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कुमाऊं आयुक्त के नये फरमान के बाद अधिकारियों को यह करने पर ही मिलेगा जून का वेतन

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नैनीताल, 29 जून 2018। अपने कड़े आदेशों के लिए पहचान बना चुके कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला के एक ताजा आदेश के बाद मंडल के अधिकारियों का जून का वेतन खटाई में पड़ गया है। उन्हें तब ही जून माह का वेतन आहरित हो पाएगा, जब वे आयुक्त साहब के आदेश का पालन कर लेंगे।
उल्लेखनीय है कि आयुक्त श्री रौतेला ने गत दिनों मंडल के सभी विभागीय अधिकारियों को अपने कार्यों से संबंधित ‘डेटा डायरी’ बनाने के निर्देश दिये थे, ताकि अधिकारी इसका उपयोग शासकीय कार्यों तथा बैठकों में कर सकें। अनेक अधिकारियों ने इस आदेश का पालन नहीं किया। इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों द्वारा डेटा डायरी बनाने और इसका प्रमाण पत्र आयुक्त कार्यालय को देने को कहा है, और इसके बाद ही अधिकारियों का जून माह का वेतन आहरित हो पाएगा।

अब कमिश्नर रौतेला के ‘यूपी स्टाइल’ आदेशों से पूरे कुमाऊं के अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मचना तय

-अधिकारी-कर्मचारी अपने तैनाती स्थल पर न रहे तो होगी कार्रवाई
नैनीताल, 25 जून 2018। अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली के कारण जल्द ही जनता में लोकप्रिय हो रहे यूपी में लंबे समय तक नौकरी करके लौटे कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला के ताजा आदेश लगता है उत्तराखंड में पहली बार किसी अधिकारी ने दिये हैं। उनके आदेशों के बाद कुमाऊं मंडल में अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने तैनाती स्थल पर ही रहना होगा। नियमविरुद्ध किसी दूसरे शहर से आकर नौकरी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला ने यह बात संज्ञान मे आने पर कि कई अधिकारी व कर्मचारी अपने तैनाती स्थल पर नहीं रह रहे हैं। इससे शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे है तथा ऐसे लोग विलंब से अपने कार्यालय में पहुचते हैं तथा अपने घर जाने के लिए समय से पूर्व कार्यालय भी छोड देते है। आयुक्त ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर एवं अनुशासनहीनता का परिचायक है। उन्होंने इस संबंध में मंडल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह इस बात को सुनिश्चित करायें कि सभी अधिकारी व कर्मचारी मुख्यालय अथवा अपने तैनाती स्थल पर ही रहें। अधिकारियों व कर्मचारियों से लिखित में उनके प्रवास का पता प्राप्त किया जाये तथा उनके पतों का सत्यापन भी कराया जाये। इसके बावजूद यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी मुख्यालय या अपने तैनाती स्थल पर रहते हुये नहीं पाया जाता है तो उसका तत्काल वेतन रोकते हुये अन्य अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होंने भीमताल मे अपने निरीक्षण के दौरान सीडीओ विनीत कुमार को भी निर्देश दिये कि वह इस बात को सुनिश्चित करायंे कि अधिकारी व कर्मचारी अपने तैनाती स्थल भीमताल में तथा खंड विकास अधिकारी व विकास खंड के सभी कर्मचारी अनिवार्य रूप से विकास खंड मुख्यालय पर प्रवास करें। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति भी जांचेंगे। उल्लेखनीय है कि सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए अवकाश लेने के साथ ही मुख्यालय छोड़ने के लिए अनुमति मांगने का भी नियम है। यानी अधिकारी-कर्मचारी अवकाश पर रहने के दौरान भी बिना अनुमति अपना तैनाती स्थल नहीं छोड़ सकते हैं। जबकि उत्तराखंड में ऐसे प्राविधान अधिकारियों-कर्मचारियों के ठेंगे पर ही रहे हैं। अब देखने वाली बात होती कि आयुक्त के आदेशों के बाद उनकी कार्यशैली में क्या परिवर्तन आता है।

अब कमिश्नर रौतेला के यूपी स्टाइल तेवरों से ‘हिला’ भीमताल, ईओ कार्यमुक्त, सेवानिवृत्त ईओ की पेंशन रोकी, एसडीएम को भी फटकार

-मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने किया भीमताल स्थित कार्यालयों को औचक निरीक्षण, अनेक कर्मचारियों के वेतन रोके 

नगर पालिका कार्यालय में ईओ व कर्मियों से जवाब-तलब करते मंडलायुक्त

नैनीताल। कुमाऊं मंडल के तेज तर्रार मंडलायुक्त राजीव रौतेला के यूपी स्टाइल तेवरों से शनिवार को भीमताल मनो ‘हिल’ गया। रौतेला ने यहाँ पहुंचकर शासकीय कार्यालयों व नगर पालिका में अचानक छापेमारी की, और भीमताल नगर पालिका के शीघ्र सेवानिवृत्त हो रहे अधिशासी अधिकारी भूपेंद्र सिह रावत का वेतन व पेंशन रोकने तथा उन्हें तत्काल शासन के लिए कार्य मुक्त करने, एक वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए पूर्व अधिशासी अधिकारी पान सिंह बोरा द्वारा एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक पूरी तरह से कार्यभार न छोड़ने पर उनकी पेंशन रोकने के आदेश दिये और पालिका में तमाम अव्यवस्थाओं के लिए पालिका की प्रशासक एसडीएम रेखा कोहली को भी कड़ी फटकार लगायी। वहीं सवालों का जवाब नहीं दे पाये कई पालिका कर्मियों का वेतन रोकने के आदेश भी दिये।
शनिवार को श्री रौतेला बिना किसी पूर्व सूचना के सबसे पहले भीमताल के नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, जहां अत्यधिक गंदगी, अस्त, व्यस्त अभिलेखों, कार्यालय मे लगे जालों के अलावा परिसर मे कूडे के ढेरों पर नाराजगी व्यक्त करते हुये उन्होने अधिशासी अधिकारी रावत से जब इस अव्यवस्था के सम्बन्ध मे जवाब तलब किया तो उन्होने आयुक्त को दो टूक शब्दों मे कह दिया, ‘सर मेरा तो अगले महीने ही रिटायरमैंट है, और मैं अकेला हूं। स्टाफ है नहीं। मैं क्या-क्या देखूं।’ ऐसे गैर जिम्मेदाराना जवाब पर आयुक्त रौतेला भडक उठे और उनका पारा सातवे आसमान पर जा पहुंचा। उन्होने मौके पर मौजूद डीएम विनोद कुमार सुमन को अधिशासी अधिकारी का वेतन और पेंशन तत्काल प्रभाव से रोकने और उन्हें शासन के लिए कार्यमुक्त करने के निर्देश दिये, साथ ही पालिका की प्रशासक एसडीएम रेखा कोहली को भी इस लापरवाही एवं उदासीनता के लिए दोषी ठहराते हुये कार्यशैली ठीक करने को कहा। इस दौरान नगर पालिका के कर्मचारी भी आयुक्त के सवालों का संतोषजनक जवाब नही दे सके। गृहकर से संबंधित अभिलेखों एवं पंजिकाओं में करों से संबंधित अंकन पेंसिंल से किये गये थे तथा किसी कर्मचारी व अधिकारी के हस्ताक्षर भी नहीं थे। इस पर वार्ड नम्बर -04 के कर निर्धारक अनिल चंद्र इटनी ने अपनी लापरवाही स्वीकारी, वही पालिका की एक महिला कर्मचारी भी आयुक्त को जवाबों से संतुष्ट नही कर सकी। इस पर आयुक्त ने डीएम से इन कर्मचारियो का भी वेतन रोकने को कहा। आयुक्त के संज्ञान मे यह भी आया कि जुलाई 2017 मे सेवानिवृत्त हुये पूर्व ईओ पानसिह बोरा द्वारा एक वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर पालिका के अभिलेख, चेकबुक, कैशबुक तथा कार्यभार नहीं सौपा है। इस पर उनके खिलाफ भीमताल थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई है, लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई है। इस पर आयुक्त ने हैरानी जताते हुए भीमताल थाना प्रभारी से कृत कार्यवाही कि रिर्पोट तलब की और इस वित्तीय अनुशासनहीनता के लिए सेवानिवृत्त ईओ बोरा की पेंशन तत्काल रोकने के निर्देश दिये। साथ ही डीएम से भी जांच कराकर शासन को रिर्पोर्ट भेजने के निर्देश दिये। उन्होने एसडीएम कोहली को अपनी देख-रेख मे भीमताल शहर की दैनिक सफाई व्यवस्था कराने को भी आदेशित किया।

