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आज़ाद के तीर : साक्षात्कार नैनीताल के जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन से जिले की चिकित्सा व्यवस्था पर…

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अंक 116 : साक्षात्कार  (भाग – 01)

संक्षिप्त परिचय :- विनोद कुमार सुमन, ज़िलाधिकारी, नैनीताल

डीएम विनोद कुमार सुमन।

कालीन उद्योग के लिये मशहूर संत रविदास नगर ज़िला या यूँ कहें उत्तर प्रदेश के चार ज़िलों (प्रयागराज, जौनपुर, वाराणसी और मिर्ज़ापुर) की सरहदों को छूने वाले भदोही ज़िले में 1970 को एक ग़रीब किसान के घर में जन्मे श्री विनोद कुमार सुमन पांच भाई और दो बहनों में सबसे बड़े हैं। आपकी प्रारंभिक शिक्षा भदोही में ही हुई। उसके बाद आप घर छोड़कर श्रीनगर गढ़वाल आ गये, जहां आपने कई महीनों तक एक मंदिर परिसर में दिन गुज़ारे और बी.ए. की पढ़ाई पूरी करने के लिये आपने वहां बन रहे एक सुलभ शौचालय के निर्माण में मज़दूर के रूप में भी योगदान दिया और इन कठिन परिस्थितियों में आपने बीए की डिग्री गढ़वाल विवि से हासिल की। इसके बाद पिताजी ने घर वापस बुला लिया। फिर आपने एम.ए. की शिक्षा प्रयागराज विवि (तत्कालीन इलाहबाद विवि) से प्राप्त की। माता-पिता की प्रेरणा से आपका बचपन से ही मन शिक्षा की ओर अग्रसर रहा इसलिए आपने पढाई नहीं छोड़ी तथा सन् 1998 में आपने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की। पीसीएस अधिकारी के रूप में अपनी कुशल सेवाएं देने के कारण आपको सन् 2007 में आइएएस कैडर में पदोन्नत किया गया। तब से आज तक आप एक कुशल आइएएस के रूप में देश को अपनी सेवाएं दे रहे हैं और आज नैनीताल के ज़िलाधिकारी के पद को सुशोभित कर रहे है।
उनसे बात की हमारे संवाददाता मो.ख़ुर्शीद हुसैन (आज़ाद) ने
प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश :-

आज़ाद सवाल (01):-
सबसे पहले हम बात करते हैं पुलवामा में हुये हमले की।उसमें शहीद हुये जवानों की शहादत पर क्या कहना चाहेंगे आप घटना पर ?

ज़िलाधिकारी नैनीताल :-
बेहद दुःखद घटना है। हम इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं तथा शहीद हुये जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं …

आज़ाद सवाल (02):-
बलियानाला भू -स्खलन प्रभावित क्षेत्र से कितने परिवारों को विस्थापित किया जा चुका है ?

ज़िलाधिकारी नैनीताल :-
बलियानाला भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र से लगभग 20-22 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया जा चुका है। बाक़ी के 2-3 परिवार शेष हैं। उन्हें भी जल्द ही विस्थापित किया जाएगा…

आज़ाद सवाल (03):-
नैनीताल से लेकर हल्द्वानी, रामनगर कहीं भी चले जाओ सब सरकारी अस्पतालों की हालत बदतर क्यों है ?

ज़िलाधिकारी नैनीताल :-
नही, ऐसा नहीं है। अगर नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल की ही बात करें तो उक्त अस्पताल को कायाकल्प पुरस्कार से नवाज़ा गया है, जो काफ़ी कड़े मानदंडों के आधार पर दिया जाता है। रही बात अन्य अस्पतालों की तो निजी अस्पतालों के हड़ताल पर जाने से सरकारी अस्पताल ही मसीहा बने हुये हैं…

आज़ाद सवाल (04):-
महोदय, आपका कहना अपने स्तर पर ठीक होगा।न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी या कोई भी हाई प्रोफाइल पर्सनालिटी को बेहतर इलाज मिल रहा होगा लेकिन एक आम नागरिक को अवार्ड नहीं इलाज चाहिये।जनता का कहना है कि मरीज़ कक्ष में बैठकर चिकित्सक की प्रतीक्षा करते हैं और चिकित्सक बाहर धूप सेंकते हैं, क्या ये आरोप सही हैं ?

ज़िलाधिकारी नैनीताल :-
नहीं, ऐसा नहीं हो रहा है। बीडी पांडे अस्पताल में सब सही चल रहा है। अगर चिकित्सक धूप सेंक भी रहे हैं तो कोई गुनाह नहीं कर रहे हैं…।

आज़ाद सवाल (05):-
इसका मतलब जिलाधिकारी महोदय सरकारी अस्पतालों की कार्यशैली से संतुष्ट हैं ?

ज़िलाधिकारी नैनीताल :-
जी हाँ, जहाँ तक हमने अनुभव किया है वहां तक तो हम संतुष्ट ही हैं। वैसे बिल्कुल अंदर तक तो जाकर हमने भी नहीं देखा है…

साक्षात्कार जारी…

अंक 115 : बदल रही है नैनीताल की तस्वीर, आज़ादी के बाद पहली बार हो रही यहाँ सफाई…

-साफ़ हो रहे हैं नैनीताल के नाले, सिंचाई खंड का विशेष आभार, पालिका प्रशासन का भी मिल रहा सहयोग, नागरिकों का सहयोग अपेक्षित

साहिबान,
ये जो तस्वीर आप देख रहे हैं न,
वो हमारे शहर नैनीताल के अलग – अलग नालों की है, जिसमें सिंचाई खंड नैनीताल के कर्मचारी कार्य करते नज़र आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक़ हमारे शहर में कुल 59 नाले हैं, इनकी वर्ष में तीन बार सफ़ाई का प्रावधान है। एक बरसात से पहले, दूसरा बरसात के बीच व तीसरा बरसात के बाद। आजकल जो सफ़ाई चल रही है, वो बरसात के बाद वाली चल रही है, इस बारे में सिचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरीश चन्द्र सिंह बताते हैं कि वैसे तो नालों का स्वामित्व नगर पालिका नैनीताल का है, हम केवल नालों की मेंटिनेंस के लिये उत्तरदायी हैं। अब तक हमारे द्वारा लगभग 30 नालों की सफ़ाई हो चुकी शेष नाले मार्च के प्रथम सप्ताह तक लगभग पूरे साफ़ हो जाएँगे। नाले से निकले मलबे और कूड़ा निस्तारण से सम्बंधित बात करने पर सचिन नेगी, नगर पालिकाध्यक्ष नैनीताल ने बताया कि जो भी कूड़ा नालों से निकलता है उसे पालिका द्वारा उठाया जाएगा और जो मलबा होगा उसके निस्तारण की ज़िम्मेदारी सिंचाई खंड की होगी, तस्वीरें बता रही हैं कि सिंचाई खंड अपना कार्य बखूबी अंजाम दे रहा है, उसके लिये हरीश सिंह, अधिशासी अभियंता, मदन मोहन जोशी, सहायक अभियंता, नीरज तिवारी कनिष्ठ अभियंता व पर्यवेक्षक रमेश सिंह के साथ तमाम टीम जो आड़े-तिरछे, फिसलन वाले नालों को भी जान जोखिम में डालकर साफ़ कर रहे हैं, उन सबका तथा सचिन नेगी, नगर पालिकाध्यक्ष, रोहिताश शर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. जीएस धर्मसत्तू , नगर सफ़ाई निरीक्षक, कुलदीप सिंह के साथ एक से लेकर पंद्रह तक सभी सभासदगण नगर पालिका परिषद व उनकी पूरी टीम का आज़ाद मंच परिवार तहे दिल से शुक्रिया अदा करता है।
साथ ही नागरिकों से ये अपील करता है कि मेहरबानी करके नालों में कूड़ा न डालें, कूड़ा हमेशा कूड़ेदान में ही डालें और हर एक वार्ड के सभासद से ये गुज़ारिश है कि अपने -अपने वार्ड के लोगों को स्वच्छता के लिये प्रेरित व जागरूक करें तभी बनेगा हमारा ‘क्लीन नैनीताल-ग्रीन नैनीताल’।
न काहू से दोस्ती,
न काहू से बैर…

अंक 114: साक्षात्कार-डीएफओ बिजू लाल टीआर, भाग-3 : नैनीताल चिड़ियाघर पर उपयोगी जानकारी

टीआर बिजुलाल, मंडलीय वन अधिकारी  ( डिवीज़नल फॉरेस्ट ऑफिसर)  डीएफ़ओ, नैनीताल

टीआर बिजुलाल, मंडलीय वन अधिकारी (डिवीज़नल फॉरेस्ट ऑफिसर) डीएफ़ओ, नैनीताल

संक्षिप्त परिचय :- केरल प्रान्त के तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) में जन्मे टी.आर. बीजुलाल की शिक्षा-दीक्षा तिरुवनंतपुरम में ही हुई। एमएससी (ज़ूलॉजी) उत्तीर्ण करने के पश्चात् आपने आईएफ़एस परीक्षा (2004) में आपने 18वीं रैंक हासिल की। 3 वर्ष प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात् आपने हल्द्वानी स्थित एफटीआई में उप-निदेशक के पद को ग्रहण किया। एक वर्ष उप-निदेशक पद पर रहने के पश्चात 2008 में नैनीताल के डीएफ़ओ के तौर पर सरोवर नगरी में आगमन हुआ, कुछ समय की सेवायें देने के बाद आप डीएफ़ओ सिविल अल्मोड़ा, उप-निदेशक गोविन्द पशु विहार (पुरोला), वर्किंग मेन ऑफिसर (चकराता) में अपनी सेवायें देते हुये मई-2018 में पुनः नैनीताल की वादियों में डीएफ़ओ के तौर पर शानदार वापसी की तथा मई से फरवरी तक आपने वन संरक्षण के क्षेत्र में क्या-क्या उल्लेखनीय कार्य किये, इस सम्बन्ध में बात की हमारे संवाददाता मो ख़ुर्शीद हुसैन (आज़ाद) ने…
प्रस्तुत है टीआर बीजुलाल डीएफ़ओ, नैनीताल से बातचीत के प्रमुख अंश :-

सवाल 10 से आगे …
आज़ाद सवाल (11):
25 लाख रुपये प्रतिमाह क्या प्राणी उद्यान की आय होती है ?
 
डीएफ़ओ नैनीताल:-
नहीं, ऐसा तो नहीं हो पाता,
आय कम व्यय अधिक होने के कारण ज़ू घाटे में चलाया जा रहा है …
 
आज़ाद सवाल (12):-
क्या ज़ू के जानवरों को गोद लिया जा सकता है ?
 
डीएफ़ओ नैनीताल:-
जी हाँ, ज़ू में जितने भी पशु-पक्षी हैं सभी को गोद लिया जा सकता है उसका विकल्प मौजूद है, इच्छुक व्यक्ति यहां कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं…
 
आज़ाद सवाल (13):-
नैनीताल ज़ू में और क्या विशेषतायें लाई जाएंगी ?
 
डीएफ़ओ नैनीताल:-
नैनीताल ज़ू को और विकसित करते हुये यहां एक इंटरप्रिटेशन थिएटर खोलने की योजना है, जिसमें यहां आने वाले लोगों को वाइल्ड लाइफ संबंधी डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाकर वन्य जीव संरक्षण के लिये प्रेरित किया जा सकेगा ..
 
आज़ाद सवाल (14):-
ज़ू के अलावा पर्यटन व आय को बढ़ावा देने के लिये आपके द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं ?
 
डीएफ़ओ नैनीताल:-
पर्यटन व राज्य की आय बढ़ाने के लिये हम हनुमान गढ़ी स्थित ईको पार्क, कालाढूंगी मार्ग पर सरिता ताल (सड़िया ताल) वाटर फॉल, हिमालयन बॉटैनिकल गार्डन तथा रानीबाग़ स्थित रेस्क्यू सेंटर को पर्यटकों के लिये विकसित कर रहे हैं…
 
आज़ाद सवाल (15):-
तो इन सब स्थलों को विकसित करने में देरी क्यों हो रही है ?
 
डीएफ़ओ नैनीताल:-
बस फण्ड की कमी है, नैनीताल को स्वर्ग बनाने का संकल्प है, और हमें विश्वाश है वो ज़रूर पूरा होगा…
 
(साक्षात्कार समाप्त)

अंक 113: साक्षात्कार-डीएफओ बिजू लाल टीआर, भाग-2 :

सवाल 5 से आगे …

आज़ाद सवाल (06):-
नगर क्षेत्र में आवास बनाते समय किसी वृक्ष की कितनी दूरी होनी चाहिये?

डीएफ़ओ नैनीताल :-
नगर क्षेत्र में आवास बनाते समय किसी वृक्ष की दूरी लगभग 3 मीटर होनी चाहिये…

आज़ाद सवाल (07):-
नैनीताल में तो अधिकतर आवास वृक्षों से सटाकर बनाये गये हैं, उनका क्या होगा ?

डीएफ़ओ नैनीताल:-
पुराने समय से ऐसे आवास बन चुके हैं, हमने अपने कार्यकाल में ऐसी कोई अनुमति नहीं दी है…

आज़ाद सवाल (08):-
नैनीताल क्षेत्र में कौन सा वन अधिनियम लागू होता है ?

डीएफ़ओ नैनीताल :-
जहां तक नगर पालिका परिषद का क्षेत्र आता है वहां तक नगर पालिका अधिनियम और उसके पश्चात् वन संरक्षण अधिनियम 1927 लागू होता है और उन्हीं के अंतर्गत कार्रवाई होती है…

आज़ाद सवाल (09):-
अब बात करते हैं वन्य प्राणी उद्यान की। नैनीताल वन्य प्राणी उद्यान (ज़ू) में कितने संख्या में कितने जानवर व अन्य पक्षी हैं ?

डीएफ़ओ नैनीताल :-
नैनीताल वन्य प्राणी उद्यान वन्य जीव संरक्षण 1972 के अंतर्गत चलाया जा रहा है। यहां पर कुल 33 प्रजाति निवास करते हैं। जिनमें 232 जानवर हैं और जानवरों में
2 टाइगर (01नर +01 मादा ), 7 लैपर्ड (4 नर +3 मादा ), 4 भालू (1 नर +3 मादा ), 2 तिब्बती भेड़िये
(1 नर + 1 मादा), 5 रेड पांडा (2 नर + 3 मादा) हैं फ़िलहाल। बाक़ी आगे संख्या बढ़ सकती है…

आज़ाद सवाल (10):-
वन्य प्राणी उद्यान में जीवों के रख रखाव में प्रति माह कितना ख़र्चा आता है ?

डीएफ़ओ नैनीताल :-
सभी जीवों के रख रखाव पर प्रति माह ₹25 लाख का खर्चा आ जाता है…

साक्षात्कार जारी…

आज़ाद सवाल (01):-
आपके वनाधिकार में कौन-कौन से क्षेत्र आते हैं ?

अंक 110 : साक्षात्कार-डीएफओ बिजू लाल टीआर, भाग-1 :

डीएफ़ओ नैनीताल :-
हमारे वनाधिकार में नैनीताल, खैरना, बेतालघाट, रानीबाग़ तथा कालाढूंगी का क्षेत्र आता है…

आज़ाद सवाल (02) :-
नैनीताल में जगह-जगह भवन निर्माण हो रहे हैं। मानचित्र पास कराने को आपकी एनओसी भी अनिवार्य है। क्या आप बता पाएंगे कि किन आधारों पर आपने
एनओसी दी हैं ?

डीएफ़ओ नैनीताल :-
जितने भी निर्माण हो रहे हैं उनमें हमारी ओर से कोई एनओसी नहीं दी गयी है…

आज़ाद सवाल (03) :-
भवन निर्माण में धड़ल्ले से वृक्षों की बलि दी जा रही है। कौन है इसके लिये ज़िम्मेदार ?

डीएफ़ओ नैनीताल :-
यदि ऐसा हो रहा है तो उसके लिये पूरी तरह से भू -स्वामी ही ज़िम्मेदार है…

आज़ाद सवाल (04) :-
इसका मतलब आप उस पर कोई कार्रवाई नहीं करते ?

डीएफ़ओ नैनीताल :-
जो अवैध रुप से वृक्ष को काटता या क्षति पहुंचाता है उस पर नगर पालिका के नियमानुसार ₹5000 तक न्यूनतम तथा ₹25000 अधिकतम जुर्माना वसूला जाता है …

आज़ाद सवाल (05):-
मतलब ये हुआ कि अधिकतम ₹25000 दीजिये और वृक्षों का सफ़ाया कीजिये। यही अर्थ जाता है इसका तो ?

डीएफ़ओ नैनीताल :-
नहीं, ऐसा नहीं है, हम अपनी तरफ़ से पूरी कोशिश करते हैं कि वृक्ष कटान न हो। यदि दुर्भाग्यवश ऐसा हो जाता है तो उस पर क़ानूनी रूप से कार्रवाई की जाती है …

साक्षात्कार जारी…. 🙏

अंक 112 (15 फरवरी 2019) : सुनो सुनो सुनो ! यहां एक महीने से खड़ी है एक एम्बुलेंस, जिस किसी की हो ले जाये, वरना…

  • क्या खुलने वाला है नैनीताल में नया अस्पताल!
  • क्या स्टाफ़ हाउस क्षेत्र में बनेगा अस्पताल!
  • क्या एम्बुलेंस 108 सबसे पहले पहुंचाई
  • एक महीने से क्यों  खड़ी है एम्बुलेंस
  • क्यों कोई कोई सुध लेने वाला नहीं

साहिबान,
एक ज़रूरी एलान सुन लीजिये!
एक एम्बुलेंस जिसका नाम 108 है, सफ़ेद, नीली, लाल धारीदार कपड़े पहने हुए है, पिछले एक महीने से मल्लीताल सात नंबर क्षेत्र के भोटिया बैंड पर लावारिस हालत में खड़ी है, जिस किसी की भी हो, कृपया यहाँ आकर ले जाएँ, उसके हाथ- पैर अभी सलामत हैं, कहीं ऐसा न हो कुछ दिन बाद वो ईंटों पर खड़ी मिले। फिर मत कहना बताया नहीं। और तो और एम्बुलेंस का रौब लेकर घूमने वाली गाड़ी ‘कूड़ा गाड़ी’ का तमग़ा न हासिल कर ले, अभी रो- रो कर ,एम्बुलेंस के डीज़ल रूपी आंसू सड़क पर बिखरे पड़े हैं, मेहरबानी करके इस मैसेज को तब तक फैलाइये जब तक इसके ख़ैर ख़्वाह इस 108 एम्बुलेंस को अपने घर न ले जाएँ…
ख़ैर,
हमारे शहर में जो दो अस्पताल (अस्पताल कहने में बाई गॉड गला भर आया है फिर भी ) हैैं, उनकी हालत तो किसी से छिपी नहीं है, इसलिए नया अस्पताल बनने की कल्पना करने में भी डर लगता है हुज़ूर!

