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छात्र संघ चुनाव में हार के बाद किसने किसे की संगठन से बाहर करने की मांग, किसने किसे दी मानहानि की धमकी

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-छात्र संघ चुनाव में हार के बाद अभाविप में आरोप प्रत्यारोप हुए शुरू, अभाविप के प्रांत संपर्क प्रमुख सहित 5 को संगठन से बाहर करने की मांग

समीक्षा बैठक के बाद पत्रकार वार्ता करते अभाविप कार्यकर्ता।

नैनीताल, 10 सितंबर 2018। जैसा कि ‘राष्ट्रीय सहारा’ ने सोमवार के अंक में ही घोषणा कर दी थी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में छात्र संघ चुनाव में हार के बाद सिर फुटौव्वल प्रारंभ हो गयी है। परिषद के जिला सह संयोजक भाष्कर बोहरा की अगुवाई में सोमवार को नैनीताल क्लब में हुई समीक्षा बैठक के बाद परिषद के प्रांत संपर्क प्रमुख निखिल बिष्ट सहित पांच कार्यकर्ताओं, विभाग सह संयोजक मोहित रौतेला, नगर मंत्री भीमताल शिवानी पोखरिया तथा भाजयुमो के नगर मंडल अध्यक्ष विकास जोशी व जिला मंत्री जितेंद्र बंगारी को हटाने की मांग की गयी। साथ ही भाजपा एवं भाजयुमो के प्रमुख नगर एवं जिला पदाधिकारियों का नाम लिये बिना उनकी संदिग्ध गतिविधियों की जांच कराने की मांग भी की गयी। यह भी कहा गया कि यदि कार्रवाई नहीं की गयी तो परिषद के द्वारा आगामी निकाय, लोकसभा व विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों का समर्थन नहीं किया जाएगा। इस दौरान अध्यक्ष प्रत्याशी रही पूनम बवाड़ी ने कहा कि एक महिला होने के कारण उन्हें सहयोग नहीं किया गया। यदि भाजपा के नगर एवं जिलाध्यक्ष चाहते तो विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाया जा सकता था। इस मौके पर निवर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष अभिषेक मेहरा, पुष्कर नैनवाल, नवीन भट्ट, मोहित साह, दीपक मेलकानी व दया किशन पोखरिया सहित अनेक अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे निखिल
नैनीताल। आरोपों के घेरे में आये अभाविप के प्रांत संपर्क प्रमुख निखिल बिष्ट ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि कुछ लोग संगठन को गुट की तरह चलाना चाहते हैं, इसलिये झूठे आरोप लगा रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ वे मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। वहीं विभाग सह संयोजक मोहित रौतेला ने भी आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि संगठन के सच्चे सिपाही हैं।

पहले ही जता दी थी आशंका : जल्द दिखाई दे सकते हैं छात्र संघ चुनाव परिणामों के प्रभाव

उत्तराखंड बनने के बाद आखिर क्यों पहली बार छात्र संघ चुनाव परिणामों में हुआ ऐसा ? क्या इसके बाद टूटने को है छात्र संगठनों का तिलिस्म !

नवीन जोशी, नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर और रामनगर में इस बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बागी प्रत्याशी जीते हैं। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद के छात्र राजनीति के इतिहास में यह पहला मौका है जब डीएसबी में किसी छात्र संगठन के बागी को जीत मिली है। एनएसयूआई में भी बागी के अधिकृत प्रत्याशी से आगे रहने की ऐसे ही स्थिति रही है। इस जीत-हार के प्रभाव जल्द ही दोनों छात्र संगठनों में दिखाई दे सकते हैं। संगठन के प्रत्याशियों के समर्थन में जोर लगाने वाले पदाधिकारी जहां बागियों के पक्ष में खड़े अपने पदाधिकारियों को बाहर निकालने के लिए संगठन के हाईकमान पर दबाव बनाने लगे हैं, वहीं बागियों को जिताने वाले संगठनों के पदाधिकारी यह साबित करने की कोशिश में हैं संगठन से प्रत्याशी के चयन में गलती हुई है। इसलिए गलती उनकी नहीं वरन संगठन के उन सदस्यों की है। इसलिए उनकी बजाय गलत निर्णय लेने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। दोनों ही स्थितियों में कुल मिलाकर दोनों संगठनों का ही नुकसान होना है।

छात्र संगठनों का तिलिस्म अब टूटने की ओर !

नैनीताल। डीएसबी परिसर की छात्र राजनीति के इतिहास की बात करें तो राज्य बनने के बाद ही यहां प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा-कांग्रेस ने छात्र राजनीति में पैठ बनानी शुरू की। राज्य बनने के बाद 2001 का पहला चुनाव जीते अभिषेक कनवाल तक यहां छात्र राजनीति पार्टियों की राजनीति से इतर थी। 2002 में अनुपम कबडवाल अध्यक्ष बने। वे वर्तमान में कांग्रेस के नेता हैं। यहां से राजनीतिक दलों का उदय प्रारंभ हुआ। 2002 में अरविंद पडियार चुनाव जीते तो शपथ दिलाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी डीएसबी परिसर में आये। इसके बाद तो कभी हरीश रावत तो कभी डा. इंदिरा हृदयेश आदि राजनेताओं का परिसर में आगमन खुलकर होने लगा। बावजूद 2004 में अध्यक्ष बने कांग्रेस परिवार से जुड़े दीपक रुबाली कहते हैं उस दौर में स्वयं को किसी राजनीतिक दल से बताने में बुरा लगताा था। प्रत्याशी कई बार चुनाव लड़ते व हारते हुए आखिर में अनुभव प्राप्त कर जीतने तक छात्र राजनीति में रहते थे। इसके बाद कई वर्षों तक डीएसबी की छात्र राजनीति भाजपा-कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों में सिमटने लगी। लेकिन 2008 में लिंगदोह समिति की सिफारिशें लागू होने, खासकर इसमें एक प्रत्याशी के जीवन में एक बार ही चुनाव लड़ने का नियम लागू होने के बाद छात्रों के लिए जीत का केवल एक अवसर रह गया। इन परिस्थितियों में छात्र संगठनों को आगे आने का मौका मिल गया। 2008 से ही अभाविप व एनएसयूआई ने अपने समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाए अलबत्ता खुलकर टिकट की घोषणा नहीं की। इस वर्ष अभाविप के नितिन कार्की को जीत मिली। जबकि 2012 से दोनों संगठनों ने अपने प्रत्याशी उतारने शुरू किये। तब के बाद से हुए 7 चुनावों में अभाविप के 4 एवं एनएसयूआई के 2 उम्मीदवार चुनाव जीते, जबकि इस बार दोनों संगठनों से बागी चुनाव में उतरे और दोनों ही अपने मूल संगठनों के प्रत्याशियों से आगे रहे। वे मतदाताओं को यह समझाकर सहानुभूति की भावनाओं को वोटों में बदलने में सफल रहे कि काफी मेहनत के बावजूद उन्हें संगठन से उपेक्षा मिली है। संगठन छात्रों की राजनीति में अपने हित साध रहे हैं। वहीं अभाविप के नेता रुचिर साह की मानें तो इतने वर्षों में अब संगठनों के परिवार बड़े हो गये हैं, और उनमें स्वयं को बड़ा दर्शाने की खट-पट शुरू हो गयी है। चुनाव परिणाम इन्ही स्थितियों का परिणाम हैं।
कुमाऊं मंडल एवं प्रदेश के अन्य परिसरों-महाविद्यालयों के चुनाव परिणामों को भी देखें तो कुछ बातें साफ तौर पर दिख रही हैं। पहला-दक्षिणपंथी छात्र संगठन अभाविप पूरे प्रदेश में आगे रहा है। यह सत्तारूढ़ भाजपा के लिए शुभ संकेत हो सकता है। किंतु बागियों की जीत से यह संदेश भी साफ है कि जमीनी संगठन की अनदेखी उनके लिए भारी पड़ सकती है। अपने समर्थक वर्ग की उपेक्षा न अभाविप के लिए अच्छे भविष्य का संकेत हो सकती है और न ही भाजपा के लिए।

