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कुमाऊं विश्वविद्यालय में पठन-पाठक शुरू करने को टास्क फोर्स का हुआ गठन

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फीस भरो-बिन परीक्षा दिये हो जाओ पास, आखिरी तिथि भी घोषित

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जून 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों पर कोरोना की महामारी की मौजूदा स्थितियों से निपटने एवं विश्वविद्यालय मंे अकादमिक क्रियाकलापों को बनाये रखने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन कर दिया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. केआर भट्ट ने बताया कि टास्क फोर्स में वे स्वयं तथा विश्वविद्यालय के नैनीताल, भीमताल व अल्मोड़ा परिसरों के निदेशक, निदेशक शोध, परीक्षा नियंत्रक सभी विभागों के अध्यक्ष तथा सभी छात्रावासों के छात्रावास अधीक्षकों को रखा गया है। उन्होंने बताया कि टास्क फोर्स खास तौर पर विद्यार्थियों की ई-लर्निंग, आवास एवं स्वास्थ्य सुरक्षा पर नजर रखेगी। इसके अलावा परिसरों के अधिष्ठाता छात्र कल्याण कुमाऊं विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय तथा कम्प्यूटर केंद्र एवं प्रॉक्टर तथा स्वास्थ्य अधिकारी से भी समन्वय करेंगे। डा. भट्ट ने कहा कि यह पूरी कवायद कुमाऊं विश्वविद्यालय में फिर से पठन-पाठन का माहौल बनाने के लिए की जा रही है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 मई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. महेश कुमार की प्रतिनियुक्ति बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई। इसके बाद वे राज्य सेवा में वापस जाएंगे। इसके बाद कुलपति प्रो. एनके जोशी ने विश्वविद्यालय के वरिष्ठ उप कुलसचिव खेमराज भट्ट को प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी दे दी।इस पर बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय में उनके सम्मान में विदाई समारोह एवं नये प्रभारी कुलसचिव खेमराज भट्ट का अभिनंदन किया गया।
का आयोजन किया गया। कुलपति प्रोफेसर एनके जोशी की अध्यक्षता में आयोजित हुए कार्यक्रम में कुलपति ने डॉ. महेश कुमार के सहयोग की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। वहीं डॉ महेश कुमार ने अपना अनुभव साझा करते हुए विश्वविद्यालय के प्रगति में बेहतर सामंजस्य के साथ नवनियुक्त कुलपति के नेतृत्व में कार्य करने का आह्वान किया। इस मौके पर कर्मचारी संघ के मुख्य संयोजक भूपाल सिंह करायत, विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी दिनेश कुमार राणा, परीक्षा नियंत्रक प्रो एचसीएस बिष्ट, निदेशक आइक्यूएसी प्रा.े राजीव उपाध्याय, निदेशक डीआईसी प्रो. संजय पंत, सहायक निदेशक रितेश शाह, प्रो. नीता भारती सहित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के डीएसबी शाखा के अध्यक्ष राम सिंह गुसाईं, सचिव गणेश बिष्ट, प्रशासनिक शाखा के उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, महिला उपाध्यक्ष आशा आर्या, एलडी उपाध्याय, कुलदीप सिंह, दीपक सिंह बिष्ट, अतुल कुमार, रमेश चंद्र जोशी आदि भी मौजूद रहे। संचालन संघ के संयोजक सचिव लक्ष्मण सिंह रौतेला ने किया।

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कुमाऊं विश्वविद्यालय के नये कुलपति प्रो. एनके जोशी।

-बताया ऑनलाइन कक्षाओं व परीक्षा व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता
नवीन समाचार, नैनीताल, 11 मई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के नवनियुक्त-29वें कुलपति प्रो. एनके जोशी ने सोमवार को विश्वविद्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वे वे इसी संस्था से पढ़े हैं, इसलिये उनकी विशेष कोशिश रहेगी कि इस संस्था के उन्नयन के लिए अपना बेहतर योगदान दे सकें। उन्होंने विवि में ऑनलाइन कक्षाएं बेतहर तरीके से संचालित करने एवं परीक्षाओं की व्यवस्था को ठीक करने को अपनी प्राथमिकता बताया। कहा कि वह कम्प्यूटर विज्ञान के क्षेत्र हैं, इसलिये सूचना-प्रौद्योगिकी के बेहतर इस्तेमाल से विवि की व्यवस्थाएं बेहतर करने पर भी उनका जोर रहेगा। इस हेतु उन्होंने कुलसचिव डा. महेश कुमार को निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि बेहतर शोध कार्यों व अनुसंधान के बल पर विवि को उच्च स्तर के विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल कराने की भी कोशिश रहेगी। इस हेतु देश के बड़े संस्थानों से करार किये जाएंगे। कहा कि बेहतर शिक्षण के लिए छात्रों से शिक्षकों के बारे में ऑनलाइन गोपनीय फीडबैक भी ली जायेगी। साथ ही पूर्व छात्रों की एलुमिनी मीट के जरिए पूर्व छात्रों को जोड़ने की भी पहल की जाएगी। कहा कि शीघ्र विवि के सभी विभागों के अध्यक्षों एवं अन्य से बैठक कर विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थितियों की समीक्षा करेंगे तथा आवश्यक प्रबंध करेंगे। उन्होंने मीडिया के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा खासकर सभी विभागों की उपलब्धियां नियमित रूप से प्राप्त कर मीडिया को जानकारियां देने की बात भी कही।

कुमाऊं विश्वविद्यालय के नये कुलपति प्रो. जोशी से औपचारिक भेंट करते शिक्षक संघ-कूटा के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी।

इस मौके पर कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, महासचिव डा. सुचेतन साह, डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो एचसी चंदोला, प्रो. पीसी कविदयाल, प्रो. एसपीएस मेहता, प्रो. एमसी पंत, प्रो. राजीव उपाध्याय, डा. महेंद्र राणा, डा. सोहेल जावेद व डा. विजय कुमार सहित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ सहित कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने उनसे औपचारिक-परिचयात्मक भेंट कीं एवं अपने विभागों की जानकारियां दीं।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विवि के छात्र रहे प्रो. जोशी बने कुमाऊं विवि के कुलपति

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 मई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के छात्र रहे प्रो. एनके जोशी कुमाऊं विश्वविद्यालय के नए-29वें कुलपति होंगे। प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति बेबी रानी मौर्य ने प्रो. जोशी को कुमाऊं विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति का आदेश हालांकि आठ मई को ही जारी हो चुका है, लेकिन रविवार को यह सार्वजनिक हुआ है। प्रो. जोशी कंप्यूटर साइंस की दुनिया के विद्वान प्रोफेसर हैं, और वर्तमान में पिछले तीन वर्षों से उत्तरांचल विवि देहरादून के कुलपति हैं। लेकिन कुमाऊं विश्वविद्यालय का कुलपति बनने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रो. एनके जोशी मूलतः बागेश्वर जिले के कौसानी के पास ढोलरा गांव के निवासी हैं। वे सोमवार 11 मई यानी नैनीताल में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति के तौर पर अपना पदभार ग्रहण कर सकते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रो. जोशी 35 वर्षों से से अकादमिक जगत में सक्रिय हैं। वे कुमाऊं विवि के साथ ही मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी-एमाआईटी बोस्टन के छात्र भी रहे हैं। उन्होंने 1983 में कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर से भौतिकी से एमएससी की है। वे मुख्यालय स्थित उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में छह वर्ष तक उप निदेशक के पद पर तथा एरीज नैनीताल में भी कार्यरत रहे हैं। उत्तरांचल विवि के कुलपति बनने से पहले वे इसी विश्वविद्यालय में संकायाध्यक्ष थे। इसके अलावा वे वैंकटेश्वर विवि में प्रति कुलपति, अमेरिका की मिशौरी यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष के साथ ही महावीर तीर्थांकर महावीर विवि मुरादाबाद में प्रोफेसर और निदेशक और वनस्थली विवि में निदेशक तथा भारतीय वन प्रबंधन संस्थान भोपाल एवं आईआईएम लखनऊ के संकायाध्यक्ष भी रहे हैं। तीन पुस्तकों के लेखक तथा अनेक छात्रों को शोध उपाधि दिलाने वाले प्रो. जोशी के कई शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जनरलों में प्रकाशित हो चुके हैं। वे एफएओ, एफटीपीपी, रोम जैसे प्रसिद्ध संगठनों, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक, एनटीपीसी, जीई कैपिटल, हीरो ग्रुप, मारुति, डाबर, जेनपैक्ट एरिक्सन, इलेक्ट्रोलक्स, एलआईसी, गेल, सेल, ओएनजीसी, एचएएल आदि उद्योगों के लिए भारत और विदेश में 250 से अधिक प्रबंधन विकास कार्यक्रम कर चुके हैं।

स्थायी कुलपति की नियुक्ति पर राज्यपाल का जताया आभार
नैनीताल। कुमाऊं विवि शिक्षक संघ-कूटा के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, महासचिव डा. सुचेतन साह, डा. दीपक कुमार, डा. सोहेल जावेद व डा. विजय कुमार आदि ने विवि में स्थायी कुलपति की नियुक्ति करने पर राज्यपाल का आभार जताया है। साथ ही उम्मीद जतायी कि नये कुलपति प्रो. एनके जोशी के अनुभवों का लाभ कुविवि को मिलेगा। 

यह भी पढ़ें : फिर ‘आहत’ कुलपति ने दिया इस्तीफा

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 मई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केएस राना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कार्यवाहक कुलपति के तौर पर उनका कार्यकाल हालांकि जल्द ही 14 मई को समाप्त हो रहा है, उनकी स्थायी कुलपति के तौर पर नियुक्ति न होने की स्थिति में उनके इस्तीफा देने का कोई औचित्य भी नहीं है, लेकिन विवि के अगले स्थायी कुलपति के तौर पर भी उनकी सशक्त दावेदारी है। वे राजभवन की भी पसंद हैं। इसलिये उनका इस्तीफा इस मायने में महत्वपूर्ण है कि उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों से ‘आहत’ होकर इस पद पर बने रहने में अनिच्छा जताई है। उल्लेखनीय है हालिया वर्षों में अपने कार्यकाल के बीच इस्तीफा देने वाले वे तीसरे कुलपति हैं। उनसे पहले तत्कालीन कुलपति प्रो. राकेश भटनागर व प्रो. डीके नौड़ियाल भी ‘आहत’ होकर इस्तीफा दे चुके हैं।
कुलपति प्रो. राना ने बताया कि वे बीती 31 मार्च को ही अपना लिखित इस्तीफा भेज चुके हैं। इधर पुनः दो दिन पहले उन्होंने पुनः राजभवन को अपनी अनिच्छा से अवगत करा दिया है। इसके पीछे एक व्यक्तिगत कारण उनके परिवार के दिल्ली में रहने की वजह से वे यहां नैनीताल में अकेले रहते हैं, और इस वर्ष अधिक पड़ी ठंड से भी उन्हें समस्या हो रही है। वहीं इससे अधिक वे कुमाऊं विवि के बड़े हिस्से के टूटकर अल्मोड़ा विवि बनने और कुमाऊं विवि के केवल दो जिलों नैनीताल व ऊधमसिंह नगर का विवि रह जाने तथा कुमाऊं विवि में इसकी भरपाई के लिए उनके द्वारा पटावाडांगर की भूमि को पंतनगर विवि से कुमाऊं विवि को हस्तांतरित किये जाने के प्रयासों को अपेक्षित सफलता न मिल पाना है। इधर वह शनिवार को दिल्ली रवाना हो रहे हैं और दो दिन बाद उन्हें राजभवन से बात करनी है। इसके बाद नये कुलपति पर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।

कुलपति पद पर इन नामों की है संभावना
नैनीताल। आगामी 14 मई को वर्तमान अस्थायी कुलपति प्रो. केएस राना का दूसरी बार छह माह के लिये बढ़ाया कार्यकाल समाप्त होने के साथ इस तिथि तक विवि का नया स्थायी कुलपति मिलना तय है। इस्तीफा देने के बावजूद प्रो. राना के स्थायी कुलपति बनने की संभावना सबसे प्रबल बताई जा रही है। उनके अलावा गढ़वाल विवि के प्रो. सकलानी एवं तथा कुमाऊं विवि के तीन प्रोफेसरों के नाम भी चर्चा में हैं। इनमें प्रो. एनके जोशी, प्रो. संतोष कुमार व प्रो. एसडी शर्मा के नाम भी प्रमुखता से आ रहे हैं। हालांकि कई अन्य प्रोफेसर भी स्वयं को प्रबल दावेदान बता रहे हैं।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विवि : राज्यपाल से 14 मई से पहले स्थायी कुलपति की नियुक्ति करने की मांग, हाईकोर्ट जाने की धमकी

