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गौकशी कर गौ मांस बेचने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

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नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गौकशी कर गौमांश बेचते हुए गिरफ्तार किए गए आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शुक्रवार को आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मुस्तफा एवं उसके भाई व बहनोई सरफराज व जाहिद को गत 13 अगस्त को अत्यधिक मात्रा में गौ मांस व गौकशी मंे प्रयुक्त हथियार, तौलने के बांट, तराजू आदि के साथ मौके से गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ पूर्व में भी उत्तर प्रदेश गौ वंश अधिनियम के तहत पकड़े गए थे। उनके खिलाफ गिरोह बंद अधिनियम में भी कार्रवाई चल रही है।

यह भी पढ़ें : अग्रिम जमानत के नये प्राविधान के बावजूद जिला न्यायालय ने खारिज की आरोपितों की अर्जी, अपनी तरह का पहला मामला

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दहेज हत्या से संबंधित मामले में गत अगस्त माह से राज्य में लागू हुए नये प्राविधानों के तहत आरोपित को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। यह नया कानून आने के बाद अग्रिम जमानत खारिज होने का अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है। हालांकि गत दिनों जनपद के लालकुआं थाना क्षेत्र में करीब एक करोड़ रुपए की जमीन की धोखाधड़ी के मामले में भी जिला न्यायालय से आरोपित की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।
मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने मृतका के सास व ससुर की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि गंभीर अपराध में, जबकि आरोपित के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है, अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती है। उन्होंने न्यायालय को बताया कि मृतका रिचु पुत्री दीवान सिंह बोरा निवासी राम मंदिर गणाई गंगोली बेरीनाग की शादी एक मई 2019 को कृपाल सिंह निवासी हल्द्वानी के साथ की थी। शादी में कम दहेज मिलने से कृपाल सिंह, उसके पिता भगवान सिंह व मां मोहनी देवी संतुष्ट नहीं थे और रिचु को ताने देते और उत्पीड़न करते रहते थे। इधर उन्होंने ट्रक लेने के लिए 10 लाख रुपए की मांग भी की थी। इधर जून 2019 में रिचु द्वारा पुत्री को जन्म देने के बाद उत्पीड़न और बढ़ गया था। इधर 13 मई को उन्हें किसी अन्य से पुत्री का स्वास्थ्य अत्यधिक खराब होने और 14 मई को अस्पताल में मृत्यु की सूचना मिली। घटना के दो-तीन दिन पहले भी वह घर आकर दहेज न देने पर धमकी दे गए थे। लिहाजा अभियोग की प्रकृति व गंभीरता को देखते हुए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके साथ आरोपितों की गिरफ्तारी की राह भी आसान हो गई है।

यह भी पढ़ें : दो दिन में दिया दो चोरी की वारदातों को अंजाम, कोर्ट ने नहीं दिखाई मुरौबत

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दो दिन के भीतर चोरी की दो घटनाओं को अंजाम देने वाले चोरों पर कोई मुरौबत नहीं की और जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में शुक्रवार को जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि गत 23 जुलाई को रामनगर के निकट पदमपुर डोलिया गैबुआ बैलपड़ाव स्थित ग्रेट वालिया पुत्र महर सिंह वालिया के फार्म हाउस से एसी, पानी की मोटर, एयर गन व पंखा तथा 24 जुलाई को खेमपुर गैबुआ स्थित कमलेश हर्बोला के आरबीएम खनन सामग्री के कार्यालय सेएसी, इन्वर्टर, गैस का सिलेंडर, पंखे, पांच कुर्सियां व अन्य सामान चोरी चले गए थे। 25 जुलाई को आरोपित सतपाल सिंह पुत्र काबुल सिंह निवासी पलापनी बैलपड़ाव व गुरुप्रीत सिंह उर्फ गोपी सरपंच पुत्र मेजर सिंह निवासी बंदरजूड़ा बैलपड़ाव की मोटरसाइकिलों से बैटरा, पानी की मोटर आदि बरामद हुए थे। पूछताछ मंे उन्होंने कुलदीप सिंह पुत्र श्रवण सिंह निवासी बन्नाखेड़ा बाजपुर के साथ मिलकर दोनों चोरियों में संलिप्तता स्वीकारी एवं चोरी के सामान की जानकारी भी दी। उनकी निशानदेही पर चोरी की सामग्री बरामद की गईं। इस मामले में अदालत पहले ही गत एक सितंबर को कुलदीप सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर चुकी थी। आज अदालत ने सतपाल सिंह की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : ई-लोक अदालत में सवा करोड़ से अधिक रुपए के 152 मामले निस्तारित

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 सितंबर 2020। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला मुख्यालय नैनीताल तथा रामनगर व हल्द्वानी स्थित बाह्य न्यायालयों में ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 152 मामले तय कर एक करोड़ 29 लाख, 38 लाख 402 रुपए के समझौते कराए गए।
प्राधिकरण के सचिव सिविल जज-सीनियर डिवीजन इमरान मौहम्मद खान ने बताया कि इस दौरान प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे तथा अधिवक्ता प्रदीप परगाई ने 15 वादों का निस्तारण कर 58.74 लाख, परिवार न्यायाधीश ब्रिजेंद्र सिंह व अधिवक्ता राजेंद्र बोरा ने 6 वादों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार आर्या व सुभाष जोशी ने 27 मामलों का निस्तारण कर 10.74 लाख, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार व धर्मेंद्र कुमार ने 5 वादों का निस्तारण कर 9.94 लाख, पंकज तोमर व योगिता बिष्ट ने 7 वादों, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी व मुकेश थुवाल ने 28 वादों का निस्तारण कर 1.14 लाख, न्यायिक मजिस्ट्रेट शमा परवीन व ललित कुमार मेर ने 22 पादों वा निस्तारण कर 34.9 लाख, सिविल जल सीनियर डिवीजन रामनगर व दीनू नेती ने 27 वादों का निस्तारण कर 14.1 लाख रुपए के वादों का निस्तारण किया।

यह भी पढ़ें : विवाह पूर्व संबंधों के बाद पेड़ पर लटकी मिली युवती की हत्या के आरोपी तथा गौकशी के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने फंदे पर लटकी मिली युवती की हत्या के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत गिरफ्तार ग्राम प्रधान के भाई की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
बृहस्पतिवार को आरोपित विपिन चंद्र की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि आरोपित पर 25 जुलाई को घर से करीब एक किमी दूर एक पेड़ से चुनरी से लटकी मिली कुमारी राजयंती पुत्री स्वर्गीय लीला राम निवासी ग्राम भुमका पट्टी नाई जिला नैनीताल की हत्या का आरोप है। मृतका के शिकायत भाई के अनुसार आरोपित उसकी बहन से लंबे समय से शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाये हुए था। जबकि आरोपित की मां ने कहा था कि वह किसी भी कीमत में उनकी शादी नहीं होने देगी। इधर घटना के दौरान मृतका आरोपित पर शादी करने का दबाव डाल रही थी। इस पर उसकी हत्या कर शव पेड़ से हटका दिया गया, हालांकि पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण ‘डेथ ड्यू टु एसपीक्सिया एस रिजल्ट ऑफ एंटीमार्टम हैंगिंग’ पाया गया। यानी मृत्यु का कारण दम घुंटना बताया गया और मृतका के पांच जमीन में लगे हुए थे। मृतका को अंतिम बार आरोपित के साथ देखा गया था और आरोपित ने भी मृतका के साथ होने की बात स्वीकारी है। मामले में अभियोजन पक्ष ने चार गवाह भी पेश किये, इनके आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपित ग्राम प्रधान भुमका का भाई भी बताया गया।

