Health

प्रधानमंत्री ने किया जिला चिकित्सालय में 500 सहित जनपद में 5300 एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांटों का वर्चुअल लोकार्पण

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

-जिला चिकित्सालय में विधायक संजीव आर्य के हाथों हुआ औपचारिक लोकार्पण

बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण करते विधायक संजीव आर्य।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अक्टूबर 2021। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को एम्स ऋषिकेश से देश भर में पीएम केयर्स फंड से स्थापित किए गए 162 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांटों का एक साथ वर्चुअल तरीके से शुभारंभ किया। इन 162 ऑक्सीजन प्लांटों में नैनीताल जिला मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में स्थापित 500 एलपीएम क्षमता के प्लांट सहित जनपद के विभिन्न चिकित्सालयों में शामिल 5300 एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट भी शामिल रहे। देखें विडियो :

जिला चिकित्सालय में पीएम केयर्स फंड से 500 एलपीएम क्षमता का विधायक संजीव आर्य के हाथों धार्मिक विधि-विधान के साथ ऑपचारिक लोकार्पण भी किया गया। इस मौके पर प्लांट को स्थापित करने वाले डीआरडीओ के अधिकारियों ने प्लांट की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। श्री आर्य ने कहा कि लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से इस प्लांट की स्थापना हुई है। इसके माध्यम से लगभग 100 बेड के लिए 48 घंटों तक बिना रुके ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकेगी। उन्होंने इस हेतु नगर की जनता को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री का आभार जताया।

वहीं डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि जिला चिकित्सालय के अलावा एसटीएच हल्द्वानी में लगभग 4 हजार एलपीएम, रामनगर में खनन न्यास से 500 एलपीएम तथा बेस चिकित्सालय हल्द्वानी में 300 एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट भी शुरू हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में ऑक्सीजन से युक्त 1967 बेड हैं, और सभी बेड के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता हो गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा ऑक्सीजन सिलेंडर के माध्यम से भी ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था भी है, साथ ही निचले स्तर के चिकित्सालयों तक ऑक्सजन कंसन्ट्रेटर भी उपलब्ध हैं।

इस मौके पर जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी, डॉ. वीके पुनेरा, डॉ. एमएस दुग्ताल, एसडीएम प्रतीक जैन, पद्मश्री अनूप साह, भाजपा नेता शांति मेहरा, गोपाल रावत, आनंद बिष्ट, अरविंद पडियार, बिमला अधिकारी, उमेश गड़िया, भूपेंद्र बिष्ट, दया बिष्ट, सभासद गजाला कमाल, मोहन नेगी, कैलाश रौतेला व राहुल पुजारी विश्वकेतु वैद्य व विक्की राठौर, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री करेंगे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ…

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 5 अक्टूबर 2021। जिला मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में 500 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट दो दिन बाद, आगामी सात अक्टूबर से कार्य करना प्रारंभ कर देगा। इसी दिन उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम्स यानी अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान ऋषिकेश से इसका वर्चुअल तरीके से शुभारंभ करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री इस दिन पीएम केयर फंड से देश भर में बने ऑक्सीजन प्लांटों का वर्चुअल तरीके से लोकार्पण करने वाले हें।

बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी ने बताया कि जिला चिकित्सालय में विशाल आकार के ऑक्सीजन प्लांट के पहुंचने के बाद इसे स्थापित करने हेतु युद्ध स्तर पर कार्य पूरे कराए जा रहे हैं। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण करने के बाद कोरोना से युद्ध में एवं अन्य बीमारियों के समय भी आपातकाल में आक्सीजन की आवश्यकता पड़ते ही रोगियों को यहां से हल्द्वानी रेफर नहीं करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में डीएम धीराज गर्ब्याल के प्रयासों से एमपी लेड निधि के 45 लाख रुपए से ऑक्सीजन प्लांट स्थपित किया जा रहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : जिला चिकित्सालय पहुंचा 500 एलपीएम क्षमता का विशाल ऑक्सीजन प्लांट, अब नहीं रहेगी ऑक्सीजन की किल्लत

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 25 सितंबर 2021। जिला मुख्यालय के वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब कोरोना से युद्ध में एवं अन्य बीमारियों के समय भी आपातकाल में आक्सीजन की आवश्यकता पड़ते ही रोगियों को यहां से हल्द्वानी रेफर नहीं करना पड़ेगा। बल्कि नगर के बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में डीएम धीराज गर्ब्याल के प्रयासों से एमपी लेड निधि के 45 लाख रुपए से ऑक्सीजन प्लांट स्थपित किया जा रहा है। मंगलवार को 500 एलपीएम क्षमता का, आकार में भी विशाल ऑक्सीजन प्लांट जिला चिकित्सालय में पहुंच गया।

विशाल आकार के कारण इसे चिकित्सालय में लाना भी बड़ा कठिनाई का कार्य रहा। चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी इसके लिए काफी दिनों से परेशान थे, लेकिन आज अन्ततः यह प्लांट यहां पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि इसके अतिरिक्त भी जिला चिकित्सालय के लिए 75 लाख रुपए से बुजुर्गों के लिए लिफ्ट तथा वार्डों में 45 लाख से टाइल्स आदि लगाए जा रहे हैं। इस तरह कोराना काल को पूरा जिला प्रशासन एक अवसर के रूप में लेते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के अपने अभियान में जुटा हुआ है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मेडिकल स्टोरों पर छापा, दो को अनियमितताएं मिलने पर नोटिस

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2021। औषधि विभाग के निरीक्षकों ने बृहस्पतिवार को नगर के मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। नैनीताल की वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट व ऊधमसिंह नगर के सुधीर कुमार द्वारा की गई संयुक्त छापेमारी में नगर के इंद्रा मार्केट स्थित कुमाऊं मेडिकल स्टोर व बड़ा बाजार स्थित अक्षय मेडिकल स्टोर को अनियमितताएं मिलने परर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा।

इस दौरान मोहिंद्रा कैमिस्ट, हिमानी मेडिकोज, राम सिंह संत सिंह व मुन्ना फार्मेसी में एक्सपायरी बॉक्स की जांच की गई तथा दवाइयों के रख-रखाव व सभी मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए गए। नैनीताल कैमिस्ट एसोसिएशन ने छापेमारी में पूरा सहयोग किया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में राज्य कैंसर संस्थान बनने की राह एक कदम और आगे बढ़ी

Uttarakhand Cancer Institute to be given to Tata Institute / exercise to  give the State Cancer Institute to the Tata Institute beginsनवीन समाचार, हल्द्वानी, 29 अगस्त 2021। उत्तराखंड के हल्द्वानी में मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट, राज्य कैंसर संस्थान बनने की राह पर एक कदम और आगे बढ़ गया है। ब्रिज रोपवे टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमंट कॉपरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड यानी ब्रिडकुल ने इसकी डीपीआर तैयार कर दी है। डीपीआर में संस्थान के निर्माण में 86 करोड़ की लागत आने का उल्लेख है। संस्थान में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए न्यूक्लियर मेडिसिन सहित 19 विभाग होंगे।

गौरतलब है कि स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट आरक्षित वन भूमि पर निर्मित है। इस जमीन के नियमितीकरण का प्रस्ताव भी आगे बढ़ गया है। इस हेतु आरपीवी जमा होने के बाद अब क्षतिपूरक वनीकरण संबंधी प्रक्रिया चल रही है। साथ ही राज्य कैंसर संस्थान के निर्माण के लिए चार हेक्टेयर से अधिक वन भूमि की जरूरत है, इसका प्रस्ताव भी वन भूमि हस्तांतरण के नोडल कार्यालय में पहुंच गया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले पांच वर्ष से स्वामी राम कैंसर संस्थान को 103 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बनाने की तैयारी चल रही है। नवंबर 2020 में राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी की पहल पर देश के प्रसिद्ध उद्योगपति, टाटा समूह के प्रमुख रतन टाटा ने उत्तराखंड में टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट बनाने पर सहमति जताई थी। उम्मीद की जा रही है कि टाटा संस्थान भी इस संस्थान की स्थापना में मदद करेगा। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी-उत्तराखंड में विश्वस्तरीय कैंसर उपचार संस्थान बनने की संभावनाएं…

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 18 फरवरी 2021। उत्तराखंड के हल्द्वानी में शीघ्र ही विश्वस्तरीय कैंसर उपचार संस्थान अस्तित्व में आ सकता है। हल्द्वानी में राजकीय मेडिकल कालेज के अधीन संचालित स्वामी राम कैंसर संस्थान को टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट के रूप में विकसित किए जाने की संभावना तलाशी जा रही है। इसके लिए राज्य सभा सदस्य व राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने पहल शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले पांच वर्ष से स्वामी राम कैंसर संस्थान को 103 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बनाने की तैयारी चल रही है। वन भूमि के हस्तांतरण न होने से यह महत्वाकांक्षी परियोजना लंबित पड़ी है। अब बताया जा रहा है कि वन भूमि के हस्तांतरण की सैद्धांतिक सहमति हो गई है, इधर

नवंबर 2020 में राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों से देश के प्रसिद्ध उद्योगपति, टाटा समूह के प्रमुख रतन टाटा ने उत्तराखंड में टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट बनाने पर सहमति जताई थी। इसके बाद टाटा ग्रुप के अधिकारियों के साथ बलूनी की बैठक भी हो गई है। इस मामले में अब बलूनी की ओर से बताया जा रहा है कि इस संस्थान को अगले वित्तीय वर्ष में टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट बनाने की पहल शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही यह संभावना भी देखी जा रही है कि हल्द्वानी में प्रस्तावित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को ही टाटा कैंसर संस्थान को दे दिया जाए। यदि इस दिशा में काम होता है तो कुमाऊं ही नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड को इसका लाभ मिलेगा और कैंसर का विश्वस्तरीय इलाज हल्द्वानी में मिलने लगेगा। मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों में नहीं चक्कर काटने पड़ेंगे। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : विधायक ने किया जिला चिकित्सालय में 20 लाख की कार्डियक एंबुलेंस व बाल वार्ड का शुभारंभ

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2021। विधायक संजीव आर्य ने मंगलवार को मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में करीब 20 लाख रुपए की लागत से बनी अत्याधुनिक कार्डिएक यानी हृदय रोगियों के लिए भी उपयोगी एंबुलेंस एवं नए सजे बाल वार्ड का शुभारंभ किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन दो नई सुविधाओं के साथ जिला चिकित्सालय रोगियों की अधिक बेहतरी से सेवा कर सरकार के सबको अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य को पूरा कर पाएगा।

जिला चिकित्सालय में नई कार्डियक एंबुलेंस का शुभारंभ करते क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य।

जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी ने बताया कि शासन ने जिला चिकित्सालय को 15.22 लाख रुपए मूल्य की बड़ी टाटा विंगर एंबुलेंस प्रदान की थी। इसमें नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के द्वारा करीब पांच लाख रुपए मूल्य के मल्टी पैरा मॉनीटर, ऑक्सीजन, बायपैक यानी एक तरह का छोटा वैंटीलेटर, हृदय रोगियों को हृदयाघात के दौरान झटका देने वाली डी-फिबुलेटर मशीन, सक्शन मशीन, इन्फ्यूजन पंप, कैन्यूला, मल्टी पैरा मॉनीटर, सक्शन मशीन, सिरीज पंप, निबोलाइजर, मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर आदि अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। वहीं बाल वार्ड में संयुक्त मजिस्टेªट प्रतीक जैन की पहल पर सुश्री शोभल सिंह की स्वयं सेवी संस्था सूर्याेदय के द्वारा बच्चों के लिए रुचिकर चित्रों एवं अन्य साज-सज्जा युक्त 7 बेड लगाए गए हैं।

इस मौके पर कुमाऊं मंडल की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशक डॉ. शैलेजा भट्ट, सीएमओ डॉ. भागीरथ जोशी, पीएमएस डॉ. केएस धामी, डॉ. एमएस दुग्ताल, डॉ. अर्जुन रावल, डॉ. एमएस रावत, डॉ. आरके वर्मा, मेट्रन शशिकला पांडे, भाजपा नगर अध्यक्ष आनंद बिष्ट, गोपाल रावत, सभासद मोहन नेगी, राहुल पुजारी, मनोज जोशी, नीरज जोशी, विमला अधिकारी, कुंदन नेगी व भूपेंद्र बिष्ट सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : डॉ. दुग्ताल ने युवक के पेट से 4 लीटर पानी निकाला

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2021। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एमएस दुग्ताल ने रविवार को अवकाश के बावजूद एक युवक को उसकी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से निजात दिलाई। नगर के सूखाताल निवासी 45 वर्षीय युवक कुंवर सिंह का पेट फूला हुआ था। वह बहुत कमजोरी महसूस कर रहा था और उसे सांस फूलने व भूख न लगने की समस्या भी थी। इस पर डॉ. दुग्ताल ने उसके पेट से चार लीटर पानी निकाला। इसके बाद युवक काफी आराम महसूस करने लगा। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में कोरोना संक्रमित महिला का समय पूर्व सुरक्षित प्रसव कराया…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 03 जून 2021। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला महिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने एक कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराकर मिसाल पेश की है। बताया गया है कि नगर के सात नंबर निवासी 25 वर्षीय महिला को दूसरा बच्चा होने के लिए गर्भ के 9 माह से पहले से प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। प्रसव के उपरांत उसका बेटा पैदा हुआ। समय पूर्व बच्चा होने के कारण मां व बच्चे को प्रसव के उपरांत एसटीएच भेजा गया। बताया गया है कि वहां से जांच के बाद दोनों वापस लौट आए हैं। मां के साथ नवजात शिशु होने के कारण महिला को होम आइसोलेशन में भी कोरोना का उपचार कराने की सलाह दी गई है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए महिला का प्रसव कराने में चिकित्सालय की गाइनोकॉलॉजिस्ट डॉ. अनुपमा, सिस्टर, नीलम व दीपा के साथ आशा कार्यकत्री निर्मला चंद्रा की उल्लेखनीय भूमिका रही। प्रसव के उपरांत जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : होटल एसोसिएशन ने जिला चिकित्सालय को दिए कार्डियक एंबुलेंस के लिए अत्याधुनिक उपकरण

-10 लीटर के 3 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर भी दिए
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 02 जून 2021। नैनीताल होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के द्वारा जिला चिकित्सालय को कई अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण भेंट किए गए हैं। भेंट किए गए उपकरणों में 10 लीटर क्षमता के 3 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर तथा जिला चिकित्सालय को जिला प्रशासन की पहल पर पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड देहरादून से सीएसआर मद में मिलने जा रही 15.22 लाख रुपए मूल्य की बड़ी टाटा विंगर कार्डियक एंबुलेंस में लगाने के लिए मल्टी पैरा मॉनीटर, ऑक्सीजन, बायपैक यानी एक तरह का छोटा वैंटीलेटर, हृदय रोगियों को हृदयाघात के दौरान झटका देने वाली डी-फिबुलेटर मशीन, सक्शन मशीन, इन्फ्यूजन पंप, कैन्यूला, मल्टी पैरा मॉनीटर, सक्शन मशीन, सिरीज पंप, निबोलाइजर, मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर आदि करीब 4-5 लाख रुपए के अत्याधुनिक उपकरण शामिल हैं।

जिला चिकित्सालय के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि इन उपकरणों के साथ जिला चिकित्सालय में हृदयरोगियों के लिए भी पूरी तरह से उपयोगी अत्याधुनिक एंबुलेंस उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने कहा कि चूंकि इस एंबुलंेस में सभी उपकरण दान से प्राप्त हो रहे हैं, इसलिए इसे साधारण एंबुलेंस की दरों पर ही आम जनता को उपलब्ध कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि होटल एसोसिएशन इससे पहले भी बीडी पांडे अस्पताल को 5 लीटर के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सहित अन्य स्वास्थ्य उपकरण जिला चिकित्सालय को सौंप चुका है। इस मौके पर नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह, उपाध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट, सचिव वेद साह के अलावा जिला चिकिक्सालय के डॉ अनिरुद्ध गंगोला, डॉ एमएस दुग्ताल, डॉ प्रियांशु श्रीवास्तव व रजनीश मिश्रा आदि मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अब विधायक संजीव आर्य ने कोटाबाग क्षेत्र में जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का उठाया बीड़ा…

-किया सीएचसी कोटाबाग एवं टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण
डॉ.नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 मई 2021। जिला मुख्यालय, ओखलकांडा, गरमपानी, रामगढ़ व ज्योलीकोट के बाद अब नैनीताल विधायक संजीव आर्य ने कोटाबाग क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को स्तरीय बनाने की ओर कदम बढ़ाए हैं। बृहस्पतिवार को आर्य ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटाबाग एवं यहां राजकीय इंटर कालेज में बनाए गए कोरोना टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। साथ ही कोटाबाग विकासखंड के पर्वतीय क्षेत्र में कोविड-19 के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की समीक्षा भी की। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने विधायक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकताओं को लेकर प्रस्ताव भी दिया, इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए विधायक ने आपातकालीन एवं आइसोलेशन वार्ड हेतु अत्याधुनिक तकनीक युक्त 2-2 बेड, 2 नेबुलाइजर मशीन, 1 डिलीवरी टेबल, कोविड-19 के दृष्टिगत एन-95 मास्क, 3-लेयर सर्जिकल मास्क, सोडियम हाइपो क्लोराइड, ग्लब्ज, सैनिटाइजर, ब्लीचिंग पाउडर एवं थर्मल स्कैनिंग मशीन और पर्वतीय क्षेेत्र के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओखलढुंगा, डोन-परेवा, डोला, घुग्घू सिगड़ी और बगड़ को एन 95 थ्री लेयर सर्जिकल मास्क, सोडियम हाइपो क्लोराइड, गलब्ज, ब्लीचिंग पाउडर, सेनीटाइजर, विधायक निधि से देने की घोषणा की।

इस मौके पर विधायक आर्य ने टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण करते हुए केंद्र में लोगों की मदद हेतु अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कोटाबाग द्वारा लगाई गई हेल्प डेस्क के प्रयास की सराहना की। साथ ही हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध कराने वाले सभी अभाविप कार्यकर्ताओं को एन-95 मास्क, फेस शील्ड, सैनिटाइजर एवं अन्य जरूरी सामान इत्यादि भी उपलब्ध कराए जाने की घोषणा की। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक से पर्वतीय क्षेत्र में भी कोरोना टीकाकरण केंद्र की मांग की। इस पर विधायक संजीव आर्य ने तत्काल डीएम से बात कर जनप्रतिनिधियों की मांग पर कोटाबाग के पर्वतीय क्षेत्र में रैपिड एंटीजन टेस्ट और आरटी पीसीआर टेस्ट के रोस्टर के हिसाब से न्याय पंचायत स्तर पर 4 टीकाकरण केंद्र बनाए जाने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर एसडीएम कालाढुंगी गौरव चटवाल, विधायक प्रतिनिधि कृपाल बिष्ट, हेम नैनवाल, मंडल उपाध्यक्ष कंचन पंत, पूरन अरोरा, प्रमुख भारती बिष्ट, प्रभा पांडे धाराबल्लभ नैनवाल, ग्राम प्रधान विपिन भट्ट, गिरीश चंद्र, शुभम बधानी, चंदू सनवाल सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सभी पीएचसी, सीएचसी व उप केंद्रों में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध कराने वाला उत्तराखंड का पहला जिला बना नैनीताल

-जिला प्रशासन ने उपलब्ध कराए ऑक्सीजन कंसनट्रेटर व सिलेंडर
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मई 2021। नैनीताल जिला प्रशासन ने डीएम धीराज गर्ब्याल की पहल पर जनपद के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व उप केंद्रों पर कोविड संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए ऑक्सीजन कंसनट्रेटर व सिलेंडर उपलब्ध कराने की बड़ी सफलता अर्जित कर ली है। जिला प्रशासन का दावा है कि नैनीताल ऐसा करने वाला उत्तराखंड का पहला जनपद हैं, जहां कोविड रोगियों के लिए ऑक्सीजन की कमी नहीं है।
डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि कोविड केयर सेंटर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर के मालधन में 12 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सीएचसी कालाढूंगी में 9 बी टाइप सिलेंडर व 8 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, कोटाबाग में 15 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथ 12 बी व डी टाइप के ऑक्सीजन सिलेंडर, गरमपानी में 23 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा 34 बी व डी टाइप सिलेंडर, बेतालघाट में 13 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व 14 सिलेंडर, रामगढ़ में 8 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व 9 सिलेंडर, सुयलबाड़ी में 6 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व 2 सिलेंडर, पदमपुरी में 12 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व 2 सिलेंडर तथा सीएचसी भवाली में 32 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तथा 10 डी व बी टाइप सिलेंडर 10 उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करा दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि जनपद को गत दिनों सेंट जोसफ कॉलेज के पूर्व छात्र आशुतोष जोशी व पूर्व अंतरराष्ट्रीय धावक हरीश तिवारी के प्रयासों से बंगलुरू की स्वयं सेवी संस्था ‘एक्ट ग्रांट्स’ से 231 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मिले थे। इन्हीं ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटरों को अब दूरस्थ क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराया गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : विधायक ने समझा आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का दर्द, कोविड सुरक्षा उपकरणों हेतु जारी की धनराशि…

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मई 2021। नैनीताल के विधायक संजीव आर्य ने विधानसभा के बेतालघाट क्षेत्र की आशा कार्यकत्रियों के लिए 9000 ट्रिपल लेयर मास्क, 3000 सर्जिकल ग्लब्स एवं 300-300 एल्कोहल युक्त 500 मिलीलीटर के सेनेटाइजर व फेसशील्ड विकास खंड भीमताल को अवमुक्त कर दिए हैं। श्री आर्य ने बताया कि उनके संज्ञान में लाया गया कि आशा बहनें दूरस्थ क्षेत्रो में प्रथम पंक्ति की कोरोना योद्धाओं के रूप में कोविड-19 संक्रमण के रोकथाम के लिए लगातार प्रतिदिन क्षेत्र में जाकर लोगों की जांच के साथ उन्हें जागरूक करते हुए सेवा कार्य में जुटी हैं। बेतालघाट में इनकी संख्या लगभग 300 है। इसलिए उनकी सुरक्षा को दृष्टि में रखते हुए उनके लिए आवश्यकीय संसाधन हेतु मुख्य विकास अधिकारी को धनराशि अवमुक्त कर दी है। जल्द ही भीमताल, कोटाबाग, रामगढ़ की सूची उपलब्ध होते ही वहां की आशा एवं आंगनबाड़ी बहनो के लिए भ संसाधन हेतु धनराशि अवमुक्त की जाएगी।

यह भी पढ़ें : विधायक ने भवाली को चिकित्सा सुविधाओं के लिए दिए 12.5 लाख तो न्यू क्लब ने जिला अस्पताल को दिए 1 लाख के उपकरण

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मई 2021। नैनीताल विधायक संजीव आर्य ने नैनीताल विधानसभा के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ केंद्र भवाली में सीआर सिस्टम युक्त 300 एमए डिजिटल एक्स-रे मशीन, ऑक्सिजन कन्सनट्रेटर एवं अन्य आवश्यक उपकरण के लिए नैनीताल जनपद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 11.2 लाख रुपए की धनराशि, एवं इसी चिकित्सालय में पांच पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर, 1500-1500 ट्रिपल लेयर मास्क, लूज ग्लब्स व सर्जिकल ग्लब्स, 1 सोडियम हाइपोक्लोराइट, 50 एल्कोहल बेस्ट 500 मिली के सेनेटाइजर, 500 सर्जिकल हैडकैप, एक सेनिटाइजर मशीन, 5 ऑक्सीमीटर व 100 फेसशील्ड के लिए जनपद के मुख्य विकास अधिकारी को 1.3 लाख रुपए की धनराशि अवमुक्त कर दी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भवाली के साथ समीपवर्ती नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इन सुविधाओं का लाभ प्राप्त करेंगे।

न्यू क्लब ने जिला चिकित्सालय को दिए एक लाख के चिकित्सा उपकरण

बीडी पांडे जिला चिकित्सालय को एक लाख के चिकित्सा उपकरण भेंट करते न्यू क्लब के पदाधिकारी।

नैनीताल। नगर के न्यू क्लब की ओर से बुधवार को मुख्यालय स्थिज बीडी पांडे जिला चिकित्सालय को एक लाख रुपए मूल्य के 100 पल्स ऑक्सीमीटर और 150 डिजिटल थर्मामीटर भेंट किये। साथ ही भविष्य में भी कोविड महामारी के दृष्टिगत चिकित्सालय को मदद जारी रखने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी व डॉ. अनिरुद्ध गंगोला तथा न्यू क्लब के अध्यक्ष पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, सचिव शैलेन्द्र चौधरी तथा वीरेंद्र साह, केशर व परमानंद सनवाल आदि सदस्य मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : ‘नवीन समाचार एक्सक्लूसिव’: जिला चिकित्सालय की बरसों पुरानी मुराद होगी पूरी, लगेगी सीटी स्कैन मशीन, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, कार्डियक एंबुलेंस….

