क्वारंटाइन में रखे 41 जमातियों व परिजनों को मिली छुट्टी

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पर्यटक आवास गृह सूखाताल से क्वारंटाइन से जमातियों व उनके परिजनों को घर भेजते पुलिस स्वास्थ्य व पुलिस कर्मी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अप्रैल 2020। नैनीताल। दिल्ली से आई जमात के संपर्क में आने के कारण केएमवीएन के पर्यटक आवास गृह सूखाताल में पिछले करीब 14 दिनों से क्वारन्टाइन में रखे गए 53 में से 41 जमातियों व उनके पारिवारिक सदस्यों को बुधवार को छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों ने बताया कि वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। फिर भी उन्हें आगे घर पर भी ऐहतियात के साथ रहने और आगे किसी तरह की सर्दी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षण देने पर चिकित्सकों को सूचित करने को कहा गया है। इनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। इसके बाद यहां 12 लोग क्वारन्टाइन में बच गए हैं। बताया गया है कि उन्हें भी 14 दिन के एकांतवास की अवधि पूरी करने पर घर भेज दिया जाएगा।
इससे पूर्व बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस धामी व वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एमएस दुग्ताल ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें स्वस्थ घोषित किया। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मचारियों, पुलिस जवानों और होटल कर्मचारियों ने ताली बजाकर उन्हें घर के लिए रवाना किया। इस मौके पर डॉ. अनिरुद्ध गंगोला, डॉ. सोहरेंद्र धूलिया, डॉ. प्रियांशु श्रीवास्तव, डॉ. रीता, शिवप्रसाद, कुंदन बिष्ट, शालिनी, किरण चौहान केएस कोरंगा, उप निरीक्षक मोहम्मद यूनुस सहित व शाहिद खान सहित कई पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
चित्र परिचय: 15एनटीएल-3ः नैनीताल। पर्यटक आवास गृह सूखाताल से क्वारंटाइन से जमातियों व उनके परिजनों को घर भेजते पुलिस स्वास्थ्य व पुलिस कर्मी।

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coronavirus : उत्तराखंड के हॉटस्पॉट बनभूलपुरा में बवाल, हजारों लोग सड़क पर उतरे, म‍िल चुके हैं दस कोरोना पॉजीटि‍वनवीन समाचार, हल्द्वानी, 12 अप्रैल 2020। देश-दुनिया में कोरोना विषाणु कोविद-19 के कारण महामारी एवं स्वास्थ्य आपातकाल घोषित है, बावजूद कुछ लोग अपनी हरकतों से स्वयं को ही नहीं पूरी मानवता को खतरे में डालने से बाज नहीं आ रहे। रविवार को जनपद के कोरोना के दृष्टिगत एकमात्र घोषित हॉट स्पॉट व सील किये गए बनभूलपुरा क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व पुलिस-प्रशासन पर फूल बरसाने वालों में से ही, हजारों लोग सामाजिक दूरी के सिद्धांत को धता बताते हुए उनकी चिकित्सा एवं सुविधाएं प्रदान करने वाले फ्रंट लाइन कोरोना फाइटर्स के खिलाफ एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। यही नहीं आरोपों के अनुसार उन्होंने घरों की छतों से पथराव भी किया। गनीमत रही कि इससे किसी को चोट नहीं लगी। क्षेत्र के कुछ समझदार लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास भी किया किंतु संख्या सीमित होने के कारण उनकी आवाज निष्प्रभावी रही, और उन्हें भी अपने ही लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। ऐसे में क्षेत्र में भारी पुलिस बल भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैनात कर दिया गया है। क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाने के प्रयास भी तेज हो रहे हैं। समाज के प्रतिष्ठित लोग भी उन्हें शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि विवाद कथित तौर पर एक मस्जिद के इमाम को क्वारन्टाइन करने को लेकर शुरू हुआ।
उल्लेखनीय है कि बनभूलपुरा क्षेत्र में ही जनपद के आठ में से सात लोगों का निवास है। ये सातों जमाती हैं। साथ ही मुरादाबाद यूपी में भी यहां के निवासी तीन लोगों का उपचार किया जा रहा है। शनिवार को इस क्षेत्र का एक कोरोना जैसे लक्षणों वाला युवक यहां से भागकर नैनीताल पहुंच चुका है। फिर भी क्षेत्रीय लोगों के हजारों की संख्या में एकत्र होने को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : अच्छी खबर : जनवरी से राज्य में आए 1493 जमातियों में से 1481 मिल चुके, छुपने पर तीन के खिलाफ दफा 307 में मुकदमा

