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स्वर्गीय प्रकाश पंत ने रोका था, उनके जाते ही फिर हल्द्वानी ले जाने लगे नैनीताल से यह मंडलीय कार्यालय…

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-कर्मचारी संगठन ने किया नैनीताल से जल निगम के एसई कार्यालय को हल्द्वानी ले जाने के विरोध का ऐलान
-गत वर्ष तत्कालीन पेयजल मंत्री स्वर्गीय प्रकाश पंत ने नहीं करने दिया था स्थानांतरण
नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जून 2019। जिला एवं मंडल मुख्यालय सरोवरनगरी नैनीताल से राज्य बनने के बाद विकास संबंधी सहित दर्जनों जिला व मंडल स्तरीय कार्यालय बाहर जा चुके हैं, और अब भी हाईकोर्ट सहित अन्य कार्यालयों को बाहर ले जाने के प्रयास जारी हैं। गत वर्ष उप निदेशक पशु पालन के मंडलीय कार्यालय के बाद एक बार फिर जल निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय को मुख्यालय से बाहर हल्द्वानी ले जाने के प्रयास शुरू हो गये हैं। बताया गया है कि गत वर्ष भी इस कार्यालय को बाहर ले जाने के प्रयास शुरू हुए थे, किंतु तब कर्मचारियों द्वाा तत्कालीन पेयजल मंत्री प्रकाश पंत तक शिकायत पहुंचाये जाने पर यह टल गया था, किंतु एक बार पुनः प्रयास शुरू हो गये हैं। स्वर्गीय पंत ने आश्वासन दिया था कि कार्यालय यहीं रहेगा, क्योंकि जल निगम के अधिशासी अभियंता सहित अन्य सभी कार्यालय भी नगर से बाहर जा चुके हैं, लिहाजा निगम का एक कार्यालय मुख्यालय में ही रहेगा।
इधर इस कार्यालय को बाहर ले जाने के विरोध में जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष कुमाऊं विरेंद्र बिष्ट की ओर से अधीक्षण अभियंता को अपनी लिखित शिकायत दे दी गयी है। उनका कहना है कि कार्यालय को हल्द्वानी ले जाने पर आंदोलनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन में गुसाई राम, गीता आर्या, लता जोशी, मनवर रावत, बृजमोहन जोशी, जगत सिंह, राम सिंह, नंदन शाही, विमला देवी, बसंती देवी, नीलम बिष्ट व चंपा शर्मा आदि के हस्ताक्षर हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 9 मई 2019। नगर में भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुकी करीब 80 करोड रुपए से एशियाई विकास बैंक के माध्यम से पिछले वर्ष ही बनी पाइप लाइन एक बार फिर फट गई है। जिस कारण नगर के कई ऊपरी हिस्सों में फिर पेयजल आपूर्ति का बाधित हो गई है। जल संस्थान के सहायक अभियंता दिलीप सिंह बिष्ट ने स्वीकारा कि भोटिया बैंड के पास बिड़ला के टैंक को जाने वाली राइजिंग मेन यानी मुख्य पाइप लाइन बीती रात्रि फिर से फट गई है। रात्रि में देर से जानकारी लगने के कारण बृहस्पतिवार सुबह इसकी मरम्मत शुरू हो पाई। मरम्मत होने में फिर करीब एक-डेढ़ दिन का समय लग सकता है। अभी टैंक में भरे पानी से आपूर्ति की जा रही है। लेकिन इसके बाद बिड़ला टैंक से आपूर्ति होने वाले बिड़ला, मंगावली, 7 नंबर व रतन कॉटेज के इलाकों में पेयजल की आपूर्ति बाधित होनी तय है। स्थानीय लोगों से इस दौरान किफायत के साथ पानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। उल्लेखनीय है कि गत दिवस एडीबी की पाइपलाइन लाइनों में भ्रष्टाचार का मामला नगर के पत्रकारों के द्वारा संज्ञान में लाये जाने के बाद मुख्यमंत्री ने इसकी जांच कराने के निर्देश दे दिये गये थे। जिसके बाद जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एचके पांडेय के आदेशों पर जल संस्थान के महाप्रबंधक डीके मिश्रा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गयी थी।