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मई 2021। नैनीताल जनपद मुख्यालय एवं आसपास के मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निर्भर निवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। क्षेत्रवासियों की बरसों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। कोरोना काल में जिला चिकित्सालय अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से युक्त होने जा रहा है। यहां सीटी स्कैन मशीन और ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगने का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार से जिला चिकित्सालय में यह दोनों बड़े प्रबंध लगने को स्वीकृति मिल गई है।
उल्लेखनीय है कि पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण दुर्घटनाओं में सिर में चोट लगना आम है। ऐसे में सीटी स्कैन मशीन की प्राथमिक आवश्यकता रहती है। लेकिन यह मशीन न होने के कारण यहां प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को हल्द्वानी भेजना पड़ता था, और इस दौरान कई घायलों की मौत भी होती रही है। वहीं जिला चिकित्सालय में इसी वर्ष ऑक्सीजन के जंबो सिलेंडरों से चलने वाला सेंटल ऑक्सीजन सिस्टम लगा है। लेकिन इसकी समस्या यह है कि इस सिस्टम में 15 सिलेंडर भी एक से डेढ़ दिन में खाली हो जाते हैं। अब जिला चिकित्सालय में लगने जा रहे ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट में दिन में 50 सिलेंडर प्राकृतिक ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में बदलकर भर जाएंगे। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी ने ‘राष्ट्रीय सहारा’ को बताया कि दोनों स्वीकृतियां मिल गई हैं, साथ ही इनके लिए जगह भी तय कर ली गई है।

करीब 20 लाख रुपए की अत्याधुनिक कार्डियक एंबुलेंस भी होगी उपलब्ध
नैनीताल। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में करीब 20 लाख रुपए की अत्याधुनिक कार्डियक एंबुलेंस भी उपलब्ध होने जा रही है। उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय को गत दिवस 15.22 लाख रुपए मूल्य की बड़ी टाटा विंगर एंबुलेंस स्वीकृत हुई है। पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि इस एंबुलेंस में नैनीताल होटल एसोसिएशन के द्वारा मल्टी पैरा मॉनीटर, ऑक्सीजन, बायपैक यानी एक तरह का छोटा वैंटीलेटर, हृदय रोगियों को हृदयाघात के दौरान झटका देने वाली डी-फिबुलेटर मशीन, सक्शन मशीन, इन्फ्यूजन पंप आदि उपकरण लगाकर इसे पूर्णतया सुसज्जित किये जाने पर सहमति बनी है। इस कार्य में चार लाख रुपए से अधिक का खर्च आने का अनुमान है।

जिला चिकित्सालय को मिला 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का गुप्त दान, जिला चिकित्सालय जिले को करेगा दान
नैनीताल। अक्सर दानदाताओं का ध्यान दान देने से अधिक फोटो खिंचवाने व अपना नाम लिखवाने पर दिखता है, किंतु कोरोना काल में बीडी पांडे जिला चिकित्सालय को 5-5 लीटर क्षमता के 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का गुप्त दान मिला है। पीएमएस डॉ. धामी ने बताया कि यह 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर इथोपिया एयरलाइंस के जरिये हरियाणा से होते हुए जिला चिकित्सालय पहुंचे हैं। इन्हें भेजने वाले के बारे में कोई जानकारी अंकित नहीं है। यह भी नहीं पता कि यह किस देश से आए हैं। माना जा रहा है यह गुप्त दान विदेश में रह रहे किसी नैनीताल निवासी या नैनीताल से प्रेम करने वाले व्यक्ति की ओर से हो सकता है। उन्होंने कहा कि इन 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में 25 फीसद अपने पास रखकर शेष 75 फीसद वह जनपद के सीएमओ के सुपुर्द कर देंगे, ताकि इन्हें जनपद के बेतालघाट, गरमपानी, कोटाबाग, हल्दूचौड़, ज्योलीकोट, कालाढुंगी आदि ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचसी व पीएचसी में स्थापित किया जा सके और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को इनका लाभ मिल सके। इसके अलावा जिला मुख्यालय में यह ऑक्सीजन कम होने पर जरूरतमंदों को भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी सेंट जोसफ ओल्ड ब्वाइॅज एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, व्यापार मंडल सहित 8-10 अन्य लोगों व संस्थाओं की ओर से भी जिला चिकित्सालय को कोरोना के उपचार हेतु बड़ी सहायता मिल रही हैं।

यह भी पढ़ें : कोरोना से जंग में नैनीताल बैंक भी आगे आया, दिये पांच ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, हो गए 15

जिला प्रशासन को पांच ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर भेंट करते नैनीताल बैंक के अधिकारी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मई 2021। वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ चल रहे युद्ध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने के अभियान में प्रदेश का अपना, इकलौता वाणिज्यिक बैंक-द नैनीताल बैंक लिमिटेड भी आगे आया है। बैंक के अध्यक्ष दिनेश पंत की अगुवाई में बैंक की ओर से शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय को सीएसआर यानी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत करीब चार लाख रुपए मूल्य के पांच ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर प्रदान किए गए। नगर के ऐतिहासिक डीएसए मैदान में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में बैंक प्रबंधन की ओर से पांच ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर एसडीएम प्रतीक जैन की उपस्थिति में बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी को भेंट किए गए। बताया गया है कि इन ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर को जिला चिकित्सालय के अधीन संचालित टीआरएच सूखाताल स्थित कोविड केयर सेंटर में स्थापित किया जाएगा, जहां दो दिन पूर्व ही 10 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ वहां ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की कुल संख्या 15 हो जाएगी।
इस अवसर पर नैनीताल बैंक के मुख्य परिचालन अधिकारी अरुण कुमार अग्रवाल, वाइस प्रेसीडेंट रमन गुप्ता व कंपनी सचिव विवेक साह, पृथ्वीराज सिंह नेगी व मनोज गंगोला तथा जिला चिकित्सालय की ओर से डॉ. अनिरुद्ध गंगोला, सामाजिक कार्यकत्री डॉ. सरस्वती खेतवाल व गौरव पांडे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने अब एसटीएच को दिए 500 जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 मई 2021। सामुदायिक शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली प्रसिद्ध गैर लाभकारी सस्था अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने एक बार फिर नैनीताल जनपद में कोरोना के विरुद्ध चल रहे युद्ध में योगदान देते हुए तिजोरी खोली है। फाउंडेशन ने डीएम धीराज गर्ब्याल के प्रयासों से जनपद के सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय को ऑक्सीजन के 500 जंबो डी-टाइप के सिलेंडर भेंट किए हैं। फाउंडेशन के कैलाश चंद्र कांडपाल की ओर से नैनीताल के डीएम धीराज गर्ब्याल को भेजे गए पत्र में यह जानकारी दी गई है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से नैनीताल जनपद को 200 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर व 1250 पल्स ऑक्सीमीटर, सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट, 200 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 100 मल्टी पैरा मॉनीटर व 20 ईसीजी मशीनें भी देने की घोषणा की गई है।

यह भी पढ़ें : चिकित्सा सुविधाओं के सुधार के लिए अवसर बना कोरोना काल, विधायक ने पीएचसी-सीएससी के लिए खोली तिजोरी, अजीम प्रेमजी भी मेहरबान

-स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने का अवसर बना कोरोना काल, सामुदायिक स्वास्थ केंद्र सुयालबाड़ी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट के लिए स्वीकृत की जरूरी आवश्यकता के सामान
नवीन समाचार, नैनीताल, 13 मई 2021। कोरोना काल जनपद में चिकित्सा तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के अवसर के रूप में नजर आ रहा है। जनपद के बड़े अस्पतालों के बाद अब सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाने का सिलसिला शुरू हो रहा है। इसी कड़ी में विधायक संजीव आर्य ने अपनी विधानसभा के अंतर्गत रामगढ़ विकास खंड के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र सुयालबाड़ी एवं भीमताल विकास खंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में कोविड-19 की बेहतर चिकित्सा आवश्यकताओं के क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल को विधायक निधि के अंतर्गत आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति हेतु धनराशि अवमुक्त करने के आदेश मुख्य विकास अधिकारी को जारी कर दिए है। विधायक ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में 1-1 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर व सेनिटाइजेशन मशीन, 4 पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर, 1500-1500 ट्रिपल लेयर मास्क, 7 नंबर के लूज एवं सर्जिकल ग्लब्स, 500 मिली के 50 एल्कोहल बेस्ड सेनेटाइजर, 5 ऑक्सीमीटर व 100 फेसशील्ड तथा सामुदायिक स्वास्थ केंद्र सुयालबाड़ी में दो ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 5 पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर, 1500-1500 ट्रिपल लेयर मास्क, 7 नंबर के लूज एवं सर्जिकल ग्लब्स, 500 मिली के 25 एल्कोहल बेस्ड सेनेटाइजर, सोडियम हाइपोक्लोराइड 50 लीटर, सर्जिकल हेड कैप 1000, 10 ऑक्सीमीटर तथा 1-1 स्प्रे मशीन व 10 लीटर सेनेटाइजर के साथ सेनेटाइजर मशीन स्वीकृत की गई है।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने फिर दिए 200 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर व 1250 पल्स ऑक्सीमीटर
नैनीताल। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने नैनीताल जनपद को 200 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर व 1250 पल्स ऑक्सीमीटर भेंट किए हैं। फाउंडेशन के कैलाश चंद्र कांडपाल की ओर से नैनीताल के डीएम धीराज गर्ब्याल को भेजे गए पत्र में यह जानकारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के माध्यम से जनपद के सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के लिए सिविल कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके बन जाने से बार-बार ऑक्सीजन के सिलेंडर भरकर लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और जरूरतमंद रोगियों को निर्बाध तरीके से द्रव रूप में प्राणवायु ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अलावा फाउंडेशन के द्वारा पूर्व में इसी चिकित्सालय को 200 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 100 मल्टी पैरा मॉनीटर व 20 ईसीजी मशीनें भी देने की घोषणा हुई है।

सभी 60 ग्राम पंचायतों को ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराएंगे ब्लॉक प्रमुख
नैनीताल। भीमताल के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने बृहस्पतिवार को पंचायत प्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की और कहा कि भीमताल की सभी 60 ग्राम पंचायतों को सेनीटाइज करने के बाद ऑक्सोमीटर भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि गांव के लोगों का ऑक्सीजन लेवल कम होने पर तुरंत ही मेडिकल सुविधा दी जा सके। ऑक्सीजन लेबल कम होने की जानकारी अब गांव में ही मिल जाएगी। जानकारी देर से मिलने के कारण देरी से मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इससे मरीजों की हालत और खराब हो जाती है। इसलिए गांव में ही ऑक्सीजन लेवल चेक कर तुरंत चिकित्सक की सलाह पर दवाई दी जा सकती है, ताकि मरीजों की हालत बिगड़ने से पहले ही उन्हें उपचार मिल जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों को सोडियम हेपोक्लोराइट उपलब्ध कराया गया है। सभी पंचायत प्रतिनिधियों प्रधान व बीडीसी सदस्यों द्वारा अपनी पंचायतों में सेनिटाइजेशन का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। साथ ही पंचायतों को स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित मास्क व एल्कोहल युक्त हैंड सेनेटाइजर सार्वजनिक स्थानों के लिए उपलब्ध कराये जाएंगे। उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस विषम परिस्थिति में अपने क्षेत्र की रक्षा के लिऐ सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करंे व एक आदर्श प्रस्तुत करें।

यह भी पढ़ें : जिला मुख्यालय के टीआरएच सूखाताल में लगेंगे 15 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 मई 2021। जी हां, जिला मुख्यालय के वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब कोरोना से युद्ध में आक्सीजन की आवश्यकता पड़ते ही उन्हें हल्द्वानी रेफर नहीं करना पड़ेगा। बल्कि नगर के टीआरएच यानी पर्यटक आवास गृह सूखाताल में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में स्थापित किए जा रहे 15 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर का उन्हें लाभ मिलेगा। एसडीएम-आईएएस अधिकारी प्रतीक जैन की ओर से बताया गया है कि बुधवार को ही अलग-अलग प्रयासों से प्राप्त 10 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर कोविद केयर सेंटर सूखाताल में स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि अगले दो दिन में नैनीताल बैंक की ओर से भी यहां के लिए सीएसआर यानी सामाजिक उपादेयता मद से 5 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर प्राप्त हो रहे हैं। प्राप्त होते ही इन्हें भी यहां स्थापित कर दिया जाएगा। इसके अलावा भी जिला प्रशासन की योजना नगर के तल्लीताल स्थित कोविद केयर सेंटर में प्रयोग किये जा रहे पर्यटक आवास गृह में भी ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर स्थापित कराने की है, ताकि नगर एवं निकटवर्ती क्षेत्रों के कोविद-19 संक्रमित एवं ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले अन्य रोगियों को इस सुविधा का लाभ प्राप्त हो सके।
उल्लेखनीय है कि इसके अलावा भी मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में डीएम धीराज गर्ब्याल के प्रयासों से एमपी लेड निधि के 45 लाख रुपए से ऑक्सीजन प्लांट विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिला चिकित्सालय के लिए 75 लाख रुपए भी स्वीकृत हुए हैं, जिनसे यहां बुजुर्गों के लिए लिफ्ट तथा वार्डों में 45 लाख से टाइल्स आदि लगाए जाएंगे। इस तरह कोराना काल को पूरा जिला प्रशासन एक अवसर के रूप में लेते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के अपने अभियान में जुटा हुआ है।

यह भी पढ़ें : रामनगर में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के लिए खनिज फाउंडेशन न्यास से स्वीकृत हुए ढाई करोड़ रुपए

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 मई 2021। नैनीताल जनपद के रामनगर स्थित राम दत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय में उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मंशा के अनुरूप ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को जनपद में पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री एवं जिला खनिज फाउंडेशन न्याय के अध्यक्ष ने राम दत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की स्थापना के लिए 2.5 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए हैं। डीएम धीराज गर्ब्याल ने जानकारी देते हुए कहा कि इससे यहां करीब 100 बेड को ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसका लाभ न केवल नैनीताल वरन पड़ोसी अल्मोड़ा एवं पौड़ी जिलों व संसदीय क्षेत्रों के नागरिकों को भी मिलना तय है।
उल्लेखनीय है कि इसके अलावा हल्द्वानी के सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में भी ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की स्थापना के लिए लखनऊ के मैसर्स इनवोक मेडिकल सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को 2 करोड़ा 41 लाख 90 हजार रुपए का पर्चेज ऑर्डर जारी हो गया है,

एम्बुलेंस का किराया तय
नैनीताल। वर्तमान में राज्य प्राधिकरण द्वारा एम्बुलेंसों का किराया तय न होने के कारण मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतें आम थीं। मंगलवार को इस पर संज्ञान लेते हुए संभागीय परिहवन अधिकारी ने नैनीताल जनपद के निजी एम्बुलेंस चालकों एवं वाहन स्वामियों व उनके प्रतिनिधियों से वार्ता कर निजी एम्बुलेंसों की दरें तय कर दीं। जानकारी देते हुए डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि कार्डिएक एम्बुलेंस हेतु 15 किलोमीटर की परिधि तक न्यूनतम किराया 3000 रुपये चालक सहित, नर्सिंग स्टाफ के साथ 4000 रुपये व चिकित्सक के साथ 6000 रुपये तय कर दिया गया है। 15 किलो मीटर से अधिक दूरी हेतु प्रत्येक अतिरिक्त किमी या उसके भाग के लिए 45 रुपये प्रति किमी नर्सिंग स्टाफ के साथ व 50 रुपये प्रति किमी डॉक्टर के साथ निर्धारित किया गया है। वहीं ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ बुनियादी एम्बुलेंस (गैर एसी) का 15 किलोमीटर की परिधि में एक घंटे में एक तरफा छोड़ने का न्यूनतम किराया 800 रूपये निर्धारित किया गया है तथा एक घंटे के पश्चात 200 रुपये प्रति घंटा प्रतीक्षा भाड़ा व 15 किलोमीटर से अधिक दूरी हेतु 18 रुपये प्रति किमी या उसके भाग के लिए निर्धारित किया गया है। इसी तरह ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ बुनियादी एम्बुलेंस (एसी) का 15 किलो मीटर की परिधि में एक घंटे में एक तरफा छोड़ने का न्यूनतम किराया 1200 रुपये निर्धारित किया गया है तथा एक घंटे के पश्चात 250 रुपये प्रति घंटा प्रतीक्षा भाड़ा व 15 किलोमीटर से अधिक दूरी हेतु 20 रुपये प्रति किमी या उसके भाग के लिए निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 से संक्रमित रोगी के परिवहन हेतु चालक को पीपीई किट व सैनिटाइजर रोगी व उसके सहयोगी द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। रोगी व उसके सहयोगी के अनुरोध एवं खर्चे पर अतिरिक्ति संसाधन-जन शक्ति की उपलब्धता एंम्बुलेंस सेवा प्रदाता द्वारा की जायेगी।

यह भी पढ़ें : अब सांसद ने कोरोना से युद्ध हेतु नैनीताल के लिए खोली 1.06 करोड़ की तिजोरी

-नैनीताल जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के लगातार प्रयासों को मिल रही सफलता
नवीन समाचार, नैनीताल, 9 मई 2021।
नैनीताल जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के कोरोना के खिलाफ युद्ध में लगातार किए जा रहे प्रयासों में रविवार को नैनीताल-ऊधमसिंह नगर संसदीय सीट के सांसद अजय भट्ट का साथ मिल गया। सांसद ने नैनीताल जनपद के डीएम को कोरोना के विरुद्ध मदद के लिए 1.06 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि सांसद श्री भट्ट से 300 डी टाइप के जंबो ऑक्सीजन सिलेंडरों के लिए 45 लाख रुपए, एक ऑक्सीजन प्लांट के लिए 45 लाख एवं 2000 पल्स ऑक्सीमीटर के लिए 16 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इस धनराशि से निश्चित ही जनपद को कोरोना के खिलाफ युद्ध में बड़ा संबल प्राप्त होगा।
युवा व्यवसायी ने जिला अस्पताल को दिए 4 ऑक्सीजन सिलेंडर
नैनीताल। कोरोना के खिलाफ युद्ध में जिससे जो बन पड़ रहा है, वह अपनी ओर से मदद कर रहा है। इसी कड़ी में नगर के वृंदावन पब्लिक स्कूल एवं वृंदावन गेस्ट हाउस के स्वामी युवा व्यवसायी आलोक साह ने बीडी पांडे जिला चिकित्सालय को चार ऑक्सीजन सिलेंडर भेंट किए हैं। वहीं गत वर्ष पूरे देश में पहली बार कोरोना के खिलाफ युद्ध में अपना होटल सबसे पहले बंद करने वाले नगर के प्रशांत होटल के स्वामी अतुल साह की ओर से नगर के होटल व्यवसायियों के माध्यम से कोरोना के खिलाफ युद्ध में धनराशि एकत्र करने की पहल की जा रही है।

सुखद ब्रेकिंग : जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शुरू की एंबुलेंस की नई पहल

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2021। नैनीताल जिला प्रशासन की ओर से कोरोना काल में जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर नए प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में डीएम धीराज गर्ब्याल ने ग्रामीण क्षेत्रों के कोरोना रोगियों को सहायता पहुंचाने, अस्पताल तक लाने के लिए पार्टीशन कर टैक्सी एंबुलेंस तैयार की है, जिसमें जरूरत पड़ने पर रोगी को ऑक्सीजन सहित अन्य आपातकालीन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सकती है। यह सुविधा फिलहाल यूके04टीए-0487 में उपलब्ध है। आगे जरूरत पड़ने पर इस सुविधा को बढ़ाया भी जा सकता है।

उधर मिनी स्टेडियम में जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार को शुरू किए गए 25 बेड के नये ‘ऑक्सीजन युक्त कोविड सेंटर’ में पहली रोगी के रूप में 61 वर्षीय पूरन देउपा का सफल उपचार किया गया। बताया गया कि पूरन की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव थी और उनका ऑक्सीजन का स्तर 92 व पल्स 110 के स्तर पर थी। उपचार के बाद अब वह तेजी से सामान्य हो रहे हैं।

जिला चिकित्सालय को नई एंबुलेंस के लिए 15 लाख व गरमपानी में बायो पैथोलॉजी लैब के लिए मिले 10 लाख
नैनीताल। बीड़ी पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल में नयी एम्बुलेंस एवं सामुदायिक स्वास्थ केंद्र गरमपानी में बायो-पैथोलोजी लैब के लिए नैनीताल जनपद को पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड देहरादून से सीएसआर मद में 25 लाख 22 हजार रुपए की धनराशि प्राप्त हुई है। इस धनराशि से जिला चिकित्सालय में 15.22 लाख रुपए से टाटा विंगर एंबुलेंस खरीदी जाएगी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी में 10 लाख रुपए की धनराशि से बायो-पैथोलोजी लैब स्थापित की जाएगी। बताया गया है कि बायो-पैथोलोजी लैब में प्राप्त धनराशि से आरबीसी, ईएसआर, प्लेटलेट्स काउंट, सीबीसी, ब्लीडिंग टाइम-बीटी, क्लॉटिंग टाइम-सीटी, हीमोग्लोबिन-एचबी, रक्त समूह व टीईसी आदि जांचें हो सकेंगी। डीएम धीराज गर्ब्याल ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं विधायक संजीव आर्य ने कहा कि कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों में इन सुविधाओं की नितांत जरूरत थी। इस उपलब्धि पर उन्होंने डीएम गर्ब्यालय को आभार जताया है। 

यह भी पढ़ें : कोरोना से युद्ध में नैनीताल जिला प्रशासन की मुहिम पहुंची मुकाम पर…

-हल्द्वानी के मिनी स्टेडियम में 25 बेड का ‘ऑक्सीजन युक्त कोविड सेंटर’ शुरू, डीआरडीओ के सहयोग से 500 बेड का कोविड अस्पताल भी धरातल पर आने की ओर, लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट भी लगने की तैयारी में…
नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मई 2021। कोरोना से युद्ध में अधिक सकारात्मकता व दृढ़ता से लड़ने में जुटे नैनीताल जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को एक नई बड़ी शुरुआत कर दी है। शहर के बीचों-बीच मिनी स्टेडियम में 25 बेड का नया ‘ऑक्सीजन युक्त कोविड सेंटर’ शुरू कर दिया गया है। यहां भर्ती होने के मानक तय हैं, एसपीओ-2 यानी ऑक्सीजन का स्तर 90 से 94 फीसद के बीच हो। कोरोना के अलावा कोई अन्य रोग न हो तथा स्वास दर 24 प्रति मिनट से कम न हो। यहां हमेशा फेस कवर-मास्क पहनने, हाथ साबुन और पानी से नियमित तौर पर अच्छे से धोने और दूसरों से उचित दूरी बनाकर रखने के नियम भी लागू किए गए हैं। डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इस केंद्र की क्षमता शीघ्र ही 25, 50 व 75 तक 100 बेड तक बढ़ाई जाएगी। यहां हर बेड में एक कंसन्ट्रेटर की वैकल्पिक व्यवस्था के साथ दो-दो कंसन्ट्रेटर लगाए जाएंगे। यहां चिकित्सक एवं कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही एसडीएम-सीओ आदि की ड्यूटी भी लगा दी गई है। इसका लाभ सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल पर कोरोना के गंभीर रोगियों का दबाव भी कम होने के रूप में प्राप्त होगा।
इसके अलावा जिला प्रशासन के द्वारा राज्य सरकार की पहल पर डीआरडीओ के सहयोग से एसटीएच के अधीन 500 बेड का कोविड अस्पताल भी बनाया जा रहा है। इसमें 125 आईसीयू बेड और 375 ऑक्सीजन सुविधा युक्त बेड होंगे। श्री गर्ब्याल ने बताया कि 15-20 दिन में यह अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के माध्यम से एसटीएच में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसका सिविल कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इसके बन जाने से बार-बार ऑक्सीजन के सिलेंडर भरकर लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और जरूरतमंद रोगियों को निर्बाध तरीके से द्रव रूप में प्राणवायु ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने बताया कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से हल्द्वानी-नैनीताल के साथ ही पूरे कुमाऊं मंडल में कोविद-19 के उपचार हेतु भी ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर व सिलेंडर जैसी जरूरी सुविधाओं की बढ़ोत्तरी में योगदान देने पर भी बात हुई है।

कोविड से बचाव के लिए निम्नानुसार दवाईओं का नियमित सेवन करें-
1. लिव्रमस्टिन 12 मिलीग्राम – एक गोली रोज सुबह शाम खाने के बाद तीन दिन तक।
2. अजिथ्रोमाइसिन 500 मिलीग्राम – एक गोली रोज सुबह खाने के बाद तीन दिन तक
या डॉक्सी 100 मिलीग्राम – एक गोली रोज सुबह-शाम खाने के बाद सात दिन तक।
3. पैरासिटामॉल 650 मिलीग्राम – एक गोली जब भी बुखार आए।
4. लिम्सी 500 मिलीग्राम (एस्कॉर्बिक एसिड 500 मिलीग्राम)- तीन बार खाने से पहले दस दिन तक।
5. जिंकोनिया (एलीमेंटल जिंक 50 मिलीग्राम) -सुबह शाम खाने से पहले दस दिन तक।
6. कैल्सिरॉल शैशे (कोलीकैल्सीफेरोल 6000 आईयू)- दूध के साथ हफ्ते में एक बार एक महीने तक, उसके बाद महीने में एक बार।
विशेष सलाह –
1 -प्रतिदिन 3 से 4 लीटर गुनगुना पानी पीयें।
2- दिन में तीन बार भाप लें।
3- आठ घंटे सोयें।
4- प्रतिदिन हल्का व्यायाम करें अथवा टहलें।
5- ऑक्सीजन मॉनिटर करें

विशेष – जब बुखार 5 दिन बाद भी रहे एवं ऑक्सीजन लेवल 95 प्रतिशत से कम हो और सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह के बाद ही स्टेरॉइड लें।
लिंक- http://www.esanjeevaniopd.in/Register

यह भी पढ़ें : 200 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स, 100 मल्टी पैरा मॉनीटर व 20 ईसीजी मशीनों के रूप में नैनीताल जनपद को मिला सेवा का बड़ा इनाम…

