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ब्रेकिंग: बदल गयी पंचायत चुनाव की तिथि, बदल गया आरक्षण, खुल गई सरकार की तैयारी-होमवर्क की पोल !

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नवीन समाचार, देहरादून, 14 सितंबर 2019। राज्य सरकार आधी-अधूरी तैयारियों के साथ पंचायत चुनाव में जा रही है। यहां तक कि पंचायत चुनाव का जो कार्यक्रम सरकार ने तय किया है, उसमें भी गलती हो गई, इसलिए एक दिन बाद ही चुनाव कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ गया है। अब पंचायत चुनाव में पहले चरण का मतदान 6 नहीं पांच अक्टूबर को होगा। सरकार की ओर से इस बाबत संशोधित कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसे देखते हुए प्रथम चरण के चुनाव के लिए चुनाव चिह्न आवंटन 28 सितंबर को होगा। पहले इसके लिए 29 सितंबर की तिथि तय थी।

उधर, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पंचायतों में आरक्षण निर्धारण को लेकर आई 44 आपत्तियों का पंचायतीराज निदेशालय ने निस्तारण कर दिया है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में निदेशक को निर्देश दिए थे। पंचायतीराज निदेशालय ने आठ ब्लाक प्रमुख, 10 ग्राम प्रधान और 17 जिला पंचायत सदस्य पदों के आरक्षण में बदलाव किया है। नौ पदों पर आरक्षण यथावत रखा गया है। निदेशालय ने इस बारे में आयोग को सूचित भी कर दिया है।

चुनाव की तारीख में एक दिन का बदलाव क्यों किया गया है, यह तो नहीं बताया गया है, परंतु माना जा रहा है कि 6 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पड़ रही है, इस दिन लोग धार्मिक क्रियाकलापों में व्यस्त रहते हैं। अवकाश भी रहता है। संभवतया इस कारण ही चुनाव की तिथि में बदलाव किया गया हो। इस बारे में सरकारी पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया है। 

आठ प्रमुखों के आरक्षण में बदलाव

राज्य में आठ ब्लाक प्रमुखों के आरक्षण में बदलाव किया गया है। इनमें पौड़ी जिले में जयहरीखाल में प्रमुख का पद अनारक्षित किया गया है। पहले यह महिला आरक्षित था। इसी प्रकार यमकेश्वर के प्रमुख का अनारक्षित से महिला आरक्षित किया गया है। पिथौरागढ़ जिले में मूनाकोट के प्रमुख का पद महिला से अनारक्षित, बेरीनाग का प्रमुख पद अनारक्षित से महिला आरक्षित, धारचूला का प्रमुख पद अनुसूचित जाति से अनारक्षित और गंगोलीहाट प्रमुख का पद अनारक्षित से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। चमोली जिले में देवाल के प्रमुख का पद अब अनुसूचित जाति से अनारक्षित और गैरसैण का प्रमुख पद अनारक्षित से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है।

प्रधान के 10 पदों के आरक्षण में तब्दीली

उत्तरकाशी जिले में डोभालगांव में प्रधान का पद अनुसूचित जाति महिला से अनारक्षित, बरी का अनारक्षित से अनुसूचित जाति महिला, देवरा का अनुसूचित जाति महिला से अन्य पिछड़ा वर्ग और विंगसारी का प्रधान पद अन्य पिछड़ा वर्ग से अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इसी प्रकार देहरादून जिले में रावना का प्रधान पद अनुसूचित जाति महिला से अनारक्षित, हरटाड़ संताड़ में अनारक्षित से अनुसूचित जाति महिला, जीवनगढ़ में अनुसूचित जाति महिला से अनारक्षित, मदर्सू में अनारक्षित से अनुसूचित जनजाति महिला, खैरी खुर्द में अन्य पिछड़ा वर्ग महिला से अनारक्षित और गुमानीवाला में प्रधान पद अनारक्षित से अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।