नैनीताल की पेयजल लाइनों की जांच के लिए बनी समिति

देहरादून। नैनीताल नगर में बिछायी गयी पेयजल लाइनों के बार-बार फटने के मामले में जांच बिठा दी गयी है। इस मामले की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जांच कराने की बात कही थी। जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एचके पांडेय ने बताया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शासन ने जांच बिठाने के आदेश दिये थे। इसी क्रम में महाप्रबंधक नैनीताल डीके मिश्रा की अध्यक्षता में जांच समिति बनायी गयी है। इसमें अधीक्षण अभियंता हल्द्वानी एएस अंसारी, अधिशासी अभियंता नैनीताल, एडीबी के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके रजवाड़ व अधिशासी अभियंता निर्माण शाखा नैनीताल को सदस्य बनाया गया है। जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विगत दिनों नैनीताल दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने उनसे इस संबंध में शिकायत की थी। जिस पर उन्होंने जांच कराने को कहा था।

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-डीएम ने ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत जिले में पेयजल की आपूर्ति की समीक्षा करते हुए दिये निर्देश, नियमों के अनुरोध पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ काट दिया जाएगा जल संयोजन
-छत की टंकियों से पानी गिरता पाए जाने पर दंडात्मक कार्यवाही एवं जल संयोजन विच्छेदित कर दिया जाएगा
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2019। मंडलायुक्त के बाद रविवार को डीएम विनोद कुमार सुमन ने नैनीताल जनपद में पेयजल की समस्या के मद्देनजर संबंधित विभागों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने आगामी 30 जून तक के लिए नए जल संयोजन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही पेयजल का उपयोग सिंचाई, धुलाई, आदि कार्यों में करने के साथ ही पूर्व स्वीकृत भवन निर्माण तथा सर्विस सेंटरो पर टुल्लू पंप का प्रयोग एवं वाहनों की धुलाई तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। यहां वाहन केवल ‘ड्राईवॉश’ किये जा सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्यवाही के साथ-साथ जल संयोजन विच्छेदन करने के आदेश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त छत की टंकियों से पानी गिरता पाए जाने पर दंडात्मक कार्यवाही एवं जल संयोजन विच्छेदित कर दिया जाएगा। इसके अलावा डीएम ने मुख्य एवं वितरण पाईप लाईनों में लीकेज परिलक्षित होने पर लीकेजों को तत्काल बन्द कराने के निर्देश जल संस्थान के अधिकारियों को दिये हैं और लीकेज पाये जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कार्यवाही अमल में लाने की चेतावनी दी है। साथ ही सभी उप जिलाधिकारियों तथा सिटी मजिस्ट्रेट को पेजयल से सम्बन्धित दिशा-निर्देशों के अनुपालनों की गहतना से निगरानी करने तथा प्रभावी कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए हैं।
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कुमाऊं में पेयजल आपूर्ति की अव्यवस्था पर मंडलायुक्त का जल संस्थान से हटा भरोसा ! बनाई नई व्यवस्था…