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मई 2021। कैसी भी परिस्थितियां हों, सकारात्मक होकर आगे बढ़ते जाइये, कर्म का फल अवश्य स्वयं मिलता चलता जाएगा। जी हां, नैनीताल जनपद व इसके पूरे कुमाऊं मंडल ही नहीं क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं की धुरी संभाले हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी मेडिकल चिकित्सालय को उसकी सेवाओं का ईनाम मिल रहा है। नैनीताल के डीएम धीराज गर्ब्याल के सद्प्रयासों से इस चिकित्सालय को कोरोना से जंग के उसके अभियान में देश की ख्यातिप्राप्त ‘अजीम प्रेमजी फाउंडेशन’ का साथ मिला है, जो चिकित्सालय को 200 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 100 मल्टी पैरा मॉनीटर व 20 ईसीजी मशीनें देने जा रहे हैं। फाउंडेशन की ओर से कैलाश चंद्र कांडपाल ने नैनीताल डीएम धीराज गर्ब्याल को इस स्वीकृति का पत्र भेज दिया है। डीएम ने गत एक मई को इस हेतु ‘अजीम प्रेमजी फाउंडेशन’ से अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
कहना अतिरेक न होगा कि इन नई सुविधाओं से सुशीला तिवारी मेडिकल चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही यहां निःस्वार्थ भाव से दिन रात अपनी सेवाएं दे रहे प्रथम श्रेणी के कोरोना योद्धाओं के आत्मविश्वास में कितनी अधिक वृद्धि होगी और वे कितने लोगों के जीवन को और अधिक बेहतरी से बचाने में अपना योगदान दे सकेंगे।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : विधायक संजीव आर्य ने स्वीकृत किए 15 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, कोविद मरीजों को क्षेत्र में ही मिल सकेगी प्राण वायु

-अपनी विधानसभा में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त दो एंबुलेंस के लिए मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2021। नैनीताल के विधायक संजीव आर्य ने अपनी विधायक निधि से अपनी विधानसभा स्थित बीडी पांडे संयुक्त चिकित्सालय नैनीताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेतालघाट के लिए 5-5 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर उपलब्ध करवाए जाने हेतु मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल को आदेशित किया है। इसके अलावा विधायक ने क्षेत्र के गरमपानी व बेतालघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक-एक एंबुलेंस भी उपलब्ध कराने को मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। इसके बाद जल्द ही अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक-एक एंबुलेंस के गरमपानी और बेतालघाट के स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध होने की उम्मीद की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि विधायक संजीव आर्य निरंतर अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं से जुड़े रहते हैं। विगत वर्ष भी उन्होंने गांव-गांव जाकर मास्क, सैनिटाइजर व राशन किट वितरित किए थे जिससे क्षेत्रवासियों को काफी राहत मिली थी। इस वर्ष कोरोना की भयावहता को देखते हुए विधायक संजीव आर्य ने नैनीताल, बेतालघाट व गरमपानी कि चिकित्सालयों के लिए 5-5 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर उपलब्ध करवाने की बड़ी पहल की है जिससे स्थानीय मरीजों को आक्सीजन की उपलब्धता आसानी से हो सकेगी, और उन्हें हल्द्वानी के बड़े सरकारी-निजी अस्पतालों में नहीं जूझना पड़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही ऑक्सीजन की प्राणवायु मिल सकेगी। विधायक आर्य की पहल पर ही गरमपानी और खैरना क्षेत्र के तीन होटलों को कोरोना केयर सेंटर बनाया गया है। जिनमें क्षेत्र के लगभग 100 से अधिक मरीजों को उपचार व भोजन निःशुल्क मिल रहा है।

यह भी पढ़ें : केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन के लिए 1 वर्ष बाद जारी किए नए दिशा-निर्देश…

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2021 केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन मरीजों को लिए संशोधित गाइडलाइन जारी की है, जिनको कोरोना के लक्षण नहीं हैं या हल्के लक्षण हैं और वे होम आइसोलेशन में हैं। इससे पहले बीते साल होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। जिनमें अब संशोधन किया गया है। दिशानिर्देश में कहा गया है कि लक्षण नहीं होने के साथ-साथ मरीज में ऑक्सिजन सैचुरेशन 94 फीसदी से अधिक होना चाहिए जबकि मामूली लक्षण वाले रोगियों को सांस लेने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी गाइडलाइंस में कहा है कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं लेने की सलाह दी गई है। यह केवल अस्पताल में ही लगाया जाना चाहिए। वहीं मामूली लक्षण में स्टेरॉयड नहीं दिया जाना चाहिए। किंतु 7 दिनों के बाद भी अगर लक्षण बने रहते हैं तो उपचार करने वाले डॉक्टर से विचार-विमर्श कर कम मात्रा का ओरल स्टेरॉयड लेना चाहिए।
गाइडलाइंस में 60 वर्ष से अधिक उम्र के रोगी या हाइपरटेंशन, मधुमेह, हृदय रोग, फेफड़ा या लीवर या गुर्दे जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को चिकित्सक के परामर्श से ही होम आइसोलेशन में रहना चाहिए। ऑक्सिजन सैचुरेशन लेवल में कमी या सांस लेने में दिक्कत आने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
संशोधित दिशानिर्देश के अनुसार रोगी गर्म पानी का कुल्ला कर सकता है या दिन में दो बार भाप ले सकता है। अगर बुखार पैरासीटामोल 650 एमजी दिन में चार बार लेने से भी नियंत्रण में नहीं आता है तो चिकित्सक से परामर्श लें, जो अन्य दवाएं जैसे दिन में दो बार नैप्रोक्सेन 250 एमजी ले सकता है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड पहुंची 7500 रेमडेसिविर इंजेक्शन की पहली खेप

नवीन समाचार, देहरादून, 28 अप्रैल 2021। स्टेट प्लेन से 7500 रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप मंगलवार की रात उत्तराखंड पहुंच गई है। अब यह इंजेक्शन राज्य के अलग-अलग जिलों में कोविड मरीजों के उपचार के लिए भेजी जाएगी। प्रदेश में अब रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत नहीं होगी। अहमदाबाद से यह इंजेक्शन लाये गये हैं। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि सरकार कोविड मरीजों के उपचार को लेकर संकल्पित है। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता को लेकर सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य में आक्सीजन भी पर्याप्त है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि सभी जिलों में रेमडेसिविर इंजेक्शन के खपत और अनुपात तय करते हुए पर्याप्त मात्रा में रेमडेसिविर इंजेक्शन भेजा जाए। संक्रमण से जूझ रहे किसी भी प्रदेशवासी को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी ना हो। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर मंगलवार सुबह ही स्टेट प्लेन को अहमदाबाद भेजा गया था। राज्य सरकार का यह विशेष विमान रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप लेकर देर रात तक उत्तराखंड पहुंची। अब प्रदेश में अब अगले कुछ दिनों तक रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत नहीं होगी। सरकार आगे भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति को लेकर डिमांड कर रही है। राज्य में बीते 72 घंटों में उत्तराखंड में लगभग11 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति हो गई है। शनिवार को भी उत्तराखंड में 3500 रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति हुई थी। अगले 24 घंटों में उत्तराखंड को 2000 रेमडेसिविर इंजेक्शन की और आपूर्ति हो जाएगी।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद के अस्पतालों में उपलब्ध हुई रेमेडेसिविर…

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 अप्रैल 2021 । जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि शासन द्वारा जनपद को 600 रेमडेसिविर की पहली खेप उपलब्ध करा दी है जिसका वितरण कर दिया गया है। उन्होने बताया कि सुशीला तिवारी को 300, बीडी पाण्डे  नैनीताल को 120 तथा बेस अस्पताल को 180 रेमडेसिविर उपलब्ध करा दिये गये  है। इससे मरीजो के उपचार में चिकित्सको को आसानी होगी। इंजेक्शन किन मरीजो को लगेगा इसकी गइडलाइन एचटीएच प्रशासन की ओर से तय कर दी गई है।
श्री गर्ब्याल ने बताया कि कोरोना के मरीजो को लगने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन की लम्बे समय से डिमांड हो रही थी। प्राचार्य डाॅ. सीपी भैसोडा, एमएस डाॅ. अरूण जोशी व मेडीसिन विभाग के एचओडी डाॅ. एसआर सक्सेना ने 22 अप्रैल को जारी आईसीएमआर का हवाला देते हुए मामले में गाइडलाइन जारी कर दी है जिसमें विशेष तौर पर कहा गया है कि जो मरीज आॅक्सीजन पर नहीं है तथा घर पर हैं उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन नही दिया जाएगा। डाॅक्टरों की टीम ने बताया कि मरीजों को इंजेक्शन लगाने को लेकर काफी दबाव बनाया जाता है। इस पर उन्होने डाॅक्टरों से किसी के दबाव में आकर पूरी नियम कायदों से काम करने की अपील की है। डाॅक्टरों की टीम ने कहना है कि रेमडेसिविर का पांच इंजेक्शन का कोर्स होता है। यह जिले में तीन सरकारी और तीन प्राइवेट अस्पताल को दिए गए है।
उन्होने  बताया कि प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड में रेमडेसिवर इंजैक्शन की दर 2464 रूपये तय कर दी हैं। इसके अलावा सरकार ने पोर्टल शुरू किया है जिसमें अधिगृहित प्रत्येक चिकित्सालय में खाली बेडों की संख्या को आन लाइन देखा जा सकता है,।

यह भी पढ़े : अच्छा समाचार: कोरोना काल में घर बैठे ह्वाट्सएप व वीडियो कॉल से मिलेगी रोगियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं

-टेलीमेडिसिन सेवा के साथ वर्चुअल ओपीडी शुरू
-वाट्सएप्प, टोल फ्री हेल्पलाइन 104 जारी
नवीन समाचार, देहरादून, 22 अप्रैल 2021। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ‘चिकित्सक आपके द्वार’ सेवा की शुरुआत की गई है। प्रतिदिन विशेषज्ञ चिकित्सक निःशुल्क परामर्श देंगे। इसके जरिए प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली जनता को घर बैठे ही होम आइसोलेशन में रह रहे विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओर से चिकित्सीय परामर्श मरीजों को दिए जाएंगे। इस वर्चुअल ओपीडी का लाभ व्हाट्सएप वीडियो कॉल एवं टोल फ्री हेल्पलाइन के जरिए लिया जा सकता है।
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि सरकार की इस विशेष पहल का मकसद दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों की एक्स्पर्ट डॉक्टर्स के जरिए चिकित्सीय परामर्श देना है। कोविड के बढ़ते मामलों की वजह से कई अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। ऐसे में नॉन कोविड मरीजों को भी टेली मेडिसिन सेवा की ओर से लोगों को घर बैठे निःशुल्क परामर्श मिलेगा। टेलीमेडिसिन सेवा के साथ ही प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों के 12 विशेषज्ञ डॉक्टर भी परामर्श दे रहे हैं।

वर्चुअल ओपीडी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन
प्रदेश सरकार की इस वर्चुअल ओपीडी का लाभ व्हाट्सएप वीडियो कॉल एवं टोल फ्री हेल्पलाइन के जरिए लिया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए 104 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। इसके साथ ही 9412080622 व्हाट्सएप नंबर के जरिए भी जनता सेवा का लाभ ले सकती हैं।

ओपीडी रोजाना सुबह नौ बजे से
वर्चुअल ओपीडी रोजाना सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक जारी रहेगी। ईसंजीवनी वर्चुअल ओपीडी के जरिए ह्रदय रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, प्रसूति रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ के अलावा फिजीशियन का चिकित्सकीय परामर्श लिया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें : रविवार को राज्य को मिले 403 नए चिकित्सक, राज्य बनने के बाद पहली बार तय पदों के सापेक्ष करीब पूरे पद भरे

नवीन समाचार, देहरादून, 21 मार्च 2021। उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा चयन आयोग की ओर रविवार को 403 नए चिकित्सक मिल गए हैं। इससे राज्य में चिकित्सकों के अधिकांश पद भर जाएंगे। बताया गया है कि सरकार ने चिकित्सा चयन आयोग को 700 के करीब पदों पर भर्ती का प्रस्ताव दिया था। इसके आधार पर आयोग ने भर्ती की तो कुल 403 डॉक्टरों को चयनित किया गया है। इसमें 59 चिकित्सक गाइनी, आर्थो, एनेस्थीसिया आदि की विशेषज्ञ श्रेणी के हैं। इसके बाद आरक्षित श्रेणी में उम्मीदवार न मिलने की वजह से तीन सौ के करीब पद खाली रह गए हैं। बताया गया है कि आयोग ने पिछले दो सालों के दौरान राज्य में 1400 के करीब चिकित्सकों की भर्ती की है। यदि ये सभी चिकित्सक ज्वाइन करते हैं तो राज्य के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के कुल 2735 पद हैं। इसमें से नियमित चिकित्सकों की संख्या अब 2000 के पास पहुंच गई है। जबकि पांच सौ के करीब डॉक्टर संविदा के भी हैं। इन सभी को जोड़ दिया जाए तो राज्य में कार्यरत चिकित्सकों की संख्या अब 2500 के करीब पहुंच जाएगी। इस प्रकार राज्य में कमोबेश सभी पद भरे हैं।

यह भी पढ़ें : 700 करोड़ रुपए से होगा उत्तराखंड की स्वास्थ्य सुविधाओं का सुधार, केंद्र से मिला अनुदान

नवीन समाचार, देहरादून, 20 मार्च 2021। केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास एवं विस्तार के लिए लगभग सात सौ करोड़ की धनराशि का अनुमोदन मिला है। यह धनराशि गत वर्ष की तुलना में लगभग दो सौ करोड़ अधिक हैं। केंद्र की इस राशि से राज्य में तकनीकी मानव संसाधन की कमी को दूर कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का इस हेतु आभार व्यक्त करते हुए अधिकारियों को महिला और मातृत्व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये हैं।
प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 में चार सौ एएनएम, 150 स्टॉफ नर्स, पांच सौ कम्युनिटी हैल्थ ऑफिसर्स, 13 डिस्ट्रिक्ट कोऑडिनेटर्स, 21 सुपरवाईजर्स (टीबी उन्मूलन योजना के अन्तर्गत) रखे जायेगें। इसके अतिरिक्त जनपद पौड़ी में 05, चमोली में 02 तथा टिहरी व उत्तरकाशी में 1-1 आरबीएसके टीम नियुक्त की जायेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सभी प्रस्तावित गतिविधियों को लिए पर्यात्प राशि उपलब्ध कराई गई है। केन्द्र से उपलब्ध राशि में मातृत्व स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 54 डिलीवरी प्वाईंट एवं 29 एफआरयू को सुदृढ़ किया जायेगा एवं 05 नई एफआरयू हरिद्वार, उत्तरकाशी, पौड़ी, ऊधमसिंहनगर तथा टिहरी जनपदों के लिए स्वीकृत की गयी है। वहीं समुदाय स्तर पर होने वाली मातृ मृत्यु की सूचना देने वाले प्रथम व्यक्ति को एक हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रसव उपरान्त जच्चा-बच्चा को घर तक छोड़ने के लिए 10 करोड़ और 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं के संचालन के लिए 41 करोड़ तथा 17 मोबाईल मेडिकल यूनिट संचालित करने के लिए 4.18 करोड़ अनुमोदित किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए राज्य के 28 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर फिजियोथैरेपिस्ट नियुक्त किए जाएंगे। मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के साथ प्रत्येक जनपद की डायलिसिस यूनिट में 03 मशीनें उपलब्ध रहेंगी। नवजात शिशुओं की देखभाल और सेवा के लिए 64 स्टॉफ नर्सी की भर्ती की जाएगी। राज्य के 05 जनपदों 38 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों संचालन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इन केन्द्रों पर 11 इकाईयां सरकार द्वारा एवं 27 इकाईयां लोक निजी सहभागिता के अन्तर्गत संचालित होंगी। दो शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को कायाकल्प अवार्ड हेतु भी नामित किया जायेगा। साथ ही निःशुल्क जांच सेवा के लिए छह करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। राज्य में रक्तकोषों के सुदृढ़ीकरण के लिए 5.28 करोड़ और टीकाकरण के 17.58 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन दिया गया है। प्रयोगशाला संबंधित सामग्री के लिए लगभग 02 करोड़ का टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के लिए 14 करोड़ स्वीकृत की गई। वहीं डेंगू, मलेरिया से बचाव के लिए भी बजट की व्यवस्था की गई है।

यह भी पढ़ें : चिकित्सकों ने लौटाई मंदबुद्धि-मूक-बधिर महिला की आंखों की रोशनी

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मार्च 2021। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय अपनी रेफरल अस्पताल की छवि को धीरे-धीरे तोड़ता नजर आ रहा है। बुधवार को यहां नेत्र विशेषज्ञ डॉ. विजय जोशी ने मानवता की मिशाल पेश कर एक ऐसी मंदबुद्धि व मूक-बधिर महिला के आंख का मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया जिसे ऑपरेशन थियेटर में भी कई लोंगों द्वारा पकड़कर रखना पड़ा। बताया जा रहा है कि बालिका चिकित्सकों व इंजेक्शन को देखते ही डर जा रही थी। इस पर मरीज के परिजनों ने चिकित्सक एवं चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी व आप्टेमेट्रिक्स महेंद्र सिंह पछाईं तथा नर्स सरस्वती आदि चिकित्सा कर्मियों की सराहना की है।

अल्मोड़ा के जागेश्वर निवासी शांति देवी के परिजनों ने बताया कि शांति मंदबुद्धि व मूक-बधिर होने के कारण अस्पताल, चिकित्सक, नर्स व इंजेक्शन आदि को देखते ही अजीब सी हरकत करने लगती थी। शांति के इसी व्यवहार के कारण उसका दिल्ली के कई अस्पतालों द्वारा ऑपरेशन करने से मना कर दिया। जिसके बाद शांति के परिजन उसे नैनीताल लाये। लेकिन यहां डॉ. विजय जोशी व उनके सहकर्मियों ने महिला को इशारों में समझाया कि वह स्वयं भी उन्हीं के गांव के हैं। जिसके बाद वह कुछ सामान्य हुई। इसके बाद महिला को उसके परिजनों व चिकित्सा कर्मियों के द्वारा पकड़कर उसका मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। उल्लेखनीय है कि नेत्र विशेषज्ञ डॉ. जोशी जिला चिकित्सालय में सोमवार, मंगलवार व बुधवार को नेत्र रोगियों का उपचार कर रहे हैं। वह अब तक यहां कई लोंगों का मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन कर चुके हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल पहुंचे स्वास्थ्य सचिव ने बताया-राज्य को जल्द करीब 500 चिकित्सक, 300 विशेषज्ञ चिकित्सक एवं 1200 नर्सों के मिलने की संभावना…

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 मार्च 2021। उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने बताया कि राज्य में शीघ्र ही चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों की कमी को काफी हद तक दूर कर लिया जाएगा। इधर चिकित्सकों के 763 पदों का अध्याचन स्वास्थ्य चयन आयोग को गया है। इसमें से मार्च के अंत तक करीब 400-500 चिकित्सक मिल जाएंगे। इन्हें राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में नियुक्ति दी जाएगी। इसके अलावा नर्सों के करीब 1200 पदों को अगले दो से तीन माह में भर लिया जाएगा। इसके अलावा विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। स्नातकोत्तर कर रहे करीब 250-300 नए चिकित्सकों के आने से भी राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति और बेहतर हो जाएगी।

इससे पहले श्री नेगी ने सोमवार को अल्मोड़ा से आकर मुख्यालय के बीडी पांडे जिला पुरुष एवं महिला चिकित्सालय एवं बाद में जीबी पंत चिकित्सालय (रैमजे) चिकित्सालय का निरीक्षण किया और यहां की व्यवस्थाओं व साफ-सफाई आदि पर संतोष जताया। साथ ही यहां सुविधाएं बढ़ाने, रैमेजे चिकित्सालय एवं भवाली के टीबी सैनिटोरियम को सरकारी अथवा पीपीपी माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सालय के रूप में पुर्नस्थापित करने का इरादा भी जताया। इस दौरान पत्रकारों ने जिला चिकित्सालय में सीटी स्कैन, एमआरआई, दूरबीन विधि के ऑपरेशन आदि की सुविधाओं की ओर भी स्वास्थ्य सचिव का ध्यान आकृष्ट किया। इस मौके पर डीएम धीराज गर्ब्याल, एसडीएम प्रतीक जैन, सीएमओ डा. भागीरथी जोशी व जिला चिकित्सालय के पीएमएस डा. केएस धामी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने सीमित संसाधनों से किया सड़ चुकी आंतों का जटिल ऑपरेशन

-बेहद जटिल ऑपरेशन कर गरीब नाव वाले बुजुर्ग को नया जीवन दिया

शुक्रवार को जिला चिकित्सालय में बुजुर्ग नौका चालक का जटिल ऑपरेशन करते चिकित्सक।

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 फरवरी 2021। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने शुक्रवार को रेफरल अस्पताल की अपनी छवि को तोड़ते हुए सीमित संसाधनों से एक बेहद जटिल ऑपरेशन कर गरीब नाव वाले बुजुर्ग को नया जीवन दिया। बताया गया है कि 68 वर्षीय नौका चालक की हार्निया के बाद आंतें बुरी तरह से सड़कर काली पड़ गई थीं। जिन्हें ऑपरेशन से निकाल दिया गया।

नौका चालक हरीश राम पुत्र स्वर्गीय गुंसाई राम के बेटे कृष्ण लाल ने बताया कि उनके पिता को पिछले 6-7 वर्षों से पेट व कमर में दर्द की समस्या थी। इधर 2019 में अस्पताल में दिखाने पर हार्निया का पता चला था। लेकिन बीच में लॉक डाउन की वजह से उपचार नहीं करा पाए। इधर बीती शाम हालत गंभीर हो जाने पर बुजुर्ग को शाम सात बजे आपातकाल में बीडी पांडे जिला चिकित्सालय लाया गया। यहां जांचें करने पर उसके पेट की कई आंतें सड़ी होने का पता चला। इस पर जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ केएस धामी एवं डा. वीके मिश्रा व डा. देवेंद्र मेहरा ने शुक्रवार को सीमित संसाधनों से बेहद जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर सड़ी हुई आंतों को हटा दिया। ऑपरेशन में सिस्टर देवकी, स्नेहा व तृप्ति देउपा आदि ने भी सहयोग किया। पीएमएस डा. धामी ने बताया कि जिला चिकित्सालय में आंख, हड्डी एवं ईएनटी आदि के जटिल ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं। गत सप्ताह ही दो दिन में आंखों के 23 जटिल ऑपरेशन किए गए हैं। इसी तरह नई सीआर्म मशीन से हड्डियों के जटिल ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं। रोगियों को अब कहीं और जाने की जरूरत नहीं है। यहाँ अब कठिन व जटिल ऑपरेशन भी किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें : डॉ. दुग्ताल ने बचाई 65 वर्षीय महिला की जान, फेफड़ों से डेढ़ लीटर पानी निकाला

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 फरवरी 2021। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डा. एमएस दुग्ताल ने एक 65 वर्षीय महिला के फेफड़ों में भरा करीब डेढ़ लीटर पानी निकालकर उसकी जान बचाई। डा. दुग्ताल ने बताया कि नगर के शेरवानी लॉज निवासी बसंती देवी को सांस लेने में दिक्कत थी, तथा उसके शरीर में सूजन थी।

वृद्धा के शरीर से पानी निकालते चिकित्सक।

उसकी खून की जांच करने में खून की कमी का पता चला। इस पर शुक्रवार को उसे दो बोतल चढ़ाया गया। किंतु इसके बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद शनिवार को उसकी एक्सरे जांच की गई, जिसमें उसके फेफड़ों में पानी भरे होने का पता चला। इस पर उसके फेफड़ों से करीब डेढ़ लीटर पानी निकाला गया। इससे अब वह काफी राहत महसूस कर रही है, और उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।

यह भी पढ़ें : एसएसपी ने लगाया कोरोना का टीका, हुई पुलिस कर्मियों को टीका लगाने की शुरुआत..

