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उत्तराखंड में फेस मास्क न पहनने व 2 गज की दूरी न बनाने पर 5000 का जुर्माना, कंपाउंडिंग भी नहीं..

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नवीन समाचार, देहरादून, 13 जून 2020 । उत्तराखंड में कोरोना से बचाव एवं रोकथाम के मद्देनजर मास्क नहीं पहनने और शारीरिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) के नियमों का उल्लंघन करने वालों की अब खैर नहीं है। इन नियमों की अनदेखी करने पर अब 6 माह की सजा या 5000 रुपये जुर्माना अदा करना होगा। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने आज महामारी अधिनियम 1897 उत्तराखंड राज्य संशोधन अध्यादेश को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
केंद्रीय अधिनियम में संशोधन करने वाला उत्तराखंड अब केरल और उड़ीसा के बाद तीसरा राज्य बन गया है, जिसने धारा 2 और 3 में संशोधन किया है। अब महामारी अधिनियम 1897 के तहत राज्य में जो कोरोना के फेस मास्क और एकांतवास (क्वारंटाइन) आदि से सम्बंधित नियम हैं, उनके उल्लंघन पर अधिकतम 6 माह की सजा और 5000 रुपये जुर्माने की व्यवस्था लागू हो गई है। मास्क न पहनने पर पहली गलती पर 100 रुपये का जुर्माना लगाने की व्यवस्था की है। इसके बाद यह जुर्माना बढ़ता रहेगा। इसी प्रकार अन्य मामलों में भी जुर्माने की राशि तय करने की व्यवस्था की गई है।अभी तक नियम तो थे परन्तु अधिनियम में प्रावधान न होने पर कम्पाउंडिंग की सुविधा नहीं थी। अब अध्यादेश जारी होने के बाद कोरोना से जुड़े नियम सख़्त और प्रभावी ढंग से लागू होंगे।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी 11 जून 2020। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जनपद में अन्य प्रान्तों से आने वाले समस्त व्यक्तियों को अनिवार्य रूप से संस्थागत एवं होम कोरेन्टीन किया जायेगा। वहीं कोरोना वायरस से उच्च संक्रमित प्रदेशों व शहरों से आने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से सात दिन संस्थागत व 14 दिन होम कोरेन्टीन मे रखा जायेगा। बाहरी प्रान्तो से आने वाले वाहनों के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण करना भी अनिवार्य होगा।
जिलाधिकारी श्री बंसल ने अपने हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में बैठक लेते हुये पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाहर से आने वाले व्यक्तियों व वाहनों को जनपद की सीमा पर ही रोक कर ट्रैक किया जाए तथा वाहनों के पास चेक कर वाहनों में मार्क स्टिकर लगायें। उन्होने कहा कि बाहरी प्रान्तों से बरेली रोड, रामपुर रोड तथा चोरगलिया रोड से आने वाले वाहनों को स्टेजिंग एरिया अन्तर्राष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में लाया जायेगा जहां पर लोगों की स्कैनिंग व स्वास्थ्य परीक्षण कर हल्द्वानी मे ही संस्थागत अथवा होम कोरेन्टीन किया जायेगा। इसी प्रकार जनपद में काशीपुर, बाजपुर की ओर से बाहरी प्रदेशों के वाहनों से आने वाले व्यक्तियों को स्टेजिंग एरिया रामनगर मे लाया जायेगा, जहां पर उन्हें संस्थागत अथवा होम कोरेन्टीन किया जायेगा। श्री बंसल ने जनपद के बाॅर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने करते हुये सघन चैकिंग करने के निर्देश भी दिये। कहा कि बाजपुर से आने वाले सडक मार्ग पर गड़प्पू पर भी वाहनों की कड़ी जांच कर यात्रियों को रामनगर व हल्द्वानी के स्टेजिंग एरिया में भेजा जाएगा। 

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नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जून 2020। नैनीताल जनपद के टैक्सी चालकों को अब प्रदेश के किसी अन्य जिले में जाने पर क्वारंटाइन नहीं किया जाएगा। जनपद के  एडीएम एसएस जंगपांगी ने इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं। अपने आदेश में श्री जंगपांगी ने कहा है कि मंडलायुक्त के आदेशों पर यह व्यवस्था की जा रही है। अनुमति लेकर प्रदेश के किसी जनपद में सवारी छोड़कर एक-दो दिन में वापस लौटने वाले चालकों को अब क्वॉरेंटाइन नहीं किया जाएगा। अलबत्ता राज्य से बाहर जाकर लौटने वाले चालकों को लौटने पर अनिवार्य रूप से अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराना होगा।  उल्लेखनीय है कि नैनीताल टैक्सी एसोसिएशन ने इस संबंध में कुमाऊं मंडलायुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी को मंगलवार को ज्ञापन सौंपा था।

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार-बड़ी राहत: अब उत्तराखंड में रेड, ऑरेंज, ग्रीन जोन नहीं, राज्य के बाहर से आने वालों के लिए पास की बाध्यता भी समाप्त

नवीन समाचार, देहरादून, 8 जून 2020। उत्तराखंड राज्य में अब कोई भी जिला रेड, ग्रीन व आरेंज जोन में नहीं रहेगा। अब केवल कंटेनमेंट जोन ही चिह्नित किए जाएंगे। अलबत्ता, कंटेनमेंट जोन की निगरानी मुस्तैदी से की जायेगी ताकि संक्रमण न फैले। यही नहीं अब प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वालो के लिए पास की व्यवस्था को भी समाप्त किया जा रहा है। साथ ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी जल्द ही अन्य राज्यों के लिए भी खोल दिया जाएगा।
प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सोमवार को सचिवालय में मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह बात कही। रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना के साथ ही अब डेगू जैसी घातक बीमारी की चुनौती हमारे सामने आने वाली है। इसको देखते हुए अभी से पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में होटल, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थलों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। इन स्थानों पर फिजिकल डिस्टेंसिंग, सफाई, सेनेटाइजेशन, मास्क का अनिवार्यता से पालन किया जाना है। अगर अनुशासन का परिचय देते हुए आवश्यक नियमों का पालन किया जाता है तो आगे सुविधाओं में बढ़ोतरी की जा सकती है। माना जा रहा है कि इस बारे में शीघ्र ही शासनादेश जिलों को प्राप्त हो जाएंगे। इसके बाद ही रेड जोन नैनीताल व प्रदेश के 11 ऑरेंज जिलों से जोन की व्यवस्था समाप्त हो सकेगी।

यह भी पढ़ें : कोरोना से मृत्यु पर उत्तराखंड सरकार ने किया आज बड़ा एलान…

नवीन समाचार, देहरादून, 04 जून 2020। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज कहा कि उत्तराखंड के कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु पर उसके आश्रित को एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कन्टेनमेंट जोन में गाइडलाइन का कड़ाई से साथ पालन करवाए जाने के निर्देश दिये। कहा कि कन्टेनमेंट जोन के बाहर भी शारीरिक दूरी और मास्क की अनिवार्यता के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। जो लोग इनका पालन न करें, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए फील्ड सर्विलांस पर विशेष ध्यान दिया जाए।

वीडियो कान्फ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एकांतवास केंद्रों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। गृह एकांतवास का मानकों के अनुरूप पालन हो रहा है या नहीं, इस पर लगातार चेकिंग भी की जाए। आकस्मिक निरीक्षण किए जाएं। गांवों में एकांतवास सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए ग्राम प्रधानों को निर्देशानुसार धनराशि दी जाए। कोविड केयर सेंटर में प्रशिक्षित स्टाफ व अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डाटा फीडिंग को पूरी गम्भीरता से लिया जाए। सभी जिलाधिकारी आने वाले समय की आवश्यकताओं का आकलन करते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर और लाजिस्टिक का गैप एनालिसिस करें। इस गैप के अनुसार सुविधाएं और उपकरण जुटाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में जन सहयोग बहुत जरूरी है। हमें लोगों को साथ लेकर ये लड़ाई लड़नी है। सख्ती और जागरूकता हमारे दो प्रमुख अस्त्र हैं।

देहरादून में शनिवार और रविवार को सेनेटाइजेशन के लिए पूर्णबंदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार और रविवार को (दो दिन) देहरादून में पूर्ण बंद कर सेनेटाइजेशन करवाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए देहरादून की निरंजनपुर सब्जी मण्डी को बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था कर ली जाए। फ्रंटलाइन वारियर्स की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए। राशन की कालाबाजारी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। इसमें लिप्त लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचना चाहिए।

