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अनुकरणीय : प्रोफेसर जोशी ने अपने प्राथमिक विद्यालय के लिए छोटी सी पहल कर दिया बड़ा संदेश

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अपने प्राथमिक विद्यालय को साउंड सिस्टम भेंट करते प्रो0 जोशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अगस्त 2019। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में कार्यरत वाणिज्य विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष अतुल जोशी के द्वारा बुधवार को नगर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्लीताल में विद्यार्थियों के लिए एक छोटी सी पहल कर सभी समर्थ लोगों को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने अपने विद्यालय को उसकी जरूरत के लिए साउंड सिस्टम भेंट किया गया। साथ ही स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिष्ठान वितरण हेतु भी वित्तीय सहयोग भी दिया। इस अवसर पर प्रो. जोशी ने बताया कि इस विद्यालय में उन्होंने प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की है और उन्हें अत्यंत लगाव भी है। वह चाहते हैं कि जन सहयोग से इस विद्यालय में पढाई कर रहे विद्यार्थियों को हर वह सुविधा मिल सके जिससे यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सके।
इस अवसर पर उपस्थित संयुक्त शिक्षा निदेशक आरएल आर्या ने कहा कि अगर सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर अच्छे मुकाम पर पहुंचे सभी प्रतिष्ठित और सक्षम लोग मदद करें और अपने पूर्व स्कूलों के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभायंे तो देश की शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आ सकता है। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक केके पांडेय, आलोक जोशी, मोहम्मद नफीस, जगदीश नेगी, संगीता त्रिपाठी एवं उज्जवला चौधरी आदि भी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड की दो बेटियों ने पुरुषों के इस क्षेत्र में वर्चस्व को भी तोड़ा, वह किया जो पुरुष भी करने से डरते हैं…

गीता और आशा।

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 28 जुलाई 2019। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की सीमांत तहसील धारचूला के बॉर्डर में रहने वाली दो महिलाओं ने कुछ ऐसे काम किये हैं, जिन पर अभी तक पुरुषों का ही कब्जा था। आपदाग्रस्त गांव जिप्ती की गीता ठाकुर ने जहां अपने परिवार को पालने के लिए पोर्टर यानी कुली का काम शुरू किया है, वहीं बालिंग गांव की आशा बंग्याल ‘आदि कैलाश’ यात्रियों के लिए गाइड का काम कर रही है। यह पहला मौका है जब चीन सीमा पर रहने वाली महिलाएं पोर्टर और गाइड जैसे पेशों को अपना रहीं हैं। वहीं करीब 150 किमी की दुर्गम मार्गों पर पैदल चलकर किये जाने वाले यह कार्य इतने कठिन हैं कि युवा पुरुष भी इन कार्यों को करने से डरते हैं।
गीता ने गत दिवस आदि कैलाश यात्रियों के 7 वें दल के 22 यात्रियों के साथ पोर्टर के रूप में कार्य शुरू करते हुए 140 किलोमीटर की दुर्गम पैदल यात्रा की। गीता ने बताया कि पोर्टर का काम शुरू करने पर उसे गांव के कई लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा। लेकिन उसने लम्बी दुर्गम पैदल यात्रा को सफलता के साथ पूरा कर विरोध करने वालों को करारा जवाब दिया है। गरीब परिवार की बेटी गीता के 6 भाई-बहन हैं और माता-पिता जिप्ती गांव में ही छोटी जोत पर खेती करते हैं। वहीं गीता धारचूला में किराये पर कमरा लेकर अपनी बहन और भतीजी को पढ़ा भी रही है। घर का खर्चा चलाने के लिए गीता ने उसने यह नया बेहद कठिन पेशा अपनाया है।
गीता की तरह आशा बंग्याल ने भी गाइड का काम शुरू किया है। 40 साल की आशा विधवा हैं और उनके दो बच्चे भी हैं, जिनकी परवरिश का पूरा जिम्मा उन्हीं पर है। आशा ने ट्रैकर लक्ष्मण सिंह के साथ गाइड का काम शुरू किया है। वे पर्यटकों को पंचाचूली ग्लेशियर, आदि कैलाश जैसे स्थलों पर सुरक्षित पहुंचाती हैं। आशा ने दारमा घाटी में पहली बार हुई आदि कैलाश यात्रियों के 21 सदस्यों के दल के साथ गाइड का काम किया। आशा एक अच्छी गायिका भी हैं, जो यात्रा के दौरान स्थानीय संस्कृति पर आधारित लोक गीत गाकर सैलानियों के सफर को आसान भी बना देती हैं। आदि कैलाश यात्री दल के टीम लीडर चैतन्य का कहना है कि आशा को पूरी दारमा घाटी के बारे बेहतरीन जानकारी है और उनका व्यवहार ऐसा है कि 140 किलोमीटर का पैदल सफर कब पूरा हुआ पता भी नहीं चला। (इनपुट हिंदी न्यूज 18)

