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नैनीताल के ‘बावरे’ ने ‘बावरी’ संग गिनीज बुक में दर्ज कराया नाम

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दुनियां में (एक देश में) सर्वाधिक बाइकिंग के लिये गिनीज बुक में दर्ज हुआ नैनीताल के गौरव का नाम

  • दुनिया में किसी एक देश में एक यात्रा में सर्वाधिक दूरी तक मोटर साइकिल चलाने का बनाया विश्व रिकार्ड
  • अमेरिकी रिकार्ड को डेढ़ गुने के अंतर से तोड़ा
राष्ट्रीय सहारा, 1 मार्च 2018

नवीन जोशी, नैनीताल। जी हां, दुनियां में (एक देश में) एक साथ सर्वाधिक दूरी तक मोटर साइकिल चलाने के लिये नैनीताल के ‘बावरे-घुमक्कड़’ गौरव सिद्धार्थ बिष्ट का नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज कर लिया गया है। गौरव ने 17 सितंबर 2015 से 23 अप्रैल 2017 के भारत में अपनी नारंगी रंग की ‘बावरी’ नाम की हीरो इम्पल्स मोटरसाइकिल 115,093.941 किमी (71,708 मील) चलाकर यह सफलता अर्जित की है। इसके बाद कड़ी जांच के उपरांत उन्हें ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ ने प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि एक देश में एक यात्रा में सर्वाधिक दूरी तक मोटरसाइकिल चलाने का गिनीज बुक में दर्ज यह रिकार्ड अब तक अमेरिकी महिला बाइकर डेनेल लिन के नाम पर अमेरिका में 48,600 मील यानी 78,214.118 किमी चलने का था, जो उन्होंने 19 सितंबर 2014 से 29 अगस्त 2015 के बीच अमेरिका के सभी 48 राज्यों से गुजरकर बनाया था। इस तरह गौरव ने करीब डेढ़ गुने के अंतर से यह रिकॉर्ड तोड़ा है। गौरव ने इस रिकॉर्ड को भारत के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त 2017 के दिन तोड़ा था। इसका प्रमाण पत्र उन्हें अब प्राप्त हो गया है।

इस तरह देश भर में एक यात्रा में घूमे हैं गौरव

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उल्लेखनीय है कि मूल रूप से नैनीताल जिले के धानाचूली, मुक्तेश्वर निवासी व लखनऊ में रहने वाले 23 वर्ष के युवा गौरव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों से प्रेरणा लेकर अपनी यात्रा 17 सितंबर 2015 को प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिन से लखनऊ से शुरू की थी, और 10 माह 22 दिन में ही रिकॉर्ड बना डाला। जबकि लिन ने 11 माह 10 दिन में यह रिकार्ड बनाया था। यानी इस मामले में भी गौरव ने रिकॉर्ड तोड़ा है। इस साथ ही गौरव बकौल उनके, देश की ‘आत्मा’ को ढूंढने, देशज तरीके से पूरी तरह भारतीय अंदाज में अपनी ‘बावरी’ नाम की बाइक हीरो इम्पल्सिव संख्या यूपी32जीएम-3367, के साथ ही पूर्णतया भारतीय हाईवे डिलाइट मोबाइल एप और एल्फा ट्रेक जीपीएस ऐप सहित ग्लब्स, हेलमेट, जैकेट के साथ ही दैनिक प्रयोग की वस्तुओं सहित सब कुछ स्वदेशी सामग्री प्रयोग कर रहे हैं। गौरव कहते हैं कि वह इस यात्रा के जरिए भारत की विविधता व विशालता को देखने के साथ ही दुनिया को भी दिखाना चाहते थे कि एक देश में ही यात्रा कर डेनेल लिन से कहीं बड़ा रिकॉर्ड बनाया जा सकता है। दो भाइयों में छोटे गौरव के पिता कुंदन बिष्ट नैनीताल बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। 

उल्लेखनीय है कि एक देश में एक यात्रा में सर्वाधिक दूरी तक मोटरसाइकिल चलाने पर अमेरिका में 48,600 मील यानी 78,214.118 किमी चलने का था, जो उन्होंने 19 सितंबर 2014 से 29 अगस्त 2015 के बीच अमेरिका के सभी 48 राज्यों से गुजरकर बनाया था। गौरव ने इस रिकॉर्ड को भारत के 70वेंं स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त 2017 के दिन तोड़ा था। इसका प्रमाण पत्र उन्हें अब प्राप्त भी हो गया है।

पूर्व आलेख : 15 अगस्त को ‘स्वदेशी’ का नया विश्व कीर्तिमान बनाकर देश का ‘गौरव’ बढ़ाया नैनीताल के गौरव ने !

