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पंचायत चुनाव Effect : भाजपा ने महिला जिलाध्यक्ष सहित 4 (कुल 94) को पार्टी से निकाला, अब विधायक की बारी ?

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नवीन समाचार, नैनीताल, 8 अक्तूबर 2019। उत्तराखंड में चल रहे पंचायत चुनावों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने के आरोप में चार और पार्टी नेताओं को मंगलवार को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। प्रदेश पार्टी अध्यक्ष अजय भट्ट के निर्देश पर महामंत्री राजेंद्र भंडारी ने चार नेताओं को पार्टी से निष्कासन किए जाने संबंधी पत्र जारी किया। मंगलवार को पार्टी से बाहर किए गए नेताओं में देहरादून जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष माया पंत भी शामिल हैं। प्रदेश पार्टी मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन ने कहा कि इस कार्रवाई के बाद पंचायत चुनावों के दौरान निकाले गए पार्टी नेताओं की संख्या 94 हो गई है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष और नैनीताल सांसद अजय भट्ट पहले ही कह चुके हैं कि अनुशासन पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसका उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
फिलहाल सबकी निगाहें इस पर हैं कि देहरादून जिले के रायपुर से बीजेपी विधायक उमेश शर्मा को को इसी तरह के आरोपों के चलते दिए गए स्पष्टीकरण नोटिस पर पार्टी आगे क्या कार्रवाई करती है। बीते दिनों शर्मा का एक कथित ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह पंचायत चुनाव में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ एक निर्दलीय प्रत्याशी को वोट दिए जाने की वकालत करते सुनायी दे रहे थे। पार्टी ने इसका गंभीर संज्ञान लेते हुए छह अक्टूबर को उन्हें नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जुलाई 2019। स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने कहा कि भाजपा ने पिछली बार देश भर में 14 करोड़ लोगों को पार्टी से जोड़ा था, जिनमें से 10 करोड़ लोगों की पुष्टि भी हुई। वहीं 2019 के लोक सभा चुनाव में भाजपा को 25 करोड़ वोट एवं 303 सीटें मिलीं, जिससे पार्टी की केंद्र की सत्ता में वापसी भी हुई। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह पार्टी 15 करोड़ की सदस्यता का लक्ष्य पूरा करती है तो इसी अनुपात में पार्टी की अगले 2024 के लोक सभा चुनाव में 30 करोड़ वोट मिल सकते हैं, और इतने मतों से एक बार पुनः भाजपा की केंद्र की एवं साथ ही इससे पहले राज्य की सत्ता में भी पुर्नवापसी हो सकती है। कहा कि आम जनता में भी पार्टी से जुड़ने के प्रति अधिक चाव नजर आ रहा है।
श्री आर्य सोमवार को राज्य अतिथि में आयोजित पार्टी की नगर मंडल की जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट की मौजूदगी में हुई सदस्यता संबंधी बैठक में बोल रहे थे। बैठक में बताया गया कि नगर मंडल को 2500 कार्यकर्ताओं को जोड़ने का लक्ष्य मिला हुआ है, इसमें से 1500 लोगों को अब तक जोड़ा भी जा चुका है। इस मौके पर नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, पूर्व एएसपी हरीश चंद्र सती, बिमला अधिकारी, गोपाल रावत, विवेक साह, आनंद बिष्ट, उमेश गढ़िया, सागर आर्या, कुंदन बिष्ट, भानु पंत, संगीता पंत, सागर आर्या, कलावती असवाल सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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-डीआईजी से एएसपी रुचि जुयाल को हटाने की मांग भी की
नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मई 2019। नगर में एक फल और एक जूतों की मरम्मत करने वाले को पुलिस द्वारा उसके स्थान से हटा दिये जाने पर सत्तारूढ़ भाजपा के नगर अध्यक्ष मनोज जोशी ने शुक्रवार को डीआईजी अजय जोशी को फोन कर खुद के आत्मदाह की धमकी दे दी। इसके बाद हरकत में आये प्रशासन ने जूते और फल वाले को उनके स्थानों पर थोड़ा पीछे बैठने की इजाजत दे दी। जोशी ने आत्मदाह की धमकी सार्वजनिक तौर पर केएसवीएन के सूखाताल स्थित टीआरएच से डीआईजी को यहां निगम की नई उपाध्यक्ष रेनू अधिकारी के आगमन के इंतजार के दौरान पत्रकारों के समक्ष दी।
जोशी का कहना था कि जूते व फड़ वाले बरसों से मल्लीताल रिक्शा स्टेंड पर पुलिस चौकी के पास सड़क से हटकर बैठते हैं। फल वाले को तो बकायदा नगर पालिका से पांच गुणा पांच फिट का स्थान आवंटित भी है, और सिविल कोर्ट से भी उसके पक्ष में फैसला आया हुआ है। इन प्रपत्रों को दिखाने के बावजूद नई एएसपी रुचि जुयाल ने पद की बेवजह ताकत व मनमर्जी दिखाते हुए दोनों को हटा दिया। उन्होंने डीआईजी जोशी से एएसपी रुचि जुयाल को हटाने की बात भी कही। उल्लेखनीय है कि गत दिवस मनोज जोशी इसी मुद्दे पर पुलिस के सामने सड़क पर लेट भी गये थे। वहीं भाजपा विधायक संजीव आर्य ने भी जोशी का पक्ष लेते हुए कहा था कि किसी को रोजगार दे नहीं सकते तो हटाने की कोई तुक नहीं है। नयों को न लगने दें, परंतु पुरानों को वैकल्पिक व्यवस्था के बिना हटाना ठीक नहीं है। इधर अपराह्न में जोशी ने बताया कि बाद में उन्हें एसएसपी एवं सीओ के स्तर से बुलाया गया, तथा फड़ व जूते वाले को उनके स्थान पर ही थोड़ा पीछे बैठा दिया है।

