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करोड़ों रुपए की छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के पटल सहायक की जमानत अर्जी खारिज…

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जून 2021। जनपद की प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने प्रदेश के बहुचर्चित समाज कल्याण विभाग की करोड़ों रुपए की छात्रवृत्ति के घोटाले में जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में तैनात तत्कालीन पटल सहायक मोहन गिरि पुत्र अमर गिरि निवासी ग्राम भेंटी शांत बाजार जिला चंपावत की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपित पर तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी जगमोहन कफोला के साथ 26 छात्रों के नाम पर 20.63 लाख रुपए से अधिक की धनराशि छात्रों के जाति, आय व शैक्षिक प्रमाण पत्र भौतिक सत्यापन किए बिना जारी करने का आरोप है। जबकि उन पर यह प्रपत्र जांच कर ही चेक जारी करने का दायित्व था। यह चेक डिस्पैच रजिस्टर में अंकित किए बिना मैमो के रूप में आरोपित मोनाड यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि अंकित अग्रवाल के द्वारा जिला सहकारी बैंक हापुड को भेजे गए। इस आधार पर अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : दहेज के लिए प्रताणित करने वाले सास-ससुर की जमानत अर्जी खारिज…

-मृतका का दो वर्ष पूर्व हुआ था विवाह, सास-ससुर 10 लाख लाने की मांग पर कर रहे थे प्रताणित, जहर खाने से हुई थी मौत
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जून 2021। जनपद की प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने गत 14 मई को हल्द्वानी में रिचु नाम की विवाहिता की मौत के मामले में दहेज के लिए हत्या करने के आरोपित उसके ससुर भगवान सिंह पुत्र दलीप सिंह व सास मोहनी देवी निवासी इंद्रपुरी गली नंबर 1 तल्ली हल्द्वानी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
मामले में आरोपितों की जमानत अर्जी का अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि मृतका रिचु की शादी आरोपितों के पुत्र कृपाल सिंह के साथ एक मई 2018 को यानी करीब दो वर्ष पूर्व ही हुई थी। आरोपित रिचु को 10 लाख रुपए लाने की मांग करते हुए प्रताड़ित कर रहे थे। वह बेटे से बहु को तलाक देने को भी कहते थे। रिचु ने पुत्री को जन्म दिया तो उसके साथ भी सही व्यवहार नहीं किया, जिस कारण बच्ची की मौत हो गई। रिचु ने मौत से 10 दिन पहले भी मायके वालों को उत्पीड़न व जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। फलस्वरूप 13 मई को उसके द्वारा जहर खाने के कारण 14 मई को उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी। इन दलीलों पर अदालत ने आरोपितों को जमानत नहीं दी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : अफीम व चरस के दो तस्करों की जमानत अर्जी खारिज..

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जून 2021। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट-द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह की अदालत ने 800 ग्राम अफीम के साथ पकड़े गए आरोपित मनदीप पुत्र जसपाल निवासी लक्ष्मण सिंह आजाद नगर सोनेरा किच्छा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। उसे हरप्रीत सिंह एवं मनप्रीत के साथ गत तीन जून को रामनगर पुलिस ने पीरूमदारा रामनगर के पास कार से अफीम ले जाते हुए पकड़ा था।
वहीं एक अन्य मामले में इसी अदालत ने चरस की तस्करी में शामिल पाए गए अमन सागर उर्फ प्रदीप सागर पुत्र पूरन चंद्र निवासी पाडली लामाचौड़ की जमानत याचिका भी खारिज कर दी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए एडीजी-क्राइम पूजा साह ने न्यायालय को बताया कि गत 4 जून को हल्द्वानी की मुखानी पुलिस द्वारा पाडली लामाचौड़ निवासी चंद्रकिरण को 60 ग्राम व धर्में को 540 ग्राम चरस के साथ पकड़ा था। दोनों आरोपियों ने इस मामले में अमन की संलिप्तता बताई थी, साथ ही पूर्व में भी उसकी ऐसे मामलों में संलिप्तता एवं कई गवाहों के बयानों के आधार पर अमर को गिरफ्तार किया गया था। इस आधार पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : व्यवसायी के हत्यारोपित की जमानत अर्जी खारिज

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 08 जून 2021। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने हल्द्वानी में गत 27 मार्च को हुई कलावती कॉलोनी के पास स्थित ऑटो स्पेयर पार्ट की दुकान के स्वामी भगीरथ सुयाल पुत्र त्रिलोचन सुयाल नाम के व्यवसायी के हत्यारोपी राहुल धनेला पुत्र सुरेंद्र धनेला का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है।
मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपित राहुल धनेला निवासी ग्राम पिठौली मुक्तेरूवर व पवन लाल ने पहले भगीरथ से झगड़ा किया। इस दौरान भगीरथ ने उसे गालियां दीं तो उसने करीब एक घंटे बाद रात्रि करीब 11 बजे वापस आकर लाठी-डंडों से पीटकर भगीरथ की हत्या कर दी। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त स्कूटी व डंडा भी बरामद किए गए। इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती। इस पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : देश में 300 शाखाएं खोलकर खाताधारकों के करोड़ों रुपए हड़पने वाले कंपनी के चेयरपर्सन की जमानत अर्जी खारिज

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 08 जून 2021। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने लखनऊ की कैमुना क्रेडिट कॉरपोरेशन लिमिटेड के सीएमसी चेयरपर्सन प्रदीप अस्थाना पुत्र कैलाशनाथ अस्थाना निवासी शाही सदन अलीगंज लखनऊ की जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज कर दी। प्रदीप पर आरोप है कि उसने उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में अनेक शाखाएं खोलकर खाताधारकों से उनके उनके खातों में एफडी, चालू खाते व विभिन्न मदों में निश्चित समयावधि के लिए करोड़ों रुपए जमा करवाए, और परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद फरार हो गया व जमाकर्ताओं के पैंसे नहीं लौटाए।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि 28 सितंबर 2020 को इसी कंपानी की पवलगढ़ कालाढुंगी शाखा के मैनेजर लक्ष्मण सिंह पुत्र देव सिंह ने उसके विरुद्ध जमा कराए गए 8 लाख 88 हजार 645 रुपए, रामनगर के शाखा प्रबंधक आनंद जोशी ने लगभग 22 लाख, कठघरिया के शाखा प्रबंधक गुरुप्रकाश पुत्र लछम सिंह ने भी रुपए हड़पने के आरोप लगाए थे। आरोपित ने इसी तरह देश के 9 राज्यों में 300 शाखाएं खोलकर करोड़ों रुपए हड़पे। इस पर उसके खिलाफ अनेक थानों में मुकदमे दर्ज हुए और उसे टनकपुर में गिरफ्तार किया गया। इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती। इस पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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यह भी पढ़ें : तलाकशुदा को दुष्कर्म के लिए जान से मारने की धमकी देने और दुष्कर्म के बाद रात भर जीप में बंद कर जंगल में छोड़ जाने वाले आरोपितों को नहीं मिली जमानत…

डॉ.नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 मई 2021। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार जोशी की अदालत ने तलाकशुदा महिला से दुराचार के आरोपित मुनीर फैसल पुत्र अफजाज निवासी ग्रमा जोखनपुर बरेली की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शुक्रवार को आरोपित की जमानत अर्जी पर वर्चुअल माध्यम से हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि पीड़िता को पहले हल्द्वानी के नूरी मस्जिद के पास इंद्रानगर स्थित अमायजा मोबाइल सेंटर के स्वामी मुनीर फैसल ने प्यार के जाल में फंसाकर अवैध शारीरिक संबंध बनाए और इस दौरान वीडियो बना ली, तथा बाद में वीडियो को वायरल करने की धमकी देते हुए शादी से इंकार कर दिया। गत 7 फरवरी को उसने कमरे में आकर संबंध बनाए। यह बात उसने उसके दोस्तों मुनीर, जीशान व मुजस्सिम को बताई तो वह भी संबंध बनाने के लिए दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। श्री शर्मा ने बताया कि आरोपित लंबे समय बाद कुर्की की कार्रवाई के बाद गत 20 अप्रैल को पुलिस की गिरफ्त में आया।

दुष्कर्म के बाद रात भर जीप में बंद कर जंगल में छोड़ जाने वाले जीप चालक की जमानत अर्जी खारिज
नैनीताल। गत 11 मार्च यानी शिवरात्रि के दिन जनपद के नाईसीला निवासी एक विवाहिता के साथ जीप चालक खड़क सिंह मलाड़ा ने बाजार से घर लौटते हुए रास्ते में नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर दुष्कर्म किया था और उसे रात भर जीप में बंद करके चला गया था। इस मामले में शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार जोशी की अदालत ने आरोपित जीप चालक की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित ने पीड़िता को दुष्कर्म की बात किसी को न बताने की धमकी भी दी थी, और उसे दुष्कर्म के बाद रात भर जंगल में जीप के अंदर बंद करके चला गया था।

यह भी पढ़ें : बंदी की मौत पर जेल कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश..

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मई 2021। हल्द्वानी जेल में गत 6 मार्च प्रवेश कुमार नाम के बंदी की पिटाई से मौत के मामले में जनपद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनींद्र मोहन पांडे ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। प्रापत जानकारी के अनुसार ऊधमसिंह नगर जनपद के ग्राम कुंडेश्वरी काशीपुर निवासी प्रवेश कुमार को गत 3 मार्च को पुलिस ने छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कर 5 मार्च को हल्द्वानी जेल भेज दिया था। अगले ही दिन यानी 6 मार्च की शाम 5 बजे प्रवेश के परिवार वालों को सूचना मिली कि जेल में प्रवेश की बीमारी के कारण मौत हो गई है। अगले दिन प्रवेश के परिवार वाले हल्द्वानी जेल पहुंचे तो उन्हें शव गृह हल्द्वानी बुला लिया गया और वहीं प्रवेश की मौत का कोई स्पष्ट कारण बताए बिना शव पंचनामा भरकर मृतक की पत्नी भारती के सुपुर्द कर दिया गया। लेकिन मामले में मोड़ 13 मार्च को आया, जब राहुल श्रीवास्तव नाम के व्यक्ति ने भारती को फोन कर बताया कि प्रवेश के साथ जेल में ज्यादती हुई। इससे परेशान होने पर प्रवेश ने जेल में हल्ला किया। इस पर जेल के बंदी रक्षकों ने डंडे, पट्टे और लात-घूसों से उसे इतना पीटा कि वह वहीं गिर गया और उसकी मौत हो गई। इस मामले में भारती की ओर से हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी गई पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। बाद में उसने जनपद की एसएसपी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी पत्र दिये। इस पर मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल की आ गया। न्यायालय ने मामले में आख्या तलब की और जेल में तैनात हेड कांस्टेबल देवेंद्र प्रसाद यादव, नैनवाल, देवेंद्र रावत व हरीश रावत आदि पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।

यह भी पढ़ें : पत्नी को गलत संदेश भेजने वाले की हत्या करने व प्रेमिका के पहले प्रेमी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपितों को नहीं मिली जमानत..

-काठगोदाम के चांदमांरी में गत दिसंबर माह में पत्नी के घर के पास युवक की गोली मार कर की गई हत्या का मामला
नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मई 2021। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार जोशी की अदालत ने काठगोदाम के चांदमारी में गत गत 24 दिसंबर 2020 को हुई अमित कुमार नाम के युवक की उसकी पत्नी के घर के पास गोली मार कर की गई काफी चर्चित रही हत्या के मामले में उसके हत्यारोपित हरीश चंद्र पंत को पांच माह बाद भी जमानत नहीं दी। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि इस हत्या के मामले में पहले मृतक की बहन शालिनी आर्या ने मृतक भाई से अलग रह रही भाभी निकिता व उसके मायके वालों पर हत्या का संदेह जताया था। इस आधार पर थाना काठगोदाम में मुकदमा भी उन्हीं के नाम दर्ज हुआ था।
किंतु बाद में विवेचक की जांच में हल्द्वानी कोर्ट में संविदा पर अनुसेवक के पद पर कार्यरत हरीश चंद्र पुत्र स्वर्गीय रमेश चंद्र निवासी लाइन नंबर 10 ब्यूराखाम चांदमारी काठगोदाम को हत्यारोपी के रूप में दो जनवरी 2021 को गिरफ्तार किया गया। हरीश ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी के मोबाइल फोन में अमित के ‘गलत’ मैसेज देखने के बाद अमित की गोली मारकर हत्या की थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या मंे प्रयुक्त तमंचा, कारतूस, मोटरसाइकिल व हेल्मेट आदि हत्या में प्रयुक्त सामान बरामद किया। घटना के बाद घटनास्थल के पास के एक सीसीटीवी में हरीश हत्या के दौरान पहने कपड़े बदलता भी देखा गया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा पंजीकृत है। इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती। इस पर न्यायालय ने गिरफ्तार के करीब पांच बाद भी हत्यारोपित को जमानत नहीं दी।

युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपित प्रेमिका के दूसरे प्रेमी को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार जोशी की अदालत ने मृतक युवक नितिन जोशी पुत्र नवीन जोशी निवासी भवानीपुर बड़ी पीरूमदारा रामनगर को आत्महत्या के उकसाने के आरोपित प्रेमिका के दूसरे प्रेमी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में न्यायालय ने गत दिवस मृतक को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर मानसिक उत्पीड़न करने की आरोपित उसकी ग्राम बसई निवासी प्रेमिका की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी थी।
शुक्रवार को न्यायालय में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई सुनवाई के दौरान जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि आरोपित समीर पुत्र मुनब्बर अली निवासी मोती मस्जिद खताड़ी रामनगर के मृतक नवीन की प्रेमिका का प्रेमी था। उसने ही नितिन को आत्महत्या के लिए मजबूर करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इस कारण ही नितिन ने 20 मार्च 2021 को सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। इस आधार पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : जिंदा व्यक्ति को मृतक दिखाकर जमीन बेचने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज…

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2021। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने दस्तावेजों में हेराफेरी कर जिंदा व्यक्ति को मृत दर्शाकर जमीन का सौदा करने के दो आरोपितों की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। आरोपितों की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि सात दिसंबर 2010 को शिकायकर्ता हरिकृष्ण पुत्र स्व लक्ष्मीदत्त निवासी कमोला, कालाढूंगी द्वारा भवाली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बताया कि उसकी ग्राम बुढलाकोट, तहसील कोश्याकुटौली में भी भूमिधरी भूमि है और उक्त भूमि प पिता के विरासतन प्राप्त हुई है। जो खतौनी में खाता सं-175 के खसरा 236, रकवा 0.056 हेक्टेयर व खाता संख्या-203, 205 में दर्ज है।
शिकायतकर्ता का नाम बतौर खातेदार दर्ज होने के साथ जीवित भी है। जब अक्टूबर 2020 की अवधि की भूमि की खतौनी की नकल ली गयी तो पता चला कि पदमादत्त, यतीश चन्द्र पुत्रगण भवानी दत्त एवं कांति बल्लभ पुत्र हरिदत्त निवासी झलुवा जाला थाना कालाढूगी, द्वारा तहसील कोश्याकुटौली के राजस्व अधिकारी, कर्मचारियों से मिलीभगत व धोखाधड़ी कर शिकायतकर्ता को मृतक दर्शा दिया। साथ ही अपने को उत्तराधिकारी बताकर भूमि को नाम करवा लिया। इसके बाद खाते की भूमि का विक्रय पत्र उमेश चन्द्र तिवारी निवासी अल्मोड़ा के हक में कर दिया। यही नहीं संबंधित खरीददार के नाम दाखिल खारिज भी कर दिया गया। अदालत ने इस मामले में जेल में बंद पदमादत्त व यतीश चन्द्र पुत्रगण भवानी दत्त की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
डीजीसी के अनुसार रिपोर्टकर्ता हरिकृष्ण का बुढलाकोट व कमोला गांव, दोनों जगह मकान है। सर्दी में वह कमोला व गर्मी में बुढलाकोट जाते हैं। अक्टूबर 2020 में हरिकृष्ण ने पैतृक भूमि पर बाग लगाने का विचार किया, तब पटवारी कैलाश को लेकर मौके पर गए। भूमि पर उगे पेड़ को परमिशन लेकर काटकर बाग लगाने के लिए खसरा खतौनी की जरूरत पड़ी। खसरा खतौनी देखने पर पता चला कि जमीन पर उसका नाम कट गया है। जब खतौनी पटवारी से निकाली, तब पता चला कि आठ मार्च 2011 को मृत घोषित करके 14 मार्च 2011 को उत्तरजीविता के आधार पर रिपोर्टकर्ता की भूमि पदमादत्त व यतीश व कांति बल्लभ ने अपने नाम पर दर्ज करा ली गयी है। अभियुक्तगणों द्वारा राजस्व अधिकारी व कर्मचारी से मिलकर धोखाधड़ी से मृतक दर्शाकर भूमि अपने नाम करने के उपरान्त समस्त खाते की भूमि उमेश चन्द्र तिवारी को विक्रय कर दी गयी।

यह भी पढ़ें : छात्र नेता सहित दो युवकों को आत्महत्या के लिए उकसाने की आरोपित प्रेमिकाओं को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मई 2021। हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में गत 23 फरवरी 2021 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नैनीताल व ऊधमसिंह नगर के विभाग संयोजक-दात्र नेता सुंदर आर्या पुत्र राम लाल निवासी गैस गोदाम रोड हल्द्वानी ने अपनी कथित प्रेमिका के घर पर नुवान पीकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार जोशी की अदालत ने बुधवार को मृतक की प्रेमिका की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए मामले के शिकायतकर्ता, मृतक के भाई जगदीश राम द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर न्यायालय को बताया कि मृतक व आरोपित दोनों एक-दूसरे को चाहते थे, किंतु जाति-विभेद के कारण आरोपित के परिजन शादी के लिए तैयार नहीं थे। इस पर दोनों ने कथित तौर पर 2019 में गोल्ज्यू मंदिर में प्रेम विवाह भी कर लिया था। आरोपित मृतक से महंगे उपहार लेती थी, जबकि उसके परिजन मृतक को धमकियां देते थे। इसका जिक्र मृतक ने अपने सुसाइड नोट में भी किया है। इस आधार पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
वहीं एक अन्य मामले में भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार जोशी की अदालत ने मृतक युवक नितिन जोशी पुत्र नवीन जोशी निवासी भवानीपुर बड़ी पीरूमदारा रामनगर को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर मानसिक उत्पीड़न करने की आरोपित उसकी प्रेमिका ग्राम बसई निवासी युवती की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायालय में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई सुनवाई के दौरान जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि आरोपित का चार वर्ष से नितिन से प्रेम संबंध एवं घर में आना-जाना था। लेकिन बाद में उसका समीर नाम के अन्य युवक से संपर्क हुआ तो वह नितिन को आये दिन जान से मारने की धमकी देती थी और मर जाने को कहकर आत्महत्या करने के लिए उकसाती थी। इस कारण ही नितिन ने 20 मार्च 2021 को सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृत्यु पूर्व की एक रिकॉर्डिग में भी मृतक नितिन ने आरोपित युवती को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया।

मारपीट-लूट के तीन आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार जोशी की अदालत ने जनपद के लालकुआं में प्रकाश जोशी पुत्र लक्ष्मी दत्त जोशी निवासी हल्दूचौड़ जंगी नाम के व्यक्ति से गत मार्च माह में मारपीट कर उसकी जेब से नगदी व एटीएम आदि लूटने के एक आरोपित रोहित कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायालय में जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि 26 मार्च को आरोपितों-गुरुविंदर सिंह पुत्र बलविंदर सिंह निवासी पंजाबी कॉलोनी बरा पुलभट्टा, बरा निवासी रोहित कुमार उर्फ लीवी पुत्र रोप लाल निवासी बरा व आकाशदीप पुत्र मलकीत सिंह निवासी बरा के पास से लूटी गई सामग्री पुलिस ने बरामद की। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : जिला न्यायालय में वर्चुअल सुनवाई शुरू, खारिज हुई चार हत्यारोपितों की जमानत अर्जी

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अप्रैल 2021। कोरोना के मामले बढ़ने के साथ जिला न्यायालय परिसर में भौतिक सुनवाई की जगह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल सुनवाई प्रारंभ हो गई है। इस कड़ी में बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई वर्चुअल सुनवाई में जानलेवा हमला करने के चार आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए तर्क दिया कि गत 10 जनवरी को 11 बजे बौड़ पुल कालाढुंगी पर जितू फर्त्याल पुत्र राम सिंह फर्त्याल, निवासी वार्ड नंबर 3 कालाढुंगी, देवेंद्र कुमार निवासी जिला रामपुर यूपी, अंकित सिंह पुत्र राजपाल सिंह निवासी सिघनी टांडा रामपुर व विजय बधानी पुत्र नवीन चंद्र निवासी ग्राम व पोस्ट कमोला जिला नैनीताल ने मोहित खाती पुत्र शिवराज सिंह खाती नाम के युवक पर जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार से हमला किया। घायल मोहित ने कई दिन हायर सेंटर में उपचार किया गया। चिकित्सकों ने कहा कि उसकी चोटें गंभीर प्रकृति की थीं। बाद में जितेंद्र व विजय की निशानदेही पर घटना मंे प्रयुक्त चाकू व पंच बरामद किए गए। इसलिए आरोपित भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148,149, 307 व 506 के तहत जमानत पाने के अधिकारी नहीं हैं, इस पर न्यायालय ने आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : छात्र नेता पर फायर झोंकने तथा नाबालिग को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वालों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 मार्च 2021। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने हल्द्वानी में गत पांच मार्च की रात्रि छात्र नेता गौरव वानखेड़े पर उसके किराये के घर की बालकनी में 4-5 फायर झोंकने वाले आरोपित दीपक दर्मवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी है। बुधवार को जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की जमानत याचिका का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपित व उसके मित्र सोनू धनेला ने शिकायतकर्ता पर जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं। इसमें एक गोली पीड़ित को लगी। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
इसके अलावा जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने बुधवार को मुख्यालय के एक नाबालिग बच्चे को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोपित आनंद, मोहित व रमा देवी के जमानत प्रार्थना पत्र को भी खारिज कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की जमानत याचिका का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपितों ने नाबालिग मृतक को एक नवजात बालिका का पिता कहकर झूठे मामले में फंसाया और पर बच्ची को जन्म देने वाली नाबालिग बालिका से विवाह करने का दबाव डाला। यही नहीं उसे इस आरोप में जेल भी भिजवाया, जबकि डीएनए जांच में उसके नवजात का पिता होने की बात झूठ निकली। इसके कारण ही नाबालिग ने 17 अप्रैल 2020 को आत्महत्या कर ली थी।

यह भी पढ़ें : स्थायी लोक अदालत ने दिये बीमा कंपनियों को बीमितों को 25 लाख रुपए के भुगतान के आदेश

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मार्च 2021। स्थायी लोक अदालत नैनीताल ने शनिवार को सुलह समझौते के आधार दो मामलों को निस्तारित करते हुए बीमा कंपनियों को 25 लाख रुपए देने के आदेश दिए। तय अवधि के भीतर धनराशि न चुकाने पर कंपनियों को वाद दायर करने की तिथि से ब्याज का भी भुगतान करना होगा।
शनिवार को आयोजित स्थायी लोक अदालत में आए पहले मामले में राजीव नगर घोड़ानाला बिंदुखत्ता लालकुआं निवासी रमा देवी के पुत्र ओमकार कोरी की 10 अप्रैल 2018 को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 17 अप्रैल 2018 को हायर सेंटर ले जाते समय मृत्यु हो गयी थी। मृतक उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की शाखा बिंदुखत्ता के माध्यम से एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कम्पनी शाखा हल्द्वानी से बीमित था। इस मामले में बीमा कम्पनी-एसबीआई जनरल इंश्योरेंस की हल्द्वानी शाखा को 45 दिन के भीतर दस लाख रुपये भुगतान करने का आदेश दिया गया है। यह भी कहा है कि यदि कंपनी 45 दिन के भीतर भुगतान नहीं करती है तो उसे वाद दायर किये जाने की तिथि 21 सितम्बर 2019 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक देय धनराशि दस लाख रूपये पर 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।
इसी तरह एक अन्य मामले में शीला देवी के पति सुनील कुमार पुत्र श्रीराम स्वरूप श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड शाखा बंजीकंज तिकोनिया हल्द्वानी में पूर्ण जोखिमों सहित 15 लाख का पीए कवर ऑनर ड्राईवर पॉलिसी से बीमित थे, उनकी मृत्यु 4 अक्टूबर 2019 को अपनी कार संख्या यूके01टीए-1279 की दुर्घटना में हो गयी थी। इस मामले में भी राजीनामे के आधार पर कम्पनी को 15 लाख रूपये एक माह के भीतर शिकायतकर्ता को भुगतान करने के आदेश हुए। कम्पनी को एक माह के भीतर भुगतान न किये जाने पर वाद पेश किये जाने की तिथि 7 नवम्बर 2019 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक इस देय धनराशि 15 लाख रुपये पर 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।

