारों की संख्या 13 हो गई है। अध्य्ाक्ष पद पर आज पूर्व अध्यक्ष ओंकार गोस्वामी के नामांकन करने के साथ तीन दावेदार ओंकार गोस्वामी, नीरज साह व मंजू कोटलिया हो गए हैं। वहीं सचिव पद पर दीपक रुवाली व भानु प्रताप सिंह मौनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर संजय सुयाल, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर तरुण चंद्रा व स्वाति परिहार, संयुक्त सचिव पद पर किरन आर्या व उमेश कांडपाल, कोषाध्यक्ष पद पर मोहम्मद खुर्शीद व मनीष कांडपाल तथा ऑडिटर पद पर मेघा उप्रेती ने नामांकन कराया है। अब सोमवार को नाम वापसी व छह अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच की जायेगी। नामांकन की प्रक्रिया में सहायक चुनाव अधिकारी बीके सांगुड़ी, प्रमोद बहुगुणा, शंकर चौहान, मुकेश चंद्र व कार्यालय सहायक गौतम कुमार ने योगदान दिया।

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-पहले दिन 11 प्रत्याशियों ने कराया नामांकन

जिला बार एसोसिएशन के चुनाव हेतु नामांकन कराते प्रत्याशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 02 अप्रैल 2021। जिला बार एसोसिएशन नैनीताल के लिए शुक्रवार को नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई। मुख्य चुनाव अधिकारी राजेश चंदोला ने बताया कि पहले दिन अध्यक्ष पद के लिए नीरज साह व मंजू कोटलिया, सचिव पद के लिए दीपक रुबाली व भानु प्रताप सिंह मौनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए संजय सुयाल, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए तरुण चंद्रा व स्वाति परिहार, संयुक्त सचिव पद के लिए किरन आर्या व उमेश कांडपाल तथा कोषाध्यक्ष पद के लिए मोहम्मद खुर्शीद व मनीष कांडपाल ने नामांकन कराया। उन्होंने बताया कि शनिवार को भी नामांकन पत्र किए जा सकते हैं। इसके बाद कोई नामांकन पत्र स्वीकार नही किया जायेगा। आगे सोमवार को नाम वापसी व नामांकन पत्रो की जांच की जायेगी। नामांकन की प्रक्रिया में सहायक चुनाव अधिकारी बीके सांगुड़ी, प्रमोद बहुगुणा, शंकर चौहान मुकेश चंद्र व कार्यालय सहायक गौतम कुमार ने योगदान दिया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 01 अप्रैल 2021। हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा हो गई है। चुनाव आगामी 9 अप्रैल को होंगे। बृहस्पतिवार को चुनाव संचालन समिति की मुख्य निर्वाचन अधिकारी रविंद्र बिष्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद चुनाव अधिसूचना जारी कर दी गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी रविंद्र बिष्ट, उप निर्वाचन अधिकारी भाष्कर जोशी, सहायक निर्वाचन अधिकारी भूपेंद्र सिंह व सहायक निवार्चन अधिकारी पंकज कपिल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार बार एसोसिएशन के चुनाव हेतु नामांकन पत्रों की बिक्री 5 अप्रैल को होगी। 6 अप्रैल को नामांकन, 7 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच व नाम वापसी होगी। 8 अप्रैल को अध्यक्ष व सचिव पद के प्रत्याशी अधिवक्ताओं की आम सभा को सम्बोधित करेंगे। जबकि 9 अप्रैल को मतदान के बाद शाम को मतगणना होगी। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र की कीमत 500 रुपये है। जबकि अध्यक्ष पद के प्रत्याशी का नामांकन शुल्क 35 हजार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष व महासचिव पद के प्रत्याशियों के नामांकन शुल्क 25 हजार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष का नामांकन शुल्क 15 हजार, उप सचिव, कोषाध्यक्ष व पुस्तकालयाध्यक्ष का शुल्क 7 हजार, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य का शुल्क 5 हजार व कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य का नामांकन शुल्क ढाई हजार रुपये निर्धारित किया गया है।

जिला बार के चुनाव के लिए दूसरे दिन 10 नामांकन पत्र लिए गए
नैनीताल। जिला बार नैनीताल की नई कार्यकारिणी के लिए बुधवार को शुरू हुई चुनाव की प्रक्रिया के तहत दूसरे दिन बृहस्पतिवार को कुल 10 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। इस प्रकार कुल मिलाकर 18 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र लिए। आज अध्यक्ष पद के लिए चार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए दो, कनिष्ठ उपाध्य्क्ष पद के लिए चार, सचिव पद के लिये दो, उपसचिव पद के लिये दो, कोषाध्यक्ष पद के लिए दो तथा ऑडिटर पद के लिए तीन नामांकन पत्र लिए गए। उल्लेखनीय है कि पहले दिन विभिन्न पदों के लिए आठ संभावित प्रत्याशियों ने नौ नामांकन पत्र लिये थे। मुख्य चुनाव अधिकारी राजेश चंदोला ने बताया कि शुक्रवार से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी जो शनिवार तक चलेगी। चुनाव की प्रक्रिया में सहायक चुनाव अधिकारी बीके सांगुड़़़ी, प्रमोद बहुगुणा, मुकेश चंद्र, शंकर चौहान व कार्यालय सहायक गौतम कुमार ने योगदान दिया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 24 मार्च 2021। नैनीताल जिला बार एसोसिएशन के चुनाव का कार्यक्रम बुधवार को जारी कर दिया गया। बार सभागार में आयोजित बैठक में बार के मुख्य चुनाव अधिकारी वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश चंदोला ने बताया कि कोरोना काल के कारण वर्ष 2020 में चुनाव नही हो सके थे जिस कारण पूर्व की कार्यकरणी ही कार्य कर रही थी अब वर्ष 2021-2022 के लिये बार की नयी कार्यकरणी का गठन किया जाना है।

बुधवार को जिला बार एसोसिएशन की बैठक में मौजूद अधिवक्ता।

उन्होंने बताया कि बताया कि चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्रों की बिक्री 31 मार्च से शुरू होकर 1 अप्रैल तक दोपहर दो बजे तक की जायेगी। 2 व 3 अप्रैल तक नामांकन, 5 अप्रैल को नामांकन वापसी, 6 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच के साथ 9 अप्रैल को नयी कार्यकरणी के लिये मतदान किया जायेगा। बताया कि अध्यक्ष पद के लिये 3500, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिये 3000, कनिष्ठ उपाध्यक्ष के लिये 2500, सचिव के लिये 3000 तथा कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव व ऑडीटर के पदों के लिये 750 रुपये का आवेदन शुल्क तय किया गया है। बैठक में सह निर्वाचन अधिकारी बीके सांगुड़ी व प्रमोद बहुगुणा, शंकर चौहान, मुकेश आर्य, गिरीश बहुखंडी, शिवांशु जोशी, सुंदर मेहरा तथा कार्यालय सहायक गौतम कुमार सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मार्च 2021। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की वर्तमान कार्यकरिणी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है, और कार्यकारिणी के दायित्व मुख्य चुनाव अधिकारी रविंद्र बिष्ट को सौंप दिए गए हैं। बार एसोसिएशन की आज हुई आम बैठक में रविंद्र बिष्ट को मुख्य चुनाव अधिकारी मनोनीत करते हुए शीघ्र चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया।

सोमवार को अपरान्ह में हुई बार एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल लॉक डाउन के दौरान ही समाप्त होने पर नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर आम सहमति बनी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट व महासचिव जयवर्धन कांडपाल ने अपने कार्यकाल के ब्यौरे व आय-व्यय की जानकारी दी। जिसके बाद उन्होंने अपने दायित्व मुख्य चुनाव अधिकारी को सौंपने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने अधिवक्ताओं द्वारा दिये गए सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया तथा हमेशा बार को अपना सहयोग जारी रखने का वायदा किया। सभा का संचालन महासचिव जयवर्धन कांडपाल ने किया । आम सभा में बार के पूर्व अध्यक्ष डॉ. महेंद्र पाल सिंह, सैय्यद नदीम मून व ललित बेलवाल, आईडी पालीवाल, पूर्व सचिव कमलेश तिवारी, संदीप तिवारी, राजेश जोशी, गीता परिहार, भुवनेश जोशी, प्रभाकर जोशी, डीके जोशी, योगेश पंचोलिया, डीएस मेहता, विकास बहुगुणा, पीएस सौन व कैलाश तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

