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पंचायत चुनाव : नैनीताल की एक सीट पर ‘कांग्रेसी टर्न्ड भाजपाई’ और ‘बागी भाजपाइयों’ में होगा मुकाबला, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट पर ऐसी स्थिति बनाने का है आरोप!

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-बेतालघाट में कांग्रेस से आयी भावना भाजपा प्रत्याशी और भाजपाई हुए बागी
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 नवंबर 2019। जनपद के बेतालघाट विकास खंड में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर भावना जोशी के साथ ही आपस में भाभी-ननद का रिस्ता रखने वाली गरिमा नैनवाल और आनंदी देवी ने भी नामांकन कराये हैं। इसके अलावा कनिष्ठ प्रमुख के पद पर दो प्रत्याशियों- करन सिंह चिलवाल व दीपा बिष्ट एवं ज्येष्ठ प्रमुख के पद पर तीन प्रत्याशियों-जमुना दत्त, गिरधर सिंह व पूजा ने अपने नामांकन कराये हैं।
यहां इस अर्थ में अनूठी स्थिति नजर आ रही है कि भावना जोशी व उनके पति सुरेश जोशी अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ एक दिन पूर्व ही भाजपा में शामिल हुए हैं, और उन्हें भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है, जबकि भाजपा से टिकट की उम्मीद लगा रहे, पिछली बार स्वयं ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़े सतीष नैनवाल ने अपनी पत्नी गरिमा नैनवाल और बहन आनंदी देवी का नामांकन करा दिया है। माना जा रहा है कि ननद भाभी में से कोई एक आगे चार नवंबर को नाम वापस ले लेगा।

पीछे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को लेकर चर्चा

28 जून को अजय भट्ट के हाथ थामे डा. इंदिरा हृदयेश (File Photo).

नैनीताल। बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा के लिए बनी संशयपूर्ण स्थिति के पीछे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के होने की क्षेत्र में जबर्दस्त चर्चा है। प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही स्थानीय विधायक संजीव आर्य एवं काबीना मंत्री यशपाल आर्य के प्रभाव वाले बेतालघाट क्षेत्र में जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत के चुनाव परिणामों में सत्तारूढ़ भाजपा विपक्षी कांग्रेस के मुकाबले काफी कमजोर बतायी जा रही थी, किंतु यशपाल आर्य एवं संजीव आर्य के प्रभाव से भाजपा ने यहां एक बार फिर बाजी पलट कर जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत दोनों स्तरों पर कांग्रेसियों को भाजपा में शामिल कर बेतालघाट को भगवा रंग में रंग दिया था। किंतु टिकट वितरण से एक बार फिर बाजी भाजपा के हाथ में फिसलती नजर आ रही है। 26 सदस्यों में से भाजपा प्रत्याशी के समर्थक 13 एवं नैनवाल समर्थक 17 सदस्यों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। वहीं यह भी चर्चा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने नैनवाल बंधुओं से अपनी पुरानी अदावत के कारण एक दिन पहले ही भाजपा में आई भावना जोशी को भाजपा का टिकट दिला दिया। उल्लेखनीय है कि भावना जोशी के जेठ यानी सतीष नैनवाल के बड़े भाई प्रमोद नैनवाल 2012 के विधान सभा चुनाव में भट्ट के खिलाफ बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में भट्ट की हार के लिए नैनवाल को बड़ा कारण माना गया। इसके बाद भट्ट नैनवाल बंधुओं की पार्टी में वापसी न होने देने पर अड़ गए, अलबत्ता बाद में भट्ट के विरोध के बावजूद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अल्मोड़ा में उन्हें पार्टी में वापसी कराई। अब एक बार फिर नैनवाल बंधुओं के भाजपा से बागी होने की नौबत आ गई है।

यह भी पढ़ें : भाजपा नेता ने दी ब्लॉक प्रमुख पद के लिए बागी होने की धमकी

-प्रदेश मंत्री रवि कन्याल ने कोटाबाग ब्लॉक प्रमुख पद के लिए अपने पक्ष में संख्याबल बताकर किया निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान

पत्रकार वार्ता करते भाजयुमो प्रदेश मंत्री रवि कन्याल।

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अक्टूबर 2019। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रवि कन्याल ने कोटाबाग ब्लॉक प्रमुख के पद पर भाजपा से बागी होकर निर्दलीय ताल ठोंकने की धमकी दे दी है। बुधवार को नैनीताल क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कन्याल ने कहा कि भाजपा ने पूरे प्रदेश में संख्याबल के आधार पर टिकट देने की बात कही थी। उन्होंने क्षेत्र पंचायत का निर्विरोध चुनाव जीतने और नियमानुसार दावेदारी पेश करने के बाद कोटाबाग विकास खंड के 30 में से 18 से 19 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को पर्यवेक्षेक से लेकर प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री तक प्रस्तुत कराया था। बावजूद पार्टी ने भाई-भतीजावाद के फेर में, पार्टी के एक बड़े नेता के रिश्तेदार को प्रत्याशी घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने यदि कोटाबाग ब्लॉक प्रमुख के टिकट पर पुर्नविचार न किया तो उनके समक्ष पार्टी से नाता तोड़ने और निर्दलीय चुनाव लड़ने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा। बताया कि वे पिछले करीब डेढ़ दशक से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं भाजयुमो में विभिन्न पदों पर रहे हैं। इस मौके पर भाजयुमो के नैनीताल मंडल अध्यक्ष विकास जोशी व कालाढुंगी के मंडल अध्यक्ष महिपाल खाती व भूपाल कार्की सहित अनेक अन्य छात्र नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : भाजपा ने और घोषित किये टिकट, नैनीताल की एक सीट पर दे दी अपने सिद्धांत को तिलांजलि…

नवीन समाचार, देहरादून, 29 अक्तूबर 2019। उत्तराखंड भाजपा ने मंगलवार को नैनीताल की भीमताल व कोटाबाग सहित 6 विकासखंडों के ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। भीमताल से जहाँ डा. हरीश बिष्ट को टिकट दिया गया है, वहीं कोटाबाग में पार्टी ने अपने संख्याबल को तरजीह देने के स्वघोषित सिद्धांत को तिलांजलि देकर जीवन भट्ट को टिकट दे दिया है। भट्ट भाजपा के हरियाणा के संगठन मंत्री सुरेश भट्ट के करीबी बताए गये हैं। जबकि यहां दूसरे प्रत्याशी रवि कन्याल ने यहां 18 सदस्यों की परेड कराई थी।

यह भी पढ़ें : 50 बीडीसी व जिपं सदस्यों के गायब होने संबंधित खबर पर प्रशासन हरकत में

-एसएसपी ने कहा-जनपद में किसी भी सदस्य के गायब होने की सूचना नहीं
नवीन समाचार, नैनीताल, 26 अक्तूबर 2019। एक समाचार चैनल की क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के 50 सदस्यों के गायब होने की खबर पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव रोशन लाल ने नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ व पौढ़ी गढ़वाल के डीएम व एसएसपी को पत्र लिखा है, और अपने जिलों में गायब हुए सदस्यों को तलाशने और आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए तत्काल कृत कार्रवाई से अवगत कराने को कहा है। खबर के अनुसार नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ व पौढ़ी गढ़वाल के अनुसार आठ विकास खंडों से 50 क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य गायब हो गए हैं।
इस बारे में पूछे जाने पर नैनीताल जनपद के एसएसपी ने निर्वाचन आयोग का इस संबंध मंे पत्र प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए जनपद में किसी भी सदस्य के गायब होने की सूचना से इंकार किया है।

यह भी पढ़ें : जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण को लेकर आपत्ति, क्षेत्र पंचायत चुनाव में जीतने के बावजूद हराने के आरोप पर कोर्ट जाने की धमकी

