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अब लॉकडाउन 5.0 नहीं, अनलॉक-1, धार्मिक स्थल, होटल-रेस्टोरेंट, शैक्षणिक संस्थान, मॉल-थियेटर भी खुल सकेंगे, पर रात को लगेगा कर्फ्यू

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नवीन समाचार, नैनीताल, 30 मई 2020। विश्वव्यापी कोरोना विषाणु की महामारी के दौर में भारत अब लॉक डाउन 5.0 नहीं अनलॉक 1 में आने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन को खत्म कर दिया है और 30 जून तक के लिये दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं। अब अनलॉक 1 में कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक पूरी पाबंदी रहेगी। वहां सिर्फ जरूरी सेवाओं की ही इजाजत होगी। इस बात का खास ध्यान रखा जाएगा कि यहां लोगों का आवागमन ना हो। यहां कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, घर-घर का सर्विलांस होगा। राज्यों की तरफ से कंटेनमेंट जोन के बाहर नए मामले आने की अधिक संभावना होने पर बफर जोन तय किए जा सकते हैं, और जिला प्रशासन अपने विवेकानुसार पाबंदियां लगा सकता है। लेकिन कंटेनमेंट जोन के बाहर चरणबद्ध तरीके से छूट दी जाएंगी। लेकिन फिलहाल कंटेनमेंट जोन हालांकि, जरूरी गतिविधियों की मंजूरी रहेगी।
वहीं कंटेनमेंट जोन के बाहर राज्य सरकार अपनी सुविधानुसार पाबंदियां लगा सकेंगे। गृहमंत्रालय ने कहा है कि स्थिति को देखते हुए यदि राज्यों को कंटेनमेंट जोन के बाहर कुछ गतिविधियों पर रोक की आवश्यकता महसूस होती है तो वे ऐसा कर सकेंगे। इन क्षेत्रों में रात को 9 बजे से सुबह 5 बजे तक जरूरी चीजों को छोड़कर कर्फ्यू जारी रहेगा। इस दौरान गैर जरूरी काम से बाहर निकलने पर रोक रहेगी। लॉकडाउन 4 तक यह समय शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक था। वहीं मेडिकल इमरजेंसी या कोई और बहुत ही जरूरी वजह होने के अलावा 65 साल से अधिक के बुजुर्गों और 10 साल से कम के बच्चों के लिए दिशा-निर्देश हैं कि वह बाहर ना निकलें। लेकिन एक से दूसरे राज्य में जाने का प्रतिबंध पूरी तरह से हटा लिया गया है। राज्य में भी एक जिले से दूसरे जिले में जा सकेंगे, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। कहीं आने जाने से पहले किसी की कोई इजाजत लेने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, राज्यों को अगर कहीं लगता है तो वह पाबंदियां लगा सकते हैं, जिसकी जानकारी वह पहले से ही दे देंगे। राज्य सरकारें ही तय करेंगी कि कैसे राज्यों में बसें और मेट्रो सेवाएं शुरू होंगी। राज्य सरकार अपने स्तर पर पाबंदियां लगा सकती हैं। जैसे कि मध्य प्रदेश ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वहां पर लॉकडाउन 15 जून तक लागू रहेगा।
लॉकडाउन को खोलने के लिए गृह मंत्रालय ने तीन फेज की एक लिस्ट तैयार की है। इसी के अनुसार लॉकडाउन को खोला जाएगा।
-पहले चरण में आठ जून से धार्मिक स्थल भी खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही रेस्टोरेंट और होटल और सैलून खुलेंगे लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहननना जरूरी होगा।
-दूसरे चरण में स्कूल कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान खुलेंगे। जुलाई महीने से स्कूलों को खोलने की कोशिश की जाएगी, जिस पर राज्य सरकारें स्कूलों और बच्चों के माता-पिता से बात कर के अपने विवेकानुसार स्कूल-कॉलेज खोलने पर फैसला कर सकते हैं। दूसरे फेज में सरकार ने स्कूल, कॉलेज, एजुकेशनल, ट्रेनिंग, कोचिंग इंस्टिट्यूट आदि को खोलने का फैसला जुलाई 2020 में लिया जाएगा। इसके लिए सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, संस्थाओं, अभिभावकों और सभी हितधारकों के साथ विचार विमर्श किया जाएगा।
-तीसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, मेट्रो रेल, सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल जैसी जगहें आदि को खोलने पर विचार होगा। यह आखिरी फेस होगा। इसमें नजारा बिल्कुल वैसा ही होगा जाएगा जैसे 24 के पहले होता था। हालांकि, इससे पहले एक बार स्थिति की समीक्षा की जाएगी। तीसरे चरण में ही सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक गतिविधियों को खोलने का फैसला लिया जाएगा।

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-पुलिस ने दो महिलाओं सहित एक परिवार के तीन लोगों एवं एंबुलेस के चालक-परिचालक के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
नवीन समाचार, नैनीताल, 28 मई 2020। कोरोना की जानलेवा वैश्विक महामारी और लॉक डाउन जारी होने के बावजूद लोग अपनी व दूसरों की जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। बृहस्पवितार को नगर में तीन लोगों के परिवार के यूपी के मुरादाबाद से एंबुलेंस में छुपकर आने का खुलासा हुआ। खास बात यह थी कि जिस एंबुलेंस में वे लोग करीब 150 किमी दूर मुरादाबाद से उत्तराखंड की सीमा पार कर यहां पहुंच गये थे, उसके पास कोई अनुमति पत्र ही नहीं था।
गनीमत रही कि मल्लीताल कोतवाली पुलिस के बारापत्थर में तैनात पुलिस कर्मियों की पकड़ में वे आ गये।
प्राप्त जानकारी के अनुसर बृहस्पतिवार को नगर के बारापत्थर क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात दरोगा नरेंद्र कुमार ने यहां पहुंची एक एम्बुलेंस को रोक कर उसके चालक से अनुमति पत्र मांगा तो चालक ने अनुमति पत्र नहीं होने की बात कही। पूछताछ में चालक ने बताया कि मुरादाबाद से बुकिंग पर वे नैनीताल परिवार को लेकर आया है। एंबुलेंस में नगर के नगर के मल्लीताल मेट्रोपोल निवासी 5 सदस्यीय परिवार एम्बुलेंस के जरिये बिना अनुमति मुरादाबाद से नैनीताल पहुँच गया। जिसके बाद पुलिस ने परिवार के तीन सदस्यों-नवीन कुमार सहदेव पुत्र स्वर्गीय नंद किशोर, उसकी मां शकुंतला देवी एवं पत्नी रिंकी सहदेव के साथ ही एम्बुलेंस चालक और हेल्पर महेश पुत्र शालू कश्यप और पवन कुमार निवासी सिविल लाइन मुरादाबाद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269 व 270 तथा आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा 51बी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मई 2020। उत्तराखंड सरकार ने लॉकडाउन 4.0 के लिए मेंगलवार को नये दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं। नये निर्देशों के अनुसार प्रदेश में अब कोई भी जिला रेड जोन में नहीं है। प्रदेश के कोरोना मामलों वाले देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल व उत्तरकाशी को ऑरेंज जोन में जबकि अब तक रेड जोन में रहे हरिद्वार सहित अन्य सभी जिलों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है। लेकिन अधिक कोरोना के मामलों वाले क्षेत्रों को कंटेनमेंट एवं बफर जोन बनाया जायेगा व उनमें अधिक सख्ती बरती जाएगी। प्रदेश में आगे भी केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित मॉल, सिनेमा घर, सैलून, पर्यटन गतिविधियों के प्रतिष्ठान व शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे, अलबत्ता केंद्र सरकार द्वारा अनुमन्य श्रेणी की अन्य सभी दुकानें खुख सकेंगी। ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रहेंगी। स्टेडियमों में बिना दर्शकों के खेलों का आयोजन हो सकता है। धार्मिक स्थल आंशिक तौर पर भीड़ न होने के प्रतिबंधों के साथ खुल सकते हैं। प्रदेश में सुबह सात से शाम चार बजे तक लॉक डाउन की पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी, और शाम सात से सुबह के सात बजे तक पूर्ण लॉक डाउन रहेगा। सरकारी ऑफिस सुबह 10 से शाम चार बजे तक ही खुलेंगे। हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर, कोटद्वार, हरिद्वार, रुड़की, देहरादून में ऑड-ईवर के अनुसार वाहन चल सकेंगे जबकि सार्वजनिक परिवहन पर एक-दो दिनों में मुख्य सचिव फैसला लेंगे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 12 मई 2020। देश में लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। NDMA यानी राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह पुष्टि की है। इस संबंध में नई गाइडलाइन आज शाम जारी की जा चुकी है। इसके अनुसार रेड जोन, ग्रीन जोन और ऑरेन्‍ज जोन में राज्‍यों को निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है।

नई गाइडलाइन के अनुसार स्‍कूल व कॉलेज बंद रहेंगे। धार्मिक स्‍थल, शॉपिंग मॉल्‍स, स्‍टेडियम, व्‍यवसायिक केंद्र बंद रहेंगे। इंटर स्‍टेट बस सेवाओं को मंजूरी दी गई है लेकिन दोनों राज्‍यों की सहमति होना जरूरी है। सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्विमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम, एसेंबली हॉल और इस तरह के भीड़भाड़ वाले स्थान बंद रहेंगे। खेल परिसरों और स्टेडियमों को खोलने की अनुमति होगी लेकिन वहां दर्शकों को जाने की अनुमति होगी। दिल्ली में मेट्रो रेल भी 31 मई तक यात्रियों के लिए बंद रहेगी। लेकिन सभी तरह के सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम और जलसों की अनुमति नहीं होगी। सभी धार्मिक स्थल, पूजा स्थल जनता के लिए बंद रहेंगे। धार्मिक जलसों पर सख्त पाबंदी होगी।

