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सुबह का सुखद समाचार: उत्तराखंड में भूमाफिया के खिलाफ अभियान चलाएगी पुलिस, खुलेगी हिस्ट्रीशीट, होगी गैंगस्टर में कार्रवाई, जिला बदर भी होंगे..

Government in action on land mafia, rescued 3839 acres in 6 months |  भूमाफिया पर एक्शन में सरकार, 6 महीने में 3839 एकड़ छुड़ाई | Patrika Newsडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अगस्त 2022। उत्तराखंड पुलिस अब प्रदेश में भू-माफिया के खिलाफ अभियान चलाएगी। इस संबंध में प्रदेश के डीजीपी यानी पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को भू-माफियाओं का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई और जिला बदर किया जाएगा। उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। साथ ही उनके लाइसेंसी शस्त्र भी निरस्त किए जाएंगे।

डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि इस समय प्रदेश में जमीनों से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। पुलिस मामलों में कार्रवाई भी कर रही है, लेकिन जरूरी है कि एक विशेष अभियान चलाया जाए। इसी क्रम में सभी जिलों को निर्देशित किया गया है। रेंज, जिला और थाना स्तर पर भू-माफिया को चिह्न्ति किया जाएगा। उनका पूरा डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके बाद उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी जिलों से कहा गया कि वह अपने यहां इन रजिस्टरों को लगातार अपडेट करें। यदि कोई नया भू-माफिया चिह्नित होता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। यही नहीं, जनता यदि कोई शिकायत लेकर आती है, तो उसमें तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। इसकी मासिक सूचना पुलिस मुख्यालय को भी की जाए, ताकि इसकी समय-समय पर समीक्षा की जा सके। डीजीपी के अनुसार, इस काम में लापरवाही करने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भू-माफिया के साथ गठजोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लावारिस भूमि के बारे में कराएं अवगत
डीजीपी ने बताया कि उन्होंने जिलों के पुलिस अधिकारियों को कहा कि यदि कार्रवाई के दौरान कोई लावारिस भूमि सामने आती है, तो संबंधित विभाग को सूचित कर दिया जाए। इसके अलावा सरकारी संपत्तियों पर अधिकार जमाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाऐ।

शासन में चल रही यूपी की तर्ज पर भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई की कवायद

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से भू-माफिया घोषित करने की व्यवस्था है। वहां पर शासन, मंडल, जिला, तहसील स्तर पर समितियां बनी हुई हैं। यह समितियां विचार करती हैं कि किसको भूमाफिया घोषित किया जाए या नहीं। यदि भू-माफिया घोषित किया जाता है, तो उसकी संपत्ति को जब्त कर लिया जाता है। ऐसी हजारों कार्रवाइयां उत्तर प्रदेश में हो रही हैं। इस व्यवस्था का अवलोकन उत्तराखंड शासन में भी किया जा रहा है। पिछले दिनों उत्तराखंड पुलिस से इसका एक ड्राफ्ट भी गृह विभाग ने मांगा था। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 62 नाली भूमि के जरिए करोड़ों की धोखाधड़ी-नुकसान पहुंचाने के आरोपित भाई-बहन पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

-अदालत ने खारिज किया अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज
नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपयों से ठगा - Mandal Newsडॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 मई 2022। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार जोशी की अदालत ने 1.238 हैक्टेयर यानी 62 नाली भूमि के नाम पर एक व्यक्ति से 50 लाख रुपए एवं उसे कुल तीन करोड़ 95 लाख का नुकसान पहुंचाने के आरोपित भाई-बहन का अंतरित जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। इस प्रकार उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।

जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने पीड़ित आकाश गंगा प्राइवेट लिमिटेड पीलीकोठी के निदेशक रामकुंवर सिंह पुत्र स्वर्गीय केदार जोशी निवासी वर्नन कॉटेज लौंग व्यू नैनीताल की शिकायत के आधार पर अदालत को बताया कि पांडे गांव भीमताल निवासी भाई बहन गुंजन पांडे व भावना पांडे ने पांडे गांव में अपनी 1.238 हैक्टेयर भूमि पर 3 जून 2021 को प्रोजेक्ट बनाने के लिए 30ः70 फीसद हिस्से का इकरारनामा किया।

