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एक्सक्लूसिवः नैनीताल में बजेगा प्रियंका-निक की शादी का बैंड

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20, 21, 22  को होगा नैनीताल विंटर कार्निवाल का आयोजन

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 दिसंबर 2018। जी हां, बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड में भी नाम बना चुकी अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा एवं अमेरिकी गायक निक जोनास की इसी माह 2 दिसंबर को हुई शादी में बजा बैंड अब नैनीताल में बजने जा रहा है। आगामी 20 से 22 दिसंबर के बीच नगर में आयोजित होने जा रहे नैनीताल विंटर कार्निवाल में प्रियंका एवं निक के विवाह समारोह में बजे ‘जिया बैंड’ की भी खास प्रस्तुति होने जा रही है। यह भी उल्लेखनीय है कि 1936 में स्थापित दिल्ली का यह बैंड वर्ष 2000 में मीरा नैयर की फिल्म ‘मॉनसून वैडिंग’ व इम्तियाज अली की सैफ अली खान स्टारर फिल्म ‘लव आज कल’, ऋषि कपूर की फिल्म ‘दो दूनी चार’ तथा अनुष्का व रणवीर की फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ व ‘मेरे ब्रदर की दुल्हन’ के साथ ही विक्की डोनर, रब्बा मैं क्या करूं, फुकरे, बेवकूफियां तथा जूही चावला के कुरकुरे वाले विज्ञापन सहित कई फिल्मों में भी दिखाई दिया था और सिने अभिनेता सलमान खान की बहन अर्पिता खान की आयुष शर्मा से हुई शादी से लेकर कई विशिष्ट, अतिविशिष्ट जोड़ों की शादियों की शोभा बन कर बारातियों का मनोरंजन कर चुका है।

जिया बैंड 1972 में गणतंत्र दिवस की परेड के साथ ही इधर वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित हुए राष्ट्रमंडल खेलों के शुभारंभ के मौके के साथ ही दो बाद ‘दुबई शॉपिंग फेस्टिवल’ में एवं आईपीएल-4 के शुभारंभ के मौके पर भी बज चुका है, तथा यह बैंड तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा के द्वारा पुरस्कृत भी हो चुका है। यही नहीं यह बैंड विदेशों में जाकर भी वहां भारतीय धुनें बिखेर चुका है। यह किंग्स इलेवन पंजाब का भी ऑफिसियल बैंड है। 1970 के दशक में यह बैंड उस दौर में भारत कुमार के नाम से बेहद लोकप्रिय सिने अभिनेता मनोज कुमार की एवं 1980 में फिल्मकार यश चोपड़ा की शादी से लेकर इधर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के पुत्र अभिषेक बच्चन एवं विश्व संुंदरी ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ ही क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग तथा सिने अभिनेता विवेक ओबेरॉय की शादी में भी बजा था। इस दौर में दूरदर्शन पर आने वाले सीरियल ‘बैंड मास्टर’ भी यह बजा था।

पहले दिन ऐश किंग, दूसरे दिन उत्तराखंड नाइट और तीसरे दिन देव नेगी-सुमेधा की होगी स्टार नाइट

नैनीताल। नैनीताल विंटर कार्निवाल  के तहत पहले दिन यानी 20 दिसंबर को दिन में माल रोड पर पिछले वर्षों की तरह ही लोक संस्कृतियों और इसी दौरान नैनी झील में सजी-धजी नौकाओं का कार्निवाल यानी जुलूस, शाम को मुख्य मंच पर प्रदेश के लोक गायक दंपति गोविंद दिगारी व खुशी जोशी का गायन एवं रात्रि आठ बजे से लंदन में पले-बढ़े ‘बरसात’ फेम बॉलीवुड गायक व गीतकार ऐश किंग का गायन, दूसरे दिन यानी 21 दिसंबर को उत्तराखंड नाइट में प्रदेश के जीतेंद्र तुमक्याल, दिवंगत पप्पू कार्की के पुत्र दक्ष कार्की, माया उपाध्याय, नैनीताल निवासी बॉलीवुड गायिका नुपुर पंत, महिपाल राणा, आनंद कोरंगा व हेमा ध्यानी आदि लोक गायकों का नृत्य एवं गायन तथा आखिरी दिन यानी 22 दिसंबर को द्वाराहाट निवासी बॉलीवुड गायक देव नेगी तथा सुमेधा करमाहे की स्टार नाइट होगी।

