उत्तराखंड में 25 गुना तक महंगा हुआ ‘आतिथ्य’

नैनीताल। उत्तराखंड के नैनताल स्थित राज्य अतिथि गृह नैनीताल क्लब में ‘आतिथ्य’ 25 गुना तक महंगा हो गया है। यहाँ कार्यक्रम कराना आगामी एक फरवरी 2018 से आठ से 25 गुना तक महंगा हो जाएगा। खासबर गैर शासकीय कार्यक्रमों के लिए शैले हॉल में कार्यक्रम कराने पर अब तक 600 रुपए लगते थे, जबकि अब 15000 रुपऐ लगा करेंगे, जो कि 250 फीसद अधिक यानी 25 गुना है। वहीं नैनीताल क्लब के सभागार में सरकारी बैठकें कराने के लिए अब तक 125 रुपए प्रतिदिन का शुल्क था, जोकि आठ गुना बढ़कर 1000 रुपए हो गया है। नैनीताल क्लब के वरिष्ठ व्यवस्थाधिकारी नवीन उप्रेती ने बताया कि नैनीताल क्लब का बड़ा सभागार अब व्यवसायिक संस्थाओं को 10 हजार रुपए व सामाजिक सेवाओं से जुड़े संगठनों को पांच हजार रुपए में, एवं छोटा सभागार सरकारी प्रयोजन के लिए एक हजार, व्यवसायिक संस्थाओं को आठ हजार व सामाजिक सेवाओं से जुड़े संगठनों के लिए चार हजार रुपए में उपलब्ध होगा। वहीं शैले हॉल में सरकारी कार्यों के लिए एक हजार, व्यवसायिक कार्यक्रमों के लिए 15 हजार व सामाजिक क्षेत्र के कार्यक्रमों के लिए साढ़े सात हजार रुपए खर्चने होंगे। उल्लेखनीय है कि अब तक सभी सभा कक्षों के लिए 125 रुपए प्रतिदिन का किराया नियत था। इस आदेश के बाद नैनीताल क्लब में खासकर गैर सरकारी क्षेत्र के कार्यक्रमों में कमी आना कमोबेश निश्चित नजर आ रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व नैनीताल में में आवासीय दरों में भी बड़ी बढ़ोत्तरी की जा चुकी है।

यह भी पढ़ें : महंगा हुआ नैनीताल क्लब, तो सुविधाएं भी लगीं बढ़ने
  • अब कमरों में देख सकेंगे टीवी, और मिलेगी खुद चाय तैयार करने जैसी अनेक सुविधाएं
  • ढाई करोड़ से 48 पुराने सूट होने लगे चकाचक तो डेढ़ करोड़ से छह नए सूट का शुरू हुआ निर्माण

नवीन जोशी, नैनीताल। स्वयं के साथ ही प्रदेश के कई राजनीतिक उतार-चढ़ावों के साक्षी रहे राज्य अतिथि गृह नैनीताल क्लब में आवासीय सुविधाएं दो से चार गुनी तक महंगी हो गई हैं, लेकिन इसके साथ ही यहां सुविधाओं को बढ़ाने का कार्य भी जोर-शोर से चल रहा है। करीब ढाई करोड़ रुपए से यहां 48 सुइट्स का नवीनीकरण और पुनरुद्धार का तथा 1.60 करोड़ रुपयों में छह नए डबल रूम सुइट्स का निर्माण किया जा रहा है। वहीं अब जाकर यहां पहली बार कमरों में टीवी तथा स्वयं चाय बनाने के लिए इलेक्ट्रिक कैटल उपलब्ध व मिनरल वाटर जैसी सुविधाएं देने की योजना बन रही है।

RTI से मिली जानकारी

नैनीताल क्लब ने 5 साल में कमाये 1.25 करोड़ रुपये और बिजली पानी अनुरक्षण में ही फूंक दिए 2 करोड़ रुपये, बड़े बड़े VVIP ,IAS,IPS ,केंद्रीय मंत्री ,राज्य मंत्री ,MLA ने रुकने के बाद भी नही नही किया भुगतान, 90 VIP की तरफ है देनदारी..कमरे का किराया मात्र 75 रूपए से 600 तक है, वो भी देने को नहीं हैं तैयार..