इस पर शिकायतकर्ता ने दोनों भाई-बहन को 50 लाख रुपए दिए एवं मौके पर प्रोजेक्ट हेतु वर्ष 2013-14 से चल रही प्रक्रिया के तहत अब तक 3.95 करोड़ रुपए खर्च करा दिए। लेकिन अब पता चला है कि वह भूमि दोनों भाई-बहन की नहीं है, बल्कि उसका बंटवारा हो चुका है। अब वह रुपए लौटाने को कहने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस मामले में आरोपितों ने अपनी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया था।

इस पर डीजीसी शर्मा ने यह भी कहा कि वह इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस से भी सहयोग नहीं कर रहे हैं, और अपने पते पर भी नहीं मिल रहे हैं। उनके जमानत मिलने पर भागने की भी पूर्ण संभावना है। इसलिए वह अग्रिम जमानत पाने के अधिकारी नहीं हैं। इस आधार पर न्यायालय ने उनका अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उच्च न्यायालय कर्मी से जमीन खरीदने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी ! धनराशि लौटाने की गुहार

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जनवरी 2022। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कर्मचारी के साथ जमीन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है।

उच्च न्यायालय में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत गोपाल दत्त जोशी ने एसएसपी कार्यालय में शिकायती पत्र देकर कहा है कि उसने अगस्त 2021 में ग्राम चौखुटा धारी में तीन नाली जमीन खरीदने के लिए सौदा कराने वाले व्यक्ति को बयाने के रूप में 60 हजार रुपए नगद और दो लाख 60 हजार रुपए बैंक खाते में जमा कराए। इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति रजिस्ट्री कराने में टालामटोली करने लगा।

इधर 26 दिसंबर को उल्टा उस व्यक्ति की ओर से उसे लीगल नोटिस भेज कर पूर्व में हुए इकरारनामे को निरस्त करने और रकम वापस लौटाने की बात कही गई। लेकिन न ही इकरारनामा निरस्त किया गया और न ही उसे उसके द्वारा दी गई धनराशि लौटाई गई। लिहाजा उसने उसके द्वारा दी गई धनराशि लौटाने की मांग की है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में दलितों की जमीन बाहरी लोगों के खरीदने पर शासन से जांच के आदेश

दौलतपुर चौक CHC में बच्ची के सेप्टिक टैंक में गिरने के मामले में जांच के  आदेशनवीन समाचार, देहरादून, 30 नवंबर 2021। प्रदेश शासन ने जनपद नैनीताल की धारी तहसील के सरना गांव में समुदाय विशेष द्वारा बड़ी मात्रा में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की भूमि खरीदे जाने के मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। शासन ने नैनीताल के जिलाधिकारी को मामले का परीक्षण कर तत्काल आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के अपर सचिव राजस्व डॉ. आनंद श्रीवास्तव ने इस सम्बन्ध में नैनीताल के जिलाधिकारी को जांच के लिए पत्र लिखा है।

उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता व पूर्व दायित्वधारी अजेंद्र अजय ने विगत माह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिख कर सरना गांव में समुदाय विशेष के व्यक्तियों द्वारा अनुसूचित जाति के निवासियों को लालच और डरा-धमका कर उनकी भूमि कौड़ियों के भाव खरीदने का आरोप लगाया था। पत्र में उन्होंने अवगत कराया था कि विगत सितम्बर माह में 21 व 22 तारीख को सरना गांव में एक साथ अलीगढ़, संभल आदि स्थानों के 13 व्यक्तियों के द्वारा भूमि की रजिस्ट्री कराई गई है।

यह भी आरोप लगाया था कि यह भूमि बाजार भाव के विपरीत कौड़ियों के दाम में खरीदी गई है। खरीदारों ने लेन-देन नकद किया है। इससे संदेह पैदा हो रहा है कि एक व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा यह बेनामी संपत्ति खरीदी गई है। अजेंद्र के पत्र पर शासन ने नैनीताल के जिलाधिकारी को प्रकरण का परीक्षण कर सुस्पष्ट आख्या तत्काल शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल निवासी व्यक्ति से जमीन खरीदने के नाम पर धोखाधड़ी, महिला व सेना के जवान सहित चार लोगों पर मुकदमा दर्ज

