News

जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक व कोरोना के नोडल अधिकारी ने बताया पीएम के आह्वान का वैज्ञानिक आधार

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
https://chat.whatsapp.com/BXdT59sVppXJRoqYQQLlAp

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 अप्रैल 2020। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 5 अप्रैल को रात्रि नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों के भीतर की लाइटें बंद कर घर के बाहर दीपक जलाने के आह्वान का वैज्ञानिक दृष्टिकोण सामने आया है। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन एवं कोरोना विषाणु के उपचार के नोडल अधिकारी डा. महिमन सिंह दुग्ताल ने बताया कि घरों के भीतर रोशनी बंद कर बाहर दीपक जलाने का वैज्ञानिक आधार है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से लाइट इनर्जी यानी प्रकाश की ऊर्जा के साथ ही शरीर व मस्तिष्क में इलेक्ट्रिक इनर्जी व काइनेटिक इनर्जी यानी विद्युत व गतिज ऊर्जा मिलेगी। इससे मस्तिष्क के न्यूरोन सेल तंत्रिका कोशिकाएं सक्रिय हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार दीपक जलाने से हर तरह के विषाणु निष्प्रभावी हो जाते हैं। वर्तमान में व्याप्त कोरोना या किसी भी तरह के विषाणु को बाहर निकालने में दीपक की ज्योति सहायक होगी।

यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री मोदी का ‘नौ की युति’ पर प्रकाशोत्सव मनाने का आह्वान, निकाले जा रहे ‘मंगल’ निहितार्थ

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2020। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह अपने एक वीडियो संदेश में देशवासियों से कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए रविवार पांच अप्रैल को रात्रि नौ बजे नौ मिनट के लिए प्रकाश उत्सव मनाते हुए अंदर की रोशनियां बंद कर घर के प्रांगण को रोशन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद लॉकडाउन में घरों में ही रह रहे लोगों को यह एहसास दिलाना है कि कोई अकेला नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपील की है कि इस रविवार पांच अप्रैल को रात्रि नौ बजे नौ मिनट के लिए घर की सभी लाइटें बंद कर, घर की खिड़कियों और दरवाजों से मोमबत्ती, टॉर्च व मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर रोशनी करें। उन्होंने आग्रह किया कि इस दौरान हमें अपने घरों के दायरे से बाहर नहीं निकलना है और न ही एक जगह एकजुट होना है। केवल अपने घर की खिड़कियों व दरवाजों पर खड़े होकर ही रोशनी करनी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में जनता जनार्दन को ईश्वर माना जाता है और इस प्रकाश उत्सव में जनता रूपी महाशक्ति का साक्षात्कार करना है। उन्होंने कहा, “हम अपने मन में यह संकल्प करें कि हम अकेले नहीं हैं, कोई भी अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासी, एक ही उद्देश्य के साथ कृतसंकल्प हैं।” इस दौरान प्रधानमंत्री 22 मार्च के जनता कर्फ्यू का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दिन देशवासियों ने एक मिसाल कायम की थी। मोदी ने कहा, “इस कोरोना संकट से जो अंधकार और अनिश्चितता पैदा हुई है, उसे समाप्त करके हमें उजाले और निश्चितता की तरफ बढ़ना है। इस अंधकारमय कोरोना संकट को पराजित करने के लिए हमें प्रकाश के तेज को चारों दिशाओं में फैलाना है।” उन्होंने कहा कि “उस समय (रविवार रात नौ बजे) यदि घर की सभी लाइटें बंद करेंगे, चारो तरफ जब हर व्यक्ति एक-एक दीया जलाएगा, तब प्रकाश की उस महाशक्ति का अहसास होगा, जिसमें एक ही मकसद से हम सब लड़ रहे हैं।” अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा, “उत्साहो बलवान् आर्य, न अस्ति उत्साह परम् बलम्। स उत्साहस्य लोकेषु, न किंचित् अपि दुर्लभम्॥” उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है कि हमारे उत्साह, हमारे जूझने की शक्ति से बड़ा बल दुनिया में कोई नहीं है।

मोदी जी के आह्वान के लोग निकाल रहे निहितार्थ
मोदी जी के इस तीसरे प्रयोग को 5 अप्रेल 2020 रविवार ही क्यों चुनने पर उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी का कहना है कि 5 अंक बुध का होता है। कोरोना की बीमारी गले व फेफड़े में ही ज्यादा फैलती है, मुख, गले व फेफड़े का कारक भी बुध ही होता है। बुध नपुंसक राजकुमार भी है। वहीं रविवार सूर्य का दिन होता है। सूर्य सभी ग्रहों के राजा होते हैं। दीपक या प्रकाश भी सूर्य के ही प्रतीक हैं। इसके अलावा 9 अंक मंगल का होता है, जो सेनापति होते हैं। जबकि रात या अंधकार शनि का प्रतीक होता है। रविवार 5 अप्रैल जोकि पूर्णिमा के नजदीक है, यानी इस दिन चंद्रमा यानी रानी भी मजबूत है। इस समय सभी प्रकाश बंद करके, रात के 9 बजे, 9 मिनट तक टॉर्च दीपक फ्लैश लाइट आदि से प्रकाश करना है। उस समय चौघड़िया अमृतकी रहेगी, होरा भी उस वक्त सूर्य का होगा। लिहाजा इस सामूहिक प्रयास को शनि के अंधकारपूर्ण काल में सूर्य को जगाने के प्रयास के तौर पर और 9-9 अंकों के जरिये सूर्य के साथ मंगल को भी जागृत करने का प्रयास माना जा सकता है। पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार इस सब स्थिति का अर्थ यह हुआ कि शनि व राहु रूपी अंधकार (महामारी) को उसी के शासनकाल में बुध, सूर्य, चन्द्र और मंगल मिलकर हराने का संकल्प लेंगे। जब किसी भी राज्य के राजा, रानी, राजकुमार व सेनापति सुरक्षित व सशक्त होंगे, तो राज्य का कोई अनिष्ट नहीं कर पाएगा।
वहीं अन्य लोग भी पांच अप्रैल के पांच एवं चौथे माह का चार जोड़कर नौ अंक बनाते हुए इसके साथ नौ बजे नौ मिनट तक रोशनी करने पर नौ की युति एवं रोशनी को मंगल ग्रह से जोड़ते हुए शुभ बता रहे हैं और सब का ‘मंगल’ होने की कामना कर रहे हैं।

पूर्व समाचार : प्रधानमंत्री मोदी के भाई आ रहे हैं नैनीताल, हल्द्वानी, शक्तिफार्म….

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 अगस्त 2019। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी के इस सप्ताह ही जनपद आगमन की संभावना है। ‘एक समाज श्रेष्ठ समाज’ संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू व संरक्षक हरीश चंद्र पांडेय ने बताया कि श्री मोदी आगामी नौ अगस्त को हल्द्वानी पहुचेंगे और 10 अगस्त को हल्द्वानी में आयोजित होने वाले संस्था के तीसरे स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी की पत्नी भी इस संस्था के कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। उन्होंने बताया कि आगे श्री मोदी 11 अगस्त को सितारगंज के शक्ति फार्म स्थित बैकुंठपुर कृष्ण मंदिर संस्था के संस्था विस्तार कार्यक्रम में एवं 12 अगस्त को नैनीताल जिले के धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। इस दिन उनके नैनीताल मुख्यालय आने की भी संभावना है। आगे 13 अगस्त 2019 की सुबह वे दिल्ली को लौट जाएंगे।

Leave a Reply

loading...