राज्य अतिथि गृह नैनीताल क्लब का गौरवशाली इतिहास रहा है। 23-24 सितम्बर 2007 में पूरे देश के कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह और कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी सहित देश की अनेकों हस्तियां भी यहां रहीं, जबकि उत्तराखंड व यूपी सहित देश के अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उच्चाधिकारियों व गणमान्यजनों तथा उनके परिवारों का यहां अक्सर प्रवास रहता है, लेकिन सभी को यहां कमरों में टीवी व अन्य सुविधाओं की कमी खलती रही है। साथ ही वर्षों से मौजूद पुराना फर्नीचर व गंदा कार्पेट मुंह चिढ़ाता है। लेकिन इधर क्लब के वरिष्ठ व्यवस्थाधिकारी नवीन चंद्र उप्रेती ने बताया कि 48 सुइट्स के लिए स्वीकृत दो करोड़ 49 लाख 83 हजार में से अब तक दो किश्तों में प्राप्त 1.2 करोड़ रुपए से 16 सिंगल व आठ डबल रूम सुइट्स की रंग-वार्निश, फर्श पर कार्पेट की जगह वुडन फ्लोरिंग, नए सोफा व फर्नीचर, दीवारों पर प्लास्टर की जगह पीओपी प्लास्टर तथा आधुनिक सुविधाओं युक्त स्नानागार आदि का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जबकि आगे सभी कमरों में टीवी लगाने की भी योजना है। वहीं अन्य स्वीकृत एक करोड़ 60 लाख 20 हजार रुपए से धरातल पर पार्किंग सुविधा सहित पहली मंजिल पर छह डबल रूम सुइट का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।

Nainital Club (2)1877 में हुआ निर्माण, 1977 में हुआ अग्निकांड में खाक

नैनीताल। मूल नैनीताल क्लब भवन का निर्माण 1877 से 80 के बीच तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने 20 यूरोपियन फैमिली सुइट्स की सुविधा के साथ किया था। आगे 1892 में एक भव्य भवन का निर्माण भी हुआ। लेकिन 27 नवंबर 1977 को करीब ठीक 100 वर्षों के बाद नैनीताल क्लब उस दौर में चल रहे वनांदोलन के दौरान अग्निकांड में खाक हो गया। जिसके बाद तत्कालीन यूपी सरकार ने यूपी राज्य निर्माण निगम से 1980-81 इसका दुबारा निर्माण करवाया। वर्तमान में यहां 48 कक्ष, तीन डोरमैटरी, एक ऑडिटोरियम तथा गगन, समीर, ज्योति, नीर व अवनी नाम के पांच कुटीर तथा सम्मेलनों के मुख्य भवन आदि मौजूद हैं।

इस तरह दो से चार गुना हो गए किराए

नैनीताल। नैनीताल क्लब में अब सरकारी कार्य के लिए आए सरकारी अधिकारियों को सिंगल रूम 60 की जगह 200 रुपए में तथा डबल रूम 75 की जगह 300 रुपए में मिलेगा। इसी तरह सरकारी अधिकारियों, विधायकों, सांसदों एवं पत्रकारों आदि को निजी कार्य के लिए आने पर यही सिंगल रूम 150 की जगह अब 500 में तथा डबल रूम 180 की जगह 750 रुपए में एवं आम लोगों, सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के परिजनों को सिंगल रूम 600 की जगह 1200 में तथा डबल रूम 900 की जगह 1800 रुपए में मिला करेंगे। क्लब के वरिष्ठ व्यवस्थाधिकारी श्री उप्रेती ने बताया कि बढ़े किराए के साथ हर कमरे में नि:शुल्क दो कप कॉफी बनाने की सुविधा युक्त इलेक्ट्रिक कैटल, एक मिनरल वाटर की बोतल, हर रोज नई चादर व तौलिया, शू शाइनर व टॉयलेट क्लीनर आदि की सुविधाएं अतिरिक्त देने की भी योजना है।

Loading...

नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

%d bloggers like this: