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ब्रेकिंग उत्तराखंड : तेज बारिश के दौरान मकान ढहा, 8 लोग मलबे में दबे, गर्भवती सहित 3 की मौत

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कल के लिए ‘चौथाई’ उत्तराखंड में मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी, आज ही बंद हुईं कई सड़कें

-एसडीआरएफ ने एक गर्भवती महिला समेत तीन लोगों को मलबे से निकाला 
नवीन समाचार, देहरादून, 15 जुलाई 2020। राजधानी के चुखुवाला इन्दिरा कालोनी में बीती रात तेज बारिश के दौरान एक मकान ढह गया, जिसमे कई लोग दबे हुए हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ एसडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। 
एसडीआरएफ की सेना नायक तृप्ति भट्ट के अनुसार रेस्क्यू में अभी तक तीन घायल लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। इनमें एक पुरुष, एक बच्चा और एक गर्भवती महिला है। घायलों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेज दिया गया है।उन्होंने बताया कि मकान के मलबे में कम से कम 8 लोगों के फंसे होने की आशंका है जिसमें से 3 लोगों को निकाल लिया गया है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
अब तक एक गर्भवती महिला सहित तीन लोगों के शव निकाले जा चुके हैं. जबकि दो लोगों को जिंदा निकाला जा चुका है। बताया जा रहा है कि घर मे कुल 6 सदस्य थे। 
अब तक एक गर्भवती महिला सहित तीन लोगों के शव निकाले जा चुके हैं. जबकि तीन लोगों को जिंदा निकाला जा चुका है। बताया जा रहा है कि घर मे कुल 6 सदस्य थे। एक अन्य सदस्य को निकालने के प्रयास जारी रहा। मकान ढहने की वजह एक पुश्ता बना जो मकान के पीछे की तरफ बना हुआ था। उस पुश्ते के गिरने से मकान ढह गया।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में रात्रि की वर्षा से कई महत्वपूर्ण सड़क मार्ग बंद

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जुलाई 2020। शुक्रवार रात्रि हुई वर्षा के फलस्वरूप शनिवार सुबह दोगांव से आगे भेड़िया पखांणा पर बड़े पत्थर सड़क पर आ गये हैं। साथ ही आगे और पत्थर गिरने की संभावना बनी हुई है। आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि मौके पर जेसीबी पहुंच रही है। जल्द मार्ग खुलने की उम्मीद है।
इधर, उत्तराखंड में बीती रात्रि में हुई वर्षा के कारण खासकर सीमांत जिलों के कई महत्वपूर्ण मार्ग बंद हो गये हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुमाऊं तथा गढ़वाल दोनों मंडलों के कमोबेश सभी जनपदों में बादल छाये हुए हैं और आगे भी बारिश की स्थिति बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी जनपद का यमुनोत्री मार्ग पालीगाड के पास बंद है। वहीं चमोली जिले का बद्रीनाथ मार्ग चमोली में लामबगड़ पीपलकोटी टंगड़ी और पागलनाला के पास बंद है। इसी तरह पिथौरागढ़ में थल मुंसारी मार्ग अररिया के पास और चीन सीमा को जोड़ने वाला गूंजी-कुट्टी मार्ग 1 किलोमीटर टूट गया है। इसमें बीआरओ द्वारा कार्य किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : एक परिवार के लिए काल बनी बारिश, घर ढहा, परिवार के तीन सदस्यों, मां-बेटियों की मौत

नवीन समाचार, रानीखेत/अल्मोड़ा, 8 जुलाई 2020। कल से ही लगातार हो रही बारिश अल्मोड़ा जनपद के द्वाराहाट क्षेत्र के एक गांव तैलमनारी के रहने वाले रमेश राम के परिवार के लिए काल साबित हुई। इस मौसम की कमोबेश पहली बारिश में ही रमेश राम का जीर्ण-शीर्ण घर मंगलवार की देर रात्रि करीब 11 बजे ढह गया। उस समय घर में रमेश के साथ ही उसकी पत्नी करीब 35 वर्षीया चंद्रा देवी, तथा तीन बेटियां-17 वर्षीया कमला, 12 वर्षीया पिंकी सो रहे थे। मकान दबने से तीनों मकान के मलबे में दब गए। प्रशासन ने सूचना मिलने पर रात्रि में ही गांव में बचाव-अभियान चलाया। घर में मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। अलबत्ता, जब तक मां चंद्रा देवी और बेटी कमला को मलबे से बाहर निकाला जा सका, तक तक वे दम तोड़ चुकी थीं। जबकि दूसरी बेटी पिंकी ने रानीखेत के अस्पताल लाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ा। रमेश जरूर बच गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। परिवार के एक अन्य सदस्य के भी बचने का समाचार है। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने पीड़ित परिवार को यथाशीघ्र आपदा मद से अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
वहीं अल्मोड़ा में माल रोड पर पोस्ट ऑफिस के पास पंत पार्क में स्थित नगर की खूबसूरती का दशकों से प्रतीक व पहचान बना वोगेनवेलिया की बेल युक्त विशाल देवदार का वृक्ष बुधवार सुबह ढह गया है। इससे माल रोड पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। इस पर कहा जा रहा है कि देवदार का यह विशाल पेड़ और वोगेनवेलिया की विशाल बेल दशकों से आपस में प्रेम में आलिंगनबद्ध थे। दोनों के साथ जीने-साथ मरने वाले इस प्रेम का बुधवार सुबह एक तरह से अंत हो गया। हालांकि कहा जा रहा है कि वोगेनबेलिया की बेल को पार्क के दूसरे पेड़ों के सहारे बचाने का प्रयास किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : सिर्फ 10 मिमी बारिश, मल्लीताल बाजार में रेस्टोरेंट मलबे से पटा