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 25 अक्तूबर 2019। जिला पंचायत अध्यक्ष पद को नैनीताल जिले में अन्य महिला के लिए आरक्षित करने के खिलाफ दो आपत्तियां दर्ज हुई हैं। डीएम सविन बंसल ने यह जानकारी दी है। डीएम ने दर्ज आपत्तियों को निस्तारण के लिए सचिव (प्रभारी) पंचायतीराज को भेज दिया है। आपत्ति दर्ज करने वालों में जिला पंचायत के दो नवनिर्वाचित सदस्य शामिल हैं।
पिछले दिनों हुए पंचायती चुनावो की मतगणना के बाद कम मतो से हारे प्रतियाशियो ने कई जगहों पर गलत मतगणना होने के आरोप लागए है। वही मुख्यालय के नजदीकी भूमियाधार ग्रामसभा से बीडीसी द्वितीय से प्रतियासी अभिरूचिका ने आरोप लगाया है कि मतगणना के दौरान वह जीत चुकी थी दूसरे पक्ष द्वारा दोबारा मतगणना कराई गई, जिसके बाद वह एक वोट से हार गईउसके बाद अभिरूचिका के समर्थकों द्वारा एक बार और मतगणना कराने की मांग की गई पर उनका कहना है कि उपस्थित आरओ द्वारा उनकी इस मांग को नही माना और प्रतिद्वंद्वी पक्ष को जीता घोषित कर दिया गया। उनका कहना है कि आरओ द्वारा केवल एक पक्ष को फायदा दिया गया है और दूसरे पक्ष के कहने पर तीन बार मतगणना कराई गई, जबकि उनके पक्ष से कहे जाने पर मतगणना के लिए मना कर दिया गया। अभिरूचिका का कहना है कि अब वो कोर्ट की शरण मे जाने को मजबूर है ताकि उनको न्याय मिल सके।
रामगढ़ ब्लॉक के दाड़िमा गांव निवासी लाखन सिंह नेगी और हल्द्वानी के ग्राम हल्दूचौड़ जग्गी बंगर निवासी मोहन सिंह बिष्ट ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि आरक्षण तय करने के लिए विधिक प्राविधानों का पालन नहीं हुआ है। इसको देखते हुए इसको निरस्त कर नए सिरे से आरक्षण तय करने की मांग की है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण को लेकर आ रही आपत्तियों का निस्तारण सचिव पंचायतीराज के स्तर पर होना है। यहां बता दें कि शासन ने आरक्षण की अनंतिम सूची जारी करने के साथ ही इसको लेकर आपत्ति मांगी थी। शासन से मिले दिशा-निर्देश पर डीएम ने आपत्ति 22 व 23 अक्तूबर को कलक्ट्रेट नैनीताल में लिखित तौर पर दर्ज कराने को कहा था। इसके तहत दर्ज दो आपत्तियों को शासन को भेज दिया गया है।

वहीं पंचायती चुनावो की मतगणना के बाद कम मतों से हारी नजदीकी भूमियाधार ग्रामसभा से बीडीसी द्वितीय से प्रत्याशी अभिरूचिका ने आरोप लगाया है कि मतगणना के दौरान वह जीत चुकी थी। परंतु दूसरे पक्ष द्वारा दोबारा मतगणना कराई गई, जिसके बाद वह एक वोट से हार गई। उसके बाद उनके समर्थकों द्वारा एक बार और मतगणना कराने की मांग की गई। उनका कहना है कि आरओ द्वारा उनकी इस मांग को नही माना और प्रतिद्वंद्वी पक्ष को जीता घोषित कर दिया गया। आरोप लगाया कि आरओ द्वारा केवल एक पक्ष को फायदा दिया गया, और दूसरे पक्ष के कहने पर तीन बार मतगणना कराई गई, जबकि उनके पक्ष से कहे जाने पर मतगणना के लिए मना कर दिया गया। अभिरूचिका का कहना है कि अब वो कोर्ट की शरण मे जाने को मजबूर हैं ताकि उनको न्याय मिल सके।

यह भी पढ़ें : भाजपा ने घोषित किये नैनीताल सहित 4 जिलों के लिए जिला पंचायत उम्मीदवार

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अक्टूबर 2019। भारतीय जनता पार्टी ने नैनीताल सहित 4 जिलों के लिये अपने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। देहरादून के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता मुन्ना सिंह चौहान की धर्मपत्नी मधु चौहान, टिहरी गढ़वाल से सोना सजवाण, नैनीताल से चुनाव से पूर्व ही निर्विरोध निर्वाचित हुए बेला तोलिया तथा उधमसिंह नगर में रेनू गंगवार को जिला पंचायत के अध्यक्ष पद हेतु भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। अन्य जनपदों के लिए भी पार्टी जल्द ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर विपक्षियों को किसी भी तरह का मौका नहीं देना चाहती है।

यह भी पढ़ें : पंचायत चुनाव : जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण जारी

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 अक्तूबर 2019। उत्तराखंड में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अनंतिम आरक्षण जारी हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष पौड़ी की सीट अनुसूचित जाति के लिए, रुद्रप्रयाग की सीट अनुसूचित जाति की महिला, देहरादून की अनुसूचित जनजाति की महिला, पिथौरागढ़ अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चंपावत व बागेश्वर अन्य महिला प्रत्याशी के लिए अरक्षित की गई हैं। जबकि उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, अल्मोड़ा की सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। आगेआपत्तियों के बाद 29 अकटूबर को आरक्षण का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : आखिरी चरण की आठ सीटों के लिए चुनाव चिन्ह आवंटित

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अक्तूबर 2019। तीसरे व अंतिम चरण में जनपद के बेतालघाट व ओखलकांडा ब्लॉक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत जिला पंचायत सदस्य की 8 सीटों के लिए आगामी 16 अक्तूबर को होने वाले मतदान के लिए बुधवार को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिये गये हैं। चुनाव अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि बड़ौन सीट के लिए गीता देवी को उगता सूरज, चंपा को कप और प्लेट, चंपा देवी को कलम दवात, तुलसी देवी ग्राम बड़ौन को कुल्हाड़ी, तुलसी देवी ग्राम क्वैराला को केतली, मीना देवी को कैंची, सीमा ढोलगाई को खजूर का पेड़, संगीता चिलवाल को गमला व हेमा पलड़िया को गिटार चिन्ह दिये गये हैं।

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इसी तरह ओखलकांडा मल्ला से ज्योति बिष्ट को उगता सूरज, बसंती देवी को कप और प्लेट, मनीषा बिष्ट को कलम दवात, ममता को कुल्हाड़ी, राधा नयाल को केतली, ललिता देवी को कैंची, विजय लक्ष्मी कोटलिया को खजूर का पेड़ व हेमा देवी को गमला, ढोलीगांव से चंद्रा गोस्वामी को उगता सूरज व प्रेमा गोस्वामी को कप और प्लेट, चापड़ से बीना आर्या को उगता सूरज, मंजू आर्या को कप और प्लेट, रेखा निवासी ग्राम जोशीखोला को कलम दवात व रेखा निवासी ग्राम बिनकोट को कुल्हाड़ी, सिमलखा से आशा देवी को उगता सूरज, सुनीता देवी को कप और प्लेट व सोनी को कलम दवात, भवालीगांव से अंकित साह को उगता सूरज, कृपाल सिंह को कप और प्लेट, मनोज को कलम दवात, मीनाक्षी आर्या को कुल्हाड़ी व रोहित कुमार को केतली, ककोड़ से आनंदी आर्या को उगता सूरज, इंद्रा आर्या को कप और प्लेट, किरन को कलम दवात, गोविंदी आर्या को कुल्हाड़ी, नीमा देवी को केतली, नेहा को कैंची व विमला देवी को खजूर का पेड़ चुनाव चिन्ह दिये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत सदस्य के लिए बेतालघाट ब्लॉक की चापड़ सीट पर 4, सिमलखा में 3 और भवाली गांव में 5 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं ओखलकांडा ब्लॉक की ककोड़ सीट पर 7, बडौन में 9 और ओखलकांडा मल्ला में 8 तथा ढोली गांव में 2 प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव चिह्न आवंटन प्रक्रिया में अक्षय चौधरी आदि अधिकारी सहयोग कर रहे हैं। इधर, 11 अक्तूबर को जिले के विकासखंड कोटाबाग, धारी व रामगढ़ में चुनाव होने हैं। यहां जिला पंचायत की कुल 9 सीटों पर 57 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी की पूर्व ब्लॉक प्रमुख को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए बन रहा माहौल

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 30 सितंबर 2019। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए हर सीट का अलग-अलग गणित है। हल्द्वानी से सटी गौलापार की आमखेड़ा-चोरगलिया सीट की बात करें तो यहां चुनाव हल्द्वानी की पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की मुहिम पर सिमटता नजर आ रहा है। संध्या और उनके पति कांग्रेस नेता किरन डालाकोटी दशकों से न केवल राजनीतिक तौर पर सक्रिय हैं, वरन सामाजिक तौर पर भी उनकी सहभागिता रहती है। हल्द्वानी की ब्लॉक प्रमुख रहने के नाते भी उनका अन्य सभी प्रत्याशियों में बड़ा कद है। वे कांग्रेस पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी हैं, इस लिहाज से पार्टी संगठन भी उनकी जीत को सुनिश्ति मानते हुए उनके लिए जोर लगाए हुए है। साथ ही कांग्रेस पार्टी से उनके जिला पंचायत अध्यक्ष पद की एकमात्र प्रबल प्रत्याशी घोषित होने और भाजपा की अनेक प्रत्याशी होने के दृष्टिगत जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर ताजपोषी की संभावनाओं के दृष्टिगत भी क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य नहीं जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए संध्या को जिताने की बात अंदरखाने चल पड़ी है।
वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी को विधायक से लेकर हर स्तर की ‘एंटी एंकमबेंसी’ का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा की पृष्ठभूमि की दूसरी प्रत्याशी रचना बेलवाल के होने से भी उनकी चुनावी रणनीति पर प्रभाव पड़ रहा है।

क्षेत्र में समस्याओं का अंबार, जनप्रतिनिधि खुद तक सीमित

महानगर के बेहद करीब होने के बावजूद गौलापार क्षेत्र आज भी विकास के मामले में कोसों पीछे है। पानी, बिजली, सड़क के साथ आवागमन आज भी यहां सबसे बड़ी समस्याएं हैं। पानी सिचाई का हो अथवा पीने का, दोनों की समस्या बरकरार है। इसी पखवाड़े क्षेत्र की खेड़ा ग्राम सभा में कालीचौड़ के प्राकृतिक पानी की लाइन के बरसात में ध्वस्त हो जाने और ट्यूबवेल भी फुक जाने के कारण पूरे 10 नलों से क्या-टैंकरों से भी पानी नहीं आया। न ही किसी निर्वाचित जन प्रतिनिधि की ही कोई सकारात्मक पहल कहीं दिखी। क्षेत्र में बिजली जानी बहुत सामान्य बात है, परंतु जल्द आये इसकी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र मानकर दोयम दर्जे का व्यवहार होता है। क्षेत्र में सरकारी आवागमन सुविधाओं का नितांत अभाव है, और तिपहिये वाहन छोटी सी दूरियों के लिए भी किसी भी अन्य स्थान से अधिक किराया वसूलते हैं, और इसके बाद भी जल्दी मिलते नहीं हैं। पूर्व में प्रस्तावित होने के बावजूद गौलापार क्षेत्र में आईएसबीटी के हट जाने से क्षेत्र के विकास की उम्मीदें धूमिल हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बताया जा रहा क्रिकेट स्टेडियम व अन्य स्टेडियम भी ढपोल शंख साबित होते नजर आ रहे हैं। यहां कब मैच होंगे और कब इसकी वजह से क्षेत्र के विकास को कब पंख लगंेगे, हर किसी की जुबान पर यह सवाल हैं। क्षेत्र में फसलों को हाथी आदि जंगली जानवरों से नुकसान और हल्की बारिश से भी सूखी व अन्य नदियों के विकराल रूप धारण करने से क्षेत्रवासियों का शेष दुनिया से संपर्क कटना आम बात है। दूरसंचार सुविधाओं की कमी भी अपनी जगह है। इन सभी समस्याओं के लिए क्षेत्रवासियों का वर्तमान जनप्रतिनिधियों के प्रति जबर्दस्त नाराजगी है।

यह भी पढ़ें : जिला पंचायत चुनाव के लिए पहले चरण की 10 सीटों के लिए प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित, देखें आपके पसंदीदा प्रत्याशी को क्या मिला चुनाव चिन्ह

-उगता सूरज, कप और प्लेट, कलम दवात, कुल्हाड़ी व केतली के क्रम में आवंटित हुए चुनाव चिन्ह
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 सितंबर 2019। जिला पंचायत नैनीताल के लिए पहले चरण में होने वाले मतदान के लिए शनिवार को नाम वापसी के बाद मैदान में बचे प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिये गये।

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रामनगर विकासखंड की शिवलालपुर पांडे-छोई सीट से आशा देवी को उगता सूरज, किशोरी लाल को कप और प्लेट व प्रीतम आर्या को कलम दवात, मालधनचौड़-चंद्रनगर से काजल को उगता सूरज, जया देवी को कप और प्लेट, नीरू रावत को कलम दवात, पूनम टम्टा को कुल्हाड़ी, वंदना सैनी को केतली, ममता देवी को कैंची, मीरा को खजूर का पेड़, सुमन को गमला, सुरेंद्र कौर को गिटार व हंसी देवी को घुड़सवार, चिल्किया से नरेंद्र सिंह को उगता सूरज, पूनम को कप और प्लेट, मो. गुलफाम को कलम दवात, हल्द्वानी विकास खंड की चोरगलिया आमखेड़ा सीट से निवेदिता जोशी को उगता सूरज, ममता कार्की को कप और प्लेट, रचना बेलवाल को कलम दवात व संध्या को कुल्हाड़ी, देवलचौड़ बंदोबस्ती से आनंद सिंह को उगता सूरज, कुंदन बिष्ट को कप और प्लेट व चंदन सिंह को कलम दवात, जग्गी बंगर से इंद्र सिंह बिष्ट को उगता सूरज, मोहन सिंह बिष्ट व हिमांशु को कलम दवात, भीमताल विकासखंड के जंगलियागांव से अनिल कुमार को उगता सूरज, छाया को कप और प्लेट, दीपिका मेर को कलम दवात, निर्मला कर्नाटक को कुल्हाड़ी व बीरेंद्र सिंह को केतली, मेहरागांव से गीता बिष्ट को उगता सूरज व मीना बिष्ट को कप और प्लेट, ज्योलीकोट से दमयंती देवी उर्फ चंपा देवी को उगता सूरज, देवकी को कप और प्लेट, पुष्पा जोशी को कलम दवात, लीला को कुल्हाड़ी व लेखा भट्ट को केतली, अमृतपुर से आनंद सिंह रावत को उगता सूरज, डा. केदार पलड़िया को कप और प्लेट, प्रेम बल्लभ को कलम दवात व मंजू बिष्ट को कुल्हाड़ी चुनाव चिन्ह आवंटित किये गये।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी: ऐसे हुए हैं दो से अधिक बच्चे तो लड़ सकेंगे चुनाव

-दूसरे प्रसव में पैदा होने वाले जुड़वा बच्चों को माना जाएगा एक ही
नवीन समाचार, देहरादून, 28 सितंबर 2019। उत्तराखंड में चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की शर्त में दूसरे प्रसव में पैदा होने वाली जुड़वा संतानों को एक माना जाएगा। शासन ने जुड़वा बच्चों पर राज्य निर्वाचन आयोग के सामने स्थिति स्पष्ट कर दी है। इस पर आयोग ने सभी जिलों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। फिलहाल यह आदेश पंचायत चुनाव के लिए है। पूरी उम्मीद है कि भविष्य में अन्य चुनावों व दो बच्चों के लिए पाबंदी वाली अन्य स्थितियों में भी इसे यथावत मान लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की शर्त पर जुड़वा संतान को लेकर असमंजस की स्थिति बनी थी। इस पर राज्य निर्वाचन आयोग ने जुड़वा बच्चों को लेकर शासन से परामर्श मांगा था। न्याय विभाग से परामर्श लेने के बाद शासन ने स्पष्ट किया कि जुड़वा बच्चों को एक ही माना जाएगा। इससे जुड़वा संतान वालों को चुनाव लड़ने में राहत मिली है। यदि एक संतान के बाद जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ है तो संख्या के हिसाब से तीन बच्चे हैं। ऐसे में दो बच्चों की शर्त को लेकर चुनाव लड़ने वालों में असमंजस बना हुआ था। लेकिन अब शासन ने स्पष्ट किया कि जुड़वा संतान को एक बच्चे में गणना की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004 के निकाय चुनाव में भी पहली बार दो बच्चों की शर्त लागू की गई थी। उस समय भी यह सवाल प्रमुखता से उठा था कि जुड़वा बच्चों को लेकर क्या व्यवस्था रहेगी। क्या उन्हें एक माना जाएगा या फिर उनकी गणना दो के रूप में ही होगी। वहां भी जुड़वा बच्चों को एक ही माना गया था। लिहाजा उम्मीद है कि भविष्य में अन्य चुनावों व अन्य स्थितियों में भी इस आदेश का विस्तार हो सकेगा।

यह भी पढ़ें : चुनावी रंजिश में निवर्तमान ग्राम प्रधान ने प्रत्याशी के पति पर चलाई गोली, गुस्साए लोगों ने किया थाने का घेराव

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 8 अक्तूबर 2019। हल्दुचौड़ पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत दुर्गापालपुर परमागांव में निवर्तमान ग्राम प्रधान संजय राणा ने सोमवार देर रात एक प्रत्याशी के पति जीवन बोरा पर फायरिंग कर दी। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी, और बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों को भी धमकाया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने मंगलवार को हल्दूचौड़ पुलिस चौकी का घेराव करते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और साथ ही आरोपी को गिरफ्तारी और उसका शस्त्र लाइसेंस रद्द करने की मांग की की। वहीं, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 12 घंटे में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि आचार संहिता के दौरान शस्त्र लाइसेंस जमा किया जाता है। लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा हथियार जमा नहीं किया गया, जिसके चलते उसने प्रत्याशी पर सरेआम फायर कर आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इस पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा का कहना है कि ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आरोपी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : ड्यूटी से गायब मतदान अधिकारी पर दर्ज हुई एफआईआर