-सीडीओ बनाये गये पेयजल आपूर्ति के नोडल अधिकारी, मंडल में पानी की बर्बादी पर लगाई रोक
-कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने पर्यटन सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए दिये निर्देश
नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मई 2019। कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने शनिवार को कुमाऊं मंडल में गर्मियों में बढ़ती जा रही पेयजल की समस्या एवं इसके निदान के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जनपदवार समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने गर्मियों में पानी बचाने के लिए भवनों के निर्माण तथा गैराजों में वाहन धोने, अनावश्यक जानवरों को नहलाने व बाग बगीचों को सींचने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा जल संस्थान द्वारा गर्मी के सीजन में की जा रही जलापूर्ति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी जिलों में जिलों के सीडीओ को ग्रीष्मकाल एवं पर्यटक सीजन के दौरान पेयजल आपूर्ति को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दे दी है।
साथ ही आपूर्ति में सुधार हेतु उन्होंने जन शिकायतों के पंजीकरण के लिए हर जिले में सशक्त एवं जन-उपयोगी कंट्रोल रूम सक्रिय करने, जल संस्थान के महाप्रबंधक, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों के व्हाट्सएप युक्त मोबाईल नंबर जारी करने और प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली एवं लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिये। खासकर हल्द्वानी में पेयजल की आपूर्ति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने वहां काम कर रहे सभी नलकूपों की अलग-अलग इन्वंेट्री व लॉग बुक बनाने तथा अपडेट रखने को कहा, और स्वयं नजर रखने की बात कही। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल समस्या के निदान को नलकूल स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा। बिजली विभाग के अधिकारियों को पानी की आपूर्ति के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाने के निर्देश भी दिये। बैठक में अपर आयुक्त संजय खेतवाल, मुख्य अभियंता जल संस्थान राजेश्वर प्रसाद, महाप्रबंधक जल संस्थान डीके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता एएस अंसारी, डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय तथा मण्डलभर के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पूर्व समाचार : ADB का बड़ा घोटाला उजागर करने के बाद आखिर पांचवे दिन आने लगा पानी, रात में फिर दो जगह फट गयी थी

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मई 2019। एडीबी की करोड़ों रुपये की पेयजल लाइनों में ‘हैंडओवर’ होने से पहले ही कम से कम पांच बार मुख्य लाइन ‘राइजिंग मेन’ के फटने के साथ बड़ा घोटाला उजागर करने के बाद आखिर पांच दिन के बाद झील के नगर नैनीताल की करीब आधी आबादी को बुधवार सुबह पानी नसीब हो गया है। इससे पहले दो दिन की कड़ी मशक्कत से दो जगह लाइनों की मरम्मत के बाद मंगलवार मध्य रात्रि भोटिया बैंड के पास दो जगह, मरम्मत की गयी लाइन तथा बिड़ला की लाइन में पैंकिंग से लीकेज हो गयी थी, जिसे रात्रि में फिर दुरुस्त किया गया। इसके अलावा दो की जगह केवल एक पंप ही चलाकर लाइन में पानी चढ़ाया गया ताकि लाइन में अधिक प्रेशर न आये और कहीं यह दुबारा न फट जाये। इसके बाद जल संस्थान के सहायक अभियंता दिलीप सिंह बिष्ट ने बताया कि मुख्य टैंक करीब आधा भर गया है, और इससे पेयजल की आपूर्ति सुचारू की जा रही है।
इधर बताया जा रहा है कि उच्च न्यायालय में जल संस्थान के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर कर दी गयी है और इस पर 1 नंबर कोर्ट में आज सुनवाई हो सकती है। लेकिन तथ्य यह भी हैं कि यह लाइनें करोड़ों रुपये खर्च कर एडीबी यानी एशियाई विकास बैंक की परियोजना के तहत ऋण की धनराशि से बनाई गयी हैं, और जल संस्थान को हस्तांतरित होने से पहले ही, शुरू से इनमें लीकेज तथा फटने की समस्या आ रही है, जो कि बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है। स्थानीय विधायक संजीव आर्य भी इसमें बड़े घोटाले का इशारा कर चुके हैं। उम्मीद की जा रही है कि कोर्ट इस घोटाले पर किसी जांच की घोषणा करेगी, जिससे घोटाले पर स्थिति साफ हो सकती है।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अप्रैल 2019। झील के नगर नैनीताल की करीब आधी आबादी को मंगलवार शाम चौथे दिन पानी मिलने की उम्मीद है। जल संस्थान के अधिकारियों ने यह भरोसा जताया है। बताया गया है कि रात्रि में मल्लीताल रिक्शा स्टेंड के पास की टूटी लाइन को दुरुस्त कर दिया गया है, जबकि बिड़ला रोड पर भोटिया बैंड पर टूटी लाइन को ठीक करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। ऐसे में शाम 4-5 बजे तक पानी आ जाने का भरोसा जताया गया है।
उल्लेखनीय है कि नगर में शनिवार की सुबह के बाद से पानी नहीं आया है, और स्थिति इसलिये और भयावह हो गयी है कि लगातार चार दिन पानी न आने से नगर की अधिकांश आबादी वाले चार्टन लॉज, गुडलक हाउस, पॉपुलर कंपाउंड, स्टाफ हाउस, भोटिया बैंड, भावरहॉल कंपाउंड रैमजे, स्टोनले कंपाउंट, लक्ष्मी कुटीर, बिड़ला रोड, जू रोड, मेविला व माउंट रोज के 2 हजार से अधिक परिवारों की 10 हजार से अधिक की आबादी नित्य कर्मों के लिए भी पानी प्राप्त नहीं कर पाई है। ऐसे में लोग प्राकृतिक जल स्रोतों एवं कहीं दूर दूसरी लाइनों से पानी लाकर काम चला रहे हैं। मालूम हो कि मल्लीताल स्थित मुख्य पंप हाउस से स्नोव्यू स्थित मुख्य टैंक को जाने वाली ‘डीआई’ यानी अपनी तरह के अलग डॉक्टियल आयरन की बनी ‘राइजिंग मेन’ यानी मुख्य लाइन पहले शनिवार दोपहर को फट गयी थी। इसे करीब 30 घंटे तक मरम्मत किये जाने के बाद रविवार रात्रि करीब 11 बजे दुरुस्त किया गया था, लेकिन इसके एक घंटे में ही यह रविवार रात्रि एक नहीं दो जगह पर फट गयी थी। 

