समझाएंगे, सुधारेंगे, न सुधरे तो बिच्छू भी लगाएंगे-नैनीताल में ‘मिशन पहाड़’ पर निकले ‘हम पहाड़ी’…

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-स्मैक के नशे, स्थानीय लोगों को उनका हक दिलाने के मुद्दे पर जुटे

स्मैक का नशा करने वालों को बिच्छू लगाने के लिए तैयार ‘मिशन पहाड़’ की ब्रिगेड।

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 दिसंबर 2019। जिला व मंडल मुख्यालय में समय एक बार पुनः समय करवट लेता नजर आ रहा है। यहां स्थानीय लोग खुद को ‘हम पहाड़ी’ कहते हुए ‘मिशन पहाड़’ पर निकल पड़े हैं। इन लोगों में नगर के पत्रकार, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता व विभिन्न राजनीतिक दलों से जुडे़ लोग अपने राजनीतिक, धार्मिक-जातीय-क्षेत्रीय विभेद त्यागकर जुटे हैं। उनका कहना है, वे स्मैक के नशे की विकराल हो चुकी सहित अन्य समस्याओं को लेकर पहाड़ के लोगों के हित के लिए एकजुट हुए हैं। पहले से लोगों को समझा कर सुधारेंगे, और जो नहीं सुधरे तो उसे बिच्छू घास लगाकर कड़ा दंड देने से भी नहीं हिचकेंगे।

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नगर के पत्रकार कमल जगाती ने बताया कि उनके मन में काफी समय से स्मैक एवं स्थानीय लोगों के हितों पर हो रहे कुठाराघात को लेकर उद्वेग चल रहा था। उन्होंने सौरभ रावत नाम के युवक से यह बात साझा की तो वे भी उनके साथ अभियान में जुड़ गए। इसके बाद तो सभासद मनोज साह जगाती, चंदन जोशी, धीरज बिष्ट, कैलाश अधिकारी, डा. सरस्वती खेतवाल, डा. एमएस दुग्ताल, डा. केएस धामी, मनोचिकित्सक डा. पांडे सहित लोग अभियान से जुड़ते ही चले गए। विगत चार दिसंबर से शुरू हुए इस अभियान के ह्वाट्सएप ग्रुप में वर्तमान में 156 सक्रिय लोग जुड़ चुके हैं, जिनमें से 80 लोग हमेशा, किसी भी समय किसी भी समस्या के समाधान के लिए सक्रिय रहते हैं। संस्था में एक ऐसा युवक भी शामिल है, जो 4 वर्ष से स्मैक का आदी था, और अब संस्था की पहल पर स्मैक को छोड़कर स्वयं इसके खिलाफ अभियान से जुड़ गया है।
रविवार को मिशन पहाड़ से जुड़े लोगों-चिकित्सकों ने बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में लोगों को स्मैक की विभीषिका के बारे में दावा किया कि शहर में 70 फीसद बच्चों स्मैक ने जकड़ लिया है। साथ ही कई बच्चे फेवीबांड जैसे एड्हीसिव्स का सूंघ कर नशा कर रहे हैं। शहर में कई ऐसे लोग भी हैं जो बच्चों को एड्हीविस सुंधा कर उनसे भीख मंगवाते हैं। ऐसे लोगों को संस्था के लोग बिच्छू लगा चुके हैं। इसके अलावा शहर में मनमानी कर रहे बाइक-टैक्सी चलाने वालों को भी समझाया है। जगाती ने कहा कि संस्था शहर में गलत तरीके से कार्य कर नगर के पर्यटन व्यवसाय को प्रदूषित कर रहे बाहरी लोगों को भी बाहर करने की पक्षधर है, ताकि शहर के मूल-ईमानदारी से काम करने वाले निवासी कार्य कर सकें और नगर की पर्यटन छवि भी बेहतर हो। उन्हें उनका हक वापस दिलाना भी संस्था का मकसद है। साथ ही संस्था का उद्देश्य संस्था के लोगों द्वारा आपस में छोटी-छोटी धनराशि मिलाकर पहाड़वासियों की छोटी-छोटी मदद करने का भी है। शीघ्र संस्था के लोगों की बैठक कर संस्था का ठीक से ढांचा एवं भविष्य की रूपरेखा बनायी जाएगी। उन्होंने कहा कि कई स्मैक के आदी युवा स्मैक छोड़ना चाहते हैं, परंतु स्मैक तस्कर उन पर दबाव बनाए हुए हैं। संस्था स्मैक तस्करों के दबाव के आगे ऐसे युवाओं के साथ हर तरह से खड़ी होगी।

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