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गाय के फसल चरने का विरोध किया तो नौसैनिक ने बड़्याठ से गला और एक हाथ काटकर कर दी हत्या, गिरफ्तार

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पुलिस की गिरफ्त में हत्यारा

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 6 जून 2019। हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में चंबल पुल सरदार कोठी के पास बुधवार रात पड़ोसी ने गाय के फसल चर जाने को लेकर गाय के मालिक एक टैक्सी चालक कृष्ण पाल मौर्य पुत्र लालता प्रसाद मौर्य की धारदार हथियार-बड्याठ से हाथ व गला काटकर निर्ममा से हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाले पूर्व नौसैनिक पर लगा है। पुलिस ने आरोपित राजेंद्र मेहरा पुत्र जीत सिंह मेहरा निवासी कृष्णा विहार मल्ली बमौरी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दमुवाढूंगा में चंबलपुल सरदार की कोठी निवासी कृष्णा मौर्या (35) टैक्सी चलाता था। उसने मकान के सामने बंटाई पर सब्जी बोई थी। आरोप है कि इस सब्जी को पड़ोसी सेवानिवृत्त नौसेना कर्मी की गाय चट कर जाती थी। इसी को लेकर दोनों के बीच पिछले करीब एक पखवाड़े से कहासुनी चल रही थी। बुधवार की रात्रि को भी राजेंद्र की गाय कृष्णा के खेत में सब्जी को चर रही थी। इस पर उनका विवाद हुआ था। रात करीब 9.30 बजे कृष्णा और उसकी पत्नी इंदिरा मौर्या कुत्ते को टहला रहे थे। इसी बीच राजेंद्र अचानक आ धमका और उसने कृष्णा की गर्दन व हाथ पर धारदार हथियार से वार कर दिये। इस पर इंदिरा अपने भाइयों को बुलाने चली गई। लेकिन जब तक वह रिश्तेदारों को साथ लेकर लौटी, तब तक राजेंद्र ने कृष्णा का एक हाथ भी काट दिया था। कृष्णा के साथ उसके रिश्तेदारों को आता देख हमलावर राजेंद्र मौके से भाग निकला, जबकि कृष्णा की मौके पर मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची काठगोदाम पुलिस ने मौके का मुआयना कर राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उससे हत्या में प्रयुक्त बड्याठ व खून से सने हुए कपड़े आदि भी बरामद कर लिये गये हैं। उसे मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी चल रही है।

यह भी पढ़ें : पत्नी से परेशान पति ने 7.5 लाख रुपये देकर कराया एक्सीडेंट…

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 25 फरवरी 2019। बीते 7 मई की देर शाम को लालकुआं कोतवाली के हल्दुचौड़ क्षेत्र में कुलजीत कौर नामक महिला की तेज रफ्तार कार से कुचलकर सड़क हादसे में मौत हो गई थी। शुरूआती जांच में तो मौत की वजह हादसे को बताया गया था, अलबत्ता घटना के बाद मृतका की बड़ी बहन ने उसके पति हरचरण सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था। अब जांच में हत्या का एंगल निकलकर सामने आया है। जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतक महिला के पति सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने खुलासा करते हुए बताया कि लंबे समय से कुलजीत कौर और उसके पति हरचरण सिंह के बीच विवाद चल रहा था। दोनों काफी समय से अलग-अलग रह रहे थे। हरचरण सिंह ने संपत्ति विवाद और तलाक न देने की वजह से अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रची। जिसके बाद आरोपी ने खटीमा के लक्ष्मण सिंह भाटिया से 7 लाख 50 हजार में अपनी पत्नी की हत्या का सौदा किया। जिसके लिए तीन लाख रुपये एडवांस भी दिए गये। एसएसपी ने बताया कि कुलजीत कौर हत्या मामले में सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

यह भी पढ़ें : विधवा की सामान्य बताई जा रही मौत पर छह साल की बच्ची ने खोल दिया राज, जीजा-साली निकले हत्यारे