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 फरवरी 2021। नगर में सोमवार को दूसरे चरण की कोरोना वैक्सीन लगाए जाने की शुरआत की गई। बीडी पांडे अस्पताल के डॉक्टरों व कर्मचारियों ने पुलिस लाइन सभागार में पुलिस जवानों और अधिकारियों को कोरोना वैक्सीन लगाई। इसमें सबसे पहले एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी को वैक्सीन लगाई गई।

इसके बाद सीओ विजय थापा, कोतवाल अशोक कुमार सिंह, एसआई और पुलिस कर्मियों को वैक्सीन लगाई गई। जिन पुलिस जवानों और अधिकारियों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई, उन्हें आधे घंटे तक डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। बीडी पांडे के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि सोमवार को पुलिस लाइन में 60 पुलिस जवानों और बीडी पांडे अस्पताल में 30 पुलिस जवानों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। डॉ. धामी ने बताया कि पुलिस जवानों को 15 फरवरी तक कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। किसी को वैक्सीन लगाने से कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं सीओ विजय थापा ने बताया कि वैक्सीन लगाने के बाद उन्होंने अपने कार्यालय में काम किया। साथ ही सभी पुलिस जवानों को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर डॉ. अनिरुद्ध गंगोला, डॉ. प्रियांशु श्रीवास्तव डॉ. संजीव खर्कवाल, दीपक कुमार, सलमान, रजत गिरी व संतोष चंद्रा आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : डा. दुग्ताल सहित 64 लोगों ने लगाई कोवैक्सीन, पहले मना कर रहे लोगों ने भी लगाया टीका

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जनवरी 2021। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में सोमवार को भी कोरोना का टीकाकरण हुआ। इस दौरान चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डा. एमएस दुग्ताल, पैथोलॉजिस्ट, डा. आरके वर्मा, कोरोना ड्यूटी में लगे डा. प्रियांशु श्रीवास्तव, डा. मोनिका कांडपाल, डा. मोनिका खर्कवाल व रजनीश मिश्रा सहित 64 चिकित्सा विभाग से जुड़े लोगों को कोवैक्सीन के टीके लगाए गए। इनमें बड़ी संख्या में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां भी शामिल रहीं। सबसे पहले टीका लगाने वाले चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने बताया कि डा. अनिरुद्ध गंगोला सहित दो-चार चिकित्सकों को छोड़कर चिकित्सालय के सभी चिकित्सकों को टीके लग चुके हैं। अब मंगलवार को शेष बचे चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों को टीके लगाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि पहले दिन टीका नहीं लगा पाए अधिकांश लोग भी अब बढ़-चढ़कर टीका लगाने आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि आज व पहले भेजे किसी भी व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है।

यह भी पढ़ें : स्वास्थ्य कर्मियों में भी दुष्प्रचार का असर, ऐप में भी कसर…

-कई लोगों ने दुष्प्रचार के कारण टीका लगाने से मना भी किया, कई को समझाकर लगवाए गए टीके
-कई आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बाहर होने व सूचना न मिलने की बात कह कम लगवाए टीके
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2021। कोरोना से जंग में आखिर वह पल आ गया जब कोरोना से बचाव के लिए देश भर के साथ उत्तराखंड में भी टीकाकरण की शुरुआत हो गई। जिला व मंडल मुख्यालय नैनीताल में टीकाकरण अभियान की शुरुआत बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में हुई। यहां कोरोना टीकाकरण की शुरुआत चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी को पहला टीका लगने से हुई। डा. धामी को अपराह्न 11 बजकर 24 मिनट पर टीका लगाया गया। टीका लगने के बाद उत्साहित डा. धामी ने स्वयं इसकी जानकारी देते हुए टीके को पूरी तरह से सुरक्षित बताया। वहीं जनपद की एसीएमओ डा. रश्मि पंत ने बताया कि बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में 66 तथा हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में 73 व महिला अस्पताल में 40 सहित कुल 179 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई।
उनके बाद जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस डा. वीके पुने
रा, नर्स जानकी कनवाल, फार्मासिस्ट श्री पांडे व कमल जोशी आदि को भी टीके लगाए गए। पीएमएस डा. धामी ने बताया कि आज शाम पांच बजे तक करीब 100 लोगों को टीके लगने थे, जबकि अपराह्न तीन बजे तक केवल 50 लोगों को ही टीके लगवाए जा सके। कई चिकित्सा कर्मियों ने टीके लगाने से मना भी किया, अलबत्ता, उन्हें समझाकर टीके लगवाए गए। वहीं आज कई आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी टीके लगने थे। उन्हें कई बार सूचना दी भी गई थी, लेकिन उन्होंने सूचना नहीं मिलने और शहर से बाहर होने का हवाला देते हुए टीके नहीं लगाए। इसके अलावा कुछ लोगों ने पहले से खुजली, संक्रमण आदि होने और कुछ महिलाओं ने उनके छोटे दूध पीने वाले बच्चे होने का हवाला देते हुए टीके नहीं लगाए। इस कारण कोरोना लगाने वालों की संख्या कम रही। वहीं ऐप में आई दिक्कतों की वजह से कोरोना टीकाकरण में समस्याएं आने की बात प्रकाश में आई हैं, जिन्हें ठीक किए जाने की आवश्यकता है।
यह भी पढ़ें : कोरोना टीकाकरण: 12 को फिर से होगी ‘ड्राइ रन’ और 16 से शुरू होगा टीकाकरण

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जनवरी 2021। कोरोना टीकाकरण के मामले में सुखद समाचार है। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग युद्धस्तर पूरे जोरशोर से जुट गया है। 16 से जिला मुख्यालय सहित प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में कोरोना का वास्तविक टीकाकरण हो जाएगा। इस कार्य में कोई समस्या न आए, इस हेतु एक बार फिर 12 जनवरी को पुनः टीकाकरण का पूर्वाभ्यास ‘ड्राइ रन’ आयोजित होगा।
वहीं बताया जा रहा है कि 16 जनवरी से स्वास्थ्य विभाग के एवं कोरोना के संक्रमण के विरुद्ध प्रथम पंक्ति में तैनात रहे योद्धाओं को टीके लगाए जाएंगे। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने बताया कि ऐसे 400 प्रथम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं को टीके लगाए जाएंगे। हालांकि इस बारे में सही स्थिति एक-दो दिन में सामने आ सकती है।

यह भी पढ़ें : 25 लोगों पर किया गया पूर्वाभ्यास, दो घबराहट होने पर बैरंग लौटाए

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 जनवरी 2021। शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में भी कोरोना की वैक्सीन के टीकाकरण हेतु ‘ड्राइ रन’ यानी पूर्वाभ्यास का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन की निगरानी में आयोजित हुए इस पूर्वाभ्यास में 8 पुरुष व 17 महिलाओं यानी कुल 25 लोगों को टीकाकरण करने का पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान दो लोगों को टीकाकरण होने से पहले घबराहट भी हो गई। इस पर उनकी काउंसलिग की गई, तथा उन्हें चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया, और संयत होने के बाद उन्हें उनके घर भेज दिया गया।

बीडी पांडे अस्पताल के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि कोरोना काल में कोरोना योद्धाओं के रूप में प्रथम पंक्ति में रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया गया। इसके लिए प्रशासन से अस्पताल प्रबंधन को टीकाकरण हेतु सूची उपलब्ध कराई गई थी। इस दौरान टीकाकरण के दौरान आने वाली हर तरह की परिस्थिति का सामना करने के लिए स्थितियां बनाकर पूर्वाभ्यास किया गया, कि यदि टीकाकरण से किसी तरह की तात्कालिक समस्या उत्पन्न होती है, तो उसका सामना कैसे किया जाएगा। ताकि वास्तविक टीकाकरण के दौरान किसी तरह की कठिनाई आने पर उसका सामना किया जा सके। टीकाकरण के लिए चयनित व्यक्तियों को चार चरणों से गुजरना पड़ा। पहले चरण में व्यक्ति को सेनेटाइज कर उनकी थर्मल स्कैनिंग की गई। दूसरे चरण में व्यक्ति का टीकाकरण के लिए पंजीकरण किया गया। तीसरे चरण में टीकाकरण कक्ष में टीकाकरण किया गय और चौथे चरण में व्यक्ति को आधे घंटे के लिए चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया। इस पूरी प्रक्रिया में एसडीएम विनोद कुमार, सीओ विजय थापा, डॉ, अनिरुद्ध गंगोला, डॉ. संजय खर्कवाल, डॉ. एमएस रावत, डॉ. वीके पुनेरा, डॉ. प्रियांशू श्रीवास्तव, मेट्रन शशिकला पांडे, दीवान बिष्ट व आरकेे जोशी आदि भी शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : डीएम ने जिला चिकित्सालय में निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत किए 23.34 लाख रुपए

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 दिसम्बर 2020। जनता को बेहतर स्वास्थ्य, सैनिटेशन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डीएम सविन बंसल ने जनपद के चिकित्सालयों में आधुनिकतम चिकित्सा उपकरण, लैब, एसएनसीयू, एचडीयू, आशाघर स्थापना के साथ ही चिकित्सालयों में शौचालयों का निर्माण एवं मरम्मत आदि कार्य करा रहे हैं। इसी क्रम में श्री बंसल ने मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला पुरुष चिकित्सालय में शौचालय मरम्मत एवं निर्माण, नर्सेज ड्यूटी रूम के सुदृढीकरण एवं चिकित्सा कार्मिकों के आवासों में शौचालय निर्माण हेतु 23.34 लाख रुपए जारी कर दिये हैं।
इसमें से 8.34 लाख रुपयों से चिकित्सालय में अन्तःरोगी वार्ड के शौचालयों की मरम्मत, नई शीट लगाने, शौचालयों की रंगाई-पुताई तथा नर्सेज ड्यूटी रूम के सुदृढीकरण के कार्य कराए जाएंगे, ताकि मरीजों व उनके तीमारदारों को अधिक बेहतर स्वच्छता सुविधाएं मिल सकें। वहीं 15 लाख की धनराशि से चिकित्सालय के कार्मिकों के आवासों में 6 शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।

यह भी पढ़ें : जिला महिला चिकित्सालय को डीएम ने दिया 30 लाख का तोहफा, निर्माणों का 12 वर्ष का बनवास 3 माह में पूरा होगा…

नवीन समाचार, नैनीताल, 06 दिसम्बर 2020। डीएम सविन बंसल के प्रयासों से मुख्यालय स्थित 126 वर्ष पूर्व 17 अक्टूबर 1894 को तत्कालीन क्रॉस्थवेट अस्पताल एवं वर्तमान कुमाऊं केसरी पं बद्री दत्त पांडे के नाम पर स्थापित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय की दशा सुधरने लगी है। डीएम बंसल ने इस चिकित्सालय के महिला खंड में तीन माह के भीतर तीन प्राइवेट वार्डों के निर्माण के लिए 30 लाख की धनराशि जारी कर दी है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी डीएम बंसल ने महिला चिकित्सालय मे रास्ता मरम्मत, चिकित्सालय सौंदर्यीकरण, लेबर रूम व शिशु कक्ष, आईपीडी वार्ड सुदृढीकरण, आशा घर, चिकित्सालय के भीतर विद्युत लाइन की मरम्मत एवं विद्युत संयोजन के प्रतिस्थापन के कार्य भी कराये थे, जबकि बीडी पांडे पुरुष चिकित्सालय में आधुनिकतम उपकरणों तथा साज-सज्जा, शौचालय, सीवरेज व्यवस्था, एक्सरे व अल्ट्रासाउंड मशीन, जनरेटर, चार बेड का आईसीयू तथा चार वैंटिलेटर व अन्य अवस्थापना सुविधाओं के लिए अगस्त माह में विभिन्न मदों से 1 करोड 27 लाख की धनराशि उपलब्ध कराई थी।
गौरतलब है कि बीडी पांडे जिला महिला चिकित्सालय के प्राइवेट वार्ड करीब 12 वर्ष पहले जीर्णशीर्ण होने के कारण ध्वस्त कर दिये गये थे। ध्वस्त प्राइवेट वार्डों की जगह नया भवन बनने के लिए पीलरों के साथ निर्माण शुरू होते ही रुक गया था। इस कारण महिला रोगियों को काफी परेशानी हो रही थी। उनका यहां उपचार नहीं हो पा रहा था और उन्हें अन्यत्र रेफर करना पड़ रहा था। अब डीएम बंसल द्वारा प्राइवेट वार्ड के तीन कक्षो के निर्माण के लिए 30 लाख की धनराशि जारी होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि अब मुख्यालय में संस्थागत प्रसव मे वृद्वि होगी तथा उपचार हेतु लोगों को हल्द्वानी नही जाना पडेगा। जन्म-मृत्यु दर में भी कमी आएगी। श्री बंसल का कहना है कि ऐसे जनहित के कार्य मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिह रावत की अभिप्रेरणा एवं मार्गदर्शन से सम्भव हो पा रहे है। वहीं धनराशि अवमुक्त होने से जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों मे खुशी की लहर है।

यह भी पढ़ें : डोली में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने के लिए डीएम ने अवमुक्त किए 10 लाख, सवाल-अन्य बीमारों का क्या होगा ?

-सड़क से एक किमी दूर के हर गांव की गर्भवती महिलाओं को डोली से अस्पताल लाने के लिए मिलेंगे दो-दो हजार रुपए
नवीन समाचार, नैनीताल, 02 दिसम्बर 2020। डीएम सविन बंसल ने गत दिवस पहाडी विकास खंडों-धारी, रामगढ, ओखलकांडा, बेतालघाट व भीमताल के ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव हेतु डोली से सडक अथवा चिकित्सालय तक लाने हेतु डोली व्यवस्था करने की बात कही थी। इस हेतु उन्हांेने आज लगभग 500 डोलियों के लिए 10 लाख रुपये सीएमओ को अवमुक्त कर दिये। बताया गया है कि उत्तराखण्ड नैनीताल का पहला जनपद है जहां किसी जिलाधिकारी द्वारा संस्थागत प्रसव तथा गर्भवती महिला एवं शिशु की सुरक्षा के लिए डोली व्यवस्था को कारगर बनाते हुये इतनी बढी धनराशि स्वीकृत की है। लेकिन सवाल उठता है कि कभी अन्य बीमारों, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों के बारे में इसी तरीक की सुविधा के बारे में सोचा जाएगा ? या कभी गांव में ही बीमारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाएंगी ?
उल्लेखनीय है कि डीएम बंसल स्वयं भी कई बार सड़क रहित दूरस्थ गांवों में पैदल ही जाते हैं, इसलिए वह ऐसे क्षेत्रों में लोगों को खासकर बीमारी के दौरान अस्पताल पहुंचने में होने वाली असुविधा को समझते हैं, जिसके कारण अनेक लोगों को उपचार न मिल पाने के कारण ही अपनी जान गंवानी पड़ती है। गौरतलब है कि डीएम बंसल पहले हीकह चुके हैं कि डोली की व्यवस्था ग्रामीणों को स्वयं करनी होगी। जारी की गई धनराशि डोली से अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को प्रति डोली 2-2 हजार रुपए की धनराशि दी जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि गर्भवती महिलाओं को त्वरित उपचार मिलने व सुरक्षित संस्थागत प्रसव से जच्चा-बच्चा मृत्यु दर घटेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के एक किमी से अधिक पैदल सभी गांवों मे गर्भवती महिलाओं के लिए डोली सुविधा उपलब्ध होगी। जारी धनराशि मे से तात्कालिक व्यवस्था हेतु 75-75 हजार रूपये एमओआईसी केे निर्वतन मे रखी गई है ताकि पर्वतीय क्षेत्रों कीे गभर्वती महिलाओं को डोली से लाने वाले लोगों को तुरंत डोली व्यवस्था की धनराशि का भुगतान दो हजार रूपये प्रति डोली बिना किसी विलम्ब के दिए जा सकें। गौरतलब है कि एनएचएम के तहत जनपद में केवल 60 डोलियो की व्यवस्था के लिए ही धनराशि स्वीकृत है लेकिन प्रसव की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुये जिलाधिकारी ने लगभग 500 डोलियों के लिए 10 लाख धनराशि अवमुक्त कर दी है। उन्होने कहा कि गर्भवती महिलाओ को त्वरित डोली व्यवस्था का भुगतान कराने की जिम्मेदारी सम्बन्धित चिकित्साधिकारी की होगी।

अन्य बीमारों को भी ऐसी ही मदद की आवश्यकता
नैनीताल। सड़क विहीन ग्रामीण क्षेत्रों में केवल गर्भवती महिलाओं ही नहीं, अन्य बीमारों को भी डोली से सड़क तक लाना पड़ता है। उम्मीद की जा रही है कि गर्भवती महिलाओं के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों की अन्य बीमार महिलाओं व अन्य लोगों, बुजुर्गों, बच्चांे आदि हर जरूरतमंद को भी डोलियों से सड़क तक लाने के लिए इसी तरह की सुविधा का लाभ मिलेगा।

यह भी पढ़ें : बीडी पांडे जिला अस्पताल में कोरोना से संबंधित लोगों को मिलेगी खास सुविधा..

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अक्टूबर 2020। नगर के बीडी पांडे अस्पताल में अब हर मंगलवार को पोस्ट कोविड ओपीडी चलेगी। यानी ओपीडी में कोरोना से स्वस्थ होने के बाद घर जा चुके मरीज किसी भी तरह की शारीरिक दिक्कत होने पर डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे।
बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि पोस्ट कोविड ओपीडी में कोरोना से जंग जीतने के बाद स्वस्थ हो चुके मरीज अपनी जांच और इलाज करा सकते हैं। ओपीडी के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। टीम में फिजीशियन के साथ मनोचिकित्सक भी मौजूद रहेंगे, जो कोरोना संक्रमण के बाद लोगों की मनोस्थिति जानेंगे। साथ ही उन्हें इलाज देंगे। इस दौरान खून, रक्तचाप और अन्य जांचें भी की जाएंगी। इससे कोरोना संक्रमण के बाद व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी ली जा सकेगी।

यह भी पढ़ें : धरती पर भगवान: जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने बीपीएल श्रेणी की गरीब महिला का 5.5 किलो का ट्यूमर निकाल कर जान बचाई

-एक वर्ष से परेशान थी महिला और उसका परिवार, कई सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में जाकर भी नहीं हो पाया था उपचार
नवीन समाचार, नैनीताल, 06 अक्टूबर 2020। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी व उनकी टीम में शामिल डा. आरएस कुंवर व अन्य चिकित्सा कर्मियों ने ‘धरती पर भगवान’ होने का फर्ज निभाते हुए मंगलवार को बीपीएल श्रेणी की गरीब परिवार की महिला के पेट से साढ़े पांच किलोग्राम का ट्यूमर निकालकर उसकी जान बचाई। बताया गया है कि 48 वर्षीया महिला कुंती देवी पत्नी शेर सिंह निवासी ग्राम सतबुंगा विकास खंड रामगढ़ की बच्चेदानी के पास पिछले करीब एक वर्ष से यह ट्यूमर था। इस कारण महिला का पेट फूला हुआ था। उसे इस कारण सांस लेने में भी तकलीफ थी और वह सो व बैठ भी नहीं पाती थी। तभी उसके परिजन हल्द्वानी सहित कई सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में उसके उपचार के लिए परेशान हो रहे थे। कहीं अधिक रुपए तो कहीं अधिक जोखिम के कारण उनका उपचार नहीं किया जा रहा था।
डा. धामी ने बताया कि महिला करीब 2 सप्ताह पूर्व जिला चिकित्सालय आई थी। उसका उपचार ग्रेड-3 श्रेणी का काफी जोखिम भरा था। इस पर परिजनों की सहमति से उसका ऑपरेशन आज किया गया। इसके बाद वह पूर्ण स्वस्थ होने की ओर है।

यह भी पढ़ें : नया प्राविधान: अब खुजली-मुंहासों की नई दवा से होगा कोरोना का इलाज

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2020। कोरोना से बचाव व इलाज के लिए अब हाइड्रॉक्सीक्लारोक्वीन की जगह खुजली, मुंहासों तथा परजीवी कीटाणुओं के संक्रमण से होने वाली बीमारियों के उपचार के लिए प्रयोग की जाने वाली आईवरमेक्टिन टैबलेट का प्रयोग किए जाने के दिशा निर्देश आदेश जारी किए हैं। यह दवा अब चिकित्सकों के परामर्श से संक्रमितों व उनके संपर्क में आये लोगों व स्वास्थ्यकर्मियों को दी जाएगी। गत 10 सितंबर को हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं तकनीकी विशेषज्ञों की बैठक के बाद की गई सिफारिश के बाद को सचिव चिकित्सा एव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने सोमवार इस दवा के इस्तेमाल की अनुमति के आदेश जारी किए हैं। उत्तरप्रदेश में इस दवा के इस्तेमाल की इजाजत पिछले हफ्ते ही दी गई है।
बता दें कि दिल्ली के एम्स, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और मैक्स हॉस्पिटल व आरडी गार्गी मेडिकल कॉलेज उज्जैन समेत कई देशों में आईवरमेक्टिन टैबलेट के इस्तेमाल के उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। इसके लिए दवा की खुराक का निर्धारण भी कर दिया गया है। धात्री, गर्भवती महिलाओं व दो साल से छोटे बच्चों को आईवरमेक्टिन देने पर पाबंदी लगाई गई है। पुष्ट रोगी के संपर्क में आये व्यक्तियों में रोग के सम्भावित संक्रमण से बचाव के लिए शरीर के वजन के अनुरूप 200 माइक्रोग्राम प्रति किलोग्राम के हिसाब से पहले व सातवें दिन, रात्रि भोजन के दो घंटे बाद वयस्क व्यक्ति को औसतन 12 मिलीग्राम औषधि प्रदान की जा सकती है। हेल्थ केयर सेक्टर से जुड़े व्यक्तियों के शरीर के वजन के हिसाब से 200 माइक्रोग्राम प्रति किलोग्राम की दर से पहले, सातवें व 30 वें दिन तथा आवृत्ति कम में प्रति माह में एक बार कोविड-19 ड्यूटी करने की अवधि तक आईवरमेक्टिन प्रयोग की जाएगी। कंटेनमेंट जोन में भी कोरोना संक्रमित के सम्पर्क में आने के पहले, सातवें दिन रात्रि भोजन के दो घंटे बाद औसत 12 मिलीग्राम औषधि प्रदान की जा सकती है।
आईवरमेक्टिन का इस्तेमाल खुजली (त्वचा में खुजली वाली हालत), परजीवी कीटाणुओं द्वारा संक्रमण और मुहांसे आदि में किया जाता है। आइवेरमेक्टिन, एन्थेलमिन्टिक नामक दवाओं की श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। आइवेरमेक्टिन, परजीवियों को पंगु बना कर उन्हें मार डालता है। तेज धड़कन, ओर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन (लो ब्लड प्रेशर), चेहरे में सूजन, पेरिफेरल एडीमसिरदर्द, उनींदापन, मांसपेशियों में दर्द, जी मिचलाना, दस्त, हाथ-एड़ी-पांव में सूजन, लिंफनोड मे सूजन, खुजली आदि इसके साइड इफैक्ट बताए गए हैं।

यह भी पढ़ें : डीएम के प्रयासों से जिला चिकित्सालय में 1.27 करोड़ रुपए से सुधरीं-मिलीं ये सारी सुविधाएं..