रोजगार और आजीविका के लिए कृषि व संबंधित क्षेत्रों पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें त्वरित रोजगार और आजीविका सृजन के लिए खेती, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य को प्राथमिकता देनी होगी। हाल ही में किसानों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए हैं। इनका लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। स्थानीय मांग का अध्ययन कर लिया जाए और उनकी आपूर्ति स्थानीय संसाधनों से ही पूरा कराए जाने की कोशिश की जाए। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों को किस प्रकार रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है, इस पर फोकस किया जाए। यह हर जिलाधिकारी का लक्ष्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से युवाओं को लाभान्वित कराएं। किसानों के लिए क्वालिटी इनपुट और मार्केट उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

टेस्टिंग को और बढ़ाया जाएः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने टेस्टिंग को बढ़ाने और कान्टेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की आवश्यकता होने पर शासन को तत्काल अवगत कराया जाए।

686 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए

सचिव अमित नेगी ने कहा कि कोरोना के लिए कुल 686 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें एनएचएम को 160 करोड़ रुपये, चिकित्सा शिक्षा को 150 करोड़, एसडीआरएफ से स्वास्थ्य को 16 करोड़ रुपये, जिला प्लान में 150 करोड़ रुपये, डीएम फंड में 70 करोड़ रुपये, सीएम राहत कोष से 50 करोड़ रुपये और एसडीआरएफ से जिलाधिकारियों को 90 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। बजट की कोई कमी नहीं है।

फसलों का क्लस्टर चिह्नीकरण

सचिव (कृषि) आर मीनाक्षी सुंदरम ने जिलाधिकारियों को फसलों का क्लस्टर चिह्नीकरण जल्द करने के निर्देश दिये। कृषि और सम्बंधित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना, राज्य बागवानी मिशन आदि योजनाओं का उपयोग किया जा सकता है।

बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों ने कोरोना के लिए जिलों में की गई व्यवस्थाओं के बारे मे जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिग में डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, सचिव डाॅ पंकज कुमार पाण्डे सहित शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें : कल से प्रवासियों को रखने की व्यवस्था में बदलाव करेगी सरकार !

-अब ग्रामीण प्रवासियों को सीधे गांव भेजने के बजाय राज्य में प्रवेश करने पर वहीं सात दिन के लिए होटलों-धर्मशालाओं आदि में क्वारन्टाइन में रखा जाएगा
-कोरोना पॉजिटिव आने वाले लोगों को गिनने की व्यवस्था में भी बदलाव करने पर चल रहा है विचार
नवीन समाचार, देहरादून, 25 मई 2020। प्रदेश सरकार उच्च न्यायालय के निर्देशों पर प्रदेश में बाहरी प्रदेशों से आ रहे प्रवासियों को राज्य की सीमा पर ही रोककर वहीं सात दिन होटलों-धर्मशालाओं आदि में क्वारन्टाइन यानी एकांतवास में रखेगी और इस दौरान कोरोना की पुष्टि न होने पर अगले सात दिनो के लिए गांव भेजकर होम क्वारन्टाइन में रखेगी। इसके साथ ही सरकार में कोरोना संक्रमितों को गिनने की व्यवस्था में बदलाव करने पर भी विचार चल रहा है। अब तक जिस जनपद में जांच कराने पर व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाये जा रहे हैं, उस जिले में ही संबंधित की गिनती हो रही है, लेकिन नयी व्यवस्था के तहत कोरोना संक्रमितों को उनके मूल जनपदों के हिस्से में गिना जा सकता है। इससे कोरोना संक्रमितों का उपचार करा रहे जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही थी और उनके रेड जोन में शामिल होने की संभावना बढ़ रही थी।
इधर सोमवार को प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने पत्रकारों को बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों पर पर सीमा पर ही प्रवासियों को एकांतवास में रखने की व्यवस्था करने का निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर से ले लिया गया है। इस संबंध में जिलाअधिकारियों को निर्देश जारी किये जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें : बाहर आने पर मास्क पहनने, बाहर से आने वालों व गुटखा व पान मसाले की बिक्री पर आये नये दिशा-निर्देश

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 मई 2020। नैनीताल जनपद में बाहर से आने वाले हर व्यक्ति को संस्थागत क्वारन्टाइन यानी एकांतवास में रहना होगा और हर व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर मास्क पहनना होगा। मास्क न पहनने पर एक वर्ष तक की कैद की सजा भी हो सकती है।
डीएम सविन बंसल ने कहा है कि भारत सरकार के दिशा-निर्देषों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। जो लोग मास्क नही पहन रहे हैं उन पर आर्थिक दंड के साथ ही एक साल की सजा का भी प्राविधान किया गया है। उन्होंने सभी जनपद वासियों से दो टूक शब्दों मे कहा है कि अनिवार्य रूप से मास्क पहनें तथा सामाजिक-शारीरिक दूरी को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लें और बिना मास्क के सडकों पर ना आयें, ऐसा ना करने पर प्रशासन द्वारा सख्ती करते हुये कार्यवाही की जायेगी। लाकडाउन अवधि मे बच्चे, बुजुर्ग तथा गर्भवती महिलायें घर से कतई बाहर ना निकलें।
उन्होंने यह भी बताया कि शासन से प्राप्त नई गाइडलाइन के अनुसार गुटखा तथा पान मसाले की बिक्री को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। क्योंकि गुटखा व पान मसाला खाकर लोग इधर-उधर सडकों पर थूकते है, थूक के जरिये भी संक्रमण होने की सम्भावनायें हैं। उन्होनेे कहा कि गुटखा, पान मसाला बेचने वाले तथा इसे खाकर इधर-उधर थूकने वालों पर भी कार्यवाही की जाएगी।
इसके साथ उन्होंने बताया कि जिले मे बाहर से विभिन्न जनपदों एवं प्रांतों से आने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से संस्थागत क्वारन्टाइन सेंटरों में रहना होगा। स्वास्थ्य विभाग की संस्तुति पर ही होम कोरेन्टाइन की व्यवस्था होगी। उन्होने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के कोरेन्टाइन सेन्टर मे व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को दी गई है तथा ग्रामीण क्वारन्टाइन सेंटरों की मॉनीटरिंग के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी तथा संबंधित विद्यालय के अध्यापकों को ड्यूटी पर लगाया गया है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा है कि ग्राम सभाओं मे तैनात किये गये ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी तथा अध्यापक यदि ड्यूटी पर नही आ रहे है अथवा सहयोग नही कर रहे हैं तो इसकी भी जानकारी कंट्रोल रूम के नंबरों पर दें। ऐसे लापरवाह कर्मचारियों के विरूद्व दैवीय आपदा एक्ट की विभिन्न धाराओ में कार्यवाही की जायेगी। साथ ही कहा कि सभी ग्राम प्रधानों के पास राज्य वित्त से सम्बन्धित सभी वित्तीय संसाधन उपलब्ध है। पिछले वर्ष की लम्बित धनराशि को सभी ग्राम प्रधान कोरोना संक्रमण आपदा के लिए विशेष परिस्थितियों मे व्यय करें। उन्होेने सभी ग्राम प्रधानों को आश्वस्त करते हुये कहा है कि यदि और धनराशि की आवश्यकता होगी तो उन्हे धनराशि मुख्य मंत्री राहत कोष अथवा जिला दैवीय आपदा मद से अवमुक्त की जायेगी।

यह भी पढ़ें : जनपदों में कोरोना की जांच के नियम बदले, नये कलेक्शन सेंटर भी स्थापित

-कोरोना के लिए जनपद में बने पांच नये कलेक्शन सेंटर
-65 वर्ष से अधिक उम्र के सभी तथा अन्य में से पांच फीसद के लिए जाएंगे जांच हेतु नमूने
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 मई 2020। जनपदों में कोरोना की जांच के नियम बदल गये हैं, अब 60 वर्ष से अधिक के लोगों को छोड़कर अन्य की उनके जिलों में ही कोरोना जांच होगी।
जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी, भवाली, पदमपुरी, कालाढुंगी व मोटाहल्दू में भी अब कोरोना के लिये नमूने लिये जा सकेंगे। सीएमओ डा. भारती राणा ने बताया कि डीएम के निर्देशों पर जनपद में पांच सैम्पल कलेक्शन टीमों की तैनाती करते हुए, 5 कलेक्शन संेटर बनाये है। उन्होंने बताया कि बेतालघाट, सुयालबाडी व गरमपानी क्षेत्र मेें आये प्रवासियों की लाइन लिस्टिंग एवं सैम्पल लेने हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी को कलेक्शन सेन्टर बनाया है। इसी तरह भवाली, भीमताल व रामगढ क्षेत्रों का कलेक्शन सेंटर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवाली, पदमपुरी व ओखलकांडा क्षेत्र के प्रवासियों हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुरी, कालाढूगी, कोटाबाग व बैलपडाव के प्रवासियों हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कालाढूगी तथा मोटाहल्दू, लालकुआं व बिंदुखत्ता क्षेत्र मे आये प्रवासियों के लिये प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोटाहल्दू को कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि डीएम बंसल ने निर्देश दिये है कि जनपद मे आये सामान्य प्रवासियों में 5 प्रतिशत लोगों की रेंडम आधार पर जबकि 65 वर्ष व उससे अधिक आयु वाले प्रवासियों के शत-प्रतिशत कोरोना जांच हेतु सैम्पल लिये जाएंगे।

