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राज्यपाल ने नाव, रिक्शा व घोड़ा चालकों को भेंट की राहत सामग्री, टीकाकरण करने के दिए निर्देश…

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जून 2021। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने शनिवार को नैनीताल राजभवन में नगर में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े नाव, रिक्शा एवं घोड़ा चालकों को राहत सामग्री उनकी महिलाओं के लिए गरम शॉल भी दिये। बताया गया कि यह राहत सामग्री इन व्यवसायों से जुड़े नैनीताल के सभी चालकों को दी जायेगी।
इस मौके पर राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने इन चालकों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनके व्यवसाय के संबंध में जानकारी ली और कोविड कर्फ्यू के बाद संचालन की अनुमति मिलने के बाद से उनकी आय की स्थिति के बारे में पूछा। सभी चालकों ने राज्यपाल के द्वारा उनके व्यवसाय के विषय पर गंभीरता से विचार करने पर आभार जताया। राज्यपाल ने संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन को निर्देश दिये कि नैनीताल पंहुचे पर्यटकों के सबसे पहले सीधे सम्पर्क में यही चालक आयेंगे इसलिए इन सभी चालकों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराया जाये। इस असवर पर राज्यपाल के परिसहाय मेजर मूदित सूद व रचिता जुयाल भी उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : राज्यपाल ने राजभवन के अल्पवेतन भोगी कर्मियों को भेंट की राहत सामग्री

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जून 2021। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने बृहस्पतिवार को नैनीताल राजभवन में कार्यरत अल्प वेतनभोगी, दैनिक वेतन भोगी, दैनिक, अस्थाई कार्मिकों से हालचाल जाना और उन्हें वस्त्र आदि राहत सामग्री वितरित की। इस मौके पर श्रीमती मौर्य ने कहा कि कोरोना की अवधि में परिवारों में रोजगार व आय का संकट रहा है। राजभवन नैनीताल के कम आय वर्ग के कार्मिकों को भी इस अवधि में कुछ मदद मिल सके इसलिए सभी को राहत सामग्री वितरण किया जा रहा है। इस असवर पर राज्यपाल के परिसहाय मेजर मुदित सूद व रचिता जुयाल सहित राजभवन के समस्त अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

राजभवन को राहत सामग्री ले कर जा रहा मिनी ट्रक सड़क पर फंसा

बृहस्पतिवार दोपहर राजभवन मार्ग पर फंसा मिनी ट्रक।

नैनीताल। जिला मुख्यालय की संकरी एवं तीक्ष्ण चढ़ाई वाली राजभवन रोड पर बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे एक मिनी ट्रक संख्या यूके08सीए-1079 बीच सड़क पर खड़ा हो गया और आगे नहीं बढ़ पाया। बताया गया कि ट्रक में राजभवन के लिए भरकर राहत सामग्री ले जाई जा रही थी। चालक अधिक भार व चढ़ाई की वजह से मिनी ट्रक को चढ़ा नहीं पाया और हिम्मत हार गया। इस कारण पुलिस को इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को मॉल रोड व अन्य मार्गों से भेजना पड़ा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे यातायात निरीक्षक आदेश कुमार ने इंटरसेप्टर से मौके पर पहुंचकर अन्य पिकअप वाहनों की मदद से मिनी ट्रक में भरी सामग्री खाली कर भिजवाई। इसके बाद भार कम होने पर चालक मिनी ट्रक को आगे बढ़ा पाया।

यह भी पढ़ें : राज्यपाल ने समझा नैनीताल के लघु व्यवसायियों का दर्द, पीएचसी को 25 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर देने की घोषणा की…

-राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने ली कोरोनो जांच, सक्रियता तथा स्वस्थता दर एवं टीकाकरण की स्थिति की जानकारी
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जून 2021। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कोरोना कर्फ्यू में कुछ व्यापारों को नियमों के साथ खोलने में दी जा रही छूट की तर्ज पर नैनीताल के पर्यटन को पुनः सदृढ़ बनाने के लिए नाव, रिक्शा, घोड़ा-खच्चर चालकों को एसओपी का पालन कराते हुए संचालन की अनुमति देने पर भी विचार करने को कहा। उन्होंने रोजगार के पटरी पर आने तक श्रमिकों एवं लघु व्यवसायियों को राहत सामग्री के साथ-साथ अन्य जरूरी सामानों की किट भी उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने पीएचसी नैनीताल को दस लीटर क्षमता के 25 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर दिये जाने की बात भी कही।
राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने मंगलवार को राजभवन नैनीताल में कुमाऊं मंडल में कोरोना नियंत्रण की स्थिति, दूसरी लजर में वापस लौटे प्रवासियों एवं तीसरी लहर की तैयारियों पर आयुक्त, आईजी व जिलाधिकारी आदि उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी जिलों में कोरोनो जांच, सक्रियता तथा स्वस्थता दर एवं टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली, तथा समय पर शासन से कोरोना के टीकों की उपलब्धता के लिए मांग करने व सभी श्रेणियों में शत-प्रतिशत टीकाकरण कराये जाने तथा दूसरा टीका भी समय से दिये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने तीसरी लहर में कोविड के कारण एक भी बच्चे की मौत न हो पाये ऐसी तैयारी रखने को अधिकारियों को निर्देशित किया। इस पर जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने उन्हें जनपद में प्रथम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं, स्वास्थ्य कर्मियों, 45 से ऊपर तथा 18 से 44 आयु वर्ग के टीकाकरण की स्थिति से भी राज्यपाल को अवगत कराया। वहीं कुमाऊं मंडल के आयुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी ने बताया कि पहली लहर की अपेक्षा दूसरी लहर में प्रवासियों के लौटने की संख्या कम रही है। वहीं राज्यपाल ने तीसरी लहर की तैयारियों के सिलसिले में सभी जनपदों में बाल रोग विशेषज्ञ, बैड, आइसीयू, ऑक्सीजन बैड आदि की जानकारी ली, और उन्होंने ऑक्सीजन के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं, सीएसआर के माध्यम से पर्याप्त संसाधन रखने साथ ही ग्रामीण स्तर पर आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित किये जाने के निर्देश नैनीताल जिले की सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी को दिये। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को पल्स ऑक्सीमीटर, बुखार आदि को जांचने, मरीज को ऑक्सीजन देने का प्रशिक्षण देने, मानसून काल में मार्गों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में ऑक्सीजन की पहाड़ पर निर्बाध आपूर्ति, ऑक्सीजन प्लांटों की स्थापना, कॉसंट्रेटर आदि व अन्य विकल्प भी तैयार रखे जाने को कहा। साथ ही सीमा पर चेकिंग, मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग पर कोई भी लापरवाही न बरतने, कोविड गाइड लाइन का पालन न करने वालों पर सख्ती रखने व चालान प्रक्रिया में ढिलायी न बरतने, नशे के विरूद्ध अभियान में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। उन्हांेने मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल से गोद लिये गये ‘गहना’ गांव में किये गये विकास व उत्थान कार्यो की जानकारी भी ली। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : राज्यपाल नैनीताल राजभवन पहुंचीं, डॉ. हृदयेश को दी श्रद्धांजलि

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जून 2021। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य रविवार की शाम नैनीताल राजभवन पहुंच गई हैं। यहां पहुंचने पर कुमाऊं मंडल के आयुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी, आईजी कुमाऊं अजय रौतेला, डीएम नैनीताल धीराज सिंह गर्ब्याल, कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी, राज्यपाल के परिसहाय-सेना मेजर मुदित सूद, परिसहाय-पुलिस रचिता जुयाल सहित राजभवन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यहां पहुंचने के बाद राज्यपाल ने प्रदेश की नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के असामयिक निधन पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि डॉ. हृदयेश ने महिला राजनेता के रूप में उत्तराखंड राज्य और अपने कार्यकर्ताओं के बीच विशेष पहचान बनायी, जिसके लिए वह हमेशा स्मरण की जायेंगी। राज्यपाल के नैनीताल राजभवन में प्रवास कार्यक्रम की अन्य जानकारी नहीं दी गई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, देहरादून, 22 नवम्बर 2020। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। राज्यपाल ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं और उनका स्वास्थ्य बिलकुल ठीक है। ट्विटर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने लिखा कि ‘मेरी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैं एसिम्प्टोमैटिक हूं और कोई परेशानी नहीं है । डॉक्टर्स की निगरानी में मैंने स्वयं को आइसोलेट कर लिया है। आप में से जो भी लोग गत कुछ दिनों में मेरे निकट संपर्क में आयें हैं, कृपया सावधानी बरतें और अपनी जांच करवाएं।’

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से की थी मुलाकात
जानकारी के अनुसार राज्यपाल बेबी रानी मौर्य देहरादून की यात्रा पर आए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी।

यह भी पढ़ें : राज्यपाल के कड़े निर्देश: हर माह राजभवन को देनी होगी नैनीताल जनपद में हो रहे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 नवम्बर 2020। प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने बुधवार को नैनीताल राजभवन नैनीताल में नैनीताल जिले में हो रहे विकास कार्यों विशेषकर होम स्टे योजना, यातायात प्रबंधन, महिला स्वयं सहायता समूहों की स्थिति, वनाग्नि की स्थिति तथा पुलिस-प्रशासन द्वारा नशाखोरी को रोकने के लिये किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नैनीताल के डीएम को सख्त निर्देश दिये हैं कि नैनीताल जिले में हो रहे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक माह राजभवन को उपलब्ध करवायी जाय। राज्यपाल ने जिलाधिकारी को नैनीताल व कुमाऊं मंडल के अन्य जनपदों के महिला स्वयं सहायता समूहों को नैनीताल बाजार, अन्य महत्वपूर्ण बाजारों तथा पर्यटक स्थलों पर उनके स्थानीय उत्पादों व हस्तशिल्पों की बिक्री हेतु स्थान उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने होम स्टे पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के भी निर्देश दिये है।
साथ ही राज्यपाल ने नैनीताल डीएम तथा लोनिवि के अधिशासी अभियंता को माल रोड के निर्माण कार्य को शीघ््रा से शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस पर अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2021 तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने नैनीताल के सभी महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों के मार्ग निर्माण का कार्य मार्च 2021 तक पूर्ण करने, प्राइवेट पार्किंग को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। वहीं राज्यपाल द्वारा होम स्टे योजना की जानकारी लेने पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने बताया कि कुमाऊं मण्डल में 2275 होम स्टे विकसित करने के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1017 होम स्टे पंजीकृत किये जा चुके हैं तथा 85 होम स्टे के पंजीकरण की प्रक्रिया गतिमान है। वहीं भवाली स्थित टीबी सैनिटोरियम की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने सैनिटोरियम का जीर्णोद्धार करवाकर इसे पीपीपी मोड पर संचालित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि संबंध में शासन स्तर पर वार्ता करेंगी। उन्होंने मॉडल विलेज के रूप में विकसित किए जा रहे नैनीताल जनपद के गहना गांव का दिसम्बर माह में निरीक्षण करने की बात भी कही। बैठक के पश्चात राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने राजभवन नैनीताल के समीप निहाल नाले का भी निरीक्षण किया तथा सुरक्षात्मक एवं उपचार कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिये। बैठक में कुमाऊं मंडलायुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी, आईजी कुमाऊं अजय रौतेला, डीएम सविन बंसल, एसएसपी सुनील कुमार मीणा सहित डा. भागीरथी जोशी, संतोष कुमार उपाध्याय, हरिशंकर शुक्ला, अरविंद गौड़, कमलेश कुमार गुप्ता, एचसी तिवारी सयुंक्त, टीआर बीजूलाल व रंजीत सिंह आदि जिला व मंडल स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

नयना देवी मंदिर में पूजा की, करवा चौथ की बधाई दी
नैनीताल। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने बुधवार को नगर की आराध्य देवी माता नयना के मंंिदर पहंुच कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि के लिये कामना की। इसके साथ ही राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने प्रदेश की महिलाओं को करवा चौथ त्यौहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

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सोमवार को नैनीताल राजभवन में महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व उनके उत्पादों के साथ राज्यपाल बेबी रानी मौर्या।

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 नवम्बर 2020। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सोमवार को नैनीताल राजभवन में नैनीताल जिले के पांच विकास खंडों-भीमताल, बेतालघाट, रामनगर व हल्द्वानी के 13 महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य के ऐपण जैसे स्थानीय हस्तशिल्प एवं स्थानीय खाद्यान्नों से बने उत्पादों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाना तथा उन्हें विश्वस्तरीय बाजार उपलब्ध करवाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण में स्थानीय उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्थानीय उत्पाद पलायन रोकने में भी सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
इस दौरान राज्यपाल ने विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों व स्थानीय खाद्य उत्पादों का क्रय भी किया और महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के कार्यों तथा उनके द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रशंसा की तथा उनका उत्साहवर्द्धन किया। इस अवसर पर सहायक परियोजना निदेशक संगीता आर्या, रमेश कनवाल, रमेश बिष्ट तथा महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं तथा जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अक्टूबर 2020। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य शुक्रवार को करीब एक सप्ताह भर के नैनीताल राजभवन प्रवास के लिए नैनीताल पहुंच गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल मौर्य प्रातः 11 बजे जीटीसी हैलीपैड देहरादून से हैलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर पूर्वाह्न 11.50 बजे कैलाखान हैलीपेड और यहां से कार से राजभवन नैनीताल पहुचीं। वह आगामी 7 नवम्बर तक नैनीताल प्रवास पर रहेंगी। इस दौरान पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने कोरोना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर कार्य करने की इच्छा जताई।
नैनीताल राजभवन पहुंचने पर पुलिस महानिरीक्षक अजय रौतेला एवं प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी केएस टोलिया सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने राज्यपाल मौर्य का स्वागत अभिनंदन किया। साथ ही पुलिस की गारद के द्वारा उन्हें सलामी दी गई। इसके उपरांत श्रीमती मौर्य ने अधिकारियों से संक्षिप्त विचार-विमर्श कर वर्तमान स्थितियों, विकास कार्यो तथा कोविड-19 के संबंध में जानकारी हासिल की। इस मौके पर जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा, अपर जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह जंगपंागी, अपर आयुक्त संजय खेतवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. भागीरथी जोशी, अपर सूचना निदेशक योगेश मिश्रा, कुमाऊॅ मण्डल विकास निगम के महाप्रबंधक अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी विनोद कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक राजीव मोहन, पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय थापा आदि ने भी महामहिम राज्यपाल का स्वागत किया।

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उत्तराखंड में होम स्टे योजना को अधिक प्रोत्साहित करने का सुझाव
-दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिलीं राज्यपाल बेबी रानी मौर्या, केदारनाथ धाम, चार धाम यात्रा के साथ ही ऑर्गेनिक खेती को बढ़ाने पर भी हुई चर्चा

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जून 2019। प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें पुनः भारत का प्रधान मंत्री बनने पर बधाई और उनके लगातार दूसरे कार्यकाल हेतु शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से उत्तराखंड से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने चार धाम यात्रा और विशेष रूप से श्री केदारनाथ धाम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उत्तराखण्ड पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना को और अधिक प्रोत्साहित करने का सुझाव भी दिया। उत्तराखण्ड में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुईं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व राज्यपाल ने मंगलवार को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी भेंट की थी। राज्यपाल बुधवार दोपहर को राजभवन नैनीताल पहुँच गई हैं।

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-राज्यपाल की फ्लीट के लिए रोकने के विरोध में राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
-वीआईपी कल्चर पर रोक लगाने के लिए राज्यपाल से स्वयं पहल कर उदाहरण प्रस्तुत करने का किया अनुरोध
नैनीताल, 6 सितंबर 2018। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के नगर सचिव अधिवक्ता कैलाश जोशी के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को अधिवक्ता प्रमोद कुमार, राजेंद्र असवाल, रोहित कुमार, त्रिभुवन फर्त्याल व नवनीश आदि के प्रतिनिधिमंडल ने कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला के माध्यम से प्रदेश की राज्यपाल को एक ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में नैनीताल शहर में ‘वीआईपी कल्चर’ से शहर में उत्पन्न होने वाली दिक्कतों का जिक्र किया गया है। कहा गया है, ‘नगर में पहले ही यातायात का भारी दबाव है, और इस कारण लोवर माल रोड धंस भी चुकी है। उस पर नगर में वीआईपी व वीवीआईपी आने के समय उनके लिए मार्ग सुगम बनाना प्रशासन की प्राथमिकता बन जाता है, इससे आम जनता त्रस्त होती है, और उसे घंटों इंतजार करना पड़ता है। राज्यपाल के नैनीताल राजभवन के दौरे के दौरान भी जनता को काफी कष्ट झेलने पड़ते हैं।’ उम्मीद की गयी है कि इस वीआईपी कल्चर पर रोक लगाने के लिए राज्यपाल स्वंय पहल कर उदाहरण प्रस्तुत कर सकती हैं। ज्ञापन में नैनीताल शहर में वीआईपी व वीवीआईपी वाहनों के लिए विशेष महत्व दिया जाना बंद करने और राज्यपाल के नैनीताल आने पर उनके काफिले को मिलने वाले वीआईपी ट्रीटमेंट को खत्म करने के लिए आदेश जारी करने की मांग की गयी है, ताकि यह आगे के लिए भी एक अच्छी परंपरा बन जाये। ज्ञापन में उत्तराखंड महिला मंच की डा. उमा भट्ट, डा. शीला रजवार, कौशल्या साह, राजीव लोचन साह, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रताप सिंह मौनी, मान सिंह बिष्ट, पंकज चौहान, सुभाष जोशी, हितेश पाठक, प्रदीप परगाई, भुवन जोशी, मनीष जोशी, संजय त्रिपाठी व राजेंद्र बोरा सहित नगर के विभिन्न संगठनों एवं बुद्धिजीवियों व अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर हैं।