गौकशी के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 सितंबर 2020। गत 13 अगस्त को हल्द्वानी के लाइन नंबर 17 तिराहा वनभूलपुरा में पुलिस द्वारा चार लोगों को स्लॉटर हाउस की आढ़ में गौकसी करने व मांस को दुकान पर बेचने की सूचना पर चार लोगों को पकड़ा था। उनके पास से एक कंुटल प्रतिबंधित मांस एवं गौकसी में प्रयुक्त चापड़, कुल्हाड़ी, छुरी, तराजू आदि भी बरामद हुए थे।
बृहस्पतिवार को आरोपितों में से मुस्तफा पुत्र सलीम निवासी वार्ड नंबर 21 इंद्रानगर वनभूलपुरा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में जमानत के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से सुनवाई का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित ने हिंदू धर्म की आस्था गाय की हत्या की। इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था। इस पर अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : बच्चा न होने पर पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति व गाय के खेत चरने का विरोध करने पर गला काटने वाले हत्यारे को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने बच्चा न होने पर पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मंगलवार को आरोपित पति की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मामले में मृतका ललिता नेगी ने मृत्यु पूर्व अपने मायके वालों को बताया था, तथा आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट में भी लिखा था कि उसका पति त्रिभुवन नेगी उसे बच्चा न होने के कारण प्रताणित व आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया था। वह पति की प्रताड़ना से परेशान होकर मायके आ गई थी और पति द्वारा प्रताणित न करने के लिखित राजीनामे पर ही ससुराल गई थी। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

गाय के खेत चरने का विरोध करने पर कर दी थी हत्या, दूसरी बार भी जमानत अर्जी खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 08 सितंबर 2020। बीती 5 जून 2020 को दिन में हल्द्वानी के थाना मुखानी क्षेत्रांतर्गत बलूटिया फार्म में गाय के खेत चरने का विरोध करने पर गौ स्वामी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने मंगलवार को दूसरी बार भी आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
हत्यारोपित राजेंद्र सिंह पुत्र जीत सिंह निवासी कृष्णा विहार मल्ली बमौरी हल्द्वानी की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि पांच जून की सुबह आरोपित की गाय शिकायतकता्र इंद्रा मौर्य पत्नी स्वर्गीय कृष्णपाल मौर्य का खेत चर रही थी। इस पर इंद्रा व कृष्णपाल ने इसका विरोध किया तो आरोपित ने रात्रि में आकर कृष्णपाल सिंह पर पाटल से हमला किया। इससे कृष्णपाल का दांया हाथ व गर्दन कट गई थी और उसकी मृत्यु हो गई। डीजीसी शर्मा ने कहा कि मामले में तीन गवाह गवाही दे चुके हैं। इसलिए उसे जमानत देरे का कोई आधार नहीं पाते हुए न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : अवैध खनन व वनाधिकारी को कुचलने का प्रयास करने के आरोपित सहित दो की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 01 सितंबर 2020। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं प्रभारी जिला जज विनोद कुमार की अदालत ने रामनगर में गत 16 जुलाई को अवैध खनन करते हुए पकड़े जाने पर उप प्रभागीय वनाधिकारी को खनन वाहन से कुचलने का प्रयास करने वाले रामनगर निवासी आरोपित आनंद सिंह मनराल पुत्र गोपाल मनराल, सोनू मनराल पुत्र गोविंद मनराल की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने उनकी जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित गिरोह बनाकर मौके पर पहुंचे थे और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मारपीट व गाली गलौच कर घटना में प्रयुक्त डम्फर वाहन को छीनकर अपने साथ ले गए थे। उनका आपराधिक इतिहास भी रहा है।

चोरी के आरोपित को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं प्रभारी जिला जज विनोद कुमार की अदालत ने मंगलवार को कुलदीप सिंह पुत्र श्रवण सिंह निवासी ग्राम ईटवा बन्नाखेड़ा बाजपुर का जमानत प्रार्थना पत्र अपराध को गंभीर पाते हुए खारिज कर दिया। इस मामले में जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि आरोपितों ने अपने साथ गुरुप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र मेजर सिंह निवासी बंदरजूड़ा कालाढूंगी व सतपाल सिंह उर्फ सत्ता पुत्र काबुल सिंह निवासी पत्तापानी कालाढुंगी के साथ जितेंद्र कुमार पत्र लक्ष्मण दास निवासी विजयपुर धमोला सहित दो स्थानों में चोरी की थी। 24 जुलाई की सुबह हुए उनके कार्यालय से चोरी के खुलासे में एसी, इन्वर्टर, गैस सिलेंडर, पंखे, कुर्सियां व अन्य सामान चोरी किया था।

यह भी पढ़ें : 12 लाख रुपए देकर एक करोड़ में फर्जी तरह से जमीन बेचने वाले गिरोह के सदस्य को नहीं मिली जमानत…

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने शुक्रवार को 12 लाख रुपए देकर एक करोड़ में फर्जी तरह से जमीन बेचने वाले गिरोह के एक सदस्य को भी जमानत नहीं दी। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने शुक्रवार को न्यायालय को बताया कि पीड़ित दरबान सिंह परिहार पुत्र जयंत सिंह परिहार निवासी फरीदाबाद की कुसुमखेड़ा हल्द्वानी स्थित एक बीघे से कुछ अधिक जमीन का अक्टूबर 2019 में शिव सिंह नयाल पुत्र जगत सिंह निवासी पॉलीशीट ने खरीदने का इकरारनामा किया व दो अलग-अलग खातों से 12 लाख रुपए दिए। लेकिन तभी उसे पता चला कि उसकी जगह ग्राम क्यारी रामनगर निवासी जरनैल सिंह को उसकी जगह फर्जी दरबान सिंह बनाकर वह जमीन फूलचौड़ निवासी मोहन सिंह को एक करोड़ रुपए से भी अधिक में बेच दी है। यह भी पता चला कि आरोपित गिरोज बनाकर जालसाजी व धोखाधड़ी से दूसरों की जमीन हड़पने का काम करते हैं। इस मामले में कुल 6 आरोपितों में से जरनैल सिंह ने अदालत में जमानत की अर्जी दी थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।

यह भी पढ़ें : पिता द्वारा बेची जमीन वापस लेने को फायर झोंकने वाले व्यक्ति की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने शुक्रवार को पिता द्वारा बेची गई जमीन को फायर झोंककर वापस जबरन लेने का दबाव बनाने वाले आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने शुक्रवार को न्यायालय को बताया कि आरोपित योगेंद्र सिंह निवासी गुलजारपुर बंकी व उसके साथी ने पीड़ित डुंगर देव पाठक पुत्र जय दत्त पाठक निवासी बची नगर लामाचौड़ पर दो बार फायर झोंके। पीड़ित ने यह जमीन वर्ष 2017 में आरोपित के पिता से खरीदी थी और आरोपित ने इस जमीन को वापस लेने के लिए दबाव बनाने के लिए गत एक जुलाई की सुबह पीड़ित पर दो फायर झोंके, जिसके छर्रे पीड़ित की बांयी अंगुली और पेट में दांयी ओर लगे। इस मामले में उसके साथी आनंद राम की जमान अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। अदालत ने आज योगेंद्र की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : संपत्ति विवाद में लगाए थे महिला ने युवक पर छेड़खानी के आरोप ! आरोपित को मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2020। इसी माह चार अगस्त को नगर के तल्लीताल निवासी महिला पड़ोस में रहने वाले मृदुल नेगी उर्फ रिंकू पर पिछली यानी तीन अगस्त की रात्रि एक बड़े उसके बेटे के नाम दरवाजा खुलवाने और घर में घुसकर हाथ मरोड़ने तथा छेड़खानी व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था। इस मामले में तल्लीताल पुलिस ने आरोपित युवक को उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इधर जेल मंे बंद आरोपित की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में जमानत अर्जी पेश की गई थी, जिस पर मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन सुनवाई करते हुए अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप परगाई के तर्कों से सहमत होते हुए एवं आरोपित के पूर्व में कोई आपराधिक इतिहास न को देखते हुए गुण-दोष से संबंधित कोई राय दिये बिना जमानत दे दी है।
मामले में अधिवक्ता परगांई ने तर्क दिया कि आरोपित को पारिवारिक जमीनी विवाद के कारण रिपोर्टकर्ता ने पुलिस से मिलकर झूठा फंसाया है। रिपोर्टकर्ता महिला के साथ कोई भी अश्लील हरकत करने का आरोप नहीं है। घटना को कोई स्वतंत्र साक्षी भी नहीं है। न्यायालय ने उसे 35 हजार रुपए के व्यक्तिगत बंधपत्र व इतनी ही राशि के दो जमानतियों को पेश करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश सुनाया।

