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केएमवीएन कर्मचारी महासंघ ने किया निगम के जीएमवीएन से एकीकरण का विरोध

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2019। केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम के कर्मचारी महासंघ ने केएमवीएन के जीएमवीएन के साथ एकीकरण करने के निगम के निदेशक मंडल के निर्णय का पुरजोर विरोध करने का ऐलान किया है। महासंघ अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के जरिये कहा कि निगम प्रशासन ने कर्मचारी संगठनों को विश्वास में लिये बिना यह प्रस्ताव पारित किया है। बताया कि पूर्व में दो बार संगठन की पर्यटन सचिव से देहरादून में एकीकरण के संबंध में बैठक में महासंघ ने शासन को दोनों निगमों के एकीकरण का पुरजोर विरोध किया था, तथा कहा था कि सरकार की मंशा यदि सही है तो सरकार दोनों निगमों को उत्तराखंड पर्यटन परिषद में समायोजित करे। उन्होंने निगम प्रशासन व शासन से मांग की कि एकीकरण से पूर्व दोनों निगमों में कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमितीकरण एवं वेतन विसंगतियां दूर करे तथा कर्मचारियों के लंबित देयकों का भुगतान करे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही दोनों निगमों के कर्मचारी संगठनों की देहरादून में बैठक आहूत कर भावी रणनीति के तहत आंदोलन किया जाएगा। निगमों में किसी भी आवास गृह को निजी क्षेत्र में देने का भी पुरजोर विरोध किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को हुई केएमवीएन की निदेशक मंडल की बैठक में केएमवीएन के जीएमवीएन में एकीकरण के साथ ही कर्मचारियों के डीए को 9 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने, पर्यटक आवास गृहों में सुधार के लिए चम्पावत में लीसा फैक्ट्री की 162 नाली जमीन के एवज में ऋण लेने और काठगोदाम में बंद वायर फैक्ट्री की करीब 35 लाख रुपये की निष्प्रयोज्य सामग्री की नीलामी तथा लखनऊ के फ्लैट की बिक्री को भी मंजूरी दी गई है।

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केएमवीएन बोर्ड बैठक में एककीकरण के प्रस्ताव को दी मंजूरी  नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जून 2019। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने प्रदेश के दूसरे गढ़वाल मंडल विकास निगम के साथ एकीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। निगम के टीआरसी सूखाताल में मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। बैठक में निगम के कर्मचारियों के डीए में तीन प्रतिशत वृद्धि को भी मंजूर कर लिया गया। अब कर्मचारियों को 12 प्रतिशत डीए मिलेगा। निगम में एक हजार एक सौ से अधिक कर्मचारी हैं। इनमें 566 रेगुलर हैं। निगम के अध्यक्ष केदार दत्त जोशी अध्यक्षता में हुई बैठक में एकीकरण की कवायद पर चर्चा की गई। इसमें गढ़वाल व कुमाऊं मंडल विकास निगम को एक निगम के अधीन करने का प्रस्ताव है। बोर्ड ने सरकार के इस प्रस्ताव को दीर्घकालिक हित में उचित बताते हुए मंजूर कर लिया। कर्मचारियों के डीए को 9 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने को भी मंजूरी दी गई, जो जनवरी 2019 से देय होगा। इससे निगम पर करीब पांच लाख रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। पर्यटक आवास गृहों में सुधार के लिए तय किया गया कि चम्पावत में लीसा फैक्ट्री की 162 नाली जमीन के एवज में ऋण लेकर इनकी हालत सुधारी जाएगी। बैठक में निगम के काठगोदाम में बंद वायर फैक्ट्री की करीब 35 लाख रुपये की निष्प्रयोज्य सामग्री की नीलामी को भी मंजूरी और लखनऊ के फ्लैट की बिक्री को भी मंजूरी दी गई। बैठक का संचालन प्रबंध निदेशक रोहित मीणा ने किया। बैठक में निगम उपाध्यक्ष रेनू अधिकारी, सदस्य तारा दत्त पांडे कुंदन बिष्ट, जीएम अशोक जोशी, दया सागर,  वित्त अधिकारी दिनेश राणा, गैस प्रभारी आरएस बिष्ट आदि लोग मौजूद रहे। 

