Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

UKSSC : तब कामयाबी की कहानी में चला था पापा के नाम का जादू, अबकी कोचिंग सेंटर का, लगी नियुक्तियों पर रोक

Spread the love

-इस परीक्षा की मैरिट लिस्ट में एक ही कोचिंग सेंटर के 66 प्रतिभागियो का नाम आ गया था

-पहले 2016 में ही ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद की मैरिट सूची में भी किया था ऐसा ही कारनामा 

नैनीताल। UKSSC यानी उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने फिर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद जैसा ही कारनामा कर डाला है। तब एक ही पिता के पुत्रों को मैरिट लिस्ट में शामिल करने का कारनामा किया था, अबकी एक ही कोचिंग सेंटर से 66 प्रतिभागियों को मैरिट लिस्ट में डाल दिया है। अलबत्ता, उच्च न्यायालय ने पिटकुल और उत्तराखण्ड़ पावर कारपोरेशन की हालिया विवादित जूनियर इंजीनियर की परीक्षा के जरिये नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। साथ ही न्यायालय ने कहा है कि पूरे मामले में जो भी जांचें चल रही है उसकी रिपोर्ट को उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग समय-समय पर उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करे। उल्लेखनीय है कि इस परीक्षा की मैरिट लिस्ट में एक ही कोचिंग सेंटर के 66 प्रतिभागियो का नाम आ गया था।
विदित हो कि उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 515 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती के लिये 21 सितम्बर 2016 को विज्ञप्ति निकाली थी, जिसमें ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तिथि 31 अक्टूबर 2016 तय थी। इसके बाद आयोग ने 5 नवंबर 2017 को परीक्षा कर 6 फरवरी 2018 को मैरिट लिस्ट जारी की। आगे पता चला कि रुड़की के एक ही कोचिंग सेंटर-जीनियस कोचिंग सेंटर से 66 बच्चों का चयन हुआ। इसके बाद जगदीश प्रसाद सहित अन्य चार लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुये कहा कि 66 छात्रों का चयन एक ही कोचिंग सेंटर से होना असंभव है। इसमें कोचिंग सेंटर और बोर्ड की मिलीभगत है। इसके साथ ही याचिका में कहा गया कि मैरिट लिस्ट ग्रेड़ के हिसाब से बनायी जानी चाहिये ना कि संयुक्त रुप से। याचिका में मैरिट लिस्ट को निरस्त कर दुबारा मैरिट लिस्ट बनाने की मांग भी की गयी। पूरे मामले पर नैनीताल उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाते हुये जांच रिपोर्ट को भी न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश दिये हैं।

UKSSC का एक और कारनामा भी पढ़ें : ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पद की मेरिट में सफल कई परीक्षार्थियों के पिता के नाम थे समान

  • समूह ग की परीक्षा का परिणाम 23 दिन में ही आ गया
  • भाग्यशाली साबित हुए संग्राम, लियाकत, विनोद, विजयपाल नाम वालों के बच्चे

नवीन जोशी, नैनीताल। यों सभी के “पापा कहते हैं बेटा बड़ा नाम करेगा”, और यदि पिता बड़े नाम के हों, तो भी उनके नाम का लाभ उनके बच्चों को मिलता है। लेकिन शायद ऐसा इत्तफाक कम ही हुआ हो कि एक नाम के पिताओं के बेटे ही दो जगह से किसी परीक्षा में ‘टॉप’ करें। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत समूह ग के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पदों के लिए हुई परीक्षा में ऐसा इत्तफ़ाक या कहें कि कमाल देखने को मिला है। वह भी एक नहीं कई पिता नामों के साथ, और दो नहीं तीन-तीन परीक्षा प्रतिभागियों के साथ, जिनके पिता के नाम समान हैं ।

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा घोषित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की मैरिट सूची के कुछ उदहारण : 

सौरब नेगी s/o संग्राम सिंह नेगी (टॉपर टिहरी)
गौरब नेगी s/o संग्राम सिंह नेगी (टॉपर रुद्रप्रयाग)

शेर अली s/o लियाकत अली
हमीद अली s/o लियाकत अली (दोनों पौड़ी जिले से चयनित)

प्रदीप कुमार s/o विनोद कुमार (पौड़ी से चयनित)
अमन कुमार s/o विनोद कुमार (पिथौरागढ़ से चयनित)

दिनेश कुमार पुत्र विरेन्द्र कुमार (पौड़ी से चयनित)
विकास कुमार पुत्र विरेन्द्र कुमार (पिथौरागढ़ से चयनित)