नैनीताल विंटर कार्निवाल में इस बार स्थानीय नुपुर, माया, दक्ष, देव सहित लंदन के ‘ऐश’ भी, मंच निर्माण हुआ प्रारंभ

नैनीताल, । सरोवरनगरी में नैनीताल विंटर कार्निवाल का तीसरा संस्करण पूर्व घोषित तिथि से चार दिन बाद यानी 20, 21 एवं 22 दिसंबर को आयोजित होगा। खास बात होगी कि इस बार के आयोजन में मुख्य मंच पर नगर की ही रहने वाली बॉलीवुड गायिका नुपुर पंत, हल्द्वानी निवासी दिवंगत लोक कलाकार पप्पू कार्की के पुत्र दक्ष कार्की, द्वाराहाट अल्मोड़ा निवासी बॉलीवुड गायक देव नेगी के साथ ही कुमाउनी लोक गायक माया उपाध्याय, गोविंद दिगारी व जितेंद्र तुमक्याल के साथ ही लंदन में पले-बढ़े भारतीय बॉलीवुड गायक ऐश किंग तथा जिया बैंड प्रमुख आकर्षण होंगे। इस तरह इस आयोजन का फलक स्थानीय से लेकर देश-दुनिया तक विस्तृत होने जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के भी 20 दिसंबर को नैनीताल पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।
इधर शुक्रवार से नगर के ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान में नैनीताल विंटर कार्निवाल के लिए मंच निर्माण का कार्य एडीएम हरबीर सिंह के निर्देशन में प्रारंभ हो गया है। श्री सिंह ने बताया कि आयोजन में स्थानीय कलाकारों को बड़ा मंच देने को वरीयता दी जा रही है, साथ ही दर्शकों को हर तरह का संगीत परोसने की भी कोशिश है। इसके अलावा मंच के बाहर भी लेक कार्निवाल, माल रोड पर कार्निवाल झांकी, पागल जिमखाना आदि कार्यक्रमों के लिए भी तैयारियांे को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

तीसरे दिन द्वाराहाट निवासी देव नेगी होंगे बड़ा आकर्षण

नैनीताल। सरोवर नगरी में नैनीताल विंटर कार्निवाल का तीन दिवसीय तीसरा संस्करण इस बार उत्तराखंड के कलाकारों व लोक संस्कृति का समर्पित हो सकता है। इस दौरान दूसरा व तीसरा  दिन स्थानीय कुमाउनी एवं गढ़वाली लोक गायकों के नाम रहने वाला है। इस दौरान तीसरे दिन उत्तराखंड के ही चित्रेश्वर द्वाराहाट निवासी देव नेगी बड़ा आकर्षण हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि देव ने अपनी आवाज से बालीवुड में धमाल मचा रखा है। वर्ष 2013 में पहली बार फिल्म मेरे डैड की मारूती में गाने का मौका मिलने के बाद से उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा है। उसके बाद इमरान हासमी की उंगली फिल्म का टाइटिल गीत ‘उंगली पर नचा ले’ तथा आगे अक्षय कुमार की फिल्म गब्बर ईज बैक, प्यार का पंचनामा पार्ट 2, हीरो, सलमान खान की किक में ‘हाइ लेवल जिदंगी’, जान अब्राहम की फोर्स 2 और तनु वैडस मनु रिटर्न्स के गीत ‘हो गया है प्यार तुमसे’ तथा बद्रीनाथ की दुल्हनियां फिल्म में टाइटल गीत ‘तुझको बना कर ले जायेंगे बद्री की दुल्हनियां’ गाकर उन्होंने खूब लोकप्रियता बटोरी है। इसके अलावा वे फिल्म नगरी मुम्बई के साथ ही देश व विदेश में लाइव स्टेज शो भी करते रहते हैं, तथा बॉलीवुड के साथ ही मराठी, तेलगू एवं पंजाबी फिल्मों एवं कई टेलीविजन नाटकों एवं विज्ञापनों के शीर्षक गीत गा चुके हैं। इधर नैनीताल विंटर लाइव के बड़े मंच के जरिये पहली बार वे उत्तराखंड के दर्शकों से सीधे रूबरू हो सकते हैं। 

नैनीताल विंटर कार्निवाल-2017: बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल ने गाये उत्तराखंडी गाने

बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल-एसएसपी ने गाए उत्तराखंडी गीत