मुख्य न्यायाधीश से मिले उत्तराखंड बार काउंसिल की कार्यकारिणी 

नैनीताल। सोमवार को उत्तराखंड बार काउंसिल की कार्यकारी समिति की बैठक में अधिवक्ताओं के विधि प्रपत्रों के सत्यापन तथा उन्हें आर्थिक सहायता के रूप में दी जाने वाली धनराशि को बढ़ाने सहित अन्य अधिवक्ता हितों के विषयों पर चर्चा की गई। बैठक के उपरांत बार काउंसिल के सदस्यों ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें अधिवक्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया। बैठक काउंसिल मुख्यालय के सभागार में अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बार काउंसिल के उपाध्या रंजन सोलंकी, कार्यकारी समिति के सदस्य सुरेंद्र सिंह पुंडीर, अनिल पंडित, राजवीर सिंह बिष्ट, प्रभात कुमार चौधरी, कुलदीप कुमार सिंह व राकेश गुप्ता के साथ विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बार काउंसिल औफ इंडिया के सदस्य डीके शर्मा, नंदन सिंह कन्याल व मेहरबान सिंह कोरंगा उपस्थित रहे। 

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नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मार्च 2021।हाईकोर्ट बार एसोसिएशन एवं जिला बार एसोसिएशन में चुनावों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव जयवर्धन कांडपाल ने बार के आगामी चुनाव के लिए आगामी 22 मार्च को बार के सभागार में अपराह्न सवा बजे से आम सभा आहूत की गई है। बताया गया है कि इसी दिन आगामी चुनाव हेतु निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करने पर भी विचार होगा। वहीं बुधवार को जिला बार एसोसिएशन के सभागार मे अध्यक्ष हरीशंकर कंसल की अध्यक्षता मे आयोजित हुई बैठक में जिला बार के आगामी चुनाव कराने हेतु राजेश चंदोला को चुनाव अधिकारी नियुक्त करते हुए उन्हें आगामी चुनाव हेतु चुनाव समिति गठित करने व चुनाव प्रक्रिया हेतु अधिकृत किया गया। बैठक में सचिव अरुण बिष्ट, आरके पाठक, शरद शाह, ज्योति प्रकाश, मनीष जोशी, कैलाश जोशी व राजेश चंदोला ने अपने विचार व्यक्त किये। अध्यक्ष कंसल ने बार के आय-व्यय का ब्योरा पेश किया। बैठक में दुर्गादत्त रुवाली, प्रदीप परगाई, मुकेश, ओंकार गोस्वामी, अनिल बिष्ट, दीपक रुवाली, दीपक दत्त, भानुप्रताप सिह मौनी, अशोक मौलेखी, नीरज साह, मंजू कोटलिया, तरुण चंद्र, गजेंद्र बर्गली, किरन, मौ. खुर्शीद, मनीष भट्ट व एमबी सिह आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2021। उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पैरवी के लिए गोपाल कृष्ण वर्मा को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता नियुक्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश के न्याय विभाग ने मंगलवार 16 मार्च को इस बारे में अपना आदेश जारी कर दिया है। गोपाल कृष्ण वर्मा उत्तराखंड उच्च न्यायालय में वर्ष 2000 से यानी राज्य बनने से ही प्रैक्टिस कर रहे हैं। इससे पूर्व श्री वर्मा यूपी सरकार के स्थायी अधिवक्ता के तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार के वादों की पैरवी कर रहे थे। उनके बेहतर कार्य को देखते हुए अब यूपी सरकार ने महाधिवक्ता कार्यालय उत्तर प्रदेश उत्तराखंड में पदोन्नति कर उनको अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता के पद पर नई तैनाती दी है। बताया गया है कि यह पद पिछले 10 साल से खाली चल रहा था। अपनी नियुक्ति पर श्री वर्मा ने कहा कि यूपी सरकार के मुकदमों की पैरवी मजबूती से की जाएगी। अपनी पूरी छमता व निष्ठा से यूपी सरकार के हितों को ध्यान में रखते हुए काम करेंगे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 25 फरवरी 2021। अर्जुन भंडारी उत्तराखंड बार काउंसिल के नए अध्यक्ष एवं रंजन सोलंकर उपाध्यक्ष होंगे। बृहस्पतिवार को उत्तराखंड बार काउंसिल के मुख्यालय के सभागार में आयोजित हुई मतदान की प्रक्रिया के बाद चुनाव परिणामों की घोषणा की गई। उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष दोनों पदों पर निर्वाचित सदस्य पहली बार इन पदों की जिम्मेदारी संभालंेगे। उनका कार्यकाल एक वर्ष के लिए होगा। गौरतलब है कि निवर्तमान अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने चुनाव में नामांकन नहीं किया था।

उत्तराखंड बार काउंसिल के नवनिर्वाचित अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का अभिनंदन करते समर्थक।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मतदान की प्रक्रिया में बार काउंसिल के सभी 20 निर्वाचित सदस्यों एवं एक मनोनीत सदस्य प्रदेश के महाधिवक्ता ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अध्यक्ष पद पर निर्वाचित रहे श्रीनगर के अर्जुन भंडारी को 12 जबकि पराजित प्रत्याशी देहरादून के योगंेद्र तोमर को 9 मत मिले। वहीं उपाध्यक्ष पद पर देहरादून रंजन सोलंकी निर्विरोध निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इससे पूर्व बार काउंसिल के सभागार में मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्वक हुई जिसके तुरंत बाद मतगणना की गई और इसके बाद चुनाव परिणाम घोषित किये गए। चुनाव की प्रक्रिया में बार काउंसिल के सचिव विजय सिंह सहित हिमानी जोशी, ललित मोहन जोशी, जितेंद्र कुमार, महेश उपाध्याय, अनुभव श्रीवास्तव, सुरेश कुमार व श्रीकांत आदि कर्मियों ने योगदान दिया।

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-पूर्व सदस्य ने राज्यपाल से की मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग
-बार कौंसिल के सचिव ने संबंधित लेखा लिपिक की गलती बताई, लिपिक न्यायालय से कौंसिल के खिलाफ स्थगनादेश ले आए
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 फरवरी 2021। उत्तराखंड में अधिवक्ताओं की शीर्ष संस्था उत्तराखंड बार कौंसिल के 86 बैंक ड्राफ्ट बैंक में जमा न होने का मामला प्रकाश में आया है। यह तूल पकड़ता भी नजर आ रहा है। इन्हें बैंक में जमा नहीं करने से यह राशि कौंसिल के खातों में जमा नहीं हुई है। इससे अधिवक्ताओं के परिवारों को मिलने वाले मृत्यु दावों का भुगतान प्रभावित हो रहा है। बार कौंसिल के एक पूर्व सदस्य चंद्रशेखर तिवारी ने इन ड्राफ्टों के 8 लाख से अधिक का होने का दावा करते इसे बड़ा घोटाला बताया है, और राज्यपाल से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने इसे बार कौंसिल के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के इसी माह होने वाले चुनाव में मुद्दा बनाने का इरादा भी जताया है।
वहीं बार कौंसिल के सचिव विजय सिंह ने इन ड्राफ्टों को केवल तीन लाख 11 हजार 200 रुपए मूल्य का और स्टेब्लिसमेंट फंड के होना बताया है। उनका कहना है कि इनमें से 83 बैंक ड्राफ्ट 2018 के, दो बैंक ड्राफ्ट 2019 के व एक बैंक ड्राफ्ट 2020 का है। इन्हें बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी लेखा लिपिक विनोद जोशी की थी। उन्होंने बताया कि गत 18 दिसंबर को यह कार्य अन्य लिपिक को दिये जाने पर यह ड्राफ्ट अलमारी में पड़े हुए मिले। यह कालातीत भी हो चुके हैं, इसलिए इन ड्राफ्टों का नवीनीकरण करने को पत्र लिखा गया है। वहीं संबंधित लिपिक इस मामले में बार कौंसिल के आदेश के विरुद्ध न्यायालय से स्थगनादेश ले आये हैं।
बताया गया है कि स्टेब्लिसमेंट फंड से अधिवक्ताओं को मृत्यु होने की दशा में दिया जाता है। उन्होंने स्वीकार कि इन ड्राफ्टों के बैंक में जमा न होने से मृतक अधिवक्ताओं के परिवारों को मृत्यु दावों की धनराशि का भुगतान प्राप्त न हो पाया हो। अलबत्ता चूंकि यह बैंक ड्राफ्ट हैं, इसलिए इन्हें किसी अन्य खाते में जमा नहीं किया जा सकता है। इसलिए इस मामले में हुई गलती में किसी तरह के गबन की संभावना नहीं है।

