कर्नाटक में बहुमत परीक्षण में असफल होने के बाद भी बीजेपी ने अभी राज्य में अपनी सरकार बनाने के उम्मीद को नहीं छोड़ी है। बुधवार को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार बनने वाली है। एचडी कुमारस्वामी इस सरकार के मुखिया होंगे। इन तमाम घटनाक्रम के बावजूद बीजेपी विपक्षी खेमे के विधायकों में कम्युनिटी, लिंगायत और आदिवासी कार्ड खेल खेल रही है ताकि कांग्रेस-जेडीएस का खेल खराब किया जा सके। कांग्रेस और जेडीएस को भी इस बात का डर है और वे अपने विधायकों को समझाने में लगे हुए हैं। माना जा रहा है कि नई सरकार के गठन के बाद भी कर्नाटक का नाटक जारी रह सकता है। बीजेपी चीफ अमित शाह का भी मानना है कि बीजेपी कांग्रेस को झटका दे सकती है। शाह ने सोमवार को कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों को ‘नजरबंद’ करने पर तंज कसते हुए कहा था, ‘होटल रूम में बंद विधायकों को अगर अभी भी खुला छोड़ दिया जाए तो कांग्रेस-जेडीएस बहुमत का आंकड़ा नहीं जुटा पाएगी। कांग्रेस और जेडीएस के बीच अचानक बने इस गठबंधन से विधायकों में बेचैनी है। विधायकों को जीत का जश्न भी माने नहीं दिया जा रहा है।’ कहा जा रहा है कि कुमारस्वामी की सरकार में कर्नाटक कांग्रेस चीफ जी परमेश्वरा डेप्युटी सीएम बन सकते हैं। परमेश्वरा दलित हैं। पर बीजेपी राज्य में लिंगायत को डेप्युटी सीएम बनाने कि थिअरी पेश कर रही है। कांग्रेस में सबसे ज्यादा लिंगायत विधायक हैं। कांग्रेस के 16 विधायक लिंगायत समुदाय से हैं वहीं, वोक्कालिगा समुदाय से 11 विधायक हैं। कुमारस्वामी वोक्कालिगा हैं। इस तरह की भी खबरें हैं कि कैबिनेट में मुस्लिमों को भी बड़ा प्रतिनिधित्व मिल सकता है। कांग्रेस में 7 विधायक मुस्लिम हैं।
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफा के बाद भी बात पूरी तरह खत्म नहीं मानी जानी चाहिए। कर्नाटक में बाजी तो अभी शुरू हुई है। इस खेल से राष्ट्रीय राजनीति में बदलाव आएगा।’ बीजेपी चीफ शाह ने सोमवार को कहा था, ‘जनादेश कांग्रेस के खिलाफ था। बीजेपी को रोकने के लिए ये दल एक हो गए हैं और सरकार बना रहे हैं। लेकिन यह कोशिश बैकफायर करेगी क्योंकि उन्हें जनता का समर्थन नहीं है।’
कांग्रेस को भी डर है कि बीजेपी उसके सरकार गठन में खलल डाल सकती है और उसने डैमेज कंट्रोल की कोशिश भी शुरू कर दी है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद, डी के शिवकुमार और पूर्व सीएम सिद्धारमैया विधायकों को समझा रहे हैं कि वे बीजेपी की साजिश में नहीं फंसे। कांग्रेस हाईकमान का मानना है कि कर्नाटक ऐसी जगह है जहां शाह और उनकी चाणक्य पॉलिटिक्स को दक्षिण में झटका दिया जा सकता है।
कुमारस्वामी ने भी माना कि बीजेपी कुछ खेल कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘हां बीजेपी कुछ कर सकती है लेकिन मेरा मानना है कि हम बहुमत परीक्षण जीत लेंगे और सरकार बनाएंगे।’ हालांकि उन्होंने मंत्रिमंडल के गठन के बारे में कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। पर उन्होंने यह जरूर माना कि दो डेप्युटी सीएम को लेकर दबाव जरूर है।

आखिर कर्नाटक का ‘नाटक’ खत्म हो गया है। सुबह तक बहुमत के प्रति आश्वस्त नजर आ रहे बीएस येदुरप्पा ने सदन में बहुमत साबित करने से पहले ही इस्तीफा दे दिया है। वे तीसरी बार भी सीएम बनने के बावजूद कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए है। इससे कांग्रेस-जनता दल-एस में जबरदस्त हर्ष की लहर है। इसके साथ ही पूर्व पीएम देवेगौड़ा के पुत्र जनता दल – एस नेता कुमारस्वामी के कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनने की फिर से संभावनाएं बन गयी हैं।

इस दौरान सदन में अपने संबोधन में येदुरप्पा ने कहा कि फिर जनता के बीच जाएंगे व लोकसभा चुनाव में भाजपा को 28 में से पूरी 28 दिलाएंगे। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का उन्हें मुख्यमंत्री घोषित करने के लिये आभार भी जताया।

कर्नाटक में भाजपा की येदियुरप्पा सरकार ढाई दिन बाद गिर गई है। राज्य विधानसभा में बीजेपी के मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा का बहुमत परीक्षण होना था और इससे पहले एक बेहद भावुक भाषण के बाद येदियुरप्पा ने विधानसभा में अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि में बहुमत परीक्षण को आगे नहीं बढ़ाते हुए इस्तीफा देता हूं और राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा सौंप दूंगा। उनके इस्तीफे के बाद अब राज्य में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के रुझान व परिणामों को हम उपलब्ध करा रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त ‘पुष्ट’ जानकारी के अनुसार अभी तक के रुझान व परिणाम निम्नवत हैं :

भाजपा : 104

कांग्रेस : 78

जनता दल (एस) : 37

बसपा : 1

कर्नाटक प्रग्न्यावन्ता जनता पार्टी : 1

निर्दलीय : 1

कुल सीटें : 224 (222 पर चनाव हुआ), जीत के लिये जरूरी सीटें : 113 (फिलहाल 112)

पिछली बार (2014) की स्थिति : भाजपा : 40 कांग्रेस : 122 जनता दल (एस) : 40, सपा : 1, अन्य : 21

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की यह हार चुनाव प्रचार के दौरान स्वयं को ‘प्रधानमंत्री पद के लिये तैयार’ बताने वाले उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में लगातार यह तीसरी हार है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के सभी एग्जिट पोल्स का निचोड़ :

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में वोटिंग खत्म होने के बाद अब सारे एग्जिट पोल्ट के फाइनल रिजल्ट आ गए हैं। इन एग्जिट पोल्स का निचोड़ कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि ‘पोल ऑफ ऑल एग्जिट पोल्स’ के आंकड़ों की मानें तो बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी तथा पूर्व पीएम देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस किंगमेकर बन सकती है।

टाइम्स नाउ-चाणक्य एग्जिट पोल, BJP नंबर 1 : कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, बीजेपी और जेडीएस, तीनों ने ही अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी। चुनाव पूर्व हुए तमाम सर्वे में से अधिकतर ने कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा का अनुमान जताते हुए कहा था कि जेडीएस किंगमेकर बन सकती है। यह बात दूसरी है कि अपने चुनावी अभियान में कांग्रेस, बीजेपी के साथ-साथ जेडीएस ने भी इन सर्वे को खारिज करते हुए बहुमत पाने का दावा किया था। अब जबकि एग्जिट पोल्स के नतीजे सामने आ चुके हैं इसलिए यह कहा जा सकता है कि कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन सकती है।

टाइम्स नाउ-टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल में बीजेपी को 120 सीटें, कांग्रेस को 73, जेटीएस प्लस 26 और अन्य को 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। आपको बता दें कि कर्नाटक में 224 में से 222 सीटों के लिए वोटिंग संपन्न हो चुकी है। ऐसे में बची हुई 2 सीटों को अगर दरकिनार कर दें तो भी इस एग्जिट पोल के मुताबिक कर्नाटक में अगली सरकार बीजेपी की बन सकती है।
टाइम्स नाउ-टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी और कांग्रेस को सीटों के अनुमान में मार्जिन ऑफ एरर 11 सीटों का हो सकता है। वहीं जेडीएस के लिए मार्जिन ऑफ एरर 7 और अन्य के लिए 3 सीटों का हो सकता है। इस एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 39 फीसदी, कांग्रेस को 36 फीसदी, जेडीएस प्लस को 18 फीसदी और अन्य को 7 फीसदी वोट मिलने का अनुमान जताया गया है।
वोट शेयर में मार्जिन ऑफ एरर 3 फीसदी का रखा गया है। हालांकि अन्य दूसरे टॉप एग्जिट पोल्स की कहानी अलग है। इनमें किसी में कांग्रेस तो किसी में बीजेपी के सबसे बड़ी पार्टी बनने का अनुमान तो जताया गया है लेकिन बहुमत के आंकड़े से दोनों दूर बताई जा रहीं हैं। बाकी एग्जिट पोल्स के मुताबिक अगर अंतिम परिणाम रहे तो कर्नाटक में जेडीएस किंगमेकर बन सकती है।

यहां एक बार और स्पष्ट कर दें कि अभी एग्जिट पोल्स की बात हो रही है और अंतिम परिणाम इसके उलट भी हो सकते हैं। आपको बता दें कि 224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में 222 सीटों के लिए वोटिंग हुई है। अगर फुल बेंच की बात करें तो कर्नाटक में बहुमत का आंकड़ा 113 सीटों का है। आइए सबसे पहले तमाम बड़े एग्जिट पोल्स पर एक नजर डालते हैं ताकि आपके सामने पूरी तस्वीर साफ हो सके। सबसे पहले बात करते हैं टाइम्स नाउ और सहयोगियों के एग्जिट पोल्स की। चैनल टाइम्स नाउ ने दो एग्जिट पोल्स किए हैं। एक वीएमआर के साथ और दूसरा टुडेज चाणक्य के साथ। इन दोनों एग्जिट पोल्स के आंकड़ों में खासा फर्क है। टाइम्स नाउ-वीएमआर एग्जिट पोल में कांग्रेस को 97, बीजेपी को 94, जेडीएस को 28 और अन्य को 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। यानी यहां मामलू अंतर से कांग्रेस बीजेपी से आगे है। अगर अंतिम आंकड़े ऐसे ही रहे तो जेडीएस की मदद के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा। टाइम्स नाउ-टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल में बीजेपी को अकेले दम पर बहुमत का अनुमान जताया गया है। इसके मुताबिक बीजेपी को 120, कांग्रेस को 73, जेडीएस को 26 और अन्य को 3 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

वहीं, इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में कांग्रेस को बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। इस एग्जिट पोल में कांग्रेस को 106 से 118, बीजेपी को 79 से 82, जेडीएस को 22 से 30 और अन्य को 1 से 4 सीटों का अनुमान जताया गया है। न्यूज एक्स-सीएनएक्स के एग्जिट पोल में बीजेपी कांग्रेस पर बढ़त बनाती दिखाई दे रही है। हालांकि इस एग्जिट पोल में भी हंग असेंबली ही बनती दिख रही है। इसके मुताबिक कांग्रेस को 72 से 78, बीजेपी को 102 से 110, जेडीएस को 35 से 39 और अन्य को 3 से 5 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

एबीपी-सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है लेकिन बहुमत से दूर रहेगी। इसके मुताबिक कांग्रेस को 88, बीजेपी को 107, जेडीएस को 25 और अन्य को 4 सीटों का अनुमान जताया गया है। जन की बात एग्जिट बोल की बात करें तो यहां बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी और जेडीएस किंगमेकर बनती दिख रही है। इसके मुताबिक बीजेपी को 105, कांग्रेस को 78, जेडीएस को 37 व अन्य को 2 सीटें मिलने का अनुमान है। न्यूज नेशन के एग्जिट पोल में भी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन बहुमत से दूर दिख रही है।

न्यूज नेशन के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 107, कांग्रेस को 73, जेडीएस को 38 और अन्य को 4 सीटें मिलती दिख रहीं हैं। ऐसे में अगर हम पोल ऑफ ऑल एग्जिट पोल्स (सारे एग्जिट पोल्स का औसत) की बात करें तो बीजेपी के सबसे बड़ी पार्टी बनने के आसार नजर आ रहे हैं। पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक बीजेपी को 103, कांग्रेस को 86, जेडीएस को 31 और अन्य को 2 सीटें मिलने का अनुमान है। साफ है कि 15 मई को वोटों की गिनती के बाद अगर अंतिम आंकड़े भी कुछ ऐसे ही रहे तो जेडीएस के बिना किसी की सरकार नहीं बनेगी।

कर्नाटक में पोल ऑफ ऑल एग्जिट पोल्स में हंग असेंबली के आसार।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है।

यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।

मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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