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-तीन चरणों में 6,11 व 16 अक्टूवर को होंगे तीन चरणों के चुनाव, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की अधिसूचना, 20 सितंबर से होंगे नामांकन, 21 अक्टूवर को सुबह आठ बजे से शुरू होगी मतगणना, 43,11,423 मतदाता करेंगे 66,399 प्रतिनिधियों का चुनाव
नवीन समाचार, देहरादून, 13 सितंबर 2019। राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को प्रदेश में जनपद हरिद्वार को छोड़ शेष 12 जनपदों के लिए पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों एवं जनपद हरिद्वार को छोड़कर चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। आयोग ने तीन चरणों में चुनाव कराने का निर्णय लिया है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 20 सितंबर को नामांकन शुरू होंगे और 21 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। इन चुनावों में 43,11,423 मतदाता 66,399 प्रतिनिधियों का निर्वाचन करेंगे। मतदान के लिए कुल 9856 मतदेय स्थल व 8051 मतदान केंद्र बनाये गये हैं।शुक्रवार को अचानक पंचायत चुनाव की घोषणा हुई तो संशय के बादल भी छंट गये। इससे पहले लोग पंचायत चुनावों के लिए कयासबाजी लगा रहे थे। घोषणा के साथ ही राज्य में एक बार फिर आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गयी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त चन्द्रशेखर भट्ट ने शुक्रवार को पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी की। इसके तहत 20 सितम्बर से नामांकन व 21 अक्टूबर तक मतगणना की तिथि घोषित की गयी है। हरिद्वार जनपद को छोड़ शेष सभी 12 जिलों में पंचायत चुनाव होंगे। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार इस चुनाव में कुल 7485 ग्राम प्रधान, 2984 बीडीसी मेम्बर व 356 जिला पंचायत सदस्यों के साथ ही 55,574 ग्राम पंचायत के वार्ड मेंबर भी चुने जाएंगे। आयोग ने 12 जिलों के पंचायत चुनावों के कार्यक्रम तीन चरणों के अनुसार घोषित किये हैं। इसके अनुसार 20 से 24 सितम्बर को सुबह आठ से चार बजे तक नामांकन होंगे, 25 से 27 सितम्बर तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद 28 सितम्बर का दिन नाम वापसी के लिए रखा गया है। 28 सितम्बर को नाम वापसी के साथ ही क्रमशः तीनों चरणों में 29 सितम्बर, 04 अक्टूवर व 09 अक्टूबर को चुनाव चिह्न आवंटित किये जाएंगे। इसके बाद तीनों चरणों में क्रमशरू 6 अक्टूवर, 11 अक्टूबर व 16 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। तीनों चरणों के मतदान के बाद 21 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। मतगणना पूरी होने तक शहरी निकाय क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के ग्रामीण हिस्सों में आचार संहिता लागू रहेगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 12 सितंबर 2019। उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने पंचायत चुनावों की वोटर लिस्ट को आधार कार्ड से लिंक करने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका को स्वीकार कर, और उस पर सुनवाई कर याचिका को निस्तारित करते हुए राज्य निर्वार्चन आयोग को याची के प्रत्यावेदन पर विचार करने के निर्देश दिये हैं। यह निर्देश लोक सभा, विधान सभा व निकायों आदि के चुनावों के लिए भी दूरगामी प्रभावोत्पादक हो सकते हैं।
मामले के अनुसार देहरादून निवासी रविंद्र जुगरान ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि चुनाव आयोग द्वारा लोक सभा, विधान सभा, निकाय चुनाव व पंचायत चुनावो में अलग अलग वोटर लिस्ट जारी की जाती है जिसमे कई लोगो के नाम छूट जाते है और वे मतदान से वंचित रह जाते हैं। याची का कहना है कि जब हर नागरिक की नागरिकता एक, पैन कार्ड एक और आधार कार्ड एक होता है तो मतदाता सूची अलग-अलग क्यों होते हैं। याची का यह भी कहना है कि मतदाता सूची को आधार कार्ड से लिंक किया जाये।