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p style=”text-align: justify;”>सभासदों ने पानी आने के समय पर कुमाऊं आयुक्त से की शिकायत
नैनीताल। सभासद मनोज साह जगाती, निर्मला चंद्रा, कैलाश रौतेला, सुरेश चंद्र, दया सुयाल व रेखा आर्या जी ने मंगलवार को कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला को जल संस्थान के खिलाफ शिकायत पत्र दिया। पत्र में जल संस्थान पर जल आपूर्ति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि पानी के बिल तो समय पर आते हैं, किंतु कई वार्डों व मोहल्लों में रात्रि 10 बजे के बाद पानी आता है। कई बार पानी से संबंधित शिकायत करने पर भी शिकायत के निदान के लिए कार्य नहीं किये जाते हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अप्रैल 2019। नैनीताल शहर की पेयजल आपूर्ति के बीते तीन दिनों से ध्वस्त होने पर कुमाऊं मंडल के आयुक्त राजीव रौतेला ने कड़ा रुख अपनाते हुए नैनीताल के डीएम विनोद कुमार सुमन को नगर के जल संस्थान के अधिशासी अभियन्ता संतोष कुमार उपाध्याय तथा अधीक्षण अभियन्ता श्री अंसारी का आगामी आदेशों तक वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। इस पर श्री सुमन ने जल संस्थान के अधिकारियों को आदेशित किया कि वह क्षेत्र भ्रमण कर नैनीताल शहर तथा आसपास के इलाकों की पेयजल आपूर्ति तत्काल बहाल करना सुनिश्चित करें।