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मई 2020। नगर कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश के राज्यपाल से कुमाऊं विवि में शीघ्र स्थायी कुलपति नियुक्त करने की मांग की है, और नियत तिथि 14 मई से पहले स्थायी कुलपति की न होने पर उच्च न्यायालय की शरण लेने की बात कही है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम कबडवाल ने कहा कि राज्य के सबसे पुराने एवं देश को कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक, प्रोफेसर, अर्थशास्त्री, साहित्यकार, नौकरशाह व राजनीतिज्ञ देने वाला कुविवि एक वर्ष से कार्यवाहक कुलपति बनाये गये गैर अकादमिक व्यक्ति के सहारे चल रहा है। उन्हें छह माह के लिए अस्थायी कुलपति बनाने के बाद छह माह के लिए पुनः दिया गया कार्य विस्तार भी 14 मई को समाप्त हो रहा है। यदि इस तिथि तक स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं होती है तो यह विवि अधिनियम की धारा 10 का उल्लंघन होगा। नगर कांग्रेस कमेटी के अधिवक्ता कमलेश तिवारी, सूरज पांडे, सुनील मेहरा, कैलाश अधिकारी, एनएसयूआई के नगर अध्यक्ष पंकज बिष्ट व सुंदर मेहरा ने भी उनकी मांग का समर्थन किया है।

यह भी पढ़ें : आरएसएस के नगर संघचालक डा. चंदोला बने डीएसबी परिसर के निदेशक

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 मार्च 2020। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के निदेशक बदल गए हैं। बृहस्पतिवार को डीएसबी के परिसर निदेशक पद पर प्रो. ललित मोहन जोशी की जगह भौतिकी विभाग के प्रो. एचसी चंदोला की नियुक्ति कर दी गई है। प्रो. चंदोला तीन वर्ष के लिए इस पद पर रहेंगे। उल्लेखनीय है कि डा. चंदोला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर संघचालक भी हैं। सोशल मीडिया पर प्रो. चंदोला को बधाइयां देने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

यह भी पढ़ें : मेधावियों को पैर छूने, नमस्ते करने का शऊर ही नहीं

नवीन समाचार, नैनीताल 7 मार्च 2020। देश में कोरोना संक्रमण के बीच जहां देश ही नहीं दुनिया में देश के पारंपरिक अभिवादन ‘नमस्ते’ के प्रति एक नया जोश दिखाई दे रहा है, वहीं युवा पीढ़ी में बड़ों के सम्मान में पैर छूने व नमस्ते करने की परंपरा छूटती जा रही है। शनिवार को कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में 64 मेधावी छात्र-छात्राओं को 17 श्रेणियों में 53 स्वर्ण, रजत एवं कांश्य पदक प्रदान किये गए। पूर्व वर्षों में पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्रा पदक प्रदान करने वाले कुलाधिपति, कुलपति एवं मुख्य अतिथियों के सामने नमस्ते करते हुए आते और पदक प्राप्त कर पैर छूते देखे जाते थे, लेकिन इस बार 64 में केवल 5 या 6 को छोड़कर 90 फीसद मेधावियों ने किसी को कोई अभिवादन नहीं किया। अलबत्ता दो-तीन मेधावी मंच से गुजरते हुए मानद उपाधि प्राप्त करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को, संभवतया उनके संक्षिप्त परंतु बेहद प्रेरणास्पद व हृदयस्पर्शी संबोधन को सुनने के बाद अभिवादन करते देखे गए।
पदक विजेताओं में तीन चौथाई रहीं छात्राएं
नैनीताल। कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में कुल 64 छात्र-छात्राओं 17 श्रेणियों में पदक दिए गए। खास बात यह रही कि इनमें से 48 यानी तीन चौथाई यानी 75 फीसद छात्राएं रहीं। अपने संबोधन में प्रदेश उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के महाविद्यालयों में छात्रों के मुकाबले 50 फीसद अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं।
पहली बार खेल के क्षेत्र में कुलपति की ओर से दिये गए ‘खेलो कुमाऊं’ पदक
नैनीताल। कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में पहली बार खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले विवि के खिलाड़ियों को कुलपति की ओर से ‘खेलो कुमाऊं’ पदक दिये गए। पहला ‘खेलो कुमाऊं’ महाराणा पदक कुलपति प्रो. केएस राना फाउंडेशन की ओर से काशीपुर महाविद्यालय की मीनू शर्मा को व रजत पदक हल्द्वानी महाविद्यालय की नेहा अधिकारी को विश्वविद्यालय स्तर पर अंतरमहाविद्यालयी एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 5000 व 10 हजार मीटर तथा 800 व 1500 मीटर की दौड़ों में स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर दिया गया।

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-वरिष्ठता व कम्युनिटी कॉलेज के विवादों के निपटारे के लिए बनी समिति, 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट 
-कुमाऊं विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की 143वीं बैठक में लिये गये निर्णय, भविष्य निधि के दायरे में आएंगे विवि के संविदा कर्मचारी
कुविवि कार्य परिषद की बैठक में मौजूद कुलपति एवं सदस्य।

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. केएस राना की अध्यक्षता में शुक्रवार को देर शाम तक चली 143वीं बैठक में विवि में प्रोन्नति हेतु गठित चयन समिति व मूल्यांकन समिति द्वारा अर्ह अभ्यर्थियों के सील बंद लिफाफे खोले गये। कार्य परिषद् ने उमंग सैनी, डॉ. अनिता कुमारी, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. प्रीती टम्टा, डॉ. अशोक कुमार आर्या, डॉ. पारूल सक्सेना, डॉ. सुनील कुमार चन्याल, डॉ. महेन्द्र राणा, डॉ. अनीता सिंह, डॉ. कुमुद उपाध्याय व डॉ. विभाष कुमार मिश्रा की प्रोन्नति का अनुमोदन भी कर दिया। 

इसके अलावा लम्बे समय से प्रोफेसरों की वरिष्ठता पर लम्बित विवाद का निस्तारण कर दिया गया। इस पर कुलपति ने तीन सदस्यीय समिति गठित की, जिसमें कुलसचिव, कार्यपिरषद के सदस्य डॉ. केवल सती, भीमताल परिसर के निदेशक प्रो. पीसी कविदयालय होंगे। समिति 15 दिन के भीतर परीक्षणोपरान्त राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम तथा विश्वविद्यालय अनुदान अयोग विनियम 218 का संज्ञान लेकर वरिष्ठता सूची जारी की जायेगी। इसी तरह भीमताल स्थित कम्यूनिटी कॉलेज की वित्तीय अनियमिताओं की जॉच के लिए प्रो. पीसी कविदयाल, कैलाश जोशी, व वित्त नियंत्रक द्वारा नामित की तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर कमेटी से 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। 
इसके अलावा बैठक में संविदा कर्मचारियों को भविष्य निधि के दायरे में लाने के लिए कुलपति ने स्वयं प्रस्ताव रखा। स्ववित्तपोषित पाठयक्रम में काम कर रहे और वैधानिक पदो के सापेक्ष नियुक्ति पाए सभी कार्मिक दायरे में आएंगे। बैठक में कार्यपरिषद ने अब तक जॉच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराने वाली समितियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उनसे 15 दिनों के भीतर संबंधित जॉच रिपोर्ट विवि को उपलब्ध कराने को कहा गया। सदस्य अरविन्द पडियार के सांख्यिकी सहायक के पद का वेतनमान शासनादेशानुसार पुनरीक्षित किये जाने के प्रस्ताव को विश्वविद्यालय स्तर पर निस्तारित करने का अनुमोदन प्रदान किया गया। वहीं प्रो. एसडी शर्मा के अन्यत्र सेवा हेतु अवैतनिक अवकाश भी प्रदान कर दिया गया। बैठक में उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के सदस्य डॉ. बहादुर सिंह बिष्ट एवं राज्यपाल द्वारा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद् में मनोनीत किए गए सदस्य प्रो. डीडी चौनियाल का प्रथम बार विश्वविद्यालय में आगमन पर स्वागत किया गया, तथा डा. बिष्ट को शासन में वार्ता हेतु भी अधिकृत किया गया। बैठक में प्रो. डीडी चौनियाल, डॉ. बहादुर सिंह बिष्ट, प्रो. एससी जोशी, प्रो. पीसी कविदयाल, प्रो. एमएस मावड़ी, डॉ. नीता भारती, डॉ. कुमुद उपाध्याय, डॉ. नरसिंह बिष्ट, डॉ. बचीराम पंत, अरविंद पडियार, प्रकाश पांडे, केवल सती, कैलाश जोशी, वित्त नियंत्रक दिनेश कुमार व कुलसचिव डॉ. महेश कुमार आदि भी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विवि में 20 करोड से अधिक के विकास कार्य होंगे, अतिक्रमणकारिणों पर कार्रवाई को एसआईटी…

-विवि में रूसा से 20 करोड से अधिक के जीर्णोद्धार, पुर्ननिर्माण व विकास कार्यों को मंजूरी
-विवि की अतिक्रमण की जद में गई जमीनों के लिए शासन को एसआईटी जांच कराने को लिखा जाएगा
कुमाऊं विवि में 20 करोड़ से होंगे विकास कार्यनवीन समाचार, नैनीताल, 4 फरवरी 2020। कुमाऊं विवि की मंगलवार को कुलपति प्रो. केएस राणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई विकास एवं नियोजन-रूसा की बैठक में अर्गल्स फोर्ट में स्थापित विवेकानंद पीठ में कक्षा कक्षों के जीर्णोद्धार व पुर्ननिर्माण, डीएसबी परिसर के अतिथि गृह को जीर्णोद्धार कर इसे छात्राओं के छात्रावास में बदलने, विवि के अतिथि गृह के जीर्णोद्धार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का जीर्णोद्धार कर इसे छात्राओं के छात्रावास से जोड़ने तथा विवि के बहुउद्देश्यीय सभागार का नवनिर्माण करने को मंजूरी दे दी गईं। बैठक में तय किया गया कि भीमताल परिसर में शिक्षा संकाय तथा नैनो हिमालयन जड़ी बूटी विज्ञान भवन के निर्माण हेतु रूसा से अनुमोदित 20 करोड़ रुपए के सापेक्ष 50ः40ः10 के अनुपात में शीघ्र आंगणन प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। हिमालयन संग्रहालय के पुनरुद्धार कार्य से बचे 50.11 लाख रुपए से संगीत व गणित विज्ञान विभाग में जीर्णोद्धार एवं भू विज्ञान, भौतिकी व जंतु विज्ञान विभाग की छत की मरम्मत तथा भौ की जाएगी। डीएसबी परिसर के तीनों छात्रा छात्रावासों का भी 80 लाख रुपए से एवं परिसर की विभिन्न प्रयोगशालाओं का 1.4 करोड़ रुपए से जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके अलावा तय किया कि विवि की भूमि पर किये गए अतिक्रमण पर शासन को एसआईटी जांच कराने के लिए लिखा जाएगा। वहीं विवि के परिसर निदेशकों, कुलसचिव, वित्त अधिकारी आदि को नये मोबाइल सिम एवं प्रतिमाह 500 रुपए प्रतिमाह व्यय देने के निर्णय भी लिये गये।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय में युवा शोधार्थी हेतु एक पद पर नियुक्ति

कुमाऊं विवि के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में लाइकेन के डीएनए बारकोडिंग व चेमेटोएक्सोनामी युक्त हरबेरियम स्थापित करने के लिए जूनियर प्रोजेक्ट फेलो के एक पद के लिए नियुक्ति निकली हुई है। बताया गया है कि 28 वर्ष से कम आयु के युवा शोधार्थी को करीब एक वर्ष की अवधि के इस पद के लिए करीब 16 हजार रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विवि के 4.5 करोड़ से बनने वाले नये परिसर भवन के निर्माण का कुलपति ने किया भूमि पूजन

भीमताल में शिक्षा संकाय के भवन का भूमि पूजन करते कुलपति प्रो. केएस राणा।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जनवरी 2020। भीमताल के सौन गांव में कुमाऊं विवि की पहले से मौजूद 71 नाली भूमि में विवि का सर जेसी बोस तकनीकी परिसर स्थापित किया जाएगा। विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा ने अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप बुधवार को यहां 4.5 करोड़ रुपए से प्रस्तावित शिक्षा संकाय भवन के नये भवन के निर्माण हेतु परिसर निदेशक डा. बीसी कविदयाल एवं संकाय के अवैतनिक निदेशक प्रो. आरएस पथनी के साथ वैदिन मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन किया। बताया कि शिक्षा संकाय के इस भवन को गुरुवर रवींद्र नाथ टैगोर भवन के नाम से जाना जाएगा।

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इस अवसर पर प्रो. राणा ने बताया कि विवि के अल्मोडा परिसर को अलग विवि बनाए जाने की घोषणा के बाद कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा ने कार्यपरिषद से शिक्षा एवं विधि संकाय भीमतल एवं नैनीताल में खोलने का निर्णय अगस्त में करा लिया था। वहीं इस संकाय भवन के निर्माण हेतु 4.5 करोड़ रुपए की धनराशि का प्रविधान रूसा के माध्यम से किया गया है। जिसका प्रस्ताव शासन में है। भवन का निर्माण ब्रिडकुल फर्म के द्वाराएक साल में पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही एनसीआरटीई को विवि ने मान्यता हेतु पत्रावली भेज दी है। मान्यता के बाद शासन से वित्तीय अनुमोदन लिया जाएगा और आगे जुलाई माह से मान्यता कराकर सेल्फ फाइनेंस माध्यम से इंटीग्रेटेड बीएड का पाठ्यक्रम पास ही स्थित एक किराए के भवन से शुरू कर दिया जाएगा। बताया कि फैकल्टी खोलने की तैयारी हेतु प्रो. पथनी को जिम्मेदारी देते हुए नए शिक्षकों के चयन हेतु विज्ञापन जारी किया जा रहा है। शिलान्यास के मौके पर फैकल्टी के कई सदस्य भी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : बड़ा निर्णय : अब एलएलबी-एलएलएम व बीएड के लिए अल्मोड़ा नहीं जाना पड़ेगा, यहीं शुरू होंगे पाठ्यक्रम

-नैनीताल में एलएलबी-एलएलएम व भीमताल में बीएड इंटीग्रेटेल पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे
नवीन समाचार, नैनीताल, 26 दिसंबर 2019। अब क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को विधि एवं शिक्षा शास्त्र विषयों के अंतर्गत एलएलबी, एलएलएम एवं बीएड, एमएड करने के लिए अल्मोड़ा नहीं जाना पड़ेगा। बल्कि अब यह पाठ्यक्रम नैनीताल एवं भीमताल में उपलब्ध होंगे। कुमाऊं विवि के जनसंपर्क अधिकारी डा. महेंद्र राणा ने बताया कि मुख्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद भवन में देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद के नाम से ‘मॉडल लॉ कॉलेज’ तथा भीमताल परिसर में कम्युनिटी कॉलेज के पीछे बीएड विभाग स्थापित किया जाएगा। ऐसा इन विषयों के अब तक अल्मोड़ा परिसर में संचालित होने तथा अब अल्मोड़ा परिसर के कुमाऊं विवि से अलग होकर प्रस्तावित अल्मोड़ा परिसर में स्थापित होने के कारण माना जा रहा है। वहीं यह भी माना जा रहा है कि पहले से इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने के कारण कुमाऊं विवि को तो इन पाठ्यक्रमों की आसानी से मान्यता मिल जाएगी, जबकि नये अल्मोड़ा विवि में इन पाठ्यक्रमों को आगे जारी रखने के लिए नये सिरे से मान्यता प्राप्त करना व पाठ्यक्रमों को आगे जारी रखना आसान नहीं होगा। इन पाठ्यक्रमों को नैनीताल में स्थापित करने की लंबे समय से मांगें भी चल रही हैं।

कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा ने एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के विधि विभाग के प्रो. एसडी शर्मा को मुख्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद भवन स्थित विधि संकाय एवं अल्मोड़ा परिसर के ही शिक्षा शास्त्र विभाग के प्रो. आरएस पथनी को भीमताल परिसर में शिक्षा संकाय का अवैतनिक निदेशक नियुक्त कर दिया है। प्रो. शर्मा को विधि विभाग में तीन वर्षीय एलएलबी एवं एलएलएम के पाठ्यक्रम तथा शिक्षा शास्त्र विभाग में बीएड इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम को संबंधित नियामक संस्थाओं से मान्यता व सम्बद्धता दिलाने एवं संचालन करने की जिम्मेदारी दी गई है।

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-कुमाऊं विवि की डिग्रियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल हुआ शुरू

कुविवि के ‘ऑनलाइन डिग्री पोर्टल’ का विधिवत शुभारंभ करते कुलपति प्रो. केएस राना।

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जनवरी 2019। 1973 में स्थापित कुमाऊं विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा अर्जित स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी की उपाधियों को संबंधित छात्र तक पहुंचाने में आने वाली जटिलताओं को दूर करने के लिए विवि ने ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है। शुक्रवार को विवि के कुलपति प्रो. केएस राना ने विवि के स्वामी विवेकानंद भवन सभागार मंे विवि के नये ‘ऑनलाइन डिग्री पोर्टल’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस पहल की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि गत दिनों कुलपति राना द्वारा उपाधि अनुभाग की समीक्षा के दौरान पाया कि विगत वर्षों में विवि में करीब 2 लाख डिग्रियां बन कर तैयार हैं, परंतु उन्हें संबंधित छात्रों तक नहीं पहुंचाया जा सका है। इन उपाधियों से विवि के दो कक्ष भरे पड़े हैं।

कुलपति प्रो. राना की इस पहल के बाद विवि को तुरंत ही डिग्री की फीस मिल जाएगी, वहीं छात्रों को डिग्री लेने के लिए फीस जमा करने हेतु विवि के प्रशासनिक भवन में नहीं आना पड़ेगा। इस मौके पर विवि के कुलसचिव केआर भट्ट ने पोर्टल के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि छात्र अपने मोबाइल नंबर व ईमेल के माध्यम से ऑनलाइन उपाधि हेतु आवेदन एवं फीस जमा कर पाएंगे। बताया गया कि इस ऑनलाइन पोर्टल को तैयार करने में डा. आशीष मेहता व उनके साथियों तथा एचडीएफसी बैंक के द्वारा सहयोग दिया गया। इस मौके पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत, उप परीक्षा नियंत्रक डा. रीतेश साह, वित्त नियंत्रक दिनेश राणा, प्रो. अतुल जोशी, छात्र संघ अध्यक्ष विशाल वर्मा, हरीश राणा, एचडीएफसी बैंक के प्रबंधक आदित्य साह सहित विवि के अन्य शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।

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-कुलपति प्रो. केएस राणा की अध्यक्षता में आयोजित कुमाऊं विवि की बैठक में लिया गया निर्णय
नवीन समाचार, नैनीताल, 25 नवंबर 2019। कुमाऊं विवि से संबद्ध सभी महाविद्यालयों में गत 14 नवंबर के शासनादेश संख्या 836 के अनुपालन में स्नातक स्तर पर सेमेस्टर प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय ले लिया गया है। सोमवार को कुलपति प्रो. केएस राणा की अध्यक्षता में हुई विवि की परीक्षा समिति की बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार सेमेस्टर प्रणाली के स्थान पर केवल सेमेस्टर प्रणाली लागू रखने पर सहमति जताने वाले महाविद्यालयों को छोड़कर अन्य सभी महाविद्यालयों में फिर से वार्षिक परीक्षा प्रणाली बहाल हो जाएगी, तथा वार्षिक प्रणाली की परीक्षाएं मार्च 2020 में आयोजित की जाएंगी। यह व्यवस्था पूर्व में विवि द्वारा पूछे जाने पर सेमेस्टर प्रणाली के विरोध में अपनी राय देने वाले एवं अब तक राय न देने वाले वाले महाविद्यालयों में लागू होगी। केवल सेमेस्टर प्रणाली के पक्ष में राय देने वाले महाविद्यालयों में एवं विवि के तीनों परिसरों में स्नातक स्तर पर सेमेस्टर प्रणाली लागू रहेगी। वहीं स्नातकोत्तर स्तर के सभी पाठ्यक्रमों एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू रहेगी।

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कुमाऊं विवि को मिलेगा ‘एशिया’ज एजुकेशन अवार्ड 2019’

नैनीताल। कुमाऊं विवि को आगामी 11 दिसंबर को ‘एशिया‘ज एजुकेशन अवार्ड 2019’ से नवाजा जाएगा। आयोजक संस्था-इंटरनेशन ब्रांड कन्ज्यूमिंग कॉर्पोरेशन यूएसए के सीईओ हेमंत कौशिक हेमंत कौशिक ने कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा को पत्र के जरिये इसकी सूचना दी है। बताया गया है कि कुमाऊं विवि का चयन संस्था के द्वारा ‘कन्ज्यूमर रिपोर्ट 2019’ के आधार पर किया गया है।

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-प्रधानमंत्री के आने के लिए आईजी स्तर के केंद्रीय अधिकारी ने पहुंचकर शुरू की एसपीजी सुरक्षा जांच, तीन हेलीकॉप्टरों के प्रोटोकॉल के लिए तय सुरक्षा मानकों की की जा रही है जांच
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 नवंबर 2019। कुमाऊं विश्वविद्यालय के 16वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने पर बात आगे बढ़ चली है। प्रधानमंत्री मोदी कुमाऊं विवि में नव स्थापित विवेकानंद पीठ का भी उद्घाटन कर सकते है। कुमाऊं विवि के कुलपति के साथ ही प्रदेश की राज्यपाल व विवि की कुलाधिपति बेबी रानी मौर्य के द्वारा प्रधानमंत्री को करीब दो घंटे के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया था। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से पहल शुरू हो गई है। केंद्र सरकार से आईजी स्तर के उच्चाधिकारी प्रधानमंत्री के आगमन के प्रोटोकॉल के तहत आने वाले तीन हैलीकॉप्टरों के उतरने के लिए एसपीजी यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की सुरक्षा आवश्यकताओं का जायजा लेने के लिए मुख्यालय पहुंचकर पड़ताल शुरू कर दी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी सप्ताह सुरक्षा पर स्थिति साफ होने के साथ प्रधानमंत्री के आगमन पर भी स्थिति साफ हो सकती है।
कुलपति प्रो. केएस राणा ने बताया कि कुमाऊं विवि में विवेकानंद पीठ की स्थापना किये जाने की बात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी खुशी व्यक्त की थी और इसे कुमाऊं विवि की अच्छी पहल बताते हुए इसके शुभारंभ करने की इच्छा भी जताई थी। इसी कड़ी में अब उनका आगमन सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा जांच कराई जा रही है। इसी सप्ताह में इसकी रिपोर्ट मिलने से प्रधानमंत्री के आगमन पर स्थिति साफ होने और इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से दीक्षांत समारोह हेतु तिथि मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के अतिरिक्त केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ एवं योगगुरु बाबा रामदेव के भी दीक्षांत समारोह में आने की पूरी संभावना है।