महासंघ की निगम मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन की धमकी

नैनीताल। कुमाऊं मंडल विकास निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश चंद्र गुरुरानी ने निगम प्रशासन से 30 जून तक कर्मचारियों की वरियता सूची व संविदा कर्मियों को नियमितीकरण सहमति के तहत कर्मचारियों के व्यक्तिगत प्रकरणों पर कार्रवाई करने की मांग की है। कहा कि पर्यटन कक्ष के कर्मचारियों को दो माह से बिना किसी वजह से वेतन नहीं दिया जा रहा है जो श्रम नियमावली का खुला उल्लंघन है। कहा कि यदि कर्मियों को जल्द वेतन नहीं दिया जाता है तो महासंघ जुलाई के पहले सप्ताह से निगम मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होगा। गुरुरानी ने कहा कि किसी भी कर्मचारी का उत्पीडन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि जल्द ही महासंघ की कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा।

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केएमवीएन के मुख्यालय पहुंचने पर निगम की उपाध्यक्ष रेनू अधिकारी का पुष्पगुच्छ से स्वागत करते निगम के जीएम अशोक जोशी व अन्य।

नवीन समाचार, नैनीताल, 31 मई 2019। लोक सभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले ही केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम की उपाध्यक्ष पद पर नामित हल्द्वानी की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रेनू अधिकारी एवं निदेशक पद पर नामित भाजपा ने नगर मंडल महामंत्री कुंदन बिष्ट ने शुक्रवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर श्रीमती अधिकारी ने कहा कि निगम की स्थितियों को सुधारने के लिए निगम के कर्मचारियों को साथ लेकर और सबके अनुभवों का लाभ लेकर कार्य करेंगी। खासकर कर्मचारियों की सरकार के स्तर पर लंबित समस्याओं का समाधान करने के लिए पुल के रूप में कार्य करेंगी। निगम में उनका फोकस पर्यटन के क्षेत्र पर रहेगा। इसके लिए सभी पर्यटक आवास गृहों का स्वयं जाकर निरीक्षण कर बेहतरी के उपाय तलाशेंगी। केएमवीएन एवं जीएमवीएन के एकीकरण पर ‘नवीन समाचार’ द्वारा पूछे गये प्रश्न पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की जो भी मंशा होगी, उसी अनुरूप कार्य किया जाएगा।
इससे पूर्व निगम मुख्यालय पहुंचने पर टीआरएच सूखाताल में निगम के जीएम अशोक जोशी तथा विधायक संजीव आर्य एवं निगम के कर्मचारी नेताओं ने श्रीमती अधिकारी एवं कुंदन बिष्ट का पुष्पगुच्छ भेेंटकर स्वागत किया। जीएम अशोक जोशी ने खुलासा किया कि केएमवीएन का वार्षिक टर्नओवर 320 करोड़ रुपये का है, किंतु बीते वर्ष में निगम ने केवल 15 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त किया है। विधायक आर्य ने उम्मीद जताई कि रेनू के हल्द्वानी नगर पालिका अध्यक्ष पद के कार्यभार का अनुभव निगम को लाभ दिलाएगा। मंचासीन भाजयुमो जिलाध्यक्ष नितिन कार्की ने पर्यटन के क्षेत्र में स्वरोजगार करने के इच्छुक युवाओं को विभिन्न लाइसेंस लेने के लिए निगम के अंतर्गत ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ स्थापित किये जाने का विचार दिया। संचालन नगर अध्यक्ष मनोज जोशी ने किया। इस मौके पर रेनू अधिकारी के पति महेंद्र अधिकारी, गोपाल रावत, मोहित रौतेला, मोहित साह, अशोक तिवाड़ी, विमल चौधरी, दीपक जोशी एवं कांग्रेस पार्टी के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन साह सहित अन्य भाजपा नेता एवं निगम के कर्मचारी मौजूद रहे।

नैनीताल के डीएम को मिला केएमवीएन के एमडी का अतिरिक्त प्रभार

नैनीताल। केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा के 15 दिन की लंबी छुट्टी पर जाने के कारण शासन ने नैनीताल के डीएम विनोद कुमार सुमन को केएमवीएन के एमडी के पद का अतिरिक्त कार्यभार सोंप दिया है। बताया गया है कि श्री मीणा की आईएएस पत्नी का लंबे समय से स्वास्थ्य काफी दिनों से चिंताजनक बना हुआ है। निगम के जीएम अशोक जोशी ने इसकी पुष्टि की है।

