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एक्सक्लूसिव ब्रेकिंग : मानवता शर्मशार: ईटों के ढेर पर नवजात को फेंक गई कलयुगी मां

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प्रतीकात्मक तस्वीर

नवीन समाचार, देहरादून, 23 अगस्त 2021। ऋषिकेश में मानवता को शर्मसार करने की घटना सामने आई है। यहां एक कलयुगी मां अपनी नवजात बच्ची को सड़क किनारे छोड़ कर गायब हो गई है। रायवाला पुलिस को देहरादून-हरिद्वार मार्ग पर नेपाली फॉर्म के पास सड़क किनारे ईटों के ढेर पर कुछ ही घंटे पूर्व पैदा हुई एक नवजात बच्ची मिली। देर रात थाना पुलिस ने नवजात को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में भेजा।

रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक देर रात देहरादून पुलिस को कंट्रोल रूम से सूचना मिली की देहरादून-हरिद्वार राजमार्ग के पास एक नवजात बच्ची झाड़ियों में पड़ी है। सूचना पर मिलने पर रायवाला थाना पुलिस देर रात मौके पर पहुंची, तो एक नजवात बच्ची ईटों के ढेर के पीछे रो रही थी। नवजात को झाड़ियों से निकालने के बाद आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन बच्ची के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस वाहन से नवजात को राजकीय चिकित्सालय लेकर पहुंची, अस्पताल के चिकित्सक की मौजूदगी में नर्स हेमलता के सुपुर्द कर दिया। रायवाला थानाध्यक्ष अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि नजवाज बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ्य है। उसका कुछ घंटे पहले ही जन्म हुआ। बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

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गुड्डू ठठोला @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अगस्त 2021। नैनीताल जनपद के अल्मोड़ा हाईवे पर स्थितं खैरना के एक मंदिर में सोमवार को एक माँ अपने दो माह के लाड़ले को लावारिश हालत में छोड़कर कहीं चली गई। सुंदर मुस्कुराहट लिए इस बालक के माथे पर टीका भी लगा हुआ है। पुलिस ने नवजात को सुरक्षित चाइल्ड हैल्पलाइन के हवाले कर दिया। बच्चे की उम्र करीब दो माह बताई जा रही है। बच्चे को देखकर महिला पुलिस कर्मी सहित कई महिलाएं भावुक हो गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार शाम लगभग तीन बजे नैनीताल जिले में रामगाढ़ के शालडी देवी मंदिर में एक बच्चे के अकेले रोने की आवाज से वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। मंदिर में मौजूद दीपा पांडे नाम की एक अन्य महिला की नजर जब बच्चे पर पड़ी तो उसने इसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी। इस स्थानीय लोगों ने बच्चे की असली मां की आसपास काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला तो घटना की सूचना खैरना चौकी पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को भवाली थाने ले गई, और चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से बच्चे को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल भिजवाया। पुलिस अब नवजात के माता पिता की तलाश कर रही है। रामगाढ क्षेत्र के स्थानीय दुकानदार के अनुसार, इस बच्चे को लाल रंग का सूट पहने एक महिला मंदिर में लेकर आई थी।

यह भी पढ़ें : शादी के डेढ़ माह में नवविवाहिता ने बच्चे को जन्म दिया और झाड़ियों में फेंका, घंटों बाद भी सुरक्षित बचा बच्चा

नवीन समाचार, कोटद्वार, 28 जुलाई 2021। उत्तराखंड में कोटद्वार के हल्दूखाता पट्टी में एक नवविवाहिता द्वारा शादी के डेढ़ माह बाद ही बच्चे को जन्म देने व उसे ससुराल में रहते हुए चुपचाप जन्म देने तथा झाड़ियों में फेंकने और बच्चे के कई घंटों बाद भी जिंदा बचने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में महिला के खिलाफ उसके ससुर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

हुआ यह कि गत पांच जून को ही ब्याह कर आई नवविवाहिता की बुधवार सुबह तबियत खराब होने पर उसके ससुर उसे कोटद्वार के बेस अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने उसकी जांच करने के बाद तबीयत खराब होने का जो कारण बताया तो परिजन सन्न् रह गए। इस पर उन्होंने बहु से पूछताछ की तो उसने स्वीकार कर लिया कि उसने बुधवार तड़के एक बालक शिशु को जन्म दिया था और उसे झाड़ी में फेंक आई है। इसके बाद ही उसकी तबीयत खराब हुई। इस जानकारी पर चिकित्सालय से कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई।

जानकारी लगते ही तत्काल एसएसआई प्रदीप नेगी और एसआई भावना भट्ट परिजनों को साथ लेकर मौके पर गए और उनके घर के पीछे की झाड़ी में कई घंटों बाद भी नवजात शिशु को पड़ा हुआ देखा। वे साफ कपड़े में शिशु को उठाकर बेस अस्पताल ले आए और चिकित्सकों ने बच्चे को जांच के बाद खतरे से बाहर बताते हुए अस्पताल में भर्ती कर लिया। कोतवाल ने बताया कि नवजात शिशु (बालक) को झाड़ी में फेंकने वाली महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में बड़ा सवाल है कि सात-आठ माह के गर्भ के साथ युवती की शादी कैसे हो गई और क्या उसके पति व ससुरालियों को इसका पता नहीं चला। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : सुबह-सुबह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने, मिला नवजात शिशु का शव…

नवीन समाचार, लालकुआ, 10 जून 2021। नगर में बृहस्पतिवार सुबह तड़के मानवता को शर्मसार करने वाली घटना प्रकाश में आई है। नगर के वार्ड नंबर 1 अंबेडकर नगर के समीप जंगल में एक समय पूर्व प्रसव से पैदा हुए नवजात शिशु का शव देखा गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शव की डीएनए जांच भी करवाने की तैयारी है। साथ ही बच्चे के शव को फेंकने वालों की पहचान करने के प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह किसी कलयुगी मां की करतूत हो सकती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह जब लोग उठे तो किसी को बस्ती से करीब 100 मीटर दूर नवजात का शव एक कपड़े में लिपटा हुआ दिखाई दिया। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात अविकसित शिशु का शव कब्जे में लेकर जांच प्रारंभ की। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली संजय कुमार ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को सुरक्षित कर उसको पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया कि शव की डीएनए जांच भी करवाई जाएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : दिल को झकझोरने वाली घटना : मां ने पहले पति को छोड़ दूसरी शादी की, सजा भुगत रही 5 साल की बेटी, सौतेले पति ने पेन की नोक से गोद कर सैकड़ों घाव किए…