डीएसबी परिसर में राज्य बनने के बाद अब तक बने छात्र संघ अध्यक्ष, और उनका वर्तमान :

वर्ष     छात्र संघ अध्यक्ष   जुड़ाव             वर्तमान में
2001 अभिषेक कनवाल   निर्दलीय          पीसीएस अधिकारी
2002 अनुपम कबडवाल   कांग्रेस           कांग्रेस नेता
2003 अरविंद पडियार     भाजपा           कुविवि कार्यपरिषद सदस्य
2004 दीपक रुबाली        कांग्रेस            अधिवक्ता
2005 नरेंद्र बिष्ट                भाजपा           जागेश्वर से राजनीति में सक्रिय
2006 हिमांशु पांडे           कांग्रेस              ग्राम प्रधान बेलुवाखान
2007 सचिन नेगी             कांग्रेस              छात्र राजनीति में सक्रिय
2008 नितिन कार्की          भाजपा             जिलाध्यक्ष भाजपा युवा मोर्चा
2009 सुंदर मेहरा             कांग्रेस             अधिवक्ता
2010 शिवम राठौर          अभाविप          यूपी में
2011 सौरभ रावत            एनएसयूआई   छात्र राजनीति में सक्रिय
2012 सुरेंद्र बिष्ट               अभाविप
2013 मयंक बिष्ट             एनएसयूआई    होटल व्यवसाय रानीखेत
2014 दिग्विजय बिष्ट        अभाविप          छात्र राजनीति में सक्रिय
2015 पंकज भट्ट             अभाविप          छात्र राजनीति में सक्रिय
2016 दिग्विजय मेहरा      एनएसयूआई
2017 अभिषेक मेहरा      अभाविप छात्र राजनीति में सक्रिय
2018 मयंक महर           अभाविप बागी

डीएसबी परिसर छात्र संघ चुनाव: अभाविप के बागी महेश महर बने अध्यक्ष, अंकित सचिव

डीएसबी परिसर छात्र संघ चुनाव में विजयी रहे प्रत्याशी।

-छात्र संगठनों के उभार के बाद पहली बार निर्दलीय ने तोड़ा छात्र संगठनों का दबदबा
नैनीताल, 8 सितंबर 2018। कुमाऊं विवि के सर्वप्रमुख मुख्यालय स्थित डीएसबी परिसर में शनिवार को हुए छात्र संघ के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बागी महेश सिंह महर ने अध्यक्ष पद का प्रतिष्ठित चुनाव जीत लिया है। वहीं अंकित चंद्रा सचिव, शिवानी पवार छात्रा उपाध्यक्ष, मनोज बिष्ट छात्र उपाध्यक्ष, सोनू कनवाल संयुक्त सचिव, माणिक चंद्र कोषाध्यक्ष एवं प्रभात पंत विश्वविद्यालय प्रतिनिधि निर्वाचित हुए हैं।
अध्यक्ष पद पर मुख्य मुकाबला अभाविप व अभाविप के बागी महेश महर के बीच रहा। महर को 924, अभाविप प्रत्याशी पूनम बवाड़ी को 666, एनएसयूआई के बागी हिमांशु बिष्ट को 660, एनएसयूआई प्रत्याशी ललित बोरा को चौथे स्थान पर रहते हुए 485 और मनोज कुमार को 401 मत मिले। वहीं छात्रा उपाध्यक्ष पद पर शिवानी पवार 1622 मत पाकर बड़े अंतर से जीतीं। जबकि वैशाली पांडे को 881 व सोनी अनीश को 506, छात्र उपाध्यक्ष पद पर मनोज बिष्ट को 1690 व तरुण राज को 1391, सचिव पद पर पूरे चुनाव में सर्वाधिक 1801 व नवीन जोशी को 1139, संयुक्त सचिव पद पर छात्रा सोनू कनवाल को 1181, आकाश बिष्ट को 1135 व दीपक रौतेला को 671, कोषाध्यक्ष पद पर माणिक चंद्र को 1611 व रोहित कुमार को 1349 तथा विवि प्रतिनिधि पद पर प्रभात पंत को 1224, हिमांशु बिष्ट को 951 व दीपांक आर्या को 870 वोट मिले। चुनाव परिणामों के उपरांत विजयी प्रत्याशियों को डीएसडब्लू प्रो. पीएस बिष्ट ने पद की शपथ भी दिला दी गयी।

शनिवार को डीएसबी परिसर छात्र संघ चुनावों में वोट डालने के लिए कतार में खड़ी छात्राएं।

इससे पूर्व पूरी तरह से शांतिपूर्वक संपन्न हुए। कुल 5427 मतों में से करीब 3200 यानी 59 फीसद छात्र-छात्राओं ने कुल 10 पदों के लिए 23 प्रत्याशियों में से अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को चुनने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान परिसर में भारी सुरक्षा प्रबंध रहे। बिना पहचान पत्र के परिसर में छात्र-छात्राओं का प्रवेश नहीं दिया गया, साथ ही मेटल डिटेक्टर से सभी छात्र-छात्राओं की जांच भी की गयी। परिणामों के उपरांत विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ विजयी जुलूस निकाला, जबकि प्रत्याशियों को पुलिस के पहरे में घर छोड़ा गया।

त्रिवेंद्र, मुबी व रूबी निर्विरोध जीते
नैनीताल। डीएसबी परिसर के छात्र संघ चुनावों में पहली बार बने सांस्कृतिक सचिव पद पर एकमात्र प्रत्याशी त्रिवेंद्र साह सहित कला संकाय प्रतिनिधि के पद पर मुबी सिरा बी व विज्ञान संकाय प्रतिनिधि पद पर रूबी नेगी ने एकमात्र नामांकन कराया था। इसलिये यह प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गये हैं।
नोटा पर भी पड़े वोट
नैनीताल। छात्र संघ चुनाव में दूसरे वर्ष भी नोटा का प्राविधान किया गया था। अध्यक्ष पद पर 20, छात्रा उपाध्यक्ष पदपर 93, छात्र उपाध्यक्ष पद पर 125, सचिव पद पर 146, संयुक्त सचिव पद पर 160, कोषाध्यक्ष पद पर सर्वाधिक 161 एवं विवि प्रतिनिधि पद पर 90 वोट पड़े। वहीं अध्यक्ष पद पर 53, छात्रा उपाध्यक्ष पद पर 107, छात्र उपाध्यक्ष पद पर 33, सचिव पद पर 123, संयुक्त सचिव पद पर 62, कोषाध्यक्ष पद पर सर्वाधिक 86 एवं विवि प्रतिनिधि पद पर 74 मत अवैध घोषित हुए।

डीएसबी परिसर में शनिवार को शराब पीते हुए मिले छात्र पुलिस की गिरफ्त में।

डीएसबी परिसर में मतदान के दौरान शराब पीते मिले छात्र
नैनीताल, एसएनबी। कुमाऊं विवि के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर में क्या-क्या हो रहा है, शनिवार को छात्र संघ के चुनाव के दौरान इसकी झलक देखने को मिली। यहां पुरानी कैंटीन के पास बीकॉम प्रथम सेमेस्टर के बताये जा रहे तीन छात्र शराब पीते हुए मिले। मल्लीताल कोतवाली के उपनिरीक्षण मनोज नयाल की अगुवाई में पुलिस कर्मियों ने इन्हें शराब पीते हुए दबोच लिया। बाद में पुलिस कर्मी उन्हें कोतवाली ले आये और उनके भविश्य को देखते हुए 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान करके और हिदायत देकर छोड़ दिया।

