‘नवीन समाचार’ पर सबसे पहले आए समाचार पर लगी मुहर : बंशीधर भगत बने भाजपा के नए उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष

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नवीन समाचार, देहरादून, 16 जनवरी 2020। आपके प्रिय एवं भरोसेमंद, उत्तराखंड के सबसे पुराने समाचार पोर्टलों में एक ‘नवीन समाचार’ द्वारा बुधवार सुबह दिये गए समाचार ‘तो ‘दशरथ’ होंगे उत्तराखंड में भाजपा के नये खेवनहार’ पर मुहर लग गई है। भाजपा के पर्यवेक्षक व केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेधवाल ने बृहस्पतिवार अपराह्न बंशीधर भगत के सर्वसम्मति से नये भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पद पर चुने जाने की घोषणा की। इसके बाद भगत को निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ सहित अनेकानेक भाजपा नेताओं ने फूल मालाओं से लाद दिया एवं मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा किया।

बंशीधर भगत को नए प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति का पत्र थमाते केंद्रीय पर्यवेक्षक व मंत्री अर्जुन राम मेधवाल।

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आइए जानते हैं भगत के सियासी सफर के बारे में : जन्म : 8 अगस्त 1951 (भक्त्यूड़ा-भीमताल) उम्र : 68, शिक्षा : हाई स्कूल
1970 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े
1975 में पूर्व प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी से प्रेरित होकर जनसंघ के सदस्य

1982 में हल्‍द्वानी ब्‍लॉक में किसनों की समस्‍याओं को लेकर किसान संघर्ष समिति के अध्‍यक्ष चुने गए

1984 में पनियाली गांव के प्रधान चुने गए

1988 से 1991 तक हल्‍द्वानी क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अध्‍यक्ष रहे
1989 में भाजपा के संयुक्त नैनीताल जनपद के जिलाध्यक्ष बने
1991 में पहली बार नैनीताल से विधायक

रामजन्‍मभूमि आंदोलन में भागीदारी को लेकर 23 दिनों तक अल्‍मोड़ा जेल में रहे
1993 में दूसरी बार विधायक चुने गए, उप्र में वन राज्यमंत्री
1996 में तीसरी बार नैनीताल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए, खाद्य, रसद एवं पर्वतीय विकास मंत्री
2000 में उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में कैबिनेट मंत्री
2007 में 2007 में हल्‍द्वानी विधानसभा से क्षेत्र से चौथी बार जीत कर उत्‍तराखंड सरकार में वन एवं वन्‍यजीव, पर्यावरण, जलागम प्रबंधन सहकारिता स्‍वास्‍थ्‍य, औद्योगिक विकास एवं परिवहन कैबिनेट मंत्री 
2012 में नवसृजित कालाढूंगी विधानसभा चुनाव में विजय हुई।

वर्ष 2013, 2014 और 2014-15 में विधानसभा के लोकलेखा समिति के अध्‍यक्ष

2017 में कालाढूंगी विधानसभा चुनाव में विजय, विधायक

भाजपा के अब तक रहे प्रदेश अध्यक्षों का कार्यकाल :

पूरन चंद शर्मा – 2000 से 2002
मनोहर कांत ध्यानी – 2002 से 2003
भगत सिंह कोश्यारी – 2003 से 2007
बच्ची सिंह रावत – 2007 से 2009
बिशन सिंह चुफाल – 2009 से 2013
तीरथ सिंह रावत – 2013 से 2015
अजय भट्ट – 2015 से 2020

भगत को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनने में इन फैक्टर्स पर खरा उतरने का मिला लाभ: 1970 से यानी 50 वर्षों से संघ तथा 1975 से जनसंघ से जुड़ाव, गढ़वाल के क्षत्रिय के मुख्यमंत्री होने के दृष्टिगत कुमाऊं मंडल से व ब्राह्मण होने, कुमाऊं मंडल के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी तथा कांग्रेस की कद्दावर नेता व नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश के क्षेत्र से होने, पार्टी व संगठन से जुड़ाव, मुख्यमंत्री से करीबी, वर्तमान में किसी पद पर न होने एवं दोस्त अधिक दुश्मन कम यानी निर्विवाद होने।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जनवरी 2020 (10.15)। हल्द्वानी की रामलीला में 4 दशकों से दशरथ का किरदार निभाने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता बंशीधर भगत भारतीय जनता पार्टी के उत्तराखंड में नए प्रदेश अध्यक्ष हो सकते हैं। मौजूदा अध्यक्ष अजय भट्ट की आनाकानी की स्थिति में पार्टी उनकी जगह उनकी ही तरह कुमाऊं मंडल से किसी ब्राह्मण नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर राज्य में क्षेत्रीय व जातीय संतुलन साध सकती है। पार्टी से जुड़े विश्वस्त सूत्रों के अनुसार भगत की ताजपोशी करीब-करीब तय हो गई है। केवल उनकी उम्र एवं सक्रियता तथा सरकार के मुखिया से समन्वय बना सकने की उनकी क्षमताओं का आकलन किया जा रहा है। उन्हें देहरादून बुला लिए जाने की चर्चाओं के बीच समर्थक उन्हें फूल मालाओं से भी लादने लगे हैं। यदि इन कसौटियों पर वह खरे उतरते हैं तो उनका भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना जाना तय है। उल्लेखनीय है की भगत 6 बार उत्तराखंड एवं पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश में विधायक एवं मंत्री व  दो बार संयुक्त नैनीताल जिले के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं, किंतु मौजूदा विधानसभा में अच्छी चुनौतीपूर्ण जीत के बावजूद उनके अनुभव को महत्त्व नहीं मिला और वह मंत्री भी नहीं बन पाए। इधर मंत्रिमंडल में विस्तार की संभावनाओं पर उन्हें मंत्री पद मिलने की भी उम्मीद की जा रही थी किंतु इसी बीच उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने की चर्चाऐं तेज हैं। बताया जा रहा है कि यदि किसी कारण वे प्रदेश अध्यक्ष नहीं बन पाते तो अजय भट्ट को ही एक और कार्यकाल दिया जा सकता है। उन्हें अध्यक्ष बनाकर पार्टी कुमाऊं व इसके महत्वपूर्ण केंद्र हल्द्वानी में पार्टी को अतिरिक्त ताकत मिलने की उम्मीद भी की जा रही है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 14 जनवरी 2020। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 10 भाजपा नेताओं को दायित्व के साथ राज्य मंत्री का स्तर देकर नए साल का तोहफा दिया है। इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश जारी होते ही लंबे समय से दायित्व का इंतजार कर रहे इन नेताओं का इंतजार पूरा हो गया है। इसके साथ ही कई अन्य भाजपा नेताओं के भी दायित्व मिलने की उम्मीदों को पंख लग गए है। साथ ही राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार में तीन रिक्त पदों को भरने लेकर भी विधायकों की उम्मीदें फिर हरी हो गई हैं।