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 नवंबर 2021। शहर के मुखानी थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर प्रापर्टी डीलरों के द्वारा एक महिला से सात लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में पुलिस ने भारतीय सेना के एक जवान समेत चार लोगों पर अभियोग पंजीकृत कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तल्लीताल नैनीताल निवासी मुस्ताक अली खान का एक 1500 वर्ग फीट का प्लाट ग्राम जयदेवपुर हल्द्वानी में है। तीन साल पहले उसने प्लाट बेचना चाहा। इस दौरान उसकी मुलाकात कौशल कालोनी दो नहरिया निवासी आनंद सिंह डसीला व जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा निवासी कुबेर सिंह कार्की से हुई। दोनों ने खुद को प्रापर्टी डीलर बताया और प्लाट बिकवाने की बात कही।

24 अक्टूबर 2018 को आनंद व कुबेर ने उसे उसका प्लॉट खरीदने के लिए मूल रूप से ग्राम बलिगाड बेरीनाग पिथौरागढ़ की और वर्तमान में मुखानी हल्द्वानी निवासी बताई गई ज्योति देवी नाम की महिला से मिलाया। आनंद व कुबेर के भरोसे से उसने ज्योति देवी से प्लाट का सौदा 7.67 लाख रुपए में तय किया। 17 हजार रुपये बयाना देने के बाद इन दोनों ने जमीन की रजिस्ट्री के दौरान 25 अक्टूबर 2018 को शेष धनराशि देने की बात कही।

रजिस्टी के समय महिला ने उसे जमीन की कीमत का चेक दिया। चेक बैंक में जमा करने पर पता चला कि अकाउंट में रुपये ही नहीं है। इस पर उसने दोनों प्रापर्टी डीलरों व महिला से संपर्क करने का प्रयास किया तो वह टालमटोल करने लगे। एसओ कवींद्र शर्मा ने बताया कि इस मामले में दोनों प्रॉपर्टी डीलरों, चेक देने वाली महिला व उसके भारतीय सेना में सैनिक के रूप में कार्यरत पति के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : ग्रामीण की धोखे से बिन एक भी रुपया दिये करा ली साढ़े नौ नाली जमीन की रजिस्ट्री

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 नवंबर 2021। जनपद में एक व्यक्ति की करीब साढ़े नौ नाली जमीन बिना एक भी रुपया दिये रजिस्ट्री कराने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति ने उससे धोखे से रजिस्ट्री करा लेने का आरोप लगाते हुए भूमि का दाखिल-खारिज किए जाने पर आपत्ति लगा दी है। इसके बाद उसे व उसके परिवार को जबरन कब्जा किये जाने को लेकर धमकाया जा रहा है। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है।

Koshi Live-कोशी लाइव

जनपद के ग्राम बेल पट्टी खुर्पाताल निवासी सुंदर जेम्स पुत्र जे जेम्स ने बताया कि उन्होंने करीब 10 वर्ष पूर्व अपनी गांव की करीब छह नाली कृषि भूमि गांव के ही विजय पुत्र भीम सिंह गैड़ा को कमाने के लिए दी थी। विजय ने उसे धोखे में रखकर और बंदूक का भय दिखाकर एक खेत की बात कह तीन खेत चढ़ाकर करीब साढ़े नौ नाली भूमि की रजिस्ट्री प्रॉपर्टी डीलर चंद्रशेखर बृजवासी पुत्र भुवन चंद्र बृजवासी निवासी ग्र्राम जयपुर पाडली के नाम करा दी। इस भूमि विक्रय की कीमत रजिस्ट्री में दो लाख 70 हजार रुपए दिखाए जबकि उसे एक रुपया भी नहीं दिया गया। इसकी बृजवासी की ओर से स्वीकारोक्ति की रिकॉर्डिंग भी उनके पास है।

इस पर उन्होंने गत सितंबर माह में दाखिल-खारिज पर तहसील नैनीताल न्यायालय में आपत्ति भी लगा दी थी। इस पर दाखिल खारिज अभी नहीं हुई है, और प्रॉपर्टी डीलर का कब्जा भी नहीं है। अब प्रॉपर्टी डीलर द्वारा उन्हें कब्जा करने के लिए धमकाया जा रहा है। उन्होंने गांवों में इस तरह जबरन की जा रही जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की मांग भी की है। इस मामले में अधिकारी संज्ञान लेने की बात कह रहे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : नैनीताल : जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर बेच दी पैतृक जमीन, मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच शुरू …