जस्टिस चंद्रचूड़, रजत शर्मा व डा. सौमित्र रावत को मानद उपाधि का प्रस्ताव

नैनीताल। कुमाऊं विवि ने 16वें दीक्षांत समारोह में सवोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, इंडिया टीवी के चेयरमैन व एडीटर इन चीफ रजत शर्मा तथा दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक पद्मश्री डा. सौमित्र रावत सहित कुछ हस्तियों को मानद उपाधि देने का प्रस्ताव किया है। इन हस्तियों को उनकी सहमति के लिए पत्र भी भेज दिये गये हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 14 सितंबर 2019। कुमाऊं विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की गत 14 अगस्त को आयोजित हुई बैठक के लिये गए निर्णयों के अनुसार कुलपति प्रो. केएस राणा के विवि में कई प्रशासनिक संशोधन कर दिए हैं। शनिवार देर शाम जारी आदेशों के अनुसार प्रो. पीसी कविदयाल को भीमताल परिसर का निदेशक बनाये जाने के बाद उनके अतिरिक्त पद कॉउंसलिंग एवं प्लेसमेंट को दायित्व प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट को दे दिया गया है। जबकि प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट से रूसा का अतिरिक्त दायित्व वापस लेते हुए शासन की नीति के अनुरूप रूसा को विकास एवं नियोजन विभाग में समाहित कर दिया गया है। वहीं भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. एससी चंदोला को विवि का शोध निदेशक बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रो चंदोला अब तक क्रय समिति के प्रभारी थे। अब क्रय समिति को भी शासन की नीति के अनरूप विकास एवं नियोजन अनुभाग में समाहित कर दिया गया है। वहीं अब तक शोध निदेशक का दायित्व देख रहे प्रो. राजीव उपाध्याय को अब आईक्यूएसी का पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त कर दिया गया है। इनके अतिरिक्त प्रो. एचसीएस बिष्ट के स्थान पर प्रो. नीता बोरा शर्मा को डीएसबी परिसर नैनीताल का प्रॉक्टर नियुक्त कर दिया गया है। प्रो. एचसीएस बिष्ट को परीक्षा विभाग से सम्बद्ध किया गया है। साथ ही उप कुलसचिव केआर भट्ट एवं सहायक कुलसचिव आशा आर्य को भी परीक्षा अनुभाग में अनुभाग के कार्यो में गतिशीलता प्रदान करने हेतु जोड़ा गया है। वहीं प्रो. पद्म सिंह बिष्ट के स्थान पर पूर्व में भी इस पद पर रहे प्रो. देवेंद्र बिष्ट को एक बार पुनः अधिष्ठाता छात्र कल्याण नियुक्त किया गया है, जबकि प्रो. पदम सिंह बिष्ट को कम्युनिटी कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त किया गया है। इनके अतिरिक्त प्रो. चंद्रकला रावत को महिला प्रकोष्ठ (जेंडर वेक्सेसन कमेटी) का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

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अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से जाना जाएगा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग
-नियमित कुलपति के चयन समिति हेतु राजस्थान विवि के पूर्व कुलपति डा. देव स्वरूप को कार्य परिषद की ओर से नामित
नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अगस्त 2019। कुमाऊं विवि का नाम नहीं बदला जाएगा। वहीं विवि का एक नया पूर्ण परिसर भीमताल में शीघ्र अस्तित्व में आ जाएगा। वहीं डीएसबी परिसर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से रखा जाएगा। शुक्रवार को विवि प्रशासनिक भवन में हुई विवि कार्यपरिषद की बैठक में इन विषयों पर प्रमुख रूप से निर्णय लिये गये।
उल्लेखनीय है कि गत दिनों कांग्रेस पार्टी से जुड़े पूर्व छात्र नेताओं ने पूर्व सीएम पं. एनडी तिवारी के नाम से विवि का नाम बदले जाने के लिए प्रयास शुरू किये थे, इसी कड़ी में शुक्रवार को कार्य परिषद की बैठक में कांग्रेस नेता एवं कार्य परिषद सदस्य केवल सती ने पं. तिवारी के नाम पर विवि का नाम बदले जाने का प्रस्ताव रखा, वहीं भाजपा नेता व कार्य परिषद सदस्य अरविंद पडियार ने एक दिन पूर्व ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा शुरू की गई मुहिम के अनुरूप स्वामी विवेकानंद के नाम पर विवि का नाम किये जाने का प्रस्ताव रखा। आखिर सहमति न जाने पर मामला शासन को संदर्भित किये जाने और नाम यथावत बनाये रखने पर ही विचार हो पाया। वहीं विवि के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किये जाने का प्रस्ताव परिषद ने अनुमोदित कर दिया। इसके अलावा विवि के नियमित कुलपति के चयन हेतु समिति के लिए राजस्थान विवि के पूर्व कुलपति डा. देव स्वरूप को कार्य परिषद की ओर से नामित किया गया। वहीं भीमताल में नये परिसर के लिए पहले निदेशक के चयन हेतु कुलपति को अधिकृत किया गया। इसके अलावा कुविवि एवं चेक गणराज्य के ब्रोनो विवि के बीच शोध, फैकल्टी एवं छात्रों के आदान-प्रदान हेतु एमओयू करने के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया। कुमाऊं विवि में अध्ययनरत गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं को कुलपति प्रो. केएस राणा के प्रस्ताव पर छात्रवृत्ति व मेडल दिये जाएंगे। इस हेतु दो एवं एक लाख की एफडीआर बनाई जाएगी। बैठक में प्रो. एचसी जोशी, प्रो. वीपी सिंघल, प्रो. एचसी चंदोला, डा. दिव्या उपाध्याय जोशी, डा. कुमुद उपाध्याय, डा. नर ंिसंह बिष्ट, डा. संगीता गुप्ता, डा. बची राम पंत तथा कार्य परिषद सदस्य प्रकाश पांडे व कैलाश जोशी, वित्त नियंत्रक दिनेश राणा व कुलसचिव डा. महेश कुमार आदि मौजूद रहे।

तीन शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार

नैनीताल। कार्य परिषद की बैठक में डीएसबी परिसर के भौतिकी विभाग में कार्यरत शिक्षक डा. पीके मिश्रा एवं डा. पीएस नेगी से उन पर लगे अनुशासनहीनता संबंधी आरोपों पर एक माह के अंदर संकायाध्यक्ष एवं विधि संयोजक की समिति से आख्या प्रस्तुत कर आख्या को अगली कार्य परिषद की बैठक में रखने का निर्णय लिया गया। वहीं प्रो. आशा श्रीवास्तव के मामले में विवि द्वारा उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजकर फिर से समीक्षा कर उप समिति से निर्णय कराने का प्रस्ताव पारित हुआ। इसके अलावा विवि द्वारा शोधार्थियों के शोध मूल्यांकन के लिए परीक्षकों को भेजी जाने वाली रिपोर्ट पर अधिकतम 6 माह में मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने वाले शिक्षकों को भविष्य के लिए ‘ब्लेक लिस्ट’ करने एवं पीएचडी धारकों को मौखिक परीक्षा की तिथि से ही उपाधि प्रदान करने के निर्णय भी लिये गये।

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कुविवि के कुलपति प्रो. केएस राणा को ज्ञापन सोंपते पूर्व छात्र नेता।

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अगस्त 2019। पूर्व एवं वर्तमान छात्र नेताओं ने कुमाऊं विश्वविद्यालय का नाम पूर्व मुख्यमंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी के नाम पर किये जाने की मांग उठाई है। शुक्रवार को पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डा. गणेश उपाध्याय, राजेंद्र सिंह खनवाल एवं अनुपम कबडवाल की अगुवाई में छात्र नेताओं ने कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा से मिलकर गढ़वाल विवि का नाम पं. हेमवती नंदन बहुगुणा के नाम पर होने की तर्ज पर यह मांग उठाई। उल्लेखनीय है कि यह मांग उठाने वाले सभी छात्र नेता सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी और उसके आनुषांगिक छात्र संगठन-एनएसयूआई से जुड़े हुए हैं।
इन छात्र नेताओं का कहना है कि विगत दिनों दिवंगत हुए उत्तराखंड के महान नेता पंडित तिवारी के नाम पर कुविवि का नाम बदलने की मांग पर गत दिनों प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से भी मिल चुके हैं। बकौल उनके राज्यपाल ने भी इस पर अपनी सहमति जताई, तथा जल्द ही इस विषय में कुविवि को प्रस्ताव भेजने की बात कही। उन्होंने राज्यपाल की ओर से इस विषय में तीव्र गति से कार्रवाई किये जाने का दावा करते हुए कुलपति से कुविवि का नाम पं. तिवारी के नाम पर करने के लिए अपने स्तर से भी कार्रवाई किये जाने का अनुरोध किया। ज्ञापन में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुंदर मेहरा, एनएसयूआई के पूर्व जिला महासचिव शिवम बजाज, नगर अध्यक्ष पंकज बिष्ट व सचिव शुभम बिष्ट भी शामिल रहे।

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कुमाऊं विवि के कुलसचिव डा. महेश कुमार की पुस्तक का विमोचन करते कुलपति प्रो. राणा।

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 अगस्त 2019। कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. केएस राणा के बृहस्पतिवार को विवि प्रशासनिक भवन में कुलसचिव डा. महेश कुमार की पुस्तक ‘स्टेंडरडाइजेशन ऑफ लीफ सेंपलिंग टेक्नीक्स इन बेल’ का विमोचन किया। डा. कुमार ने बताया कि फल विज्ञान उनका पसंदीदा विषय रहा है और उन्होंने एमएससी के बाद बेलपत्री की पत्तियों की रसायनिक स्थितियों पर शोध किया था। इसी पर यह पुस्तक आधारित है। अनामिका पब्लिकेशन नई दिल्ली के प्रकाशित यह पुस्तक बेल जैसे महत्वपूर्ण औषधीष पौधे के औषधीय व आर्युवैदिक गुणों तथा धार्मिक महत्व सहित टीबी, हेपेटाइटिस, दस्त, एसीडिटी आदि रोगों के उपचार एवं इसकी पत्तियों के प्रयोग आदि के बारे में जानकारी देती है। पुस्तक का आमुख कुलपति प्रो. राणा एवं ग्रामीण विकास आयुक्त रामविलास यादव के द्वारा लिखा गया है। इस अवसर पर कुलसचिव डा. कुमार, उनकी धर्मपत्नी पीसीएस अधिकारी रेखा कोहली, डीएसबी के परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, प्रो. ललित तिवारी, डा. सुचेतन साह, डा. विजय कुमार, डा. सोहेल जावेद, विधान चौधरी, पीएस बिष्ट, डा. पनेरू, डा. ललित मोहन व डा. जितेंद्र लोहनी आदि मौजूद रहे।

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-दिन में केवल एक खुराक से ही एक-डेढ़ घंटे में ही असर शुरू होने और एक दिन में ही जानलेवा डेंगू पर नियंत्रण होने का दावा
-डेंगू के विषाणु पर नियंत्रण के साथ ही खून में प्लेटलेट्स बढ़ा कर डेंगू पर दो तरफा प्रहार करता है यह फॉर्मूला
-फॉर्मूले पर छात्र प्रीतम दास को अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में मिला युवा वैज्ञानिक पुरस्कार
नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मई 2019। देश ही नहीं दुनिया भर के वैज्ञानिकों के लिए चिंता एवं हर वर्ष सैकड़ों लोगों की मौत का कारण बने जानलेवा डेंगू बुखार का ऐसा फॉर्मूला फोज लिये जाने का दावा किया गया है, जिसकी केवल एक खुराक खाते ही एक-डेढ़ घंटे के भीतर ही असर शुरू हो जाता है और एक-डेढ़ दिन में ही रोग पर नियंत्रण होने लगता है। वह भी अब तक की केवल 7 मिलीग्राम की गोली से, जबकि अभी डेंगू के उपचार के लिए पैरासिटामॉल की 150 मिलीग्राम की गोली खाने को दी जाती है। यह भी खास बात है कि डेंगू के उपचार का यह फॉर्मूला बेकार की प्लास्टिक से तैयार ग्रेफीन एवं हल्दी से तैयार किया गया है। यानी फॉर्मूला एक हद तक हर्बल भी है। साथ ही इस फॉर्मूले की यह भी खासियत है कि यह डेंगू पर दो तरफा वार करता है। एक ओर यह डेंगू के विषाणु पर चोट करता है, तो दूसरी ओर प्लेटलेट्स बढ़ाने का भी कार्य करता है। इससे रोगी जल्द डेंगू रोग से मुक्त हो पाते हैं। इस फॉर्मूले की खोज पर कुमाऊं विवि के छात्र प्रीतम दास को मुख्यालय में नैनो साइंस सेंटर के तत्वावधान में आयोजित हुई ‘इनर्जी, फंक्शनल मैटीरियल, नैनो टेक्नोलॉजी एंड सस्टेनेबल इन्वायरमेंट मैनेजमेंट’ विषय पर आयोजित अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी में रविवार को उनके ‘ग्रेफीन बेस्ड नैनो-ड्रग डिलीवरी ऑफ करक्यूमिन फॉर द ट्रीटमेंट ऑफ डेंगू फीवर’ विषय पर बनाये गये पोस्टर पर ‘युवा वैज्ञानिक पुरस्कार’ से नवाजा गया है।
कुमाऊं विवि के भीमताल परिसर स्थित एम फार्मा विभाग के डा. महेंद्र राणा के निर्देशन में यह फॉर्मूला खोजने वाले छात्र प्रीतम दास ने बताया कि उन्होंने बेकार की प्लास्टिक से तैयार होने वाले नैनो कण ग्राफीन एवं हल्दी में पाये जाने वाले यौगिक ‘करक्यूमिन’ से डेंगू बुखार के इलाज का फॉर्मूला तैयार किया है। आगे इसे फॉर्मूले को पहले कोशिकाओं पर और बाद में प्रयोगशाला से बाहर डेंगू के मरीजों पर प्रयोग करने की अनुमति लेने के लिए आवेदन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन नाम का यौगिक पहले ही मनुष्य में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शरीर के अंदर की सूजन को कम करने के लिए प्रयोग किया जा रहा है। बाजार में इसके कैप्सूल भी आने लगे हैं। वहीं प्रो. राणा ने कहा कि इस शोध से रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या में बढ़ोत्तरी के साथ ही डेंगू के विषाणु से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है। बताया कि सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन हिमालयन मेडिसिनल प्लांट्स एंड नैनो टेक्नोलॉजी भीमताल तथा नैनो साइंस सेंटर नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में इस तकनीक से अन्य प्राकृतिक औषधियों पर भी शोध किये जा रहे हैं।

