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ब्रेकिंग नैनीताल : महिला को गुलदार ने मार डाला, इसी आदमखोर ने 22 जून को भी महिला को मार डाला था !

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 11 जुलाई 2020। काठगोदाम के गौजा बैराज के निकट शेरकोट के जंगल में गुलदार ने सुबह-सुबह एक महिला को मौत के घाट उतार दिया है। महिला के शव को बरामद कर लिया गया है। उसकी पहचान गौला बैराज काठगोदाम निवासी 62 वर्षीया महिला पुष्पा देवी पत्नी स्वर्गीय मोहन सांगुड़ी के रूप में हुई है। काठगोदाम के थाना प्रभारी नंदन सिंह रावत ने घटना की पुष्टि करते हुए यह भी बताया कि क्षेत्र में लगातार नजर आ रहा है। बीती शाम पौने सात बजे काठगोदाम थाने के पास हनुमान मंदिर के पास भी गुलदार दिखाई दिया था। उल्लेखनीय है कि गत 22 जून को इसी क्षेत्र के सोनकोट गांव की 58 वर्षीया महिला को भी गुलदार ने मार दिया था। आज महिला को मारने वाला गुलदार भी वही माना जा रहा है। इस प्रकार गुलदार के आदमखोर होने के दृष्टिगत उसे मारने की मांग भी उठ सकती है। फिलहाल क्षेत्र में महिला की मौत से दहशत है। बताया गया है कि महिला आज सुबह ही तीन-चार महिलाओं के साथ घास काटने जंगल में गई थी। तभी जंगल में गुलदार ने उसे दबोच लिया और गले में वार कर उसे मार डाला।

यह भी पढ़ें : दो दिन के भीतर गुलदार का दूसरा शिकार बनी महिला, बुरी तरह क्षत-विक्षत मिला शव

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 8 जुलाई 2020। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ मार्ग मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर पेटशाल गांव में दो दिन के भीतर नरभक्षी गुलदार द्वारा एक और निवाला बनाने की खबर है। दो दिन पूर्व यहां उडल-डुंगरी गांव में मां की गोद से एक दो वर्षीय बालक को आदमखोर छीन ले गया था, जबकि अब एक 75 वर्षीया वृद्ध महिला आनंदी देवी पत्नी हरीश राम उसका शिकार बनी है। महिला के पति का निधन हो चुका है, और दो बेटियों की भी शादी हो चुकी है। इसलिए वह अकेली रहती थी। बताया गया है कि वह मंगलवार से गायब थी। इस पर किसी ने ध्यान भी नहीं दिया। इधर आज उसका शव अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ मार्ग से कुछ ऊपर व उसके घर से कुछ नीचे बेहद क्षत-विक्षत अवस्था में मिला है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक कल से गायब आनंदी की स्थानीय पुलिस व ग्रामीणों के द्वारा खोज की जा रही थी। बुधवार शाम उसका क्षत-विक्षत शव घर से कुछ ही दूरी पर बरामद हुआ।

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग : ढाई साल के मासूम को मार गया गुलदार, सिर विहीन शव मिलने की प्रारंभिक सूचना

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 6 जुलाई 2020।जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर पिथौरागढ़ मार्ग पर पेटशाल के पास आदमखोर हुए गुलदार के द्वारा एक ढाई वर्ष के मासूम बच्ची को मौत के घाट उतारने व प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्चे का सिर विहीन धड़ बरामद होने का दिल दहलाने वाला समाचार है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत एवं वन विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त हो गया है। क्षेत्रवासी आदमखोर के भय से मुक्ति दिलाने की मांग कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डुुंगरी के उडल गांव में दीपक व हेमा मेहरा के दो बच्चे हैं। एक नवजात बच्ची का दो दिन पूर्व ही नामकरण हुआ है, जबकि बड़ा बेटा दो साल का था। सोमवार अपराह्न करीब तीन बजे हेमा अपने बच्चे को बरामदे में गोद में लेकर बैठी थी, तभी घात लगाकर बैठा गुलदार उसकी गोद से बच्चे को छीनकर ले गया। बाद में बच्चे का क्षत-विक्षत शव घर से करीब 300 मीटर दूर मिल पाया। उल्लेखनीय है कुछ माह पूर्व भी इसी क्षेत्र में एक राजमिस्त्री बताये जाने वाले ग्रामीण की गुलदार ने हत्या कर दी थी।

यह भी पढ़ें : अभी-अभी काठगोदाम के पास गांव में महिला की गुलदार के हमले से मौत

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 22 जून 2020। काठगोदाम के पास गुलाबघाटी के पास सोनकोट गांव में अभी-अभी एक करीब 58 वर्षीया महिला पर गुलदार द्वारा हमला करने और घटना में महिला की मौत होने की सूचना आ रही है। बताया जा रहा है कि महिला जंगल में घास लेने गई थी, इसी दौरान उस पर गुलदार द्वारा हमला किया। घटना की सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच रही है। महिला की मौत के बाद उसके घर में कोहराम मच गया है।
बताया गया है कि आज मंगलवार सुबह लगभग 9:30 बजे भगवती देवी पत्नी पूरन सिंह अनेरिया उम्र 58 वर्ष अपने दो अन्य परिजनों के साथ रानीबाग चौहानपाटा सौनकोट पट्टी चोपड़ा, तहसील व जिला नैनीताल अपने घर के ऊपर फतेहपुर रेंज जंगल में लगभग 300 मीटर दूर स्थित भूमिया देवी मंदिर में पूजा करने जा रहे थे कि घर से वह भी 100 मीटर दूर भी नहीं पहुंचे थे बाघ ने हमला कर दिया।
महिला को गुलदार काफी दूर घसीट कर ले गया। बाद में गांव वालों ने महिला का शव जंगल से बरामद किया। घटना के बाद गांव में महिला की मौत से दुःख एवं कोहराम के साथ ही वन्य जीवों से भय भी व्याप्त हो गया है। महिला के पति पूरन सिंह एवं बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोग महिला के परिजनों को वन विभाग से मुआवजे की मांग भी कर रहे हैं। वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊं एवं मुख्यमंत्री के सचिव डा. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि कल तक महिला के परिजनों को तीन लाख रुपए की मुआवजा धनराशि उपलब्ध करा दी जाएगी।

प्रकृति की मन भर सुंदरता के बावजूद विकास का एक अंश भी नहीं डानीजाला गांव में

यह भी पढ़ें : जिम कार्बेट के घर के पास गार्ड पर झपटा गुलदार

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जून 2020। लॉक डाउन होने के बाद से वन्य जीवों का शहरों में आने का सिलसिला बढ़ा है। इसी कड़ी में नगर के अयारपाटा वार्ड में गुलदार दिखाई दे रहा है। यहां एक गुलदार बीती रात्रि नौ बजे एक गार्ड अविनाश कुमार पर झपट पड़ा। खास बात यह भी रही कि यह घटना अंग्रेजी दौर में आदमखोर बाघों के सुप्रसिद्ध शिकारी रहे जिम कार्बेट के घर गर्नी हाउस के पास हुई। बताया गया है कि अविनाश रात्रि की ड्यूटी में घर से खाना लेकर लौट रहा था, तभी गुलदार उस पर झपट पड़ा। क्षेत्रीय सभासद मनोज साह जगाती ने बताया कि घटना शुक्रवार रात्रि की है। तब संपर्क न हो पाने के बारण रविवार को संबंधित व्यक्ति ने उन्हें इसकी सूचना दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घटना की सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। इधर बताया जा रहा है कि क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों के गुल रहने से भी गुलदारों के होंसले बुलंद हैं।

यह भी पढ़ें : बड़ा दुःखद समाचार: किसान पर कहर बन कर टूटी बीती रात, गौशाला में 80 बकरियां मृत मिलीं

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जून 2020। बीती रात्रि मुख्यालय के निकटवर्ती, जिम कार्बेट पार्क से लगे, कार्बेट रेंज के एक गांव जलालगांव में बीती रात्रि एक विकलांग पशु पालक किसान पर कहर बन कर टूटी। सुबह घर के पास बनी गौशाला में 80 बकरियां मृत मिलीं। बकरियों के गले व अन्य हिस्सों पर घाव के निशान देखे गये हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से गांव के पास गुलदारों की गुर्राहट सुनाई दे रही थी। माना जा रहा है कि गुलदारों ने ही बकरियां मारी हों। जिस तरह इतनी बड़ी संख्या में बकरियां मारी गई हैं, उससे संभावना व्यक्त की जा रही है कि गुलदार भी संख्यामें अधिक होंगे। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, जबकि बकरियां बेचकर ही जीवन यापन करने वाले पीड़ित परिवार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उसकी आजीविका का साधन ही उजड़ गया है। घटना में एक दुःखद पक्ष वन विभाग की ओर से है। दो दिन पूर्व गांव के आसपास गुलदार देखे जाने की सूचना के बावजूद विभागीय कर्मी गांव में नहीं आये, और आज सूचना दिये जाने के बाद पीड़ित विकलांग किसान की मदद को स्वयं तत्परता दिखाते हुए उसकी यथासंभव मदद को जाने के बजाय उसे कालाढुंगी आने को कहा गया है। बमुश्किल भाजपा नेता के द्वारा डपटने के बाद वन कर्मियों के गांव की ओर जाने की सूचना है।
जलालगांव के ग्राम प्रधान गिरधर सिंह ने बताया कि गांव निवासी करीब 65 वर्षीय बची सिंह फालिज ग्रस्त हैं। उन्होंने परिवार की आजीविका चलाने के लिए घर से करीब 20 मीटर दूर गौशाला बनाकर करीब 90 बकरियां पाली हुई थीं। आज सुबह जब परिवार के लोग बकरियों को देखने गये तो वहां करीब 80 बकरियां मृत एवं अन्य के भी घायल मिलने से सन्न रह गये।  बताया गया है जलालगांव नैनीताल जनपद के भीमताल विकास खंड के अंतर्गत कालाढुंगी वन क्षेत्रांतगर्तन देचौरी बीट में आता है।
उन्होंने ग्राम प्रधान एवं वन विभाग की कालाढुंगी रेंज के अधिकारियों को घटना की सूचना दी। मुख्यालय में मौजूद ग्राम प्रधान गांव की ओर लौटे, जबकि वन कर्मियों ने शिकायती पत्र लेकर कालाढुंगी आने को कहा। जानकारी लगने पर भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष नितिन कार्की ने वनाधिकारियों को फोन किया, तब जाकर वन कर्मी गांव की ओर रवाना हुए हैं। ग्राम प्रधान गिरधर ंिसंह ने बताया कि उन्होंने दो-तीन दिन पूर्व गांव के बाहर गुलदार देखे जाने की सूचना वन रक्षक पान सिंह को दी थी। उन्होंने गांव में आने की बात कही थी, किंतु कोई नहीं आया। बताया कि जलालगांव वन क्षेत्र से पूरी तरह लगा भी नहीं है। उन्होंने संबंधित वनाधिकारियों को मौके पर भेजने और जांच कराने की बात भी कही है।

यह भी पढ़ें : गुलदार ने बनाया नौवीं कक्षा की बच्ची को निवाला

शाकिर हुसैन @ नवीन समाचार, कालाढूंगी, 6 जून 2020। रामनगर वन प्रभाग के बैलपड़ाव रेंज के अन्तर्गत ग्राम मदनवैल चूनाखान मे गुलदार ने 16 वर्षीय एक बच्ची को निवाला बना लिया। घटना में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई वही परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि मृतक बालिका कक्षा 9 की छात्रा थी।
जानकारी के अनुसार जंगल से सटे गांव मदनवैल गांव मे मृतका कुमारी ममता पुत्री जीवन लाल अपनी सहलियो के साथ नहर पर कपड़े धो रही थी। तभी वहां गुलदार आ गया। गुलदार को देख अन्य बालिकाए शोर मचाती हुए मौके से भाग गईं मगर गुलदार ममता को घसीट के जंगल मे ले गया। इसकी सूचना बालिकाओं ने परिजनों को दी जब तक परिजन मौके पर पहुचे तब तक गुलदार बच्ची को अपना निवाला बना चुका था। बमुश्किल परिजनों ने बच्ची को गुलदार के चुंगल से छीना घटना से परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है घटना की सूचना पाकर वन विभाग व पुलिस भी मौके पर पहुच गई। भाजपा नेता मनोज पाठक ने मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली व मौके से ही नैनीताल के सांसद अजय भट्ट से वार्ता कर पीड़ित परिवार को मदद के लिए बोला, जिस पर सासंद ने तत्काल पीड़ित परिवार को अनुमन्य सहायता का 30 प्रतिशत-90 हजार रूपये की सहांयता तत्काल उपलब्ध करा दी है। वन विभाग के रेंज अधिकारी संतोष पंत ने भी पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की बात कही व बताया कि घटना को देखते हुए मोके के पास जंगल मे पिंजरा लगया जा रहा है। उम्मीद जताई कि जल्द ही गुलदार को पकड़ लिया जाएगा। वही सीओ पंकज गैरोला ने भी मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी लेते हुवे बताया कि बच्ची का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उसके बाद शव परिजनों को सौप दिया जाएगा। इस दौरान कालाढूंगी व बैलपड़ाव पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।