यह भी पढ़ें : 10 अप्रैल को राष्ट्रीय लोक अदालत में नियत करवा-निपटाएं अपने मामले

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मार्च 2021। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिरण द्वारा आगामी 10 अप्रैल को प्रातः 10 बजे से जनपद के समस्त न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जानकारी देते जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन इमरान मौहम्मद खान ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में भरण-पोषण, धारा 138 एनआई एक्ट के मामले, धन वसूली, आपराधिक शमनीय व सिविल मामले, श्रम विवाद, विद्युत व जलकर सम्बन्धित मामलों, न्यायालयों में लंबित शमनीय प्रकृति के आपराधिक वाद व अपराध, धारा 138 एनआईएक्ट के वाद, धन वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, श्रम वाद, विद्युत एवं जलकर बिल सम्बन्धित मामले, तलाक को छोड़कर वैवाहिक मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले, भुगतान व भत्तों से सम्बन्धित सर्विस के मामले, जिला न्यायालय में लम्बित राजस्व वाद तथा किरायेदार, सुखाधिकार, व्यादेश आदि से संबंधित सिविल मामलों का भी निस्तारण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों को नियत करवाने के लिए उनके कार्यालय से तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दिवानी न्यायालय परिसर नैनीताल के टेलीफोन नम्बर 05942-237159 पर या ई-मेल आईडी dlsanainital@yahoo.co.in अथवा टाॅल फ्री नम्बर 15100 एवं 18001804000 के माध्यम से सम्पर्क कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें : जेल में बंद हत्यारे को मोबाइल सिम पहुंचाने के दो आरोपितों को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2021। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह की अदालत ने जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे अभियुक्त राहुल राठौर को मोबाइल का सिम पहुंचाने के मामले में आरोपित दीपक राठौर पुत्र श्याम चरण व अंजली उर्फ अंजू की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इस मामले में आरोपितों की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपितों द्वारा सितारगंज जेल में बंद सजायाफ्ता मुजरिम राहुल राठौर को पहुंचाए गए सिमों से हल्द्वानी निवासी महिला ज्वैलर रीता खंडेलवाल को फोन से धमकियां दी गई थीं। इस मामले में गत 6 फरवरी को एक अन्य आरोपित अंकिता की जमानत याचिका भी अदालत खारिज कर चुकी है। मामले में धमकी देने वाला सजायाफ्ता मुजरिम राहुल राठौर फरवरी 2020 में हल्द्वानी के व्यवसायी की हत्या के जुर्म में सजा सुनाए जाने के दौरान प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भी देख लेने की धमकी दे चुका है। उसके लिए अभियोजन ने उसे फांसी देने की मांग की थी, फिर भी न्यायालय ने ‘न्याय सर्वोपरि’ के सिद्धांत के तहत उसे हत्या के आरोप सिद्ध होने के बाद भी उम्रकैद की ही सजा सुनाई थी।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के व्यवसायी पर जानलेवा हमला करने के आरोपित को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2021। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह की अदालत ने मुख्यालय के व्यवसायी के साथ मारपीट के नामजद आरोपित के जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
मामले में मंगलवार को आरोपित आकांशु कुमार पुत्र आनंद लाल निवासी रुकुट कंपाउंड मल्लीताल की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि 16 जनवरी की रात्रि अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियों कार संख्या यूके06एल-8587 से अपने घर रोहिला लॉज जाते हुए सुखदेव सिंह पुत्र रवैल सिंह के साथ आकांशु सहित चार लोगों ने धारदार हथियारों व रॉड आदि से मारपीट की। उसका उपचार करने वाले चिकित्सकों ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पीड़ित की सिर व अन्य स्थानों पर लगी चोटों से जान भी जा सकती थी। इस मामले में पीड़ित के भाई अमनदीप सिंह ने 17 जनवरी को तल्लीताल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर उसी दिन आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि नैनीताल जैसे पर्यटन स्थल में आरोपित ने ऐसी घटना को अंजाम दिया। इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए। इस पर अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

पहले से बेचे भवन को दुबारा बेचकर 20 लाख हड़पने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज
नैनीताल। जिला मुख्यालय स्थित हांडी-भांड में पहले से बेचे जा चुके एक आवासीय भवन को दुबारा बेचने का करारनामा करके बयाने के तौर पर 20 लाख रुपए हड़पने वाले एक आरोपित सुमेर अरोरा की जमानत अर्जी को प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह की अदालत ने खारिज कर दिया है।
मंगलवार को आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि सोनिया वालिया उर्फ सुमन वालिया पुत्री स्वर्गीय श्रवण कुमार निवासी सी-6ध्1-6 श्रद्धा अपार्टमेंट सेक्टर 25 जूही नगर नवी मुंबई महाराष्ट्र व सुमेर अरोरा पुत्र स्वर्गीय पीपी अरोरा निवासी कॉटेज नंबर ए-7, हांडी-बांडी सूखाताल नैनीताल के विरुद्ध मालवीय नगर नई दिल्ली निवासी केसर मेहरा पुत्र स्वर्गीय किशन मेहरा ने बयाने में 10 लाख रुपए लेने के बाद तय तिथि पर शेष 20 लाख रुपए लेकर रजिस्ट्री कराने से मुकरने और बाद में कहने पर शिकायतकर्ता व उसके साथियों से गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। दोनों ने न्यायालय में अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए पूर्व में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र भी दिया था, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। यह भी बताया कि आरोपित ने अपने जीजा को भी यह भवन बेचकर ठगा था। इसके बाद गिरफ्तार हुए आरोपितों में से सुमित अरोरा ने जमानत प्रार्थना पत्र लगाया था, जिसे अभियोजन पक्ष की पैरवी के बाद खारिज कर दिया गया।

यह भी पढ़ें : कलयुगी पुत्र ने सगी मां की चाकू से गला काट कर की थी हत्या, ढाई माह बाद भी नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 मार्च 2021। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने मां के हत्यारोपित पुत्र राहुल शाही उर्फ राजा पुत्र राजेंद्र सिंह शाही निवासी ग्राम करायल जौलासाल हल्द्वानी के जमानत प्रार्थना पत्र को गंभीर मामला बताकर खारिज कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित राहुल के जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपित एक कलयुगी पुत्र है। उसने 20 दिसंबर 2020 की रात्रि सोते हुए अपनी मां हीरा देवी का निर्ममता से चाकू से गला काट दिया था। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया था। उसका कहना था कि मां उसे देर रात्रि तक गाली दे रही थी। इस पर उसने सोचा कि मां की हत्या कर दी जाए तो घर का क्लेश खत्म हो जाएगा। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू व खून से सने कपड़े भी बरामद हुए थे। इस आधार पर न्यायालय ने तीन माह से जेल में बंद राहुल को जमानत नहीं दी।

यह भी पढ़ें : सौतेली मां के सह हत्यारोपित, 11 साल की विवाहिता के सास-ससुर व 30 लाख हड़पने के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 01 मार्च 2021। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने अपनी सौतेली मां की हत्या के मामले में हत्यारोपी के सहयोगी जितेंद्र पाल पुत्र मक्खन निवासी विकास कॉलोनी नई बस्ती किच्छा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
सोमवार को आरोपित जितेंद्र पाल के जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि आरोपित ने अपना जुर्म कबूल किया, साथ ही हत्या के द्वारा प्रमुक्त कपड़े बरामद कराए। उन्होंने बताया कि 20 अगस्त 2020 को उषा नाम की महिला की काठगोदाम थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। उषा अपने पूर्व पति सुरेश से अलग नरेश नाम के व्यक्ति से शादी कर ली थी। नरेश का 17 वर्षीय नाबालिग पुत्र इससे नाखुश था। इसलिए उसने अपने दोस्त जितेंद्र की मदद से उषा की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी थी।

शादी के 11 साल बाद हुई विवाहिता की मौत के मामले में सास-ससुर की जमानत अर्जी खारिज
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने नैनीताल जनपद के पट्टी च्यूरीगाड़ के गांव में 18 जून 2020 को शादी के 11 वर्ष बाद गीता नाम की महिला की मौत के मामले में मृतका की सास हीरा देवी व ससुर मनोहर की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
सोमवार को आरोपितों के जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि मृतका के भाई संजय शर्मा पुत्र स्वर्गीय जीवन शर्मा निवासी ग्राम सरना कर्नखा धारी जिला नैनीताल को बताया कि गीता का शव का घर के पास पेड़ में लटका हुआ मिला है। जबकि जब भाई वहां पहुंचा तो घर के बरामदे में रखे शव के मुंह व चेहरे पर खून लगा था, तथा शरीर में चोट के निशान थे। इस मामले में मृतका के पति, देवर, सास-ससुर व देवरानी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले में आरोपित पति व देवर की जमानत याचिका पहले ही अदालत खारिज कर चुकी है। आरोपित पहले से गीता को परेशान करते रहे थे। इस कारण छह वर्ष पूर्व उसने नदी में कूद मारकर जान देने का प्रयास किया था।

अपनी जमीन बताकर महिला से 30 लाख रुपए एंेठने के आरोपित को नहीं मिली जमानत
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने नैनीताल जनपद के ग्राम बोहरागांव में 33.8 लाख रुपए लेकर केवल 3.8 लाख रुपए की जमीन ही दिलाने यानी 30 लाख रुपए की भूमि न दिलाने के आरोपित मुकेश सिंह पुत्र दुर्गा सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
सोमवार को आरोपितों के जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि इस मामले में पीड़िता टीना सिंह पत्नी समीर सिंह ने कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक से शिकायत पर एसआईटी की जांच के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपित जिस भूमि के लिए शिकायतकर्ता को लगातार टाल रहे थे,, वास्तव में उनकी भूमि ही नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने शिकायतकर्ता महिला से धोखाधड़ी कर 30 लाख रुपए ऐंठ लिए थे।

यह भी पढ़ें : बालक से अप्राकृतिक मैथुन करने की कोशिश में गुदा द्वार में डाला ह्वीलपाना, फट गई थीं आंतें, अदालत ने बताया गंभीर…

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 फरवरी 2021। जनपद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी ने सोमवार को स्वास्थ्य लाभ के उपरांत पहली बार सुनवाई करते हुए एक युवक से अप्राकृतिक मैथुन करने की कोशिश करने और मना करने पर उसके गुदा द्वार में ह्वील पाना डालकर उसकी आंतें फाड़ देने के आरोपित तारा चंद्र रखोलिया पुत्र गोविंद बल्लभ निवासी ग्राम सुनालपुर अर्जुनपुर लालकुआं का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए बताया कि बीती 27 सितंबर की रात्रि करीब साढ़े नौ बजे हरिपुर शिवदत्त चौकी मंडी हल्द्वानी निवासी बालक को आरोपित एक अन्य आरोपित पवन निवासी सुनालपुर के साथ जंगल में ले गया और उसके साथ लाठी-डंडे से मारपीट कर उसके साथ अप्राकृतिक मैथुन किया। यही नहीं विरोध करने पर उसके गुदा द्वार में गाड़ियों के पहिये खोलने के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला ह्वील पाना डाल दिया। बाद में उसका उपचार करने वाले चिकित्सक डा. नितिन चौहान ने बताया कि इससे बालक की आंतें फट गई थीं। आरोपित पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज पाये गए हैं। इस पर अदालत ने मामले को गंभीर पाते हुए आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : पूरी धनराशि चुकाने के बावजूद शादी की एलबम-वीडियो न बनाने पर फोटो स्टूडियो पर जुर्माना

-पीड़ित द्वारा चुकाई पूरी धनराशि ब्याज एवं 25 हजार अतिरिक्त के साथ चुकानी होगी
नवीन समाचार, नैनीताल, 07 फरवरी 2021। जिला उपभोक्ता फोरम नैनीताल ने पूरी धनराशि देने के बावजूद शादी की फोटो एलबम व कैसेट उपलब्ध न कराने वाले हल्द्वानी के ओके होटल के पास स्थित सीमा डिजिटल फोटो स्टूडियो को चुकाई गई पूरी धनराशि 66 हजार रुपए आदेश की तिथि तक आठ फीसद ब्याज एवं 20 हजार रुपए मानसिक वेदना व आर्थिक क्षति तथा पांच हजार रुपए परिवाद व्यय के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष यूएस नबियाल व सदस्य सबाहत हुसैन खान की अदालत में पीड़ित गौरव कपूर पुत्र किशन लाल कपूर निवासी वार्ड नंबर 2 गांधी नजर लालकुआं ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी व उसके भाई की शादी 20 व 23 जनवरी 2018 को थी। इसके लिए आरोपित फोटो स्टूडियो के स्वामी पवन गर्ग को 66 हजार रुपए में 700 फोटो युक्त दो एलबम व दो वीडियो कैसेट के लिए बुक कर पूरी धनराशि दे दी थी, लेकिन उससे एलबम व वीडियो कैसेट उपलब्ध नहीं कराई। इससे दोनों शादियों में आए मेहमानों एवं उनके इन खास पलों के फोटो व वीडियो उपलब्ध नहीं हो पाए और उन्हें आर्थिक क्षति के साथ गहरी मानसिक वेदना हुई। उपभोक्ता फोरम ने इसे सेवा में कमी मानते हुए एक माह के भी धनराशि लौटाने का आदेश सुनाया।

यह भी पढ़ें : महिला ने बताया सात माह की गर्भवती है, फिर भी मकान मालिक ने किया जबरन बलात्कार, अदालत ने बताया गंभीर…

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जनवरी 2021। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने 7 माह की गर्भवती के साथ घर में घुसकर जबर्दस्ती बलात्कार करने के आरोपित मकान मालिक की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शनिवार को आरोपित मकान मालिक राजकुमार उर्फ राजू पुत्र परवीन कुमार निवासी कुमाऊं कॉलोनी जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा काठगोदाम की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
इस मामले में आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि गत दो जनवरी की शाम को पांच बजे जब बिहार की रहने वाली 7 माह की गर्भवती महिला किरायेदार का मजदूरी करने वाला पति मजदूरी करने गया हुआ था, मकान मालिक शराब पीकर कमरे में घुसा और महिला द्वारा बताये जाने के बावजूद कि वह सात माह की गर्भवती है, उससे जबरन दुराचार किया और किसी को बताये जाने पर जान से मारने की धमकी देकर चला गया। अदालत ने भी इन्ही बिंदुओं को लेकर मामले को गंभीर बताते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : हत्या से आत्महत्या में बदले मामले में जेल में बंद पति की जमानत अर्जी खारिज…

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जनवरी 2021। जनपद की प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने आत्महत्या के लिए पत्नी को उकसाने के मामले में नवंबर 2020 से जेल में बंद पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मामला बीते वर्ष 6 अगस्त 2020 को भीमताल झील में मृत मिली विवाहिता कविता जोशी से संबंधित है। इस मामले में पहले शिकायतकर्ता, मृतका के भाई देवी दत्त उप्रेती पुत्र तारा दत्त निवासी मां गिरिजा विहार फेस 3 कमलुवागांजा हल्द्वानी की तहरीर पर संबंधित भीमताल थाने ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। बाद में उसके द्वारा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत थाना भीमताल में 7 नवंबर 2020 को न्यायालय के आदेश पर हत्या के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज हुईं। लेकिन बाद में विवेचनाधिकारी कैलाश जोशी की जांच में मामला हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या का पाये जाने पर धारा 306 के तहत अभियोग चल रहा है।
इधर बुधवार को मृतका के पति कृपाल दत्त जोशी पुत्र स्वत्र हरीश चंद्र जोशी निवासी ग्राम दरमाड़ कफड़ा द्वाराहाट जिला अल्मोड़ा द्वारा लगाई गई जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को तहरीर के आधार पर बताया कि कविता व हरीश की शादी 6 जून 2013 को चितई मंदिर में हुई थी। तभी से हरीश कविता को कुरूप बताते हुए दूसरी शादी करने की बात करता था वहीं कविता की सास चंपा देवी तथा ननदें पूजा व ज्योति भी उसका लगातार उत्पीड़न करते थे। इधर जनवरी 2020 में भाी अत्यधिक मारपीट की गई तो भाई उसे अपने घर ले आया था। जबकि सास के आश्वासन पर 21 मार्च 2020 को वह ससुराल चली गई थी। लेकिन पुनः उसका उत्पीड़न शुरू हो गया। घटना के दिन वह टैक्सी से भीमताल आई थी। टैक्सी चालक अनिल कुमार ने भी बयान दिये हैं कि वह परेशान थी, और लगता था कि उससे मारपीट हुई है। इसलिए उसने उससे पैंसे भी नहीं लिए थे। इन दलीलों पर अदालत ने आरोपित पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : गौकशी करते हुए पकड़े आरोपितों से न्यायालय ने बरती कोई मुरौबत..

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2021। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने गौकशी के तीन आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि मामले में पिछले वर्ष सात फरवरी 2020 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर इंदिरानगर वनभूलपुरा से छह लोगों को गौकसी करते हुए पकड़ने का प्रयास किया। इस बीच आसिफ कुरैशी व कल्लू यादव को मौके से पकड़ लिया गया, जबकि अन्य मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने नबी अहमद, दानिश व अख्तर को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को बचाव पक्ष की ओर से नबी अहमद, दानिश हुसैन तथा अख्तर निवासी वनभूलपुरा की जमानत अर्जी न्यायालय में पेश किया गया। डीजीसी शर्मा ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपितों के खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। इस पर न्यायालय ने आरोपितों की जमानत खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : एसओजी की फर्जी चेकिंग के नाम पर हल्द्वानी में 35 ग्राम सोने के आभूषणों की लूट, मध्य प्रदेश निवासी आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जनवरी 2021। हल्द्वानी में मंगल पड़ाव के पास गत दो नवंबर 2020 को हरीश चंद्र पुत्र मुंशी राम निवासी दुर्गा कॉलोनी बरेली रोड के साथ एसओजी यानी पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के कर्मी बनकर दो लड़कों ने करीब 35 ग्राम सोने के आभूषण लूट लिए थे। हरीश यह सोने के आभूषण लेकर अपने घर जा रहे थे, तभी दो लड़कों ने खुद को एसओजी से जुड़ा व कुछ दिन पूर्व से लूटपाट की घटनाएं होने की वजह से जांच करने का झांसा देकर उनके आभूषण उड़ा लिए थे। इस मामले में विवेचनाधिकारी दिनेश जोशी ने भोपाल मध्य प्रदेश के निशादपुरा निवासी रिजवान पुत्र आसिफ हुसैन से 22 दिसंबर 2020 कुछ आभूषण बरामद किए थे। तभी से जेल में बंद रिजवान की ओर से प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत में जमानत अर्जी दी थी, जिसका जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने विरोध करते हुए अदालत को बताया कि आरोपित का थाना खुरई जिला सागर मध्य प्रदेश में गिरफ्तार किया गया था। उसका लंबा आपराधिक इतिहास भी है। वहां भी उसने फर्जी पुलिस चेकिंग के नाम पर ज्वैलर्स से सोने के आभूषण चुराए थे। इस आधार पर अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : नशा मुक्ति केंद्र में युवक के हत्यारोपित और दूसरे की जमीन बेचकर 33 लाख हड़पने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जनवरी 2020। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने गत 2 नवंबर को हल्द्वानी के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक परवीन टम्टा की मौत के मामले में एक नामजद हत्यारोपित अर्जुन रावत पुत्र मोहन सिंह निवासी सालभरी विहार हल्द्वानी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने मामले में आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि आरोपित नशा मुक्ति केंद्र का कर्मचारी है, और मामले में नामजद आरोपित है। मृतक के पिता की तहरीर तथा विवेचना के दौरान चश्मदीदों के द्वारा दिये गए बयानों के अनुसार अर्जुन, बॉबी, पीयूष, अभय, अभिषेक व निखिल ने परवीन को पीलर से बांधकर उसकी डंडों से पिटाई की थी, जिसकी वजह से परवीन की मौत हो गई थी। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अदालत पहले ही अन्य हत्यारोपित अर्जुन रावत, बॉबी अंसारी पुत्र शमशाद हुसैन, पीयूष कौशिक व अभिषेक चंद्रा पुत्र सुभाष चंद्रा की जमानत अर्जी भी खारिज कर चुकी है। जबकि नशा मुक्ति केंद्र के संचालक राजीव जोशी को निचली अदालत से ही जमानत मिल चुकी है।

दूसरे की जमीन बेचकर 33 लाख रुपए हड़पने के आरोपित को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने 17 जुलाई 2019 को थाना तल्लीताल में एसआईटी की जांच के उपरांत टीना सिंह पत्नी समीर सिंह निवासी गुरुग्राम की शिकायत पर दर्ज किए गए मुकदमे के आरोपित मुकेश पुत्र दुर्गा सिंह निवासी हरिपुर नायक की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि आरोपित ने पीड़िता को ग्राम बोहरागांव स्थित किसी दूसरे की जमीन बेचकर 33 लाख रुपए का भुगतान प्राप्त कर लिया था। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। वादी मुकदमा टीना सिंह की ओर से कमल चिलवाल ने भी जमानत अर्जी का विरोध किया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जनवरी 2021। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने नंधौर खनन गेट सामने गत एक दिसंबर 2020 को दिनदहाड़े गोलीबारी कर एक व्यक्ति को चोट पहुंचाने वाले आरोपित सुरेश सिंह पुत्र जितेंद्र सिंह निवासी वार्ड 1 सुभाष चौक सितारगंज का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि नंधौर खनन क्षेत्र में वाहनों से 100 रुपए टॉल वसूले जाने का वाहन स्वामियों के साथ विरोध करते हुए शक्तिफार्म निवासी मोहित बिष्ट, राकेश बिष्ट तथा अंकित व सुरेश सहित 3-4 लोगों ने गाली गलौच, मारपीट व जान से मारने की नीयत से गोलीबारी की थी। घटना में मो. हुसैन नाम के व्यक्ति को गोली लगी थी। सुरेश केा 3 दिसंबर को उकरौली शराब भट्टी के पास से गिरफ्तार किया गया था।

अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज
नैनीताल। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने दहेज के लिए प्रताणित करने के आरोपित एक पति, अनूप सिंह पुत्र स्व. तुर्सनपाल निवासी पटना बिहार की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि उसके विरुद्ध उसकी पत्नी सुमिती सिंह पुत्र रामअवतार सिंह निवासी 25 एकड़ रोड लालकुआं ने पुलिस में महिला समाधान केंद्र में रिपोर्ट दर्ज कराई है 19 जनवरी 2014 को शादी होने के बाद से ही वह पत्नी को प्रताणित कर रहा है। उसके मायके वाले उसे दो बार में 50 व 10 हजार रुपए दे चुके हैं। वह अपनी पत्नी की सोने की दो अंगूठियां, दो गले की चेन व हाथ के कंगन आदि भी बेच चुका है और इधर पुनः दहेज की मांग करते हुए प्रताणित कर रहा है। इस आधार पर अदालत ने आरोपित को अग्रिम जमानत नहीं दी।

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-पहले बेचे जा चुके भवन को दुबारा बेचने के लिए बयाने के तौर पर लिये थे रुपए
नवीन समाचार, नैनीताल, 07 जनवरी 2020। जिला मुख्यालय स्थित हांडी-भांड में पहले से बेचे जा चुके एक आवासीय भवन को दुबारा बेचने का करारनामा करके बयाने के तौर पर 10 लाख रुपए हड़पने वाले महिला सहित दो आरोपितों की अग्रिम जमानत अर्जी प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम जिला जज प्रीतू शर्मा की अदालत ने खारिज कर दी है। मामले में दोनों आरोपितों सोनिया वालिया उर्फ सुमन वालिया पुत्री स्वर्गीय श्रवण कुमार निवासी सी-6/1-6 श्रद्धा अपार्टमेंट सेक्टर 25 जूही नगर नवी मुंबई महाराष्ट्र व सुमेर अरोरा पुत्र स्वर्गीय पीपी अरोरा निवासी कॉटेज नंबर ए-7, हांडी-बांडी सूखाताल नैनीताल के विरुद्ध मालवीय नगर नई दिल्ली निवासी केसर मेहरा पुत्र स्वर्गीय किशन मेहरा ने बयाने में 10 लाख रुपए लेने के बाद तय तिथि पर शेष 20 लाख रुपए लेकर रजिस्ट्री कराने से मुकरने और बाद में कहने पर शिकायतकर्ता व उसके साथियों से गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। दोनों ने न्यायालय में अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने पैरवी करते हुए अग्रिम जमानत का विरोध किया। इस पर न्यायालय ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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-उत्तराखंड उच्च न्यायालय में एक अधिवक्ता के साथ मुंशी के रूप में कार्यरत था आरोपित, 9 नवंबर 2020 को पेड़ पर लटकी मिली थी उसकी पत्नी
नवीन समाचार, नैनीताल, 05 जनवरी 2020। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा ने बीते वर्ष दहेज के लिए अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोपित उत्तराखंड उच्च न्यायालय में किसी अधिवक्ता के साथ काम करने वाले मुंशी की जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। 
मंगलवार को न्यायालय में आरोपित मनोज डसीला पुत्र दीवान सिंह डसीला निवासी ग्राम सेराघाट जिला पिथौरागढ़ की जमान अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपित का विवाह 2016 में जगदीश चंद्र सलोनी पुत्र गणेश चंद्र सलोनी निवासी ग्राम खुलैत गंगोलीहाट जिला पिथौरागढ़ की पुत्री पूजा से हुआ था। शादी के दौरान ही आरोपित दहेज न मिलने को लेकर झगड़ गया था। तब पूजा के पिता द्वारा 80 हजार रुपए देकर बेटी को उसके साथ विदा किया था। इसके बावजूद शादी के 6-7 दिन बाद से ही उसने पूजा को परेशान करना शुरू कर दिया था। इसकी शिकायत करने पर जांच कर रही बेरीनाग थाना पुलिस के समक्ष उसने भविष्य में मारपीट न करने का वचन दिया था। बावजूद उसके व्यवहार में परिवर्तन नहीं आया। इधर नौ नवंबर 2020 को पूजा ने अपनी मां को फोन कर पति द्वारा प्रताणित करने की जानकारी दी। जबकि अगले दिन उसकी सास ने फोन कर पिता को बताया कि उनकी पुत्री घर से भाग गई है। इस दिन ही गौरव पडियार नाम के व्यक्ति ने तल्लीताल थाना पुलिस को सूचना दी थी कि हनुमानगढ़ी के पास एक अज्ञात महिला का शव पेड़ से लटका हुआ मिला है। बाद में उसकी शिनाख्त पूजा के रूप में हुई थी। डीजीसी शर्मा ने कहा कि आरोपित अपनी पत्नी से दहेज में दो लाख रुपए की मांग कर रहा था। जबकि उसके पिता एक लाख रुपए से अधिक उसे दे चुके थे। उसने तल्लीताल में रहने के बावजूद तल्लीताल थाने को अपनी पत्नी के गायब होने की सूचना नहीं दी थी। उसके खिलाफ मृतका के पिता की तहरीर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 बी व 498 ए के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। 