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 अक्तूबर 2019। भीमताल विकासखंड में चुनाव ड्यूटी पर तैनात एक मतदान अधिकारी गायब हो गया। इस पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा भीमताल थाना पुलिस में इसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट दी गई। बताया गया कि वन निगम में वन उपज रक्षक के पद पर तैनात कैलाश चंद्र आर्या की पंचायत चुनाव में मतदान अधिकारी-तृतीय के रूप में भीमताल ब्लॉक में ड्यूटी लगी थी। थानाध्यक्ष भीमताल कैलाश जोशी ने उसके परिजनों के हवाले से बताया कि कैलाश की मानसिक स्थिति खराब है। वह पिछले लोक सभा चुनाव में भी गायब हो गया था। इधर शनिवार की रात्रि भी वह भीमताल विकास भवन परिसर में चुनाव ड्यूटी पर आने के बाद सोया हुआ था, लेकिन रात्रि करीब तीन बजे उठकर कहीं चला गया। तब से उसका कोई पता नहीं चला है। प्राप्त एफआईआर पर उसकी गुमशुदगी दर्ज कर ली गयी है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 29 सितंबर 2019। उत्तराखंड भाजपा ने पंचायत चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ भी मैदान में अड़े अपने 40 कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इनमें नैनीताल जिले के एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाखन नेगी व उत्तराखंड दुग्ध फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोहन बिष्ट सहित 9 कार्यकर्ता शामिल हैं। रविवार को पार्टी के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी के हस्ताक्षरों से पार्टी से हटाये गये कार्यकर्ताओं में नैनीताल जिले से रामगढ़ के पूर्व मंडल महामंत्री खीम सिंह, भवान सिंह, कमल गौड़, रवि नयाल, हरेंद्र दरम्वाल, लोकेश बिष्ट व सुनीता बिष्ट शामिल हैं। इनके अलावा पिथौरागढ़ जिले के जिला मीडिया प्रभारी जगत मर्तोलिया, भुवन पांडे, हरीश सिंह व राजेंद्र सिंह, अल्मोड़ा जिले से महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री कल्पना बोरा, बागेश्वर जिले से मोहन रावत, सुनील दोसाद, महेश बघरी, नवीन परिहार, पुष्पा टाकुली व महेश गड़िया, टिहरी जिले से सुशीला देवी प्रमिला उनियाल, सचेंद्र सेमवाल, अनोर सिंह, मगन लाल, सिद्धार्थ राणा, उर्मिला पंुडीर, सरिता रौतेला, राजेश गुनसोला, नीलम बिष्ट, नरेंद्र रावत, नरेंद्र सिंह, ताजवीर खाती व भोला परमार, पौड़ी जिले से मीरा रतूड़ी व संजय गौड़, उत्तरकाशी से चैन सिंह तोमर व राजीव बहुगुणा तथा देहरादून जिले से किशन नेगी व रजनीश वर्मा शामिल हैं।

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नाम वापसी के बाद भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में विजय चिन्ह बनाती जिला पंचायत प्रत्याशी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 सितंबर 2019। जनपद की रामड़ी आनसिंह-पन्याली जिला पंचायत सीट से शनिवार को तीन में से दो प्रत्याशियों-सुमन बिष्ट व मीना पांडे ने अपने नाम वापस ले लिये हैं। इस प्रकार इस सीट से एक दिन पहले ही भाजपा की समर्थित प्रत्याशी घोषित हुई बेला तोलिया का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। उल्लेखनीय है कि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे बेला के सत्तारूढ़ भाजपा से अध्यक्ष पद की प्रत्याशी घोषित होने की प्रबल संभावना बताई जा रही है, हालांकि चुनाव जीतने पर हाल में भाजपा में आयी भीमताल की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख गीता बिष्ट सहित कुछ अन्य महिला प्रत्याशी भी दावेदार हो सकती हैं।
शुक्रवार को नाम वापसी के दिन अमृतपुर से पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय साह व दीपा दर्मवाल, भवालीगांव से नीतू साह व सुरेश जोशी, सूपी से महेंद्र बिष्ट व अनिल आर्य, देवलचौड़ से दीपा दर्मवाल ने भी नाम वापस ले लिया है। इधर कांग्रेसी नेताओं से नाखुश बताये जा रहे निवर्तमान जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्कर नयाल ने भी नाम वापस लिये जाने की बात कही है, परंतु समाचार लिखे जाने तक उनके द्वारा नाम वापस लिये जाने की जानकारी नहीं है। इधर कोटाबाग विकासखंड से एक क्षेत्र पंचायत सदस्य लाल सिंह के गायब होने की भी सूचना है। एक स्थानीय नेता पर उनका अपहरण किये जाने का मामला दर्ज होने की जानकारी आ रही है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 सितंबर 2019। नैनीताल जिला पंचायत की 27 सीटों के लिए नामांकन कराने वाले कुल 166 में से एक दर्जन प्रत्याशियों पर दो से अधिक बच्चे होने के कारण राज्य सरकार के नये अधिनियम की गाज गिर गई है। इस कारण उनके नामांकन पत्र खारिज हो गए हैं। इनके अतिरिक्त दो प्रत्याशियों के नामांकन निर्धारित शैक्षिक योग्यता पूरी न होने तथा एक का नाम मतदाता सूची में नाम न होने के कारण नामांकन खारिज हो गया है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले भी एक प्रत्याशी का नामांकन बैंक से लिये गये ऋण को नामांकन पत्र में न दिखाने के कारण खारिज किया जा चुका है। इस प्रकार कुल 16 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हो गए हैं, और प्रत्याशियों की संख्या 150 रह गई है।
निर्वाचन अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि जिला पंचायत सीट सूपी से प्रत्याशी प्रकाश सिंह, बड़ौन से प्रेमा देवी, दीनी तल्ली से जीवन सिंह, ओखलकांडा मल्ला से सुमन बर्गलीख् सरना से पान सिंह, सरना से खुशाल सिंह, देवलचौड़ से नवीन भट्ट, मेहरागांव से रमा बिष्ट व भवालीगांव से बालम सिंह मेहरा तथा विद्या सागर व मीना देवी के नामांकन दो से अधिक बच्चे होने के कारण खारिज हो गए हैं। इन लोगों ने न्यायालय अथवा सरकार से राहत मिलने की उम्मीद में नामांकन करा दिये थे, लेकिन कोई राहत मिल नहीं पाये। वहीं जंगलियागांव से राकेश का नामांकन साधन सहकारी समिति से लिये ऋण को प्रदर्शित न करने के कारण, जंगलियागांव से प्रत्याशी संदीप गोस्वामी का नामावली में नाम न होने तथा दाड़िमा के प्रत्याशी खुशाल सिंह व ईश्वर चंद्र का निर्धारित शैक्षिक योग्यता के प्रपत्र प्रस्तुत न कर पाने के कारण नामांकन खारिज हुए।

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-जिला पंचायत क्षेत्र जंगलियागांव से एक नामांकन पत्र खारिज
नवीन समाचार, नैनीताल, 25 सितंबर 2019। जनपद की जंगलियागांव जिला पंचायत सीट से राकेश चंद्र पुत्र पूरन चंद्र का नामांकन बुधवार को जांच के बाद खारिज कर दिया गया। बताया गया कि उन्होंने नौल साधन सहकारी समिति ने कोई ऋण लिया था, जिसकी कुछ धनराशि उन पर शेष था। यह जानकारी उन्होंने अपने नामांकन पत्र में दिखायी नहीं थी। क्षेत्र के ही एक प्रत्याशी ने इसकी शिकायत की थी। निर्वाचन अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि जांच में आरोप सही पाये जाने पर नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बैंक का शेष होना नहीं बल्कि इसकी जानकारी न दिया जाना आपत्तिजनक है। इस आधार पर ही नामांकन पत्र खारिज किया गया। श्री कुमार ने बताया कि कुल जमा 166 नामांकन पत्रों में से आज 59 नामांकन पत्रों की जांच की गयी, जिनमें से एक खारिज कर दिया गया, जबकि शेष 58 सही पाये गये हैं। नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया अगले दो दिन भी चलेगी।