राज्यों को मिली कंटेनमेंट, बफर, रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन की जिम्मेदारी :
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मानकों के मुताबिक राज्य सरकारें अपने यहां रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन तय करेंगी। रेड जोन और ऑरेंज जोन के भीतर जिले के अधिकारी कंटेनमेंट जोन और बफर जोन तय करेंगे। कंटेनमेंट जोन में केवल जरूरी गतिविधियों की ही अनुमति होगी। इन इलाकों में लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाएगा और किसी भी व्यक्ति को वहां से किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। वहां केवल मेडिकल इमर्जेंसी और जरूरी वस्तुओं तथा सेवाओं की डिलिवरी की अनुमति होगी। इन इलाकों में घर-घर जाकर संक्रमित लोगों का पता लगाया जाएगा।
इसके अलावा सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार राज्य के अंदर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के आवागमन का फैसला राज्य सरकार को स्वयं लेना होगा। केंद्र सरकार ने यहां साफ कर दिया है कि राज्य अपने से तय करें कि क्या प्रदेश के भीतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलने चाहिए या नहीं। राज्य सरकार को ये अधिकार दिया है कि वो तय करें कि उनके प्रदेश में कौन सा इलाका किस जोन में आएगा। यानी कंटेनमेंट जोन, रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन को अब प्रदेश सरकारें तय करेंगी। उसके बाद इन जोनों में किस तरह की रियायतें होंगी वो केंद्र सरकार तय करेंगी। सभी तरह के जोन की सीमाओं के बारे में सीमांकन करने की जिम्मेदारी जिले के अधिकारियों की होगी। वो तय करेंगे कि जिले की सीमाएँ खोली जाएं या नहीं। कंटेनमेंट जोन में केवल जरूरी कामों के लिए आप घर से बाहर आ सकते हैं। इन जोनों में किसी तरह की आवाजाही नहीं होगी। न तो इन इलाकों के भीतर कोई आ सकता है और न ही कोई इससे बाहर जाएगा। हालांकि मेडिकल इमरजेंसी और जरूरी सामान लाने के लिए आप निकल सकते हैं। लेकिन इसके लिए भी स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के अनुसार ही छूट मिलेगी। शाम को सात बजे से सुबह के सात बजे तक आवाजाही पर रोक रहेगी। लोकल प्रशासन इसके लिए जरूरी आदेश दे और अपने अधिकार क्षेत्रों पर धारा 144 को लागू करे और सख्ती से पालन कराए। 65 साल के ज्यादा उम्र वाले लोग, गर्भवती महिलाएं और 10 साल से कम उम्र वाले बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी जाती है। अगर कोई बहुत जरूरी काम जैसे कोई मेडिकल इमरजेंसी या फिर कोई बेहद जरूरी सामान लेना हो तभी घर से बाहर आएं। आरोग्य सेतु ऐप का प्रयोग करने के लिए कहा गया है। जिसके कि आपके आस-पास कोई भी कोरोना संदिग्ध हो तो ऐप के जरिए आपको पता चल जाए और फिर आप उस इलाके में न जाए। दफ्तरों में काम करने वाले लोगों के लिए ये ऐप बहुत जरूरी है ताकि वो अपने आसपास के इलाके से अवगत रहें। जिला प्रशासन आरोग्य सेतु ऐप को ज्यादा से ज्यादा लोगों को परिचित कराए और लगातार इससे अपडेट रहने की सलाह दे। कार्यालयों और कार्य स्थलों पर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कर्मचारियों को अपने मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा। मेडिकल प्रफेशनल, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों और एंबुलेंस के आने जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। सभी तरह के गुडस और कार्गो के आने जाने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

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-बिना मास्क पहने बाजार में घूमने पर डेढ़ दर्जन अन्य का चालान
नवीन समाचार, नैनीताल, 12 मई 2020। तल्लीताल थाना पुलिस को आज होम क्वारन्टाइन यानी गृह एकांतवास में भेजा गया एक व्यक्ति अपनी दुकान खोले हुए मिला। पुलिस ने उसके विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। साथ ही बाजार में बिना मास्क पहने घूमने वाले एक दर्जन लोगों का चालान किया गया है।
तल्लीताल थाना प्रभारी विजय मेहता ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से हल्द्वानी के चिकित्सालय द्वारा होम क्वारन्टाइन में भेजे गये व्यक्ति द्वारा दुकान खोलने की सूचना मिली। इस पर उप निरीक्षक पुलिस आरक्षी शिवराज राणा के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्हें पिछाड़ी बाजार में शाकिर हुसैन पुत्र सादिर हुसैन नाम का दुकानदार शमा इंटरप्राइजेज नाम की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान खोले मिला। बताया गया है कि इस बीच वह बीती 9 मई को दिल्ली भी हो आया था। इस पर उसके विरुद्ध लॉक डाउन के उल्लंघन में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 एवं दूसरों के लिए असुरक्षा बनाने पर धारा 269 व 270 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। अलबत्ता सात वर्ष से कम की सजा के प्राविधान के कारण उसे मौके पर नोटिस देेकर छोड़ भी दिया गया। वहीं लॉक डाउन के बाावजूद लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए बिना मास्क पहले बाजार में घूमने वाले लगभग डेढ़ दर्जन लोगों का चालान कर राजस्व वसूला गया। मोटर यान अधिनियम के तहत भी एक चालान तक 2750 रुपए का जुर्माना वसूला गया है।

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-लॉक डाउन में ढिलाई के साथ आपे से हुए बाहर हुए लोग, पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ की निरोधात्मक कार्रवाई
नवीन समाचार, देहरादून, 8 मई 2020। शुक्रवार को कोतवाली मल्लीताल पुलिस ने लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन कर उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर से बिना अनुमति के नैनीताल आने पर फारूक अहमद पुत्र मोहम्मद हनीफ निवासी मेट्रोपोल कंपाउंड मल्लीताल नैनीताल के विरुद्ध अंतर्गत धारा 188 269 270 आईपीसी व 51 डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया है। उसे थाने से जमानत देकर 14 दिन के लिए होम क्वॉरेंटाइन किया गया है।
इधर लॉक डाउन में ढिलाई के साथ मुख्यालय में लोग आपे से बाहर होते नजर आ रहे हैं। इस पर कोतवाली पुलिस ने भी शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाते हुए कई लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की। कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक मो. यूनुस ने बताया कि इसके अलावा एक अन्य मामले में केबल के तार को लेकर दो पक्षों में कहासुनी होने पर एक पक्ष के शादाब, इमरान, फिरोज, मोहसिन, आरिफ पुत्र गण रफीक के विरुद्ध उत्तराखंड पुलिस एक्ट की धारा 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान कर 1250 रुपए वसूल किए। साथ ही भविष्य में शांति व्यवस्था भंग ना हो इसलिए दोनों पक्षों के विरुद्ध धारा 107, 116 के तहत चालानी कार्रवाई भी की गई है। इसी तरह अंडा मार्किट बेकरी कंपाउंड में शराब पीकर आपस मे झगड़ा करने पर दो लोगों का भी 81 पुलिस एक्ट में 1000 रुपए का चालान किया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही की रिपोर्ट भी अलग से भेजी जा रही है। इसी तरह एक अन्य मामले में कोतवाली पुलिस ने चार्टन लॉज चूना धारा के पास रहने वाली एक महिला ने शिकायत की कि उसका पति शराब पीकर उससे एवं उसके बच्चों के साथ मारपीट करता है। उसे थाने लाकर समझा-बुझाकर एवं हिदायत देकर कोतवाली से छोड़ा गया। इसी तरह अन्य घटना में नगर के मेट्रोपोल कंपाउंड में दो पक्षों नावेद सिद्दीकी व सरफराज अहमद के बीच मकान की दीवार पर त्रिपाल डालने को लेकर विवाद हो गया था जिस संबंध में जांच की जा रही है। वहीं बीती देर रात्रि भी पुलिस ने मेलरोज कंपाउंड के सुरेश राम पुत्र खेम राम द्वारा शराब पीकर अपनी पत्नी को घर से बाहर निकाल कर मोहल्ले में हुड़दंग मचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसे बाद में पुलिस एक्ट की धारा 81 में 500 रुपए का चालान कर चेतावनी देकर छोड़ा।
इसके अलावा यातायात के नियमों का उल्लंघन करने पर कोतवाली पुलिस ने आज दो वाहन चालकों का मोटर यान अधिनियम में चालान कर न्यायालय को रिपोर्ट भेजी गई। साथ ही होटल आरिफ कैसल से प्राप्त 80 लंच पैकेटों को गरीब व असहाय व्यक्तियों को वितरित किया गया तथा बाजार में सामान खरीद रहे लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाकर खरीदारी करने हेतु अपील की गई तथा बिना आवश्यकता के घर से बाहर न निकलने हेतु अनुरोध किया गया।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन 3.0 : ऑरेंज जोन में कुछ नई सहूलियात का ऐलान

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 3 मई 2020। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन छूट देते हुए ऑरेंज जोन से संबंधित नियमों पर एक नया स्पष्टीकरण जारी किया है। शुक्रवार के दिशा-निर्देश में भ्रम होने के कारण शनिवार को गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 4 मई से शुरू होने वाले लॉकडाउन-3.0 के दौरान ऑरेंज और ग्रीन जोन में नाई की दुकानें खुली रहेंगी। ऑरेंज और ग्रीन जोन में ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा गैर-आवश्यक वस्तुओं की बिक्री को भी अनुमति दे दी गई है। इसके अनुसार ओरेंज जोन में केवल बसों की आवाजाही पर पाबंदी रहेगी। ऑरेंज जोन में जिलों के अंदर या एक जिले से दूसरे जिले के अंदर कोई बस नहीं चलेगी। टैक्सी या कैब चलने की छूट होगी लेकिन उसमें ड्राइवर के अलावा केवल दो लोग बैठ सकेंगे। एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए भी यही नियम होगा और निजी कार में भी ड्राइवर के अलावा दो लोग बैठ सकेंगे। लोग घरों मंे काम करने वाली महिलाओं को भी बुला सकते हैं।

https://twitter.com/ANI/status/1256526649983668224

यह भी पढ़ें : सोमवार से खुलेंगी दुकानें-ऑफिस, पाबंदियां हटेंगी या रहेंगी, साफ हुई स्थिति…