-नैनीताल विंटर कार्निवाल की आखिरी शाम एडीएम ने गाए गीत
नैनीताल। सरोवनगरी में आयोजित हुए नैनीताल विंटर कार्निवाल में रविवार की आखिरी शाम यूं तो बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल के ‘रिमिक्स स्टाइल’ कमोबेश चीखते हुए गाए गीतों के नाम रही, और युवा पीढ़ी को ये गीत पसंद भी आए, और अधेड़ हो चुकी पीढ़ी को इतने भर से संतोष करना पड़ा कि कम से कम उनके गीतों में पुराने दौर के गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं, कह दूूं तुम्हें या चुप रहूं दिल में मेरे आज क्या है, दिल क्या करे जब किसी को किसी से प्यार हो जाए और हम्मा-हम्मा जैसे पुराने गीतों की झलक सुनने को मिली। वहीं उन्होंने उत्तराखंड से और उत्तराखंड में होने के नाते उत्तराखंडी लोक गीत, गढ़वाली में कै गवां की होली तु बांद, कुमाउनी में बेड़ू पाको बारों मासा और जौनसारी में ओ साथी तेरी चिटठी पतरी आई नां सुनाकर मिसाल भी पेश की। वहीं एएसपी जनमेजय खंडूड़ी ने भी गोविंद दिगारी के साथ लोकप्रिय गढ़वाली गीत फ्यूंलड़िया सुनाया, साथ ही स्वयं को ‘पहाड़ी’ बताते हुए अन्य लोगों से भी पहाड़ी होने पर गर्व करने का आह्वान किया। उधर जिले के एडीएम हरवीर सिंह ने भी ‘ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं, हम क्या करें’ गीत गाकर अपनी गायन कला से दर्शकों को अलग रूप में प्रभावित किया।

बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल ने गाये उत्तराखंडी गाने

नैनीताल विंटर कार्निवाल: पागल जिमखाना में उस्मान के जीता 11 हजार का लकी ड्रॉ
नैनीताल विंटर कार्निवाल के तहत पागल जिमखाना में फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कार ग्रहण करते हुए।

नैनीताल। नैनीताल विंटर कार्निवाल के अंतर्गत रविवार को तीसरे व अंतिम दिन ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान में परंपरागत तौर पर पागल जिमखाना का आयोजन किया गया। नैनीताल जिमखाना एवं जिला क्रीड़ा संघ के तत्वावधान में आयोजित हुए इस आकर्षक कार्यक्रम में नगर के हेल्पिंग हैंड समूह से जुड़कर निर्धन बच्चों व जरूरतमंदों की मदद करने वाले मो. उस्मान को 11,111 रुपए का लकी ड्रॉ प्राप्त हुआ। वहीं फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए कुमाउनी नवविवाहिता के रूप में शामिल हुई काव्या जोशी को प्रथम, बंद रेस में प्राची देव, बोरा रेस में हेमा नैनवाल, मेंहदी रचाओ प्रतियोगिता में नेहा आर्या, तीन टांग की पति-पत्नी दौड़ में बलवंत सिंह व सुनीता, म्यूजिकल चेयर रेस में जानकी बिष्ट, धुन पहचानो में रेनू चंद्रा व स्लो बाइकिंग में शिखर साह विजयी रहे। सभी को आयोजकों की ओर से आकर्षण पुरस्कार दिए गऐ।

इनके अतिरिक्त बन रेस में सुनीता सिंह व अभिषेक पांडे, बोरा रेस में पूजा बोरा व नीलम भट्ट, मेंहदी रचाने में सोनम व रुद्रपुर की पर्यटक काजल, तीन टांग दौड़ में मुकेश व हेमा तिवाड़ी तथा ऋतु व जानकी, म्यूजिकल चेयर में भूमिका बिष्ट, धुन पहचानो में संगीता बिष्ट व ज्योति ढोंढियाल एव स्लो बाइकिंग में विकास तथा आशीश साह व मयंक साह द्वितीय, तृतीय स्थानों पर रहे। आयोजन में डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी की धर्मपत्नी वंदना चौधरी, मिथिलेश पांडे, नीलू एल्हेंस व अनीता शर्मा ने निर्णायक के रूप में एवं नवीन पांडे, दीपक कुमार भोलू व मनोज कुमार ने उद्घोषक तथा डीएसए महासचिव सोनू बिष्ट, डा. मनोज बिष्ट, कमलेश ढोंढियाल, दीपक मेलकानी, रविप्रकाश जोशी, मोहित साह, विक्की राठौर, राजीव गुप्ता आदि ने अन्य व्यवस्थाओं में योगदान दिया।