यह भी पढ़ें : सुबह-सवेरे गुलदार गांव में, पूर्व सैनिक सहित दो ग्रामीण हमले में घायल, खुद भी कर्याड़ी में फंसा

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 5 अप्रैल 2020। रविवार सुबह-सवेरे अल्मोडा जनपद व तहसील के पपोली गांव में एक गुलदार के घुस आने से हड़कंप मच गया। गुलदार ने उसने एक पूर्व सैनिक राजेंद्र सिंह व एक स्थानीय दुकानदार महेंद्र सिंह पर हमला भी बोल दिया, इससे दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। भगदड़ मचने पर गुलदार जंगल की ओर जाने के बजाय गांव में ही इधर-उधर भागता हुआ एक घर की गोशाला के पीछे की संकरी गली-कर्याड़ी में फंस गया, और वहां से बाहर नहीं निकल नहीं सका। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। इस पर वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा के निर्देश पर वन विभाग की टीम रेस्क्यू टीम गुलदार को पकड़ने के लिए गांव पहुंच रही है। वहीं घायल ग्रामीणों-राजेंद्र सिंह व महेंद्र सिंह को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। महेंद्र की कमर जबकि राजेंद्र के हाथ व पैर में घाव हुए हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के निकटवर्ती नैना गांव में गुलदार के जोड़े का आतंक, मृत मिला बछड़ा..

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मार्च 2020। जिला-मंडल मुख्यालय के निकटवर्ती नैना गांव नाम के गांव में पिछले करीब एक माह से गुलदार का जोड़ा घूमता देखा जा रहा है। इससे गांव में जबर्दस्त भय व्याप्त है। गत दिनों एक घर से बकरी खा जाने के बाद गत दिवस इनमें से एक गुलदार बाइक सवारों पर झपट पड़ा था। इधर सोमवार की सुबह गांव के पास जंगल में करीब एक वर्ष की उम्र का बछड़ा मृत मिला है। बछड़े के शव का काफी हिस्सा वन्य जीव द्वारा छाया गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि इसे इसी गुलदार के जोड़े ने अपना शिकार बनाया है। 
नैना गांव निवासी सिचाई विभाग कर्मी रमेश गैड़ा ने यह जानकारी दी। साथ ही बताया कि गांव में कोरोना का भय भी व्याप्त है। इस कारण आम तौर पर एक-दूसरे से मिलने वाले ग्रामीण इन दिनों अपने घरों में ही सिमटे हुए हैं। इसलिए यह पता नहीं चल पाया है कि मृत बछड़ा किसका है। इस बारे में पूछे जाने पर प्रभागीय वनाधिकारी बीजू लाल टीआर ने ग्रामीणों से प्रार्थना पत्र मिलने पर आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।

यह भी पढ़ें : नैना गांव में गुलदार का जोड़ा दिखने से दहशत, सिचाई कर्मी पर झपटा

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मार्च 2020। मुख्यालय के निकट नैना गांव एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में अक्सर गुलदार का जोड़ा नजर आ रहा है। इससे पूरे क्षेत्र में दहशत है। मुख्यालय में सिचाई विभाग में कार्यरत रमेश सिंह गैड़ा ने बताया कि बीती शाम वह अपने तवेरे भाई ललित सिंह गैड़ा के साथ अपने घर जा रहे थे। तभी शाम साढ़े सात बजे हल्द्वानी रोड पर पुल पर गुलदार का जोड़ा दिखाई दिया। इनमें से एक गुलदार उनकी चलती बाइक पर झपट पड़ा। इस पर उन्हें मौत सामने नजर आई। बमुश्किल बाइक को दौड़ाकर उन्होंने जान बचाई। गैड़ा ने बताया कि गुलदार का यह जोड़ा अक्सर क्षेत्र में नजर आ रहा है। इससे पहले करीब पखवाड़े भर पूर्व गुलदार उनके ताऊ चंदन सिंह गैड़ा की गौशाला से दो बकरियां मार कर खा गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रात्रि में रोशनी का अभाव है। जिलाधिकारी को सौर ऊर्जा लगाने का प्रार्थना पत्र दिया गया है।

यह भी पढ़ें : गांव में दिन-दहाड़े दिखे गुलदार के तीन शावक, वन विभाग के इस कदम के बाद भी ग्रामीण दहशत में…

ललित मोहन बधानी @ नवीन समाचार, कालाढुंगी, 18 जनवरी 2020। शनिवार दोपहर जनपद के कोटाबाग विकास खंड मुख्यालय के निकटवर्ती भटलानी गांव के बीचों बीच गुलदार के तीन शावक मिलने से हड़कंप मच गया। देचोरी रेंज के गांव में मिले शावकों को देखने के लिये ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची और तीनों शावकों को जंगल में उनकी मां के होने के संभावित स्थान पर सुरक्षित छोड़ दिया।

आगे इसके बाद भी ग्रामीणों में गुलदार का भय बना हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि शावकों की मां गुलदार कहीं आसपास हो सकती है, और अपने बच्चे न मिलने पर गांव में हमलावर हो सकती है। कोटाबाग के भटलानी गांव में उस वक्त हड़कम्प मच गया जब गांव के बीचों बीच एक मकान की दीवार से लगे गुलदार के तीन शावक बैठे देखे गए। पहले तो शावकों को देखने के लिये ग्रामीणों की भीड़ लगने लग गयी जब बताया गया कि पता नहीं कब इनकी मां मादा गुलदार यहां आ जाये तो ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
भटलानी गांव रामनगर वन प्रभाग के देचोरी रेंज अंतर्गत आता है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से वन क्षेत्राधिकारी किरन शाह ग्वासाकोटी सहित तमाम वन कर्मी मौके पर पहुंच गए। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को इधर उधर हटाया और तीनों शावकों को की सुरक्षा बढ़ा दी। वन क्षेत्राधिकारी ग्वासाकोटी द्वारा ग्रामीणों को भी सतर्क कर दिया गया है कि वह चौकन्ने रहें। उन्होंने बताया कि जहां शावक हैं वहां गुलदार अपने बच्चों को खोजते हुए आ सकते हैं। इस लिए मौके पर कैमरे लगाए गए हैं तथा वर्षा को देखते हुए तिरपाल भी लगा दिया गया है तथा कई वन कर्मियों को निगरानी के लिए रखा गया है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: चार महिलाओं के समूह पर गुलदार ने किया हमला, एक महिला गंभीर

नवीन समाचार, कालाढुंगी, 14 जनवरी 2020। नैनीताल जनपद के कालाढुंगी नगर पंचायत के जंगल से लगे क्षेत्र में गुलदार ने घास काटने वाली महिलाओं के समूह पर हमला बोल दिया। गुलदार के हमले में नगर के रुड़की बहादुर वार्ड नंबर 2 निवासी महिला पार्वती देवी पत्नी दुर्गा दत्त पांडे गंभीर रूप से घायल हो गई। साथ गई महिलाओं ने शोर मचाकर बमुश्किल महिला को गुलदार के जबड़े से बचाया। बताया गया है कि पार्वती देवी सहित चार महिलाएं जंगल में घास काटने गई थीं, तभी पीछे से अकेले गुलदार ने उन पर हमला बोला। महिला को कालाढुंगी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए लाया गया, जहां से उसकी गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है जिम कार्बेट नेशनल पार्क क्षेत्र में संरक्षण अभियानों की सफलता के बाद बाघों की आबादी बढ़ने से गुलदारों का भोजन की तलाश में मानव बस्तियों की ओर रुख करना बढ़ रहा है। इसे भी गुलदारों के बढ़ते हमलों का एक कारण माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें : यह भी पढ़ें : शिकारी की गोली से ढेर हुआ गुलदार, आदमखोर था या नहीं-अभी पुष्टि नहीं

नवीन समाचार, श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल), 13 जनवरी 2020। जनपद के श्रीनगर के धारी देवी क्षेत्र में एक गुलदार को शिकारी जॉय ने ढेर कर दिया है। बताया गया है कि क्षेत्र में एक आदमखोर गुलदार हाल में 3 लोगों को अपना निवाला बना चुका था। इस पर शिकारी जॉय पिछले 2 दिनों से आदमखोर गुलदार का पीछा कर रहा था। सोमवार सुबह 6:25 बजे एक गुलदार शिकारी जॉय की गोली का शिकार बन गया। गुलदार के ढेर होने से धारी देवी के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। गुलदार को ढेर करने के बाद वन विभाग ने गुलदार के शव को अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि अभी तक कोई भी यह पुष्टि नहीं कर पा रहा है यह गुलदार आदमखोर ही था। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा क्या यह गुलदार आदमखोर था या नहीं।

यह भी पढ़ें : आंगन में धूप सेंक रही थी महिला, दिन दहाड़े जबड़े में दबाकर 150 मीटर खींच ले गया गुलदार

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 12 जनवरी 2020। पहाड़ में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। पिथौरागढ़ जनपद के कनालीछीना ब्लॉक मुख्यालय के पास रहने वाली 25 वर्षीया महिला राधा देवी पत्नी गणेश राम पर तेंदुए ने दिन दहाड़े तब पीछे से हमला कर दिया, जब वह घर के सामने आंगन में धूप सेंक रही थी। गुलदार महिला को घर से करीब डेढ़ सौ मीटर तक खींचते हुए ले गया। बहन सहित पड़ोसियों के हो हल्ला मचाए जाने पर तेंदुआ महिला को छोड़ कर जंगल की तरफ भाग गया।

गनीमत थी कि महिला विकास खंड कार्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निकट ही रहती थी। इसलिए उसे जल्दी उपचार मिल गया। हालांकि बाद में 108 चिकित्सा वाहन से जिला अस्पताल भेजा गया। जहां महिला का उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार तेंदुए के हमले में महिला के गले और माथे पर गहरे जख्म हैं, और उसकी हालत सामान्य बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों इस स्थान से लगभग पांच किमी दूर पलेटा के चौक्यालगांव में भी गुलदार ने एक नौ वर्षीय बालिका पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया था। घटना से क्षेत्र में गुलदार की दहशत व्याप्त हो गई है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: शाम ढले घर के बाहर दिखा गुलदार, दहशत

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 जनवरी 2019। बुधवार को नये वर्ष पर नगर के आबादी क्षेत्र में मानो गुलदार भी नये वर्ष का जायजा लेने पहुंचा। बताया गया है कि एक गुलदार नगर के रुकुट कंपाउंड क्षेत्र में रहने वाली जिला न्यायालय की अधिवक्ता स्वाति परिहार के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ है। बताया गया है कि बुधवार देर शाम करीब 8 बजे बाहर कुत्ते की चीखने की आवाज पर अधिवक्ता ने सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग चेक की तो उसमें गुलदार नजर आया।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को ही नगर में आए एक कांकड़ को आवारा कुत्तों ने नोंच कर मार डाला। जबकि उधर नगर के निकट ताकुला क्षेत्र में दिन दहाड़े गुलदार देखे जाने से भय का माहौल बना हुआ है।