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-सुरेंद्र सिंह जीना के सवाल के जवाब में पर्यटन मंत्री ने कहा

नवीन समाचार, देहरादून, 13 फ़रवरी 2019। दुनियाभर में होटल व्यवसाय फायदे के चलते निरंतर विकास कर रहा है, लेकिन उत्तराखंड की हालत बहुत पतली है। खासकर सरकारी गेस्ट हाउस तो सरकार के लिए एक तरह से बोझ बन गये हैं। कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह पिछले छह साल से लगातार घाटे में चल रहे हैं। हालांकि गढ़वाल में यह स्थिति सुधरी है और अब गेस्ट हाउस कमाने लगे हैं। विधानसभा में सुरेन्द्र सिंह जीना के सवाल के लिखित जवाब में पर्यटन मंत्री ने कहा कि कुमाऊं मंडल के पर्यटन आवास गृहों का रिकार्ड बहुत ही खराब है। 2013-14 के बाद आय व्यय का ब्योरा बता रहा है कि केएमवीएन के आवास गृह अब तक सरकार को करोड़ों का चूना लगा चुके हैं। 2013-14 में यहां 2.50 करोड़ का नुकसान हुआ, जबकि इसके अगले वर्षो में क्रमश: 45 लाख, 2.98 करोड़, 2.24 करोड़, 1.80 करोड़ और चालू वित्त वर्ष में भी दिसंबर तक 1.52 करोड़ का घाटा हो चुका है। इसके विपरीत गढ़वाल मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह पिछले दो साल से फायदे में हैं। 2017-18 में यहां 1.29 करोड़ का लाभ हुआ जबकि चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक 7.88 करोड़ का लाभ हो चुका है। उसके पूर्व के वर्षो में गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस भी घाटे में चल रहे थे। वर्तमान में जीएमवीएन ने घाटे में चल रहे 8 पर्यटक आवास गृहों को लीज पर दिया हुआ है। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने भी छह आवास गृहों को लीज पर निजी संचालकों को दिया है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि दोनों निगमों के सभी पर्यटक आवास गृहों का संचालन किया जा रहा है।

इधर इन स्थितियों का सबसे बड़ा कारण पिछले 12 वर्षों में निगम के द्वारा अपने कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ एवं एसीपी व एसीपी के एरियर देना बताया जा रहा है। साथ ही निगम के पर्यटक आवास गृहों की सबसे बड़ी समस्या निगम में लागू सरकारी व्यवस्था के कारण निर्णयों में देरी एवं पर्यटकों की कम संख्या है। इसके अलावा पिछले दो-तीन वर्षों में निगम के पर्यटक आवास ग्रहों में व्यापक पैमाने पर हुए नवीनीकरण के कार्य भी निगम के पर्यटन व्यवसाय में घाटे के प्रमुख कारण हैं।

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-रोहित मीणा ने केएमवीएन के नये एमडी के रूप में कार्यभार किया ग्रहण

-केएमवीएन की पूरी नयी हुई टीम, नयी ऊर्जा से कार्य करने का जताया संकल्प

केएमवीएन के नये एमडी के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद अध्यक्ष एवं जीएम के साथ पत्रकारों से बात करते आईएएस रोहित मीणा।

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 जनवरी 2019 । कुमाऊं मंडल विकास निगम की पूरी नयी हो चुकी टीम ने नयी ऊर्जा के साथ कार्य करने का संकल्प जताया है। निगम के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक रोहित मीणा ने कहा कि रोजगार सृजन, लाभ प्रदता एवं पर्यटन उनके मूलमंत्र होंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल की होम स्टे एवं निगम के टीआरएच यानी पर्यटक आवास गृहों के आधुनिकीकरण जैसी मुहिमों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। कहा कि निगम की संपत्तियों को लाभप्रद बनाने के लिए अलग-अलग स्तरों पर अलग तरह से रणनीति अपनायी जाएंगी। बिन्सर जैसे स्थलों पर जहां निगम ‘मोनोपॉली’ की स्थिति में हैं, वहां निगम अलग तरह से कार्य करेगा, वहीं नैनीताल अन्य स्थलों पर जहां अन्य होटलों की भी अधिकता है वहां निगम प्रतिस्पर्धात्मक रवैया अपनाएगा।

सोमवार को निगम के 2014 बैच के पूर्व में केरल कैडर के एवं बाद में पत्नी के कैडर के आधार पर उत्तराखंड कैडर के हुए आईएएस अधिकारी रोहित मीणा ने निगम के अध्यक्ष केदार जोशी एवं एक दिन ही पूर्व महाप्रबंधक की उपस्थिति में नये एमडी के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि निगम की संपत्तियों के सदुपयोग एवं लाभप्रदता बढ़ाने लिए संपत्तियों को पीपीपी मोड में देने, निगम का आईपीओ लाने जैसे उपाय अपनाने की बात भी कही। इस मौके पर पूर्व में भी इस पद पर रहे एवं इधर एक दिन पूर्व ही कार्यभार ग्रहण करने वाले निगम के जीएम अशोक जोशी भी मौजूद रहे। इस दौरान निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों ने नये एमडी मीणा का अभिनंदन भी किया।

ःःइनसेटःः

आईआईएम-आईआईटी की सेवाएं लेंगे, संविदा कर्मियों को केवल कार्य के समय ही रखेंगे

नैनीताल। निगम के लिए एक नया विचार रखते हुए निगम के एमडी रोहित मीणा ने कहा कि निगम को पेशेवर प्रतिस्पर्धा में लाने के लिए निगम आईआईएम काशीपुर एवं आईआईटी सहित अन्य प्रतिष्ठानों के युवाओं की इंटर्नशिप के रूप में सेवाएं ली जा सकती हैं। वहीं निगम के अध्यक्ष केदार जोशी ने कहा कि निगम के निर्माण खंड के पास कार्य नहीं है। ऐसे में एक ओर मुख्यमंत्री से निगम को राज्य की निर्माण एजेंसी बनाने की मांग की जाएगी, वहीं संविदा पर कार्यरत अभियंताओं जैसे कार्मिकों को केवल कार्य होने पर ही कार्य पर लेने एवं शेष समय कार्यमुक्त रखने जैसी नीति अपनाने की बात कही।

चित्र परिचयः 07एनटीएल-2ः नैनीताल। केएमवीएन के नये एमडी के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद अध्यक्ष एवं जीएम के साथ पत्रकारों से बात करते आईएएस रोहित मीणा।

केएमवीएन के नये अध्यक्ष केदार जोशी ने कार्यभार ग्रहण करने से पहले ही निगम के भविष्य पर कही यह बड़ी बात..

कुमाऊं मंडल विकास निगम में ‘विकास’ नाम को करेंगे सार्थक: जोशी

केएमवीएन के नवनियुक्त अध्यक्ष केदार जोशी का फूलमालाओं से अभिनंदन करते भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता।

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 दिसंबर 2018। कुमाऊं मंडल विकास निगम के नवनियुक्त नियुक्त अध्यक्ष केदार जोशी कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व ही पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा अभिनंदन किये जाने के मौके पर पत्रकारों के प्रश्न पर कहा कि वे केएमवीएन व जीएमवीएन के एकीकरण के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि दोनों के एक हो जाने से दोनों निगमों को लाभ होगा। कहा, सभी राज्यों में ऐसे एक ही निगम हैं। एक निगम होने से सैलानी पूरे उत्तराखंड विकास निगम के नाम से यहां आएंगे और पूरे प्रदेश का भ्रमण करेंगे।

केदार जोशी के पहुंचते ही उनका स्वागत करते उत्साहित भाजपा पदाधिकारी।

 

वहीं इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुमाऊं मंडल विकास निगम में निहित ‘विकास’ शब्द को सार्थक करेंगे। उन्होंने इस संयोग को भी उजागर करते हुए सुखद बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ‘विकास’ की बात करते हैं, और उन्हें कार्य करने के लिए ‘विकास निगम’ ही मिला है। कहा कि निगम के टीआरएच चलाना होटल चलाने जैसा कार्य है। इस कार्य में पेशेवर एवं प्रतियोगितात्मक रवैया अपनाना जरूरी है। इसके लिए टीआरएच में बेहतर सुविधाएं देने के साथ दरें बाजार से कम करने जैसे ईमानदार प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने केएमवीएन के बाबत कहा कि वे इसका अध्ययन करेंगे। सर्वप्रथम अपने कर्तव्यों को और फिर अधिकारों को जानेंगे, और स्वयं को बाहरी मानते हुए इसे बेहतर करने, घाटे से उबारने के लिए कार्य करेंगे। श्री जोशी ने यह बाद शुक्रवार को अपने तय कार्यक्रम से करीब ढाई घंटे देरी से पहुंचने के बाद केएमवीएन के सूखाताल स्थित टीआरएच यानी पर्यटक आवास गृह में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि बिना पद के पार्टी की सेवा में वर्षों से लगे कार्यकर्ता उनके प्रेरणास्रोत हैं। जो सम्मान मिला है, उसके साथ न्याय करने का प्रयास करेंगे। इस मौके पर पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट ने उम्मीद जताई कि जोशी के कार्यकाल का लाभ दूरस्थ पर्यटन स्थलों एवं स्थानीय लोगों को भी मिलेगा। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, जिला महामंत्री चंदन बिष्ट व राकेश नैनवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज साह एवं भुवन हरबोला, भवाली के नपा अध्यक्ष संजय वर्मा, नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, जीवंती बिष्ट, नितिन कार्की, अतुल पाल, विवेक साह, कुंदन बिष्ट, भानु पंत, दिनेश सांगुड़ी, अरविंद पडियार, गोपाल रावत, सभासद सागर आर्या, बिमला अधिकारी, तारा साही, तुलसी कठायत सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। भारत, भाजपा और निगम माता की निष्काम सेवा है मकसदः जोशी नैनीताल। नये अध्यक्ष केदार जोशी ने कहा भाजपा का लक्ष्य सत्ता प्राप्ति नहीं, वरन देश को परम वैभव दिलाना है। वह सर्वप्रथम देश भारत को माता मानते हैं। उसके बाद भाजपा भी उनके लिए माता की तरह हैं, जिसकी वे 1992 में भारतीय वायु सेना से लौटने के बाद से निष्काम सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केएमवीएन के कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों का आह्वान कि उनके परिवारों का पोषण करने वाला निगम उनकी मां की तरह है। इसलिये उसकी निष्काम सेवा करने का भाव भी रखें।

 

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उत्तराखंड की भाजपा सरकार भी कुछ-कुछ ‘नोट बंदी’ या ‘जीएसटी’ लागू करने सरीखा, आत्मघाती भी साबित हो सकने वाला, समान प्रकृति के विभागों के एकीकरण- आपस में विलय का ‘विभाग बंदी’ जैसा फैसला करने की तैयारी में है। इस फैसले के लागू होने के बाद उत्तराखंड के 101 विभाग घटकर आधे या एक तिहाई रह सकते हैं……।