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-इससे पूर्व नेशनल डिफेंस फंड में भी दिए 2,51,000 रुपए
नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जनवरी 2021। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता चक्रधर बहुगुणा ने अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिये एक लाख ग्यारह हजार एक सौ एक रुपये की धनराशि भेंट की है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से बनने जा रहे राम मंदिर के निर्माण के लिए उन्होंने अन्य लोगों को भी प्रेरित करने के उद्देश्य से यह योगदान दियाहै। उन्हांेन अन्य लोगों से भी इस हेतु सहयोग की अपील करते हुए इस महायज्ञ में शामिल होने का आह्वान किया है। कहा कि समाज के हर व्यक्ति को अपनी आय का कम से कम एक प्रतिशत हिस्सा मंदिर निर्माण में दान करना चाहिए। बताया गया है कि श्री बहुगणा ने इसके अलावा युद्ध स्मारक व शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं की सहायता के लिये बने नेशनल डिफेंस फंड में भी पिछले कई वर्षो से लगातार धनराशि दे रहे हैं। इस वर्ष उन्होंने इसमें दो लाख इक्यावन हजार की धनराशि दी है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसंबर 2020। प्रदेश के अधिवक्ताओं की शीर्ष नियामक संस्था बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के सदस्य चंद्रशेखर तिवारी ने प्रदेश की राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर उत्तराखंड बार काउंसिल के कोष का विधि विरुद्ध प्रयोग होने की शिकायत करते हुए अनियमितताओं की जांच कैग यानी महालेखा नियंत्रक से कराने की मांग की है।
राज्यपाल को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि बार काउंसिल अधिवक्ता अधिनियम 1961 के तहत उत्तराखंड सरकार का निकाय है, जिसका ऑडिट सरकार की संस्था महालेखा नियंत्रक से करवाया जाना जरूरी है लेकिन अपने स्थापना वर्ष 2004 से अब तक उत्तराखंड बार काउंसिल के आय व्यय का ऑडिट महालेखा नियंत्रक से नहीं कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उत्तराखंड बार काउंसिल ने विधि विद्यार्थियों के पंजीकरण में लिए गए शुल्क और सरकार से समय-समय पर मिली सहायता का विधि विरुद्ध उपयोग किया है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि बार काउंसिल कार्यालय में सुप्रीम कोर्ट के उमा देवी केस में दिए गए निर्णय के विरुद्ध पिछले दरवाजे से नियुक्तियां की गईं हैं, और उन्हें नियमित भी कर दिया गया है। चंद्रशेखर तिवारी ने इन अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच जी मांग की है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 15 दिसम्बर 2020। राज्य को नया सीएससी यानी मुख्य स्थायी अधिवक्ता मिल गया है। प्रदेश सरकार ने राज्य के अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत को मुख्य स्थायी अधिवक्ता नियुक्त कर दिया है। परेश त्रिपाठी के निधन के बाद से यह पद खाली चल रहा था। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय में मुख्य स्थायी अधिवक्ता प्रदेश सरकार के अधिवक्ताओं में महाधिवक्ता के बाद सबसे अहम पद होता है।

अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के नये सीएससी नैनीताल मुख्यालय के निवासी हैं। हालांकि वह जनपद के दूरस्थ बेतालघाट विकासखंड के ग्राम नौघर जैसे दुर्गम ग्रामीण अंचल में पले बढ़े हैं। उन्होंने स्नातक की शिक्षा रानीखेत महाविद्यालय से ली है। इस दौरान उन्होंने वहां छात्रसंघ के महासचिव का चुनाव भी जीता। इसके बाद वह राष्ट्रवादी छात्र संगठन-अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में तहसील प्रमुख, विभाग प्रमुख एवं पूर्णकालिक विभाग संगठन मंत्री के रूप में संगठन में रहे, और उत्तराखंड आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर भूमिका निभाई। उन्होंने पिथौरागढ़ से बीएड की डिग्री भी ली तथा विधि की शिक्षा एसएसजे परिसर अल्मोड़ा से 2003 में पूरी करने के बाद से वह अधिवक्ता व्यवसाय में और इधर मई 2017 से अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता बनाया गया था। उन्हें सीएससी बनाए जाने की जानकारी प्राप्त होने के बाद से उन्हें शुभकामनाएं-बधाई देने का लंबा सिलसिला शुरू हो गया है। अन्य के साथ ही हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सैयद नदीम मून, नवीन जोशी ‘कन्नू’, हरीश राणा, भारत मेहरा सहित अनेक लोगों ने उन्हें बधाई दी है।

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-राज्य के 16 हजार पंजीकृत अधिवक्ताओं में से 4069 को मिले प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी यह प्रमाण पत्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 3 नवम्बर 2020। उत्तराखंड बार कौंसिल ने अधिवक्ताओं के सत्यापन के कार्य में तेजी ला दी है। गत 27 अक्टूबर को 1200 और इससे पूर्व 19 अक्टूबर को बार कौंसिल ने 500 अधिवक्ताओं का सत्यापन किया था। अब पुनः मंगलवार को पुनः बार कौंसिल के सदस्य राकेश गुप्त की अध्यक्षता में उपाध्यक्ष राजवीर सिंह बिष्ट व अर्जुन सिंह भंडारी की समिति ने 1000 अधिवक्ताओं की पत्रावलियों का सत्यापन कर उन्हें जांच के उपरांत ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ देने के आदेश दिए गए। बताया गया है कि इस तरह अब तक कुल 4069 अधिवक्ताओं को बार कौंसिल ऑफ इंडिया सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस वेरिफिकेशन नियम 2015 के अनुपालन में ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ दिए गए हैं। गौरतलब है कि राज्य में कुल मिलाकर 16 हजार से अधिक पंजीकृत अधिवक्ता हैं, जबकि इनमें से 13,500 अधिवक्ताओं के प्रपत्र सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। सभी अधिवक्ताओं को राज्य में प्रैक्टिस करने के लिए ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ लेना अनिवार्य है। इस प्रकार राज्य के करीब 75 फीसद अधिवक्ताओं के पास प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी यह सर्टिफिकेट अभी नहीं है।

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-बार कौंसिल ने 1200 अधिवक्ताओं को स्वीकृत किए ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’