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-पार्टी पुस्तकालय में कुरान रखी
नवीन समाचार  देहरादून 31 मई 2019। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अल्पसंख्यकों तक पहुंच बढ़ाने की जरूरत बताये जाने के कुछ दिनों के भीतर ही उत्तराखंड प्रदेश भाजपा मुख्यालय में स्थापित पुस्तकालय में कुरान की एक प्रति रख दी गयी है। प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी डा. देवेंद्र भसीन ने बताया कि पार्टी के सह मीडिया प्रभारी शादाब शम्स ने एक—दो दिन पहले ही यहां पार्टी राज्य मुख्यालय में कुरान की एक प्रति रखी है। उन्होंने कहा कि ऐसा हर धर्म के साथ समान व्यवहार करने की भाजपा की नीति के अनुरूप किया गया है। भसीन ने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं की पहुंच सभी धर्मों के ग्रंथों और पवित्र पुस्तकों तक बनाना चाहती है और यह उसी दिशा में एक कदम है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर बनाये गये इस पुस्तकालय में करीब 400 पुस्तकें हैं। भाजपा संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद मोदी ने अपने संबोधन में अल्पसंख्यकों तक पहुंच बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया था।

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नवीन समाचार  देहरादून 2 फरवरी 2019। सत्तारूढ़ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है। शाह ने कहा कि राम मंदिर पर भाजपा की स्पष्ट नीति है। भव्य राम मंदिर उसी जगह पर जल्दी बनना चाहिए। किसी को दुविधा में रहने की जरूरत नहीं है। जब भी राम मंदिर बनाने को केस आता है तो कांग्रेस अड़ंगा लगाती है। कहा, राहुल बाबा स्टैंड क्लियर करो। वहां राम मंदिर चाहते हो या नहीं। कहा कि वे उत्तराखंड को मॉडल राज्य बनाना चाहते हैं।

देहरादून के परेड मैदान में पार्टी के टिहरी और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्रों के त्रिशक्ति सम्मेलन में अमित शाह ने कार्यकताओं में जोश भरा। अपने करीब 45 मिनट के संबोधन में उन्होंने कहा, कार्यकर्ता भाजपा की रीढ़ की हड्डी है। छोटा कार्यकर्ता पार्टी के साथ काम करता है, पार्टी उसे क्या मौका देती है, इसका उदाहरण खुद वे हैं, जो खुद 1982 में गुजरात में बूथ अध्यक्ष थे। ऐसा भाजपा के अलावा कहीं नहीं है। देशभर की अन्य पार्टियों में अध्यक्ष परंपरागत वंशवाद से आते हैं। भाजपा गरीब चाय बेचने वाले के बेटे को प्रधानमंत्री बनाती है।  उधर, देहरादून में अमित शाह को काले झंडे दिखने पहुचे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता को पुलिस ने रोका इस दौरान पुलिस ने उन्‍हें गिरफ्तार भी किया। इससे पहले सम्‍मेलन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बजट में कामगारों से लेकर सेना के लिए दिया उससे भारत का उज्ज्वल भविष्य नजर आता है। भाजपा कार्यकर्ता सभी पांचो सीट जीता कर संगठन को देंगे।