नैनीताल विंटर कार्निवाल में एक अनदेखी लोक संस्कृति ‘रं’ का प्रदर्शन

चक्रव्यूह ने भावुक किया, बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल और लिटिल चैंप ध्रुन ने नचाया

-नैनीताल विंटर कार्निवाल में बेस्ट डांसर ऑफ कुमाऊं व गोविंद दिगारी की भी हुईं प्रस्तुतियां
नैनीताल। सरोवनगरी में चल रहे नैनीताल विंटर कार्निवाल में रविवार को आखिरी दिन उत्सव ग्रुप श्रीनगर गढ़वाल के कलाकारों ने लगातार दूसरे वर्ष चक्रव्यूह के प्रदर्शन से उपस्थित दर्शकों को भावुक किया, तो देर शाम उत्तराखंड मूल के देहरादून निवासी बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल ने अपने सुप्रसिद्ध हम्मा गीत के साथ ही इक वारी आ, तिनका तिनका दिल, मैं तुझसा हो गया, तू इतनी खूबसूरत है, ना जाने क्या है तुमसे वास्ता, इश्क दा मारा, जिंदगी, ले चला, गुमनाम है कोई, शिकवा नहीं, किसी से प्यार हो जाए आदि की दिलकश प्रस्तुतियां दीं। इससे पूर्व बीती शाम लिटिल चैंप इंडियन शकीरा कही जा रही सनमुख प्रिया जहां अपनी तेज आवाज व इंतहा हो गयी इंतजार की, हम्मा हम्मा व आंटी जी जैसे गीतों से अधिक प्रभावित नहीं कर पाईं, वहीं ध्रुन टिक्कू ने पग घुंघरू बांध मीरा नांची थी,एक हसीना थी व सारा जमाना हसीनों का दीवाना जैसे गीतों से अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन किया। दीपांशी ने रात बाकी और यूपी के किशोर कुमार कहे जा रहे जमाल खान ने ये दिल न होता बेचारा की अच्छी प्रस्तुतियां दीं, पर सभी कलाकार दर्शकों को झूमने पर मजबूर नहीं कर पाए। अलबत्ता, हास्य कलाकार राजन श्रीवास्तव व उदय दहिया ने समसामयिक सामाजिक विषयों व राजनीति आदि पर चुटीले व्यंग्यों से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। नगर के सागर लोहनी के बैंड ने भी दर्शकों का अच्छा मनोरंजन किया।

नैनीताल विंटर कार्निवाल में भारत-तिब्बत की मित्रता व संस्कृति का प्रदर्शन

फूड फेस्टिवल में गद्दू, गेठी, मडुवे, दूने व सिसूंण के ऑर्गनिक व्यंजन छाये

-कुमाऊं आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने किया शुभारंभ
नैनीताल। नैनीताल विंटर कार्निवाल के अंतर्गत शुक्रवार को तीसरे फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। फूड फेस्टिवल औपचारिक तौर पर उत्तराखंड के होटल-रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े लोगों को मंच प्रदान करने और सैलानियों को प्रदेश के परंपरागत व्यंजनों का स्वाद चखाने के लिए आयोजित किया जा रहा है, किंतु यह इससे एक कदम आगे प्रदेश के परंपरागत व्यंजनों में नये स्वाद के तड़के (फ्यूजन) के लिए याद किया जाएगा। अलबत्ता, आयोजन में केवल नगर के चुनिंदा बड़े होटलों की ही सीमित भागेदारी रही, और पिछली बार की तरह जनपद के ही जिम कार्बेट और देहरादून आदि के होटलों ने भी भागेदारी नहीं की। ऐसे में आयोजन प्रशासनिक दृष्टिकोण से औपचारिकता निभाने जैसा भी रहा।