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-भाजपा-कांग्रेस व अन्य दर्जन भर दावेदारों की नजर है इस सीट पर
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 सितंबर 2019। जिला पंचायत चुनावों की हालांकि अभी अधिसूचना भी जारी नहीं हुई है, किंतु चुनाव कराये जाने हेतु उच्च न्यायालय से आदेश जारी होने के बाद से ही दावेदारों की सरगर्मियां बढ़ गयी हैं। वहीं नैनीताल जनपद की जंगलियागांव सीट सबसे हाई प्रोफाइल सीट बनती नजर आ रही है।
जंगलियागांव सीट में 60 ग्राम सभाओं की 47,127 की आबादी रहती है। अभी तक इस सीट पर भीमताल विकास खंड की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख व पूर्व जिला पंचायत सदस्य गीता बिष्ट के साथ ही निवर्तमान ज्येष्ठ प्रमुख एवं प्रदेश के इकलौते स्थानीय निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा के करीबी अनिल चनौतिया के साथ पूर्व जिपं सदस्य राकेश बृजवासी, युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष नितेश बिष्ट, भाजपा के जंगलियागांव के मंडल अध्यक्ष दुर्गा दत्त पलड़िया, ए श्रेणी बड़े ठेकेदार संदीप गोस्वामी, जंगलियागांव के पूर्व प्रधान प्रेम कुल्याल व युवा नेत्री निर्मला कर्नाटक सहित कई अन्य ने भी क्षेत्र में अपने होर्डिंग लगाकर चुनाव लड़ने के अपने इरादे जता दिये हैं, साथ ही घर-घर जाकर अपना चुनाव प्रचार भी प्रारंभ कर दिया है। हालांकि कुछ प्रत्याशियों के आसपास की दूसरी मुफीद सीटों पर भी नजर बताई जा रही है। बहरहाल, इन बड़े नामों के बीच सर्वाधिक परेशानी में क्षेत्रीय जनता बताई जा रही है। क्षेत्रीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता गौरव भट्ट का कहना है कि ऐसे में क्षेत्रीय लोगों को चार-चार प्रत्याशियों के साथ भी चुनाव प्रचार में जाना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें : गजब: पंचायत चुनाव हो, या न हो, उत्तराखंड के इस गांव की प्रधान तो बनेंगी सुनीता देवी ही, वह भी दिल्ली से आकर..

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 सितंबर 2019। उत्तराखंड में हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में नैनीताल के दूरस्थ बेतालघाट विकासखंड के एक गांव-कफूल्टा के चुनाव परिणाम चाहे तो अभी से आप लिख लीजिए। इस 167 परिवारों वाले 453 मतदाताओं के गांव की अगली ग्राम प्रधान दिल्ली में अपने पति के साथ रह रहीं सुनीता देवी नाम की महिला ही बनेंगी। व्यवस्था और किस्मत का अजूबा खेल देखिए कि तय आरक्षण के अनुसार यहां अनुसूचित जाति की महिला को ग्राम प्रधान बनना है। इस पर किसी ने आपत्ति भी दर्ज नहीं की है। पूरे कफूल्टा गांव में अनुसूचित जाति के केवल दो परिवार ही रहते हैं, और इनमें से भी केवल एक महिला सुनीता देवी ही ग्राम प्रधान पद की पात्रता रखती हैं, जो कि वर्तमान में दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत अपने पति गणेश राम और दो अविवाहित बेटों के साथ रहती हैं। गांव में दूसरा अनुसूचित जाति का परिवार किशन राम का है, जिसकी तीन बेटियां ही बेटियां हैं परंतु वे तीनों दूसरे गांव में स्थित अपनी ससुराल में रहती हैं। लिहाजा वे इस गांव की ग्राम प्रधान की दावेदारी नहीं कर सकती हैं। बताया जा रहा है सुनीता देवी ने दिल्ली से आकर ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन कराने का मन भी बना लिया है। नामांकन कराते ही, और नामांकन पत्र में कोई त्रुटि न हुई तो उनका ग्राम प्रधान बनना महज औपचारिकता होगी।