यह भी पढ़ें : पति-सास ने की थी चार माह की गर्भवती पत्नी की दहेज के लिए हत्या, पति की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2020। बीती 30 जून को जनपद के दुगई स्टेट भवाली में हुई एक विवाहिता की मौत के मामले में खुलासा हुआ है कि हत्या उसके पति व सास ने गला दबाकर की थी। इधर मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने तब से जेल में बंद मृतका के पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने मंगलवार को मामले में मृतका प्रीति आर्या के हत्यारोपित पति मोहन कुमार की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को पोस्टमार्टम यानी शव विच्छेदन करने वाले चिकित्सक के बयानों के हवाले से बताया कि आरोपित मोहन व उसकी मां ने गला दबाकर हत्या की थी। शव के गले में हाथ के नाखून के निशान व थायरॉइड बोन टूटी हुई मिली थी, जो गला दबाकर ही टूटती है। मृतका का विवाद वर्ष 2016 में हुआ था और वह हत्या के समय चार माह की गर्भवती थी। उसके गर्भाशय में चार माह का भ्रूण भी मृत अवस्था में मिला था। जबकि मृतका के भाई दीपक चंद्र निवासी गुड़गांव नथुवाखान ने मामले में शिकायत दर्ज कराकर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया था। इन तर्कों पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : शादी के 11 वर्ष बाद आत्महत्या करने वाली विवाहिता के पति-देवर को नहीं मिली जमानत, जानलेवा हत्या के आरोपित की अर्जी भी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जुलाई 2020। पिछले माह 18 जून को जनपद के ग्राम कुलोरी-जाड़ापानी पट्टी च्यूरीगाड़ तहसील धारी में गीता नाम की एक विवाहिता का शव घर के सामने ही पेड़ पर लटका हुआ मिला था। मृतका की शादी को 11 वर्ष हो गए थे। इस मामले में मृतका के भाई संजय शर्मा पुत्र जीवन शर्मा निवासी ग्राम सरना कनर्खा तहसील धारी ने 19 जून को पट्टी पटवारी में मृतका की सास, ससुर, पति व देवर के खिलाफ आये दिन मारपीट करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि ससुरालियों ने एक माह पूर्व भी उसे मारपीट कर घर से भगा दिया था। मृतका के मुंह व चेहरे पर खून लगा था तथा शरीर में चोट के निशान भी थे। मंगलवार को इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने तभी से जेल में बंद मृतका के आरोपित पति कैलाश थुवाल पुत्र मनोहर थुवाल व देवर विनोद थुवाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण ‘एंटी मार्टम हैंगिंग’ यानी लटकने के कारण मृत्यु होना आया था।
मामले में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपितों की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि छः वर्ष पूर्व भी मृतका ने ससुरालियों की प्रताड़ना से तंग आकर कलसा नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की थी। तब स्थानीय लोगों ने उसे नदी से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था। इधर लॉक डाउन के दौरान भी उसने एक दिन मारपीट की डर से जंगल में छुपकर जान बचाई थी।

चाकू से जानलेवा हमला करने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नैनीताल। बीती दो जून को पीपलसाना रामनगर में वीट बहादुर कॉलोनी के पास सुरेंद्र सिंह उर्फ बब्बू पुत्र शमशेर सिंह निवासी ग्राम पीपलसाना रामनगर की सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर सड़क पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। मामले में शिकायतकर्ता, मृतक के भाई शीतल सिंह ने थाना रामनगर में दी गई तहरीर में कहा था कि उसके भाई पर देव सिंह पुत्र बच्ची सिंह निवासी वीट बहादुर कॉलोनी रामनगर ने यूं ही गाली-गलौच, जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए चाकू से ताबड़तोड़ वार किये थे। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित देव सिंह की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि वह आपराधिक किस्म का व्यक्ति है, और उस पर पूर्व में भी आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है। इस पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : गौकशी व हिस्ट्रीशीटर के नाम पर 8 लाख की फिरौती के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में गौकशी तथा आठ लाख रुपए की फिरौती के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि पहले मामले में आरेापित मुअज्जम पुत्र मो. अहमद उर्फ लल्ला निवासी नरपत नगर तहसील स्वार, यूपी को 26 मई को ऊंट पड़ाव रामनगर के पास अन्य आरोपितों के साथ एक बछिया को कार में काटने के लिए ले जाते हुए हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था। आरोपितों की इस हरकत से लॉक डाउन के दौरान कोरोना का संक्रमण फैलने की संभावना भी थी।
वहीं दूसरे मामले में डीजीसी शर्मा ने न्यायालय को बताया कि सुल्तान उर्फ गुलशेर ने जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर भुप्पी बोरा के नाम से रिजवान अंसारी पुत्र यूसुफ अंसारी को 8 लाख रुपए की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। इस पर पीड़ित ने काफी रुपए उसके बताये खातों में जमा भी करवाए थे। पुलिस की जांच में भी आया है कि आरोपित सुल्तान भुप्पी बोरा के लिए कार्य करता है। इसलिए न्यायालय ने सुल्तान की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन में गौकशी करते दो आरोपित गैंगस्टरों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गौकशी के दो आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायालय में गत 26 अप्रैल को जनपद के थाना रामनगर के उप निरीक्षक केसी जोशी द्वारा सांवल्दे इलाके में गौ कशी करते हुए एक महिला सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से नेपाल होटल के पास सांवल्दे पश्चिमी निवासी दो लोगों रफीक के दो पुत्र भूरा उर्फ पीटी व शरीफ कीे ओर से न्यायालय में जमानत हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि यह घटना देश में लॉक डाउन एवं धारा 144 लागू होने के दौरान जानबूझकर की गई। इससे कोरोना विषाणु का संक्रमण फैलने का भी खतरा था। आरोपित काटी गई गाय को 1000 रुपए में कृषि कार्य करने के नाम पर खरीद कर लाये थे और उसकी हत्या कर दी थी। इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। यह भी बताया कि शरीफ व भूरा दोनों भाइयों का आपराधिक इतिहास रहा है। उन पर पहले भी दो मामले गौकशी एवं गैंगस्टर एक्ट में दर्ज हैं। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : कल जमानत हुई थी खारिज और एफएसएल की रिपोर्ट न आने के कारण मिल गई जमानत