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 06 जून 2021। माता-पिता के कृत्यों की सजा बच्चों को भुगतनी पड़ती है। शहर के मलिक कॉलोनी की एक पांच साल की मासूम पिछले करीब 6 माह से अपनी पीठ पर सौतेले पिता द्वारा पेन की नोक से गुद कर अपनी मां द्वारा तीन वर्ष पूर्व उसके पिता को तलाक देकर दूसरी शादी करने का दंश झेल रही है। मासूम बच्ची की पेन की नोक से गुदी पीठ का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी सौतेले, नशेड़ी व नशे का कारोबार करने वाले सौतेले पिता को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची और आरोपित का मेडिकल भी करा लिया गया है, और किसी पक्ष से तहरीर मिलने का इंतजार कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार की देर शाम फेसबुक पर पांच साल की बच्ची के जख्मी चेहरे और शरीर पर सैकड़ों-अनगिनत घाव के साथ एक फोटो वायरल हुई थी। इस पोस्ट पर शहर के एक युवा व्यापारी सोनू खुराना व उनके दोस्तों की नजर पड़ी। उन्होंने फेसबुक पोस्ट की खोजबीन शुरू की, तो रविवार की सुबह छह बजे पता चला कि पोस्ट में दिखने वाली बच्ची और बच्ची का सौतेला पिता योगेश पांडे उर्फ चड्ढा शहर की मलिक कॉलोनी का रहने वाला है। इसके बाद युवकों ने आरोपी के घर में घुसकर पिता को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, और पोस्ट का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की। इस पर सीओ अमित कुमार भी आदर्श कालोनी पुलिस चौकी पहुंचे, और आरोपी पिता योगेश को हिरासत में ले लिया। पुलिस की जांच में पता चला कि बच्ची का सौतेला पिता शराब के नशे में बबर्रता की सारी हदे पार कर बच्ची के शरीर पर पैन से सैकड़ों घाव देकर प्रताड़ित कर रहा था। हिरासत में लेने के दौरान भी वह नशे में धुत मिला। पुलिस ने आरोपी और पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण भी करवाया।

बताया गया कि पति की बेटियों पर बर्बरता से परेशान होकर कुछ दिन पहले महिला अपनी दोनों बेटियों को लेकर अपने मायके गूलरभोज चली गई है। यह भी कहा जा रहा है कि अंग्रेजी के अनुवाद न कर पाने के कारण पिता अपनी बेटी को पेन की नोक से गोंदता था। मामले में यह भी पता चला है कि बच्ची की मां का वर्ष 2018 में अपने पहले पति शारदा कालोनी निवासी राजीव कुमार से तलाक हुआ था। तलाक के दौरान से ही उनकी मां अपनी दोनों बेटियों के साथ दूसरे पति योगेश पांडे के साथ रहने लगी। उधर, बच्ची के वास्तविक पिता राजीव कुमार का कहना है कि वह अपनी मासूम बेटी के चेहरे में जख्मों के निशान देखकर तड़प उठा है। उसका कहना था कि वह पत्नी से तलाक के बाद भी दोनों बेटियों को साथ रखना चाहता था, लेकिन कानूनी बाध्यता के कारण दोनों बेटियां पत्नी के साथ रहने लगी। पिछले तीन साल से वह अपनी बेटियों से नहीं मिला है। 

यह फोटो जब इंटरनेट मीडिया में वायरल हुई तो कुछ व्यापारियों ने उसकी पहचान की। बाद में व्यापारियों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। फिलहाल पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तहरीर मिलने पर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। (डॉ.नवीन जोशी)

यह भी पढ़ें : आठवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा पिता को मात्र छह हजार रुपए देकर दोगुनी से अधिक उम्र के शराबी के पल्ले बांधी…

नवीन समाचार, चमोली, 06 अप्रैल 2021। जनपद के पोखरी विकासखंड के एक गांव से दिल को झकझोरने वाली घटना सामने आई है। यहां बिचौलिये ने एक गरीब पिता की मजबूरी व कमजोर आर्थिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उसे मात्र छह हजार रुपए देकर उसकी मात्र 14 वर्षीय नाबालिग बेटी की शादी एक 32 वर्षीय यानी दोगुनी उम्र से भी अधिक के शराबी से करा दी। घटना हालांकि पिछले वर्ष लॉक डाउन के दौरान की है, लेकिन इसका अब खुलासा हुआ है। विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय हरिशंकर के एक शिक्षक ने इस घटना का खुलासा करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो डाला है, जिसमें शिक्षक बताते हैं कि लॉक डाउन के बाद स्कूल खुलने पर उनके विद्यालय की आठवीं कक्षा की एक छात्रा स्कूल नहीं आ रही थी।
देखें वीडियो (साभार उत्तराखंड टुडे):

जानकारी लेने पर पता चला कि उसकी लॉक डाउन के दौरान शादी कर दी गई है। उसका पति किसी फैक्टरी में कार्यरत है और शराब पीकर अक्सर उसकी पिटाई करता है। होली के दिन भी उसकी पिटाई की गई। नाबालिग बेटी की इस तरह शादी करने पर पिता भी दुःखी था। शिक्षक द्वारा हिम्मत देने पर उसने अपनी बेटी को वापस बुला लिया और अब वह स्कूल भी आ रही है। शिक्षक का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में गरीबों की बेटियों को इसी तरह शादी के नाम पर ले जाने वाले संगठित गिरोह काम कर रहे हैं। बाद में उन्हें बेचकर उनसे अनैतिक कृत्य एवं हाथ-पैर तोड़कर भीख मंगवाने जैसे कार्य भी किये जा रहे हैं। फिर भी जानकारी के बावजूद प्रशासन ऐसे कृत्य रोकने की जगह हाथ-बांधे खड़ा है।

यह भी पढ़ें : पत्नी को कैंसर, इलाज के लिए 24 घंटे के नवजात को मात्र 65 हजार में बेच डाला..

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 21 फरवरी 2021। भूख और बीमारी इंसान को कुछ भी करने पर मजबूर कर देती है। इसका उदाहरण बनभूलपुरा की मलिन बस्ती में एक मजदूर के घर देखने को मिला। मजदूर ने अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए 24 घंटे पहले सुशीला तिवारी अस्पताल में पैदा हुए नवजात को 65 हजार में बेच दिया। अब मां की ममता जाग गई। वह अपने कलेजे के टुकड़े को मांग रही है। कह रही है कि उसे अपना इलाज नहीं कराना है। बस किसी भी कीमत पर उसे अपना बच्चा चाहिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बनभूलपुरा मलिन बस्ती के रहने वाले मजदूर की पत्नी के बच्चे को जन्म देने के दौरान जांच के बाद चिकित्सकों ने आशंका जताई कि महिला को कैंसर हो सकता है। जानलेवा बीमारी का नाम सुनते ही मजदूर के होश उड़ गए।
इतना पैसा नहीं था कि पत्नी का इलाज करा सके। पत्नी से बातचीत कर तय किया कि नवजात को ही बेच कर पैसों का बंदोबस्त कर लिया जाए। पत्नी ने भी दिल पर पत्थर रखकर तब अपने कलेजे के टुकड़े को बेचने की हामी भर दी। इस पर मजदूर ने गौजाजाली के रहने वाले अपने परिचित को 65 हजार रुपये में नवजात को बेच दिया। अस्पताल से लौटकर मजदूर की पत्नी घर आ गई। रविवार को ममत्व जागा तो पति से कहा कि उसे अपना बच्चा चाहिए। इलाज नहीं कराऊंगी। हर हाल में बच्चा लेकर आओ वरना वह कुछ भी कर सकती है। इधर, बच्चा खरीदने वाला परिवार भी असमंजस में पड़ गया है। पति ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। हालांकि उसने राय लेने के लिए कोतवाली थाने के एक उपनिरीक्षक को कॉल किया था।पुलिस ने इस मामले में लिखित शिकायत दैने की सलाह दी है।
मजदूर के सामने असमंजस की स्थिति है। वह अपने परिचित के खिलाफ शिकायत नहीं करना चाहता। मां की ममता पर भी उसे तरस है। पत्नी का इलाज भी कराना है।

