बड़ी खबर: बाबर के कानूनी वंशज ने कहा-राम मंदिर ध्वस्त करने पर शर्मिंदा, बने राम मंदिर, राजनीति न करें ओवैसी-मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

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हैदराबाद के रहने वाले प्रिंस याकुब हबीबउद्दीन तूसी ने एएनआई से कहा,” बाबर ने मरने के वक्त हुमायूं से अपनी वसीयत के बारे में कहा था कि मीर बाकी ने अयोध्या में जो हरकत की है उससे पूरे तैमूरी खानदान पर कलंक लग गया है। दूसरी बात जो उन्होंने कही थी कि अगर हिंदुस्तान में तुम्हें हुकूमत करनी है तो संतों-महंतों को ऐहतराम करो। मंदिरों की हिफाजत करो और एक जैसा न्याय करो।”

यह भी पढ़ें : 2018 के अंत तक बनना शुरू हो जाएगा राम मंदिर : शिया वक्फ बोर्ड

  • शिया वक्फ बोर्ड के सदर द्वारा कही गयी बड़ी बातें: शिया वक्फ बोर्ड राम मंदिर के साथ है
  • अयोध्या में लड़ाई मुस्लिमों के किसी पैगंबर से जुड़े स्थान की नहीं, बल्कि हिंदुओं की आस्था की है
  • बाबरी मस्जिद का निर्माता मीर बाकी शिया था, इसलिए शिया वक्फ बोर्ड का मत सर्वोच्च न्यायालय में भी महत्वपूर्ण
  • सुन्नी वक्फ बोर्ड का पंजीकरण पहले ही अवैध हो चुका है घोषित, इसलिए उनके मत के कोई मायने नहीं
  • बाबर इस देश का लुटेरा था, उसने मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनाईं, इसलिये यह जगह मस्जिद और इबादत के लिए कभी भी जायज नहीं रही
  • बाबर या मीरबाकी के पास राम मंदिर के स्थान की मिल्कियत नहीं थी, बाबरनामा में भी इसका जिक्र नहीं
  • हज सब्सिडी हटाना मोदी सरकार का अच्छा फैसला, क्योंकि किसी अनुदान, कर्ज लेकर हज जाने का शरई प्राविधान नहीं है
शुक्रवार को बोट हाउस क्लब में बात करते शिया वक्फ बोर्ड के सदर सैयद वसीम रिजवी।

नैनीताल, 29 जून 2018। यूपी शिया सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ यानी शिया वक्फ बोर्ड के सदर वसीम रिजवी ने देश के सबसे चर्चित अयोध्या में राम मंदिर के मसले पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि इसी वर्ष यानी 2018 के अंत तक सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों पर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो सकता है। शिया वक्फ बोर्ड राम मंदिर के साथ है। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का निर्माण 1528 में मीर बाकी ने बाबर के कहने पर किया था। बाबर इस देश का लुटेरा था, और उसने यहां के मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनाई थीं, यह तथ्य है। बाबर या मीर बाकी किसी के पास भी बाबरी मस्जिद के स्थान की मिल्कियत नहीं है, बाबरनामा में भी इसका जिक्र नहीं है। इसलिये यह जगह शुरू से विवादित है, और किसी विवादित जगह पर मस्जिद बनाना और इबादत करना दोनों नाजायज है, और यह जगह कभी भी नमाज के लिए जायज नहीं रही। वैसे ही यह स्थान मुस्लिमों के किसी पैगंबर से जुड़ा नहीं है, वरन हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। इसलिये यहां राम मंदिर ही बनना चाहिए। और मुस्लिमों के लिए 24 कोसी दायरे से बाहर कहीं ‘मस्जिद-ए-अमन’ के नाम से मस्जिद बननी चाहिए। इसका प्रस्ताव शिया वक्फ बोर्ड लखनऊ में दे चुका है। यही पक्ष शिया वक्फ बोर्ड ने सर्वोच्च न्यायालय में दिया है। उम्मीद है कि इस वर्ष के आखिर तक सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में अपना फैसला दे देगा और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। कहा कि 2000 से अधिक लोगों की जान एवं मकान-कारोबार को नष्ट करने वाले इस मसले का हल जितना जल्दी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए हो जाए, उतना अच्छा है। इससे देश में अमन-शांति कायम करने और नफरतें दूर करने में भी मदद होगी।

सुन्नी वक्फ बोर्ड अवैध

श्री रिजवी शुक्रवार को सरोवरनगरी स्थित बोट हाउस क्लब में एक भेंट में पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। इस दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड के बाबत उन्होंने कहा कि उनका 1944 का पंजीकरण एक अन्य मामले में उच्च न्यायालय और निचली अदालत में अवैध घोषित हो चुका है। वहीं बाबरी मस्जिद का निर्माता मीर बाकी एक शिया था, इसलिये सुन्नी वक्फ बोर्ड का खुद को बाबरी मस्जिद का कस्टोडियन बताना मायने नहीं रखता है। शिया वक्फ बोर्ड ही बाबरी मस्जिद का कस्टोडियन है और वह मुकदमा लड़ना ही नहीं चाहता है। यह बात उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में भी रखी है। साथ ही उन्होंने कहा कि राम मंदिर के मामले में तीन पक्ष-राम लला, श्री रिजवीनिर्मोही अखाड़ा व मुस्लिम पक्षकार हैं, सुन्नी वक्फ बोर्ड कोई पक्ष हैं।

