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घर बैठे मोबाइल से चेक करें घरेलू गैस पर सब्सिडी का पैसा मिल रहा है या नहीं ?

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यदि आप रसोई गैस पर सब्सिडी लेते हैं, लेकिन आपको पता नहीं चल पाता है कि आपके खाते में पैसा आ रहा है कि नहीं, और आ रहा है तो कितना आ रहा है? आपको इसका एक तरीका बताते है, जिसके जरिए आप घर बैठे मोबाइल से चेक कर सकते हैं कि आपके अकाउंट में कितनी और कब-कब एलपीजी गैस सब्सिडी आई है?
सब्सिडी की स्थिति चेक करने के लिए इन स्टेप को फॉलो करें:

सबसे पहले www.mylpg.in पर जाएं और आापको गैस कंपनियों के नाम मिलेंगे उनमें से अपने सर्विस प्रोवाइडर के नाम पर क्लिक करें। इसके बाद आपसे LPG आईडी और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर मांगा जाएगा। इसके बाद ओके करने पर आपको सब्सिडी की डिटेल मिल जाएगी।
इसमें आपको कब-कब और कितनी राशि सब्सिडी के रूप में आपके अकाउंट में डाली गई की जानकारी मिल जाएगी, वहीं अगर आपके अकाउंट में सब्सिडी का पैसा नहीं आ रहा है तो आप फीडबैक वाले बटन पर क्लिक करके शिकायत भी कर सकते हैं। अगर आप आपने अपना एलपीजी आईडी को अकाउंट से लिंक नहीं किया है तो आप डिस्ट्रीब्यूटर से मिलकर इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। साथ ही आप 18002333555 पर फ्री में कॉल कर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

यह भी पढ़ें : डीबीटीएल कराकर लें घर बैठे गैस बुकिंग व सब्सिडी की जानकारी

नवीन जोशी, नैनीताल। इंडेन के उपभोक्ता यथाशीघ्र डीबीटीएल सुविधा से जुड़ कर आगे मोबाइल फोन  नंबर 9012554411 पर फोन कर घर बैठे गैस बुक तथा इस नंबर के साथ ही इंडेन के टॉल फ्री नंबर 18002333555 पर डीबीटीएल संबंधी और 18003001947 पर आधार कार्ड संबंधी जानकारियां ले सकते हैं। इसके अलावा इंडेन के नंबर 8650002510 पर एसएमएस भेजकर भी अपनी शिकायत दर्ज की जा सकती है। इंडेन कंपनी की वेबसाइट-इंडेन डॉट को डॉट इन (www.indane.co.in) से घर बैठे अपनी सब्सिडी की जानकारी तथा अपने मोबाइल फोन से *99*99# दबाकर तथा अपना आधार कार्ड टाइप कर अपने आधार कार्ड नंबर के बैंक खाते से जुड़े होने की जानकारी ले सकते हैं।