देखें विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र संघ चुनाव परिणाम:

जनपद चम्पावत महाविद्यालयों में 8 सितम्बर को हुए निर्वाचन की स्थिति :

राजकीय महाविद्यालय, देवीधुरा
अध्यक्ष- पंकज कठायत (निर्दलीय)

राजकीय महाविद्यालय, लोहाघाट
अध्यक्ष- संदीप बगोली (एबीवीपी)

राजकीय महाविद्यालय, चम्पावत
अध्यक्ष- पारस महर (एबीवीपी)

राजकीय महाविद्यालय, अमोड़ी
अध्यक्ष- मनीषा चौहान (मनोनीत)

राजकीय महाविद्यालय, टनकपुर
अध्यक्ष-सूरज उर्फ चिंटू (निर्दलीय)

राजकीय महाविद्यालय, बनबसा
अध्यक्ष-सुरभि चन्द (एबीवीपी)

हल्द्वानी- कुमाऊँ के सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी में लहराया ABVP का परचम

ABVP के अध्यक्ष प्रत्याशी गौरव कोरंगा ने जीत की दर्ज

ABVP के गौरव कोरंगा ने NSUI के हिमांशु बिष्ट को 959 वोटों से हराया

उपाध्यक्ष पद पर सौरभ आर्या, छात्रा उपाध्यक्ष शोभा जोशी, सचिव गौरव सनवाल, उपसचिव रवि यादव, कोषाध्यक्ष पद पर हिमांशु जोशी जीते

विश्वविद्यालय प्रतिनिधि कृति तिवारी, सांस्कृतिक सचिव सागर अधिकारी, कला संकाय प्रतिनिधि अजहर मलिक, वाणिज्य संकाय अजय जीना, विज्ञानं संकाय पद पर ललित मोहन पंत जीते

हल्द्वानी-कुमाऊं के एकमात्र महिला महाविद्यालय में ABVP का कब्ज़ा :

ABVP की अध्यक्ष प्रत्याशी दीपिका जोशी ने की जीत दर्ज

ABVP प्रत्याशी दीपिका जोशी ने NSUI प्रत्याशी सिमरन वर्मा को 82 वोटों से हराया

उपाध्यक्ष पद पर प्रियंका मेहरा, सचिव में प्रियंका जोशी, संयुक्त सचिव में मीनल डंगवाल कोषाध्यक्ष में मीनाक्षी आर्य हुई निर्वाचित।

लालबहादुर शास्त्री महाविद्यालय हल्दूचौड़ छात्र संघ चुनाव परिणाम :
अध्यक्ष-
1- अशोक नेगी – 373 वोट
2- महेंद्र दानू – 309 वोट

उपाध्यक्ष–

1- धीरज जोशी – 301 वोट
2- हिमांशु बमेटा- 382 वोट

सचिव पद पर-
1- गौरव मठपाल- 349 वोट
2- उज्ज्वल दानू – 332 वोट

विश्विद्यालय प्रतिनिधि-
1- मेघा करायत – 317 वोट
2- नीतीश धारियाल – 352 वोट

छात्रा उपाध्यक्ष-
किरन चोपड़ा निर्विरोध निर्वाचित।

कोषाध्यक्ष-
मुकेश चंद्र जोशीनिर्विरोध जीते

संयुक्त सचिव पर-
पारस भट्ट निर्विरोध नीर्वाचित

सांस्कृतिक सांस्कृतिक सचिव-

पंकज जोशी निर्विरोध

कालाढुंगी कोटाबाग राजकीय महाविद्यालय परिणाम :

एनएसयुआई से अर्जुन सिंह ने अध्यक्ष पद पर की जीत दर्ज।

एबीवीपी की गीता बोहरा बनी विश्वविद्यालय प्रतिनिधि।

ब्रेकिंग न्यूज़ : कल 8 सितंबर को नैनीताल रामनगर तथा हल्द्वानी के शहरी क्षेत्र के सभी स्कूल बंद रहेंगे

नैनीताल, 7 सितंबर 2018। 8 सितंबर 2018 को छात्रसंघ के चुनाव को देखते हुए जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने नैनीताल रामनगर तथा हल्द्वानी के नगर निगम तथा नगर पालिका क्षेत्र में आने वाले 12वी तक के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। श्री सुमन ने कहा है कि छात्र संघ का चुनाव शांतिपूर्ण में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो इसलिए नगर निगम व नगर पालिका क्षेत्र के इन तीनों नगरों के के सभी विद्यालय शनिवार 8 सितंबर को पूर्णता बंद रहेंगे। उन्होंने अपने जारी आदेश में यह भी निर्देश दिए हैं कि शनिवार को ग्रामीण क्षेत्रों के सभी विद्यालय पूर्णता खुले रहेंगे और शिक्षण कार्य होगा। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता एवं उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं छात्र संघ के दृष्टिगत संबंधित क्षेत्र के विद्यालयों को बंद किए जाने के आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं। यदि कोई विद्यालय आदेशों के बावजूद भी खुला पाया जाता है तो विद्यालय प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारी तथा प्रधानाचार्य के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

रामनगर पीएनजी डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष प्रत्याशी रावत का नामांकन निरस्त किये जाने का आदेश निरस्त

नैनीताल, 7 सितंबर 2018। हाईकोर्ट ने मुख्य चुनाव अधिकारी की ओर से 5 सिंतबर 2018 को रामनगर पीएनजी डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष पद के दावेदार का नामांकन निरस्त किये जाने के आदेश को निरस्त कर दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश राजीव शर्मा एवम न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार जीतेन्द्र सिंह रावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वे रामनगर पीएनजी डिग्री कॉलेज का छात्र है और उसने अध्यक्ष पद के दावेदार के लिए नामांकन भरा था। लेकिन मुख्य चुनाव अधिकारी की ओर से 5 सिंतबर 2018 को उसका नामांकन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उसके खिलाफ आपराधिक मामले है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि वर्तमान में उसके खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा नही है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मुख्य चुनाव अधिकारी की ओर से 5 सिंतबर 2018 को याचिकाकर्ता के नामांकन निरस्त किये जाने के आदेश को निरस्त कर दिया है।