यह भी पढ़ें : दिखी धरती के ईश्वरों की संवेदनहीनता: गर्भवती को अस्पताल के गेट पर देना पड़ा बच्ची को जन्म

नवीन समाचार, टनकपुर, 06 फरवरी 2021। उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा कर्मियों की संवेदनहीनता का बड़ा चेहरा दिखाई दिया है। यहां धरती पर ईश्वर का दूसरा रूप कहे जाने वाले चिकित्सालय के चिकित्सकों-स्वास्थ्य कर्मियों ने जच्चा-बच्चा कार्ड नहीं लाने पर प्रसव पीड़ा से कराह रही एक गर्भवती को, उसके द्वारा काफी गुहार लगाने पर भी अस्पताल में भर्ती करने से साफ इंकार कर दिया। हालत यह हो गई कि दर्द से तड़पती गर्भवती ने चिकित्सालय के गेट पर ही बेटी को जन्म दे दिया। इसके बाद भी स्वास्थ्य कर्मियों का दिल नही पसीजा। गर्भवती की ऐसी दशा देखकर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे राज्य आंदोलनकारियों ने इसका विरोध किया तब जाकर महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शारदा नदी में खनन मजदूरी करने वाले यूपी के सीतापुर जिले का निवासी सुभाष कश्यप शनिवार को अपनी गर्भवती पत्नी मीरा को प्रसव पीड़ा होने पर अपने एक छोटे पुत्र के साथ संयुक्त चिकित्सालय लाया था। लेकिन जच्चा-बच्चा टीकाकरण कार्ड नहीं होने पर स्वास्थ्य कर्मी ने उसका ओपीडी पर्चा बनाने से इंकार कर दिया। इस पर प्रसव पीड़ा से कराह रही मीरा मायूस होकर अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास ही बैठ गई, और वहीं उसने एक बच्ची को जन्म दे दिया। राज्य आंदोलनकारियों के हस्तक्षेप के बाद महिला व उसकी नवजात बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यह भी पढ़ें : जान जोखिम में डाल टैम्पो में समय पूर्व पैदा हुए दो जुड़वा बच्चे

-अचानक सड़क बंद हुई, सामने एंबुलेंस तक नहीं पहुंचने दिया गर्भवती को,

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 04 जनवरी 2021। रविवार को हुई बारिश के बाद रानीबाग में भीमताल रोड पर बन रहे डबल लेन पुल के निर्माण स्थल के पास बोल्डर गिरने लगे। इससे प्रशासन ने मार्ग को यातायात हेतु बंद कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद ठेकेदार एवं वहां मौजूद लोगों की असंवेदनशीलता उजागर हुई है। इसकी वजह से एक टैम्पो में समय पूर्व प्रसव पीड़ा से कराह रही एक गर्भवती महिला व उसके गर्भ में पल रहे दो जुड़वा बच्चों की जान जोखिम में पड़ गई। सामने 108 एंबुलेंस आ चुकी थी, किंतु किसी ने इतनी हिम्मत व संवेदनशीलता नहीं दिखाई कि किसी तरह गर्भवती महिला को सुरक्षित तरीके से एंबुलेंस तक पहुंचा दिया जाता। फलस्वरूप महिला ने टैम्पो में ही दो जुड़वा बच्चों को जन्म देना पड़ा। ईश्वर का शुक्र रहा कि माता एवं उसके दोनों बच्चे सुरक्षित हैं।
अमृतपुर के पूर्व प्रधान सतीश शर्मा के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव के पंकज शर्मा की पत्नी हेमा शर्मा को रविवार शाम अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। परिजनों ने आशा वर्कर को जानकारी दी तो उन्होंने हेमा को तुरंत हल्द्वानी पहुंचने का निर्णय लिया। हेमा की सास और आशा हेमा के साथ तथा अन्य लोग दूसरे टैंपो में सवार होकर हल्द्वानी को चले। किंतु इसी दौरान बारिश तेज होने के साथ रानीबाग पुल के पास मलबा आने लगा। इस कारण ठेकेदार ने पुल को आवागमन के लिए बंद कर दिया। इससे वहां जाम लग गया और दोनों ओर वाहन फंस गए। इस दौरान परिजनों ने ठेकेदार से लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व 108 सेवा को आपातकाल के लिए पुल खोलने का अनुरोध किया लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। यहां तक कि पुल के दूसरी ओर 108 आपातकालीन एंबुलैंस आने के बावजूद प्रसूता को उस तक पहुंचाने के लिए कोई आगे नहीं आया। इस पर हेमा की सास और आशा कार्यकत्री ने मिलकर टैम्पो में ही किसी तरह उसका प्रसव कराया। पहला प्रसव तो सुरक्षित हुआ, किंतु दूसरे प्रसव में समस्या और बढ़ गई, इस पर पुल के दूसरी ओर एंबुलैंस में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पैदल ही पुल पार करके टैंपो में दूसरे बच्चे का प्रसव कराया। बाद में रात्रि लगभग 11 बजे एंबुलैंस हेमा और उनके दोनों बच्चों को लेकर हल्द्वानी के महिला चिकित्सालय पहुंची,जहां चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत भर्ती कराया। चिकित्सकों का कहना है कि हेमा की ‘प्री मेच्योर डिलीवरी’ हुई थी। तीनों जच्चा-बच्चा का स्वास्थ्य ठीक है। इधर पुल के ठेकेदार एवं लोनिवि के अधिकारियों की असंवेदनशीलता पर महिला के परिजनांे एवं ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।

यह भी पढ़ें : अमानवीयता पर भारी जाको राखे साइयां: नवजात को जिंदा खेत में गाढ़ दिया, वह फिर भी जिंदा बच निकला…