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-काबीना मंत्री यशपाल आर्य के जन्म दिन पर सभासदों ने मरीजों को भेंट किया गर्म दूध व बिस्किट

बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में रोगियों को गर्म दूध, बिस्किट भेंट करते नगर पालिका सभासद।

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 जनवरी 2020। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के जन्म दिन के उपलक्ष में बुधवार को मुख्यालय में नगर पालिका के सभासदों ने बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में रोगियों की सेवा की। इस मौके पर सभासद कैलाश सिंह रौतेला, प्रेमा अधिकारी, भगवत रावत, मोहन नेगी, गजाला कमाल व दया सुयाल ने रोगियों को दूध व बिस्किट बांटे। खास बात यह भी है कि सभासदों में कुछ सभासद सीधे तौर पर भाजपा से जुड़े हुए नहीं हैं। उधर भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा इस मौके पर मुख्यालय में कोई सार्वजनिक कार्यक्रम किये जाने की जानकारी नहीं मिली।

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग : भाजपा ने की 3 नए जिलाध्यक्षों की घोषणा, विधायक से अदावत को किया दरकिनार

नवीन समाचार, देहरादून, 20 दिसंबर 2019। सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रदेश में घोषणा से बचे तीन जिला अध्यक्षों की भी शुक्रवार को घोषणा कर दी है। पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी बलवंत सिंह भौंर्याल के द्वारा घोषित सूची के अनुसार देहरादून महानगर का जिला अध्यक्ष सीताराम भट्ट को बनाया गया है। वहीं ऊधमसिंह नगर में विधायक राजकुमार ठुकराल से बड़ी अदावत के बावजूद शिव अरोरा को जिला अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि उत्तरकाशी जिले का जिला अध्यक्ष रमेश चौहान को बनाया गया है।

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-प्रकाश, बीना, बिंदेश, राकेश, लाखन व पवन बने भाजपा के प्रांप सदस्य
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 दिसंबर 2019। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांगठनिक चुनावों की इन दिनों जारी प्रक्रिया के तहत प्रदेश की 70 में से 43 विधानसभाओं का प्रांतीय परिषद तिनिधित्व करने के लिए एक-एक सदस्यों की घोषणा कर दी है। पार्टी के प्रदेश चुनाव अधिकारी बलवंत सिंह भौंर्याल ने इसी क्रम में नैनीताल जनपद की 6 विधानसभाओं के प्रांतीय परिषद सदस्यों की भी घोषणा कर दी है। नैनीताल विधानसभा से प्रकाश आर्य, भीमताल से बीना आर्य, हल्द्वानी से बिंदेश गुप्ता, रामनगर से राकेश अग्रवाल, कालाढुंगी से लाखन निगल्टिया व लालकुआं से पवन चौहान को प्रांतीय परिषद सदस्य मनोनीत किया गया है। आगे पार्टी के संविधान के अनुसार प्रांतीय परिषद सदस्य जिलाध्यक्षों के साथ प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में मतदान का अधिकार रखते हैं। उल्लेखनीय है कि भाजपा अभी अपने देहरादून, हरिद्धार, उत्तरकाशी व ऊधमसिंह नगर जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा नहीं कर पाई है। इसलिए इन जिलों के प्रांतीय परिषद सदस्यों का चुनाव भी अभी नहीं किया गया है। अलबत्ता, पार्टी संविधान के अनुसार किसी भी इकाई के लिए 51 फीसद सदस्यों का चुनाव जरूरी होता है। चूंकि घोषित सदस्यों की संख्या 70 विधानसभाओं के लिहाज से 51 फीसद से अधिक है, इसलिए पार्टी ने आगामी 20 दिसंबर को देहरादून में प्रस्तावित नये प्रदेश अध्यक्ष के लिए चुनाव-रायशुमारी हेतु औपचारिकता एक तरह से पूरी कर ली है। लिहाजा इस तरह प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना भी तय हो गया है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 11 दिसंबर 2019। सत्तारूढ़ भाजपा ने आखिर निर्धारित तिथि से दो दिन बाद जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। बावजूद पार्टी प्रदेश के 13 जिलों में से पार्टी के संगठनात्मक लिहाज से 14 जिलों में से 10 जिलों में ही अध्यक्षों की घोषणा कर पाई है। इनमें से नैनीताल जनपद है जहां मौजूदा अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट का कार्यकाल एक और कार्यकाल के लिए जारी रखा गया है। यह तब है, जबकि पार्टी के तीन वरिष्ठ विधायक उनके नाम से असहमत बताए जा रहे थे।
पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी बलवंत सिंह भौर्याल के हस्ताक्षरों से जारी विज्ञप्ति के अनुसार चमोली जिले के लिए रघुवीर सिंह, रुद्रप्रयाग के लिए दिनेश उनियाल, देहरादून के लिए शमशेर सिंह पुंडीर, पौड़ी गढ़वाल के लिए सम्पत सिंह रावत, पिथौरागढ़ के लिए विरेंद्र वल्दिया, बागेश्वर के लिए शिव सिंह बिष्ट, अल्मोड़ा के लिए रवि रौतेला, चंपावत के लिए दीप चंद्र पाठक व नैनीताल के लिए प्रदीप बिष्ट को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। गौरतलब है कि भाजपा अभी भी ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी, हरिद्वार व देहरादून नगर जनपद के लिए अध्यक्षों की घोषणा नहीं कर पाई है।