-एफएसएल से रिपोर्ट न मिलने और आरोप पत्र दाखिल करने की समय सीमा निकल जाने के कारण मिली जमानत
नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मई 2020। बृहस्पतिवार को द्वितीय जिला सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस अधिनियम राकेश कुमार सिंह की अदालत ने 20 मार्च को 16 किलोग्राम गांजे के साथ पकड़े गये आरोपित ग्राम-पोस्ट नैल पट्टी तल्ला चकोट तहसील स्याल्दे जिला अल्मोड़ा निवासी तारा सिंह पुत्र आन सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। लेकिन एक दिन बाद भी न्यायालय से आरोपित को जमानत मिल गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि इस मामले में उन्होंने संबंधित थाने से अंतिम रिपोर्ट देने को कहा था, और विवेचक उपनिरीक्षक गगनदीप सिंह ने एफएसएल यानी विधि विज्ञान प्रयोगशाला रुद्रपुर से आरोपित द्वारा पकड़े गये गांजे के नारकोटिक्स परीक्षण की रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन लॉक डाउन की वजह से एफएसएल रुद्रपुर से रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई और आरोप पत्र प्रस्तुत करने की समय सीमा निकल जाने के कारण शुक्रवार को आरोपित को जमानत मिल गयी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने बृहस्पतिवार को हत्या से गैर इरादतन हत्या में तब्दील हुए एक मामले में एंबुलेंस चालक की जमानत अर्जी खारिज कर दी। हल्द्वानी के इस बहुचर्चित साजू हत्याकांड मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि गत तीन फरवरी 2020 को हल्द्वानी के किदवई नगर निवासी साजू नाम के युवक का शव अल्मोड़ा के लमगड़ा क्षेत्र में गायब होने के कई दिनों बाद बरामद हुआ था। बाद में चश्मदीद गवाहों से पता चला कि उसे एंबुलेंस चालक दानिश पुत्र इकबाल एंबुलेंस में एक शव को लमगड़ा की ओर ले जाने के दौरान साजू को साथ ले गया था। रास्ते में साजू उसे एंबुलेंस चलाने में परेशान कर रहा था। इस कारण दानिश ने उसे गुस्से में पहाड़ी से धक्का दे दिया था।

गौकशी के आरोपित की जमानत अर्जी भी खारिज
नैनीताल। अदालत ने गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत गौतस्कर शकील पुत्र अतीक निवासी टंकी चौराहा खत्याड़ी की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। उसे बीती 26 अप्रैल को उपनिरीक्षक केसी जोशी की टीम ने रामनगर में ब्लॉक रोड पर गौकशी करते हुए हथियारों एवं गौमांस के साथ पकड़ा गया था। डीजीसी शर्मा ने इस मामले में जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि लॉक डाउन के दौरान धारा 144 लागू होने के बावजूद आरोपित गौकशी कर रहा था। इससे कोरोना विषाणु का संक्रमण फैलने की भी पूरी संभावना थी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गत दो मार्च 2020 को रामनगर की वाल्मीकि बस्ती बम्बाघेर में बीना पत्नी स्वर्गीय अरविंद के घर में ताले तोड़कर घुसने व दुकार में तोड़फोड़ व मारपीट करने के मामले में आरोपितों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। वीडियो कांफ्रेंस के जरिये शनिवार को हुई मामले की सुनवाई में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने तर्क दिया कि आरोपित एवं रिपोर्टकर्ता के बीच चल रहे दीवानी वाद के कारण रिपोर्टकर्ता आरोपित से रंजिश रखता है। मामले में आरोपित की पत्नी व मां को भी इस मामले में फंयाया गया है, जिनकी जमानत पहले ही न्यायालय से हो चुकी है। इसलिये समानता के आधार पर उसे भी जमानत दी जाये। वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने समानता के आधार पर गुणदोष पर कोई राय दिये बिना आरोपित शुभम उत्तम को 40 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र व इसी धनराशि के दो जमानतियों की जमानत पर रिहा करने के आदेश दिये।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मई 2020। हल्द्वानी के एक व्यवसायी का इसी वर्ष 16 जनवरी को एक महिला, एक फर्जी महिला पत्रकार व पुलिस के जरिये फिरौती के लिए अपहरण किया गया था। इस मामले में दो लोगों की जमानत अर्जी पहले खारिज हो चुकी थी। शनिवार को एक और आरोपित की जमानत अर्जी खारिज हो गई। मामले में पांच माह बाद भी सभी आरोपित जेल में बंद हैं, और किसी को भी जमानत नहीं मिल पायी है।
शनिवार को मामले में आरोपित रईश की जमानत अर्जी का जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि व्यवसायी मुकेश अग्रवाल पुत्र राजेश्याम निवासी तल्ली बमौरी हल्द्वानी का 16 जनवरी 2020 को उसका दोस्त अरमान उसे किसी महिला की मदद के नाम पर बिलासपुर यूपी के पास ले गया। वहां एक सुनसान जगह पर उसे महिला से मिलाया। तभी एक गाड़ी में कथित महिला पत्रकार व पुलिस कर्मी आये और उसे महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में बताकर रुपयों की मांग करने लगे। उसे आरोपित अरमान व रईश दबोचकर उसी गाड़ी में मुरादाबाद ले गये, जहां पुलिस ने सभी को पकड़ लिया, और हल्द्वानी पुलिस सूचना मिलने पर उसे छुड़ा पाई।

यह भी पढ़ें : गैंगस्टर व चरस बेचने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2020। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद अधिनियम विनोद कुमार की अदालत ने शुकवार को गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपित परमजीत उर्फ पम्मू पुत्र दर्शन सिंह निवासी मड़ैया हट्टू थाना केलाखेड़ा जिला ऊधमसिंह नगर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सुनी गई जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि आरोपित जंगलों में संगठित गिरोहबंदी कर पेड़ों का अवैध कटान करता है तथा उस पर वन कर्मियों की गोलीबारी कर हत्या व हत्या के प्रयास के कई मामले दर्ज हैं। ताजा मामले में भी उस पर 16 सितंबर 2019 को वन लखविंदर सिंह उर्फ लक्खी, करन सिंह व सूरज के साथ मिलकर कालाढुंगी वन क्षेत्र में कर्मी बहादुर सिंह चौहान की गोली मारकर हत्या करने का अभियोग पंजीकृत है। जमानत पर रिहा करने से वह जमानत का दुरुपयोग कर आरक्षित वन क्षेत्र में पेड़ों के कटान जैसा संगीन अपराध कर सकता है। इस पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

चरस बेचने के आरोपित को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। जनपद के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राकेश कुमार सिंह की अदालत ने चरस बेचने के एक आरोपित मुरानी पुत्र सोमपाल निवासी खम्मारी बाजपुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। शुक्रवार को जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सुनी गई जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि बीती आठ मार्च को रामनगर कोतवाली पुलिस के दरोगा कवीेंद्र व पुलिस बल ने क्षेत्र में इमरान नाम के युवक को चरस के साथ पकड़ा था। बाद में इमरान के बयानों पर उसे यह चरस उपलब्ध कराने वाले के तौर पर मुरारी को भी पकड़ा गया था। मुरारी डम्पर चलाता है, और चरस के कारोबार में संलिप्त पाया गया। न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