नवीन समाचार, देहरादून, 2 मई 2020। उत्तराखंड में लॉकडाउन-3.0 के तहत सोमवार चार अप्रैल से पिछले 21 मार्च से चली आ रही लॉक डाउन की पाबंदियों में काफी छूटों के साथ व्यवस्थाएं बदल जाएंगी। इस संबंध में शनिवार को काफी कुछ बातें साफ हो गई हैं, और कुछ अभी भी होनी शेष हैं। आज साफ हो गया है कि राज्य के ग्रीन और ऑरेंज जिलों यानी हरिद्वार को छोड़कर शेष जनपदों में चार मई से सैलूनों, मॉल, शॉपिंग कॉंम्पलेक्स व सिनेमाघर आदि को छोड़कर सभी प्रकार की दुकानें सुबह सात बजे से चार बजे तक खुलेंगी। वहीं रेड जोन के ग्रामीण इलाकों में भी सभी प्रकार की दुकानें चार बजे तक खोली जा सकेंगी। रेड जोन के शहरी क्षेत्रों में आवश्यक और गैर आवश्यक दुकानें खुल सकेंगी लेकिन इनका समय पूर्व की भांति ही सबुह सात बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक रहेगा। वहीं शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा। छूट के बावजूद मास्क, फेस कवर का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करना होगा।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा रेड जोन में हरिद्वार, ऑरेंज जोन में देहरादून और नैनीताल तथा ग्रीन जोन में अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंहनगर, पिथौरागढ़, बागेश्वर, पौड़ी, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग को रखा गया है। प्रदेश सरकार ने ग्रीन और ऑरेंज जोन में सुबह सात से शाम चार बजे तक सभी प्रकार की दुकानों को संचालित करने की अनुमति प्रदान की है। इसके अलावा अन्य उद्योग, कृषि आदि की अन्य गतिविधियां पहली ही शुरू की जा चुकी है। हालांकि, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि दुकानों में केवल 50 फीसद स्टाफ मौजूद होगा और यहां सुरक्षित शारीरिक दूरी के मानकों का पूरी तरह अनुपालन करना होगा। रेड जोन के शहरी क्षेत्र में गली और मोहल्लों में दुकानें खुल सकेंगी हालांकि, इनका समय पूर्व की भांति ही सुबह सात बजे से लेकर एक बजे तक होगा। इस दौरान ज्यादा भीड़-भाड़ न हो इसके लिए दुपहिया और चौपहिया वाहनों के संचालन के लिए पूर्व में जारी किए गए नियम ही लागू रहेंगे।
सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक सरकारी कार्यालय खुलेंगे
प्रदेश में सोमवार से करीब डेढ़ महीने से बंद चल रहे ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन में सभी सरकारी कार्यालय सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक खुलेंगे। अलबत्ता ग्रीन जोन में 50 फीसद और ऑरेज-रेड जोन में 33 फीसद कर्मचारी आएंगे। सचिवालय के कार्यालय सुबह 9.30 बजे से शाम चार बजे तक खुलेंगे। लेकिन शिक्षण संस्थाएं बंद रहेंगी, अलबत्ता जरूरत पड़ने पर शिक्षक-कर्मचारी बुलाए जा सकेंगे। गर्भावस्था के दौरान और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों की माता कार्मिकों तथा 55 वर्ष से अधिक आयु या एक से अधिक बीमारी से ग्रसित कार्मिकों को नहीं बलाया जाएगा। खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ के लक्षण वाले अधिकारी-कर्मचारी को नहीं बुलाया जाएगा, ऐसे कर्मचारी अपनी बीमारी की सूचना अनिवार्य रूप से देंगे। कार्यालय परिसरों में गुटखा, पान, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट का सेवन और थूकना पूर्ण प्रतिबंधित होगा। इस दौरान कैंटीनंे बंद रहेगी, किचन के माध्यम से कार्यालय कक्षों में डिलीवरी की इजाजत होगी। कार्यालयों के दरवाजे खुले रखे जाएंगे, ताकि बार-बार छूना न पड़े। चाय, कॉफी, पानी के लिए कार्ड बोर्ड के डिस्पोजल कप का इस्तेमाल किया जाएगा। सभी कार्मिकों के लिए आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। ग्रीन जोन में स्थित सभी कार्यालयों में समूह क व ख के शत प्रतिशत अधिकारी, समूह ग और घ के कर्मचारियों की 50 फीसद उपस्थिति रहेगी। वहीं रेड और ऑरेंज जोन के जिलों में चार मई से अगले एक हफ्ते तक सरकारी दफ्तरों में समूह क और ख के सभी अधिकारी, समूह ग और घ के सिर्फ 33 फीसद कर्मचारी रोटेशन के आधार पर आएंगे। एक हफ्ते के बाद उनकी उपस्थिति ग्रीन जोन की तर्ज पर करने पर विचार किया जाएगा। सचिवालय सुबह 9.30 बजे से शाम चार बजे तक खुला रहेगा। शिक्षण संस्थाएं बंद रहेंगी, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर न्यून संख्या में शिक्षक व स्टाफ को बुलाने जा सकता है। कार्यालयों को खोलने के साथ ही उनमें कोरोना संक्रमण को रोकने व सेनिटाइजेशन के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। कार्यालयों, प्रवेश द्वारों, दरवाजों, फर्श, खुला क्षेत्र, सीढ़ियों, रेलिंग, गलियारों, कुर्सियों, मेजों, कैश काउंटर्स, दीवारों, लिफ्ट, सभागारों, बरामदों, कैंटीन, शौचालयों, वाटर प्वाइंट में हफ्ते में न्यूनतम दो बार अनिवार्य सेनिटाइजेशन करना होगा। प्रत्येक दिन न्यूनतम एक बार उपयुक्त कीटाणुनाशक से कार्यालयों के फर्श, शौचालयों समेत विभिन्न स्थानों को किटाणुनाशक से सैनिटाइज करना होगा। एयर कंडीशनिंग के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना होगा। शारीरिक दूरी के मानक अनिवार्य रूप से पालन किए जायेंगे। लिफ्ट का उपयोग दो या चार से अधिक व्यक्ति नहीं करेंगे। दो कुर्सियों के बीच छह फीट की दूरी रखी जाएगी। कार्यालयों में मुख्य प्रवेश द्वार पर थर्मल स्केनिंग की पूरी व्यवस्था की जाएगी। गैर जरूरी आगंतुकों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कार्मिकों के लिए पहचान पत्र रखना अनिवार्य किया गया है।

यह भी पढ़ें : जानें किस जोन में किसकी छूट, क्या पाबंदी…

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 1 मई 2020। विश्वव्यापी कोरोना की महामारी से सफलतापूर्वक लड़ते हुए देश अब आगामी चार मई से तीसरे चरण के लॉक डाउन 3.0 में प्रवेश करने जा रहा है। इस दिन से देश में बड़े स्तर पर ‘जान भी-जहान भी’ के सूत्र वाक्य के साथ पिछले करीब 40 दिनों के बाद कुछ राहत के साथ अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का चरण भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है कि इस चरण में रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोनों में लोगों को क्या छूटें मिलेंगी और क्या पाबंदियां जारी रहेंगी।
इस बारे में गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि लॉकडाउन के दौरान पूरे देश में हवाई यात्रा, सामान्य रेल, मेट्रो और सड़क मार्ग से अंतर्राज्यीय परिवहन के साथ ही स्कूल, कॉलेज और शैक्षिक संस्थानों का संचालन बंद रहेगा। इसके अलावा कोचिंग संस्थान, रेस्टोरेंट, होटल, पूजा स्थल और लोगों के एक जगह एकत्र होने पर रोक जारी रहेगी। इस दौरान देश में हवाई यात्रा, रेल परिचालन, मेट्रो परिचालन, सड़कों से एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवेश पर पाबंदी लागू रहेगी। स्पष्ट है कि 17 मई तक प्लेन, ट्रेन, मेट्रो और रोड ट्रांसपोर्ट का परिचालन शुरू नहीं होगा। वहीं, स्कूल, कॉलेज और दूसरे शिक्षण संस्थान, ट्रेनिंग-कोचिंग इंस्टिट्यूट आदि बंद रहेंगे। गृह मंत्रालय की ओर से आदेश में कहा गया है कि ऑनलाइन कक्षाएं चलती रहेंगी। रेड, ऑरेंज और ग्रीन यानी सभी जोन में दवा की दुकानें खुली रहेंगी। अलबत्ता, इस दौरान इनको सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा। राजनीतिक, सांस्कृतिक आयोजन स्थल तथा मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे आदि सभी धार्मिक स्थल 17 मई तक नहीं खुलेंगे। ध्यान रहे कि रमजान का महीना चल रहा है जो इस दौरान खत्म नहीं होगा। सभी जोनों में 65 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों और डाइबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम्स जैसी समस्याओं से ग्रस्त लोगों, गर्भवती महिलाओं, 10 साल से कम उम्र के बच्चों का बाहर निकलना मना रहेगा। ये सिर्फ जरूरी काम या स्वास्थ्य जरूरतों के लिए ही घर से निकल पाएंगे।लेकिन कंटेनमेंट जोन में दवा की दुकानें बंद रहेंगी। होटल, रेस्त्रां समेत आतिथ्य सेवा के सारे संस्थान बंद रहेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भीड़भाड़ वाली जगहों को लॉकडाउन से छूट नहीं दी जा रही है। सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों को 17 मई तक बंद रखा जाएगा। यह आदेश रेड, ऑरेंज और ग्रीन, तीनों जोनों के लिए लागू है।
सरकारी आदेश के अनुसार, शाम को 7 बजे से सुबह सात बजे तक सभी प्रकार की गैर जरूरी यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा। स्थानीय प्रशासन लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए सीआरपीसी की धारा 144 के अंतर्गत कर्फ्यू की घोषणा भी कर सकता है। सभी जोन में गर्भवती महिलाओं, 65 साल के अधिक आयु के बुजुर्गों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में रहना जरूरी होगा।
लेकिन इस दौरान रेड जोन घोषित किए गए जिलों में साइकिल रिक्शा, ऑटो रिक्शा, टैक्सी और कैब के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं कंटेनमेंट जोन में सभी प्रकार की गतिविधियां पूर्णत प्रतिबंधित होंगी। रेड जोन में नाई की दुकानें भी बंद रहेंगी। रेड जोन के अंदर और कंटेनमेंट जोन के बाहर रिक्शा, ऑटो रिक्शा का परिचालन बंद रहेगा।
अलबत्ता, ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रकार की औद्योगिक गतिविधियां और विनिर्माण के कार्य, मनरेगा के कार्य, फूड प्रोसेसिंग यूनिट व ईंट-भट्ठों पर काम जारी रहेंगे। शहरी क्षेत्रों में भी शॉपिंग मॉल को छोड़कर दुकानें खुलेंगी। इसके अलावा रेड जोन में कृषि कार्य, पशुपालन, मछली पालन के लिए भी अनुमति दी गई है। रेड जोन घोषित शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्लांटेशन का कार्य, सभी प्रकार के स्वास्थ्य सेवाएं, मरीजों को एयर एंबुलेंस से ले जाने की भी छूट दी गई है।
वहीं आरेंज जोन में टैक्सी और कैब को संचालन की अनुमति होगी। लेकिन, इसमें ड्राइवर के अलावा एक यात्री से ज्यादा लोग नहीं होने चाहिए। इसके अलावा छूट प्राप्त सेवाओं में शामिल लोगों और वाहनों को जिले के बाहर आने-जाने की अनुमति होगी। चार पहिया गाड़ियों में चालक के अलावा दो यात्री ही बैठ सकते हैं। वहीं, बाइक पर पीछे एक सवारी के बैठने की अनुमति होगी। सभी गैर-जरूरी गतिविधियों के लिए लोगों की आवाजाही पर शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक सख्त पाबंदी रहेगी। ग्रीन जोन में भी सुबह 7 से शामल 7 बजे तक फालतू में घूमना-फिरना मना रहेगा।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने, पान, गुटखा, तंबाकू आदि खाने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि, न्यूनतम छह फुट की दूरी ग्राहकों के बीच सुनिश्चित करने के बाद शराब, पान, तंबाकू की बिक्री करने की इजाजत होगी तथा दुकान पर एक समय में पांच से अधिक लोग नहीं होंगे।
ग्रीन जोन घोषित जिलों में पूरे देश में प्रतिबंधित सेवाओं और एक्टिविटी को छोड़कर अन्य सभी एक्टिविटी को अनुमति दी गई है। ग्रीन जोन में 50 फीसदी लोगों के साथ बसें चल सकती हैं और डिपो में भी 50 फीसदी क्षमता के साथ काम करने की अनुमति होगी। गृह मंत्रालय के नए निर्देशों में ग्रीन जोन में शराब और पान की दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है लेकिन एक दूसरे से दो गज की दूरी रखनी होगी और एक समय में पांच से ज्यादा लोग मौजूद नहीं रह सकते हैं।
रेड जोन में वाणिज्यिक संस्थान भी खुले रहेंगे। इनमें बैंक, गैर बैंकिंग इकाइयां, इंश्योरेंस और कैपिटल मार्केट एक्टिविटी और क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी शामिल हैं। वहीं आंगनवाड़ी, बिजली, पानी, सैनिटेशन, वेस्ट मैनेजमेंट, टेलिकम्यूनिकेशन और इंटरनेट कोरियर और पोस्टल सर्विस भी जारी रहेगी। रेड जोन में अधिकतर कॉमर्शियल और प्राइवेट स्टेब्लिशमेंट को छूट दी गई है। इसमें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, आईटी और डॉटा और कॉल सेंटर्स, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस, प्राइवेट सिक्योरिटी और जो स्वयं बिजनेस चलाते हैं उन्हें छूट दी गई है।
देश में 319 जिले ग्रीन जोन, जबकि 130 जिले रेड जोन में
गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई जिलों की सूची में तीन मई के बाद 130 जिलों को रेड, 284 को ऑरेंज और 319 जिलों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है। वहीं, देश के बड़े शहरों में शामिल दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बंगलूरू, अहमदाबाद को अब भी रेड जोन में ही रखा है। बता दें कि यहां कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 1 मई 2020। नया माह कोरोना संक्रमण के भय के बीच उत्तराखंड के लिए राहत भरा समाचार लेकर आया है। केंद्र सरकार ने राज्य के दो प्रमुख जनपदों देहरादून और नैनीताल को रेड जोन से बाहर कर ऑरेंज जोन में डाल दिया है। इसके बाद राज्य का केवल एक जनपद हरिद्वार ही रेड जोन में है, जबकि पूर्व में मामले आने वाले ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा व पौड़ी सहित शेष नौ पर्वतीय जनपद पहले ही ग्रीन जोन में आ चुके हैं। बताया गया है कि पिछले 14 दिनों में समाज में कोरोना का प्रसार न होने के कारण नैनीताल एवं देहरादून जिलों को रेड से ऑरेंज जोन में लाया गया है। यहां जो मरीज आ रहे हैं, वे पहले से अलग किये गये वो पहले से कंटोनमेंट जोन से आ रहे हरिद्वार को रेड जोन में रखा गया है। वहीं देहरादून और नैनीताल ऑरेंज जोन में हैं और राज्य के बाकी जिले ग्रीन जोन में हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अप्रैल 2020। लॉकडाउन के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और छात्रों के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने भी कवायद शुरू कर दी है। सरकार ने बाहर फंसे लोगों के लिए पंजीकरण कराने हेतु वेबसाइटें http://smartcitydehradun-uk-gov-in/http://dsclservices-org-in/uttarakhand&migrant&registration-php भी जारी कर दी हैं। 