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नवीन समाचार, नैनीताल, 22 दिसम्बर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने घर में घुसकर मारपीट करने की आरोपित युवती शिवानी पुत्र प्रमोद कुमार निवासी मोहल्ला बंबाघेर वाल्मीकि कॉलोनी रामनगर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शिवानी पर आरोपित है कि वह गत 29 फरवरी 2020 को शुभम, सीमा, नन्ही, प्रमोद कुमार आदि के साथ खुखरी व सब्बल आदि लेकर शिकायतकर्ता विधवा महिला बीना पत्नी स्वर्गीय अरविंद के घरमें घुसी और उसके घर में जबरन कब्जा करने का प्रयास किया और अपने ताले लगा दिए। इस दौरान हुई मारपीट में बार में शिकायतकर्ता बीना की 12 मार्च को उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी।
इसी तरह न्यायालय ने तमंचे से गोली चलाकर शिकायतकर्ता नजाकत अली पुत्र लियाकत अली निवासी ईदगाह रोड खत्याड़ी रामनगर को गत 9 नवंबर 2020 को घायल करने के आरोपित कोटद्वार रोड लखनपुर निवासी बबलू सैनी पुत्र राम सिंह सैनी की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। उसे भागने का प्रयास करने के दौरान पुलिस ने तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था।
वहीं एक अन्य मामले में न्यायालय ने चंद्र बल्लभ जोशी पुत्र प्रेम बल्लभ निवासी ग्राम मजमे पोस्ट भटोली जिला बागेश्वर की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। उस पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ रिपोर्टकर्ता मोहन सिंह रौतेला पुत्र खीम सिंह रौतेला निवासी तुलसी विहार आरके टैन्ट टाउस रोड कुसुमखेडज्ञ हल्द्वानी के घर में 10 जुलाई 2018 को घुसकर उसकी पत्नी की अकेला पाकर सिर पर हथौड़े से वार कर लहूलुहान कर दिया और घर से सोने-चांदी के जेवरात व रुपए लूटकर ले गया। तीनों मामलों में जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जमानत अर्जी का विरोध किया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 19 दिसम्बर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने अनुसूचित जाति के व्यक्ति को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने सहित अन्य आरोपों से आरोपित भारतीय सेना के वृद्ध माता-पिता की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को अस्वीकार कर दिया।

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नैनीताल : पत्नी के हाथों की मेहंदी के सूखने से पहले ही आज के दिन देश पर कुर्बान हो गया था मेजर राजेश

जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि ग्राम बोहरागांव पटवाडांगर निवासी दीवानी राम टम्टा पुत्र जेआर टम्टा ने गांव के ही आनंद जोशी, नीमा जोशी, कमलेश जोशी व राकेश जोशी के विरुद्ध गत दो दिसंबर 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अक्टूबर 2020 में रास्ते में दीवार लगाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इस पर दो नवंबर को दीवार हटाने को लेकर समझौता हुआ। 21 नवंबर को पड़ोसी आरोपित आनंद जोशी के भाई हरीश जोशी की मदद से रोका गया रास्ता खुलवाया गया। किंतु इसी दौरान आरोपितों के द्वारा उनसे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी व रास्ते में मारने आ गए। यह भी आरोप लगाया कि आरोपित के सैनिक पुत्र कमलेश जोशी भी घर आने पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकोता है। इस मामले में सैनिक के वृद्ध माता-पिता आनंद जोशी व नीमा जोशी की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर शनिवार को सुनवाई के बाद न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया।

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-हल्द्वानी के गफूर बस्ती में 29 जनवरी 2019 को हुई थी घटना
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 दिसम्बर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने पिता व पुत्र को अपनी ही तवेरी बहन की हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मृतका गर्भवती भी थी। अभियुक्तों ने चाकू एवं लात-घूंसों से मारकर उसकी हत्या कर दी थी। मूल विवाद मोटर को सही किए बिना सही करने के ऐवज में लिए 600 रुपए वापस लौटाने को लेकर था।
मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि मामले में शिकायतकर्ता नूरजहां पत्नी स्वर्गीय अब्दुल वहीद निवासी गफूर बस्ती आजाद नगर हल्द्वानी ने अपने सगे भतीजे अभियुक्त फैजान व सगे भाई मो. शाहिद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में कहा गया कि 29 जनवरी 2019 को नूरजहां की बेटी बरखा पत्नी मोईनुद्दीन अपने मायके आई थी। इससे कुछ दिन पूर्व फैजान उसके घर से मोटर सही कराने के लिए 600 रुपए ले गया था, लेकिन उसने न मोटर सही की, न रुपए ही वापस किए। उल्टे रुपए वापस मांगने पर उससे मारपीट की। 30 जनवरी की साढ़े चार बजे फैजान व उसका पिता मो. शाहिद निवासी आजाद नगर इसी बात को लेकर उसके घर में घुसे और पिता के कहने पर बेटे फैजान ने गर्भवती बरखा पर चाकू व लात-घूंसों से मारकर उसे लहूलुहान कर दिया। उसे हल्द्वानी के बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके गर्भस्थ शिशु की भी मौत हो गई। मामले में डीजीसी शर्मा ने न्यायालय में 10 गवाह पेश किए। इस पर न्यायालय ने दोनों पिता-पुत्र को भादंसं की धारा 304 के तहत दोषी पाते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उल्लेखनीय है कि मामले में आरोपित पुत्र अभी जेल में ही था, जबकि पिता जमानत पर था।

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-गौकशी के दो मामलों में आरोपित की जमानत अर्जी खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 दिसम्बर 2020। गत 13 अगस्त को हल्द्वानी के लाइन नंबर 17 तिराहा वनभूलपुरा में पुलिस द्वारा चार लोगों को स्लॉटर हाउस की आढ़ में गौकसी करने व मांस को दुकान पर बेचने की सूचना पर इंद्रानगर हल्द्वानी निवासी चार गौतस्करों-मुस्तफा पुत्र सलीम, जफर कुरैशी पुत्र रफीक कुरैशी, जफर के बहनोई सरफराज व सरफराज के भाई जाहिद को पकड़ा था। उनके पास से एक कंुटल प्रतिबंधित मांस एवं गौकसी में प्रयुक्त चापड़, कुल्हाड़ी, छुरी, तराजू आदि भी बरामद हुए थे। वहीं एक अन्य मामले में भी इन चारों में से एक आरोपित जफर की दुकान से चौथाई कुंतल गौमांश बरामद हुआ था।
बृहस्पतिवार को इन दोनों मामलों में जेल में बंद आरोपित जफर की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित ने हिंदू धर्म की आस्था गाय की हत्या की। इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था। इस पर अदालत ने दोनों मामलों में आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि तीनों अन्य आरोपितों की जमानत अर्जियां भी पूर्व में खारिज की जा चुकी हैं।

गैस बांटने वाले से रुपए लूटने वाले आरोपित को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने बृहस्पतिवार को हल्द्वानी की भारत गैस की गैस एजेंसी के कर्मी संजय कुमार पुत्र बिशन राम निवासी ग्राम बसानी मुखानी से गैस बांटने के दौरान गत 15 नवंबर को 41,500 रुपए झपट्टा मारकर लूटने के आरोपित सलमान पुत्र शब्बू निवासी छोटी रोड इंदिरा नगर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित को पुलिस ने तत्काल पकड़ लिया था। उसके पास से लूटी गई धनराशि भी बरामद हुई थी। चश्मदीद गवाह मो. फैजान भी आरोपों का समर्थन किया था।

वन अपराध के आरोपित की जमानत अर्जी भी खारिज
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने बृहस्पतिवार को जंगल में विष्फोटक पदार्थ के साथ पकड़े गए एक आरोपित अरुण की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि गत 4 अक्टूबर को वनाधिकारियों-कर्मचारियों ने एक आरोपित चमन को मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा था, जबकि सह आरोपित अरुण भाग गया था। उसे 5 नवंबर को पकड़ा गया था। पूर्व में भी उसके घर से जानवरों का मांस बरामद होने पर दो मामले दर्ज हुए थे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 08 दिसम्बर 2020। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने गत 2 नवंबर को हल्द्वानी के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक परवीन टम्टा की मौत के मामले में एक नामजद हत्यारोपित पीयूष कौशिक पुत्र अनिल कुमार शर्मा निवासी भोगपुर मिथौनी मुरादाबाद की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने मामले में आरोपित पीयूष कौशिक की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि आरोपित नशा मुक्ति केंद्र का कर्मचारी है, और मामले में नामजद आरोपित है। मृतक के पिता की तहरीर तथा विवेचना के दौरान चश्मदीदों के द्वारा दिये गए बयानों के अनुसार अर्जुन, बॉबी, पीयूष, अभय, अभिषेक व निखिल ने परवीन को पीलर से बांधकर उसकी डंडों से पिटाई की थी, जिसकी वजह से परवीन की मौत हो गई थी। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अदालत पहले ही अन्य हत्यारोपित अर्जुन रावत, बॉबी अंसारी पुत्र शमशाद हुसैन व अभिषेक चंद्रा पुत्र सुभाष चंद्रा की जमानत अर्जी भी खारिज कर चुकी है। जबकि नशा मुक्ति केंद्र के संचालक राजीव जोशी को निचली अदालत से ही जमानत मिल चुकी है।

यह भी पढ़ें : नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक के हत्यारोपित को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 नवम्बर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गत 2 नवंबर को हल्द्वानी के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक परवीन टम्टा की मौत के मामले में एक हत्यारोपित अर्जुन रावत पुत्र मोहन सिंह निवासी सालभरी विहार की जमानत अर्जी खारिज कर दी। वहीं एक अन्य आरोपित बॉबी अंसारी पुत्र शमशाद हुसैन निवासी इंद्रा कॉलोनी काठगोदाम ने भी जमानत अर्जी लगाई थी, परंतु उसके अधिवक्ता के उपस्थित न होने के कारण जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हो पाई। गौरतलब है कि इस मामले में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक राजीव जोशी को पूर्व में निचली अदालत से जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने उनका साक्ष्य छिपाने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 201 व 202 के तहत चालान किया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने मामले में आरोपित अर्जुन रावत की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि मृतक के पिता की तहरीर तथा विवेचना के दौरान चश्मदीदों के द्वारा दिये गए के अनुसार अर्जुन, बॉबी, पीयूष, अभय, अभिषेक व निखिल ने परवीन को पीलर से बांधकर उसकी डंडों से पिटाई की। उनसे हत्या में प्रयुक्त डंडे भी बरामद हुए। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 03 दिसम्बर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने अभियोजन पक्ष की मजबूत दलीलों के आधार पर रामनगर में गत 14 अगस्त को सड़क चलते हुए एक व्यक्ति के एक हत्यारोपित मुकेश अवस्थी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। अदालत इस मामले में पहले गत 25 नवंबर को दो अन्य हत्यारापितों-मुकेश राणा पुत्र अमर सिंह राणा निवासी चोरपानी रामनगर व व राकेश नौटियाल पुत्र रुद्री प्रसाद निवासी कठियापुल रोड रामनगर की जमानत अर्जी को भी खारिज कर चुकी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 323, 504 व 34 के आरोपित मुकेश अवस्थी की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि आरोपितों व एक अन्य सह आरोपी मुकेश अवस्थी के खिलाफ थाना रामनगर में मोहन सिंह पुत्र गुरमेल चंद्र निवासी उदयपुरी बंदोबस्ती पीरूमदारा द्वारा 14 अगस्त 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है कि उन्होंने रात्रि साढ़े 10 बजे रिपोर्टकर्ता के साले अमनदीप पुत्र प्रेम चंद्र निवासी लोकमानपुर चोपड़ा को धारदार हथियार से वार कर तब मार दिया जब वह सड़क पर अपने दोस्त के साथ बात कर रहा था। स्थानीय लोग किसी तरह उसे आरोपितों के चंगुल से छुड़ाकर रामनगर के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में आरोपित मुकेश राणा अपना जुर्म कबूल भी कर चुका है और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद हो चुकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक को सात चोटें लगी हुई मिलीं। इन दलीलों पर अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 25 नवम्बर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने अभियोजन पक्ष की मजबूत दलीलों के आधार पर दो हत्यारापितों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 323, 504 व 34 के दो आरोपित मुकेश राणा पुत्र अमर सिंह राणा निवासी चोरपानी रामनगर व व राकेश नौटियाल पुत्र रुद्री प्रसाद निवासी कठियापुल रोड रामनगर की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि आरोपितों व एक अन्य सह आरोपी मुकेश अवस्थी के खिलाफ थाना रामनगर में मोहन सिंह पुत्र गुरमेल चंद्र निवासी उदयपुरी बंदोबस्ती पीरूमदारा द्वारा 14 अगस्त 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है कि उन्होंने रात्रि साढ़े 10 बजे रिपोर्टकर्ता के साले अमनदीप पुत्र प्रेम चंद्र निवासी लोकमानपुर चोपड़ा को धारदार हथियार से वार कर तब मार दिया जब वह सड़क पर अपने दोस्त के साथ बात कर रहा था। स्थानीय लोग किसी तरह उसे आरोपितों के चंगुल से छुड़ाकर रामनगर के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में आरोपित मुकेश राणा अपना जुर्म कबूल भी कर चुका है और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद हो चुकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक को सात चोटें लगी हुई मिलीं। इन दलीलों पर अदालत ने आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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-नैनीताल जनपद का अपनी तरह का पहला मामला, 80.37 किलोग्राम गांजे की बरामदगी के मामले में विवेचना व पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने पर न्यायालय ने की कार्रवाई
नवीन समाचार, नैनीताल, 01 दिसम्बर 2020। नैनीताल जनपद के विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह की अदालत ने विवेचना में लापरवाही बरतने के आरोप में कालाढुंगी के थानाध्यक्ष दिनेश कुमार महंत व रामनगर के क्षेत्राधिकारी पंकज गैरोला की कार्य प्रणाली व आपत्ति करते हुए उनकी विवेचना को संदिग्ध माना है। न्यायालय ने महंत के खिलाफ नैनीताल जनपद के एसएसपी से और क्षेत्राधिकारी पंकज गैरोला के खिलाफ राज्य के गृह विभाग से कार्रवाई करने को कहा है। इस प्रकार विवेचक एवं सीओ के खिलाफ स्ट्रक्चर पास करने के लिए मामले को नैनीताल जनपद का अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है।
मामले के अनुसार 19 जनवरी 2020 को रामनगर के थाना प्रभारी रवि कुमार सैनी व अन्य पुलिस कर्मियों के द्वारा परवेज पुत्र अब्दुल रहमान निवासी प्राइमरी स्कूल के पास रामनगर को कार संख्या डीएल8सीएडी-4173 में 80 किलोग्राम 370 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यह गांजा जगत सिंह निवासी सरायखेत सौफखाल सल्ट से खरीद कर लाया है। इस मामले में न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि विवेचनाधिकारी दिनेश कुमार महंत ने जगत सिंह से संबंधित विवेचना खानापूरी कर मात्र 6 घंटे में पूरी कर दी। इस प्रकार विवेचना पूर्ण रूप से संदिग्ध है। आदेश के अनुसार पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज गैरोला के द्वारा उच्च स्तर का अधिकारी होने के बावजूद इस मामले के पर्यवेक्षण में पूरी तरह उपेक्षा बरती गई है। जबकि उन्हें देखना चाहिए था कि आरोपित द्वारा दिए गए नाम-पते व टेलीफोन नंबर सही हैं। विवेचक ने पूर्व में परवेज के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/10 के तहत आरोप पत्र पेश कर दिया था, परंतु जगत सिंह के बारे में सूचना दी गई कि उसके विरुद्ध विवेचना जारी है। जबकि बाद में जगत सिंह के खिलाफ कोई साक्ष्य न पाने पर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी। आदेश में कहा गया है कि आरोपितों का अपराध समाज के खिलाफ अपराध है। नाम, पते बताने के बावजूद साक्ष्यों की ठीक से विवेचना नहीं की गई। लिहाजा विवेचक मामले की पुनः अग्रेत्तर विवेचना करें, तथा एसएसपी विवेचक के खिलाफ कार्रवाई करें। वहीं क्षेत्राधिकारी पंकज गैरोला के खिलाफ गृह विभाग उत्तराखंड शासन उचित कार्रवाई करें। आदेश की प्रति एसएसपी नैनीताल व जिला शासकीय अधिवक्ता को भी भेजी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने सर्वश्रेष्ठ विवेचक के रूप में एक माह पूर्व ही किया था पुरस्कार
नैनीताल। कालाढुंगी के थानाध्यक्ष के खिलाफ आज न्यायालय ने जांच में लापरवाही को लेकर ‘स्ट्रक्चर पास’ किया है। वहीं उल्लेखनीय है गत 31 अक्टूबर को कालाढुंगी के थानाध्यक्ष दिनेश कुमार महंत राजधानी में एकता दिवस परेड के दिन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों 10 हजार रुपए के प्रथम पुरस्कार से सम्मानित हुए थे। उन्हें यह पुरस्कार उनके द्वारा रामनगर रोड पर बैलपोखरा क्षेत्र में मिली महिला की जली लाश के वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर पहचान करने के साथ ही हत्यारोपित पति व दोस्त को गिरफ्तार करने की जांच को प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ जांच मानते हुए दिया गया था।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 नवम्बर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने मालिक के करीब 3.18 लाख रुपए लेकर फरार हुए वाहन चालक की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित राजीव गुप्ता पुत्र रामू गुप्ता निवासी मोहल्ला घसियान टनकपुर जिला चंपावत की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि वह रिपोर्टकर्ता विवेक कुमार अग्रवाल पुत्र वेद प्रकाश अग्रवाल निवासी हिमालय फार्म रामपुर रोड हल्द्वानी की दूध की गाड़ी का चालक था। घटना के दिन वह अपने मालिक के 3.18 लाख रुपए से अधिक लेकर गायब हो गया था। बाद में उससे पुलिस ने 3.16 लाख रुपए से अधिक गबन करने की बात स्वीकारी और उसके कब्जे से 1.19 लाख रुपए बरामद हुए तथा शेष धनराशि से उसने स्कूटी व मोबाइल आदि खरीद लिए। इस आधार पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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-वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन का मामला, बाद में मिल गई जमानत भी
नवीन समाचार, रुद्रप्रयाग, 10 नवम्बर 2020। उत्तराखंड में साल 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में प्रदेश के वर्तमान वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत को मंगलवार को आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में रुद्रप्रयाग जिला न्यायालय ने तीन महीने की जेल और एक हजार रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। निर्णय सुनाते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट शहजाद अहमद वाहिद ने भारतीय दंड संहिता की धारा 143 के तहत वन मंत्री को दोषी पाया। अलबत्ता, बाद में वन मंत्री डा. रावत को मौके पर जमानत भी दे दी गई। वहीं अन्य आरोपियों को धारा 147 (विधि विरुद्ध अपराध) और 353 (सरकारी कामकाज में बाधा) के मामले में दोषमुक्त कर दिया।
विदित हो कि वर्ष 2012 में कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने रुद्रप्रयाग विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। तब उन पर आचार संहिता का उल्लंघन और प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप लगा था। मामले में उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसकी विवेचना के बाद मामला कोर्ट में पहुंचा था। लंबे समय से मामले की सुनवाई चल रही थी। उच्च न्यायालय नैनीताल के विशेष निर्देश (जिसमें सांसद-विधायक पर दर्ज मामलों की त्वरित सुनवाई व निर्णय देने की बात कही गई थी) के तहत मामले में कार्रवाई पूरी की गई। इस वर्ष सात फरवरी को सुनवाई के दौरान सीजीएम ने डा. रावत को एक घंटे तक कठघरे में खड़ा भी रखा था। वे, अपनी सुनवाई तिथि पर नियमित कोर्ट में पेश हो रहे थे।

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-जमानत अर्जी खारिज की
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 नवम्बर 2020। गत 13 व 14 अक्टूबर को जनपद के रामनगर में गौ हत्यारों ने जंगल में चरने गई ग्राम पुछड़ी नई बस्ती रामनगर निवासियों की दो गायों व एक बैल को कोसी नदी के पास काट डाला था। इस मामले में ग्राम पुछड़ी नई बस्ती रामनगर निवासी भगवती देवी पत्नी सुरेंद्र सिंह निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र दयाल सिंह व प्रताप सिंह पुत्र गणेश सिंह ने रामनगर थाने में अज्ञातों के विरुद्ध अलग-अलग मामले दर्ज कराए थे। मामले में सूचना पर पुलिस ने इन गौवंशीय पशुओं के कटे अंश कोसी नदी के पास बरामद किए और यहीं पास से तीन लोगों आसिफ उर्फ कलुवा पुत्र छोटे निवासी जनपद मुरादाबाद यूपी व ऊंट पड़ाव रामनगर निवासी सलमान उर्फ रईश व अरमान पुत्र रईश को गौमांश के साथ 15 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। तब से जेल में बंद इन लोगों में से सलमान की ओर से न्यायालय में लगाई गई जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि आरोपित एक बैल व तीन गाय काट चुके थे, उनसे गौमांस के अवशेष टुकड़े भी बरामद हुए। इस आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 2 नवम्बर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने 42.31 लाख रुपए के गबन के एक आरोपित, विद्युत वितरण खंड लालकुआं के अवर अभियंता भुवन चंद्र भट्ट की जमानत अर्जी खारिज कर दी। भट्ट पर आरोप है कि उसने अप्रैल 2019 से जुलाई 2019 तक के लेखे व दो एसएम रजिस्टर खंड कार्यालय में जमा नहीं कराए। उनके खिलाफ हुई जांच में उनके पास 42.31 लाख रुपए से अधिक की अवशेष सामग्री पाई गई और 31 मई 2020 को थाना लालकुआं में 42.31 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई। हालांकि बाद में उन्होंने कुछ धनराशि जमा करा दी। फिर भी उन पर 6.77 लाख रुपए से अधिक की धनराशि शेष है।
तब से जेल में बंद भट्ट की सोमवार को जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने अदालत को बताया कि अधिशासी अभियंता सहित कई गवाहों से आरोपित के खिलाफ विभागीय जांच में बयान दिए हैं। इस पर अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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-मुकदमे से नाम हटाने के लिए थानेदार को पांच लाख की रिश्वत देने के मामले में मिली सजा, 10 हजार का जुर्माना भी भुगतना होगा
नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अक्टूबर 2020।  विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण एवंजिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने तीन लोगों को बृहस्पतिवार को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। दोषियों को अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी होगी। सजा सुनाने के बाद तीनों दोषियों को न्यायिक हिरासत में लेकर सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए अदालत को बताया कि 13 सितंबर 2015 को तीनों थाना दिनेशपुर जिला ऊधमसिंह नगर में थाना प्रभारी रजत कसाना को एक मामले में अभियुक्त के तौर पर प्रकाश में आए रवींद्र नाम के व्यक्ति को बचाने व उसका नाम हटाने के ऐवज में तीन लोग-राधेश्याम पुत्र रमाकांत निवासी रेल विहार ग्रेटर नोएडा, रविशंकर मिश्रा पुत्र जितेंद्र निवासी पारसनाथ ग्रेटर नोएडा व मोहन द्विवेदी पुत्र सुरेंद्र निवासी बीटा प्रथम ग्रेटर नोएडा उन्हें जबर्दस्ती पांच लाख रुपए देना चाह रहे थे। रवींद्र राधेश्याम का भाई था। इस पर थाना प्रभारी ने उन्हें थाने से ही हिरासत में लिया। बाजपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी राजीव मोहन की उपस्थिति में उनकी तलाशी में उनसे पांच लाख रुपए बरामद भी हुए। मामले में डीजीसी शर्मा ने अदालत में कुल सात गवाह पेश किए और यह तर्क भी रखा कि दोषियों ने एक ईमानदार छवि के पुलिस अधिकारी को पांच लाख रुपए की रिश्वत देने की गंभीर घटना कारित की। उनसे रिश्वत के लिए लाए गए नोट भी बरामद हुए। अदालत में सुनवाई के दौरान एक गवाह पक्षद्रोही भी साबित हुआ। फिर भी अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी से दोषियों को सजा मिल पाई।