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यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के एक पिता ने ब्रेन-डेड बेटे के अंगदान से बचा लीं चार जिंदगियां, एम्स दिल्ली में किया गया सलाम…

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 7 जुलाई 2019। एम्स में शनिवार को मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम बनने की 25वीं वर्षगांठ पर हुए कार्यक्रम में डॉक्टरों और अंग दान करने वाले मरीजों ने अनुभव साझा किए। बताया कि उत्तराखंड के रहने वाले प्रेम सिंह ने अपने बेटे का अंगदान कर चार को नई जिंदगी दी। उन्होंने बताया कि पिछले जून महीने में दुर्घटना में उनके बेटे की जान चली गई। उन्होंने बेटे के अंगदान का फैसला लिया। उन्होंने अपने बेटे के दिल, दोनों किडनियां और लिवर दान कर दीं।
उन्होंने बताया कि इसी साल अप्रैल में प्रेम सिंह की पत्नी की तबीयत खराब हो गई थी तो उनके बेटे ने उन्हें फोन पर बताने का कई बार प्रयास किया। पहाड़ों में घर होने की वजह से नेटवर्क की दिक्कत आती है। इसके बाद उनका बेटा मोहन नेटवर्क जोन में फोन को ले जाने के लिए पास वाले पहाड़ पर चला गया। वह कॉल कर रहा था तो उसका पैर फिसल गया और वह 30 फुट नीचे गिर गया। उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां से उसे एम्स रेफर कर दिया गया। दुर्घटना में बेटा ब्रेन डेड  हो गया था। डॉक्टरों ने उन्हें अंगदान के बारे में प्रेरित किया तो उनके बेटे का दिल, दोनों किडनी और लिवर दान किया गया। प्रेम सिंह ने बताया कि बेटे का दिल किसी और के सीने में धड़क रहा है। उसने चार को नई जिंदगी दी।

यह भी पढ़ें : बेटी ने अपनी शादी पर की ऐसी पहल कि हर कोई कर रहा तारीफ और बता रहा अनुकरणीय

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, चम्ब्बा, टिहरी, 19 फरवरी 2019।शादी से पहले एक बेटी ने अपने परिजनों से ऐसी शर्त रखी कि परिजनों को उसके आगे झुकना पड़ा। विवाह समारोह में कॉकटेल पार्टी का प्रचलन रोकने के लिए कोटी बहेड़ा गांव की एक बेटी ने अपनी शादी में शराब परोसने के खिलाफ आवाज उठाई है। बेटी की जिद के आगे परिजनों को शादी के कार्ड पर मेंहदी रस्म में शराब नहीं परोसे जाने का नोटिस छापना पड़ा है।
बताने की जरूरत नहीं कि पहाड़ में नशाखोरी बड़ी समस्या बनती जा रही है। विवाह और अन्य कार्यक्रमों में तो कॉकटेल पार्टी आम होती जा रही है। कोटी गांव के हरीश प्रसाद सकलानी भी शादी की तैयारियों में जुटे हैं, जिसमें कॉकटेल पार्टी भी प्रस्तावित थी, लेकिन बेटी मनीषा ने अपनी शादी पर कॉकटेल पार्टी के खिलाफ आवाज उठाई तो परिजनों को  शादी के कार्ड पर छपवाना पड़ा कि शादी की मेंहदी रस्म में शराब नहीं परोसी जाएगी।
मनीषा का विवाह 25 फरवरी को डोईवाला के फतेहपुर टांडा निवासी मोहित से होनी है। मनीषा ने बताया कि राड्स संस्था की मुहिम से प्रेरित होकर अपनी शादी में शराब नहीं परोसने की ठानी थी। उन्होंने कहा कि सभी लड़कियों को आगे आना चाहिए। शादी में शराब का विरोध करने पर मंगलवार को राड्स संस्था अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने मनीषा को 21 सौ रुपये और सम्मान पत्र भेंट किया। इस मौके पर राजेश सेमवाल, राजेश कुकरेती, गिरीश सकलानी, वाचस्पति ममगाईं, लक्ष्मीकांत ममगाईं और राधाकृष्ण आदि मौजूद थे।

