Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

नैनीताल के एक प्रतिष्ठान में आग से 10 लाख की नगदी सहित 50 लाख का सामान खाक

Spread the love

नैनीताल। नगर के माल रोड पर मेथोडिस्ट चर्च के नीचे स्थित प्रतिष्ठान ‘बनारसी पान भंडार एवं गिफ्ट सेंटर’ में 10 लाख रुपए की नगदी सहित करीब 50 से 60 लाख रुपए के सामान का नुकसान होने का अनुमान है। आग लगने की घटना बृहस्पतिवार रात्रि साढ़े 11 बजे के आसपास शुरू हुई, जिसके केवल करीब आधा घंटा पहले ही दुकान कर्मी दुकान बंद करके घर गये थे। आग का कारण साफ तौर पर बिजली के ‘शॉर्ट सर्किट’ होना माना जा रहा है। दुकान के दोमंजिले की टिन की छत के ठीक ऊपर से पड़ोस में स्थित सरोवर होटल एवं इसके नीचे की तीन दुकानों की बिजली की केबिलें जा रही थीं, जबकि बिजली का पोल दुकान से सटकर खड़ा है। आग लगने की सूचना राहगीरों ने दी, लेकिन जब तक दुकान स्वामी सारिका चौरसिया व कर्मी घर से दुकान पर पहुंचते व अग्निशमन बल आग बुझाने में जुटते आग विकराल रूप ले चुकी थी। इस कारण कोई दुकान के अंदर घुसने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाया। इस वजह से दुकान में मौजूद करीब 10 लाख रुपए की नगदी को भी नहीं बचाया जा सका। बताया गया है कि दुकान में कपड़ों का गोदाम भी था और एक दिन पूर्व ही सामान लाया गया था, और भुगतान के लिए नगदी के साथ ही कुछ चेक भी तैयार रखे गये थे।

बिजली के पोल से सटी आग से खाक हुई दुकान

दुकान स्वामी सारिका पर लगातार टूट रहे दुःखों के पहाड़

नैनीताल। चौरसिया पान भंडार को सारिका चौरसिया नाम की महिला चार वर्ष पूर्व अपने युवा पति राजू चौरसिया के असामयिक निधन के बाद से चला रही है। उनके दो बच्चे हैं, बेटा 12वीं व बेटी सातवीं कक्षा में पढ़ती है। पति की मृत्यु के दुःख को भुलाकर वह घर-परिवार, बच्चों व दुकान की अनेक जिम्मेदारियों को दुकान पर 38 वर्ष से अनवरत कार्य कर रहे कर्मी गोपाल बिष्ट की मदद से निभा रही हैं। आज की घटना के बाद सारिका के आंसू बरबस निकल रहे हैं। दुःखद बात यह भी है कि दुकान का किसी तरह का कोई बीमा भी नहीं है।

इधर संवेदनशीलता प्रदर्शित करते हुए जिले के डीएम विनोद कुमार सुमन एवं सीडीओ ने भी अग्निदुर्घटना से प्रभावित दुकान पर पहुंचकर दुकान स्वामी महिला को सांत्वना एवं दैवीय आपदा मद से हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।

पत्नी वियोग में जलती आग में कूदा प्रतिष्ठित परिवार का युवक

-बीते वर्ष ही हुआ था विवाह, विवाह के कुछ ही दिनों साथ रहकर पत्नी चले गयी थी मायके
नैनीताल, 3 मार्च 2018। नगर के प्रतिष्ठित परिवार का युवक बीती रात्रि घर में लगी आग में जलकर जिंदा भुन गया। युवक का विवाह बीते वर्ष ही 28 अप्रैल 2017 को हुआ था, और विवाह के बाद कुछ ही दिन साथ रहने के बाद उसकी पत्नी मायके चली गयी थी। बताया गया है कि तभी से वह गहरे अवसाद में था।

घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार रात्रि करीब 12 बजे नगर के शेरवानी लॉज क्षेत्र में अज्ञात कारणों से जबर्दस्त आग लग गयी। घर में नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी विद्या भास्कर पत्नी स्वर्गीय मदन लाल भास्कर (पूर्व सहायक शिक्षाधिकारी) अपने पुत्र पंकज कुमार (37) के साथ रहती थीं। आग लगने के बाद दोनों घर से बाहर निकल आए, और स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास हुआ। आग न बुझने व विकराल रूप लेने पर करीब एक बजे आग की सूचना अग्निशमन विभाग को एवं कालाढुंगी रोड पर रहने वाली वाणिज्य कर विभाग में उपायुक्त के पद पर कार्यरत बेटी एवं नैनीताल जिले के मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चंद्र व दूसरे बेटे गदरपुर (ऊधमसिंह नगर) में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत विमल कुमार आदि को दी गयी, तथा वे करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचे। इस बीच आग को अन्य सटे हुए घरों में फैलने से बचाने के लिए टिन की छत को तोड़ने व खास कर घर के भीतर मौजूद गैस सिलेंडरों को बाहर निकालने, के काम में व्यस्त लोगों के बीच से पंकज किसी समय धधकती आग से घिरे घर के भीतर चला गया, और किसी तरह चीखा-चिल्लाया भी नहीं। स्थिति यह रही कि आग के करीब-करीब बुझने के बाद सुबह चार-साढ़े चार बजे उसके धधकते घर के भीतर होने का पता चला। तब तक वह बुरी तरह से भुन चुका था। सुबह करीब सात बजे उसके शव को घर से बाहर लाया जा सका। वहीं करीब 12-13 वर्ष पूर्व घर की दूसरी मंजिल कमोबेश भष्म हो चुकी है। आग बुझाने में अग्निशमन विभाग व एसडीआरएफ के जवानों के साथ ही क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र बिष्ट, पप्पू भट्ट, राम सिंह रौतेला, हरीश जोशी, गोपाल मेहरा, प्रताप बिष्ट आदि ने उल्लेखनीय योगदान दिया। घर में सुबह नौ बजे भी आग की लपटें उठती देखी गयीं। वाहनों के लिए तीक्ष्ण चढ़ाई का मार्ग होने की वजह से अग्निशमन विभाग के वाहन चढ़ने में दिक्कत आई, जबकि पेयजल की हो रही कटौती के कारण पानी भी उपलब्ध नहीं हुआ। आसपास के लोगों ने अपनी पानी की टंकियां खाली कर आग बुझाने में योगदान दिया।

यह भी पढ़ें :