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 दिसम्बर 2020। तहसील कोश्या कुटोली के अंतर्गत आने वाले जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव पंगूट में जिंदा व्यक्ति को मृत दर्शा कर उनकी पैतृक भूमि बेचने के मामले में थाना भवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंगूट गांव निवासी हरि कृष्ण पुत्र लक्ष्मी दत्त ने एसडीएम प्रतीक जैन तथा चौकी खैरना को शिकायती पत्र देकर कहा था कि वह वर्तमान में कालाढूंगी तहसील के कमोला गांव में रहते हैं। उनकी पैतृक संपत्ति पंगूट में है। बीते दिनों जब उन्होंने व्यक्तिगत कार्य के लिए जमीन के दस्तावेज निकाले तो अभिलेखों में उन्हें मृत दर्शाया गया था। साथ ही उनकी जमीन भी किसी और के नाम व कब्जे में दर्शाई गई थी यह देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पंगूट मुख्य बाजार में स्थित जमीन पर जाकर देखा तो वहां पर किसी व्यक्ति ने पार्किंग का निर्माण कर डाला है। साथ ही कोई अन्य व्यक्ति जमीन पर अपना कब्जा बता रहा था। परेशान होकर वह बीते दिनो अपना जीवित प्रमाण पत्र लेकर तहसील पहुंचे। दर-दर भटकने के बाद हल्द्वानी कैंप कार्यालय में एसएसपी सुनील कुमार मीणा से मुलाकात करने के बाद बीते नौ दिसंबर को भवाली कोतवाली में बुधलाकोट निवासी पदमा दत्त, सतीश चंद्र तथा कालाढूंगी निवासी कांति बल्लभ एवं कुछ अन्य सह खातेदारों पर मिलीभगत के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच भवाली कोतवाली के एसआई विमल मिश्रा को सौंपी गई। जांच अधिकारी विमल मिश्रा के अनुसार मामले के खुलासे को जांच टीम ने पहले चरण में मुकदमा दर्ज कराने वाले हरि कृष्ण के बयान दर्ज कर लिए हैं। जांच टीम अब तहसील कोश्या कुटोली पहुंच मामले से जुड़े अहम अभिलेख भी जुटाऐगी ताकि जल्द मामले का पर्दाफाश हो सके।

यह भी पढ़ें : फर्जी कागजातों से दूसरे की करोड़ों की 50 एकड़ भूमि बेच दी, नहीं मिली अग्रिम जमानत..

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 नवम्बर 2020। प्रथम अपर जिला न्यायाधीश एवं प्रभारी जिला न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने दूसरे की भूमि बिना भूमि मालिक की जानकारी के बेचने के एक आरोपित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बृहस्पतिवार को आरोपित चंद्र बल्लभ टम्टा पुत्र भवानी राम टम्टा निवासी डीडीए फ्लैट सेक्टर 22 द्वारिका नई दिल्ली की अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि तीन आरोपितों चंद्र बल्लभ टम्टा, चंद्रशेखर टम्टा व पवन अग्रवाल ने अपने रिश्तेदारों हयात राम, दीपक कुमार, कुंदन लाल, ख्याली राम व प्रदीप कुमार के साथ मिलकर रामनगर के बलबीर गार्डन में करीब 20 हैक्टेयर जमीन खरीदी और बाद में इस भूमि सहित 50 एकड़ भूमि को 22 लाख रुपए प्रति एकड़ के भाव से अर्पण अग्रवाल पुत्र राजीव अग्रवाल निवासी मोहल्ला ज्वाला लाइन से फर्जी इकरारनामे से कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर भूमि की वास्तविक मालकिन जानकी देवी पत्नी महेश चंद्र आगरी निवासी इंद्रपुरी नई दिल्ली ने गत 16 अक्टूबर को थाना रामनगर में धारा 427, 420 व 406 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। शर्मा ने अदालत में दलील की पीड़िता ने कभी भी इस भूमि को बेचने का सौदा नहीं किया था, फिर भी आरोपित ने इसके बदले 75 लाख रुपए की धनराशि प्राप्त कर ली है। इस आधार पर न्यायालय ने आरोपित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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