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नैनीताल, 28 सितंबर 2018। उत्तराखंड की राज्यपाल शुक्रवार को नगर की आराध्य देवी माता नयना के मंदिर में दर्शन करके लौट गयी हैं। नगर से लौटने से पहले शुक्रवार सुबह वे अपने परिजनों के साथ नयना देवी मंदिर पहुंचीं और विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला, एएसपी हरीश चंद्र सती आदि उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि वे यहां मंगलवार को पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने नैनीताल राजभवन में अपने तीन दिन के प्रवास के दौरान ‘नैनीताल को उत्तराखंड का दिल और इस नगर के कारण उत्तराखंड की वैश्विक पहचान’ बताकर नगर वासियों का दिल जीत लिया। साथ ही नगर की मजबूती के लिए नगर के आधार बलियानाला के सुधार कार्यों के लिए अधिकारियों से वार्ता की। साथ ही नगर के स्कूली बच्चों, शिक्षकों एवं शिक्षाधिकारियों से बात कर बच्चों की सुरक्षा तथा उन्हें नशे से दूर रखने पर चर्चा की। साथ ही बच्चों से बड़े सपने देखने का आह्वान भी किया।

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-उत्तराखंड का दिल है नैनीताल, नैनीताल के कारण है उत्तराखंड की वैश्विक पहचान, बताया 1970 से यहां आती रही हैं

पहली बार नैनीताल राजभवन पहुंचीं राज्यपाल बेबी रानी मौर्य

नैनीताल, 25 सितंबर 2018। प्रदेश की राज्यपाल बैबी रानी मौर्या मंगलवार को अपने निर्धारित कार्यक्रमानुसार नैनीताल प्रवास पर पहुचीं। राजभवन पहुचने पर कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला, आईजी पूरन सिंह रावत, कुलपति डीके नौड़ियाल, केएमवीएन के एमडी धीराज गर्ब्याल व जीएम त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, राज्यपाल के सचिच आरके सुधांशु, गोल्फ कैप्टन कर्नल हरीश साह सहित अन्य अधिकारियों के द्वारा पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया गया तथा पुलिस विभाग की गारद द्वारा सलामी दी गयी। इस अवसर पर श्रीमती मौर्या ने कहा कि उनके लिए नैनीताल शहर नया नहीं है, तथा देवभूमि उत्तराखंड से उनका दिली लगाव रहा है। वह वर्ष 1970 से लगातार नैनीताल आती रहीं हैं। कहा कि नैनीताल उत्तराखंड का दिल है और नैनीताल के कारण विश्व पटल पर उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान है। नैनीताल में पर्यटकों की संख्या में पहले की तुलना में वृद्धि हुई है। कहा कि नैनीताल शहर के आस पास के गांवों तथा पर्यटन स्थलों को और अधिक विकसित करने तथा यहां के माता नयना देवी मंदिर सहित क्षेत्र के सभी ऐतिहासिक मंदिरों के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक किये जाने की आवश्यकता है। कहा कि समय की मांग तथा जनहित में यहां कुछ नवाचारी कार्य होने भी जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि जापानी कम्पनी व आईआईटी रूड़की के वैज्ञानिकों द्वारा क्षेत्र का अध्ययन करते हुए कुछ सुझाव दिये गये हैं। इसके अनुरूप नगर की मजबूती के लिये कार्य किये जाएंगे। वह चाहती हैं कि नैनीताल सहित राज्य का चहुमुखी विकास हो, क्षेत्रवासियों को उत्पन्न हुई समस्याओं से तत्काल राहत मिले और पर्यटन को बढ़ावा मिले। वह राज्यपाल के रूप में प्राप्त जिम्मेदारियों एवं दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए देवभूमि के विकास के लिए सदैव तत्परता से कार्य करती रहेंगी। इस दौरान राज्यपाल को आयुक्त कुमाऊं राजीव रौतेला नेे मंडल में संचालित विभिन्न कार्यों की तथा आईजी पूरन सिंह रावत ने कानून एवं शान्ति व्यवस्था के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आईजी पूरन सिंह रावत को कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने तथा वांछित अपराधिकयों को पकड़ने के लिए ठोस कार्य योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिये।