-राज्य के करीब 16 हजार पंजीकृत अधिवक्ताओं में से अब तक कुल 3095 अधिवक्ताओं को ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ दिया गया है
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अक्टूबर 2020। उत्तराखंड बार कौंसिल ने करीब एक सप्ताह के अंतराल में पुनः राज्य के 1200 अधिवक्ताओं का सत्यापन कर दिया है। इससे पूर्व गत 19 अक्टूबर को बार कौंसिल ने 500 अधिवक्ताओं का सत्यापन किया था। बार कौंसिल के सचिव विजय सिंह ने मंगलवार को बताया कि बार कौंसिल ऑफ इंडिया सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस वेरिफिकेशन नियम 2015 के अनुपालन में प्रशासनिक समिति की बैठक में 1200 अधिवक्ताओं की सत्यापन प्राप्त पत्रावलियों की जांच के बाद ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ देने के आदेश दिए गए। समिति की दो बैठकंे उत्तराखंड बार कौंसिल के उपाध्यक्ष राजवीर सिंह बिष्ट की अध्यक्षता व सदस्य राकेश गुप्ता, रंजन सोलंकी व अर्जुन सिंह भंडारी की मौजूदगी में तथा उपाध्यक्ष राजवीर सिंह बिष्ट की अध्यक्षता व सदस्य प्रभात कुमार चौधरी, मेहरमान सिंह कोरंगा व नंदन सिंह कन्याल की मौजूदगी में हुईं। उन्होंने बताया कि इन्हें मिलाकर अब तक कुल 3095 अधिवक्ताओं को ही ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ दिया गया है। इधर बताया गया है कि राज्य में कुल मिलाकर 16 हजार से अधिक पंजीकृत अधिवक्ता हैं, जबकि इनमें से 13,500 अधिवक्ताओं के प्रपत्र सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। सभी अधिवक्ताओं को राज्य में प्रैक्टिस करने के लिए ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ लेना अनिवार्य है। इस प्रकार राज्य के करीब 80 फीसद अधिवक्ताओं के पास प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी यह सर्टिफिकेट अभी नहीं है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अक्टूबर 2020। उत्तराखंड बार कौंसिल ने राज्य के 500 अधिवक्ताओं का सत्यापन कर दिया है। उत्तराखंड बार कौंसिल के सचिव ने मंगलवार को बताया कि बार कौंसिल ऑफ इंडिया सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस वेरिफिकेशन नियम 2015 के अनुपालन में सोमवार को प्रशासनिक समिति की बैठक में 500 अधिवक्ताओं की सत्यापन प्राप्त पत्रावलियों की जांच के बाद ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ देने के आदेश दिए गए। समिति की बैठक समिति के सदस्य राकेश गुप्ता की अध्यक्षता एवं उत्तराखंड बार कौंसिल के उपाध्यक्ष राजवीर सिंह बिष्ट व सदस्य अर्जुन सिंह भंडारी की मौजूदगी में हुई। उन्होंने बताया कि इन्हें मिलाकर अब तक कुल 1895 अधिवक्ताओं को ही ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ दिया गया है। इधर बताया गया है कि राज्य में कुल मिलाकर 16 हजार से अधिक पंजीकृत अधिवक्ता हैं, जबकि इनमें से 13,500 अधिवक्ताओं के प्रपत्र सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। सभी अधिवक्ताओं को राज्य में प्रैक्टिस करने के लिए ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ लेना अनिवार्य है। इस प्रकार राज्य के करीब 90 फीसद अधिवक्ताओं के पास प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी यह सर्टिफिकेट अभी नहीं है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2020। उत्तराखंड हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव एक बार पुनः स्थगित हो गए हैं। मंगलवार को हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आहूत हुई सामान्य बैठक में निर्णय लिया गया कि चुनाव की स्थिति सामान्य होने तक वर्तमान कार्यकारिणी ही अपने पूर्ण अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करे। वर्तमान परिस्थितियों में चुनाव कराना संभव नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व दो सितंबर को हुई आम सभा में भी चुनाव स्थगित करने का निर्णय लिया गया था।
आज की बैठक में कोरम पूरा न हो पाने के कारण आगे कोरोना महामारीकी स्थिति सामान्य होने पर एक सामान्य बैठक आहूत की जाएगी, और उसमें चुनाव कराने पर निर्णय लिया जाएगा। बताया गया कि आज की बैठक में 28 अधिवक्ता ही उपस्थित रहे और इनमें से कुछ ने चुनाव करवाने, जबकि अन्य ने कोरोना की महामारी अभी जारी रहने एवं केंद्र व राज्य सरकार के 200 व्यक्तियों की संख्या से अधिक एकत्र न होने के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए चुनाव कराने से इंकार किया। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता वीपी नौटियाल, सैयद नदीम खुर्शीद, केएस रौतेला, ललित बेलवाल, बिंदेश कुमार गुप्ता, अनुराग बिसारिया, विनोद तिवारी, संदीप तिवारी, कैलाश तिवारी, पूरन रावत, विकास बहुगुणा, मानव शर्मा, डीसीएस रावत, डीके जोशी, शशांक उपाध्याय, शिवांगी गंगवार, शुभांगिनी द्विवेदी व वीर कुंवर सिंह आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : उच्च न्यायालय में राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता पद से दिया इस्तीफा, PM-BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी भेजी शिकायत

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 सितंबर 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता पद पर कार्यरत अनुराग बिसारिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश के महाधिवक्ता को भेजे गए इस्तीफे में श्री बिसारिया का कहना है कि कुछ दिनों के घटनाक्रम के बाद उन्हें प्रदेश के मुख्य स्थायी अधिवक्ता के साथ प्रतिबद्ध होकर कार्य करना सम्मानजनक एवं व्यवहारिक नहीं रह गया है। साथ ही कोविड-19 के कारण 17 अधिवक्ताओं की आबद्धता समाप्त करने को अमानवीय बताते हुए उन्होंन 15 अधिवक्ताओं की आबद्धता का उच्चीकरण व 14 नये अधिवक्ताओं की आबद्धता को राज्य पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला तथा अधिवक्ताओं की वरिष्ठता, कनिष्ठता, कार्य के प्रति प्रतिबद्धता व निष्क्रियता से इतर निजी पसंद-नापसंद से जुड़ा होना एवं येन-केन प्रकारेण अपने पांव पसारने वाले अधिवक्ताओं का अनावश्यक पोषण बताया है। साथ ही कहा है इससे बेहतर अनियमित स्टेनोग्राफरों को नियमित करना एवं 10-15 नये कुशल नियमित अथवा संविदा स्टेनोग्राफरों की नियुक्ति करना रहता। पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश की राज्यपाल, मुख्यमंत्री, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश के न्याय एवं विधि परामर्श सचिव को भी भेजी गई हैं।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के 51 अधिवक्ताओं के खिलाफ शिकायतें, जांच करने को बनी समितियां

नवीन समाचार, नैनीताल, 07 सितंबर 2020। उत्तराखंड बार काउंसिल को राज्य के उच्च न्यायालय एवं जिला अदालतों में प्रैक्टिस कर रहे 51 अधिवक्ताओं के खिलाफ प्रमाण पत्रों के फर्जी होने तथा विपक्षी अधिवक्ताओं से मिलीभगत कर मामले निपटाने जैसी शिकायतें मिली हैं। बार काउंसिल के चेयरमैन सुरेंद्र पुंडीर ने इस संबंध में हुई बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि 51 शिकायतों में से 6 शिकायतें अन्य न्यायालयों में विचाराधीन हैं। 8 शिकायतें सुनवाई में एक वर्ष से अधिक का अधिक का समय बीत जाने के कारण नियमानुसार बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजी जाएंगी। जबकि शेष में से तीन शिकायतें अगली बैठक के लिए संदर्भित की गई हैं, और शेष शिकायतें कमेटियों को कार्रवाई के लिए संदर्भित की गई है। इनके अलावा अधिवक्ताओं के सत्यापन की करीब 4500 फाइलों के लिए दो समितियों व अपीलीय ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है। साथ ही बार काउंसिल का सर्टिफिकेट अब अंग्रेजी के साथ हिंदी में देना भी तय किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ताओं में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार तथा आरोपी अधिवक्ताओं में नैनीताल, चमोली, हरिद्वार, काशीपुर, हल्द्वानी, ऋषिकेश, कोटद्वार के अधिवक्ता शामिल बताए हैं, जबकि शिकायतों में फर्जी डिग्री से वकालत करने के साथ ही अधिवक्ता अधिनियम की धारा-36 बी के तहत मामलों को विपक्षी से मिलीभगत कर निपटाने के आरोप भी शामिल है। आरोपित अधिवक्ताओं में सरकार की ओर से उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण पदों पर नामित दो अधिवक्ता भी शामिल बताए गए हैं। समितियों में उत्तराखंड बार काउंसिल के चेयरमैन सुरेंद्र पुंडीर, उपाध्यक्ष राजवीर सिंह बिष्ट, बार काउंसिल सदस्य नंदन सिंह कन्याल, अर्जुन पंडित, अर्जुन भंडारी, कुलदीप सिंह, मेहरबान सिंह कोरंगा, राकेश गुप्ता, प्रभात चौधरी भी हैं। असल में बार काउंसिल को अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार है। बताया गया है कि उत्तराखंड बार काउंसिल चार हजार अधिवक्ताओं की पत्रावलियांे का सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रेक्टिस के नियम-2015 के तहत निरीक्षण कर चुका है। इन सभी को जल्द बार काउंसिल का सदस्यता प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।

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-कोरोना का हवाला देते हुए निर्णय लिया कि जब तक कोरोना की महामारी की स्थिति सामान्य होने तक वर्तमान कार्यकारिणी ही बार के समस्त कार्यों का निर्वहन करेगी
नवीन समाचार, नैनीताल, 02 सितंबर 2020। उत्तराखंड हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव स्थगित हो गए हैं। बुधवार को हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आहूत हुई आम सभा के बाद बार के महासचिव जयवर्धन कांडपाल के हवाले से यह जानकारी दी गई। बताया गया कि बैठक में मुख्य रूप से शारीरिक रूप से उपस्थित होकर मामलों की सुनवाई एवं हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनावों पर चर्चा की गई। बैठक में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से कोरोना संक्रमितों की संख्या के लगातार बढ़ने को देखते हुए निर्णय लिया कि जब तक कोरोना की महामारी की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, वर्तमान कार्यकारिणी ही बार के समस्त कार्यों का निर्वहन करेगी।
यह भी कहा गया कि वर्तमान में उच्च न्यायालय मे ंजैसी स्थिति में कार्य चल रहा है, उसे उसी प्रकार से चलते रहने दिया जाय, तथा कुछ समय पश्चात यदि स्थिति सामान्य होती है तो आम सभा पुनः बुलाकर उस पर सदस्यों द्वारा विचार कर लिया जाएगा। बैठक बार के अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट की अध्यक्षता एवं जयवर्धन कांडपाल के संचालन में हुई। बैठक में उपाध्यक्ष श्रुति जोशी, बीपी नौटियाल, एसके जैन, पूर्व अध्यक्ष सैयद नदीम मून व ललित बेलवाल, बिंदेश कुमार गुप्ता, राजेश जोशी, कमलेश तिवारी, संदीप तिवारी, विकास बहुगुणा, पूरन रावत, एमके गोयल, डीके जोशी, डीसीएस रावत, एमके पपनोई, वीर कुंवर सिंह, प्रतिरूप पांडे, कार्तिकेय हरि गुप्ता, चंद्रशेखर जोशी व शशि कांत शांडिल्य आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : यह क्या ? 4 दिन पहले 17 अधिवक्ता हटाए, अब 29 नये बना दिये