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p style=”text-align: justify;”>-मुख्य पाइप लाइन करीब 30 घंटे तक मरम्मत किये जाने के एक घंटे बाद ही एक नहीं दो जगहों पर धमाकों के साथ फट गयी है
नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अप्रैल 2019। सामने पानी से भरी दुनिया भर में प्रसिद्ध झील है और नगर की करीब आधी आबादी को पिछले तीन दिनों से पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हुई। नगर में यह ऐतिहासिक तौर पर सबसे बड़ा जल संकट बताया जा रहा है। स्थिति यह हो गयी है कि अब तक पास-पड़ोस की टंकियों में पहले से भरे पानी से काम चला रहे कई लोग सोमवार को सप्ताह की पहली सुबह ‘निवृत्त’ भी नहीं हो पाये, और कातर दृष्टि से एक-दूसरे के घर कहीं पानी की बूंद होने पर उसकी याचना करते नजर आये हैं। कारण यहां शनिवार की सुबह के बाद से पानी नहीं आया है, और स्थिति इसलिये और भयावह हो गयी है कि आज पूरे दिन पानी आने की कोई संभावना कम ही नजर आ रही है, बल्कि कोई वैकल्पिक व्यवस्था न की गयी तो देर रात्रि अथवा कल सुबह तक भी पानी का आना असंभव बताया जा रहा है। यह स्थिति तब आई है जब नगर के मल्लीताल स्थित मुख्य पंप हाउस से स्नोव्यू स्थित मुख्य टैंक को जाने वाली ‘डीआई’ यानी अपनी तरह के अलग डॉक्टियल आयरन की बनी ‘राइजिंग मेन’ यानी मुख्य लाइन करीब 30 घंटे तक मरम्मत किये जाने के एक घंटे बाद ही एक नहीं दो जगह पर फट गयी है। पानी न आने की समस्या नगर की अधिकांश आबादी वाले चार्टन लॉज, पॉपुलर कंपाउंड, स्टाफ हाउस, भोटिया बैंड, रैमजे, स्टोनले कंपाउंट, जू रोड, मेविला व माउंट रोज, लक्ष्मी कुटीर, भॉवर हॉल कंपाउंड, बिरला रोड, लक्सले कंपाउंड के 2 हजार से अधिक परिवारों की 10 हजार से अधिक की आबादी को आई है।
उत्तराखंड जल संस्थान के सहायक अभियंता ने बताया कि करीब 30 घंटे की रात-दिन कड़ी मेहनत के बाद मल्लीताल रिक्शा स्टेंड के पास शनिवार दोपहर डीआई की राइजिंग मेन की गैस्केट फटने से क्षतिग्रस्त लाइन को रात्रि करीब 11 बजे दुरुस्त कर लाइन चालू की गयी, किंतु इससे टैंक में पानी पहंुचने और करीब 20 मिनट ही पानी भरने के बाद यही लाइन एक नहीं दो स्थान पर पानी के दबाव से हुए धमाकों के साथ फट गयी है। इनमें से एक धमाका मल्लीताल रिक्शा स्टेंड पर ही जहां लाइन ठीक की गयी थी, उसके पास ही और दूसरा भोटिया बैंड के पास एक मैदान जैसे स्थान पर हुआ है। उन्होंने कहा कि लाइनों को और समय लगना तय है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने के प्रयास भी किये जा रहे हैं।
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-जल संस्थान के अधिकारियों के साथ बैठककर बिल भी आधा ही देने का किया ऐलान

मंगलवार को माल रोड स्थित होटल में जल संस्थान के अधिकारियों के साथ बैठक करते नगर के होटल व्यवसायी।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मार्च 2019। नगर में पिछले एक वर्ष से नैनी झील के संरक्षण के लिए झील से ही होने वाली पेयजल की आपूर्ति को घटाकर आधा कर दिया गया है। पूर्व में नगर में 16 एमएलडी यानी मीट्रिक लीटर प्रति दिन की जगह केवल 8 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति की जा रही है। बावजूद आरोप है कि कुछ होटलों को जल संस्थान ने दो लाख रुपये तक के पानी के बिल थमा दिये हैं। यह भी आरोप है कि नये इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगने के बावजूद पानी के बिल मीटरों की रीडिंग के आधार पर देने के बजाय पिछले वर्षों के ही औसत के आधार पर दिये जा रहे हैं। जबकि आपूर्ति में आधे की कटौती होने पर बिल भी पिछले वर्षों के मुकाबले आधे आने चाहिये।
इस बिंदु पर ही काफी समय से आक्रोशित चल रहे नगर के होटल वालों ने मंगलवार को होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र साह के इंडिया होटल में जल संस्थान के अधिकारियों एवं होटल तथा व्यापार मंडल के सदस्यों की बैठक आयोजित की। बैठक में होटल वालों ने साफ कह दिया कि आधी आपूर्ति पर आधी दर से ही पानी के बिलों का भुगतान किया जाएगा। एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य प्रवीण शर्मा ने मामले में एडीबी के कार्यों की सीबीआई जांच की मांग उठाते हुए कहा कि यह करोडों रुपये का घपला है। बैठक में जल संस्थान के महाप्रबंधक जीके मिश्रा, अधिशासी अभियंता संतोष उपाध्याय, सहायक अभियंता डीएस बिष्ट एवं मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन नेगी, तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन लाल साह सहित वेद साह, दिग्विजय बिष्ट, राजेश साह, महेंद्र बिष्ट, बृज साह, आलोक साह, विशाल खन्ना, देवेंद्र कुमार, अतुल साह, कनक साह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
मंगलवार को माल रोड स्थित होटल में जल संस्थान के अधिकारियों के साथ बैठक करते नगर के होटल व्यवसायी।