आख़िर में,
स्वास्थ्य मंत्री महोदय, उत्तराखंड,
मुख्य चिकित्साधिकारी महोदया, नैनीताल तथा सम्बंधित अधिकारीगणों से इल्तेजा है कि
108 एम्बुलेंस का उपयोग रोगियों की सेवा में हो तो अच्छा लगता है लेकिन किसी सूनसान जगह पर ले जाकर लावारिस हालत में एम्बुलेंस को खड़ा कर देना ये अच्छा महसूस नहीं होता।
अगर आपके संज्ञान में ये मामला नहीं था, तब भी ये चिंता का विषय है लेकिन अब मामला संज्ञान में आने के बाद कितनी जल्दी उस पर कार्रवाई होती है।
ये देखने वाली बात होगी…

न काहू से दोस्ती,
न काहू से बैर

अंक 111 (14 फरवरी 2019) : 15 दिन में ही 1/6 रह गई नगर पालिका की टॉल फ्री नंबर सेवा

  • नगर पालिका टॉल फ्री नंबर सेवा हुई बाधित
  • एक से लेकर पांच नंबर तक कोई रिस्पॉन्स नहीं
  • केवल छठे नंबर पर हो रही है शिकायत दर्ज
  • पालिकाध्यक्ष स्वयं जवाब दे रहे हैं लोगों की शिकायतों पर

साहिबान,
अभी 26 जनवरी को नगर पालिका ने लोगों की समस्या निवारण हेतु ऐतिहासिक शुरुआत की थी जिसमें सोचा ये गया था कि नगर पालिका से सम्बंधित हर समस्या से निजात दिलाने के लिये उक्त टोल फ्री नंबर काम आएगा जहाँ पर आम नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सके, 15 दिन से पहले ही फ्री के नाम पर जारी एक से लेकर 6 नंबर में से केवल 6 नंबर ही काम कर रहा है, जिस पर स्वयं पालिकाध्यक्ष शिकायत सुन रहे हैं व निवारण हेतु उचित जवाब भी दे रहे हैं,
अन्य नंबर क्यों नहीं उठाये जा रहे जब इस बावत पालिकाध्यक्ष से बात की गयी तो उन्होंने अन्य कर्मचारियों के अवकाश पर जाने का कारण बताया और साथ ही ये भी कहा कि जल्द ही इस समस्या को दूर किया जाएगा कि कर्मचारी के अवकाश पर जाने पर भी फोन अटेंड हो सकें, वहीँ दूसरी ओर अधिशासी अधिकारी से इस संबंध में बात की गयी तो उनका जवाब भी एक समान था। 
दोनों ही ज़िम्मेदार अधिकारियों ने अपनी ज़िम्मेदारी को बखूबी समझते हुये जनहित में जवाब दिये।
हम आपके जज़्बे की क़द्र करते हैं और आम नागरिकों से अपील करते हैं कि टोल फ्री नंबर डायल करने के बाद एक से लेकर पांच तक जब कोई जवाब न आये तब छठे नंबर को दबाएं व सीधे पालिकाध्यक्ष से अपनी पीड़ा बताएं वो हर सम्भव उक्त समस्या निवारण हेतु आपको एक ज़िम्मेदार जवाब अवश्य देंगे…

आख़िर में,
नगर पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी महोदय से हमारा एक ही सवाल है जब इतना बड़ा महत्वकांक्षी क़दम उठाना ही था तो जल्दी किस बात की थी, कुछ दिन और रुक जाते तो क्या बुराई थी,
ख़ैर,
हमें उम्मीद ही नहीं पूरा यक़ीन है कि जल्द से जल्द टोल फ्री नंबर के एक से लेकर पांच तक नंबर पर भी शिकायत दर्ज व उसका समाधान हो पाएगा …

न काहू से दोस्ती,
न काहू से बैर…

अंक 109 (9 फरवरी 2019) : साक्षात्कार (भाग-03)

तत्कालीन ज़िला नैनीताल (वर्तमान ज़िला उधम सिंह नगर तहसील किच्छा में मौजूद गाँव रामेश्वरपुर में बैसाखी और अम्बेडकर जयंती (14 अप्रैल ) के दिन सन् 1962 में एक साधारण किसान परिवार में जन्मे श्री हरबीर सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूल से हुई उसके बाद आपने इंटर तक की शिक्षा आदित्य नाथ झा इण्टर कॉलेज रुद्रपुर से 1980 में ग्रहण की और कुमाऊँ विश्वविद्यालय से सन् 1984 में एमए करने के उपरांत ही आपकी नैनीताल बैंक में नौकरी लग गयी। नौकरी लगने से पहले तक आपने अपने पिताजी के साथ खेती- किसानी भी की, जिसमें गन्ने की फ़सल धान लगाना व खेतों की रोपाई आदि शामिल थी। बचपन से ही अभिनय व गायन के शौक़ के चलते आपने हल्द्वानी रामलीला में दशरथ व जनक का क़िरदार बख़ूबी निभाया और अक्सर किसी भी कार्यक्रम में अपने गायन से श्रोताओं का मन मोह लेने वाले ऐसे हरफ़नमौला किसान, कलाकार, गायक और बेहतरीन व्यक्तित्व के स्वामी जो हमारे नैनीताल के अपर ज़िलाधिकारी व झील विकास प्राधिकरण के सचिव की भूमिका को भी बखूबी निभा रह हैं, विभिन्न मुद्दों को लेकर उनसे बातचीत की हमारे संवाददाता मो.ख़ुर्शीद हुसैन (आज़ाद) ने, प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश :-

सवाल 10 से आगे :-

आज़ाद (11) :-
भवाली से निकलने वाली उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी में सीवर लाइन की खुली गंदगी समाहित हो रही है साथ ही साथ नदी को गंदा नाला बना दिया गया है, उक्त नदी को दूषित होने से बचाने के लि्या क़दम उठाये जाएंगे ?

हरबीर सिंह :-
अभी तक हमारे संज्ञान में मामला नहीं था, प्राधिकरण की आगामी बोर्ड बैठक में इस नदी को स्वच्छ करने सम्बन्धी निर्णय लिये जाएंगे…

आज़ाद सवाल (12) :-
नैनीताल प्रारम्भ से ही रंगकर्मियों की रंगभूमि रही है लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अभी तक यहां एक रंगशाला नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी व कलाकार होने के नाते आपके स्तर से क्या सहयोग मिल सकता है ?

हरबीर सिंह :-
अभी तक तो कोई हमारे पास रंगशाला का ये मुद्दा लेकर नहीं आया, यदि ज्ञापन दिया जाता है तो हम यक़ीनन उस पर अपनी तरफ़ से पूरा सहयोग करेंगे…

आज़ाद सवाल (13) :-

सर पिछली बार के विंटर कार्निवाल से यहां के स्थानीय कलाकारों में रोष है कि उन्हें अवसर नहीं दिया गया, ऐसी चूक कैसे हो गयी ?