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अगस्त 2020। गत 17 अगस्त को उत्तराखंड शासन ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पैरवी के लिए वर्ष 2014 में आबद्ध किए दो उपमहाधिवक्ता, एक-एक सहायक महाधिवक्ता एवं स्थायी अधिवक्ता तथा 13 वादधारकों सहित 17 अधिवक्ताओं को हटा दिया था। अब आज चार उप महाधिवक्ता, 10 अपर महाधिवक्ता, चार-चार स्थायी अधिवक्ता व सहायक शासकी अधिवक्ता एवं 7 वादधारकों की नियुक्ति कर दी है। पहले 17 अधिवक्ताओं को हटाने व अब 29 को बनाने पर अधिवक्ता जगत में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। लोग इसे ‘सेटिंग-गेटिंग’ और अधिवक्ताओं की प्रतिभा से भी जोड़ कर देख रहे हैं। वहीं इस बात पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि हटाते समय कोरोना काल में सरकार की खराब आर्थिक दशा को इसका कारण बताया जा रहा था। यदि ऐसा है तो पहले से अधिक अधिवक्ताओं की नियुक्ति कर सरकार क्या संदेश देना चाहती है।

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यह भी पढ़ें : सरकार ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय से हटाये दो उपमहाधिवक्ता, एक-एक सहायक महाधिवक्ता व स्थायी अधिवक्ता तथा 13 वादधारक, लग रहे कयास

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अगस्त 2020। उत्तराखंड शासन ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पैरवी के लिए वर्ष 2014 में आबद्ध किए 17 अधिवक्ताओं को हटा दिया है। इनमें दो उपमहाधिवक्ता, एक-एक सहायक महाधिवक्ता एवं स्थायी अधिवक्ता तथा 13 वादधारक शामिल हैं। जिन अधिवक्ताओं की आबद्धता समाप्त की गई है उसमें, उपमहाधिवक्ता संदीप टंडन, उपमहाधिवक्ता सुधीर कुमार चौधरी, सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेम सिंह बोहरा, स्थायी अधिवक्ता सुहास रतन जोशी तथा वाद धारक सीमा साह, गीता परिहार, कल्याण सिंह मेहता, अनिरुद्ध भट्ट, फरीदा सिद्दकी, अतुल बहुगुणा, शिवाली जोशी, सौरभ कुमार पांडेय, दर्शन सिंह बिष्ट, प्रीता भट्ट, उमेश बेलवाल, संगीता भारद्वाज, अक्षय लटवाल शामिल हैं।

बताया गया है कि आबद्धता समाप्त किये गए अधिवक्ताओं में से छह पिछली सरकार में भी सरकारी अधिवक्ता एवं भाजपा व संघ के पदाधिकारियों के निकट के लोग भी शामिल हैं। आबद्धता समाप्त किये जाने का कारण कोरोना काल में सरकार की कमजोर आर्थिक स्थिति को बताया जा रहा है, जबकि अन्य निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। क्योंकि 17 अधिवक्ताओं को हटाये जाने से सरकार की आर्थिक सेहत पर पड़ने वाला प्रभाव मामूली ही हो सकता है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल सहित देश की दो हजार से अधिक महिला अधिवक्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र भेजकर लगाई गुहार

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2020। दो हजार से अधिक महिला अधिवक्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री को प्रत्यावेदन भेजकर कोरोना के कारण आर्थिक तंगी झेल रहे अधिवक्ता समाज के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2015 के अंतर्गत सहायता एवं अप्रत्यक्ष (वर्चुअल) न्यायालयों के ढांचे को सुधारने की गुहार लगाई है। प्रत्यावेदन में महिला अधिवक्ताओं ने लॉकडाउन के कारण मार्च 2020 से न्यायिक प्रणाली के सुचारू रूप से पूर्णतः कार्य न करने से आर्थिक तंगी झेल रहे समस्त अधिवक्ता समाज के लिए उचित नियम एवं शर्तों पर आसान किश्तों पर ऋण दिए जाने की पीड़ा को समझते हुए की गुहार भारत के गृहमंत्री के समक्ष उठाई है। 21 जुलाई 2020 को प्रारम्भ किए गए इस हस्ताक्षर अभियान में 2000 से अधिक महिला अधिवक्ताओं ने इस पहल के लिए अपनी सहमति जताई है। प्रत्यावेदन की प्रतियां प्रधानमंत्री, विधि एवं न्याय मंत्री तथा वित्त मंत्री कार्यालय भी भेजी गई हैं।
प्रत्यावेदन में महिला अधिवक्ताओं ने कहा है कि अनलॉक की प्रक्रिया के दौरान न्यायालय बहुत ही कम कार्य कर पा रहे हैं। ऐसे में अप्रत्यक्ष (वर्चुअल) न्यायालयों की आवश्यकता एवं प्रासंगिकता बढ़ गयी है। अधिकतर अधिवक्ताओं के पास लैपटॉप, स्कैनर, अच्छे सिग्नल हेतु उचित मानक वाले वाईफाई जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि जैसा उचित ढांचा नहीं है। विभिन्न बार एसोसिएशन भी इस सबके लिये सक्षम नहीं दिखायी पड़ती हैं। इस कारण अधिवक्ता न्याय निष्पादन प्रणाली को उचित प्रकार से सहायता नहीं कर पा रहे हैं। यदि मंत्रालय इस प्रत्यावेदन की सुनवाई करता है तो उनका यह कदम समस्त अधिवक्ता समाज को कोरोना के कारण झेल रहे आर्थिक तंगी से उबारने में एवं भविष्य के अप्रत्यक्ष (वर्चुअल) न्यायालयों के ढांचे को सुधारने व न्याय की सुलभ पहुंच में आम आदमी के हितों को भी सुनिश्चित करने में सहायक होगा। प्रत्यावेदन भेजने वालों में उत्तराखंड से जानकी सूर्या, ममता जोशी, दीपशिखा पंत जोशी, शैलबाला नेगी, अल्का चोपड़ा, गौरा देवी, पुष्पा भट्ट, सीमा चौधरी, नेहा शर्मा, दीपा आर्या, आदि महिला अधिवक्ता शामिल हैं।

यह भी पढ़ें : बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड ने अधिवक्ताओं के खिले खोली तिजोरी

-आर्थिक रूप से कमजोर 2807 अधिवक्ताओं को पांच-पांच हजार, 65 अधिवक्ताओं के नॉमिनीज को 44.37 लाख एवं 26 दिवंगत अधिवक्ताओं के नॉमिनीज को 26 लाख की धनराशि अवमुक्त
नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जून 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों पर बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड 2460 अधिवक्ताओं के बैंक खातों में पांच हजार रुपए की धनराशि स्थानांतरित करने जा रहा है। बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड के सचिव विजय सिंह ने बताया कि कौंसिल को आर्थिक मदद के लिए कुल 2807 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 199 आवेदन निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करने के कारण निरस्त कर दिये गये, साथ ही 148 ओवदन प्रिंट साफ नहीं होने के कारण सूची में शामिल नहीं किये गये। इनके अलावा एडवोकेट वेलफेयर कमेटी के जरिये वर्ष 2017 से लंबित 65 क्लेम के वादों का निपटारा किया गया और 44 लाख 37 हजार 905 रुपए का भुगतान संबंधित अधिवक्ताओं के नॉमिनीज को किया गया। साथ ही उत्तराखंड इस्टेब्लिसमेंट फंड कमेटी के द्वारा 28 वादों का निस्तारण कर 26 दिवंगत अधिवक्ताओं के नॉमिनीज को 26 लाख रुपए की धनराशि दी गई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मई 2020। उत्तराखंड बार कौंसिल की अधिवक्ता कल्याण न्यास से उत्तराखंड के उन सभी अधिवक्ताओ को लाभ मिल सकेगा, जिनके द्वारा आल इंडिया बार एग्जाम पास की हुई है। इसमे रजिस्ट्रेशन के वर्ष की कोई बाध्यता नही है। बार कौंिसल के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने बताया कि 2 मई 2020 को उच्च न्यायालय उत्तराखंड के आदेश के पालन में अधिवक्ताओ को आर्थिक सहायता प्रदान करने के संबंध मे यह तय किया गया है। 

