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उत्तराखंड में कोरोना के मामले घटने के बाद नई छूट की गाइड लाइन जारी

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नवीन समाचार, देहरादून, 1 अगस्त 2021। उत्तराखंड में कोरोना के मामले घटने के साथ धामी सरकार एक और बड़ी छूट देने की ओर बढ़ गई है। सरकार ने कोरोना काल में बंद पड़ी खेलकूद गतिविधियों को खोलने का फैसला ले लिया है। इसके लिए रविवार को गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। इसके बाद राज्य में खेल परिसरों को खोल दिया जाएगा। अलबत्ता अभी भी 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए खेल परिसरों में आने पर रोक बरकरार रहेगी। अभी स्विमिंग पूलों को भी नहीं खोला जाएगा। तैराकी को फिर से शुरू करने के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

नई गाइडलाइन के अनुसार राज्य में अधिकृत जिला समितियां अपने हिसाब से जिलों में खेल गतिविधियों को शुरू कर सकेंगी। केवल स्थानीय खिलाड़ियों को ही स्टेडियम व खेल केंद्रों में प्रवेश की अनुमति होगी। यदि किसी खेल केंद्र में कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो उस परिसर को सील कर दिया जाएगा। खेल केंद्रों में प्रवेश और बाहर निकलने के लिए एक मार्ग खुला रहेगा। खेल केंद्रों पर जाने वाले सभी व्यक्तियों की अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग की जाएगी।

गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि अब आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों को एक कमरे में नही ठहराया जाएगा। बड़े कमरे और डॉरमेट्री में 50 फीसद से अधिक क्षमता का उपयोग नहीं किया जाएगा। अब व्यायामशालाएं भी 50 फीसदी क्षमता के हिसाब से ही खोली जाएंगी। इसके लिए जिला टास्क फोर्स कमेटी को गठित किया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बाहरी प्रदेशों से उत्तराखंड आने के नियमों पर अपने कुछ घंटों पुराने बयान से पलटे मुख्यमंत्री

नवीन समाचार, देहरादून, 31 जुलाई 2021। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी 24 घंटे पहले दिए अपने एक बयान से पलट गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार बाहरी लोगों के राज्य में प्रवेश के लिए 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की बाध्यता को खत्म करने जा रही है। अब यह व्यावहारिक भी नहीं रह गया है। उन्होंने कहा, प्रायः देखने में आ रहा है कि बार्डर पर चेकिंग के नाम पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं और इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उच्चाधिकारियों को वे आरटीपीसीआर की बाध्यता को खत्म करने के लिए कह चुके हैं। कोविड कर्फ्यू की नई गाइड लाइन में अब यह व्यवस्था रहेगी।

अब मुख्यमंत्री ने शनिवार दोपहर न्यू कैंट रोड स्थित आवास में मीडिया से बातचीत में धामी ने साफ किया कि उत्तराखंड में प्रवेश के लिए कोरोना के टीके की दोनों खुराक लगाने वालों को ही बिना जांच के प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सीमा पर पर्यटकों को जांच के बाद ही उत्तराखंड में जाने की इजाजत दी जाएगी। कोरोना के टीके की दोनों डोज लगाने वालों को ही बिना जांच रिपोर्ट के राज्य में आने की अनुमति होगी। अन्य सभी को 72 घंटे पूर्व की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट राज्य में प्रवेश के दौरान दिखानी होगी। वहीं कोरोना की तीसरी लहर की आहट के बीच स्कूल खोलने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरी लहर की तैयारी पूरी कर चुके हैं। एक अध्ययन, स्वास्थ्य विभागों के आंकड़ों व अन्य प्रदेशों की स्थिति के आंकलन के बाद ही स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में खत्म होगी सीमा पर आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट दिखाने की बाध्यता

नवीन समाचार, देहरादून, 30 जुलाई 2021। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड आने के लिए बार्डर पर अब आरटीपीसीआर की 72 घंटें पूर्व की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं होगी। राज्य सरकार इस व्यवस्था को खत्म करने जा रही है।

शुक्रवार देर शाम हरिद्वार बाईपास रोड स्थित एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की दर में काफी गिरावट आ चुकी है। कई जिलों में अब कोरोना के पॉजिटिव केस भी नहीं आ रहे हैं। अभी विभिन्न प्रदेशों से उत्तराखंड में प्रवेश के लिए कोरोना वैक्सीन की 15 दिन पुरानी दोनों डोज लेने का प्रमाण पत्र दिखाने या फिर आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट पर ही प्रवेश की अनुमति है।

सीएम धामी ने कहा कि अब राज्य सरकार 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की बाध्यता को खत्म करने जा रही है। चूंकि अब यह व्यावहारिक भी नहीं रह गया है। प्राय देखने में आ रहा है कि बार्डर पर चेकिंग के नाम में वाहनों की लंबी-लंबी कतारे लग जाती हैं और इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उच्चाधिकारियों को वे आरटीपीसीआर की बाध्यता को खत्म करने के लिए कह चुके हैं। कोविड कर्फ्यू की नई गाइड लाइन में अब यह व्यवस्था रहेगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : एक-दो दिन के लिए राज्य में आने वालों और रेड ज़ोन जिले में आने-जाने वालों के लिए आये नये निर्देश

-काम के लिए या एक-दो दिन के लिए राज्य में आने वाले अब सिर्फ 7 दिन के लिए होंगे क्वारन्टाइन, जिले में आने-जाने के लिए पास की जरूरत नहीं

नवीन समाचार, नैनीताल, 02 जून 2020। उत्तराखंड में काम-काज के लिए लौटना चाहने वाले कामगारों व मजदूरों को अब 14 की जगह सिर्फ सात दिन ही क्वारंटाइन किया जाएगा। साथ ही सरकार इन सात दिनों के नुकसान की भी भरपाई करेगी। इसके लिए सरकार उपाय तलाश रही है।
प्रदेश सरकार के शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने मंगलवार को डिजिटल माध्यम से लोगों के प्रश्नों को जवाब देते हुए इस नई व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति राज्य में अपने कारोबार या ऑफिस के काम से एक दो दिन के लिए आता है तो उन्हें भी क्वारंटाइन होने की जरूरत नहीं है।
वहीं इधर नैनीताल जिले के डीएम सविन बंसल ने साफ किया है कि जनपद नैनीताल के रेड जोन होने के बावजूद यहां प्रातः 7 बजे से सायं 4 बजे तक के निर्धारित समय में जिले के भीतर कही भी आने-जाने के लिए पास की आवश्यकता नही है। उन्होंने यह भी बताया कि सामान ढोने वाले सभी प्रकार के वाहनोें की पूरे दिन आवाजाही रहेगी। अलबत्ता इस दौरान कोरोना से बचाव के लिए शारीरिक दूरी एवं मास्क पहनने के नियमों का पालन करना होगा। साथ ही उन्होने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये है कि वे निर्धारित समय में वाहनों को अनावश्यक रूप से ना रोकें। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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