नोडल अधिकारी शैलेश बगोली बताया कि वापस लौटने के इच्छुक लोगों की सहायता के लिए साथ ही 15 नए हेल्पलाइन मोबाइल नंबर (9557194828, 8476824218, 7017082637, 7983129119, 8279577133, 7906434586, 8979376382, 9045394752, 9045184752, 9389930624, 9389939866, 9410103292, 9045014752 व 9389919096) भी जारी किए गए हैं। जो मोबाइल से आवेदन को ज्यादा सुविधाजनक समझते हैं, वो मोबाइल से फोन कर अपना ब्योरा दर्ज करा सकते हैं। इन विशेष नंबर के साथ ही पुलिस लाइन कोविड कंट्रोल रूम के नंबर-0135-2722100 और एसडीआरएफ कंट्रोल रूम के नंबर-0135 2410197 और 9456596190 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

इन मोबाइल नंबर पर दर्ज कराए अपना ब्योरा:


उल्लेखननीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बाहर फंसे लोगों को उनके घर भेजने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब फंसे हुए लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य में कुछ शर्तों के साथ भेजा जा सकेगा। गृह मंत्रालय के द्वारा बुधवार को जारी नये निर्देशों के अनुसार इस हेतु सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने नोडल अधिकारी नियुक्त करने होंगे और एक मानक प्रोटोकॉल तैयार करना होगा। नोडल अधिकारी अपने राज्य में फंसे लोगों को पंजीकृत करेंगे। नए दिशा-निर्देशों के तहत एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के इच्छुक लोगों के लिए संबंधित राज्य सरकारों को आपस में बात करनी होगी। गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि फंसे हुए लोगों को केवल सड़क मार्ग से ही उनके गंतव्य पर भेजा जाएगा।
लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने से पहले उनकी जांच की जायेगी। जब ये लोग अपने गंतव्य पर पहुंच जाएंगे तो स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के जरिए उन्हें क्वारंटाइन किया जाएगा। साथ ही इन सभी लोगों को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2020। जी हां। जनपद में रेड या ऑरेंज जोन से आने वाले लोगों के साथ कोरोना विषाणु कोविद-19 का संक्रमण न आने पाये, इस हेतु सावधानी बरतने के लिए नैनीताल जनपद में रेड या ऑरेंज जोन से आने वाले लोगों को अब 14 दिन के लिए क्वारन्टाइन किया जाएगा। डीएम सविन बंसल ने रविवार की रात ऐसे आदेश जारी किये हैं। आदेश में कहा है कि रेड व ऑरेेंज जोन से जिले में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण होगा और फिर उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। उनके वाहन चालक के लिए भी यही प्रक्रिया अपनायी जाएगी।
डीएम ने कहा कि ऐसे यात्री, जो उपचार के बाद जिले में लौट रहे हैं, उन्हें भी हॉस्पिटल या क्वारंटाइन सेंटर में रख दिया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति जिले से रेड व ऑरेेंज जोन में अनुमति लेकर अपने रिश्तेदार को लेने जा रहा है, तो भी उन्हें जांच व क्वारंटाइन प्रक्रिया का पालन करना होगा। अगर कोई व्यक्ति दूसरी जगह से इस जिले से होकर कहीं और जा रहा है तो उसे जांच के बाद जाने दिया जाए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं डीएम का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति ग्रीन जोन से जिले में आ रहा है तो भी उसकी भी जांच होगी, लेकिन उसके बाद उसे अपने घर जाने दिया जाएगा।

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नवीन समाचार, देहरादून, 25 अप्रैल 2020। शनिवार को भारत सरकार द्वारा दुकानों को खोले जाने के संबंध में जारी गाइडलाइन पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर विचार-विमर्श किया। बैठक में तय किया गया कि राज्य के ग्रीन जोन वाले 9 पर्वतीय जिलों में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही दुकानों को खोला जाएगा। यहां दुकानें सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक खुलेंगी। शराब एवं नाई आदि प्रतिबंधित श्रेणी की दुकानें अब भी बंद रहेंगी। वहीं चार जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में वर्तमान की स्थिति बरकरार रहेगी। अंतरजनपदीय एवं अंतरराज्यीय स्तर पर आवागमन की पहले की तरह ही रोक रहेगी। अलबत्ता इस दौरान निजी निर्माण कार्य हो सकेंगे। इन सबके चलते पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि नागरिकों द्वारा सामाजिक दूरी का अनुपालन आवश्यक रूप से हो। वहीं मुख्यमंत्री ने ग्रीन जिलों के नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे दी जा रही छूट को केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही प्रयोग करें, और सामाजिक दूरी का अनुपालन करें। बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग करें। देखें इस संबंध में मुख्यमंत्री की पोस्ट :


बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा राजकीय मेडिकल कालेज, देहरादून में वाइरोलाजी लैब का लोकार्पण किया। इससे राज्य में कोरोना की जांच की क्षमता में वृद्धि होगी। 
इसके अलावा उत्तराखंड के ग्रीन जोन में शामिल नौ जिलों में रविवार से अस्पताल आम जनता के लिए खोल दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, कि जन जिलों में कोरोना संक्रमित मरीज नहीं हैं, वहां अस्पतालों को खोला जाएगा। सीएम रावत के मुताबिक प्रदेश में अब केवल मेला अस्पताल हरिद्वार, दून हॉस्पिटल देहरादून, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर और सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में ही अब कोविड-19 अस्पताल के रूप में कोरोना वायरस का इलाज होगा। बाकी अन्य अस्पताल पहले की तरह ही अपना काम करेंगे। वहीं, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया जाएगा, जो ये देखेगी कि कोरोना वायरस की वजह से जो अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है। उसकी राज्य कैसे भरपाई कर सकता हैं, कैसे राज्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा किये जा सकते हैं और अपने नौजवानों को काम दे सकते हैं। इसके साथ ही इस पर भी ध्यान दिया जाएगा कि हम गरीबों की आर्थिकी को कैसे मजबूत कर सकते हैं। मंत्रिमंडलीय उप समिति में राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत और रेखा आर्य सदस्य के रूप में रहेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह परावत ने इसके साथ ही कहा कि रैबार 3 के तहत प्रवासियों से परामर्श करेंगे।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 24 अप्रैल 2020। हल्द्वानी के कर्फ्यूग्रस्त बनभूलपुरा क्षेत्र के सभी सेक्टरों में आगामी आदेशों तक ढील जारी रहेगी। जानकारी देते हुये डीएम सविन बंसल ने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र मे बनाये गये 5 सेक्टरों में दो चरणों में तीन-तीन घंटे की छूट दी गई थी। विगत दिनों में बलभूलपुरा के निवासियों ने शांतिपूर्वक एवं अनुशासित ढंग से खरीददारी की और दैनिक आवश्यताओं की वस्तुयें खरीदी। मुल्यांकन अवधि में शांति व्यवस्था बनी रही जिसको दृष्टिगत रखते हुये यह निर्णय लिया गया कि बनभूलपुरा के सभी पांचों सेक्टरों में शनिवार से तीन घंटे की ढील प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि ढील के दौरान खदीददारी व अन्य कार्यो के लिए हर घंटे घर से एक ही सदस्य बाहर आये और घर के जरूरी काम निपटाये। उन्होंने बताया कि पूर्व की भांति प्रशासन द्वारा खाद्यान, फल, सब्जी एवं दूध की आपूर्ति यथावत जारी रहेगी। उन्होने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र के बैंक तयशुदा समय पर कार्य करेंगे। लोगों को नगदी की दिक्कत ना हो इसलिए क्षेत्र के सभी एटीएम खोल दिये गये है। उन्होने बनभूलपुरा क्षेत्र मे तैनात किये गये सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों व अन्य अधिकारियों से कहा है कि क्षेत्र मे सौंपे गये दायित्यों का निर्वहन पूरी तत्परता एवं समर्पण भाव से करें।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 21 अपै्रल 2020। हल्द्वानी के कर्फ्यूग्रस्त बनभूलपुरा क्षेत्र में बुधवार से सेक्टर वार प्रातः 8 बजे से 11 बजे के बीच तीन घंटे की छूट दी जाएगी। डीएम सविन बंसल तथा एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने मंगलवार को कर्फ्यूग्रस्त बनभूलपुरा इलाके के इमामों, मौलवियों, उलेमाओं तथा अन्य गणमान्य लोगोें के साथ क्षेत्र के हालातों तथा आने वाले पवित्र रमजान माह के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बैठक करते हुए यह बात कही। बताया कि 22 अप्रेल (बुधवार) को सेक्टर 3 व 5 में तथा 23 अप्रेल (गुरूवार) को सेक्टर 1, 2 व 4 में कर्फ्यू मे ढील दी जायेगी। यदि 22 व 23 अप्रेल को सब कुछ ठीक ठाक रहा तो 24 अप्रैल से सभी सेक्टरों में प्रातः 8 बजे से 11 बजे के बीच ढील दी जायेगी। ढील के दौरान लाकडाउन के सभी नियम कायदे व कानून सभी को मानने होंगे। सामाजिक दूरी एवं मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से हर किसी को करना होगा। उन्होंने क्षेत्र में बैंक एवं राशन की सुविधाएं बहाल करने की बात भी कही। वहीं अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब ने कहा कि बनभूलपुरा की सभी 37 सस्ते गल्ले की दुकानों से गरीबो के लिए निशुल्क खाद्यान प्राथमिकता पर वितरित कराने और रोजे से सम्बन्धित सभी आवश्यक वस्तुयें भी उपलब्ध कराने की प्रशासन से मांग की।

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-कई मामलों में छूट, पर सार्वजनिक स्थानों पर थूकने व बिना मास्क के आने पर प्रतिबंध, आने-जाने के लिए लेनी होगी एसडीएम से अनुमति