हाईकोर्ट के आदेश पर बिन कनेक्शन लिये चालू किया था शौचालय, अब हुआ बंद

बैंक ऑफ बड़ौदा के पास बंद पड़ा शौचालय।

नैनीताल। नगर के मल्लीताल क्षेत्र में बैंक ऑफ बड़ौदा के पास स्थित शौचालय करीब दो वर्ष पूर्व हाईकोर्ट के आदेश पर चालू होने के बाद इधर काफी समय से बंद पड़ गया है। शौचालय के बाहर एक कागज चिपकाया गया है कि पानी की उपलब्धता न होने के कारण शौचालय बंद है। वहीं इस बारे में पूछे जाने पर उत्तराखंड जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने कहा कि करीब दो वर्ष पूर्व उच्च न्यायालय के आदेशों के हवाले पर शौचालय को चालू किया गया था। तब नगर पालिका द्वारा शौचालय द्वारा शीघ्र पानी का संयोजन लिये जाने के आश्वासन पर इसमें पानी का संयोजन भी जोड़ दिया गया था, किंतु तब से नगर पालिका के द्वारा पेयजल बिल का भुगतान देना तो दूर शौचालय के लिए पानी का संयोजन ही नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि नगर के सूखाताल व चीना बाबा चौराहे के शौचालयों की स्थिति भी ऐसी ही है। उनके लिए भी पेयजल के संयोजन नहीं लिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि नगर के ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन शीघ्र शुरु होने जा रहा है। ऐसे में बिना शौचालयों के नगर में सैलानियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा।

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नवीन समाचार नैनीताल 12 जनवरी 2019। जी हां, चित्र में दिखाई दे रहा यह ऐसा कुछ है जो नगर के घर घर में आ रहा है। भाजपा नेता, पूर्व जिला महामंत्री दया किशन पोखरिया के अनुसार शनिवार को नगर के तल्लीताल क्षेत्र से नीचे के काठबाँस, हरी नगर व कृष्णापुर आदि समस्त क्षेत्रों में पेयजल लाइनों से ऐसा पानी आया। इसकी शिकायत जल संस्थान के अधिकारियों से की गई।अधिकारियों ने लाइनों की जांच करवाई किंतु कारण पता नहीं चल सका। आखिर सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने रविवार को इस समस्या से निजात दिलाने का वादा किया है।