नवीन समाचार, खटीमा, 11 नवंबर 2020। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद खटीमा तहसील क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली और इसके साथ ही ‘जाको राखे साइयां मार सके ना कोय..’ कहावत को सच साबित करने वाली घटना प्रकाश में आई है।  प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के चटिया फार्म इलाके में बुधवार सुबह कुंडल सिंह भंडारी नाम के किसान अपने खेत पर काम करने गये थे। उन्हें खेत के एक कोने से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। वह उस कोने पर गए तो ताजा खुदे गड्ढे में मिट्टी के नीचे एक नवजात बच्चा गढ़ा हुआ था। कुंडल की सूचना पर स्थानीय ग्रामीण व महिलाएं मौके पर पहुंचीं और बच्चे को गड्ढे से बाहर निकाला। ईश्वर की कृपा देखिए कि मिट्टी में न जाने कितने समय से गढ़ा होने के बावजूद उसकी सांसें चल रही थीं।

इस पर महिलाओं ने नवजात बच्चे को गड्ढे से बाहर निकालकर उसकी साफ-सफाई की और नवजात बालक निकले बच्चे को खटीमा के नागरिक चिकित्सालय पहुँचाकर इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी। इस दौरान लोगों में बच्चे को इस तरह जिंदा खेत में गाढ़ने वाले उसकी मां, पिता व अन्य परिजनों के खिलाफ खासा गुस्सा देखा गया वहीं बच्चे के जिंदा मिलने पर ईश्वर का चमत्कार बताते हुए शुक्रिया भी अदा किया गया। स्थानीय लोगो ने पुलिस-प्रशासन से इस अमानवीय कृत्य को करने वालो की खोजबीन कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग भी की है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: बर्फबारी के बीच नाले में मिली नवजात बच्ची के पिता का डीएनए जांच से हुआ खुलासा..

-डीएनए जांच में पुष्टि होने के बाद कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, अपना जुर्म भी कबूला
नवीन समाचार, नैनीताल, 29 सितंबर 2020। इस वर्ष बर्फबारी के बीच फरवरी माह में नगर के स्टाफ हाउस-सात नंबर क्षेत्र में हनुमान मंदिर क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के बीच नाले में गर्भनाल के साथ तत्काल पैदा हुई मिली नवजात बच्ची के पिता का पता आखिर चल गया है। बच्ची अपनी नाबालिग मां के साथ उसके जीजा धनी राम (25) पुत्र दीवान राम, स्टाफ हाउस, मल्लीताल नैनीताल द्वारा किये गए दुष्कर्म का परिणाम थी। जीजा के डीएनए नमूने की एफएसएल प्रयोगशाला देहरादून से आई रिपोर्ट में धनी राम के बच्ची का जैविक पिता होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने उसे मंगलवार को मल्लीताल बड़ा बाजार से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपित जीजा एक बच्चे का पिता है और नाबालिग के घर के पास ही रहता था, और अक्सर नाबालिग के घर आता रहता था। पुलिस के अनुसार उसने अपना जुर्म भी कबूल लिया है। उसे गिरफ्तार करने वालों में एसआई पुष्पा बिष्ट, एएसआई सत्येंद्र गंगोला व आरक्षी पूरन सिंह शामिल रहे।

जीजा ने किया गर्भवती, चचरे भाई पर लगाया आरोप, शर्म में चचेरे भाई ने लगाई फांसी
नैनीताल। उल्लेखनीय है कि बीती 5 फरवरी को नगर के स्टाफ हाउस सात नंबर हनुमान मंदिर के पास लावारिश अवस्था में मिली समय से पूर्व पैदा हुई नवजात बच्ची गर्भनाल के साथ मिली थी। जिलाधिकारी द्वारा बच्ची की मां का पता बताने वाले के लिए 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा करने के बाद एक 17 वर्ष 1 माह उम्र की नाबालिग नवजात बच्ची की मां के तौर पर चिन्हित हुई। इस नवजात मां ने न केवल पुलिस के समक्ष वरन मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के बयानों में खुद से 4 वर्ष छोटे, 13 वर्ष के अपने सगे चचेरे भाई से आठ वर्ष से प्रेम होने का दावा करते हुए पर खुद से दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस पर नाबालिग भाई किशोर न्याय बोर्ड के अधीन बाल संरक्षण ग्रह भेजा गया था। इस दौरान ही 12 फरवरी को नवजात बच्ची और आरोपित बालक के डीएनए नमूने बच्ची के जैविक पिता का पता लगाने के लिए लिए गए थे। इस मामले में नाबालिग लड़की व बच्चे के संभावित पिता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 315 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था और यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 315 के तहत दर्ज उत्तराखंड का पहला मामला भी बताया गया था। लेकिन डीएनए जांच की रिपोर्ट आने से पूर्व ही किशोर न्याय बोर्ड से जमानत मिलने पर घर आने पर 15 वर्षीय बालक ने पेड़ में लटककर आत्महत्या कर ली थी। बाद में उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अन्य चार लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आज यह कार्रवाई हुई। इस मामले में भी बालक के परिजनों की तहरीर पर उसे गलत आरोपित करने वाली लड़की व उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।

यह भी पढ़ें : संवेदनहीनता: ‘कोरोना योद्धा’ को विश्वविद्यालय प्रशासन ने नहीं दी छुट्टी, देखभाल न होने से दो जुड़वा बच्चों की गर्भ में ही मौत

नवीन समाचार, पंतनगर, 8 जुलाई 2020। ऊधम सिंह नगर में पंतनगर विश्वविद्यालय के एक कोरोना योद्धा कर्मचारी को अपने दो जुड़वा बच्चों को गंवाना पड़ा है। इसके लिए पंतनगर विश्वविद्यालय की संवेदनहीन कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस कर्मचारी ने अपनी पत्नी के प्रसव का समय करीब आने का हवाला देते हुए 15 दिन पहले छुट्टी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे अवकाश नहीं दिया गया। बताया जा रहा है कि इस कारण वह अपनी पत्नी की देखभाल नहीं कर पाया, जिस कारण यह स्थिति आई है। मामले में पीड़ित के सहकर्मियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कुलपति के आवास का घेराव कर कुलपति से बात करने का प्रयास किया। इस पर कुलपति तेज प्रताप सिंह ने कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया।
बताया गया है कि विश्वविद्यालय के सीबीएसएच कॉलेज के प्रधान सहायक अनुराग शर्मा की ड्यूटी कर्मी विश्वविद्यालय के छात्रावासों को अधिग्रहीत कर बनाये गये क्वारंटाइन सेंटर में लगाई गई है। इधर चिकित्सकों ने अनुराग को बताया कि उसकी गर्भवती के गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं और 10 जुलाई तक प्रसव हो सकता है। इसलिए 15 दिन पूर्व ही अनुराग ने अवकाश के लिए आवेदन कर दिया था, लेकिन उसे अवकाश नहीं दिया गया। ऐसे में मंगलवार देर शाम रुद्रपुर के निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान दोनों गर्भस्थ शिशुओं की गर्भ में ही मौत हो गई।

यह भी पढ़ें : हद है, यहां जिलाधिकारी स्वयं कर रहे कोरोना संभावितों को समाज से अलग करने का आह्वान !