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जुलाई 2020। इस वर्ष मामूली बरसात में भी नुकसान की खबरें आ रही हैं। पहले रविवार को केवल 4 मिमी बारिश में ही लंघम छात्रावास के पास दो घरों और बिड़ला रोड पर बिल्डर द्वारा किये जा रहे निर्माण के पानी की टंकी के साथ ढहने की घटना हुई थी। अब आज भी मात्र 10 मिमी बारिश होने पर नगर के मल्लीताल बाजार स्थित ‘प्रताप रेस्टोरेंट’ नाम का एक प्रतिष्ठान रात्रि में हुई बारिश की वजह से ऊपरी जीर्ण-शीर्ण मंजिल के ढह जाने से पीछे की ओर से आये मलबे से पट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसर दुकान नंबर 5 स्थित यह प्रतिष्ठान पूर्व में चार मंजिल रहे भवन के सबसे निचले तल में स्थित था। इसकी ऊपरी मंजिलें पिछले कई वर्षों से ढहती जा रही हैं, लेकिन भवन की मरम्मत नहीं की जा रही है। ऐसे में अब इस भवन के निचले तल में भी मलबा आ गया है। संयोग से मलबा रात्रि में आया। तब वहां कोई नहीं था। अन्यथा कोई जनहानि भी हो सकती थी। बताया गया है कि यह प्रतिष्ठान प्रेमा चमियाल के नाम से है।
उल्लेखनीय है कि नगर में ऐसे कई बहुमंजिले भवन बेहद जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। किराया व स्वामित्व संबंधी अन्य विवादों के चलते इन भवनों की कोई मरम्मत नहीं करता है, और इन्हें सुरक्षित तरीके से ढहाने की जगह लोग स्वयं बचकर इन्हें दूसरों की जान जोखिम में डाकलर स्वयं ढहने के लिए छोड़ देते हैं।

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-मुख्यालय में भी बिड़ला रोड पर भूस्खलन

लंघम छात्रावास के पास बस्ती में भूस्खलन होने पर घर से बाहर निकले लोग।

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जुलाई 2020। इस वर्ष अभी बरसात ठीक से शुरू भी नहीं हुई कि अभी से बारिश से नुकसान की खबरें आनी शुरू हो गई हैं। इससे आगे के लिए चिंताजनक संदेश नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को एक हद तक सही साबित करते हुए शनिवार को सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। बारिश मामूली ही हुई, फिर भी अप्रत्याशित तौर पर बारिश से भूस्खलन के साथ संपत्ति का नुकसान होना प्रारंभ हो गया। पहली घटना नगर के तल्लीताल क्षेत्र में डीएसबी परिसर के लंघम छात्रावास के पास अयारपाटा वार्ड में देखने को मिली। यहां सुबह करीब 11 बजे लंघम छात्रावास के पीछे की बस्ती में दीपक कुमार व बाबूलाल के घर की छत पर पीछे की दीवार गिर गई। इससे दोनों के घर क्षतिग्रस्त हो गये। घटना के दौरान एक घर में दीपक कुमार टांक के 3 बच्चे और दूसरे घर में बाबूलाल की दो विवाहिता पुत्रियां और उनके 4 बच्चे घर के अंदर सोए हुए थे। वे भूस्खलन की आहट होते ही घर से बाहर भाग आए, अन्यथा कोई जनहानि भी हो सकती थी। अलबत्ता, घर के अंदर का सामान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