इससे पूर्व तीसरे फूड फेस्टिवल का शुभारंभ कुमाऊं आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न स्टालों पर जाकर व्यंजनों के स्वाद भी लिये। मनुमहारानी होटल के स्टॉल पर जीएम नरेश गुप्ता, फूड एंड बेवरेज मैनेजर राजेंद्र रावत व शेफ महेंद्र अधिकारी के द्वारा महंगे प्याज-लहसुन की जगह पहाड़ी गद्दू (कद्दू) डालकर बनाया शिकार
(मटन), दूना हर्ब से तैयार चिकन, सिसोंण-बिच्छू घास की सब्जी व हर्बल चाय, आलू की जलेबी, गेठी के गलौटी यानी मुंह में डालते ही गलने वाले कबाब, गद्दू की सिगौड़ी, काकुनी यानी मक्के के लड्डू व बिस्किट-केक आदि व्यंजनों से सबको आकर्षित किया। शेरवानी हिल टॉप के आकर्षक तरीके से बनाए गए स्टॉल के व्यंजन भी पसंद किये गए। इसके अलावा लेक सिटी वेलफेयर क्लब द्वारा बनाया गया चूख यानी नींबू, मुक्तेश्वर की ऑर्गनिक दालों के साथ ही गीता साह, नैनी रिट्रीट आदि के व्यंजन भी आकर्षण का केंद्र रहे। इस मौके पर केएमवीएन के जीएम टीएस मर्तोलिया, होटल रेस्टोंरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह, संयोजक वेद साह व प्रवीण शर्मा आदि भी मौजूद रहे।

टॉम ऑल्टर अभिनीत मधुली के साथ शुरू हुआ दूसरा नैनीताल फिल्म फेस्टिवल

-तीन दिन चलेगा आयोजन, देश भर की चयनित लघु फिल्मों का होगा प्रदर्शन
नैनीताल। नैनीताल विंटर कार्निवाल फेस्टिवल के अंतर्गत शुक्रवार को दूसरे तीन दिवसीय नैनीताल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ उत्तराखंड फिल्म विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं सुपरिचित बॉलीवुड अभिनेता उत्तराखंड हेमंत पांडेय व डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान नगर के एममात्र कैपिटॉल सिनेमा में देश भर से आई लघु फिल्मों में से पांच चयनित फिल्मों-राधा मूवीज की विवश, खन्ना मूवीज की आफ्टर ग्लो, ईजा प्रोडेक्शन की दी बेंच वार्निंग, अनहद प्रोडक्शन की फिल्म गुल्लक का निःशुल्क प्रदर्शन किया गया। शुरुआत टॉम ऑल्टर द्वारा अभिनीत कुमाउनी फिल्म मधुली से की गई।
आयोजन में उत्तराखंड फिल्म सोसाइटी के उपाध्यक्ष जेएसके नौटियाल, धाद नाट्य एवं जी युनिवर्सिटी के प्रो. कैलाश कंडवाल एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से जुड़े पर्वतीय कला निर्देशक चन्द्र दत्त तिवारी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। फिल्म प्रदर्शन के पूर्व गत दिवस दिवंगत हुए नगर के रंगकर्मी स्व. गंगा प्रसाद साह व प्रसिद्ध चरित्र अभिनेता टॉम आल्टर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। इस दौरान नगर के वरिष्ठ रंगकर्मी सुरेश गुरूरानी ने फिल्म नीति एवं उत्तराखंड के सौन्दर्य पर प्रकाश डालते हुए दूर-दराज से आये फिल्म जगत के लोगों का धन्यवाद् दिया। कार्यक्रम में सुदर्शन साह, चंदन मेहता, कविता वख्शी, दिनेश जोशी, कौशल साह, राजेश साह, दिनेश सहगल, चंदन तिवारी, मिथिलेश पांडे आदि मौजूद थे।

  • ‘शीतोत्सव’ के नए अवतार में स्थापित हुई 1890 से जारी ‘शरदोत्सव’ की परंपरा
  • नगर पालिका से राज्य की ‘सत्ता’ के हाथ में चला आ गया है आयोजन