-पिथौरागढ़ में होम क्वारन्टाइन किये घरों के बाहर लिखवाया-‘कृपया इस घर में सम्पर्क न करें
नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 29 मई 2020। पिथौरागढ़ में कोरोना विषााणु कोविद-19 की संभावना से होम क्वारन्टाइन यानी गृह एकांतवास किये गये लोग जिला प्रशासन के एक कृत्य से समाज से अलग हो गये हैं। यहां ‘आज्ञा से जिलाधिकारी पिथौरागढ़’ चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने गृह एकांतवास घरों के बाहर ऊपर से तीसरी पंक्ति में बोल्ड अक्षरों में लिखवाया है-‘कृपया इस घर से संपर्क न करें’।
उदाहरण के लिए नगर के बिण मोहल्ले में उल्लेखनीय है कि ऐसे ही गृह एकांतवास में रखी गई महिला गत दिवस अपने बीमार ससुर को देखने के लिए 6 दिन की अनुमति लेकर पिथौरागढ़ से हल्द्वानी आई थी। यानी ससुर को देखने के बाद पुनः वे जब अनुमति लेकर पिथौरागढ़ पहुंचीं तो उन्हें आज 28 मई से 11 जून तक गृह एकांतवास में रखवा दिया गया है। उनके घर के बाहर एक पोस्टर चिपकाया गया है, जिसमें उनसे संपर्क न करने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि यह महिला इस घर में अपनी 87 वर्षीया सास के साथ रहती हैं। उन्हें डर है कि इस बीच यदि उनकी सास को किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या आती है तो उन्हें कोई सहायता देने भी नहीं आयेगा। इस बारे में पूछे जाने पर कुमाऊं मंडल के आयुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी ने कहा कि संदेश देते हुए भी भाषा की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। वे इस संबंध में पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी से बात करेंगे।

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-लॉक डाउन में हरियाणा के पंचकुला से यह परिवार दो बच्चों के संग लौटा था चिन्यालीसौड़, कोविड 19 मजिस्ट्रेट निलंबित
नवीन समाचार, उत्तरकाशी, 24 अप्रैल 2020। लापरवाह व संवेदनहीन प्रशासन ने होम क्वारंटाइन के उल्लंघन के आरोप में राजस्व पुलिस ने छह माह के बच्चे और तीन साल की एक बच्ची के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें अपराधी बना दिया। इस मामले से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस मामले में संबंधित क्षेत्र के कोविड-19 मजिस्ट्रेट को निलंबित कर दिया है। उत्तरकाशी जिले का यह मामला मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला है। उल्लेखनीय है कि बच्चों पर लागू जुवेनाइल एक्ट के तहत भी आठ वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लॉकडाउन होने के दौरान चिन्यालीसौड़ राजस्व क्षेत्र के एक गांव में पंचकुला (हरियाणा) से एक परिवार अपने दो बच्चों के साथ गांव पहुंचा। इस परिवार को होम क्वारंटाइन के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि परिवार ने होम क्वारंटाइन का पालन नहीं किया। इसकी शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंची। जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान के आदेश पर कलक्ट्रेट ओसी चतर सिंह चौहन ने चिन्यालीसौड़ तहसील क्षेत्र में होम क्वारंटाइन का पालन न करने वाले 51 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसमें चार लोग थाना धरासू क्षेत्र के थे, जिनके खिलाफ रेगुलर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इनके अलावा 47 लोग राजस्व क्षेत्र के थे। इसी 47 लोगों की सूची में छह माह का एक बच्चा और एक तीन साल की बच्ची का नाम और उनके माता पिता का नाम भी शामिल था। राजस्व पुलिस के पास जैसे ही सूची पहुंची। राजस्व पुलिस होम क्वारंटाइन का पालन न करने और दूसरों के जीवन को खतरे में डालने के आरोप में बिना उम्र देखे व पड़ताल किये ही इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
इन दोनों बच्चों पर मुकदमा दर्ज हुआ तो क्षेत्र के लोगों ने इस पर कड़ी अपत्ति जतायी। मामले की भनक प्रशासन को लगी तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में डीएम डा.आशीष चौहान ने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत 8 साल से कम उम्र के लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती है। जिला मजिस्ट्रेट ने संबंधित क्षेत्र के कोविड-19 मजिस्ट्रेट गिरीश राणा को निलंबित कर दिया गया है। गिरीश राणा सिंचाई खंड उत्तरकाशी में सहायक अभियंता के पद पर तैनात हैं। इधर, जिला पंचायत सदस्य संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं अधिवक्ता प्रदीप भट्ट ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि 8 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर जुवेनाइल एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। उन्होंने बाल अधिकार संरक्षण आयोग से मामले पर संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 11 मार्च 2020। राजधानी में होली के दिन किसी ने ऐसा पाप किया कि मानवता कांप जाए। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की शाम समय सवा सात बजे पुलिस की चीता मोबाइल को गश्त के दौरान चोरखाला के समीप स्थित झाड़ियों के बीच से किसी एक शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। जिसे सुनकर चीता मोबाइल पुलिस को वहां एक नवजात शिशु नग्न अवस्था में काफी बुरी स्थिति में पड़ा हुआ मिला। जिसको तुरंत पुलिस कर्मियों के द्वारा कहीं से कपड़े की व्यवस्था करके सीएचसी सहसपुर में भर्ती किया गया। जहां नवजात शिशु को प्राथमिक चिकित्सा दी गयी। नवजात शिशु की हालत मे सुधार होने पर पुलिस द्वारा उसे चाईल्ड हेल्प लाईन 1098 की टीम को सुरक्षा की दृष्टि से सोंप दिया गया। पुलिस ने लावारिस नवजात शिशु के सम्बन्ध में चोरखाला सहसपुर के आस-पास के क्षेत्र में नवजात शिशु के परिजनांे की तलाश शुरू कर दी है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 12 फरवरी 2020। बीती 6 फरवरी को नगर के स्टाफ हाउस सात नंबर हनुमान मंदिर के पास लावारिश अवस्था में मिली समय से पूर्व पैदा हुई नवजात बच्ची का बुधवार को डीएनए नमूने ले लिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मामले की जांच कर रही नैनीताल पुलिस को न्यायालय से बच्ची व उसकी मां के रूप में चिन्हित लड़की के डीएनए नमूने लेने की अनुमति मिल गई थी। नमूने जनपद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भारती राणा द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ चिकित्सक के द्वारा हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में लिए गए, जहां बच्ची नैनीताल में मिलने के दिन से ही स्वास्थ्य लाभ कर रही है।
मल्लीताल कोतवाल ने बताया कि आगे बृहस्पतिवार को उसे जन्म देने वाली मां के तौर पर चिन्हित हुई नाबालिग लड़की के डीएनए के नमूने लिए जाने की संभावना है, जो कि बच्ची को जन्म देने के बाद से ही नगर के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती है। पुलिस लड़की के हवाले से बताया है कि उसे चार वर्ष छोटे सगे चचेरे भाई से पिछले चार वर्ष से चल रहे प्रेम संबंध के बाद करीब आठ माह के गर्भ से बच्ची पैदा हुई है। उल्लेखनीय है कि बीती 5 फरवरी को नगर के सात नंबर, स्टाफ हाउस हनुमान मंदिर क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के बीच, गर्भनाल से जुड़ी अवस्था में एक तत्काल पैदा हुई बच्ची नाले में लावारिस अवस्था मे मिली थी। लड़की की उम्र 17 वर्ष 1 माह, जबकि आरोपित सगे चचेरे भाई की उम्र लड़की से भी 4 वर्ष कम, 13 वर्ष बताई जा रही है। उसका जन्म वर्ष 2006 बताया गया है। डीएम सविन बंसल द्वारा संज्ञान लिये जाने के बाद जिला प्रशासन के द्वारा बच्ची का उपचार किया जा रहा है, और उसे गोद देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई, जबकि मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने बच्ची को इस तरह मरने के लिये छोड़ने वाले अज्ञातों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। बताया गया है भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 315 के तहत दर्ज यह उत्तराखंड का पहला मामला है। जिलाधिकारी द्वारा इस मामले से संबंधित जानकारी देने पर 10 हजार रुपए का नगद ईनाम घोषित किया गया था। इस पर एक स्थानीय महिला ने प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। आगे पुलिस लड़की के स्वस्थ होने पर संबंधित कानूनी कार्रवाई के साथ उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के प्रयास में है।