अमि‍त शाह ने कहा कि कई विजय को मैंने देखा है। असंभव लगते हुए चुनाव को भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रचंड विजय में बदलने का कार्य किया है। उत्तराखंड और यूपी इसका उदाहरण है। कहा, जब मैं उत्तराखंड में चुनाव की तैयारी के दौरान आया था, तब मैंने कहा था कि एक बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाओ, मोदी की कैबिनेट सरकार और देवभूमि की डबल सरकार इसे डबल इंजन माडल बनाएगी। दोनों सरकारों ने फास्ट ट्रेक पर उत्तराखंड के विकास को आगे बढ़ाने का काम किया। उत्तराखंड पीएम मोदी की प्राथमिकता में है।

केदारनाथ का कायाकल्‍प का कार्य किया गया

अमि‍त शाह ने कहा देश व विदेश के लोग यहां (उत्‍तराखंड) चारधाम यात्रा के लिए आते हैं। यहां सबसे कठिन यात्रा केदारनाथ की होती है। पीएम ने केदारनाथ का कायाकल्प का कार्य किया है। केदारनाथ व बदरीनाथ का कायाकल्प करने का काम कठिन परिस्थितियों में भी किया गया है। मोदी सरकार ने आलवेदर रोड बनाने के काम की शुरूआत की, जिसका 24 घंटे काम जारी है। कहा, त्रिवेंद्र रावत सरकार ने हर वर्ग के लिए काम करने का प्रयास किया। उन्होंने भ्रष्टाचार को उत्तराखंड को मुक्त कराने का काम किया है। अमित शाह ने कहा कि बजट से विपक्ष की हवाइयां उड़ी है। विपक्ष के नेता के कांग्रेस अध्यक्ष के चेहरे से नूर गायब हो गया। आपका लक्ष्य क्या है सत्ता हासिल करना या गरीब किसान का उद्धार है। जब घोषणा की कि किसानों के खातों में छह हजार जमा कराया जाएगा, तो इससे देश भर के किसानों में खुशी की लहर है। अमि‍त शाह ने कहा कि पीएम मोदी दूर की सोच वाले प्रधानमंत्री हैं। बजट से किसान व मध्यम वर्ग के लोग खुश हैं। कटाक्ष किया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने बजट का विरोध किया, लेकिन उन्‍हें यह भी मालूम है कि रवि की फसल कब होती है। कांग्रेस के लोग अलग-अलग बयान दे रहे हैं।  शाह ने कहा कि देवभूमि से कोई भी गांव ऐसा नहीं है, जहां से जवान सीमा की रक्षा को नहीं गया। देश गौरव के साथ कहता है कि जब तक उत्तराखंड के वीर जवान हैं, तब तक सीमाओं की चिंता नहीं करनी चाहिए। मोदी सरकार ने सबसे बड़ा रक्षा बजट दिया। दस साल तक सोनिया मनमोहन सरकार थी, उसने देश की सेनाओं के आधुनिकीकरण को कुछ नहीं किया। कांग्रेस 55 साल में ओआरओपी नहीं दे पाई। भाजपा सरकार ने इसे एक साल में ही कर दिया। मोदी सरकार ने सेना और सीमा को सुरक्षित किया। इस साल तीन लाख करोड़ का रक्षा बजट दिया।

मोदी सरकार ने घोटालों को किया समाप्‍त

अमि‍त शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने घोटालों को समाप्त किया। कार्यकर्ताओं का संकल्प होना चाहिए कि मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाएं। ये भाजपा के साथ ही भारत के लिए जरूरी है। हम चाहते हैं कि भाजपा का भगवा बंगाल में भी शान से फहरे। हमारी सरकार ने गरीबों के घर गैस सिलेंडर पहुंचाए, गरीबों के घर बनवाए और बिजली पहुंचायी गई।