बुजुर्गों को छोड़ शेष की अपने जिलों में ही होगी कोरोना जाच
नैनीताल। नैनीताल जनपद में रेलगाड़ियों से आ रहे प्रवासियों में से केवल नैनीताल जनपद के लोगों एवं दूसरे जनपदों के 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों का ही स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। डीएम सविन बंसल ने बताया है कि शासन के दिशा निर्देेशों के तहत अब केवल नैनीताल जिले के यात्रियों का मेडिकल चेकअप ही रेलवे स्टेशन तथा स्टेजिंग एरिया मे किया जायेगा। नई व्यवस्था के अनुसार अन्य जिलों के यात्रियों का चेकअप संबंधित जिलों में ही किया जाएगा। अन्य जनपदों के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुर्जुगों का परीक्षण भी जनपद नैनीताल मे ही किया जायेगा तथा उन्हें यहीं क्वारन्टाइन भी यही किया जायेगा।

यह भी पढ़ें : खबरदार ! फेस मास्क न पहनने, खुले में थूकने पर भी दर्ज हो सकता है मुकदमा

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 मई 2020। नैनीताल जनपद में अब सार्वजनिक स्थलों अथवा कार्यस्थल पर फेस मास्क न पहनने, सार्वजनिक जगह पर थूकने, सामाजिक दूरी ना बनाने एवं गुटका, तम्बाकू के विक्रय करने पर अर्थदंड के साथ ही पुनरावृत्ति पर पुलिस एक्ट के चालान के साथ ही आपदा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई भी की जायेगी। जिलाधिकारी सविन बंसल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सार्वजनिक स्थल पर फेसमास्क पहने बगैर मिले तो पहली बार 200 रुपए जुर्माना भरना होगा, दोबारा मास्क ना लगाये पाये जाने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा। इसी तरह सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर भी 200 रुपये अर्थदण्ड तथा द्वितीय बार थूकते पाये जाने पर पुलिस एक्ट की धारा-81 के तहत चालान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानोें पर सामाजिक दूरी के निर्देशोें का पालन ना करने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकान व ठेली आदि पर 500 रुपये सबंधित दुकानदार, प्रतिष्ठान स्वामी पर अर्थदण्ड लगाया जायेगा, द्वितीय बार सामाजिक दूरी अनुपालन ना करने पर 2000 रुपये का अर्थदण्ड, इसी तरह गुटका, तम्बाकू बिक्री करने वालों पर प्रथम बार 1000 रुपये, द्वितीय बार पकडे जाने पर 2000 रुपये का अर्थदण्ड लगाया जायेगा। वहीं पुनरावृत्ति पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 प्राविधानों के अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। अर्थदंड वसूलने एवं दण्डात्मक कार्यवाही करने हेतु अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत पूर्व से विधिमान प्राविधानों एवं प्राधिकृत व्यक्तियों के अतिरिक्त अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अन्तर्गत पुलिस अधिकारी, राजस्व अधिकारी, नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, उपखण्ड मजिस्टेªट प्राधिकृत होंगे।

यह भी पढ़ें : होम क्वारन्टाइन का पालन न करने वालों को संस्थागत क्वारन्टाइन में भेजा जाएगा

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 मई 2020। जनपद में बाहर से बाहर के जनपदों में ट्रेन. बसों व प्राइवेट वाहनों से आने वालोें लोगों को अनिवार्य रूप से क्वारन्टाइन यानी एकांतवास मे रखना होगा। डीएम सविन बंसल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों मे वहां के स्कूल अथवा पंचायत भवनों मे इसकी व्यवस्था ग्राम प्रधान करेंगे और संबंधित क्षेत्र के ग्राम पंचायत अधिकारी व पटवारी उनकी सहायता करेंगे। वहीं शहरी क्षेत्रों मे बाहर से आने वाले लोगों को धर्मशाला, बारात घरों, संस्थागत कोरेन्टीन सेंटरोें व निजी पृथक कमरों मे क्वारन्टाइन कराने की जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारियोें व सीआरटी टीमों की होगी। क्वारन्टाइन किये गये लोगांे के रहने के भवनों के बाहर क्वारन्टाइन स्टीकर भी लगाये जाएंगे। क्वारन्टाइन प्रोटोकाल का अनुपालन न करने व बाहर घूमते पाये जाने पर संबंधित एसडीएम को सूचना देनी होगी, जो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुये उन्हें संस्थागत क्वारन्टाइन कराएंगे।
क्वारन्टाइन में रखे गये लोगों की 14 दिनों तक नियमित मॉनीटरिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण स्वास्थ्य विभाग की आईडीएसपी की टीम करेगी। क्वारन्टाइन किये गये लोगों मे किसी प्रकार के लक्षण दिखते ही उन्हें स्वास्थ्य परीक्षण एवं जांच हेतु चिकित्सालय लाया जायेगा। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रो की नियमित मॉनीटरिंग डीपीआरओ व वीआरटी टीमंे करेंगी जो अपनी रिपोर्ट नियमित मुख्य विकास अधिकारी को प्रस्तुत करेेंगी। ग्रामीण क्षेत्रोें में क्वारन्टाइन हेतु सूक्ष्म व्यय ग्राम निधि से ग्राम प्रधान द्वारा किया जायेगा।

यह भी पढ़ें : उत्तराखण्ड के लोगों को ट्रेन से लाने के खर्च को वहन करेगी राज्य सरकार, 2 दिनों से कोई नया कोरोना पॉजिटिव नहीं

-मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बुधवार को मीडिया ब्रीफिंग कर कोविड-19 के संबंध में अपडेटेड स्थिति की दी जानकारी

नवीन समाचार, देहरादून, 6 मई 2020। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार दूसरे राज्यों से उत्तराखण्ड लौटने के इच्छुक प्रवासियों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। लगभग 1 लाख 64 हजार लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। अभी तक 7300 लोगों को दूसरे राज्यों से लाया जा चुका है जबकि 8146 को राज्य के भीतर ही एक जिले से दूसरे जिले में भेजा गया है। जो भी उत्तराखण्ड लौटना चाहते हैं, उन्हें वापस लाया जाएगा। थोड़ा संयम और धैर्य रखने की जरूरत है। तमाम तरह की सावधानियां बरतनी होती है। इसलिए एक साथ इकट्ठा सबको नहीं लाया जा सकता है। स्वास्थ्य परीक्षण, वाहनों की व्यवस्था, रूकने की व्यवस्था आदि बातें देखनी होती हैं। सरकार इस काम में दिन रात लगी है। पूरा काम सुनियोजित तरीके से किया जाना है। हरियाणा से 1500 लोगों को निजी वाहन से आने की अनुमति दी गई है। यहां बसें भी भेजी जाएंगी। उदयपुर व जम्मू से 400-400 लोगों को लाने की व्यवस्था की जा रही है। गुजरात व महाराष्ट्र को सूचना दी गई है कि सूरत, अहमदाबाद व पुणे से लोगों को ट्रेन से लाया जाना है। हमारेल मंत्रालय से बात हो चुकी है। संबंधित राज्यों को भी रेल मंत्रालय से बात करनी है। उत्तराखण्ड के लोगों को ट्रेन से लाने में जो भी व्यय आएगा, उसका वहन उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया जाएगा। केरल के दो शहरों से भी लगभग 1000 लोगों को लाया जाना है।
भारत सरकार द्वारा विदेशों से भारतीय नागरिकों को लाने की व्यवस्था की जा रही है। इनमें उत्तराखण्ड का व्यक्ति होने पर विदेश मंत्रालय द्वारा हमें अवगत कराया जाएगा। इसके लिए हमने एसओपी तैयार कर ली है।

कोरोना की डबलिंग रेट में लगातार हो रहा सुधार
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले दो दिन से प्रदेश में कोई भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आया है। वर्तमान में कुल पॉजिटिव केस 61 हैं, इनमें से 39 रिकवर हो चुके हैं जबकि 21 एक्टिव केस हैं। इनमें भी सभी की स्थिति सामान्य है। एक महिला जिसकी मृत्यु हुई है, उन्हें काफी क्रिटिकल हालत में एम्स ऋषिकेश में लाया गया था, बाद में जांच में इन्हें कोरोना संक्रमित पाया गया। परंतु उनकी मृत्यु अन्य कारण से हुई है। अभी तक कुल 7784 टेस्ट की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें से 7723 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। प्रदेश में कोरोना मामलों के दोगुने होने की दर में लगातार सुधार हो रहा है। आज के दिन हमाडबलिंग रेट 47 दिन है। इस दृष्टि से हम देश के अग्रणी राज्यों में हैं। यहां के कुल कोराना पॉजिटिव मामलों में 85 प्रतिशत पुरूष हैं जबकि 15 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसमें भी अधिकांश युवा हैं। इसलिए हमारे यहां रिकवर होने की अधिक सम्भावना है। देश में भेजे गए सेम्पल के सापेक्ष पॉजिटिव केस 3.86 प्रतिशत है जबकि राज्य में यह 0.78 प्रतिशत है। हमामृत्यु दर भी राष्ट्रीय औसत से लगभग आधी है। हालांकि ये मृत्यु भी प्रत्यक्ष रूप से कोरोना से नहीं हुई है। अभी तक प्रदेश में कोरोना को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया है। हमारे यहां कान्टेक्ट ट्रेसिंग भी प्रभावी तौर पर की गई।