इसके अलावा सदस्यों के सुझाव पर बिंदु संख्या सात व आठ पर भी पुर्नविचार किया गया है। अधिवक्ता का आवास न होने संबंधी बिंदु पर यह छूट दे दी गई है कि यह नियम पैतृक आवास के लिये लागू नहीं होगा। यानी उन अधिवक्ताओं को भी छूट मिल सकेगी जिनके प्रैक्टिस करने वाले शहर में पैतृक आवास होंगे। उल्लेखनीय है कि बिंदु संख्या सात में अधिवक्ता एवं उसकी पत्नी, पिता, मां, बेटा व अविवाहित पुत्री के नाम उसके द्वारा प्रेक्टिस किये जाने वाले शहर में आवास नहीं होने पर ही पात्र होने का प्राविधान किया गया था। वहीं बिंदु संख्या आठ के लिए कहा गया है कि अब बिंदु संख्या आठ का प्राविधान आवेदन पत्र भरते समय लागू नहीं होंगे। यानी क्रम संख्या नौ को निष्प्रभावी माना जायेगा। उल्लेखनीय है कि बिंदु संख्या आठ में अधिवक्ता एवं उसकी पत्नी, पिता, मां, बेटा व अविवाहित पुत्री के नाम कृषि भूमि नहीं होने पर ही पात्र होने का प्राविधान किया गया था। यह भी तय किया गया है कि आवेदन पत्रों की जांच करते हुए किसी भी आवेदन पत्र की गंभीरता को देखते हुए दिशा-निर्देशों में दिये गये नियमों में कमेटी द्वारा शिथिलता भी दी जा सकती है। 

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-12 जून 2010 से पहले बार काउंसिल में पंजीकरण, प्रेक्टिस वाले शहर में घर, वाहन व अन्य नौकरी न होने की लगाई शर्त
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2020। उत्तराखंड अधिवक्ता कल्याण कोष कमेटी ने देशव्यापी लॉक डाउन के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे अधिवक्ताओं को पांच हजार रुपये की मदद देने के लिए दिशा-निर्देश तय कर दिये हैं। शनिवार को विडियो कांफ्रेंसिंग से हुई बैठक में तय हुआ कि इस आर्थिक मदद के लिये वे अधिवक्ता ही पात्र होंगे जो 12 जून 2010 से पहले बार काउंसिल में पंजीकृत होंगे और उनका उस शहर में अपना घर न हो जहां वे प्रेक्टिस करते हैं। ऐसे अधिवक्ता के पास वाहन भी नहीं होना चाहिये और वे किसी संस्था से वेतन या पेंशन न लेते हों। इसके अलावा कई अन्य शर्तें भी आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिये लगाई गई हैं।
बैठक में यह भी तय हुआ कि उत्तराखंड बार काउंसिल से आर्थिक सहायता हेतु आवेदन पत्र हेतु फार्म का प्रारूप बनाकर उसे समस्त बार एसोसिएशनों को भेज जाएगा। यह फार्म बार काउंसिल की वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है। जरूरतमंद अधिवक्ताओं को फार्म अपने बार के अध्यक्ष व सचिव से सत्यापित कराकर 18 मई से पूर्व ऑन लाइन बार काउंसिल कार्यालय में जमा करना होगा। इन आवेदन पत्रों की जांच हेतु एक कमेटी का भी गठन किया गया है, जिसमें प्रदेश के महाधिवक्ता, उत्तराखंड बार काउंसिल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, राज्य के विधि सचिव व अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष को शामिल किया गया है। इस कमेटी की जांच के बाद आर्थिक मदद आवेदक के बैंक खाते में जमा की जाएगी। बैठक में बार कौंसिल उत्तराखंड के सचिव सुरेंद्र पुंडीर, बार कौंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डीके शर्मा एवं उत्तराखंड सरकार के महाधिवक्ता व उत्तराखंड अधिवक्ता कल्याण कोष कमेटी के अध्यक्ष एसएन बाबुलकर मौजूद रहे।

जरूरतमंद अधिवक्ताओं को मदद मिलना मुश्किल
नैनीताल। जरूरतमंद अधिवक्ताओं को मदद देने के लिए जो शर्तें रखी गयी हैं, उनसे वास्तविक जरूरतमंदों को मदद मिलनी मुश्किल लगती है। पहला कारण यह कि पात्रता के लिए 12 जून 2010 से पूर्व का यानी करीब 10 वर्ष पुराना पंजीकरण होना चाहिए। जबकि पुराने नहीं नये अधिवक्ता अधिक जरूरतमंद हो सकते हैं। यह भी कम ही संभव है कि 10 वर्ष से प्रेक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं के पास अपना घर, वाहन नहीं होगा। यह भी कहा जा रहा है कि खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकांश स्थानीय अधिवक्ताओं के अपने घर होते हैं। केवल बाहरी अधिवक्ताओं के ही घर नहीं होते हैं। ऐसे में स्थानीय जरूरतमंद अधिवक्ताओं को भी इसका लाभ नहीं मिलेगा। केवल बाहरी अधिवक्ताओं को ही लाभ मिल पायेगा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मई 2020। उत्तराखंड बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजबीर सिंह बिष्ट ने कहा कि राज्य के सभी जरूरतमंद अधिवक्ताओं को काउंसिल की ओर से मदद दी जाएगी। उन्होंने सभी जरूरतमंद अधिवक्ताओं को बार काउंसिल से सहायता राशि दिए जाने बाबत शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, बार काउंसिल के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर एवं सदस्यों तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डीके शर्मा से बैठक के बाद यह बात कही। बताया कि बैठक में अधिवक्ताओं की भावना व आवश्यकताओं को देखते हुए यह मांग स्वीकार कर ली गई है। .अब सभी जरूरतमंद अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि पहले पांच वर्ष से कम प्रेक्टिस वाले अधिवक्ताओं को ही पांच हजार रुपए की आर्थिक मदद दिये जाने की बात कही गयी थी। लेकिन अब सभी जरूरतमंद अधिवक्ताओं को यह मदद मिल सकेगी। अलबत्ता, जरूरतमंद होने की पात्रता के लिये बार काउंसिल में एक प्रारूप तैयार किया जा रहा है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अप्रैल 2020। देशव्यापी लॉक डाउन से राज्य के युवा अधिवक्ताओं के समक्ष उत्पन्न आर्थिक संकट में उनकी आर्थिक मदद किये जाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका की आज विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि अधिवक्ता कल्याण कोष में दो करोड़ रुपये की व्यवस्था हो गई है। आगे इसे एक योजना बनाकर युवा अधिवक्ताओं को बांटा जाएगा ।

कहना गलत न होगा कि अधिवक्ता अपनी समस्याओं को उठाने के लिए समर्थ हैं। उन्होंने आवाज उठाई और बड़ी धनराशि प्राप्त भी कर ली। लेकिन ऐसे बहुत से पेशेवर, गैर नौकरीपेशा मध्यमवर्गीय लोग हैं जो ऐसे आवाज नहीं उठा सकते। स्वयं सबकी खबर लिखने वाले पत्रकार। वे कोरोना के खतरे के बावजूद लड़ रहे हैं लेकिन उनकी आय भी इस दौरान बुरी तरह से प्रभावित हुई है। कई समाचार पत्र संस्थान तो उनका वेतन भी काट चुके हैं। लेकिन उनके बारे में न सरकार के स्तर से ही चिंता हुई है और न किसी अन्य वर्ग से। अलबत्ता अन्य वर्गों की समस्याएं उठाने का अपना धर्म जरूर निभा रहे हैं।