यह भी पढ़ें : देखें विडियो : खून को जमा देने वाली बर्फीली ठंड में नंगे बदन जवानों का यह हौंसला देखकर आप दंग रह जाएंगे

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, औली, 7 दिसंबर 2018। देश की सरहदों की रखवाली करने वाले जवानों के जोश, जुनून और जज्बे को बयां करती एक और तस्वीर सामने आई है। खून को जमा देने वाली बर्फीली ठंड में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों का हौंसला देखकर आप दंग रह जाएंगे। चारों तरफ बर्फ से घिरी वादियों में जवानों ने अपने अदम्य साहस की नजीर पेश की है। उत्तराखंड के औली में तकरीबन 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आईटीबीपी के जवानों ने मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस की। आईटीबीपी की तरफ से जारी विडियो में नजर आ रहा है कि भीषण ठंड और बर्फ के बीच जवान लगातार मार्शल आर्ट का अभ्यास कर रहे हैं। सिर्फ पैंट और जूते पहनकर आईटीबीपी जवानों ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया।

बता दें कि 2017 में लश्कर आतंकी अबू दुजाना को मार गिराने वाली टीम में शामिल आईटीबीपी के एक अधिकारी अनुराग कुमार सिंह को 70वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पुलिस वीरता पद से सम्मानित किया गया था। आईटीबीपी के 15 अन्य अधिकारियों को भी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पदक प्रदान किए गए थे। सहायक कमांडेंट अनुराग कुमार सिंह को सेना के राष्ट्रीय राइफल्स के साथ तैनात किया गया था। सिंह वर्तमान में उत्तराखंड के मसूरी में आईटीबीपी ऑफिसर्स ऐकडमी में तैनात हैं। बल के 15 अन्य अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक एवं सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से नवाजा गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज कुमार सिंह को उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया वहीं सहायक कमांडेंट गिरीश चंद्र पटनी को सराहनीय सेवा के लिए पदक प्रदान किया गया। इसके अलावा इंस्पेक्टर एन एस सती और कॉन्स्टेबल कुंवर पाल को सराहनीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया।

यह भी पढ़ें : अल्मोड़ा के प्राथमिक विद्यालय बजेला जैसे प्रयोग से भी बदल सकती है राज्य में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति !

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, 7 दिसंबर 2018। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में जहां शिक्षकों पर बच्चों को न पढ़ाने, ऐसे में शिक्षा मित्रों को रखने की नौबत आने और बाद में शिक्षा मित्रों द्वारा भी ‘मित्र’ रख लेने और खुद न पढ़ाने की शिकायतें आती रहती हैं, ऐसे में अल्मोड़ा जिले के दूरस्थ धौलादेवी विकास खंड क्रे राजकीय प्राथमिक विद्यालय बजेला में सहायक अध्यापक भास्कर जोशी जैसे कुछ शिक्षक सरकारी स्कूलों की इस छवि को तोड़ने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। इस विद्यालय में पिछले 6 वर्षों से कार्यरत जोशी का कहना है कि अपने विद्यालय के सेवित क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना उनकी पहली प्राथमिकता रही है। इस हेतु विद्यालय में नित नए नवाचार करते रहते है, और उसे शिक्षा सुधी और आम जनो के साथ व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, ब्लॉगर आदि सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर भी साझा कर अपने सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को और बेहतर करने का प्रयास करते हैं।
उनके इन्ही प्रयासों से प्रभावित हो कर कुछ स्वयं सेवी संस्थाएं दुर्गम एवं विकास से अछूते बजेला गाँव के बच्चो की मदद को आगे आई हैं। इन्हीं में एक खुसी उन्नति केंद्र यानी ‘कुक एनजीओ’ ने बच्चों को शाम को पढ़ाने के लिए गांव की ही एक शिक्षित बेरोजगार युवती को 1500 रुपय के मानदेय पर नियुक्त किया है, जहां सभी बच्चे पढाई के साथ नई-नई गतिविधिया करते हैं। इससे जहां गांव की बेरोजगार युवती को रोजगार मिला है वहीं बच्चों को निःशुल्क सायंकालीन कक्षाएं प्राप्त हो रही हैं, और शिक्षकों का शैक्षिक उन्नयन का प्रयास और अधिक फलीभूत भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि कुक एनजीओ ने ने भविष्य मे गांव के पढे़-लिखे बेरोजगार युवकों को मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण देने और क्षेत्र के गरीब और वंचितो हेतु कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करने की बात भी कही है।