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-डीएनए के नमूने लेने की न्यायालय से मिली अनुमति
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 फरवरी 2020। बीती 6 फरवरी को नगर के स्टाफ हाउस सात नंबर हनुमान मंदिर के पास लावारिश अवस्था में मिली नवजात बच्ची के मामले में पुलिस को न्यायालय से बच्ची व उसे जन्म देने वाली के तौर पर चिन्हित हुई लड़की के डीएनए के नमूने लेने की अनुमति मिल गई है। इसके बाद मल्लीताल कोतवाल ने बताया कि बच्ची एवं लड़की के डीएनए के नमूने लेने के लिए जनपद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क किया गया है, जो विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से बुधवार को दोनों के नमूने ले सकते हैं। उल्लेखनीय है बच्ची का हल्द्वानी के सुशीला तिवारी में, जबकि चिन्हित लड़की का मुख्यालय के एक अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।

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उम्र में 4 साल छोटे सगेरे चचेरे भाई से 8 वर्ष से चल रहे प्रेम-दुष्कर्म से हुआ था बच्ची का जन्म
-पुलिस बच्ची को जन्म देने वाली लड़की और उसके परिवार तक पहुंची, न्यायालय में उसके डीएनए नमूने हासिल करने के लिए लगाई अर्जी
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 फरवरी 2020। बीती 6 फरवरी को नगर के सात नंबर, स्टाफ हाउस हनुमान मंदिर क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के बीच, गर्भनाल से जुड़ी अवस्था में एक तत्काल पैदा हुई बच्ची नाले में लावारिस अवस्था मे मिली थी। जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा संज्ञान लिये जाने के बाद जिला प्रशासन के द्वारा बच्ची का उपचार किया जा रहा है, और उसे गोद देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, जबकि मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने बच्ची को इस तरह मरने के लिये छोड़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। बताया गया है भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 315 के तहत दर्ज यह उत्तराखंड का पहला मामला है।
जिलाधिकारी द्वारा इस मामले से संबंधित जानकारी देने पर 10 हजार रुपए का नगद ईनाम घोषित किया गया था। इस पर एक स्थानीय महिला ने प्रशासन को मामले की सूचना दी। इस पर सोमवार को पुलिस नवजात को जन्म देने वालों के करीब पहुंच गई। साथ ही पुलिस ने बच्ची को जन्म देने वाली लड़की व उसके परिवार तक पहुंचने के बाद न्यायालय में उसके डीएनए के नमूने हासिल करने के लिए न्यायालय में अर्जी लगा दी है। उधर लड़की शारीरिक रूप से काफी अस्वस्थ बताई गई है और उसका नगर के एक चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है।
पुलिस हालांकि अभी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है, तथापि पुलिस से जुड़े सूत्रों से आ रही खबरों के अनुसार पूरी कहानी बच्चों में हावी हो रहे प्यार-सेक्स के साथ सामाजिक मान-मर्यादाओं के तार-तार होने व मानवता को शर्मसार करने वाली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार बच्ची को जिस लड़की ने जन्म दिया, वह निर्बल आय वर्ग से है। पिता नगर में पर्यटन से जुड़ी गतिविधि में नौकरी करते हैं, और मां दूसरों के घरों में बर्तन मलकर परिवार चलाती हैं। वह नौवीं कक्षा तक पढ़ी है, परंतु फिलहाल स्कूल नहीं जाती है। उसकी उम्र 17 वर्ष 1 माह है, जबकि उसके साथ दुर्भाग्यपूर्ण एवं सोचनीय घटना को उसके ही सगे चचेरे भाई ने अंजाम दिया है। दोनों के बीच 4 वर्ष से प्रेम संबंध होने की बात भी प्रकाश में आ रही है। लड़के की उम्र लड़की से भी 4 वर्ष कम, 13 वर्ष बताई जा रही है। उसका जन्म वर्ष 2006 बताया गया है। लड़की बच्चे को जन्म देने से पहले से ही तनाव में है। वह खाना नहीं खा रही है। उसका नगर के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना के बाद से उसका पूरा परिवार भी तनाव में है। उन पर पहले ही दर्ज हो चुके मुकदमे के तहत पुलिस की कार्रवाई का दबाव भी है। पुलिस ने लड़की के बयान ले लिए हैं, और अब पुलिस मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत उसके बयान कराने एवं बच्ची से उसके संबंध को पक्का करने के लिए दोनों की डीएनए जांच कराने की तैयारी कर रही है। साथ ही पुलिस इस मामले में लड़का-लड़की के साथ ही दोनों के माता-पिता के खिलाफ भी साक्ष्य छुपाने सहित अन्य धाराओं में मामला बढ़ा सकती है। इधर लड़की पक्ष अब मामला उजागर होने के बाद लड़के व उसके माता-पिता के खिलाफ भी पुलिस में मामला दर्ज कर सकती है।
मामले में विवेचना अधिकारी, महिला उप निरीक्षक पुष्पा बिष्ट ने बताया कि नवजात बच्ची और लड़की के डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वहीं नगर कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने बताया कि लड़की व बच्ची के डीएनए के नमूने लेने के लिए सोमवार को न्यायालय में प्रार्थना पत्र लगा दिया गया है। मामले की विवेचक आज न्यायालय के समक्ष पेश हुई। आगे लड़की के स्वस्थ होने पर संबंधित कानूनी कार्रवाई के साथ उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए जाएंगे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 8 फरवरी 2020। बीते बृहस्पतिवार को मुख्यालय के स्टाफ हाउस क्षेत्र में गर्भनाल सेे जुडी मिली लावारिश नवजात बालिका को अपनाने के लिए डीएम सविन बंसल द्वारा किये गए प्रयासों के बाद 10 परिवार आगे आए हैं। कई दंपत्तियों ने डीएम शिविर कार्यालय मे बच्ची को गोद लेने की स्वयं अथवा फोन से तथा कई दम्पत्तियों ने सुशीला तिवारी चिकित्सालय प्रबंधन से बात कर बच्ची को गोद लेने की इच्छा व्यक्त की है। डीएम सविन बंसल ने कहा कि आगे बच्ची को गोद देने के लिए दम्पत्ति का चयन नियमानुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के द्वारा किया जायेगा। इसके लिए आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योमा जैन से सम्पर्क कर जानकारियां लेनी होगी। बच्ची को गोद लेने के लिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। उधर इस मामले में मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
डीएम श्री बंसल ने कहा कि वे इन दंपत्तियों का तहेदिल से स्वागत करते है। इन संवेदनशील दंपत्तियों को पीसीपीएनडीटी के अंतर्गत आयोजित होने वाले समारोह मे सम्मानित किया जायेगा। डीएम ने कहा कि यदि कोई दम्पत्ति इस बच्ची को गोद लेता है तो भी वे इस बच्ची के भरण पोषण, पालन-पोषण, शिक्षा आदि का खर्चा स्वयं वहन करेंगे। उन्होने बताया कि एसटीएच के उपचार के बाद जब बच्ची पूर्ण स्वस्थ हो जायेगी तो उसे सीडब्लूसी के माध्यम से अल्मोडा शिशु गृह मे रखा जायेगा।

