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मुख्यमंत्री ने लॉक डाउन खुलने की स्थितियों के लिए उच्चाधिकारियों से की चर्चा

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नवीन समाचार, देहरादून, 4 अप्रैल 2020। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविद-19) के संक्रमण की स्थिति के शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाऊन खुलने की स्थिति में भीड़ को रोकने और सामाजिक दूरी के नियम का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली जाए। कोरोना वायरस से बचाव कार्यों में जो लोग सहयोग नहीं करते हैं उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। लोग सरकार का साथ दें, इसके लिए सभी धर्मगुरूओ और समाज के प्रबुद्धजनों का सहयोग लिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा व एडीजी वी विनय कुमार उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : मुख्यमंत्री ने ‘लॉक डाउन’ और साफ की बात, साथ ही दी अधिक ऐहतियात बरतने की हिदायत

नवीन समाचार, देहरादून, 2 अप्रैल 2020। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में नियत समय पर ‘लॉक डाउन’ हटने का इशारा किया है। निश्चित ही यह तब संभव होगा, जब राज्य वासी अधिक कोरोना के प्रति अधिक ऐहतियात बरतेंगे। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश भर के मुख्यमंत्रियों के साथ किये गए संवाद के बाद प्रतिदिन की भांति राज्यवासियों को अपना वीडियो संदेश जारी करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने अपने फेसबुक पेज पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिये गए निर्देशों के हवाले से लिखा है, ‘लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी हमें लंबे समय तक सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। तभी जाकर कोरोना के प्रभाव को समूल रूप से खत्म किया जा सकता है।’ साथ ही उन्होंने साफ किया कि प्रदेश के कई लोग लॉक डाउन की अवधि 1 बजे से कम करने की मांग कर रहे हैं। आगे इस पर निर्णय लेंगे, लेकिन अभी एक बजे तक ही लॉक डाउन जारी रहेगा।

देखें मुख्यमंत्री का सन्देश :

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से कहा है कि आगामी 15 अप्रैल को लॉक डाउन खुलेगा, उसके बाद भविष्य के लिए भी हम रणनीति बनाएं। हम एनसीसी-एनएसएस के युवा कैडेटों को प्रशिक्षण देंगे ताकि उनकी सेवाओं का लाभ प्रभावित लोगों को दे सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि हम मिलकर कोरोना संक्रमण को केवल और केवल ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ का ख्याल रख कर हरा सकते हैं। इसमें यदि हमने जरा भी लापरवाही की तो हमारी 21 दिन की तपस्या का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। हमें सतर्क रहना है, सावधान रहना है और केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का अनुपालन करना है।

यह भी पढ़ें : केंद्र सरकार ने साफ की लॉक आउट को आगे बढ़ाने की अफवाहों पर स्थिति..

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 30 मार्च 2020। देश मे 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने फिलहाल विराम लगा दिया है। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि कोरोना विषाणु के कारण पूरे देश में जारी 21 दिनों का लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सोमवार को साफ किया कि सरकार की लॉकडाउन बढ़ाने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं लॉकडाउन बढ़ाने की रिपोर्ट देखकर चौंक रहा हूं। सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।’
उल्लेखनीय है कि भारत में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऐसी रिपोर्ट आ रही थीं कि सरकार लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार कर सकती है। हालांकि सरकार के स्पष्टीकरण के बाद लॉकडाउन पर संशय खत्म हो चुका है। भारत में कोरोना के अब तक 1,024 मरीज सामने आए हैं जबकि 27 लोगों की इस घातक बीमारी से मौत हुई है। देश मे 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने फिलहाल विराम लगा दिया है। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि कोरोना विषाणु के कारण पूरे देश में जारी 21 दिनों का लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सोमवार को साफ किया कि सरकार की लॉकडाउन बढ़ाने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं लॉकडाउन बढ़ाने की रिपोर्ट देखकर चौंक रहा हूं। सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।’
उल्लेखनीय है कि भारत में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऐसी रिपोर्ट आ रही थीं कि सरकार लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार कर सकती है। हालांकि सरकार के स्पष्टीकरण के बाद लॉकडाउन पर संशय खत्म हो चुका है। भारत में कोरोना के अब तक 1,024 मरीज सामने आए हैं जबकि 27 लोगों की इस घातक बीमारी से मौत हुई है।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री ने दिया स्पष्टीकरण, बताया केवल कौन लोग 31 को कर सकेंगे आवागमन

