1 अगस्त से जहां उत्तराखंड में दोपहिया वाहनों पर दूसरी सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य हो गया है, वहीं 1 अगस्त से पोलीथिन बैन होने जा रही है। हाई कोर्ट की सख्ती के बाद उत्तराखंडके मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने आज राज्य के लोगों से पॉलीथिन का इस्तेमाल न करने की अपील करते हुए 50 माइक्रोन तक की रंगबिरंगी पॉलीथिन के उपयोग करते पाए जाने पर जुर्माने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट के जरिए जानकारी देते हुए कहा है कि पॉलीथिन प्रयोग करते पाए जाने पर दुकानदारों पर 5000, ठेली वालों पर 2000 और ग्राहकों पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पॉलीथिन के प्रयोग से पर्यावरण दूषित होता है और खेती, पशु, पक्षियों को भी नुकसान पहुंचता है। इसलिए राज्य सरकार ने एक अगस्त से पॉलीथिन के प्रयोग पर सख्ती करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री का विडियो ट्वीट :

आज से होगी छापेमारी: मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आज से पूरे प्रदेश में पॉलीथिन के खिलाफ छापेमारी की जाएगी। देहरादून में आठ, रुड़की और हल्द्वानी में एक-एक टीम पॉलीथिन के खिलाफ छापेमारी करेंगी। देहरादून नगर निगम के नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि देहरादून में आठ टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम को बीस चालान का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही नगर निगम एक फोन नंबर जारी करेगा। इसमें लोग शिकायत करने के साथ अपनी बात भी रख सकेंगे।

बार्डर पर कड़ी चौकसी के निर्देश:हरिद्वार के डीएम दीपक रावत ने कहा है कि बार्डर पर पुलिस को चौकस रहने को कहा गया है ताकि बाहर से पॉलीथिन राज्य में न लाई जा सके। रावत ने कहा कि बीस पॉलीथिन मिलने पर सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।

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यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।

मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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