विभागीय एकीकरणः सरकार के लिये सर्वमान्य फॉर्मूला निकालना चुनौती

New Doc 2017-07-20_1-पद एवं वेतनमान की बड़े स्तर पर हैं विभागों-निगमों में विसंगतियां
नवीन जोशी, नैनीताल। प्रदेश सरकार की केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य के 100 से अधिक विभागों को 31 में सिमटाने और केएमवीएन-जीएमवीएन व पर्यटन विकास परिषद, तथा जल संस्थान व पेयजल निगम, उद्यान और कृषि एवं सिंचाई, लघु सिंचाई व जलागम आदि समान प्रकृति के कार्यों वाले निगमों व विभागों के एकीकरण से लाभ जाने कितना हो, किंतु तात्कालिक तौर पर यह कदम पहले ही सातवें वेतन आयोग के बड़े बोझ तले दबे व बाजार से कर्ज लेकर कार्मिकों को वेतन देने को मजबूर राज्य सरकार के लिये आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला हो सकता है। कारण, अलग-अलग विभागों के कार्मिकों के वेतनमानों में बड़ी विसंगतियां हैं। ऐसे में सही-गलत किसी भी तरह से लाभ में चल रहे कार्मिक तो कभी भी निचले पद या वेतनमान स्वीकार नहीं करेंगे, अलबत्ता निचले पदों या वेतनमान पर कार्यरत कार्मिक जरूर एकीकृत विभाग या निगम में आने पर समान पद व वेतनमान के लिये अड़ेंगे। विभागों में कार्मिकों की सेवा शर्तों, विभागीय ढांचा होने या न होने, स्थानांतरण नीति अलग-अलग होने तथा एसीपी के भुगतान आदि के मसले भी एकीकरण की राह में बाधा हैं। अन्यथा सरकार जिस बड़े स्तर पर एकीकरण की पहल शुरू कर रही है, ऐसे में राज्य लंबे कर्मचारी आंदोलनों की राह पर भी जा सकता है। ऐसे में सरकार के लिये सर्वमान्य फॉर्मूला निकालना बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एकीकरण के बाबत अपने इरादे स्पष्ट कर चुके हैं। सरकार का मानना है कि एक जैसे विभागों के ही अलग-अलग होने से कई बार भ्रम की स्थितियां रहती हैं। उदाहरण के लिये उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न पर्यटन मेलों में राज्य से केएमवीएम, जीएमवीएन व पर्यटन विकास परिषद यानी तीन इकाइयां जाती हैं। तीनों के अलग-अलग ब्रोशरों से समझाने से सैलानी व पर्यटन उद्यमी भी भ्रमित होते हैं, वहीं मुख्यमंत्री की मानें तो इससे राज्य के बजट का बड़ा हिस्सा गैर योजनागत मदों में भी चला जाता है। खरबों रुपये के कर्ज से दबा राज्य वैसे ही बड़े आर्थिक संकट में है। वहीं विभागीय कर्मी अपने हितों को लेकर सशंकित हो आंदोलन की राह पकड़ रहे हैं। संयुक्त उद्यान कार्मिक मोर्चा के संयोजक कमल जोशी का कहना है कि विभागों में कार्मिकों के 50 फीसद से अधिक पद पहले से रिक्त हैं, ऐसे में एकीकरण से सरकार को दीर्घकाल में कार्मिकों की छंटनी से भी कोई लाभ होने वाला नहीं है, अलबत्ता सरकार पर्वतीय राज्य में उद्यानिकी में बेहतरी की संभावनाएं खो देंगे। उद्यान कर्मी कृषि क्षेत्र का कोई अनुभव नहीं होने की वजह से वहां भी अपनी उपयोगिता नहीं दे पायेंगे। उधर केएमवीएन के कर्मचारी एकीकरण के बहुत खिलाफ भी नहीं हैं। कई कर्मचारियों ने बताया कि राज्य मुख्यालय से दूरी की वजह से केएमवीएन में काफी समस्याएं हैं, जबकि जीएमवीएन में उनके समकक्ष कर्मी वरिष्ठ पदों पर कार्य कर रहे हैं। यदि एकीकरण से उन्हें भी जीएमवीएन कर्मियों के समकक्ष खड़ा कर दिया जाता है, तो उन्हें एकीकरण से परेशानी नहीं है। लेकिन वे जानते हैं कि ऐसा करना सरकार के लिये आसान नहीं होगा, इसलिये वे आशंकित हैं। केएमवीएन-जीएमवीएन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी का कहना है कि दोनों निगमों की वेतन विसंगतियां दूर हो जाये ंतो महासंघ विलय के लिये तैयार है। ऐसे में सरकार के एकीकरण के प्रयास शुरू होने के साथ ही उद्यान एवं कृषि विभाग के कार्मिक संयुक्त मोर्चा बनाकर आंदोलन की राह पकड़ चुके हैं। जल निगम एवं जल संस्थान के कार्मिक पूर्व से चल रहे ऐसे प्रयासों के तहत पहले से लामबंद हैं, वहीं केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम और जीएमवीएन यानी गढ़वाल मंडल विकास निगम के कर्मचारी भी दबाव बनाने को आंदोलन का मन बना रहे हैं। केएमवीएन के संयुक्त कर्मचारी परिषद ने निगम के एमडी को ज्ञापन सोंपकर दोनों निगमों के एकीकरण से पूर्व उनके हितों को ध्यान में रखने की एक तरह से चेतावनी दे डाली है।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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