निकाह के बाद छात्रा को नहीं मिल रही विद्यालय में पढ़ने की अनुमति, नियमों-परंपराओं के बीच उलझा अपनी तरह का अनूठा मामला

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 7 अगस्त 2024 (After Marriage Girl student not granted to study)। उत्तराखंड के अल्मोड़ा के एक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा को निकाह के बाद विद्यालय आने की अनुमति न देने का अजीब सा मामला सामने आया है। विद्यालय प्रशासन ने छात्रा को नियमित पढ़ाई करने से रोक दिया है। शिक्षिकाओं का कहना है कि शादीशुदा छात्रा के नियमित कक्षा में बैठने से विद्यालय का माहौल खराब होगा। इससे छात्रा और उसके स्वजन जहां परेशान हैं। वहीं मामले के तूल पकड़ने के बाद कालेज प्रशासन शासनादेश के पन्ने पलट रहा है।
बताया गया है कि अल्मोड़ा के नियाजगंज की 19 वर्षीय छात्रा सिमरन नगर के राजा आनंद सिंह राजकीय बालिका इंटर कालेज में कक्षा 11वीं की नियमित छात्रा है। उसका गत 28 जुलाई को निकाह हुआ। इसके बाद जब वह विद्यालय गई तो प्रधानाचार्या और शिक्षिकाओं ने उसे कक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी।
सिमरन ने निवेदन किया कि वह सभी नियमों का पालन करेगी और ऐसा कोई कार्य नहीं करेगी जिससे विद्यालय का माहौल प्रभावित हो। इसके बावजूद, विद्यालय प्रबंधन ने उच्चाधिकारियों से अनुमति लेने की बात कहकर उसे कक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी।
इस मामले में विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या विजया पंत का कहना है कि शादी के बाद छात्रा को विद्यालय में प्रवेश का नियम नहीं है। अगर उच्चाधिकारियों से अनुमति मिल जाती है, तो छात्रा को प्रवेश दे दिया जाएगा। वहीं जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी अंबा दत्त बलौदी का कहना है कि नियमों की जानकारी नहीं है। वह पता करके बताएंगे।
समाज की रुढ़िवादी सोच पर सवाल (After Marriage Girl student not granted to study)
इस मामले में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि शिक्षा विभाग की रुढ़िवादी सोच के कारण सिमरन को पढ़ाई से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को नहीं मान रहा है और सिमरन के मामले ने उच्च शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
इस प्रकार इस मामले में शिक्षा विभाग की भूमिका और समाज की सोच पर सवाल उठ रहे हैं। आगे यह देखना होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले को कैसे सुलझाते हैं और सिमरन को उसकी पढ़ाई जारी रखने का मौका कैसे दिया जाता है। (After Marriage Girl student not granted to study)
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‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
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