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अब ‘रात की रानी’ की दिलकश खुशबू से महकेगी सरोवरनगरी की नैनीझील-माल रोड-ठंडी सड़क…

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-मिशन पहाड़ के सदस्यों ने ताल के चारों ओर माल रोड, ठंडी सड़क, पंत पार्क, कैनेडी पार्क आदि खाली स्थानों पर रोपे गए खुशबूदार रात की रानी के करीब 300 पौधे

रविवार को पंत पार्क में रात की रानी के पौधे रोपते मिशन पहाड़ संस्था के लोग।

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 अगस्त 2020। सरोवरनगरी की विश्व प्रसिद्ध नैनी झील अब रात्रि में ‘रात की रानी’ के फूलों की खुशबू से महकेगी। ‘मिशन पहाड़’ संस्था के सदस्यों ने रविवार को नैनी झील के चारों ओर ठंडी सड़कें, माल रोड, मल्लीताल के पंत पार्क, कैनेडी गार्डन आदि स्थानों पर जहां भी जगह मिली, रात्रि में दिलकश खुशबू के लिए प्रसिद्ध रात की रानी के 300 पौधे रोपे हैं। उम्मीद की जा रही है यह पौधे एक वर्ष से भी कम समय में अपने फूलों की खुशबू रात्रि में महकाएंगे।
संस्था के प्रमुख सदस्य बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डा. एमएस दुग्ताल ने बताया कि रात की रानी के फूलों की खुशबू मस्तिष्क में सकारात्मक विचार लाती है तथा इससे मानसिक तनाव भी घटता है। नगर में शाम की सैर करने वाले लोग एवं सैलानी इससे लाभान्वित हों, इस उद्देश्य से ही संस्था के सदस्यों ने अपने संपर्कों से रात की रानी की पौध एकत्र कर शहर में रोपी हैं। इस अभियान में प्रभागीय वनाधिकारी बीजू लाल टीआर, संस्था के नरेंद्र बिष्ट, भावना बिष्ट, डा. कासिम, शिवशंकर मजूमदार, डा. सरस्वती खेतवाल, नजर अली, कमल जगाती सहित अन्य लोग शामिल हुए।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जुलाई 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने ‘उन्नत भारत’ अभियान के तहत डीएम नैनीताल द्वारा आवंटित पांच गांवों-हल्द्वानी विकासखंड के विजयपुर गौलापार व बसानी-फतेहपुर, धारी विकास खंड के मटियाली, कोटाबाग के सौड़ एवं रामनगर के सांवलदेव पश्चिमी को गोद ले लिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को विवि के समन्वयक प्रो. भगवान सिंह बिष्ट, प्रो. ललित तिवारी व डा. विजय कुमार ने विजयपुर व बसानी गांवों जाकर यहां अखरोट, पद्म तथा जामुन के पौधे रोपे और ग्रामीणों को अभियान के तहत राजमा उत्पादन की जानकारी दी, साथ ही वहां की समस्याओं की जानकारी ली। विजयपुर में हल्द्वानी से मात्र आठ किमी दूर होने के बावजूद सड़क न होने व बसानी में मोबाइल टावर न होने की समस्या प्रकाश में आईं। इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी गोपाल दत्त जोशी, डा. नंदन सिंह, डा. कविता बिष्ट, दीवान, तड़ागी व अमित कुमार आदि भी अभियान में शामिल रहे।

नौलों के पास रोपे बांज, क्वैराल व उतीस के पौधे
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जुलाई 2020। आरोही संस्था के तत्वावधान में आजीविका संवर्धन, शिक्षा व स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्राकृतिक जल स्रोत-नौलों के संरक्षण के लिए ग्राम सभा दियारी में पांच नौलों के पास बांज, क्वैराल व उतीस के पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान गांव में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल एवं स्वच्छता समित का गठन भी किया गया। अभियान मंे ग्राम प्रधान लीला देवी, सरपंच इंद्रलाल, वन विभाग के प्रमोद कुमार, संजय आर्या, पुष्पलता, उमेद राम, कुंदन सिंह, किशन, हरीश कपिल, मोहन राम, डिकर राम, चंद्रशेखर, पूरन चंद्र, रेनू आर्या, पुष्पा आर्या, रूपा, बिंदिया, अंजलि, बबली, डौली, भाष्कर, सागर व चंदू आदि के साथ ही हिमोत्थान व जल निगम के प्रतिनिधि एवं अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