भीमताल एक्वेरियम का कायाकल्प करें, ताला लगे पार्क को व्यापार मंडल देखे: आयुक्त

नैनीताल। मंडलायुक्त ने शनिवार को भीमताल के एक्वेरियम व सिचाई विभाग द्वारा ताला लगाये गये पार्क को देखा, और जनका के सार्वजनिक पार्क में ताला लगाने को गैरकानूनी बताते हुए सिचाई विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई, और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से पार्क को गोद ले कर इसका सौंदर्यीकरण करने को कहा। वहीं एक्वेरियम की खस्ता हालत पर उन्हांेने डीएम सुमन से इसे पर्यटको एंव जनसाधारण के लिए उपयोगी एवं आकर्षक बनाये जाने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने, यहां मछलियों के अलावा कुमाउनी एवं उत्तराखंडी सस्कृति पर आधारित भित्ति चित्रों के अलावा पारम्परिक वाद्य यंत्रों आदि का प्रदर्शन करने को कहा। इसी कड़ी में आयुक्त उपनिदेशक मत्स्य कार्यालय जा धमके। वहां हडकम्प मच गया। चार दिन पहले पौडी से स्थानांतरित होकर आये उपनिदेशक गोधन सिह बिष्ट सहित सभी ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक उनके प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नही दे पाये। कार्यालय मे पड़ी अत्यधिक गंदगी एवं निष्प्रयोज्य सामान को देखकर आयुक्त काफी नाराज हुये और एक सप्ताह के भीतर निष्प्रयोज्य सामान की नियमानुसार नीलामी कराने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान सीडीओ विनीत कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रूहेला व अधिशासी अभियन्ता सिचाई हरीश चंद्र भारती एवं विकास महकमे के अधिकारी मौजूद रहे।

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नयना देवी मंदिर के पास नाले की सफाई में जुटे लोनिवि के अधिकारी व कर्मचारी।
नयना देवी मंदिर के पास नाले की सफाई में जुटे लोनिवि के अधिकारी व कर्मचारी।

नैनीताल, 11 मई 2018।  कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला के कड़े आदेश काम करने लगे हैं। आयुक्त के आदेशों पर लंबे समय बाद जिला व मंडल मुख्यालय में सरकारी मशीनरी काम करती नजर आ रही है। यहां तक कि अधिकारी भी स्वयं नालों में घुस कर सफाई में जुट गये हैं। शुक्रवार को एक ओर लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सीएस नेगी की अगुवाई में विभाग के सहायक व अवर अभियंताओं एमपीएस कालाकोटी व विश्व बैंक के सतीश आर्या, राजीव गुरुरानी, डीएस नेगी सहित तथा कार्यालय के अकाउंट्स से जुड़े अनेक कर्मी सुबह से दोपहर तक नयना देवी मंदिर के बगल वाले सबसे बड़े नाला नंबर 23 की सफाई में घंटों जुटे वहीं नगर पालिका के कर्मचारी ठंडी सड़क की ओर संभवतया इतिहास में पहली बार नालों में भी झाड़ू लगाते हुए नजर आये।

हालांकि अभी ऐसी भी है नगर के नालों की स्थिति ( पॉपुलर कंपाउंड, मल्लीताल में नाला नंबर 21 की एक शाखा)

इधर नगर पालिका के द्वारा माल रोड पर पेड़ों की रंगाई व पुराने विज्ञापन होर्डिग्स को हटाने के साथ ही आयुक्त के जल्द ही पालिका कार्यालय के निरीक्षण के कार्यक्रम के मद्देनजर शौचालयों की भी सफाई के लिए संभवतया पहली बार युद्ध स्तर का अभियान छिड़ा हुआ नजर आ रहा है, वहीं लोनिवि के द्वारा माल रोड पर रेलिंगों को रंगने का कार्य भी किया जा रहा है। 