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अप्रैल 2020। लॉक डाउन के दौरान जनपद में सोमवार से कुछ नयी व्यवस्थाएं लागू होने जा रही हैं। डीएम सविन बंसल ने बताया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा लाकडाउन की 3 मई तक विस्तारित की गई अवधि में सोमवार 20 अप्रैल से सार्वजनिक स्थान पर थूकना, उत्तराखंड कूडा फेंकना एवं थूकना निषेध अधिनियम 2016 के प्राविधानों के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। साथ ही शराब, गुटका, तम्बाकू एवं इससे बने उत्पादों की बिक्री पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी। सभी सार्वजनिक स्थलों एवं कार्यालयों में सभी अधिकारियों एव कर्मचारियों तथा आम लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। कार्यालयांे मे भोजन अवकाश के दौरान सहित किसी सार्वजनिक स्थान या कार्य स्थल पर आने, पर सामाजिक दूरी एवं बचाव के उपायों के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा उत्तराखण्ड शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। कटाई एवं बुवाई से संबंधित मशीनों तथा दूध एवं दुग्ध उत्पादों के संग्रह, प्रसंस्करण, वितरण एवं बिक्री व आपूर्ति तथा पशुपालन, मुर्गीपालन व अन्य पशुपालन की गतिविधियांे का संचालन सहित हर तरह के आवागमन के लिए संबंधित एसडीएम से अनुमति लेनी आवश्यक होगी। नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
उन्होंने बताया कि किसी भी सार्वजनिक स्थल पर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का एकत्रित होना प्रतिबंधित होगा। शादी समारोह के लिए अधिकतम पांच एवं अंत्येष्टि के लिए अधिकतम 20 लोगों के शामिल होने की अनुमति संबंधित एसडीएम लेनी आवश्यक होगी। अन्य किसी भी प्रकार के बडे समारोह, बैठक, गोष्ठियां व प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिबन्धित रहेंगे। लेकिन सभी कृषि मशीनरी, स्पेेयर पार्टस तथा इनकी मरम्मत, कीटनाशक, उर्वरक एवं बीज विक्रय नियमों के प्रतिबंधों के साथ तथा ग्राम पंचायत स्तर पर सरकार द्वारा अनुमोदित कॉमन सर्विस सेंटर निर्धारित अवधि में खुले रहेंगे। मनरेगा के समस्त कार्यो का संचालन किया जा सकेगा। जिले के सभी सिनेमा हॉल, मॉल, शापिंग काम्पलैक्स, व्यायामशाला, स्पोर्टस काम्लैक्स, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार और ऑडिटोरियम, एसेम्बली हॉल, धार्मिक स्थल, पूजा स्थल एवं धार्मिक समारोह तथा सभी सामाजिक राजनैतिक खेल, मनोंरजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यो तथा अन्य समारोह जनता के लिए प्रतिबंधित रहेंगे।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में बदली जोनों की स्थिति, ऑरेंज जोन के दो जिले भी रेड जोन में, कल से छूट मिलनी मुश्किल

नवीन समाचार, देहरादून, 19 अप्रैल 2020। उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार और नैनीताल जिलों में गत दिनों नये मामले आने के बाद देहरादून के साथ हरिद्वार व नैनीताल जिलों को भी रेड जोन में रख दिया है। इसके बाद इन दोनों जिलों में सोमवार 20 अप्रैल से लॉक डाउन में किसी तरह की छूट मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो गई है।
अपर सचिव स्वास्थ्य, युगल किशोर पंत ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि कोरोना संक्रमित मामलों के आधार पर प्रदेश को तीन जोन में बांटा गया है। प्रदेश में अब तक कुल कोरोना वायरस संक्रमित मामलों में से 80 फीसदी मामले देहरादून, नैनीताल और हरिद्वार में सामने आए हैं। इसलिए इन तीनों जिलों को रेड जोन में शामिल किया गया है। वहीं, ऊधमिसंह नगर, अल्मोड़ा और पौड़ी को ऑरेंज जोन में और अन्य सात जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 16 अप्रैल 2020। सरकार ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत प्रदेश के जिलों को तीन श्रेणियों-लाल, नारंगी और हरे में बांट दिया है। 18 कोरोना पॉजिटिव मामलों वाले देहरादून जिले को लाल श्रेणी में, इससे कम मामलों वाले हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों को नारंगी श्रेणी में तथा शेष अन्य जिलों-बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, चमोली, उत्तरकाशी व टिहरी को हरी श्रेणी में रखा गया है।
इन श्रेणियों के हिसाब से ही नारंगी व हरी श्रेणी में शामिल जिलों को 20 अप्रैल के बाद लॉकडाउन में आंशिक छूट दी जाएगी, लेकिन लाल श्रेणी के जिलों को कोई छूट नहंी मिलेगी। इसके साथ ही यह साफ किया गया है कि अगर लगातार 14 दिन तक किसी जिले में कोई कोरोना पॉजिटिव मामला सामने नहीं आता है तो उस जिले की श्रेणी स्वतः परिवर्तित हो जाएगी। यानी, अगर देहरादून जिले में लगातार 14 दिन कोई कोरोना पॉजिटिव मामला नहीं सामने आया तो यह नारंगी श्रेणी में चला जाएगा। इसके उलट अगर हरी श्रेणी के किसी जिले में कोई कोरोना पॉजिटिव मामला सामने आता है तो वह जिला नारंगी श्रेणी में चला जाएगा। वहीं नारंगी श्रेणी के जिले आंकड़ा 18 तक पहुंचने पर वह लाल श्रेणी में चले जाएंगे।

यह भी पढ़ें : यूपी के एक गांव में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद यूपी के सात गांव सील

नवीन समाचार, जसपुर, 15 अप्रैल 2020। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के अफजलगढ़ क्षेत्र के ग्राम मनियावाला में एक कोरोना पॉजीटिव केस मिला है। इसके बाद उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन ने इस गांव से लगे जसपुर के सात सीमावर्ती गांवों-आनंदपुर, धर्मपुर, आसपुर, रायपुर, पूरनपुर, गूलरभोजी व किशनपुर को ऐहतियात के तौर पर सील करते हुए क्वारंटाइन कर दिया है। इन गांवों के लोग बाहर नहीं आ सकेंगे। आगे इन गांवों के लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी तथा उनमें कोरोना के प्राथमिक लक्षण पाए जाने पर उनका इलाज कराया जाएगा। इन गांवों में पुलिस बल भी तैनात कर दिये गये हैं। साथ ही ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से जरुरत की चीजें उपलब्ध कराने के प्रबंध भी किये गये हैं।

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-बनभूलपुरा में कर्फ्यू लगाने के मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को दिये निर्देश
– पुलिस महानिदेशक ने देहरादून के डीआईजी को दिये लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर रासुका लगाने के निर्देश
नवीन समाचार, देहरादून, 13 अप्रैल 2020। नैनीताल जनपद के हल्द्वानी के 10 जमातियों के पाये जाने पर सील किए गए बनभूलपुरा क्षेत्र में रविवार को हुए बवाल पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संज्ञान लेते हुए इस क्षेत्र में कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को इसके निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि रविवार दोपहर बनभूलपुरा क्षेत्र में एक उलेमा की स्वास्थ्य जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने पर यहां हजारों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए थे।
इसके अलावा एक अन्य गतिविधि के तहत प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने देहरादून के डीआईजी अरुण मोहन जोशी को लॉकडाउन का उल्लंघन करके दूसरों की जान को जोखिम में डालने वालों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि यह कानून राज्य और केंद्र सरकार को एक ऐसे व्यक्ति को हिरासत में लेने का अधिकार देता है जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका हो। रासुका में यह प्रावधान भी है कि सरकार, किसी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी आरोप के 12 महीने तक जेल में रख सकती है। साथ ही सम्बंधित अधिकारी को संदिग्ध व्यक्ति को बिना कारण बताये पांच दिनों तक कैद में रखने की शक्ति भी है, जबकि विशेष परिस्थितियों में यह अवधि 10 दिन तक हो सकती है। इसके बाद उसे राज्य सरकार की अनुमति जरूरी होती है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 10 अप्रैल 2020। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में कोरोना विषाणु (कोविड 19) के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु जारी लॉक डाउन की अवधि को 30 अप्रैल तक बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया है। इस बारे में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक में सूबे के आला अफसरों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। फिलहाल 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कान्फ्रेंसिग में उत्तराखंड की ओर से यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से क्या दिशा-निर्देश मिलते हैं, तदनुरूप राज्य सरकार आगे बढ़ेगी। देखें मुख्यमंत्री की पोस्ट :

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सीएम आवास में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में कोरोना वायरस के संबंध में आगे की रणनीति पर व्यापक विचार विमर्श किया गया। इसमें कार्य योजना बनाई गई जो केन्द्र सरकार को भेजी जाएगी। इसमें केन्द्र सरकार से लॉकडाउन को प्रदेश के सभी जिलों में 30 अप्रैल तक बढ़ाने का आग्रह किया जाएगा जबकि सोशल डिस्टेंसिंग 31 मई तक जारी रखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर मॉस्क पहनने को अनिवार्य किया जाएगा। चिह्नित हॉट-स्पॉट में आवाजाही पर पूरी रोक रहेगी। इस दौरान सभी सरकारी और प्राइवेट कार्यालय, दुकानें और कमर्शियल एस्टेब्लिशमेंट पूरी तरह से बंद रहेंगे। सिर्फ आवश्यक जरूरी वस्तुओं की दुकानों को ही खोलने की अनुमति होगी होगी। जिन जिलों में 14 अप्रैल से एक पखवाड़ा पहले तक कोविड-19 का कोई भी केस रिपोर्ट नहीं होगा, वहां (कैटेगरी ए) पर कुछ ढील दी जा सकती है। हालांकि उसके बाद अगर उस इलाके में एक भी केस अगले पखवाड़े में आता है तो उस इलाके को पुनः कैटेगरी-बी में डाल दिया जाएगा। कैटेगरी-बी जिलों में जो हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं, वहां पर सभी तरह की आवाजाही पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। वहां पर जरूरी चीजें पहुंचाने की व्यवस्था जिला प्रशासन सुनिश्चित करेगा।

राज्य में निषेधाज्ञा (धारा 144) को 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी जाएगी। सोशल डिस्टेंसिंग पॉलिसी भी 31 मई तक लागू रहेगी। इसके अंतर्गत सभी लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर मॉस्क पहनना अनिवार्य होगा। इंडो नेपाल और अंतर राज्यीय आवाजाही के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा निर्देश 30 अप्रैल तक पूर्ववत लागू रहेंगे। जिले के भीतर और एक से दूसरे जिले में आवाजाही के लिए जिला अधिकारी की अनुमति के बाद ही जा सकेंगे। जिलों में प्रवेश करने वाले लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम सीमा पर रहेगी, जो उनके रिकॉर्ड भी रखेगी। औद्योगिक, निर्माण और खनन कार्यों की अनुमति उन सभी जिलों में होगी, जिनमें कोविड-19 के हॉटस्पॉट नहीं है। होटल, लॉज, होम-स्टे, धर्मशाला होटल, मॉल, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, जिम, रेस्टोरेंट, बार और धार्मिक संस्थान पूरे राज्य में बंद रखे जाएंगे। इस दौरान कोई भी व्यक्ति बिना जिला अधिकारी की अनुमति के इन्हें छोड़कर इधर उधर नहीं आ जा सकेगा। निजी वाहन सुबह 7 से अपराह्न 1 बजे तक चल सकेंगे लेकिन पीछे कोई सवारी बिठाने पर प्रतिबंध रहेगा।