नवीन समाचार, देहरादून, 9 अप्रैल 2020। इस वर्ष जनवरी से अब तक उत्तराखंड में तबलीगी जमात के कुल 1,493 सदस्य लौटे हैं जिनमें से 1,481 को पृथक किया जा चुका है और बाकी के विवरण का सत्यापन किया जा रहा है। उप महानिरीक्षक (विशेष कार्यबल-एसटीएफ) रिद्धिम अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि जमात के सदस्यों के संपर्क में आए अन्य 27,500 लोगों को भी चिन्हित किया जा चुका है तथा इन्हें पृथक कर उनका चिकित्सा परीक्षण किया जा रहा है।
इधर पुलिस ने बृहस्पतिवार को तीन और व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि प्रशासन और पुलिस के सामने प्रस्तुत न होने पर हरिद्वार में तीन और लोगों पर हत्या के प्रयास के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इस प्रकार अब तक प्रदेश में कुल पांच व्यक्तियों पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इससे पहले सात अप्रैल को तबलीगी जमात के दो सदस्यों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रेलवे पटरी और जंगल के रास्ते प्रदेश की सीमा में दाखिल होने वालों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में लागू लॉकडाउन का उल्लघंन करने पर बृहस्पतिवार को कुल 69 मामले पंजीकृत किये गये और 257 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार प्रदेश में लॉकडाउन उल्लंघन के लिए अब तक कुल 1,155 मामले दर्ज किए गये हैं और 4,692 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल : जामा मस्जिद के इमाम व अंजुमन इस्लामिया पर तब्दीगी जमात से संबंध के आरोप

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अप्रैल 2020। मुख्यालय स्थित सबसे बड़ी जामा मस्जिद के इमाम एवं जामा मस्जिद का संचालन करने वाली अंजुमन इस्लामिया कमेटी पर नगर के मुस्लिमों की ही एक संस्था ने तब्लीगी जमात से सीधा संबंध होने के आरोप लगाये हैं। दरअसल मोहर्रम कमेटी ने प्रेस को जारी एक बयान में जामा मस्जिद के इमाम उस बयान का खंडन जारी किया गया है, जिसमें इमाम ने तब्लीगी जमात से कोई संबंध न होने का दावा किया था। इस पर मोहर्रम कमेटी की ओर से सदर नाजिम बख्श, इकराम हुसैन व मो. ताहिर आदि का दावा है कि लगभग 15 वर्षों से तबलीगी जमात का कार्य अंजुमन इस्लामिया के तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। साथ ही तब्लीगी जमात के लिए जामा मस्जिद में रहने के साथ ही किचन का इंतजाम भी अंजुमन इस्लामिया द्वारा किया गया है। यह भी दावा किया गया है कि मस्जिद में तमाम जमातों की सरपरस्ती इमाम अब्दुल खलिक कासमी की देखरेख ही की जाती रही है। लिहाजा मोहर्रम कमेटी ने इमाम अब्दुल खलिक की ओर से जारी पुराने बयान का खंडन किया है। इधर बताया गया है कि इमाम अब्दुल खलिक पिछली 20 मार्च से शहर में नहीं हैं, लिहाजा उनसे इस बारे में बात नहीं हो पाई। यदि वे इस मामले में अपना कोई पक्ष रखेंगे तो उसे भी यथासमय प्रकाशित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : तब्लीगी जमात पर उत्तराखंड के लिए राहत भरा समाचार, उत्तराखंड में नहीं, दिल्ली में हैं राज्य के सभी 26 जमाती