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-न्यायालय ने खारिज की आरोपित जीजा की जमानत अर्जी
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अक्टूबर 2020। जी हां, एक चार बच्चों की मां से उसका सगा कलयुगी जीजा बलात्कार करता था, और सगी दीदी पति का साथ देती थी। दोनों दीदी-जीजा विवाहिता का पति से तलाक कराने की धमकी देते थे। किसी तरह पीड़िता ने अपने पति को पूरी जानकारी देकर अपने जीजा व बहन के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट कराई। मजबूर होकर जीजा ने न्यायालय में आत्म समर्पण किया। लेकिन जल्द ही न्यायालय में जमानत का प्रार्थना पत्र भी दे दिया। अब न्यायालय ने आरोपित जीजा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
बुधवार को आरोपित जीजा हाफिज पुत्र सद्दीक हुसैन निवासी इंद्रा नगर वार्ड 14, बरसाती नाला बनभूलपुरा की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत को बताया कि काबुल का बगीचा इंद्रा नगर वनभूलपुरा निवासी पीड़िता की शादी मुस्लिम रीति-रिवाज से 12 वर्ष पूर्व हुआ था। उसके अपने पति से दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। पीड़िता अक्सर अपनी बहन के पास रहने जाती थी। लगभग 6 माह पूर्व एक दिन बहन की अनुपस्थिति में जीजा ने उससे जबर्दस्ती बलात्कार कर दिया और वीडियो बना ली। साथ ही वीडियो वायरल करने व बहन को तलाक देने की धमकी देकर किसी को न बताने को कहा। यह बात पीड़िता ने अपनी दीदी को बताई तो उसने भी अपने पति द्वारा तलाक दे दिए जाने का भय दिखाते हुए किसी को न बताने का कहा और उधर जीजा बार-बार दीदी के जरिए उसे बुलाकर बलात्कार करता रहता था। हद हो जाने पर पीड़िता ने अपने पति को पूरी बात बताई तो दीदी-जीजा उसके पति से उसका तलाक कराने की धमकी देने लगे। इस मामले में गत 5 अक्टूबर को आरोपित हाफिज ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। मामले में पीड़िता के साथ ही उसकी दीदी की गवाही में आरोपों की पुष्टि होने पर अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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-पति की जमानत अर्जी खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अक्टूबर 2020। जनपद के अपर सत्र न्यायाधीश एवं प्रभारी जिला जज विनोद कुमार की अदालत ने बेटा पैदा न करने का ताना देते हुए पत्नी को जान से मारने की कोशिश करने एवं तमंचे व चाकू की नोक पर अप्राकृतिक तरीके से दुष्कर्म करने के एक कलयुगी पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
मामले में आरोपित मनिंदर सिंह पुत्र गुरबख्श सिंह निवासी भवानीगंज रामनगर की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि आरोपित की शादी 11 मई 2014 को पवनदीप कौर से हुई थी। विवाह के उपरांत उनकी दो लड़कियां पैदा हुईं। आरोपित शादी के बाद से पत्नी को दहेज के लिए परेशान तथा शराब पीकर गाली गलौच व अभद्र भाषा का प्रयोग कर पिटाई करता था तथा अप्राकृतिक तरीके से संबंध बनाने के लिए गले में चाकू व तमंचा रख देता था। 19 मार्च 2016 को इस कार्य के लिए उसने माफी भी मांगी थी। इधर गत 26 अगस्त 2020 को उसे मारपीट करते हुए पत्नी को लड़का पैदा न कहने की बात कहते हुए घर से निकाल दिया और 10 लाख रुपए ही लेकर घर लौटने को कहा। वह पत्नी से अप्राकृतिक तरीके से जबरन संबंध बनाता और मारपीट करता था। इस पर 28 अगस्त को उसके खिलाफ पत्नी की तहरीर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504, 506, 498ए व 377 एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अक्टूबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने हल्द्वानी में पुलिस कर्मियों से मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने व जान से मारने के दो आरोपितों-कमल चिलवाल व कुंवर सिंह की जमानत अर्जी खारित कर दी। इस मामले में अदालत अन्य दो आरोपितों की जमानत अर्जी पहले ही गत 19 अक्टूबर को खारिज कर चुकी है।
मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित आरोपित चेतन सिंह व दीपक चौसाली की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि गौलापार के कुंवरपुर निवासी चेतन सिंह सम्मल पुत्र गोपाल सिंह, नयागांव सम्मल निवासी दीपक चौसाली पुत्र तारा दत्त चौसाली, विजयपुर निवासी कमल चिलवाल पुत्र महेंद्र सिंह व कुंवरपुर नयागांव निवासी कुंवर सिंह पुत्र त्रिलोक सिंह गत सात अक्टूबर को तिकानिया से जाने वाली बरसाती नहर पर आपस में शराब पीकर लड़-झगड़ रहे थे। शिकायतकर्ता पुलिस कर्मी दिनेश चौहान व अन्य पुलिस कर्मियों ने उन्हें टोका तो वह स्वयं को गौलापार के जाने-माने बदमाश बताते हुए हमलावर हो गए और मारपीट की। इससे एक पुलिस कर्मी आजम हुसैन को को दांये हाथ व पीठ पर चोटें भी आईं। मेडिकल में उनके शराब पिये होने की पुष्टि भी हुई।

8 लाख से अधिक के अवैध लीसे के साथ गिरफ्तार दो लोगों को नहीं मिली जमानत
नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अक्टूबर 2020। प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी भानु प्रकाश हरबोला ने गत आठ सितंबर को चालक, परिचालक सहित तीन लोगों को अवैध लीसे से भरे ट्रक के साथ पकड़ा था। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दो आरोपितों-संतोष नेगी पुत्र कुंदन सिंह नेगी निवासी ग्राम टानाभौरी पोस्ट रनमन जिला सोमेश्वर व विनोद बेलवाल पुत्र पद्मा दत्त निवासी ग्राम मछलिया जिला अल्मोड़ा की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपितों को वन विभाग की टीम ने हनुमानगढ़ी बैरियर काठगोदाम में ट्रक संख्या यूके04सीए-4735 को रुकने को कहने के बावजूद न रोकने पर गौलापार में कालीचौड़ के पास से गिरफ्तार किया गया था। ट्रक में लीसे के 720 भरे हुए टिन बरामद हुए, जिनकी कीमत 8 लाख रुपए से अधिक बताई गई।

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-जिला न्यायालय से आरोपितों को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अक्टूबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने हल्द्वानी में पुलिस कर्मियों से मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने व जान से मारने के आरोपी की जमानत अर्जी खारित कर दी। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित आरोपित चेतन सिंह व दीपक चौसाली की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि गौलापार के कुंवरपुर निवासी चेतन सिंह सम्मल पुत्र गोपाल सिंह, नयागांव सम्मल निवासी दीपक चौसाली पुत्र तारा दत्त चौसाली, विजयपुर निवासी कमल चिलवाल पुत्र महेंद्र सिंह व कुंवरपुर नयागांव निवासी कुंवर सिंह पुत्र त्रिलोक सिंह गत सात अक्टूबर को तिकानिया से जाने वाली बरसाती नहर पर आपस में शराब पीकर लड़-झगड़ रहे थे। शिकायतकर्ता पुलिस कर्मी दिनेश चौहान व अन्य पुलिस कर्मियों ने उन्हें टोका तो वह स्वयं को गौलापार के जाने-माने बदमाश बताते हुए हमलावर हो गए और मारपीट की। इससे एक पुलिस कर्मी आजम हुसैन को को दांये हाथ व पीठ पर चोटें भी आईं। मेडिकल में उनके शराब पिये होने की पुष्टि भी हुई।

यह भी पढ़ें : मारपीट के आरोपी की कुर्की के बाद हो पाई थी गिरफ्तारी, अब अदालत ने खारिज की जमानत अर्जी

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2020। गत 21 फरवरी को थाना रामनगर के अंतर्गत खनन के कार्य में लगे प्रभदीप सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निवासी ग्राम इटवा बाजपुर जिला ऊधमसिंह नगर के साथ इंदल कुमार पुत्र रघुवीर निवासी गजरौला बाजपुर, जयप्रकाश पुत्र रामानंद, मोहित पुत्र महेंद्र व शिवम राजपुर तथा अन्य लोगों ने मारपीट की थी। घटना में प्रभदीप को काफी गंभीर चोटें आई थीं और उसे निजी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। मामले मुख्य आरोपित इंदल कुमार को कुर्की के उपरांत गत 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने विरोध करते हुए नौ गवाह पेश करते हुए उसके कृत्य की गंभीरता बताई। इस पर जिला एवं न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

यह भी पढ़ें : जिला न्यायालय में पांच अक्टूबर से शुरू होगी भौतिक सुनवाई होगी

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 अक्टूबर 2020। न्यायालयों में पूर्व की तरह भौतिक रूप से मामलों की चरणबद्ध तरीके से सुनवाई आगामी पांच अक्टूबर से प्रारंभ होने जा रही है। जिला-सिविल न्यायालय नैनीताल में पांच अक्टूबर से नियमित सुनवाई प्रारंभ हो जाएगी। इस हेतु जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने अधिवक्ताओं से अपने आवेदनों व दस्तावेजों को न्यायालय के ‘ड्रॉप बॉक्स’ में छोड़ने की अपील की गई है। दोपहर एक बजे तक छोड़े गए कागजात पर अगले कार्य दिवस को सुनवाई होगी। अलबत्ता यदि कोई अधिवक्ता मौजूदा वर्चुअल यानी आभासी तरीके से सुनवाई करना चाहेंगे तो उनके मामलों की सुनवाई आभासी तरीके से भी हो सकेगी। इस बारे में न्यायाधीशों से सभी तरह की ऐहतियात बरतने को कहा गया है, साथ ही साफ किया गया है कि जरूरत पड़ने पर ही वादकारियों को अदालत में उपस्थित होने को कहा जाएगा।

यह भी पढ़ें : गौकशी कर गौ मांस बेचने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गौकशी कर गौमांश बेचते हुए गिरफ्तार किए गए आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शुक्रवार को आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मुस्तफा एवं उसके भाई व बहनोई सरफराज व जाहिद को गत 13 अगस्त को अत्यधिक मात्रा में गौ मांस व गौकशी मंे प्रयुक्त हथियार, तौलने के बांट, तराजू आदि के साथ मौके से गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ पूर्व में भी उत्तर प्रदेश गौ वंश अधिनियम के तहत पकड़े गए थे। उनके खिलाफ गिरोह बंद अधिनियम में भी कार्रवाई चल रही है।

यह भी पढ़ें : अग्रिम जमानत के नये प्राविधान के बावजूद जिला न्यायालय ने खारिज की आरोपितों की अर्जी, अपनी तरह का पहला मामला

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दहेज हत्या से संबंधित मामले में गत अगस्त माह से राज्य में लागू हुए नये प्राविधानों के तहत आरोपित को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। यह नया कानून आने के बाद अग्रिम जमानत खारिज होने का अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है। हालांकि गत दिनों जनपद के लालकुआं थाना क्षेत्र में करीब एक करोड़ रुपए की जमीन की धोखाधड़ी के मामले में भी जिला न्यायालय से आरोपित की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।
मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने मृतका के सास व ससुर की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि गंभीर अपराध में, जबकि आरोपित के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है, अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती है। उन्होंने न्यायालय को बताया कि मृतका रिचु पुत्री दीवान सिंह बोरा निवासी राम मंदिर गणाई गंगोली बेरीनाग की शादी एक मई 2019 को कृपाल सिंह निवासी हल्द्वानी के साथ की थी। शादी में कम दहेज मिलने से कृपाल सिंह, उसके पिता भगवान सिंह व मां मोहनी देवी संतुष्ट नहीं थे और रिचु को ताने देते और उत्पीड़न करते रहते थे। इधर उन्होंने ट्रक लेने के लिए 10 लाख रुपए की मांग भी की थी। इधर जून 2019 में रिचु द्वारा पुत्री को जन्म देने के बाद उत्पीड़न और बढ़ गया था। इधर 13 मई को उन्हें किसी अन्य से पुत्री का स्वास्थ्य अत्यधिक खराब होने और 14 मई को अस्पताल में मृत्यु की सूचना मिली। घटना के दो-तीन दिन पहले भी वह घर आकर दहेज न देने पर धमकी दे गए थे। लिहाजा अभियोग की प्रकृति व गंभीरता को देखते हुए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके साथ आरोपितों की गिरफ्तारी की राह भी आसान हो गई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दो दिन के भीतर चोरी की दो घटनाओं को अंजाम देने वाले चोरों पर कोई मुरौबत नहीं की और जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में शुक्रवार को जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि गत 23 जुलाई को रामनगर के निकट पदमपुर डोलिया गैबुआ बैलपड़ाव स्थित ग्रेट वालिया पुत्र महर सिंह वालिया के फार्म हाउस से एसी, पानी की मोटर, एयर गन व पंखा तथा 24 जुलाई को खेमपुर गैबुआ स्थित कमलेश हर्बोला के आरबीएम खनन सामग्री के कार्यालय सेएसी, इन्वर्टर, गैस का सिलेंडर, पंखे, पांच कुर्सियां व अन्य सामान चोरी चले गए थे। 25 जुलाई को आरोपित सतपाल सिंह पुत्र काबुल सिंह निवासी पलापनी बैलपड़ाव व गुरुप्रीत सिंह उर्फ गोपी सरपंच पुत्र मेजर सिंह निवासी बंदरजूड़ा बैलपड़ाव की मोटरसाइकिलों से बैटरा, पानी की मोटर आदि बरामद हुए थे। पूछताछ मंे उन्होंने कुलदीप सिंह पुत्र श्रवण सिंह निवासी बन्नाखेड़ा बाजपुर के साथ मिलकर दोनों चोरियों में संलिप्तता स्वीकारी एवं चोरी के सामान की जानकारी भी दी। उनकी निशानदेही पर चोरी की सामग्री बरामद की गईं। इस मामले में अदालत पहले ही गत एक सितंबर को कुलदीप सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर चुकी थी। आज अदालत ने सतपाल सिंह की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : ई-लोक अदालत में सवा करोड़ से अधिक रुपए के 152 मामले निस्तारित

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 सितंबर 2020। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला मुख्यालय नैनीताल तथा रामनगर व हल्द्वानी स्थित बाह्य न्यायालयों में ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 152 मामले तय कर एक करोड़ 29 लाख, 38 लाख 402 रुपए के समझौते कराए गए।
प्राधिकरण के सचिव सिविल जज-सीनियर डिवीजन इमरान मौहम्मद खान ने बताया कि इस दौरान प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे तथा अधिवक्ता प्रदीप परगाई ने 15 वादों का निस्तारण कर 58.74 लाख, परिवार न्यायाधीश ब्रिजेंद्र सिंह व अधिवक्ता राजेंद्र बोरा ने 6 वादों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार आर्या व सुभाष जोशी ने 27 मामलों का निस्तारण कर 10.74 लाख, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार व धर्मेंद्र कुमार ने 5 वादों का निस्तारण कर 9.94 लाख, पंकज तोमर व योगिता बिष्ट ने 7 वादों, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी व मुकेश थुवाल ने 28 वादों का निस्तारण कर 1.14 लाख, न्यायिक मजिस्ट्रेट शमा परवीन व ललित कुमार मेर ने 22 पादों वा निस्तारण कर 34.9 लाख, सिविल जल सीनियर डिवीजन रामनगर व दीनू नेती ने 27 वादों का निस्तारण कर 14.1 लाख रुपए के वादों का निस्तारण किया।

यह भी पढ़ें : विवाह पूर्व संबंधों के बाद पेड़ पर लटकी मिली युवती की हत्या के आरोपी तथा गौकशी के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने फंदे पर लटकी मिली युवती की हत्या के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत गिरफ्तार ग्राम प्रधान के भाई की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
बृहस्पतिवार को आरोपित विपिन चंद्र की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि आरोपित पर 25 जुलाई को घर से करीब एक किमी दूर एक पेड़ से चुनरी से लटकी मिली कुमारी राजयंती पुत्री स्वर्गीय लीला राम निवासी ग्राम भुमका पट्टी नाई जिला नैनीताल की हत्या का आरोप है। मृतका के शिकायत भाई के अनुसार आरोपित उसकी बहन से लंबे समय से शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाये हुए था। जबकि आरोपित की मां ने कहा था कि वह किसी भी कीमत में उनकी शादी नहीं होने देगी। इधर घटना के दौरान मृतका आरोपित पर शादी करने का दबाव डाल रही थी। इस पर उसकी हत्या कर शव पेड़ से हटका दिया गया, हालांकि पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण ‘डेथ ड्यू टु एसपीक्सिया एस रिजल्ट ऑफ एंटीमार्टम हैंगिंग’ पाया गया। यानी मृत्यु का कारण दम घुंटना बताया गया और मृतका के पांच जमीन में लगे हुए थे। मृतका को अंतिम बार आरोपित के साथ देखा गया था और आरोपित ने भी मृतका के साथ होने की बात स्वीकारी है। मामले में अभियोजन पक्ष ने चार गवाह भी पेश किये, इनके आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपित ग्राम प्रधान भुमका का भाई भी बताया गया।

गौकशी के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 सितंबर 2020। गत 13 अगस्त को हल्द्वानी के लाइन नंबर 17 तिराहा वनभूलपुरा में पुलिस द्वारा चार लोगों को स्लॉटर हाउस की आढ़ में गौकसी करने व मांस को दुकान पर बेचने की सूचना पर चार लोगों को पकड़ा था। उनके पास से एक कंुटल प्रतिबंधित मांस एवं गौकसी में प्रयुक्त चापड़, कुल्हाड़ी, छुरी, तराजू आदि भी बरामद हुए थे।
बृहस्पतिवार को आरोपितों में से मुस्तफा पुत्र सलीम निवासी वार्ड नंबर 21 इंद्रानगर वनभूलपुरा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में जमानत के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से सुनवाई का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित ने हिंदू धर्म की आस्था गाय की हत्या की। इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था। इस पर अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : बच्चा न होने पर पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति व गाय के खेत चरने का विरोध करने पर गला काटने वाले हत्यारे को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने बच्चा न होने पर पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मंगलवार को आरोपित पति की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मामले में मृतका ललिता नेगी ने मृत्यु पूर्व अपने मायके वालों को बताया था, तथा आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट में भी लिखा था कि उसका पति त्रिभुवन नेगी उसे बच्चा न होने के कारण प्रताणित व आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया था। वह पति की प्रताड़ना से परेशान होकर मायके आ गई थी और पति द्वारा प्रताणित न करने के लिखित राजीनामे पर ही ससुराल गई थी। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

गाय के खेत चरने का विरोध करने पर कर दी थी हत्या, दूसरी बार भी जमानत अर्जी खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 08 सितंबर 2020। बीती 5 जून 2020 को दिन में हल्द्वानी के थाना मुखानी क्षेत्रांतर्गत बलूटिया फार्म में गाय के खेत चरने का विरोध करने पर गौ स्वामी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने मंगलवार को दूसरी बार भी आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
हत्यारोपित राजेंद्र सिंह पुत्र जीत सिंह निवासी कृष्णा विहार मल्ली बमौरी हल्द्वानी की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि पांच जून की सुबह आरोपित की गाय शिकायतकता्र इंद्रा मौर्य पत्नी स्वर्गीय कृष्णपाल मौर्य का खेत चर रही थी। इस पर इंद्रा व कृष्णपाल ने इसका विरोध किया तो आरोपित ने रात्रि में आकर कृष्णपाल सिंह पर पाटल से हमला किया। इससे कृष्णपाल का दांया हाथ व गर्दन कट गई थी और उसकी मृत्यु हो गई। डीजीसी शर्मा ने कहा कि मामले में तीन गवाह गवाही दे चुके हैं। इसलिए उसे जमानत देरे का कोई आधार नहीं पाते हुए न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : अवैध खनन व वनाधिकारी को कुचलने का प्रयास करने के आरोपित सहित दो की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 01 सितंबर 2020। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं प्रभारी जिला जज विनोद कुमार की अदालत ने रामनगर में गत 16 जुलाई को अवैध खनन करते हुए पकड़े जाने पर उप प्रभागीय वनाधिकारी को खनन वाहन से कुचलने का प्रयास करने वाले रामनगर निवासी आरोपित आनंद सिंह मनराल पुत्र गोपाल मनराल, सोनू मनराल पुत्र गोविंद मनराल की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने उनकी जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित गिरोह बनाकर मौके पर पहुंचे थे और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मारपीट व गाली गलौच कर घटना में प्रयुक्त डम्फर वाहन को छीनकर अपने साथ ले गए थे। उनका आपराधिक इतिहास भी रहा है।

चोरी के आरोपित को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं प्रभारी जिला जज विनोद कुमार की अदालत ने मंगलवार को कुलदीप सिंह पुत्र श्रवण सिंह निवासी ग्राम ईटवा बन्नाखेड़ा बाजपुर का जमानत प्रार्थना पत्र अपराध को गंभीर पाते हुए खारिज कर दिया। इस मामले में जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि आरोपितों ने अपने साथ गुरुप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र मेजर सिंह निवासी बंदरजूड़ा कालाढूंगी व सतपाल सिंह उर्फ सत्ता पुत्र काबुल सिंह निवासी पत्तापानी कालाढुंगी के साथ जितेंद्र कुमार पत्र लक्ष्मण दास निवासी विजयपुर धमोला सहित दो स्थानों में चोरी की थी। 24 जुलाई की सुबह हुए उनके कार्यालय से चोरी के खुलासे में एसी, इन्वर्टर, गैस सिलेंडर, पंखे, कुर्सियां व अन्य सामान चोरी किया था।

यह भी पढ़ें : 12 लाख रुपए देकर एक करोड़ में फर्जी तरह से जमीन बेचने वाले गिरोह के सदस्य को नहीं मिली जमानत…

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने शुक्रवार को 12 लाख रुपए देकर एक करोड़ में फर्जी तरह से जमीन बेचने वाले गिरोह के एक सदस्य को भी जमानत नहीं दी। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने शुक्रवार को न्यायालय को बताया कि पीड़ित दरबान सिंह परिहार पुत्र जयंत सिंह परिहार निवासी फरीदाबाद की कुसुमखेड़ा हल्द्वानी स्थित एक बीघे से कुछ अधिक जमीन का अक्टूबर 2019 में शिव सिंह नयाल पुत्र जगत सिंह निवासी पॉलीशीट ने खरीदने का इकरारनामा किया व दो अलग-अलग खातों से 12 लाख रुपए दिए। लेकिन तभी उसे पता चला कि उसकी जगह ग्राम क्यारी रामनगर निवासी जरनैल सिंह को उसकी जगह फर्जी दरबान सिंह बनाकर वह जमीन फूलचौड़ निवासी मोहन सिंह को एक करोड़ रुपए से भी अधिक में बेच दी है। यह भी पता चला कि आरोपित गिरोज बनाकर जालसाजी व धोखाधड़ी से दूसरों की जमीन हड़पने का काम करते हैं। इस मामले में कुल 6 आरोपितों में से जरनैल सिंह ने अदालत में जमानत की अर्जी दी थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।

यह भी पढ़ें : पिता द्वारा बेची जमीन वापस लेने को फायर झोंकने वाले व्यक्ति की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने शुक्रवार को पिता द्वारा बेची गई जमीन को फायर झोंककर वापस जबरन लेने का दबाव बनाने वाले आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने शुक्रवार को न्यायालय को बताया कि आरोपित योगेंद्र सिंह निवासी गुलजारपुर बंकी व उसके साथी ने पीड़ित डुंगर देव पाठक पुत्र जय दत्त पाठक निवासी बची नगर लामाचौड़ पर दो बार फायर झोंके। पीड़ित ने यह जमीन वर्ष 2017 में आरोपित के पिता से खरीदी थी और आरोपित ने इस जमीन को वापस लेने के लिए दबाव बनाने के लिए गत एक जुलाई की सुबह पीड़ित पर दो फायर झोंके, जिसके छर्रे पीड़ित की बांयी अंगुली और पेट में दांयी ओर लगे। इस मामले में उसके साथी आनंद राम की जमान अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। अदालत ने आज योगेंद्र की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : संपत्ति विवाद में लगाए थे महिला ने युवक पर छेड़खानी के आरोप ! आरोपित को मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2020। इसी माह चार अगस्त को नगर के तल्लीताल निवासी महिला पड़ोस में रहने वाले मृदुल नेगी उर्फ रिंकू पर पिछली यानी तीन अगस्त की रात्रि एक बड़े उसके बेटे के नाम दरवाजा खुलवाने और घर में घुसकर हाथ मरोड़ने तथा छेड़खानी व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था। इस मामले में तल्लीताल पुलिस ने आरोपित युवक को उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इधर जेल मंे बंद आरोपित की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में जमानत अर्जी पेश की गई थी, जिस पर मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन सुनवाई करते हुए अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप परगाई के तर्कों से सहमत होते हुए एवं आरोपित के पूर्व में कोई आपराधिक इतिहास न को देखते हुए गुण-दोष से संबंधित कोई राय दिये बिना जमानत दे दी है।
मामले में अधिवक्ता परगांई ने तर्क दिया कि आरोपित को पारिवारिक जमीनी विवाद के कारण रिपोर्टकर्ता ने पुलिस से मिलकर झूठा फंसाया है। रिपोर्टकर्ता महिला के साथ कोई भी अश्लील हरकत करने का आरोप नहीं है। घटना को कोई स्वतंत्र साक्षी भी नहीं है। न्यायालय ने उसे 35 हजार रुपए के व्यक्तिगत बंधपत्र व इतनी ही राशि के दो जमानतियों को पेश करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश सुनाया।