यह भी पढ़ें : भाजपा के जिलाध्यक्ष चुनाव की हुई घोषणा, दो पूर्व अध्यक्षों सहित इनमें से कोई बनेगा नया जिलाध्यक्ष

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 दिसंबर 2019। देश प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के संगठन चुनाव के क्रम में नैनीताल के जिलाध्यक्ष पद के लिए चुनाव की घोषणा हो गई है। जिला सह चुनाव अधिकारी विवेक साह ने बताया कि जिला अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 7 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित प्रेम टावर होटल में होगा। इस मौके पर जिला चुनाव अधिकारी एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विनय रुहेला के समक्ष वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की रायशुमारी ली जाएगी।
वहीं सूत्रों के अनुसार भाजपा के नैनीताल जिलाध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान जिलाध्यक्ष प्रदेश प्रदीप बिष्ट के साथ ही पूर्व जिलाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मंत्री अनुसूचित मोर्चा दिनेश आर्य व एक अन्य पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शाह के साथ ही वर्तमान दोनों जिला मंत्री चंदन बिष्ट व राकेश नैनवाल, प्रदेश महासचिव राजेंद्र बिष्ट, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोज पाठक, कुमाऊं मीडिया प्रभारी तरुण बंसल व मीडिया प्रभारी कुमाऊं प्रकाश रावत आदि के नामों की चर्चा है। माना जा रहा है कि इन्हीं में से कोई एक भाजपा का नैनीताल जनपद का नया जिला अध्यक्ष होगा

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नवीन समाचार, नैनीताल, 1 दिसंबर 2019। सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रदेश के सभी जनपदों में नगर मंडल अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। जनपद के सबसे प्रतिष्ठित नैनीताल मंडल के लिए आनंद बिष्ट को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं लालकुआं से नारायण सिंह, बिन्दुखत्ता से दीपक, हल्द्वानी पूर्वी से ललित आर्य ओखल कांडा से नंदन सिंह, भीमताल से मनोज, धारी से कैलाश गुणवंत, रामगढ़ से कुंदन,  गरमपानी से रमेश सुयाल, भवाली से पुष्कर जोशी, नैनीताल से आनंद बिष्ट, बेतालघाट से प्रताप सिंह बोहरा, हल्द्वानी उत्तर से नवीन पंत, हल्द्वानी नगर से विनीत अग्रवाल, हल्द्वानी ग्रामीण नगर पश्चिम से नवीन भट्ट, कालाढूंगी से महेंद्र सिंह, कोटाबाग से जोगा सिंह मेहरा, रामनगर ग्रामीण से वीरेंद्र रावत उर्फ वीरू, रामनगर नगर से भावना भट्ट व मालधनचौड़ से कमल किशोर को नगर मंडल अध्यक्ष बनाया गया है

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बृहस्पतिवार को नये नगर मंडल अध्यक्ष के चुनाव के लिए रायशुमारी के दौरान बोलते चुनाव अधिकारी पवन चौहान।

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 नवंबर 2019। प्रदेश भर में भाजपा नगर मंडल के नये अध्यक्ष बनने के लिए चल रही प्रक्रिया के दौरान करीब आधी नैनीताल विधानसभा हो चुके नैनीताल नगर मंडल के लिए निवर्तमान नगर अध्यक्ष सहित दो पूर्व अध्यक्षों ने दावेदारी ठोंक दी है। इससे ही नैनीताल मंडल के नये अध्यक्ष बनने के लिए चल रहे संघर्ष का अंदाजा लगाया जा सकता है। बृहस्पतिवार को नये अध्यक्ष के चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी-लालकुआं नगर पंचायत के पूर्व पालिका अध्यक्ष पवन चौहान एवं सह चुनाव अधिकारी हरीश भट्ट व कुंदन बिष्ट ने चुनाव में वोट देने की अर्हता रखने वाले सदस्यों के बीच नैनीताल क्लब में रायशुमारी की प्रक्रिया आयोजित की।