यह भी पढ़ें : हद है, घर के भीतर से भारी-भरकम बैल को मारकर खा गया गुलदार

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 दिसंबर 2019। जनपद के ओखलकांडा विकासखंड के गौनियारों गांव में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। गुलदार रोज ग्रामीणों पर हमला कर रहा है लेकिन वन विभाग की ओर से उसे पकड़ने का प्रयास नहीं किया जा रहा हैं। इससे ग्रामीणों में रोष हैं।

बीती शाम गुलदार ने गांव के डूंगर सिंह गौनिया के गोठ में घुसकर बैल को मार दिया। इससे पहले बीते दिवस भी गुलदार ने गांव के लक्ष्मण सिंह, डूंगर सिंह व संजय कुमार पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। संजय कुमार का उपचार हल्द्वानी में चल रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश मटियाली ने बताया कि पिंजरा लाकर सड़क पर रखा हुआ है लेकिन विभाग की टीम गांव में मौजूद नहीं है। गुलदार के आतंक से ग्रामीणों में भय बना हुआ है और किसी अनहोनी घटना की आशंका से डरे हुए हैं। गौनियारों के प्रधान हेमा गौनिया, चकडोबा प्रधान अंजू मटियाली व प्रकाश मटियाली ने वन विभाग व प्रशासन से आदमखोर बनता जा रहा गुलदार को पकड़ने की मांग की है। गुलदार के किसी अनहोनी घटना को अंजाम दिया गया तो उसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। इधर विधायक राम सिंह कैड़ा ने भी डीएफओ से दूरभाष पर वार्ता कर जल्द पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें : शहर में गुलदार की दहशत, पूर्व सभासद सहित कई के पालतू कुत्ते खा गया गुलदार, इंसानों पर हमले को क्षेत्रवासी आशंकित

करीब 10 कुत्तों को मारकर खाने की सूचना, क्षेत्रवासी दहशत में
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अक्टूबर 2019। मुख्यालय के मल्लीताल शेरवानी-हंस निवास क्षेत्र में पहली बार, करीब एक माह से गुलदार की दहशत बतायी जा रही है। क्षेत्रवासी भाजपा कार्यकर्ता भूपेंद्र बिष्ट ने बताया कि जंगल से लगे इस क्षेत्र में शाम सात बजे से ही मोहल्ले के घरों के पास गुलदार देखा जा रहा है। यह आवारा कुत्तों के साथ ही पूर्व सभासद मनोज अधिकारी, केएमवीएन के सेवानिवृत्त कर्मी श्री पाठक व विनोद पांडे सहित कई लोगों के पालतू कुत्तों को निवाला बना चुका है। एक माह में अब तक करीब 10 कुत्तों को मारे जाने की बात कही जा रही है। इसकी सूचना बृहस्पतिवार को डीएफओ बीजू लाल टीआर को भी दी गई। डीएफओ का कहना है कि मल्लीताल क्षेत्र में गुलदार के दिखाई देने की पहली बार जानकारी आई है। उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी के कारण अभी वाहन भी मौजूद नहीं है। फिलहाल क्षेत्रीय वनाधिकारी को क्षेत्र में पैदल गश्त करने को कहा गया है।
क्षेत्रवासी विनोद पांडे, मनोज अधिकारी, पंकज मल्होत्रा, राजेंद्र बिष्ट, ललित पंत, बृजेश बिष्ट, अनिल नेगी तथा भाजपा नेत्री शांति मेहरा व अरविंद पडियार आदि ने क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने तथा क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने की मांग की है।
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बलियानाला क्षेत्र में पहले से गुलदार की मौजूदगी
नैनीताल। नगर के बलियानाला क्षेत्र में पहले से ही गुलदार की दहशत बनी हुई है। डीएफओ बीजू लाल टीआर ने बताया कि चार दिन पूर्व यहां गुलदार दिखने की सूचना आई थी। क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने भी इसे देखने को कहा था। यहां भी गुलदार कुत्तों को शिकार बना रहा है। डीएफओ ने कहा कि आवारा कुत्ते गुलदारों का प्राकृतिक भोजन हैं। अलबत्ता, पालतू कुत्तों का शिकार होना चिंताजनक है। बावजूद उन्होंने कहा कि फिलहाल क्षेत्र में दिख रहे गुलदार के किसी मनुष्य पर हमला करने की संभावना नहीं है।

यह भी पढ़ें : बेहद दुःखद : फिर मां के हाथों से बच्ची को छीनकर खा गया ‘बालभक्षी’…

नवीन समाचार, पौड़ी, 2 अक्टूबर 2019। उत्तराखंड में गुलदार ‘बाल भक्षी’ बने हुए हैं। सप्ताह भर के भीतर मां के हाथों से छीनकर गुलदार ने एक और बच्चे को अपना शिकार बना दिया है। नई घटना पौड़ी जनपद से आई है। यहां पाबौ ब्लॉक के कुलमोरी गांव में गुलदार के हमले में एक बालिका की मौत हो गई। गांव निवासी नागेंद्र सिंह की 10 वर्षीय पुत्री मीनाक्षी मां के साथ शाम को खेत में गई थी, तभी वहां घात लगाकर बैठा गुलदार बच्ची पर हमला कर उसे उठा ले गया। खेत से कुछ ही दूरी पर बालिका का शव मिला। गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ लक्षमण सिंह रावत ने बताया कि घटना की सूचना के बाद टीम को मौके पर भेज दिया गया है। अलबत्ता वन विभाग की टीम के मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी रही।

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नवीन समाचार,  बेरीनाग (पिथौरागढ़),  28 सितंबर 2019। बेरीनाग के काण्डे किरोली के जाख रावत ग्राम मे तीन साल के बच्चे-नैतिक कार्की को गुलदार ने निवाला बना लिया। बच्चे का पिता रमेश कार्की दिल्ली में प्राईवेट नौकरी करता है। घर में मां हेमा देवी व दो बहनें ज्योति कार्की 8वर्ष व बन्नू कार्की 6 वर्ष रहते है। रात करीब नौ बजे नैतिक को दूध पिलाने के लिए हेमा देवी अपने मकान के उपर वाले मंजिल से दूध गरम करके निचे वाले कमरे में आ रही थी हेमा के हाथ में दूध का गिलास तथा दूसरे हाथ से पकडकर नैतिक चल रहा था, जैसे ही हेमा ने निचे बरामदे मे उतरने के वाद अन्दर जाने से पहले बरामदे मे लगा बिजली के बल्ब को बंद करा पहले से घात लगाये बैठे गुलदार ने नैतिक पर छपटमार कर लगभग 250 मीटर ले गया इस दौरान उसके गले मे गहरे निशान हो गये। जैसे ही गुलदार नैतिक पर झपटा नैतिक की माँ हेमा ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया।

मृतक बच्चा नैतिक कार्की

हेमा देवी के चिल्लाने के बाद ग्रामीणों ने गुलदार का पीछा किया गुलदार नैतिक को घर से 250 मीटर की दूरी पर छोड़ कर भाग गया। लेकिन नैतिक के गले मेँ पंजे से काफी गहरी चोटे लगी, थी लेकिन उसकी सांसे चल रही थी। ग्रामीणों ने तुरंत मौके से नैतिक को बेरीनाग अस्पताल पहुंचाया और जहाँ डाक्टरो ने नैतिक को मृत घोषित कर दिया। वही ग्रामीणों ने पोस्ट मार्टम बेरीनाग ही करने की मांग की। विधायक मीना गंगोला ने जिलाधिकारी से बात कर ग्रामीणों को आश्वाशन दिया कि पोस्ट मार्टम बेरीनाग ही कराया जायेगा, लेकिन बेरीनाग मे पोस्टमाटम नही होने के कारण उसे पिथौरागढ भेज दिया गया है। नैतिक के पिता रमेश सिह कार्की व माँ हेमा देवी का रो रो के हाल खराब है।

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नवीन समाचार,  भीमताल,  22 सितंबर 2019। भीमताल नगर पंचायत के वॉर्ड 3 बिजरौली में रविवार को दिन-दहाड़े, दिन में 2 से 3 बजे के आसपास तेंदुए ने 10 बकरियां मार दी। इस घटना से पूरे नौल बिजरौली क्षेत्र में दहशियत का माहौल है। बताया गया है कि भीमताल के बिजरौली में दिन में 2 से 3 बजे के आसपास मजदूरी का काम करने वाले गरीब व्यक्ति श्याम लाल पुत्र स्व. शोबन लाल की 10 बकरियां तेंदुए ने मार दीं। श्यामलाल की आजीविका इन बकरियों के पालन से चलती थी, जिस कारण उसका परिवार काफी दुखी है। सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने लोगों की सुरक्षा के लिए वन विभाग से बिजरौली में पिंजरा लगाने और पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है। इधर डीएफओ बिजू लाल टीआर ने कहा कि पीड़ित को शीघ्र ही नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।

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-ओखलकांडा के झड़गाँव का मामला, महिला को भेजा सुशीला तिवारी हल्द्वानी
दान सिंह लोधियाल नवीन समाचार, धानाचूली, 16 सितंबर 2019। जनपद नैनीताल के दूरस्थ विकास खंड ओखलकांडा के झड़गाँव में सोमवार को दिन दहाड़े गुगड़ा गधेरे के जंगल मे (पट्टी गौनियरो-गड़गड़ी की सीमा) में भैरवी देवी (35) पत्नी मोहन चन्द निवासी ग्राम झड़गांव मल्ला पट्टी गड़गड़ी को बाघ ने हमला कर घायल कर दिया।

बाघ के हमले में घायल महिला भैरवी देवी।

गनीमत रही कि महिला के शोर मचाने पर गुलदार भाग गया। महिला को उपचार के लिए आपातकालीन वाहन 108 की मदद से हल्द्वानी भेजा गया है। कानूनगो शकील अहमद ने बताया कि महिला के चेहरे पर बाघ के नाखून लगे हैं। वही राजस्व उप निरीक्षक पूरन सनवाल ने बताया कि महिला खतरे से बाहर है। वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुँच गयीं है। उधर सामाजिक कार्यकर्ता मदन नौलिया व ग्रामीणों के बाघ को पिंजरा लगाकर पकड़ने एवं घायल महिला को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। इस घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। लोग घरों से आने-जाने में डर रहे है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अगस्त 2019। नगर के आलूखेत क्षेत्र में गुलदार का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एक पखवाड़े के भीतर गुलदार का चलती बाइक पर हमले की तीसरी खबर है। अब गुलदार ने नगर के डीएसबी परिसर को जाने वाली रोड पर जनरल मर्चेंट की दुकान स्वामी मनोज पंत (29)

मनोज पंत

पर झपट्टा मारकर उसे घायल कर दिया। घटना शनिवार शाम करीब पौने नौ बजे की है, जब मनोज बुलेट मोटरसाइकिल पर अपने 2 अन्य साथियों सहित आलूखेत के रास्ते गेठिया को जा रहे थे, तभी मजार के पास गुलदार ने चलती बुलेट पर मनोज पर हमला बोल दिया। मनोज ने किसी तरह गुलदार को पैर मारकर खुद से दूर भगाया। मनोज के पैर में गुलदार के पंजों से काफी चोटें आई हैं। उसका बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अगस्त 2019। नगर के आलूखेत क्षेत्र में गुलदार का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बीती मंगलवार की देर शाम नगर से लगे आलूखेत क्षेत्र में गुलदार ने चलती बाइक पर पीछे बैठे सवार पर झपट्टा मार दिया। गनीमत रही कि बाइक सवारों के शोर मचाने से गुलदार भाग गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गेठिया निवासी उमेश कुमार और दीपक कुमार रात्रि करीब आठ बजे बाइक से गेठिया की ओर जा रहे थे, तभी आलूखेत से नीचे एक ढलान वाले मोड़ पर जब बाइक की गति काफी धीमी थी, गुलदार ने झाड़ियों से निकलकर पीछे बैठे दीपक कुमार की जींस पकड़ ली। उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो गुलदार था। दोनों के द्वारा शोर मचाने, हॉर्न बजाने एवं बाइक की पीछे की लाइट को जलाने से गुलदार भाग गया। बाइक के पीछे बंधा बैग भी गुलदार के पंजों से फट चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले दिनों नगर के एक होटल कर्मी को चलती स्कूटी पर झपट्टा मार कर लहूलुहान कर दिया था। इसके बाद से क्षेत्र में गुलदार अक्सर दिखाई दे रहा है। इधर हाल में गुलदार के द्वारा रास्ते पर एक गाय को भी मारे जाने की खबर है।