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कुमाऊं विवि को 2022 में शीर्ष 20 में आने का लक्ष्य, विद्यार्थियों को राज्य के लिए कार्य करने की सलाह

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 28 नवंबर 2018। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कुमाऊं विश्वविद्यालय को वर्ष 2022 में देश की स्वतंत्रता की 75वीं एवं अपनी स्थापना के 50वें वर्ष में कदम रखने के वर्ष में देश के शीर्ष 20 उत्कृष्ट संस्थानों में आने का संकल्प लेकर आगे बढ़ने को कहा। साथ ही विवि के छात्र-छात्राओं को अपने प्रदेश के लिये कार्य करने, बाहर नौकरी करने की जगह ‘स्टार्ट अप’ एवं ‘मेक इन इंडिया’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ उठाकर बाहर वालों को स्वयं नौकरी देने वाला बनने एवं जल संरक्षण जैसे विषयों पर कार्य करने तथा पलायन को रोकने एवं देश को उन्नत राष्ट्र बनाने में जुटने की सलाह दी है। इस संबंध में उन्होंने कुमाऊं विवि की डा. वीना पांडे के स्थानीय पौधे किलमोड़े से मधुमेह की दवा बनाकर अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट हासिल करने की भी सराहना की। इसके अलावा उन्होंने विवि से राज्य में इंवेंस्टर्स समिट के बाद बड़ी मात्रा में आ रहे पूंजीनिवेश एवं उद्योगों को देखते हुए उनकी जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित करने तथा सौर ऊर्जा एवं वर्षा जल संग्रहण के प्रबंध कर अपने भवनों को ‘ग्रीन भवन’ बनाने को भी कहा।
राज्यपाल श्रीमती मार्य ने बुधवार को कुमाऊं विवि के 15वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में यह बात कही। इस मौके पर उन्होंने प्रख्यात लेखक व संगीतकार तथा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष पद्मश्री प्रसून जोशी को मानद उपाधि के साथ ही विवि के वर्ष 2017 के लिये 5 को डी लिट, 158 को पीएचडी, 9840 को बीए, 4305 को बीएससी, 2530 को बी कॉम, 397 को एम कॉम, 2504 को एमए, 1602 को एमएससी, 826 को प्रोफेसनल कोर्सों, 29 को स्नातकोत्तर एवं 12 को स्नातक स्तर पर कुलपति स्वर्ण पदक, चार छात्राओं को गौरा देवी स्वर्ण पदक एवं 11 को स्पांसर्ड स्वर्ण पदक तथा दीक्षोपदेश भी दिया। कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षांत यानी शिक्षा का अंत नहीं वरन भविष्य के अनंत आसमान की उड़ान भी है। इससे पूर्व कुलपति प्रो. दिनेश कुमार नौड़ियाल ने विवि की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए इस वर्ष इंडिया टुडे समूह के सर्वेक्षण में कुमाऊं विवि को देश के विवि में 32वां तथा ब्रिक्स देशों के 9500 विवि की क्यूएस रेंकिंग में 301 एवं देश के 83 संस्थानों में 83वां स्थान तथा हिमालयन यूनिवर्सिटीज कंसोर्टियम एवं आईसीमोड काठमांडू से स्थायी सदस्यता मिलने की उपलब्धियां गिनायीं। बताया कि यह उपलब्धि अब तक विश्व के विश्व के 62 चुनिंदा विश्वविद्यालयों को ही हासिल है। कुलसचिव डा. महेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन एवं संचालन डा. दिव्या उपाध्याय जोशी ने किया। इस मौके पर अतिथियों को पहली बार विवि के आधिकारिक ज्योर्तिलिंग जागेश्वर मंदिर के प्रतीक चिन्ह भेंट किये गये, तथा समारोह के दौरान वैदिक ऋचाओं के मधुर स्वर कानों में रस घोलते रहे। इस मौके पर पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल, नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी सहित विवि के समस्त संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं विवि की विभिन्न सभाओं के प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे। आयोजन में परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, प्रो. पीएस बिष्ट, प्रो. हरीश बिष्ट, प्रो. ललित तिवारी, डा. सुचेतन साह, प्रो. गिरीश रंजन तिवाड़ी डा. रितेश साह, प्रो. संजय पंत, डा. निधि वर्मा, विधान चौधरी, चंद्रकला पंत व डा. नीलू लोधियाल आदि का प्रमुख रूप से योगदान रहा।

[soliloquy id=”15054″]हर ओर दिखा महिला शक्ति का बोलबाला

कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में प्रसून जोशी से स्वर्गीय मुरारी लाल स्मृति स्वर्ण पदक प्राप्त करती पत्रकारिता विभाग की टॉपर संगीता।

नैनीताल। कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में हर ओर महिलाओं का बोलबाल दिखाई दिया। मानद उपाधि प्राप्त कर पद्मश्री प्रसून जोशी ने जिक्र किया कि विवि में करीब 70 फीसद महिला प्राध्यापक कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी अशिक्षित विधवा नानी के राजकीय प्राइमरी पाठशाला से प्रधानाध्यापिका के पद से सेवानिवृत्त होने से बात शुरू करते हुए पहाड़ की महिलाओं की जीवटता का रोमांचक चित्रण किया और पहाड़ में पुरुषों के कार्य न करने तथा व्यसनों में लिप्त रहने की ओर इशारा करते हुए महिलाओं के द्वारा उन्हें सुधारे जाने की बात कही। बाद में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने भी उनकी बातों का समर्थन किया। यह भी उल्लेखनीय रहा कि जिन 56 विद्यार्थियों को आज अपनी कक्षाओं में प्रथम रहने के लिए कुलपति स्वर्ण पदक एवं अन्य पदक दिये गये, उनमें से 34 यानी 60 फीसद छात्राएं रहीं। इनमें पहली बार पत्रकारिता विभाग की मास्टर्स डिग्री में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली संगीता भी शामिल रहीं, जिन्हें पहला अमर उजाला की ओर से अपने संस्थापक स्वर्गीय मुरारी लाल अग्रवाल की स्मृति में दिया गया स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ।

वर्षों बाद सही नाम कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रयोग किया गया

नैनीताल। दीक्षांत समारोह के प्रपत्रों, संबोधनों में विवि का सही नाम ‘कुमाऊं विश्वविद्यालय’ वर्षों बाद प्रयोग किया गया। अलबत्ता राज्यपाल सहित कुछ वक्ता इसके बावजूद ‘कुमायूं विश्वविद्यालय’ का अशुद्ध उच्चारण करते रहे।

चरण छूने की परंपरा का दिखा ह्रास

नैनीताल। पिछले वर्षों में दीक्षांत समारोहों में पदक प्राप्त करने के बाद पदक धारकों को पदक देने वाले एवं मंचासीन अन्य गणमान्यजनों के चरण स्पर्श करते हुए देखा जाता था। अलबत्ता इस बार एक-दो को छोड़कर अधिकांश पदक धारकों ने राज्यपाल एवं अन्य के चरण स्पर्श करने से परहेज किया। इसे बच्चों में संस्कारों में आ रही कमी से जोड़कर देखा जा रहा है।

कुमाऊं में प्रकृति से मिली शिक्षा का ऋणी हूं: पद्मश्री प्रसून जोशी

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल। कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में मानद उपाधि प्राप्त करने वाले भारतीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष, देश के प्रख्यात लेखक, गीतकार एवं मार्केटिंग गुरु पद्मश्री प्रसून जोशी ने कहा कि वे कुमाऊं-उत्तराखंड में प्रकृति से मिली शिक्षा के ऋणी हैं। यह शिक्षा उनके अवचेतन में बसी हुई है। कहा कि हमेशा ऊर्जा जड़ों से प्राप्त होती है, और उनकी जड़ें अल्मोड़ा, कुमाऊं और उत्तराखंड में हैं। वहीं कुमाउनी भाषा के लिए उन्होंने कहा कि यह उनकी धमनियों में दौड़ती है।
दीक्षांत समारोह के दौरान अपने संबोधन में एवं पत्रकारों से आत्मीय तरीके से वार्ता करते हुए जोशी ने कहा कि उनका जन्म अल्मोड़ा जिले के दन्या नाम के गांव में हुआ और बचपन अल्मोड़ा के स्यूनराकोट मोहल्ले में प्रख्यात छायावादी कवि सुमित्रानंदन के घर आस पास चितई-जागेश्वर के चीड़-देवदार के जंगलों में मंदिरों तथा बाद में गढ़वाल मंडल में मंदाकिनी एवं अलकनंदा नदी के तटों पर बीता है। इसलिये यहां के बुरांश, काफल, पानी के धारे-नौले उनके अवचेतन में बसे हुए हैं, और समय-समय पर उनके गीतों, विज्ञापनों में भी फूट पड़ते हैं। वे अपने गीतों के लिए बिम्ब यहीं से लाते हैं, और यही प्रकृति उनके गीतों की खूबसूरती बढ़ाती है। अपनी फिल्म तारे जमीन पर के गीत ‘तू धूप है झम्म से बिखर’ का जिक्र करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि इस लाइन में ‘झम्म’ शब्द कुमाउनी है, जो कि पहाड़ में चटख धूप पड़ने पर ‘झम्म घाम’ के रूप में प्रयुक्त होता है। कहा कि अपनी लोकभाषा मां की तरह होती हैं, जबकि दूसरी भाषाओं का ज्ञान केवल एक योग्यता की तरह होता है। ‘मेरी मां’ जैसे बेहद भावपूर्ण गीत के लेखक प्रसून ने कहा कुमाऊं की महिलाओं की जीवटता व जुझारूपन को पूरे देश और विश्व को सीखने की जरूरत है। साथ ही पहाड़ में दरवाजों में ताले न लगाये जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां दिलों की तरह दरवाजे भी इसलिये खुले रहते हैं, क्योंकि प्रकृति के बीच रहे व्यक्ति कभी भी स्वार्थी नहीं हो सकत, जबकि शहर सबसे पहले स्वार्थी होना ही सिखाते हैं।
बताया कि शुरुआत में छोटे शहर से आया होने के कारण उन्हें बॉलीवुड में काफी संघर्ष करना पड़ा लेकिन उन्होंने हर छोटे-बड़े काम से जिस तरह अपनी प्रतिभा से पूरा न्याय किया, उसी से आगे बढ़े। उन्होंने युवाओं को सफलता का सही अर्थ समझते हुए अपने माता-पिता की इच्छाओं का सम्मान करना और खुद से अपेक्षाओं का पूरा कर पाना वास्तविक सफलता है। कहा कि पहाड़ के युवाओं का काफी समय भविष्य निर्धारण में निकल जाता है, इसलिए इस हेतु उनकी मदद करने की जरूरत है। साथ ही युवाओं से कहा कि उन्हें जीवन में अवसर मिलना तय है, लेकिन इसके लिए उन्हें अभी से तैयार होना होगा। जब अवसर मिलेगा, तब तैयारी करने में लगे तो अवसर हाथ से छूट जाएगा।