यह भी पढ़ें : पति-सास ने की थी चार माह की गर्भवती पत्नी की दहेज के लिए हत्या, पति की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2020। बीती 30 जून को जनपद के दुगई स्टेट भवाली में हुई एक विवाहिता की मौत के मामले में खुलासा हुआ है कि हत्या उसके पति व सास ने गला दबाकर की थी। इधर मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने तब से जेल में बंद मृतका के पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने मंगलवार को मामले में मृतका प्रीति आर्या के हत्यारोपित पति मोहन कुमार की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को पोस्टमार्टम यानी शव विच्छेदन करने वाले चिकित्सक के बयानों के हवाले से बताया कि आरोपित मोहन व उसकी मां ने गला दबाकर हत्या की थी। शव के गले में हाथ के नाखून के निशान व थायरॉइड बोन टूटी हुई मिली थी, जो गला दबाकर ही टूटती है। मृतका का विवाद वर्ष 2016 में हुआ था और वह हत्या के समय चार माह की गर्भवती थी। उसके गर्भाशय में चार माह का भ्रूण भी मृत अवस्था में मिला था। जबकि मृतका के भाई दीपक चंद्र निवासी गुड़गांव नथुवाखान ने मामले में शिकायत दर्ज कराकर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया था। इन तर्कों पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : शादी के 11 वर्ष बाद आत्महत्या करने वाली विवाहिता के पति-देवर को नहीं मिली जमानत, जानलेवा हत्या के आरोपित की अर्जी भी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जुलाई 2020। पिछले माह 18 जून को जनपद के ग्राम कुलोरी-जाड़ापानी पट्टी च्यूरीगाड़ तहसील धारी में गीता नाम की एक विवाहिता का शव घर के सामने ही पेड़ पर लटका हुआ मिला था। मृतका की शादी को 11 वर्ष हो गए थे। इस मामले में मृतका के भाई संजय शर्मा पुत्र जीवन शर्मा निवासी ग्राम सरना कनर्खा तहसील धारी ने 19 जून को पट्टी पटवारी में मृतका की सास, ससुर, पति व देवर के खिलाफ आये दिन मारपीट करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि ससुरालियों ने एक माह पूर्व भी उसे मारपीट कर घर से भगा दिया था। मृतका के मुंह व चेहरे पर खून लगा था तथा शरीर में चोट के निशान भी थे। मंगलवार को इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने तभी से जेल में बंद मृतका के आरोपित पति कैलाश थुवाल पुत्र मनोहर थुवाल व देवर विनोद थुवाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण ‘एंटी मार्टम हैंगिंग’ यानी लटकने के कारण मृत्यु होना आया था।
मामले में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपितों की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि छः वर्ष पूर्व भी मृतका ने ससुरालियों की प्रताड़ना से तंग आकर कलसा नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की थी। तब स्थानीय लोगों ने उसे नदी से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था। इधर लॉक डाउन के दौरान भी उसने एक दिन मारपीट की डर से जंगल में छुपकर जान बचाई थी।

चाकू से जानलेवा हमला करने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नैनीताल। बीती दो जून को पीपलसाना रामनगर में वीट बहादुर कॉलोनी के पास सुरेंद्र सिंह उर्फ बब्बू पुत्र शमशेर सिंह निवासी ग्राम पीपलसाना रामनगर की सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर सड़क पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। मामले में शिकायतकर्ता, मृतक के भाई शीतल सिंह ने थाना रामनगर में दी गई तहरीर में कहा था कि उसके भाई पर देव सिंह पुत्र बच्ची सिंह निवासी वीट बहादुर कॉलोनी रामनगर ने यूं ही गाली-गलौच, जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए चाकू से ताबड़तोड़ वार किये थे। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित देव सिंह की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि वह आपराधिक किस्म का व्यक्ति है, और उस पर पूर्व में भी आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है। इस पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : गौकशी व हिस्ट्रीशीटर के नाम पर 8 लाख की फिरौती के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में गौकशी तथा आठ लाख रुपए की फिरौती के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि पहले मामले में आरेापित मुअज्जम पुत्र मो. अहमद उर्फ लल्ला निवासी नरपत नगर तहसील स्वार, यूपी को 26 मई को ऊंट पड़ाव रामनगर के पास अन्य आरोपितों के साथ एक बछिया को कार में काटने के लिए ले जाते हुए हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था। आरोपितों की इस हरकत से लॉक डाउन के दौरान कोरोना का संक्रमण फैलने की संभावना भी थी।
वहीं दूसरे मामले में डीजीसी शर्मा ने न्यायालय को बताया कि सुल्तान उर्फ गुलशेर ने जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर भुप्पी बोरा के नाम से रिजवान अंसारी पुत्र यूसुफ अंसारी को 8 लाख रुपए की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। इस पर पीड़ित ने काफी रुपए उसके बताये खातों में जमा भी करवाए थे। पुलिस की जांच में भी आया है कि आरोपित सुल्तान भुप्पी बोरा के लिए कार्य करता है। इसलिए न्यायालय ने सुल्तान की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन में गौकशी करते दो आरोपित गैंगस्टरों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गौकशी के दो आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायालय में गत 26 अप्रैल को जनपद के थाना रामनगर के उप निरीक्षक केसी जोशी द्वारा सांवल्दे इलाके में गौ कशी करते हुए एक महिला सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से नेपाल होटल के पास सांवल्दे पश्चिमी निवासी दो लोगों रफीक के दो पुत्र भूरा उर्फ पीटी व शरीफ कीे ओर से न्यायालय में जमानत हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि यह घटना देश में लॉक डाउन एवं धारा 144 लागू होने के दौरान जानबूझकर की गई। इससे कोरोना विषाणु का संक्रमण फैलने का भी खतरा था। आरोपित काटी गई गाय को 1000 रुपए में कृषि कार्य करने के नाम पर खरीद कर लाये थे और उसकी हत्या कर दी थी। इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। यह भी बताया कि शरीफ व भूरा दोनों भाइयों का आपराधिक इतिहास रहा है। उन पर पहले भी दो मामले गौकशी एवं गैंगस्टर एक्ट में दर्ज हैं। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : कल जमानत हुई थी खारिज और एफएसएल की रिपोर्ट न आने के कारण मिल गई जमानत

-एफएसएल से रिपोर्ट न मिलने और आरोप पत्र दाखिल करने की समय सीमा निकल जाने के कारण मिली जमानत
नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मई 2020। बृहस्पतिवार को द्वितीय जिला सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस अधिनियम राकेश कुमार सिंह की अदालत ने 20 मार्च को 16 किलोग्राम गांजे के साथ पकड़े गये आरोपित ग्राम-पोस्ट नैल पट्टी तल्ला चकोट तहसील स्याल्दे जिला अल्मोड़ा निवासी तारा सिंह पुत्र आन सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। लेकिन एक दिन बाद भी न्यायालय से आरोपित को जमानत मिल गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि इस मामले में उन्होंने संबंधित थाने से अंतिम रिपोर्ट देने को कहा था, और विवेचक उपनिरीक्षक गगनदीप सिंह ने एफएसएल यानी विधि विज्ञान प्रयोगशाला रुद्रपुर से आरोपित द्वारा पकड़े गये गांजे के नारकोटिक्स परीक्षण की रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन लॉक डाउन की वजह से एफएसएल रुद्रपुर से रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई और आरोप पत्र प्रस्तुत करने की समय सीमा निकल जाने के कारण शुक्रवार को आरोपित को जमानत मिल गयी।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी के बहुचर्चित हत्याकांड में एंबुलेंस चालक को नहीं मिली जमानत..

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने बृहस्पतिवार को हत्या से गैर इरादतन हत्या में तब्दील हुए एक मामले में एंबुलेंस चालक की जमानत अर्जी खारिज कर दी। हल्द्वानी के इस बहुचर्चित साजू हत्याकांड मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि गत तीन फरवरी 2020 को हल्द्वानी के किदवई नगर निवासी साजू नाम के युवक का शव अल्मोड़ा के लमगड़ा क्षेत्र में गायब होने के कई दिनों बाद बरामद हुआ था। बाद में चश्मदीद गवाहों से पता चला कि उसे एंबुलेंस चालक दानिश पुत्र इकबाल एंबुलेंस में एक शव को लमगड़ा की ओर ले जाने के दौरान साजू को साथ ले गया था। रास्ते में साजू उसे एंबुलेंस चलाने में परेशान कर रहा था। इस कारण दानिश ने उसे गुस्से में पहाड़ी से धक्का दे दिया था।

गौकशी के आरोपित की जमानत अर्जी भी खारिज
नैनीताल। अदालत ने गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत गौतस्कर शकील पुत्र अतीक निवासी टंकी चौराहा खत्याड़ी की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। उसे बीती 26 अप्रैल को उपनिरीक्षक केसी जोशी की टीम ने रामनगर में ब्लॉक रोड पर गौकशी करते हुए हथियारों एवं गौमांस के साथ पकड़ा गया था। डीजीसी शर्मा ने इस मामले में जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि लॉक डाउन के दौरान धारा 144 लागू होने के बावजूद आरोपित गौकशी कर रहा था। इससे कोरोना विषाणु का संक्रमण फैलने की भी पूरी संभावना थी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गत दो मार्च 2020 को रामनगर की वाल्मीकि बस्ती बम्बाघेर में बीना पत्नी स्वर्गीय अरविंद के घर में ताले तोड़कर घुसने व दुकार में तोड़फोड़ व मारपीट करने के मामले में आरोपितों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। वीडियो कांफ्रेंस के जरिये शनिवार को हुई मामले की सुनवाई में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने तर्क दिया कि आरोपित एवं रिपोर्टकर्ता के बीच चल रहे दीवानी वाद के कारण रिपोर्टकर्ता आरोपित से रंजिश रखता है। मामले में आरोपित की पत्नी व मां को भी इस मामले में फंयाया गया है, जिनकी जमानत पहले ही न्यायालय से हो चुकी है। इसलिये समानता के आधार पर उसे भी जमानत दी जाये। वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने समानता के आधार पर गुणदोष पर कोई राय दिये बिना आरोपित शुभम उत्तम को 40 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र व इसी धनराशि के दो जमानतियों की जमानत पर रिहा करने के आदेश दिये।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मई 2020। हल्द्वानी के एक व्यवसायी का इसी वर्ष 16 जनवरी को एक महिला, एक फर्जी महिला पत्रकार व पुलिस के जरिये फिरौती के लिए अपहरण किया गया था। इस मामले में दो लोगों की जमानत अर्जी पहले खारिज हो चुकी थी। शनिवार को एक और आरोपित की जमानत अर्जी खारिज हो गई। मामले में पांच माह बाद भी सभी आरोपित जेल में बंद हैं, और किसी को भी जमानत नहीं मिल पायी है।
शनिवार को मामले में आरोपित रईश की जमानत अर्जी का जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि व्यवसायी मुकेश अग्रवाल पुत्र राजेश्याम निवासी तल्ली बमौरी हल्द्वानी का 16 जनवरी 2020 को उसका दोस्त अरमान उसे किसी महिला की मदद के नाम पर बिलासपुर यूपी के पास ले गया। वहां एक सुनसान जगह पर उसे महिला से मिलाया। तभी एक गाड़ी में कथित महिला पत्रकार व पुलिस कर्मी आये और उसे महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में बताकर रुपयों की मांग करने लगे। उसे आरोपित अरमान व रईश दबोचकर उसी गाड़ी में मुरादाबाद ले गये, जहां पुलिस ने सभी को पकड़ लिया, और हल्द्वानी पुलिस सूचना मिलने पर उसे छुड़ा पाई।

यह भी पढ़ें : गैंगस्टर व चरस बेचने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2020। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद अधिनियम विनोद कुमार की अदालत ने शुकवार को गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपित परमजीत उर्फ पम्मू पुत्र दर्शन सिंह निवासी मड़ैया हट्टू थाना केलाखेड़ा जिला ऊधमसिंह नगर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सुनी गई जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि आरोपित जंगलों में संगठित गिरोहबंदी कर पेड़ों का अवैध कटान करता है तथा उस पर वन कर्मियों की गोलीबारी कर हत्या व हत्या के प्रयास के कई मामले दर्ज हैं। ताजा मामले में भी उस पर 16 सितंबर 2019 को वन लखविंदर सिंह उर्फ लक्खी, करन सिंह व सूरज के साथ मिलकर कालाढुंगी वन क्षेत्र में कर्मी बहादुर सिंह चौहान की गोली मारकर हत्या करने का अभियोग पंजीकृत है। जमानत पर रिहा करने से वह जमानत का दुरुपयोग कर आरक्षित वन क्षेत्र में पेड़ों के कटान जैसा संगीन अपराध कर सकता है। इस पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

चरस बेचने के आरोपित को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। जनपद के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राकेश कुमार सिंह की अदालत ने चरस बेचने के एक आरोपित मुरानी पुत्र सोमपाल निवासी खम्मारी बाजपुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। शुक्रवार को जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सुनी गई जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि बीती आठ मार्च को रामनगर कोतवाली पुलिस के दरोगा कवीेंद्र व पुलिस बल ने क्षेत्र में इमरान नाम के युवक को चरस के साथ पकड़ा था। बाद में इमरान के बयानों पर उसे यह चरस उपलब्ध कराने वाले के तौर पर मुरारी को भी पकड़ा गया था। मुरारी डम्पर चलाता है, और चरस के कारोबार में संलिप्त पाया गया। न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

राज्य के शासकीय अधिवक्ताओं ने की कम्प्यूटर-लैपटॉप व इंटरनेट सेवा की मांग
नैनीताल। राज्य के शासकीय अधिवक्ताओं के संगठन-उत्तराखंड शासकीय अधिवक्ता संगठन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन्हें कम्प्यूटर-लैपटॉप व इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार खर्कवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वे आज के आधुनिक दौर में भी इन सुविधाओं से वंचित हैं। इस कारण उन्हें कोरोना विषाणु के कारण हुए लॉक डाउन के समय में ऑनलाइन पैरवी करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया है कि उत्तराखंड वाद कारिता नीति 2011 के अध्याय चार के प्रस्तर 7-1 में राज्य की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं को कम्प्यूटर, इंटरनेट एवं कॉमन रिसर्च सुविधा उपलब्ध कराने का प्राविधान है। पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि परामर्शी को भी भेजी गई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गत दो अक्टूबर 2019 को रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई चंद्रशेखर टम्टा नाम के व्यक्ति की संपत्ति के विवाद में एक फार्म हाउस में हत्या करने के प्रयास के एक आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
मंगलवार को आरोपित अदनान मरगूब पुत्र मरगूब जॉन निवासी यमुना विहार, उत्तरी-पूर्वी दिल्ली की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित अन्य आरोपितों के संपर्क में रहा था और उसने पुलिस को विवेचना में कोई सहयोग भी नहीं किया था।
वहीं न्यायालय ने मंगलवार को इस वर्ष दो जनवरी 2020 को भीमताल थाना क्षेत्र में चंदादेवी के पास सड़क किनारे हुए बहुचर्चित नाजिम हत्याकांड में भी एक सह अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित राधेश्याम वाल्मीकि पुत्र स्वर्गीय सोहन लाल निवासी कुलियालपुरा नवाबी रोड हल्द्वानी ने मृतक नाजिम अली खान पुत्र रियासत अली खान निवासी इंद्रानगर ठोकर गली नंबर 3 हल्द्वानी की उसकी प्रेमिता ने राधेश्याम की मदद से हत्या करवा दी थी। आरोपित की निशानदेही पर ही हत्या में प्रमुक्त तमंचा व कारतूस, हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा खून से सने कपड़े आदि बरामद हुए थे। इन दलीलों पर न्यायालय ने दोनों आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 4 मई 2020। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राजेश कुमार की अदालत ने बीती 6 नवंबर 2019 को रामनगर में करीब 25 किलोग्राम से अधिक गांजे के साथ पकड़े गये एक आरोपित कपिल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि एक मोटरसाइकिल से आरोपित लक्की कुमार के कब्जे से दो बैगों में 5.542 किग्रा व 5.792 किग्रा व अमित कुमार के कब्जे से 5.762 ग्राम गांजा जबकि दूसरी मोटरसाइकिल सवार सुरेंद्र सिंह से 5.39 किलो व कपिल से 5.906 ग्राम गांजा बरामद हुआ था, परंतु कपिल मौके से फरार हो गया था। बाद में उसे फरीदपुर से 12 दिसंबर को पकड़ा गया था।
वहीं अन्य मामले में न्यायालय ने गत 17 मार्च 2020 को 160 ग्राम चरस के साथ हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में पकड़े गये आरोपित की जमानत अर्जी भी न्यायालय ने खारिज कर दी। डीजीसी शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित ने पकड़े जाते समय अपना नाम पता बंटू सोनकर पुत्र राधेश्याम निवासी लाल मस्जिद बड़ा टोला थाना चकेरी जिला कानपुर यूपी बताया था, जबकि उसके परिवार वालों ने उसका सही नाम पता अरमान हसन पुत्र सयद हसन निवासी शाह की इमली झाउगंज जिला पटना बिहार बताया था।

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-बीती 18-19 अप्रैल को लॉक डाउन के दौरान ही गर्भवती गाय चुराकर काट दी थी

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2020। बीती 18 व 19 अप्रैल 2020 की रात्रि हल्द्वानी के बरेली रोड उजाला नगर बनभूलपुरा निवासी इंतजार हुसैन पुत्र इरशाद हुसैन की चार माह की गर्भवती गाय चोरी कर ली गई थी। इससे दो दिन पहले ही उनके परिसर से एक और गाय चोरी की गई थी। इस मामले में 19 अप्रैल को थाना बनभूलपुरा के भादंसं की धारा 188, 379, 411, 263 व 270 तथा 51ख आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत हुआ था। मामले में इसी दिन विवेचनाधिकारी संजीत कुमार ने इंद्रानगर बनभूलपुरा निवासी तीन आरोपितों रईश पुत्र अब्दुल निवासी, अनीस उर्फ वेदा पुत्र रफीक अहमदव रिजवान कुरैशी पुत्र अयूब कुरैशी निवासी लाइन नंबर 17 बनभूलपुरा को काट दी गई गाय के गौमांस के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इधर शुक्रवार को आरोपित रिजवान कुरैशी व अनीस उर्फ वेदा की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में दायर की गई जमानत अर्जी पर ऑनलाइन सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपितों को गौमांस एवं गौकशी में प्रयुक्त हथियारों के साथ पकड़ा गया था। वे लॉक डाउन के दौरान अपराध में सक्रिय थे और गौकशी कर कोरोना का संक्रमण बढ़ा सकते थे। उनके विरुद्ध पहले से अन्य अपराधों में भी मामले दर्ज हैं। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर ली। उल्लेखनीय है कि पूर्व में इसी मामले में एक अन्य आरोपित रईश की जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी है।

चेक चोरी से धोखाधड़ी के आरोपित को एक वर्ष बाद भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने चेक चोरी कर उनमें धोखाधड़ी कर रुपये निकालने के आरोपित पवन कुमार पुत्र प्रेम चंद्र निवासी ग्राम मलिका थाना बिलसिन्डा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शनिवार को आरोपित की जमानत अर्जी की ऑनलाइन हुई सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को विवेचना के आधार पर बताया कि आरोपित के साथ तीन अन्य लागों ने करीब 13 माह पूर्व 16 मार्च 2019 को रिपोर्टकर्ता मथुरा प्रसाद पुत्र बंशीधर निवासी हिम्मतपुर बैजनाथ हल्द्वानी के द्वारा पीएनबी हल्द्वानी में जमा किये गये 2.1 लाख, 2.1 लाख व 6.3 लाख यानी कुल 10.5 लाख के चेकों में से 4.2 लाख रुपए का भुगतान धोखाधड़ी कर पीएनबी दिनेशपुर से 18 मार्च को नकद लेने पर बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में पता चला कि आरोपित पवन कुमार ने अपने तीन साथियों के साथ चेक चोरी कर इन चेकों में धोखाधड़ी कर नगद भुगतान लिया था। न्यायालय पूर्व में एक आरोपित रामकुमार पुत्र नोखे लाल की इस मामले में जमानत अर्जी खारिज भी कर चुकी है। अब न्यायालय ने एक वर्ष बाद भी आरोपित को जमानत नहीं दी

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-बीती 18-19 अप्रैल को लॉक डाउन के दौरान ही गर्भवती गाय चुराकर काट दी थी
नवीन समाचार, देहरादून, 25 अप्रैल 2020। बीती 18 व 19 अप्रैल 2020 की रात्रि हल्द्वानी के बरेली रोड उजाला नगर बनभूलपुरा निवासी इंतजार हुसैन पुत्र इरशाद हुसैन की चार माह की गर्भवती गाय चोरी कर ली गई थी। इससे दो दिन पहले ही उनके परिसर से एक और गाय चोरी की गई थी। इस मामले में 19 अप्रैल को थाना बनभूलपुरा के भादंसं की धारा 188, 379, 411, 263 व 270 तथा 51ख आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत हुआ था। मामले में इसी दिन विवेचनाधिकारी संजीत कुमार ने इंद्रानगर बनभूलपुरा निवासी तीन आरोपितों रईश पुत्र अब्दुल निवासी, अनीस उर्फ वेदा पुत्र रफीक अहमदव रिजवान कुरैशी पुत्र अयूब कुरैशी निवासी लाइन नंबर 17 बनभूलपुरा को काट दी गई गाय के गौमांस के साथ गिरफ्तार कर लिया था। एक फरार हो गया था। इधर शनिवार को आरोपित रईश की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में दायर की गई जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपितों को गौमांस एवं गौकशी में प्रयुक्त हथियारों के साथ पकड़ा गया था। वे लॉक डाउन के दौरान अपराध में सक्रिय थे और गौकशी कर कोरोना का संक्रमण बढ़ा सकते थे। जमानत दिये जाने पर भी वे अपराध कारित कर सकते हैं। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर ली।
नशे के इंजेक्शन व दवाइयां बेचने वाले को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस राकेश कुमार की अदालत ने नशे के इंजेक्शनों गोलियों आदि के साथ बीती एक मार्च को पकड़े गये 23 वर्षीय इनामुरर्हमान पुत्र अब्दुल निवासी गौजाजाली उत्तर की जमानत अर्जी खारिज कर र्दी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित शीशगढ़ बरेली से खरीदकर नशे की दवाइयां व इंजेक्शन लाता था और जनपद में बेचता था।
इस आधार पर अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
80 ग्राम स्मैक के साथ पकड़े गये तस्कर की जमानत अर्जी भी खारिज
नैनीताल। द्वितीय जिला जज विशेष न्यायाधीश एनडीपी राकेश कुमार की अदालत ने डिजिटल तराजू व 80 ग्राम स्मैक व करीब ढाई हजार रुपए की नगदी के साथ बीती 17 मार्च को पीरूमदारा रामनगर के पास थारी गांव जाने वाले मार्ग पर पकड़े गये थारी गांव निवासी रमेश सिंह पुत्र इंद्र सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने शनिवार को उसकी जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि कई पन्नियांे में करीब 80 ग्राम स्मैक मौके पर बरामद हुई थी। उसने स्वीकारा है कि वह यह स्मैक फतेजगंज बरेली से ताहिर व रईस से खरीदकर लाता है। इस आधार पर अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
गिरोहबंद अधिनियम में जेल में बंद का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार
नैनीताल। प्रथम जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद अधिनियम विनोद कुमार ने रामनगर में पंजीकृत गिरोहबंदी से संबंधित एक अभियोग में बंद महबूब पुत्र शरीफ की जमानत प्रार्थना पत्र पर शनिवार को सुनवाई की, और आरोपित को 50-50 हजार के दो जमानतियों व 50 हजार के बंधनामा पेश करने पर उसका जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।

यह भी पढ़ें : पैर टूटने से अस्वस्थ गाय को काटने के आरोपित को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने पैर टूटने से अस्वस्थ गाय को काटने के आरोपित कसाई की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। बीती नौ अप्रैल को गौकशी के आरोप में पुलिस द्वारा पकड़े गये कसाई शाहबुद्दीन कुरैशी पुत्र मुन्ना अलाउद्दीन निवासी इंद्रानगर ठोकर थाना बनभूलपुरा की ओर से न्यायालय में जमानत अर्जी दी गई थी। इसका विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि नौ अप्रैल की रात्रि आरोपित ने हल्द्वानी में गौला नदी के किनारे पैर टूटने से अस्वस्थ एक गौमाता का, जिसका उपचार भी चल रहा था, उसकी हत्या कर दी थी और अपने चार साथियों के साथ मांस ले गया था। उसकी निसानदेही पर हथियार भी बरामद किये गये थे। यह भी बताया कि आरोपित का गौकशी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इस दलील पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन के बावजूद न्यायालय ने नहीं मिली हल्द्वानी के बहुचर्चित हत्यारोपित को जमानत

-हल्द्वानी में 15 दिसंबर को हुए बहुचर्चित भुप्पी पांडे हत्याकांड का मामला, न्यायालय में खुलासा-आरोपित व उसके भाई की पिस्टलों से चली गोलियों से ही मृत्यु होने की पुष्टि

भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी पांडे

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अप्रैल 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पहली सुनवाई करते हुए हल्द्वानी के बहुचर्चित भूपेंद्र पाडे उर्फ भुप्पी पांडे की हत्या के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। न्यायालय ने इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से आरोपित को झूठा फंसाने तथा लॉक डाउन की दलीलों को भी नहीं माना।
उल्लेखनीय है कि गत उच्च न्यायालय के 15 अप्रैल से जिला न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आवश्यक मामले सुनने के आदेश के बाद 16 अप्रैल को जनपद न्यायालय में हल्द्वानी में 15 दिसंबर को हुए बहुचर्चित भुप्पी पांडे हत्याकांड के एक आरोपित गौरव गुप्ता की जमानत का प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दायर किया गया था। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई। मामले में बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपित को झूठा फंसाया गया है। वैसे भी इन दिनों लॉक डाउन की वजह से जेल में सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिए भी आरोपित को जमानत दी जानी चाहिए। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मृतक भूपेंद्र पांडे को लगी चार गोलियों में से दो आरोपित भूपेंद्र गुप्ता की और शेष दो उसके भाई सौरभ गुप्ता की पिस्टल से चली होने की पुष्टि हो गई है। आरोपित पर पहले से भी एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं, लिहाजा ऐसे अपराधी को कोरोना से अधिक विकट स्थितियों में भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए। इस पर न्यायालय ने आरोपित गौरव गुप्ता की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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-15 दिसंबर 2019 को हल्द्वानी में दिनदहाड़े हुए भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी पांडे हत्याकांड के जेल में बंद आरोपित गौरव गुप्ता की ओर से अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने ऑनलाइन दायर किया है जमानत प्रार्थना पत्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अप्रैल 2020। गत दिवस उत्तराखंड बार काउंसिल की ओर से कहा गया था कि जिला न्यायालयों के अधिवक्ताओं के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं, तथा उन्हें वीडियो कांफ्रेंस से सुनवाई की तकनीकी जानकारी भी नहीं है। इसलिए उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से 15 अप्रैल से प्रदेश के जिला न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंस से होने वाली सुनवाई के आदेश पर पुर्नविचार किया जाए। इधर 15 अप्रैल को जिला न्यायालय में किसी मामले की सुनवाई भी नहीं हो पाई थी, लेकिन बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई के लिए पहला प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दायर कर लिया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस पर सरकार से जवाब तलब कर लिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि हल्द्वानी में 15 दिसंबर को हुए बहुचर्चित भुप्पी पांडे हत्याकांड के एक आरोपित गौरव गुप्ता की जमानत का प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दायर किया गया है। इस पर उन्होंने मामले के विवेचनाधिकारी से रिपोर्ट मांग ली है। मामले में जमानत अर्जी पर सुनवाई 20 अप्रैल को सुबह 11 बजे होगी।
इधर नैनीताल जिला कारागार में बंद भुप्पी पांडे के हत्यारोपित गौरव गुप्ता के अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आसान है। अलबत्ता, आगे मूल प्रपत्र जमा न होने से समस्याएं आ सकती हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मार्च 2020। वर्ष 2016 में होली के दौरान अवैध शराब के दो तस्करों ने एक पुलिस उप निरीक्षक को क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा करने के लिए 40 हजार रुपये रिश्वत देने की पेशकश की थी। मामले में दोनों आरोपितों थाना इज्जतनगर बरेली वर्तमान निवासी जोशीखोला बड़ी मुखानी हल्द्वानी निवासी रामेश्वर सिंह तथा ज्ञानेंद्र कुमार ओझा को 18 मार्च, 2016 को रिश्वत की धनराशि के साथ पकड़ा गया था।
इस मामले में आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने दोनों आरोपितों को रिश्वत देने के आरोप में 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपए अर्थदंड तथा अर्थदंड न चुकाने पर 2 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। आदेश के बाद दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में न्यायालय ने विवेचनाधिकारी-तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह के विरुद्ध प्रतिकूल टिप्पणी की है। आदेश में कहा है कि विवेचनाधिकारी ने यूपी पुलिस रेगुलेशन तथा उत्तराखंड में लागू रेगुलेशन संख्या 108 व 109 का पालन नहीं किया है। साथ ही धारा 172 दंड प्रक्रिया संहिता में दिये गए प्रावधानों की अनदेखी भी की है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की जांच एक पुलिस क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को दी गई, जिनसे त्रुटिपूर्ण विवेचना की उम्मीद नहीं की जाती है। आदेश की एक प्रति निदेशक अभियोजन उत्तराखंड शासन को भी भेजी है तथा विवेचना के स्तर में वृद्धि के लिए सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता जताई है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने तत्कालीन संबंधित सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी व उपनिरीक्षक रजत कसाना व अन्य साक्षियों को न्यायालय में पेश किया। इस दौरान एक स्वतंत्र चश्मदीद गवाह विनीत कुमार अग्रवाल अपने बयानों से मुकर कर पक्षद्रोही हो गया था।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मार्च 2020.। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने पिता के सेवानिवृत्ति की धनराशि को पूरा हड़पने के लिए अपने सगे भाई के हत्यारे को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। साथ ही धारा 201 के तहत दो वर्ष का कारावास व 2 हजार रुपए अर्थदंड एवं अर्थदंड न चुकाने पर 2 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश करते हुए न्यायालय को बताया कि 22 मार्च 2017 को हल्द्वानी के बिठौरिया नंबर 1 में अनिल कुमार पांडे के छोटे पुत्र सूर्यकांत के गायब होने, बड़े बेटे कृष्णकांट के गड्ढा खुदवाने और पास जाने पर बदबू आने की सूचना पुलिस को दी थी। बाद में पुलिस को इसी गड्ढे में सूर्यकांत का अर्धनग्न शव सड़ी गली अवस्था में बरामद हुआ। एक गवाह न्यायालय में अपने बयानों से मुकर भी गया था। अलबत्ता एक गवाह ने कहानी साफ की कि पिता के सेवानिवृत्ति पर मिले रुपयों को पूरा हड़पने के लिए कृष्णकांत ने अपने भाई सूर्यकांत की चाकू से गले में वार कर हत्या कर दी थी और शव पानी की टंकी में डाल दिया था। बताया गया कि पिता ने सेवानिवृत्ति पर हत्यारे कृष्णकांत के खाते में 16 लाख व मृतक सूर्यकांत के खाते में 18 लाख यानी अधिक रुपए की एफडी बनाई थी। इस कारण ही पूरी धनराशि हड़पने की नीयत से हत्या की गई।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 फरवरी 2020। गत 24 फरवरी को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने हल्द्वानी में छह साल पहले हुई व्यापारी की हत्या के मामले में दो आरोपितों को दोषी करार देते समय एक अभियुक्त ने भरी अदालत में न्यायाधीश को अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली थी। हत्यारे ने न्यायाधीश से कहा था, ‘तूने मुझे दोषी पाकर बहुत बड़ी गलती कर दी भाई, तुझे इसका अंजाम भुगतना होगा।’ इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपितों को फांसी और अधिकतम अर्थदंड दिये जाने की मांग की। बावजूद न्यायालय ने ‘न्याय सर्वोपरि’ की भावना के तहत आरोपित को केवल उम्र कैद एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने सजा सुनाते हुए यह टिप्पणी भी की कि हालांकि आरोपित ने पीठ को धमकी दी, किंतु चूंकि सजा अभियुक्त पर पूर्व में लगे हत्या के मामले में सुनाई जा रही है, और न्याय के स्थापित सिद्धांत के अनुसार केवल विरलतम से विरल मामलों में ही मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने का प्राविधान है, और अभियुक्तों द्वारा किया गया अपराध इस श्रेणी के अपराध में नहीं आता है, इसलिए उन्हें फांसी नहीं दी जा सकती है।
न्यायालय ने दोनों आरोपितों संदीप जायसवाल व राहुल राठौर को हल्द्वानी के जुलाई 2014 में हुई योगेश गुप्ता की हत्या के अभियोग में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 व 34 के तहत आजीवन कारावास एवं 50-50 हजार का अर्थदंड एवं अर्थदंड न चुकाने पर 3-3 वर्ष के अतिरिक्त साधारण कारावास, आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत 5-5 वर्ष के कारावास एवं 20-20 हजार के अर्थदंड तथा अर्थदंड न चुकाने पर 1-1 वर्ष के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनाई। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी, यानी एक सजा की अवधि पूरी होने के बाद दूसरी सजा भुगतनी होगी। अलबत्ता, यह व्यवस्था भी दी गई है कि अभियुक्तों के द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि भी समायोजित की जाएंगी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में दोनों मुख्य चश्मदीद गवाह अपनी गवाही से मुकर गए थे। बावजूद जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अभियुक्तों के फिंगर प्रिंट, बैलेस्टिक रिपोर्ट व मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग के माध्यम से उन पर दोष सिद्ध किया। मृतक के शव के पास घटना स्थल पर पड़े खोखे को आरोपित संदीप जायसवाल के पास मिले तमंचे का ही होना तथा सर्विलांस से दोनों की घटनास्थल पर मौजूदगी सिद्ध की गई।

यह था मामला
नैनीताल। 20 जुलाई 2014 को जुगल किशोर गुप्ता पुत्र राम प्रसाद निवासी मुनगली गार्डन ने हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी थी कि उसके भाई योगेश गुप्ता सदर बाजार से दुकान बंद कर घर आ रहे थे। घर के पास ही दो लोगों ने तमंचे से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस चश्मदीदों के बयान के आधार पर संदीप जायसवाल निवासी बरेली रोड व राहुल राठौर निवासी खेड़ा, रुद्रपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने योगेश की हत्या की बात कबूल करते हुए बताया कि योगेश व उनके भाई जुगल किशोर के पास ट्रक थे। पूरे कुमाऊं में खाद्यान्न आपूर्ति का टेंडर भी उन्हीं के पास था।संदीप जायसवाल ने उनका एक ट्रक ले लिया और कहा कि फायदे की रकम बराबर बांटी जाएगी। मगर एक साल बाद संदीप ने न कोई पैसा दिया और न ही ट्रक लौटाया। बाद में पता चला कि उसने ट्रक का फर्जी इकरारनामा बना लिया था। इस संदर्भ मेें जुगल किशोर ने संदीप के खिलाफ 31 मई 2014 को धोखाधड़ी की रिपोर्ट लिखवाई। चार्जशीट दाखिल होने पर आरोपितों ने जुगल किशोर व योगेश से मुकदमा वापस लेने को कहा, जिसे न मानने पर योगेश की हत्या कर दी।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : हत्या के आरोपित ने दोषी ठहराते जज को अदालत में दी अंजाम भुगतने की धमकी

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 फरवरी 2020। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की कोर्ट ने सोमवार को हल्द्वानी में छह साल पहले हुई व्यापारी की हत्या मामले में दो आरोपितों को दोषी करार दिया। इस बीच एक अभियुक्त ने भरी कोर्ट में जज को अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली। जज ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश व हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को इसकी सूचना दे दी। दोनों को 26 मार्च को सजा सुनाई जाएगी। हुआ यह कि दिसंबर 2004 के एक मामले में न्यायालय ने सुनवाई पूरी कर सोमवार को दो अभियुक्तों को धारा-302 व 25 आम्र्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया। इसके बाद कोर्ट मोहर्रिर एक अभियुक्त राहुल के पास कागजात पर दस्तखत कराने पहुंचीं तो उसने इन्कार करते हुए भरी कोर्ट में चिल्लाते हुए जज को अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली।

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-न्यायाधीश की तहरीर पर वरिष्ठ अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज
-अधिवक्ता पर न्यायिक कार्य में बाधा डालने, न्यायाधीश से अभद्रता करने एवं जान से मारने की धमकी देने के आरोप में न्यायाधीश ने दी है तहरीर
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 फरवरी 2020। नैनीताल जिला न्यायालय के एडीजे-द्वितीय यानी अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह को मंगलवार को जिला न्यायालय में वकालत करने वाले एक वरिष्ठ अधिवक्ता भूदेव शर्मा न्यायालय में ही जान से मारने की धमकी देने से सनसनी फैल गई। यही नहीं अधिवक्ता ने न्यायालय में न्यायिक कार्य में बाधा डाली और न्यायाधीश से अभद्रता भी की। न्यायाधीश ने अधिवक्ता के खिलाफ तल्लीताल थाने में शिकायती पत्र दिया है। अधिवक्ता शर्मा पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने मंगलवार को न्यायिक कार्य के दौरान न्यायिक कार्य में बाधा डाली और एडीजे सिंह के साथ अभद्रता भी की। यही नहीं अधिवक्ता ने न्यायाधीश को जान से मारने की धमकी भी दी।
इस पर तल्लीताल पुलिस ने आरोपित अधिवक्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 228, 504 तथा 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सीओ विजय थापा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने अधिवक्ता के विरुद्ध पूर्व में दर्ज मामलों की पड़ताल भी शुरू कर दी है, और प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया है कि आरोपित अधिवक्ता के खिलाफ पूर्व में हल्द्वानी कोतवाली में एक मामले की सुनवाई के दौरान अपने मुवक्किल के साथ मारपीट करने के आरोप में भी मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला न्यायालय के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह द्वारा तल्लीताल थाने में दी गई तहरीर में कहा है कि मंगलवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता भूदेव शर्मा ने न्यायालय के न्यायिक कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। इसका विरोध करने पर न्यायाधीश से अभद्रता की और जान से मारने की धमकी भी दी। मामले में उप निरीक्षक दिलीप कुमार को सोंपी गई है।

यह भी पढ़ें : नाबालिग को भगाने के आरोपित को चार साल के कठोर कारावास की सजा..

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2020। खबरदार, जो किसी नाबालिग को भगाया। न्यायालय ने नाबालिग को बहला फुसलाकर भगाने के मामले में आरोपित को दोषी करार देते हुए चार साल के कठोर कारावास व दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला बिंदुखत्ता के रावत नगर प्रथम का है। यहां रहने वाले दीपक मेहता पुत्र केएस मेहता क्षेत्र पर पड़ोस की नाबालिग को बहला फुसलाकर पंजाब भगा ले जाने का आरोप लगा था।

पीड़िता की मां की तहरीर पर लालकुआं कोतवाली में अपहरण व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पीड़िता को पुलिस ने हल्द्वानी से बरामद किया था और आरोपित को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। इधर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनीष कुमार पांडे की अदालत में अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किये। इस पर न्यायालय ने आरोपित दीपक मेहता को नाबालिग को भगाने के आरोप में दोषी साबित करते हुए सजा सुनाई, जिसके बाद अभियुक्त को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी की महिला को अश्लील संदेश भेजने वाले बागेश्वर के युवक को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जनवरी 2020। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने हल्द्वानी निवासी महिला शिक्षिका को अश्लील संदेश भेजने वाले बागेश्वर निवासी आरोपित को अलग-अलग धाराओं में तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं चार हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। उम्मीद की जा रही है अदालत द्वारा सुनाई गई कठोर सजा महिलाओं को इसी तरह अश्लील संदेश भेजने वाले अन्य मनचलों के लिए भी सबक साबित होगी।

मामले के अनुसार हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा में किराये के घर में रहने वाली एक निजी विद्यालय की शिक्षिका ने चार वर्ष पूर्व 4 फरवरी 2016 को मुखानी थाने में पुलिस को तहरीर देकर कहा था कि एक अनजान व्यक्ति द्वारा अपने मोबाइल नंबर 9720165056 से एक सप्ताह से ह्वाट्सएप के जरिये आपत्तिजनक फोटो व अश्लील संदेश भेजकर परेशान किया जा रहा है। साथ ही धमकी भी दे रहा था कि अगर वह उससे दोस्ती नहीं करेगी व मुलाकात नहीं करेगी तो वह उसकी फोटो को एडिट कर आपत्तिजनक बनाकर नेट के जरिये बदनाम कर देगा। बाद में विवेचना में मोबाइल नंबर के आधार पर धरमपाल मौर्य व विक्रम सिंह मेहता निवासी जिला बागेश्वर को मामले में प्रथमदृष्टया अभियुक्त बनाया गया। इधर न्यायालय में सहायक अभियोजन अधिकारी के द्वारा 6 गवाह पेश किये गये। इधर न्यायालय ने आरोपित विक्रम मेहता को भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 66, 66 व 67 में तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा एक-एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई, वहीं दूसरे आरोपित धरमपाल मौर्य को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी मोहन सिंह रावत ने पैरवी की।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी के बहुचर्चित सर्राफ हत्याकांड में अंडरवर्ल्ड सरगना दोषमुक्त, शूटर दोषी साबित, भाई पर ही था भाई की हत्या का आरोप

-पंकज खंडेलवाल हत्याकांड में अंडरवर्ल्ड सरगना पीपी, भुपी व पांडे दोषमुक्त
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जनवरी 2019। हल्द्वानी में वर्ष 2006 में हुई सर्राफ पंकज खंडेलवाल की हत्या के मामले में गैंगस्टर से संबंधित एक मामले में विशेष जज गैंगस्टर एक्ट-अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम नैनीताल विनोद कुमार की अदालत ने अंडरवर्ल्ड सरगना प्रकाश पांडे उर्फ पीपी, भूपेंद्र बोरा उर्फ भुपी एवं सतीष पांडे को दोषमुक्त पाया है, जबकि एक अन्य आरोपित शूटर इरफान को दोषी पाया है। आगे न्यायालय 13 वर्ष से जेल में बंद इरफान को दी जाने वाली सजा पर आगामी 7 जनवरी सुनवाई करेगी।
उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 2006 की शाम सवा आठ बजे हल्द्वानी के जय गुरु ज्वेलर्स के स्वामी पंकज खंडेलवाल की दुकान बंद कर पत्नी व बेटे के साथ निकलते समय मृतक के भाई द्वारा दी गई सुपारी पर भाड़े के दो शूटरों ने गोली मारकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप मृतक के बड़े भाई प्रदीप खंडेलवाल, कथित तौर पर वियतनाम में मौजूद एवं रेड कॉर्नर नोटिस जारी अंडरवर्ल्ड डॉन प्रकाश पांडे उर्फ पीपी एवं उसके स्थानीय तौर पर सक्रिय साथी भुपी व सतीष पांडे आदि पर लगा था। इनके खिलाफ यूपी गैंगस्टर एंड एंटी सोसियल एक्टीविटीज प्रिवेंशन एक्ट 1986 के तहत मुकदाम चल रहा था। बाद में मामले में प्रदीप खंडेलवाल तो बरी हो गया अलबत्ता एक शूटर वकील अहमद उर्फ गुड्डू को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। जबकि इधर शनिवार को दूसरे शूटर इरफान का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। गैंगस्टर एक्ट के मामले में एडीजे प्रथम विनोद कुमार की अदालत में पीपी, भुपी व सतीष पांडे दोषमुक्त हो गए, जबकि अन्य आरोपित इरफान दोषी साबित हुआ है।

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अक्टूबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने हल्द्वानी में पुलिस कर्मियों से मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने व जान से मारने के आरोपी की जमानत अर्जी खारित कर दी। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित आरोपित चेतन सिंह व दीपक चौसाली की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि गौलापार के कुंवरपुर निवासी चेतन सिंह सम्मल पुत्र गोपाल सिंह, नयागांव सम्मल निवासी दीपक चौसाली पुत्र तारा दत्त चौसाली, विजयपुर निवासी कमल चिलवाल पुत्र महेंद्र सिंह व कुंवरपुर नयागांव निवासी कुंवर सिंह पुत्र त्रिलोक सिंह गत सात अक्टूबर को तिकानिया से जाने वाली बरसाती नहर पर आपस में शराब पीकर लड़-झगड़ रहे थे। शिकायतकर्ता पुलिस कर्मी दिनेश चौहान व अन्य पुलिस कर्मियों ने उन्हें टोका तो वह स्वयं को गौलापार के जाने-माने बदमाश बताते हुए हमलावर हो गए और मारपीट की। इससे एक पुलिस कर्मी आजम हुसैन को को दांये हाथ व पीठ पर चोटें भी आईं। मेडिकल में उनके शराब पिये होने की पुष्टि भी हुई।

यह भी पढ़ें : मारपीट के आरोपी की कुर्की के बाद हो पाई थी गिरफ्तारी, अब अदालत ने खारिज की जमानत अर्जी

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2020। गत 21 फरवरी को थाना रामनगर के अंतर्गत खनन के कार्य में लगे प्रभदीप सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निवासी ग्राम इटवा बाजपुर जिला ऊधमसिंह नगर के साथ इंदल कुमार पुत्र रघुवीर निवासी गजरौला बाजपुर, जयप्रकाश पुत्र रामानंद, मोहित पुत्र महेंद्र व शिवम राजपुर तथा अन्य लोगों ने मारपीट की थी। घटना में प्रभदीप को काफी गंभीर चोटें आई थीं और उसे निजी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। मामले मुख्य आरोपित इंदल कुमार को कुर्की के उपरांत गत 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने विरोध करते हुए नौ गवाह पेश करते हुए उसके कृत्य की गंभीरता बताई। इस पर जिला एवं न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

यह भी पढ़ें : जिला न्यायालय में पांच अक्टूबर से शुरू होगी भौतिक सुनवाई होगी

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 अक्टूबर 2020। न्यायालयों में पूर्व की तरह भौतिक रूप से मामलों की चरणबद्ध तरीके से सुनवाई आगामी पांच अक्टूबर से प्रारंभ होने जा रही है। जिला-सिविल न्यायालय नैनीताल में पांच अक्टूबर से नियमित सुनवाई प्रारंभ हो जाएगी। इस हेतु जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने अधिवक्ताओं से अपने आवेदनों व दस्तावेजों को न्यायालय के ‘ड्रॉप बॉक्स’ में छोड़ने की अपील की गई है। दोपहर एक बजे तक छोड़े गए कागजात पर अगले कार्य दिवस को सुनवाई होगी। अलबत्ता यदि कोई अधिवक्ता मौजूदा वर्चुअल यानी आभासी तरीके से सुनवाई करना चाहेंगे तो उनके मामलों की सुनवाई आभासी तरीके से भी हो सकेगी। इस बारे में न्यायाधीशों से सभी तरह की ऐहतियात बरतने को कहा गया है, साथ ही साफ किया गया है कि जरूरत पड़ने पर ही वादकारियों को अदालत में उपस्थित होने को कहा जाएगा।

यह भी पढ़ें : गौकशी कर गौ मांस बेचने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गौकशी कर गौमांश बेचते हुए गिरफ्तार किए गए आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शुक्रवार को आरोपित की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मुस्तफा एवं उसके भाई व बहनोई सरफराज व जाहिद को गत 13 अगस्त को अत्यधिक मात्रा में गौ मांस व गौकशी मंे प्रयुक्त हथियार, तौलने के बांट, तराजू आदि के साथ मौके से गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ पूर्व में भी उत्तर प्रदेश गौ वंश अधिनियम के तहत पकड़े गए थे। उनके खिलाफ गिरोह बंद अधिनियम में भी कार्रवाई चल रही है।

यह भी पढ़ें : अग्रिम जमानत के नये प्राविधान के बावजूद जिला न्यायालय ने खारिज की आरोपितों की अर्जी, अपनी तरह का पहला मामला

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दहेज हत्या से संबंधित मामले में गत अगस्त माह से राज्य में लागू हुए नये प्राविधानों के तहत आरोपित को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। यह नया कानून आने के बाद अग्रिम जमानत खारिज होने का अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है। हालांकि गत दिनों जनपद के लालकुआं थाना क्षेत्र में करीब एक करोड़ रुपए की जमीन की धोखाधड़ी के मामले में भी जिला न्यायालय से आरोपित की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।
मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने मृतका के सास व ससुर की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि गंभीर अपराध में, जबकि आरोपित के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है, अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती है। उन्होंने न्यायालय को बताया कि मृतका रिचु पुत्री दीवान सिंह बोरा निवासी राम मंदिर गणाई गंगोली बेरीनाग की शादी एक मई 2019 को कृपाल सिंह निवासी हल्द्वानी के साथ की थी। शादी में कम दहेज मिलने से कृपाल सिंह, उसके पिता भगवान सिंह व मां मोहनी देवी संतुष्ट नहीं थे और रिचु को ताने देते और उत्पीड़न करते रहते थे। इधर उन्होंने ट्रक लेने के लिए 10 लाख रुपए की मांग भी की थी। इधर जून 2019 में रिचु द्वारा पुत्री को जन्म देने के बाद उत्पीड़न और बढ़ गया था। इधर 13 मई को उन्हें किसी अन्य से पुत्री का स्वास्थ्य अत्यधिक खराब होने और 14 मई को अस्पताल में मृत्यु की सूचना मिली। घटना के दो-तीन दिन पहले भी वह घर आकर दहेज न देने पर धमकी दे गए थे। लिहाजा अभियोग की प्रकृति व गंभीरता को देखते हुए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके साथ आरोपितों की गिरफ्तारी की राह भी आसान हो गई है।

यह भी पढ़ें : दो दिन में दिया दो चोरी की वारदातों को अंजाम, कोर्ट ने नहीं दिखाई मुरौबत

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दो दिन के भीतर चोरी की दो घटनाओं को अंजाम देने वाले चोरों पर कोई मुरौबत नहीं की और जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में शुक्रवार को जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि गत 23 जुलाई को रामनगर के निकट पदमपुर डोलिया गैबुआ बैलपड़ाव स्थित ग्रेट वालिया पुत्र महर सिंह वालिया के फार्म हाउस से एसी, पानी की मोटर, एयर गन व पंखा तथा 24 जुलाई को खेमपुर गैबुआ स्थित कमलेश हर्बोला के आरबीएम खनन सामग्री के कार्यालय सेएसी, इन्वर्टर, गैस का सिलेंडर, पंखे, पांच कुर्सियां व अन्य सामान चोरी चले गए थे। 25 जुलाई को आरोपित सतपाल सिंह पुत्र काबुल सिंह निवासी पलापनी बैलपड़ाव व गुरुप्रीत सिंह उर्फ गोपी सरपंच पुत्र मेजर सिंह निवासी बंदरजूड़ा बैलपड़ाव की मोटरसाइकिलों से बैटरा, पानी की मोटर आदि बरामद हुए थे। पूछताछ मंे उन्होंने कुलदीप सिंह पुत्र श्रवण सिंह निवासी बन्नाखेड़ा बाजपुर के साथ मिलकर दोनों चोरियों में संलिप्तता स्वीकारी एवं चोरी के सामान की जानकारी भी दी। उनकी निशानदेही पर चोरी की सामग्री बरामद की गईं। इस मामले में अदालत पहले ही गत एक सितंबर को कुलदीप सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर चुकी थी। आज अदालत ने सतपाल सिंह की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : ई-लोक अदालत में सवा करोड़ से अधिक रुपए के 152 मामले निस्तारित

