नवीन समाचार, नैनीताल, 3 फरवरी 2026 (Old Women Died)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद अंतर्गत भीमताल (Bhimtal) विकास खंड के जून स्टेट (June State) क्षेत्र के जंगल में चारा लेने गई 60 वर्षीय महिला का शव खाई से बरामद हुआ है। प्राथमिक जांच में शरीर पर गहरे घाव पाए जाने के कारण वन्यजीव के हमले से मृत्यु की आशंका जताई जा रही है। इस घटना ने क्षेत्र में मानव और वन्यजीव संघर्ष को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है और ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है। देखें संबंधित वीडिओ :
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के भीमताल ब्लॉक स्थित वार्ड संख्या छह जून स्टेट क्षेत्र से यह मामला सामने आया है। कुआं ताल (Kuan Tal) निवासी गंगा देवी (Ganga Devi) आयु 60 वर्ष पत्नी राजेंद्र प्रसाद (Rajendra Prasad) सोमवार सुबह लगभग 11 बजे मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल की ओर गई थीं। शाम तक घर न लौटने पर परिजन चिंतित हो गये और उन्होंने वन विभाग (Forest Department) को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सहयोग से जंगल में रात्रि खोज एवं बचाव अभियान (Search And Rescue Operation) चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने के कारण रात तक कोई सुराग नहीं मिल सका।
खोज एवं बचाव अभियान और शव की बरामदगी
मंगलवार सुबह पुनः खोज अभियान शुरू किया गया। इस दौरान घर से लगभग तीन किलोमीटर दूर जंगल की एक खाई में महिला का शव बरामद हुआ। वन विभाग और ग्रामीणों द्वारा मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला गया। शरीर पर मिले गहरे घावों और क्षत-विक्षत स्थिति को देखते हुए प्रथम दृष्टया यह अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला की मृत्यु वन्यजीव के हमले से हुई है। क्षेत्र में हाल के दिनों में बाघ (Tiger) और गुलदार (Leopard) की आवाजाही की सूचनाएं मिलती रही हैं, जिससे इस आशंका को और बल मिला है।
ग्रामीणों में भय और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद जून स्टेट और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चनौतिया (Devendra Singh Chanautia) ने क्षेत्र को पहले से ही संवेदनशील बताते हुए कहा कि वन्यजीवों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है और यह घटना अत्यंत गंभीर है। उन्होंने पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता देने तथा क्षेत्र में ठोस सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की।
भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा (Ram Singh Kaira) ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए वन विभाग के उच्च अधिकारियों से बातचीत की और क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
वन विभाग की कार्रवाई और आगे की योजना
वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी (Vijay Melkani) के अनुसार क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाएगी और हमलावर वन्यजीव की पहचान के लिए कैमरा ट्रैप (Camera Trap) लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार 10 लाख रुपये मुआवजा देने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही क्षेत्र में पिंजरे और कैमरे लगाने की भी तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। ग्रामीणों को जंगल में अकेले न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सामाजिक प्रभाव और नीतिगत सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह कुल्याल (Prem Singh Kulyal) और ग्राम प्रधान संगठन की संरक्षक राधा कुल्याल (Radha Kulyal) ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भीमताल नगर चारों ओर से जंगल से घिरा हुआ है और यदि मानव और वन्यजीव संघर्ष इसी प्रकार बढ़ता रहा तो लोग कृषि और पशुपालन छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने राज्य सरकार से ठोस नीति बनाने, जंगल से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने और पशुपालन विभाग के माध्यम से पशुओं के लिए चारे की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह वन्यजीव प्रबंधन, ग्रामीण सुरक्षा और राज्य की नीति व्यवस्था पर भी प्रश्न खड़े करती है। आने वाले समय में वन विभाग और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले कदम इस क्षेत्र में भविष्य की घटनाओं को रोकने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ी जा सकती है। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचारों के लिए यहाँ👉, अल्मोड़ा के समाचारों के लिए यहाँ👉, बागेश्वर के समाचारों के लिए यहाँ👉, चंपावत के समाचारों के लिए यहाँ👉, ऊधमसिंह नगर के समाचारों के लिए यहाँ👉, देहरादून के समाचारों के लिए यहाँ👉, उत्तरकाशी के समाचारों के लिए यहाँ👉, पौड़ी के समाचारों के लिए यहाँ👉, टिहरी जनपद के समाचारों के लिए यहाँ👉, चमोली के समाचारों के लिए यहाँ👉, रुद्रप्रयाग के समाचारों के लिए यहाँ👉, हरिद्वार के समाचारों के लिए यहाँ👉और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार पढ़ने के लिये यहां👉 क्लिक करें।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से यहाँ, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से, टेलीग्राम से, कुटुंब एप से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (Old Women Died) :
Old Women Died, Bhimtal Wildlife Attack Woman Death, Nainital Forest Area Human Wildlife Conflict, Uttarakhand Leopard Tiger Movement News, Forest Department Camera Trap Action, Compensation Policy Wildlife Attack India, Rural Safety Uttarakhand News, Bhimtal Block Forest Incident, #WildlifeConflict #ForestSafety #RuralSecurity #CompensationPolicy #EnvironmentalGovernance #HumanWildlifeConflict #PublicSafety
डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।