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-ज्योलीकोट के जंगल में मिला गुलदार का सड़ा गला शव
नवीन समाचार, नैनीताल, 10 मई 2019। शुक्रवार को निकटवर्ती ज्योलीकोट के जंगल में मनोरा रेंज के अंतर्गत नलेना कंपार्ट क्षेत्र में एक गुलदार का सड़ा गला शव बरामद हुआ है। शव के अगले मुंह और गले वाले काफी हिस्से की गल कर खाल गायब हो चुकी है। इसी हिस्से में एक तार नुमा वस्तु उसके चेहरे के आसपास नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि यह दोपहिया वाहनों के क्लच का हिस्सा है। अलबत्ता वन विभाग के अधिकारी गुलदार की मृत्यु का कारण व व तार के कारण मृत्यु होने की संभावना की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। मनोरा रेंज के रेंज ऑफीसर नरेंद्र कुमार जोशी ने कहा कि उन्होंने स्वयं शव नहीं देखा है, अलबत्ता उनके मातहतों ने इससे इंकार किया है। शव चार-पांच दिन पुराना बताया गया है। अलबत्ता, सही स्थिति पोस्टमार्टम के उपरांत ही पता चलेगी।
उल्लेखनीय है कि एक वर्ष पूर्व भी इसी क्षेत्र में एक गुलदार इसी तरह मृत अवस्था में जबकि एक अन्य गुलदार कंटीली झाड़ियों में फंसा हुआ मिला है। उसे बचाने की कोशिश में एक वन कर्मी गुलदार द्वारा घायल भी कर दिया गया था। साथ ही यह भी विदित हो कि क्षेत्र में गुलदार का आतंक भी लगातार बना रहता है। कई मासूम बच्चे गुलदार का निवाला बन चुके हैं तो कई बड़ों, महिलाओं पर भी गुलदार हमला कर चुके हैं। माना जा रहा है कि ऐसी घटनाओं के बावजूद वन विभाग से कोई सहयोग न मिलने पर ग्रामीणों ने इस तरह तार का फंदा लगाकर गुलदारों को मार डाला है।

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-घायल युवती को प्राथमिक उपचार के बाद ले गए हल्द्वानी, विधायक ने जाना हालचाल
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली (नैनीताल) 17 अप्रैल 2019। जनपद नैनीताल के दूरस्थ विकास खंड ओखलकांडा के खनस्यू गांव में सुबह के समय टहलने निकली युवती को गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया। युवती को खनस्यू में प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज उपचार के लिए भेजा गया है, जहां स्थानीय विधायक राम सिंह कैड़ा उसका हालचाल जानने पहुंचे। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
क्षेत्रीय राजस्व उपनिरीक्षक मोहमद शकील अहमद ने बताया कि खनस्यू के बेड़ू गांव निवासी उमा देवी (23) पुत्री हरीश राम बुधवार को सुबह करीब पौने पाँच बजे टहलने निकली थी। तभी अचानक गुलदार उसके सामने आ गया, और झपट गया। उसने हो हल्ला किया तो आसपास के लोग आ गए जिससे घबरा कर गुलदार भाग गया। उमा के सिर, हाथ और चेहरे पर खरोंचें आयी हैं। घटना के बाद दहशत में आये इलाके के ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़ने की मांग की है। वही उपनिरीक्षक शकील ने बताया क्षेत्र में यह अपनी तरह की पहली घटना है। उधर विधायक राम सिंह कैंड़ा ने सुशीला तिवारी हॉस्पिटल पहुँच कर उमा को भर्ती कराया और डॉक्टरों से उसका बेहतर उपचार करने को कहा। साथ ही विधायक ने वन विभाग के अधिकारियों को फोन कर जल्दी से जल्दी घायल का उपचार कराने और मुवावजा देने तथा गॉव में वन विभाग की टीम भेजकर पिंजरा लगा कर हर हाल में आदमखोर गुलदार को पकड़े को कहा। दूसरी ओर एसडीएम विवेक राय ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर घटना की जानकारी मांगी है। जबकि वन विभाग के एसडीओ दिनकर तिवारी ने बताया कि घटना स्थल पर टीम भेजी गयी है। हल्द्वानी अस्पताल में रेंजर को भेज पीड़ित को मुआवजा देने के निर्देश दिये हैं। युवती खतरे से बाहर है।

गुलदार के हमले में घायल युवक।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2019। मुख्यालय के निकटवर्ती ज्योलीकोट क्षेत्र में एक बार फिर गुलदार ने वापस अपनी धमक दिखाई है। शुक्रवार की देर रात्रि करीब सवा आठ बजे भूमियाधार के पास गुलदार ने चलती बाइक पर झपट कर हमला किया जिसमें बाइक सवार दो युवकों-ज्योलीकोट निवासी अंकित कुमार पुत्र मोहन राम और पंकज कुमार पुत्र स्वर्गीय चंदन राम रेहड भवाली निवासी की जान संकट में आ गई। गुलदार के हमले से दोनों युवकों के पैर गुलदार के पंजों की गिरफ्त में आकर जख्मी हो गये।
बताया गया कि दोनों युवक बाइक से काम खत्म कर शुक्रवार रात्रि भवाली से ज्योलीकोट को वापस घर आ रहे थे कि भूमियाधार नर्सरी के पास घात लगाये बैठे गुलदार ने अचानक उन पर झपट्टा मार कर हमला कर दिया। युवाओं ने बताया कि जैसे ही गुलदार उन पर झपटा उनकी बाइक गिर गई और उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया, साथ ही गुलदार की ओर पत्थर उठाकर भी मारे, जिससे गुलदार भाग गया। प्राथमिक उपचार के बाद आज दोनों उपचार के लिए हल्द्वानी गए। उल्लेखनीय है कि आये दिन इस मार्ग पर लोंगो को गुलदार दिखायी देने की घटनाएं होती रहती है, लेकिन अब गुलदार के चलती बाइक पर झपटने से क्षेत्रीय लोगों में दहशत है। 

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-क्षेत्र में कई दिनों से दिन-रात दहाड़ रहा है गुलदार, क्षेत्र के अनेक गांवों में फैली दहशत, वन विभाग से पिजड़ा लगाने की मांग 

सड़क में गुलदार के हमले से फैला रक्त।

दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 10 मार्च 2019। नैनीताल जनपद के मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के ‘बना’ गांव में एक अधेड़ व्यक्ति पर गुलदार ने रविवार सुबह घात लगाकर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। आनन-फानन में उसे हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई गयी है। वहीं गुलदार के हमले के बाद बना सहित अन्य गांवों में दहशत फैल गयी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुक्तेश्वर थाने से सटे बना गांव में रविवार को बना ग्राम निवासी भवान राम पुत्र नरी राम (48) सुबह करीब साढ़े छः बजे अपने घर से किसी कार्य के लिए निकले थे। तभी कसियालेख-रामगढ़ मोटर मार्ग पर कसियालेख बाजार से कुछ पहले जंगल मे घात लगाकर बैठे गुलदार ने भवान राम पर हमला कर दिया। हमला करते ही गुलदार उसे सड़क पर ही कई मीटर दूर तक घसीट कर ले गया। इस पर भवान राम ने जोरदार तरीके से हो-हल्ला मचाया। तो गांव के ही दो लोग आवाज सुनकर घटना स्थल की ओर भागे। गुलदार लोगों को अपनी ओर आते देख भवान राम को छोड़ जंगल की ओर भाग खड़ा हो गया। घायल भवान राम के कमर और चेहरे पर हमले के निशान थे, और वह पूरी तरह खून से लतपथ हुआ था। घायल को निजी वाहन के माध्यम से हल्द्वानी भेजा गया जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इधर बना के वन सरपंच दुर्गा सिंह ने बताया कि पिछले 3-4 हफ्ते से यह गुलदार गांव के आस-पास दिखाई दे रहा है। उन्होंने वन विभाग को घटना की जानकारी दी जिस पर वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी है। सरपंच दुर्गा सिंह ने पिजड़ा लगाने के साथ ही वन विभाग से घायल भवान राम के इलाज कराने की मांग की है। इधर कई दिनों से गुलदार के दहाड़ने से लोग डर ही रहे थे, अब इस घटना से जनता में भय फैल गया है। उल्लेखनीय है कि निकट ही स्थित सूपी व आसपास के क्षेत्र में कुछ समय पूर्व गुलदार तीन लोगों की जान ले चुका है।

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नवीन समाचार, चौखुटिया, 25 दिसंबर 2018। अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया विकासखंड के बमनगांव में दो महिलाओं को निवाला बनाकर आतंक का पर्याय बने आदमखोर गुलदार मंगलवार को आखिरकार मारा गया। मंगलवार शाम छह से साढ़े छह बजे के बीच करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद शिकारी लखपत सिंह ने गुलदार ने गुलदार को अपनी गोली का शिकार बना दिया। स्थानीय वन क्षेत्राधिकारी हरीश खर्कवाल के द्वारा पुष्टि की गयी है कि मारे गए नरभक्षी का एक कैनाइन दांत टूटा था। साथ ही आपसी संघर्ष के कारण मारे गये गुलदार को चोटिल होने के बाद संक्रमण भी होने लगा था। अलबत्ता इस बात की पुष्टि होनी बाकी है कि दो महिलाओं को इसी गुलदार ने शिकार बनाया अथवा नहीं। इस पुष्टि के बाद ही क्षेत्रवासियों में गुलदार का भय जायेगा अथवा बना रहेगा।

10 दिन के भीतर तीसरी घटना, घर के आंगन से वृद्धा को खा गया आदमखोर, रणचंडी बनी बहू

नवीन समाचार, चौखुटिया, अल्मोड़ा, 23 दिसंबर 2018। 70 फीसद वन भूमि पर इतराते उत्तराखंड राज्य में 10 दिन के भीतर तीसरी और खासकर पिछले 5 दिन के भीतर एक चौखुटिया विकासखंड के बमनगांव में दूसरी महिला को आदमखोर गुलदार द्वारा निवाला बनाने की दर्दनाक व झकझोरने वाली खबर सामने आई है। ताजा घटना में रविवार शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है, जिसमें शाम ढलते ही गुलदार एक 70 वर्षीय वृद्धा भगवती देवी पत्नी तारा दत्त जोशी को घर के आंगन से घसीट कर ले गया। बताया जा रहा है कि इस बीच वृद्धा की बहु ने हिम्मत दिखाई और अपनी सास को बचाने के लिए अपनी जान पर खेल गयी और करीब 50 दूर सास का गुलदार के खूनी जबड़े से छुड़ा भी लिया अलबत्ता वृद्ध सास की जान नहीं बच पाई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत है। वहीं रात्रि-अधेरा घिरने के कारण वनकर्मियों को भी क्षेत्र में पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। वहीं ग्रामीण आदमखोर के भय से रतजगा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 18 दिसंबर को बमनगांव के ही पुरिया गज्जा तोक में भी गुलदार 52 वर्षीया हीरा देवी का करीब 75 फीसद शरीर भी खा गया था।

पूर्व समाचार : 5 दिन में दूसरी महिला बनी आदमखोर का शिकार, 75 फीसद हिस्सा खा गया गुलदार

-अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया विकास खंड की घटना, ग्रामीणों ने की गोली मारने की मांग, वन विभाग ने पकड़ने को पिंजरा लगाया

नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 18 दिसंबर 2018। अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया विकास खंड के चंथरिया वन क्षेत्र के अंतर्गत दूरस्थ ग्राम पंचायत बमनगांव के पुरिया गज्जा तोक में गुलदार ने एक महिला को अपना निवाला बना लिया। काफी खोजबीन के बाद महिला के शरीद के केवल करीब 25 फीसद क्षत-विक्षत हिस्से 24 घंटे बाद जंगल में एक गधेरे के पास मिले हैं। जबकि माना जा रहा है कि 75 फीसद हिस्से को गुलदार खा गया है। घटना से आसपास के गांवों में दहशत है। मृतका हीरा देवी (52) निकट के राइंका पटलगांव में कार्यरत जसोद सिंह की पत्नी थी। वह गांव में अकेली रहती थी, जबकि उसके पति, एक बेटी व बेटा पटलगांव में किराये के मकान में, जबकि बड़ा लड़का मोहन सिंह अल्मोड़ा के विकास भवन में कार्यरत हैं, तथा बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह करीब 9 बजे हीरा देवी घास काटने जंगल गई थीं। शाम तक घर न लौटने पर उनकी खोजबीन शुरू हुई, लेकिन रात तक कोई पता नहीं लग पाया। इसके बाद मंगलवार सुबह फिर ग्रामीण खोज में निकले तो महिला का क्षत- विक्षत आंशिक शव घटनास्थल से करीब 50 मीटर नीचे पुरिया गधेरे में मिला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत वन विभाग के चंथरिया रेंज व प्रशासन को दी। सूचना मिलने पर एसडीएम रजा अब्बास, तहसीलदार सतीश बर्थवाल, एसडीओ-वन पृथ्वीपाल सिंह, वन क्षेत्राधिकारी हरीश सिंह खर्कवाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। गुलदार जिस स्थान पर हीरा देवी पर झपटा वहां पर कटी घास व महिला के चप्पल पड़े मिले। इसी निशानदेही के आधार पर खोज की गई तो पहाड़ी के नीचे घसीटने के निशान भी पाए गए तथा फिर कुछ दूर गधेरे में महिला का सिर व पैर समेत शरीर के अन्य क्षत-विक्षत भाग दो स्थानों पर पड़े मिले। शरीर के हिस्सों को ही पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वन विभाग की ओर से मृतका के बड़े पुत्र मोहन सिंह को 25 हजार की तात्कालिक सहायता धनराशि सौंप दी गयी है, और औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद 3 लाख का चेक देने की बात कही गयी है। वहीं ग्रामीणों ने गुलदार को मारने की मांग की है। वन विभाग ने गुलदार को पकडने के लिए पिंजरा लगा दिया है।

पूर्व समाचार : घास लेने जंगल गयी गयी महिला को गुलदार ने बनाया निवाला, शव एक दिन बाद बरामद

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, लालकुआं, 13 दिसंबर 2018। महिलाओं के सिर से चारा-ईधन का बोझ तमाम प्रयासों के बावजूद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं जंगल में अपेक्षित शिकार न मिल पाने से वन्य जीव मानव को शिकार बनाने से नहीं हिचक रहे हैं। लालकुआं के निकटवर्ती बिंदूखत्ता की पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गयी एक महिला का बुरी तरह से क्षत-विक्षत शव एक दिन बाद जंगल से बरामद किया गया है। उसके गले में साफ तौर पर गुलदार के दांतों के निशान मिले हैं।
बताया गया है कि बिंदुखत्ता के शीशम भुजिया नंबर छह निवासी भवानी देवी मेहता (45) पत्नी पुष्कर सिंह बुधवार सुबह जानवरों को चारा लेने के लिए डोली रेंज के जंगल गई थी। देर शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इधर गुरुवार की सुबह महिला का शव उसका क्षत विक्षत शव डोली रेंज के इमली घाट के जंगल से बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत व्याप्त है। इधर सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच जांच शुरू कर दी है। महिला के मौत से उसके घर में कोहराम मचा हुआ है।
बताया गया है कि डॉली रेंज के जंगल मे बाघ ने दिसम्बर 2017 व जनवरी 2018 में तीन लोगों को अपना निवाला बनाया था। इसके बाद वन विभाग ने बाघ को आदमखोर घोषित कर उसे पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए थे। लेकिन बाघ पकड़ में नही आया था।

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बागेश्वर, 23 नवंबर 2018। बागेश्वर जिला मुख्यालय एवं इससे सटे ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार का आतंक मिटने का नाम नहीं ले रहा है। इसी माह दो बच्चों की मौत के बाद वन विभाग ने पास के ही ग्राम दयांगण में एक गुलदार को मार गिराया था, तो लगा था कि गुलदार के आतंक से निजात मिल गयी, किंतु सामाजिक कार्यकर्ता आन्दन बल्लभ तिवारी, खड़क राम, कैलाश गढ़िया, हुकम सिंह ने शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे नगर से सटे मजियाखेत गांव में गुलदार को देखने का दावा किया। गुलदार की गुर्राहट से लोग फिर दहशत में आ गए। बताया गया कि लोगों के शोर मचाने पर गुलदार जगंल की ओर भाग गया। इसके बाद से निकट के नदीगांव, जौलकांडे व सैल खन्यारी के साथ ही गरुड़ के थकला, कॉनली, भीतारकोट, शीशाखानी, लेटी, जौलकांडे व छानापानी समेत अनेक गांवों में भी गुलदार ने लोगों की रातों की नींद उड़ा रखी है। गांव गरीब महिला उत्थान मंच के संस्थापक विशन सिंह टंगड़िया ने वन विभाग से गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरा लगाने की मांग की है।

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बागेश्वर, 9 नवंबर 2018। बागेश्वर के नजदीकी दयागंड गांव में दीपावली पर 3 दिन के भीतर गुलदार की वजह से एक और घर का चिराग बुझ गया है । बताया गया है कि शहर से करीब 1 किमी दूर दयागंड गांव में शाम करीब 5 बजे कई बच्चे खेल रहे थे, तभी वहां तेंदुवे के आने से बच्चे डरके घर की ओर दौड़ने लगे, जिससे हेमन्त टँगड़िया (15 वर्ष) पुत्र कमल सिंह सर के बल गधेरे (नाले) में गिर गया, और सर में लगी चोट की वजह से उसकी मौत हो गयी। मृतक हाई स्कूल का छात्र है। वह बोर गांव का मूल निवासी  था और दयागंड गांव में अपने ननिहाल में रहता था। बताया गया है कि इससे पहले गुलदार को शाम को भी गांव में देखा गया था, जिस कारन बच्चे डर के भागे।

मारने की इज़ाज़त मांगी

इस घटना के बाद वन महकमा हरकत में आया है। डीएफओ आरके सिंह ने मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को पत्र लिखकर ताजा घटना और वस्तुस्थिति की जानकारी दी है, और आदमखोर गुलदार को ट्रैकुलाइज कर पकड़ने या फिर मारने की अनुमति मांगी है। दूसरी ओर ताजा हमले के बाद वन कर्मियों ने नगर भर में तेंदुए को पकड़ने के लिए पांच पिंजड़े लगा दिए हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में गश्त भी तेज कर दी है। सिंह का कहना है कि हमले के पीछे किसी नए आदमखोर तेंदुए के होने की आशंका है। इस हमले के बाद आदमखोर के लक्षणों समेत तेंदुआ ट्रैस हुआ है। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है। विभाग ने क्षेत्रवासियों को सावधानी के लिए एहतियात भी जारी की है। इधर, रेंजर एमएस नयाल और वन दरोगा पीडी भट्ट के नेतृत्व में वन कर्मियों ने द्यांगण, झुलकिया, पालनीकोट, नुमाईशखेत आदि क्षेत्र में गश्त कर पिंजड़े लगाए। हालांकि दिनभर की कसरत के बावजूद कुछ हाथ नहीं आया।

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बागेश्वर, 6 नवंबर 2018। बागेश्वर में गुलदार का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिला मुख्यालय से लगे दयागंड गांव में गुलदार ने सात साल के बच्चे को मार डाला। इस घटना से क्षेत्र के ग्रामीण भयभीत हैं। घटना शाम 5.30 बजे की है। इस घटना से क्षेत्र और आसपास के गांवों में दहशत है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से नरभक्षी गुलदार को मारने की मांग की।

दयागंड गांव के निवासी सुरेंद्र सिंह कठायत का सात साल का बेटा करन घर के आंगन में खेल रहा था। तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। गुलदार बच्चे को जबड़े में दबोच कर जंगल की तरफ भागा। परिजनों और ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए गुलदार का पीछा किया। इस पर गुलदार घर से 100 मीटर दूर गधेरे में करन को छोड़कर जंगल में ओझल हो गया। गुलदार के हमले में करन की गर्दन में गहरी चोट आई। आनन-फानन में परिजन उसे जिला अस्पताल लाये, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ग्रामीणों ने पहले ही की थी पिंजरा लगाने की मांग

बागेश्वर। दयागंड गांव के निवासी दर्शन कठायत ने बताया कि वन विभाग से पूर्व में पिंजरा लगाने की मांग की गई थी। परन्तु विभाग ने नदीगांव वाले गुलदार को मारने के बाद लापरवाही के चलते इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण छोटी दिवाली के दिन एक मां का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। घटना के बाद से मृत बालक करन की मां रेखा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। कृष्णा बड़ा और करन घर का छोटा बेटा है, इसलिए मां के ज्यादा करीब था। करन के पिता सुरेंद्र सिंह कठायत मजदूरी कर परिवार चलते हैं। करन बागेश्वर में सैनिक हाईस्कूल विद्यालय का कक्षा तीन का छात्र था। करन का भाई कृष्णा भी इसी विद्यालय में पढ़ता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष और विधायक पहुंचे अस्पताल

बागेश्वर के जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, विधायक चन्दन राम दास, पूर्व विधायक कपकोट ललित फस्र्वाण, एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी, कोतवाल टीएल वर्मा, राजेंद्र टंगड़िया, रणजीत दास, गोविन्द कठायत, दर्शन कठायत, राजेंद्र परिहार, गौरव कठायत, कमलेश, गौरव दास, बालकृष्ण आदि घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल पहुंचे।

दुर्गा महोत्सव देखते ‘दुर्गा’ बन गयी एक मां, गुलदार के जबड़े से खींच लायी अपने बच्चे को

बागेश्वर, 11 अक्टूबर 2018। बुधवार की रात्रि बागेश्वर के मुख्यालय स्थित नुमाईशखेत क्षेत्र में एक मां ने गुलदार के समक्ष अद्भुत वीरता का परिचय देकर अपने बच्चे को बचा लिया। बृहस्पतिवार को यह मामला नगर में चर्चा का विषय बना रहा। सभी लोग बहादुर मां की बहादुरी के चर्चे बयां कर रहे हैं। दरअसल हुआ यह कि तेंदुए ने बुधवार देर रात करीब 10 बजे आंगन में मां के साथ खड़े छह साल के मासूम दक्ष पुत्र प्रदीप सिंह पर हमला कर दिया। तेंदुए ने बच्चे को मां की गोद से खींचकर ले जाने की कोशिश की। लेकिन बहादुर मां करीब पांच मिनट तक तेंदुए से अकेले संघर्ष करते हुए बच्चे को उसके मुंह से खींच लाई। महिला के साहस और मौके पर भीड़ जुटती देख तेंदुआ भाग निकला। 

बताया गया है कि मां-बेटा पास ही नुमाईशखेत में चल रहे रामलीला और दुर्गा महोत्सव का नजारा देख रहे थे। तभी एक तेंदुआ दक्ष पर झपट पड़ा और उसे मां के हाथ से खींचकर ले जाने की कोशिश करने लगा। महिला ने साहस दिखाते हुए बच्चे को कसकर पकड़ लिया। साथ ही तेंदुए से करीब पांच मिनट तक संघर्ष किया। इस बीच महिला की चीख पुकार सुन मौके पर लोगों के आने से तेंदुआ भाग गया। घायल मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। इसके बाद देर रात से ही शिकारी लखपत सिंह ने वन कर्मियों के साथ नुमाईशखेत में मोर्चा संभाल लिया है।

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यह लाइव वीडियो भी देखें, जब रेस्क्यू किये जा रहे गुलदार ने बचाने वाले पर ही किया हमला

(नोट : कृपया कभी भी आप ऐसी गलती न करें। वीडियो को आखिर के 15 सेकेण्ड जरूर देखें)