मुख्यालय में बिड़ला रोड पर भूस्खलन, जनपद में चार सड़कें बंद
नैनीताल। जनपद में बीते 24 घंटों में हुई बारिश के फलस्वरूप चार सड़कें-फतेहपुर-पीपलअनिया, डोला न्याय पंचायत मोटर मार्ग, सिमलखेत सनना एवं पतलोट-ल्वाड़ डोबा मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गये हैं। सभी मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई है। वहीं मुख्यालय में सीमेंट हाउस में बिड़ला रोड पर ओल्ड ग्रोव हाउसिंग सोसायटी की पार्किंग और सड़क के पास हो रहे एक भवन निर्माण के पास एक हिस्से पर भूस्खलन हो गया। इससे पानी का टैंक और सड़क क्षतिग्रस्त हो गयी। गनीमत रही कि धंसी सड़क व भूस्खलन का मलबा नीचे रहने वाली आबादी तक नहीं पहुंच पाया, इस कारण किसी का जान माल का नुकसान नहीं हुआ। अलबत्ता, नीचे की ओर रहने वाले लोगों में भविष्य के लिए भय जरूर व्याप्त हो गया है। सूचना मिलने पर जिला विकास प्राधिकरण, वन विभाग, लोनिवि और पुलिस की टीम ने मौका मुआयना किया। बताया गया है कि बिल्डर द्वारा सड़क के नीचे गलत तरीके से किये जा रहे निर्माण की वजह से यह भूस्खलन हुआ है। अधिशासी अभियंता विजय माथुर ने बताया कि फिलहाल भवन स्वामी को निर्माण कार्य रोकने को नोटिस भेजा जा रहा है।

एक इंच बढ़ा नैनी झील का जलस्तर
नैनीताल। झील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रजत पांडे से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यालय में सुबह आठ बजे तक मात्र चार मिमी बारिश हुई। इसके फलस्वरूप नगर की विश्वप्रसिद्ध नैनी झील का जल स्तर कल के मुकाबले एक इंच बढ़कर 6 फिट 7 इंच हो गया। यह जल स्तर पिछले वर्ष आज की तिथि में रहे एक फिट के जल स्तर से 5 फिट 6 इंच अधिक है। वहीं मौसम विभाग के अनुसर जनपद में सर्वाधिक 78 मिमी वर्षा कालाढुंगी एवं 21.6 मिमी वर्षा रामनगर में दर्ज की गई है।

यह भी पढ़ें : बारिश से गौशाला ढहने से एक बकरी की मौत, दो घायल, दो सड़कें भी बंद

-नैनी झील का जल स्तर सात वर्षों के शीर्ष पर
नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2020। जनपद में बारिश का सिलसिला जारी है। फल स्वरूप विश्व प्रसिद्ध नैनी झील के जल स्तर में वृद्धि हो रही है, और सड़कों के मलबा आने के कारण बंद होने का सिलसिला भी प्रारंभ हो गया है। वहीं बीते 24 घंटे में हुई बारिश से जनपद के भवाली के पास स्थित ग्राम मेहरागांव धुलई निवासी महेश चंद्र पुत्र गोवर्धन की गौशाला ढह गई। इससे एक बकरी की मौत हो गई, जबकि दो बकरियां घायल हो गईं।
मौसम विभाग के अनुसार आज नैनीताल मुख्यालय में 20, कालाढुंगी में 23 तथा हल्द्वानी-काठगोदाम में 15 मिकी बारिश दर्ज की गई। वहीं बृहस्पतिवार को बंद हुई जनपद की दो सड़कें मंगोली-खमारी-जलालगांव व हैड़ाखान धाम मोटर मार्ग आज भी नहीं खुल पाई हैं। बताया गया है कि हैड़ाखान धाम रोड किमी संख्या दो पर बंद हुई है। जेसीबी से इसे खोलने का प्रयास किया जा रहा है। इसे कल शाम खोल लिया गया था, कितु यह पुनः मलबा आने से बंद हो गई। वहीं आज नैनीताल-कालाढुंगी रोड पर मुख्यालय से 23 किमी दूर सुबह एक पेड़ आने से यातायात अवरुद्ध हो गया था। इसके अलावा किमी संख्या 25 में सड़क की दीवार ढह गई है। इसकी मरम्मत पर करीब ढाई लाख रुपए का खर्च बताया गया है। वहीं मंगोली-खमारी रोड किमी संख्या 5, 6 व 9 पर बंद हो गई है। इसी कड़ी में आज नैनी झील का जल स्तर निर्धारित पैमाने पर एक इंच बढ़कर 6 फिट साढ़े सात इंच हो गया। बताया गया है कि वर्ष 2013 में इस दौरान नैनी झील का जल स्तर 8 फिट के स्तर पर था।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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