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-कुल 166 में से 83-83 महिला-पुरुषों ने कराए नामांकन
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2019। जिला पंचायत नैनीताल के लिए हुए नामांकनों में महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल देखने को मिली है। चार दिनों तक चली नामांकन की प्रक्रिया में कुल 327 दावेदारों ने नामांकन पत्र लिये। इनमें से 166 यानी करीब आधे उम्मीदवारों ने नामांकन कराये और नामांकन कराने वालों में अनूठा संयोग रहा कि इनमें 83 महिलाएं एवं 83 ही पुरुष शामिल हैं। यही नहीं, अनारक्षित पदों पर भी आठ महिलाओं ने नामांकन कराये हैं। इस तरह भविष्य की तस्वीर भी प्रस्तुत हो रही है। इसे महिलाओं के पीछे पुरुषों के ही खड़े होने व महिलाओं के केवल हस्ताक्षर करने तक सीमित होने की खबरों से आगे बढ़कर देखा जा सकता है।
मंगलवार को जिला मुख्यालय में नामांकन की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के आखिरी दिन भी जारी रही। आज पांच लोगों ने नामांकन पत्र लिये और इस प्रकार पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल 327 लोगों ने नामांकन पत्र लिये। वहीं इनमें से आखिरी समय सीमा तक कुल 166 यानी करीब आधे प्रत्याशियों ने ही नामांकन पत्र भरकर जमा कराये। आखिरी दिन अपेक्षा से कहीं कम 58 नामांकन ही हुए। वहीं कुल मिलाकर जनपद के रामनगर विकासखंड से 18, कोटाबाग से 21, हल्द्वानी से 15, भीमताल से 21, धारी से सर्वाधिक 24, रामगढ़ से 22, बेतालघाट से 16 व ओखलकांडा से सर्वाधिक 29 प्रत्याशियों ने नामांकन कराये। संयोग है कि नामांकन कराने वालों में 83 पुरुष एवं 83 ही पुरुष हैं। इनमें अनुसूचित जनजाति की 1, अनुसूचित जाति की 32, पिछड़ा वर्ग की 4 एवं सामान्य वर्ग की 46 महिलाएं शामिल हैं। आज नामांकन कराने वालों में हल्द्वानी की पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी प्रमुख रहीं, जिन्हें कांग्रेस पार्टी की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रमुख दावेदार भी माना जा रहा है।
इधर आज जिला पंचायत सीट ककोड़ से 4-इंदा आर्या, गोविंदी आर्या, नेहा व आनंदी आर्या, बड़ौन से 1-गीता देवी, ओखलकांडा मल्ला से 4-राधा नयाल, ज्योति बिष्ट, ममता व सुशीला देवी, दीनी तल्ली से 2-पीयूष कुमार व जीवन सिंह, सरना से 2-खुशाल सिंह व कृपाल सिंह बिष्ट, गहना से 1-सरिता नेगी, दाड़िमा से 4-लाखन सिंह, कैलाश चंद्र, चंदन नयाल व खुशाल सिंह, सूपी से 5-प्रकाश सिंह, अजीत सिंह, रवि मोहन, अनिल आर्या व कमलेश गौड़, चापड़ से 1-रेखा, चौखुटा से 1-नारायण राम, सिमलखा से 3-सुनीता देवी, सोनी व मीना देवी, शिवलालपुर पांडे-छोई से 1-अजय कुमार, मालधनचौड़-चंद्रनगर से 4-मीरा, शैलजा आनंद, काजल व जया देवी, गैबुआ-पत्तापानी से 1-पूरन प्रकाश, गुलजारपुर बंकी से 2-रुचि आर्या व कविता देवी, चोरगलिया आमखेड़ा से 2-संध्या डालाकोटी व रचना बेलवाल, देवलचौड़ बंदोबस्ती से 4-आनंद सिंह, दीपा दरम्वाल, चंदन सिंह व नवीन भट्ट, रामड़ी आन सिंह-पनियाली से 2-सुमन बिष्ट व मीना पांडे, जग्गी बंगर से 1-हिमांशु, जंगलियागांव में 3-निर्मला कर्नाटक, वीरेंद्र सिंह व संदीप गोस्वामी, मेहरागांव से 1-मीना बिष्ट, ज्योलीकोट से 3-पुष्पा जोशी, दमयंती देवी उर्फ चंपा देवी, अमृतपुर से 3-देवी दत्त दुम्का, मनोहर दत्त व कन्हैया लाल साह, भवालीगांव में 3-बालम मेहरा, नीतू साह व सुरेश जोशी सहित कुल 58 ने नामांकन किये हैं। वहीं ढोलीगांव, तलिया व चिल्कया से किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं कराया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 23 सितंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य के पंचायती राज निदेशक के आदेश के खिलाफ आरक्षण को चुनौती देने वाली ऊधमसिंह नगर जिले के अरुण कुमार शुक्ला की जनहित याचिका को निरस्त कर दिया है। कहा कि याचिका दायर करने वाले लोग आदेश से सीधे तौर पर स्वयं प्रभावित नहीं हैं। आरक्षण से प्रभावितों को ही याचिका दायर करनी चाहिए थी। मामला जनहित से संबंधित नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस जनहित याचिका में चुनाव की अधिसूचना के बाद गत 16 सितंबर को आरक्षण में फेरबदल करने को चुनौती दी गयी थी।

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दीपक, पुष्कर व गीता सहित 77 ने कराया नामांकन

नैनीताल। जिला पंचायत नैनीताल के लिए सोमवार को नवमी के अवकाश के बावजूद नामांकन की प्रक्रिया जारी रही। नामांकन कराने वालों में कुमाऊं विवि छात्र महासंघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक मेलकानी, जिला पंचायत के निवर्तमान उपाध्यक्ष पुष्कर नयाल व भीमताल की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख गीता बिष्ट भी शामिल रहीं। इस प्रकार आज जिले की कुल 27 जिपं सीटों के लिए कुल 77 प्रत्याशियों ने नामांकन कराए, जबकि इससे पूर्व 31 प्रत्याशी नामांकन करा चुके हैं। आज जिला पंचायत सीट ककोड़ से 3, बड़ौन से 9, ओखलकांडा मल्ला से 6, ढोलीगांव से 2, दीनी तल्ली से दीपक मेलकानी सहित 6, सरना से 9, गहना से 4, दाड़िमा से पुष्कर नयाल सहित 2, सूपी से 7, चापड़ से 3, चौखुटा से 2, शिवलालपुर से 2, मालधनचौड़ से 4, गैबुआ से 6, तलिया से 3, चिल्किया से 1, गुलजारपुर बंकी से 4, चोरगलिया आमखेड़ा से 2, देवलचौड़ से 1, रामड़ी आन सिंह से 1, जग्गी बंगर से 2, जंगलियागांव में 4, मेहरागांव से गीता बिष्ट सहित 2, ज्योलीकोट से 2, अमृतपुर से 3, भवालीगांव में 4 प्रत्याशियों सहित कुल 77 ने नामांकन किये हैं। वहीं सिमलखा से किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं कराया। इधर आज जिला पंचायत सदस्य पद के लिए कुल 20 दावेदारों ने नामांकन पत्र लिये और इस तरह नामांकन कराने वालों की कुल संख्या 322 पहुंच गई है। उधर हल्द्वानी में निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य सुमित्रा प्रसाद ने क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए आज नामांकन किया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 23 सितंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य में हो रहे पंचायत चुनाव में दो से अधिक बच्चों के माता-पिता के जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत चुनाव लड़ने के मामले में दायर याचिका पर तत्काल-आज ही सुनवाई करने से इंकार कर दिया। मामले में सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने साफ कहा कि चुनाव की अधिसूचना जारी हुए दो माह बीत गए हैं। किसी को समस्या थी तो तब आते। अब आज ही सुनवाई क्यों की जाए। पहले आने पर न्यायालय ग्राम पंचायत के प्रत्याशियों को पहले राहत दे चुकी है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 21 सितंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पंचायती राज निदेशक के पंचायत चुनाव में आरक्षण संशोधन करने संबंधी 16 सितम्बर के नोटिफिकेशन को चुनौती दी गयी है। मामले की सुनवाई सोमवार को हो सकती है।

मामले के अनुसार जिला ऊधम सिंह नगर निवासी अरुण कुमार शुक्ला ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि निदेशक पंचायती राज ने चुनाव आयोग द्वारा जारी चुनाव की अधिसूचना के बाद 16 सितंबर को आरक्षण में फेरबदल कर दिया है। आरक्षण को चुनौती देने वाली अन्य याचिकाओं में कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ताओ के प्रत्यावेदनों को दो सप्ताह में निस्तारित करें। जिसके बाद निदेशक ने दुबारा से चुनाव आयोग से कह कर आरक्षण में फेरबदल कर दिया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अगर एक बार चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाती है तो उसके बाद उसमे कोई भी फेरबदल नही कर सकता है इसे चुनाव सम्पन्न होने के बाद ही चुनाव याचिका दायर कर चुनौती दी जा सकती है। इसलिए निदेशक का 16 सितम्बर का नोटिफिकेशन निरस्त करने योग्य है।