अमन कुमार पुत्र विनोद कुमार (रुद्रप्रयाग)
प्रदीप कुमार पुत्र विनोद कुमार (पौड़ी)

इशु पुत्री नीरज चौहान (टिहरी) जन्मतिथि 10-02-97
महज 20 साल की उम्र में 98 में से प्राप्तांक 92

पिथौरागढ़ टॉपर नवीन सिंह मेहरा 98 में से 96.5 प्राप्तांक
(एक प्रश्न के लिए एक अंक, गलत अंक पर 1/4 अंक की कटौती, और एक प्रश्न छोड़ने पर 0 अंक मिलने के बाद 98 में से 96.5 नम्बर कैसे आ सकते हैं किसी की reasoning knowledge अच्छी हो तो हमें भी बताना- नवीन सिंह मेहरा को भी अगर ये सवाल मिले तो वो भी जवाब दे सकते हैं)

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी पहले इस मायने में खुशकिस्मत रहे कि उन्हें परीक्षा परिणाम के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। उनकी परीक्षा बीती छह मार्च को हुई और 23 दिन में ही रिजल्ट आ गया। सबसे अहम यह कि इस परीक्षा में कामयाब कई परीक्षार्थियों के पिताओं के नाम समान होने का अजब इत्तेफाक रहा। ऐसा किसी एक परीक्षार्थी के साथ नहीं बल्कि कई के साथ हुआ है। यह संयोग हो सकता है कि इन नाम के पिताओं के पुत्र-पुत्रियों ने इस परीक्षा को न केवल उत्तीर्ण किया है वरन जिलों में टॉप भी किया है। खास बात यह है कि ऐसे संयोग दूरस्थ पर्वतीय जिलों में ही हुए हैं। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल भी उठ रहे हैं। इन इत्तेफाकों को शंका की दृष्टि से देखा जा रहा है। यह संयोग केवल पिता के नाम तक ही सीमित है या उनकी माताओं के नाम भी समान हैं। कहीं वे एक ही माता-पिता के पुत्र तो नहीं। इसकी जांच की जा सकती है।

ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा परिणाम (Result) जानने हेतु यहाँ क्लिक करें।

रुद्रप्रयाग जनपद में 93.75 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप करने वाले गौरव नेगी के पिता का नाम संग्राम सिंह नेगी है। टिहरी जिले में 94.75 फीसद अंकों के साथ टॉप करने वाले सौरभ नेगी के पिता का नाम भी संग्राम सिंह नेगी है। रुद्रप्रयाग जिले की सूची में ही छठे स्थान पर कृष्णपाल के पिता का नाम विजयपाल हैं तो पिथौरागढ़ जिले की सूची में छठे स्थान पर रहे शुभम चौधरी और पौड़ी जिले में 44वें स्थान पर रहे महिपाल सिंह के पिता के नाम भी विजयपाल सिंह ही हैं। विमल कुमार पुत्र विनोद कुमार नैनीताल जिले में टॉप-3 में हैं तो अमन कुमार पुत्र विनोद 92 फीसद अंकों के साथ रुद्रप्रयाग जिले में चौथे स्थान पर हैं। वहीं प्रदीप कुमार पुत्र विनोद कुमार पौड़ी जिले में 93 फीसद अंकों के साथ 13वें स्थान पर हैं। पौड़ी जिले में 93.75 फीसद अंकों के साथ छठे स्थान पर शेर अली और 16वें स्थान पर 92.5 फीसद अंकों के साथ हामिल अली हैं। दोनों के पिताओं के नाम लियाकत अली यानी एक समान हैं। वहीं दिनेश कुमार पुत्र वीरेंद्र कुमार 93.25 फीसद अंकों के साथ पौड़ी जिले में नौवें स्थान पर हैं तो विकास पुत्र वीरेंद्र कुमार 93 फीसद अंकों के साथ पिथौरागढ़ जिले में शीर्ष 10वें स्थान पर हैं। इसी तरह गौरव चौहान पुत्र यशपाल सिंह 93.5 फीसद अंकों के साथ अल्मोड़ा जिले में शीर्ष चार में हैं तो चंद्रपाल सिंह पुत्र यशपाल सिंह 92.5 फीसद अंकों के साथ अल्मोड़ा जिले में 12वें स्थान पर हैं। ओमप्रकाश नाम भी खुशकिस्मत साबित हुआ है। रुद्रप्रयाग जिले में 92 फीसद अंकों के साथ तीसरे स्थान पर सुधीर कुमार पुत्र ओमप्रकाश सिंह हैं तो पौड़ी जिले में 42वें स्थान पर रहीं मंजू के पिता का नाम भी ओमप्रकाश ही है।

Loading...

नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

Leave a Reply