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इस दौरान बेहद सर्द मौसम, जोरदार ओलावृष्टि व भारी बारिश के बावजूद राजनीतिक गर्मी साफ तौर पर दिखाई दी। बताया गया कि इसी सप्ताह कोटाबाग पर्वतीय व ज्योलीकोट मंडल को समाप्त कर इनके 27 बूथों को नैनीताल मंडल में जोड़ने के बाद अब तक नगर की करीब 38 हजार की जनसंख्या व 39 बूथों वाला नैनीताल मंडल 67 बूथों एवं करीब 50 हजार की जनसंख्या के साथ करीब एक लाख की जनसंख्या व 153 बूथों वाली नैनीताल विधानसभा की आधी विधानसभा में तब्दील हो गया है। ऐसे में पार्टी यहां किसी सशक्त पार्टी कार्यकर्ता को अध्यक्ष बनाने की कोशिश में है। इसे निवर्तमान अध्यक्ष मनोज जोशी व वर्ष 2012 से 2015 तक नगर अध्यक्ष रहे व निवर्तमान जिलाध्यक्ष विवेक साह की दावेदारी से समझा जा सकता है। इनके अलावा निवर्तमान नगर महामंत्री भानु पंत, नगर उपाध्यक्ष भूपेंद्र बिष्ट व पूर्व नगर पालिका सभासद आनंद बिष्ट ने भी दावेदारी की है, जबकि एक अन्य पूर्व अध्यक्ष सहित कम से कम तीन अन्य कार्यकर्ताओं के द्वारा भी दावेदारी करने की चर्चा रही। जबकि इनमें से एक कार्यकर्ता बाद में अर्ह नहीं पाये गए।
इधर चुनाव अधिकारी पवन चौहान ने बताया कि नये नगर मंडल अध्यक्ष के लिए अर्हता रखने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच रायशुमारी की गई। बताया कि जिस कार्यकर्ता के नाम पर अधिक कार्यकर्ताओं की राय आती है, उनका नाम प्रदेश हाईकमान को भेजा जाएगा। इसके बाद प्रदेश हाईकमान 30 नवंबर को नये अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकता है। इस दौरान मंडल में निवास करने वाले प्रदेश कार्यकारणी सदस्य, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष, महामंत्री, पूर्व मंडल अध्य्ाक्ष, पूर्व महामंत्री, वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक, दायित्वधारी मंत्री, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, पूर्व ब्लॉक प्रमुख, मोर्चा जिलाध्यक्ष, शक्ति केंद संयोजक, समस्त बूथ अध्यक्ष आदि सदस्य नगर मंडल के चुनाव हेतु अर्हता रखने वाले कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : सत्तारूढ़ भाजपा में सत्ता का केंद्रीयकरण, तीन मंडलों का अस्तित्व हुआ समाप्त

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 नवंबर 2019। देश-प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी एक बार पुनः विकेंद्रीकरण की जगह केंद्रीकरण की ओर बढ़ रही है, या कि अपनी भूल का सुधार कर रही है। पूर्व में जिस तरह नये बनाए गए सांगठनिक जिलों का अस्तित्व समाप्त कर दिया गया था, वैसे ही करीब चार वर्ष पूर्व बनाए गए मंडलों को भी समाप्त किया जा रहा है। पूरे प्रदेश में चल रही इस कवायद के तहत नैनीताल जनपद में तीन मंडलों-कोटाबाग पर्वतीय, ज्योलीकोट व भीमताल ग्रामीण का अस्तित्व समाप्त होने जा रहा है। कोटाबाग का बड़ा हिस्सा नैनीताल मंडल में व कुछ बेतालघाट मंडल में तथा इसी तरह ज्योलीकोट मंडल का भी बड़ा हिस्सा नैनीताल मंडल में व एक हिस्सा भवाली मंडल में शामिल होने जा रहा है। वहीं भीमताल ग्रामीण व भीमताल नगर मंडल दोनों मंडलों को मिलाकर भीमताल मंडल के नाम से नया मंडल अस्तित्व में आने जा रहा है।

भाजपा से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों ने आपके प्रिय एवं भरोसेमंद समाचार पोर्टल ‘नवीन समाचार’ को इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कोटाबाग पर्वतीय मंडल का अस्तित्व समाप्त कर इसके तीन शक्ति केंद्रों के 12 बूथों को नैनीताल मंडल में तथा बेतालघाट से लगे एक शक्ति केंद्र व 5 बूथों को बेतालघाट में मिलाया जा रहा है। इसी तरह ज्योलीकोट मंडल के खुर्पाताल न्याय पंचायत को चार वर्ष पूर्व की तरह वापस नैनीताल मंडल में मिलाया जा रहा है। इसी तरह ज्योलीकोट मंडल के बल्दियाखान, रूसी आदि क्षेत्रों को भी नैनीताल मंडल में मिलाया जा रहा है, जबकि ज्योलीकोट, गेठिया व भूमियाधार से लगे क्षेत्रों को भवाली में जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस तरह से भाजपा ने इस तरह पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके मंडल मुख्यालय जाने में हो रही असुविधा का समाधान कर एक तरह से भूल सुधार भी कर लिया है।

यह भी पढ़ें : भाजपा के बागी रवि कन्याल के अभिनंदन जुलूस में शामिल हुए भाजपा, एबीवीपी से जुड़े युवा

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 नवंबर 2019। सत्तारूढ़ भाजपा से बागी होकर कोटाबाग विकास खंड के ब्लॉक प्रमुख पद का चुनाव लड़ने व भाजपा प्रत्याशी को हराने वाले रवि कन्याल का बुधवार को जीत के बार पहली बार विकास भवन भीमताल से लौटते हुए मुख्यालय आगमन पर छात्र नेताओं ने स्वागत-अभिनंदन किया। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में लगभग सभी छात्र नेता दक्षिणपंथी छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं सत्तारूढ़ भाजपा की युवा इकाई भाजयुमो से जुड़े हैं।
छात्र नेताओं ने कहा कि रवि कन्यालय पूर्व छात्र नेता के साथ ही वर्ष 2007 में डीएसबी परिसर के छात्र संघ सचिव तथा 2008 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर प्रमुख, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व कुमाऊं संयोजक आदि पदों पर रहे हैं। छात्र नेताओं ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भाजपा द्वारा नकारे जाने के बावजूद उनके द्वारा हासिल की गई जीत युवा शक्ति की जीत है। इसके जरिये युवाओं ने बता दिया है कि युवा केवल झंडे उठाने को ही नहीं रहे, बल्कि प्रतिनिधित्व करने की भी क्षमता रखते हैं। इस मौके पर एबीवीपी निखिल बिष्ट, हिमांशु खनायत, वर्तमान अध्यक्ष विशाल वर्मा, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पंकज भट्ट, पवन कन्याल, करन दनाई, भाजयुमो के नगर अध्यक्ष विकास जोशी, काशी कुंवर, दिनकर सिंह, भूपाल कार्की, मोहित रौतेला यशवंत बिष्ट शुभम कुमार शिवाशीष, पवन साह, आशीष साह आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।

यह भी पढ़ें : स्व. प्रकाश पंत की सीट पिथौरागढ़ पर प्रमुख कांग्रेस प्रत्याशी ने की चुनाव लड़ने से नां, क्या भाजपा को वॉकओवर देगी कांग्रेस ?