नवीन जोशी, नैनीताल। 1890 से होते आ रहे नैनीताल ‘शरदोत्सव” को इस वर्ष न करा पाना नगर पालिका को महंगा पड़ने जा रहा है। जिला प्रशासन ने ‘शीतोत्सव” या ‘नैनीताल विंटर कार्निवाल” के नए रंग-रूप में इस आयोजन को करने का ऐलान कर दिया है, और बड़ी सफाई से पालिका को इसके आयोजन से कमोबेश दूर रखकर स्थानीय विधायक को आयोजन समिति की मुख्य कार्यकारिणी का अध्यक्ष बना दिया है। इस प्रकार तय माना जा रहा है कि इस प्रकार शरदोत्सव इतिहास की बात हो जाएगा, और इसकी जगह शीतोत्सव ले लेगा, और उसका मुख्य आयोजक राज्य का सत्तारूढ़ दल होगा।
गौरतलब है कि पिछले वर्षों में नगर पालिका कभी भी शरदोत्सव मनाने को स्वयं उद्यत नजर नहीं आई है। पालिका द्वारा कभी आपदा तो कभी कुछ और, आयोजन न करने के बहाने ही तलाशे जाते रहे। पिछले वर्षों में तत्कालीन राज्यपाल डा़. अजीज कुरैशी ने विशेष प्रयास न किए होते तो यह परंपरा कमोबेश 2012 में ही टूट गई होती। ऐसे में स्थानीय विधायक की अनुपस्थिति में उनकी अध्यक्षता में कार्यकारिणी समिति तय हो गई है। आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुख्यतया नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की प्रमुख भूमिका होने जा रही है। नगर पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि वास्तव में प्रशासन पालिका को आयोजन से बाहर करना चाहता था, लेकिन नगर में पर्यटन विकास होने की भावना के मद्देनजर पालिका ने इस पर अपना विरोध दर्ज नहीं किया है। कहा कि पालिका को जिम्मेदारी दी जाती तो पिछले वर्ष के शेष बचे देयों की मांग भी की जाती, इसलिए नया रास्ता निकाला गया है। बहरहाल, उम्मीद की जानी चाहिए कि किसी भी स्वरूप में सही, नैनीताल की यह ऐतिहासिक परंपरा जारी रहनी चाहिए। नए स्वरूप में आयोजन को शासन-प्रशासन से धन की कमी सही अर्थों में आढ़े नहीं आने पाएगी।

राज्य बनने के बाद आने लगी धन की कमी

Rashtriya Sahara, 08 Dec. 2015, Page-10नैनीताल। राज्य बनने के बाद महोत्सव का स्वरुप बड़ा होने व अन्य कारणों से आयोजन में धन की कमी आढे आढ़े आने लगी। पालिका 2006 में कराये गए शरदोत्सव के बिलों के भुगतान आज तक नहीं करा पाई है, उल्लेखनीय है कि तब वर्तमान विधायक सरिता आर्य पालिकाध्यक्ष थीं। 2010 में शरदोत्सव की परंपरा टूटी। इसका कारण तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी द्वारा इस वर्ष कुमाऊँ में बड़ी आपदा का आना (खैरना-काकड़ीघाट के पास सड़क बह जाने, बागेश्वर जिले के सुमगड़ गाँव के सरस्वती शिशु मंदिर की कक्षा में मलवा घुसने से 18 बच्चों के जिंदा दबने व अल्मोड़ा में भी भरी तबाही) बताया गया। 2012 में अध्यक्ष श्याम नारायण के नेतृत्व में बनी नयी पालिका बोर्ड शुरू से शरदोत्सव मनाने को उत्सुक नहीं दिखी, लेकिन तत्कालीन राज्यपाल डा़ अजीज कुरैशी के आगे ‘ना” कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। 2014 में कुरैशी गए तो इस वर्ष की देनदारी पालिका चुका नहीं पाई और इस कारण 2015 में शरदोत्सव नहीं हो पाया। और इसे ‘शीतोत्सव” (नैनीताल विंटर कार्निवाल) के रूप में पहली बार मनाने की तैयारियां शुरू हो गयी हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में नगर पालिका कभी भी शरदोत्सव मनाने को स्वयं उद्यत नजर नहीं आई है। पालिका द्वारा कभी आपदा तो कभी कुछ और, आयोजन न करने के बहाने ही तलाशे जाते रहे। पिछले वर्षों में तत्कालीन राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी को फ्लैट्स मैदान में अकेले ‘कव्वाली’ और शेरो-शायरियों पर ‘दाद’ देने का शौक न होता तो यह परंपरा 2010 में टूटने के बाद जुड़ी ही नहीं होती। पूर्व विधायक सरिता आर्य के बतौर पालिकाध्यक्ष 2006 में कराए गए शरदोत्सव में समाचार पत्रों केा दिए गए विज्ञापनों के भुगतान आज तक नहीं हो पाए हैं, तो बीते वर्ष 2014 के बिलों की भी यही स्थिति है।