उत्तराखंड बोर्ड के विद्यार्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण देंगे शिक्षक

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 नवंबर 2018। जनपद के शिक्षकों ने आगामी शीतकालीन छुट्टियों में बोर्ड की परीक्षाएं देने जा रहे कक्षा 10 तथा 12 के छात्र-छात्राओं को 10 दिन निःशुल्क पढ़ाने की अनुकरणीय पहल की है। जनपद के विभिन्न राजकीय व अशासकीय विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस संबंध में जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों व प्रधानाचार्यों को भी इस निर्णय की सूचना दी है। इस प्रकार नैनीताल जनपद के तीन ब्लॉकों-हल्द्वानी, भीमताल व कोटाबाग के 6 केंद्रों राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी, राइंका नारायण नगर, कुसुमखेड़ा, राइंका कालाढूंगी कोटाबाग, राइंका भीमताल तथा राबाइंका कालाढूंगी व भीमताल में बच्चों को पढ़ाया जाएगा। बताया गया है कि हल्द्वानी के केन्द्रों पर 12वीं के छात्रों को अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान व गणित तथा 10वीं के बच्चों को अंग्रेजी, विज्ञान व गणित भीमताल ब्लॉक के केंद्रों पर इंटर के भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान व गणित तथा हाईस्कूल के विज्ञान, गणित व अंग्रेजी तथा कोटाबाग ब्लॉक के केंद्रों पर इंटर के भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित व जीव विज्ञान तथा हाईस्कूल के विज्ञान, गणित व अंग्रेजी विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही इस पहल से जुड़ने के लिए साथी शिक्षक-शिक्षिकाओं से भी संपर्क करने को कहा गया है।

शीतावकाश में निशुल्क पढ़ सकेंगे बोर्ड के विद्यार्थी

  • विद्यार्थियों-कक्षाओं के लिए एकैडेमिक सेल उत्तराखण्ड द्वारा चलाएगा जाएगा विशेष कार्यक्रम
  • निःशुल्क विशेष कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रारम्भ
  • 2 दिसम्बर से शुरू हो गया ऑनलाइन पंजीकरण
  • 28 दिसम्बर तक कर सकते है पंजीकरण
  • हाईस्कूल व इंटर के बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए है ये सुविधा
  • गत तीन वर्षों से लगातार चल रही है यह एकेडमी

दानसिंह लोधियाल, धानाचूली। प्रति वर्ष शीतावकाश में उत्तराखण्ड बोर्ड के कक्षा 10 तथा 12 के विद्यार्थियों के लिए शासकीय तथा अशासकीय शिक्षकों के ‘एकैडेमिक सेल उत्तराखण्ड’ द्वारा हल्द्वानी में विभिन्न विषयों में निःशुल्क कक्षाएं संचालित की जाती हैं। इस शैक्षिक सत्र में भी 02 जनवरी 2019 से 10 जनवरी 2019 तक कक्षाएं चलायी जाएंगी। यह जानकारी डॉ गोकूल मर्तोलिया ,कोर्डिनेटर एकैडेमिक सेल उत्तराखण्ड द्वारा दी गयी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड बोर्ड के छात्र एवं छात्रायें पंजीकरण कर इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे । निःशुल्क कक्षाओं के लिये 02 दिसम्बर 2018 से ऑनलाइन पंजीकरण प्रारम्भ हो चुका है। ऑनलाइन पंजीकरण 28-12-2018 तक जारी रहेगाऑनलाइन पंजीकरण वेबसाइट www.academiccell.in के माध्यम से हो गया। जबकि ऑफलाइन पंजीकरण के लिए सीधे फॉर्म जमा करना होगा।
■ ऐसे करें ऑनलाइन पंजीकरण
वेबसाइट www.academiccell.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन सेक्शन में जाना है तथा ऑनलाइन फॉर्म में नाम ,ई मेल ,पिता का नाम ,जन्म तिथि,लिंग,विद्यालय का नाम, प्रधानाचार्य का नाम,केंद्र का नाम, विषय, मोबाइल नंबर भरकर सेंड का बटन क्लिक करना है। डाउनलोड सेक्शन से आवेदन पत्र तथा परिचय पत्र का प्रारूप डाउनलोड करना करके उसे भरकर अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य से हस्ताक्षरित कर दिनांक 29 दिसम्बर 2018 को राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज हल्द्वानी में एकैडेमिक सेल के प्रतिनिधि के पास जमा करना होगा। पंजीकरण के बाद पंजीकरण कोड मोबाइल नंबर पर आ जाएगा।
■ लाभ कौन – कौन ले सकेगा
उत्तराखण्ड बोर्ड के कक्षा 10, कक्षा 12 के विज्ञान वर्ग तथा मानविकी विषय के कोई भी छात्र तथा छात्रा निःशुल्क कक्षाओं का लाभ ले सकते हैं।
■ क्या है एकैडेमिक सेल
उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों के शासकीय तथा अशासकीय शिक्षकों का प्रकोष्ठ है जो प्रतिवर्ष शीतकालीन अवकाश में बोर्ड विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराते हैं।