बागवानी, मधुमक्खी पालन, पशु पालन, डेयरी, मत्स्य पालन और इससे संबद्ध क्रियाकलाप कोविड-19 के हॉटस्पॉट को छोड़कर अन्य इलाकों में अनुमन्य रहेगा। इसी तरह फसलों की कटाई और निपटान का काम भी कोविड-19 हॉटस्पॉट को छोड़कर अन्य इलाकों में अनुमन्य होगा। कंबाइन हार्वेस्टर और अन्य मशीनरी की इन जिलों में या राज्य में आने जाने के लिए गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक जिला मजिस्ट्रेट अनुमति देंगे। इसके बावजूद मजदूरों को दूसरे राज्यों या बी कैटेगरी के जिलों में जाने की अनुमति नहीं होगी। राज्य में सभी तरह के शैक्षणिक संस्थान 15 मई तक बंद रहेंगे। किसी भी गवर्नमेंट कमर्शियल इंडस्ट्रियल बिल्डिंग या पब्लिक अथवा कमर्शियल ट्रांसपोर्ट में राज्य के अंदर 15 मई तक एयर कंडीशनर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। क्वॉरेंटाइन किए गए लोग उस स्थान से इधर-उधर आ-जा नहीं सकेंगे, वरना उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्राइवेट मेडिकल क्लिनिक नर्सरी होम्स और हॉस्पिटल राज्य में खुले रहेंगे। इस दौरान वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग और स्वास्थ्य सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसी तरह मनरेगा के कार्यों को भी कुछ शर्तों के साथ अनुमन्य किया गया है।

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी से बात करते हुए किया स्पष्ट इशारा
नवीन समाचार, देहरादून, 10 अप्रैल 2020। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लॉक प्रदेश में लॉक डाउन के जारी रहने परंतु लॉक डाउन के दौरान सुबह सात से अपराह्न एक बजे तक आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए दी जा रही छूट का समय नहीं घटाने का इशारा किया है। शुक्रवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन आगे बढ़ाने व छूट करने के बारे में काफी सुझाव आ रहे हैं। राज्य में कोरोना स्टेज-1 से आगे नहीं बढ़ा है। राज्य में आए 35 में से 33 मामले चार मैदानी जिलों के हैं और पर्वतीय जिलों में केवल दो मामले बाहर से आए लोगों में हैं, फिर भी सीमावर्ती प्रदेशों में कोरोना की संवेदनशीलता एवं राज्य में सामाजिक दूरी के सिद्धांत को देखते हुए छूट बढ़ाने पर निर्णय नहीं हुआ है।
देखें मुख्यमंत्री का वीडियो :

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नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अप्रैल 2020। डीएम सविन बंसल ने हल्द्वानी बनभूलपुरा तथा उसके आसपास के क्षेत्र को कोरोना विषाणु से संक्रमित लोगों के मिलने के बाद 72 घंटे के लिए पूरी तरह से सील कर दिया गया है। रात 12 बजे के बाद कोई भी बनभूलपुरा निवासी घर से बाहर नही आयेगा। पूरे इलाके की निगरानी पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों द्वारा की जा रही है। बेरिकेटिंक लगाकर सम्पूर्ण बनभूलपुरा क्षेत्र मे सभी प्रकार का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। 
साथ ही क्षेत्र वासियों को जरूरी सुविधायंे मिलती रहें इसके लिए प्रशासन एवं पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा गुरूवार को ललित आर्य महिला इन्टर कालेज प्रांगण मे बनभूलपुरा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों मौलाना, मौलवियों तथा विभिन्न राजनैतिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र को पंाच सेक्टरों में बांटा गया है। पहला सेक्टर किदवई नगर होगा जिसमें केमू स्टेशन, रेलवे बाजार, किदवई नगर तथा गफूरबस्ती को शामिल किया गया है। इसी प्रकार चोरगलिया रोड दूसरा सेक्टर होगा जिसमे लाईन नम्बर- 12 से 18 तक का क्षेत्र नई बस्ती, गौलापुल तक का एरिया शामिल है। इसी प्रकार तीसरा सेक्टर इन्दिरा नगर होगा जिसमे गौलापुल, इन्दिरा नगर से शनिबाजार रोड से मण्डी गेट तक का क्षेत्र शामिल किया गया है। चौथे सेक्टर के तौर पर बरेली रोड होगा जिसमें उजाला नगर तथा गांधीनगर शामिल किये गये है, ताज चौराहा पांचवे सेक्टर के तौर पर चिन्हित किये गये है, चौकी मंगल पडाव, मछली बाजार, लाइन नम्बर -1 से 11 तक का क्षेत्र तथा ताज चौराहा क्षेत्र शामिल किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में सेक्टर आफिसर तथा सेक्टर पुलिस आफिसर की तैनाती की जा रही है। इनकी निगरानी में सेक्टर वाइज सभी व्यवस्थायें एवं आवश्यक वस्तुआंें की आपूर्ति के अलावा क्षेत्र की समस्याओ का निराकरण भी किया जायेगा। प्रत्येक सेक्टर में पार्षद तथा उनके साथ दो सहयोगी कार्य करेंगे। एसडीएम विवेक राय ने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र मे सरकारी सस्ते गल्ले का वितरण  के साथ ही खाद्यान व राशन की आपूर्ति जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा करायी जायेगी। प्रत्येक सेक्टर मे एक-एक मेडिकल स्टोर तथा एक-एक जनरल स्टोर खोला जायेगा। इन दुकानों से कॉल करने पर दवाईयां तथा रोजमर्रा की वस्तुआंे लोगों के घरों तक दुकानदार द्वारा पहुचायी जायेंगी। किसी भी सामान व दवाई की बिक्री दुकानों से नही होगी, जल्द ही इन दुकानदारों के नंबर सार्वजनिक किये जायेंगें। किसी भी आवश्यकता व समस्या के लिए लोग अपने क्षेत्र के पार्षद को भी कॉल कर सकते है। साथ ही क्षेत्र के सभी सेक्टरों मे गैस की होम डिलीवरी और सचल वाहनों के माध्यम से सब्जी आदि की भी आपूर्ति की जायेगी। किसी भी समस्या के लिए कोरोना कन्टोल रूम 05946-281234 पर कॉल कर सकते है। एएसपी अमित श्रीवास्तव तथा सीओ डीसी ढौडियाल ने कहा कि इस संकट के दौर मे हम सबको सामूहिक जिम्मेदारी समझते हुये अपने फर्ज को निभाना होगा, हम सबकी कोशिश होनी चाहिए कि घर मे रह रहे हर आदमी का स्वास्थ्य परीक्षण हो यदि कोई संक्रमित पाया जाता है तो उसक सरकार की तरफ से पूरा इलाज निशुल्क किया जा रहा है ऐसे समय मे घबराने की कोई जरूरत नही है ना ही लोग अफवाहों पर ध्यान दें। उन्होने पार्षदो एवं धर्म गुरूओं से अपील की कि वह रहनुमा बनकर लोगो के बीच जायें और कोरोना वायरस के बारे मे जानकारी दें तथा हर हाल मे प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन सभी की सुरक्षा एंव स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं संवेदनशील है। बैठक में उपाध्यक्ष राज्य अल्पसंख्याय आयोग मजहर नईम नवाब ने कहा कि हम सभी को प्रशासन का सहयोग करना चाहिए तथा सभी मिलकर प्रशासन का हाथ जुटाये तथा गरीबों एव मजलूमों के घर तक  राशन और दूसरी जरूरत की चीजें पहुचाने मे मदद करें। नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया ने बताया कि नगर निगम द्वारा बनभूलपुरा क्षेत्र के सभी वार्डो मे युद्व स्तर पर सेनेटाइजेशन तथा सफाई का काम किया जायेगा इस कार्य में अनुरोध है कि सभी नगर निगम के कर्मचारियो ंका सहयोग करें।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री ने लॉक डाउन खुलने की स्थितियों के लिए उच्चाधिकारियों से की चर्चा

नवीन समाचार, देहरादून, 4 अप्रैल 2020। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविद-19) के संक्रमण की स्थिति के शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाऊन खुलने की स्थिति में भीड़ को रोकने और सामाजिक दूरी के नियम का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली जाए। कोरोना वायरस से बचाव कार्यों में जो लोग सहयोग नहीं करते हैं उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। लोग सरकार का साथ दें, इसके लिए सभी धर्मगुरूओ और समाज के प्रबुद्धजनों का सहयोग लिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा व एडीजी वी विनय कुमार उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : मुख्यमंत्री ने ‘लॉक डाउन’ और साफ की बात, साथ ही दी अधिक ऐहतियात बरतने की हिदायत

नवीन समाचार, देहरादून, 2 अप्रैल 2020। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में नियत समय पर ‘लॉक डाउन’ हटने का इशारा किया है। निश्चित ही यह तब संभव होगा, जब राज्य वासी अधिक कोरोना के प्रति अधिक ऐहतियात बरतेंगे। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश भर के मुख्यमंत्रियों के साथ किये गए संवाद के बाद प्रतिदिन की भांति राज्यवासियों को अपना वीडियो संदेश जारी करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने अपने फेसबुक पेज पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिये गए निर्देशों के हवाले से लिखा है, ‘लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी हमें लंबे समय तक सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। तभी जाकर कोरोना के प्रभाव को समूल रूप से खत्म किया जा सकता है।’ साथ ही उन्होंने साफ किया कि प्रदेश के कई लोग लॉक डाउन की अवधि 1 बजे से कम करने की मांग कर रहे हैं। आगे इस पर निर्णय लेंगे, लेकिन अभी एक बजे तक ही लॉक डाउन जारी रहेगा।

देखें मुख्यमंत्री का सन्देश :

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से कहा है कि आगामी 15 अप्रैल को लॉक डाउन खुलेगा, उसके बाद भविष्य के लिए भी हम रणनीति बनाएं। हम एनसीसी-एनएसएस के युवा कैडेटों को प्रशिक्षण देंगे ताकि उनकी सेवाओं का लाभ प्रभावित लोगों को दे सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि हम मिलकर कोरोना संक्रमण को केवल और केवल ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ का ख्याल रख कर हरा सकते हैं। इसमें यदि हमने जरा भी लापरवाही की तो हमारी 21 दिन की तपस्या का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। हमें सतर्क रहना है, सावधान रहना है और केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का अनुपालन करना है।

यह भी पढ़ें : केंद्र सरकार ने साफ की लॉक आउट को आगे बढ़ाने की अफवाहों पर स्थिति..