नवीन समाचार, रुड़की, 25 फरवरी 2019। रुड़की में गंगनहर कोतवाली अंतर्गत इब्राहिमपुर देह गांव में सोमवार सुबह तब हड़कंप मच गया जब परिजन एक विधवा महिला की मौत को सामान्य व हृदयाघात से होना बता रहे थे, किंतु तभी मृतका की छह वर्षीय बेटी काजल ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि उसकी मां की सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या हुई है, और हत्या किसी और नहीं बल्कि उसकी सौतेली बहन व उसके जीजा ने की है। हत्या का कारण संपत्ति विवाद माना जा रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपित जीजा-साली को दबोच लिया है।
बताया जा रहा है कि शनिवार देर शाम मृतका संजो देवी (40 वर्ष) की सौतेला दामाद से किसी बात पर कहासुनी हुई। जिसके बाद दामाद ने अपनी साली की मदद से विधवा महिला की तकिये से दम घोंटकर हत्या कर दी। बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसकी मां के गले पर तकिया रखकर हत्या की है। जब उसने शोर मचाया तो उसके हाथ-पैर बांधकर कमरे से बाहर फेंक दिया। हत्या में उसकी सौतेली बहन का पति सचिन और सौतेली बहन नेहा शामिल हैं। बताया गया कि संजो देवी का छह साल पहले राजेंद्र से दूसरा विवाह हुआ था। दोनों के पहले से दो-दो बच्चे हैं। काजल, लड्डू और राजेंद्र की पूर्व पत्नी से दो बेटियां सिम्मी व नेहा हैं। सिम्मी का सचिन से विवाह हुआ है। वह भी संजो के घर में रहते हैं। दो साल पहले राजेंद्र का निधन हो गया था। इसके बाद से ही सचिन के दिमाग में संपत्ति हड़पने का प्लान चल रहा था। जिसके कारण उसने अपनी साली की मदद से सौतेली सास की हत्या कर दी।

यह भी पढ़ें : अवैध संबंधों के शक ने ले ली 24 साल के युवक की जान, दोस्त ने ही रेत दिया गला

नवीन समाचार, हरिद्वार, 11 फरवरी 2019। विवाहिता से अवैध संबंध रखने पर एक 24 वर्षीय नौजवान अब दुनिया में नहीं है। हरिद्वार निवासी उसके दोस्त ने ही अपनी पत्नी से अवैध संबंधों के शक में उसकी शराब पिलाने के बाद गला घोंटकर निर्ममता से हत्या कर दी, और शव को राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में पत्थरों के बीच जंगल में दबा दिया। पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार बीती 18 जनवरी को भीमगोड़ा की कुष्ठ बस्ती में रहने वाला 24 वर्षीय भूरी उर्फ अंकुर पुत्र किशन चंद संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। 31 जनवरी को उसकी मां शकुंतला देवी ने पुलिस में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि भूरी आखिरी बार कुष्ठ बस्ती में ही रहने वाले अपने दोस्त अमित उर्फ गंजा के साथ देखा गया था। पुलिस ने अमित से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। बकौल अमित, मृतक के उसकी पत्नी से नाजायज संबंध थे। घटना के दिन अमित ने भूरी के साथ उसके ही घर में शराब पी। इसके बाद उसने गला घोंटकर भूरी की हत्या कर दी। अमित शव को दबा आया। बताया कि वह पत्नी से अवैध संबंधों का पता चलने के बाद पिछले चार माह से भूरी की हत्या की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर भूरी का शव बरामद कर लिया है। 

यह भी पढ़ें : सिर्फ कोल्ड ड्रिंक की एक बोतल के लिए मीट काटने वाली छुरी से काट दिए पति पत्नी, मौत, कोई बचाने नहीं आया, वीडियो बनाते रहे…