-एक देश में सर्वाधिक बाइकिंग का अमेरिकी बाइकर डेनेल लिन का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा

-आगे अप्रैल 2017 तक 1.2 लाख किमी का अजेय रिकॉर्ड बनाने की है योजना
-बाइक, ग्लब्स व सुरक्षा उपकरणों से लेकर जीपीएस व हाईवे पर स्थानों की पहचान के लिए मोबाइल ऐप सहित सबकुछ भारतीय प्रयोग कर ‘मेक इन इंडिया’ को भी दे रहे बढ़ावा

Gaurav Siddarth
बाइकर गौरव सिद्धार्थ बिष्ट का उत्साह बढ़ाने उन्हें बाइक पर पीछे बैठाकर चलते योगगुरु बाबा रामदेव।

नवीन जोशी, नैनीताल, 26 जुलाई 2017। देश के खिलाड़ी आज जहां रियो ओलंपिक में विश्व के खिलाड़ियों से रिकॉर्डों के लिए जूझ रहे हैं, वहीं देश में 70वां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नैनीताल के गौरव सिद्धार्थ बिष्ट  एक विश्व रिकार्ड को तोड़कर देश का ‘गौरव’ बढ़ाया है। एक देश में एक यात्रा में सर्वाधिक दूरी तक मोटरसाइकिल चलाने का गिनीज बुक में दर्ज यह रिकार्ड अमेरिकी महिला बाइकर डेनेल लिन के नाम पर अमेरिका में 48,600 मील यानी 78,214.118 किमी चलने का था, जो उन्होंने 19 सितंबर 2014 से 29 अगस्त 2015 के बीच अमेरिका के सभी 48 राज्यों से गुजरकर बनाया था। गौरव ने इस रिकॉर्ड को स्वतंत्रता दिवस पर तो दिया है, साथ ही यह  भी साफ़ कर दिया है कि वह रिकॉर्ड बनाकर थमने वाले नहीं हैं, वरन आगे उनका इरादा फरवरी 2017 तक 1.2लाख किमी चलकर अजेय रिकार्ड बनाने का भी है।

15 अगस्त 2017 को आजादी के वर्षों से तिहाई यानी 23 उम्र के नौजवान गौरव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों से प्रेरणा लेकर आजादी की एक नयी इबारत लिख डाली है। खास यह भी है कि गौरव सिद्धार्थ नाम के इस नौजवान ने अपनी यात्रा 17 सितंबर 2015 का यानी प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिन से लखनऊ से शुरू की थी, और 10 माह 22 दिन में ही रिकॉर्ड बना डाला है, जबकि लिन ने 11 माह 10 दिन में यह रिकार्ड बनाया था। यानी इस मामले में भी गौरव ने रिकॉर्ड तोड़ा है। इस साथ ही गौरव बकौल उनके, देश की ‘आत्मा’ को ढूंढने, देशज तरीके से पूरी तरह भारतीय अंदाज में अपनी ‘बावरी’ नाम की बाइक हीरो इम्पल्सिव संख्या यूपी32जीएम-3367, के साथ ही पूर्णतया भारतीय हाईवे डिलाइट मोबाइल एप और एल्फा ट्रेक जीपीएस ऐप सहित ग्लब्स, हेलमेट, जैकेट के साथ ही दैनिक प्रयोग की वस्तुओं सहित सब कुछ स्वदेशी सामग्री प्रयोग कर रहे हैं। बेंगलुरू से बात करते हुए मूल रूप से नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक के धानाचूली निवासी गौरव ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को बंगलुरू में बेंगलौर बाइकर्स ग्रुप, 1947 नाम से रेस्टोरेंट एवं न्यूज-9 नाम के एक चैनल तथा बेंगलौर के कई विशिष्टजनों, आईएएस व आईपीएस अधिकारियों के साथ एक समारोह में रिकॉर्ड को तोड़े जाने की औपचारिकता पूरी की है। गौरव कहते हैं कि वह इस यात्रा के जरिए भारत की विविधता व विशालता को देखने के साथ ही दुनिया को भी दिखाना चाहते थे कि एक देश में ही यात्रा कर डेनेल लिन से कहीं बड़ा रिकॉर्ड बनाया जा सकता है। इस यात्रा के तहत रविवार तक वह अपनी पर हर दिन करीब 400 किमी की यात्रा करते हुए देश की चारों दिशाओं के 14 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा कर चुके हैं।आगे अप्रैल 2017 तक 1.2 लाख किमी का नया रिकॉर्ड बनाएंगे। दो भाइयों में छोटे गौरव के पिता कुंदन बिष्ट नैनीताल बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। वह पूर्व में स्वयं स्थापित कम्प्यूटर डिजाइनिंग की अपनी कंपनी से स्वयं कमाये धन और पिता से मदद लेकर इस पूरी यात्रा का खर्चा उठा रहे हैं।