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 अगस्त 2020। डीएम सविन बंसल के प्रयासों से मुख्यालय स्थित 126 वर्ष पूर्व 17 अक्टूबर 1894 को तत्कालीन क्रॉस्थवेट अस्पताल एवं वर्तमान कुमाऊं केसरी पं बद्री दत्त पांडे के नाम पर बीडी पांडे जिला चिकित्सालय की दशा सुधरने लगी है। इधर डीएम के प्रयासों से चिकित्सालय प्रबंधन समिति को विभिन्न मदों से 1 करोड 27 लाख की धनराशि उपलब्ध कराई गई। इस धनराशि से चिकित्सालय में आधुनिकतम उपकरणों तथा साज-सज्जा, शौचालय, सीवरेज व्यवस्था, एक्सरे व अल्ट्रासाउन्ड मशीन, जनरेटर व अन्य अवस्थापना सुविधाएं स्थापित की गई हैं। इसके अलावा अस्पताल मे चार बेड का आईसीयू तथा चार वैंटिलेटर भी उपलब्ध कराए गए हैं।
इसके साथ ही डीएम बंसल ने ग्रामीण निर्माण विभाग को चिकित्सालय को जीर्णशीर्ण शौचालयों की मरम्मत, चिकित्सालय के पैसेज के ऊपर शैड निर्माण, आवासों मे क्षतिग्रस्त शौचालय, सम्पूर्ण चिकित्सालय मे आक्सीजन पाइप लाइन एवं प्लांट निर्माण हेतु 84.36 लाख की धनराशि निर्गत की। इसी प्रकार जलसंस्थान को जीर्णशीर्ण सीवर लाइन, नर्सिग हास्टिल मे सीवर लाइन बिछाने के लिए 6.13 लाख, एसडीआरएफ से आईसीयू वार्ड निमार्ण, आईसीयू वार्ड मे एसी व स्टेपलाइजर व्यवस्था हेतु 4.05 लाख, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से जनरेटर, एक्सरे मशीन व सीआरएम मशीन आदि की व्यवस्था के लिए 30.68 लाख तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से चिकित्सालय मेें आक्सीजन पाइप लाइन के निर्माण एवं अल्टासाउन्ड कक्ष मे एसी लगाने हेतु 50.55 लाख की धनराशि के साथ ही जिला योजना से अल्ट्रासाउन्ड मशीन क्रय करने की स्वीकृति भी दी हैै। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्साधीक्षक डा. केएस धामी ने बताया कि डीएम श्री बंसल के प्रयासों से चिकित्सालय की दशा बदली है। पहले ओपीडी मे प्रतिदिन 150 मरीज ही आते थे जबकि अब लगभग 400 मरीज आ रहे हैं।

यह भी पढ़ें : 88 वर्षीया वृद्धा के पेट से डॉ. दुग्ताल ने निकाला 6 लीटर पानी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 09 अगस्त 2020। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला पुरुष चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एमएस दुग्ताल ने रविवार को पुनः एक 88 वर्षीया वृद्ध महिला के पेट और छाती में भरा तीन लीटर पानी को निकाल कर जान बचाई। उल्ल्ेखनीय है कि इससे पूर्व गत बृहस्पतिवार 6 अगस्त को भी महिला के पेट से तीन लीटर से अधिक पानी निकाला था। डॉ दुग्ताल ने बताया कि जनपद के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र आडूखान निवासी 88 वर्षीय बुजुर्ग महिला धनुली देवी पेट दर्द व पानी भर जाने की शिकायत को लेकर चिकित्सालय में लाया गया था। उसकी जांच करने पर पता चला कि उसके रक्त में प्रोटीन व कैल्शियम कम था। साथ ही उसे खून की कमी और लीवर यानी यकृत संबंधी समस्या भी थी।
इन समस्याओं के कारण उसके शरीर में काफी सूजन भी और पेट में पानी भर गया है। इससे उसका शरीर फूला हुआ था और उसे सांस लेने में भी दिक्कत थी। उसने एक सप्ताह से भोजन नहीं किया था और उसे चार लोग उठाकर लाये थे। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्होंने यहीं मरीज के पेट व छाती से सिरिंज के माध्यम से यानी बिना ऑपरेशन के पहले गत बृहस्पतिवार और आज पुनः 3 लीटर से अधिक पानी निकाला गया। महिला की हालत अब खतरे से बाहर है। उसकी कोरोना की जांच भी की गई थी, जिसमें वह निगेटिव निकली। अब उसकी स्थिति काफी बेहतर है। उसे भूख भी लगने लगी है। अभी उसका इलाज चलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि अब वह अपने पैरों पर चलकर ही अपने घर जाएगी।

यह भी पढ़ें : जिला चिकित्सालय को लंबे समय बाद मिलेंगे वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जुलाई 2020। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय को लंबे समय के बाद एक वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ मिलने जा रहे हैं। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने बताया कि 1982 बैच के कानपुर से पास आउट सुप्रसिद्ध वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. केबी जोशी ने यहां कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वे बुधवार से यहां बैठेंगे और सप्ताह में चार दिन मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को हृदय रोगियों को देखेंगे। वे 15 वर्ष पूर्व वे यहां चार-पांच वर्ष रह चुके हैं। इधर वे देहरादून से यहां स्थानांतरित हुए हैं। पूर्व में उन्होंने वीआरएस यानी समय पूर्व सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था, जो स्वीकार नहीं हुआ। इसके बाद वे वापस नैनीताल में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे।

यह भी पढ़ें : बहुत खूब: भगवान ने भेजा था बच्ची को ‘आधे दिल’ के साथ, धरती के भगवानों ने ‘पूरा’ कर दिया…

नवीन समाचार, ऋषिकेश, 25 जून 2020। चिकित्सक धरती पर भगवान के दूसरे रूप कहे जाते हैं। इसे सही साबित किया है एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने, जिन्होंने ईश्वर की एक कृति में एक बड़ी कमी, अर्ध विकसित दिल के साथ ही पैदा ही हो चुकी 5 महीने की बच्ची की यह कमी दूर कर बड़ा काम किया है।
स्थानीय एम्स के हृदय रोग शिशु शल्य चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने एक पांच महीने की बच्ची की सफलतापूर्वक जटिल सर्जरी को अंजाम देकर उसे नया जीवनदान दिया है। इस बच्ची का दिल अर्द्ध विकसित था। एम्सं के पीडियाट्रिक कॉर्डियोथोरेसिक सर्जन डा. अनीष गुप्ता ने बताया कि देहरादून निवासी 5 महीने की एक बच्ची का सफल ऑपरेशन करके उसे जीने की नई उम्मीद दी। महज 4.5 किलोग्राम की इस बच्ची का दिल सिर्फ आधा विकसित हुआ था। जिससे उसके खून में बार-बार ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता था और बच्ची नीली पड़ जाती थी। चिकित्सकों के अनुसार यह बीमारी लाखों में से किसी एक बच्चे को होती है। बच्ची के अभिभावक दिल्ली के कई नामचीन सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में भटकने के बाद एम्स ऋषिकेश पहुंचे।
उन्होंने बताया कि अक्सर इस तरह की बीमारी से ग्रसित बच्चे ऑपरेशन से पहले ही दम तोड़ देते हैं। मगर हमने 15 जून को इस बच्ची का ऑपरेशन किया। 4 घंटे की जटिल सर्जरी के बाद बच्ची को दो दिन तक आईसीयू में रखा गया और 18 जून को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है और दूध पी रही है। इस जटिल सर्जरी को अंजाम देने में विभाग के शल्य चिकित्सक डॉ. राजा लाहिरी ने उनका सहयोग किया। साथ ही निश्चेतना विभाग से डॉ. अजय मिश्रा व उनकी टीम ने ऑपरेशन के दौरान व आईसीयू में मुस्तैदी से मोर्चा संभाला, साथ ही वरिष्ठ अनुभवी नर्सिंग ऑफिसर केशव दास ने अपने सहयोगी धर्मचंद के साथ ऑपरेशन में नर्स की भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में बच्ची की देखभाल शिशु हृदय रोग चिकित्सक डा. यश श्रीवास्तव की देखरेख में हो रही है। सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डा. नम्रता गौर ने बताया कि बहुत जल्द विभाग का विस्तारीकरण किया जा रहा है और इससे शिशु एवं वयस्क दोनों तरह के दिल के रोगियों का दो ओटी में एकसाथ ऑपरेशन किया जा सकेगा और मरीजों को अपनी सर्जरी के लिए इंतजार नहीं करना होगा। इससे उत्तराखंड के साथ साथ समीपवर्ती राज्यों के मरीजों को भी सहूलियत मिलेगी। एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि हमारी कोशिश है कि एम्स अस्पताल में आने वाला कोई भी मरीज पैसे अथवा संसाधनों की कमी से अपनी जान न गंवाए।

यह भी पढ़ें : अनेक लोगों के कोरोना जांच के नमूने हो रहे निरस्त, मंडलायुक्त हुए गंभीर

-दिये प्रभावी क्रियान्वयक के निर्देश, सभी स्तरों के स्वास्थ्य केंद्रों के मानकों व उपलब्धता की रिपोर्ट तलब की
नवीन समाचार, नैनीताल, 23 जून 2020। कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने कोरोना के कई नमूनों को तकनीकी कारणों से बिना जांच के लौटाए जाने की स्थितियों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पूरे मंडल के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली तथा स्वास्थ्य विभाग के मंडलीय निदेशक डॉ. संजय साह को प्राथमिक व सामुदायिक सहित सभी स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों पर संसाधनों एवं कार्मिकों के तय मानकों एवं उपलब्धता की विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के नमूनों के परीक्षणों में तेजी एवं डाटा में शुद्धता बनाये रखने के लिए सभी मुख्य चिकित्साधिकारी अपने-अपने जिलों के कोविड-19 के नमूने लेने के परीक्षण केन्द्रों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। सोमवार की देर सांय गहनता से समीक्षा करते हुए दिए।
उन्होंने कहा कि किसी नमूने की जांच निरस्त होने से संबंधित सदिग्ध व्यक्ति पर मानसिक दबाव बढ़ता है और कार्य में लगे व्यक्तियों की मेहनत भी बेकार हो जाती है। इस लए जॉच हेतु सैम्पल लेने, सैम्पल एकत्र करने व सैम्पल जॉच केन्द्रों तक पहुॅचाने में विशेष सावधानी बरती जाये और सैम्पल प्रक्रिया का शतप्रतिशत अनुपालन किया जाये ताकि एक भी सैम्पल रिजेक्ट न हो। उन्होंने सभी सीएमओं को निर्देश दिए कि कोविड-19 की जॉच हेतु ट्रू-नेट मशीन अतिशीघ्रता से स्थापित की जायें। उन्होंने निर्देश दिए कि सामाजिक, धार्मिक, भावनात्मक एवं मार्मिक लगाव को देखते हुए कोरोना संदिग्ध व्यक्ति की मृत्यु होने की दशा में उसके सैम्पल की जॉच प्राथमिकता से की जाये। यदि किसी मृतक का परिवार अन्त्येष्टि एवं दफीना करने में अधिक जल्दबाजी कर रहा हो तो उनकी सहमति के आधार पर मृतक को कोरोना पोजिटिव मानते हुए नियमानुसार मृतक की अंत्येष्टि अथवा दफीना कया जाए। उन्होंने केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा के सुझाव पर सभी सीएमओ को जॉच केन्द्रों पर सैम्पल प्राप्ति शीट में रिजल्ट कॉलम बढ़ाते हुए एक्सल सीट की हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए ताकि जॉच रिजल्ट सम्बन्धित जिलों को और अधिक शीघ्रता से प्राप्त हो सकें। वीसी में रोहित कुमार मीणा, अपर आयुक्त संजय कुमार खेतवाल, संयुक्त निदेशक एटीआई नवनीत पाण्डे, प्रधानाचार्य सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज डॉ.सीपी भैसोड़ा सहित सभी जनपदों के सीएमओं आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के डीएम की मांग पर पूरे प्रदेश की आशाओं-आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का होगा भला

-मुख्य सचिव ने नैनीताल डीएम के सुझाव पर आशाओं-आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रोत्साहन राशि देने को कहा
-मंडलायुक्त ने आशाओं को रक्तचाप मापने के उपकरण देने की आवश्यकता जताई
नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2020। प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने शनिवार को सभी जनपदों द्वारा कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु किए जा रहे कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कोरोना संक्रमण को जन समुदाय में फैलने से रोकने के लिए संदिग्ध तथा क्वारंटाईन व्यक्तियों की गहनता से निगरानी एवं परीक्षण करने, कोरोना के लक्षण वाले व्यक्तियों की शत-प्रतिशत सैम्पलिंग कराने, सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वाले तथा मास्क न पहनने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही करने व नियमानुसार मुकदमा पंजीकृत करने के निर्देश दिये। साथ ही 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धों व 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक बाहर न निकलने व जन समुदाय के बीच न जाने की सलाह दी।
उन्होंने नैनीताल के डीएम सविन बंसल के सुझाव पर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से कोविड-19 की ड्यूटी में लगी आशाओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। वीडियो कांफ्रेंस में कुमाऊं मंडल के आयुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी ने ग्रामीण क्वारंटीन सेंटरों विशेषकर स्कूलों एवं पंचायत घरों की बिजली, पानी एवं शौचालय की मूलभूति सुविधाऐं बेहतर करने, दूरस्थ क्षेत्रों के पीएचसी एवं डिस्पेंशनरी में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने, दूरस्थ क्षेत्रों के हर गॉव में कम से कम एक स्ट्रेचर एवं डोली की व्यवस्था करने तथा पहाड़ो में भी हाई ब्लड प्रेशर एवं हायपर टेंशन के मामले बढ़ने के दृष्टिगत आशाओं को रक्तचाप मापने के लिए उपकरण देने की आवश्यकता जताई। इस दौरान डीएम सविन बंसल ने आशाओं को प्रोत्साहन भत्ता देने के साथ ही जनपद मेंअतिरिक्त पुलिस बल के रूप में जनपद में मौजूद आईआरबी तथा पीएसी बटालियन को लगाने की मांग की।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जिले के दो सहित राज्य के सभी जिलों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन निर्माण को मंजूरी

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जून 2020। जनपद के दो चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन के निर्माण की योजना स्वीकृत हुई है। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला (पुरूष) चिकित्सालय नैनीताल को इस हेतु 34 लाख 49 हजार व राजकीय बेस चिकित्सालय हल्द्वानी को 53 लाख 7 हजार रूपये की धनरािश स्वीकृत कर दी गयी है।
यह जानकारी देते हुए एनएचएम यानी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक युगल किशोर पंत ने बताया कि कोविड-19 इमर्जेन्सी रेस्पोंस एंड हेल्थ सिस्टम प्रीपेयर्डनेस फाइनेसियल पैकेज यानी कोविड-19 के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य प्रणाली हेतु वित्तीय पैकेज के अन्तर्गत यह योजना स्वीकृत की गई है। नैनीताल जनपद के इन दो चिकित्सालयों के अलावा जिला चिकित्सालय गोपेश्वर के लिए 30 लाख 29 हजार रुपये, जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा के लिए 36 लाख 89 हजार, जिला चिकित्सालय रूद्रपुर के लिए 94 लाख 17 हजार, रुद्रप्रयाग के श्री जगद्गुरू शंकराचार्य माधवाश्रम राजकीय जिला चिकित्सालय के लिए 76 लाख 44 हजार, जिला चिकित्सालय बागेश्वर के लिए 22 लाख 83 हजार, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी के लिए 51 लाख 77 हजार, जिला चिकित्सालय हरिद्वार के लिए 15 लाख, बीडी पाण्डे जिला (पुरूष) चिकित्सालय पिथौरागढ़ के लिए 30 लाख 80 हजार, जिला चिकित्सालय चम्पावत के लिए 41 लाख 60 हजार, बेस चिकित्सालय कोटद्वार के लिए 58 लाख 73 हजार व जिला चिकित्सालय पौड़ी के लिए 32 लाख 26 हजार रूपये की धनराशि स्वीकृत कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत धनराशि प्राथमिकता से अवमुक्त की जा रही है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: जिला चिकित्सालय में आने वाले हर व्यक्ति कीे होगी थर्मल स्क्रीनिंग, फ्लू क्लीनिक भी हुआ स्थापित

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जून 2020। मंगलवार से मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में आने वाले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग करने की सुविधा शुरू कर दी गई है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार, खासी व जुकाम के लक्षण पाये जाने वाले रोगियों को देखने के लिए चिकित्सालय के बाहर अलग से फ्लू क्लीनिक की स्थापना कर दी गई है। इस फ्लू क्लीनिक में बुखार, खासी व जुकाम के लक्षण पाये जाने वाले रोगियों को ही देखा जाएगा। इन रोगियों को अन्य रोगियों से अलग रखा जाएगा। उनके पर्चे भी वहीं अलग से कटवाये जाएंगे और वहीं उन्हें दवाएं भी उपलब्ध कराये जाएंगे। साथ ही इनमें से कुद की रेंडम सैंपलिंग भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि बाहरी लोगों की जांच के लिए पहले से ही बीएम शाह ओपन थियेटर में जांच की व्यवस्था की गयी है। इधर मंगलवार को जनपद की सीएमओ डा. भारती राणा ने भी इन व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

चिकित्सकों को किया सम्मानित
नैनीताल। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकत्सालय के चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों को मंगलवार को बिड़ला विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा की धर्मपत्नी आशा शर्मा की संस्था आस्था फाउंडेशन के द्वारा कोरोना के खिलाफ जंग में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया है। सम्मानित होने वालों में चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी, डा. एमएस दुग्ताल, डा. अनिरुद्ध गंगोला, डा. मोनिका कांडपाल, डा. प्रियांशु श्रीवास्तव, डा. अक्षय गंगोला, मैट्रन शशिकला पांडे,एंबुलेंस चालक और वार्ड ब्वॉय महबूब, लोकेश, यूनुस, सफाई कर्मी जितेश आदि शामिल रहे। इन्हें पुष्पगुच्छ एवं ‘कोरोना वॉरियर’ प्रमाण पत्र भेंट किये गये। इस मौके पर पर्यावरणविद् डा. अजय रावत भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज की कोरोना लैब सुचारू हुई, फिर से हो सकेंगी सैकड़ों लंबित जांचें

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जून 2020। नैनीताल जनपद के कोविद समर्पित अस्पताल सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में बीते तीन दिनों से कोरोना के नमूनों की जांच नहीं हो पा रही थी। इस कारण यहां अल्मोड़ा जिले के 177, बागेश्वर के 64, चंपावत के 78, नैनीताल के 464, पिथौरागढ के 137 व यूएस नगर के 422 नमूने जांच के लिए प्रतीक्षारत रह गये थे, जबकि पिछले दो-तीन दिनों के नैनीताल जनपद के 137, पिथौरागढ़ के 123, यूएस नगर के 155 व अल्मोड़ा के 22 नमूने लंबित हैं। इधर नैनीताल जनपद की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भारती राणा ने बताया कि 23 नमूने जांच के लिए दिल्ली भेजे गये हैं। वहीं इधर सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. सीपी भैसोड़ा ने अपनी वायरोलॉजी लैब के ठीक होने की जानकारी दी है, इसके बाद यहां फिर से कोरोना की जांच शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जिला चिकित्सालय को मिला आईसीयू का तोहफा, नहीं जाना पड़ेगा कहीं और

-मुख्यमंत्री ने किया नैनीताल जिला चिकित्सालय के आईसीयू का शुभारंभ

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2020। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार शाम राजधानी देहरादून से जिला मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला पुरूष चिकित्सालय में नव स्थापित आईसीयू यूनिट का ऑन लाईन शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार आम गरीब आदमी को उत्तम एवं आधुनिकतम स्वास्थ्य सुविधाऐं उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में आम गरीब लोगों के लिए डीएम सविन बंसल ने जो सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं की है वह प्रशंसनीय है। डीएम के प्रयासों से यहां स्थापित की गई डिजीटल एक्सरे मशीन व जनरेटर का लाभ भी निश्चित ही दूरदराज के लोगो को मिलेगा। इससे पूर्व डीएम बंसल के प्रयासों से बेतालघाट में शुरू की गई टेली मेडीसन सेवा का लाभ भी दूरस्थ व दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है।
उन्होने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ व पर्वतीय क्षेत्रों में निवास करने वाली जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा सभी अस्पतालो में सृजित 2735 पदों के सापेक्ष 2045 चिकित्सकों की तैनाती कर दी है। इसके अलावा 159 दंत चिकित्सक भी तैनात किये गये है। साथ ही अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत 5 लाख तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा के लिए प्रदेश के 180 सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों की सूचीबद्ध किया गया है। अब तक लगभग 1.57 लाख लोग लाभ इस योजना का उठा चुके है। जिले की सीएमओ डॉ. भारती राणा ने बताया कि जिला चिकित्सालय के आईसीयू कक्ष में चार बैड के अलावा चार मल्टी पैरा मॉनीटर तथा एक-एक डिप्रीलेटर, पोरेेटबल एक्सरे मशीन, फाइवेज मशीन, इन्फ्यूजन पम्प तथा वेंटीलेटर भी स्थापित कर दिए गए है। इस मौके पर एसडीएम विनोद कुमार, पीएमएस डॉ. केएस धामी, एसीएमओ डॉ. तरूण कुमार टम्टा, डॉ. रश्मि पंत, डा. एमएस दुग्ताल, डॉ. अनुरुद्ध गंगोला, हरेंद्र कठायत तथा मदन मेहरा आदि भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट के निर्देशों पर जिला चिकित्सालय में स्थापित हुआ आईसीयू वार्ड

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मई 2020। बीडी पाण्डेय जिला चिकित्सालय उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों पर आईसीयू वार्ड की स्थापना हो गई है। पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि आईसीयू वार्ड में 4 बेड, एक-एक मॉनीटर, डीफिब्रिलेटर, बायपैक मशीन, वेंटीलेटर, पोर्टेबल एक्स-रे मशीन व इन्फ्यूजन पंप तथा सेंटल ऑक्सीजन लाइन आदि स्थापित कर लिये गये हैं। अब व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है तथा चिकित्सकों व कर्मियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही डीएम सविन बंसल की ओर से नई 300 एमएएच की पीआर सिस्टम युक्त एक्सरे मशीन व जेनरेटर भी स्थापित कर दिये गये हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सोमवार को डीएम सविन बंसल आईसीयू का शुभारंभ कर सकते हैं। रविवार को एसडीएम विनोद कुमार ने भी जिला चिकित्सालय पहुंचकर आईसीयू व नई मशीनों की स्थापना की तैयारियां का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने चार अप्रैल तक जिला चिकित्सालय में आईसीयू वार्ड की स्थापना करने के निर्देश दिये थे।

यह भी पढ़ें : विधायक ने चिकित्सालय को भेंट किये 100 पीपीई किट

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2020। क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने सोमवार को मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय को 88 एवं ज्योलीकोट स्थित स्वास्थ्य केंद्र को 12 पीपीई किट भेंट की। जिला चिकित्सालय के प्रमख चिकित्सा अधीक्षक ने यह पीपीई किट प्राप्त करते हुए बताया कि यह काफी अच्छी गुणवत्ता की पीपीई यानी पर्सनल प्रोटेक्टिव किट हैं। इनका इस्तेमाल कोरोना संक्रमित व्यक्ति के जांच के नमूने लेने, नमूनों को हल्द्वानी ले जाने एवं उपचार करने के दौरान योगदान देने वाले सभी कर्मियों को पहननी होती है, और केवल एक बार ही प्रयोग की जाती है। वहीं विधायक आर्य ने कहा कि यदि आगे भी पीपीई किट की आवश्यकता होती तो वह उपलब्ध कराएंगे। विधायक ने इसके उपरांत लॉक डाउन के दौरान अखंड लंगर चलाकर जरूरतमंदों को भोजन करा रहे गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा को भी आटा, चावल व तेल आदि सामग्री उपलब्ध कराई।
इस मौके पर भाजपा नगर अध्यक्ष आनंद बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेंद्र बिष्ट, रुचिर साह, भुवन आर्य, गोपाल रावत, विवेक साह व हरीश बिष्ट आदि भाजपा कार्यकर्ता, एसडीएम विनोद कुमाा, सीओ विजय थापा, कोतवाल अशोक कुमार सिंह तथा डा. एमएस दुग्ताल व डा. आरके वर्मा सहित अन्य चिकित्साकर्मी एवं कमला कुंजवाल सहित आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं। इस दौरान चिकित्सालय परिसर में काफी भीड़भाड़ रही एवं कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहली शर्त बताये गये सामाजिक दूरी के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया।

जिला चिकित्सालय में शीघ्र ही आईसीयू, वेंटीलेटर एवं रूट कैनालिंग आदि की सुविधाएं मिलेंगी
नैनीताल। इस अवसर पर विधायक संजीव आर्य ने कहा कि जिला चिकित्सालय में आईसीयू की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है। वेंटीलेटर आ गये हैं। नई अत्याधुनिक एक्सरे मशीन भी लगाई जा रही है, वहीं पहली बार जिला चिकित्सालय को दंत चिकित्सा के लिए भी आधुनिक बनाया जा रहा है। यहां रूट कैनालिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

यह भी पढ़ें : आठ लोगों के कोरोना जांच के लिए नमूने लिये, एक को आइसोलेशन व दो को क्वारन्टाइन में भेजा

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 अप्रैल 2020। मुख्यालय में आज आठ लोगों के कोरोना की जांच के लिए नमूने लिये गये हैं। इनमें बरेली से करीब 12-14 दिन पूर्व आया एक युवक शामिल है, जिसे पहले ही होम क्वारन्टाइन में रखा गया था। इधर शुक्रवार को उसे खांसी की शिकायत होने पर बीडी पांडे जिला चिकित्सालय लाया गया। यहां स्वास्थ्य जांच के बाद उसे अस्पताल में ही आइसोलेशन में भर्ती कर लिया गया है। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने बताया कि उसका कोरोना जांच के लिए नमूना भी लिया गया है। इसके अलावा आज सूखाताल स्थित संस्थागत क्वारन्टाइन में ऐहतियात के तौर पर रखे गये लोगों में से सात लोगों के भी सादृच्छिक आधार पर नमूने कोरोना जांच के लिए लिये गये हैं। वहीं नोएडा से आये दो लोगों को सूखाताल स्थित संस्थागत क्वारन्टाइन में ऐहतियात के तौर पर रखा गया है। इस प्रकार सूखाताल में क्वारन्टाइन में रखे गये लोगों की संख्या 14 हो गयी है।
इसके अलावा आज कोतवाली पुलिस ने एक परिवार के चार सदस्यों का एक साथ घूमने व मॉस्क न पहनने के कारण चालान किया। साथ ही कोटा, राजस्थान से लौटे तीन छात्रों को नगर में पहुंचने पर उनका बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य प्रशिक्षण कराया। यहां से उन्हें होम क्वारंटीन में भेजा गया। इस प्रकार नगर में अब होम क्वारंटाइन में रखे गये लोगों की संख्या अब 310 हो गई है।

यह भी पढ़ें : बड़ी खुशखबरी: कुमाऊं में चार और कोरोना संक्रमित हुए स्वस्थ, अब बचे सिर्फ तीन

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अप्रैल 2020। सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज से चार और कोरोना संक्रमितों को छुट्टी दे दी गई है। इसके बाद यहां केवल तीन कोरोना संक्रमित ही उपचार के लिए बच गये हैं। मेडिकल कॉलेज के कोरोना प्रभारी आईएएस अधिकारी रोहित मीणा ने बताया कि इनमें एक रोगी रामनगर से आया एवं दो रोगी आठ को भर्ती किये गये थे। रामनगर वाले रोगी को बीती 17 अप्रैल को भर्ती किया गया है। यानी उसे अभी 6 दिन ही हुए हैं। इस तरह नैनीताल जनपद के साथ ही पूरे कुमाऊं में अब केवल तीन कोरोना संक्रमित रोगी ही बच गये हैं और धीरे-धीरे कुमाऊं मंडल कोरोना मुक्त होने की ओर बढ़ रहा है।
श्री मीणा ने बताया कि तीन रोगी कल शाम, जबकि एक को आज दो रिपोर्ट नकारात्मक आने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अब इन्हें मोतीनगर स्थित संस्थागत क्वारन्टाइन सेंटर में 14 दिन के लिए रखा जाएगा। इधर बताया गया है कि आज जिस रोगी को अस्पताल से छुट्टी दी गई है, वह जनपद के कालाढूंगी के वार्ड नंबर 3 का निवासी है। बताया जा रहा है कि उसके कालाढुंगी निवासी दो दोस्तों की रिपोर्ट भी रिपोर्ट भी नकारात्मक आ गई है। इसलिए कालाढुंगी कस्बे में भी इससे राहत महसूस की जा रही है।

उधर, देहरादून के मेडिकल कॉलेज में कोरोना की पुष्टि होने के बाद अपनी मां के साथ ही भर्ती 9 माह के बच्चे ने सिर्फ 6 दिन में ही कोरोना को मात दे दी है। उसे लगातार दो रिपोर्ट नकारात्मक आने के बाद उसके साथ उसकी देखभाल के रखी एवं कोरोना संक्रमित की तरह ही उपचार पा रही मां के साथ अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसे उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सकों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे इससे पूर्व दिल्ली में एक बच्चे की कोरोना से मौत हो चुकी है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद के एकमात्र हॉट स्पॉट में 14 दिन से कोरोना का कोई नया मरीज नहीं, 41 फीसद हुए ठीक