बागेश्वर, 3  अक्टूबर 2018। उत्तराखंड के बागेश्वर धरमघर वन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम चौंरा में घायल तेंदुए को पकड़ने गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया। घायल ग्रामीण को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीँ बाद में घायल तेंदुए को वन विभाग की टीम ने बेहोश कर पकड़ लिया है।
बताया गया कि ग्राम चौंरा के ग्रामीणों को बुधवार सुबह पुंगर नदी के किनारे घायल पड़ा तेंदुआ दिखा। ग्रामीणों ने तेंदुए को पहले शोर मचाकर भगाने की कोशिश की तो वह भाग नहीं सका। इस पर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची पहुंची वन विभाग की टीम ने घायल तेंदुए को पिंजरे में डालने का प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिली। इस पर चौंरा गांव के ही ग्रामीण जगदीश सिंह धपोला (45) पुत्र लक्ष्मण सिंह ने रस्सी से तेंदुए को बांधने का प्रयास किया तो घायल तेंदुुए ने जगदीश पर हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। घायल जगदीश को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनके हाथ व पैर में 80 टांके लगे। तेंदुए को पकड़ने के लिए डीएफओ आरके सिंह, एसडीओ बीएस शाही, रेंजर नारायण दत्त पांडे व प्रयाग दत्त भट्ट ट्रेंकुलाइज टीम के साथ मौके पर पहुंचे । डीएफओ के अनुसार शिकार को लेकर दो तेंदुओं में आपसी संघर्ष में वह घायल हुआ होगा।

यह भी पढ़ें : फंदे में फंसी मादा गुलदार को बचाने जान पर खेल गया यह वन कर्मी

नैनीताल,  25 जून 2018। दुनिया में कम होती मानवता, सड़क पर पड़े घायलों को देखकर भी न रुकने जैसी खबरों के बीच नैनीताल जनपद के ज्योलीकोट से दुनिया में मानवता के हमेशा बने रहने के प्रति आश्वस्त करने वाली खबर आयी है। यहां एक संविदा वन कर्मी विक्की लाल साह से फंदे में फंस कर बुरी तरह से कराह रही मादा गुलदार का दर्द देखा नहीं गया, और वह अपनी जान की परवाह किये बिना गुलदार को बचाने के लिए उस पर जाल डालने के लिए उसके बिल्कुल करीब चला गया। इतना करीब कि फंदे में फंसी होने के बावजूद गुलदार ने स्वयं पर कोई खतरा समझकर खुद को बचाने वाले विक्की पर ही हमला बोल दिया। इस हमले में खुद विक्की घायल हो गया। गुलदार ने उसकी कलाई पर गहरा जख्म दे दिया। बावजूद विक्की ने हिम्मत नहीं हारी और अन्य वन कर्मियों की मदद से घायल गुलदार पर जाल डाल ही दिया, यही नहीं उसे बेहोश करने के लिए नैनीताल से वन कर्मियों के पहुंचने से पूर्व ही घायल गुलदार के गले से फंदे का तार भी हटा लिया गया। अलबत्ता बाद में घायल गुलदार को बेहोश करके ही सड़क तक और वहां से उपचार के लिए रेसक्यू सेंटर रानीबाग ले जाया गया।

ज्योलीकोट के नलैना नाले में घायल वन कर्मी एवं तार में फंसी मादा गुलदार।

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p style=”text-align: justify;”>घटनाक्रम के अनुसार जिला मुख्यालय से 18 किमी दूर हल्द्वानी रोड पर मनोरा रेंज के नलैना कम्पार्टमेंट स्थित नलैना नाले में एक करीब 5 वर्षीया मादा गुलदार तार में फंसी पाई गयी। इस दौरान उसे बचाने के लिए नजदीक से जाल डालने की कोशिश कर रहे रानीबाग रेस्क्यू सेंटर के एक साहसी संविदा वन कर्मी डीएल साह को गुलदार ने झपट्टा मार कर जख्मी भी कर दिया। अलबत्ता बाद में नैनीताल चिड़ियाघर से गये रेंजर प्रकाश जोशी व पशुचिकित्सक डा. योगेश भारद्वाज तथा उप रेंजर आनंद लाल तथा रेस्क्यू सेंटर रानीबाग और नैनीताल चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने गुलदार को बेहोश कर तार में फंसने से घायल हुई गुलदार को सकुशल बचाकर रेस्क्यू सेंटर रानीबाग भेजा। वहीं जख्मी वन कर्मी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में प्राथमिक उपचार कराया गया।
मादा गुलदार जिस तार में फंसी थी, उसके शिकार के लिये लगाया गया फंदा होने और गुलदार के नरभक्षी होने की पुष्टि नहीं हुई है। वरन रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल रहे नैनीताल चिड़ियाघर के रेंज अधिकारी प्रकाश जोशी ने बताया कि मादा गुलदार के सभी दांत और पंजे सुरक्षित हैं, और प्रथम दृष्टया उसके नरभक्षी होने की संभावना कम ही है। वहीं क्षेत्रीय लोगों का भी कहना है कि जहां मादा गुलदार फंसी मिली वह क्षेत्र उसी बेलुवाखान ग्राम सभा में है, जहां कुछ माह पूर्व गुलदार ने 7 वर्षीय बच्ची को शिकार बनाया था किंतु उस स्थान से काफी दूर है। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह क्षेत्र के युवक नदी में नहाने गये थे, तभी उन्हें तार में फंसी गुलदार नजर आयी।

यह भी देखें – नैनीताल में घर में घुसा गुलदार और….

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 2 सितंबर 2018। रविवार को मुख्यालय में एक वायरल हुआ वीडियो चर्चा का विषय बना रहा। इस वीडियो में एक गुलदार पहले घात लगाते ओर फिर बेहद सधे हुए कदमों से शिकार की ओर करीब जाते व फिर बेहद चपल कदमों से एक घर के अहाते में सफेद कुत्ते पर झपट्टा मारते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो बीती रात्रि ही नगर के अयारपाटा क्षेत्र में किन्हीं युवकों ने बनाया है। बताया जा रहा है कि नगर के अयारपाटा क्षेत्र में बीती रात्रि आवासीय क्षेत्र में एक गुलदार घुस आया, और उसने एक घर के अहाते से सफेद रंग के कुत्ते पर झपट्टा मार दिया। वीडियो में यह साफ नहीं हो रहा है कि उसने कुत्ते को मार दिया, अथवा नहीं। कुछ साहसी युवकों ने बकायदा गुलदार पर भी टॉर्च लगाकर मोबाइल फोन के कैमरे में इस पूरी घटना को रिकार्ड कर लिया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इस वीडियो के वायरल होने के साथ ही नगरवासियों में जंगली जानवरों के घुस आने को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। गौरतलब है कि नगर का अयारपाटा क्षेत्र सर्वाधिक पॉश-महंगे क्षेत्रों में शुमार है। हालांकि इससे पूर्व भी नगर के रिहायशी इलाकों में वन्य जीवों, भालू, गुलदार आदि के घुसने की खबरें आती रहती हैं।

यह भी पढ़ें : गरुड़ बागेश्वर में 4 वर्ष की मासूम को खा गया आदमखोर, इस साल की तीसरी घटना

गरुड़, 3 सितंबर 2018। बागेश्वर जिले के सैलखानीयारी गांव में एक गुलदार ने चार साल की बच्ची को अपना निवाला बना लिया। आंगन में खेल रही बच्ची को गुलदार जंगल में ले गया। बाद में वन विभाग की टीम को उसका क्षत-विक्षत शव मिला।

दरअसल, ब्लॉक के सेल खलियारी गांव में चार साल की ज्योति पुत्री चतुर सिंह परिहार आंगन में खेल रही थी। देर शाम करीब साढे सात बजे गुलदार उसे आंगन से उठा ले गया। घटना की जानकारी परिजनों को मिलते ही उनके होश फाख्ता हो गए। उन्होंने शोर मचाया तो गांव वाले इकट्ठा हो गए।

सभी उस दिशा की ओर दौड़े जहां गुलदार बच्ची को लेकर भागा था। काफी देर ढूंढने के बाद भी कोई पता नहीं लगा। इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने तलाश शुरू कर दी।

घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद गांव से कुछ दूरी पर बच्ची का क्षत विक्षत सब दिखाई दिया। ग्रामीण ने इसकी सूचना वन विभाग के कर्मियों को दी। घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि यह पिछले एक साल में ब्लॉक में तीसरी घटना है जब बच्चे गुलदार का शिकार हुए है। घटना के बाद भी वन विभाग लगातार लापरवाही बरत रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द गुलदार को पकड़कर आदमखोर घोषित नहीं किया जाता तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद टीम रवाना कर दी गई है। जल्द ही गुलदार को पकड़ लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें : यहाँ गुलदार की गुर्राहट से स्कूल जाते लौट भागे बच्चे, तो वहां 32 बकरियां खा गया गुलदार

गुलदार देखने के बाद डरे-सहमे ज्योली व कौसानी गांवों के स्कूली बच्चे।

नैनीताल, 10 अगस्त 2018। वन्य जीवों के द्वारा मानव बस्तियों में घुसपैठ कर दहशत फैलाने की दो डरावनी खबरें एक साथ आई हैं। नैनीताल जनपद के ज्योलीकोट में जहां ज्योली व कौसानी गांवों के बच्चों के स्कूल जाते हुए रास्ते में गुलदार सामने से ऐसे गुर्राया कि बच्चे बस्ते वहीं छोड़ उल्टे पैर घर को भागने को मजबूर हुए। वहीं पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी तहसील के तल्ला जोहार क्षेत्र के गांव शैणराथी में भालुओं के झुंड ने ग्रामीणों की 32 बकरियों को एक साथ मौत के घाट उतार दिया। दोनों घटनाओं से संबंधित क्षेत्रों में दहशत का माहौल है।

शैणराथी गांव में भालुओं द्वारा मारी गयी बकरियां

प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्योलीकोट के निकट स्थित ग्राम ज्योली और कौसानी से आठ से 14 वर्ष तक के 10 से अधिक छात्र-छात्राएं रोज की तरह सुबह करीब आठ बजे जंगली जानवरों के डर से स्वयं भी झुंड बनाकर स्कूल जाने को घर से निकले थे। लेकिन गांव से एक किमी आगे ही उन्हें तेंदुए की डरावनी गुर्राहट सुनाई दी। वहीं थोड़ा आगे जाने पर बच्चों को पास ही पहाड़ी पर गुलदार दिखाई भी दे गया। इससे बच्चों में भय का माहौल व्याप्त हो गया और वे हड़बड़ाहट में वहीं स्कूल के बस्ते फेंक कर पास के गांव भल्यूटी की ओर दौड़ लगा कर भाग आये। बाद में सहमे हुए बच्चों को ग्रामीणों तथा समता आश्रम के ज्योतिर्मयानंद, गणेश साह, दीपू नेगी, नवीन तिवारी, अनूप आर्य, बसंत पाड़े आदि ने सुरक्षित होने का भरोसा दिलाया, और उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचाने में सहयोग किया। इस घटना में एक चिंताजनक तथ्य यह भी है कि मुख्यालय के निकटवर्ती होने के बावजूद इन गांवों के बच्चों को आज भी जंगल के बीच स्थित गांवों से 3-4 किमी दूर पैदल ज्योलीकोट के स्कूलों में पढ़ने को आना पड़ता है। वहीं ग्राम प्रधान चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि क्षेत्र में गुलदारों का आतंक लगातार बना हुआ है, उनके आतंक से निजात दिलाने में वन विभाग रुचि नहीं दिखा रहा है। बताया कि बीते फरवरी माह में गुलदार ने एक बालिका को निवाला बना लिया था और एक युवक को घायल कर दिया। वहीं बीते माह चोपड़ा गांव में दिन में 12 बकरियों को भी गुलदार ने मार डाला था। इधर बीते सोमवार को गांजा मस्जिद के पास भी दिन में ही तेंदुआ दिखाई दिया था। वहीं दोनों घटनाओं में वन विभाग के कर्मियों ने मौका मुकायना कर रस्म अदायगी भर करने की सूचना है।

