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20 रुपए की चॉकलेट के पैकेट खाली निकले, नामी चॉकलेट कंपनी पर पांच लाख का जुर्माना

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नवीन समाचार, हरिद्वार, 11 अक्टूबर 2021। जिला उपभोक्ता आयोग ने कैडबरी चॉकलेट कम्पनी को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी पाते हुए चॉकलेट के दस पीस की कीमत एक सौ रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की के साथ एवं मानसिक प्रताड़ना की एवज में पांच लाख रुपये शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं।

I adore choklate :$ Image by Princessशिकायतकर्ता अरुण भदौरिया ने 5 स्टार कैडबरी मोंडलेज इंडिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड मुंबई के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसने 15 मार्च 2020 में एक स्थानीय दुकानदार से कैडवरी चॉकलेट के दस पैकेट एक सौ रुपये में खरीदे थे। जब यह पैकेट खोले तो दो पैकेट खाली निकले। इसके बाद उसने स्थानीय दुकानदार से संपर्क किया था तो दुकानदार ने बताया कि उन्हें पैकिंग वाले पैकेट ही मिलते हैं। वैसे ही पैकेट ग्राहकों को बेच देते हैं। इस पर शिकायतकर्ता ने कम्पनी को एक लीगल नोटिस भेजा था। लेकिन उक्त नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला था। इसके बाद शिकायत कर्ता ने आयोग की शरण ली थी।

यह भी पढ़ें : उपभोक्ता फोरम ने ऑनलाइन कंपनी पर लगाया उत्पाद की कीमत से अधिक का जुर्माना…

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अगस्त 2019। उपभोक्ता फोरम ने नई दिल्ली की ऑनलाइन कंपनी-‘मल्टीकेयर सर्जिकल प्रोडक्ट्स कॉर्पोरेशन’ पर ऑनलाइन बिक्री के एक मामले में सेवा में कमी के आरोपों को सही पाते हुए उत्पाद की कीमत से अधिक का जुर्माना लगा दिया है।

मामले के अनुसार जनपद के हल्द्वानी पीलीकोठी निवासी नंद किशोर कांडपाल ने उपभोक्ता फोरम में गत 8 मई को फोरम में वाद दायर कर कहा था कि उन्होंने इस कंपनी से 4920 रुपए में एक उत्पाद खरीदा, लेकिन उन्हें दूसरा उत्पाद भेजा गया। इसकी सूचना देने पर कंपनी ने उसे कोरियर से वापस भेजने को कहा। उन्हें उत्पाद वापस भेजा किंतु इसके बाद से कंपनी कीे ओर से न ही उनका वास्तविक उत्पाद भेजा गया, और न ही धनराशि वापस की गयी।

उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष यूएस नबियाल व वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र परगाई की अदालत ने शुक्रवार को इसे कंपनी की ओर से सेवा में कमी मानते हुए उत्पाद की पूरी कीमत वाद दायर करने से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 7 फीसद ब्याज के साथ एवं 5 हजार रुपए परिवाद व्यय के रूप में देने के आदेश दिये हैं।

यह भी पढ़ें : महिला के नसबंदी के बावजूद गर्भधारण होने पर जनपद के सीएमओ व चिकित्सा अधिकारी को साढ़े चार लाख से अधिक का जुर्माना

नवीन समाचार, हरिद्वार, 10 अप्रैल 2021। जिला उपभोक्ता आयोग ने नसबंदी के बाद भी महिला के गर्भधारण करने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद बहादराबाद के चिकित्सा अधिकारी व हरिद्वार जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी पाया है, और उन्हें शिकायतकर्ता महिला को मुआवजे के रूप में साढ़े चार लाख रुपये, मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार रुपये और शिकायत खर्च व अधिवक्ता फीस के रूप में पांच हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार प्रतिभा पत्नी अर्जेस निवासी ग्राम शिवदासपुर उर्फ तेलीवाला रुड़की ने चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद व मुख्य चिकित्सा अधिकारी जनपद हरिद्वार के खिलाफ एक शिकायत दायर की थी। शिकायत में बताया था कि उसने स्थानीय अस्पताल में नसबंदी का ऑपरेशन कराया था। चिकित्सक ने उसे नसबंदी ऑपरेशन के बाद कभी भी गर्भधारण नहीं होने का आश्वासन दिया था। लेकिन नसबंदी ऑपरेशन के बावजूद भी उसका गर्भ धारण हो गया था, जबकि शिकायतकर्ता महिला के पूर्व में छह बच्चे हैं। नसबंदी के बाद पैदा हुए बच्चे के भविष्य व शिक्षा पर आर्थिक बोझ बढ़ने की चिंता जाहिर की। इस पर शिकायतकर्ता ने दोनों अधिकारियों से मुआवजे की मांग की थी। शिकायत की सुनवाई करने के बाद आयोग अध्यक्ष कंवर सेन, सदस्य विपिन कुमार व अंजना चड्ढा ने दोनों स्वास्थ्य अधिकारियों को उपभोक्ता सेवा में कमी व लापरवाही बरतने का दोषी ठहराया है।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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