न्यायमूर्ति मनोज तिवारी व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खण्डपीठ के समक्ष हुई सुनवाई में राज्य के महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने 78.50 लाख रुपये अधिवक्ता कल्याण कोष कमेटी के खाते में अवमुक्त कर दिये हैं और लगभग इतनी ही राशि उत्तराखंड बार कौंसिल के पास व कुछ राशि अन्य खातों में है। इस राशि को अब राज्य के उन युवा अधिवक्ताओं को बांटा जाएगा जिनकी प्रैक्टिस पांच साल से कम है। उन्होंने बताया कि अधिवक्ता कल्याण कोष कमेटी जरूरतमंद अधिवक्ताओं से आवेदन पत्र मंगाएं जाएंगे। इस हेतु एक आवेदन पत्र सभी बार एसोसिएशननों को भेजा जाएगा। जिसके बाद आर्थिक मदद दी जाएगी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कार्तिकेय गुप्ता ने हाईकोर्ट व राज्य सरकार के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि युवा अधिवक्ताओं को इस मदद से कुछ हद तक राहत मिलेगी। उल्लेखनीय है कि देहरादून के अधिवक्ता मनमोहन कंडवाल व अन्य ने जनहित याचिका दायर कर कोरोना वायरस से बचाव के लिये हुये देशव्यापी लॉक डाउन से अधिवक्ताओं का काम ठप होने व उनकी आर्थिक स्थिति खराब होने को ध्यान में रखते हुए उनकी आर्थिक मदद की मांग की थी। सरकार व बार कौंसिल के इस वक्तव्य के बाद याचिका निस्तारित कर दी गई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2020। उत्तराखंड बार काउंसिल की अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति को शासन से अधिवक्ताओं के पंजीकरण के साथ ली जाने वाली 500 रूपए के स्टांप की धनराशि के सापेक्ष 78 लाख 50 हजा रुपए की धनराशि मिल गयी है। इस संबंध में उत्तराखंड कार काउंसिल के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने बताया कि गत 20 अप्रैल को बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड की कार्यकारिणी की बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2004 से अधिवक्ताओं के पंजीकरण के साथ ली जाने वाली 500 रूपए के स्टाम्प की धनराशि के सापेक्ष कुल 78.5 लाख रुपए की धनराशि को प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि परामर्शी उत्तराखंड शासन से अधिवक्ता वेलफेयर फण्ड न्यासी समिति के खाते में हस्तांतरित किये जाने के सम्बन्ध में एक पत्र प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि परामर्शी, उत्तराखंड शासन को बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड की ओर से भेजा गया था। जिसका संज्ञान लेते हुए अधिवक्ता वेलफेयर फंड न्यासी समिति के अध्यक्ष-प्रदेश के महाधिवक्ता के द्वारा 20 अप्रैल को ही एक बैठक वीडियो कॉॅफ्रेंसिंग के माध्यम से की गयी थी, जिसमें बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड के चेयरमैन, प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि परामर्शी, तथा हाईकोर्ट के अधिवक्ता पीयूष गर्ग ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की थी। उस बैठक में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए उत्तराखंड सरकार से उत्तराखंड के अधिवक्तागण की लंबित धनराशि 78.5 लाख रूपए शीघ्रातिशीघ्र अधिवक्ता वेलफेयर फण्ड अकाउंट में हस्तांतरित करने हेतु आग्रह किया गया था। आज बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड की मांग को मानते हुए उत्तराखंड सरकार ने 78.5 लाख रूपए की धनराशि अधिवक्ता वेलफेयर फण्ड के खाते में हस्तांतरित करने की प्रदेश के राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। श्री पुंडीर ने आशा जताई है कि इस धनराशि से कोविद-19 की वैश्विक महामारी में अपने जरूरतमंद अधिवक्ताओं की आर्थिक सहायता कर सकेंगे। इस कार्य के लिए उन्होंने प्रदेश के महाधिवक्ता तथा बार कौंसिल के सभी सदस्यों व अधिवक्ताओं का आभार भी जताया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 24 अप्रैल 2020। उत्तराखंड बार कौंसिल के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पुंडीर ने बार कौंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर देशव्यापी लॉक डाउन के बीच उत्तराखंड के युवा अधिवक्ताओं की आर्थिक मदद हेतु उत्तराखंड बार कौंसिल को फंड जारी करने की मांग की है। पत्र में कहा गया गया है कि उत्तराखंड एडवोकेट वेल्फेयर फंड ट्रस्टी कमेटी ने एडवोकेट वेलफेयर फंड एक्ट 1974 के तहत राज्य सरकार से फंड की मांग की है। इस कमेटी के पदेन अध्यक्ष एडवोकेट जनरल हैं जबकि बार कौंसिल अध्यक्ष व राज्य के न्याय सचिव इसके सदस्य हैं। कमेटी के आग्रह पर राज्य सरकार से मिलने वाले फंड से बार कौंसिल उत्तराखंड में पंजीकृत सभी युवा अधिवक्ताओं की मदद नहीं की जा सकती। इसलिये बार कौंसिल ऑफ इंडिया के नियम संख्या 40 व 41 के तहत पंजीकरण के समय अधिवक्ताओं द्वारा दिये जाने वाले शुल्क में से फंड उत्तराखंड बार कौंसिल को अवमुक्त किया जाये। इसके अलावा बार कौंसिल ऑफ इंडिया से 1 करोड़ का फंड अलग से जारी किया जाये। उल्लेखनीय है कि राज्य के युवा अधिवक्ताओं की आर्थिक मदद हेतु उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका विचाराधीन है। जिसकी सुनवाई के दौरान विगत दिवस हाईकोर्ट ने उत्तराखंड बार कौंसिल को निर्देश दिया था कि वह बार कौंसिल ऑफ इंडिया से पत्राचार कर फंड हेतु निवेदन करे, साथ ही बार कौंसिल ऑफ इंडिया को इस मांग पर 27 अप्रैल तक निर्णय लेने को कहा है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अप्रैल 2020। उत्तराखंड हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति मनोज तिवारी व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने देशव्यापी लॉक डाउन के कारण युवा अधिवक्ताओं के समक्ष उत्पन्न आर्थिक संकट को देखते हुए उन्हें आर्थिक राहत देने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य के वित्त सचिव, उत्तराखंड बार कौंसिल व बार कौंसिल ऑफ इंडिया से अधिवक्ता कल्याण निधि में धनराशि जमा करने के संदर्भ में 27 अप्रैल तक निर्णय लेने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई अब 28 अप्रैल को होगी।
बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई के दौरान बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड द्वारा कोर्ट को बताया गया है कि राज्य के न्याय सचिव ने वित्त सचिव को पत्र लिखकर अधिवक्ता कल्याण निधि हेतु फंड जारी करने की संस्तुति की है जो राज्य के वित्त सचिव के स्तर पर लंबित है। खंडपीठ ने प्रमुख सचिव वित्त से इस मामले में 27 अप्रैल तक निर्णय लेने को कहा है। कोर्ट ने उत्तराखंड बार कौंसिल से बार काउंसिल ऑफ इंडिया से भी फंड की मांग करने को कहा है। साथ ही बार कौंसिल ऑफ इंडिया से भी इस संदर्भ में 27 अप्रैल तक निर्णय लेने को कहा है।
मामले के अनुसार हाइकोर्ट के अधिवक्ता मुकेश रावत, देहरादून बार एसोसिएशन के अधिवक्ता अनिल कुमार शर्मा व अधिवक्ता मनमोहन कंडवाल की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि करीब एक माह से न्यायिक कार्य बंद होने से कई अधिवक्ताओं के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। इसलिये ऐसे अधिवक्ताओं को सरकार मार्च व बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड मार्च, अप्रैल व मई माह में दस-दस हजार व पंजीकृत अधिवक्ता क्लर्कों को पांच-पांच हजार प्रति माह राहत राशि दे।