यह भी पढ़ें : चोपड़ा में ग्रामीण की 10 बकरियां खा गया गुलदार

चोपड़ा गांव में मरी बकरियों के साथ ग्रामीण।

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 28 जुलाई 2018। मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर ज्योलीकोट के निकट ग्राम सभा चोपड़ा में गुलदार ने एक किसान की एक दर्जन बकरियां मार दी गयी हैं। इनमें से 10 बकरियों के शव प्राप्त हो गये हैं, जबकि दो बकरियां गायब हैं। उनका कुछ पता नहीं चला है। इस आधार पर माना जा रहा है कि बकरियों को मारने वाले गुलदारों की संख्या दो हो सकती है। उन्होंने मारी गयी बकरियों का खून पिया है और शव छोड़ गये हैं, जबकि दो बकरियों को साथ ले गये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्योलीकोट के ग्राम चोपड़ा निवासी चंदन जीना पुत्र हुकुम सिंह जीना खेती-किसानी के साथ 40-50 बकरियां भी पालते हैं। शनिवार सुबह 10 बजे उनकी बकरियां पास ही स्थित खेत में स्वयं ही चर रही थीं। उनके साथ कोई व्यक्ति नहीं था। दोपहर 12 बजे के करीब एक दर्जन बकरियां गायब मिलने पर उनकी तलाश की गयी तो 10 बकरियांे के शव पास ही में मिल गये थे। उनकी गरदन पर घाव थे व खून पिया गया था। जबकि दो बकरियां गायब थीं। वन विभाग के अधिकारियों को मामले की सूचना दी गयी है।

अब बेलुवाखान में मजदूर पर झपटा गुलदार, आदमखोर होगा घोषित

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p style=”text-align: justify;”>-रात्रि 11 बजे हुई घटना, क्षेत्र के दर्जन भर ग्राम प्रधानों व जनप्रतिनिधियों ने किया जोरदार विरोध, बढ़ाए जाएंगे पिंजरे
-इसी ग्राम सभा के तोक सिमलखेत में बीती 25 फरवरी को सात वर्षीय बच्ची को मार चुका है गुलदार
नैनीताल, 21 मई 2018। बीती 25 फरवरी को मुख्यालय के निकटवर्ती बेलुवाखान ग्राम सभा के तोक सिमलखेत में सात वर्षीय बच्ची को मारने की घटना का दर्द अभी भुलाया भी नहीं जा सका कि रविवार रात इसी गांव के तोक देवलढूंगा में रविवार रात्रि संभवतया वही गुलदार एक 30-32 वर्षीय मजदूर मुकेश सिंह पुत्र पूरन सिंह पर झपट गया। गुलदार ने मुकेश के सीधे गले पर हमला किया, जिससे उसके गले पर बांयी ओर गहरा जख्म हुआ। गनीमत रही कि मजबूत कदकाठी के मुकेश ने गुलदार के साथ संघर्ष कर किसी तरह खुद की जान बचा ली, अन्यथा उसकी जान जानी कमोबेश तय थी। अलबत्ता, उसे गंभीर अवस्था में हल्द्वानी के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद क्षेत्र के विभिन्न गांवांे के करीब एक दर्जन ग्राम प्रधान व अन्य जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग के संबंधित मनोरा रेंज के बल्दियाखान स्थित कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। इस पर वहां पहुंचे प्रभागीय वनाधिकारी बीजू लाल टीआर एवं अन्य वनाधिकारियों ने घायल मुकेश का विभाग की ओर से उपचार कराने, गांव में पहले से लगे एक पिंजड़े को बढ़ाकर 4 करने और हमला करने वाले व पहले ही एक बच्ची की हत्या कर चुके गुलदार को आदमखोर घोषित कर इसे मारने की अनुमति लेेने का आश्वासन दिया।

बल्दियाखान स्थित मनोरा रेंज कार्यालय में जमीन पर बैठे आक्रोशित क्षेत्रीय ग्राम प्रधानों की खुद भी जमीन पर बैठकर बातें सुनते डीएफओ बीजू लाल टीआर।

घटनाक्रम के अनुसार ज्योलीकोट-बागेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीरभट्टी में मजदूरी कर एरीज जाने वाले पैदल रास्ते से अपने गांव देवलढूंगा लौट रहे मुकेश पर रात्रि 11 बजे के करीब घर से लगभग 100 मीटर पहले अचानक गुलदार ने हमला बोला। मुकेश ने संघर्ष करते हुए बमुश्किल अपनी जान बचाई, जिसके बाद गुलदार जंगल में भाग गया, जबकि घायल मुकेश को स्थानीय लोग 108 एंबुलेंस के माध्यम से हल्द्वानी ले गए। इधर सोमवार को स्थानीय ग्राम प्रधानों, ज्योलीकोट के राम दत्त चनियाल, ज्योली के शेखर भट्ट, चोपड़ा के जीवन चंद्र, गेठिया की मुन्नी चौहान, सड़ियाताल की नंदी देवी, देवीधूरा के धर्मेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान हरीश भट्ट व हरगोविंद रावत आदि ने बेलुवाखान के प्रधान व प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष हिमांशु पांडे की अगुवाई में मनोरा रेंज कार्यालय में जमीन पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस पर डीएफओ बीजू लाल, रेंज अधिकारी एनके जोशी, उप रेंज अधिकारी आनंद लाल व एसडीओ दिनकर तिवारी आदि ने भी जमीन पर बैठकर बमुश्किल आश्वासन देकर जनप्रतिनिधियों को मनाया।

बड़े बेटे के आयोजन में खुश थे परिजन, घर के पास ही छोटे को खा गया गुलदार

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 18 अप्रैल 2018। जनपद के बेलुवाखान में सात वर्षीय बच्ची को घर के आंगन से गुलदार द्वारा ले जाकर खाने की घटना अभी पुरानी भी नहीं हुई कि जिले के रामगढ़ ब्लॉक में सूपी गांव के काफली करखोली धार-लमिधार तोक में 11 वर्षीय बच्चे को गुलदार ने घर के पास ही निवाला बना दिया। खास बात यह भी है कि मृतक बच्चे हिमांशु बिष्ट पुत्र लाल सिंह के बड़े भाई के जनेऊ (उपनयन) संस्कार का कार्यक्रम चल रहा था, सो परिजन आयोजन की तैयारियों में व्यस्त रहे। जब तक उनका ध्यान बच्चे की ओर जाता, गुलदार उसे अपना शिकार बना चुका था।
घटना बुधवार की है। लाल सिंह के परिवार में बड़े बेटे गौरव के जनेऊ संस्कार की तैयारी चल रही थी। इस बीच रात्रि करीब आठ बजे छठी कक्षा में पढ़ने वाला छोटा बेटा हिमांशु करीब 40 मीटर की यानी चंद कदमों की दूरी पर स्थित अपने दादा दीवान सिंह के घर के लिए निकला। उसकी चाची उसे कुछ दूर तक छोड़ने भी गई, लेकिन उसने कहा कि वह अकेले चला जाएगा। संभवतया इसी दौरान उसे घर के पास ही घात लगाये गुलदार ने अपना शिकार बना लिया। इस बीच आयोजन की तैयारियों में व्यस्त परिजन उसे दादा के घर में मौजूद सोचते रहे। करीब एक घंटे बाद उन्होंने हिमांशु के दादा के घर न पहुंचने तक तलाश शुरू की तो रात्रि करीब 11 बजे उसका अधखाया शव जंगल में बरामद किया गया। इससे आयोजन की खुशी पर पल भर में ही मातम पसर गया। उसकी मां मंजू सहित सभी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। सूचना मिलने पर राजस्व पुलिस और वन विभाग के कर्मी भी गांव पहुंच गए। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया गया, जिसके बाद राजस्व पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जिसके बाद गमहीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना से पूरे सूपी गांव के साथ ही आसपास के क्षेत्र में नरभक्षी गुलदार से दहशत का माहौल है। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग के एसडीओ दिनकर तिवारी ने पिंजड़ा लगाने व मुआवजा देने की बात कही है।

गुलदार के हमले से घायल महिला

दिन-दहाड़े घर के आंगन से बच्ची को उठा-खा गया गुलदार

गुलदार का ग्रास बनी बच्ची

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p style=”text-align: justify;”>-ग्रामीणों ने जाम किया हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग, डीएफओ द्वारा मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर माने 
नैनीताल, 25 फ़रवरी 2018। जिला व मंडल मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर ज्योलीकोट के नंबर-एक बैंड के निकट स्थित ग्राम बेलुवाखान के तोक सिमलखेत में रविवार दोपहर करीब दो से ढाई बजे के बीच एक गुलदार घर के बाहर खेलती सात वर्षीया बच्ची को उठा कर ले गया। बाद में बच्ची का शव घर से करीब एक किमी दूर गदेरे में बेहद बुरी क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। इस पर गुस्साए ग्रामीणों ने हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव के साथ जाम लगा दिया। बाद में डीएफओ डा. धर्म सिंह मीणा द्वारा तत्काल ही 50 हजार रुपये नगद एवं शेष मुआवजा यथाशीघ्र दिलाने के आश्वासन पर ग्रामीण मान गए। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को अवकाश का दिन होने की वजह से निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालय गांजा ज्योलीकोट में तीसरीे कक्षा में पढ़ने वाली 7 वर्षीया छात्रा जया पुत्री राजेश कुमार अपने नैनीहाल सिमलखेत में घर के बाहर खेल रही थी, तभी एक वयस्क गुलदार आया और उसे उठा ले गया। उसकी दो बड़ी बहनों व अन्य बच्चों ने शोर मचाया, बावजूद गुलदार उसे साथ ले जाता चला गया। आखिर ग्रामीणों की खोजबीन के दौरान करीब डेढ़ घंटे बाद एक किमी दूर गुलदार द्वारा नोंचा गया बच्ची का शव बमुश्किल मिल पाया। इस पर आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान हिमांशु पांडे व उप प्रधान मनोज चनियाल आदि की अगुवाई में डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए बच्ची के शव के साथ राजमार्ग पर जाम लगा दिया। लेकिन जल्दी ही डीएफओ डा. मीणा के पहुंचने व मौके पर ही 50 हजार रुपए का नगद मुआवजा देने तथा आगे पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य औपचारिकताओं के बाद शेष ढाई लाख मुआवजा और मृतका की मां को वन विभाग के अंतर्गत जंगलों की आग बुझाने जैसे अस्थाई कार्यों के जरिये रोजगार देने की घोषणा की। इसके बाद जाम खोलकर पोस्टमार्टम की औपचारिकता पूरी की गयी। मौके पर सीओ विजय थापा, तल्लीताल थाना प्रभारी प्रमोद पाठक व ज्योलीकोट चौकी प्रभारी मनवर सिंह आदि भी मौजूद रहे।

काला सच : 70 साल की आजादी के बाद भी जंगल में बेटियों का घर और घर में हत्यारा गुलदार…

नवीन जोशी/मुनीब रहमान, नैनीताल। जिला व मंडल मुख्यालय से केवल करीब 18 किमी दूर तोक सिमलखेत में सात वर्षीया बालिका को घर के आंगन से गुलदार द्वारा उठाकर ले जाने की घटना विकास तथा चन्द्रमा व मंगल ग्रह के पथ पर बताये जाने वाले देश की 70 साल की हो चली आजादी का एक अलग ही आदिम युग सरीखा कुरूप चेहरा दिखाने वाली है। घटना की पृष्ठभूमि पर जाएं तो मृतक बालिका की मां रेखा देवी एक बेहद गरीब परिवार से है। उसका विवाह यूपी के राजेश कुमार नाम के युवक से हुआ, जो अपने आप में पहाड़ की गरीब बेटियों पर बाहरी युवकों की शादी के नाम पर किये जाने वाले छलावे की अलग कहानी है। शादी के बाद रेखा की तीन बेटियां ही हुईं। इस पर पुरुष प्रधान समाज के प्रतीक राजेश ने नवजात जया के जन्म लेते ही उसकी मां को तीनों बेटियों के साथ घर से निकाल दिया। इस पर रेखा अपने मायके आ गयी और भाई के पास ही जंगल के बीच स्थित गांव में रहने लगी, और मेहनत-मजदूरी कर देश में चल रही ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की मुहिम से जुड़ते हुए वह भी तीनों बच्चियों को निकट के प्राथमिक विद्यालय गांजा में पढ़ाने भी लगी। किंतु इधर घर में पहले से मौजूद भय, भूख, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, गरीबी व अशिक्षा के अलावा पुरुष प्रधान समाज की वहशी-कातिल निगाहों के साथ जंगलों में मानव के बढ़ते दखल के साथ शहरों को भी अपना पारंपरिक प्राकृतिक आवास मान रहे बाघों-गुलदारों और अन्य वन्य जीवों के गांवों-शहरों की ओर बढ़ते रुख के बीच एक हत्यारा गुलदार भी आ गया था, और देश की एक और बेटी उसका शिकार बन गयी। इस तरह यह घटना विकास की ओर दौडते देश के आजादी के 70 वर्ष वाद भी आदिम युग में जीने को अभिशप्त मानवों की एक दूसरी ही दुनिया, और उसमें आज भी बेटियों को मिल रहे तिरस्कार की वास्तविक कहानी भी दिखाने वाली है।