उत्तराखंड में ‘दावानल’ की राष्ट्रीय आपदा : न खुद भड़की आग, न उकसाया हवा ने

नैनीताल में आग की भेंट चढ़ चुके है कई विरासत महत्व के भवन

नैनीताल राजभवन में आग, फिर मंगल को सामने आया अमंगल

मंगलवार को होने वाले अधिकांश अग्निकांडों में खाक हुए हैं कई विरासत महत्व के भवन

नैनीताल। इसे दुर्योग कहें या कुछ और, नैनीताल के ऐतिहासिक भवनों और आग का मानो चोली दामन का साथ है, वहीं यह भी अजब संयोग है कि यहां आग की अमंगलकारी घटनाएं अक्सर मंगलवार को होती हैं। उस मंगलवार को, जिसे धार्मिक दृष्टिकोण से पंचतत्वों में अग्नि से जोड़ा जाता है। नैनीताल नगर का नाम ‘न” वर्ण से शुरू होने के नाते इस नगर की राशि बृश्चिक है, जिसका स्वामी मंगल होता है। मंगल ग्रह को लाल ग्रह, भूमि पुत्र व अंगारक भी कहा जाता है, लिहाजा मंगल का अग्नि से सीधा संबंध बताया जाता है। नैनीताल में मंगल और आग के बीच का यह संबंध अनेक एतिहासिक भवनों में हुए भीषण अग्निकांडों के रूप में दिखाई देता है। नैनीताल जिला कलक्ट्रेट 5 अक्टूबर 2010 एवं राजभवन में 2 अप्रेल 2013 के अग्निकांड मंगलवार को ही हुए थे। गौरतलब है कि मंगल को लाल ग्रह भी कहा जाता है, तथा अग्नि से उसका सीधा संबंध बताया जाता है। 5 अक्टूबर 2010 जिला कलक्ट्रेट को भीषण अग्निकांड का शिकार होना पड़ा था, उस दिन भी मंगल ही था।
इसके अलावा भी नगर में अग्नि दुर्घटनाएं होती रहती हैं। 1960 के दशक में जिम कार्बेट का कैलाश व्यू (हाडी-भांडी), शेरवुड के निकट क्लिफ्टन, 70 के दशक में तत्कालीन सेक्रेटरिएट (वर्तमान हाईकोर्ट), 27 नवंबर 1977 को नैनीताल क्लब, 1992 में डीएसबी परिसर का भौतिक विज्ञान विभाग, 2003 में राजभवन के एक हिस्से, 14 सितंबर 2013 को नयना देवी मंदिर के पास गोवर्धन संकीर्तन हॉल एवं 26 अक्टूबर 2013 की मध्य रात्रि नगर स्थित राजा महमूदाबाद अमीर मोहम्मद खान की प्रशासन के कब्जे वाली अरबों रुपए की ‘शत्रु संपत्ति”-मेट्रोपोल होटल का बॉइलर रूम व बैडमिंटन कोर्ट तथा 14 कमरों वाला हिस्सा पूरी तरह खाक हो गया था। इसके अलावा अयारपाटा का प्रायरी लॉज, हटन कॉटेज व वियना लॉज (धामपुर हाउस) में भी भीषण अग्निकांड हुए।

केएमवीएन मुख्यालय में भीषण अग्निकांड

29 अक्टूबर 2015 को हुए भीषण अग्निकांड के बाद कुमाऊँ मंडल विकास निगम का मुख्यालय

-गैस, मार्केटिंग, खनन व कम्प्यूटर रूम आदि युक्त ऊपरी मंजिल पूरी तरह खाक, कर्मचारी निचली मंजिल से आग के बीच घुसकर दस्तावेजों को बाहर लाने में रहे सफल
नैनीताल, 29 अक्टूबर 2015। बृहस्पतिवार सुबह तड़के नैनीताल स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम को अंग्रेजी दौर के बने विरासत महत्व के ओक पार्क स्थित ओक लॉज भवन कहे जाने वाले मुख्यालय में भीषण अग्निकांड हो गया। अग्निकांड में मुख्यालय की दूसरी मंजिल पूरी तरह से खाक हो गई, जबकि निचली मंजिल से हालांकि काफी उपयोगी सामग्री कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर सक्रियता व तेजी बरतते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन वह भी उपयोगी नहीं बची है। ऊपरी मंजिल में स्थित निगम के सर्वाधिक आय व लाभ प्रदान करने वाली एकमात्र इकाई गैस का पूरा डिवीजन खाक हो गया है, इसी तरह निगम के एमडी, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तथा कार्मिक अधिकारी आदि के कार्यालय, मार्केटिंग से संबंधित खनन, जड़ी-बूटी, एफएल-2, कंपनी सेक्रेटरी कार्यालय व कम्प्यूटर कक्ष आदि भी पूरी तरह से खाक हो गए हैं।

कुमाऊँ मंडल विकास निगम का मुख्यालय अग्निकांड से पहले
कुमाऊँ मंडल विकास निगम का मुख्यालय अग्निकांड से पहले

नैनीताल। 1976 में स्थापित केएमवीएन का मुख्यालय पूर्व में वर्तमान हाईकोर्ट व तत्कालीन सेक्रेटरिएट में संचालित था। बताया जाता है कि उत्तराखंड बनने की संभावनाओं और सेक्रेटरिएट में नए राज्य का सेक्रेटरिएट या हाईकोर्ट संचालित किए जाने की संभावनाओं के बीच इसे वहां से हटाकर राज्य संपत्ति विभाग व लोनिवि की संपत्ति रहे ओक पार्क स्थित ओक लॉज हाउस में नवंबर 1995 से इसे संचालित किया जाने लगा। इधर वर्ष 2010में यह भवन निगम को हस्तांतरित हुआ था। इससे पूर्व 1935 में देश में ब्रिटिश राज में अंतरिम सरकार बनने के दौरान भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत भी इस घर में रहे थे।