फिल्म के प्रमोशन के लिये किये जाते हैं अधिकांश विवाद: प्रसून

नैनीताल। प्र्रसून जोशी ने कहा कि सेंसर बोर्ड का मुख्य कार्य जनभावनाओं एवं कला की अभिव्यक्ति के बीच संतुलन बनाने का है। ‘नवीन समाचार’ के प्रदेश में फिल्माई गयी फिल्म केदारनाथ में आपदा के बीच प्रेम एवं बत्ती गुल मीटर चालू में ठैरा व बल शब्दों के अत्यधिक प्रयोग पर पूछे गये प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कार्य में बोर्ड दोनों पक्षों, जनता एवं फिल्मकारों की मंशा को भी देखता है। यदि मंशा गलत नहीं होती है तो उसे स्वीकार किया जाता है। वहीं प्रख्यात फिल्मकार गोविंद निहलानी की गोविंद स्टारर फिल्म ‘रंगीला राजा’ में 20 कट लगाने के सुझाव के बाद हाईकोर्ट तक पहुंचे हालिया विवाद पर उन्होंने कहा कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, किंतु बोर्ड की जिन समितियों के सदस्यों ने फिल्म देखी है, उन्हें फिल्म में महिलाओं के प्रति दैहिक हिंसा, यहां तक कि हीरो द्वारा महिला से बलात्कार करने के बाद भी उसे सही ठहराने का भाव नजर आया है। इसलिये इस फिल्म को ए प्रमाण पत्र देने की पेशकश की गयी थी किंतु निहलानी ए-यू प्रमाण पत्र लेना चाहते हैं। उन्होंने अपनी ओर से सेंसर बोर्ड को पूर्णतया पारदर्शी तरीके से चलाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि फिल्मों की रिलीज से पहले कई विवाद फिल्म को सुर्खियों में लाने के लिए मार्केटिंग या प्रमोशन का हिस्सा होते हैं। दर्शकों को इसे समझना चाहिए।

शोध उपाधियों के साथ प्रकाश व दीपक ने बिखेरा अनुकरणीय उजियारा

-आइंस्टीन-स्टीफन हॉकिंस की खोजों को आगे बढ़ा कर प्राप्त की प्रकाश ने पीएचडी की डिग्री

कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में प्राप्त शोध उपाधि दिखाते प्रकाश फुलारा।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन जोशी, नैनीताल। कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने वालों में कई उल्लेखनीय, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी नाम भी शामिल हैं। इन्हीें में एक नाम है बागेश्वर जनपद में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत प्रकाश चंद्र फुलारा का। फुलारा ने सरकारी नौकरी के साथ ही घर-परिवार के तमाम दबावों को झेलने के साथ ही गणित विषय के शोधार्थी के रूप में ‘रिलेटिविस्टिक मॉडल्स फॉर इक्वेलिब्रियम एंड डायनामिकल स्टेलर स्ट्रक्चर’ विषय पर बुधवार को शोध उपाधि प्राप्त की है। इसके साथ ही फुलारा के 6 शोध पत्र दुनिया के शीर्ष-एस्ट्रोनॉमी एंड-एस्ट्रो फिजिक्स वर्ल्ड जनरल ऑफ मैथमैटिक्स, साउथ ईस्ट एसियन जनरल ऑफ मैथमैटिक्स एंड मैथमैटिकल साइंस जैसे अंतर्राष्ट्रीय शोध जनरलों में प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा उनके शोध के अंश फ्रांस, वेनेजुएला व कोलंबिया में हो रहे शोधों में संदर्भित किये जा रहे हैं।
एक भेंट में श्री फुलारा ने बताया कि उनका शोध 1915 में महान आविष्कारक आइंस्टीन द्वारा उच्च घनत्व के क्वांटम स्टार, ब्लेक होल व स्ट्रेंज स्टार आदि खगोलीय पिंडों पर दी गयी परिकल्पना पर आधारित हैं। उन्हांेने बताया कि इस अवधारणा पर 1916 में स्वारफील्ड, इसके 20 वर्षों के बाद बजडल ने कुछ काम किया। इधर 1975-76 एवं 1995 के बाद कार्य में तेजी आयी है। इसी अवधारणा पर हाल के वर्षों में महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंस ने की अगुवाई में ‘गॉड पार्टिकल’ कहे जा रहे बोसोन कणों की खोज हुई। इन्हीं उच्च घनत्व के कणों पर उन्होंने अपने मॉडल से नये समीकरण व समाधान पेश किये हैं। गणित के साथ ही भौतिकी एवं रसायन में भी एमएससी कर चुके तथा आईआईटी गेट एवं सीएसआईआर नेट परीक्षाएं भी उत्तीर्ण कर चुके फुलारा का इरादा आगे अपने शोध कार्य को जारी रखने तथा ‘मैथमैटिकल साइंस’ पर पुस्तक भी लिखने का है।

दोनों पैरों की विकलांग दीपक ने भी बिखेरा उजाला

कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में शोध उपाधि लेने के लिए शामिल दीपक मेहता।

नैनीताल। कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने वालों में मात्र तीन वर्ष की उम्र में पोलियो होने की वजह से विकलांग दीपक मेहता भी शामिल हैं। अपनी विकलांगतो को कभी भी खुद पर हावी न होने देने वाले दीपक ने ‘उत्तराखंड के लोक गीतों का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन’ विषय पर शोध उपाधि हासिल की है। अल्मोड़ा जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिरौटा बैरती को एकल शिक्षक के तौर पर अकेले चलाने के बावजूद दीपक ने इस वर्ष 6 सितंबर को अल्मोड़ा के डीएम से ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत तीन पुरस्कार हासिल किये हैं। साथ ही वे अपनी संस्था ‘नई उम्मीद’ तथा अपने यूट्यूब चैनल पर ‘बाल पंछी’ सिरीज के माध्यम से पुराने लोक गायकों को सम्मानित तथा नयी पीढ़ी के बच्चों में प्रदेश की लोक संस्कृति के लोक गीत-लोक नृत्यों का बीजारोपण करने का कार्य भी कर रहे हैं।

पूर्व समाचार : आज-कल में यह कर लें, वरना नहीं मिलेंगे कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में पदक व डिग्रियां, साथ ही देखें पदक लेने वालों की पूरी सूची

कुविवि के 15वें दीक्षांत समारोह की जानकारी देते कुलपति, कुलसचिव एवं परिसर निदेशक

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 25 नवंबर 2018। कुमाऊं विवि का 15वां दीक्षांत समारोह आगामी 28 दिसंबर को प्रातः 10 से साढ़े 12 बजे तक डीएसबी परिसर के एएन सिंह सभागार में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत फिल्म प्रमाणन बोर्ड के निदेशक प्रसून जोशी को मानद उपाधि सहित विवि के छात्र-छात्राओं को 2017 के शैक्ष्णिक सत्र के लिये डीलिट, पीएचडी तथा 56 पदक प्रदान करेंगे। रविवार को इस हेतु विवि के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने पत्रकार वार्ता करते हुए बताया कि डिग्री प्राप्त करने के लिए 26 एवं 27 सितंबर केा प्रातः 11 बजे से पंजीकरण प्रारंभ किये जाएंगे। सभी डिग्री धारकों एवं मेडल धारकों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा, तथा दीक्षांत समारोह में डिग्री एवं पदक प्रदान किये जाएंगे।
आयोजन स्थल डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. एलएम जोशी ने कहा कि मेडल विजेताओं का पूर्वाभ्यास 27 नवंबर को शाम तीन बजे से एएन सिंह सभागार में होगा, जिसमें उपस्थित होने वाले विद्यार्थी ही दीक्षांत समारोह में भाग ले पाएंगे। साथ ही दीक्षांत समारोह में केवल कार्ड धारक ही प्रवेश कर पाएंगे। इस अवसर पर विवि के कुलसचिव डा. महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. पीएस बिष्ट, डा. हरीश बिष्ट, डा. रीतेश साह, विधान चौधरी, डा. महेंद्र राणा, प्रो. ललित तिवाड़ी आदि मौजूद रहे।

जनरल जोशी, साहित्यकार शैलेश मटियानी व हिमांशु जोशी सहित 20 हस्तियों को मिल चुकी है मानद उपाधि

नैनीताल। इस वर्ष प्रसून जोशी को मानद उपाधि दे रहा कुमाऊं विवि इससे पूर्व 19 अक्तूबर 1978 को आयोजित हुए अपने दीक्षांत समारोह में विवि के संस्थापक कुलपति डा. डीडी पंत व साहित्यकार इला चंद्र जोशी को, 18 मार्च 1994 को हुए दीक्षांत समारोह में साहित्यकार गोविंद बल्लभ पंत, प्रो. कृष्ण जोशी, साहित्यकार शैलेश मटियानी, देश के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल बीसी जोशी, डा. देशबंधु बिष्ट व ले.जनरल जीएस रावत, 17 जून 2006 को हुए दीक्षांत समारोह में राजनेता डा. कर्ण सिंह, नारायण दत्त तिवारी, फाली एस नारीमन, बीडी पांडे, एचसी पांडे, रिजर्व बैंक के गवर्नर सी रंगराजन, 8 जून 2008 को हुए दीक्षांत समारोह में नोबल पुरस्कार विजेता आरके पचौरी व एमसी पंत, 22 जून 2010 को आयोजित दीक्षांत समारोह में पद्मश्री मृणाल पांडे, पद्म भूषण चंडी प्रसाद भट्ट व दो दिन पूर्व दिवंगत हुए साहित्यकार हिमांशु जोशी को एवं इस वर्ष ही 28 मई 2018 को आयोजित हुए 14वें दीक्षांत समारोह में देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को मानद उपाधि प्रदान कर चुका है। वहीं इस वर्ष 5 को डी लिट, 158 को पीएचडी, 9840 को बीए, 4305 को बीएससी, 2530 को बी कॉम, 397 को एम कॉम, 2504 को एमए, 1602 को एमएससी, 826 को प्रोफेसनल कोर्सों, 29 को स्नातकोत्तर एवं 12 को स्नातक स्तर पर कुलपति स्वर्ण पदक, चार छात्राओं को गौरा देवी स्वर्ण पदक एवं 11 को स्पांसर्ड स्वर्ण पदक दिये जाएंगे। स्पांसर्ड स्वर्ण पदकों में पहली बार हल्द्वानी के साहित्यकार रामकृष्ण कोठारी ‘धर्म’ द्वारा अपने पिता स्व.मथुरा प्रसाद कोठारी व माता मांडवी देवी की याद में दो स्वर्ण पदक एवं अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता विभाग के टॉपर को स्वर्ण पदक दिये जाएंगे।

जागेश्वर मंदिर समूह बना कुमाऊं विवि का आधिकारिक प्रतीक

कुमाऊं विवि के आधिकारिक प्रतीक जागेश्वर मंदिर की प्रतिकृति।

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने सातवीं से 14वीं शताब्दी में बने देश के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक, 125 मंदिरों के जागेश्वर मंदिर समूह को अपना आधिकारिक प्रतीक चुन लिया है। विवि के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने बताया कि काफी सोच-विचार के बाद कुमाऊं के सबसे बड़े मंदिर समूह व पहचान के रूप में जागेश्वर मंदिर को विवि के प्रतीक के रूप में चुना गया है। विवि अपने 15वें दीक्षांत समारोह में तथा आगे भी अतिथियों को प्रतीक के रूप में जागेश्वर मंदिर की प्रतिकृति ही प्रतीक के रूप में भेंट करेगा।

यह भी पढ़ें : एक्सक्लूसिवः कुमाऊं विवि दीक्षांत समारोह में 56 छात्र-छात्राओं को देगा पदक

नैनीताल, 19 नवंबर 2018। कुमाऊं विवि आगामी 28 नवंबर को आयोजित होने वाले अपने 15वे दीक्षांत समारोह में अपने 55 छात्र-छात्राओं को विभिन्न पदक देने जा रहा है। खास बात यह है कि इनमें छात्राओं की संख्या सर्वाधिक है। खासकर 44 स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में 34 छात्राएं एवं केवल 10 छात्र शामिल हैं। विवि के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने बताया कि स्नातकोत्तर कक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए प्रीति ढेक, निकिता गुप्ता, कुसुम पांडे, मुक्ता कनवाल, सपना बिष्ट, काजल श्रीवास्तव, गुलफशा अंसारी, नीतू, आस्था नेगी, मीनाक्षी पाठक, हेमलता, पूनम शाही, प्रदीप कुमार, निखलेश सिंह मेहता, अरविंद सिंह, पूजा, ज्योति शर्मा, दीक्षा अग्रवाल, सपना पंत, किरनदीप कौर, अंबिका अग्निहोत्री, अनुभव मेहरा, कृष्ण सिंह बिष्ट, ललित मोहन जोशी, आशीष शर्मा, चित्राक्षी पंत, प्रीति फुलेरा, शिखा तिवारी व मीणा कौसर तथा स्नातक स्तर पर कला संकाय से नीतू कौर, अनुष्ठा शाही व गीतांजलि गिरि गोस्वामी, विज्ञान संकाय के लिये मनीषा जोशी, वसुंधरा लोधियाल व निधि बिष्ट, वाणिज्य एवं प्रबंधन संस्थान के लिए मनीष भाकुनी, कविता मनराल व मनीश यादव, विधि संकाय के लिए स्वाति सिंह, संदीप मणि व दिव्यांश उज्जवल को कुलपति स्वर्ण पदक प्रदान किये जाएंगे। साथ ही स्नातक स्तर पर सर्वाधिक अंक प्राप्त करने लिए नीतू कौर, मनीषा जोशी, कविता मनराल व स्वाति सिंह को गौरा देवी स्वर्ण पदक दिये जाएंगे। इनके अतिरिक्त मनीष भाकुनी, कुसुम पांडेय, आकांक्षा सैनी, निखिलेश मेहता, स्वाति सिंह, हेमलता, कृष्ण सिंह बिष्ट, मुक्ता कनवाल, संगीता रावत, प्रदीप कुमार व प्रिया बमेठा को स्पांसर्ड स्वर्ण पदक भी प्रदान किये जाएंगे।