401 चिकित्सकों को दी गई नियुक्ति, 647 की और होगी नियुक्ति
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 426 चिकित्सक ऐसे थे जिनका आयेाग द्वारा वर्ष 2010 से 2015 के बीच चयन किया गया परंतु उन्होंने या तो जॉइन नहीं किया या परिवीक्षा अवधि पूनहीं की। ऐसे चिकित्सकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। अब हम इनकी जगह पर चिकित्सकों की नई भर्ती कर सकते हैं। हाल ही में 401 चिकित्सकों को नियुक्ति दी गई है। 467 पदों का अध्याचन भी चयन आयोग को भेजा जा रहा है। आयोग से चयन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट द्वारा 180 पदों को पुनर्जीवित किया गया था। इन पदों पर जल्द भर्ती कराई जाएगी।

आम जन से मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील
मुख्य सचिव ने कहा कि अभी तक जनता ने पूरा सहयोग किया है। लॉकडाउन-3 में भी हमें जिम्मेवाका परिचय देना है। मास्क, सेनेटाईजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वर्तमान में दी गई शिथिलता चलती रहेगी। यदि अनुशासन बनाए रखा जाएगा तो और भी शिथिलता पर विचार किया जा सकता है। कोरोना संक्रमित होने पर घबराने की जरूरत नहीं है।

मनरेगा के 7910 कार्य प्रारम्भ, 93 हजार से अधिक श्रमिकों को मिला काम
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में मनरेगा के वर्तमान में 7910 कार्य प्रारम्भ हो गए हैं। इनमें 93 हजार से अधिक लोग काम कर रहे हैं। इनमें एक विशेष बात है कि मनरेगा में 1089 नए श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है, इनमें से 850 को कार्य भी दिया गया है। मनरेगा के तहत जल संचय, जल संवर्धन और जल संरक्षण के काम प्राथमिकता से किए जा रहे हैं।

4479 उद्योगों को अनुमति, निर्माण कार्यों की आवश्यकता को देखते हुए खनन शुरू
प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां भी शुरू की गई हैं। 4479 उद्योगों को ऑनलाईन अनुमति दी गई है। इन्होंने काम भी शुरू कर दिया है। इनमें 1 लाख 66 हजार श्रमिक, कार्मिक संलग्न हैं। सड़क, रेल, एयरपोर्ट, भवन निर्माण आदि काम शुरू होने जा रहे हैं। इनकी आवश्यकता को देखते हुए खनन का काम भी शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारियों को इसे प्राथमिकता से देखने को कहा गया है।

1 लाख 98 हजार श्रमिकों को 2-2 हजार रूपए की सहायता
भवन निर्माण से जुड़े श्रमिकों को लॉकडाउन में राहत देने के लिए दो किश्तों में 1-1 हजार, कुल दो-दो हजार रूपए उनके खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। लगभग 1 लाख 98 हजार श्रमिक इससे लाभान्वित हुए हैं।

प्रामाणिक जानकारी पर ही विश्वास करें
मुख्य सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया में सरकार की तैयारियों के बारे में बहुत सी अफवाहें चलती रहती हैं। लोगों से अनुरोध है कि प्रामाणिक जानकारियों पर ही विश्वास करें। हम पूव्यवस्था कर रहे हैं।

एनटीपीसी और पीएफसी देगी 12 एम्बुलेंस और 10-10 हजार पीपीई किट व मास्क
मुख्यमंत्री राहत कोष और एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड) में लगभग 60 करोड़ रूपए विभिन्न संस्थाओं, व्यक्तियों द्वारा जमा कराए गए है। इसका प्रयोग कोविड-19 से लड़ाई में किया जा रहा है। इस राशि का एक बड़ा भाग श्रमिकों व बेसहारा लोगों को भोजन आदि उपलब्ध कराने में प्रयोग किया गया है। बहुत से उद्योगों और संस्थाओं ने चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए हैं। नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन और पावर फाईनेंस कारपोरेशन ने सीएसआर से राज्य को 12 एम्बुलेंस, 10 हजार पीपीई किट और 10 हजार मास्क देने पर सहमति व्यक्त की है।

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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2020। आगामी 3 मई को देश में लॉकडाउन खत्म होगा या जारी रहेगा। यह सवाह पूरे देशवासियों के मन में उमड़-घुमड़ रहा है। सोमवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज मुख्यमंत्रियों के संग हुई बैठक में भी यही बड़ा प्रश्न अन्य सभी प्रश्नों के केंद्र में दिखाई दिया। बैठक में दिल्ली, गुजरात, मध्य प्रदेश, गुजरात जैसे उन करीब 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने 3 मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाने की अपील की, जहां अभी भी कोरोना के अधिक मामले मिल रहे हैं। पीएम ने मीटिंग में कहा कि यह लंबी लड़ाई है, हमको धैर्यपूर्वक लड़ना है। तेलंगाना ने पहले ही 7 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर रखा है। ऐसे में बैठक में इस बात पर भी सहमति बनती दिखी की लॉकडाउन में अचानक ढील नहीं दी जाए। पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि देश में लॉक डाउन का लाभ हुआ है और दूसरे देशों की तुलना में भारत की स्थिति अच्छी है। हालांकि पीएम ने साथ ही कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई को हमें धैर्यपूर्वक लड़ना होगा। वहीं सूत्रों के अनुसार 3 मई के बाद लॉकडाउन पर अभी तुरंत फैसला नहीं हुआ लेकिन पीएम मोदी सहित सभी सीएम की आम राय यह बनती रही कि 3 मई के बाद अचानक ढील दिए जाने के हालात नहीं है। लेकिन अब लॉकडाउन का स्वरूप अधिक स्थानीय करने की जरूरत है। वहीं पीएमओ सूत्रों के अनुसार सीएम के साथ मीटिंग करने के बाद अगले दो-तीन दिनों तक आगे की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके तहत 3 मई के बाद लॉकडाउन के स्वरूप की चर्चा होगी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ वित्तीय पैकेज पर बात होगी। इसके बाद सप्ताह के अंत में शनिवार या रविवार को पीएम मोदी देश को दोबारा संबोधित कर सकते हैं। कोरोना संकट पर पर यह उनका चौथा देश के नाम संबोधन हो सकता है।
बैठक में टेस्टिंग को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अहम हथियार बताया गया। अमेरिका का लक्ष्य है कि रोज 2.2 करोड़ टेस्ट किए जाएं ताकि हर दो हफ्ते में पूरी जनसंख्या की जांच हो जाए। भारत अभी प्रतिदिन 50 हजार से भी कम टेस्ट कर रहा है। अपर्याप्त टेस्टिंग से वायरस तेजी से फैलता है। अगर हम सिर्फ लक्षणों वाले मरीजों को टेस्ट करेंगे तो वायरस को नहीं रोक पाएंगे। वैसे भी आंकड़ेां के मुताबिक, भारत में 69 फीसदी मरीज ऐसे हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं दिखे। यानी हमें स्वस्थ लोगों के भी टेस्ट करने की जरूरत है क्योंकि वे ‘सुपर स्प्रेडर्स’ हो सकते हैं।

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-देश में औसतन तो उत्तराखंड में 26.6 दिनों में कोरोना संक्रमित हो रहे दोगुने
-कोरोना वारियर्स का माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर या बुके देकर सम्मान करना पूर्णतः प्रतिबंधित, दूर से कर सकते हैं पुष्प वर्षा
नवीन समाचार, देहरादून, 22 अप्रैल 2020। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में कोविड-19 पर नियंत्रण एवं विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मामले पूरे भारत में जहां औसतन 7.5 दिनों में दोगुने हो रहे हैं, वहीं उत्तराखंड में 26.6 दिन में दोगुना हो रहे हैं। इस दृष्टि से उत्तराखंड कोरोना संक्रमण रोकने में देश में तीसरे स्थान पर है और कहीं बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कोरोना वारियर्स का माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर या बुके देकर सम्मान किया जा रहा है, इसे पूर्णतः प्रतिबंधित कराया जाए। कोरोना वारियर्स का सम्मान दूर से पुष्प वर्षा से किया जा सकता है। इसके अलावा लोगों को जो सामान वितरित किया जा रहा है वितरित करने वाले लोगों के साथ फोटो ना खींचें एवं सामाजिक दूरी का पूरा पालन हो। साथ ही छोटे व्यवसायियों एवं स्थानीय लोगों की आय का सृजन करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए। कृषि कार्यों के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अनुमति दी जाए। स्मार्ट सिटी के कार्य भी कम मैन पावर के साथ शुरू किए जा सकते हैं।

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-मुख्यमंत्री ने की विद्युत बिलों में राहत की घोषणा पर फिक्स्ड दरों की जगह उपयोग के आधार पर बिल जारी करने की मांग नहीं मानी
नवीन समाचार, देहरादून, 14 अप्रैल 2020। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में तीन मई तक लॉक डाउन के दूसरे चरण की घोषणा करने के साथ ही उत्तराखंड में किसानों, उद्योगों व वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की मांग और लॉकडाऊन की कठिनाईयों को देखते हुए बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के कई राहतों की घोषणा की है। इससे 26 लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। अलबत्ता, राज्य में कई पर्यटन सहित सेक्टरों के लोगों के द्वारा फिक्सड दरों की जगह उपयोग के आधार पर विद्युत बिल दिये जाने की मांग की जा रही थी। इस पर अभी सरकार की ओर से कुछ नहीं कहा गया है। गौरतलब है कि इस दौरान होटलों-उद्योगों आदि में विद्युत का उपयोग कम हुआ है, इसलिए यदि उपयोग के आधार पर बिल आते तो इन उपभोक्ताओं को लाभ मिलता।
मुख्यमंत्री द्वारा मंगलवार को दिये गए निर्देशों के अनुसार सभी श्रेणियों के जो बिजली उपभोक्ता देय तिथि तक बिल का ऑनलाइन भुगतान करेंगे, उन्हें वर्तमान बिल की राशि में 1 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। जिसमें एचटी उपभोक्ताओं को अधिकतम एक लाख तथा एलटी उपभोक्ताओं को अधिकतम 10 हजार रूपए की छूट प्रदान की जाएगी। इस पर आने वाले प्रतिमाह लगभग दो करोड़ के व्यय का वहन यूपीसीएल द्वारा किया जाएगा। इससे 25 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इसके अलावा विद्युत उपभोक्ताओं के व्यापक हित में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 30 जून तक किसी भी श्रेणी के उपभोक्ता का विद्युत संयोजन विद्युत देयों के भुगतान नहीं किए जाने की दशा में काटे नहीं जाने के भी निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा 30 जून तक बिल का भुगतान करने वाले निजी नलकूप श्रेणी के उपभोक्ताओं को विलम्ब भुगतान अधिभार में छूट दी जाएगी। इससे 20 हजार किसानों को लाभ होगा। इसमें आने वाले 3 करोङ 64 लाख रूपये के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं से मार्च 2020 से मई 2020 तक की बिजली खपत के सापेक्ष फिक्सड-डिमान्ड चार्ज की वसूली स्थगित रहेगी और विलम्ब भुगतान अधिभार में भी छूट दी जाएगी। इससे 2 लाख 70 हजार उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इस पर आने वाले लगभग 8 करोड़ रूपए के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

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नवीन समाचार, देहरादून, 9 अप्रैल 2020। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार ने निर्णय लिया है कि कोविड-19 यानी कोरोना विषाणु के संक्रमण की रोकथाम और बचाव कार्यों में लगे सभी संविदा, आउटसोर्स में कार्यरत एवं सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों सहित सभी कोरोना वारियर्स-को संक्रमण होने पर उनके उपचार का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। साथ ही उनके जीवन की क्षति होने पर उनके आश्रित को मुख्यमंत्री राहत कोष से सीधे 10 लाख रूपए की राहत-सम्मान राशि दी जाएगी।
इसके अलावा एक अन्य निर्णय में मुख्यमंत्री रावत के निर्देश पर कोरोना विषाणु की रोकथाम हेतु चिह्नित किए गए राजकीय मेडिकल कालेजों को सुदृढ़ किए जाने और उनकी क्षमता में वृद्धि किए जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा शिक्षा विभाग को 10 करोङ रुपए अवमुक्त किए गए हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 8 अप्रैल 2020। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कोरोना विषाणु कोविड-19 के सम्बन्ध में मंत्रिमंडल के निर्णय के बारे में जानकारी दी। बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमित जामातियों की संख्या बढने के कारण कोरोना विषाणु कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन बढाने की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। साथ ही मंत्रिमंडल ने रोजाना आवश्यक सामग्री के खरीद हेतु दी गई समय सीमा को कम करने का अधिकार मुख्यमंत्री को सौंप दिया है।
इसके अलावा भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुसार कोविड-19 फंड के लिए मुख्यमंत्री, मंत्री और समस्त विधायकों के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। साथ ही आगामी दो वर्षो तक विधायक निधि से एक-एक करोड रुपये की कटौती भी कोविड-19 फंड के लिए की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार ने बैठक में खाद्यान्न सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सभी नागरिकों को पर्याप्त राशन उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया। इसके तहत अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत 35 किग्रा राशन गेहूँ और चावल के रूप में 3 माह का राशन उपलब्ध रहेगा। साथ ही खाद्यान सुरक्षा योजना सफेद कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 5 किग्रा चावल एवं दाल निःशुल्क उपलब्ध करायी जाएगी। इन दोनों कार्डों से अलग 40 लाख यूनिट वाले 10 लाख राशन कार्ड धारकों को 7.5 किग्रा राशन की मात्रा को दोगुना कर 15 किग्रा राशन कार्ड धारकों को अप्रैल, मई, और जून तीन माह के लिए वितरण किया जाएगा। जिसके पास कोई भी राशन कार्ड नही होगा उन्हे राशन किट दिया जाएगा। खाद्यान्न वितरण स्वयं सेवी संगठन प्रशासन के माध्यम से कराएंगे। बैठक में कोविड-19 से विकास हेतु ढांचागत सुविधाओं के लिए उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विभाग में तकनीशियन संवर्ग के 347 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

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नवीन समाचार, देहरादून, 1 अप्रैल 2020। राशन कार्ड धारकों को अप्रैल से जून 2020 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली की केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की अन्त्योदय अन्य योजना एवं प्राथमिक परिवारों हेतु प्रतिमाह प्रतिव्यक्ति अंतर्गत नियमित आवंटन के अतिरिक्त पांच किलो चावल निःशुल्क मिलेगा। जिन जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विभिन्न योजनाओं में अप्रैल माह का नियमित आवंटन हो चुका है वहां भी अप्रैल माह में ही यह चावल निःशुल्क वितरित किया जाएगा। इस संबंध में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने प्रदेश के सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को बुधवार को आदेश जारी कर दिये हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 29 मार्च 2020। केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के बाद उत्तराखंड में 31 मार्च को अंतर जनपदीय परिवहन सेवा खुली रहने का आदेश वापस ले लिया गया है। मुख्यमंत्री ने रविवार अपराह्न आठ बजे अपने फेसबुक पेज पर नई पोस्ट लेकर इसका खुलासा किया। देखें मुख्यमंत्री का वीडियो संदेश:

मुख्यमंत्री ने लिखा है: ‘केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के बाद उत्तराखंड में 31 मार्च को अंतर जनपदीय परिवहन सेवा खुली रहने का आदेश वापस लिया जाता है। आप लोग जहां हैं, वहीं पर सुरक्षित रहें। आपके लिए आवश्यक वस्तुओं की उचित व्यवस्था है। राज्य में जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुलने का समय (सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे) यथावत रखा गया है। आपको हुई असुविधा के लिए क्षमा चाहता हूं।’ उल्लेखनीय है कि इससे पहले राज्य सरकार ने आज सुबह ही 31 मार्च को लॉक डाउन से छूट के लिए कुछ शर्तों युक्त नये दिशा-निर्देश जारी किये थे, लेकिन अब उनका कोई अर्थ नहीं रह गया है। लगता है कि केंद्र सरकार उत्तराखंड सरकार की इस दरियादिली पर संतुष्ट नहीं हो पाई।