हज के लिए सब्सिडी खत्म करना केंद्र सरकार का सही फैसला

नैनीताल। केंद्र सरकार के हज सब्सिडी को खत्म करने के निर्णय को सही ठहराते हुए श्री रिजवी ने कहा कि शरई तौर पर किसी भी तरह के उधार, अनुदान आदि लेकर हज के लिए जाना जायज नहीं है। हर मुसलमान को स्वागत करना चाहिए। वहीं मोदी सरकार के चार वर्ष से अधिक के कार्यकाल और शिया वक्फ बोर्ड के मोदी सरकार के साथ होने के सवाल पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा शिया वक्फ बोर्ड कोई राजनीतिक दल नहीं है, इसलिये कोई राजनीतिक बात नहीं करता, अलबत्ता देश के भले के लिए काम करने वाली हर सरकार के साथ है। सरकार कैसा कार्य कर रही है, यह 2019 में होने वाले चुनावों में जनता तय करेगी। अलबत्ता निजी विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कांग्रेस से बेहतर है।

कांग्रेस देश के लिए सर्वाधिक नुकसानदेह जहीला पौधा

श्री रिजवी ने कहा कि कांग्रेस ने जितना नुकसान इस मुल्क को पहुंचाया, उतना किसी भी पार्टी ने नहीं पहुंचायी। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट में मुस्लिमों का जितना पिछड़ापन बताया जाता है, वह कांग्रेस की देन है। कांग्रेस मुल्क के लिए ऐसा नुकसानदेह जहरीला पौधा है जिसकी जड़ें भी नुकसान पहुंचा रही हैं और पत्ते व फल भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

आतंकियों के छुपने तथा बच्चों को आतंकी बनाने के लिए हो रहा है मदरसों का इस्तेमाल

श्री रिजवी ने कहा कि पश्चिम बंगाल, दक्षिण भारत व सीमा से जुड़े नये मदरसों का इस्तेमाल आतंकी छुपने आदि के लिए तथा बच्चों को आतंकी बनाने के लिए कर रहे हैं। इसलिए मदरसों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने दाउद इब्राहीम पर टिप्पणी की कि वह भारत में मुंबई बम विस्फोट कर मुसलमानों की हमदर्दी हासिल करने की कोशिश करता है, लेकिन इससे देश के मुसलमानों को नुकसान पहुंचता है। योग दिवस के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए है। इससे हमारा देश पूरी दुनिया में मशहूर हुआ है। इस पर राजनीति करना ठीक नहीं है।

राममंदिर निर्माण के लिए अनुकूल है राजनीतिक माहौल : साध्वी ऋतंभरा

Image result for साध्वी ऋतंभरानैनीताल : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण आंदोलन में अग्रणी रही साध्वी ऋतंभरा ने राम मंदिर निर्माण के लिए राजनीतिक माहौल अनुकूल बताते हुए कहा कि मंदिर आंदोलन में शामिल राष्ट्रवादी शक्तियों की यही प्रबल भावना है कि भव्य राम का मंदिर जल्द बने और करोड़ों हिन्दुओं के आराध्य भगवान राम को टाट में बैठने से मुक्ति मिले। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस मामले में संतों से धैर्य रखने के बयान पर साध्वी ने कहा कि विकास के साथ ही आस्था की पूर्ति के लिए चित्त का शांत होना जरूरी है। उन्हें भरोसा है कि योगी और मोदी मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

शुक्रवार को नैनीताल क्लब में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि हिन्दू समाज की 70 पीढि़यों ने मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष किया है। वैज्ञानिक व कानूनी तौर पर भी प्रमाणित हो चुका है कि अयोध्या ही रामजन्म भूमि है। कहा कि राममंदिर निर्माण मर्यादा पुरुषोतम राम के साथ ही कन्हैया बनकर किया जाएगा। विहिप के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगडि़या के संगठन से अलग होने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि हिन्दू समाज का बिखराव समाज के हित में नहीं है। वह समाज का बिखराव रोकने की पुरजोर कोशिश करेंगी। जम्मू कश्मीर में भाजपा व पीडीपी के गठबंधन को विचित्र संयोग बताते हुए कहा कि गठबंधन टूटना ही था। साध्वी ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए देश के कोने-कोने से शिलाएं अयोध्या पहुंच चुकी हैं। हिन्दू समाज को रामलला के जन्मस्थान पर मंदिर के लिए राजनीतिक दमन सहना पड़ा है। इस दौरान भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल, भाजपा नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, विद्यार्थी परिषद विभाग संयोजक मोहित रौतेला, अल्मोड़ा के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अक्षय सुयाल व हरीश राणा कई भक्तों ने उनसे मुलाकात कर आर्शीवाद लिया।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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