छात्र संघ चुनाव आम सभा में वादों-दावों, हो-हल्ले व हल्की झड़प का कॉकटेल

-अभाविप व उसके बागी गुट के बीच की प्रतिद्धंद्धिता आयी सामने
नैनीताल, 7 सितंबर 2018। कुमाऊं विवि के सर्वप्रमुख मुख्यालय स्थित डीएसबी परिसर में अब तक एनएसयूआई व उसके बागी गुट की प्रति़द्वंद्विता ही अधिक नजर आ रही थी। किंतु शुक्रवार को चुनाव से पहले होने वाली आम सभा में अभाविप यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व उसके बागी गुट के बीच की प्रतिद्धंद्धिता सामने आ गयी। वर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष अभिषेक मेहरा के प्रत्याशियों के बीच मंच पर बैठने को लेकर बागी गुट के समर्थकों ने हो-हल्ला किया, और मंच से उतरने की मांग की। अभिषेक अभाविप की अध्यक्ष पद की प्रत्याशी पूनम बवाड़ी के संबोधन के बाद मैदान से उतरे। उनके लौटने पर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच हल्की झड़प-हाथापाई की स्थिति बनी, जिसे पुलिस के जवानों ने शांत करा दिया। इस बीच मंच से प्रत्याशियों द्वारा अपनी ओर से शेरो-शायरियों के साथ वादों व दावों के साथ ही विरोधियों पर आरोप-प्रत्यारोपों की झड़ी लगायीं, जबकि मंच से नीचे प्रत्याशियों के समर्थक हो-हल्ला, अपने प्रत्याशी का उत्साहवर्धन व अन्य को हतोत्साहित करते नजर आये।
उधर मंच से जहां अध्यक्ष पद पर अभाविप की प्रत्याशी पूनम बवाड़ी ने स्वयं को छात्र राजनीति में सक्रिय व अन्य को केवल चुनाव के समय उभरे नेता करार दिया, तथा स्वयं को परिसर की समस्याओं वे वाकिफ बताते हुए पहली बार छात्रा को चुनाव जिताकर इतिहास रचने का आह्वान किया। वहीं अभाविप के बागी प्रत्याशी महेश सिंह महर व एनएसयूआई के बागी हिमांशु बिष्ट ने कहा कि छात्र संगठनों ने छात्रों को अपना खिलौना मान लिया है। और वे सोचते हैं कि जिसे भी वे टिकट दे देंगे वही जीतेगा। इस धारणा को इस बार बदलना है। एनएसयूआई प्रत्याशी ललित बोरा व नीले झंडे के साथ अनुसूचित वर्ग से मैदान में आये मनोज कुमार ने भारत माता की जय से अपना संबोधन शुरू किया। उपाघ्यक्ष प्रत्याशी तरुण राज व मनोज बिष्ट, छात्रा उपाध्यक्ष प्रत्याशी वैशाली पांडे, शिवानी पवार व सोनी अनीस, सचिव प्रत्याशी अंकित चौधरी व नवीन जोशी, संयुक्त सचिव प्रत्याशी आकाश बिष्ट, दीपक रौतेला व सोनू कनवाल, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि प्रत्याशी प्रभात पंत, हिमांशु बिष्ट व दीपक आर्या तथा कोषाध्यक्ष प्रत्याशी रोहित कुमार व माणिक चंद्रा प्रत्याशी ने भी शेरो-शायरियों के साथ वादों व दावों की झड़ी लगायीं। वहीं एकमात्र निर्वाचन के कारण पहले ही कमोबेश निर्विरोध निर्वाचित पहली बार बने सांस्कृतिक सचिव प्रत्याशी त्रिवेंद्र साह, कला संकाय प्रतिनिधि प्रत्याशी मुबी सिरा बी, विज्ञान संकाय प्रतिनिधि प्रत्याशी रूबी नेगी ने निर्विरोध निर्वाचन के लिए आभार जताते हुए आगे जिम्मेदारी पर खरा उतरने की बात कही।
5417 छात्र-छात्राएं करेंगे आज मतदान
नैनीताल। शनिवार को डीएसबी परिसर में छात्र संघ चुनावों के लिए मतदान करेंगे और 10 पदों के लिए 23 प्रत्याशियों में अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को चुनेंगे। चुनाव के लिए भारी सुरक्षा प्रबंध किये गये हैं। बिना पहचान पत्र के परिसर में छात्र-छात्राओं का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है।
पहली बार सबसे आखिर में हुआ अध्यक्ष प्रत्याशियों का संबोधन
नैनीताल। बीते वर्षों में हमेशा अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों का संबोधन सबसे पहले होता था, लेकिन इस वर्ष पहली बार अध्यक्ष प्रत्याशियों का संबोधन सबसे आखिर में हुआ। ऐसा इसलिये कि तय समय पर काफी इंतजार के बाद भी अध्यक्ष पद के एक प्रत्याशी मनोज कुमार को छोड़कर शेष 4 प्रत्याशी नहीं आये थे। इसलिए अपराह्न एक बजे कला संकाय के प्रतिनिधि प्रत्याशियों से संबोधन शुरू करवा दिया गया। देरी से पहुंचने पर अध्यक्ष प्रत्याशियों को शिक्षकों से डांट भी सुननी पड़ी।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के डीएसबी परिसर में नामांकन के दौरान प्रत्याशियों ने पेश की यह अनूठी मिसाल

-अध्यक्ष पद के सभी प्रत्याशियों ने एक साथ कराया नामांकन
-सचिव पद पर केवल एक प्रत्याशी प्रकाश सिंह को छोड़कर नामांकन लेने पत्र लेने वाले सभी प्रत्याशियों ने कराया नामांकन, सभी के नामांकन वैध पाये गये, कुल 10 पदों के लिए 23 प्रत्याशी मैदान में
-सांस्कृतिक सचिव तथा कला व विज्ञान संकायाध्यक्ष पदों के लिए केवल 1-1 प्रत्याशियों के नामांकन होने के कारण इनका निर्विरोध निर्वाचन तय

बुधवार को डीएसबी परिसर में नामांकन कराते अध्यक्ष पद के सभी प्रत्याशी।

नैनीताल, 6 सितम्बर 2018 । छात्र संघ चुनावों के लिए हल्द्वानी, रामनगर सहित अनेक स्थानों पर बनी तनातनी की स्थितियों के बीच कुमाऊं विवि के सर्वप्रमुख मुख्यालय स्थित डीएसबी परिसर में बृहस्पतिवार को नामांकन कराने की प्रक्रिया बेहद शांति के सााि व सौहार्दपूर्ण माहौल में पूरी हुई। प्रत्याशियों ने यहां बिना कोई जुलूस निकाले व ताकत दिखाये नामांकन किये गये। यहां तक कि अध्यक्ष पद के सभी प्रत्याशियों के द्वारा एक साथ अपने नामांकन कराये। सचिव पद पर केवल एक प्रत्याशी प्रकाश सिंह को छोड़कर नामांकन लेने पत्र लेने वाले सभी प्रत्याशियों ने नामांकन कराये गये, तथा सभी के नामांकन वैध भी पाये गये। ऐसे में सांस्कृतिक सचिव तथा कला व विज्ञान संकायाध्यक्ष पदो ंके लिए केवल 1-1 प्रत्याशियों ने लिये नामांकन होने के कारण इनका निर्विरोध निर्वाचन भी तय हो गया है। अब शुक्रवार को प्रत्याशियों की आम सभा एवं शनिवार को मतदान एवं चुनाव परिणामों की घोषणा व नयी छात्र संघ का शपथ ग्रहण होगा।
नामांकन की प्रक्रिया के बाद अध्यक्ष पद पर लंबे समय बाद 5 प्रत्याशी एनएसयूआई के ललित बोरा, एनएसयूआई के बागी हिमांशु बिष्ट, निर्दलीय मनोज कुमार, अभाविप की पूनम बवाड़ी व अभाविप के बागी महेश सिंह महर, उपाघ्यक्ष पद के लिए तरुण राज व मनोज बिष्ट, छात्रा उपाध्यक्ष पद पर वैशाली पांडे, शिवानी पवार व सोनी अनीस, सचिव पद पर अंकित चौधरी व नवीन जोशी, संयुक्त सचिव पद पर आकाश बिष्ट, दीपक रौतेला व सोनू कनवाल, पहली बार बने सांस्कृतिक सचिव पद पर त्रिवेंद्र साह, कला संकाय प्रतिनिधि पद पर एकमात्र मुबी सिरा बी, विज्ञान संकाय प्रतिनिधि पद पर रूबी नेगी, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के पद पर प्रभात पंत, हिमांशु बिष्ट व दीपक आर्या तथा कोषाध्यक्ष के पद पर रोहित कुमार व माणिक चंद्रा प्रत्याशी हैं। चुनाव के दो दिन शेष रहने तक कुल कितने छात्र मतदान करेंगे यह अभी तय नहीं हुआ है