नवीन समाचार, देहरादून, 1 अप्रैल 2020। उत्तराखंड में निजामुद्दीन मरकज दिल्ली की तब्लीगी जमात की खबरों से संबंधित एक बड़ा राहत देने वाला समाचार है। निजामुद्दीन मरकज में हुई 40 दिन की तब्लीगी जमात में शामिल होने गयी उत्तराखंड की जमात के सभी 26 सदस्य अभी दिल्ली में ही हैं। उत्तराखंड नहीं लौटे हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अशोक कुमार ने बुधवार को देहरादून में बताया कि निजामुद्दीन मरकज में उत्तराखंड से शामिल जमात के सभी 26 लोग अभी दिल्ली में ही हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों की मोबाइल लोकेशन से भी इस बात की पुष्टि कर ली गयी है। साथ ही कुमार ने कहा कि तबलीगी जमातें देश में एक जगह से दूसरी जगह आती-जाती रहती हैं और ऐसे में अगर किसी भी सदस्य में कोरोना संक्रमण के लक्षण नजर आयें तो उसे छुपाना नहीं चाहिए और सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस मामले में पूरी तरह से मुस्तैद है। अगर किसी को पृथक रखने की जरूरत है तो ऐसा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना विषाणु से मृत्यु दर केवल दो प्रतिशत है और इससे पीड़ित लोगों के स्वस्थ होने की काफी संभावना है इसलिए इसे छुपाना नहीं चाहिए।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 21 दिसंबर 2019। तमाम अटकलों को खारिज करते हुए शनिवार के दिन हल्द्वानी में हजारों लोगों ने गंगा जमुनी तहजीब के इतिहास के एक नए अध्याय का सृजन किया। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ वक्ताओं ने केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की, लेकिन कहीं से भी शांति के संकल्प को नहीं टूटने दिया। करीब दो घंटे तक मुजाहिद चौक से ताज चौराहे तक उमड़े जनसैलाब से पुलिस एवं प्रशासन भयाक्रांत था, लेकिन यहां सब जगह सर्व धर्म समभाव का नजारा दिखा। लोगों ने एक स्वर से इस नए कानून को वापस लेने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया, जबकि समापन डीएम एवं एसएसपी की मौजूदगी में राष्ट्रगान से किया गया।
शनिवार को सुबह आठ बजे से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी को रद्द करने की मांग को लेकर मुजाहिद चौक पर भीड़ एकत्र होनी शुरू हुई हो गई थी। करीब दो घंटे के भीतर पूरा चौक हजारों की भीड़ में तब्दील हो गया। लोग हाथों में तख्ती, पोस्टर, बैनर और राष्ट्रीय ध्वज लेकर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन में जुटे। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह के खिलाफ भीड़ में भारी आक्रोश नजर आया। इस मौके पर हुई सभा को जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती शाहिद रजा अजहरी, मुफ्ती नईमउद्दीन साहब ने संबोधित किया। इसके बाद मंच पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन पढ़ा गया।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में शांतिपूर्व ऐसे निपटा सीएए का विरोध, नैनीताल पुलिस ने सोशल मीडिया के लिए जारी की एडवाइजरी…
नवीन समाचार, नैनीताल, 21 दिसंबर 2019।
नैनीताल पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, अभद्र एवं भड़काऊ पोस्ट न करने के लिए एडवाइजरी जारी की है। जनपद के एसएसपी सुनील कुमार मीणा की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि लोग फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब व व्हाट्सएप आदि पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, अभद्र एवं भड़काऊ पोस्ट न करें, एवं किसी भी प्रार की अफवाहों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहों, पोस्टों पर किसी भी प्रकार का संशय होने पर तत्काल पुलिस के अधिकारियों से संपर्क कर सही सूचना की पुष्टि करें। पुलिस सोशल मीडिया के सभी माध्यमों पर नजर रखे हुए है।

उधर हल्द्वानी में शनिवार को मुस्लिम उलेमाओं द्वारा आहूत सीएए का विरोध शांतिपूर्वक निपटने से पुलिस ने राहत की सांस ली है। बताया गया है कि विरोध में भारी संख्या में उमड़े लोगों ने तिरंगा राष्ट्रध्वज हाथों में लेकर विरोध किया और राष्ट्रज्ञान भी गाया।