राज्य के शासकीय अधिवक्ताओं ने की कम्प्यूटर-लैपटॉप व इंटरनेट सेवा की मांग
नैनीताल। राज्य के शासकीय अधिवक्ताओं के संगठन-उत्तराखंड शासकीय अधिवक्ता संगठन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन्हें कम्प्यूटर-लैपटॉप व इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार खर्कवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वे आज के आधुनिक दौर में भी इन सुविधाओं से वंचित हैं। इस कारण उन्हें कोरोना विषाणु के कारण हुए लॉक डाउन के समय में ऑनलाइन पैरवी करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया है कि उत्तराखंड वाद कारिता नीति 2011 के अध्याय चार के प्रस्तर 7-1 में राज्य की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं को कम्प्यूटर, इंटरनेट एवं कॉमन रिसर्च सुविधा उपलब्ध कराने का प्राविधान है। पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि परामर्शी को भी भेजी गई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गत दो अक्टूबर 2019 को रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई चंद्रशेखर टम्टा नाम के व्यक्ति की संपत्ति के विवाद में एक फार्म हाउस में हत्या करने के प्रयास के एक आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
मंगलवार को आरोपित अदनान मरगूब पुत्र मरगूब जॉन निवासी यमुना विहार, उत्तरी-पूर्वी दिल्ली की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित अन्य आरोपितों के संपर्क में रहा था और उसने पुलिस को विवेचना में कोई सहयोग भी नहीं किया था।
वहीं न्यायालय ने मंगलवार को इस वर्ष दो जनवरी 2020 को भीमताल थाना क्षेत्र में चंदादेवी के पास सड़क किनारे हुए बहुचर्चित नाजिम हत्याकांड में भी एक सह अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित राधेश्याम वाल्मीकि पुत्र स्वर्गीय सोहन लाल निवासी कुलियालपुरा नवाबी रोड हल्द्वानी ने मृतक नाजिम अली खान पुत्र रियासत अली खान निवासी इंद्रानगर ठोकर गली नंबर 3 हल्द्वानी की उसकी प्रेमिता ने राधेश्याम की मदद से हत्या करवा दी थी। आरोपित की निशानदेही पर ही हत्या में प्रमुक्त तमंचा व कारतूस, हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा खून से सने कपड़े आदि बरामद हुए थे। इन दलीलों पर न्यायालय ने दोनों आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 4 मई 2020। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राजेश कुमार की अदालत ने बीती 6 नवंबर 2019 को रामनगर में करीब 25 किलोग्राम से अधिक गांजे के साथ पकड़े गये एक आरोपित कपिल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि एक मोटरसाइकिल से आरोपित लक्की कुमार के कब्जे से दो बैगों में 5.542 किग्रा व 5.792 किग्रा व अमित कुमार के कब्जे से 5.762 ग्राम गांजा जबकि दूसरी मोटरसाइकिल सवार सुरेंद्र सिंह से 5.39 किलो व कपिल से 5.906 ग्राम गांजा बरामद हुआ था, परंतु कपिल मौके से फरार हो गया था। बाद में उसे फरीदपुर से 12 दिसंबर को पकड़ा गया था।
वहीं अन्य मामले में न्यायालय ने गत 17 मार्च 2020 को 160 ग्राम चरस के साथ हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में पकड़े गये आरोपित की जमानत अर्जी भी न्यायालय ने खारिज कर दी। डीजीसी शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित ने पकड़े जाते समय अपना नाम पता बंटू सोनकर पुत्र राधेश्याम निवासी लाल मस्जिद बड़ा टोला थाना चकेरी जिला कानपुर यूपी बताया था, जबकि उसके परिवार वालों ने उसका सही नाम पता अरमान हसन पुत्र सयद हसन निवासी शाह की इमली झाउगंज जिला पटना बिहार बताया था।

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-बीती 18-19 अप्रैल को लॉक डाउन के दौरान ही गर्भवती गाय चुराकर काट दी थी

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2020। बीती 18 व 19 अप्रैल 2020 की रात्रि हल्द्वानी के बरेली रोड उजाला नगर बनभूलपुरा निवासी इंतजार हुसैन पुत्र इरशाद हुसैन की चार माह की गर्भवती गाय चोरी कर ली गई थी। इससे दो दिन पहले ही उनके परिसर से एक और गाय चोरी की गई थी। इस मामले में 19 अप्रैल को थाना बनभूलपुरा के भादंसं की धारा 188, 379, 411, 263 व 270 तथा 51ख आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत हुआ था। मामले में इसी दिन विवेचनाधिकारी संजीत कुमार ने इंद्रानगर बनभूलपुरा निवासी तीन आरोपितों रईश पुत्र अब्दुल निवासी, अनीस उर्फ वेदा पुत्र रफीक अहमदव रिजवान कुरैशी पुत्र अयूब कुरैशी निवासी लाइन नंबर 17 बनभूलपुरा को काट दी गई गाय के गौमांस के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इधर शुक्रवार को आरोपित रिजवान कुरैशी व अनीस उर्फ वेदा की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में दायर की गई जमानत अर्जी पर ऑनलाइन सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपितों को गौमांस एवं गौकशी में प्रयुक्त हथियारों के साथ पकड़ा गया था। वे लॉक डाउन के दौरान अपराध में सक्रिय थे और गौकशी कर कोरोना का संक्रमण बढ़ा सकते थे। उनके विरुद्ध पहले से अन्य अपराधों में भी मामले दर्ज हैं। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर ली। उल्लेखनीय है कि पूर्व में इसी मामले में एक अन्य आरोपित रईश की जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी है।

चेक चोरी से धोखाधड़ी के आरोपित को एक वर्ष बाद भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने चेक चोरी कर उनमें धोखाधड़ी कर रुपये निकालने के आरोपित पवन कुमार पुत्र प्रेम चंद्र निवासी ग्राम मलिका थाना बिलसिन्डा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शनिवार को आरोपित की जमानत अर्जी की ऑनलाइन हुई सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को विवेचना के आधार पर बताया कि आरोपित के साथ तीन अन्य लागों ने करीब 13 माह पूर्व 16 मार्च 2019 को रिपोर्टकर्ता मथुरा प्रसाद पुत्र बंशीधर निवासी हिम्मतपुर बैजनाथ हल्द्वानी के द्वारा पीएनबी हल्द्वानी में जमा किये गये 2.1 लाख, 2.1 लाख व 6.3 लाख यानी कुल 10.5 लाख के चेकों में से 4.2 लाख रुपए का भुगतान धोखाधड़ी कर पीएनबी दिनेशपुर से 18 मार्च को नकद लेने पर बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में पता चला कि आरोपित पवन कुमार ने अपने तीन साथियों के साथ चेक चोरी कर इन चेकों में धोखाधड़ी कर नगद भुगतान लिया था। न्यायालय पूर्व में एक आरोपित रामकुमार पुत्र नोखे लाल की इस मामले में जमानत अर्जी खारिज भी कर चुकी है। अब न्यायालय ने एक वर्ष बाद भी आरोपित को जमानत नहीं दी

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-बीती 18-19 अप्रैल को लॉक डाउन के दौरान ही गर्भवती गाय चुराकर काट दी थी
नवीन समाचार, देहरादून, 25 अप्रैल 2020। बीती 18 व 19 अप्रैल 2020 की रात्रि हल्द्वानी के बरेली रोड उजाला नगर बनभूलपुरा निवासी इंतजार हुसैन पुत्र इरशाद हुसैन की चार माह की गर्भवती गाय चोरी कर ली गई थी। इससे दो दिन पहले ही उनके परिसर से एक और गाय चोरी की गई थी। इस मामले में 19 अप्रैल को थाना बनभूलपुरा के भादंसं की धारा 188, 379, 411, 263 व 270 तथा 51ख आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत हुआ था। मामले में इसी दिन विवेचनाधिकारी संजीत कुमार ने इंद्रानगर बनभूलपुरा निवासी तीन आरोपितों रईश पुत्र अब्दुल निवासी, अनीस उर्फ वेदा पुत्र रफीक अहमदव रिजवान कुरैशी पुत्र अयूब कुरैशी निवासी लाइन नंबर 17 बनभूलपुरा को काट दी गई गाय के गौमांस के साथ गिरफ्तार कर लिया था। एक फरार हो गया था। इधर शनिवार को आरोपित रईश की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में दायर की गई जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपितों को गौमांस एवं गौकशी में प्रयुक्त हथियारों के साथ पकड़ा गया था। वे लॉक डाउन के दौरान अपराध में सक्रिय थे और गौकशी कर कोरोना का संक्रमण बढ़ा सकते थे। जमानत दिये जाने पर भी वे अपराध कारित कर सकते हैं। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर ली।
नशे के इंजेक्शन व दवाइयां बेचने वाले को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस राकेश कुमार की अदालत ने नशे के इंजेक्शनों गोलियों आदि के साथ बीती एक मार्च को पकड़े गये 23 वर्षीय इनामुरर्हमान पुत्र अब्दुल निवासी गौजाजाली उत्तर की जमानत अर्जी खारिज कर र्दी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित शीशगढ़ बरेली से खरीदकर नशे की दवाइयां व इंजेक्शन लाता था और जनपद में बेचता था।
इस आधार पर अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
80 ग्राम स्मैक के साथ पकड़े गये तस्कर की जमानत अर्जी भी खारिज
नैनीताल। द्वितीय जिला जज विशेष न्यायाधीश एनडीपी राकेश कुमार की अदालत ने डिजिटल तराजू व 80 ग्राम स्मैक व करीब ढाई हजार रुपए की नगदी के साथ बीती 17 मार्च को पीरूमदारा रामनगर के पास थारी गांव जाने वाले मार्ग पर पकड़े गये थारी गांव निवासी रमेश सिंह पुत्र इंद्र सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने शनिवार को उसकी जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि कई पन्नियांे में करीब 80 ग्राम स्मैक मौके पर बरामद हुई थी। उसने स्वीकारा है कि वह यह स्मैक फतेजगंज बरेली से ताहिर व रईस से खरीदकर लाता है। इस आधार पर अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
गिरोहबंद अधिनियम में जेल में बंद का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार
नैनीताल। प्रथम जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद अधिनियम विनोद कुमार ने रामनगर में पंजीकृत गिरोहबंदी से संबंधित एक अभियोग में बंद महबूब पुत्र शरीफ की जमानत प्रार्थना पत्र पर शनिवार को सुनवाई की, और आरोपित को 50-50 हजार के दो जमानतियों व 50 हजार के बंधनामा पेश करने पर उसका जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।