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 17 जनवरी, 2019। नई दिल्ली की जेजे कॉलोनी की उस गली में गुरुवार को सिर्फ हृदय विदारक रोने-चीखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। बुधवार शाम गली में जो कत्लेआम हुआ, उसे देख-सुनकर हर कोई कांप उठा। पहले सुनीता की हत्या, फिर अस्पताल में उसके पति वीरू ने दम तोड़ दिया। वहीं उनके बेटे आकाश की हालत अभी भी गंभीर है।
कत्लेआम की सबसे अहम चश्मदीद वीरू की बड़ी बेटी 19 साल की खुशबू हैं। शादीशुदा हैं। ससुराल आगरा में है। 5 महीने की गर्भवती हैं। खुशबू रविवार को ही मायके आई थीं। वीरू के परिवार को मारने की स्क्रिप्ट आरोपी 2 महीने पहले ही लिख चुका था। वजह थी कोल्डड्रिंक की एक बोतल। उस दिन वीरू की सबसे छोटी बेटी खुशी और 11 साल का अमन छत पर खेल रहे थे। अचानक कोल्डड्रिंक की बोतल आरोपी के चबूतरे पर गिरी। बाहर निकलकर उसने बच्चों और पड़ोसियों को बहुत देर तक गाली दी। सभी पड़ोसियों को जान से मारने की धमकी दी। उस वक्त सुनीता ने बच्ची को गाली देने का विरोध किया था और पुलिस आई थी। तब मामले को सुलझाकर शांत करा दिया था। खुशबू ने पुलिस को बताया कि बुधवार शाम मां गली के नुक्कड़ पर कुछ सामान लेने जा रही थीं। रास्ते में आरोपी सब्जी लेकर लौट रहा था। आरोपी ने सुनीता को घूरकर देखा और बुदबुदाते हुए गंदी बात बोलते हुए पास से गुजरा। सुनीता लौटीं। घर के गेट पर पति और बेटे को आवाज लगाते हुए मोबाइल मंगवाया। कहा कि ‘जल्दी फोन ला 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुला’। सुनीता के पति वीरू और बेटा आकाश नीचे उतरकर आए। आकाश उसके दरवाजे पर पहुंचा। जोर-जोर से दरवाजा खटखटकाया। आरोपी को बाहर निकलने के लिए कहा।
आरोपी कमरे से मीट काटने वाला छुरा हाथ में लेकर निकला। दरवाजा खोलते ही सीधे आकाश के पेट में घोंप दिया। फिर बाहर की ओर भागा। वीरू ने आरोपी को रोकने की कोशिश की तो उन पर भी हमला कर दिया। इतने में सुनीता ने ईंट उठा ली। तभी आरोपी ने सुनीता के पेट और सिर पर हमला कर दिया। गली में वीरू, सुनीता और आकाश तड़पने लगे। प्रेग्नेंट खुशबू बहन को साथ लेकर भागी थी
आरोपी ने वीरू की बेटी खुशबू और सबसे छोटी बेटी खुशी को भी देख लिया था। वह उनके पीछे भागा। गर्भवती खुशबू, छोटी बहन को लेकर चिल्लाते हुए भागती रही। वह लोगों से कहती रही, ‘मेरे घरवालों को बचा लो’। कोई भी मदद को नहीं आया। लोग विडियो बनाने में लगे थे।

यह भी पढ़ें : रुद्रपुर में कांग्रेस नेता की हत्या, आरोपित भाजपा नेता

नवीन समाचार रुदपुर, 4 जनवरी 2019। मंदिर कमेटी के विवाद में कांग्रेस पार्टी के वार्ड अध्यक्ष की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस ने आरोपित को  हिरासत में ले लिया है। आरोपित भाजपा कार्यकर्ता एवं पूर्व सभासद बतायाा गया है।