गठबंधन कभी भी ताकतवर नहीं होगा

अमि‍त शाह ने कहा कि गठबंधन कभी भी ताकतवर नहीं होगा। उन्‍होंने कहा, चंद्रबाबू नायडू हल्द्वानी में सभा करेंगे तो कोई आएगा क्या। ममता को सुनने कौन आएगा। ये सब लोग राज्यस्तरीय नेता हैं। कभी एक दूसरे का मुंह न देखने वाले बुआ भतीजा भी एक मंच पर आ गए हैं। उन्‍होंने कहा कि जातिवाद की राजनीतिक, परिवारवाद की राजनीतिक बंद करनी होगी। ये देश का भला नहीं कर सकती। सारे गठबंधन के लोग कहते हैं, मोदी हटाओ, मोदी कहते हैं गरीबी हटाओ, मोदी कहते हैं भ्रष्टाचार हटाओ, बीमारी हटाओ। वे कहते हैं मोदी हटाओ। उनका एक मात्र उद्ददेश्य मोदी हटाओ है। वो जितना नाम मोदी का लेते हैं, यदि नारायण का नाम लेते तो उनका भला हो जाता। गठबंधन वाले लोग देश का भला नहीं कर सकते हैं।

उत्तराखंड को अटलजी ने बनाया, मोदीजी ने संवारा

अमि‍त शाह ने कहा कि संकल्प करके दूर दूरस्थ गांव में जाइए। वहां यदि एक भी गढ़ है वहां भाजपा कार्यकर्ता जाए। उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी है। कहा उत्तराखंड पर भाजपा का अधिकार है। उत्तराखंड को अटलजी ने बनाया, मोदी ने संवारा। ऐसी विजय होनी चाहिए विरोधियों के दिल धड़कना भूल जाए।

बता दें कि इसी तरह से बीजेपी नैनीताल, पौड़ी, अल्मोड़ा लोकसभा में भी त्रिशक्ति सम्मेलन का आयोजन करेगी. हल्द्वानी में 9 फरवरी को नैनीताल लोकसभा का त्रिशक्ति सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. इसी दिन श्रीनगर में पौड़ी लोकसभा का त्रिशक्ति सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. 16 फरवरी को अल्मोड़ा लोकसभा का त्रिशक्ति सम्मेलन आयोजित होगा.

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-खुद लगानी पड़ी दीन दयाल पार्क में झाड़ू
नैनीताल। शुक्रवार को सत्तारूढ़ दल भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी के स्थापना दिवस पर पार्टी संस्थापक पं. दीन दयाल उपाध्याय की मूर्ति युक्त पार्क में आये तो संस्थापक की मूर्ति पर माल्यार्पण करने और मिठाई खाने-खिलाने आए थे, लेकिन करना कुछ ऐसा पड़ा कि यह कार्य भी नहीं कर पाए। उन्हें पार्क में गंदगी के अंबार को देखते हुए खुद झाड़ू लगानी पड़ी। यह स्थिति तब आई जबकि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में चल रहे ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और इस अभियान के तहत चल रहे ‘स्वच्छ भारत सर्वेक्षण’ में नैनीताल नगर पालिका द्वारा न केवल प्रतिभाग किया गया है, वरन सर्वेक्षण के तहत ‘ऐप’ के जरिये सफाई की शिकायतों के निस्तारण में 76वें स्थान पर रही भी है। पार्क में पानी का कोई प्रबंध भी न होने के कारण कई ने गंदे हाथों से पं. उपाध्याय को माल्यार्पण करना भी उचित नहीं समझा और गंदे हाथों से मिठाई भी नहीं खा पाए।