सचिव पद के लिए नवीन जोशी के नामांकन पर आपत्ति खारिज

नैनीताल। सचिव पद पर प्रत्याशी अंकित चंद्रा ने दूसरे प्रत्याशी नवीन जोशी द्वारा दो नामांकन संख्या लिये जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करायी गयी। किंतु जांच में आपत्ति खारिज कर दी गयी।

बेतालघाट में सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन, एबीवीपी की जीत
नैनीताल। जिले के राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट में छात्र संघ के सभी पदों पर निर्विरोघ निर्वाचन हो गया है। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की रेनू बोहरा व विवि प्रतिनिधि पद पर मनीषा बिष्ट के साथ ही उपाध्यक्ष पद पर ललित सिंह, उपाध्यक्ष छात्रा डॉली बोहरा, सचिव पूजा व कोषाध्यक्ष निर्मला बधानी बनी हैं।

डीएसबी में गेरुए के साथ पीले व काले झंडों पर जोर

नैनीताल। डीएसबी परिसर में खासकर अध्यक्ष पद प्रत्याशियों के खुले समर्थकों की पहचान उनके गले अथवा हाथ में लिपटे कपड़े से हो रही है। अभाविप प्रत्याशी समर्थक जहां परंपरागत गेरुवे रंग के कपड़े लिये हैं तो अभाविप के बागी महेश महर समर्थक पीले और एनएसयूआई के बागी हिमांशु बिष्ट समर्थक काले रंग से पहचान व जोश बढ़ा रहे हैं।

10 पदों के लिए 24 प्रत्याशी करा रहे नामांकन, एनएसयूआई व एनएसयूआई के बागियों में दिख रही अधिक प्रतिद्वंद्विता

-वाणिज्य संकायाध्यक्ष पद के लिए किसी ने नहीं लिया नामांकन पत्र, जबकि सांस्कृतिक सचिव तथा कला व विज्ञान संकायाध्यक्ष पदों के लिए केवल 1-1 प्रत्याशियों ने लिये नामांकन पत्र
नैनीताल, 5 अगस्त 2018। कुमाऊं विवि के सर्वप्रमुख मुख्यालय स्थित डीएसबी परिसर में बुधवार को नामांकन पत्रों की बिक्री की प्रक्रिया पूरी हुई। अध्यक्ष पद पर लंबे समय बाद 5 प्रत्याशी एनएसयूआई के ललित बोरा, एनएसयूआई के बागी हिमांशु बिष्ट, निर्दलीय मनोज कुमार, अभाविप की पूनम बवाड़ी व अभाविप के बागी महेश सिंह महर, उपाघ्यक्ष पद के लिए तरुण राज व मनोज बिष्ट, छात्रा उपाध्यक्ष पद पर वैशाली पांडे, शिवानी पवार व सोनी अनीस, सचिव पद पर प्रकाश सिंह, अंकित चौधरी व नवीन जोशी, संयुक्त सचिव पद पर आकाश बिष्ट, दीपक रौतेला व सोनू कनवाल, पहली बार बने सांस्कृतिक सचिव पद पर त्रिवेंद्र साह, कला संकाय प्रतिनिधि पद पर एकमात्र मुबी सिरा बी, विज्ञान संकाय प्रतिनिधि पद पर रूबी नेगी, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के पद पर प्रभात पंत, हिमांशु बिष्ट व दीपक आर्या तथा कोषाध्यक्ष के पद पर रोहित कुमार व माणिक चंद्रा ने नामांकन पत्र लिये हैं। आगे बृहस्पतिवार को नामांकन दाखिल किये जाएंगे व नामांकन वापसी तथा नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद शुक्रवार को प्रत्याशियों की आम सभा एवं शनिवार को मतदान एवं चुनाव परिणामों की घोषणा व नयी छात्र संघ का शपथ ग्रहण होगा।

एनएसयूआई व बागियों के बीच हुई हल्की घक्का-मुक्की

बुधवार को डीएसबी परिसर में धक्का-मुक्की करते हुए एनएसयूआई व एनएसयूआई बागी प्रत्याशी के समर्थक।

नैनीताल। डीएसबी परिसर में छात्र संघ चुनाव के लिए सर्वाधिक प्रतिस्पर्धा एनएसयूआई प्रत्याशी ललित बोरा व एनएसयूआई के बागी हिमांशु बिष्ट के समर्थकों में दिखाई दे रही है। बुधवार को दोनों प्रत्याशियों के समर्थक परिसर में प्रचार के दौरान आमने-सामने आ गये और उनमें हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि जल्द ही वरिष्ठ नेताओं के बीच बचाव से विवाद फिलहाल शांत हो गया। अलबत्ता विवाद के आगे भी बरकरार रहने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे विवादों की स्थिति के लिए परिसर में बाहर-अंदर काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। एएसपी हरीश चंद्र सती व तल्लीताल थाना प्रभारी राहुल राठी सहित कई दरोगा व पुलिस कर्मी परिसर में डटे रहे।

छात्र संघ चुनाव में बदलता ट्रेंड: छात्र राजनीति में आ रहे विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी

-डीएसबी परिसर के छात्र संघ चुनावों में आधे से अधिक प्रत्याशी विज्ञान वर्ग से
नवीन जोशी, नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर में आगामी 8 सितंबर को होने वाले छात्र संघ चुनावों के लिए प्रत्याशियों के जो नाम सामने आ रहे हैं, उससे छात्र राजनीति का बदलता ट्रेंड नजर आ रहा है। अब तक ऐसा माना जाता था कि पढ़ाई में कम अच्छे व कला वर्ग के विद्यार्थी ही छात्र राजनीति में आते हैं। लेकिन अब विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी भी इस क्षेत्र में आ रहे हैं। इसे लिंगदोह समिति की सिफारिशें लागू होने का सकारात्मक प्रभाव माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि परिसर के मौजूदा अध्यक्ष अभिषेक मेहरा भी विज्ञान वर्ग और उसमें भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस-भू विज्ञान विभाग के छात्र हैं।
इस वर्ष छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद के पांच संभावित प्रत्याशियों में से दो-एबीवीपी की प्रत्याशी पूनम बवाड़ी एमएससी रसायन विज्ञान विभाग, एबीवीपी के बागी महेश महर एमएससी-आईटी यानी विज्ञान वर्ग से हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे दो में से एक प्रत्याशी मनोज बिष्ट एमएससी-गणित, छात्रा उपाध्यक्ष पद की तीन में 2 प्रत्याशी वैशाली पांडे व शिवानी पवार एमएससी जंतु विज्ञान, संयुक्त सचिव पद की दो में से एक सोनी कनवाल बीएससी, कोषाध्यक्ष पद के दो में से एक माणिक चंद्र बीएससी तथा विश्वविद्यालय प्रतिनिधि तीन में से दो प्रत्याशी हिमांशु बिष्ट एमएससी एवं प्रभात पंत एमएससी रसायन विज्ञान के विद्यार्थी हैं। इस बारे में पूछे जाने पर एमएससी-गणित के विद्यार्थी उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी मनोज बिष्ट का कहना है कि सामान्यतया राजनीति में जाना भ्रष्टाचार के मार्ग पर जाना माना जाता है। लेकिन युवा शक्ति को ही इस धारणा को बदलना होगा। साथ ही देश को बदलने से पहले खुद को बदलने की भी जरूरत है। इसी बात को लेकर वे राजनीति में आ रहे हैं। वहीं विवि प्रतिनिधि पद की प्रत्याशी एमएससी की छात्रा हिमांशु बिष्ट का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान आदि से प्रेरित हैं तथा कॉलेज में छात्र व छात्राओं तथा आरक्षित व गैर आरक्षित वर्ग में होने वाले विभेद की समस्या की समस्याओं के खिलाफ कार्य करना चाहती हैं। उन्हें पता है इससे उनकी विज्ञान वर्ग की कठिन पढ़ाई पर प्रभाव पड़ सकता है। इस हेतु वे बेहतर समय प्रबंधन का सहारा लेंगी।

अभाविप ने बेतालघाट में छात्राओं पर जताया भरोसा

नैनीताल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट के लिए अध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। दोनों पदों के लिए छात्राओं को मौका दिया गया है। जिला संगठन मंत्री भास्कर बोरा ने बताया कि अध्यक्ष पद पर रेनू बोहरा ओर विवि प्रतिनिधि पद पर मनीषा बिष्ट परिषद की प्रत्याशी होंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से दोनों प्रत्याशियों को जिताने की अपील की है।

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-हालांकि एबीवीपी पिछले कार्यों एवं संगठन के बल पर कर रहे जीत का दावा
-कांग्रेस-एनएसयूआई में अजीबोगरीब स्थिति, दोनों के प्रत्याशी आमने-सामने, तीन निर्दलीय सहित कुल पांच प्रत्याशी हो सकते हैं मैदान में
नवीन जोशी, नैनीताल (3  सितम्बर 2018 )। कुमाऊं विश्वविद्यालय के सर्वप्रमुख मुख्यालय स्थित डीएसबी परिसर में आगामी मंगलवार से शुरू और 8 सितंबर को पूरी हो रही चुनाव प्रक्रिया कई मायनों में अलग हो सकती है। लिंगदोह समिति की सिफारिशें पूरी होने और एक तरह से छात्र संघ चुनावों के प्रति कुछ हद तक घटते उत्साह के बीच इस चुनाव में लंबे समय बाद अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रमुख छात्र संगठनों-एबीवीपी यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व एनएसयूआई यानी भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के साथ ही तीन निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हो सकते हैं। इन स्थितियों के यह बात प्रमुख रूप से कही जा रही है कि दोनों संगठनों ने अपने प्रबल प्रत्याशियों के बजाय दूसरे अपेक्षित कमजोर प्रत्याशी पर दांव लगाया है। स्थिति यहां तक है कि कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोग एनएसयूआई के बागी को खुलकर अपना प्रत्याशी बताने से गुरेज नहीं कर रहे। ऐसे में कमोबेश पहली बार कांग्रेस पार्टी सीधे तौर पर अपने आनुषांगिक छात्र संगठन एनएसयूआई के प्रत्याशी के सामने आ खड़ी हुई है। यहां तक कहा जा रहा है कि मुख्य मुकाबला इस बार एबीवीपी व एनएसयूआई के बागियों के बीच होगा।
उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पहली बार डीएसबी परिसर के अध्यक्ष पद पर एक छात्रा पूनम बवाड़ी को अपना प्रत्याशी बनाया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष एनएसयूआई ने ऐतिहासिक तौर पर इस पद के लिए छात्रा प्रत्याशी को मैदान में उतारा था, जिन्हें एबीवीपी के अध्यक्ष प्रत्याशी अभिषेक मेहरा से अब तक की सबसे बड़ी हार मिली। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष पद पर एबीवीपी से महेश मेहर अधिक मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे थे, किंतु कुछ ‘पुराने’ कारणों से उनकी जगह पूनम को टिकट दिया गया। कुछ इसी तरह एनएसयूआई से हिमांशु बिष्ट तैयारी कर रहे थे, किंतु टिकट ललित बोरा को मिल गया। एक कांग्रेस नेता ने इस बारे में बताया कि बोरा का नाम एनएसयूआई के नगर, जिला या प्रदेश स्तर से अनुमोदित हुए बिना ही राष्ट्रीय सचिव निखिल कांबले के स्तर से फाइनल हुआ। इससे संगठन में अपनी उपेक्षा को लेकर गहरा आक्रोश है। ऐसे में स्थानीय एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस और कांग्रेस से जुड़े युवा भी खुलकर बिष्ट के लिए तैयारी कर रहे हैं, और उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी बताने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उनका मानना है कि मुख्य मुकाबला उनके यानी एनएसयूआई के बागी हिमांशु बिष्ट और एबीवीपी के बागी महेश महर के बीच होगा। इन परिस्थितियों में यह चुनाव कांग्रेस से नगर पालिका अध्यक्ष पद के कम से कम दो युवा दावेदारों की प्रतिष्ठा का प्रश्न भी बन गए हैं। मुकाबले में अनुसूचित वर्ग एवं पाइंस छात्रावास से आने वाले तीसरे निर्दलीय प्रत्याशी मनोज कुमार से सभी प्रत्याशियों के समीकरणों को बिगाड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि इधर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और आगे 9 सितंबर से तीन दिन के अवकाशों के दृष्टिगत बाहरी छात्र-छात्राएं घर जा सकते हैं। ऐसे में मतदान प्रतिशत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि पहली बार पांच प्रत्याशियों के मैदान में होने और सभी द्वारा अपने पक्ष में मतदाताओं को रोके जाने से यह प्रभाव प्रभावहीन भी हो सकता है। अलबत्ता एबीवीपी संगठन से जुड़े छात्र नेताओं का मानना है कि वर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष एवं चुनाव से पूर्व छात्रों के लिए लगातार किये गये कार्यों के बूते उनकी प्रत्याशी ही इस बार पहली महिला छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में इतिहास रचेगी।

उधर सचिव पद पर एबीवीपी से जुड़े नवीन जोशी तथा छात्रा उपाध्यक्ष पद पर रंगकर्म व विभिन्न खेलों से जुड़ी सोनी अनीश आदि प्रत्याशियों की स्थिति भी मजबूत बतायी जा रही है। इधर रविवार को परिसर में चुनावों के लिए गहमागहमी चरम पर रही।

लिंगदोह समिति की प्रमुख सिफारिशें :

  • उम्र सीमा यूजी में 22 वर्ष, पीजी के लिए 25 वर्ष व शोध छात्र के लिए 28 वर्ष।
  •  चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी।
  • चुनाव लड़ने के लिए नियमित छात्र होना जरूरी।
  • आपराधिक रिकॉर्ड, मुकदमा, सजा या अनुशासनात्मक कार्रवाई पर चुनाव से बैन।
  • एक प्रत्याशी का अधिकतम खर्च पांच हजार रुपये।
  • प्रिंटेड पोस्टर, पम्फलेट या प्रचार सामग्री के प्रयोग की अनुमति नहीं।
  • कैंपेन में लाउड स्पीकर, वाहन एवं जानवरों का प्रयोग अनुबंधित।

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नैनीताल, 30 अगस्त 2018। कुमाऊं विश्वविद्यालय के दोनों परिसरों-डीएसबी परिसर नैनीताल व एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में छात्र संघ चुनाव आठ सितंबर को होंगे, और इसी दिन चुनाव परिणामों की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही इसी दिन दोनों परिसरों को विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों के नाम भी देने होंगे, जिसके बाद 12 सितंबर को अल्मोड़ा परिसर में छात्र महासंघ के चुनाव कराये जाएंगे। वहीं विवि से संबद्ध सभी महाविद्यालयों से भी लिंगदोह समिति की सिफारिशों का पूर्ण पालन करते हुए आठ सितंबर से पहले छात्र संघ चुनाव कराने को कहा गया है।
बृहस्पतिवार को आयोजित विवि प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री के आदेशों के क्रम में यह निर्णय लिये गये। तय कार्यक्रम के अनुसार दोनों परिसरों में 6 सितंबर केा नामांकन व नाम वापसी तथा 7 को आमसभा होंगी। छात्र महासंघ चुनाव हेतु अल्मोड़ा परिसर के निदेशक प्रो. आरएस पथनी को चुनाव अधिकारी बनाया गया है।

डीएसबी परिसर में अभाविप के अभिषेक रिकार्ड 1555 मतों से जीते

डीएसबी परिसर छात्र संघ चुनाव में विजयी रहे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव व कोषाध्यक्ष आदि।

-एनएसयूआई को तगड़ा झटका, उपाध्यक्ष पद पर भी उसके ही नाराज गुट समर्थित प्रत्याशी ऋषभ जोशी ने दर्ज की जीत
-अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई प्रत्याशी को अब तक के इतिहास में मिले सबसे कम वोट

राष्ट्रीय सहारा, 20 सितम्बर 2017, पेज-10

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के सर्वप्रमुख डीएसबी परिसर के लिए मंगलवार को हुए छात्र संघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उम्मीदवार अभिषेक मेहरा ने एनएसयूआई की प्रत्याशी स्वाति तिवाड़ी को रिकार्ड 1555 मतों से हराकर पिछले वर्ष की हार का बदला ले लिया। एनएसयूआई प्रत्याशी को अब तक के इतिहास में सबसे कम वोट मिले हैं। सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं ने अभिषेक की जीत को स्थानीय विधायक संजीव आर्य के छह माह के कार्यकाल का आईना बताया है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर भी एनएसयूआई को चुनाव परिणाम से तगड़ा झटका लगा है, जहां एनएसयूआई को चुनाव के दौरान ही सामूहिक त्याग पत्र देकर अलविदा कहने वाले प्रदेश पदाधिकारी सूरज पांडे समर्थित ऋषभ जोशी ने जीत दर्ज की। छात्रा उपाध्यक्ष पद देहदान की अनुकरणीय पहल करने वाली आकाक्षा तिवाड़ी की झोली में गया। जबकि सचिव पद पर अजय बिष्ट व संयुक्त सचिव पद पर नितिन देवल ने जीत दर्ज की। कोषाध्यक्ष व विज्ञान संकाय प्रतिनिधि पद पर निर्विरोध तरीके से अभाविप को समर्थन दे चुके धीरेंद्र रावत व अरुण बुधानी को तथा कला संकाय प्रतिनिधि पद पर नवीन आर्या को निर्वाचित घोषित किया गया। जबकि विवि प्रतिनिधि के पद पर हिमांशु सेतिया ने जीत दर्ज की। इससे पूर्व पूरी तरह शांतिपूर्वक हुए छात्र संघ चुनाव में कुल 5485 मतदाता छात्र-छात्राओं में से 2757 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं इस बार पहली बार मतदाताओं को नोटा का विकल्प भी दिया गया था। छात्र उपाध्यक्ष के पद पर सबसे कम 27 और संयुक्त सचिव पद पर सर्वाधिक 181 ने नोटा को वोट दिया। अध्यक्ष पद पर 40 ने नोटा का बटन दबाया।

मंगलवार देर शाम करीब सात बजे घोषित परिणामों के अनुसार अध्यक्ष पद पर अभिषेक मेहरा को 2115 व पराजित प्रत्याशी एनएसयूआई की स्वाति तिवाड़ी को मात्र 560, छात्रा उपाध्यक्ष पद पर आकांक्षा तिवाड़ी को 1235, बबीता नैनवाल को 304 व रुचिका नेगी को 1113, उपाध्यक्ष पद पर ऋषभ जोशी को 1131, एनएसयूआई के अविनाश जाटव को 760, भरत भूषण अधिकारी को 314 व विकास कत्यूरा को 452, सचिव पद पर अजय बिष्ट को 1446 व शार्दुल नेगी को 1233, संयुक्त सचिव पद पर नितिन देवल को 1457 व गुंजन चौहान को 1087 तथा विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के पद पर हिमांशु सेतिया को सर्वाधिक 1531, मेघा बिष्ट को 412 व रोहित सुनाल को 692 मत मिले। चुनाव परिणामों के उपरांत देर शाम विजयी प्रत्याशियों को अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. डीएस बिष्ट के द्वारा शपथ भी दिला दी गयी। चुनाव परिणाम हालांकि देरी से घोषित हुए, किंतु इससे काफी पूर्व ही खासकर शुरू से मतगणना में काफी अंतर बना चुके अध्यक्ष प्रत्याशी अभिषेक मेहरा के समर्थकों में जश्न शुरू हो गया था।

मीमांक्षा दोषी साबित, एमबी की परीक्षा समिति भी होगी दंडित

नैनीताल। हल्द्वानी के एमबी स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्रा मीमांक्षा आर्य के प्रवेश के बहुचर्चित मामले में शनिवार को कुमाऊं विवि की ओर से बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। जैसा कि पहले से पूरी संभावना थी, एनएसयूआई के टिकट पर अध्यक्ष पद की प्रत्याशी रही मीमांक्षा का प्रवेश नियम विरुद्ध तरीके से होना साबित हो गया है। अलबत्ता, विवि प्रशासन ने मामले में सूझ-बूझ का परिचय देते हुए छात्रा मीमांक्षा के खिलाफ जल्दबाजी में कोई कार्रवाई करने से बचते हुए उसे नोटिस भेजकर 25 नवंबर तक जवाब मांग लिया है कि क्यों न उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। वहीं इससे पूर्व उसका प्रवेश करने वाली एमबी महाविद्यालय की प्रवेश समिति के दो सदस्यों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय हो गयी है। उच्च शिक्षा निदेशक को इस मामले में प्रवेश समिति के सदस्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा कृत कार्रवाई से विवि को अवगत कराने को कहा गया है।
जानकारी देते हुए कुविवि के कुलसचिव सुधीर बुड़ाकोटी ने कहा कि मीमांक्षा शुरू से एमबी महाविद्यालय की छात्रा रही है। उसके 2013-14 के सत्र में फेल हो जाने के बावजूद उसे प्रवेश मिल गया। इसमें छात्रा के साथ ही प्रवेश समिति भी दोषी है। लिहाजा छात्रा पर कार्रवाई से पूर्व प्रवेश समिति पर कार्रवाई नियमानुसार आवश्यक है।

यह भी पढ़ें : पिछले वर्ष के छात्र संघ चुनाव की ख़बरें : कुमाऊं विवि छात्र संघ चुनाव में इस बार अनुकरणीय छात्र नेता

छात्र संघ के प्रत्याशी अभिषेक मेहरा, विकास कत्यूरा व आकांक्षा तिवाड़ी।
  • छात्रा उपाध्यक्ष प्रत्याशी आकांक्षा तिवाड़ी कर चुकी हैं देहदान की घोषणा 
  • छात्र उपाध्यक्ष प्रत्याशी विकास कत्यूरा बना चुके हैं संस्कृति व पलायन की समस्या पर तीन लघु फिल्में
  • अध्यक्ष प्रत्यासी अभिषेक मेहरा की याचिका पर ही मिला स्थानीय छात्र-छात्राओं को अधिमान अंकों का लाभ, रहे हैं कॉलेज के सर्वश्रेष्ठ जिमनास्ट, जिमनास्टिक के कोच भी हैं, और कर चुके हैं अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालीय कयाकिंग व कनोइंग प्रतियोगिता में कुमाऊं विवि का प्रतिनिधित्व 