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अक्तूबर 2019। उत्तराखंड के दिवंगत काबीना मंत्री स्वगीय प्रकाश पंत की पिथौरागढ़ विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रमुख दावेदान, पूर्व विधायक मयूख महर ने उप चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि किसी युवा को मौका मिलना चाहिए। भाजपा स्वर्गीय पंत के छोटे भाई दिनेश पंत को उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि उनके पास सुरेश जोशी सहित कई अन्य प्रबल दावेदान भी हैं। इसके बाद कांग्रेस के उप चुनाव में भाजपा को वॉकओवर देने के कयास लगने लगे हैं।
उपचुनाव में मयूख महर के इस तरह की इच्छा जताना भाजपा के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि कांग्रेस से प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, वरिष्ठ नेता कुंवर सिंह बोहरा ने भी दावेदारी कर दी है, और आगे युंका जिलाध्यक्ष ऋषेंद्र महर और पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत के भी दावेदारी की संभावना जताई जा रही है। गौरतलब है कि कांग्रेस में मयूख महर ही सबसे दमदार नेता हैं और उनकी क्षेत्र में जबरदस्त पकड़ है। पिछली बार प्रकाश पंत भी यहां महर से बमुश्किल ही, पीएम नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा के बाद केवल करीब ढाई हजार मतों से जीत पाये थे। बताया जा रहा है कि महर कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से खासे नाराज हैं, जिसके कारण ही महर को पिछले विस चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था।

यह भी पढ़ें : पंचायत चुनाव Effect : भाजपा ने महिला जिलाध्यक्ष सहित 4 (कुल 94) को पार्टी से निकाला, अब विधायक की बारी ?

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 अक्तूबर 2019। उत्तराखंड में चल रहे पंचायत चुनावों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने के आरोप में चार और पार्टी नेताओं को मंगलवार को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। प्रदेश पार्टी अध्यक्ष अजय भट्ट के निर्देश पर महामंत्री राजेंद्र भंडारी ने चार नेताओं को पार्टी से निष्कासन किए जाने संबंधी पत्र जारी किया। मंगलवार को पार्टी से बाहर किए गए नेताओं में देहरादून जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष माया पंत भी शामिल हैं। प्रदेश पार्टी मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन ने कहा कि इस कार्रवाई के बाद पंचायत चुनावों के दौरान निकाले गए पार्टी नेताओं की संख्या 94 हो गई है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष और नैनीताल सांसद अजय भट्ट पहले ही कह चुके हैं कि अनुशासन पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसका उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
फिलहाल सबकी निगाहें इस पर हैं कि देहरादून जिले के रायपुर से बीजेपी विधायक उमेश शर्मा को को इसी तरह के आरोपों के चलते दिए गए स्पष्टीकरण नोटिस पर पार्टी आगे क्या कार्रवाई करती है। बीते दिनों शर्मा का एक कथित ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह पंचायत चुनाव में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ एक निर्दलीय प्रत्याशी को वोट दिए जाने की वकालत करते सुनायी दे रहे थे। पार्टी ने इसका गंभीर संज्ञान लेते हुए छह अक्टूबर को उन्हें नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।

यह भी पढ़ें : विधायक ने बताया 2024 में भी भाजपा की पुर्नवापसी का मंत्र..