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-डीएम ने बच्ची के भविष्य पर भी साफ की स्थिति

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 फरवरी 2020। बृहस्पतिवार सुबह नगर के स्टाफ हाउस हनुमान मंदिर के पास नाले में फैंकी हुई में मिली नवजात के मामले में डीएम सविन बंसल ने ऐसा घृणित कार्य को करने वालों के बारे में सूचना देने वालों को जिला प्रशासन की ओर से 10 हजार रुपए का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। साथ ही साफ किया है कि सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा। इसके अलावा ऐसा घृणित कार्य करने वालों को नियमानुसार दंडित करने की बात भी कही गई है। डीएम ने कहा कि समाज में व्याप्त इस कुरीति को दूर करने की जरूरत है तथा ऐसा अनैतिक कार्य करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करते हुए उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए। डीएम ने कहा कि बच्ची को नियमानुसार गोद दिया जाएगा, अथवा ऐसा न होने पर जिला प्रशासन उसके भरण-पोषण, शिक्षा व विवाह की पूरी जिम्मेदारी उठाएगा।
बताया गया है कि मामला की जानकारी मिलने पर डीएम सविन बंसल काफी असहज एवं भावुक हो उठे। उन्होंने तत्काल इस मामले को संज्ञान में लिया और जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योमा जैन को बच्ची की देखभाल के लिए अस्पताल भेजा। उन्होंने इस शर्मनाक कृत्य की भर्त्सना व निन्दा करने के साथ ही कहा कि यह घिनौना कार्य करने वाले जल्द पकड़ में आयेंगे जिसके लिए कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी है। बच्ची का बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में चाईल्ड लाईन 1098 की देखरेख में प्रारंभिक उपचार करने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सुशीला तिवारी चिकित्सालय हल्द्वानी भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। श्री बंसल ने उम्मीद जताई कि सुशीला तिवारी में उपचार के बाद जब बच्ची पूर्णतः स्वस्थ हो जायेगी तो उसे अल्मोड़ा के शिशु गृह में रखा जायेगा। नवजात बच्ची को गोद लेने वाले दम्पत्ति को नियमानुसार गोद दे दिया जायेगा। यदि इस बच्ची को गोद लेने के लिए कोई दम्पत्ति सामने नहीं आता है तो इस बच्ची की परवरिश, भरण-पोषण, शिक्षा तथा विवाह तक का सारा खर्चा जिला प्रशासन वहन करेगा।

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-अपनों ने नग्नावस्था में कड़कती ठंड में मरने को छोड़ी नवजात, अनजानों ने बचा लिया, समय से पूर्व पैदा हुई भी बच्ची, पुलिस उसे फेंकने वालों की तलाश में जुटी

तेज सिंह नेगी @ नवीन समाचार, नैनीताल 6 फरवरी 2020। ‘बेटी बचाओ’ के लाख संदेशों को धता बताते हुए सरोवरनगरी में बृहस्पतिवार सुबह-सुबह मानवता को शर्मसार करने वाली खबर आई। एक नवजात बच्ची को गर्भनाल काटे बिना ही उसके अपनों ने शहर में बर्फ की मौजूदगी के बीच हाड़ कंपाती ठंड में बिना कपड़ों के नाले में मरने के लिए छोड़ दिया, लेकिन मारने वाले अपनों पर बचाने वाले अनजानों के भीतर की मानवीयता भारी पड़ी, जो बच्ची को बचाकर बीडी पांडे जिला महिला चिकित्सालय ले आये, जहां बच्ची को उपचार किया जा रहा है। इधर पुलिस ने नवजात के परिजनों की तलाश शुरू कर दी है। इस हेतु सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं और क्षेत्र में सुरागकसी की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह करीब 6 बजकर 52 मिनट पर नगर के स्टाफ हाउस-7 नंबर क्षेत्र में हनुमान मंदिर के पास एक बच्चे ने नाले में किसी के रोने की आवाज सुनी। उसने आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी। वहां नाले में एक नवजात बच्ची नग्न अवस्था में मौजूद थी और रो रही थी। उसका पूरा शरीर नीला पड़ चुका था उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी थे। अच्छी बात यह रही कि मजमा लगाने-तमाशा देखने के बजाय वहां से गुजरते राशिद अली, शांति देवी व रमेश चंद्र उसे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले आए। जहां बच्ची को ऑक्सीजन व गर्मी देकर उसका उपचार किया गया। नवजात बच्ची को सुबह तड़के ही पैदा हुआ बताया जा रहा है, जिसे जन्म के तुरंत बाद ही नाले में आज सुबह ही फेंक दिया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व जिला न्यायालय के पास एक कूड़ेदान में भी एक नवजात का भ्रूण मिला था, जिसे तब बचाया नहीं जा सका था।