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बेबी रानी मौर्य को उत्तराखंड की नयी राज्यपाल बन गयी हैं। उनकी नियुक्ति के पीछे उन पर राष्ट्रपति रामलाल कोविंद की कृपादृष्टि रही है। आगरा के बालूगंज की निवासी बेबी रानी का परिवार गैरराजनीतिक रहा है। उनके ससुर एमडी मौर्य आईपीएस अधिकारी, जबकि पति प्रदीप कुमार मौर्य बैंक के अधिकारी रहे हैं। बावजूद वे साल 1995 से 2000 तक आगरा की पहली मेयर रह चुकी हैं। इस बीच 1997 में वे भाजपा के राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा की कोषाध्यक्ष रहीं। तब वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष थेे। इसलिए उनकी नियुक्ति को इसी कोण से जोड़कर देखा जा रहा है। 

बेबी रानी मौर्य ने रविवार को रक्षाबंधन के पर्व पर शाम पांच बजे उत्तराखंड के सातवें राज्यपाल के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्हें राज्य के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा ने शपथ दिलाई। यह पहला मौका भी रहा जब राज्य के किसी कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ने राज्यपाल को शपथ दिलाई। श्रीमती मौर्य में हिंदी में शपथ ग्रहण की। इस दौरान उन्होंने हिंदी में शपथ ग्रहण की, और इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यू इंडिया’ की तर्ज पर ऐसा ‘न्यू उत्तराखंड’ बनाने का संकल्प भी जताया, जो देश की तरक्की में अपना योगदान दे सके। देवभूमि उत्तराखंड का राज्यपाल बनने को उन्होंने अपने लिये गौरव बताया। कहा कि उत्तराखंड विकास के नये आयाम बनाते हुए देश के शीर्षस्थ राज्यों में स्थान बनाये, यह उनकी प्राथमिकता होगी। इस हेतु महिला सशक्तीकरण, बालिका शिक्षा व स्वच्छता अभियान को मजबूती दी जाएगी। उच्च शिक्षा में शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा। 