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-अधिवक्ताओं को लॉक डाउन से राहत के लिए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से 48 घंटे में मांगा जवाब
नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अप्रैल 2020। देशव्यापी लॉक डाउन के कारण अधिवक्ताओं को आर्थिक राहत पैकेज देने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार को 48 घण्टे में जवाब दाखिल कर यह बताने को कहा है कि सरकार इस बारे में क्या कर सकती है। मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।
उल्लेखनीय है कि देहरादून जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल, आधिवक्ता मुकेश रावत, अधिवक्ता अनिल कुमार शर्मा व अधिवक्ता मनमोहन कंडवाल की ओर से दायर इस जनहित याचिका में कहा गया है कि करीब एक माह से न्यायिक कार्य बंद होने से तमाम अधिवक्ताओं के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। इसलिये ऐसे अधिवक्ताओं को सरकार मार्च व बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड मार्च, अप्रैल व मई माह में दस-दस हजार व पंजीकृत अधिवक्ता क्लर्कों को पांच-पाँच हजार प्रति माह राहत राशि दे। साथ ही मकान मालिकों से किराया माफ कराया जाये और निजी स्कूलों से अधिवक्ताओं के बच्चों से तीन माह की फीस न लेने के आदेश दिए जाएं। याचिका में अधिवक्ताओं को लॉक डाउन के दौरान कोर्ट आने-जाने हेतु वाहन पास की सुविधा देने की भी अपील की गई है। याचिकाकर्ताओ का कहना है कि बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड में उनका पर्याप्त फंड भी जमा है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता कार्तिकेय हरि गुप्त ने पीठ के समक्ष अधिवक्ता एक्ट के हवाला देते हुए राहत देने का आदेश पारित करने की मांग की।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अप्रैल 2020। शुक्रवार को हाईकोर्ट बार काउंसिल की कार्यकारिणी की अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में पहली बार वीडियो काफ्रेंस से आयोजित हुई बैठक में बताया गया कि कोरोना से बचाव के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपए की धनराशि दे दी गई है। साथ ही अवतार सिंह रावत, यूके उनियाल, बीसी पांडे, डीके शर्मा, विजय भट्ट, परेश त्रिपाठी, बीएस अधिकारी, केपी उपाध्याय, विकास बहुगुणा, पुष्पा जोशी, अध्यक्ष पूरन बिष्ट, महासचिव जयवर्धन कांडपाल व राजेश जोशी आदि अधिवक्ताओं के सहयोग से 143 जूनियर अधिवक्ताओं की मदद के लिए पांच-पांच हजार रुपए जमा करवाए गये हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अप्रैल 2020। उत्तराखंड हाईकोर्ट में 15 अप्रैल से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आवश्यक मामलों की सुनवाई होने को देखते हुए राज्य के महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने प्रदेश के स्टैंडिंग काउंसिल व स्टेट लॉ ऑफिसर्स व महाधिवक्ता कार्यालय के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। श्री बाबुलकर द्वारा जारी निर्देशों में स्टैंडिंग काउंसिलिंग व स्टेट लॉ ऑफिसर्स से हाईकोर्ट में जरूरी मुकदमों की सुनवाई विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने पर लगातार महाधिवक्ता कार्यालय के सम्पर्क में रहने को कहा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी सरकारी अधिवक्ता को बुलाया जा सके। साथ ही उन्होंने महाधिवक्ता कार्यालय के प्रमुख वाद अधीक्षक व एक अन्य कार्मिक से रोस्टरवार कार्यालय आने को कहा है। उन्होंने इन कार्मिकों से कार्यालय आने-जाने में कोरोना विषाणु से बचाव के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने को भी कहा है।

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-उत्तराखंड शासन से गजट नोटिफिकेशन होने के बाद अध्यक्ष पद पर सुरेंद्र पुंडीर एवं उपाध्यक्ष पद पर राजबीर सिंह बिष्ट के निर्वाचन

त्तराखंड बार काउंसिल के अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर एवं उपाध्यक्ष राजबीर सिंह बिष्ट।

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 फरवरी 2020। उत्तराखंड बार काउंसिल के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के लिए गत वर्ष 25 जून को आयोजित हुए चंुनाव में अध्यक्ष पद पर सुरेंद्र पुंडीर एवं उपाध्यक्ष पद पर राजबीर सिंह बिष्ट के निर्वाचन का गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद बुधवार को 5 वर्षों के बाद उत्तराखंड बार काउंसिल का विधिवत गठन हो गया है। आगे शीघ्र ही आम सभा आहूत करने की बात कही गयी है। 9 मई 2015 से उत्तराखंड बार काउंसिल उत्तराखंड उच्च न्यायालय के महाधिवक्ता की पदेन अध्यक्षता में चल रहा था।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 के बाद यानी 10 वर्ष के बाद 6 मई 2019 को बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पद के चुनाव हुए थे। चुनाव में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य पद पर डीके शर्मा ने बड़े अंतर से एक तरफा जीत हासिल की थी, जबकि अध्यक्ष पद पर सुरेंद्र पुंडीर को 11 एवं दूसरे प्रत्याशी सुखपाल सिंह को 10 वोट मिलने की घोषणा हुई थी। इनके अलावा एक मत निरस्त एवं एक विवादित घोषित किया गया था। विवादित मत को अपने पक्ष में बताकर और दोनों प्रत्याशियों के बीच चुनाव को ‘टाई’ बताकर परिणामों को सुखपाल सिंह के द्वारा चुनौती दी गयी थी। इस प्रकार चुनाव के विवाद में आने पर मामला विवाद के निपटारे के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया में भेजा गया था। इस पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ‘इलेक्शन ट्रिब्यूनल नंबर-3’ के निर्देशों पर 25 जून 2019 को हुए चुनाव में अध्यक्ष पद पर पुंडीर को बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड की 21 सदस्यीय कार्यकारिणी सदस्यों के 12 मत प्राप्त हुए हैं जबकि दूसरे प्रत्याशी सुखपाल सिंह को 9 मतों से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद पुनः परिणामों को अनुमोदन के लिए निर्वाचन अधिकारी -उत्तराखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बीसी कांडपाल ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को अपनी रिपोर्ट के साथ भेजा था। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ‘इलेक्शन ट्रिब्यूनल नंबर-3’ के चेयरमैन-कर्नाटक उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश एसके मुखर्जी, गुजरात उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आरडी ब्यास व पटना उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश मृदुला शर्मा ने गत 17 जनवरी 2020 को इस पर निर्णय लेकर उत्तराखंड बार काउंसिल को गजट नोटिफिकेशन जारी करने के निर्देश दिये थे। इस पर न्याय विभाग द्वारा 13 फरवरी को जारी नोटिफिकेशन बुधवार को उत्तराखंड बार काउंसिल पहुंचने के बाद उत्तराखंड बार काउंसिल का गठन हो गया है।

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सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस रवींद्र भाट से सम्मान प्राप्त करते हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन बिष्ट।

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 दिसंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट को देश में न्यायिक पेशे के विकास एवं बार में उच्च स्तर बनाने, उत्कृष्ट न्यायिक कार्यों, तथा देश के उच्च न्यायालयों के बार संघों के सबसे युवा अध्यक्ष के रूप में देश के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस रवींद्र भाट के हाथों सम्मानित किया गया है। श्री बिष्ट को यह सम्मान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तथा बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के 60 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अधिवक्ता दिवस 3 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजित वृहद संगोष्ठी में प्रदान किया गया।

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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में बार के अध्यक्ष श्री बिष्ट को यह सम्मान मिलने पर हर्ष का माहोल है। उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डीके शर्मा, बार के महासचिव जयवर्धन कांडपाल, भुवनेश जोशी, चेतन जोशी, चंद्रमौलि साह, भुवन रावत, विपिन मोहन पिंगल, राजेश जोशी, उमेश बेलवाल, जगदीश बिष्ट, जानकी सूर्या, गीता परिहार, आलोक मेहरा, एसएस चौधरी, आलोक मेहरा, डीके बनकोटी, हिरेंद्र रावल, दिनेश बिष्ट व विकास पांडे सहित अनेक अधिवक्ताओं ने उन्हें इस इस उपलब्धि पर बधाई दी है।

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अब अपनी बार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सकते हैं सदस्य,
नवीन समाचार, नैनीताल, 7 दिसंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने काशीपुर बार एशोसिएशन को आदेश दिए हैं कि वह बार के सदस्य अमरीश कुमार अग्रवाल की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से बहाल करें। साथ मे न्यायालय ने यह भी आदेश पारित किया है कि कोई भी सदस्य अपनी बार के खिलाफ मामला दायर कर सकता है। उल्लेखनीय है कि पहले बार के सदस्य अपने बार के खिलाफ मामला दायर करने का अधिकार नही था।

मामले के अनुसार काशीपुर बार एशोसिएशन के निष्काशित सदस्य अमरीश कुमार अग्रवाल ने मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में विशेष अपील दायर कर कहा है कि वे काशीपुर बार एशोसिएशन के सदस्य थे परंतु बार ने बिना किसी कारण के उनकी सदस्यता निरस्त कर दी है। बार की ओर से उन पर बार एशोसिएशन की मयादाओं से बाहर जाकर कार्य करने का आरोप लगाकर उनकी सदस्यता निरस्त कर दी। याची ने अपनी सदस्यता को निरस्त करने सम्बन्धी आदेश को पहले एकलपीठ मे चुनौती दी थी। एकलपीठ ने यह आदेश देकर उनकी याचिका को निरस्त कर दिया था कि वे अपनी बार के खिलाफ मुकदमा दायर नही कर सकते हैं। कोर्ट ने उनकी सदस्यता को बहाल करते हुए यह भी आदेश पारित किया कि कोई भी सदस्य अपनी बार के खिलाफ मामला दायर कर सकता है।

 

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3 Replies to “हाईकोर्ट बार एसोसिएशन भवन के विस्तारीकरण के लिए खुली सीएम विवेकाधीन कोष की झोली

  1. प्रभा नैथानी ने महिला उपाध्यक्ष पद पर नही वरिष्ठ महिला कार्यकारिणी पद पर जीत दर्ज की है

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