हरबीर सिंह :-
चूक नहीं हुई, हमने प्रारम्भ से ही प्रार्थना पत्र स्वीकार करने शुरू कर दिये थे लेकिन यहां के स्थानीय कलाकार बहुत देर में प्रार्थना पत्र लेकर आये जिससे शायद कुछ लोग नाराज़ हो गए। हम अगले विंटर कार्निवाल में पूरी कोशिश करेंगे कि कोई रोष न हो …

आज़ाद सवाल (14):-
आप में एक बेहद अच्छा कलाकार भी है। कलाकार से पीसीएस अधिकारी बनने तक का सफर कैसे तय किया ?

हरबीर सिंह :-
शौक़िया तौर पर पुराने गीतों को गा लेता हूँ। बाक़ी हल्द्वानी की रामलीला में दशरथ और जनक के किरदारों को निभाया है। नैनीताल बैंक में नौकरी के साथ – साथ सिविल सर्विसेज़ की तैयारी भी करता रहता था। बस एक बार वाहे गुरु जी की मेहरबानी से परीक्षा उत्तीर्ण की और वहीं से प्रशासनिक अधिकारी की यात्रा प्रारम्भ हो गयी…

आज़ाद सवाल (15) :-
आप अपनी सफ़लता का श्रेय किसे देना चाहेंगे ?

हरबीर सिंह :-
सिविल सर्विसेज़ को अत्यधिक गंभीरता से दिलाने का पूरा श्रेय मैं अपनी पत्नी अमरजीत कौर (रानी ) को देना चाहूंगा। एक प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिये मेरी पत्नी ने सदा मुझे प्रोत्साहित किया। मैं उनका आजीवन आभारी रहूंगा और मेरी दिली ख्वाहिश है कि हर जन्म में मुझे पत्नी के रूप में रानी ही मिले…

साक्षात्कार समाप्त
🙏💐💐💐💐🙏

अंक 108 (7 फरवरी 2019) : साक्षात्कार (भाग-02) सवाल (05) से आगे…

आज़ाद सवाल (06):-
झील विकास प्राधिकरण झील के विकास के लिये क्या प्रयास कर रहा है ?

हरबीर सिंह
झील को साफ़ व स्वच्छ रखने के लिये हमने ग्लोबल एक्वा प्रा. लि. को वॉटर एरियेशन की ज़िम्मेदारी सौंप रखी है जिसकी रख रखाव लागत रुपये अठारह लाख ( ₹18 लाख ) प्रतिवर्ष तथा विद्युत व्यय रुपये एक लाख साठ हज़ार (₹ 1,60,000) झील विकास प्राधिकरण के द्वारा भुगतान किया जाता है…।

आज़ाद सवाल (07) :-
अपर ज़िलाधिकारी की हैसियत से आपके द्वारा बलियानाला के भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र में रह रहे लोगों को अभी तक किसी सुरक्षित जगह विस्थापित क्यों नहीं किया गया ?

हरबीर सिंह
हमारी ओर से भ-ूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। और रही बात वहां के निवासियों को अन्यत्र विस्थापित करने की तो रूसी बाईपास के पास जगह चिन्हित की गयी है, जहां उनके लिये विचार किया जा रहा है…।

आज़ाद सवाल (08)
हमारे शहर में दोनों अस्पताल रेफ़रल सेंटर बन कर रह गए हैं। क्या कभी आपके द्वारा वहां की स्थितियों का जायज़ा लिया गया ?

हरबीर सिंह
पिछली बार नंदा देवी महोत्सव के दौरान एक बच्ची की अचानक तबियत ख़राब हो गयी थी उसको बीडी पाण्डे के इमरजेंसी में अच्छा उपचार दिया गया था लेकिन हाँ कभी अंदर वार्ड तक नहीं जा पाया लेकिन जल्द ही औचक निरीक्षण किया जाएगा…।

आज़ाद सवाल (09) :-
निजी विद्यालय शीत अवकाश के उपरांत खुलते ही अभिभावकों को लूटना प्रारम्भ कर देंगे। उक्त लूट को
अपर ज़िलाधिकारी स्तर पर रोकने को क्या प्रयास किये जाएंगे ?

हरबीर सिंह
सरकार द्वारा समस्त स्कूलों को आदेशित किया गया है कि किसी भी स्कूल द्वारा अभिभावकों पर यूनिफार्म, स्टेशनरी आदि के लिये दबाव नहीं बनाया जाएगा। यदि ऐसी शिकायतें प्राप्त होंगी तो सम्बंधित स्कूल प्रबंधन पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी…।

आज़ाद सवाल (10):-
सरकारी कार्यालयों में अनियमिततायें जारी हैं। उक्त अनियमितताओं को रोकने हेतु कभी आपके द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा ?

हरबीर सिंह
किसी भी हालत में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।ज़िलाधिकारी स्तर से निरीक्षण किया जाता रहा है और हमने भी अपने स्तर से अपर निदेशालय, नगर पालिका, जल संस्थान आदि विभागों में औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की है…।

साक्षात्कार जारी….

अंक 107 (6 फरवरी 2019) : साक्षात्कार (भाग-01)

आज़ाद:- सवाल (01)
सबसे पहले बात करते हैं, झील विकास प्राधिकरण सचिव की हैसियत से नगर में हो रहे अतिक्रमण को रोकने हेतु आपने क्या कार्रवाई की ?

हरबीर सिंह :-
हमारे क्षेत्राधिकार में पूरा नैनीताल ज़िला आता है, जिसका क्षेत्र विस्तृत परंतु टीम सीमित है। लेकिन फिर भी जितना हो सकता है हम अतिक्रमण रोकने को तत्पर व हमेशा प्रयासरत हैं…

आज़ाद:- (02)
प्राधिकरण किन मानदंडों के आधार पर किसी भवन का मानचित्र पास करता है ?

हरबीर सिंह
प्राधिकरण जिन मानदंडों के आधार पर मानचित्र पास करती है उसमें सर्वप्रथम राजस्व एनओसी, लोनिवि एनओसी, अग्निशमन विभाग, वन विभाग द्वारा तथा हिल सेफ़्टी कमेटी द्वारा एनओसी प्राप्ति के पश्चात ही मानचित्र पास किया जाता है..

आज़ाद (03)
सूखाताल क्षेत्र में एक विवादस्पद इमारत है जिस पर आपके द्वारा कार्रवाई भी की गयी थी लेकिन वहां अभी भी स्थितियां जस की तस हैं, आख़िर क्यों दोबारा कार्रवाई नहीं हो रही ?

हरबीर सिंह
वहां का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए उस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा..