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 21 अप्रैल 2020। जी हां, नैनीताल जनपद के एकमात्र हॉट स्पॉट व कर्फ्यूग्रस्त हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में पिछले 14 दिनों से कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है। यहां सबसे आखिर आठ अप्रैल की रात्रि आठ बजे की रिपोर्ट में बनभूलपुरा निवासी जमात में शामिल हुए एक युवक और उसके संपर्क में आये युवक में कोरोना की पुष्टि हुई थी। यह जमाती 6 अप्रैल को सरेंडर करने वाले 12 जमतियों में शामिल था। 6 अप्रैल को ही दोनों युवकों को बेस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, और 8 अप्रैल को कोरोना की पुष्टि होने के बाद सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। तब से यहां कोई मामला नहीं आया। हां, रामनगर में जरूर इसके बाद 17 अप्रैल को एक 30 वर्षीय अन्य जमाती में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इस प्रकार आज 22 अप्रैल को हल्द्वानी में कोई नया कोरोना का मरीज प्रकाश में नहीं आया है। इसे कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में शुभ संकेत माना जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि इसके अलावा भी कोरोना से संबंधित और भी खुशखबरियां आती जा रही हैं। मंगलवार को सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज से 6 कोरोना संक्रमित रोगियों को छुट्टी दे दिये जाने के बाद अब यहां भर्ती कुल 13 मरीजों में से 7 ही भर्ती रह गये हैं। इसके साथ राज्य में कुल 46 कोरोना संक्रमितों में से 19 लोग यानी 41 फीसद रोगी स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि कुमाऊं मंडल में अब तक नौ कोरोना रोगी नैनीताल से, चार ऊधमसिंह नगर से तथा एक अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में मिला था। अल्मोड़ा में मिले पॉजीटिव के सारी जांचें नेगेटिव होने के बाद दो दिन पूर्व उसे छुट्टी दे दी गई थी, जबकि अब नैनीताल व ऊधमसिंहनगर जिले में मिले तीन-तीन मरीजों को भी लगातार दो जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। खास बात यह भी है डिस्चार्ज किये ये सभी रोगी 17 से 32 की उम्र के युवा हैं। बेहतर चिकित्सा के साथ ही उनके शरीर की बेहतर इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी उनके जल्द स्वस्थ होने में सहायक रही है। इसमें रुद्रपुर से तीन अप्रैल को हल्द्वानी लाए गए तीन युवा शामिल हैं। उनकी उम्र 20 से 32 साल के बीच है। यह तीनों ही हल्द्वानी के वनभूलपुरा के रहने वाले हैं। चार अप्रैल को बागजाला में क्वारंटाइन किए गए 17 व 18 साल के तीन पॉजीटिव मरीज भी कोरोना से ठीक हो गए हैं। ये अमरोहा उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। यह सभी जमात के कार्यक्रम या उनके संपर्क में आने के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आए थे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के जिला चिकित्सालय सहित पहाड़ के सभी कोविद समर्पित अस्पतालों में 7 दिन के अंदर आईसीयू और वेंटीलेटर लगाने के आदेश

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अप्रैल 2020। उत्तराखंड हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया व न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ ने राज्य में पर्वतीय जिलों में स्थित कोविद समर्पित अस्पताल के रूप में घोषित सभी अस्पतालों में आईसीयू औरवेंटीलेटर की सुविधा स्थापित करने के आदेश दिये हैं। इन अस्पतालों में नैनीताल मुख्यालय के बीडी पांडे जिला चिकित्सालय तथा प्रदेश के अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली रुद्रप्रयाग सहित पर्वतीय क्षेत्र के सभी 15 कोविद अस्पताल शामिल हैं, जिनमें आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
न्यायालय ने यह आदेश हाईकोर्ट के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली द्वारा दायर जनहित याचिका व संलग्न मामलों में मंगलवार को सुनवाई करते हुए यह आदेश दिये हैं। साथ ही राज्य सरकार से कहा है कि अगर इसमें कोई दिक्कत आती है तो वह कोर्ट के संज्ञान में लाएं। कोर्ट ने कहा है कि वेंटिलेटर स्थापित करने में और देरी अब संभव नहीं है। क्योंकि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक किसी भी कोविद समर्पित अस्पताल में आईसीयू और वेंटिलेटर अत्यंत आवश्यक है। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी।

यह भी पढ़ें : राहत का समाचार: कुमाऊं में 6 कोरोना पॉजिटिवों को दूसरी रिपोर्ट में कोरोना नहीं..

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 18 अप्रैल 2020। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने के लिए भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीजों की दोबारा जांच शुरू हो गई है। कॉलेज में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की सफलता है कि पांच कोरोना पॉजिटिव मरीजों के नमूनों की दूसरी जांच में वे कोरोना निगेटिव आए हैं। उधर अल्मोड़ा जिले के एकमात्र कोरोना पॉजिटिव की जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आने की सूचना है। बताया गया है कि इन रोगियों की दो बार और नमूने लेकर जांच कराई जाएगी तथा लगातार तीन बार निगेटिव रिपोर्ट आने पर पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही उन्हें कोरोना मुक्त घोषित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कॉलेज प्रशासन ने दो दिन पूर्व यहां भर्ती 13 में से आठ मरीजों के नमूने लेकर जांच कराई थी। शनिवार को इनमें से तीन मरीजों की दूसरी बार की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई, जबकि पांच की रिपोर्ट निगेटिव आई। उल्लेखनीय है कि कुमाऊं में सबसे पहले दो अप्रैल को ऊधमसिंह नगर में तीन और तीन अप्रैल को एक जबकि नैनीताल जिले में चार अप्रैल को एक साथ पांच कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे।

यह भी पढ़ें : शाबास उत्तराखंड ! कोराना पर आया ‘दोहरा’ सुखद समाचार

नवीन समाचार, देहरादून, 11 अप्रैल 2020। उत्तराखंड में कोरोना पर एक और सकारात्मक समाचार है। प्रदेश में संक्रमित हुए 35 लोगांें में से दो और मरीजों की ठीक होने का समाचार है। बताया गया है कि इनकी दो रिपोर्टें नकारात्मक आई हैं। हालांकि नियमानुसार उन्हें एक और रिपोर्ट नकारात्मक आने के बाद कोरोना मुक्त घोषित किया जाएगा। इसके साथ प्रदेश में स्वस्थ हुए कोरोना रोगियों की संख्या पांच से बढ़कर सात हो जाएगी। इसे उत्तराखंड की स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी सफलता माना जा सकता है। उल्लेखनीय है कि अब तक राज्य में एक भी कोरोना संक्रमित की मृत्यु नहीं हुई है। वहीं जो 35 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं, उनमें से 28 तब्लीगी जमात के हैं। यदि उन्हें संक्रमण न आया होता तो प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या सात ही होती और सात लोग स्वस्थ भी हो चुके हैं।
आज स्वस्थ हुए दो लोगों में में दून मेडिकल अस्पताल में भर्ती एक अमेरिकी नागरिक और सेलाकुई निवासी एक युवक शामिल हैं। बताया गया है कि सेलाकुई निवासी युवक को जल्द डिस्चार्ज किया जा सकता है, जबकि अमेरिकी नागरिक के बारे में अस्पताल प्रशासन ने एलआईयू को सूचना दे दी है और उनके द्वारा अमेरिकी दूतावास को सूचित किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : जामा मस्जिद के तीन लोगों को नमूने लेकर क्वारंटीन सेंटर भेजा

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अप्रैल 2020। शनिवार को नगर की जामा मस्जिद के तीन एवं नगर में पूर्व में हरदोई यूपी से कालीन बेचने के लिए आए 11 लोगों को मल्लीताल कोतवाली पुलिस स्वास्थ्य जांच के लिए बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले गई। यहां चिकित्सकों ने उनकी प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की और इनमें से जामा मस्जिद के तीन लोगों के नमूने लेकर उन्हें क्वारन्टीन के लिए सूखाताल स्थित क्वारन्टीन सेंटर भेज दिया है। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने बताया कि सूखाताल क्वारन्टीन सेंटर में अब क्वारंटीन में रखे गए लोगों की संख्या 50 हो गई है। वहीं हरदोई के कालीन बेचने वाले 11 लोगों को घर पर ही एकांतवास में रहने को कहा गया है। वे यहां अपने रिश्तेदारों के पास रह रहे हैं। वहीं नगर कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जामा मस्जिद में गत दिनों आए निजामुद्दीन मरकज के जमातियों के संपर्क में आने के संदेह में जामा मस्जिद के तीन लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

यह भी पढ़ें : कोरोना के सातों संभावितों की रिपोर्ट नकारात्मक, प्रकोप बढ़ने पर होटलों का भी हो सकता है अधिग्रहण…

-पहले ही केएमवीएन के दो पर्यटक आवास गृहों एवं नैनीताल क्लब का स्वास्थ्य विभाग कर चुका है अधिग्रहण
नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मार्च 2020। जिला मुख्यालय से कोरोना विषाणु की जांच के लिए भेजे गए सभी सात नमूने नकारात्मक आ चुके हैं। अलबत्ता पांच लोगों को अभी भी केएमवीएन के सूखाताल स्थित टीआरएच यानी पर्यटक आवास गृह में बनाये गए क्वारन्टीन वार्ड में एहतियात के तौर पर रखा गया है। उल्लेखनीय है कि दो विदेशी युवक-युवती मोतीनगर भेजे गए हैं। इधर सोमवार को बाहर से आये सात लोग जिला चिकित्सालय में आए। जिला चिकित्सालय के पीएमएस डा. धामी ने बताया कि उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखे, फिर भी उन्हें घर पर 14 दिन एकांतवास में रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने अन्य लोगांे से भी अपील की है कि अपनी एवं पूरे समाज की सुरक्षा के लिए किसी के सूचना देने से पहले खुद ही अस्पताल आकर जांच करा लें व संतुष्ट हो लें।
इधर स्वास्थ्य विभाग कोरोना का प्रकोप बढ़ने व जरूरत पड़ने पर होटलों का अधिगृहण कर सकता है। विभाग पहले ही पहले ही केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम के 40 कमरों वाले सूखाताल एवं 15 कक्षों वाले तल्लीताल स्थित दो पर्यटक आवास गृहों के साथ ही 40 कक्षों वाले राज्य अतिथि गृह नैनीताल क्लब का क्वारंटीन यानी एकांतवास वार्ड के रूप में इस्तेमाल करने के लिए अधिगृहण विभाग कर चुका है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नैनीताल क्लब में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में होटलों के कर्मचारियों को उनके होटलों का क्वारन्टीन वार्ड के रूप में प्रयोग किये जाने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों का प्रशिक्षण दिया गया। नगर के तीन प्रमुख होटलों-मनु महारानी, विक्रम विंटेज इन एवं शेरवानी हिल टॉप के प्रतिनिधियों, कर्मचारियों व शेफ आदि ने इस प्रशिक्षण कार्यशाला में मौजूद रहकर प्रशिक्षण प्राप्त किया, तथा अपनी ओर से ऐसी दशा में योगदान देने की हामी भी भरी।
बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने बताया कि होटल कर्मियों को होटल के फर्श, बिस्तर आदि को सोडियम हाइड्रोक्लोराइड अथवा ब्लीचिंग पावडर से पोछा लगाकर विसंक्रमित करने के साथ ही भोजन तैयार करने एवं कोरोना के संभावित रोगियों के साथ ही आपस में सामाजिक दूरी बरतने आदि के बारे में प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश दिये गए। इस मौके पर डा. अनिरुद्ध गंगोला, मनु महारानी के महाप्रबंधक नरेश गुप्ता, विक्रम विंटेज के महाप्रबंधक मनप्रीत सिंह व विजय पंत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : चिंताजनक : उत्तराखंड में अब 25 वर्षीय युवक पाया गया कोरोना संक्रमित

नवीन समाचार, देहरादून, 25 मार्च 2020। कोरोना विषाणु के दृष्टिगत उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सुबह अच्छा समाचार आया था, वहीं अपराह्न में दुगड्डा पौड़ी से आए समाचार ने खुशी में बट्टा लगा दिया। गत 20 फरवरी से 13 मार्च तक स्पेन की यात्रा पर रहे कोटद्वार निवासी युवक के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उसे गत 16 मार्च को कोटद्वार के बेस चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। 21 मार्च को उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। बुधवार को मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से आई जांच रिपोर्ट में उसके कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।
उधर, गत दिनों स्पेन से लौटे तीन प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों एवं एक विदेशी नागरिक में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। बुधवार को बेहतर चिकित्सा एवं खानपान के बाद तीन में से एक प्रशिक्षु अधिकारी की कोरोना रिपोर्ट नकारात्मक आई। यानी उसे अब कोरोना का संक्रमण नहीं है। हालांकि अभी कहा गया है कि उसे अभी भी एकांतवास में रखा गया है, और उसकी एक-दो बार और जांच कराने के बाद ही उसे कोरोना मुक्त होने की घोषणा की जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भी अपने वीडियो संदेश में इस बात का जिक्र किया है। अलबत्ता इस मामले से उत्तराखंड ने कोरोना से एक तरह से जीतने का अनुभव भी प्राप्त कर लिया है।

यह भी पढ़ें : दुबई सहित बाहर नौकरी करने वाले 10 संदिग्धों की हुई जांच, फिर भी चिकित्सक आज खुश…

-जिला चिकित्सालय में कोरोना संभावितों सहित सीमित मरीज पहुंचे, चिकित्सकों ने बताया सुखद
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 मार्च 2020। नैनीताल। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में मंगलवार को पूरे दिन करीब 100 मरीज ही ओपीडी में दिखाने पहुंचे। चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डा. महिमन सिंह दुग्ताल ने बताया कि अन्य दिनों में करीब 600 के आसपास रोगी पहुंचते हैं। इसलिए कम संख्या में रोगियों का पहुंचना सुखद है। इससे कम लोग एक-दूसरे के संपर्क में आएंगे और कोरोना संक्रमण की संभावना नहीं रहेगी।
साथ ही उन्होंने बताया कि इस दौरान नगर के खुर्पाताल व मंगोली क्षेत्र के करीब 10 ऐसे लोग भी चिकित्सालय पहुंचे जो बाहर नौकरी करते हैं, और इन दिनों देश में कोरोना विषाणु का संक्रमण होने के कारण घर आए हैं। इनमें दुबई से लौटा, वहां एक टायर कंपनी में काम करने वाले नगर के चार्टन लॉज निवासी एक युवक भी शामिल था। यह सभी उन्हें किसी तरह का संक्रमण होने की संभावना की जांच के लिए जिला चिकित्सालय आए। उनका चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। उनमें कोरोना के कोई भी लक्षण नहीं मिले। फिर भी उन्हें घर पर 14 दिन एकांतवास में रहने की सलाह तथा अन्य दिशा-निर्देश दिये गये।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : चिकित्सकों ने खास अंदाज में जताया ‘जनता कर्फ्यू’ पर जनता का शुक्रिया

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मार्च 2020। देश की जनता जब रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जनता कर्फ्यू’ के आह्वान पर कोरोना की वैश्विक महामारी से बचने के लिए अपने घर पर है, वहीं धरती पर ईश्वर का दूसरा नाम कहे जाने वाले चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मी देश भर के चिकित्सालयों में मानवता के सबसे बड़े दुश्मन बन चुके कोरोना को हराने के लिए जी-जान से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जनता प्रधानमंत्री के आह्वान पर शाम को पांच बजे पांच मिनट के लिए ताली-ताली एवं घंटे-घड़ियाल बजाकर इस कठिन समय में भी कार्य कर रहे चिकित्साकर्मियों एवं अन्य के आभार ज्ञापन करेगी, किंतु इससे पहले ही विश्व प्रसिद्ध सरोवरनगरी नैनीताल के चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों ने देश भर के चिकित्सकों की ओर से नैनीताल ही नहीं देश भर के लोगों को अपने खास अंदाज में शुक्रिया कहा है। 
बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ फिजीशिन एवं चिकित्सालय के कोरोना के नोडल अधिकारी डा. महिमन सिंह दुग्ताल ने ऋतु, श्यामा, विवेक आदि चिकित्सा कर्मियों के साथ एक पोस्टर जारी किया। जिसमें लिखा था, ‘हम काम पर आपके लिए-आप घर पर हमारे लिये’। ये शब्द आभार ज्ञापन के बड़े शब्द हैं जो चिकित्सा कर्मियों को अपने कार्य पर सजग रहने की तो बड़ी प्रेरणा देते ही हैं, देश के आम जन को भी अहसास कराते हैं कि उन्होंने एक दिन अपने घर पर रहकर देश की सेवा के लिए कितना बड़ा योगदान दिया है जिससे कोरोना की महामारी से लड़ने में बड़ी मदद मिल सकती है, और देशवासियों की सामूहिकता की यह पहल सफल रहती है तो दुनिया भर के लिए भी प्रेरणादायी भी हो सकती है। डा. दुग्ताल ने कहा जनता घर पर रहकर भी चिकित्साकर्मियों की तरह कोरोना का संक्रमण देश में रोकने में बड़ा योगदान दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर जनता 14 घंटें बाहर आवागमन नहीं करती है तो कोरोना का विषाणु स्वतः निष्क्रिय हो सकता है।

यह भी पढ़ें : दावा: अल्मोड़ा में बन रही दवा से कोरोना का इलाज संभव, मिला 35 लाख से अधिक का ऑर्डर

नवीन समाचार, रानीखेत, 8 मार्च 2020। भारत में भी कोरोनावायरस की दस्तक से मचे हड़कंप के बीच जहां जहां पूरा विश्व कोरोना वायरस से बचने का इलाज ढूंढ रहा है, वहीं उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के रामनगर से सटे अल्मोड़ा जिले के मोहान स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मा सिटी कल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी आईएमपीसीएल में कई वर्षों से बन रही तीन दवाओं से कोरोना वायरस का शुरुआत में ही उपचार किये जाने का दावा किया गया है। दावे के अनुसार आईएमपीसीएल में बनने वाली यूनानी दवा ‘त्रियाके नजला’, ‘शर्बते उन्नाब’ और ‘हब्बे बुखार’ के इस्तेमाल से कोरोनावायरस शुरुआती दौर में ही मर जाता है। मध्य प्रदेश सरकार ने आईएमपीसीएल कंपनी से इन दवाओं के लिए बकायदा 35.50 लाख रुपये से अधिक की राशि में तीनों दवाइयों की खेप मांगी है। मध्य प्रदेश सरकार के इस ऑर्डर को इन दवाओं से कोरोना वायरस का उपचार हो पाने की करिश्माई क्षमता से ही जोड़कर देखा जा रहा है।
आईएमपीसीएल के मुख्य प्रबंधक मनजीत सिन्हा ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार से उन्हें एक पत्र मिला है, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार ने उनसे यूनानी दवा ‘त्रियाके नजला’, ‘शर्बते उन्नाब’ और ‘हब्बे बुखार’ मांगी हैं। इन तीनों दवाइयों को आईएमपीसीएल वर्षों से बना रहा है। उनका दावा है कि यह तीनों दवाएं कोरोना वायरस की रोकथाम में बेहद कारगर साबित हो सकती है। मध्य प्रदेश के संचालनालय आयुष की सहायक संचालक डॉ. वंदना बोराना के पत्र के अनुसार इन दवाइयों की मध्य प्रदेश के 28 जिलों की सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों आदि में आपूर्ति की जाएगी तथा कारोना के संदिग्ध पीड़ित व्यक्तियों को यह दवा दी जाएगी। वहीं आईएमपीसीएल फैक्टरी के जनरल मैनेजर पनी राम आर्य ने बताया कि उनके यहां दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं यदि अन्य सरकारें भी उनसे इन दवाइयों की मांग करती हैं तो वह देने को तैयार हैं।

यह भी पढ़ें : बड़ी सफलता : उत्तराखंड में विकृत जननांग की सफल कॉस्मेटिक सर्जरी से युवती को दिलाया पूर्ण स्त्रीत्व, देश का पहला अनूठा मामला…

नवीन समाचार, ऋषिकेश, 18 फरवरी 2020। उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मंगलवार को हरिद्वार जनपद की निवासी एक 23 वर्षीया अविवाहित युवती के विकृत जननांग की नर्व स्पेयरिंग रिडक्शन क्लिटोरोप्लास्टी सर्जरी कर उसे पूर्ण स्त्रीत्व प्रदान किया गया। इसके साथ ही एक्स ऋषिकेश जननांग की विकृति का इलाज करने वाला उत्तर भारत का पहला संस्थान बन गया है। बताया गया है कि युवती को जननांग में जन्म से ही क्लिटोरल हाइपरट्रॉफी की शारीरिक विकृति थी। इसे एम्स ऋषिकेश के लिए मेडिकल साइंस के क्षेत्र में नई बुलंदी माना जा रहा है। इसके साथ ही यहां लाइफ ट्रांसफॉर्मिंग फीमेल कॉस्मेटिक जननांग सर्जरी की सुविधा शुरू हो गई है और एम्स ऋषिकेश देश का एकमात्र ऐसा चिकित्सा संस्थान बन गया है, जिसमें यह विशेष विभाग स्थापित किया गया है। उल्लेखनीय है कि एम्स ऋषिकेश पूरी दुनिया में पहला संस्थान है, जिसने रिकंस्ट्रक्टिव और कॉस्मेटिक-प्लास्टिक गायनोकोलॉजी विभाग की शुरुआत कर कॉस्मेटिक गायनोकोलॉजी में तीन साल का पोस्ट-डॉक्टोरल एमसीएच कोर्स शुरू किया है।

यह भी पढ़ें :क्लिटोरिस यानी भगांकुर : लड़कियों के ‘लव बटन’ से जुड़ी सारी महत्त्वपूर्ण जानकारी : भगांकुर (क्लिटोरिस) महिलाओं के शरीर में पाए जाने वाला एक ख़ास अंग है। क्लिटोरिस शब्द की उत्पत्ति एक ग्रीक शब्द से हुई है जिसका अर्थ चाभी (महिलाओं के यौन सुख के खजाने को खोलने की चाभी) इसका मुख्य काम महिलाओं को ऑर्गेज्म और यौन सुख देना है।

एम्स के निदेशक पद्मश्री प्रो. रविकांत ने मंगलवार को बताया कि युवती की परेशानी से उसका पूरा परिवार परेशान था। देश के सभी बड़े चिकित्सा संस्थानों ने जवाब दे दिया था। यहां विभिन्न जांचों के बाद उसे क्लिटोरोमेगॉली अर्थात क्लिरोटरल हाइपरट्रॉफी का पता चला। युवती की जांच पुनर्निर्माण और कॉस्मेटिक-प्लास्टिक स्त्री रोग विभाग के प्रमुख डॉ. नवनीत मैगन की देखरेख में की गई। यह दुर्लभ किस्म का मामला था। उन्होंने बताया कि संस्थान के चिकित्सक डा. नवनीत मैगन और उनकी टीम ने नर्व स्पेयरिंग रिडक्शन क्लिटोरोप्लास्टी तकनीक के माध्यम से युवती का सफल उपचार कर दिखाया। डॉ. नवनीत मैगन ने बताया है कि युवती का क्लिटोरिस पुरुष लिंग की तरह था।यह सर्जरी लगभग दो घंटे तक चली। चिकित्सीय टीम उसे एक सामान्य स्त्रैण रूप और अंजाम देने में सफल रही। यह पूरी तरह से उसके जीवन को बदलने वाली सर्जरी है। अब वह एक सामान्य यौन जीवन जी सकती है। अब वह दाम्पत्य जीवन के लिए भी पूरी तरह फिट है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में पढ़े-उत्तराखंड के बेटे, डीयू के प्रोफेसर ने खोज निकाली पूर्व पीएम बाजपेयी व रोनाल्ड रीगन को रहे लाइलाज पार्किंसन रोग की दवाई

-अमेरिका की कंपनी से वाणिज्यिक उपयोग के लिए हुआ करार
-पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और अमेरिका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन भी लाइलाज बीमारी पार्किंसन से रहे थे पीड़ित