समय से पूर्व पैदा हुई थी बच्ची
नैनीताल। जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डा. खर्कवाल के अनुसार नवजात शिशु प्री मेच्योर है यानी समय से पूर्व पैदा हुई है। उसे गैसपिंग अवस्था मे बच्ची को अस्पताल लाया गया था, काफी देर ठंड में नग्न अवस्था मे नाले के अंदर पड़े रहने की वजह से बच्ची को हाइपोथर्मिया की शिकायत हो गयी है। इस वजह से बच्ची की सांस की नली में रुकावट आ रही है। बच्ची की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसीलिए अभी अस्पताल में उसका इलाज जारी रहेगा। उधर मल्लीताल कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक भुवन चंद्र मासीवाल ने कहा कि बच्ची के बारे में उच्चाधिकारियों एवं जनपद में लावारिश बच्चों की देखभाल करने वाली संस्था विमर्श चाइल्ड लाइन को सूचना दे दी गई है। उसे जिसने मारने की नीयत से फेंका है, उसकी तलाश की जा रही है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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नवीन समाचार, देहरादून, 18 दिसंबर 2019। बाल संरक्षण आयोग ने राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव प्रेम प्रकाश के घर से एक 12 वर्षीय बालिका को मुक्त कराया है आयोग के अध्यक्ष उषा नेगी के अनुसार संयुक्त सचिव के घर 2 वर्ष से 12 वर्षीय बालिका से घरेलू कार्य करवाने सहित उत्पीड़न करने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों पर ही कार्रवाई कर बच्ची को मुक्त कराया गया है आगे आरोपित संयुक्त सचिव पर वैधानिक कार्यवाही की तैयारी की जा रही है।

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-खुद ही तहरीर सौंपकर बच्ची के गायब होने की दी थी सूचना
-पति-पत्नी के झगड़े के दौरान बच्ची के रोने पर मां ने मुंह दबाकर कर की हत्या

नवीन समाचार, खटीमा, 18 दिसंबर 2019। तीन दिन पूर्व 28 दिन की बच्ची को चारपाई से लापता हो जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए बच्ची के मां व पिता को उसकी हत्या करने के जुर्म मे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ग्राम सभा पचौरिया चकरपुर निवासी गोविन्द प्रसाद उर्फ विजय व उसकी पत्नी निशा उर्फ नगमा ने बीते 16 दिसम्बर को पुलिस को तहरीर सौंपकर कहा था कि उसकी 28 दिन की पुत्री प्रियांशिका को रात में चारपाई से गायब हो गई। सूचना मिलते ही परिजनों व ग्रामीणों ने बच्ची की खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन उसका कही पता नहीं चला। कम्बल शारदा नदी के किनारे पड़ा मिला। मामले की तहरीर मिलते ही पुलिस ने जांच पड़ताल में जुट गई। बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक देवेंन्द्र पिंचा ने कोतवाली पहुंचकर मामले का खुलासा किया। अपर पुलिस अधीक्षक पिंचा ने बताया कि पति-पत्नी के आपसी झगड़े के दौरान बच्ची रो रही थी, इसी बीच उसकी मां निशा उर्फ नगमा ने बच्ची का मुंह हाथ से बंद कर दिया, जिससे बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत होते ही पति-पत्नी घबरा गये और बच्ची के शव को घर के पास ही शारदा नहर में डाल दिया और बच्ची के गायब होने की सूचना पुलिस को दी। अपर पुलिस अधीक्षक पिंचा ने कहा कि पुलिस जांच में पति-पत्नी के बयान में विरोधाभास होने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो निशा उर्फ नगमा ने बच्ची की हत्या कर पति के साथ मिलकर शव को नदी में फेंकने की बात कबूल कर ली। शव की तलाश जारी है, वहीं आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। इस दौरान सीओ महेश बिन्जौला, कोतवाल संजय पाठक, एसएसआई देवेन्द्र गौरव, एसआई देवेन्द्र राजपूत, अनिल चौहान, बबीता, तपेन्द्र जोशी, महेन्द्र डंगवाल आदि मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 21 नवंबर 2019। अल्मोड़ा में बीती बुधवार की रात्रि मानवता एक बार पुनः शर्मसार हो गई। नजाने किन कारणों से एक मां ने अपनी नवजात बच्ची को सीने पर पत्थर रखकर सर्द रात में कूड़ेदान में डाल दिया। वहां बच्ची को कुत्ते नोंचने लगे। गनीमत रही कि किसी देवदूत की तरह पहुंचे एक स्थानीय युवक की नजर बच्ची को नोंचते कुत्तों पर पड़ गई। उसने कुत्तों से किसी तरह बच्ची को छुड़वाया और अपनी जैकेट पहनाकर स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से बच्ची को बेस चिकित्सालय पहुंचवाया। वहां उपचार के बाद बच्ची की सांसें लौट पाई हैं। बच्ची के शरीर पर कम से कम तीन जगह कुत्तों द्वारा नोंचे जाने के, पंजों के निसान हैं।
मामला अल्मोड़ा के धारानौला रोड स्थित भ्याखोला के पास सड़क पर रखे कूड़ेदान का है। युवक के अनुसार यहां एक नवजात बच्ची मिट्टी से लथपथ थी और उसे कुत्ते नोंच रहे थे। पुलिस बच्ची के परिजनों की तलाश कर रही है, जिन्होंने उसे इस तरह कूड़ेदान में मरने के लिए छोड़ दिया।

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-सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
नवीन समाचार, हरिद्वार, 4 नवंबर 2019। धर्मनगरी में रविवार को एक मां ने अपने 6 माह के मासूम बच्चे का अपहरण होने की सूचना दी थी। इस पर पुलिस बच्चे की तलाश कर रही थी। शहर वासी भी मां को बच्चा मिलने की दुवा कर रहे थे। लेकिन तलाश के दौरान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक महिला एक बच्चे को काले रंग के बैग में गंगा नदी की ओर ले जाती दिखी। इस बीच शिकायकर्ता महिला के बयानों में भी विरोधाभास दिखा। इस पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो महिला ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया कि उसी ने अपने मासूम बच्चे को गंगा नदी में बहा दिया। इस पर पुलिस ने आरोपित हत्यारिन
कलयुगी मां संगीता बलूनी पत्नी दीपक बलूनी निवासी संदेश नगर कनखल हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया। महिला का पति सिडकुल में हीरो होंडा फैक्टरी में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि बच्चा मां के दूध के लिए रोता रहता था और बाहर का कुछ नहीं खाता था। इस कारण बच्चे को नदी में फेंक दिया।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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