आज़ाद (04)
हिल सेफ़्टी कमेटी और प्राधिकरण नियमानुसार नैनीताल नगर में कितना मंज़िला अथवा कितना ऊँचा भवन बनाना वैध है ?

हरबीर सिंह
हिल सेफ़्टी कमेटी और प्राधिकरण के नियमानुसार केवल दो मंज़िला भवन जिसमें भू-तल व प्रथम तल शामिल है तथा उक्त भवन की ऊंचाई अधिकतम 7.5 मीटर वैध है…

आज़ाद (05)
नगर पालिका के अलावा नैनीताल में प्राधिकरण के अंतर्गत कितने शौचालय आते हैं तथा क्या आप उनकी वर्तमान हालात से संतुष्ट हैं ?

हरबीर सिंह
नगर में जितने हाईटेक शौचालय हैं वे सभी प्राधिकरण के अंतर्गत आते हैं जिनकी संख्या कुल नौ (09) है तथा उनकी हालत देखने के लिये हम समय समय पर निरीक्षण करते रहते हैं…

अंक 106 : जानें फिर क्या व कहाँ हुआ असर नवीन समाचार और आज़ाद मंच का

शुक्रिया :- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल का

साहिबान,
हमने नवीन समाचार के स्तम्भ आज़ाद के तीर में 01 फरवरी के अंक ज़रूरत मंदों के लिये ख़ुशख़बरी, कोई भी पहन सकता है पुलिस की वर्दी
उन्वान के साथ ये बताने की कोशिश की गयी थी कि पुलिस लाइन के प्रांगण में ऐसी वर्दी पड़ी है जिसको साल भर बड़ी शिद्द्त के साथ सेल्यूट किया जाता रहा और काम निकलने / पुरानी होने पर उसे घर के कपड़ों की तरह बारिश में सड़ने गलने को फेंक दिया,
ख़ैर,
हमारी ख़बर का संज्ञान लेते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने तत्काल प्रभाव से अपने अधीनस्थों को निर्देश दिये, जिस पर कार्रवाई करते हुये, पुलिस लाइन प्रांगण में पड़ी पड़ी सड़ रही वर्दियों को वहां से हटाकर किसी सही जगह पर रखा गया,
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की
तत्काल प्रभाव कार्रवाई के लिये
आज़ाद मंच परिवार आपका
दिल से शुक्रिया अदा करता है और आने वक़्त में भी आपसे यही उम्मीद करता है |

अंक 105 : स्थायी लोक अदालत, ‘नवीन समाचार’ और ‘आज़ाद मंच’ का

शुक्रिया : अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका नैनीताल का

साहिबान,
कुछ महीनों पहले हमने नवीन समाचार के स्तम्भ आज़ाद के तीर में झील का गुनहगार पेशाबघर उन्वान के साथ ये बताने की कोशिश की थी कि किस तरह से जीर्ण क्षीर्ण हो चुके पेशाबघर की सारी गंदगी झील में जा रही थी जिससे नैनीताल वासियों की सेहत का सीधे तौर पर वास्ता था, काफी दिन बाद भी इस मामले का संज्ञान नहीं लिया गया तब कहीं जाकर नैनीताल में मौजूद स्थायी लोक अदालत में मामला दायर किया गया, जिसमें दो माह से पहले ही नगर पालिका को ये आदेश दिये गए कि यदि पेशाबघर को मरम्मत करके उसका जीर्णोद्धार किया जाता है तो उसकी समय समय पर देख रेख यानि साफ़ – सफ़ाई की उचित व्यवस्था करनी होगी, जिसमें वाटर टैंक, सीवर कनेक्शन और नियमित सफ़ाई शामिल है यदि उक्त पेशाबघर का उचित रख रखाव के लिए आप असमर्थ हैं तो उसको तुड़वाकर जगह ख़ाली करें,
हमें इस बात की ख़ुशी है कि
आखिरकार नगर पालिका प्रशासन ने आज से उक्त तथाकथित पेशाबघर का जीर्णोद्धार का काम शुरू करवा दिया है जिसमें सबसे पहले सीवर का कनेक्शन दिया गया, जो किसी भी शौचालय / पेशाबघर की पहली शर्त होती है, जब ये बनाया गया था तब इतनी बड़ी भूल कैसे हुई इस विषय पर चर्चा फिर कभी, फ़िलहाल, इस बेहतरीन शुरुआत के लिये सबसे पहले हम स्थायी लोक अदालत के न्यायाधीश श्री बृजेन्द्र सिंह जी का हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहेंगे जिनकी न्यायदृष्टि जल्द ही न्याय मिला, उसके बाद अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका नैनीताल रोहिताश शर्मा का आभार व्यक्त करना चाहते हैं जिनके निर्देशन में उक्त कार्य सम्पन्न हो रहा है,
साथ ही साथ हमें यक़ीन है आने वाले वक़्त में भी आपका साथ यूँही मिलता रहेगा…

न काहू से दोस्ती
न काहू से बैर

सावधानी ही समस्या का पहला समाधान है

अंक 104 : ज़रुरतमंदों के लिये ख़ुशख़बरी, अब कोई भी पहन सकता है पुलिस की वर्दी

नैनीताल पुलिस लाइन में बिखरी पड़ी हैं वर्दियां, जाइये, उठाइये, पहनिए और बन जाइये पुलिसकर्मी

साहिबान,
ये जो तस्वीर आप देख रहे हैं न,
ये नैनीताल में मौजूद पुलिस मुख्यालय के मैदान का है, जहाँ पिछले क़रीब एक हफ्ते से पुलिस कर्मियों की वर्दियां लावारिस हालात में पड़ी हुई हैं, मामला तब ज़्यादा रोचक हो जाता है जब वहीँ मौजूद एक पुलिस कर्मी से इस बावत बात करने पर उसने बड़ा भोला जवाब दिया हमने उससे पूछा भाई ये माजरा क्या है क्यों पड़ी हैं ? हमारे पुलिस कर्मियों की वर्दियां इस हालत में ? तो उसने सीधे जवाब दिया कि हमारे किसी काम की नहीं है ये वर्दियां,आपको चाहिए होंगी तो ले जाना, ये सुनकर तो मानो हम सपनों की दुनिया में ही खो गये, वर्दी पहनकर इसी बहाने उत्तराखंड पुलिस का फ़ख़्र और नाज़ हासिल होगा, गली, मोहल्ले में सीना तानकर चलेंगे, परिवार वालों को भी नकारा लड़के के तारीफ़ों के पुल बांधने का मौक़ा मिल जाएगा, रिश्तेदारों में भी अलग शान बन जाएगी और तो और चाय- समोसा, बस, ऑटो का किराया माफ़ हो जाएगा,
अस्पताल वाले उतना ही इलाज करेंगे जितना जायज़ है, स्कूल वाले अंट- शन्ट शुल्क के लिये बार बार फोन नहीं करेंगे, फिर तो घर से लेकर बाहर तक अपने क़दम चांदी (कामयाबी तो वर्दी पहनकर ही क़दम चूमने लगती है ) चूमेगी, और मन में एक ही गीत बजेगा,
आला रे आला सिम्बा आला
फिर क्या था अचानक उस पुलिसकर्मी ने आवाज़ दी हाँ भैया आपको चाहिये क्या?
हमारा प्यारा ख्वाब टूटा और उसकी तरफ़ सर हिलाकर हाँ में जवाब दिया और आ गये घर से बड़ा सा थैला लेने,
अब सुबह का इंतज़ार है जल्दी से सुबह हो और वर्दी लेकर पहनूं और बन जाऊँ मैं भी उत्तराखंड का होनहार पुलिसकर्मी…
जय हिन्द बोलने में अलग ही फ़ील आता है बाई गॉड…