यह भी पढ़ें : इंतजार खत्म: आरक्षण की अंतिम सूची जारी, यहां देखें नैनीताल जिले की जिला व क्षेत्र पंचायतों में आरक्षण की सूची…

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 सितंबर, 2019।  उत्तराखंड के हरिद्वार को छोड़कर शेष सभी 12 जिलों में पंचायतों के 66 हजार से ज्यादा पदों के लिए पंचायतों में आरक्षण की 28 अगस्त को अनंतिम सूची के बाद 31 अगस्त को अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। आरक्षण की अंतिम सूची शासन को भेजी जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद राज्य में आगामी 30 नवंबर 2019 तक त्रिस्तरीय पंचायतों में चुनाव कराए जाने हैं।

देखें अंतिम प्रकाशन में नैनीताल जिले में आरक्षण की स्थिति इस लिंक पर : reservation 2019 nainital

सूची के अनुसार जनपद के हल्द्वानी में ब्लॉक प्रमुख अनुसूचित जाति की महिला, धारी में अनुसूचित जाति, ओखलकांडा, बेतालघाट व रामनगर में अन्य महिला के लिए आरक्षित होगा, जबकि भीमता, कोटाबाग व रामगढ़ में ब्लॉक प्रमुख की सीट अनारक्षित होगी। वहीं जिला पंचायत की बात करें तो ककोड़, गुलजारपुर बंकी, चापड़ व सिमलखा अनुसूचित जाति की महिला, चौखुटा, शिवलालपुर पांडे-छोई व गैबुआ अनुसूचित जाति, ढोलीगांव पिछड़ी जाति की महिला, चिल्किया पिछड़ी जाति, ज्योलीकोट, चोरगलिया आमखेड़ा, बड़ौन, रामड़ी आन सिंह पनियाली, तलिया, ओखलकांडा मल्ला, गहना, मेहरागांव व मालधनचौड़ चंद्र नगर की सीटें अन्य महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जबकि जग्गी बंगर, अमृतपुर, देवलचौड़ बंदोबस्ती-तल्ली हल्द्वानी, सूपी, जंगलियागांव, दाड़िमा, भवालीगांव, दीनी तल्ली व सरना की सीटें अनारक्षित होंगी।
देखें नैनीताल जिले में आरक्षण की अनंतिम सूची :

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल  समाप्त, अब यह हैं आपके क्षेत्र के प्रशासक..

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 अगस्त 2019। उत्तराखंड प्रदेश के साथ जनपद की समस्त क्षेत्र पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यक्राल 9 अगस्त को समाप्त हो रहा है। इसे देखते हुए नैनीताल के जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक दिन पूर्व ही जनपद की सभी क्षेत्र पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिये हैं। जिला अधिकारी के स्तर से जारी आदेश के अनुसार क्षेत्र पंचायत समिति रामनगर का प्रशासक एसडीएम रामनगर हरगिरी गोस्वामी को बनाया गया है जबकि एसडीएमहल्द्वानी विवेक राय क्षेत्र पंचायत कोटाबाग व हल्द्वानी के प्रशासक नामित किये गये हैं। इसी प्रकार एसडीएम नैनीताल विनोद कुमार को भीमताल तथा रामगढ का, एसडीएम धारी विजयनाथ शुक्ल को धारी तथा ओखलकांडा तथा एसडीएम कोश्याकुटौली गौरव चटवाल को बेेतालघाट का प्रशासक नामित किया गया है। डीएम ने नवनियुक्त प्रशासकों को आदेशित किया है कि वह नियमानुसार निर्धारित क्षेत्र पंचायत समिति का कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें। गौरतलब है कि क्षेत्र पंचायतों की प्रथम बैठक 9 अगस्त 2014 को आयोजित हुई थी।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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