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नवीन जोशी, नैनीताल (21 अगस्त 2018)। राष्ट्रपति भवन की ओर से मंगलवार देर शाम जारी विज्ञप्ति के अनुसार देश के सात राज्यों के राज्यपाल बदल गये हैं। इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम तीसरे नंबर पर उत्तराखंड की भावी राज्यपाल का है। बेबी रानी मौर्य (जन्म 15 अगस्त 1956) को केके पॉल की जगह उत्तराखंड का नया राज्यपाल बनाया गया है। हालांकि उत्तराखंड सहित संयुक्त यूपी की शुरुआत ही महिला राज्यपाल से हुई थी। 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के दिन सरोजनी नायडू यूपी की पहली कार्यवाहक राज्यपाल बनी थीं। हालांकि उनके बाद से यूपी को कभी भी महिला राज्यपाल नहीं बनीं, अलबत्ता उत्तराखंड में मार्गरेट आल्वा राज्यपाल बनीं। अब श्रीमती मौर्य मार्गरेट आल्वा के बाद उत्तराखंड की दूसरी महिला राज्यपाल होंगी।
उल्लेखनीय है कि यूपी की भाजपा नेत्री, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती मौर्य वर्ष 2007 में भाजपा के टिकट से यूपी के आगरा जिले की एत्मादपुर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ी थीं, और बसपा प्रत्याशी नरायन सिंह सुमन से करीब 10 हजार वोटों के अंतर से हारकर दूसरे स्थान पर रही थीं। इस चुनाव में उन्हें 37,916 जबकि बसपा प्रत्याशी को 47,536 वोट मिले थे। इसके अलावा 2001 में उन्हें प्रदेश सामाजिक कल्याण बोर्ड का सदस्य आर 2002 में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य बनाया गया। 2013 से 2015 तक भाजपा संगठन में उन्होंने प्रदेश मंत्री का दायित्व दिया। आलाकमान ने पार्टी का दलित चेहरा और महिला होने के नाते ही उन्हें दायित्व सौंपा है। इसके अलावा सामाजिक कार्यों के लिए 1996 व 1997 में उत्तर प्रदेश समाज रत्न तथा 1998 में नारी रत्न से सम्मानित किया गया। फिलहाल वे अमेरिका गई हुई हैं। यूपी में केशव प्रसाद मौर्य के बाद श्रीमती मौर्य को उत्तराखंड का राज्यपाल बनाने के साथ भाजपा की नजर मौर्य बिरादरी किस हद तक साधने की है, अथवा एक महिला भी होने के नाते उनकी नियुक्ति के क्या राजनीतिक निहितार्थ हैं, फिलहाल कहना मुश्किल है।
अपनी नियुक्ति के बाद श्रीमती मौर्य उत्तराखंड से सर्वाधिक सर्च की जा रही हैं, लेकिन खास बात यह है कि उनके बारे में उत्तराखंड के साथ ही उनके गृह राज्य यूपी के भाजपा नेताओं को भी अधिक जानकारी नहीं है। वहीं गूगल के लिए भी वे बेहद अल्पज्ञात हैं। गूगल पर भी उनके बारे में जितनी जानकारियां हैं, उनमें से अधिकांश उनकी नियुक्ति के बाद की हैं। इसके अलावा गूगल उनके बारे में केवल इतना भर बताता है कि वे आगरा की महापौर निर्वाचित हुईं, तथा 20 फरवरी 2002 से 19 फरवरी 2005 तक यानी तीन वर्ष तक राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रही हैं, और इधर अगस्त 2018 का महीना उनके लिए दोहरी खुशियों, या कहें कि लॉटरी लगने सरीखा रहा है। इसी माह के शुरू में पहले उन्हें तीन वर्ष के लिए राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग का सदस्य बनाया गया, और अब अगस्त के दूसरे पखवाड़े में ही उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल का बड़ा ओहदा मिला है। 

राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार उनके अलावा बिहार के राज्यपाल सतपाल मलिक को जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल बनाया गया है। वह एनएन वोहरा का स्थान लेंगे। वहीं दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निकटस्थ रहे वरिष्ठ भाजपा नेता लालजी टंडन बिहार के राज्यपाल नियुक्त किये गये हैं। वह मलिक की जगह लेंगे। जबकि हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को त्रिपुरा भेज दिया गया है, और उनकी जगह सत्यदेव नारायण आर्य हरियाणा के नये राज्यपाल होंगे। वहीं त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय अब मेघालय के राज्यपाल होंगे, जबकि मेघालय के राज्यपाल गंगाप्रसाद का स्थानांतरण सिक्किम कर दिया गया है। इस पूरे बदलाव में केवल उत्तराखंड के राज्यपाल केके पॉल व जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन बोहरा ही हैं, जिन्हें आगे कोई जिम्मेदारी नहीं दी गयी है। उल्लेखनीय है कि यूपीए के दौर में नियुक्त पॉल का पांच वर्ष का कार्यकाल पहले ही पूरा हो चुका है। कांग्रेस शासन के दौर में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगने के दौर में उन्होंने राज्य की पूरी शासन व्यवस्था भी संभाली। इस बारे में पूछे जाने पर उत्तराखंड के एक बड़े नेता ने भी उनके नाम पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, भाजपा में ही रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति, और बेबी रानी मौर्य राज्यपाल बन सकती हैं।

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