आज़ाद के तीर अंक 103 : नैनीताल के प्रथम नागरिक का प्रथम साक्षात्कार नगर के अंतिम नागरिक द्वारा (भाग – 3)

सचिन नेगी को देश की दूसरी एतिहासिक नगर पालिका नैनीताल का प्रथम नागरिक बने एक माह छबीस दिन पूरे हुये हैं, उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष पद की शपथ ग्रहण करने के बाद अब तक नगर हित के लिये क्या कार्य किये हैं। आइये जानते हैं प्रथम नागरिक से अंतिम नागरिक की हुई बातचीत के अंश :- सवाल (13) से आगे

साक्षात्कार नगर पालिकाध्यक्ष भाग -03

आइये जानते हैं प्रथम नागरिक से अंतिम नागरिक की हुई बातचीत के अंश :- सवाल (12) से आगे

सवाल (13)
अंतिम नागरिक
कुछ सालों पहले नगर पालिका द्वारा शरदोत्सव के नाम से एक उत्सव आयोजित किया जाता था, क्या नगरवासी दोबारा कभी शरदोत्सव देख पाएंगे ?

जवाब (13)
प्रथम नागरिक
मैं आपको यक़ीन दिलाता हूँ कि
इस वर्ष शरदोत्सव का आयोजन नगर पालिका द्वारा किया जाएगा।
सवाल (14)
अंतिम नागरिक
नगर पालिका के द्वारा
नगर के विकास के लिये क्या योजनायें चलाई जाएंगी ?

जवाब (14)
प्रथम नागरिक
सबसे पहले हमने नगर की समस्या से संबंधित टोल फ्री नंबर जनता की सेवा में समर्पित कर दिया है, जिस पर सफ़ाई, प्रकाश आदि की शिकायतें कर सकते हैं उनका तीन दिन के अंदर निदान भी किया जाएगा, दूसरा झील में नौकायन रोज़गार के अवसर बढ़ाने के लिये सोलर एनर्जी से चलने वाली नावें जल्द ही लाई जाएंगी, उस पर बात चल रही है, तीसरा रा.शहरी आजीविका मिशन के तहत बेरोज़गारों को स्वरोज़ग़ार स्थापित करने के लिये ₹2 लाख तक का ऋण दिलाने में सहायता की जा रही है, ऐसे ही बहुत से माध्यमों से नगर का विकास किया जा रहा है और किया जाएगा।

सवाल (15)
अंतिम नागरिक
ई- रिक्शा की सौग़ात नैनीतालवासियों को कब तक मिलेगी ?

जवाब (15)
प्रथम नागरिक
ई -रिक्शा की सौग़ात मिल जाती लेकिन यहां अगर प्रेक्टिकली सोचा जाये तो यहां के मौसम को देखते हुये चार्जिंग समस्या रहेगी, पार्किंग की नई समस्या आ जाएगी और भी कई दिक्कतों की वजह से ई -रिक्शा नैनीताल में चलाना मुमकिन नहीं है।

सवाल (16)
अंतिम नागरिक
पालिका की आय बढ़ाने के लिये आपके द्वारा क्या -क्या उपाय किये जा रहे हैं ?

जवाब (16)
प्रथम नागरिक
दो नई पार्किंग शुरू की जा रही हैं,
एक पम्प हाउस के पास, दूसरी बारा पत्थर के पास, और भी बहुत कुछ उपाय किए जा रहे हैं वो भी जल्द ही पता लग जाएंगे आपको।

सवाल (17)
अब बस एक अंतिम सवाल:- आप अभी नये हैं पालिका के लिये तो यहां अन्य लोगों के साथ आप सामंजस्य कैसे बैठा पा रहे हैं, कोई कठिनाई महसूस तो नहीं हो रही ?

जवाब (17)
प्रथम नागरिक
परिवार का मुखिया होने के नाते सभी मेरे परिवार के प्रिय सदस्य हैं, अभी तक सबके साथ अच्छा तालमेल रहा है और यकीन है आगे भी अच्छा ही रहेगा |

साक्षात्कार समाप्त

(नोट :- सभी से अनुरोध है कि कृपया यहां प्रयोग हुए अंतिम नागरिक शब्द को किसी अन्य चश्में से न देखा जाये, इस शब्द का प्रयोग केवल अपनी बात रखने के लिये किया गया है,
धन्यवाद )

न काहू से दोस्ती
न काहू से बैर

सावधानी ही समस्या का पहला समाधान है ….

आज़ाद के तीर अंक 102 : साक्षात्कार भाग:- 2

सवाल (07) अंतिम नागरिक
अब बात करते है फड़ – खोखा व्यवसायियों की, जिन्होंने न समय का पालन किया है, न आवंटित संख्या का, कभी निरीक्षण किया आपने उस क्षेत्र का ?

जवाब (07)
प्रथम नागरिक
इसमें ज़िला प्रशासन के द्वारा आवंटन है तथा प्रशासन के द्वारा ही एक कमेटी गठित की जा रही है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, दोनों व्यापर मंडल के अध्यक्ष,
तिब्बती मार्केट के अध्यक्ष, मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे व चर्च से एक एक प्रतिनिधि, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष, दो एन.जी.ओ. के प्रतिनिधि तथा चार खोखा फड़ समिति के प्रतिनिधि उक्त कमेटी में शामिल किये गये हैं, अब कमेटी बैठकर निर्णय लेगी इसमें आगे क्या करना है।

सवाल (08)
अंतिम नागरिक
चाट पार्क और भोटिया माला बाज़ार का अतिक्रमण फिर पैर पसारने लगा है पालिका की आंखें कब खुलेंगी ?तिमंज़िला बनने के बाद ?