Rashtriya Sahara 25 July 2016

एक ट्रक चालक से मिली प्रेरणा

नैनीताल। इस यात्रा की प्रेरणा के बारे में गौरव बताते हैं कि भूगोल एवं घुमक्कड़ी में रुचि के चलते फरवरी 2015 में उन्होंने साइकिल पर केवल 45 दिनों में कश्मीर से कन्याकुमारी की नॉर्थ-साउथ कॉरीडोर पर 4750 किमी की यात्रा कर रिकॉर्ड बनाया था, और मन में बात आई कि पूरे भारत को देख चुके हैं। तभी एक ट्रक ड्राइवर ने बात करते हुए बताया कि यह तो वह कई बार कर चुका है। इस पर अहसास हुआ कि देश केवल मुख्य सड़कों-राजमार्गों पर ही नहीं वरन अंदर है, इसलिए बिना किसी पूर्व अनुभव के होते हुए भी अकेले ही इस यात्रा पर चलने का निश्चय किया।

देश के 12000 गांवों का कर चुके हैं भ्रमण

नैनीताल। गौरव ने बताया कि देश की आत्मा को अंदर तक छूने और लखनऊ विवि से मनोविज्ञान में ऑनर्स का छात्र रहने के नाते देशवासियों के मनोविज्ञान को समझने की इच्छा के साथ वह इस यात्रा में केवल राजमार्गों या मुख्य सड़कों पर ही नहीं वरन अंदरूनी मार्गों से होते हुए गांवों तक जा रहे हैं, और इस दौरान पड़ने वाले गांवों में लोगों से बात करते हैं। इस तरह वह अब तक करीब 12000 गांवों की यात्रा कर चुके हैं, और उन्हें लगता है कि उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के किसी भी गांव के 10-15 किमी की परिधि को वह जरूर छू चुके हैं, और हर गांव के बारे में काफी जानकारी बता सकते हैं। इस दौरान उन्हें पूर्वोत्तर में 120 रुपए प्रति लीटर की दर से पेट्रोल मिलने, आज के युग में भी लोगों को बिल्कुल निर्वस्त्र रहते हुए देखने, शाकाहारी भोजन भी मांशाहारी भोजन की करछियों से व मैगी भी मांशाहारी ही परोसे जाने जैसे अनेकानेक अनुभव मिले हैं।

अनेक हस्तियों से भी मिले हैं गौरव

नैनीताल। गौरव ने अपनी यात्रा की शुरुआत कमोबेश पीएम नरेंद्र मोदी की तरह ही उनकी माता हीरा बेन के चरण छूकर तथा उनके परिजनों से मिलकर की थी। आगे उन्हें यात्रा के दौरान उत्तराखंड भ्रमण पर योगगुरु बाबा रामदेव मिले, जिन्होंने गौरव को पीछे बैठाकर उनकी मोटरसाइकिल भी चलाई। आगे देश की सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति ने यात्रा के लिये आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया। वहीं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर, 16 वर्षों से मणीपुर में अनशन पर बैठी और अब शादी कर चुनाव लड़ने का एलान करने वाली ईरोम शर्मिला, पुडुचेरी की राज्यपाल किरन बेदी, पूर्व टेस्ट कप्तान सौरभ गांगुली व समाजसेवी अन्ना हजारे आदि भी मिले और उनका उत्साह बढ़ाया।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड