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दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की उत्थान योजना में घोटाले की आशंका

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-प्रतिभागियों को प्रशिक्षण अवधि में नहीं दी गयी टूल किट, शिकायत करने पर की गयी खानापूरी

प्रशिक्षण के तहत दी गयी 1500 रुपए की टूल किट।

नैनीताल, 1 अक्टूबर 2018। नैनीताल नगर पालिका के सूडा यानी राज्य नगरीय विकास अधिकरण के द्वारा दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत कराये गये उत्थान यानी ‘इम्प्लॉयमेंट थ्रू स्किल ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट’ के तहत ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण में प्रतिभागियों के द्वारा प्रशिक्षण संस्था के द्वारा सांठगांठ से घोटाला किये जाने की संभावना जताई गयी है। बताया गया है कि प्रशिक्षण अवधि में ही प्रतिभागियों को टूल किट दी जानी थी। किंतु नहीं दी गयी। प्रतिभागियों को खुद ही सामग्री जुटानी पड़ी। इसकी शिकायत गत 26 सितंबर को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से किये जाने के बाद सोमवार को प्रशिक्षण दे रही संस्था इंपीरियल इंस्टीट्यूट के द्वारा टूलकिट देने की खानापूरी की गयी है। प्रतिभागियों के अनुसार प्रत्येक प्रतिभागी को 1500 रुपए की टूलकिट दी जानी थी, किंतु ऐसा लगता है कि सबको मिलाकर 1500 रुपए की किट दे दी गयी है। किट में केवल एक-एक बैग, कंघा, जूड़े की पिन, छोटी पिन एवं दो अन्य सामग्री ही दी गयी है। साथ ही प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र में डिप्लोमा एवं अधिकांश प्रतिभागियों का नाम भी गलत अंकित किया गया है। इस संबंध में पूूछे जाने पर नगर की प्रभारी ईओ लता आर्य ने मामला संज्ञान में न होने और अब संज्ञान में लेने की बात कही है।

यह भी पढ़ें : अब उत्तराखंड में सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाने वाला एक नया घोटाला !

  • उत्तराखंड के मुख्य सचिव, आयकर निदेशक-लखनऊ व सीबीआई के निदेशक सहित 37 अधिकारियों का उच्च न्यायालय ने किया जवाब तलब
  • उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को भी आरोप लगाने के कारण एक लाख रुपये न्यायालय में जमा करने को कहा

उत्तराखंड में सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये का एक नया घोटाला प्रकाश में आ रहा है। इस मामले में रुड़की निवासी धर्मेन्द्र सिंह नाम के व्यक्ति ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उत्तराखंड में उद्योगों की स्थापना के लिए ट्रेड टैक्स अफसरों ने उद्योगपतियों से एक हजार करोड़ रुपए टैक्स के तौर पर लिए हैं। परन्तु यह रकम सरकार के खाते में जमा नहीं की गई है। इससे अब तक राज्य सरकार को कुल मिलकर दस हजार करोड़ रुपये का घाटा हो गया है। इस प्रकार 10 हजार करोड़ रुपये की टैक्स चोरी से जुड़े इस मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं लोकपाल सिंह की संयुक्त खंडपीठ ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव, राजस्व सचिव , मुख्य राजस्व आयुक्त, आयकर निदेशक-लखनऊ व सीबीआई के निदेशक सहित 37 अधिकारियों का जवाब तलब कर दिया है। इन सभी अधिकारियों को जवाब पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया गया है। जबकि याचिकाकर्ता को भी आरोप लगाने के कारण एक लाख रुपये न्यायालय में जमा करने को कहा है। 

उल्लेखनीय है कि इस मामले में पूर्व में ट्रेड टैक्स कमिश्नर ने पांच अधिकारियों-सहायक आयुक्त विनय कुमार, डिप्टी कमिश्नर पीपी शुक्ला, पीएस डुगरियाल, शिवेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त आयुक्त पीएस नगन्याल को नोटिस जारी किए थे, जबकि संयुक्त आयुक्त नवीन जोशी के खिलाफ सूचना आयोग ने राज्य सरकार को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आरोप है कि सरकार ने इन अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। इधर सोमवार को सुनवाई पर एक लाख रुपया जमा करने के याचिकाकर्ता को निर्देश देने से परेशान याचिकाकर्ता ने एक प्रार्थनापत्र लगाकर अपनी गरीबी का हवाला दिया। इस दौरान वित्त सचिव अमित नेगी ने जवाब पेश कर सभी आरोप गलत बताये। सभी पक्षों की दलील सुनने पर न्यायालय ने मुख्य सचिव समेत 37 अफसरों का जवाब तलब कर दिया है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में 88 करोड़ का घोटाला, खुद विधायक ने किया खुलासा

नैनीताल। नैनीताल विधायक संजीव आर्य ने सरोवरनगरी में पेयजल की किल्लत के लिए पिछली सरकार के दौर की 88 करोड़ रुपए की एडीबी के माध्यम से बनी योजना को जिम्मेदार बताया है। आरोप लगाया कि इसमें धन का दुरुपयोग व बंदरबांट हुई, लिहाजा इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बावजूद नगर में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। कहा कि इस विषय को सदन के पटल पर रखेंगे, तथा जांच की मांग भी करेंगे। साथ ही कहा कि आगे अमृत योजना के तहत मुख्यालय में पेयजल की किल्लत में सुधार करने का प्रयास भी किया जाएगा। उन्होंने इसके अलावा पहाड़ों से पलायन पर एक नया तर्क देते हुए कहा कि पलायन के लिए बेरोजगारी के साथ ही पानी की कमी भी बड़ा कारण है। पानी नहीं होगा तो लोग क्या करेंगे। पानी नहीं होने की वजह से भी लोग खेती छोड़ने और पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। कहा कि पानी के साथ जवानी में कौशल विकास करना भी उनकी कार्य योजनाओं में शामिल है।

यह भी पढ़ें : परिवहन निगम में 100 करोड़ का घोटाला, होगी जांच

भारतीय मजदूर संघ द्वारा पूर्व हरीश रावत की सरकार में हुए परिवहन निगम में हुए घोटालों का मामला कार्यक्रम में मंच से उठाने के बाद परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मामले की बिना दुर्भावना के जांच कराई जाएगी। इस संबंध में परिवहन सचिव से जांच के लिये समिति का गठन करने को कहा गया है।आर्य ने बताया कि पिछले दिनों पूर्व भारतीय मजदूर संघ के कार्यक्रम में उनके समक्ष कई बिन्दुओं को संज्ञान में लाया गया जिसमें पिछली सरकार में रोडवेज के लिए 100 करोड़ रूपये की बसें खरीदने में हुए घपलें की बात कही गयी। इसके बाद उन्होंने विधानसभा में अपने कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने के आदेश दिये है। कांग्रेस शासनकाल के आखिरी समय में कुछ महीनों के लिए परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नवप्रभात को दी गयी थी। उसी समय में रोडवेज के लिए नयी बसों को लोन प्रक्रिया के तहत 100 करोड़ की लगभग 429 साधारण बसों को खरीदा गया है। इस खरीद में सवाल उठाया गया है कि उस वक्त बीएस-3 मॉडल के वाहनों को क्यों खरीदा गया था जबकि यह मॉडल न सिर्फ बाहर हो रहा था बल्कि बीएस-4 वाहनों के आने की पूरी संभावना हो गयी थी। इसके अलावा निगम में कलपुर्जे आदि की खरीद में भी अनिमित्ता की संभावना जताई गयी है।

पूर्व आलेख : नैनीताल एनआरएचएम में घोटाले की बू !

  • प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव को किया निर्देशित
  • नैनीताल डीएम के आदेश पर दिसंबर 2014 में संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर से की गयी प्रारंभिक जांच में 4.67 करोड़ रुपये के दुर्विनियोग एवं एक करोड़ रुपये की शासकीय क्षति पहुंचाने का है रिपोर्ट में उल्लेख