डा. डीएस रावत।

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जनवरी 2020। नैनीताल में पढ़े व उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के मूल निवासी दिल्ली यूनिवर्सिटी के ‘सबसे युवा प्रोफेसर’ डा. दीवान सिंह रावत ने अब तक लाइलाज पार्किंसन बीमारी की औषधि खोज निकाली है। उनकी अमेरिकन पेटेंट प्राप्त औषधि को अमेरिका की एक कंपनी बाजार में निकालेगी, इस हेतु डा. रावत का अमेरिकी कंपनी से करार हो गया है। औषधि विज्ञान के लिए यह बहुत बड़ी खोज बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि देश के पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और अमेरिका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन भी अपने अंतिम समय में, बर्षों तक इसी लाइलाज बीमारी पार्किंसन से पीड़ित रहे थे। उम्मीद की जा रही है कि अब जल्द ही दुनिया में लाइलाज पार्किंसन की डा. रावत की खोजी हुई औषधि बाजार में आ जाएगी, और भविष्य में बाजपेयी और रीगन सरीखे सभी खास व आम लोगों सहित पूरी मानव सभ्यता को इस जानलेवा व कष्टप्रद बीमारी से मुक्ति मिल पाएगी।
डा. रावत ने ‘राष्ट्रीय सहारा’ को बताया कि 1987 में विश्व के सुप्रसिद्ध शोध जर्नल नेचर में एक शोध आलेख प्रकाशित हुआ था, जिसमें मलेरिया की दवाई क्लोरोक्वीन से पार्किंसन का उपचार संभव होने की बात कही गई थी, लेकिन क्योंकि यह बेहद कठिन कार्य था, इसिलए तब से किसी ने भी इस पर आगे कार्य नहीं किया। इधर डा. रावत को वर्ष 2012 में एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला था, जिसके तहत उन्होंने मलेरिया के उपचार में प्रयुक्त ‘सिंथेटिक मॉलीक्यूल्स’ पर कार्य करना प्रारंभ किया। इस बीच उनका संपर्क अमेरिका के बोस्टन स्थित मैक्लीन हॉस्पिटल के प्रो. किम से संपर्क हुआ, जिनके साथ मिलकर उन्होंने अपने नये खोजे गए सिंथेटिक मॉलीक्यूल्स का प्रो. किम की मदद से जानवरों पर परीक्षण प्रारंभ किया। इस दिशा में सफलता मिलने पर वर्ष 2014 में उन्हें पार्किंसन के उपचार के लिए धनराशि देने वाली अमेरिका की एमजी फॉक्स फाउंडेशन से दो वर्ष के लिए प्रोजेक्ट मिला। इस पर 2014 में ही उन्होंने अपने खोजे सिंथेटिक मॉलीक्यूल्स के लिए प्रो. किम के साथ अमेरिकी पेटेंट हासिल कर लिया। इसके बाद इन सिंथेटिक मॉलीक्यूल्स के पशुओं पर क्लीनिकल परीक्षण प्रारंभ हुए और आखिर पिछले वर्ष यानी 2019 में क्लीनिकल परीक्षण सफल घोषित हुए। इसके बाद इधर एक अमेरिकी कंपनी ने डा. रावत के खोजे सिंथेटिक मॉलीक्यूल्स के दवा बनाने के अधिकार डा. रावत से खरीद लिए हैं, इसके बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दुनिया में लाइलाज पार्किंसन की डा. रावत की खोजी हुई औषधि बाजार में आ जाएगी।

इस लिए भी महत्वपूर्ण है डा. रावत की खोज

नैनीताल। डा. रावत ने बताया कि वैज्ञानिक कंपाउंड बनाते रहते हैं, किंतु करीब 10 हजार कंपाउंड बनाने पर एक कंपाउंड ही बाजार में आ पाता है और इस प्रक्रिया में 16 से 18 वर्ष लग जाते हैं, तथा एक दवा बनाने में करीब 450 मिलियन डॉलर का खर्च आता है। ऐसे में अनेकों वैज्ञानिक अपने पूरे सेवा काल में अपनी खोजी दवाओं को बाजार में लाने से पहले ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। लेकिन डा. रावत की खोज करीब सात वर्ष में और काफी कम खर्च में ही बाजार में आने जा रही है।

गांव में हल जोतने से लेकर गोबर तक डाला और आज इस मुकाम पर

नैनीताल। पहाड़ की कठिन परिस्थितियां व्यक्ति को इतना मजबूत कर देती हैं कि यहंा के लोग कुछ भी ठान लें तो उसे पूरा करके ही मानते हैं। डा. रावत उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के ताकुला से आगे कठपुड़ियाछीना के पास दुर्गम गांव रैखोली के निवासी हैं। किसी भी आम पहाड़ी की तरह उन्होंने गांव में खेतों में हल जोतने से लेकर गोबर डालने तक हर कष्ट झेला है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव में ही हुई। नौवीं कक्षा के बाद डा. रावत नैनीताल आ गए और यहां भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय से 10वीं व 12वीं तथा आगे यहीं डीएसबी परिसर से 1993 में टॉप करते हुए एमएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने लखनऊ से प्रो. डीएस भाकुनी के निर्देशन में पीएचडी की डिग्री हासिल की। इसके बावजूद उन्हें दो वर्ष उद्योगों में प्राइवेट नौकरी भी करनी पड़ी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 1999 में अमेरिका चले गए और तीन वर्ष वहां रहकर अध्ययन आगे बढ़ाया। वापस लौटकर 2002 में मोहाली और फिर 2003 में अपनी प्रतिभा से सीधे प्रवेश कर दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाने लगे। 2010 में वे दिल्ली यूनिवर्सिटी के ‘सबसे युवा प्रोफेसर’ के रूप में भी प्रतिष्ठित हुए।

यह भी पढ़ें : वृद्धों के लिए घर जैसा हुआ जिला चिकित्सालय, नये पीएमएस के साथ मिलेंगी ये खास सुविधाएं

-चिकित्सालय में वृद्धजनों के लिए अलग से 7 बेड के जिरियाट्रिक वार्ड में हीटर-ब्लोवर तथा ईसीजी व कार्डियक मॉनीटर लगे

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 जनवरी 2020। मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला पुरुष चिकित्सालय में अब बुजुर्ग रोगियों की बेहतर देख रेख हो सकेगी। अस्पताल प्रशासन ने जनपद के डीएम के निर्देशों पर चिकित्सालय में वृद्धजनों के लिए अलग से 7 बेड के कक्ष को जिरियाट्रिक वार्ड के रूप में बनाकर वहां हीटर व ब्लोवर लगा दिये हैं। साथ ही वार्ड में मरीजों के रक्तचाप एवं हृदय गति पर लगातार नजर रखने के लिए आईसीयू की तरह ईसीजी व कार्डियक मॉनीटर लगा दिए हैं। इसके अलावा वार्ड में मरीजों के पास घंटी भी लगाई गई है, जिससे मरीज अस्पताल के कर्मियों को जरूरत पड़ने पर तत्काल बुला सकते हैं। साथ ही वार्ड में अच्छे पर्दे भी लगाए गए हैं और आगे वार्ड में मरीजों के मनोरंजन के लिए एक एलसीडी भी लगाने की योजना है, वृद्ध मरीजों को एकाकीपन महसूस न हो। उल्लेखनीय है कि इस बारे में 19 दिसंबर 2019 को डीएम सविन बंसल ने चिकित्सालय का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिये थे।

जिला चिकित्सालय के नये प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने बताया कि जिरियाट्रिक वार्ड के साथ ही पूरे चिकित्सालय में यथासंभव वे सभी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है, जो एक अच्छे चिकित्सालय में उपलब्ध होती हैं। चिकित्सालय में बाहर इमरजेंसी के पास के अंदर वार्ड एवं पैथोलॉजी लैब व अन्य स्थानों पर भी जहां खुला क्षेत्र है वहां छत लगाने की योजना है, जिससे रोगी व तीमारदार तथा चिकित्सक बरसात के दौरान भी चिकित्सालय में एक जगह से दूसरी जगह जा पाएंगे। इसी कड़ी में चिकित्सालय के शौचालय में इंग्लिश शीट व बाथरूम में गीजर भी लगाएं जा रहे हैं, इनकी छत भी दुरुस्त की जा रही है।

डा. धामी ने पीएमएस का कार्यभार ग्रहण कर लिया
नैनीताल। गत दिनों स्थानांतरण होने के बाद बीडी पांडे जिला पुरुष चिकित्सालय की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक-संयुक्त निदेशक स्तर डा. तारा आर्या बिना कार्यभार हस्तांतरित किये अवकाश पर चली गई थीं। इसके बाद चिकित्सालय में इस पद का कार्यभार संभाल रहे वरिष्ठ चिकित्सक डा. केएस धामी ने बुधवार को औपचारिक तौर पर इस पद का कार्यभार संभाल लिया है। बताया कि निदेशालय स्तर से अलग से आए आदेशों के बाद कार्यभार संभाल लिया गया है।

यह भी पढ़ें : अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत, अस्पताल सील, डॉक्टर हिरासत में

नवीन समाचार, लक्सर (हरिद्वार), 27 दिसंबर 2019। हरिद्वार में प्रसव के कुछ ही देर बाद नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजन नवजात का अंतिम संस्कार कर अस्पताल लौटे ही थे कि प्रसूता की भी हालत बिगड़ने लगी। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने देर रात उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा, लेकिन हरिद्वार स्थित दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ देर बाद प्रसूता ने भी दम तोड़ दिया। इस पर घटना से नाराज महिला के परिजनों ने शव को अस्पताल में रखकर अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया। वहीं, एसडीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया है, वहीं पुलिस ने चिकित्सक को हिरासत में ले लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्सर कोतवाली क्षेत्र के दाबकी कलां निवासी मुकेश पत्नी जसवीर कश्यप को 25 दिसंबर को प्रसव पीड़ा होने पर एक निकटवर्ती निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार को मुकेश ने बेटे को जन्म दिया। लेकिन जन्म के कुछ देर बाद ही नवजात की तबीयत बिगड़ गई और उसके मुंह से खून आना शुरू हो गया। इस पर डॉक्टरों ने बच्चे को हरिद्वार किसी अस्पताल में दिखाने के लिए कहा। परिजन उसे लेकर हरिद्वार रवाना हुए, लेकिन नवजात ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद रात में वे अस्पताल में पहुंचे तो डॉक्टरों ने मुकेश की तबीयत ठीक बताई और उसे अस्पताल में भर्ती रखने की बात कही।
इधर शुक्रवार तड़के डॉक्टरों ने मुकेश देवी का ब्लॅड प्रेशर लगातार कम होने की बात कहकर किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए कहा। परिजन उन्हें लेकर हरिद्वार गए और एक अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां उपचार के दौरान मुकेश ने भी दम तोड़ दिया। जच्चा-बच्चा की मौत से गुस्साए परिजनों ने लक्सर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। सूचना पर एसडीएम पूरण सिंह राणा, सीओ अविनाश वर्मा, कोतवाल वीरेंद्र सिंह नेगी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और महिला के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसी बीच एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल सील करने के निर्देश दिए। साथ ही वहां भर्ती मरीजों को सीएचसी में शिफ्ट करवाया गया। उधर जच्चा बच्चा की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने डॉक्टर को उन्हें सौंपे जाने की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का गुस्सा देखते हुए पुलिस ने डॉक्टर को पुलिस कस्टडी में ले लिया। सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि डॉक्टर को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : स्वस्थ नवजात बच्चे की हुई मौत, परिजनों ने कहा-किसी और के साथ न हो ऐसा

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 दिसंबर 2019। नगर का एक परिवार आज दुःख के सागर में डूबा है। कारण घर का एक नवजात चिराग जन्म लेने के कुछ देर बाद ही डूब गया है। परिवार का कहना है जिला मुख्यालय के अस्पताल की व्यवस्थागत कमियों की वजह से उन्हें यह दिन देखना पड़ा है। वह इस मुद्दे को लेकर डीएम के पास भी जा रहे हैं। अलबत्ता, चिकित्सालय प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि बच्चा अस्पताल में पूर्णतया स्वस्थ था और अपनी मां का दूध भी पी रहा था। बच्चे को घर ले जाने के बाद कोई समस्या आई है।

नियमित रूप से नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड के समाचार अपने फोन पर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे टेलीग्राम ग्रुप में इस लिंक https://t.me/joinchat/NgtSoxbnPOLCH8bVufyiGQ से एवं ह्वाट्सएप ग्रुप से इस लिंक https://chat.whatsapp.com/ECouFBsgQEl5z5oH7FVYCO पर क्लिक करके जुड़ें।

नगर के निवासी राजा सागर ने बताया कि 20 दिसंबर की सुबह 11 बजे उनकी भाभी सीमा सागर (26) पत्नी शिव प्रसाद को बीडी पांडे जिला महिला चिकित्सालय में नॉर्मल डिलीवरी से पुत्र प्राप्त हुआ। तब के बाद 21 दिसंबर को बीडी पांडे जिला महिला चिकित्सालय के पुरुष चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ ने बच्चे की जीभ देखी और दूध पीने के बारे में जानकारी ली। 22 दिसंबर रविवार को दिन में 11-12 बच्चे अस्पताल से उन्हें घर भेजा गया। घर जाने पर बच्चे को सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई तो वे उसे वापस जिला पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी में दिखाने को लाये। यहां रविवार को बाल रोग विशेषज्ञ न होेन के बात बतायी गई। उन्हें बाहर यह भी बताया गया कि अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं है। इस पर वह बच्चे को दिखाने के लिए हल्द्वानी ले गए, जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मामले में अस्पताल प्रबंधन किसी भी स्तर पर कमी से इंकार कर रहा है। बताया जा रहा है कि जिला महिला अस्पताल में ही ऑक्सीजन होती है, पुरुष अस्पताल में नहीं। इसलिए संभवतया उन्हें ऑक्सीजन न होने की जानकारी दी गई हो। कुल मिलाकर किन्ही भी कारणों से एक नवजात की जान चली गई है।

यह भी पढ़ें : अधिकारी 100 मीटर भी पैदल न चलें, इसलिए यहां ‘विरासत’ से हो रही कांट-छांट !

-रैमजे अस्पताल के विरासत महत्व के बरसाती (रेन शेल्टर) को काटे जाने पर सीएम व डीएम से की गई है शिकायत
-चिकित्सकों के करीब 100 मीटर दूर स्थित आवासों के लिए बन रही है सड़क

रैमजे अस्पताल की काटी गई बरसाती।

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 दिसंबर 2019। सरोवरनगरी के अंग्रेजी दौर में रैमजे अस्पताल के नाम से प्रसिद्ध, 1892 में 18 एकड़ के विशाल क्षेत्रफल में बने विरासत महत्व के गोविंद बल्लभ पंत चिकित्सालय की बरसाती (रेन शेल्टर) यानी बारिश के दौरान सुरक्षित गुजरने के लिए अंग्रेजी दौर से बने छत युक्त मार्ग में काट-छांट की जा रही है। बताया गया है कि यहां करीब 100 मीटर दूर स्थित जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सकों के आवासों के लिए वाहनों का मार्ग बनाया जा रहा है। इस हेतु बरसाती का एक हिस्सा काटकर हटा दिया गया है। इस पर स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि विरासत महत्व के इस चिकित्सालय का स्वास्थ्य महकमा जनता को अपेक्षित लाभ तो नहीं दिला पा रहा है, किंतु अपने करीब 100 मीटर की पैदल दूरी पर स्थित आवासों तक वाहन पहुंचाने के लिए विरासत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस बाबत वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह ने जनपद की सीएमओ डा. भारतीय राणा एवं डीएम सविन बंसल से शिकायत की है। श्री साह का कहना है कि नगर के रैमजे अस्पताल के अलावा डीएसबी परिसर, शेरवुड कॉलेज आदि में अंग्रेजी दौर में बरसाती बनी हुई हैं। यह नगर के भवनों की एक अलग विशिष्टता है। इनके नीचे बरसात के दौरान भी मरीज व उनके तीमारदार बिना छाता के आराम से एक से दूसरे भवन में जा सकते हैं।
पूछे जाने पर सीएमओ डा. राणा ने बताया कि चिकित्सकों के आवासों के लिए लोनिवि के द्वारा सड़क मार्ग बनाने हेतु चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के आवासों के हिस्से को हटाया जा रहा है। इस हिस्से का उपयोग काफी समय से नहीं हो रहा था, तथा यह हिस्सा जीर्ण-शीर्ण भी था। आगे बरसाती को सड़क के बराबर चौड़ा किया जाएगा। वहीं विरासत महत्व की बरसाती को हटाये जाने की इजाजत के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने उम्मीद जताई कि कार्यदायी संस्था के द्वारा सड़क निर्माण की अनुमति के साथ इस पक्ष को भी देखा गया होगा। इस बारे में लोनिवि के अधिकारियों से बात नहीं हो पाई।

कुछ ही वर्ष पूर्व अस्पताल में हुए हैं 2.25 करोड़ रुपए के कार्य, अब जिला अस्पताल में मर्ज करने की तैयारी

रैमजे अस्पतालनैनीताल। रैमजे अस्पताल अंग्रेजी दौर से लेकर अभी एक दशक पूर्व तक रैमजे अस्पताल की मुख्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विशिष्ट पहचान थी। जब देश-प्रदेश में निजी अस्पताल नहीं होते थे, उस दौर में इस अस्पताल में लोग बीडी पांडे जिला चिकित्सालय (पूर्व नाम क्रॉस्थवेट अस्पताल) से कुछ अधिक शुल्क वाले इस अस्पताल में उपचार कराने के लिए पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश के विभिन्न नगरों से भी आते थे। कुछ ही वर्ष पूर्व लगभग सवा दो करोड़ रुपए से इस अस्पताल का विरासत महत्व को बरकरार रखते हुए यानी इसके स्वरूप को छेड़े बिना जीर्णोद्धार कार्य भी हुए हैं। बताया जाता है कि इस अस्पताल का निर्माण कुमाऊं के सर्वाधिक लोकप्रिय कमिश्नर रहे हेनरी रैमजे ने आम लोगों से चंदा एकत्र करके करवाया था। इसीलिए आजादी के बाद भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत के नाम हो जाने के बावजूद अब भी लोग इसे रैमजे अस्पताल के नाम से ही जानते व पुकारते हैं। 10-10 बेड के दो महिला एवं पुरुष जनरल वार्ड एवं तीन बेड के चार प्राइवेट वार्ड वाले इस अस्पताल में कुछ समय पूर्व ही हर रोज लगभग 50 ओपीडी और 8 से 10 ऑपरेशन होते थे।

Ramsey Hospital, Nainital

लेकिन इधर चिकित्सालय में चिकित्सकों व अन्य कर्मियों की कमी एवं चिकित्सालय के बड़े हिस्से में धीरे-धीरे जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कार्यालय स्थापित हो जाने के बाद यहां मरीजों की संख्या भी अत्यधिक घट गर्इ्र है। इधर 15 नवंबर 2019 को इस चिकित्सालय के भविष्य पर चल रही नगर के संतोष तिवारी की जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय में जवाब दे चुकी है कि यहां रोगियों की कम संख्या को देखते हुए इसे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में मर्ज किया जा रहा है। और इसके स्थान पर यहां सीएमओ कार्यालय एवं एक डिस्पेंसरी ही कार्य करेगी। उल्लेखनीय है कि याचिका के अनुसार रैमजे अस्पताल में सर्जन, महिला चिकित्सक, एक्स-रे मशीन टेक्नीशियन के पद दो साल से रिक्त पड़े हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद के चिकित्सालयों में 62 पदों पर नियुक्ति की स्वीकृति..

-आउटसोर्स के माध्यम से भरे जाएंगे पद, जिला व बेस अस्पताल में एक सितंबर से 24 घंटे लैब चलाने के लिए लैब तकनीशियन भी होंगे नियुक्त
-हल्द्वानी के महिला अस्पताल में संकटपूर्ण गर्भवती महिलाओ के उपचार के लिए होगा उच्च निर्भरता इकाई का निर्माण

डीएम सविन बंसल

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अगस्त 2019। डीएम सविन बंसल की अध्यक्षता वाली जिला स्वास्थ्य समिति ने चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जनपद के चिकित्सालयों में रिक्त 62 पदों मे आउटसोर्स से नियुक्ति करने की स्वीकृति दे दी है। बुधवार को टीआएच सूखाताल में आयोजित बैठक मंे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जैम पोर्टल के माध्यम से चिकित्सा उपकरण खरीदने की भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत हल्द्वानी के महिला बेस अस्पताल में संकटपूर्ण गर्भवती महिलाओ को उचित चिकित्सकीय उपचार के लिए हाई डेफियंेसी यूनिट यानी उच्च निर्भरता इकाई के निर्माण को भी स्वीकृति मिल गई। यह कार्य दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं। वहीं मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय तथा बेस चिकित्सालय हल्द्वानी में अतिरिक्त पैथोलोजी लैब तकनीशियन की स्वीकृति भी दी गई ताकि आगामी 1 सितंबर से दोनों चिकित्सालयों मे 12 घंटे लैब में जाचें की जा सकें।
इसके अतिरिक्त जनपद मे चिकित्सा उप केंद्रों को ओर सुद्ढ करने के लिए एक स्टाफ नर्स की तैनाती कर उन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों से जोड़ने को भी स्वीकृति दे दी गयी। डीएम बंसल ने 108 वाहनों की वाहन व फोन नंबरों की सूची चिकित्सालयों व थानों तथा सार्वजनिक स्थानों पर लगाने तथा जनपद के दूरस्थ सड़क मार्गों पर 108 वाहन तैनात करने के भी निर्देश दिये ताकि वे निर्धारित समय 20 मिनट के भीतर घटना या जरूरत स्थान पर पहुच सकें। इसके अलावा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुये डीएम श्री बंसल ने कार्यक्रम के सभी 15 चिकित्सा दलों को सभी विद्यालयों मे जाकर बच्चों का स्वास्थ परीक्षण करने के निर्देश दिये। बैठक मे सीएमओ डा. भारती राणा, डिप्टी सीएमओ डा. रश्मि पंत, डा.टीके टम्टा, मुख्य कोषाधिकारी अनिता आर्या,सीएमएस डा. वीके पुनेरा, डा. भागीरथी जोशी, डा. एलएस मेहता, डा. अजय शर्मा, डा. पंचपाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी एचएल गौतम, गोपाल स्वरूप, संतोष कुमार उपाध्याय के साथ ही एनएचएम के कर्मचारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिवः डीएम की औचक छापेमारी में अपने ‘मंदिरों’ से गायब मिले 80 फीसद ‘धरती के भगवान’…

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अगस्त 2019। नैनीताल जनपद के डीएम सविन बंसल ने जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के प्रयास के तहत शुक्रवार को जनपद भर में प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सुबह आठ से साढ़े आठ बजे के दौरान औचक छापेमारी करवाई। इस दौरान जिले के अस्पतालों में भगवान कहे जाने वाले 80 फीसद तक चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी रोगियों को भगवान भरोसे छोड़ कार्य से नदारद मिले हैं। इस पर डीएम ने जिले की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भारती राणा से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है, वहीं बिना छुट्टी स्वीकृत कराये कार्य से अनुपस्थित रहे कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं।
सबसे पहले पदमपुरी की बात करें तो सीएचसी में एसडीएम विजयनाथ शुक्ल द्वारा की गयी छापेमारी में एमओआईसी सहित 14 में से 11 एवं 15 स्थाई कर्मियों में से 11 अनुपस्थित पाये गये। एमओआईसी सीएमओ की बैठक में गये बताये गए। वहीं एसडीएम कालाढुंगी व बीडीओ कोटाबाग द्वारा पीएचसी बेलपड़ाव में की गयी छापेमारी में 27 में से 22 यानी करीब 81 फीसद कर्मी अनुपस्थित पाये गये। इसी तरह रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में एसडीएम रामनगर द्वारा की गयी छापेमारी में 14 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले। यहां सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली और चिकित्सक बाहरी कंपनियों की दवाइयां लिखते मिले। दवाइयों का चार्ट भी ठीक नहीं मिला। यहां तक कि मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में एडीएम द्वारा की गयी छापेमारी में 2 संविदा चिकित्सक अनुपस्थित मिले। वहीं एसडीएम कोश्यां कुटौली द्वारा सीएचची खैरना में की गयी छापेमारी यहां 8 बजे केवल एक स्वच्छकार उपस्थित मिले। आठ बजकर चार मिनट पर पहला कर्मचारी आया, और बाद में फोन करके बुलाने के बावजूद 9 बजे तक भी 3 कर्मचारी नहीं पहुंचे। चिकित्सक भी प्रार्थना पत्र देकर, किंतु बिना छुट्टी स्वीकृत कराये अनुपस्थित मिले।

यह भी पढ़ें : सरकारी फीस पर एमबीबीएस कर पहाड़ चढ़ने से इंकार करने वाले डॉक्टरों को हाईकोर्ट से ‘हाई’ झटका…

नवीन समाचार, नैनीताल, 31 जुलाई 2019। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे उत्तराखंड के लिए एक राहत भरा आदेश पारित किया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ ने सरकार की ओर से दायर विशेष अपील को स्वीकारते हुए सरकार को निर्देश दिए है कि पूर्व में बांड कर राज्य के मेडिकल कॉलेजों से सरकारी कोटे से कम फीस पर एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को छः सप्ताह में नियुक्ति पत्र जारी करें। अगर वे नियुक्ति नही स्वीकारते हैं तो उनसे पूरी फीस 18 प्रतिशत ब्याज के साथ वसूल करें।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में एकलपीठ ने डॉक्टरों द्वारा एमबीबीएस करने के दौरान भरे गये बांड को निरस्त कर दिया था। सरकार ने एकलपीठ के इस आदेश को चुनौती देकर कहा था कि प्रशिक्षित चिकित्सकों ने बांड भरकर सरकारी योजना का फायदा तो लिया, लेकिन उत्तराखण्ड के दुर्गम क्षेत्रों में सेवा नही दे रहे है। इधर सुनवाई के दौरान सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने अदालत को बताया कि सरकार ने एमबीबीएस में प्रवेश के समय प्रोस्पेक्टस में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया था कि जो छात्र सरकारी कोटे से दाखिला ले रहे है उनको उत्तराखंड में सेवा करने के लिए पांच साल का बांड भरना होगा और उनको फीस में छूट दी जायेगी, और जो बांड नही भरना चाहते हैं वे पूरी फीस वहन करेंगे। इस पर जिन्होंने ने स्वेच्छा से तब बांड भरा गया, अब वे न तो सेवा दे रहे है न ही पूरी फीस जमा कर रहे हैं। इसके साथ ही खंडपीठ ने एकलपीठ में आदेश को निरस्त कर सरकार की विशेष अपील को निस्तारित कर दिया है।

यह भी पढ़ें : राज्य के मेडिकल कॉलेजों में फीस वृद्धि व बॉन्ड व्यवस्था समाप्त करने के शासनादेश को हाईकोर्ट में मिली चुनौती