जवाब (08)
प्रथम नागरिक
चाट पार्क में केवल आठ रेस्टौरेंट को बाहर बेंच लगाने की अनुमति प्राप्त है, उनके अलावा कोई और लगाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। भोटिया माला बाज़ार पर भी वही नियम लागू रहेगा। पालिका सबके लिये एक ही मापदंड लेकर चलेगी।

सवाल (09)
अंतिम नागरिक
नगर के प्रमुख बाज़ार दुकानों में कम, सडकों पर अधिक लग रहे हैं, उक्त अतिक्रमण पर चुप्पी क्यों साधी है पालिका प्रशासन ने ?

जवाब (09)
प्रथम नागरिक
इस सम्बन्ध में जल्द ही दोनों व्यापार मंडल अध्यक्षों के साथ मीटिंग करने वाला हूँ। जल्द ही निबटारा होगा इस समस्या का भी।

सवाल (10)
अंतिम नागरिक
नगर की जर-जर सडकों पर आपका क्या कहना है? टूटी फूटी सड़कों की मरम्मत कब तक की जाएगी ?

जवाब (10)
प्रथम नागरिक
शपथ ग्रहण के अगले ही दिन से मैंने एक से लेकर पंद्रह वार्ड की टूटी सड़कों को चिन्हित करवाया था। अब दो या तीन माह का समय और दीजिये। नगरवासियों को कोई शिकायत का मौक़ा नहीं मिलेगा।

सवाल (11)
अंतिम नागरिक
नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले शौचालय कितने हैं ?तथा उनकी हालत में सुधार कब आएगा ?

जवाब (11)
प्रथम नागरिक
नगर पालिका के लगभग पांच या छह शौचालय हैं, जिनमें नारायण नगर, जुबिली हॉल, पोस्ट ऑफिस के पीछे और चार्टन लॉज के निकट (पेशाबघर) हैं जिनका जीर्णोद्धार जल्दी किया जाएगा।

सवाल (12)
अंतिम नागरिक
नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले कितने स्कूल हैं ? और उनमें शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिये क्या प्रयास किये जा रहे हैं ?

जवाब (12) प्रथम नागरिक :-
पालिका के अंतर्गत तीन स्कूल हैं। एक प्रा.वि. लाइब्रेरी के सामने वाला, दूसरा मिडिल स्कूल और तीसरा सूखाताल स्थित ऐशडेल स्कूल। इन तीनों में ही जल्द से जल्द निःशुल्क इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स की व्यवस्था लागू की जाएगी।

साक्षात्कार जारी…

न काहू से दोस्ती
न काहू से बैर

सावधानी ही समस्या का पहला समाधान है ….

आज़ाद के तीर अंक 101, साक्षात्कार भाग – 1

सवाल (01)
अंतिम नागरिक:-
सबसे पहले बात करते हैं नगर में आतंक मचा रहे आवारा कुत्तों की, खुराफात मचाते बंदरों की और सड़क पर घूमते पालतू बड़े जानवरों की, इस सम्बन्ध में क्या क़दम उठाये जा रहे हैं आपके द्वारा ?

जवाब (01)
प्रथम नागरिक:- आवारा कुत्तों के बंध्याकरण की प्रक्रिया चलाई गयी है, जिसमें 90% कुत्तों का वेक्सिनेशन किया गया है। लंगूरों और बंदरों को पकड़ने के लिये टीम बुलाई जा रही है और आवारा पालतू जानवरों को हल्द्वानी के पशु घरों में ले जाया जाएगा, जल्द ही इन सबसे निजात मिल जाएगी।

सवाल (02)
अंतिम नागरिक :- नगर में डोर टू डोर कूड़ा निस्तारण योजना का प्रचार तो ख़ूब हो रहा है लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं दिख रहा, ऐसा क्यों ?

जवाब (02)
प्रथम नागरिक:- अभी हमारी ओर से निजी संस्था जाग्रति को 2000 कूड़ेदान दिए जा चुके हैं। जिससे काम तो प्रारम्भ हो चुका है, आगे जल्द ही उचित संख्या में कूड़ेदान और प्रदान किये जाएंगे ताकि योजना धरातल पर जल्द से जल्द दिखे।

सवाल (03)
अंतिम नागरिक :- नगर के उद्यानों की हालत बेहद ख़राब है। अब तो उद्यान भी पालिका के तहत हैं। फिर इनका सौंदर्यीकरण कब किया जाएगा ?

जवाब (03)
प्रथम नागरिक :- इसके लिये सारी तैयारियां हो चुकी हैं, मार्च तक हर उद्यान का सौंदर्यीकरण हो जाएगा।

सवाल (04)
अंतिम नागरिक :-  नगर में नालियां जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, उससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है, अनुरक्षण विभाग कहाँ सो रहा है आपका ?

जवाब (04)
प्रथम नागरिक :- इसके लिये इस्टीमेट बनाया जा रहा है, 15-20 दिन बाद कार्य प्रारम्भ हो जाएगा इस पर भी।

सवाल (05)
अंतिम नागरिक :- नगर की स्ट्रीट लाइट का ठेका ईको ड्राइव कम्पनी को दे रखा है। कई वार्ड से बहुत शिकायतें मिल रही हैं कि अँधेरा है। आख़िर क्या कर रही है उक्त कम्पनी ?

जवाब (05)
प्रथम नागरिक :- कम्पनी ने लगभग समस्त स्ट्रीट लाइट पर एल.ई.डी. बल्ब लगा दिये हैं । जहाँ नहीं लग पाये हैं वहां भी कोशिश रहेगी कि जल्द ही लग जायें।

सवाल (06)
अंतिम नागरिक :- शहर में जगह-जगह मलबे के कट्टे शोभा बढ़ा रहे हैं, लोनिवि कहता है हमारा काम नहीं है कट्टे उठाना। आपका क्या कहना है इस बारे में ?

जवाब (06)
प्रथम नागरिक :- सबसे पहले तो ये जानना होगा कि आख़िर वो कट्टे वहां रखे किसने हैं । पता लगते ही उक्त व्यक्ति का चालान काटा जाएगा। और जो मलबे के कट्टे लावारिस अवस्था में पड़े हैं उनको पालिका द्वारा उठाया जाएगा।

साक्षात्कार जारी…

न काहू से दोस्ती
न काहू से बैर, क्योंकि सावधानी ही समस्या का पहला समाधान है ….

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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