नवीन समाचार, देहरादून, 29 मार्च 2020। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगामी 31 मार्च को लॉक डाउन में छूट को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने साफ किया है कि 31 मार्च को लॉकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर दूसरे जिले में फंस गए लोग ही सुबह 7 बजे से सांय 8 बजे तक अपने घर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जगह-जगह से ऐसी बातें आ रही थी कि बहुत से लोग अपने काम से आए हुए थे और लॉकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर फंसे हैं। इसलिए केवल मंगलवार 31 मार्च के लिए ही यह विंडो खोली जाएगी। इस दौरान कहीं जाने के लिए लोगों को वाजिब कारण बताना होगा। हर किसी को इसकी छूट नहीं होगी। यात्री को यह साबित करना होगा कि वह दूसरी जगह से आया हुआ है। ऐसा न करने पर अनुमति नहीं दी जाएगी। सही कारण न पाए जाने एवं गलत तथ्य देने पर संबंधित के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान बसों व टैक्सियों को सेनेटाइज करवाना तथा सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना होगा। यात्रा ‘पॉइन्ट टू पॉइन्ट’ ही की जा सकेगी। बीच में कहीं भी रुकने की अनुमति नहीं होगी। यात्री को अपना भोजन व पानी साथ लेकर ही चलना होगा। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर मेडिकल चेकअप किया जाएगा। यदि कोई संदिग्ध या संक्रमित पाया जाता है तो उसे आइसोलेशन वार्ड में ले जाया जाएगा। कहा है कि व्यक्ति को अपना परिचय पत्र साथ रखना होगा और यात्रा पर डिक्लेरेशन यानी घोषणा पत्र भी देना होगा।

यह भी पढ़ें : कोरोना से लड़ने को नैनीतालवासियों ने पेश की ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ की मिसाल

-1 की जगह 10 बजे ही लौट गए लॉक डाउन पर..

डीएसए मैदान में सब्जियां लेने के लिए सामाजिक दूरी बनाते हुए गोलों में खड़े लोग।

खुर्शीद हुसैन @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 मार्च 2020। कोरोना (कोविड -19) महामारी से लड़ने के लिये पूरे देश में हुये लॉक डाउन के दौरान उत्तराखंड में सुबह सात बजे से एक बजे तक मिल रही छूट के दौरान सरोवरनगरी में दूसरे दिन बेहतरीन प्रशासनिक व्यवस्थाएं देखने को मिलीं। शनिवार को यहां जनता ने फ्लैट्स मैदान में सब्जियां व घरेलू गैस खरीदते हुए गोल घेरों में खड़े होकर सोशल डिस्टैन्सिंग यानी सामाजिक दूरी बनाने के नियम का पूरा अनुपालन किया, साथ ही चेहरों पर मास्क भी पहने। इस दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा लोगों को माइक के माध्यम से सब्जियों के दाम भी बताये जा रहे थे, जिससे पारदर्शिता बनी रही और जनता को सस्ती सब्जी उपलब्ध हुई। साथ ही लोग एक बजे की जगह 10 बजे ही पहले अपने घरों को लौट भी गए। सब्जियों के लिए आज केवल एक ही लाइन भी लगानी पड़ी। उधर राशन की खरीद में समस्या बनी हुई है। मैदानी क्षेत्रों से राशन न आने अथवा महंगा आने की शिकायतों के बीच नगर में भी राशन की सामग्री महंगी तथा सीमित मात्रा में ही मिल रही है।
ऐसे में जनता ने बिना किसी आपाधापी के शांति व तसल्ली से सब्जियां खरीदीं और खुशी- खुशी अपने घर लौटे। व्यवस्था बनाने में डीएम सविन बंसल के निर्देशन एवं एसडीएम विनोद कुमार के नेतृत्व में तहसीलदार भगवान सिंह व उनकी टीम ने तथा एसएसपी सुनील कुमार मीणा के निर्देशन व एएसपी राजीव मोहन के नेतृत्व में सीओ सिटी विजय थापा, यूनुस खान व कोतवाल अशोक कुमार सिंह तथा उनकी पुलिस टीम ने उल्लेखनीय योगदान दिया। साथ ही नगर के प्रथम नागरिक नगर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी के नेतृत्व व निर्देशन में नगर पालिका के सुरेश चंद्र, पुष्कर बोरा, मनोज साह जगाती, सागर आर्या, गजाला कमाल, निर्मला चंद्रा, दया सुयाल, रेखा आर्या आदि सभासदों ने भी जनता व प्रशासन का भरपूर सहयोग किया, वहीं टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष नीरज जोशी तथा भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, हरीश राणा व मोहित साह सहित अन्य कई समाजसेवियों ने भी मल्लीताल फ्लैट्स में सुबह से आकर शासन-प्रशासन तथा जनता का भरपूर सहयोग कर व्यवस्था को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : कल से भी लगातार एक बजे तक खुलेंगी दुकानें, 5 में से 3 रोगी हुए कोरोना मुक्त…