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जुलाई 2019। स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने कहा कि भाजपा ने पिछली बार देश भर में 14 करोड़ लोगों को पार्टी से जोड़ा था, जिनमें से 10 करोड़ लोगों की पुष्टि भी हुई। वहीं 2019 के लोक सभा चुनाव में भाजपा को 25 करोड़ वोट एवं 303 सीटें मिलीं, जिससे पार्टी की केंद्र की सत्ता में वापसी भी हुई। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह पार्टी 15 करोड़ की सदस्यता का लक्ष्य पूरा करती है तो इसी अनुपात में पार्टी की अगले 2024 के लोक सभा चुनाव में 30 करोड़ वोट मिल सकते हैं, और इतने मतों से एक बार पुनः भाजपा की केंद्र की एवं साथ ही इससे पहले राज्य की सत्ता में भी पुर्नवापसी हो सकती है। कहा कि आम जनता में भी पार्टी से जुड़ने के प्रति अधिक चाव नजर आ रहा है।
श्री आर्य सोमवार को राज्य अतिथि में आयोजित पार्टी की नगर मंडल की जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट की मौजूदगी में हुई सदस्यता संबंधी बैठक में बोल रहे थे। बैठक में बताया गया कि नगर मंडल को 2500 कार्यकर्ताओं को जोड़ने का लक्ष्य मिला हुआ है, इसमें से 1500 लोगों को अब तक जोड़ा भी जा चुका है। इस मौके पर नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, पूर्व एएसपी हरीश चंद्र सती, बिमला अधिकारी, गोपाल रावत, विवेक साह, आनंद बिष्ट, उमेश गढ़िया, सागर आर्या, कुंदन बिष्ट, भानु पंत, संगीता पंत, सागर आर्या, कलावती असवाल सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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-डीआईजी से एएसपी रुचि जुयाल को हटाने की मांग भी की
नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मई 2019। नगर में एक फल और एक जूतों की मरम्मत करने वाले को पुलिस द्वारा उसके स्थान से हटा दिये जाने पर सत्तारूढ़ भाजपा के नगर अध्यक्ष मनोज जोशी ने शुक्रवार को डीआईजी अजय जोशी को फोन कर खुद के आत्मदाह की धमकी दे दी। इसके बाद हरकत में आये प्रशासन ने जूते और फल वाले को उनके स्थानों पर थोड़ा पीछे बैठने की इजाजत दे दी। जोशी ने आत्मदाह की धमकी सार्वजनिक तौर पर केएसवीएन के सूखाताल स्थित टीआरएच से डीआईजी को यहां निगम की नई उपाध्यक्ष रेनू अधिकारी के आगमन के इंतजार के दौरान पत्रकारों के समक्ष दी।
जोशी का कहना था कि जूते व फड़ वाले बरसों से मल्लीताल रिक्शा स्टेंड पर पुलिस चौकी के पास सड़क से हटकर बैठते हैं। फल वाले को तो बकायदा नगर पालिका से पांच गुणा पांच फिट का स्थान आवंटित भी है, और सिविल कोर्ट से भी उसके पक्ष में फैसला आया हुआ है। इन प्रपत्रों को दिखाने के बावजूद नई एएसपी रुचि जुयाल ने पद की बेवजह ताकत व मनमर्जी दिखाते हुए दोनों को हटा दिया। उन्होंने डीआईजी जोशी से एएसपी रुचि जुयाल को हटाने की बात भी कही। उल्लेखनीय है कि गत दिवस मनोज जोशी इसी मुद्दे पर पुलिस के सामने सड़क पर लेट भी गये थे। वहीं भाजपा विधायक संजीव आर्य ने भी जोशी का पक्ष लेते हुए कहा था कि किसी को रोजगार दे नहीं सकते तो हटाने की कोई तुक नहीं है। नयों को न लगने दें, परंतु पुरानों को वैकल्पिक व्यवस्था के बिना हटाना ठीक नहीं है। इधर अपराह्न में जोशी ने बताया कि बाद में उन्हें एसएसपी एवं सीओ के स्तर से बुलाया गया, तथा फड़ व जूते वाले को उनके स्थान पर ही थोड़ा पीछे बैठा दिया है।

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-पार्टी पुस्तकालय में कुरान रखी
नवीन समाचार  देहरादून 31 मई 2019। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अल्पसंख्यकों तक पहुंच बढ़ाने की जरूरत बताये जाने के कुछ दिनों के भीतर ही उत्तराखंड प्रदेश भाजपा मुख्यालय में स्थापित पुस्तकालय में कुरान की एक प्रति रख दी गयी है। प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी डा. देवेंद्र भसीन ने बताया कि पार्टी के सह मीडिया प्रभारी शादाब शम्स ने एक—दो दिन पहले ही यहां पार्टी राज्य मुख्यालय में कुरान की एक प्रति रखी है। उन्होंने कहा कि ऐसा हर धर्म के साथ समान व्यवहार करने की भाजपा की नीति के अनुरूप किया गया है। भसीन ने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं की पहुंच सभी धर्मों के ग्रंथों और पवित्र पुस्तकों तक बनाना चाहती है और यह उसी दिशा में एक कदम है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर बनाये गये इस पुस्तकालय में करीब 400 पुस्तकें हैं। भाजपा संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद मोदी ने अपने संबोधन में अल्पसंख्यकों तक पहुंच बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया था।

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नवीन समाचार  देहरादून 2 फरवरी 2019। सत्तारूढ़ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है। शाह ने कहा कि राम मंदिर पर भाजपा की स्पष्ट नीति है। भव्य राम मंदिर उसी जगह पर जल्दी बनना चाहिए। किसी को दुविधा में रहने की जरूरत नहीं है। जब भी राम मंदिर बनाने को केस आता है तो कांग्रेस अड़ंगा लगाती है। कहा, राहुल बाबा स्टैंड क्लियर करो। वहां राम मंदिर चाहते हो या नहीं। कहा कि वे उत्तराखंड को मॉडल राज्य बनाना चाहते हैं।

देहरादून के परेड मैदान में पार्टी के टिहरी और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्रों के त्रिशक्ति सम्मेलन में अमित शाह ने कार्यकताओं में जोश भरा। अपने करीब 45 मिनट के संबोधन में उन्होंने कहा, कार्यकर्ता भाजपा की रीढ़ की हड्डी है। छोटा कार्यकर्ता पार्टी के साथ काम करता है, पार्टी उसे क्या मौका देती है, इसका उदाहरण खुद वे हैं, जो खुद 1982 में गुजरात में बूथ अध्यक्ष थे। ऐसा भाजपा के अलावा कहीं नहीं है। देशभर की अन्य पार्टियों में अध्यक्ष परंपरागत वंशवाद से आते हैं। भाजपा गरीब चाय बेचने वाले के बेटे को प्रधानमंत्री बनाती है।  उधर, देहरादून में अमित शाह को काले झंडे दिखने पहुचे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता को पुलिस ने रोका इस दौरान पुलिस ने उन्‍हें गिरफ्तार भी किया। इससे पहले सम्‍मेलन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बजट में कामगारों से लेकर सेना के लिए दिया उससे भारत का उज्ज्वल भविष्य नजर आता है। भाजपा कार्यकर्ता सभी पांचो सीट जीता कर संगठन को देंगे।

अमि‍त शाह ने कहा कि कई विजय को मैंने देखा है। असंभव लगते हुए चुनाव को भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रचंड विजय में बदलने का कार्य किया है। उत्तराखंड और यूपी इसका उदाहरण है। कहा, जब मैं उत्तराखंड में चुनाव की तैयारी के दौरान आया था, तब मैंने कहा था कि एक बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाओ, मोदी की कैबिनेट सरकार और देवभूमि की डबल सरकार इसे डबल इंजन माडल बनाएगी। दोनों सरकारों ने फास्ट ट्रेक पर उत्तराखंड के विकास को आगे बढ़ाने का काम किया। उत्तराखंड पीएम मोदी की प्राथमिकता में है।