1890 के ‘मीट्स एंड स्पेशल वीक’ से शुरू हुई थी शरदोत्सव की परंपरा

-कुछ अवसरों को छोड़कर लगातार रहा है जारी, यहीं से प्रेरणा लेकर देश-प्रदेश में भी शुरू हुए हैं ऐसे आयोजन
-अंग्रेजी दौर में इंग्लॅण्ड, फ्रांस, जर्मनी व इटली के लोक-नृत्य होते थे, तथा केवल अंग्रेज और आर्मी व आईसीएस अधिकारी ही भाग लेते थे, और भारतीयों की भूमिका केवल तालियां बजाने तक सीमित रहती थी
नवीन जोशी, नैनीताल। सरोवरनगरी में नैनीताल शरदोत्सव का बिगुल एक बार फिर देर से सही लेकिन आगामी पांच नवंबर से शुरू होने जा रहा है। नैनीताल शरदोत्सव प्रदेश ही नहीं देश में अपनी तरह के महोत्सवों का प्रणेता माना जाता है। इतिहास में केवल तीन-चार बार ही पैदा हुए अवरोधों वाले इस ऐतिहासिक आयोजन का आयोजन पूर्व में दशहरे और खासकर दो अक्टूबर के करीब होता था, लेकिन इस वर्ष का संस्करण देर से ही सही लेकिन आगामी पांच नवंबर से शुरू होने जा रहा है, और नौ नवंबर यानी राज्य स्थापना दिन के दिन तक चलेगा।
आयोजन के गौरवमयी इतिहास की बात करें तो 1890 में ‘मीट्स एंड स्पेशल वीक” के रूप में वर्तमान ‘नैनीताल शरदोत्सव” की शुरुआत हो गई थी। अंग्रेजी दौर में इस आयोजन में इंग्लॅण्ड, फ्रांस, जर्मनी व इटली के लोक-नृत्य होते थे, तथा केवल अंग्रेज और आर्मी व आईसीएस अधिकारी ही भाग लेते थे। 6 सितम्बर 1900 में इस आयोजन को ‘वीक्स” और ‘मीट्स” नाम दिया गया, ताकि इन तय तिथियों पर अन्य आयोजन न हों। 1925 में इसे ‘रानीखेत वीक” और ‘सितम्बर वीक” के नए नाम मिले। 1937 तक यह आयोजन वर्ष में दो बार, जून माह में रानीखेत वीक तथा सितम्बर-अक्टूबर माह में आईसीएस वीक के रूप में होने लगे। इस दौरान थ्री-ए-साइड पोलो प्रतियोगिता भी होती थी। इन्हीं ‘वीक्स” में हवा के बड़े गुब्बारे भी उडाये जाते थे, तथा झील में पाल नौकायन प्रतियोगिताएं भी होती थीं। साथ ही डांडी रेस, घोडा रेस व रिक्शा दौड़ तथा इंग्लॅण्ड, फ्रांस व हॉलैंड आदि देशों के लोक नृत्य व लोक गायन के कार्यक्रम वेलेजली गर्ल्स (वर्तमान डीएसबी कॉलेज), रैमनी व सेंट मेरी कॉलेजों की छात्राओं व अंग्रेजों द्वारा होते थे, इनमें भारतीयों की भूमिका केवल दर्शकों के रूप में तालियाँ बजाने तक ही सीमित होती थी़। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद नैनीताल पालिका के प्रथम पालिकाध्यक्ष राय बहादुर जसौद सिंह बिष्ट ने ती सितम्बर 1952 को पालिका में प्रस्ताव पारित कर ‘सितम्बर वीक” की जगह ‘शरदोत्सव” मनाने का निर्णय लिया, जो वर्तमान तक जारी है। वर्ष 1970-71 से पर्यटन विभाग द्वारा इस आयोजन को अपनी ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई। 1997 में तत्कालीन यूपी सरकार ने नैनीताल के शरदोत्सव को पूरे कुमाऊं मंडल का आयोजन बनाते हुए इसे ‘कुमाऊं महोत्सव” का नाम दिया। इधर राज्य गठन के बाद वर्ष 2003-04 से इसे वापस ‘नैनीताल महोत्सव” के रूप में मनाया जाने लगा, जबकि आगे यह ‘नैनीताल शरदोत्सव” के रूप में मनाया जाने लगा। आगे महोत्सव का स्वरुप बड़ा होने व अन्य कारणों से आयोजन में धन की कमी आढे आढ़े आने लगी। पालिका 2006 में कराये गए शरदोत्सव के बिलों के भुगतान आज तक नहीं करा पाई है। 2010 में शरदोत्सव की परंपरा टूटी। इसका कारण तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी द्वारा इस वर्ष कुमाऊँ में बड़ी आपदा का आना (खैरना-काकड़ीघाट के पास सड़क बह जाने, बागेश्वर जिले के सुमगड़ गाँव के सरस्वती शिशु मंदिर की कक्षा में मलवा घुसने से 18 बच्चों के जिन्दा दबने व अल्मोड़ा में भी भरी तबाही) बताया गया। 2012 में अध्यक्ष श्याम नारायण के नेतृत्व में बनी नयी पालिका बोर्ड शुरू से शरदोत्सव मनाने को उत्सुक नहीं दिखी, लेकिन तत्कालीन राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी के आगे ‘ना’ कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। 2014 में कुरैशी गए तो इस वर्ष की देनदारी पालिका चुका नहीं पाई और इस कारण 2015 में शरदोत्सव नहीं हो पाया। और इसे ‘शीतोत्सव’ (नैनीताल विंटर कार्निवाल) के रूप में पहली बार मनाने की तैयारियां शुरू हो गयी हैं।