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p style=”text-align: justify;”>2014 में इसी गांव के एक बालक पर भी मारा था गुलदार ने झपट्टा
नैनीताल। बताया गया है कि वर्ष 2014 में भी इसी गांव में एक करीब 10 वर्षीय बालक पर भी इसी तरह घर के आंगन में खेलते एक बालक पर गुलदार ने झपट्टा मारा था। तब ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार भाग गया था। इसके बाद भी गुलदार का इसी गांव में नहीं बल्कि बल्दियाखान से दोगांव तक के क्षेत्र में आतंक लगातार बना रहता है। कई गांवों से गुलदार बकरियों, कुत्तों व बछड़ों आदि को ले जाता रहा है। उप प्रधान मनोज चनियाल के अनुसार करीब दो माह पूर्व भी उन्होंने वन विभाग के स्थानीय रेंजर को गुलदार के आतंक की शिकायत की थी। उल्लेखनीय है कि इसी तरह की एक घटना करीब 3 वर्ष पूर्व मुख्यालय के कैंट क्षेत्र में और पिछले वर्ष रातीघाट क्षेत्र में भी हुई थी।

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p style=”text-align: justify;”>पिंजड़ा लगाएंगे, रात्रि गस्त भी बढ़ाएंगे: डीएफओ
नैनीताल। डीएफओ डा. मीणा ने कहा कि घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक से गांव में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाने की अनुमति ली जा रही है। साथ ही क्षेत्र में वन्य कर्मियों की दिन व रात्रि में गस्त बढ़ाई जाएगी।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में फिल्म थिएटर के अन्दर और बाहर ‘मिशन टाइगर’

-कैपिटॉल सिनेमा के स्वामी के होटल में सुबह हनीमून मनाने आए नवविवाहित जोड़े के कक्ष में घुसा सवा वर्ष की उम्र का शावक
-बेहद बलिष्ठ था शावक, तीन घंटे बाद पकड़ने की कोशिश में थाना प्रभारी व वन दरोगा को धक्का दे रोशनदान से बाहर निकलकर भागा
-तीन सप्ताह में नगर में वन्य जीवों के आने की दूसरी घटना, इससे पूर्व बीती 10 जुलाई को वयस्क भालू आ घुसा था प्रशांत होटल में
नैनीताल। इधर नैनीताल नगर के कैपिटॉल सिनेमा में सुबह नौ बजे से उत्तराखंड के बाघों के संरक्षण पर बनी फिल्म ‘मिशन टाइगर’ चल रही थी, और उधर सुबह करीब साढ़े चार बजे कैपिटॉल सिनेमा के स्वामी अमित साह के ही तल्लीताल स्थित होटल में वाकई में बाघ प्रजाति के गुलदार का एक शावक घुस गया, और सुबह के करीब तीन घंटे उसकी दहशत के बीच पकड़ने की असफल कोशिशों के साथ ‘मिशन टाइगर’ ही चला। शावक होटल में हनीमून मनाने के लिए आये मेरठ के नवविवाहित युगल के कक्ष में शीशा तोड़कर घुसा। गनीमत रही कि कक्ष में मौजूद अभी मई माह में ही विवाह के उपरांत अपने परिवार के साथ बीती रात्रि ही यहां घूमने पहुंचे मेरठ के पल्लवपुर फेस एक निवासी 24 वर्षीय युवक सुमित ने बेहद हिम्मत का परिचय देते हुए पहले कक्ष में शावक के होते हुए स्वयं व अपनी पत्नी शिवानी (21) को कंबल में छुपाकर बचाया, और दैवयोग से जैसे ही गुलदार वॉशरूम के खुले दरवाजे से अंदर गया, उसने धीरे से जाकर वॉशरूम का कुंडा बाहर से बंद कर दिया। उल्लेखनीय है कि तीन सप्ताह में नगर में वन्य जीवों के आने की यह दूसरी घटना है। इससे पूर्व बीती 10 जुलाई 2015 को वयस्क भालू जू रोड स्थित प्रशांत होटल में आ घुसा था। पर्यावरणप्रेमियों के अनुसार इसे मानव के वन्य क्षेत्र में अतिक्रमण का परिणाम बताया जा रहा है।

घटना की जानकारी मिलने पर वन और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर जुटे, लेकिन शावक को बेहोश कर पकड़ने के बाड़े इत्यादि के साथ नैनीताल चिड़ियाघर की टीम करीब सवा सात बजे मौके पर पहुंच पाई। तल्लीताल थाना प्रभारी कैलाश जोशी और वन दारोगा हीरा सिंह शाही ने पीछे गैलरी की ओर से वॉशरूम के रोशनदान से शावक को देखने की कोशिश की। इससे रोशनदान पर लगी शीशे की झिर्रियां टूट गर्इं। और शावक बाहर आने की कोशिश करने लगा। इस पर दोनों ने स्टूल को अढ़ाकर गुलदार को अंदर ही रोककर बेहोश करने का मन बनाया, किंतु तब तक वॉश बेसिन के ऊपर चढ़कर बैठा शावक दोनों पर भारी पड़ते हुए बाहर निकल आया। वन कर्मियों ने एक बार पुन: बिना बेहोश किए जाल डालकर उसे गैलरी में ही दबोचने की कोशिश की, किंतु इसी बीच वह मौका देखकर गैलरी के पीछे की ओर से बूचड़खाना, हरिनगर की ओर से जंगल में भाग गया। चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी डा. योगेश भारद्वाज और रेंजर प्रमोद तिवारी ने उसे करीब सवा वर्ष का बताया। होटल के बाहर लगे सीसी टीवी की फुटेज के अनुसार शावक के पीछे आवारा कुत्तों का झुंड पड़ा था, और जान बचाने की कोशिश में वह खिड़की का नाजुक शीशा तोड़कर कक्ष में जा घुसा होगा।
होटल में सैलानियों की सुरक्षा सूत भर के शीशों के भरोसे
नैनीताल। नगर में तीन सप्ताह के भीतर नगर में वन्य जीवों के आने की दूसरी घटना प्रकाश में आई है, लेकिन इन दोनों घटनाओं ने नगर के होटलों में यात्रियों की सुरक्षा पर होटलों के द्वारा बरती जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। दोनों घटनाओं में वन्य जीवों ने खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। आज जिस होटल में घटना हुई वहां भी खिड़की के साथ ही रोशनदान में भी लोहे की रेलिंग जैसा प्रबंध नहीं था। होटल स्वामी अमित साह ने कहा कि आगे रेलिंग लगाएंगे।
पास में वैष्णो देवी मंदिर को लेकर लोगों ने आस्था से भी जोड़ा
नैनीताल। रविवार को जिस होटल में गुलदार का शावक घुसा वह हल्द्वानी रोड स्थित वैष्णो देवी मंदिर के बिलकुल करीब और सामने है। ऐसे में खासकर धार्मिक आस्था से जुड़े लोग बाघ को माता की सवारी मानते हुए आज की घटना को भी धार्मिक आस्था से जोड़कर देखते देखे गए।

राज्य बनने के बाद कुल 1200 वन्य जीवों ने गंवाए हैं प्राण

नैनीताल। अलग राज्य बनने के बाद उत्तराखंड में पिछले 14 वर्षो में 94 बाघ, 829 गुलदार और 275 हाथियों ने अपनी जान गंवाई है। प्रदेश के वन्य जीव प्रतिपालक कार्यालय के अनुसार 275 मृत हाथियों में से 108 की मौत दुर्घटनाओं में, 15 की अवैध शिकार के लिए, एक हाथी की मौत आपसी संघर्ष में और शेष 151 की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। इस अवधि में 94 बाघों में से आठ बाघों को राज्य ने पिछले वर्ष 2014 में खोया है। अगर यहां समुचित चिकित्सा प्रबंध होते तो इनमें से कई वन्य जीवों को बचाया जा सकता था।

वन्य जीव संघर्ष में 600 से अधिक लोगों ने गंवाई जान

नैनीताल। राज्य बनने के बाद से उत्तराखंड राज्य में अब तक 600 से अधिक लोग वन्य जीवों से हुए संघर्ष में अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 1200 से अधिक जख्मी हो चुके हैं। इनमें से 2014 तक के आंकड़ो के अनुसार सर्वाधिक 241 लोगों की मौत गुलदारों के द्वारा, 107 लोगों की मौत हाथियों के द्वारा, 19 की भालुओं के द्वारा, तीन की जंगली सुअरों व 16 की बाघ के द्वारा की गई है। वहीं गुलदार का शिकार हुए लोगों की वर्षवार बात करें तो 2001 में 32, 2002 में 19, 03 में 30, 04 में 117, 05 में 13, 06 में 29, 07 में 29, 08 में 13, 09 में दो, 10 में नौ, 11 व 12 में पांच-पांच, 13 में तीन तथा 14 में दो लोग गुलदार का शिकार बने। वहीं राज्य गठन के बाद से 2016 तक इस संघर्ष  में 405 लोगों ने जान गंवाई, जबकि नौ सौ से ज्यादा जख्मी हुए। दूसरी ओर अब हादसों और अन्य वजह से मारे गए बाघों की संख्या 91, गुलदार की 863 और हाथियों की तादाद 273 रही। ऐसी स्थितियों में आक्रोशित जनता खुद भी जानवर बनने से गुरेज नहीं करते। कोटद्वार के घामधार क्षेत्र में पिंजरे में फंसे गुलदार को लोगों ने जिंदा जला दिया तो जौनसार क्षेत्र में एक अन्य गुलदार को लोगों ने कुल्हाड़ी से काट डाला। इसके अलावा रुद्रप्रयाग में खेत में काम रही एक महिला पर गुलदार ने हमला किया तो इस वीर नारी ने आत्मरक्षा में गुलदार को मौत की नींद सुला दिया।

कमेट-मिट्टी खाने को मजबूर हैं बाघ

नैनीताल। जिम कार्बेट की तरह ही आदमखोर वन्य जीवों के शिकारी के साथ ही एक पर्यावरण व वन्य जीव प्रेमी की पहचान वाले ‘मिनी कॉर्बेट’ कहे जाने वाले स्वर्गीय ठाकुर दत्त जोशी ने खुलासा किया था कि हिंसक वन्य जीव तथा वन संपदा भी मनुष्य और मनुष्य के लिए उपयोगी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पूर्व में वन संपदा एवं हिंसक वन्य जीवों के लिए भोजन प्रचुर मात्रा में था, लेकिन इधर जिम कार्बेट पार्क क्षेत्र बाघों के मुख्य भोजन चीतल व सांभर की संख्या में काफी कमी आई है। पूर्व की तरह मनुष्य भी बकरी आदि पालतू जानवरों को जंगल भेजते थे, इनमें से कुछ का शिकार कर बाघों को भोजन मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। ऐसे में कई बाघ नदी किनारे खास स्थानों पर मिलनी वाली सफेद मिट्टी-कमेट (जिसे पूर्व में लोग चूने की तरह घर को पोतने के लिए प्रयोग करते थे) को भी खाते देखे गए हैं।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड
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One Reply to “ब्रेकिंग नैनीताल : महिला को गुलदार ने मार डाला, इसी आदमखोर ने 22 जून को भी महिला को मार डाला था !

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