नवीन समाचार, देहरादून, 27 मार्च 2020। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं लॉक डाउन की अवधि को लेकर मुख्य सचिव उत्तराखंड उत्पल कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने बताया कि अग्रिम आदेशों तक आवश्यक सेवाओं की दुकानें प्रातः सात से एक बजे तक ही खुली रहेंगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराने के साथ ही इस दौरान केवल दोपहिया वाहन केवल एक व्यक्ति के साथ आवाजाही कर सकेंगे, जबकि चार पहिया वाहन पूर्णतया वर्जित रहेंगे।

देखें मुख्यमंत्री का ताज़ा विडियो संबोधन : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि राज्य के पांच में से तीन कोरोना संक्रमित रोगियों की रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है। चिकन-मटन आदि की दुकानें खुलेंगी। मोहल्लों में विक्रेता भी आ सकेंगे।

यह भी पढ़ें : बाजार ‘एक तक’ खोलने से सब्जी की व्यवस्थाएं सुधरीं, राशन में भी सुधार की जरूरत…

-अधिक समय मिलने के बावजूद 10 बजे तक ही लोगों ने निपटा ली खरीददारी
-आढ़तियों के अलावा प्रशासन ने भी उपलब्ध कराईं सब्जियां, लोगों ने आराम से खरीदीं सब्जियां

सुबह बारिश के दौरान छाते पकड़कर लाइन में सब्जियों के लिए खड़े लोगों की लाइन

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 मार्च 2020। शासन द्वारा सुबह आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी के लिए सात से 10 बजे की जगह एक बजे तक का समय दिया गया तो व्यवस्थाएं काफी हद तक सामान्य हो गईं। लोगों ने बिना किसी आपाधापी के आराम से खरीददारी की। लोग सुबह हल्की बारिश के बावजूद सब्जियां लेने पहुंच गए थे, लेकिन प्रशासन द्वारा बनाए गए गोलों में खड़े होकर आगे बढ़ते रहे और आराम से फलों व सब्जियों की खरीददारी की तथा एक बजे तक का समय होने के बावजूद सुबह 10 बजे तक ही अधिकांश लोग खरीददारी कर के घर को लौट गए। यहां तक कि नगर के डीएसए फ्लैट्स मैदान में जहां सब्जी मंडी लग रही है, 10 बजे ही व्यवस्थाओं में लगे पुलिस कर्मी भी वापस लौट गए। सब्जी मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग भी काफी हद तक सफल होती दिखाई दी। हालांकि लोग सफल डिस्टेंसिंग के प्रति उतने सजग नहीं दिखे, लेकिन प्रशासन एवं पुलिस के लोग तथा स्वयं सेवी युवा लोगों को लगातार दूर-दूर रहने के लिए प्रेरित करते रहे। इस प्रकार व्यवस्थाएं बेहतर करने में पुलिस एवं प्रशासन की बड़ी भूमिका रही है।