केदारनाथ का कायाकल्‍प का कार्य किया गया

अमि‍त शाह ने कहा देश व विदेश के लोग यहां (उत्‍तराखंड) चारधाम यात्रा के लिए आते हैं। यहां सबसे कठिन यात्रा केदारनाथ की होती है। पीएम ने केदारनाथ का कायाकल्प का कार्य किया है। केदारनाथ व बदरीनाथ का कायाकल्प करने का काम कठिन परिस्थितियों में भी किया गया है। मोदी सरकार ने आलवेदर रोड बनाने के काम की शुरूआत की, जिसका 24 घंटे काम जारी है। कहा, त्रिवेंद्र रावत सरकार ने हर वर्ग के लिए काम करने का प्रयास किया। उन्होंने भ्रष्टाचार को उत्तराखंड को मुक्त कराने का काम किया है। अमित शाह ने कहा कि बजट से विपक्ष की हवाइयां उड़ी है। विपक्ष के नेता के कांग्रेस अध्यक्ष के चेहरे से नूर गायब हो गया। आपका लक्ष्य क्या है सत्ता हासिल करना या गरीब किसान का उद्धार है। जब घोषणा की कि किसानों के खातों में छह हजार जमा कराया जाएगा, तो इससे देश भर के किसानों में खुशी की लहर है। अमि‍त शाह ने कहा कि पीएम मोदी दूर की सोच वाले प्रधानमंत्री हैं। बजट से किसान व मध्यम वर्ग के लोग खुश हैं। कटाक्ष किया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने बजट का विरोध किया, लेकिन उन्‍हें यह भी मालूम है कि रवि की फसल कब होती है। कांग्रेस के लोग अलग-अलग बयान दे रहे हैं।  शाह ने कहा कि देवभूमि से कोई भी गांव ऐसा नहीं है, जहां से जवान सीमा की रक्षा को नहीं गया। देश गौरव के साथ कहता है कि जब तक उत्तराखंड के वीर जवान हैं, तब तक सीमाओं की चिंता नहीं करनी चाहिए। मोदी सरकार ने सबसे बड़ा रक्षा बजट दिया। दस साल तक सोनिया मनमोहन सरकार थी, उसने देश की सेनाओं के आधुनिकीकरण को कुछ नहीं किया। कांग्रेस 55 साल में ओआरओपी नहीं दे पाई। भाजपा सरकार ने इसे एक साल में ही कर दिया। मोदी सरकार ने सेना और सीमा को सुरक्षित किया। इस साल तीन लाख करोड़ का रक्षा बजट दिया।

मोदी सरकार ने घोटालों को किया समाप्‍त

अमि‍त शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने घोटालों को समाप्त किया। कार्यकर्ताओं का संकल्प होना चाहिए कि मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाएं। ये भाजपा के साथ ही भारत के लिए जरूरी है। हम चाहते हैं कि भाजपा का भगवा बंगाल में भी शान से फहरे। हमारी सरकार ने गरीबों के घर गैस सिलेंडर पहुंचाए, गरीबों के घर बनवाए और बिजली पहुंचायी गई।

गठबंधन कभी भी ताकतवर नहीं होगा

अमि‍त शाह ने कहा कि गठबंधन कभी भी ताकतवर नहीं होगा। उन्‍होंने कहा, चंद्रबाबू नायडू हल्द्वानी में सभा करेंगे तो कोई आएगा क्या। ममता को सुनने कौन आएगा। ये सब लोग राज्यस्तरीय नेता हैं। कभी एक दूसरे का मुंह न देखने वाले बुआ भतीजा भी एक मंच पर आ गए हैं। उन्‍होंने कहा कि जातिवाद की राजनीतिक, परिवारवाद की राजनीतिक बंद करनी होगी। ये देश का भला नहीं कर सकती। सारे गठबंधन के लोग कहते हैं, मोदी हटाओ, मोदी कहते हैं गरीबी हटाओ, मोदी कहते हैं भ्रष्टाचार हटाओ, बीमारी हटाओ। वे कहते हैं मोदी हटाओ। उनका एक मात्र उद्ददेश्य मोदी हटाओ है। वो जितना नाम मोदी का लेते हैं, यदि नारायण का नाम लेते तो उनका भला हो जाता। गठबंधन वाले लोग देश का भला नहीं कर सकते हैं।

उत्तराखंड को अटलजी ने बनाया, मोदीजी ने संवारा

अमि‍त शाह ने कहा कि संकल्प करके दूर दूरस्थ गांव में जाइए। वहां यदि एक भी गढ़ है वहां भाजपा कार्यकर्ता जाए। उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी है। कहा उत्तराखंड पर भाजपा का अधिकार है। उत्तराखंड को अटलजी ने बनाया, मोदी ने संवारा। ऐसी विजय होनी चाहिए विरोधियों के दिल धड़कना भूल जाए।

बता दें कि इसी तरह से बीजेपी नैनीताल, पौड़ी, अल्मोड़ा लोकसभा में भी त्रिशक्ति सम्मेलन का आयोजन करेगी. हल्द्वानी में 9 फरवरी को नैनीताल लोकसभा का त्रिशक्ति सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. इसी दिन श्रीनगर में पौड़ी लोकसभा का त्रिशक्ति सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. 16 फरवरी को अल्मोड़ा लोकसभा का त्रिशक्ति सम्मेलन आयोजित होगा.