घर बैठे भी ऑनलाइन करा सकते हैं गैस कनेक्शन को आधार से लिंक

बैंक खातों को लिंकअप कराने के लिए गैस एजेंसी से फॉर्म लेकर भरना होगा। इसके लिए दो तरह के फॉर्म होंगे। एक फॉर्म उन उपभोक्ताओं के लिए हैं, जिनके पास आधार कार्ड है और दूसरा फॉर्म उन लोगों के लिए है जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। फॉर्म जमा होने के बाद उपभोक्ता तो 17 अंकों वाला एलपीजी आईडीे मिल जाएगा। गाइड लाइन के मुताबिक, जो उपभोक्ता 23 फरवरी तक फॉर्म नहीं भर पाएंगे उन्हें डीबीटीएल योजना का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन बजट के बाद भी उन्हें खाते लिंक कराने का समय दिया जाएगा।
आधार नहीं पहुंचे तो घबराएं नहीं, मिलेगा समय
ऐसे उपभोक्ता जिन्होंने आधार कार्ड के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक उनका आधार नहीं मिला है। उन्हें जून तक आधार जमा कराने की छूट मिलेगी। ऐसे उपभोक्ताओं को अप्रैल से जून तक की सब्सिडी एक साथ दी जाएगी। इतना ही नहीं जिन उपभोक्ताओं के आधार कार्ड जून तक भी नहीं आते हैं, वे भविष्य में कभी भी अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी बैंक और गैस एजेंसी पर जमा कर सकते हैं। लेकिन, तब तक उन्हें गैर सब्सिडी वाला सिलेंडर ही खरीदना होगा।
23 फरवरी को बजट सत्र शुरू हो रहा है। इसलिए, सरकार फिलहाल डीबीटीएल योजना को कुछ समय के लिए बंद करने जा रही है। 31 मार्च तक पूरा डाटा इकट्ठा करने के बाद से दोबारा योजना को शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा। यदि आपने अभी तक अपने बैंक खाते और आधार कार्ड को गैस कनेक्शन से लिंक नहीं कराया है तो इसे करा लें। क्योंकि 23 फरवरी के बाद जिनके खाते लिंक नहीं होंगे उन्हें सब्सिडी मिलने में दिक्कत आ सकती है। बता दें, जनवरी से बैंक खातों में सब्सिडी का पैसा मिलना शुरू हो चुका है। लेकिन, जिन उपभोक्ताओं ने अपने बैंक खाते को आधार से लिंकअप नहीं कराया है उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। अगर आपने भी गैस कनेक्शन को आधार कार्ड या बैंक खाते से लिंक नहीं कराया है तो घबराएं नहीं, आप घर बैठे भी ऑनलाइन गैस कनेक्शन को आधार से लिंक करा सकते हैं।

ऐसे कराएं आधार कार्ड लिंक :
स्टेप-1: सबसे पहले इस वेबसाइट पर क्लिक करें https://rasf.uidai.gov.in/seeding/User/ResidentSplash.aspx क्लिक करने के बाद आपके सामने आधार कार्ड की वेबसाइट खुलकर आएगी। इसमें एक स्टार्ट नाउ का बटन होगा। इस पर क्लिक करने से एक और पेज खुलेगा।
स्टेप-2: इस पेज पर आपसे आपकी डिटेल्स मांगी जाएंगी। इनमें तीन ऑप्शन होंगे। पहला कौन से राज्य के निवासी हैं, कौन से शहर के निवासी हैं। इसके बाद किस बेनेफिट के लिए आप आधार कार्ड को लिंक करा रहे हैं। इसमें एक ही ऑप्शन आएगा LPG. इसके बाद इसमें कंपनी का नाम भरना होगा।
स्टेप-3: तीसरे स्टेप में आपको अपना डिस्ट्रीब्यूटर, कंज्यूमर नंबर भरना होगा। इसके बाद ई-मेल आईडी, फोन नंबर और आधार नंबर देना होगा।
स्टेप-4: वेरिफिकेशन
मोबाइल और ई-मेल आईडी रजिस्ट्रर कराने के बाद आपके पास एक OTP नंबर आएगा। वेरिफिकेशन कोड की जगह ये नंबर एंटर कीजिए और फिर बॉक्स में बनी इमेज को अल्फा
न्यूमरिक कोड भरना होगा। इसके बाद आखिरी में सब चेक करने के बाद सबमिट बटन दबाना होगा। इसके कुछ दिन बाद ही आपकी रिक्वेस्ट अप्रूव हो जाएगी। इसके बाद सब्सिडी सीधे आपके बैंक अकाउंट में पहुंच जाएगी।

 

उत्तराखंड में 15 से 30 रुपये तक महंगा मिलेगा गैस सिलेंडर

उत्तराखंड वासियों को घरेलू गैस सिलेंडर नए वर्ष में पहले से 15 से 30 रुपये तक महंगा मिलेगा। यह स्थिति तब है, जबकि साल के पहले दिन से गैस उपभोक्ताओं को बिना सब्सिडी का सिलेंडर मिलना है और आज ही बिना सब्सिडी के 14.2 किग्राभार वाले सिलेंडरों की कीमत में 46 रुपये की कमी आई है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार से उपभोक्ताओं को घरेलू गैस की सब्सिडी का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में मिलेगा जो औसतन 304 रुपये प्रति सिलेंडर है जबकि दिल्ली में बैंक खातों में सब्सिडी के करीब 352 रुपये जमा होने हैं।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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