फल-सब्जियां मिलीं सस्ती, पर कम राशन की किल्लत
नैनीताल। नगर में आढ़तियों के साथ ही पुलिस-प्रशासन के द्वारा भी सब्जियां उपलब्ध कराईं गईं। ऐसे में आलू व प्याज 30 रुपए प्रति किग्रा। मटर व संतरे 40 रुपए प्रति किग्रा, केले 40 रुपए प्रति दर्जन जैसी सामान्य दरों पर उपलब्ध हुए। वहीं बाजार में खासकर राशन की सभी दुकानें न खुलने से जरूर लोगों को समस्या हुई। यहां तक कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें भी बंद नजर आईं। जो दुकानें खुलीं उनमें 5-10 किलो के चावल-आटे के पैक भी खत्म हो चुके हैं।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : शुक्रवार को एक बजे तक खुलेंगी आवश्यक वस्तुओं की दुकानें

नवीन समाचार, देहरादून, 26 मार्च 2020। राज्य में कल यानी शुक्रवार को सुबह सात से एक बजे तक दुकानें खुलेंगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार देर शाम इस बारे में वीडियो कांफ्रेंस से इस बाबत दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं। बताया गया है कि इस दौरान राशन, सब्जी व मेडिकल सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी। इस दौरान केवल दो पहिया वाहन केवल एक सवारी के साथ चल सकते हैं। चार पहिया वाहनों को बिल्कुल भी नहीं चलने दिया जाएगा। ऐसा सुबह सात से 10 बजे तक की छूट के दौरान अत्यधिक भीड़ बढ़ जाने के कारण किया गया है।

यह भी पढ़ें : हम नहीं सुधरेंगे ! हमें कोरोना से नहीं-सिर्फ पुलिस से है डर !

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मार्च 2020। जी हां, देश-प्रदेश, शहरवासी अब भी कोरोना की भयावहता को नहीं समझ रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दोनों हाथ जोड़कर किये गए निवेदन पर भी उनके ज्ञान चक्षु नहीं खुले हैं। उन्हें अब भी कोरोना से कोई डर नहीं है। डर है तो सिर्फ पुलिस के डंडे से। वे अपने कृत्यों से साफ कह रहे हैं, ‘हम नहीं सुधरेंगे।’ वे सुबह सात से 10 बजे की ढील में एक-दूसरे से ऐसे चिपक कर चल रहे हैं, मानो उन्हें कोरोना ने इस दौरान संक्रमण न करने कीे कोई गारंटी दे दी हो।
जिला-मंडल मुख्यालय में बृहस्पतिवार को सुबह सात से 10 बजे तक दिखी तस्वीर यही बयां करती नजर आई। लोग इस तरह सब्जी व राशन आदि खरीदने को एक-दूसरे से चिपक कर पहले सामान लेने की होड़ में नजर आए, जैसे आज ही पूरी जिंदगी का सामान खरीद लेंगे। जबकि ऐसा कभी भी संभव नहीं है। लोगों ने डीएसए फ्लैट्स मैदान में अलग-अलग खड़े होने के लिए पुलिस, प्रशासन व पत्रकारों द्वारा बनाए गए गोलों की व्यवस्था को बिल्कुल भी नहीं माना। उन्हें समझना चाहिए, यह कठिन समय है। आपातकाल है। भले आज सामान न मिल पाया हो, कल मिलेगा। ना भी मिल पाए, एक समय भूखे भी रहना पड़े तो भी वह इतना घातक नहीं होगा, जितना कोरोना का संक्रमण होने पर जानलेवा हो सकता है। सुरक्षित रहेंगे तो लंबा जीवन जिएंगे, और बहुत बेहतर खा सकेंगे। लेकिन यदि संक्रमण हो गया तो कितना अच्छा भोजन भी जान नहीं बचा पाएगा। चीन, अमेरिका, इटली, स्पेन, फ्रांस, स्विटजरलेंड व ईरान जैसे दुनिया के विकसित व अच्छी जीवन शैली वाले देशों के उदाहरण सामने हैं, जहां सब कुछ होने के बावजूद लोग और वहां की सरकारें कोरोना के आगे लाचार हो चुकी हैं। जबकि हम भारत में अभी इससे बचे हुए हैं, और चाहें तो प्रधानमंत्री के आह्वान पर सिर्फ अपने घर पर रहने और रोड पर न निकलने का कार्य करके खुद को ही नहीं पूरी मानव सभ्यता को बचा सकते हैं।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री ने कहा लगातार आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी, इसलिए खरीददारी के लिए भीड़ न बढ़ाएं…