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यह स्थिति इसलिये भी चिंताजनक कही जाएगी कि नगर पालिका कार्यालय के बिल्कुल करीब स्थित इस पार्क में झाड़ू लगाने के लिए पालिका के अधिकारियों को भाजपा नगर अध्यक्ष द्वारा कहा भी गया था, बावजूद अपराह्न ढाई बजे तक झाड़ू नहीं लगी। ऐसे में स्थापना दिवस कार्यक्रम मनाने पहुंचे जिला उपाध्यक्ष विवेक साह कहीं से झाड़ू लेकर आये और पार्क की सफाई में जुटे। देखा-देखी भूपेंद्र बिष्ट और फिर पूर्व दायित्वधारी शांति मेहरा, उमेश गड़िया व पूर्व महिला जिलाध्यक्ष अमिता साह आदि भी पार्क की सफाई में जुटे। इस बीच फिर से पालिका के अधिकारियों को फोन किये गए, जिसके बाद एसआई कुलदीप सिंह पर्यावरण मित्रों को लेकर मौके पर पहुंचे, और भाजपाइयों द्वारा एकत्र की गयी गंदगी को उठाया। इस पर भाजपाइयों में कड़ी नाराजगी भी देखी गयी, और इसके बाद भी भाजपाइयों ने पं. उपाध्याय की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और मिष्ठान्न वितरण किया। इस मौके पर नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, विमल चौधरी, कुंदन बिष्ट, मीनू बुधलाकोटी, वंदना चौधरी व पान सिंह रौतेला सहित अन्य अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : भाजपाई ग्रुपों में भी आई इस ‘वायरल खबर ‘पर सरकार को देना पड़ा स्पष्टीकरण

सोशल मीडिया पर जल्दबाजी में कुछ भी कॉपी-पेस्ट करना किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है, और कमोबेश हर सोशल मीडिया का प्रयोक्ता इस जल्दबाजी का शिकार कभी भी हो सकता है। मंगलवार को अन्य ग्रुपों के साथ ही भाजपा से जुड़े कुछ वाट्सएप ग्रुपों में भी आई एक खबर राज्य सरकार के लिए जवाब देने के स्तर तक भारी पड़ गई है। सरकार को इस पर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है। स्पष्टीकरण में सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर को झूठा बताया गया है। साथ ही आदेश की प्रति प्रदेश के डीजीपी को भी भेजकर मामले में संज्ञान लेने को कहा गया है

मंगलवार (27 मार्च 2018) को सोशल मीडिया पर यह खबर आई थी:

आति आवश्यक सूचना – उत्तराखण्ड सरकार ने सर्कुलर जारी कर दिया है कि जिस भी ग्राम सभा वासियों ने अपनी कृषि भूमि दस साल से जादा बंजर छोड़े हो गये वह जमीन भूमि हीनो को देने के लिये कवायत शुरू हो गयी है चाहे वह सिचाई की जमीन हो या कोई अन्य सरकार का मानना है कि बंजर भूमि की आवश्यकता अब लोगो को नही है इसलिये यह जमीन उन बेघर भूमिहीनो को दिया जाय जिनके पास जमीन नही है
और यह जल्दी होने वाला है
यह संदेश सबतक पहुँचाये ताकी इसपे विचार किया जाय

सरकार का स्पष्टीकरण

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सत्तारूढ़ दल से जुड़े व्यक्तियों द्वारा यह खबर डाले जाने से लोगों को इस खबर के साथ इसके द्वारा भूमिहीनों को सरकार द्वारा लाभान्वित किये जाने की योजना पर सहज ही विश्वास भी हो गया था। इसके बाद राजस्व विभाग में सचिव प्रभारी हरबंस सिंह चुघ द्वारा जारी खण्डन में कहा गया है कि यह सिर्फ अफवाहें हैं, अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। चुघ ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। न ही इस तरह के किसी मामले पर विचार किया जा रहा है। शरारती तत्व इस तरह के संदेश फैला रहे हैं। इस तरह के समाचारों का खण्डन किया जाता है और अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

यहाँ अपनी ओर हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि “यह अभी स्पष्ट नहीं है और जांच के अधीन है कि यह खबर कहाँ से शुरू हुई, और कौन इसके लिए जिम्मेदार है। अलबत्ता, हमारे संज्ञान में यह खबर भाजपा से जुड़े एक ग्रुप से आई। संभव है, वहां भी यह किसी अन्य ग्रुप से आई हो। इस खबर को प्रकाशित करने का हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना है कि सोशल मीडिया पर ख़बरें डालने से पहले गंभीरता, तथ्यों की जाँच की  जरूरत है। अन्यथा गलती किसी से भी, हम से भी हो सकती है। इसीलिए ग्रुप में यह खबर डालने वाले व्यक्ति का नाम छुपा दिया गया है।

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