कुमाऊं विवि से डा. गिरीश रंजन, बीना, साहू, चंद्रा व द्विवेदी सहित 40 प्राध्यापकों को मिला पदोन्नति का तोहफा

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 18 नवंबर 2018। कुमाऊं विवि ने अपने 40 प्राध्यापकों को नये वर्ष से पहले पदोन्नति का तोहफा दे दिया है। विवि के पांच एसोसिएट प्रोफेसर-पत्रकारिता विभाग के डा. गिरीश रंजन तिवारी जैव प्रौद्योगिकी विभाग की डा. बीना पांडे, चित्रकला विभाग के डा. सोनू द्विवेदी, भौतिकी विभाग के डा. रमेश चंद्रा तथा रसायन विभाग के डा. नंद गोपाल साहू की पदोन्नति प्रोफेसर पद पर हो गई है। इसके अलावा 17 प्राध्यापक एसोसिएट जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर के 8000 ग्रेड पे में 6 और 7000 ग्रेड पे में 12 प्राध्यापकों की पदोन्नति पर अंतिम मुहर लगा दी गई है।  उल्लेखनीय है कि इन पदोन्नतियों के लिफाफे काफी समय से उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में खुल नहीं पाये थे। इन्हें शनिवार को विवि की ओर से अंतिम मंजूरी मिल गयी है। इसके साथ ही विवि ने आगामी 28 नवंबर को आयोजित होने वाले विवि के 15वें दीक्षांत समारोह, इसमें प्रसून जोशी को मानद उपाधि प्रदान करने एवं पीएचडी, डी लिट व डीएससी की डिग्रियां एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक प्रदान करने को भी औपचारिक अनुमोदन दे दिया है। इसके अलावा कुमाऊं विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में क्रिमिनोलॉजी, साइबर क्राइम और फॉरेंसिक साइंस पाठ्यक्रमों के संचालन को भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है। वहीं शासन से भी तीनों विषयों को लेकर मंजूरी मिल गई है और विवि शासनादेश जारी होने पर अगले सत्र से पाठ्यक्रम शुरू कर दिए जाएंगे।
शनिवार कोविवि के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई विवि की कार्य परिषद, विद्या परिषद एवं विवि कोर्ट की बैठकों में यह मंजूरियां दे दी गयीं।

यह भी पढ़ें: जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण को उमुवि देगा मानद उपाधि, मुरली मनोहर जोशी व नरेंद्र नेगी को भी मिलेगी मानद उपाधि

प्रीतम भरतवाण।

नैनीताल, 16 नवंबर 2018 । उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय इस वर्ष पहली बार मानद उपाधि देने की शुरुआत करने जा रहा है। विवि के द्वारा पहली बार प्रदेश के लोक गायक व ‘जागर सम्राट’ के नाम से प्रसिद्ध प्रीतम भरतवाण को डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी जाएगी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के साथ ही कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने यह जानकारी दी। बताया कि उमुवि का दीक्षांत 27 नवंबर को हल्द्वानी स्थित परिसर एवं कुमाऊं विवि का दीक्षांत समारोह 28 नवंबर को नैनीताल स्थित डीएसबी परिसर के एएन सिंह सभागार में आयोजित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कुमाऊं विवि के द्वारा प्रख्यात लेखक एवं कवि तथा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन (सेंसर) बोर्ड के निदेशक प्रसून जोशी को मानद उपाधि देना पहले तय हो गया था, जबकि अब उमुवि द्वारा प्रीतम भरतवाण को मानद उपाधि देना तय हुआ है। यह पहला मौका होगा जब 31 अक्तूबर 2005 को स्थापित उत्तराखंड मुक्त विवि किसी शख्शियत को मानद उपाधि देगा। इसके अलावा आगामी 30 नवंबर को अपना पहला दीक्षांत समारोह मना रहा राज्य का दून विवि पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी एवं राज्य के चर्चित लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को मानद उपाधि देगा।

कुलपति प्रो. नौड़ियाल ने बताया कि दोनों विवि के दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य मुख्य अतिथि एवं प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत विशिष्ट अतिथि होंगे।

प्रीतम भरतवाण के बारे में :

लोकगायक और जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण को उत्तराखंड के साथ साथ देश विदेशों में उत्तराखंडी संस्कृति और ढोल को पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है। प्रीतम का जन्म देहरादून के रायपुर ब्लॉक के सिला गांव में एक औजी परिवार में हुआ था। जिस कारण लोक संगीत उन्हे विरासत में मिली है। उनके घर पर ढोल, डौर, थाली जैसे कई उत्तराखंडी वाद्य यंत्र हुआ करते थे, और घर में संगीत का मौहाल था। उनके पिता और दादा पहाड़ में होने वाले खास त्यौहारों में जागर लगाते थे। प्रीतम की शुरूवाती शिक्षा गांव के पास ही एक विद्यालय में हुई। बताया जाता है कि प्रीतम भरतवाण ने मात्र 6 साल से ही थाली बजाकर पहाडी संगीत को सीखना शुरू कर दिया था, आगे उन्होने संगीत की ट्रेनिंग भी ली। । संगीत के प्रति रूझान और उनकी कला की पहचान सबसे पहले स्कूल में रामी बारौणी के नाटक में बाल आवाज़ देने से हुई। उन्होने मसूरी के एक नृत्य नाटक में डांस किया जिसके बाद स्कूल के शिक्षकों पर उनकी नजर पड़ी। इसके स्कूल के बच्चों के साथ प्रीतम ने प्रिसिंपल के ऑफिस जाकर गाने का ऑडिशन दिया। जिसमें वो पास भी हो गये थे। इसके बाद तो उन्हे स्कूल के हर कार्यक्रमों में गाने का मौका मिलने लगा। सबसे खास बात यह रही कि मात्र 12 साल की उम्र में ही उन्होने लोगों के सामने जागर गाना शुरू कर दिया था. इस जागर को गाने के लिए उनके परिवार के जीजाजी और चाचा ने उन्हे कहा था।बताया जाता है कि वे जब अपने परिवार के लोगों के साथ शादी बारात में जाया करते थे, वहां उनके पिता और चाचा जागर लगाया करते थे। एक दिन जब आधी रात को जागर लगाते समय उनके पिता थक गए तो पिता ने प्रीतम से जागर लगाने को कहा। प्रीतम ने ऐसा जागर प्रस्तुत किया सभी मन्त्रमुग्ध हो गए। यही संगीत के क्षेत्र में उनकी पहली प्रस्तुति थी। वे ना सिर्फ जागर, बल्कि लोकगीत, पवांडा, और लोकगीत भी गाते हैं, और कई लोक वाद्य यंत्र भी बजाते हैं। प्रीतम को पहली सफलता 1995 में रामा कैसेंट से रिलीज हुई कैसेंट ‘तौंसा बौं’ से और आगे प्रसिद्धि ‘सरूली मेरू जिया लगीगे’ गाने से मिली। 1988 में प्रीतम ने ऑल इंडिया रेडियों के जरिए लोगो को अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रीतम भरतवाण को उनकी आवाज और प्रतिभा के लिए देश विदेशों में कई अवॉर्ड मिल चुके हैं। अमेरिका की सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी में वे विजिटिंग प्रोफेसर के तौर पर बच्चों को ढोल सागर सिखाने भी जाते हैं। वे उत्तराखंड की संस्कृति का विदेशों में प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रीतम का जन्मदिन अब उत्तराखंड में जागर संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड मुक्त विवि का दीक्षांत समारोह अब 27 व कुमाऊं विवि का 28 को

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p style=”text-align: justify;”>-दीक्षांत समारोह में अल्मोड़ा निवासी प्रख्यात लेखक-कवि एवं केंद्रीय फिल्म प्रमाणन (सेंसर) बोर्ड के निदेशक प्रसून जोशी को मानद उपाधि दी जाएगी
-150 से अधिक शोधार्थियों को पीएचडी, 4 को डी लिट, 2 को डीएससी एवं करीब 50 छात्र-छात्राओं को पदक किये जाएंगे भेंट, अभी बढ़ भी सकती है संख्या
-एक वर्ष के भीतर ही केवल 7 माह के अंतराल में आयोजित होगा कुविवि का दूसरा दीक्षांत समारोह
नैनीताल, 12 नवंबर 2018। पहले 14 व 15 को प्रस्तावित एवं निकाय चुनाव के कारण टला उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह अब 27 व 28 नवंबर को हल्द्वानी व नैनीताल में होंगे। इस बारे में सोमवार को स्थिति साफ हो गयी है। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने बताया कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के एएन सिंह सभागार में प्रस्तावित दीक्षांत समारोह में अल्मोड़ा निवासी प्रख्यात लेखक-कवि एवं केंद्रीय फिल्म प्रमाणन (सेंसर) बोर्ड के निदेशक प्रसून जोशी को मानद उपाधि दी जाएगी। साथ ही अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 150 से अधिक शोधार्थियों को पीएचडी, 4 को डी लिट, 2 को डीएससी एवं करीब 50 छात्र-छात्राओं को पदक भेंट किये जाएंगे। हालांकि पीएचडी, डीएससी व डी लिट की संख्या दीक्षांत समारोह तक होने वाले साक्षात्कारों के आधार पर बढ़ भी सकती है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में उमुवि का दीक्षांत समारोह 14 नवंबर व कुविवि का दीक्षांत समारोह 15 नवंबर को होना प्रस्तावित था। लेकिन इस बीच निकाय चुनावों की घोषणा हो जाने के बाद दीक्षांत समारोह को स्थगित करना पड़ा। इसके साथ ही मुख्य अतिथि के रूप में पधारने के लिए देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एवं उप राष्ट्रपति बेंकया नायडू को आमंत्रण भेजे गये थे, किंतु दोनों के कार्यालयों से इंकार कर दिया गया है। इससे पूर्व 13वां दीक्षांत समारोह 24 अक्तूबर 2016 को व 14वां दीक्षांत समारोह 18 मई 2018 को आयोजित हुआ था, और इस मौके पर देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को मानद उपाधि दी जाएगी। इस प्रकार यह पहला मौका होगा जब एक वर्ष के भीतर ही और केवल 7 माह के अंतराल में भी विवि का दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित होने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 14वां दीक्षांत समारोह भी एनएसए अजीत डोभाल के पास समय की उपलब्धता न होने के कारण दो बार टालना पड़ा था।

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  • 25 विषयों में 200 के करीब डीलिट, डीएससी व पीएचडी की उपाधियां देने का भी हुआ अनुमोदन

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय देश के ‘जेम्स बॉन्ड’ कहे जाने वाले उत्तराखंड मूल के, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को इस वर्ष आयोजित होने वाले विवि के दीक्षांत समारोह में मानद उपाधि से नवाजेगा। दीक्षांत समारोह के लिए आगामी 18 मार्च की तिथि रखी गयी है, किंतु राजभवन की ओर से बताया गया है कि इस तिथि के लिए अभी श्री डोभाल की ओर से समय नहीं मिल पाया है। कोशिश है कि उनकी सुविधा पर ही तिथि तय की जाएगी।