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-संवेदनशील प्रशासन देना नये कुमाऊं आयुक्त की प्राथमिकता
-यूपी के अनुभवों का लाभ लेते हुए शासन के अधिकारी मंडल में आकर समस्या सुनें, ऐसी व्यवस्था भी बनाएंगे नये मंडलायुक्त
नैनीताल। 2001 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव रौतेला ने शनिवार को आयुक्त कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘संवेदनशील प्रशासन’ देना उनकी प्राथमिकता में होगा। अपने यूपी के कार्य अनुभव का लाभ उठाते हुए इस हेतुु वह मंडल में ऐसी व्यवस्था बनाने का वह प्रयास करेंगे, जिससे प्रशासन जनता तक पहुंचे ओर उनकी समस्याओं का निदान करें। जनता को प्रशासन के पास न आना पड़े। इस दिशा में वह यह कोशिश भी करेंगे कि स्थानीय स्तर की समस्याओं का हल तो जिलों व मंडल में हो ही, शासन स्तर की समस्याओं के हल के लिए भी शासन के अधिकारी किसी तय दिवस पर मंडल में आयें और समस्या का समाधान करें।
इसकेे साथ ही उन्होंने राजस्व विभाग के सभी कार्यो को प्राथमिकता के आधार पर करने तथा विकास कार्यो पर पैनी नजर रखते हुये आवश्यक गति देने और शासन व सरकार की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को अन्तिम व्यक्ति तक पहुचाने की बात भी कही। कहा कि कानून एवं शान्ति व्यवस्था का समय-समय पर अनुश्रवण किया जायेगा। इस हेतु जिलों के अधिकारियों के साथ ही मंडल के विभागीय उच्चाधिकारियों की ‘मॉनीटरिंग’ की जाएगी। उन्होंने ने मण्डल के विकास कार्यो एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी लेने हेतु 20 अप्रेल शुक्रवार को मंडलीय बैठक नैनीताल में आहूत करने की जानकारी भी दी। कहा कि इस बैठक मे मंडल स्तर के अधिकारी अपनी विभागीय योजनाओं एवं कार्य योजनाओ के साथ व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित रहेंगे। इस दौरान डीएम विनोद कुमार सुमन सहित अनेक अधिकारियों ने मंडलायुक्त की अगवानी एवं स्वागत किया।

यह भी पढ़ें : रौतेला बने कुमाऊँ आयुक्त, हटाये गए चंद्रशेखर भट्ट

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के आईएएस व पीसीएस कैडर के प्रशासनिक अधिकारियों के विभागों में बड़े स्तर पर 12 आईएएस 7 पीसीएस और तीन सचिवालय सेवा के अधिकारियों के फेरबदल कर दिए हैं। कुमाऊं आयुक्त आईएसएस अधिकारी चंद्रशेखर भट्ट को हटा कर उनके स्थान पर उत्तर प्रदेश से वापस लौटे उत्तराखंड कैडर के आईएएस अधिकारी राजीव रौतेला को कुमाऊं आयुक्त बनाया गया है। रौतेला गोरखपुर में बीते माह हुए लोक सभा उपचुनाव के दौरान जिलाधिकारी रहने के दौरान काफी सुर्खियों में रहे थे, जिसके बाद उन्हें मंडलायुक्त बना दिया गया था।
वहीं पूर्व में कुमाऊं आयुक्त रहते प्रदेश का बहुचर्चित एनएच-74 मुआवजा घोटाला खोलने के बाद हटाए गए आईएएस डी सेंथिल पांडियन से ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग और गन्ना चीनी विभाग हटा दिये गये हैं। इसके अलावा आईएएस हरबंस सिंह चुघ से राजस्व विभाग व आईएएस कैप्टन आलोक शेखर तिवारी को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास हटाये गये हैं, वहीं आईएएस पंकज पांडे को ग्राम विकास विभाग, आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी को राजस्व विभाग, आईएएस अशोक कुमार को उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा, आईएएस आर राजेश कुमार को सचिवालय प्रशासन, आईएएस रणवीर सिंह चौहान को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, आईएएस सविन कुमार बंसल को वित्त एवं निदेशक ऑडिट तथा आईएएस इंदुधर को गन्ना चीनी सामान्य प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