पूर्व समाचार : 31 मार्च को मिलेगी लॉक डाउन से बड़ी छूट

नवीन समाचार, देहरादून, 28 मार्च 2020। प्रदेश के भीतर जो लोग एक जिले से दूसरे जिले में जाना चाहते हैं, वे लोग 31 मार्च को सुबह 7 बजे से सांय 8 बजे तक जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि केवल मंगलवार 31 मार्च के लिए ही यह अनुमति होगी। एक दिन का यह विंडो इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि जगह-जगह से ऐसी बातें आ रही थी कि बहुत से लोग अपने काम से आए हुए थे और लाॅकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर फंसे हैं। बसों व टैक्सियों को सेनेटाइज करवाया जाना होगा। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की व्यवस्था का अच्छा रेस्पोंस मिला है। इससे लोगों में घबराहट खत्म हुई है, भीङ भी नही हो रही। लोग भी अब समझने लगे हैं। इसलिए इसी व्यवस्था को जारी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में जो उत्तराखंडवासी फंस गए हैं उनके लिए उत्तराखंड सदन ओपन कर दिया गया है। वहां उनके भोजन, मेडिकल आदि व्यवस्था है। इसी प्रकार मुम्बई में भी उत्तराखंड भवन को लाॅकडाऊन में फंसे उत्तराखंड के लोगों के लिए ओपन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम दो तीन दिन में 500 चिकित्सकों की भर्ती करने जा रहे हैं। इससे हमारे यहाँ चिकित्सक पर्याप्त संख्या में हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र और वाहन चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एक माह की छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी कोरोना वायरस  के संक्रमण से बचाव हेतु सतर्क रहने और संयम बरतने का अनुरोध किया है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने  कहा कि अगर किसी को खांसी, जुकाम, बुखार आदि इस प्रकार की कोई तकलीफ है तो इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करें।  उन्होंने कहा कि देश इस वक्त कोरोना महामारी से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री जी स्वयं एक सप्ताह में दो बार राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं। पूरी दुनिया इस वक्त इस महामारी से ग्रस्त है। भारत में अभी इस की शुरुआत हुई है लेकिन भारत जैसे देश में यह समस्या कितनी गंभीर हो सकती है आप इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि अमेरिका और इटली जैसे देश तमाम तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं के होते हुए भी आज किस हालात में हैं। हमारे पास केवल और केवल यही एक समाधान है कि हम सामाजिक दूरी बनाकर रखें। हमको दूरी बनाकर रखनी है। मंदिरों मस्जिदों गुरुद्वारों गिरिजाघरों में सामूहिक पूजा अर्चना को प्रतिबंधित किया गया है। वहां पर केवल पुजारी, मौलवी एवं पादरी ही पूजा पाठ कर सकते है। मेरा आपसे अनुरोध है कि हम सोशल डिस्टेंस बनाकर रखें। इसका स्वयं भी पालन करें और औरों को भी इसका पालन करने हेतु जागरूक करें। उन्होंने अनुरोध किया कि सोशल डिस्टेंस का पालन करें। यदि कोई बाहर से आया है तो हम उससे सामाजिक दूरी बनाते हुए उसकी सूचना शासन को दें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग के लोग रात दिन अपने जीवन को खतरे में डालते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। हमें उनके भी चिंता करनी है। उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों से कहा कि हमारे पास 11000 से अधिक बूथ हैं। बूथ अध्यक्ष एवं सभी कार्यकर्ता मोहल्ले में घूम घूम कर यह देखें कि कोई गरीब भूखा ना सोए। यह हमारी सबसे बड़ी चिंता है। प्रशासन के साथ तालमेल करके उनके घर राशन पहुंचाने का कार्य में किया जाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का बहुत बड़ा तंत्र है, ऐसी तमाम सामाजिक संस्थाएं इस कार्य में सहयोग करके प्रशासन की सहायता करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 27 मार्च 2020। कोरोना वायरस (ब्व्टप्क्-19) की प्रभावी रोकथाम, नियंत्रण एवं अनुश्रवण हेतु राज्य के कैबिनेट एवं राज्यमंत्रियों को राज्य के जनपदों का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस क्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को हरिद्वार, सुबोध उनियाल को टिहरी व उत्तरकाशी, डॉ. हरक सिंह रावत को पौड़ी, अरविंद पांडेय को चम्पावत व पिथौरागढ़, यशपाल आर्य को अल्मोड़ा व नैनीताल एवं मदन कौशिक को देहरादून व ऊधमसिंह नगर, राज्यमंत्री डॉ. धनसिंह रावत को रुद्रप्रयाग व चमोली एवं रेखा आर्या को बागेश्वर का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

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-सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना ब्यूरो ने विभिन्न विभागों की जनोपयोगी व आकर्षक योजनाओं की दी जानकारी

ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना के बेहतर प्रचार-प्रसार हेतु मीडिया कार्यशाला-वार्तालाप में पत्रकारों को योजनाओं की जानकारी देते अधिकारी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 फरवरी 2020। भारत सरकार की वित्तीय समावेशन के अंतर्गत सुरक्षा बीमा योजना में मात्र 12 रुपए प्रति वर्ष में दो लाख रुपए का बीमा मिलता है। अटल पेंशन योजना से मात्र 42 रुपए में एक हजार रुपए पेंशन मिलती है। एबीपीएस यानी आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम के तहत कोई व्यक्ति दूसरे शहर में जेब कट जाने जैसी स्थितियों में एटीएम एवं अपने खाते वाला बैंक न होने पर भी किसी भी बैंक अथवा बैंक मित्र से मात्र अपना आधार नंबर बताकर ढाई हजार रुपए नगद प्राप्त कर सकता है। हर किसान को किसान योजना के तीन वर्ष में 6000 रुपए की किसान सम्मान निधि प्राप्त हो सकती है। अटल आयुष्मान योजना से पांच लाख रुपए तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं। पहली बार गर्भधारण करने पर महिलाओं को 6400 रुपए, मातृ वंदना योजना में 45 हजार रुपए तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बच्चियों के पैदा होने पर शादी होने तक 62 हजार रुपए, 10वीं-12वीं से आगे पढ़ने के लिए पूरी फीस मिलती है।
केंद्र एवं राज्य सरकार की ऐसी ही और भी कई योजनाएं हैं, जिनका लाभ लोग जानकारी के अभाव में नहीं ले पाते हैं। किंतु इधर मुख्यालय में पहली बार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना ब्यूरो ने पत्रकारों के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों का ‘ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना के बेहतर प्रचार-प्रसार हेतु मीडिया कार्यशाला-वार्तालाप’ आयोजित कराकर विभागीय जनोपयोगी व आकर्षक योजनाओं की जानकारी दी। नगर पालिका सभागार में आयोजित कार्यशाला में पत्र सूचना ब्यूरो के अपर महानिदेशक एनके कौशल ने पत्रकारों को रोचक खबरों के पीछे भागने तथा ‘न्यूज के साथ व्यूज’ परोसने की जगह जनता को उनके लिए उपयोगी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का उनका मूल कर्तव्य याद दिलाया। इस मौके पर भीमताल विकास खंड की सीडीपीओ कमला कोरंगा, जिला लीड बैंक मैनेजर एसएस जंगपांगी, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक मदन मेहरा आदि ने अपने विभागों की जानकारियां दीं। इस मौके पर पीआईबी के भूपेंद्र नेगी, मनोज साह, रोहित त्रिपाठी, श्रमिष्ठा बिष्ट, दीपा जोशी, शोभा चारक, भूपेंद्र जड़ौत व गोपेश बिष्ट सहित अन्य विभागीय लोग मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर आयोजित मंथन में मंत्रियों और विधायकों ने किया गहन विचार-विमर्श, मंत्रियों ने तीन वर्ष की उपलब्धियों के साथ ही भावी कार्ययोजना रखी
विधायकों ने अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं से अवगत कराने के साथ दिए सुझाव
नवीन समाचार, देहरादून , 13 फरवरी 2020। गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर आयोजित मंथन में मंत्रियों और विधायकों ने गहन विचार विमर्श किया। मंत्रियों ने अपने विभागों की तीन वर्ष की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए साथ ही भावी कार्ययोजना भी विधायकों के समक्ष रखीं। विधायकों ने अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं से अवगत कराने के साथ ही सुझाव भी दिए।  
सीएम आवास स्थित सभागार में आयोजित मंथन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश सरकार की तीन वर्ष की अवधि में किये गये कार्यों का उल्लेख करते हुए विकास की भावी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मंथन कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर मंत्रिगणों एवं विधायक गणों से हुए विचार विमर्ष में राज्य के समग्र विकास की दिशा तय करने को सम्बन्धित महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। इस मंथन से प्राप्त होने वाला अमृत, प्रदेश को नई दिशा देने में मददगार होगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा इन तीन वर्षों में हम क्या कर पाये इसका आकलन करने को मिला है। तीन वर्ष की अवधि में राज्य हित में की गई 57 प्रतिशत घोषणाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। अन्य घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान है।  सीएम घोषणाओं का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। हम घोषणा पत्र के अनुपालन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। घोषणा पत्र के इतर भी कई कार्य जनहित में किये जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर हमने तीन कार्यक्रमों के आयोजन का लक्ष्य रखा है। इसमें रिवर्स पलायन की दिशा में पहल करने वाले युवाओं के लिए ‘आवा अपणा घर आवा’ के सन्देश का आधार तैयार करने वालो का सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त रामनगर मे एडवेंचर समिट का आयोजन किया जायेगा। टिहरी झील को देश व दुनिया में पहचान दिलाने तथा एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केन्द्र बनाने के लिये टिहरी लेक महोत्सव को बड़ी भव्यता के साथ आयोजित किया जायेगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उधमसिंह नगर के बोर जलाशय, पिथौरागढ़ के मोस्टमानु में टयूलिप गार्डन के साथ ही विभिन्न स्थलों पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये धनराषि उपलब्ध करायी गयी है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक दशा में सुधार के लिये भी प्रभावी कदम उठाये गये हैं। 15वें वित्त आयोग ने राज्य को 14वें वित्त आयोग के स्तर पर हुए नुकसान की भरपाई करते हुए पांच हजार करोड़ रूपए सालाना धनराशि की संस्तुति की है। इसमें राज्य को आगामी वर्षों में 30 हजार करोड़ का लाभ होगा। आपदा मद में राज्य को अब 200 करोड़ रूपए के स्थान पर 1041 करोड रूपए़ की धनराशि उपलब्ध होगी। राज्य को केन्द्रीय करों की मद से दी जाने वाली धनराशि में भी बढ़ोतरी की गई है। यही नहीं उत्तर प्रदेश सरकार से वर्षों से लम्बित पेंशन की धनराशि राज्य को दिये जाने का रास्ता साफ हो गया। 
मंथन कार्यक्रम में मंत्रिगणों ने तीन वर्ष के कार्यकाल व भविष्य की कार्ययोजना के आधार पर प्रस्तुतिकरण दिया। बताया गया कि सभी सेक्टर्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु नीति आयोग द्वारा जारी ‘‘भारतीय नवाचार सूचकांक 2019’’ में पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में उत्तराखण्ड राज्य को सर्वश्रेष्ठ तीन राज्यों में शामिल किया गया। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2018-19 में 1,98,738 रूपए रही जोकि देश की औसत प्रति व्यक्ति आय से अधिक है। 
अटल आयुष्मान योजना के अन्तर्गत प्रत्येक परिवार को पाँच लाख का मुफ्त इलाज सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सालयों में अनुमन्य करने वाले देश का प्रथम राज्य है। वर्तमान तक इस योजना के अन्तर्गत 37 लाख 98 हजार लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
गत तीन वर्षों में लोक निर्माण विभाग द्वारा माह जनवरी तक 2027.34 किमी. मार्गों का नव निर्माण, 2374.20 किमी. लम्बाई में पुनः निर्माण व 205 न. सेतुओं का निर्माण करते हुए 353 ग्रामां को संयोजकता प्रदान की गयी। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रदेश में 15 लाख से अधिक परिवारों को हर घर को नल से जल/कनेक्शन की योजना प्रारम्भ की गई है। 22 अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में पेयजल सुलभ कराने हेतु रू0 975 करोड़ स्वीकृत। 
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना ‘‘सौभाग्य’’ के अन्तर्गत प्रदेश के सभी इच्छुक अविद्युतीकृत घरों/परिवारों के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया गया है। राज्य सरकार द्वारा पाईन निडिल एवं अन्य बायोमास आधारित ऊर्जा उत्पादन नीति-2018 जारी की गई है। जिसके अर्न्तगत 1060 किलोवाट सम्मिलित क्षमता की 36 योजनाऐं तथा 2000 मी0टन क्षमता की दो ब्रिकेटिंग प्लाण्ट योजना निजी विकासकर्ताओं को स्थापना हेतु आवंटित की जा चुकी हैं। इस योजना से वनाग्नि को रोकने के साथ ही स्वरोजगार विकसित होंगे।
सौर ऊर्जा नीति के अन्तर्गत पर्वतीय श्रेणी में स्थानीय निवासियों के माध्यम से 203 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना हेतु कुल 283 फर्मो को परियोजनाऐं आवंटित की गयी है। हरिपुर एवं तुमरिया जलाशय पर 40 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्रोजेक्ट की स्थापना जिससे 6.8 करोड़ यूनिट बिजली प्रतिवर्ष उत्पादित होगी। 
प्रदेश में आयोजित निवेशक सम्मेलन में एक लाख करोड़ के एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित हुए जिसमें से प्रथम चरण में 19000 करोड़ के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। वर्तमान में 450 प्रोजेक्टस गतिमान हैं, इससे लगभग 56 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। सिंगल विन्डो क्लीयरेंस सिस्टम के अन्तर्गत वर्तमान में लगभग 18 हजार निवेशकों द्वारा पंजीकरण कराया गया है। 
देहरादून शहर में स्मार्ट सुविधाओं के विकास हेतु रू0 1400 करोड़ की धनराशि वाह्य सहायतित परियोजना के अन्तर्गत स्वीकृत किए गए हैं। 
मार्च 2019 में केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को खाद्यान्न उत्पादन श्रेणी-2 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कृषि कर्मण प्रशंसा पुरस्कार दिया गया। जैविक कृषि में उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रदेश को जैविक इंडिया अवार्ड 2018 में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत 3,40,479 कृषकों को आर्थिक सहायता। किसानों के लिए ब्याज रहित रू0 1 लाख तक का ऋण दिया जा रहा है। टिहरी झील को महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा चुका है जिसमें पर्यटकों की संख्या में उत्तरोत्तर अभिवृद्धि हो रही है। टिहरी झील में पर्यटक सुविधाओं के विकास हेतु रू0 1200 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। 
चिकित्सा विभाग में चिकित्सकों के कुल 2735 सृजित पदों के सापेक्ष 2045 चिकित्सकों की तैनाती की जा चुकी है। राज्य के 35 प्रमुख चिकित्सालयों पर मरीजों की जांच एवं डाइग्नोस्टिक सुविधा हेतु टेली रेडियोलॉजी सेवा प्रारम्भ की गई है। प्रदेश के तीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों यथा दून, हल्द्वानी एवं श्रीनगर समेत पिथौरागढ़, पौड़ी, उत्तरकाशी एवं टिहरी जिला अस्पतालों में भी आई.सी.यू. की सुविधा की गई है।
प्रशासनिक सुचिता एवं कार्य संस्कृति विकास हेतु सी.एम. मानीटरिंग डैशबोर्ड, ‘उत्कर्ष’, जन समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु सी.एम. हेल्पलाईन 1905 एवं सेवा का अधिकार आदि कार्य मिशन मोड में संचालित किए जा रहे हैं। 
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत समस्त राजकीय विद्यालयों में एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यक्रम लागू। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 500 राजकीय विद्यालयों में वर्चुअल क्लासेस का संचालन किया जा रहा है एवं 700 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासेस संचालन हेतु कार्य गतिमान है। उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत बी.एच.ई.एल. रानीपुर, जनपद हरिद्वार एवं किच्छा जनपद उद्यमसिंहनगर में मॉडल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं।
नवीनतम तकनीक आधारित ग्रीन स्टेट डेटा सेन्टर एवं ड्रोन एप्लीकेशन  रिसर्च केन्द्र की स्थापना की गई है। ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के अन्तर्गत 82 सेवायें प्रदान की जा रही हैं। 
सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर बनाने की योजना लागू। विभिन्न विभागों के अन्तर्गत वर्तमान में 83 ग्रोथ सेन्टर स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से  75 ग्रोथ सेन्टर हेतु धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।  
राज्य में 27 हेलीपोर्ट विकसित किए जा चुके हैं। क्षेत्रीय संपर्क योजना के अन्तर्गत देहरादून (सहस्रधारा) को पंतनगर, पिथौरागढ़, चिन्यालीसौड़ एवं गौचर से जोड़ा जा चुका है। जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट को अंतरार्ष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। 
लम्बे समय से लम्बित जमरानी बहुउद्देशीय परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति उपरान्त धनराशि भी स्वीकृत की गई है। देहरादून शहर एवं उसके उपनगरीय क्षेत्रों की वर्ष 2053 तक अनुमानित आबादी हेतु पेयजल सुनिश्चितता हेतु रू0 1290 करोड़ की सौंग बांध पेयजल परियोजना की कार्यवाही गतिमान है।  
महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज के 05 लाख रूपए तक का ऋण का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के अन्तर्गत बीस हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से ढाई लाख बच्चों को निःशुल्क दूध की व्यवस्था की गई है। 
13 डिस्ट्रिक्ट-13 न्यू पर्यटक डेस्टिनेशन चिन्हित कर पर्यटक स्थल विकसित किए जा रहे हैं। आई.डी.पी.एल. ऋषिकेश में वेलनेस सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। प्रदेश के मूल/स्थायी निवासियों हेतु होम स्टे योजना प्रारम्भ की गई है। कद््दूखाल-सुरकण्डा देवी रोपवे निर्माण कार्य गतिमान है। ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी देवी, रोपवे निर्माण कार्य प्रारम्भ।
जनसहभागिता से कोसी एवं रिस्पना नदियों का पुनर्जीवन कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 16 हजार से अधिक आवास अनुमन्य। 12535 को आवास स्वीकृत किए गए हैं। समेकित सहकारिता विकास निधि हेतु रू0 3340 करोड़ की स्वीकृति मिली है।
द्वितीय विश्वयुद्ध के पूर्व सैनिकों/सैनिक विधवाओं की पेंशन चार हजार से बढ़ाकर आठ हजार प्रतिमाह की गयी है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री का मानदेय रू. 6000 से बढ़ाकर रू. 7500, आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय रू. 3000 से बढ़ाकर रू. 3750, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री का मानदेय रू. 3500 से बढ़ाकर रू. 4750 किया गया एवं होमगार्डस का मानदेय रू. 13950 से बढ़ाकर रू. 18600 प्रतिमाह किया गया। 
चारधाम यात्रा की महत्ता के दृष्टिगत 889 किमी लम्बी ऑल वेदर रोड़ का रू0 11700 करोड़ का कार्य युद्धस्तर पर गतिमान। हरिद्वार में भूमिगत केबलिंग हेतु केन्द्र सरकार से रू0 400 करोड़ का कार्य गतिमान। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के अन्तर्गत 63908 महिलाओं को रू0 5000 की धनराशि डी.बी.टी. के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। अल्पसंख्यक कल्याण हेतु प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत रू0 1324 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है। 
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, डॉ0 हरक सिंह रावत, श्री मदन कौशिक, श्री यशपाल आर्य, श्री सुबोध उनियाल, श्री अरविन्द पाण्डेय, राज्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत, श्रीमती रेखा आर्या सहित विधायकगण, मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं शासन के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