नवीन जोशी, नैनीताल। छात्र संघ चुनावों में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें लागू होने के बाद व खासकर इसके एक ही बार चुनाव लड़ने के प्राविधान से छात्र राजनीति में गिरावट आने के आरोप अक्सर लगते रहते हैं। इस कारण सभी प्रत्याशी पहली व आखिरी बार ही चुनाव लड़ते हैं, यानी अनुभवी नहीं होते, और उनका एक वर्ष का कार्यकाल भी कुछ करने की जगह सीखने में ही चला जाता है। ऐसे में छात्र गुट हावी हुए हैं, और एक तरह से वे ही हर वर्ष अपने प्रत्याशी खड़े करके अपनी प्रतिष्ठा पर चुनाव लड़ाते हैं। लेकिन कुमाऊं विश्व विद्यालय के डीएसबी परिसर के छात्र संघ चुनावों में परिणाम चाहे जो हों, लेकिन इस चुनाव में जैसे कुछ प्रत्याशी स्वयं अपने पूर्व कार्यों व पहचान के दम पर चुनाव मैदान में खड़े होने जा रहे हैं। वे पारंपरिक तौर पर बीए ही नहीं, बीकॉम, बीएससी व एमएससी की कठिन पढ़ाई भी कर रहे हैं। इसे छात्र राजनीति के लिये सुखद व अनुकरणीय कहा जा सकता है।

राष्ट्रीय सहारा, 20 सितम्बर 2017, पेज-10

डीएसबी परिसर के छात्र संघ चुनाव में छात्रा उपाध्यक्ष पद पर एक प्रत्याशी हैं-आकांक्षा तिवाड़ी। आकांक्षा बीएससी के पांचवे सेमेस्टर यानी अंतिम वर्ष की छात्रा हैं, और पिछले दो वर्षों में 65 फीसद से अधिक अंकों से उत्तीर्ण हुई हैं। किंतु यही उनका पूरा परिचय नहीं है। बल्कि वे पिछले दिनों अपनी माता, नगर के सेंट जेवियर कॉलेज में हिंदी की शिक्षिका लता तिवाड़ी और सहेली अर्चना कुमारी के साथ देहदान की घोषणा कर सुर्खियां बटोर चुकी हैं। डीएम के समक्ष यह घोषणा करते हुए उनका कहना था कि मानव सभ्यता के उत्थान, खासकर देश में मेडिकल के छात्र-छात्राओं को प्रायोगिक कार्यों के लिये मानव देह की कमी की समस्या के मद्देनजर वे यह पहल कर रही हैं। वहीं छात्र उपाध्यक्ष पद के एक प्रत्याशी विकास कत्यूरा प्रथम श्रेणी में बीकॉम की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत पत्रकारिता एवं जन संचार में द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। विकास तीन लघु फिल्में-अपनी संस्कृति को न भूलने का संदेश देती गुमराज एक जिंदगी तथा राज्य से पलायन की विभीषिका को प्रदर्शित करती पहला कदम व मेरा उत्तराखंड बना चुके हैं, और इधर बाबा नींब करौरी पर एक लघु फिल्म के निर्माण की प्रक्रिया में हैं। इन दोनों उपाध्यक्ष प्रत्याशियों का कहना है कि वे अब तक परिसर की समस्याओं को दूसरी ओर से देखते आये हैं, लेकिन अब उन्होंने ठाना है कि दूसरी ओर जाकर स्वयं उन समस्याओं का निदान करें। विकास कहते हैं वे जीते तो अपने चुनाव पूर्व वादों पर हर तीन माह में हुई प्रगति को सार्वजनिक करेंगे। वहीं अध्यक्ष पद पर एक प्रत्याशी हैं अभिषेक मेहरा। अभिषेक एमएससी प्रथम वर्ष के छात्र हैं। वे अभी हाल में कुमाऊं विवि द्वारा स्थानीय छात्रों को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए एनसीसी, एनएसएस व खेल आदि के अधिमान अंक देने से मना करने के बहुचर्चित मामले में तब चर्चा में आये, जब उन्होंने इस मामले को उच्च न्यायालय में न केवल चुनौती दी, वरन जीते भी। इसके बाद ही स्थानीय छात्र-छात्राओं को अधिमान अंकों का लाभ देने का रास्ता साफ हुआ। इसके अलावा भी अभिषेक का परिचय एक खिलाड़ी के रूप में भी है। वे कयाकिंग व कनोइंग में अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालीय प्रतियोगिता में कुमाऊं विवि का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। साथ ही फुटबाल के भी अच्छे खिलाड़ी हैं, और पढ़ाई करने के साथ ही नगर के सेंट मेरीज कान्वेंट स्कूल के जिमनास्टिक के कोच भी हैं, और स्वयं अपने सेंट जोसफ कॉलेज के सर्वश्रेष्ठ जिमनास्ट रह चुके हैं। वे कहते हैं, लोग केवल छात्र राजनीति के ‘गंदी’ हो जाने पर चिंता जताते हैं। उनकी कोशिश है, इसमें घुसकर इसे साफ करेंगे। आज तक किसी के द्वारा न सोचे गए, हिंदी माध्यम के छात्रों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिये अंग्रेजी माध्यम में अपनी बात रखने एवं प्रोत्साहन के लिये प्रेरणास्पद लेक्चर रखवाने जैसे प्रयास करेंगे।

मां-बेटी और सहेली ने लिया देहदान का संकल्प

अंगदान के लिये डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी को संकल्प पत्र सोंपती मां-बेटी और सहेली।

नैनीताल। सरोवरनगरी की एक बेटी ने अपनी मां और अपनी सहेली के साथ देहदान का संकल्प लिया है। तीनों ने इस आशय का एक पत्र देहदान की सुविधा युक्त हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज को भेजा है, और इसकी प्रति डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी को भी सोंपी है। अंगदान का संकल्प लेने वाली लता तिवाड़ी पेशे से शिक्षिका हैं। लता ने यह घोषणा करते हुए कहा कि मृत्यु के उपरांत निर्जीव मानव शरीर के अंतिम संस्कार से नदियां प्रदूषित होती हैं। इससे अच्छा है कि इसका सदुपयोग किया जाए। वे मानव सभ्यता की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिये कुछ कर रही हैं, इससे मन को काफी संतोष प्राप्त हो रहा है। वहीं उनकी पुत्री आकांक्षा तिवाड़ी ने कहा कि भारत में 0.01 फीसद लोग ही अंगदान व देहदान करते हैं, जबकि विदेशों में यह आंकड़ा 80 से 90 फीसद तक है। इस कारण भारत में चिकित्सा विज्ञानियों और छात्र-छात्राओं को शरीर विज्ञान में शोध एवं अध्ययन के लिये मानव शरीर नहीं मिल पाते हैं। इसलिये भारत में चिकित्सा विज्ञान विदेशों के मुकाबले कहीं पीछे है। यही सोचकर उन्होंने मृत्यु उपरांत देहदान का संकल्प लिया है। वहीं उनकी सहेली अर्चना कुमारी का कहना है कि लोग मृत्यु के उपरांत मोक्ष की प्राप्ति की कामना के लिये तीर्थाें की यात्रा करते हैं। यदि उनके बाद उनका शरीर किसी काम आता है तो यही उनके लिये मोक्ष की प्राप्ति होगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व जनपद के शिक्षक संतोष मिश्र व तीलू रौतेली पुरस्कार विजेता वरिष्ठ साहित्यकार आशा शैली भी देहदान का संकल्प कर चुकी हैं। गौरतलब है कि एनॉटमी की पढ़ाई के लिये मानव के मृत शरीरों की जरूरत पड़ती है। इन दिनों दो साध्वियों से दुराचार के आरोप में जेल भेजे गये गुरमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा पर अपने डेरे में लोगों की हत्या कर शवों को देश के अन्य राज्यों के साथ उत्तराखंड के चिकित्सालयों में भी इस हेतु बेचे जाने की चर्चाएं हैं। ऐसे में एक बेटी द्वारा अपनी मां और सहेली के साथ देहदान का संकल्प लेना समाज के लिये अनुकरणीय उदाहरण है। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने भी उनकी पहल की सराहना की है, तथा इस पहल को अन्य लोगों के लिये भी अनुकरणीय बताया है।

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