पालिका द्वारा बांज के वृक्ष को चिनने पर एनजीटी से की गई शिकायत
नैनीताल। पर्यावरण प्रेमी गणेश गयाल ने भवाली में हर्षोली रोड स्थित पालिका द्वारा निर्मित दुकान में बाँज प्रजाति के वृक्ष को दुकान की चहारदीवारी व छत में कैद करने पर वन विभाग के उच्चाधिकारियों समेत एनजीटी यानी हरित विकास अधिकरण व जिला विकास प्राधिकरण को पत्र भेज कर वृक्ष को अतिक्रमित करने वाले लोगों व विभागीय लापरवाही पर कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि यहां कत्यूरी वंश की जियारानी के मंदिर के समीप स्थित समर हाउस को तोड़कर पालिका द्वारा नवनिर्मित दुकान का निर्माण किया गया और पालिका द्वारा उसमें बाँज के वृक्ष की बलि चढ़ा दी गई है।

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-हर्षोल्लास से मनाया गया हरेला, जगह-जगह हुआ पौध रोपण
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जुलाई 2020। उत्तराखंड के सबसे बड़े प्रकृति से जुड़े लोक पर्व हरेला को मुख्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक हर्षोल्लास के साथ ही पौधरोपण पर्व के रूप में भी मनाया गया। इस दौरान घरों में बड़ी-बुजुर्ग माताओं ने सभी पारिवारिक सदस्यों को घरों के भीतर उगाये गये सात अनाजों के खास तरह से उगाये गये पौधों के तिनके चढ़ाकर ‘आकाश की तरह ऊंचे व धरती की तरह चौड़े होने’ के साथ स्वस्थ व दीर्घजीवी होने के आशीर्वाद दिये।
वहीं इस मौके पर मंडलायुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी ने निकटवर्ती भवाली में शिप्रा नदी के जलागम क्षेत्र में स्थित सेनिटोरियम के पास आयोजित वृहध पौधारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया। उन्होंने सभी नगारिकों को हरेला पर्व की शुभकामनाऐं दी। श्री ह्यांकी के सेनिटोरियम पहुॅचने पर नगर पालिका अध्यक्ष संजय वर्मा तथा सभासद ममता बिष्ट द्वारा परम्परागत तरीके से आयुक्त का स्वागत किया। इस मौके पर सीडीओ विनीत कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष मानसून सत्र के दौरान विभिन्न प्रजाति के 15 लाख पौधे लगाये गये थे। इस वर्ष भी 15 लाख से ज्यादा पौधों का रोपण किया जायेगा। 1 जुलाई से 27 हजार पौधों का रोपण कराया जा रहा है। बताया कि शिप्रा नदी क्षेत्र में 844 लाख लीटर जल संरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर बांज, बमोर, उदीस आदि के दो हजार पौधों का रोपण किया गया तथा नेपियर, ओंस, मौस, तुषार के घास प्रजाति के बीस हजार पौधों का भी रोपण किया गया। कार्यक्रम में सीएफओ कुबेर बिष्ट, डीएफओ टीआर बीजूलाल, डीडीओ रमा गोस्वामी, संगीता आर्या, अमन अनिरूद्ध व भावना जोशी आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।