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 30 मार्च 2020। देश मे 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने फिलहाल विराम लगा दिया है। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि कोरोना विषाणु के कारण पूरे देश में जारी 21 दिनों का लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सोमवार को साफ किया कि सरकार की लॉकडाउन बढ़ाने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं लॉकडाउन बढ़ाने की रिपोर्ट देखकर चौंक रहा हूं। सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।’
उल्लेखनीय है कि भारत में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऐसी रिपोर्ट आ रही थीं कि सरकार लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार कर सकती है। हालांकि सरकार के स्पष्टीकरण के बाद लॉकडाउन पर संशय खत्म हो चुका है। भारत में कोरोना के अब तक 1,024 मरीज सामने आए हैं जबकि 27 लोगों की इस घातक बीमारी से मौत हुई है। देश मे 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने फिलहाल विराम लगा दिया है। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि कोरोना विषाणु के कारण पूरे देश में जारी 21 दिनों का लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सोमवार को साफ किया कि सरकार की लॉकडाउन बढ़ाने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं लॉकडाउन बढ़ाने की रिपोर्ट देखकर चौंक रहा हूं। सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।’
उल्लेखनीय है कि भारत में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऐसी रिपोर्ट आ रही थीं कि सरकार लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार कर सकती है। हालांकि सरकार के स्पष्टीकरण के बाद लॉकडाउन पर संशय खत्म हो चुका है। भारत में कोरोना के अब तक 1,024 मरीज सामने आए हैं जबकि 27 लोगों की इस घातक बीमारी से मौत हुई है।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री ने दिया स्पष्टीकरण, बताया केवल कौन लोग 31 को कर सकेंगे आवागमन

नवीन समाचार, देहरादून, 29 मार्च 2020। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगामी 31 मार्च को लॉक डाउन में छूट को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने साफ किया है कि 31 मार्च को लॉकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर दूसरे जिले में फंस गए लोग ही सुबह 7 बजे से सांय 8 बजे तक अपने घर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जगह-जगह से ऐसी बातें आ रही थी कि बहुत से लोग अपने काम से आए हुए थे और लॉकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर फंसे हैं। इसलिए केवल मंगलवार 31 मार्च के लिए ही यह विंडो खोली जाएगी। इस दौरान कहीं जाने के लिए लोगों को वाजिब कारण बताना होगा। हर किसी को इसकी छूट नहीं होगी। यात्री को यह साबित करना होगा कि वह दूसरी जगह से आया हुआ है। ऐसा न करने पर अनुमति नहीं दी जाएगी। सही कारण न पाए जाने एवं गलत तथ्य देने पर संबंधित के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान बसों व टैक्सियों को सेनेटाइज करवाना तथा सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना होगा। यात्रा ‘पॉइन्ट टू पॉइन्ट’ ही की जा सकेगी। बीच में कहीं भी रुकने की अनुमति नहीं होगी। यात्री को अपना भोजन व पानी साथ लेकर ही चलना होगा। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर मेडिकल चेकअप किया जाएगा। यदि कोई संदिग्ध या संक्रमित पाया जाता है तो उसे आइसोलेशन वार्ड में ले जाया जाएगा। कहा है कि व्यक्ति को अपना परिचय पत्र साथ रखना होगा और यात्रा पर डिक्लेरेशन यानी घोषणा पत्र भी देना होगा।

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-1 की जगह 10 बजे ही लौट गए लॉक डाउन पर..

डीएसए मैदान में सब्जियां लेने के लिए सामाजिक दूरी बनाते हुए गोलों में खड़े लोग।

खुर्शीद हुसैन @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 मार्च 2020। कोरोना (कोविड -19) महामारी से लड़ने के लिये पूरे देश में हुये लॉक डाउन के दौरान उत्तराखंड में सुबह सात बजे से एक बजे तक मिल रही छूट के दौरान सरोवरनगरी में दूसरे दिन बेहतरीन प्रशासनिक व्यवस्थाएं देखने को मिलीं। शनिवार को यहां जनता ने फ्लैट्स मैदान में सब्जियां व घरेलू गैस खरीदते हुए गोल घेरों में खड़े होकर सोशल डिस्टैन्सिंग यानी सामाजिक दूरी बनाने के नियम का पूरा अनुपालन किया, साथ ही चेहरों पर मास्क भी पहने। इस दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा लोगों को माइक के माध्यम से सब्जियों के दाम भी बताये जा रहे थे, जिससे पारदर्शिता बनी रही और जनता को सस्ती सब्जी उपलब्ध हुई। साथ ही लोग एक बजे की जगह 10 बजे ही पहले अपने घरों को लौट भी गए। सब्जियों के लिए आज केवल एक ही लाइन भी लगानी पड़ी। उधर राशन की खरीद में समस्या बनी हुई है। मैदानी क्षेत्रों से राशन न आने अथवा महंगा आने की शिकायतों के बीच नगर में भी राशन की सामग्री महंगी तथा सीमित मात्रा में ही मिल रही है।
ऐसे में जनता ने बिना किसी आपाधापी के शांति व तसल्ली से सब्जियां खरीदीं और खुशी- खुशी अपने घर लौटे। व्यवस्था बनाने में डीएम सविन बंसल के निर्देशन एवं एसडीएम विनोद कुमार के नेतृत्व में तहसीलदार भगवान सिंह व उनकी टीम ने तथा एसएसपी सुनील कुमार मीणा के निर्देशन व एएसपी राजीव मोहन के नेतृत्व में सीओ सिटी विजय थापा, यूनुस खान व कोतवाल अशोक कुमार सिंह तथा उनकी पुलिस टीम ने उल्लेखनीय योगदान दिया। साथ ही नगर के प्रथम नागरिक नगर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी के नेतृत्व व निर्देशन में नगर पालिका के सुरेश चंद्र, पुष्कर बोरा, मनोज साह जगाती, सागर आर्या, गजाला कमाल, निर्मला चंद्रा, दया सुयाल, रेखा आर्या आदि सभासदों ने भी जनता व प्रशासन का भरपूर सहयोग किया, वहीं टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष नीरज जोशी तथा भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, हरीश राणा व मोहित साह सहित अन्य कई समाजसेवियों ने भी मल्लीताल फ्लैट्स में सुबह से आकर शासन-प्रशासन तथा जनता का भरपूर सहयोग कर व्यवस्था को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : कल से भी लगातार एक बजे तक खुलेंगी दुकानें, 5 में से 3 रोगी हुए कोरोना मुक्त…

नवीन समाचार, देहरादून, 27 मार्च 2020। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं लॉक डाउन की अवधि को लेकर मुख्य सचिव उत्तराखंड उत्पल कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने बताया कि अग्रिम आदेशों तक आवश्यक सेवाओं की दुकानें प्रातः सात से एक बजे तक ही खुली रहेंगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराने के साथ ही इस दौरान केवल दोपहिया वाहन केवल एक व्यक्ति के साथ आवाजाही कर सकेंगे, जबकि चार पहिया वाहन पूर्णतया वर्जित रहेंगे।

देखें मुख्यमंत्री का ताज़ा विडियो संबोधन : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि राज्य के पांच में से तीन कोरोना संक्रमित रोगियों की रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है। चिकन-मटन आदि की दुकानें खुलेंगी। मोहल्लों में विक्रेता भी आ सकेंगे।

यह भी पढ़ें : बाजार ‘एक तक’ खोलने से सब्जी की व्यवस्थाएं सुधरीं, राशन में भी सुधार की जरूरत…

-अधिक समय मिलने के बावजूद 10 बजे तक ही लोगों ने निपटा ली खरीददारी
-आढ़तियों के अलावा प्रशासन ने भी उपलब्ध कराईं सब्जियां, लोगों ने आराम से खरीदीं सब्जियां

सुबह बारिश के दौरान छाते पकड़कर लाइन में सब्जियों के लिए खड़े लोगों की लाइन

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 मार्च 2020। शासन द्वारा सुबह आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी के लिए सात से 10 बजे की जगह एक बजे तक का समय दिया गया तो व्यवस्थाएं काफी हद तक सामान्य हो गईं। लोगों ने बिना किसी आपाधापी के आराम से खरीददारी की। लोग सुबह हल्की बारिश के बावजूद सब्जियां लेने पहुंच गए थे, लेकिन प्रशासन द्वारा बनाए गए गोलों में खड़े होकर आगे बढ़ते रहे और आराम से फलों व सब्जियों की खरीददारी की तथा एक बजे तक का समय होने के बावजूद सुबह 10 बजे तक ही अधिकांश लोग खरीददारी कर के घर को लौट गए। यहां तक कि नगर के डीएसए फ्लैट्स मैदान में जहां सब्जी मंडी लग रही है, 10 बजे ही व्यवस्थाओं में लगे पुलिस कर्मी भी वापस लौट गए। सब्जी मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग भी काफी हद तक सफल होती दिखाई दी। हालांकि लोग सफल डिस्टेंसिंग के प्रति उतने सजग नहीं दिखे, लेकिन प्रशासन एवं पुलिस के लोग तथा स्वयं सेवी युवा लोगों को लगातार दूर-दूर रहने के लिए प्रेरित करते रहे। इस प्रकार व्यवस्थाएं बेहतर करने में पुलिस एवं प्रशासन की बड़ी भूमिका रही है।

फल-सब्जियां मिलीं सस्ती, पर कम राशन की किल्लत
नैनीताल। नगर में आढ़तियों के साथ ही पुलिस-प्रशासन के द्वारा भी सब्जियां उपलब्ध कराईं गईं। ऐसे में आलू व प्याज 30 रुपए प्रति किग्रा। मटर व संतरे 40 रुपए प्रति किग्रा, केले 40 रुपए प्रति दर्जन जैसी सामान्य दरों पर उपलब्ध हुए। वहीं बाजार में खासकर राशन की सभी दुकानें न खुलने से जरूर लोगों को समस्या हुई। यहां तक कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें भी बंद नजर आईं। जो दुकानें खुलीं उनमें 5-10 किलो के चावल-आटे के पैक भी खत्म हो चुके हैं।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : शुक्रवार को एक बजे तक खुलेंगी आवश्यक वस्तुओं की दुकानें

नवीन समाचार, देहरादून, 26 मार्च 2020। राज्य में कल यानी शुक्रवार को सुबह सात से एक बजे तक दुकानें खुलेंगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार देर शाम इस बारे में वीडियो कांफ्रेंस से इस बाबत दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं। बताया गया है कि इस दौरान राशन, सब्जी व मेडिकल सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी। इस दौरान केवल दो पहिया वाहन केवल एक सवारी के साथ चल सकते हैं। चार पहिया वाहनों को बिल्कुल भी नहीं चलने दिया जाएगा। ऐसा सुबह सात से 10 बजे तक की छूट के दौरान अत्यधिक भीड़ बढ़ जाने के कारण किया गया है।

यह भी पढ़ें : हम नहीं सुधरेंगे ! हमें कोरोना से नहीं-सिर्फ पुलिस से है डर !

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 मार्च 2020। जी हां, देश-प्रदेश, शहरवासी अब भी कोरोना की भयावहता को नहीं समझ रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दोनों हाथ जोड़कर किये गए निवेदन पर भी उनके ज्ञान चक्षु नहीं खुले हैं। उन्हें अब भी कोरोना से कोई डर नहीं है। डर है तो सिर्फ पुलिस के डंडे से। वे अपने कृत्यों से साफ कह रहे हैं, ‘हम नहीं सुधरेंगे।’ वे सुबह सात से 10 बजे की ढील में एक-दूसरे से ऐसे चिपक कर चल रहे हैं, मानो उन्हें कोरोना ने इस दौरान संक्रमण न करने कीे कोई गारंटी दे दी हो।
जिला-मंडल मुख्यालय में बृहस्पतिवार को सुबह सात से 10 बजे तक दिखी तस्वीर यही बयां करती नजर आई। लोग इस तरह सब्जी व राशन आदि खरीदने को एक-दूसरे से चिपक कर पहले सामान लेने की होड़ में नजर आए, जैसे आज ही पूरी जिंदगी का सामान खरीद लेंगे। जबकि ऐसा कभी भी संभव नहीं है। लोगों ने डीएसए फ्लैट्स मैदान में अलग-अलग खड़े होने के लिए पुलिस, प्रशासन व पत्रकारों द्वारा बनाए गए गोलों की व्यवस्था को बिल्कुल भी नहीं माना। उन्हें समझना चाहिए, यह कठिन समय है। आपातकाल है। भले आज सामान न मिल पाया हो, कल मिलेगा। ना भी मिल पाए, एक समय भूखे भी रहना पड़े तो भी वह इतना घातक नहीं होगा, जितना कोरोना का संक्रमण होने पर जानलेवा हो सकता है। सुरक्षित रहेंगे तो लंबा जीवन जिएंगे, और बहुत बेहतर खा सकेंगे। लेकिन यदि संक्रमण हो गया तो कितना अच्छा भोजन भी जान नहीं बचा पाएगा। चीन, अमेरिका, इटली, स्पेन, फ्रांस, स्विटजरलेंड व ईरान जैसे दुनिया के विकसित व अच्छी जीवन शैली वाले देशों के उदाहरण सामने हैं, जहां सब कुछ होने के बावजूद लोग और वहां की सरकारें कोरोना के आगे लाचार हो चुकी हैं। जबकि हम भारत में अभी इससे बचे हुए हैं, और चाहें तो प्रधानमंत्री के आह्वान पर सिर्फ अपने घर पर रहने और रोड पर न निकलने का कार्य करके खुद को ही नहीं पूरी मानव सभ्यता को बचा सकते हैं।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री ने कहा लगातार आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी, इसलिए खरीददारी के लिए भीड़ न बढ़ाएं…