■ नैनीताल जिले में 6 केंद्र हैं
1- राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज हल्द्वानी (केवल बालिकाओं के लिए )। 2. एच.एन.इण्टर कॉलेज हल्द्वानी, (केवल बालकों के लिए । 3- राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज भीमताल (केवल बालिकाओं के लिए )। 4- लीलावती पन्त राजकीय इण्टर कॉलेज भीमताल (केवल बालकों के लिए )। 5 – राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज कालाढूंगी (केवल बालिकाओं के लिए। 6- राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज कालाढूंगी (केवल बालकों के लिए )
■ केन्द्रवार कौन-कौन से विषय पढ़ाये जायेंगे।
कक्षा 10 – विज्ञान,गणित,अंग्रेजी (सभी केंद्रों पर)
कक्षा 12 (विज्ञान ) -भौतिक विज्ञान,रसायन विज्ञान,गणित,जीव विज्ञान, अंग्रेजी (सभी केंद्रों पर )
कक्षा 12 (मानविकी ) – राजनीति विज्ञान,अंग्रेजी, अर्थशास्त्र (केवल राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज हल्द्वानी में )
कक्षाओं का समय – 10 AM से 03 PM तक प्रतिदिन (2 जनवरी से 10 जनवरी 2018)
■ किसी भी जानकारी के लिए इन शिक्षकों से सम्पर्क सकते है।
1. अमर सिंह बिष्ट, प्रवक्ता गणित 9412967078(W) – केंद्र प्रभारी -राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज हल्द्वानी
2. हेमन्त डुंगराकोटी,प्रवक्ता (अंग्रेजी ) 9412044080(W), -राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज हल्द्वानी
4. पी.सी.जोशी प्रवक्ता (अंग्रेजी ) 9719971736(W), -केन्द्र प्रभारी, एच.एन.इण्टर कॉलेज हल्द्वानी
5. सौरभ दयाल,प्रवक्ता (रसायन विज्ञान) 9410589277 -केन्द्र प्रभारी, एच.एन.इण्टर कॉलेज हल्द्वानी
6 . गिरीश पाण्डे प्रवक्ता (गणित) 9411705002 (W) -केंद्र प्रभारी -राजकीय इण्टर कॉलेज कालाढूँगी
8. बी.एम.तिवारी,प्रवक्ता (जीव विज्ञान) -9634756717 -केंद्र प्रभारी -राजकीय इण्टर कॉलेज भीमताल
9. हेम त्रिपाठी,प्रवक्ता (भौतिक विज्ञान) -9761269253 – (पूछताछ )
नोट। प्रत्येक केंद्र पर छात्र पंजीकरण संख्या के आधार पर केंद्र संख्या, स्थान, तथा पढ़ाये जाने वाले विषयों की संख्या में परिवर्तन किया जा सकते है।

यह भी पढ़ें : पति को खोने के बाद बहु बनी बेटी, और सास-ससुर ने माता-पिता बनकर किया कन्‍यादान, भावुक कर देगी यह कहानी

देहरादून, 29 नवंबर 2018। अपने पति को कम उम्र में ही खोने के बाद बहु ने बेटी बनकर सास-ससुर का खयाल रखा, तो सास-ससुर ने भी उसका बेटी की तरह कन्यादान कर दिया। फिल्मों जैसी ऐसी एक कहानी देेेवभूमि की राजधानी देहरादून में सच साबित हुई। यहां सास-ससुर ने पिता बनकर अपनी विधवा बहू की धूमधाम से शादी की और कन्‍यादान भी किया। आइए आपको बताते हैं पूरी कहानी।

नवीन जोशी

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