नवीन जोशी, नैनीताल। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नैनीताल जनपद के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्य मिशन एवं राष्ट्रीय शिशु स्वास्य कार्यक्रम के बाबत संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर पर हुई एक जांच में उजागर हुए तथ्यों के आधार पर मिली एक शिकायत पर संज्ञान लिया है, और राज्य के मुख्य सचिव से इस मामले में आवेदक की शिकायत पर कार्रवाई करने एवं कृत कार्रवाई से आवेदक को अवगत कराने एवं वेब पोर्टल पर भी जानकारी सार्वजनिक करने के आदेश दिये हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार मिशन के तहत खातों में चार करोड़ 67 लाख 39 हजार 389 रुपये अधिक दिखाये गये हैं, तथा नौ लाख 53 हजार 563 रुपये से अधिक की शासकीय कोष को क्षति पहुंचाने की बातें कही गयी हैं। उल्लेखनीय है कि इस मामले में शिकायतकर्ता के वाहन भी चलते रहे हैं, तथा इसी सम्बन्ध में चेकों से छेड़छाड़ के आरोप में शिकायतकर्ता के घर की कुर्की हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि हालिया जनपद के निगलाट और मूलत: बागेश्वर जिले के ग्राम बघर निवासी कुंवर सिंह देव ने दिसंबर 2014 में डीएम नैनीताल के आदेश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट एसडीएम आशीष कुमार चौहान द्वारा नैनीताल जनपद के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्य मिशन एवं राष्ट्रीय शिशु स्वास्य कार्यक्रम की जांच रिपोर्ट में प्रकाश में आये तयों को प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रेषित करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इस जांच रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2011-12 में समस्त योजनाओं का कुल अंतिम अवशेष 2,30,88,877 रुपये, जबकि वर्ष 2012-13 का प्रारंभिक शेष रुपये 2,40,79,138 यानी 9,90,261 रुपये अधिक और इसी तरह 2012-13 का अंतिम अवशेष रुपये 4,96,35,497 जबकि वर्ष 2013-2014 का प्रारंभिक शेष रुपये 4,97,56,417 यानी 1,20,920 रुपये तथा दोनों को मिलाकर 11 लाख 11 हजार 181 रुपये अधिक दिखाया गया है। इस अतिरिक्त धनराशि का स्वास्य विभाग के खातों में कोई उल्लेख नहीं है। इसी तरह आरसीएच फ्लैक्सीपूल, एनआरएचएम एडीशनलिटीज व इम्युनाइजेशन योजनाओं में भी व्यय धनराशि एवं बैंकों में उपलब्ध धनराशि में 46 लाख 73 हजार 938 रुपये का अंतर जांच में सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार अंतिम अवशेष चार करोड़ दो लाख 430 रुपये है, जबकि बैंक खातों में तीन करोड़ 55 लाख 26 हजार 492 रुपये ही जमा हैं। इसके अलावा सीएमओ कार्यालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2010-11 से वर्ष 2012-13 तक उपलब्ध कराये गये आंकड़ों में भी इन तीनों वर्षो में क्रमश: 41452467, 17773458 एवं 29660141 रुपये का अधिक व्यय दिखाया गया है। इसी तरह राष्ट्रीय बाल स्वास्य कार्यक्रम के तहत किराये पर लिये गये वाहनों के परिचालन में 5,26,469 रुपये की अधिक धनराशि की शासकीय क्षति उद्घाटित हुई है। वाहनों के संचालन में रुपये 2,93,112 के औचित्य पर भी सवाल उठाये गये हैं, जिसमें शिकायतकर्ता के वाहन भी संचालित बताये गये हैं। साथ ही वाहनों के 27,313 किमी अनौचित्यपूर्ण तरीके से चलने और इस कारण 1,33,982.68 रुपये का अधिक भुगतान किये जाने की बात रिपोर्ट में कही गयी है। वाहन संचालक द्वारा वाहन उपलब्ध न कराने की दशा में अर्थदंड के रूप में 99,375 की वसूली न करके भी शासकीय क्षति किये जाने की बात रिपोर्ट में है। इसके अलावा रिपोर्ट में राष्ट्रीय बाल स्वास्य कार्यक्रम के तहत नियुक्त चिकित्सकों की टीमों द्वारा दायित्वों का निर्वहन न किये जाने की बात भी कही गयी है। चिकित्सकों के मोबाइल हेल्थ रजिस्टरों और वाहन ठेकेदारों की रिपोटरे व वाहन लॉग बुक में समानता नहीं है। कार्यक्रम में फार्मासिस्ट की नियुक्ति में कम्प्यूटर कार्य में कुशलता संबंधित निर्धारित पात्रता की तथा स्टाफ नर्स की नियुक्ति में नर्सेज एंड मिडवाइफ काउंसिल में पंजीकरण कराये बिना की किये जाने जैसी भी तमाम अनियमितताओं की बात कही गयी है। जांच रिपोर्ट में बिलों के भुगतान, सूचना के अधिकार के तहत जानकारियां देने आदि में भी तमाम अनियमिततायें उजागर की गई हैं।