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वहीं मुख्यालय स्थित डॉ.आरएस टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी के परिसर में निदेशक राजीव रौतेला के नेतृत्व में अकादमी के नवनीत पांडे, वीके सिंह, डॉ. दीपक पालीवाल, पूनम पाठक, दिनेश राणा, मनोज पाण्डे, डॉ. ओम प्रकाश, गीता कांडपाल, मंजू पांडे, मीनू पाठक आदि ने देवदार, बॉंज, चिनार, पांगर, तिमूर, पदम, गुलबहार, अजेलिया, मैग्नोलिया, कमेलिया आदि प्रजाति के कुल 55 पौधों का रोपण किया। जबकि आज आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर ने जिला प्रवक्ता प्रदीप दुम्का, आईटी सेल के प्रवेश राजपूत आदि की मौजूदगी में अपने आवास पर पौधे रोपे। इधर भैरव सेना के प्रदेश प्रवक्ता व भाजपा नेता पंकज राठौर ने अल्पसंख्यक मौर्चे के अध्यक्ष फैसल कुरैशी व आंनद सिह कनवाल आदि के साथ नैनीताल नगर के हनुमानगढ़ क्षेत्र में आर्युर्वेद के औषधीय गुणों युक्त, जनोपयोगी व पर्यावरण को संरक्षित करने वाले आंवला, पद्म, दाड़िम, तेजपत्ता व बांज आदि प्रजातियों के पौधे लगाए। वहीं कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन परिसर में कुलपति प्रो. एनके जोशी ने अखरोट, पद्म, जामुन, अश्वगंधा तथा सिल्वर ओक के पौधे रोपे। इस मौके पर एनएसएस के समन्वयक डा. विजय कुमार, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. हरीश बिष्ट, डा. सुचेतन साह, डा. रीतेश साह, डा. मनोज आर्य, डा. सोहेल जावेद, प्रो. पद्म सिंह बिष्ट, प्रो. संजय पंत, एई भाकुनी व ललित आदि ने भी पौधरोपण किया। वहीं विश्वविद्यालय के कुलसचिव केआर भट्ट ने विश्वविद्यालय परिवार की ओर से आदर्श कॉलोनी भगवानपुर तल्ला में बीएस कोरंगा, आरसी भट्ट, पीतांबर दुर्गापाल, विमला, तनुष, मनीषा, अमित भट्ट, केसी भट्ट आदि के साथ करीब 100 पौधों का रोपण किया।
वहीं उत्तरांचल पंजाबी महासभा की ओर से नगर के मंगावली-स्नोव्यू क्षेत्र में आयोजित वृहद पौधरोपण कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष राजीव भई भी मौजूद रहे। इस दौरान जिला महामंत्री जोगेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह, मंत्री प्रदीप कुमार जेइी, नगर उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, विक्रम सयाल, कोषाध्यक्ष प्रीतपाल आहूजा, उपसचिव सुमित खन्ना, हर्ष छावड़ा, संगठन मंत्री प्रेम शर्मा, सुखदीप सिंह आनंद आदि ने एसडीएम विनोद कुमार की मौजूदगी में करीब 70 पौधे लगाए। आयोजन में गुरविंदर सिंह पिंकी, हरीश छावड़ा, जगजीत सिंह आनंद, धर्मेद्र शर्मा, जतिन अरोड़ा, अमन चड्ढा, राजीव कपूर, राहुल आहूला, राजीव गुप्ता, वन विभाग के रेंजर संतोष जोशी आदि ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जुलाई 2019। वन महोत्सव के उपलक्ष्य पर पर्यावरण प्रेमी चंदन सिंह नयाल और उनकी टीम के द्वारा जनपद के धारी ब्लाक के परबडा वन पंचायत में पौधा रोपड किया जा रहा। उल्लेखनीय है कि चंदन शिक्षक की नौकरी छोड़ कर पिछले पांच वर्षों से पौधे रोपित कर रहे हैं। इधर उन्होंने ‘बांज लगाओ-बांज बचाओ का नारा दिया था। उनका कहना है कि जल स्रोतों को रिचार्ज करने के लिए चौड़ी पत्ती के बांज के पौधे अत्यधिक उपयोगी हैं। इस अभियान के तहत वे बांज के कई पौधे रोपित कर चुके है, तथा जंगलों में बर्षा जल के जल संरक्षण के लिए चाल-खाल का निरीक्षण भी किया है। इस अभियान में थान सिंह बिष्ट, महेन्द्र सिंह बिष्ट, बचे सिंह, हरेन्द्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, गंगा सिंह बिष्ट आदि भी उनका सहयोग कर रहे हैं।