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-खुद लगानी पड़ी दीन दयाल पार्क में झाड़ू
नैनीताल। शुक्रवार को सत्तारूढ़ दल भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी के स्थापना दिवस पर पार्टी संस्थापक पं. दीन दयाल उपाध्याय की मूर्ति युक्त पार्क में आये तो संस्थापक की मूर्ति पर माल्यार्पण करने और मिठाई खाने-खिलाने आए थे, लेकिन करना कुछ ऐसा पड़ा कि यह कार्य भी नहीं कर पाए। उन्हें पार्क में गंदगी के अंबार को देखते हुए खुद झाड़ू लगानी पड़ी। यह स्थिति तब आई जबकि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में चल रहे ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और इस अभियान के तहत चल रहे ‘स्वच्छ भारत सर्वेक्षण’ में नैनीताल नगर पालिका द्वारा न केवल प्रतिभाग किया गया है, वरन सर्वेक्षण के तहत ‘ऐप’ के जरिये सफाई की शिकायतों के निस्तारण में 76वें स्थान पर रही भी है। पार्क में पानी का कोई प्रबंध भी न होने के कारण कई ने गंदे हाथों से पं. उपाध्याय को माल्यार्पण करना भी उचित नहीं समझा और गंदे हाथों से मिठाई भी नहीं खा पाए।

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यह स्थिति इसलिये भी चिंताजनक कही जाएगी कि नगर पालिका कार्यालय के बिल्कुल करीब स्थित इस पार्क में झाड़ू लगाने के लिए पालिका के अधिकारियों को भाजपा नगर अध्यक्ष द्वारा कहा भी गया था, बावजूद अपराह्न ढाई बजे तक झाड़ू नहीं लगी। ऐसे में स्थापना दिवस कार्यक्रम मनाने पहुंचे जिला उपाध्यक्ष विवेक साह कहीं से झाड़ू लेकर आये और पार्क की सफाई में जुटे। देखा-देखी भूपेंद्र बिष्ट और फिर पूर्व दायित्वधारी शांति मेहरा, उमेश गड़िया व पूर्व महिला जिलाध्यक्ष अमिता साह आदि भी पार्क की सफाई में जुटे। इस बीच फिर से पालिका के अधिकारियों को फोन किये गए, जिसके बाद एसआई कुलदीप सिंह पर्यावरण मित्रों को लेकर मौके पर पहुंचे, और भाजपाइयों द्वारा एकत्र की गयी गंदगी को उठाया। इस पर भाजपाइयों में कड़ी नाराजगी भी देखी गयी, और इसके बाद भी भाजपाइयों ने पं. उपाध्याय की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और मिष्ठान्न वितरण किया। इस मौके पर नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, विमल चौधरी, कुंदन बिष्ट, मीनू बुधलाकोटी, वंदना चौधरी व पान सिंह रौतेला सहित अन्य अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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सोशल मीडिया पर जल्दबाजी में कुछ भी कॉपी-पेस्ट करना किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है, और कमोबेश हर सोशल मीडिया का प्रयोक्ता इस जल्दबाजी का शिकार कभी भी हो सकता है। मंगलवार को अन्य ग्रुपों के साथ ही भाजपा से जुड़े कुछ वाट्सएप ग्रुपों में भी आई एक खबर राज्य सरकार के लिए जवाब देने के स्तर तक भारी पड़ गई है। सरकार को इस पर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है। स्पष्टीकरण में सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर को झूठा बताया गया है। साथ ही आदेश की प्रति प्रदेश के डीजीपी को भी भेजकर मामले में संज्ञान लेने को कहा गया है

मंगलवार (27 मार्च 2018) को सोशल मीडिया पर यह खबर आई थी:

आति आवश्यक सूचना – उत्तराखण्ड सरकार ने सर्कुलर जारी कर दिया है कि जिस भी ग्राम सभा वासियों ने अपनी कृषि भूमि दस साल से जादा बंजर छोड़े हो गये वह जमीन भूमि हीनो को देने के लिये कवायत शुरू हो गयी है चाहे वह सिचाई की जमीन हो या कोई अन्य सरकार का मानना है कि बंजर भूमि की आवश्यकता अब लोगो को नही है इसलिये यह जमीन उन बेघर भूमिहीनो को दिया जाय जिनके पास जमीन नही है
और यह जल्दी होने वाला है
यह संदेश सबतक पहुँचाये ताकी इसपे विचार किया जाय

सरकार का स्पष्टीकरण

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सत्तारूढ़ दल से जुड़े व्यक्तियों द्वारा यह खबर डाले जाने से लोगों को इस खबर के साथ इसके द्वारा भूमिहीनों को सरकार द्वारा लाभान्वित किये जाने की योजना पर सहज ही विश्वास भी हो गया था। इसके बाद राजस्व विभाग में सचिव प्रभारी हरबंस सिंह चुघ द्वारा जारी खण्डन में कहा गया है कि यह सिर्फ अफवाहें हैं, अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। चुघ ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। न ही इस तरह के किसी मामले पर विचार किया जा रहा है। शरारती तत्व इस तरह के संदेश फैला रहे हैं। इस तरह के समाचारों का खण्डन किया जाता है और अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

यहाँ अपनी ओर हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि “यह अभी स्पष्ट नहीं है और जांच के अधीन है कि यह खबर कहाँ से शुरू हुई, और कौन इसके लिए जिम्मेदार है। अलबत्ता, हमारे संज्ञान में यह खबर भाजपा से जुड़े एक ग्रुप से आई। संभव है, वहां भी यह किसी अन्य ग्रुप से आई हो। इस खबर को प्रकाशित करने का हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना है कि सोशल मीडिया पर ख़बरें डालने से पहले गंभीरता, तथ्यों की जाँच की  जरूरत है। अन्यथा गलती किसी से भी, हम से भी हो सकती है। इसीलिए ग्रुप में यह खबर डालने वाले व्यक्ति का नाम छुपा दिया गया है।

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