यह भी पढ़ें : पैर टूटने से अस्वस्थ गाय को काटने के आरोपित को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने पैर टूटने से अस्वस्थ गाय को काटने के आरोपित कसाई की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। बीती नौ अप्रैल को गौकशी के आरोप में पुलिस द्वारा पकड़े गये कसाई शाहबुद्दीन कुरैशी पुत्र मुन्ना अलाउद्दीन निवासी इंद्रानगर ठोकर थाना बनभूलपुरा की ओर से न्यायालय में जमानत अर्जी दी गई थी। इसका विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि नौ अप्रैल की रात्रि आरोपित ने हल्द्वानी में गौला नदी के किनारे पैर टूटने से अस्वस्थ एक गौमाता का, जिसका उपचार भी चल रहा था, उसकी हत्या कर दी थी और अपने चार साथियों के साथ मांस ले गया था। उसकी निसानदेही पर हथियार भी बरामद किये गये थे। यह भी बताया कि आरोपित का गौकशी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इस दलील पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन के बावजूद न्यायालय ने नहीं मिली हल्द्वानी के बहुचर्चित हत्यारोपित को जमानत

-हल्द्वानी में 15 दिसंबर को हुए बहुचर्चित भुप्पी पांडे हत्याकांड का मामला, न्यायालय में खुलासा-आरोपित व उसके भाई की पिस्टलों से चली गोलियों से ही मृत्यु होने की पुष्टि

भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी पांडे

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अप्रैल 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पहली सुनवाई करते हुए हल्द्वानी के बहुचर्चित भूपेंद्र पाडे उर्फ भुप्पी पांडे की हत्या के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। न्यायालय ने इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से आरोपित को झूठा फंसाने तथा लॉक डाउन की दलीलों को भी नहीं माना।
उल्लेखनीय है कि गत उच्च न्यायालय के 15 अप्रैल से जिला न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आवश्यक मामले सुनने के आदेश के बाद 16 अप्रैल को जनपद न्यायालय में हल्द्वानी में 15 दिसंबर को हुए बहुचर्चित भुप्पी पांडे हत्याकांड के एक आरोपित गौरव गुप्ता की जमानत का प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दायर किया गया था। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई। मामले में बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपित को झूठा फंसाया गया है। वैसे भी इन दिनों लॉक डाउन की वजह से जेल में सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिए भी आरोपित को जमानत दी जानी चाहिए। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मृतक भूपेंद्र पांडे को लगी चार गोलियों में से दो आरोपित भूपेंद्र गुप्ता की और शेष दो उसके भाई सौरभ गुप्ता की पिस्टल से चली होने की पुष्टि हो गई है। आरोपित पर पहले से भी एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं, लिहाजा ऐसे अपराधी को कोरोना से अधिक विकट स्थितियों में भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए। इस पर न्यायालय ने आरोपित गौरव गुप्ता की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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-15 दिसंबर 2019 को हल्द्वानी में दिनदहाड़े हुए भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी पांडे हत्याकांड के जेल में बंद आरोपित गौरव गुप्ता की ओर से अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने ऑनलाइन दायर किया है जमानत प्रार्थना पत्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अप्रैल 2020। गत दिवस उत्तराखंड बार काउंसिल की ओर से कहा गया था कि जिला न्यायालयों के अधिवक्ताओं के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं, तथा उन्हें वीडियो कांफ्रेंस से सुनवाई की तकनीकी जानकारी भी नहीं है। इसलिए उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से 15 अप्रैल से प्रदेश के जिला न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंस से होने वाली सुनवाई के आदेश पर पुर्नविचार किया जाए। इधर 15 अप्रैल को जिला न्यायालय में किसी मामले की सुनवाई भी नहीं हो पाई थी, लेकिन बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई के लिए पहला प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दायर कर लिया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस पर सरकार से जवाब तलब कर लिया है। 
जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि हल्द्वानी में 15 दिसंबर को हुए बहुचर्चित भुप्पी पांडे हत्याकांड के एक आरोपित गौरव गुप्ता की जमानत का प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दायर किया गया है। इस पर उन्होंने मामले के विवेचनाधिकारी से रिपोर्ट मांग ली है। मामले में जमानत अर्जी पर सुनवाई 20 अप्रैल को सुबह 11 बजे होगी।
इधर नैनीताल जिला कारागार में बंद भुप्पी पांडे के हत्यारोपित गौरव गुप्ता के अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आसान है। अलबत्ता, आगे मूल प्रपत्र जमा न होने से समस्याएं आ सकती हैं।

यह भी पढ़ें : शराब तस्करों को 5-5 साल की जेल की सजा, जांच अधिकारी सीओ पर प्रतिकूल टिप्पणी

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मार्च 2020। वर्ष 2016 में होली के दौरान अवैध शराब के दो तस्करों ने एक पुलिस उप निरीक्षक को क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा करने के लिए 40 हजार रुपये रिश्वत देने की पेशकश की थी। मामले में दोनों आरोपितों थाना इज्जतनगर बरेली वर्तमान निवासी जोशीखोला बड़ी मुखानी हल्द्वानी निवासी रामेश्वर सिंह तथा ज्ञानेंद्र कुमार ओझा को 18 मार्च, 2016 को रिश्वत की धनराशि के साथ पकड़ा गया था। 
इस मामले में आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने दोनों आरोपितों को रिश्वत देने के आरोप में 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपए अर्थदंड तथा अर्थदंड न चुकाने पर 2 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। आदेश के बाद दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में न्यायालय ने विवेचनाधिकारी-तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह के विरुद्ध प्रतिकूल टिप्पणी की है। आदेश में कहा है कि विवेचनाधिकारी ने यूपी पुलिस रेगुलेशन तथा उत्तराखंड में लागू रेगुलेशन संख्या 108 व 109 का पालन नहीं किया है। साथ ही धारा 172 दंड प्रक्रिया संहिता में दिये गए प्रावधानों की अनदेखी भी की है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की जांच एक पुलिस क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को दी गई, जिनसे त्रुटिपूर्ण विवेचना की उम्मीद नहीं की जाती है। आदेश की एक प्रति निदेशक अभियोजन उत्तराखंड शासन को भी भेजी है तथा विवेचना के स्तर में वृद्धि के लिए सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता जताई है। 
उल्लेखनीय है कि इस मामले में पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने तत्कालीन संबंधित सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी व उपनिरीक्षक रजत कसाना व अन्य साक्षियों को न्यायालय में पेश किया। इस दौरान एक स्वतंत्र चश्मदीद गवाह विनीत कुमार अग्रवाल अपने बयानों से मुकर कर पक्षद्रोही हो गया था। 

ह भी पढ़ें : पिता के सेवानिवृत्ति के पैंसे हड़पने के लिए सगे भाई को गला काट टंकी में डाल मार डाला, मिली उम्र कैद..