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यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग: शनिवार को उत्तराखंड में 41 मस्जिदों के उलेमाओं की सीएए के विरोध में बड़े प्रदर्शन की तैयारी

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 दिसंबर 2019। नागरिकता संशोधन कानून पर उत्तराखंड के हल्द्वानी में शनिवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन हो सकता है। हल्द्वानी में मुस्लिम उलेमा ने वनभूलपुरा चौकी पुलिस को नोटिस देकर शनिवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी है। खबरों के अनुसार हल्द्वानी की 41 मस्जिदों के मौलाना शनिवार को की जाने वाले इस रैली का नेतृत्व कर सकते हैं। हालांकि मुस्लिक उलेमाओं की ओर से आश्वस्त किया गया है कि विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा, किंतु शुक्रवार को दिल्ली में जामा मस्जिद के पास शांति पूर्ण प्रदर्शन के नाम पर देर शाम जो हुआ, उससे सबक लेकर पुलिस किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। नैनीताल पुलिस ने ऐहतियातन पक्के सुरक्षा इंतजाम करते हुए शहर में तीन कंपनी पीएसी, एक कंपनी महिला पीएसी सहित फायर और दंगा नियंत्रण बल को तैनात कर किसी भी तरह की अराजकता को बर्दास्त न करने के दिये है।

यह भी पढ़ें : ईद पर बलि न होने की फैली वायरल खबर की यह है सच्चाई

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अगस्त 2019। ईद के त्योहार से ठीक पहले शनिवार को सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैली की उच्च न्यायालय ने प्रदेश में ईद पर होने वाली बलि पर रोक लगा दी गयी है। शहर में भी अफवाह काफी चर्चा में रही। मुस्लिम धर्म से जुड़े लोग इसके बाद चिंतित हो गये और आपस में इस अफवाह की सच्चाई जानने और ऐसा होने पर बलि कैसी होगी, इस पर बात करने लगे। इस पर शनिवार को मल्लीताल कोतवाली में एसडीएम विनोद कुमार ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं मुस्लिम समाज के लोगों को बुलाकर ‘शांति कमेटी’ की बैठक ली, एवं तथ्यों की जांच कर बताया कि प्रवीण शर्मा वर्सेज उत्तराखंड सरकार के एक मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय पूर्व में ही आदेश दे चुका है कि बलि कुछ प्रतिबंधों के साथ ही की जाएगी। खुले में एवं सार्वजनिक स्थानों पर बलि नहीं की जाएगी, और जानवरों के अंश, रक्त आदि खुले में नहीं बहाये जाएंगे। लिहाजा इन प्रतिबंधों के साथ बलि की जा सकेगी। बलि पर पूरी तरह से कोई रोक नहीं है। श्री कुमार ने बताया कि यह प्रतिबंध न केवल मुस्लिम बल्कि हिंदू एवं अन्य समाजों के लिए भी हैं। इसी आधार पर मंदिरों में होने वाली बलि पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस स्पष्टीकरण के बाद लोग संतुष्ट हो गये। इधर बताया जा रहा है कि इस प्रकार की अफवाह पौड़ी अथवा अल्मोड़ा जनपद से फैलाने की शुरुआत हुई, जिससे के बाद लोग बिना पुष्टि किये इसे फैलाते चले गये।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में मुस्लिम समाज के दर्जनों लोगों ने ली अब तक अस्पृश्य मानी जाने वाली पार्टी की सदस्यता !

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जुलाई 2019। क्या केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक बिल पास कर दिये जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी मुस्लिम समाज के लिए भी अब अस्पृश्य नहीं रही ? मंगलवार को पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा की नगर इकाई द्वारा चलाये गये सदस्यता अभियान की बैठक के दौरान दर्जनों मुस्लिम समाज के लोगों के द्वारा भाजपा की सदस्यता लेने का दावा किया गया। पार्टी ने मोहम्मद मुस्तफा को अल्पसंख्यक मोर्चा के नैनीताल मंडल का सदस्यता प्रमुख नियुक्त किया है। बताया गया कि मुस्लिम समाज के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भाजपा सरकार पर अपना भरोसा जताते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं। बैठक में अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष इकबाल हुसैन, जिला सदस्यता प्रमुख महमूद हसन बंजारा, मंडल अध्यक्ष फैसल कुरैशी, मोहम्मद जीशान, तस्लीम कुरैशी, मुस्तफा, साजिद हुसैन, अब्दुल रब, साजिद लुकमान, यूसुफ व उस्मान सहित अनेक अन्य लोग उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में आरएसएस खोलने जा रहा है ऐसा मदरसा, जहां डॉक्टर, इंजिनियर व प्रोफेशनल बनाने के साथ ही सिखाया जाएगा राष्ट्रवाद भी…