नवीन समाचार, देहरादून, 24 मार्च 2020। देखें मुख्यमंत्री का ताज़ा वीडियो :

नवीन समाचार, देहरादून, 24 मार्च 2020। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंगलवार को अगले 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक ‘लॉक डाउन’ घोषित करने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य की जनता के लिए अपना संदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने अपने वीडिया संदेश में साफ किया है कि 25 मार्च को भी 23 व 24 मार्च की तरह आवश्यक वस्तुओं की दुकानें व मेडिकल स्टोर खुलेंगे। कहा कि वह आगे भी अपने संदेश इसी तरह से देते रहेंगे।

देखें मुख्यमंत्री का वीडियो संदेश :

वहीं लिखित संदेश में श्री रावत ने प्रदेश की जनता से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अगले 21 दिनों के सम्पूर्ण लॉकडाऊन के आह्वान में पूरा सहयोग देने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से इस लङाई में हम सभी भारतवासी अपने प्रधानमंत्री के साथ हैं। जब-जब भी देश पर और मानवता पर संकट आया है, हम सभी की एकजुटता से संकट को दूर करने में कामयाब हुए हैं। आईये हम संकल्प लें कि अगले तीन सप्ताह अर्थात 21 दिनों तक हम अपने घर में ही रहेंगे। प्रदेशवासियों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कोई कमी नहीं हो, इसके लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर रखी हैं। राज्य सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शासन-प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। तमाम कोशिशों के बाद भी हमें कुछ कष्ट उठाना पङ सकता है, परन्तु हम सभी के सामने आए इस भयावह संकट के सामने ये कष्ट कुछ भी नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र विकल्प है। घर की लक्ष्मण रेखा को न लांघकर कोरोना वायरस के संक्रमण की चौन को तोङना है। केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों की सबसे बडी प्राथमिकता अपने नागरिकों के जीवन को बचाना है। चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों, सफाई कर्मियों, दूसरे अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया के साथियों के योगदान में सहयोग देने के लिये घर पर रहें।

यह भी पढ़ें : जरा संभल कर.. तीन घंटे की छूट भी बढ़ा सकती है कोरोना के संक्रमण की संभावनाएं..

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 मार्च 2020। मुख्यमंत्री एवं शासन के निर्देशों पर मंगलवार को आवश्यक वस्तुओं-राशन, दूध एवं सब्जी की की दुकानें व मंडी सुबह सात से 10 बजे तक तीन घंटे ही खुलीं। इस दौरान बाजारों में लोग काफी हद तक कोरोना के संक्रमण के फैलने के प्रति उदासीन व लापरवाह नजर आए। इस दौरान बैंक भी तीन घटे ही खुले। पुलिस एवं नगर पालिका प्रशासन की व्यवस्थाओं के बावजूद लोग बिना मास्क का प्रयोग किये भी एक-दूसरे के करीब नजर आए। गौरतलब है कि ऐसा करना भी कोरोना के संक्रमण को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

यह भी पढ़ें : तीन घंटे खुले बैंक, आवश्यक वस्तुओं की दुकानें, मंडी, अब पूर्ण लॉक आउट लागू