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-भवाली की रोडवेज कार्यशाला फरसौली में नवनिर्मित भवन में हुई स्थानांतरित, दिल्ली के लिए बेतालघाट से रामनगर होते हुए रोडवेज बस सेवा का भी हुआ शुभारंभ

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 फरवरी 2020। अब तक शिलान्यासों तक सीमित राज्य सरकार अब योजनाओं के लोकार्पण तक पहुंचती और इस तरह सरकार का विकास धरातल पर उतरता नजर आने लगा है। मंगलवार को मुख्यालय के निकटवर्ती भवाली की जाम की समस्या का आंशिक समाधान करते हुए समीपवर्ती फरसोली में 3 करोड़ 48 लाख की लागत से बनी रोडवेज कार्यशाल का लोकार्पण परिवहन मंत्री यशपाल आर्य तथा क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान काबीना मंत्री आर्य ने बेतालघाट से रामनगर होते हुये देहरादून के लिए नई बस सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ भी किया। इस मौके पर विधायक संजीव आर्य ने 25 करोड़ के विकास कार्य कराने की जानकारी दी।
इस मौके पर काबीना मंत्री आर्य ने कहा कि इस कार्यशाला के बन जाने से फरसोली उत्तराखंड के नक्शे पर उभरेगा साथ ही क्षेत्र में पर्यटन भी बढ़ेगा। लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दुर्गम इलाकों में बस सेवा पहुंचाई जाए। इसी क्रम में बेतालघाट से नई दिल्ली के बस सेवा शुरू की गई। अब बेतालघाट से राजधानी दून के लिए बस सेवा की शुरुआत हो गई है। शीघ्र ही बेतालघाट में एक बस स्टैंड भी बनाया जाएगा। साथ ही रामगढ़ में बस अड्डे का जीर्णोद्धार और बाजपुर में भी बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा।
वहीं क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने कहा कि उनकी विधानसभा के तहत भवाली तथा उसके आसपास के क्षेत्र में लगभग 25 करोड़ की लागत से विकास कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भवाली रोडवेज परिसर मे 4 करोड़ की लागत से बहुमंजिला पार्किंग बनाने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इस पार्किग मे लगभग 100 वाहन पार्क किये जा सकेंगे, इससे शहर को जाम से निजात मिलेगी। नैनीताल में पार्किंग को भी मंजूरी मिल गई है। कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख डा. हरीश बिष्ट, दर्जा मंत्री पीसी गोरखा, नितेश विष्ट, मनीष बिष्ट, अध्यक्ष मंडी परिषद मनोज साह, पुष्कर जोशी, आनन्द बिष्ट, कुन्दन बिष्ट, पवन भाकुनी, विवेक साह, मुकेश, पदमा आर्य, चतुर सिह बोरा, योगेश रजवार, राजेश नेगी, शरद पांडे, दयाकिशन पोखरिया, रोहित भाटिया, पान सिंह खनी, प्रेमा अधिकारी, भावना मेहरा, मानव अधिकारी, मोहन बिष्ट, सुनील मेहता, मुकेश आर्य, ममता बिष्ट, ऊषा कनौजिया, त्रिलोकनाथ गोस्वामी, अम्बा आर्या, दिनेश सांगुडी, ललित आर्य, नीरज जोशी, मूर्ति देवी, संजय भगत, दीवान मेहरा के अलावा जीएम परिवहन निगम दीपक जैन, क्षेत्रीय प्रबन्धक यशपाल सिंह, एजीएम विजय तिवारी, परियोजना प्रबन्धक पेयजल संस्थान विकास एवं विमोचन निगम, मृदुला सिह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्व, एआरटीओ डा. गुरदेव सिह आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड राज्य में धार्मिक पर्यटन की तस्वीर को बदल कर रख देगा

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने राज्य में स्थापित मंदिरों की व्यवस्था को एकरूपता देने और राज्य में चार धाम यात्रा को और बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड बनाकर एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था के बाद राज्य में चार धाम यात्रा पहले के कहीं अधिक सुचारू रूप से चलेगी। राज्य में मंदिरों की देखभाल ठीक तरीके से हो सकेगी और देवसंस्कृति के वाहक पुरोहित समाज को भी पहले से अधिक सुविधाएं मिल दी जा सकेंगी। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बोर्ड के गठन के बाद न सिर्फ उत्साहित हैं बल्कि उम्मीद जता रहें हैं कि ये बोर्ड राज्य में धार्मिक पर्यटन की तस्वीर को बदल कर रख देगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर होगा बेहतर

देवस्थानम बोर्ड बनाने के पीछे उत्तराखंड सरकार का प्रमुख उद्देश्य राज्य के  मंदिरों में आधारभूत ढांचागत विकास करना है। इस बोर्ड के अधीन राज्य के चारों धाम और 51 मंदिर आएंगे। इन मंदिरों में देश ही नहीं विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इन मंदिरों में विश्व स्तरीय सुविधाओं का विकास भी किया जाएगा। सरकार अब राज्य में धार्मिक पर्यटन पर आने वालों के लिए सिंगल प्वाइंट अरेंजमेंट की ओर कदम बढ़ा रही है।

पुरोहितों के हित सुरक्षित

देवस्थानम बोर्ड के गठन के ऐलान के साथ ही इसका विरोध भी पटल पर आ गया। बड़ी संख्या में पुरोहित समाज के लोगों ने इस बोर्ड के गठन के विरोध में मोर्चा खोल दिया। हालांकि इस बोर्ड गठन के बाद अब पुरोहित समाज का बड़ा तबका इसके समर्थन में आ गया है। वहीं सरकार शुरुआत से इस बात का दावा करती रही है कि इस बोर्ड के गठन से पुरोहित समाज के हितों की अनदेखी किसी स्तर पर नहीं होगी। रावत और पुरोहितों की सदियों पुरानी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं आएगा। प्रबंधन के स्तर पर बोर्ड व्यवस्थाओं को बेहतर करेगा। इसी लिहाज से सरकार ने बोर्ड में चारों धामों के प्रतिनिधियों को भी स्थान दिया है।  सरकार की माने तो इस बोर्ड के गठन के बाद चारों धामों की व्यवस्था में समन्वय बनेगा।

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भविष्य के लिए जरूरी

त्रिवेंद्र सरकार राज्य में धार्मिक तीर्थाटन को भविष्य के लिहाज से व्यवस्थित करना चाहती है। वैष्णो देवी और तिरुपति बालाजी जैसे मंदिरों में की गई व्यवस्थाओं के मुताबिक ही त्रिवेंद्र सरकार उत्तराखंड के मंदिरों में भी व्यवस्थाएं करना चाहती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य के मंदिरों में धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा। हालांकि सरकार के प्रयासों से चार धामों में आने वाले यात्रियों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। फिलहाल तकरीबन चालीस लाख पर्यटक पहुंच रहें हैं। राज्य में जारी ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण के बाद पर्यटकों की संख्या करोड़ों में पहुंच सकती है। ऐसे में राज्य के मंदिरों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार को इस तरह के बोर्ड के गठन की जरूरत महसूस हो रही थी।

नवीन समाचार
मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड
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