जिला पंचायत के लिए 26 ने किये नामांकन

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 सितंबर 2019। जिला पंचायत चुनाव के लिए शनिवार को दूसरे दिन जिला पंचायत सीट ककोड़ से किरन, बड़ौन से मीना देवी, चंपा व चंपा देवी, ढोलीगांव से चंद्रा गोस्वामी, दीनी तल्ली से हरीश सिंह, अनिल कुमार, आनंद बिष्ट व दीवान सिंह, सरना से संजय कुमार व प्रकाश सती, गहना से भावना कपिल व ललिता सनवाल, सूपी से हरीश बिष्ट व हरवेंद्र सिंह, चौखुटा से विपिन चंद्र, सिमलखा से आशा देवी, शिवलालपुर पांडे-छोई से आशा देवी, मालधनचौड़ चंद्रनगर से सुरेंद्र कौर व हंसी देवी, गैबुआ पत्ता पानी से ओम प्रकाश व राजेश चंद्र, तलिया के कमलेश चौधरी, चिल्किया से मो. गुलफाम, गुलजारपुर बंकी से आरती व भवालीगांव से रोहित कुमार ने नामांकन कराये। वहीं ओखलकांडा मल्ला, दाड़िमा, चापड़, चोरगलिया आमखेड़ा, देवलचौड़ बंदोबस्ती, रामड़ी आनसिंह-पनियाली, जग्गी बंगर, जंगलियागांव, मेहरागांव, ज्योलीकोट व अमृतपुर से किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। इस प्रकार पहले दिन के पांच मिलाकर अब तक कुल 31 प्रत्याशी अपने नामांकन करा चुके हैं। नामांकन की प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारी धनपत कुमार, सहायक निर्वाचन अधिकारी अक्षय कुमार चौधरी, अफरोज अहमद, डा. नारायण सिंह रावत व अश्वनी रावत के द्वारा कराई गई।

पंचायत चुनाव की निगरानी के लिए योगेश मिश्रा नोडल अधिकारी नियुक्त

नैनीताल। जिला निर्वाचन अधिकारी सविन बंसल ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण एवं पारदर्शिता से सम्पन्न कराने एवं चुनाव में प्रत्याशियों के सोशल मीडिया पर किए जाने वाले प्रचार-प्रसार की निरगानी एवं अनुश्रवण हेतु उप निदेशक सूचना योगेश मिश्रा को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। साथ ही सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में राजकीय पोलीटेक्निक भीमताल के अंग्रेजी व्याख्याता राजेंद्र कुमार तथा राजकीय पॉलीटेक्निक कोटाबाग के कम्प्यूटर साईंस के व्याख्याता राजेश कोहली को भी नियुक्त किया है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों से सोशल मीडिया पर नजर रखते हुए अपनी नियमित रिपोर्ट निर्वाचन कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिये हैं।

यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट ने साफ किया, केवल ग्राम पंचायतों तक सीमित है तीन बच्चों पर चुनाव लड़ने का फैसला

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 सितंबर 2019। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने आज क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायतो के सदस्यों के दो से अधिक बच्चे के होने पर चुनाव लड़ने के भ्रम में साफ तौर पर कहा कि उनके सामने यह मामला नही आया। उनके सामने केवल ग्राम प्रधानो का मामला आया था। लिहाजा उनके लिये ही कोर्ट ने आदेश दिए। उल्लेखनीय है कि कोर्ट के निर्णय पर कल यह संशय लगाया जा रहा था कि यह आदेश सभी पर लागु होगा। किंतु ऐसा नहीं हुआ। पंचायती राज संशोधित नियमावली में स्पष्ट कहा गया है कि धारा 8(1) आर ग्राम प्रधान व उप ग्राम प्रधानों से सम्बंधित है, और धारा 53(1) आर जिला पंचायत और 91(1) आर क्षेत्र पंचायत के सदस्यों के चुनाव लड़ने की योग्यताओं से सम्बंधित है। कोर्ट के सम्मुख केवल 8(1)आर को चुनौती दी गयी थी। कोर्ट ने अपने निर्णय में सरकार की नई संशोधित पंचायतीराज नियमावली 2019 के 8(1)आर पर रोक लगाया और बाकी संशोधन नियमावली में कोई हस्तक्षेप नही किया।

जिला पंचायत नैनीताल के लिए पहले दिन इतने दावेदारों ने किये नामांकन

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 सितंबर 2019। जिला पंचायत चुनाव के लिए नैनीताल जनपद में शुक्रवार को नामांकन के पहले दिन पांच प्रत्याशियों ने अपने नामांकन कर दिये हैं। आज नामांकन करने वालों में सबसे पहले बड़ौन की महिलाओं के लिए आरक्षित सीट से संगीता चिलवाल रहीं। उनके बाद अनारक्षित सूपी सीट से महेंद्र सिंह बिष्ट, फिर अन्य पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित चिल्किया सीट से पूनम तथा अन्य महिलाओं के लिए आरक्षित मालधनचौड़ से वंदना सैनी व तलिया से सुनीता बिष्ट ने नामांकन कराये।
वहीं शुक्रवार को जिले की 27 जिला पंचायत सीटों के लिए 74 दावेदारों ने नामांकन पत्र लिये। इस प्रकार अब तक जनपद में कुल 275 दावेदार नामांकन पत्र ले चुके हैं। इनमें ओखलकांडा के सरना से सर्वाधिक 18, बड़ौन से 13, ओखलकांडा मल्ला से 16, दीनी तल्ली से 12, रामगढ़ के सूपी से 17, रामनगर के मालधनचौड़ से 14, गैबुआ व चिल्किया से 11-11, गुलजारपुर बंकी से 16, हल्द्वानी के देवलचौड़ बंदोबस्ती व रामड़ी आनसिंह से 15-15, जंगलियागांव से 11 तथा भीमताल के अमृतपुर से 10 व भवालीगांव से 12 लोगों ने नामांकन पत्र लिये हैं, जबकि शेष सीटों पर नामांकन पत्र लेने वालों की संख्या दहाई से कम में है। वहीं अब तक सबसे कम 2 नामांकन पत्र बेतालघाट के अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित चापड़ से तथा यहीं की अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित सिमलखा सीट से मात्र तीन लोगों ने नामांकन पत्र लिये हैं। नामांकन की प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारी धनपत कुमार, सहायक निर्वाचन अधिकारी अक्षय कुमार चौधरी, अफरोज अहमद, डा. नारायण सिंह रावत व अश्वनी रावत के द्वारा कराई जा रही है।

देखें भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों की सूची

पंचायत चुनाव हेतु विभिन्न जनपदों हेतु भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों की सूची के लिये यह लिंक क्लिक करें ⇒New Doc 2019-09-19 21.01.37

3 बच्चों पर चुनाव लड़ने को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश पर उभरा बड़ा संशय

-आदेश 25 जुलाई के बाद प्रभावी होगा, यानी 25 जुलाई से पहले जन्मे तीन बच्चों के माता-पिता भी चुनाव लड़ पाएंगे
-परंतु एक वर्ग इसे केवल ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, उप प्रधान व सदस्यों तक के लिए सीमित मान रहा है
नवीन समाचार, नैनीताल, 19 सितंबर 2019। पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि तीन बच्चों वाले उम्मीदवारों को भी पंचायत चुनाव लड़ने के लिये 26 जुलाई 2019 के बाद ही प्रावधान लागू होंगे। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश की व्याख्या करने वालों के दो वर्ग बन गए हैं। एक वर्ग हाईकोर्ट के 43 पन्नों व 95 बिंदुओं के आदेश के अंतिम बिंदुओं में उल्लेखित धारा 8(1)(आर) के आधार पर केवल ग्राम पंचायतों के लिए इस आदेश के प्रभावी होने की व्याख्या कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि धारा 8(1)(आर) में केवल ग्राम पंचायतों का जिक्र है, इसलिए यह आदेश केवल ग्राम पंचायतों के लिए है। जबकि आदेश में पंचायती राज संस्थाओं का जिक्र भी है, इस आधार पर आदेश को पूरे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सभी पदों के लिए यानी जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत के पदों के लिए माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस मामले में संबंधित अधिवक्ता भी शुक्रवार को खंडपीठ से स्पष्ट व्याख्या जानने का अनुरोध कर सकते हैं।
मालूम हो कि मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया। सरकार के दो बच्चों से अधिक वाले प्रत्याशियों को चुनाव में प्रतिबंधित करने के पंचायत एक्ट के प्रावधान को पूर्व ब्लॉक प्रमुख जोत सिंह बिष्ट, कोटाबाग के मनोहर लाल आर्य, पिंकी देवी, एस रहमान, मोहन प्रसाद काला, कविंद्र ईष्टवाल व राधा कैलाश भट्ट आदि ने संशोधित अधिनियम के सेक्सन 8(1) आर को चुनौती दी थी। कहा था कि सरकार ने दो बच्चों की सीमा लागू कर दी है। जबकि प्रावधान लागू करने के लिए तीन सौ दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाता है, जो नहीं दिया गया। कोई भी अधिनियम अथवा प्राविधान उसके लागू किए जाने की तिथि से प्रभावी होता है। सरकार का यह कदम मुख्य तौर पर संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है। संयुक्त पीठ ने अपने 43 पेज के फैसले में सभी बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला है। याचिकाकर्ताओं ने पंचायत प्रतिनिधियों के पद के लिए हाईस्कूल पास होने की शैक्षिक योग्यता को भी चुनौती दी है। इसके अलावा कहा है कि को-ऑपरेटिव सोसाइटी सदस्य दो से अधिक बच्चे होने की वजह से चुनाव नहीं लड़ सकते हैं, मगर गांव में प्रत्येक किसी ना किसी कॉपरेटिव सोसाइटी का सदस्य है। अदालत ने शैक्षिक योग्यता वाले प्रावधान पर कोई टिप्पणी नहीं की है। मतलब शैक्षिक योग्यता को लेकर राज्य सरकार का प्रावधान प्रभावी रहेगा। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पर्सनल लॉ का भी जिक्र आया, जिसमें पूछा गया कि मुस्लिम एक से अधिक विवाह कर सकते हैं, तो उनके दो से अधिक बच्चे होने पर क्या नियम लागू होगा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 सितंबर 2019। पंचायत चुनाव में आरक्षण में बदलाव की संभावनाएं करीब-करीब समाप्त हो गई हैं। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पंचायत चुनाव में आरक्षण चक्र को गलत तरीके से लागू करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को सुनवाई करते हुए खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार द्वारा की गयी पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया सही है। यह भी कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के कारण भी जनहित याचिका निरस्त होने योग्य है।
मामले के अनुसार किच्छा निवासी लाल बाहादुर कुशवाह ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर सरकार के आरक्षण सम्बंधित 13 अगस्त और 22 अगस्त के नोटिफिकेशन को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार ने पंचायत चुनाव में आरक्षण व्यवस्था को दो भागो में विभाजित किया गया है। एक तो ग्राम पंचायतें जिनमे कोई फेरबदल नहीं किया गया है। उनमें आरक्षण चौथे चक्र में लागू करने की व्यवस्था की है। दूसर,े वे ग्राम पंचायतें जिनमे नए वार्ड बने हैं, या जिनमें 50 प्रतिशत नए सदस्य जुड़े हैं, या कोई नई ग्राम पंचायत बनी हैं, उनमे प्रथम चक्र का आरक्षण लगने की व्यवस्था निर्धारित की है। याची का यह भी कहना है कि सरकार की यह आरक्षण व्यवस्था उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 के प्रावधानो के विरुद्ध है, इसलिए सरकार के ये नोटिफिकेशन निरस्त करने योग्य हैं। लेकिन न्यायालय ने उनकी किसी दलील को नहीं सुना।

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नवीन समाचार, देहरादून, 14 सितंबर 2019। राज्य सरकार आधी-अधूरी तैयारियों के साथ पंचायत चुनाव में जा रही है। यहां तक कि पंचायत चुनाव का जो कार्यक्रम सरकार ने तय किया है, उसमें भी गलती हो गई, इसलिए एक दिन बाद ही चुनाव कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ गया है। अब पंचायत चुनाव में पहले चरण का मतदान 6 नहीं पांच अक्टूबर को होगा। सरकार की ओर से इस बाबत संशोधित कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसे देखते हुए प्रथम चरण के चुनाव के लिए चुनाव चिह्न आवंटन 28 सितंबर को होगा। पहले इसके लिए 29 सितंबर की तिथि तय थी।

उधर, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पंचायतों में आरक्षण निर्धारण को लेकर आई 44 आपत्तियों का पंचायतीराज निदेशालय ने निस्तारण कर दिया है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में निदेशक को निर्देश दिए थे। पंचायतीराज निदेशालय ने आठ ब्लाक प्रमुख, 10 ग्राम प्रधान और 17 जिला पंचायत सदस्य पदों के आरक्षण में बदलाव किया है। नौ पदों पर आरक्षण यथावत रखा गया है। निदेशालय ने इस बारे में आयोग को सूचित भी कर दिया है।

चुनाव की तारीख में एक दिन का बदलाव क्यों किया गया है, यह तो नहीं बताया गया है, परंतु माना जा रहा है कि 6 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पड़ रही है, इस दिन लोग धार्मिक क्रियाकलापों में व्यस्त रहते हैं। अवकाश भी रहता है। संभवतया इस कारण ही चुनाव की तिथि में बदलाव किया गया हो। इस बारे में सरकारी पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया है। 

आठ प्रमुखों के आरक्षण में बदलाव

राज्य में आठ ब्लाक प्रमुखों के आरक्षण में बदलाव किया गया है। इनमें पौड़ी जिले में जयहरीखाल में प्रमुख का पद अनारक्षित किया गया है। पहले यह महिला आरक्षित था। इसी प्रकार यमकेश्वर के प्रमुख का अनारक्षित से महिला आरक्षित किया गया है। पिथौरागढ़ जिले में मूनाकोट के प्रमुख का पद महिला से अनारक्षित, बेरीनाग का प्रमुख पद अनारक्षित से महिला आरक्षित, धारचूला का प्रमुख पद अनुसूचित जाति से अनारक्षित और गंगोलीहाट प्रमुख का पद अनारक्षित से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। चमोली जिले में देवाल के प्रमुख का पद अब अनुसूचित जाति से अनारक्षित और गैरसैण का प्रमुख पद अनारक्षित से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है।

प्रधान के 10 पदों के आरक्षण में तब्दीली

उत्तरकाशी जिले में डोभालगांव में प्रधान का पद अनुसूचित जाति महिला से अनारक्षित, बरी का अनारक्षित से अनुसूचित जाति महिला, देवरा का अनुसूचित जाति महिला से अन्य पिछड़ा वर्ग और विंगसारी का प्रधान पद अन्य पिछड़ा वर्ग से अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसी प्रकार देहरादून जिले में रावना का प्रधान पद अनुसूचित जाति महिला से अनारक्षित, हरटाड़ संताड़ में अनारक्षित से अनुसूचित जाति महिला, जीवनगढ़ में अनुसूचित जाति महिला से अनारक्षित, मदर्सू में अनारक्षित से अनुसूचित जनजाति महिला, खैरी खुर्द में अन्य पिछड़ा वर्ग महिला से अनारक्षित और गुमानीवाला में प्रधान पद अनारक्षित से अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।

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-तीन चरणों में 6,11 व 16 अक्टूवर को होंगे तीन चरणों के चुनाव, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की अधिसूचना, 20 सितंबर से होंगे नामांकन, 21 अक्टूवर को सुबह आठ बजे से शुरू होगी मतगणना, 43,11,423 मतदाता करेंगे 66,399 प्रतिनिधियों का चुनाव
नवीन समाचार, देहरादून, 13 सितंबर 2019। राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को प्रदेश में जनपद हरिद्वार को छोड़ शेष 12 जनपदों के लिए पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों एवं जनपद हरिद्वार को छोड़कर चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। आयोग ने तीन चरणों में चुनाव कराने का निर्णय लिया है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 20 सितंबर को नामांकन शुरू होंगे और 21 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। इन चुनावों में 43,11,423 मतदाता 66,399 प्रतिनिधियों का निर्वाचन करेंगे। मतदान के लिए कुल 9856 मतदेय स्थल व 8051 मतदान केंद्र बनाये गये हैं।शुक्रवार को अचानक पंचायत चुनाव की घोषणा हुई तो संशय के बादल भी छंट गये। इससे पहले लोग पंचायत चुनावों के लिए कयासबाजी लगा रहे थे। घोषणा के साथ ही राज्य में एक बार फिर आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गयी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त चन्द्रशेखर भट्ट ने शुक्रवार को पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी की। इसके तहत 20 सितम्बर से नामांकन व 21 अक्टूबर तक मतगणना की तिथि घोषित की गयी है। हरिद्वार जनपद को छोड़ शेष सभी 12 जिलों में पंचायत चुनाव होंगे। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार इस चुनाव में कुल 7485 ग्राम प्रधान, 2984 बीडीसी मेम्बर व 356 जिला पंचायत सदस्यों के साथ ही 55,574 ग्राम पंचायत के वार्ड मेंबर भी चुने जाएंगे। आयोग ने 12 जिलों के पंचायत चुनावों के कार्यक्रम तीन चरणों के अनुसार घोषित किये हैं। इसके अनुसार 20 से 24 सितम्बर को सुबह आठ से चार बजे तक नामांकन होंगे, 25 से 27 सितम्बर तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद 28 सितम्बर का दिन नाम वापसी के लिए रखा गया है। 28 सितम्बर को नाम वापसी के साथ ही क्रमशः तीनों चरणों में 29 सितम्बर, 04 अक्टूवर व 09 अक्टूबर को चुनाव चिह्न आवंटित किये जाएंगे। इसके बाद तीनों चरणों में क्रमशरू 6 अक्टूवर, 11 अक्टूबर व 16 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। तीनों चरणों के मतदान के बाद 21 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। मतगणना पूरी होने तक शहरी निकाय क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के ग्रामीण हिस्सों में आचार संहिता लागू रहेगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 12 सितंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने पंचायत चुनावों की वोटर लिस्ट को आधार कार्ड से लिंक करने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका को स्वीकार कर, और उस पर सुनवाई कर याचिका को निस्तारित करते हुए राज्य निर्वार्चन आयोग को याची के प्रत्यावेदन पर विचार करने के निर्देश दिये हैं। यह निर्देश लोक सभा, विधान सभा व निकायों आदि के चुनावों के लिए भी दूरगामी प्रभावोत्पादक हो सकते हैं।
मामले के अनुसार देहरादून निवासी रविंद्र जुगरान ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि चुनाव आयोग द्वारा लोक सभा, विधान सभा, निकाय चुनाव व पंचायत चुनावो में अलग अलग वोटर लिस्ट जारी की जाती है जिसमे कई लोगो के नाम छूट जाते है और वे मतदान से वंचित रह जाते हैं। याची का कहना है कि जब हर नागरिक की नागरिकता एक, पैन कार्ड एक और आधार कार्ड एक होता है तो मतदाता सूची अलग-अलग क्यों होते हैं। याची का यह भी कहना है कि मतदाता सूची को आधार कार्ड से लिंक किया जाये।