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 मार्च 2020। मुख्यमंत्री एवं शासन के निर्देशों पर मंगलवार 24 मार्च से बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की दुकानें, दूध डेयरी व मंडी के साथ ही बैंक भी सुबह सात से 10 बजे तक केवल तीन घंटे ही खुले। इसके बाद लोगों से अपील की जा रही है कि कोरोना विषाणु के संक्रमण के प्रति पूरी ऐहतियात बरतते हुए, घर पर ही मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करते हुए रहें, और पूरे दिन लॉक आउट का सख्ती से प्रयोग करें। इस दौरान पैदल अथवा निजी वाहनों से भी अत्यावश्यक व आपातकाल होने के अतिरिक्त कहीं भी आने-जाने से बचें। घरों से बाहर भी पांच या पांच से अधिक की संख्या में न रहें। याद रखें धारा 144 लागू है। इस पर न केवल आपके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई हो सकती है, वरन आप स्वयं के साथ ही जिनके साथ आप खड़े हैं, उनकी एवं दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डाल सकते हैं। ध्यान रखें कि आपकी कुछ दिन की सावधानी, केवल आपके व आपके परिवार के लिए ही नहीं पूरी मानव सभ्यता के लिए बहुत बड़ा योगदान होगी।
उल्लेखनीय है कि पुलिस-प्रशासन भी लॉक आउट का सख्ती से पालन कराने के लिए सोमवार शाम से ही अधिक सक्रिय हो गए हैं। साफ संदेश दे दिया गया है कि अब लॉक आउट में किसी तरह की कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी। बेवजह घर से बाहर निकलने वाले लोगों के बड़ी धनराशि के चालान किये जा रहे हैं। एसएसपी सुनील कुमार मीणा स्वयं सुबह सात बजे से सड़क पर उतर कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। नैनीताल पुलिस पूरी तरह से लॉक आउट का सख्ती से पालन कराने के लिए मुस्तैद हो गई है।

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग : नैनीताल में धारा 144 लागू, 5 या अधिक लोग एकत्र न हो सकेंगे

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मार्च 2020। जनपद मुख्यालय से संबद्ध नैनीताल तहसील में धारा 144 लागू कर दी गई है। एसडीएम विनोद कुमार ने नैनीताल परगना क्षेत्र में धारा 144 लागू करते हुए अपने आदेश में कहा है कि एक स्थान पर अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने से कोरोना विषाण के संक्रमण एवं उसके दुष्प्रभाव के बढ़ने तथा स्थिति के नियंत्रण से बाहर हो जाने की प्रबल संभावना है। इसलिए जान माल की क्षति, सामाजिक विद्वेष, विरोध-प्रदर्शन तथा शांति भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए नैनीताल परगना क्षेत्र में अगले आदेशों तक धारा 144 लागू की जा रही है। इस दौरान पांच या पांच से अधिक लोग समूह के रूप में एक साथ एकत्रित नहीं होंगे, ना ही कोई सार्वजनिक सभा करेंगे। साथ ही यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति कोरोना विषाणु के संबंध में किसी प्रकार की अफवाह नहीं फैलाएगा और न ही किसी प्रकार के ऐसे पर्चे वितरित करेगा जिससे तनाव, विवाद एवं भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती हो। साथ ही कोई ऐसा कृत्य नहीं करेगा जिससे कोरोना विषाणु के संक्रमण के प्रसार में मदद मिलती हो। ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों पर इनमें से कुछ प्राविधान लागू नहीं होंगे। आदेशों का किसी भी प्रकार का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय है। इन प्रतिबंधों में किसी प्रकार का शिथिलीकरण 24 घंटे पूर्व लिखित अनुरोध पर सक्षम अधिकारी द्वारा ही किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : क्या है कोरोना लॉक डाउन: शासन एवं मुख्यमंत्री ने साफ की स्थिति

जानें कोरोना की सच्चाई, कितना भयावह है कोरोना और कब तक इसका खौफ निकल जायेगा : 