सूखाताल टीआरएच से चलेगा निगम मुख्यालय, नवंबर 95 से यहां संचालित था निगम मुख्यालय
नैनीताल। ओक पार्क स्थित कार्यालय बृहस्पतिवार सुबह अग्निकांड में खाक होने के बाद इसके प्रतिस्थापन का खाका भी खींच लिया गया है। निगम के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने कहा कि शीघ्र ही मुख्यालय को सूखाताल स्थित पर्यटक आवास गृह से संचालित किया जाएगा। यहां हाल में डांडी हाउस के टूटने के बाद से संचालित हो रहे केंद्रीय रिजर्वेशन सेंटर के साथ ही निचले तल में मुख्यालय के अलग-अलग खंड चलाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर केवर्न रेस्टारेंट के कुछ हिस्से का उपयोग भी किया जा सकता है। इसके अलावा वर्तमान मुख्यालय को फिर से पुराने स्वरूप में ही पुर्नस्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यालय स्थानांतरित होने से निगम अपने दायित्वों पर प्रभाव नहीं पड़ने देगा, ऐसी कोशिश की जाएगी। कर्मचारियों के सर्विस बुक तरह के प्रपत्र कमोबेश सुरक्षित हैं, इसलिए उन्हें भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। अलबत्ता, उनकी एक वर्ष के भीतर निगम के सभी टीआरएच को आधुनिक करने की मुहिम पर हल्का प्रभाव पड़ सकता है।

कागजों पर गायब हुआ केएमवीएन, धरातल पर हुआ चालू
नैनीताल। बृहस्पतिवार को भीषण अग्निकांड में कुमाऊं मंडल विकास निगम का मुख्यालय बुरी तरह से क्षतिग्रस्त ही नहीं हुआ, वरन कागजों पर निगम का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। जी हां, इस दुर्घटना में 1976 में स्थापित निगम के कंपनी रजिस्ट्रार से रजिस्ट्रेशन के उपरांत प्राप्त सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं निगम को एक प्रतिष्ठान-कंपनी के रूप में मान्यता देने वाला फ्रेम कर संभाला गया इनकॉर्पोरेशन प्रमाण पत्र तथा 1976 से अब तक कंपनी एक्ट के तहत बेहद जरूरी वर्ष में चार बार होने वाली बोर्ड बैठकों के ‘मिनट्स’ भी जलकर खाक हो गए हैं। कंपनी सचिव अनिल आर्य ने शुक्रवार को इसकी जानकारी निगम के एमडी धीराज गर्ब्याल को देकर पुलिस में इसकी एफआईआर करा दी है। उनका कहना था कि इन प्रपत्रों की अनुपस्थिति में निगम कागजों में एक कंपनी के रूप में नहीं रह गया है। हालांकि उन्होंने बताया कि इसकी फोटो स्टेट कॉपी ढूंढ ली गई है, जिसके जरिए इसकी दूसरी कॉपी हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। इसी तरह अन्य अनेकों दस्तावेज भी आग की भेंट चढ़ गए हैं।

Loading...

नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

2 thoughts on “नैनीताल के एक प्रतिष्ठान में आग से 10 लाख की नगदी सहित 50 लाख का सामान खाक

  • April 20, 2018 at 9:09 PM
    Permalink

    your information about money is totally wrong you have posted wrong information about money. according to the owner there was not that much cash in the shop.

    Reply
    • April 20, 2018 at 10:43 PM
      Permalink

      प्रेस को यही जानकारी दी गयी दुकान स्वामी के द्वारा.. अब शायद इनकम टैक्स-जीएसटी सम्बन्धी दिक्कतें होंगी.. हम सुधार भी कर देंगे, अगर वे कहें तो..

      Reply

Leave a Reply