नवीन समाचार, देहरादून, 21 मई 2019। स्कूली शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का विंग मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) जल्द ही उत्तराखंड में एक ख़ास मदरसा खोलने जा रहा है। एमआरएम का यह पूरे देश में छठा मदरसा होगा। इससे पहले एमआरएम ने पश्चिमी यूपी के तीन जिलों- मुरादाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ में एक-एक और मुजफ्फरनगर में दो मदरसों की नींव रखी है। उत्तराखंड में मदरसे के लिए जमीन पहले से ही खरीद ली गई है और संभव है कि अगले 6 महीने में इसका काम पूरा हो जाएगा। यहां पढ़ने वाले छात्रों को मामूली फीस भी अदा करनी होगी। मदरसे में कक्षा एक से लेकर तीसरी कक्षा तक की पढ़ाई होगी और बाद में फीडबैक के आधार पर इन्हें बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा।

‘डॉक्टर, इंजिनियर प्रोफेशनल बने छात्र’
एमआरएम के नैशनल डेप्युटी ऑर्गनाइजिंग जनरल सेक्रटरी तुषार कांत हिंदुस्तानी यह प्रॉजेक्ट देख रहे हैं। उन्होंने बताया, ‘हमारे मदरसे में सुनिश्चित किया जाएगा कि यहां पढ़ने वाले छात्र सिर्फ काजी (शरिया कोर्ट के जज) और इमाम, मौलाना और मुफ्ती ही बनकर न रह जाएं बल्कि डॉक्टर, इंजिनियर, साइंटिस्ट और दूसरे प्रोफेशनल के रूप में भी ग्रैजुएट हों।’

‘यहां से निकलने वाले बच्चे बनेंगे अब्दुल कलाम, अशफाकउल्ला खां’
तुषार इसे हिंदुस्तानी मदरसा कहते हैं। वह बताते हैं कि मदरसे का लक्ष्य छात्रों के मन में मानवता और राष्ट्रवाद का भाव पैदा करना है। उन्होंने कहा, ‘पाठ्यक्रम ऐसा होगा कि सिर्फ ज्ञान ही नहीं बल्कि स्टूडेंट मैनर भी सिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ताकि यहां से निकलने वाले बच्चे एपीजे अब्दुल कलाम और अशफाक उल्ला खां की तरह बने न कि अजमल कसाब की तरह। उन्होंने बताया कि सभी धर्म और बैकग्राउंड के लोगों को मदरसे में ऐडमिशन मिलेगा।’

यह भी पढ़ें : राहुल गाधी शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रईश भाई

हज कमेटी उत्तराखंड के सदस्य रईस भाई

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2019। नगर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूूर्व दर्जा राज्य मंत्री रईश भाई के नाम बड़ी उपलब्धि जुड़ गयी है। उन्हें राहुल गाधी शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। वे अब तक इस राष्ट्रीय संगठन के प्रदेश महासचिव थे, लेकिन संगठन में हुए एक ताजा घटनाक्रम के बाद उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी है। उल्लेखनीय है रईश भाई पूर्व में एनडी तिवारी की सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण तथा वक्फ विकास निगम में दर्जा राज्य मंत्री, जबकि हरीश रावत सरकार के दौरान हज समिति के सदस्य बनाये गये थे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सहित गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित कई प्रदेश में हजारों कार्यकर्ताओं वाला यह संगठन कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वेणुगोपाल के निर्देशन में चलता है एवं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करता है। आगे शीघ्र ही वे देश भर में संगठन का विस्तार एवं दायित्वों का वितरण करने जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें : हो गयी ‘कुर्रा अंदाजी’, 70 साल से अधिक के बुजुर्गों व बिना मेहरम महिलाओं सहित इतने जाएंगे उत्तराखंड से इस बार हज पर