विधायक का नैनीताल विधानसभा के लिए करीब 200 करोड़ की कार्य योजनाएं स्वीकृत करने का दावा, पर कार्यान्वयन में दिक्कत, अलबत्ता बेतालघाट तक सीमित दिख रहीं विधायक की योजनायें 

-विधायक संजीव आर्य ने एक वर्ष के कार्यों का ब्यौरा किया पेश

संजीव आर्य

नैनीताल। क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने अपने व सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर रविवार को किये गये कार्यों के ब्यौरे पेश किये। दावा किया कि एक वर्ष में अपने विधानसभा क्षेत्र में करीब 200 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत कराई गयी हैं। अलबत्ता लगा कि विधायक का ध्यान अधिकतम राजनीतिक रूप से उनके गढ़ बेतालघाट में ही अधिक है, तथा एक वर्ष में योजनाएं केवल कागजों में ही हैं। विधायक ने भी स्वीकारा कि उनकी विधायक निधि सहित अन्य कार्यों में क्रियान्वयन में दिक्कतें हैं।

रविवार को नैनीताल क्लब में पार्टी की बैठक के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए विधायक ने बताया कि करीब 50 करोड़ की लागत से 44 सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया जिला स्तर पर पूर्ण कर केंद्र सरकार में नोडल स्तर तक तक पहुंचा दी गयी हैं। इनमें से 11 में सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है, जबकि 7 पर कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इसके अलावा जनपद के बेतालघाट से लगे गांवों के लिए कोसी नदी से पानी लिफ्ट करने के लिए 48 करोड़ की योजनाएं एनआरडीडब्लूपी के तहत शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं। साथ ही 82 गांवों में जल संरक्षण हेतु 24 करोड़ के कार्य स्वीकृत किये गए हैं। बताया कि जनपद में केवल उनकी विधानसभा के इन 82 गांवों में ही यह योजना स्वीकृत हुई है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अपनी विधायक निधि के 3.75 करोड़ में से एक वर्ष में 4.21 करोड़ रुपए के कार्यों की अब तक घोषणा कर चुके हैं, अलबत्ता कार्य शुरू होने में विभागों के स्तर से देरी हो रही है, व दिक्कत आ रही है। इसके अलावा गांवों में पेयजल, सड़क, बारातघर जैसे छोटे कार्यों के लिए 61 लाख रुपए की योजनाएं स्वीकृत की गयी हैं। उन्होंने जनपद व विधानसभा के दूरस्थ बेतालघाट विकासखंड में एक दंत चिकित्सक व दो महिला चिकित्सकों सहित 5 चिकित्सक पहुंचा दिये गये हैं, जबकि राज्य बनने के बाद से यहां केवल 1 ही चिकित्सक रहे हैं।

अलबत्ता मुख्यालय स्थित जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी पर बोलते हुए विधायक ठिठकते दिखे। मुख्यालय के लिए उन्होंने केवल 50 करोड़ की पार्किंग स्वीकृत कराने भर का जिक्र किया, और यह कब तक स्वीकृति के बाद बनना शुरू होगी, इस पर कुछ नहीं कहा। नालों की सफाई, नैनी झील के सिचाई विभाग को हस्तांतरित होने के बावजूद कोई कार्य न होने के विषयों पर भी विधायक ने कुछ नहीं कहा। इस मौके पर मुख्यमंत्री राहत कोष से 14 आवेदकों को 5 से 10 हजार रुपए की मिलाकर कुल 91 हजार रुपए की अनुमन्य राशि के चेक भी भेंट किये गये। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, बिमला अधिकारी, विवेक साह, भुवन हरबोला, अरविंद पडियार, नितिन कार्की, पान सिंह रौतेला, दया किशन पोखरिया, विश्वकेतु वैद्य, संदीप कांडपाल व अतुल पाल सहित बड़ी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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