संजय नगर खेड़ा वार्ड संख्या 11 में दुर्गा पूजा समिति के विवाद को निपटाने के लिए गणमान्य लोगों की एक पंचायत बुलाई गई थी। इसी दौरान भाजपा के पूर्व मेंबर सुभाष विश्वास अपने पुत्र संजू व अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे। जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव का माहौल बन गया। इसी दौरान संजू ने पंचायत में मौजूद कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष डॉक्टर नीरज के सिर पर सटाकर तमंचे से फायर झोंक दिया। इससे डाक्‍टर नीरज धड़ाम से नीचे गिर पड़े। फायर होते ही मौके पर भगदड़ मच गई। आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल डॉक्टर नीरज को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने डॉ नीरज को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर नीरज की मौत की सूचना शहर में जंगल में आग की तरह फैल गई। महानगर में मौजूद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने भी सूचना मिलते ही जिला अस्पताल की ओर कूच कर दिया। जहां भारी संख्या में तादाद क्षेत्रवासियों ने जमकर आरोपियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय व स्वतंत्र कुमार के सामने ही कैंप पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इधर, प्रशासन ने संजय नगर में पीएसी तैनात कर दी है। वहीं जिला अस्पताल में भी भारी पुलिस फोर्स में डेरा डाल दिया है। पुलिस अधिकरियों ने मुख्य आरोपी समेत कई लोगों को हिरासत में लेने का दावा किया है।

यह भी पढ़ें : दूसरी शादी की राह में आयी पहली पत्नी तो कर दी हत्या, एक माह बाद हुआ खुलासा

नवीन समाचार, देहरादून, 30 दिसंबर 2018। बीती 25 नवंबर को थाना विकासनगर क्षेत्र में के अंतर्गत आसन नदी से बरामद हुए अज्ञात महिला के शव की शिनाख्त एक माह बाद मीना (38) नाम की महिला के रूप में हो गई है। उसकी हत्या उसके ही पति मधुसूदन जगूड़ी (41) पुत्र सुरेशानंद निवासी ग्राम जोगत पट्टी थाना धरासू जिला उत्तरकाशी ने की थी। उसके पति ने 22 नवंबर को उसकी हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। मृतका अपने पति की पहली पत्नी थी। मधुसूदन ने उसकी हत्या उसे रास्ते से हटाने के लिए पहले पत्थरों से कुचलकर और फिर उसका सिर नदी के पानी में डुबोकर की थी। थाना विकासनगर पुलिस ने अभियुक्त मधुसूदन को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 व 201 के तहत ग्राम फतेहपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि इधर 25 दिसंबर को थाना सहसपुर पर जयंती प्रसाद नौटियाल पुत्र सत्येश्वर प्रसाद, निवासी ग्राम जगड गांव थाना धरासू जिला उत्तरकाशी ने अपनी पुत्री मीना देवी के गायब होने की सूचना दी थी। उनका कहना था कि मीना का विवाह वर्ष 2001 में मधुसूदन के साथ किया गया था। दोनो पति पत्नी 2010 तक साथ रहे, जिससे उनके दो बच्चे हुए। एक दिन अचानक मधुसूदन मीना को छोड़ कर बिना बताए गांव से चला गया। काफी तलाश करने पर पता चला वह देहरादून के ग्राम फतेहपुर में दूसरी शादी करके रह रहा है, और मीना को बच्चों सहित ग्राम फतेहपुर धर्मावाला में एक कमरे में रखा था। इधर करीब एक महीने से मीना से कोई संपर्क न होने पर उसके पति ने पूछने पर बताया मीना 22 नवंबर को घर से उत्तरकाशी बोल कर गई है, लेकिन उसका कहीं कोई अता-पता नहीं चला।

इस गुमशुदगी पर पुलिस को जांच करते हुए पता चला कि दो बच्चे होने के बाद पति-पत्नी में विवाद होने लगा था जिस कारण मधुसूदन निे उसे छोड़ दिया और दिसंबर 2011 में टिहरी जिले से शीतल नामक दूसरी महिला से कर ली। इधर मीना के वापस आ जाने से उसने मीना को ग्राम फतेहपुर में अलग एक कमरा किराये पर दे दिया और हर रोज उसके पास भी आने-जाने लगा। इधर उसे रास्ते से हटाने के लिए उसने 22 नवंबर की शाम 7 बजे उसे घुमाने के बहाने आसन पुल धर्मावाला नदी के पास ले जा कर उसके सर पर पत्थर से वार किये और बेहोश हो जाने पर नदी में लगभग 15 मिनट तक डुबा कर रखा और मीना के मर जाने पर उसके शव को नदी में बहा दिया और घर आकर सबको बोल दिया कि वह उत्तरकाशी वापस चली गई है।

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