-आर्थिक तंगी को माना जा रहा है लोनिवि व एनएच के प्रतिष्ठित ठेकेदार की आत्महत्या का कारण
-भारी कर्ज के तले दबे थे मृतक पांडे, 6 माह से रुद्रपुर रह रहे थे, घर भी किया था बिकाऊ
नैनीताल। मुख्यालय के निकटवर्ती तल्ला गेठिया निवासी एक प्रतिष्ठित ठेकेदार अम्बा दत्त पांडे (50) बुधवार को बेचैनी में उल्टी करते हुए मिले। उनके मुंह से झाग भी निकल रहा था। गंभीर हालात में परिजन उन्हें इलाज के लिए हल्द्वानी ले गए हैं। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। ज्योलीकोट पुलिस को मृतक के कब्जे से एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने सुसाइड नोट में लिखे तथ्यों का खुलासा तो नहीं किया है, अलबत्ता माना जा रहा है कि आर्थिक तंगी के कारण पांडे ने मौत को गले लगाया होगा। साथ ही पुलिस ने मृतक की कार भी कब्जे में ली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार अपराह्न करीब साढ़े तीन-चार बजे लोनिवि व एनएच के प्रतिष्ठित ठेकेदार अम्बा पांडे अपनी कार से ज्योलीकोट की ओर आ रहे थे। बीरभट्टी से पहले पायलट बाबा आश्रम के पास वे बेचैनी होने पर कार से उतरकर उल्टी करने लगे। उनकी हालत भी लगातार बिगड़ रही थी। इस पर आसपास के लोगों ने 108 आपातकालीन सेवा एवं ज्योलीकोट चौकी पुलिस को भी इसकी सूचना दी। तत्काल ही पास ही स्थित घर से उनके भतीजे व परिजन मौके पर पहुंचकर उन्हें हल्द्वानी उपचार के लिए ले गये। जहां बताया गया है सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि उन्होंने जहर गटक कर आत्महत्या की होगी, हालांकि ज्योलीकोट चौकी प्रभारी दिनेश जोशी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उन्होंने उनकी कार में भी किसी तरह का जहरीला पदार्थ मिलने से इंकार किया है।
इधर सूत्रों पर यकीन करें तो लोनिवि व एनएच के प्रतिष्ठित ठेकेदार रहे अम्बा पांडे बीते कुछ समय से जबर्दस्त आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। वे बीते करीब 6 माह से अपने घर के बजाय रुद्रपुर में रह रहे थे, तथा उन्होंने अपना तल्ला गेठिया स्थित घर भी बिकाऊ कर रखा था। स्वर्गीय पांडे अपने पीछे दो पुत्रियों एवं एक पुत्र तथा पत्नी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं।

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यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।

मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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