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जुलाई 2019। राज्य सरकार के दून मेडिकल कालेज व सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज में फीस व बॉन्ड व्यवस्था को समाप्त करने से सम्बंधित 21 जून 2019 के शासनादेश ,को उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चुनौती मिल गयी है। याचिका पर उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति शुधांशु धुलिया की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए सरकार से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।
मामले के अनुसार देहरादून निवासी प्राची भट्ट व अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि सरकार ने 21 जून 2019 को शासनादेश जारी कर दून मेडीकल कालेज व सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज में साढ़े चार लाख फीस निर्धारित की है और और बॉन्ड की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। जबकि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कालेज में ऐच्छिक बॉन्ड के साथ 50 हजार रुपए फीस निर्धारित है। याचिकाकर्ताओ का कहना है कि सरकार की यह नीति उत्तराखंड के मूल निवासियो के विरुद्ध है। जबकि अन्य राज्यो के मेडिकल कालेजों में फीस बहुत कम है। सरकार ने सरकारी मेडिकल कालेजो को अपना आय का साधन मान लिया है। उनका कहना है कि फीस निर्धारण व बॉण्ड के लिए उचित नियम बनाए जाने चाहिए। मामले को सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

यह भी पढ़ें : तीन वर्षों से लटकी फार्मेसिस्ट के 600 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पर हाई कोर्ट ने सरकार से किया जवाब तलब

नवीन समाचार, नैनीताल 20 मार्च 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने प्रदेश में संविदा पर करीब 600 फार्मेसिस्टों की नियुक्ति में लेटलतीफी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार से 27 मार्च तक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि पौड़ी गढ़वाल निवासी मनोज त्रिपाठी ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार ने वर्ष 2016 में संविदा पर फार्मेसिस्ट के 600 पद भरने की विज्ञप्ति जारी की थी। लेकिन तब से चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, और इधर विज्ञप्ति निरस्त करने की बात कही जा रही है।

यह भी पढ़ें : महिला दिवस पर आशाओं, दाइयों व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बड़े तोहफे का एलान

नवीन समाचार, देहरादून, 8 मार्च 2019। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुक्रवार को आशा कार्यकत्रियों के वार्षिक पारिश्रमिक को पांच हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने दाई के मासिक पारिश्रमिक को भी 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन तथा वजन मशीन का वितरण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से स्मार्ट फोन दिये जा रहे हैं और उत्तराखण्ड उत्तर भारत का पहला राज्य है जहां सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति में नारी के प्रति जो सम्मान का भाव है, उसका अनुसरण आज पश्चिमी देश भी कर रहे हैं। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा देश है जिसे भारत माता के नाम से पुकारा जाता है।’’

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट के आदेश के बाद बड़े एक्शन में सरकार : सरकारी अस्पताल 24 घंटे खुलेंगे, प्राइवेट अस्पताल होंगे सील

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 फरवरी 2019। भारतीय चिकित्सा संघ यानी आईएमए के बैनर तले निजी चिकित्सालयों की हड़ताल के बाबत उत्तराखंड उच्च न्यायालय के बुधवार को आये आदेशों के बाद राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों व सहायक स्टाफ की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। साथ ही सभी सरकारी चिकित्सालयों को 24 घंटे खोलने और वहीं दूसरी ओर एक्ट में पंजीकृत होने के बावजूद तालाबंदी में शामिल और एक्ट में पंजीकरण न कराने वाले अस्पतालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. ताराचंद पंत ने बताया कि सभी अस्पतालों के अधिकारियों को मरीजों को आवश्यक उपचार व सुविधाएं उपलब्ध कराने और अपरिहार्य स्थिति से निपटने के लिए 108 एंबुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी के लिए विभाग के वरिष्ठ निदेशकों को गढ़वाल व कुमाऊं मंडल और देहरादून जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  उन्होंने बताया कि दून में अब तक दो अस्पतालों को सील किया जा चुका है, जबकि 66 पर नोटिस चस्पा किए गए हैं।

पूर्व समाचार : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने निजी अस्पतालों की हड़ताल पर सरकार को दिए निर्देश…

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 फरवरी 2019। निजी अस्पतालों के चिकित्सकों की पिछले छह दिनों से ‘क्लीनिक इस्टेब्लिशमेंट एक्ट’ के विरोध में चल रही हड़ताल के मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से सरकारी चिकित्सालयों में बढ़ी रोगियों की संख्या पर बाहर से अतिरिक्त चिकित्सक लाने व संविदा पर चिकित्सकों की तैनाती करने जैसे आवश्यक कदम उठाने को कहा है, तथा एक संबंध में इस संबंध में उठाये जा रहे कदमों पर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही राज्य के क्लिीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकृत चिकित्सालयों की सूची भी तलब की है। सरकार से यह भी पूछा है कि नियमानुसार निजी निजी चिकित्सक हड़ताल कर सकते हैं अथवा।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में हल्द्वानी निवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्डा की ओर से उच्च न्यायालय में मंगलवार को जनहित याचिका दायर की है, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई है। जनहित याचिका में कहा गया है कि गत शुक्रवार से निजी अस्पतालों के साथ ही प्राइवेट प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सक हड़ताल पर चल रहे हैं। इससे आम मरीजों को इलाज मिलने में दिक्कत आ रही है और सरकारी चिकित्सालयों पर अतिरिक्त दबाव आ गया है। याचिका में हड़ताल को लेकर सरकार को शीघ्र कदम उठाने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की गई है। साथ ही याचिका में हड़ताल को अवैध बताया गया है। अदालत ने इस पर सुनवाई के लिए बुधवार की तिथि तय कर दी है।

पूर्व समाचार : हल्द्वानी के निजी अस्पताल की अमानवीयता : इलाज में रुपये खर्च होने पर मरणासन्न को उपचार की जगह घर भेजा

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जनवरी 2019। दो दिन पूर्व मंगलवार की रात्रि नगर में मल्लीताल मुख्य डाकघर के पास 32 वर्षीय युवक रोहित तिवारी पुत्र कृष्णचन्द्र तिवारी निवासी चार्टन लॉज पर गोली मारकर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में निजी चिकित्सालयों की अमानवीयता की नयी कहानी सामने आई है। रोहित के परिजनों के अनुसार रोहित का हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। दो दिन में करीब दो लाख रुपये की जमापूंजी खर्च हो गयी, लेकिन रोहित की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और उसकी हालत नाजुक बनी रही। बावजूद अस्पताल प्रबंधन के द्वारा आखिर में संभवतया उनके सारे रुपये खर्च होते जान कर कह दिया गया कि बहुत रुपये खर्च होंगे, बेहतर है घर पर ही सेवा करें। ऐसे में परिजनों को अपने मरणासन्न पुत्र को घर वापस लाना पड़ा, इसके बाद पुनः उसे सुविधाएं न होने के बावजूद मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराना पड़ा है। कोतवाली पुलिस में भी अस्पतालों के ऐसे रवैये को लेकर कड़ी नाराजगी देखी गयी है।
उल्लेखनीय है कि रोहित स्मैक का जहर बेचने का काम करता था। इस कारण दो बार पुलिस की गिरफ्त में भी आ चुका था, और उस पर गोली भी इसी कारण चलाई गयी। उसे गोली मारने वाले युवकों के पक्ष में भी नगर में सोशल मीडिया में समर्थन दिख रहा है। लेकिन तस्वीर का दूसरा पक्ष यह भी है कि उसके पिता कृष्ण चंद्र तिवारी सब्जी की दुकान चलाते हैं, और परिवार की आय कुछ खास नहीं है। संभवतया इसी कारण वह अधिक रुपये कमाने के लिए नशे की जानलेवा दुनिया में भी गया हो। इधर बताया गया है कि मंगलवार मध्य रात्रि निजी अस्पताल पहुंचने से बृहस्पतिवार शाम तक यह परिवार अपनी पूरी जमा-पूंजी भी लुटा बैठा है और बावजूद नशे की काली दुनिया में गया बेटा मरणासन्न है।

पुलिस के हस्तक्षेप से जिला अस्पताल में किया गया भर्ती
नैनीताल। नगर कोतवाल बिपिन चंद्र पंत ने बताया कि परिजनों के रोहित को नाजुक स्थिति में ही घर ले आने पर वे रात्रि 10 बजे भी उसके घर गये। परिजनों को घर पर इंजेक्शन लगाने के लिए भी कोई नहीं मिल पा रहा था, और बकौल परिजन जिला चिकित्सालय प्रबंधन ने भी उपचार की सुविधाएं न होने का हवाला देकर उपचार करने से मना कर दिया था। इस पर पुलिस के हस्तक्षेप पर रोहित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एसएसपी की भूमिका की हो रही प्रशंसा
नैनीताल। सामान्यतया पुलिस पर आरोप लगते हैं कि वह मामलों को दर्ज करने से अधिक टालने की जुगत में रहते हैं। पिछले दिनों तो मामलों के खुलने के स्तर पर उन्हें दर्ज करने का पुलिस का एक नया तरीका भी नजर आया था ताकि अपराध होते कम-खुलते अधिक नजर आएं। किंतु इधर इस मामले में जहां कोतवाली पुलिस रोहित को गोली ही नहीं लगने की बात कह रही थी, जनपद के नवागत एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने स्वयं मौके पर जाकर खोखा बरामद करने एवं परिजनों से मिलकर उन्हें तहरीर देने के लिए प्रेरित किया और शीघ्र ही हमलावरों को भी गिरफ्तार कर लिया, इसकी प्रशंसा की जा रही है।

हमलावर युवक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे
नैनीताल। शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने रोहित पर 315 बोर के तमंचे से गोली मारने वाले आरोपित संदीप व अंकुर को ज्युडिशिल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिये। इस पर दोनों को नैनीताल जिला कारागार में दाखिल कर दिया गया।

यह भी पढ़ें : अस्पताल ने गर्भवती को भर्ती नहीं किया, बिना सहायता हुआ प्रसव, फिर भी भेजा हायर सेंटर

नवीन समाचार, रुड़की, 1 जनवरी 2018। नये वर्ष के पहले दिन से राज्य में महंगी हो रही स्वास्थ्य सुविधाओं, सरकारी अस्पतालों में पर्चियों की कीमत 21 से बढ़कर 23 रुपये होने व साथ ही स्वास्थ्य जांचें भी महंगी होने के साथ झकझोरने वाली खबर आई है। रुड़की के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रात के समय गर्भवती महिला को भर्ती कराने पहुंचे परिजनों को नर्स ने प्रसव कराने से इनकार कर दिया। तभी अचानक हुई प्रसव पीड़ा के चलते महिला से बिना चिकित्सकीय मदद के ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बावजूद स्टाफ ने महिला को भर्ती नहीं किया। रात में किसी निजी चिकित्सालय में भर्ती कराने के बाद अगले दिन परिजनों द्वारा हंगामा करने पर महिला को सामुदायिक केंद्र में भर्ती तो करा दिया, किंतु इसके बाद भी महिला की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार रात निजामपुर गांव निवासी गर्भवती अरुणा पत्नी सत्येंद्र को उसके परिजन क्षेत्र के आशा नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के लिए लाए। उस वक्त कोई स्टाफ नर्स ड्यूटी पर मौजूद नहीं थी। ऐसे में गर्भवती को बेड पर लेटाकर आशा स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रहने वाली नर्स को बुलाने चली गई। आरोप है कि नर्स ने ड्यूटी पर नहीं होने का तर्क देकर प्रसव कराने से इनकार कर दिया। इस बीच अचानक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो गई। और महिला ने बिना किसी चिकित्सकीय सहायता के एक बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद भी नर्स ने बच्चे का प्राथमिक उपचार करने से भी मना कर दिया। मजबूरन परिजन जच्चा-बच्चा को एक निजी चिकित्सालय में ले गए। जहां रात भर दोनों को रखा, और मंगलवार सुबह परिजन एक बार फिर महिला और बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंचे, और महिला को भर्ती करने पर हंगामा किया। इसके बाद उन्हें भर्ती कर लिया। बावजूद बाद में महिला का हीमोग्लोबिन स्तर 5 से नीचे बताकर उसे उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। प्रभारी चिकित्सक डा. पीके सिंह का कहना है कि महिला चिकित्सक के छुट्टी पर होने व नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण काफी समय से रात में प्रसव की सुविधा नहीं दी जा रही है। संबंधित आशा को इस संबंध में जानकारी थी। शायद इसलिये वह रात के समय गर्भवती को यहां ले कर आई।

यह भी पढ़ें : झकझोर देगी उत्तराखंड की व्यवस्थाओं की यह कहानी : झकझोर देगी उत्तराखंड की व्यवस्थाओं की यह कहानी : गर्भवती महिला, अस्पताल से आखिरी समय में रेफर, दूसरी सुबह बस से बड़े अस्पताल, रस्ते में उतारा और सड़क पर मृत बच्चे को जन्म

पीड़िता को बिना एम्बुलेंस के किया रेफर, बस ड्राइवर ने भी आधे रास्ते में छोड़ा, जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में चल रहा है महिला का इलाज
स्वास्य सेवा का बदसूरत चेहरा सामने आया, इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना से लोग हैरत में
नवीन समाचार, रुद्रप्रयाग, 4 दिसंबर 2018 । घाट ब्लॉक के घूनी गांव की एक गर्भवती महिला ने एंबुलेंस न मिलने के कारण सड़क पर ही मृत बच्चे को जन्म दे दिया। इस घटना से स्वास्य सेवाओं का बदसूरत चेहरा एक बार फिर सामने आया है।दरअसल घाट ब्लॉक के दूरस्थ घूनी गांव की नंदी देवी (32) गर्भवती थी। इसके चलते वह जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में प्रसव के लिए भर्ती थी। बताया जा रहा है कि गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड कराया गया। अल्ट्रासाउंड में रिपोर्ट में बच्चे की धड़कन तेज होने की बात सामने आई। इसके साथ ही डाक्टरों ने सर्जन न होने की बात कह कर प्रसव गोपेश्वर में ही करवाने से हाथ खड़े कर दिए।

महिला के पति मोहन सिंह ने बताया कि मंगलवार को शाम चार बजे उन्हें बताया गया कि प्रसव के लिए नंदा देवी को हायर सेंटर श्रीनगर बेस अस्पताल ले जाना होगा। इसके चलते उनकी पत्नी को श्रीनगर के लिए रेफर कर दिया। उनका कहना है कि गर्भवती महिला को हायर सेंटर रेफर तो कर दिया गया किंतु एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने एंबुलेंस उपलब्ध न होने की बात कह कर बहानेबाजी की। इसके चलते गर्भवती महिला को रात गोपेश्वर में ही रखा गया और बुधवार सुबह जीएमओयूलि की बस (यूके 15 टीए-0117) से पति पत्नी श्रीनगर बेस अस्पताल को रवाना हुए। इस बीच रुद्रप्रयाग के समीप तिलणी के निकट गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। मोहन सिंह का कहना है कि उन्होंने बस चालक से पत्नी को शौच आदि की बात कह कर बस रूकवाई। इतने भर में पत्नी को भारी दर्द होने लगा।उन्होंने इस तरह की स्थिति के चलते बस ड्राइवर से कुछ इंतजार करने की गुहार लगाई किंतु ड्राइवर ने उनकी एक न सुनी और बस को लेकर रुद्रप्रयाग की ओर तेजी से चल दिया। इसी बीच दर्द से क राहती महिला ने तिलणी में ही सड़क पर बच्चे को जन्म दे दिया, दुर्भाग्य से बच्चा मृत पैदा हुआ। हालांकि इससे पूर्व बस चालक से रुद्रप्रयाग से श्रीनगर तक के किराए को वापस करने की भी मांग की गई, लेकिन उसकी एक न सुनी गई।मोहन सिंह के अनुसार फिर 108 को रिंग किया गया। 108 सेवा भी करीब 2 किमी दूर डेढ़ घंटे विलंब से पहुंची। इस कारण प्रसूता सड़क पर ही तड़पती रही। जब एंबुलेंस पहुंची तो प्रसूता को लेकर जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग ले कर गई। प्रसूता को रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, वहां उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। इस तरह की घटना से उत्तराखंड में एक बार फिर लचर स्वास्य सेवा जानलेवा साबित हुई है। इंसानियत को शर्मशार करने वाली इस घटना से सभी लोग दंग हैं, वैसे भी जिला चिकित्सालय गोपेश्वर से गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर रेफर करने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई प्रसव कालीन महिलाओं को अंतिम समय में रेफर किया जाता रहा है। इस कारण प्रसवकालीन महिलाओं के लिए जिला चिकित्सालय की यह कार्रवाई जानलेवा साबित होती रही है। इससे स्वास्य सेवा का बदसूरत चेहरा भी उभर कर सामने आ गया है। 

महिला को डंडी के सहारे पहुंचाया अस्पताल

अगस्त्यमुनि के पौड़ीखाल न्याय पंचायत के बंगोली ग्राम पंचायत का पणधारा गांव की शाकुंवरी देवी (80) को सुबह दिल का दौरा पड़ा। परिजनों की सूचना पर ग्रामीणों ने महिला को डंडी के सहारे सड़क मार्ग तक लाए, जहां से उसे श्रीनगर बेस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां महिला का इलाज चल रहा है।जानकारी के अनुसार अगस्त्यमुनि के पौड़ीखाल न्याय पंचायत के बंगोली ग्राम पंचायत का पणधारा गांव सड़क से चार किमी दूर है। सुबह आठ बजे के करीब शाकुंवरी देवी को दिल का दौरा पड़ा। आनन-फानन में ग्रामीणों ने डंडी से उबड़-खाबड़ रास्ते से साढ़े तीन किमी पैदल चलते हुए महिला को फतेहपुर बैंड लाये, यहां से वाहन बुक कर उन्हें बेस अस्पताल श्रीनगर पहुंचाया गया। पीड़िता के पुत्र भरत सिंह रौथाण, ग्रामीण कृपाल सिंह रौथाण, पुष्कर सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि यातायात सुविधा के अभाव में ग्रामीण आज भी मीलों पैदल नापने को मजबूर हैं। दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग निर्माण की मांग तीन दशक से की जा रही है, लेकिन 5 किमी स्वीकृत मार्ग आज तक नहीं बन पाया है। सड़क के अभाव में बीमार व गर्भवती को दंडी से अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है।उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। इधर, लोक निर्माण विभाग के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग का 1.65 किमी निर्माण होना है, जो प्रगति पर है। शेष के लिए दोबारा वित्तीय स्वीकृति को प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

यह भी पढ़ें : गोरखपुर हादसा: सिर्फ राजनीति नहीं, कुछ करिये भी…

गोरखपुर में मासूमों की मौत अत्यंत पीड़ादायक है। खासकर ऑक्सीजन की कमी से एक भी मासूम बच्चे की मौत निर्मम हत्या से कम नहीं है। पीड़ित माता-पिता के दुःख को समझना भी आसान नहीं है। यह घटना हमारी स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही चिकित्सा विज्ञान की ‘औकात’ बताने के लिये भी पर्याप्त है, जहां हम वर्षों से हर वर्ष सैकड़ों मासूमों की मौत के लिये इन्सेफलाइटिस की जानलेवा महामारी से निपटने में कमोबेश पूरी तरह अक्षम साबित हुए है। इस दिशा में पूरी संजीदगी से सोचने, लोगों को इस बीमारी से रोकथाम के लिये साफ-सफाई व एहतियात बरतने व पहले पोंगा-पंथियों, झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाकर समय बरबाद करने की जगह आखिर में नहीं बल्कि पहले ही अच्छे चिकित्सा संस्थानों में जाने के लिये जागरूक करने जैसे कदम उठाने के साथ ही अस्पतालों में व्याप्त विभिन्न खरीदों के भ्रष्टाचार पर नकेल कसने, सरकार के स्तर पर कड़ी नजर रखने तथा सरकार के साथ ही न्यायालय के स्तर पर दोषियों को ‘नजीर’ पेश करने वाली सजा देने जैसे उपायों की जरूरत है। केवल राजनीति करने, दुःख जताने, कड़ी निंदा करने से काम चलने वाला नहीं है….।

यह है बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इन्सेफलाइटिस वार्ड की सच्चाई 

आरडी मेडिकल कॉलेज के इन्सेफलाइटिस वार्ड में लगातार हो रही मौतों को लेकर दावा किया जा रहा है कि कमीशन के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई रोकी गई थी। इस जानकारी के सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज की सच्चाई जानने के लिए कुछ डॉक्टर्स, नर्स और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के अफसरों से बात की। बातचीत में पता चला कि कई इक्विपमेंट्स (उपकरण) की मेड‍िकल कॉलेज में कमी है, जिसकी वजह से नाॅर्मल ऑपरेशन भी एक-आध महीने लेट होते हैं। जरूरी दवाओं की भी कमी है, जबकि रिपेयर करने के लिए रखी हुई मशीनें कमीशन के चक्कर में बन नहीं पा रही हैं।
हड्डी और सर्जरी विभाग का ऐसा है हाल…
– डिपार्टमेंट से जुड़े एक डॉक्टर ने बताया, ”यहां ड्रायर स्टरलाइजेशन मशीन की कमी है। ये मशीन ऑपरेशन थिएटर को विसंक्रमित कर देती है।”
– ”रूटीन ओटी में एक मशीन है, लेकिन वो भी खराब पड़ी है। इसी तरह सी आर्म्स मशीन होती हैं, जिससे ऑपरेशन थिएटर में उस समय इमेजेस वगैरह देखी जाती हैं।”
– ”डिपार्टमेंट में सी आर्म्स की तीन मशीनें हैं। एक नई है, जबकि 2 थोड़ी पुरानी है। उनको रिपेयर करना है, लेकिन रिपेयर करने वाले ने हाथ खड़े कर दिए हैं। उसका पैसा बकाया है।
 मरीजों से बोलना पड़ता है झूठ
– हड्डी और सर्जरी विभाग के डॉक्टर ने बताया, ”कमीशन की वजह से मशीनों को रिपेयर नहीं कराया जाता है। इस वजह से आम आदमी को परेशानी उठानी पड़ रही है।”
– ”रूटीन ओटी में एक सी आर्म्स मशीन होने की वजह से डेढ़ महीने तक ऑपरेशन लेट होते हैं। यही नहीं, हमें मरीजों को झूठ तक बोलना पड़ता है कि मशीन सही होने में समय लगेगा, जबकि एक हफ्ते में मरीज घर जा सकता है।
ऑपरेशन थिएटर में एसी और पंखे भी खराब
– डॉक्टर के मुताबिक, ”ऑपरेशन थिएटर में लगी मशीनों को सही रखने के लिए एसी की जरूरत होती है। कुछ ओटी में एसी भी खराब पड़ी है।”
– ”यहां तक कि वार्ड में लगे पंखे भी खराब हैं। जरूरी ड्रेस और थिएटर में चप्पल की जरूरत होती है, यहां वो भी नहीं है।”
निलंबित प्रिंसिपल की चलती है पैथालॉजी
– हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े एक अफसर ने बताया, ”पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा की निजी पैथालॉजी श्रीराम पैथालॉजी के नाम से चलती है।”
– ”शहर में 3 जगह पैथालॉजी हैं, जिसमें एक मेडिकल कॉलेज के सामने, गोलघर और बेतियाहाता में हैं। अगर जांच हो तो सब सामने आ जाएगा।”
छोटी-छोटी चीजों को बाहर नर्सिंग होम में भेज दिया जाता है…
– इन्सेफलाइटिस वार्ड में तैनात एक नर्स के मुताबिक, ”यहां जरूरी दवाओं की कमी है। कुछ दवाओं को छोड़कर सब बाहर से मंगाई जाती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रांडेड दवाओं पर कमीशन कम मिलता है।”
– ”छोटे-छोटे सामान जैसे इंट्राकैप वगैरह खरीदे तो मेडिकल कॉलेज जाते थे, लेकिन कुछ सामान बाहर भी बेच दिए जाते थे।”
वार्ड ब्वॉय-नर्सों के ट्रांसफर में लिया जाता था पैसा
– एक नर्स ने बताया, ”अगर हमारा एक डिपार्टमेंट से दूसरे डिपार्टमेंट में ट्रांसफर भी हुआ है तो पैसा देना पड़ता था।”
– ”यहां तक कि वार्ड ब्वॉय को भी इसी प्रॉसेस से गुजरना पड़ता था। वार्ड ब्वॉय और नर्स की भर्ती में काफी पैसा चलता था।”
डॉक्टर्स की है कमी
– एक डॉक्टर की मानें तो, ”एनेस्थीसिया के डॉक्टर्स की यहां कमी है। ये हाल तब है, जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज पर लखनऊ के केजीएमसी से ज्यादा मरीजों का दबाव रहता है।”
– ”एक वार्ड में 5 से 6 रेजिडेंट डॉक्टर हैं, जबकि होने 15 से 17 रेजिडेंट डॉक्टर्स चाहिए।”
ऐसा है इन्सेफलाइटिस वार्ड का हाल
– वार्ड से जुड़े एक डॉक्टर ने बताया, ”बच्चों की सिंकाई के काम आने वाले वार्मर की जरूरत है। कई बार लिखकर दिया जा चुका है, लेकिन कमीशन के लिए डील रुकी हुई है।”
– ”सीएम योगी ने खरीदने के आदेश भी दे दिए हैं, लेकिन अब तक कोई कारवाई नहीं हुई है। इन्सेफलाइटिस वार्ड में ऊपर 14 बेड हैं, जबकि जरूरत ज्यादा की है। सीएम ने अपने इंस्पेक्शन में पहले भी इसे बढ़ाने का आदेश दिया था, लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में चला गया।”
नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
https://navinsamachar.com

Leave a Reply