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-भाजपा-कांग्रेस व अन्य दर्जन भर दावेदारों की नजर है इस सीट पर
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 सितंबर 2019। जिला पंचायत चुनावों की हालांकि अभी अधिसूचना भी जारी नहीं हुई है, किंतु चुनाव कराये जाने हेतु उच्च न्यायालय से आदेश जारी होने के बाद से ही दावेदारों की सरगर्मियां बढ़ गयी हैं। वहीं नैनीताल जनपद की जंगलियागांव सीट सबसे हाई प्रोफाइल सीट बनती नजर आ रही है।
जंगलियागांव सीट में 60 ग्राम सभाओं की 47,127 की आबादी रहती है। अभी तक इस सीट पर भीमताल विकास खंड की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख व पूर्व जिला पंचायत सदस्य गीता बिष्ट के साथ ही निवर्तमान ज्येष्ठ प्रमुख एवं प्रदेश के इकलौते स्थानीय निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा के करीबी अनिल चनौतिया के साथ पूर्व जिपं सदस्य राकेश बृजवासी, युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष नितेश बिष्ट, भाजपा के जंगलियागांव के मंडल अध्यक्ष दुर्गा दत्त पलड़िया, ए श्रेणी बड़े ठेकेदार संदीप गोस्वामी, जंगलियागांव के पूर्व प्रधान प्रेम कुल्याल व युवा नेत्री निर्मला कर्नाटक सहित कई अन्य ने भी क्षेत्र में अपने होर्डिंग लगाकर चुनाव लड़ने के अपने इरादे जता दिये हैं, साथ ही घर-घर जाकर अपना चुनाव प्रचार भी प्रारंभ कर दिया है। हालांकि कुछ प्रत्याशियों के आसपास की दूसरी मुफीद सीटों पर भी नजर बताई जा रही है। बहरहाल, इन बड़े नामों के बीच सर्वाधिक परेशानी में क्षेत्रीय जनता बताई जा रही है। क्षेत्रीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता गौरव भट्ट का कहना है कि ऐसे में क्षेत्रीय लोगों को चार-चार प्रत्याशियों के साथ भी चुनाव प्रचार में जाना पड़ रहा है।

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पंचायत चुनाव : 250 किमी दूर से आएंगी नई ग्राम प्रधाननवीन समाचार, नैनीताल, 4 सितंबर 2019। उत्तराखंड में हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में नैनीताल के दूरस्थ बेतालघाट विकासखंड के एक गांव-कफूल्टा के चुनाव परिणाम चाहे तो अभी से आप लिख लीजिए। इस 167 परिवारों वाले 453 मतदाताओं के गांव की अगली ग्राम प्रधान दिल्ली में अपने पति के साथ रह रहीं सुनीता देवी नाम की महिला ही बनेंगी। व्यवस्था और किस्मत का अजूबा खेल देखिए कि तय आरक्षण के अनुसार यहां अनुसूचित जाति की महिला को ग्राम प्रधान बनना है। इस पर किसी ने आपत्ति भी दर्ज नहीं की है। पूरे कफूल्टा गांव में अनुसूचित जाति के केवल दो परिवार ही रहते हैं, और इनमें से भी केवल एक महिला सुनीता देवी ही ग्राम प्रधान पद की पात्रता रखती हैं, जो कि वर्तमान में दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत अपने पति गणेश राम और दो अविवाहित बेटों के साथ रहती हैं। गांव में दूसरा अनुसूचित जाति का परिवार किशन राम का है, जिसकी तीन बेटियां ही बेटियां हैं परंतु वे तीनों दूसरे गांव में स्थित अपनी ससुराल में रहती हैं। लिहाजा वे इस गांव की ग्राम प्रधान की दावेदारी नहीं कर सकती हैं। बताया जा रहा है सुनीता देवी ने दिल्ली से आकर ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन कराने का मन भी बना लिया है। नामांकन कराते ही, और नामांकन पत्र में कोई त्रुटि न हुई तो उनका ग्राम प्रधान बनना महज औपचारिकता होगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 1 सितंबर, 2019।  उत्तराखंड के हरिद्वार को छोड़कर शेष सभी 12 जिलों में पंचायतों के 66 हजार से ज्यादा पदों के लिए पंचायतों में आरक्षण की 28 अगस्त को अनंतिम सूची के बाद 31 अगस्त को अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। आरक्षण की अंतिम सूची शासन को भेजी जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद राज्य में आगामी 30 नवंबर 2019 तक त्रिस्तरीय पंचायतों में चुनाव कराए जाने हैं।

देखें अंतिम प्रकाशन में नैनीताल जिले में आरक्षण की स्थिति इस लिंक पर : reservation 2019 nainital

सूची के अनुसार जनपद के हल्द्वानी में ब्लॉक प्रमुख अनुसूचित जाति की महिला, धारी में अनुसूचित जाति, ओखलकांडा, बेतालघाट व रामनगर में अन्य महिला के लिए आरक्षित होगा, जबकि भीमता, कोटाबाग व रामगढ़ में ब्लॉक प्रमुख की सीट अनारक्षित होगी। वहीं जिला पंचायत की बात करें तो ककोड़, गुलजारपुर बंकी, चापड़ व सिमलखा अनुसूचित जाति की महिला, चौखुटा, शिवलालपुर पांडे-छोई व गैबुआ अनुसूचित जाति, ढोलीगांव पिछड़ी जाति की महिला, चिल्किया पिछड़ी जाति, ज्योलीकोट, चोरगलिया आमखेड़ा, बड़ौन, रामड़ी आन सिंह पनियाली, तलिया, ओखलकांडा मल्ला, गहना, मेहरागांव व मालधनचौड़ चंद्र नगर की सीटें अन्य महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जबकि जग्गी बंगर, अमृतपुर, देवलचौड़ बंदोबस्ती-तल्ली हल्द्वानी, सूपी, जंगलियागांव, दाड़िमा, भवालीगांव, दीनी तल्ली व सरना की सीटें अनारक्षित होंगी।
देखें नैनीताल जिले में आरक्षण की अनंतिम सूची :

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नवीन समाचार, नैनीताल, 8 अगस्त 2019। उत्तराखंड प्रदेश के साथ जनपद की समस्त क्षेत्र पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यक्राल 9 अगस्त को समाप्त हो रहा है। इसे देखते हुए नैनीताल के जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक दिन पूर्व ही जनपद की सभी क्षेत्र पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिये हैं। जिला अधिकारी के स्तर से जारी आदेश के अनुसार क्षेत्र पंचायत समिति रामनगर का प्रशासक एसडीएम रामनगर हरगिरी गोस्वामी को बनाया गया है जबकि एसडीएमहल्द्वानी विवेक राय क्षेत्र पंचायत कोटाबाग व हल्द्वानी के प्रशासक नामित किये गये हैं। इसी प्रकार एसडीएम नैनीताल विनोद कुमार को भीमताल तथा रामगढ का, एसडीएम धारी विजयनाथ शुक्ल को धारी तथा ओखलकांडा तथा एसडीएम कोश्याकुटौली गौरव चटवाल को बेेतालघाट का प्रशासक नामित किया गया है। डीएम ने नवनियुक्त प्रशासकों को आदेशित किया है कि वह नियमानुसार निर्धारित क्षेत्र पंचायत समिति का कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें। गौरतलब है कि क्षेत्र पंचायतों की प्रथम बैठक 9 अगस्त 2014 को आयोजित हुई थी।

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