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शनिवार 23 फ़रवरी 2018 को कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल की अध्यक्षता में विवि प्रशासनिक भवन में आयोजित कुमाऊं विवि की कार्य परिषद एवं वित्त समिति ने गत 15 फरवरी 2018 को आयोजित विवि कोर्ट एवं विद्या परिषद द्वारा इस संबंध में पारित प्रस्तावों का अनुमोदन कर दिया। इसके साथ ही बैठक में दीक्षांत समारोह में वर्ष 2017 के करीब 200 शोधार्थियों को डीलिट, डीएससी व पीएचडी की उपाधियां देने का भी अनुमोदन कर दिया गया। साथ ही वित्त समिति ने शासन से विवि को वेतन के अतिरिक्त प्राप्त दो करोड़ रुपए के बजट का अनुमोदन भी कर दिया। बैठक में प्रभारी कुलसचिव बहादुर सिंह बिष्ट, वित्त अधिकारी अनिता आर्य, कार्य परिषद सदस्य डा. महेंद्र पाल, अरविंद पडियार, जेएस बुधानी, डा. सुरेश डालाकोटी व रसपाल मल्होत्रा के साथ डा. आराधना शुक्ल, डा. शेखर जोशी व डा. बीना पांडे आदि संकायाध्यक्ष तथा विधान चौधरी व अन्य सदस्य मौजूद रहे।

इससे पूर्व बृहस्पतिवार 15 फ़रवरी 2018 को कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल की अध्यक्षता में हुई कुमाऊं विश्वविद्यालय की कोर्ट सभा की बैठक में कार्य परिषद के सदस्य सुरेश डालाकोटी ने श्री डोभाल को मानद उपाधि देने का प्रस्ताव रखा, और अन्य सदस्य अधिवक्ता बहादुर सिंह पाल ने इसका अनुमोदन तथा सभी उपस्थित सभी कार्य परिषद सदस्यों से सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया। इसके अलावा 2016-17 में व्यक्तिगत छात्रों की परीक्षा को उत्तराखंड मुक्त विवि को हस्तांतरित किए जाने से विवि को करीब 22 करोड़ का आर्थिक नुकसान होने का आरोप लगाते हुए इसके दृष्टिगत राज्य सरकार से विवि के बजट में सुधार किए जाने अतिरिक्त अनुदान देने की मांग की गई। 

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  • नैनीताल के बच्चों ने एपीजे से बनाया था ‘काका कलाम’ का रिश्ता
  • ‘काका कलाम’ ने बच्चों से यहां कहा था- सपने देखो और उन्हें कार्यान्वित करो
  •  यहां 9-10 अगस्त 2011 नैनीताल के बच्चों से भी एक गुरु की भांति मिले थे दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति को
  • कहा था-‘असंभव कल्पनाएें करो और उन्हें पूरा कर अद्वितीय बनो’ , ‘मुझे कुछ लेना है’ के बजाय’ मुझे देश को कुछ देना है’ का भाव रखो

नैनीताल के सेंट मेरीज कान्वेंट हाई स्कूल में बोलते डा. कलाम।

नवीन जोशी, नैनीताल। ‘ड्रीम…. ड्रीम…. ड्रीम, ट्रांसफर देम इन टु थाट्स एंड रिजल्ट्स, एंड मेक एक्शन’ यानी खूब-खूब सपने देखो, उन्हें विचारों और परिणामों में बदलों और फिर कार्यान्वित करो। यह वे अनुकरणीय और प्रेरणादायी शब्द थे, जो दुनिया से ‘रातों को सोने न देने वाले सपने’ देखने का आह्वान करने वाले स्वप्नदृष्टा युगपुरुष दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डा. एपीजे अब्दुल कलाम ने नैनीताल के बच्चों से कहे थे। देश के शीर्ष पद व सम्मान प्राप्त करने और दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिक होने के बावजूद बच्चों को पढ़ाने, देश के ‘विजन-2020’ के लिए प्रेरणा देने के लिए उनके बीच ही बालसुलभ तरीके से अधिक समय लगाने वाले, वास्तविक अर्थों में सच्चे भारतीय, मां भारती के सच्चे सपूत, चमत्कारिक प्रतिभा के धनी, ज्ञान-विज्ञान व प्रौद्योगिकी के साथ ही कला, साहित्य, संस्कृति के साथ ही संगीत के प्रेमी, मानवता के पोषक, देश को स्वदेशी सैन्य ताकत से युक्त करने वाले ‘मिशाइल मैन’, ‘रामेश्वरम के कलाम’ को कदाचित पहली बार नैनीताल के बच्चों ने ही ‘काका कलाम’ नाम से पुकारा था। यहां डा. कलाम से सेंट मेरीज कान्वेंट हाई स्कूल में नौ अगस्त 2011 को बच्चों ने घंटे के वार्तालाप में उनसे ढेरों प्रश्न पूछकर अपने बालमन की अनेक जिज्ञासाएं भी शांत की थीं।

27 अगस्त 2015 को शिलांग में बच्चों को पढ़ाते हुए दिवंगत हुए बच्चों के प्यारे ‘काका कलाम’ 9-10 अगस्त 2011 को नैनीताल में भी बच्चों के बीच थे। यहां उन्होंने नगर के सेंट मेरी कांन्वेंट स्कूल में बच्चों को संबोधित किया व उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। यहां कलाम आये तो निर्धारित समय से एक घंटे बाद, लेकिन बच्चों के बीच ऐसे रमे कि पता ही नहीं चला कि कब निर्धारित से आधा घंटा अधिक समय बीत गया। यहां उन्होंने बच्चों के न केवल सवालों के जवाब दिये, वरन एक शिक्षक या बुजुर्ग से अधिक उन्हें जीवन की दीक्षाएें भी दीं। अपने वक्तव्य की शुरुआत उन्होंने बच्चों में यह विश्वास भरते हुऐ कि बच्चों में बड़ी महानता छुपी है, बच्चों को बताया कि कैसे बड़े लक्ष्यों को, कड़ी मेहनत से अच्छी पुस्तकों का लगातार अध्ययन करके ज्ञान को स्वयं में समाहित कर, उसका प्रयोग देश-समाज की समस्याओं को दूर करके महानता हासिल की जा सकती है। उन्होंने बच्चों से कहा, हमेशा ‘मुझे कुछ लेना है’ के बजाय’ मुझे देश को कुछ देना है’ का भाव रखें। भ्रष्टाचार की खिलाफत अपने घर से अपने पिता को प्रेरित करके करें तो यह समस्या स्वत: समाप्त हो जाऐगी। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताते हुऐ कहा कि प्राथमिक शिक्षा का रचनात्मक होना जरूरी है। शिक्षकों व पाठ्य सामग्री को भी रचनात्मक बनाना होगा, कक्षाओं लिये इसके।

नैनीताल के सेंट मेरीज कान्वेंट हाई स्कूल में नौ अगस्त 2011 को बच्चियों का अभिवादन करते दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम।

नैनीताल के सेंट मेरीज कान्वेंट हाई स्कूल में नौ अगस्त 2011 को बच्चियों का अभिवादन करते दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम।

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p style=”text-align: justify;”>अपनी पुस्तक ‘विंग्स ऑफ फायर’ का उद्धृत करते हुए उन्होंने बच्चों में यह विश्वास जगाया कि वह क्षमता, अच्छाई, विश्वास और सपनों सरीखे विचारों के पंखों के साथ पैदा हुऐ हैं, न कि रोने के लिये, क्योंकि उनमें पंख हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को रचनात्मक बनाता है। लेकिन इसके लिये विचारों में रचनात्मकता और चरित्र की सुंदरता, घर का अच्छा माहौल होने चाहिऐ, तभी ज्ञान दुनिया में शांति ला सकता है। देश के ‘विजन-2020’ पर उन्होंने कहा कि जहां 70 फीसद ग्रामीणों का उत्थान हो, उन्हें ऊर्जा व साफ पानी मिले तथा सामाजिक व आर्थिक कारणों से किसी को शिक्षा लेने से न रोका जाऐ, भ्रष्टाचार, गरीबी और खासकर महिलाओं व बच्चों के साथ होने वाले अपराध न हों, वह ऐसे भारत की कल्पना करते हैं। उन्होंने खासकर बालिकाओं से निडर, ज्ञानवान, संस्कृतिनिष्ठ व सशक्त बनने का आह्वान किया और विश्वास दिलाया कि महिलाएें सशक्त होंगी तो देश स्वत: विकसित राष्ट्र बन जाऐगा। इससे पूर्व उन्होंने विद्यालय पहुंचने पर सबसे पहले बच्चों से ही हाथ मिलाऐ और फूल ग्रहण किये। बच्चों के शिर पर हाथ रखकर भी उन्होंने आशीर्वाद दिये। ऐसा लगा नहीं कि देश के सर्वाेच्च पद पर बैठा और मिसाइल मैन कहा जाने वाला एक सामने हो युगदृष्टा बच्चों के। तभी तो विद्यालय के भीतर न आ पाऐ स्थानीय बच्चे घरों और सड़क के पार से भी उनके स्वागत में नारेबाजी कर रहे थे।
With APJ Abdul KalamWith APJ Abdul Kalaamवहीं अगले दिन कुमाऊं विवि के 11 वें दीक्षांत समारोह में बच्चों को दीक्षोपदेश देते हुऐ कलाम ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वह ग्राहम बेल, सर सीवी रमन, रामानुजम, राइट भाईयों, एडीशन, हार्डी व प्रो. चंद्रशेखर की भांति असंभव कल्पनाएें को पूरा करने की हिम्मत दिखाकर अद्वितीय (यूनीक) बनें, तभी वह मानवीय सीमाओं को तोड़ सकते हैं। कहा कि अद्वितीय बनने के लिये उन्हें जीवन में ऊंचे लक्ष्य रखने होंगे, लगातार ज्ञानार्जन करना होगा, कठिन परिश्रम करना होगा तथा महान उपलब्धि का अहसास करने के लिये दृढ़ रहना होगा, यदि ऐसा करेंगे तो स्वत: ही आप अद्वितीय बन जाएेंगे। इस दौरान कुमाऊं विवि के 36,711 विद्यार्थियों को उपाधियां तथा स्नातकोत्तर के 26 व स्नातकोत्तर स्तर पर सर्वोच्च अंक प्रदान करने वाले विद्यार्थियों को कुलपति स्वर्ण, रजत व कांश्य तथा चार छात्राओं को गौरा देवी स्वर्ण पदक व दो अन्य पदक प्रदान किये। उन्होंने उपाधि धारकों व पदक विजेताओं से बातचीत भी की।

बताया था आज और कल का अंतर

नैनीताल। दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति डा. कलाम ने कहा था कि आज नये तरीके से सोचने की जरूरत है। कल के तरीके से आगे काम नहीं चल सकता। उन्होंने आज और कल में अंतर बताते हुऐ कहा कि कल प्राकृतिक संसाधनों का अर्थ शक्ति, ताकत से होता था, जबकि आज ज्ञान ताकत है। कल पदानुक्रम से सत्ता चलती थी, और तालमेल से काम चलाने का समय है। कल शेयरहोल्डर पहले गिने जाते थे, आज उपभोक्ता पहले गिने जाते हैं। कल नियोक्ता आदेश देते थे आज टीम या समूह निर्णय लेते हैं। कल वरिष्ठता से आपकी स्थिति बतलाई जाती थी, आज आपकी रचनात्मक आपको आगे बढ़ाती है। कल उत्पादक उपलब्धता पर आधारित था, आज प्रतिस्पर्धा महत्वपूर्ण है। कल कीमत अतिरिक्त कारक थी आज कीमत ही सब कुछ है। कल हर कोई प्रतिस्पर्धी था, आज हर कोई उपभोक्ता है तथा कल अवसरवादिता के आधार पर लाभ प्राप्त किये जा सकते थे, जबकि आज कार्य और सफलता मेहनत से ही प्राप्त किये जा सकते हैं।

‘विजन 2020’ में उत्तराखंड को बताई थी उसकी हिस्सेदारी

नैनीताल। डा. कलाम ने देश के विजन-2020 में उत्तराखंड को भी दायित्व सोंपा था। कहा था-इसके लिये उत्तराखंड को अगले नौ वर्षों में प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करना होगा। साक्षरता दर को 9 0 फीसद करना होगा। शिशु मृत्यु दर जो 10 प्रति हजार है, उसे कम करना होगा। पर्यटक राज्य के रूप में देशी पर्यटन को दो एवं विदेशी पर्यटन को तीन गुना करना होगा। राज्य वासियों में अधिक धनार्जन की क्षमता विकसित करनी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी सुविधाएें देनी होंगी तथा राज्य की जैव विविधता खासकर जैव ईधन एवं प्राकृतिक औषधियों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने राज्य से अपने कार्बन उत्सर्जन के बराबर कार्बन सोखकर को ‘कार्बन न्यूट्रल स्टेट’ बनने को भी कहा।

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नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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