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 सितंबर 2020। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला मुख्यालय नैनीताल तथा रामनगर व हल्द्वानी स्थित बाह्य न्यायालयों में ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 152 मामले तय कर एक करोड़ 29 लाख, 38 लाख 402 रुपए के समझौते कराए गए।
प्राधिकरण के सचिव सिविल जज-सीनियर डिवीजन इमरान मौहम्मद खान ने बताया कि इस दौरान प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे तथा अधिवक्ता प्रदीप परगाई ने 15 वादों का निस्तारण कर 58.74 लाख, परिवार न्यायाधीश ब्रिजेंद्र सिंह व अधिवक्ता राजेंद्र बोरा ने 6 वादों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार आर्या व सुभाष जोशी ने 27 मामलों का निस्तारण कर 10.74 लाख, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार व धर्मेंद्र कुमार ने 5 वादों का निस्तारण कर 9.94 लाख, पंकज तोमर व योगिता बिष्ट ने 7 वादों, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी व मुकेश थुवाल ने 28 वादों का निस्तारण कर 1.14 लाख, न्यायिक मजिस्ट्रेट शमा परवीन व ललित कुमार मेर ने 22 पादों वा निस्तारण कर 34.9 लाख, सिविल जल सीनियर डिवीजन रामनगर व दीनू नेती ने 27 वादों का निस्तारण कर 14.1 लाख रुपए के वादों का निस्तारण किया।

यह भी पढ़ें : विवाह पूर्व संबंधों के बाद पेड़ पर लटकी मिली युवती की हत्या के आरोपी तथा गौकशी के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने फंदे पर लटकी मिली युवती की हत्या के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत गिरफ्तार ग्राम प्रधान के भाई की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
बृहस्पतिवार को आरोपित विपिन चंद्र की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि आरोपित पर 25 जुलाई को घर से करीब एक किमी दूर एक पेड़ से चुनरी से लटकी मिली कुमारी राजयंती पुत्री स्वर्गीय लीला राम निवासी ग्राम भुमका पट्टी नाई जिला नैनीताल की हत्या का आरोप है। मृतका के शिकायत भाई के अनुसार आरोपित उसकी बहन से लंबे समय से शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाये हुए था। जबकि आरोपित की मां ने कहा था कि वह किसी भी कीमत में उनकी शादी नहीं होने देगी। इधर घटना के दौरान मृतका आरोपित पर शादी करने का दबाव डाल रही थी। इस पर उसकी हत्या कर शव पेड़ से हटका दिया गया, हालांकि पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण ‘डेथ ड्यू टु एसपीक्सिया एस रिजल्ट ऑफ एंटीमार्टम हैंगिंग’ पाया गया। यानी मृत्यु का कारण दम घुंटना बताया गया और मृतका के पांच जमीन में लगे हुए थे। मृतका को अंतिम बार आरोपित के साथ देखा गया था और आरोपित ने भी मृतका के साथ होने की बात स्वीकारी है। मामले में अभियोजन पक्ष ने चार गवाह भी पेश किये, इनके आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपित ग्राम प्रधान भुमका का भाई भी बताया गया।

गौकशी के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 सितंबर 2020। गत 13 अगस्त को हल्द्वानी के लाइन नंबर 17 तिराहा वनभूलपुरा में पुलिस द्वारा चार लोगों को स्लॉटर हाउस की आढ़ में गौकसी करने व मांस को दुकान पर बेचने की सूचना पर चार लोगों को पकड़ा था। उनके पास से एक कंुटल प्रतिबंधित मांस एवं गौकसी में प्रयुक्त चापड़, कुल्हाड़ी, छुरी, तराजू आदि भी बरामद हुए थे।
बृहस्पतिवार को आरोपितों में से मुस्तफा पुत्र सलीम निवासी वार्ड नंबर 21 इंद्रानगर वनभूलपुरा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में जमानत के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से सुनवाई का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित ने हिंदू धर्म की आस्था गाय की हत्या की। इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था। इस पर अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : बच्चा न होने पर पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति व गाय के खेत चरने का विरोध करने पर गला काटने वाले हत्यारे को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 सितंबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने बच्चा न होने पर पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मंगलवार को आरोपित पति की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मामले में मृतका ललिता नेगी ने मृत्यु पूर्व अपने मायके वालों को बताया था, तथा आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट में भी लिखा था कि उसका पति त्रिभुवन नेगी उसे बच्चा न होने के कारण प्रताणित व आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया था। वह पति की प्रताड़ना से परेशान होकर मायके आ गई थी और पति द्वारा प्रताणित न करने के लिखित राजीनामे पर ही ससुराल गई थी। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

गाय के खेत चरने का विरोध करने पर कर दी थी हत्या, दूसरी बार भी जमानत अर्जी खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 08 सितंबर 2020। बीती 5 जून 2020 को दिन में हल्द्वानी के थाना मुखानी क्षेत्रांतर्गत बलूटिया फार्म में गाय के खेत चरने का विरोध करने पर गौ स्वामी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने मंगलवार को दूसरी बार भी आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
हत्यारोपित राजेंद्र सिंह पुत्र जीत सिंह निवासी कृष्णा विहार मल्ली बमौरी हल्द्वानी की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि पांच जून की सुबह आरोपित की गाय शिकायतकता्र इंद्रा मौर्य पत्नी स्वर्गीय कृष्णपाल मौर्य का खेत चर रही थी। इस पर इंद्रा व कृष्णपाल ने इसका विरोध किया तो आरोपित ने रात्रि में आकर कृष्णपाल सिंह पर पाटल से हमला किया। इससे कृष्णपाल का दांया हाथ व गर्दन कट गई थी और उसकी मृत्यु हो गई। डीजीसी शर्मा ने कहा कि मामले में तीन गवाह गवाही दे चुके हैं। इसलिए उसे जमानत देरे का कोई आधार नहीं पाते हुए न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : अवैध खनन व वनाधिकारी को कुचलने का प्रयास करने के आरोपित सहित दो की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 01 सितंबर 2020। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं प्रभारी जिला जज विनोद कुमार की अदालत ने रामनगर में गत 16 जुलाई को अवैध खनन करते हुए पकड़े जाने पर उप प्रभागीय वनाधिकारी को खनन वाहन से कुचलने का प्रयास करने वाले रामनगर निवासी आरोपित आनंद सिंह मनराल पुत्र गोपाल मनराल, सोनू मनराल पुत्र गोविंद मनराल की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने उनकी जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित गिरोह बनाकर मौके पर पहुंचे थे और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मारपीट व गाली गलौच कर घटना में प्रयुक्त डम्फर वाहन को छीनकर अपने साथ ले गए थे। उनका आपराधिक इतिहास भी रहा है।

चोरी के आरोपित को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं प्रभारी जिला जज विनोद कुमार की अदालत ने मंगलवार को कुलदीप सिंह पुत्र श्रवण सिंह निवासी ग्राम ईटवा बन्नाखेड़ा बाजपुर का जमानत प्रार्थना पत्र अपराध को गंभीर पाते हुए खारिज कर दिया। इस मामले में जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि आरोपितों ने अपने साथ गुरुप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र मेजर सिंह निवासी बंदरजूड़ा कालाढूंगी व सतपाल सिंह उर्फ सत्ता पुत्र काबुल सिंह निवासी पत्तापानी कालाढुंगी के साथ जितेंद्र कुमार पत्र लक्ष्मण दास निवासी विजयपुर धमोला सहित दो स्थानों में चोरी की थी। 24 जुलाई की सुबह हुए उनके कार्यालय से चोरी के खुलासे में एसी, इन्वर्टर, गैस सिलेंडर, पंखे, कुर्सियां व अन्य सामान चोरी किया था।

यह भी पढ़ें : 12 लाख रुपए देकर एक करोड़ में फर्जी तरह से जमीन बेचने वाले गिरोह के सदस्य को नहीं मिली जमानत…

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने शुक्रवार को 12 लाख रुपए देकर एक करोड़ में फर्जी तरह से जमीन बेचने वाले गिरोह के एक सदस्य को भी जमानत नहीं दी। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने शुक्रवार को न्यायालय को बताया कि पीड़ित दरबान सिंह परिहार पुत्र जयंत सिंह परिहार निवासी फरीदाबाद की कुसुमखेड़ा हल्द्वानी स्थित एक बीघे से कुछ अधिक जमीन का अक्टूबर 2019 में शिव सिंह नयाल पुत्र जगत सिंह निवासी पॉलीशीट ने खरीदने का इकरारनामा किया व दो अलग-अलग खातों से 12 लाख रुपए दिए। लेकिन तभी उसे पता चला कि उसकी जगह ग्राम क्यारी रामनगर निवासी जरनैल सिंह को उसकी जगह फर्जी दरबान सिंह बनाकर वह जमीन फूलचौड़ निवासी मोहन सिंह को एक करोड़ रुपए से भी अधिक में बेच दी है। यह भी पता चला कि आरोपित गिरोज बनाकर जालसाजी व धोखाधड़ी से दूसरों की जमीन हड़पने का काम करते हैं। इस मामले में कुल 6 आरोपितों में से जरनैल सिंह ने अदालत में जमानत की अर्जी दी थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।

यह भी पढ़ें : पिता द्वारा बेची जमीन वापस लेने को फायर झोंकने वाले व्यक्ति की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 अगस्त 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने शुक्रवार को पिता द्वारा बेची गई जमीन को फायर झोंककर वापस जबरन लेने का दबाव बनाने वाले आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने शुक्रवार को न्यायालय को बताया कि आरोपित योगेंद्र सिंह निवासी गुलजारपुर बंकी व उसके साथी ने पीड़ित डुंगर देव पाठक पुत्र जय दत्त पाठक निवासी बची नगर लामाचौड़ पर दो बार फायर झोंके। पीड़ित ने यह जमीन वर्ष 2017 में आरोपित के पिता से खरीदी थी और आरोपित ने इस जमीन को वापस लेने के लिए दबाव बनाने के लिए गत एक जुलाई की सुबह पीड़ित पर दो फायर झोंके, जिसके छर्रे पीड़ित की बांयी अंगुली और पेट में दांयी ओर लगे। इस मामले में उसके साथी आनंद राम की जमान अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। अदालत ने आज योगेंद्र की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : संपत्ति विवाद में लगाए थे महिला ने युवक पर छेड़खानी के आरोप ! आरोपित को मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2020। इसी माह चार अगस्त को नगर के तल्लीताल निवासी महिला पड़ोस में रहने वाले मृदुल नेगी उर्फ रिंकू पर पिछली यानी तीन अगस्त की रात्रि एक बड़े उसके बेटे के नाम दरवाजा खुलवाने और घर में घुसकर हाथ मरोड़ने तथा छेड़खानी व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था। इस मामले में तल्लीताल पुलिस ने आरोपित युवक को उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इधर जेल मंे बंद आरोपित की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में जमानत अर्जी पेश की गई थी, जिस पर मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन सुनवाई करते हुए अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप परगाई के तर्कों से सहमत होते हुए एवं आरोपित के पूर्व में कोई आपराधिक इतिहास न को देखते हुए गुण-दोष से संबंधित कोई राय दिये बिना जमानत दे दी है।
मामले में अधिवक्ता परगांई ने तर्क दिया कि आरोपित को पारिवारिक जमीनी विवाद के कारण रिपोर्टकर्ता ने पुलिस से मिलकर झूठा फंसाया है। रिपोर्टकर्ता महिला के साथ कोई भी अश्लील हरकत करने का आरोप नहीं है। घटना को कोई स्वतंत्र साक्षी भी नहीं है। न्यायालय ने उसे 35 हजार रुपए के व्यक्तिगत बंधपत्र व इतनी ही राशि के दो जमानतियों को पेश करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश सुनाया।

यह भी पढ़ें : पति-सास ने की थी चार माह की गर्भवती पत्नी की दहेज के लिए हत्या, पति की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2020। बीती 30 जून को जनपद के दुगई स्टेट भवाली में हुई एक विवाहिता की मौत के मामले में खुलासा हुआ है कि हत्या उसके पति व सास ने गला दबाकर की थी। इधर मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने तब से जेल में बंद मृतका के पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने मंगलवार को मामले में मृतका प्रीति आर्या के हत्यारोपित पति मोहन कुमार की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को पोस्टमार्टम यानी शव विच्छेदन करने वाले चिकित्सक के बयानों के हवाले से बताया कि आरोपित मोहन व उसकी मां ने गला दबाकर हत्या की थी। शव के गले में हाथ के नाखून के निशान व थायरॉइड बोन टूटी हुई मिली थी, जो गला दबाकर ही टूटती है। मृतका का विवाद वर्ष 2016 में हुआ था और वह हत्या के समय चार माह की गर्भवती थी। उसके गर्भाशय में चार माह का भ्रूण भी मृत अवस्था में मिला था। जबकि मृतका के भाई दीपक चंद्र निवासी गुड़गांव नथुवाखान ने मामले में शिकायत दर्ज कराकर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया था। इन तर्कों पर न्यायालय ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : शादी के 11 वर्ष बाद आत्महत्या करने वाली विवाहिता के पति-देवर को नहीं मिली जमानत, जानलेवा हत्या के आरोपित की अर्जी भी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जुलाई 2020। पिछले माह 18 जून को जनपद के ग्राम कुलोरी-जाड़ापानी पट्टी च्यूरीगाड़ तहसील धारी में गीता नाम की एक विवाहिता का शव घर के सामने ही पेड़ पर लटका हुआ मिला था। मृतका की शादी को 11 वर्ष हो गए थे। इस मामले में मृतका के भाई संजय शर्मा पुत्र जीवन शर्मा निवासी ग्राम सरना कनर्खा तहसील धारी ने 19 जून को पट्टी पटवारी में मृतका की सास, ससुर, पति व देवर के खिलाफ आये दिन मारपीट करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि ससुरालियों ने एक माह पूर्व भी उसे मारपीट कर घर से भगा दिया था। मृतका के मुंह व चेहरे पर खून लगा था तथा शरीर में चोट के निशान भी थे। मंगलवार को इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने तभी से जेल में बंद मृतका के आरोपित पति कैलाश थुवाल पुत्र मनोहर थुवाल व देवर विनोद थुवाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण ‘एंटी मार्टम हैंगिंग’ यानी लटकने के कारण मृत्यु होना आया था।
मामले में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपितों की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि छः वर्ष पूर्व भी मृतका ने ससुरालियों की प्रताड़ना से तंग आकर कलसा नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की थी। तब स्थानीय लोगों ने उसे नदी से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था। इधर लॉक डाउन के दौरान भी उसने एक दिन मारपीट की डर से जंगल में छुपकर जान बचाई थी।

चाकू से जानलेवा हमला करने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नैनीताल। बीती दो जून को पीपलसाना रामनगर में वीट बहादुर कॉलोनी के पास सुरेंद्र सिंह उर्फ बब्बू पुत्र शमशेर सिंह निवासी ग्राम पीपलसाना रामनगर की सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर सड़क पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। मामले में शिकायतकर्ता, मृतक के भाई शीतल सिंह ने थाना रामनगर में दी गई तहरीर में कहा था कि उसके भाई पर देव सिंह पुत्र बच्ची सिंह निवासी वीट बहादुर कॉलोनी रामनगर ने यूं ही गाली-गलौच, जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए चाकू से ताबड़तोड़ वार किये थे। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित देव सिंह की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि वह आपराधिक किस्म का व्यक्ति है, और उस पर पूर्व में भी आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है। इस पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : गौकशी व हिस्ट्रीशीटर के नाम पर 8 लाख की फिरौती के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में गौकशी तथा आठ लाख रुपए की फिरौती के आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि पहले मामले में आरेापित मुअज्जम पुत्र मो. अहमद उर्फ लल्ला निवासी नरपत नगर तहसील स्वार, यूपी को 26 मई को ऊंट पड़ाव रामनगर के पास अन्य आरोपितों के साथ एक बछिया को कार में काटने के लिए ले जाते हुए हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था। आरोपितों की इस हरकत से लॉक डाउन के दौरान कोरोना का संक्रमण फैलने की संभावना भी थी।
वहीं दूसरे मामले में डीजीसी शर्मा ने न्यायालय को बताया कि सुल्तान उर्फ गुलशेर ने जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर भुप्पी बोरा के नाम से रिजवान अंसारी पुत्र यूसुफ अंसारी को 8 लाख रुपए की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। इस पर पीड़ित ने काफी रुपए उसके बताये खातों में जमा भी करवाए थे। पुलिस की जांच में भी आया है कि आरोपित सुल्तान भुप्पी बोरा के लिए कार्य करता है। इसलिए न्यायालय ने सुल्तान की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन में गौकशी करते दो आरोपित गैंगस्टरों की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गौकशी के दो आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायालय में गत 26 अप्रैल को जनपद के थाना रामनगर के उप निरीक्षक केसी जोशी द्वारा सांवल्दे इलाके में गौ कशी करते हुए एक महिला सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से नेपाल होटल के पास सांवल्दे पश्चिमी निवासी दो लोगों रफीक के दो पुत्र भूरा उर्फ पीटी व शरीफ कीे ओर से न्यायालय में जमानत हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि यह घटना देश में लॉक डाउन एवं धारा 144 लागू होने के दौरान जानबूझकर की गई। इससे कोरोना विषाणु का संक्रमण फैलने का भी खतरा था। आरोपित काटी गई गाय को 1000 रुपए में कृषि कार्य करने के नाम पर खरीद कर लाये थे और उसकी हत्या कर दी थी। इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। यह भी बताया कि शरीफ व भूरा दोनों भाइयों का आपराधिक इतिहास रहा है। उन पर पहले भी दो मामले गौकशी एवं गैंगस्टर एक्ट में दर्ज हैं। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : कल जमानत हुई थी खारिज और एफएसएल की रिपोर्ट न आने के कारण मिल गई जमानत

-एफएसएल से रिपोर्ट न मिलने और आरोप पत्र दाखिल करने की समय सीमा निकल जाने के कारण मिली जमानत
नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मई 2020। बृहस्पतिवार को द्वितीय जिला सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस अधिनियम राकेश कुमार सिंह की अदालत ने 20 मार्च को 16 किलोग्राम गांजे के साथ पकड़े गये आरोपित ग्राम-पोस्ट नैल पट्टी तल्ला चकोट तहसील स्याल्दे जिला अल्मोड़ा निवासी तारा सिंह पुत्र आन सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। लेकिन एक दिन बाद भी न्यायालय से आरोपित को जमानत मिल गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि इस मामले में उन्होंने संबंधित थाने से अंतिम रिपोर्ट देने को कहा था, और विवेचक उपनिरीक्षक गगनदीप सिंह ने एफएसएल यानी विधि विज्ञान प्रयोगशाला रुद्रपुर से आरोपित द्वारा पकड़े गये गांजे के नारकोटिक्स परीक्षण की रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन लॉक डाउन की वजह से एफएसएल रुद्रपुर से रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई और आरोप पत्र प्रस्तुत करने की समय सीमा निकल जाने के कारण शुक्रवार को आरोपित को जमानत मिल गयी।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी के बहुचर्चित हत्याकांड में एंबुलेंस चालक को नहीं मिली जमानत..

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने बृहस्पतिवार को हत्या से गैर इरादतन हत्या में तब्दील हुए एक मामले में एंबुलेंस चालक की जमानत अर्जी खारिज कर दी। हल्द्वानी के इस बहुचर्चित साजू हत्याकांड मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि गत तीन फरवरी 2020 को हल्द्वानी के किदवई नगर निवासी साजू नाम के युवक का शव अल्मोड़ा के लमगड़ा क्षेत्र में गायब होने के कई दिनों बाद बरामद हुआ था। बाद में चश्मदीद गवाहों से पता चला कि उसे एंबुलेंस चालक दानिश पुत्र इकबाल एंबुलेंस में एक शव को लमगड़ा की ओर ले जाने के दौरान साजू को साथ ले गया था। रास्ते में साजू उसे एंबुलेंस चलाने में परेशान कर रहा था। इस कारण दानिश ने उसे गुस्से में पहाड़ी से धक्का दे दिया था।

गौकशी के आरोपित की जमानत अर्जी भी खारिज
नैनीताल। अदालत ने गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत गौतस्कर शकील पुत्र अतीक निवासी टंकी चौराहा खत्याड़ी की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। उसे बीती 26 अप्रैल को उपनिरीक्षक केसी जोशी की टीम ने रामनगर में ब्लॉक रोड पर गौकशी करते हुए हथियारों एवं गौमांस के साथ पकड़ा गया था। डीजीसी शर्मा ने इस मामले में जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि लॉक डाउन के दौरान धारा 144 लागू होने के बावजूद आरोपित गौकशी कर रहा था। इससे कोरोना विषाणु का संक्रमण फैलने की भी पूरी संभावना थी।

यह भी पढ़ें : मारपीट के आरोपित की जमानत मंजूर

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गत दो मार्च 2020 को रामनगर की वाल्मीकि बस्ती बम्बाघेर में बीना पत्नी स्वर्गीय अरविंद के घर में ताले तोड़कर घुसने व दुकार में तोड़फोड़ व मारपीट करने के मामले में आरोपितों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। वीडियो कांफ्रेंस के जरिये शनिवार को हुई मामले की सुनवाई में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने तर्क दिया कि आरोपित एवं रिपोर्टकर्ता के बीच चल रहे दीवानी वाद के कारण रिपोर्टकर्ता आरोपित से रंजिश रखता है। मामले में आरोपित की पत्नी व मां को भी इस मामले में फंयाया गया है, जिनकी जमानत पहले ही न्यायालय से हो चुकी है। इसलिये समानता के आधार पर उसे भी जमानत दी जाये। वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने समानता के आधार पर गुणदोष पर कोई राय दिये बिना आरोपित शुभम उत्तम को 40 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र व इसी धनराशि के दो जमानतियों की जमानत पर रिहा करने के आदेश दिये।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी के व्यवसायी का महिला, कथित महिला पत्रकार व पुलिस के नाम पर 10 लाख की फिरौती के लिए अपहरण करने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मई 2020। हल्द्वानी के एक व्यवसायी का इसी वर्ष 16 जनवरी को एक महिला, एक फर्जी महिला पत्रकार व पुलिस के जरिये फिरौती के लिए अपहरण किया गया था। इस मामले में दो लोगों की जमानत अर्जी पहले खारिज हो चुकी थी। शनिवार को एक और आरोपित की जमानत अर्जी खारिज हो गई। मामले में पांच माह बाद भी सभी आरोपित जेल में बंद हैं, और किसी को भी जमानत नहीं मिल पायी है।
शनिवार को मामले में आरोपित रईश की जमानत अर्जी का जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि व्यवसायी मुकेश अग्रवाल पुत्र राजेश्याम निवासी तल्ली बमौरी हल्द्वानी का 16 जनवरी 2020 को उसका दोस्त अरमान उसे किसी महिला की मदद के नाम पर बिलासपुर यूपी के पास ले गया। वहां एक सुनसान जगह पर उसे महिला से मिलाया। तभी एक गाड़ी में कथित महिला पत्रकार व पुलिस कर्मी आये और उसे महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में बताकर रुपयों की मांग करने लगे। उसे आरोपित अरमान व रईश दबोचकर उसी गाड़ी में मुरादाबाद ले गये, जहां पुलिस ने सभी को पकड़ लिया, और हल्द्वानी पुलिस सूचना मिलने पर उसे छुड़ा पाई।

यह भी पढ़ें : गैंगस्टर व चरस बेचने के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2020। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद अधिनियम विनोद कुमार की अदालत ने शुकवार को गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपित परमजीत उर्फ पम्मू पुत्र दर्शन सिंह निवासी मड़ैया हट्टू थाना केलाखेड़ा जिला ऊधमसिंह नगर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सुनी गई जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया कि आरोपित जंगलों में संगठित गिरोहबंदी कर पेड़ों का अवैध कटान करता है तथा उस पर वन कर्मियों की गोलीबारी कर हत्या व हत्या के प्रयास के कई मामले दर्ज हैं। ताजा मामले में भी उस पर 16 सितंबर 2019 को वन लखविंदर सिंह उर्फ लक्खी, करन सिंह व सूरज के साथ मिलकर कालाढुंगी वन क्षेत्र में कर्मी बहादुर सिंह चौहान की गोली मारकर हत्या करने का अभियोग पंजीकृत है। जमानत पर रिहा करने से वह जमानत का दुरुपयोग कर आरक्षित वन क्षेत्र में पेड़ों के कटान जैसा संगीन अपराध कर सकता है। इस पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

चरस बेचने के आरोपित को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। जनपद के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राकेश कुमार सिंह की अदालत ने चरस बेचने के एक आरोपित मुरानी पुत्र सोमपाल निवासी खम्मारी बाजपुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। शुक्रवार को जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने आरोपित की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सुनी गई जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि बीती आठ मार्च को रामनगर कोतवाली पुलिस के दरोगा कवीेंद्र व पुलिस बल ने क्षेत्र में इमरान नाम के युवक को चरस के साथ पकड़ा था। बाद में इमरान के बयानों पर उसे यह चरस उपलब्ध कराने वाले के तौर पर मुरारी को भी पकड़ा गया था। मुरारी डम्पर चलाता है, और चरस के कारोबार में संलिप्त पाया गया। न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