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मार्च 2020.। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने पिता के सेवानिवृत्ति की धनराशि को पूरा हड़पने के लिए अपने सगे भाई के हत्यारे को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। साथ ही धारा 201 के तहत दो वर्ष का कारावास व 2 हजार रुपए अर्थदंड एवं अर्थदंड न चुकाने पर 2 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश करते हुए न्यायालय को बताया कि 22 मार्च 2017 को हल्द्वानी के बिठौरिया नंबर 1 में अनिल कुमार पांडे के छोटे पुत्र सूर्यकांत के गायब होने, बड़े बेटे कृष्णकांट के गड्ढा खुदवाने और पास जाने पर बदबू आने की सूचना पुलिस को दी थी। बाद में पुलिस को इसी गड्ढे में सूर्यकांत का अर्धनग्न शव सड़ी गली अवस्था में बरामद हुआ। एक गवाह न्यायालय में अपने बयानों से मुकर भी गया था। अलबत्ता एक गवाह ने कहानी साफ की कि पिता के सेवानिवृत्ति पर मिले रुपयों को पूरा हड़पने के लिए कृष्णकांत ने अपने भाई सूर्यकांत की चाकू से गले में वार कर हत्या कर दी थी और शव पानी की टंकी में डाल दिया था। बताया गया कि पिता ने सेवानिवृत्ति पर हत्यारे कृष्णकांत के खाते में 16 लाख व मृतक सूर्यकांत के खाते में 18 लाख यानी अधिक रुपए की एफडी बनाई थी। इस कारण ही पूरी धनराशि हड़पने की नीयत से हत्या की गई।

यह भी पढ़ें : फिर साबित हुआ न्याय सर्वोपरि: हत्यारे ने जज को दी थी अंजाम भुगतने की धमकी, अभियोजन ने की थी फांसी की मांग, बावजूद….

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 फरवरी 2020। गत 24 फरवरी को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने हल्द्वानी में छह साल पहले हुई व्यापारी की हत्या के मामले में दो आरोपितों को दोषी करार देते समय एक अभियुक्त ने भरी अदालत में न्यायाधीश को अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली थी। हत्यारे ने न्यायाधीश से कहा था, ‘तूने मुझे दोषी पाकर बहुत बड़ी गलती कर दी भाई, तुझे इसका अंजाम भुगतना होगा।’ इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपितों को फांसी और अधिकतम अर्थदंड दिये जाने की मांग की। बावजूद न्यायालय ने ‘न्याय सर्वोपरि’ की भावना के तहत आरोपित को केवल उम्र कैद एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने सजा सुनाते हुए यह टिप्पणी भी की कि हालांकि आरोपित ने पीठ को धमकी दी, किंतु चूंकि सजा अभियुक्त पर पूर्व में लगे हत्या के मामले में सुनाई जा रही है, और न्याय के स्थापित सिद्धांत के अनुसार केवल विरलतम से विरल मामलों में ही मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने का प्राविधान है, और अभियुक्तों द्वारा किया गया अपराध इस श्रेणी के अपराध में नहीं आता है, इसलिए उन्हें फांसी नहीं दी जा सकती है।
न्यायालय ने दोनों आरोपितों संदीप जायसवाल व राहुल राठौर को हल्द्वानी के जुलाई 2014 में हुई योगेश गुप्ता की हत्या के अभियोग में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 व 34 के तहत आजीवन कारावास एवं 50-50 हजार का अर्थदंड एवं अर्थदंड न चुकाने पर 3-3 वर्ष के अतिरिक्त साधारण कारावास, आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत 5-5 वर्ष के कारावास एवं 20-20 हजार के अर्थदंड तथा अर्थदंड न चुकाने पर 1-1 वर्ष के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनाई। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी, यानी एक सजा की अवधि पूरी होने के बाद दूसरी सजा भुगतनी होगी। अलबत्ता, यह व्यवस्था भी दी गई है कि अभियुक्तों के द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि भी समायोजित की जाएंगी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में दोनों मुख्य चश्मदीद गवाह अपनी गवाही से मुकर गए थे। बावजूद जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अभियुक्तों के फिंगर प्रिंट, बैलेस्टिक रिपोर्ट व मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग के माध्यम से उन पर दोष सिद्ध किया। मृतक के शव के पास घटना स्थल पर पड़े खोखे को आरोपित संदीप जायसवाल के पास मिले तमंचे का ही होना तथा सर्विलांस से दोनों की घटनास्थल पर मौजूदगी सिद्ध की गई।

यह था मामला
नैनीताल। 20 जुलाई 2014 को जुगल किशोर गुप्ता पुत्र राम प्रसाद निवासी मुनगली गार्डन ने हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी थी कि उसके भाई योगेश गुप्ता सदर बाजार से दुकान बंद कर घर आ रहे थे। घर के पास ही दो लोगों ने तमंचे से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस चश्मदीदों के बयान के आधार पर संदीप जायसवाल निवासी बरेली रोड व राहुल राठौर निवासी खेड़ा, रुद्रपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने योगेश की हत्या की बात कबूल करते हुए बताया कि योगेश व उनके भाई जुगल किशोर के पास ट्रक थे। पूरे कुमाऊं में खाद्यान्न आपूर्ति का टेंडर भी उन्हीं के पास था।संदीप जायसवाल ने उनका एक ट्रक ले लिया और कहा कि फायदे की रकम बराबर बांटी जाएगी। मगर एक साल बाद संदीप ने न कोई पैसा दिया और न ही ट्रक लौटाया। बाद में पता चला कि उसने ट्रक का फर्जी इकरारनामा बना लिया था। इस संदर्भ मेें जुगल किशोर ने संदीप के खिलाफ 31 मई 2014 को धोखाधड़ी की रिपोर्ट लिखवाई। चार्जशीट दाखिल होने पर आरोपितों ने जुगल किशोर व योगेश से मुकदमा वापस लेने को कहा, जिसे न मानने पर योगेश की हत्या कर दी।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : हत्या के आरोपित ने दोषी ठहराते जज को अदालत में दी अंजाम भुगतने की धमकी

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 फरवरी 2020। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की कोर्ट ने सोमवार को हल्द्वानी में छह साल पहले हुई व्यापारी की हत्या मामले में दो आरोपितों को दोषी करार दिया। इस बीच एक अभियुक्त ने भरी कोर्ट में जज को अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली। जज ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश व हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को इसकी सूचना दे दी। दोनों को 26 मार्च को सजा सुनाई जाएगी। हुआ यह कि दिसंबर 2004 के एक मामले में न्यायालय ने सुनवाई पूरी कर सोमवार को दो अभियुक्तों को धारा-302 व 25 आम्र्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया। इसके बाद कोर्ट मोहर्रिर एक अभियुक्त राहुल के पास कागजात पर दस्तखत कराने पहुंचीं तो उसने इन्कार करते हुए भरी कोर्ट में चिल्लाते हुए जज को अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली।

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग नैनीताल: न्यायाधीश को न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता ने दी जान से मारने की धमकी, की अभद्रता, न्यायिक कार्य में भी डाली बाधा

-न्यायाधीश की तहरीर पर वरिष्ठ अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज
-अधिवक्ता पर न्यायिक कार्य में बाधा डालने, न्यायाधीश से अभद्रता करने एवं जान से मारने की धमकी देने के आरोप में न्यायाधीश ने दी है तहरीर
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 फरवरी 2020। नैनीताल जिला न्यायालय के एडीजे-द्वितीय यानी अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह को मंगलवार को जिला न्यायालय में वकालत करने वाले एक वरिष्ठ अधिवक्ता भूदेव शर्मा न्यायालय में ही जान से मारने की धमकी देने से सनसनी फैल गई। यही नहीं अधिवक्ता ने न्यायालय में न्यायिक कार्य में बाधा डाली और न्यायाधीश से अभद्रता भी की। न्यायाधीश ने अधिवक्ता के खिलाफ तल्लीताल थाने में शिकायती पत्र दिया है। अधिवक्ता शर्मा पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने मंगलवार को न्यायिक कार्य के दौरान न्यायिक कार्य में बाधा डाली और एडीजे सिंह के साथ अभद्रता भी की। यही नहीं अधिवक्ता ने न्यायाधीश को जान से मारने की धमकी भी दी।
इस पर तल्लीताल पुलिस ने आरोपित अधिवक्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 228, 504 तथा 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सीओ विजय थापा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने अधिवक्ता के विरुद्ध पूर्व में दर्ज मामलों की पड़ताल भी शुरू कर दी है, और प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया है कि आरोपित अधिवक्ता के खिलाफ पूर्व में हल्द्वानी कोतवाली में एक मामले की सुनवाई के दौरान अपने मुवक्किल के साथ मारपीट करने के आरोप में भी मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला न्यायालय के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह द्वारा तल्लीताल थाने में दी गई तहरीर में कहा है कि मंगलवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता भूदेव शर्मा ने न्यायालय के न्यायिक कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। इसका विरोध करने पर न्यायाधीश से अभद्रता की और जान से मारने की धमकी भी दी। मामले में उप निरीक्षक दिलीप कुमार को सोंपी गई है।

यह भी पढ़ें : नाबालिग को भगाने के आरोपित को चार साल के कठोर कारावास की सजा..

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2020। खबरदार, जो किसी नाबालिग को भगाया। न्यायालय ने नाबालिग को बहला फुसलाकर भगाने के मामले में आरोपित को दोषी करार देते हुए चार साल के कठोर कारावास व दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला बिंदुखत्ता के रावत नगर प्रथम का है। यहां रहने वाले दीपक मेहता पुत्र केएस मेहता क्षेत्र पर पड़ोस की नाबालिग को बहला फुसलाकर पंजाब भगा ले जाने का आरोप लगा था।

पीड़िता की मां की तहरीर पर लालकुआं कोतवाली में अपहरण व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पीड़िता को पुलिस ने हल्द्वानी से बरामद किया था और आरोपित को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। इधर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनीष कुमार पांडे की अदालत में अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किये। इस पर न्यायालय ने आरोपित दीपक मेहता को नाबालिग को भगाने के आरोप में दोषी साबित करते हुए सजा सुनाई, जिसके बाद अभियुक्त को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी की महिला को अश्लील संदेश भेजने वाले बागेश्वर के युवक को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जनवरी 2020। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने हल्द्वानी निवासी महिला शिक्षिका को अश्लील संदेश भेजने वाले बागेश्वर निवासी आरोपित को अलग-अलग धाराओं में तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं चार हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। उम्मीद की जा रही है अदालत द्वारा सुनाई गई कठोर सजा महिलाओं को इसी तरह अश्लील संदेश भेजने वाले अन्य मनचलों के लिए भी सबक साबित होगी।

मामले के अनुसार हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा में किराये के घर में रहने वाली एक निजी विद्यालय की शिक्षिका ने चार वर्ष पूर्व 4 फरवरी 2016 को मुखानी थाने में पुलिस को तहरीर देकर कहा था कि एक अनजान व्यक्ति द्वारा अपने मोबाइल नंबर 9720165056 से एक सप्ताह से ह्वाट्सएप के जरिये आपत्तिजनक फोटो व अश्लील संदेश भेजकर परेशान किया जा रहा है। साथ ही धमकी भी दे रहा था कि अगर वह उससे दोस्ती नहीं करेगी व मुलाकात नहीं करेगी तो वह उसकी फोटो को एडिट कर आपत्तिजनक बनाकर नेट के जरिये बदनाम कर देगा। बाद में विवेचना में मोबाइल नंबर के आधार पर धरमपाल मौर्य व विक्रम सिंह मेहता निवासी जिला बागेश्वर को मामले में प्रथमदृष्टया अभियुक्त बनाया गया। इधर न्यायालय में सहायक अभियोजन अधिकारी के द्वारा 6 गवाह पेश किये गये। इधर न्यायालय ने आरोपित विक्रम मेहता को भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 66, 66 व 67 में तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा एक-एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई, वहीं दूसरे आरोपित धरमपाल मौर्य को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी मोहन सिंह रावत ने पैरवी की।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी के बहुचर्चित सर्राफ हत्याकांड में अंडरवर्ल्ड सरगना दोषमुक्त, शूटर दोषी साबित, भाई पर ही था भाई की हत्या का आरोप

-पंकज खंडेलवाल हत्याकांड में अंडरवर्ल्ड सरगना पीपी, भुपी व पांडे दोषमुक्त
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जनवरी 2019। हल्द्वानी में वर्ष 2006 में हुई सर्राफ पंकज खंडेलवाल की हत्या के मामले में गैंगस्टर से संबंधित एक मामले में विशेष जज गैंगस्टर एक्ट-अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम नैनीताल विनोद कुमार की अदालत ने अंडरवर्ल्ड सरगना प्रकाश पांडे उर्फ पीपी, भूपेंद्र बोरा उर्फ भुपी एवं सतीष पांडे को दोषमुक्त पाया है, जबकि एक अन्य आरोपित शूटर इरफान को दोषी पाया है। आगे न्यायालय 13 वर्ष से जेल में बंद इरफान को दी जाने वाली सजा पर आगामी 7 जनवरी सुनवाई करेगी।
उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 2006 की शाम सवा आठ बजे हल्द्वानी के जय गुरु ज्वेलर्स के स्वामी पंकज खंडेलवाल की दुकान बंद कर पत्नी व बेटे के साथ निकलते समय मृतक के भाई द्वारा दी गई सुपारी पर भाड़े के दो शूटरों ने गोली मारकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप मृतक के बड़े भाई प्रदीप खंडेलवाल, कथित तौर पर वियतनाम में मौजूद एवं रेड कॉर्नर नोटिस जारी अंडरवर्ल्ड डॉन प्रकाश पांडे उर्फ पीपी एवं उसके स्थानीय तौर पर सक्रिय साथी भुपी व सतीष पांडे आदि पर लगा था। इनके खिलाफ यूपी गैंगस्टर एंड एंटी सोसियल एक्टीविटीज प्रिवेंशन एक्ट 1986 के तहत मुकदाम चल रहा था। बाद में मामले में प्रदीप खंडेलवाल तो बरी हो गया अलबत्ता एक शूटर वकील अहमद उर्फ गुड्डू को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। जबकि इधर शनिवार को दूसरे शूटर इरफान का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। गैंगस्टर एक्ट के मामले में एडीजे प्रथम विनोद कुमार की अदालत में पीपी, भुपी व सतीष पांडे दोषमुक्त हो गए, जबकि अन्य आरोपित इरफान दोषी साबित हुआ है।

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