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डा.आशुतोष पन्त

-पेड़ लगाने के जुनूनी हैं डा. पंत
-अपने पिता की प्रेरणा से वर्ष 1988 से लाखों औषधीय एवं फलदार पौधे लगा चुके हैं पेशे से चिकित्सक पर्यावरण प्रेमी
-प्रतिवर्ष न्यूनतम 10 हजार पौधे लगाने का है लक्ष्य
नवीन जोशी, नैनीताल। बीते कुछ वर्षों से शीतकाल में अपेक्षित बर्फ नहीं गिरने से बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग के साथ आसमान में ओजोन परत के छिद्र में लगातार वृद्धि होने, ग्रीनहाउस गैसों के बढ़ते उत्सर्जन आदि पर चिंता तो सभी करते हैं, लेकिन विरले लोग ही हैं जो इन स्थितियों से स्वयं की चिंता किये बिना पूरी धरती को बचाने का भगीरथ प्रयास कर रहे हैं। पेशे से हल्द्वानी में चिकित्सक डा. आशुतोष पंत जैसा कार्य राज्यों की पूरी सरकारें भी कर लें तो कम है। डा. पंत अपने पिता स्वर्गीय सुशील चंद्र पंत की प्रेरणा से वर्ष 1988 से लगातार अपने स्वयं के संसाधनों से यथासंभव अधिक से अधिक संख्या में औषधीय और फलदार पेड़ लगाते आ रहे हैं, और अब तक लाखों पौधे लगा चुके हैं। उनका लक्ष्य प्रतिवर्ष कम से कम दस हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। खास बात यह भी है कि इसके लिये अब तक उन्होंने किसी भी संस्था या व्यक्ति से किसी प्रकार का कोई आर्थिक सहयोग नहीं लिया है, तथा आगे भी ऐसी कोई अपेक्षा नहीं रखते हैं। इधर उन्होंने प्रदेश के नैनीताल, चम्पावत और टिहरी जिलों के पर्वतीय क्षेत्रों में अखरोट की अच्छी प्रजातियों के तीन हजार पौधे लगाए हैं। बताया कि अखरोट के पेड़ों की आयु बहुत लंबी होती है, तथा इनके रोपण से पर्यावरण को लाभ के साथा ही ग्रामीणों की अच्छी आय भी होगी। कोई भी इच्छुक व्यक्ति अपनी भूमि पर लगाने के लिए उनसे नि: शुल्क पौधे प्राप्त कर सकता है।

डा. पंत ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष पर्वतीय क्षेत्र में शीतकालीन पौधारोपण करने का जबकि जुलाई-अगस्त में मैदानी क्षेत्र में पौधे लगाना तय किया है। आगे इसी तरह इच्छुक काश्तकारों को पौधे वितरित किये जाएंगे, तथा इसके बाद फरवरी में चम्पावत जिले में निशुल्क पौध वितरण कार्यक्रम होगा। डा. पंत का कहना है कि सभी को मिलकर इस धरती को बचाने की मुहिम में जुटना होगा वरना आने वाले कुछ सालों में यहां सांस लेना भी दूभर हो जाएगा। ग्लोबल वार्मिंग से पृथ्वी को केवल हरियाली ही बचा सकती है। हरियाली बढ़ाने के लिये हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे। अपने अनुभव के आधार पर वह कहते हैं कि सड़कों के किनारे, सार्वजनिक पार्कों आदि में पौधारोपण करने पर सफलता की दर अर्थात पौधे से वयस्क बनने की दर बहुत कम होती है। इसलिये पिछले कुछ वर्षाें से सफलता की दर बढ़ाने के लिए चारों ओर से दीवार से सुरक्षित विद्यालय परिसरों में पौधरोपण का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिधरों को उनकी जमीन में लगाने के लिए ओर शहरी क्षेत्रों में जागरूक व चिंतनशील सम्मानित को अपनी या सार्वजनिक भूमि पर लगाने के लिए पौधे भेंट करना शुरू किया है लोगों। वह कहते हैं कि हम वर्ष भर में चाहे दो-चार पेड़ ही लगाएं, पर कम से कम तीन वर्ष तक उनकी देखभाल (नियमित सिंचाई और गाय-भैंस-बकरी आदि से रक्षा) जरूर करें। इसके बाद तो पेड़ स्वयं ही हमें बहुत कुछ देने लगते हैं।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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