यह भी पढ़ें : गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के विवादित डीएम रौतेला उत्तराखंड के लिए रिलीव

(20 मार्च 2018) गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के बाद डीएम के पद से हटाए गए राजीव रौतेला को अब उत्तराखंड भेजने का आदेश दिया गया है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने सोमवार को उपचुनाव के बाद देवीपाटन मंडल के कमिश्नर के पद पर प्रोन्नत राजीव रौतेला को रिलीव करने के आदेश दे दिए हैं। गोरखपुर से ट्रांसफर के बाद उन्हें देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया था। राजीव रौतेला उत्तराखंड काडर के हैं और उन्होंने हाल ही में कार्मिक मंत्रालय के सामने प्रत्यावेदन दिया था कि उनके कैडर के बारे में फैसला ले लिया जाए। मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि राजीव रौतेला उत्तराखंड के ही माने जाएंगे।

गोरखपुर लोकसभा सीट पर 12 मार्च को उपचुनाव की मतगणना के दौरान रौतेला विवादों में घिर गए थे। इसके बाद 16 मार्च को शासन ने उनके साथ 36 अन्‍य आईएएस अधिकारियों को इधर-उधर कर दिया। गोरखपुर के जिलाधिकारी रहे राजीव रौतेला को पदोन्‍नति देते हुए देवीपाटन का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया था। हालांकि उन्‍हें प्रोमोशन दिए जाने पर विपक्षी दलों की ओर से सवाल खड़े किए जाने के बाद उत्‍तराखंड कैडर में वापस भेजने का फैसला किया गया। रौतेला 9 नवंबर, 2000 को उत्‍तर प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे थे।

गोरखपुर उपचुनाव की मतगणना के समय रौतेला ने पत्रकारों के मतगणना केंद्र में घुसने पर रोक लगा दी थी। बाद में चुनाव आयोग ने सफाई देते हुए कहा था कि चूंकि रौतेला खुद बाहर आकर मीडिया को रुझानों की जानकारी दे रहे हैं, इसलिए पत्रकारों को अंदर आने की जरूरत नहीं है।

2002 बैच के राजीव रौतेला पीसीएस से आईएएस बने थे। वह चर्चा में तब आए जब उन्हें गोरखपुर का डीएम बनाया गया। उपचुनाव के दौरान भी वह खूब चर्चा में रहे। इससे पहले हाईकोर्ट ने उन्हें खनन का मामला सामने आने के बाद हटाने के लिए कहा था, पर योगी सरकार ने उन्हें नहीं हटाया।

इसके बाद उनका प्रमोशन हो गया फिर भी उन्हें नहीं हटाया गया। उपचुनाव में हार के बाद उन्हें हटा तो दिया गया पर देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बना दिया गया। अब कार्मिक मंत्रालय ने उन्हें उत्तराखंड भेजने को कह दिया है। अब यूपी सरकार इसके खिलाफ कोर्ट जा सकती है या राजीव रौतेला उत्तराखंड से प्रतिनियुक्ति पर फिर आ सकते हैं।

अलीगढ़ में दिया था विवादित बयान

16 सितम्बर 2013 को अलीगढ़ के डीएम रहते रौतेला ने शहीदों को लेकर विविदित बयान देते हुए कहा था, ‘हमारा देश विलाप करने वाला देश है. अफगानिस्तान में 5000 अमेरिकी सैनिक मरे, आपने कहीं नहीं सुना होगा की वहां उनके परिवार के लोग विलाप कर रहे हैं.’

विवादास्पद बयान में राजीव रौतेला ने कथित तौर पर कहा था, ‘देश के लिए लोग जान देना जानते हैं. हमारे यहां क्या हो रहा है. सिपाही का काम देश की रक्षा करना है. सेना में उसकी केवल 12 साल की सर्विस होती है. उसके बाद वह पेंशन लेता है. और यदि वह सेवा करते हुए अपने प्राणों को त्याग देता है तो गांव, परिवार कहता है कि जब तक नेता नहीं आएंगे, जब तक 50 लाख रुपये नहीं मिलेंगे, पेट्रोल पंप नहीं देंगे, सड़क नहीं बनवाएंगे तब तक लाश नहीं उठेगी. हमारा चरित्र क्या है, देश कैसे आगे बढ़ेगा.’

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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