नवीन समाचार, देहरादून, 24 मार्च 2020। देखें मुख्यमंत्री का ताज़ा वीडियो :

नवीन समाचार, देहरादून, 24 मार्च 2020। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंगलवार को अगले 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक ‘लॉक डाउन’ घोषित करने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य की जनता के लिए अपना संदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री ने अपने वीडिया संदेश में साफ किया है कि 25 मार्च को भी 23 व 24 मार्च की तरह आवश्यक वस्तुओं की दुकानें व मेडिकल स्टोर खुलेंगे। कहा कि वह आगे भी अपने संदेश इसी तरह से देते रहेंगे।

देखें मुख्यमंत्री का वीडियो संदेश :

वहीं लिखित संदेश में श्री रावत ने प्रदेश की जनता से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अगले 21 दिनों के सम्पूर्ण लॉकडाऊन के आह्वान में पूरा सहयोग देने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से इस लङाई में हम सभी भारतवासी अपने प्रधानमंत्री के साथ हैं। जब-जब भी देश पर और मानवता पर संकट आया है, हम सभी की एकजुटता से संकट को दूर करने में कामयाब हुए हैं। आईये हम संकल्प लें कि अगले तीन सप्ताह अर्थात 21 दिनों तक हम अपने घर में ही रहेंगे। प्रदेशवासियों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कोई कमी नहीं हो, इसके लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर रखी हैं। राज्य सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शासन-प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। तमाम कोशिशों के बाद भी हमें कुछ कष्ट उठाना पङ सकता है, परन्तु हम सभी के सामने आए इस भयावह संकट के सामने ये कष्ट कुछ भी नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र विकल्प है। घर की लक्ष्मण रेखा को न लांघकर कोरोना वायरस के संक्रमण की चौन को तोङना है। केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों की सबसे बडी प्राथमिकता अपने नागरिकों के जीवन को बचाना है। चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों, सफाई कर्मियों, दूसरे अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया के साथियों के योगदान में सहयोग देने के लिये घर पर रहें।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 24 मार्च 2020। मुख्यमंत्री एवं शासन के निर्देशों पर मंगलवार को आवश्यक वस्तुओं-राशन, दूध एवं सब्जी की की दुकानें व मंडी सुबह सात से 10 बजे तक तीन घंटे ही खुलीं। इस दौरान बाजारों में लोग काफी हद तक कोरोना के संक्रमण के फैलने के प्रति उदासीन व लापरवाह नजर आए। इस दौरान बैंक भी तीन घटे ही खुले। पुलिस एवं नगर पालिका प्रशासन की व्यवस्थाओं के बावजूद लोग बिना मास्क का प्रयोग किये भी एक-दूसरे के करीब नजर आए। गौरतलब है कि ऐसा करना भी कोरोना के संक्रमण को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 24 मार्च 2020। मुख्यमंत्री एवं शासन के निर्देशों पर मंगलवार 24 मार्च से बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की दुकानें, दूध डेयरी व मंडी के साथ ही बैंक भी सुबह सात से 10 बजे तक केवल तीन घंटे ही खुले। इसके बाद लोगों से अपील की जा रही है कि कोरोना विषाणु के संक्रमण के प्रति पूरी ऐहतियात बरतते हुए, घर पर ही मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करते हुए रहें, और पूरे दिन लॉक आउट का सख्ती से प्रयोग करें। इस दौरान पैदल अथवा निजी वाहनों से भी अत्यावश्यक व आपातकाल होने के अतिरिक्त कहीं भी आने-जाने से बचें। घरों से बाहर भी पांच या पांच से अधिक की संख्या में न रहें। याद रखें धारा 144 लागू है। इस पर न केवल आपके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई हो सकती है, वरन आप स्वयं के साथ ही जिनके साथ आप खड़े हैं, उनकी एवं दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डाल सकते हैं। ध्यान रखें कि आपकी कुछ दिन की सावधानी, केवल आपके व आपके परिवार के लिए ही नहीं पूरी मानव सभ्यता के लिए बहुत बड़ा योगदान होगी।
उल्लेखनीय है कि पुलिस-प्रशासन भी लॉक आउट का सख्ती से पालन कराने के लिए सोमवार शाम से ही अधिक सक्रिय हो गए हैं। साफ संदेश दे दिया गया है कि अब लॉक आउट में किसी तरह की कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी। बेवजह घर से बाहर निकलने वाले लोगों के बड़ी धनराशि के चालान किये जा रहे हैं। एसएसपी सुनील कुमार मीणा स्वयं सुबह सात बजे से सड़क पर उतर कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। नैनीताल पुलिस पूरी तरह से लॉक आउट का सख्ती से पालन कराने के लिए मुस्तैद हो गई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मार्च 2020। जनपद मुख्यालय से संबद्ध नैनीताल तहसील में धारा 144 लागू कर दी गई है। एसडीएम विनोद कुमार ने नैनीताल परगना क्षेत्र में धारा 144 लागू करते हुए अपने आदेश में कहा है कि एक स्थान पर अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने से कोरोना विषाण के संक्रमण एवं उसके दुष्प्रभाव के बढ़ने तथा स्थिति के नियंत्रण से बाहर हो जाने की प्रबल संभावना है। इसलिए जान माल की क्षति, सामाजिक विद्वेष, विरोध-प्रदर्शन तथा शांति भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए नैनीताल परगना क्षेत्र में अगले आदेशों तक धारा 144 लागू की जा रही है। इस दौरान पांच या पांच से अधिक लोग समूह के रूप में एक साथ एकत्रित नहीं होंगे, ना ही कोई सार्वजनिक सभा करेंगे। साथ ही यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति कोरोना विषाणु के संबंध में किसी प्रकार की अफवाह नहीं फैलाएगा और न ही किसी प्रकार के ऐसे पर्चे वितरित करेगा जिससे तनाव, विवाद एवं भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती हो। साथ ही कोई ऐसा कृत्य नहीं करेगा जिससे कोरोना विषाणु के संक्रमण के प्रसार में मदद मिलती हो। ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों पर इनमें से कुछ प्राविधान लागू नहीं होंगे। आदेशों का किसी भी प्रकार का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय है। इन प्रतिबंधों में किसी प्रकार का शिथिलीकरण 24 घंटे पूर्व लिखित अनुरोध पर सक्षम अधिकारी द्वारा ही किया जाएगा।

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जानें कोरोना की सच्चाई, कितना भयावह है कोरोना और कब तक इसका खौफ निकल जायेगा : 

नवीन समाचार, देहरादून, 22 मार्च 2020। उत्तराखंड में आगामी 31 मार्च तक घोषित ‘लॉक डाउन’ को लेकर शासन ने विधिवत निर्देश जारी कर दिए हैं। इस दौरान सार्वजनिक यातायात पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। अलबत्ता हवाई सेवाएं सुचारू रहेंगी। एयरपोर्ट और हॉस्पिटल जाने वाली टैक्सी को छूट मिलेगी। जरूरी कागजात दिखाने पर ही लोग एयरपोर्ट जा सकेंगे। सभी प्रकार की दुकानें व्यावसायिक प्रतिष्ठान वर्कशॉप और गोदाम पूर्णतया बंद रहेंगे। विदेश या अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों को ‘होम क्वॉरेंटाइन’ यानी घर पर ही सख्ती से एकांतवास में रहना होगा। राज्य के सभी निवासियों को भी सख्त तौर पर घर पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान अंतरराज्यीय व्यवसायिक परिवहन भी पूर्णतया बंद रहेगा।

लॉक डाउन के दौरान अपराध एवं कानून व्यवस्था से जुड़े सभी मजिस्ट्रेट, पुलिस, मेडिकल सेवाएं, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, अग्निशमन, विद्युत, पेयजल आदि सेवाएं, सभी बैंक, एटीएम, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया संस्थान, टेलीकॉम और इंटरनेट व डाक सेवाएं, खाद्य आपूर्ति और खाद्य आपूर्ति से जुड़ा परिवहन, ई-कॉमर्स से संबंधित कोरियर आदि की आपूर्तियां, खाद्य, दूध, ब्रेड, फल, सब्जी, मीट व मछली से संबंधित परिवहन और इनके वेयरहाउस, सभी चिकित्सालय, मेडिकल स्टोर, फार्मास्यूटिकल कंपनियां और इनसे संबंधित परिवहन गतिविधियां, सभी पेट्रोल पंप एलपीजी गैस व तेल एजेंसियां तथा इन सभी के गोदाम और मंडी उत्पादों से जुड़ी उत्पादन इकाइयां और परिवहन गतिविधियां खुली रहेंगी।

वहीं सभी निर्माण एवं उत्पादन इकाइयों को जिलाधिकारी की अनुमति के बाद जारी रखा जा सकता है। निजी परिवहन हो सकेगा, किंतु इसके लिए कारण बताना पड़ सकता है। पांच से अधिक लोग एक स्थान पर खड़े नहीं रहेंगे। आपस में ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ यानी दूरी बरतनी होगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा नियमों को तोड़ने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि वे प्रदेश में 31 मार्च तक प्रस्तावित लॉक डाउन से बिल्कुल भी न घबराएं। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की खाद्यान्न व औषधियों की कमी नहीं होने देंगे और अगर आवश्यकता पड़ी तो घर-घर जाकर खाद्यान्न व औषधियों पहुंचाने की व्यवस्था भी करेंगे। सरकार रोजमर्रा की कमाई करके अपना जीवन यापन करने वाले मजदूर वर्ग के लिए जल्द फैसला लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुचारू रहेगी। लोगों को स्वास्थ्य, खाद्य रसद व अन्य चीजों की दिक्कतें नहीं होने दी जाएंगी। इनकी दुकानें खुली रहेंगी। जरूरत पड़ी तो शहरों, मोहल्लों में मोबाइल वाहनों से ये चीजें उपलब्ध कराई जाएंगी। अलबत्ता उन्होंने जोड़ा कि सामान्यतौर पर लोगों को बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। लेकिन बीमार व्यक्तियों को अस्पताल भर्ती कराने, उनके लिए दवाइयां लाने जैसे जरूरी काम के लिए कोई भी आ-जा सकता है। इसके लिए दवाई का रैपर साथ में रखना जरूरी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लॉक डाउन से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। यह सबकी सुविधा एवं सुरक्षा के लिए है। ताकि कोई भी कोरोना विषाणु से प्रभावित ना हो। लोग भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र से दूर रहें और खुद की सुरक्षा पर ध्यान दें। कोशिश करें कि घरों से बाहर न निकला जाए। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि वे अपने शहर व गांव को न छोड़े। जो जहां हैं, वहीं रहें। जरूरी हो तभी घर से निकलें। कोरोना विषाणु से लड़ने का सबसे सरल तरीका यही है। आपस में सामाजिक दूरियां जरूर बना कर रखें। ऐसा करके ही देश और प्रदेशवासियों के साथ ही घर-परिवार को इस महामारी से बचा पाएंगे।

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