नवीन समाचार, देहरादून, 22 मार्च 2020। उत्तराखंड में आगामी 31 मार्च तक घोषित ‘लॉक डाउन’ को लेकर शासन ने विधिवत निर्देश जारी कर दिए हैं। इस दौरान सार्वजनिक यातायात पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। अलबत्ता हवाई सेवाएं सुचारू रहेंगी। एयरपोर्ट और हॉस्पिटल जाने वाली टैक्सी को छूट मिलेगी। जरूरी कागजात दिखाने पर ही लोग एयरपोर्ट जा सकेंगे। सभी प्रकार की दुकानें व्यावसायिक प्रतिष्ठान वर्कशॉप और गोदाम पूर्णतया बंद रहेंगे। विदेश या अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों को ‘होम क्वॉरेंटाइन’ यानी घर पर ही सख्ती से एकांतवास में रहना होगा। राज्य के सभी निवासियों को भी सख्त तौर पर घर पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान अंतरराज्यीय व्यवसायिक परिवहन भी पूर्णतया बंद रहेगा।

लॉक डाउन के दौरान अपराध एवं कानून व्यवस्था से जुड़े सभी मजिस्ट्रेट, पुलिस, मेडिकल सेवाएं, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, अग्निशमन, विद्युत, पेयजल आदि सेवाएं, सभी बैंक, एटीएम, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया संस्थान, टेलीकॉम और इंटरनेट व डाक सेवाएं, खाद्य आपूर्ति और खाद्य आपूर्ति से जुड़ा परिवहन, ई-कॉमर्स से संबंधित कोरियर आदि की आपूर्तियां, खाद्य, दूध, ब्रेड, फल, सब्जी, मीट व मछली से संबंधित परिवहन और इनके वेयरहाउस, सभी चिकित्सालय, मेडिकल स्टोर, फार्मास्यूटिकल कंपनियां और इनसे संबंधित परिवहन गतिविधियां, सभी पेट्रोल पंप एलपीजी गैस व तेल एजेंसियां तथा इन सभी के गोदाम और मंडी उत्पादों से जुड़ी उत्पादन इकाइयां और परिवहन गतिविधियां खुली रहेंगी।

वहीं सभी निर्माण एवं उत्पादन इकाइयों को जिलाधिकारी की अनुमति के बाद जारी रखा जा सकता है। निजी परिवहन हो सकेगा, किंतु इसके लिए कारण बताना पड़ सकता है। पांच से अधिक लोग एक स्थान पर खड़े नहीं रहेंगे। आपस में ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ यानी दूरी बरतनी होगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा नियमों को तोड़ने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि वे प्रदेश में 31 मार्च तक प्रस्तावित लॉक डाउन से बिल्कुल भी न घबराएं। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की खाद्यान्न व औषधियों की कमी नहीं होने देंगे और अगर आवश्यकता पड़ी तो घर-घर जाकर खाद्यान्न व औषधियों पहुंचाने की व्यवस्था भी करेंगे। सरकार रोजमर्रा की कमाई करके अपना जीवन यापन करने वाले मजदूर वर्ग के लिए जल्द फैसला लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारू रहेगी। लोगों को स्वास्थ्य, खाद्य रसद व अन्य चीजों की दिक्कतें नहीं होने दी जाएंगी। इनकी दुकानें खुली रहेंगी। जरूरत पड़ी तो शहरों, मोहल्लों में मोबाइल वाहनों से ये चीजें उपलब्ध कराई जाएंगी। अलबत्ता उन्होंने जोड़ा कि सामान्यतौर पर लोगों को बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। लेकिन बीमार व्यक्तियों को अस्पताल भर्ती कराने, उनके लिए दवाइयां लाने जैसे जरूरी काम के लिए कोई भी आ-जा सकता है। इसके लिए दवाई का रैपर साथ में रखना जरूरी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लॉक डाउन से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। यह सबकी सुविधा एवं सुरक्षा के लिए है। ताकि कोई भी कोरोना विषाणु से प्रभावित ना हो। लोग भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र से दूर रहें और खुद की सुरक्षा पर ध्यान दें। कोशिश करें कि घरों से बाहर न निकला जाए। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि वे अपने शहर व गांव को न छोड़े। जो जहां हैं, वहीं रहें। जरूरी हो तभी घर से निकलें। कोरोना विषाणु से लड़ने का सबसे सरल तरीका यही है। आपस में सामाजिक दूरियां जरूर बना कर रखें। ऐसा करके ही देश और प्रदेशवासियों के साथ ही घर-परिवार को इस महामारी से बचा पाएंगे।

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