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जनवरी 2019।उत्तराखंड से इस वर्ष 70 वर्ष से अधिक उम्र के 243 बुजुर्गों एवं 5 बिना किसी पुरुष साथी के यानी मेहरम से जाने वाली महिलाओं सहित कुल 1232 लोग हज के लिए जा पाएंगे। उत्तराखंड हज कमेटी के सदस्य रईश भाई ने शनिवार को हज जाने के इच्छुक लोगों की ‘कुरा अंदाजी’ यानी लॉटरी की प्रक्रिया के बाद यह जानकारी दी। बताया कि हज जाने के लिए इस वर्ष कुल 3019 लोगों ने आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि जिन 1232 लोगों को हज जाने के लिये चयन हुआ है उनमें सर्वाधिक 582 हरिद्वार जिले से, उधमसिंह नगर जिले से 314, नैनीताल जिले से 91, टिहरी, पौड़ी से 18, अल्मोड़ा से 9, चंपावत से 6 तथा टिहरी से 4 लोग शामिल हैं। उन्होंने सभी हाजियों को चयन पर मुबारकबाद देने हुए उनसे अपील की है कि हज पर अपने सूबे व मुल्क की खुशहाली के लिए दुवा करें।

पूर्व समाचार : हज जाने के इच्छुक 17 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन

नैनीताल, 12 नवंबर 2018। आगामी वर्ष 2019 में हज जाने के इच्छुक लोगों के लिए फॉर्म भरने की आखिरी तिथि 17 नवंबर है। हज कमेटी के सदस्य रईश भाई ने यह जानकारी देते हुए बताया कि फार्म मुख्यालय में मल्लीताल व तल्लीताल मस्जिद से फॉर्म लिये जा सकते हैं, एवं ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि फॉर्म भरने के लिए 17 नवंबर 2018 से पहले का बना पासपोर्ट एवं आवेदक की उम्र 70 वर्ष से कम यानी उसकी जन्मतिथि 18 नवंबर 1948 से पहले की नहीं होनी चाहिए। महरम में यानी बिना पुरुष के जाने वाली महिलाओं की जन्मतिथि 17 नवंबर 1973 से पूर्व ही होनी चाहिए। बच्चों की उम्र 20 नवंबर 2019 को दो की होनी चाहिए। एक कवर नंबर यानी एक फॉर्म में छह बड़े अथवा पांच बड़ों व दो बच्चों के लिए ही आवेदन किया जा सकता है। फॉर्म के साथ आधार कार्ड की कॉपी लगानी भी अनिवार्य है। राज्य के लिए पिछली बार का कोटा ही बरकरार रह सकता है।

यहाँ क्लिक करके भी हज जाने के लिए आवेदन कर सकते हैं 

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के 46 अतिरिक्त लोग इस वर्ष जा सकेंगे हज करने (2017 की खबर)

नैनीताल। प्रदेश से इस वर्ष हज यात्रा के लिये 4,100 आवेदन प्राप्त हुए हैं, इनमें से 1220 के नामों का यात्रा के लिए लाटरी के माध्यम से चयन किया जायेगा। इसमें 269 यात्री 70 वर्ष से अधिक वाले होंगे। हज कमेटी उत्तराखंड के सदस्य रईस भाई ने बताया कि इस वर्ष उत्तराखण्ड से पहली बार 45 वर्ष से अधिक उम्र की चार महिला यात्रियों ने भी आवेदन किया है, जो कि बिना मेहरम के यानी बिना किसी पुरुष सहयोगी के अकेले ही इस यात्रा में प्रतिभाग करेंगी। इनमें रफीन पत्नी नसीर, फातमा, जमीला पत्नी मो. रफीक व रमजाने पत्नी जमील शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हज यात्रियों के चयन की लाटरी प्रक्रिया आगामी 23 जनवरी को उत्तराखंड राज्य हज हाउस कलियर सरीफ रुड़की में सम्पन्न होगी।