2014 का समाचार : पांच से नौ नवंबर तक होगा नैनीताल शरदोत्सव, कमेटियां गठित

नैनीताल। अपनी तरह के आयोजनों का प्रणेता ‘नैनीताल शरदोत्सव” आगामी पांच नवम्बर से प्रारंभ होगा, और राज्य स्थापना दिवस यानी नौ नवंबर को इसका समापन होगा। प्रदेश के राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी द्वारा गत दिवस देहरादून में ली गई बैठक के सााि की गई पहल के परिणामस्वरूप मंगलवार को नगरपालिका सभागार में इसकी तैयारियों के लिए पहली बैठक आयोजित हुई, जिसमें शरदोत्सव के सफल संचालन हेतु 10 कमेटीयों का गठन किया गया।
क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्या, नगरपालिका अध्यक्ष श्याम नारायण व एसडीएम आशीष चौहान तथा समस्त सभासदों एवं अन्य गणमान्य जनों की उपस्थिति में हुई इस बैठक में कमेटियों का गठन किया गया। कोर कमेटी पालिका अध्यक्ष के संयोजकत्व में होगी तथा इसमें सीडीओ ललित मोहन रयाल, एडीएम यूएस राणा, उपनिदेशक पर्यटन जेसी बेरी, पालिका ईओ रोहिताश शर्मा, सभासद जेके शर्मा, डीएन भट्ट, मारुति नंदन साह व सुरेश गुरुरानी होंगे। इसी प्रकार व्यय समिति में एडीएम, पालिकाध्यक्ष, एसडीएम, सभासद भारती साह, भूपाल कार्की, सपना बिष्ट, जितेंद्र बिष्ट, ईशा साह व ईओ, सांस्कृतिक समिति में सीडीओ, सभासद त्रिभुवन फत्र्याल, मारुति साह, नीतू बोहरा, किरन साह, जहूर आलम, इदरीश मलिक, सुरेश गुरुरानी, भारती साह, केएमवीएन के जीएम विनोद गिरि गोस्वामी तथा गीत एवं नाटक प्रभाग, संस्कृति विभाग व सूचना विभाग के अधिकारी, मंच संचालन में एसडीएम, सीओ, मुकेश जोशी, अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रांतीय व निर्माण खंड तथा विद्युत वितरण खंड, ईओ तथा सभी सभासद, प्रदर्शनी-स्टॉल समिति में सीडीओ, एडीएम, परियोजना प्रबंधक-डीआरडीओ, जीएम उद्योग, खादी व ग्रामोद्योग, सभासद असीम बख्श, सुमित कुमार व नगर स्वास्थ्य अधिकारी विमलेश जोशी, प्रकाशन समिति में अपर आयुक्त राजीव साह, डा. अजय रावत, महेश गुरुरानी, जिला सूचना अधिकारी, उप निदेशक पर्यटन, सुरेश गुरुरानी, नवीन जोशी, किशोर जोशी, राजीव लोचन साह, गंगा प्रसाद साह व डा. गिरीश रंजन तिवारी तथा फोटो प्रदर्शनी समिति में एडीएम, जीएम केएमवीएन, अनूप साह, ईओ, बृजमोहन जोशी, एएन सिंह, नवीन जोशी, अमित साह, प्रदीप पांडे, दिनेश लोहनी, दामोदर लोहनी व सभासद अजय भट्ट होंगे। पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने बताया कि शरदोत्सव में स्टार नाईट के साथ ही कुमाउनी-गढ़वाली व स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाएंगे। साथ ही गत वर्षाे की भांति कव्वाली-मुशायरा भी होंगे।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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