राज्य के शासकीय अधिवक्ताओं ने की कम्प्यूटर-लैपटॉप व इंटरनेट सेवा की मांग
नैनीताल। राज्य के शासकीय अधिवक्ताओं के संगठन-उत्तराखंड शासकीय अधिवक्ता संगठन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन्हें कम्प्यूटर-लैपटॉप व इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार खर्कवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वे आज के आधुनिक दौर में भी इन सुविधाओं से वंचित हैं। इस कारण उन्हें कोरोना विषाणु के कारण हुए लॉक डाउन के समय में ऑनलाइन पैरवी करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया है कि उत्तराखंड वाद कारिता नीति 2011 के अध्याय चार के प्रस्तर 7-1 में राज्य की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं को कम्प्यूटर, इंटरनेट एवं कॉमन रिसर्च सुविधा उपलब्ध कराने का प्राविधान है। पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि परामर्शी को भी भेजी गई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने गत दो अक्टूबर 2019 को रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई चंद्रशेखर टम्टा नाम के व्यक्ति की संपत्ति के विवाद में एक फार्म हाउस में हत्या करने के प्रयास के एक आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
मंगलवार को आरोपित अदनान मरगूब पुत्र मरगूब जॉन निवासी यमुना विहार, उत्तरी-पूर्वी दिल्ली की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित अन्य आरोपितों के संपर्क में रहा था और उसने पुलिस को विवेचना में कोई सहयोग भी नहीं किया था।
वहीं न्यायालय ने मंगलवार को इस वर्ष दो जनवरी 2020 को भीमताल थाना क्षेत्र में चंदादेवी के पास सड़क किनारे हुए बहुचर्चित नाजिम हत्याकांड में भी एक सह अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित राधेश्याम वाल्मीकि पुत्र स्वर्गीय सोहन लाल निवासी कुलियालपुरा नवाबी रोड हल्द्वानी ने मृतक नाजिम अली खान पुत्र रियासत अली खान निवासी इंद्रानगर ठोकर गली नंबर 3 हल्द्वानी की उसकी प्रेमिता ने राधेश्याम की मदद से हत्या करवा दी थी। आरोपित की निशानदेही पर ही हत्या में प्रमुक्त तमंचा व कारतूस, हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा खून से सने कपड़े आदि बरामद हुए थे। इन दलीलों पर न्यायालय ने दोनों आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 4 मई 2020। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राजेश कुमार की अदालत ने बीती 6 नवंबर 2019 को रामनगर में करीब 25 किलोग्राम से अधिक गांजे के साथ पकड़े गये एक आरोपित कपिल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि एक मोटरसाइकिल से आरोपित लक्की कुमार के कब्जे से दो बैगों में 5.542 किग्रा व 5.792 किग्रा व अमित कुमार के कब्जे से 5.762 ग्राम गांजा जबकि दूसरी मोटरसाइकिल सवार सुरेंद्र सिंह से 5.39 किलो व कपिल से 5.906 ग्राम गांजा बरामद हुआ था, परंतु कपिल मौके से फरार हो गया था। बाद में उसे फरीदपुर से 12 दिसंबर को पकड़ा गया था।
वहीं अन्य मामले में न्यायालय ने गत 17 मार्च 2020 को 160 ग्राम चरस के साथ हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में पकड़े गये आरोपित की जमानत अर्जी भी न्यायालय ने खारिज कर दी। डीजीसी शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित ने पकड़े जाते समय अपना नाम पता बंटू सोनकर पुत्र राधेश्याम निवासी लाल मस्जिद बड़ा टोला थाना चकेरी जिला कानपुर यूपी बताया था, जबकि उसके परिवार वालों ने उसका सही नाम पता अरमान हसन पुत्र सयद हसन निवासी शाह की इमली झाउगंज जिला पटना बिहार बताया था।

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-बीती 18-19 अप्रैल को लॉक डाउन के दौरान ही गर्भवती गाय चुराकर काट दी थी

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2020। बीती 18 व 19 अप्रैल 2020 की रात्रि हल्द्वानी के बरेली रोड उजाला नगर बनभूलपुरा निवासी इंतजार हुसैन पुत्र इरशाद हुसैन की चार माह की गर्भवती गाय चोरी कर ली गई थी। इससे दो दिन पहले ही उनके परिसर से एक और गाय चोरी की गई थी। इस मामले में 19 अप्रैल को थाना बनभूलपुरा के भादंसं की धारा 188, 379, 411, 263 व 270 तथा 51ख आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत हुआ था। मामले में इसी दिन विवेचनाधिकारी संजीत कुमार ने इंद्रानगर बनभूलपुरा निवासी तीन आरोपितों रईश पुत्र अब्दुल निवासी, अनीस उर्फ वेदा पुत्र रफीक अहमदव रिजवान कुरैशी पुत्र अयूब कुरैशी निवासी लाइन नंबर 17 बनभूलपुरा को काट दी गई गाय के गौमांस के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इधर शुक्रवार को आरोपित रिजवान कुरैशी व अनीस उर्फ वेदा की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में दायर की गई जमानत अर्जी पर ऑनलाइन सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपितों को गौमांस एवं गौकशी में प्रयुक्त हथियारों के साथ पकड़ा गया था। वे लॉक डाउन के दौरान अपराध में सक्रिय थे और गौकशी कर कोरोना का संक्रमण बढ़ा सकते थे। उनके विरुद्ध पहले से अन्य अपराधों में भी मामले दर्ज हैं। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर ली। उल्लेखनीय है कि पूर्व में इसी मामले में एक अन्य आरोपित रईश की जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी है।

चेक चोरी से धोखाधड़ी के आरोपित को एक वर्ष बाद भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने चेक चोरी कर उनमें धोखाधड़ी कर रुपये निकालने के आरोपित पवन कुमार पुत्र प्रेम चंद्र निवासी ग्राम मलिका थाना बिलसिन्डा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शनिवार को आरोपित की जमानत अर्जी की ऑनलाइन हुई सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को विवेचना के आधार पर बताया कि आरोपित के साथ तीन अन्य लागों ने करीब 13 माह पूर्व 16 मार्च 2019 को रिपोर्टकर्ता मथुरा प्रसाद पुत्र बंशीधर निवासी हिम्मतपुर बैजनाथ हल्द्वानी के द्वारा पीएनबी हल्द्वानी में जमा किये गये 2.1 लाख, 2.1 लाख व 6.3 लाख यानी कुल 10.5 लाख के चेकों में से 4.2 लाख रुपए का भुगतान धोखाधड़ी कर पीएनबी दिनेशपुर से 18 मार्च को नकद लेने पर बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में पता चला कि आरोपित पवन कुमार ने अपने तीन साथियों के साथ चेक चोरी कर इन चेकों में धोखाधड़ी कर नगद भुगतान लिया था। न्यायालय पूर्व में एक आरोपित रामकुमार पुत्र नोखे लाल की इस मामले में जमानत अर्जी खारिज भी कर चुकी है। अब न्यायालय ने एक वर्ष बाद भी आरोपित को जमानत नहीं दी

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-बीती 18-19 अप्रैल को लॉक डाउन के दौरान ही गर्भवती गाय चुराकर काट दी थी
नवीन समाचार, देहरादून, 25 अप्रैल 2020। बीती 18 व 19 अप्रैल 2020 की रात्रि हल्द्वानी के बरेली रोड उजाला नगर बनभूलपुरा निवासी इंतजार हुसैन पुत्र इरशाद हुसैन की चार माह की गर्भवती गाय चोरी कर ली गई थी। इससे दो दिन पहले ही उनके परिसर से एक और गाय चोरी की गई थी। इस मामले में 19 अप्रैल को थाना बनभूलपुरा के भादंसं की धारा 188, 379, 411, 263 व 270 तथा 51ख आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत हुआ था। मामले में इसी दिन विवेचनाधिकारी संजीत कुमार ने इंद्रानगर बनभूलपुरा निवासी तीन आरोपितों रईश पुत्र अब्दुल निवासी, अनीस उर्फ वेदा पुत्र रफीक अहमदव रिजवान कुरैशी पुत्र अयूब कुरैशी निवासी लाइन नंबर 17 बनभूलपुरा को काट दी गई गाय के गौमांस के साथ गिरफ्तार कर लिया था। एक फरार हो गया था। इधर शनिवार को आरोपित रईश की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में दायर की गई जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपितों को गौमांस एवं गौकशी में प्रयुक्त हथियारों के साथ पकड़ा गया था। वे लॉक डाउन के दौरान अपराध में सक्रिय थे और गौकशी कर कोरोना का संक्रमण बढ़ा सकते थे। जमानत दिये जाने पर भी वे अपराध कारित कर सकते हैं। इस पर न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर ली।
नशे के इंजेक्शन व दवाइयां बेचने वाले को भी नहीं मिली जमानत
नैनीताल। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस राकेश कुमार की अदालत ने नशे के इंजेक्शनों गोलियों आदि के साथ बीती एक मार्च को पकड़े गये 23 वर्षीय इनामुरर्हमान पुत्र अब्दुल निवासी गौजाजाली उत्तर की जमानत अर्जी खारिज कर र्दी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित शीशगढ़ बरेली से खरीदकर नशे की दवाइयां व इंजेक्शन लाता था और जनपद में बेचता था।
इस आधार पर अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
80 ग्राम स्मैक के साथ पकड़े गये तस्कर की जमानत अर्जी भी खारिज
नैनीताल। द्वितीय जिला जज विशेष न्यायाधीश एनडीपी राकेश कुमार की अदालत ने डिजिटल तराजू व 80 ग्राम स्मैक व करीब ढाई हजार रुपए की नगदी के साथ बीती 17 मार्च को पीरूमदारा रामनगर के पास थारी गांव जाने वाले मार्ग पर पकड़े गये थारी गांव निवासी रमेश सिंह पुत्र इंद्र सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने शनिवार को उसकी जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि कई पन्नियांे में करीब 80 ग्राम स्मैक मौके पर बरामद हुई थी। उसने स्वीकारा है कि वह यह स्मैक फतेजगंज बरेली से ताहिर व रईस से खरीदकर लाता है। इस आधार पर अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
गिरोहबंद अधिनियम में जेल में बंद का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार
नैनीताल। प्रथम जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद अधिनियम विनोद कुमार ने रामनगर में पंजीकृत गिरोहबंदी से संबंधित एक अभियोग में बंद महबूब पुत्र शरीफ की जमानत प्रार्थना पत्र पर शनिवार को सुनवाई की, और आरोपित को 50-50 हजार के दो जमानतियों व 50 हजार के बंधनामा पेश करने पर उसका जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।

यह भी पढ़ें : पैर टूटने से अस्वस्थ गाय को काटने के आरोपित को नहीं मिली जमानत

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मई 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने पैर टूटने से अस्वस्थ गाय को काटने के आरोपित कसाई की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। बीती नौ अप्रैल को गौकशी के आरोप में पुलिस द्वारा पकड़े गये कसाई शाहबुद्दीन कुरैशी पुत्र मुन्ना अलाउद्दीन निवासी इंद्रानगर ठोकर थाना बनभूलपुरा की ओर से न्यायालय में जमानत अर्जी दी गई थी। इसका विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि नौ अप्रैल की रात्रि आरोपित ने हल्द्वानी में गौला नदी के किनारे पैर टूटने से अस्वस्थ एक गौमाता का, जिसका उपचार भी चल रहा था, उसकी हत्या कर दी थी और अपने चार साथियों के साथ मांस ले गया था। उसकी निसानदेही पर हथियार भी बरामद किये गये थे। यह भी बताया कि आरोपित का गौकशी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इस दलील पर न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन के बावजूद न्यायालय ने नहीं मिली हल्द्वानी के बहुचर्चित हत्यारोपित को जमानत

-हल्द्वानी में 15 दिसंबर को हुए बहुचर्चित भुप्पी पांडे हत्याकांड का मामला, न्यायालय में खुलासा-आरोपित व उसके भाई की पिस्टलों से चली गोलियों से ही मृत्यु होने की पुष्टि

भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी पांडे

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अप्रैल 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पहली सुनवाई करते हुए हल्द्वानी के बहुचर्चित भूपेंद्र पाडे उर्फ भुप्पी पांडे की हत्या के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी। न्यायालय ने इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से आरोपित को झूठा फंसाने तथा लॉक डाउन की दलीलों को भी नहीं माना।
उल्लेखनीय है कि गत उच्च न्यायालय के 15 अप्रैल से जिला न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आवश्यक मामले सुनने के आदेश के बाद 16 अप्रैल को जनपद न्यायालय में हल्द्वानी में 15 दिसंबर को हुए बहुचर्चित भुप्पी पांडे हत्याकांड के एक आरोपित गौरव गुप्ता की जमानत का प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दायर किया गया था। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई। मामले में बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपित को झूठा फंसाया गया है। वैसे भी इन दिनों लॉक डाउन की वजह से जेल में सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिए भी आरोपित को जमानत दी जानी चाहिए। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मृतक भूपेंद्र पांडे को लगी चार गोलियों में से दो आरोपित भूपेंद्र गुप्ता की और शेष दो उसके भाई सौरभ गुप्ता की पिस्टल से चली होने की पुष्टि हो गई है। आरोपित पर पहले से भी एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं, लिहाजा ऐसे अपराधी को कोरोना से अधिक विकट स्थितियों में भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए। इस पर न्यायालय ने आरोपित गौरव गुप्ता की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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-15 दिसंबर 2019 को हल्द्वानी में दिनदहाड़े हुए भूपेंद्र पांडे उर्फ भुप्पी पांडे हत्याकांड के जेल में बंद आरोपित गौरव गुप्ता की ओर से अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने ऑनलाइन दायर किया है जमानत प्रार्थना पत्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अप्रैल 2020। गत दिवस उत्तराखंड बार काउंसिल की ओर से कहा गया था कि जिला न्यायालयों के अधिवक्ताओं के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं, तथा उन्हें वीडियो कांफ्रेंस से सुनवाई की तकनीकी जानकारी भी नहीं है। इसलिए उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से 15 अप्रैल से प्रदेश के जिला न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंस से होने वाली सुनवाई के आदेश पर पुर्नविचार किया जाए। इधर 15 अप्रैल को जिला न्यायालय में किसी मामले की सुनवाई भी नहीं हो पाई थी, लेकिन बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई के लिए पहला प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दायर कर लिया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस पर सरकार से जवाब तलब कर लिया है। 
जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि हल्द्वानी में 15 दिसंबर को हुए बहुचर्चित भुप्पी पांडे हत्याकांड के एक आरोपित गौरव गुप्ता की जमानत का प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दायर किया गया है। इस पर उन्होंने मामले के विवेचनाधिकारी से रिपोर्ट मांग ली है। मामले में जमानत अर्जी पर सुनवाई 20 अप्रैल को सुबह 11 बजे होगी।
इधर नैनीताल जिला कारागार में बंद भुप्पी पांडे के हत्यारोपित गौरव गुप्ता के अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आसान है। अलबत्ता, आगे मूल प्रपत्र जमा न होने से समस्याएं आ सकती हैं।

यह भी पढ़ें : शराब तस्करों को 5-5 साल की जेल की सजा, जांच अधिकारी सीओ पर प्रतिकूल टिप्पणी

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मार्च 2020। वर्ष 2016 में होली के दौरान अवैध शराब के दो तस्करों ने एक पुलिस उप निरीक्षक को क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा करने के लिए 40 हजार रुपये रिश्वत देने की पेशकश की थी। मामले में दोनों आरोपितों थाना इज्जतनगर बरेली वर्तमान निवासी जोशीखोला बड़ी मुखानी हल्द्वानी निवासी रामेश्वर सिंह तथा ज्ञानेंद्र कुमार ओझा को 18 मार्च, 2016 को रिश्वत की धनराशि के साथ पकड़ा गया था। 
इस मामले में आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने दोनों आरोपितों को रिश्वत देने के आरोप में 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपए अर्थदंड तथा अर्थदंड न चुकाने पर 2 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। आदेश के बाद दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में न्यायालय ने विवेचनाधिकारी-तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह के विरुद्ध प्रतिकूल टिप्पणी की है। आदेश में कहा है कि विवेचनाधिकारी ने यूपी पुलिस रेगुलेशन तथा उत्तराखंड में लागू रेगुलेशन संख्या 108 व 109 का पालन नहीं किया है। साथ ही धारा 172 दंड प्रक्रिया संहिता में दिये गए प्रावधानों की अनदेखी भी की है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की जांच एक पुलिस क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को दी गई, जिनसे त्रुटिपूर्ण विवेचना की उम्मीद नहीं की जाती है। आदेश की एक प्रति निदेशक अभियोजन उत्तराखंड शासन को भी भेजी है तथा विवेचना के स्तर में वृद्धि के लिए सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता जताई है। 
उल्लेखनीय है कि इस मामले में पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने तत्कालीन संबंधित सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी व उपनिरीक्षक रजत कसाना व अन्य साक्षियों को न्यायालय में पेश किया। इस दौरान एक स्वतंत्र चश्मदीद गवाह विनीत कुमार अग्रवाल अपने बयानों से मुकर कर पक्षद्रोही हो गया था। 

ह भी पढ़ें : पिता के सेवानिवृत्ति के पैंसे हड़पने के लिए सगे भाई को गला काट टंकी में डाल मार डाला, मिली उम्र कैद..

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मार्च 2020.। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत ने पिता के सेवानिवृत्ति की धनराशि को पूरा हड़पने के लिए अपने सगे भाई के हत्यारे को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। साथ ही धारा 201 के तहत दो वर्ष का कारावास व 2 हजार रुपए अर्थदंड एवं अर्थदंड न चुकाने पर 2 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश करते हुए न्यायालय को बताया कि 22 मार्च 2017 को हल्द्वानी के बिठौरिया नंबर 1 में अनिल कुमार पांडे के छोटे पुत्र सूर्यकांत के गायब होने, बड़े बेटे कृष्णकांट के गड्ढा खुदवाने और पास जाने पर बदबू आने की सूचना पुलिस को दी थी। बाद में पुलिस को इसी गड्ढे में सूर्यकांत का अर्धनग्न शव सड़ी गली अवस्था में बरामद हुआ। एक गवाह न्यायालय में अपने बयानों से मुकर भी गया था। अलबत्ता एक गवाह ने कहानी साफ की कि पिता के सेवानिवृत्ति पर मिले रुपयों को पूरा हड़पने के लिए कृष्णकांत ने अपने भाई सूर्यकांत की चाकू से गले में वार कर हत्या कर दी थी और शव पानी की टंकी में डाल दिया था। बताया गया कि पिता ने सेवानिवृत्ति पर हत्यारे कृष्णकांत के खाते में 16 लाख व मृतक सूर्यकांत के खाते में 18 लाख यानी अधिक रुपए की एफडी बनाई थी। इस कारण ही पूरी धनराशि हड़पने की नीयत से हत्या की गई।

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग नैनीताल: न्यायाधीश को न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता ने दी जान से मारने की धमकी, की अभद्रता, न्यायिक कार्य में भी डाली बाधा

-न्यायाधीश की तहरीर पर वरिष्ठ अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज
-अधिवक्ता पर न्यायिक कार्य में बाधा डालने, न्यायाधीश से अभद्रता करने एवं जान से मारने की धमकी देने के आरोप में न्यायाधीश ने दी है तहरीर
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 फरवरी 2020। नैनीताल जिला न्यायालय के एडीजे-द्वितीय यानी अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह को मंगलवार को जिला न्यायालय में वकालत करने वाले एक वरिष्ठ अधिवक्ता भूदेव शर्मा न्यायालय में ही जान से मारने की धमकी देने से सनसनी फैल गई। यही नहीं अधिवक्ता ने न्यायालय में न्यायिक कार्य में बाधा डाली और न्यायाधीश से अभद्रता भी की। न्यायाधीश ने अधिवक्ता के खिलाफ तल्लीताल थाने में शिकायती पत्र दिया है। अधिवक्ता शर्मा पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने मंगलवार को न्यायिक कार्य के दौरान न्यायिक कार्य में बाधा डाली और एडीजे सिंह के साथ अभद्रता भी की। यही नहीं अधिवक्ता ने न्यायाधीश को जान से मारने की धमकी भी दी।
इस पर तल्लीताल पुलिस ने आरोपित अधिवक्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 228, 504 तथा 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सीओ विजय थापा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने अधिवक्ता के विरुद्ध पूर्व में दर्ज मामलों की पड़ताल भी शुरू कर दी है, और प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया है कि आरोपित अधिवक्ता के खिलाफ पूर्व में हल्द्वानी कोतवाली में एक मामले की सुनवाई के दौरान अपने मुवक्किल के साथ मारपीट करने के आरोप में भी मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला न्यायालय के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह द्वारा तल्लीताल थाने में दी गई तहरीर में कहा है कि मंगलवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता भूदेव शर्मा ने न्यायालय के न्यायिक कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। इसका विरोध करने पर न्यायाधीश से अभद्रता की और जान से मारने की धमकी भी दी। मामले में उप निरीक्षक दिलीप कुमार को सोंपी गई है।

यह भी पढ़ें : नाबालिग को भगाने के आरोपित को चार साल के कठोर कारावास की सजा..

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2020। खबरदार, जो किसी नाबालिग को भगाया। न्यायालय ने नाबालिग को बहला फुसलाकर भगाने के मामले में आरोपित को दोषी करार देते हुए चार साल के कठोर कारावास व दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला बिंदुखत्ता के रावत नगर प्रथम का है। यहां रहने वाले दीपक मेहता पुत्र केएस मेहता क्षेत्र पर पड़ोस की नाबालिग को बहला फुसलाकर पंजाब भगा ले जाने का आरोप लगा था।

पीड़िता की मां की तहरीर पर लालकुआं कोतवाली में अपहरण व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पीड़िता को पुलिस ने हल्द्वानी से बरामद किया था और आरोपित को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। इधर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनीष कुमार पांडे की अदालत में अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किये। इस पर न्यायालय ने आरोपित दीपक मेहता को नाबालिग को भगाने के आरोप में दोषी साबित करते हुए सजा सुनाई, जिसके बाद अभियुक्त को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी की महिला को अश्लील संदेश भेजने वाले बागेश्वर के युवक को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जनवरी 2020। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने हल्द्वानी निवासी महिला शिक्षिका को अश्लील संदेश भेजने वाले बागेश्वर निवासी आरोपित को अलग-अलग धाराओं में तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं चार हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। उम्मीद की जा रही है अदालत द्वारा सुनाई गई कठोर सजा महिलाओं को इसी तरह अश्लील संदेश भेजने वाले अन्य मनचलों के लिए भी सबक साबित होगी।

मामले के अनुसार हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा में किराये के घर में रहने वाली एक निजी विद्यालय की शिक्षिका ने चार वर्ष पूर्व 4 फरवरी 2016 को मुखानी थाने में पुलिस को तहरीर देकर कहा था कि एक अनजान व्यक्ति द्वारा अपने मोबाइल नंबर 9720165056 से एक सप्ताह से ह्वाट्सएप के जरिये आपत्तिजनक फोटो व अश्लील संदेश भेजकर परेशान किया जा रहा है। साथ ही धमकी भी दे रहा था कि अगर वह उससे दोस्ती नहीं करेगी व मुलाकात नहीं करेगी तो वह उसकी फोटो को एडिट कर आपत्तिजनक बनाकर नेट के जरिये बदनाम कर देगा। बाद में विवेचना में मोबाइल नंबर के आधार पर धरमपाल मौर्य व विक्रम सिंह मेहता निवासी जिला बागेश्वर को मामले में प्रथमदृष्टया अभियुक्त बनाया गया। इधर न्यायालय में सहायक अभियोजन अधिकारी के द्वारा 6 गवाह पेश किये गये। इधर न्यायालय ने आरोपित विक्रम मेहता को भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 66, 66 व 67 में तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा एक-एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई, वहीं दूसरे आरोपित धरमपाल मौर्य को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी मोहन सिंह रावत ने पैरवी की।

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-पंकज खंडेलवाल हत्याकांड में अंडरवर्ल्ड सरगना पीपी, भुपी व पांडे दोषमुक्त
नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जनवरी 2019। हल्द्वानी में वर्ष 2006 में हुई सर्राफ पंकज खंडेलवाल की हत्या के मामले में गैंगस्टर से संबंधित एक मामले में विशेष जज गैंगस्टर एक्ट-अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम नैनीताल विनोद कुमार की अदालत ने अंडरवर्ल्ड सरगना प्रकाश पांडे उर्फ पीपी, भूपेंद्र बोरा उर्फ भुपी एवं सतीष पांडे को दोषमुक्त पाया है, जबकि एक अन्य आरोपित शूटर इरफान को दोषी पाया है। आगे न्यायालय 13 वर्ष से जेल में बंद इरफान को दी जाने वाली सजा पर आगामी 7 जनवरी सुनवाई करेगी।
उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 2006 की शाम सवा आठ बजे हल्द्वानी के जय गुरु ज्वेलर्स के स्वामी पंकज खंडेलवाल की दुकान बंद कर पत्नी व बेटे के साथ निकलते समय मृतक के भाई द्वारा दी गई सुपारी पर भाड़े के दो शूटरों ने गोली मारकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप मृतक के बड़े भाई प्रदीप खंडेलवाल, कथित तौर पर वियतनाम में मौजूद एवं रेड कॉर्नर नोटिस जारी अंडरवर्ल्ड डॉन प्रकाश पांडे उर्फ पीपी एवं उसके स्थानीय तौर पर सक्रिय साथी भुपी व सतीष पांडे आदि पर लगा था। इनके खिलाफ यूपी गैंगस्टर एंड एंटी सोसियल एक्टीविटीज प्रिवेंशन एक्ट 1986 के तहत मुकदाम चल रहा था। बाद में मामले में प्रदीप खंडेलवाल तो बरी हो गया अलबत्ता एक शूटर वकील अहमद उर्फ गुड्डू को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। जबकि इधर शनिवार को दूसरे शूटर इरफान का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। गैंगस्टर एक्ट के मामले में एडीजे प्रथम विनोद कुमार की अदालत में पीपी, भुपी व सतीष पांडे दोषमुक्त हो गए, जबकि अन्य आरोपित इरफान दोषी साबित हुआ है।

नवीन समाचार
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