यह भी पढ़ें : उत्तराखण्ड में 10 वर्ष में दोगुने हो गये मुस्लिम, इसलिए दोगुने जा पाएंगे हज पर (2016 की खबर)

-हज यात्रा के लिए आवेदन के साथ ही मेडिकल कराने, आल इंडिया हज कमेटी के सूटकेस ले जाने और कुर्बानी के लिए पहले इस्लामिया बैंक से कूपन लेने संबंधी नियमों में मिली छूट

नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड से इस वर्ष 1406 यात्री हज के लिए जा सकेंगे। यह संख्या पिछले वर्ष के 772 की करीब दो गुनी होगी। ऐसा प्रदेश में वर्ष 2011 की जनसंख्या में मुस्लिमों की संख्या के वर्ष 2001 की जनगणना के मुकाबले करीब दो गुना हो जाने की वजह से संभव हुआ है। इसके अलावा ऑल इंडिया हज कमेटी के साथ गत माह हुई बैठक के फलस्वरूप तीन महत्वपूर्ण निर्णयों में छूट मिल गयी है। अब हज के लिए आवेदन करने वाले सभी को मेडिकल नहीं कराना होगा, बल्कि केवल चयनित होने वाले यात्रियों की ही मेडिकल जांच करायी जायेगी। कुर्बानी के लिए इस्लामिया बैंक से कूपन लेने और ऑल इंडिया हज कमेटी से 5100-5100 रुपये में दो सूटकेस लेने के नियम में भी छूट मिल गयी है। अब यात्री अपनी मर्जी से तय आकार के सूटकेस ले पायेंगे तथा कुर्बानी भी अपनी मर्जी से कर पायेंगे।

उत्तराखंड हज कमेटी के सदर राव शेर मोहम्मद ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि जनगणना के 0.1 फीसद मुस्लिमों को हज पर जाने की इजाजत होती है। ऑल इंडिया हज कमेटी पिछले वर्ष तक वर्ष 2001 की जनगणना में मुस्लिमों की संख्या के आधार पर प्रदेश का हज कोटा निर्धारित कर रही थी। इस वर्ष गत 19 दिसम्बर को मुंबई में हुई हज कमेटी की बैठक में उत्तराखंड ने 2011 की जनगणना को स्वीकारने का आग्रह किया। इस पर वर्ष 2011 की जनगणना में प्रदेश में मुस्लिमों की संख्या 14 लाख छह हजार के आधार पर 1406 लोगों का हज कोटा निर्धारित हो गया है। इसमें चार वर्ष से लगातार आवेदन करने वालों व 70 वर्ष से अधिक आयु वालों को स्वत: तथा शेष बची सीटों पर लॉटरी की पद्धति से हज पर जाने की अनुमति मिल सकती है। इसके अलावा 300 यात्रियों पर एक के कोटे के अनुसार पहले के तीन के सापेक्ष इस बार पांच सरकारी अधिकारी-कर्मचारी खादिम-उल-हुज्जाम के बतौर हज यात्रियों की सहायता के लिये हज जा पायेंगे।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से यह संभव हो पाया है। पहली बार रावत सरकार के कार्यकाल में केंद्र सरकार की एमएसडीपी योजना का पूरा सदुपयोग हो पाया है। अल्पसंख्यक वर्ग को बेहतर शिक्षा व रोजगार के अवसर देना सरकार की प्राथमिकता में है।

हल्द्वानी, रुद्रपुर और देहरादून भी कर सकेंगे हज के लिये आवेदन

नैनीताल। उत्तराखंड हज कमेटी के सदर राव शेर मोहम्मद ने बताया कि कलियर शरीफ में हज के लिये आवेदन करने की सुविधा लगातार उपलब्ध रहेगी, और इसके साथ ही हल्द्वानी, रुद्रपुर और देहरादून भी शिविर लगाये जायेंगे, जहां हज पर जाने के इच्छुक लोग आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी मुस्लिम आबादी के शहरों में पहले ही आवेदन फार्म भिजवा दिये गये हैं।

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