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p style=”text-align: justify;”>p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 22 दिसंबर 2018। सरोवरनगरी नैनीताल वासियों पर आरोप लगते हैं कि वे विश्व प्रसिद्ध नैनी सरोवर का पानी चट कर जाते हैं। बाहर से आने वाले सैलानियों पर भी इसका दोष जाता है कि वे गर्मियों में बड़ी संख्या में आकर नैनी झील को सुखाने के पाप में शामिल होते हैं। इस कारण गर्मियों में नैनी झील सूखने के कगार पर आ जाती है, तथा प्रकृति प्रेमियों-पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ा देती है। पिछले वर्षों से ‘नगरवासी’ भी इस चिंता में ‘नंगे पैर’ शामिल होने लगे हैं। लेकिन अब लगता है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिये प्रयास शुरू हो गये हैं। केंद्र सरकार के द्वारा नैनीताल नगर के लिए कौशिकी यानी कोसी नदी से पानी लाने की योजना पर शुरुआती कार्य शुरू हो गया है। इस बारे में स्थानीय विधायक संजीव आर्य का कहना है कि खैरना-गरमपानी के निकट बडेरी नाम के स्थान पर प्रस्तावित कोसी बांध से नैनीताल व लाइन के रास्ते में आने वाले गांवों के लिए पेयजल के साथ ही सिंचाई योजना एवं नैनीताल के लिए पंपिंग-लिफ्ट योजना भी शामिल है। इसलिए इस योजना पर 750 करोड़ रुपये तक खर्च होने की उम्मीद है। इसलिए इसे स्वीकृत होने में समय लग सकता है। जबकि मसूरी के पेयजल के लिए ऐसी ही योजना 180 करोड़ की थी, और वह स्वीकृत होने जा रही है।
केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने अल्मोड़ा-नैनीताल जनपद की सीमा पर उत्तरवाहिनी शिप्रा एवं कौशिकी नदी के तट पर बसे खैरना-गरमपानी कश्बे के पास करीब 120 मीटर लंबी झील बनाने और वहां से नैनीताल के लिए लिफ्ट-पंपिंग योजना बनाने की योजना बनाई है। इस योजना में करीब 150 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। इस हेतु जल निगम एवं सिचाई विभाग के मुख्य अभियंताओं से 30 दिसंबर तक प्रस्तावित झील और लिफ्ट-पंपिंग योजना की डीपीआर यानी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने को कहा गया है। बताया गया है कि दोनों अभियंताओं ने प्रस्तावित झील निर्माण स्थल का निरीक्षण भी कर लिया है।

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-नैनीताल में एक ओर पेयजल की कटौती, दूसरी ओर चरम पर है पानी की बर्बादी

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 9 सितंबर 2018। सरोवरनगरी में एक ओर डीएम के स्पष्ट आदेशों पर जरूरत के करीब 50 फीसद पेयजल की आपूर्ति में कटौती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नगर में पानी की बर्बादी भी चरम पर हो रही है। खास बात यह भी है कि स्थानीय लोगों द्वारा की जा रही अनेकों शिकायतों के बावजूद पेयजल की बर्बादी को रोकने के लिए जिम्मेदार विभाग कोई कार्य नहीं कर रहे, उल्टे एडीबी और जल संस्थान एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का बहाना ढूंढ रहे हैं। इस बीच चल रहे निकाय चुनावों को देखते हुए पेयजल कटौती और पानी की बर्बादी के मुद्दे सत्तारूढ़ दल पर भारी भी पड़ सकते हैं। यह अलग बात है कि विपक्षी कांग्रेस के साथ ही अन्य प्रत्याशियों के चुनावी एजेंडे में भी ऐसे मुद्दे नहीं दिख रहे हैं।
नगर की भाजपा से ही जुड़ी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तुलसी कठायत ने बताया कि उनके आवास के पास ओक लॉज के पीछे मिडिल चीना मार्ग पर बीते एक सप्ताह से पेयजल की मुख्य लाइन में बड़ी लीकेज हो रही है। इसकी सूचना वह कई बार एडीबी के महाप्रबंधक को दे चुकी हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। उन्होंने मुख्य डाकघर से ऊपर के मार्शल कॉटेज, ओक लॉज, अपर चीना मॉल आदि सड़कों में कभी भी नगर पालिका की ओर से सफाई न होने का आरोप भी लगाया। इसी तरह की बड़े पैमाने पर पानी की लीकेज की शिकायत नगर के तल्लीताल क्षेत्र के मोटापानी इलाके में भी है। मोटापानी में पानी की मुख्य लाइन करीब 2 फिट की लंबाई में कई दिनों से फटी हुई है। वहीं नगर के कमोबेस सभी नालों के पास भी लाइनों से व्यापक स्तर पर लीकेज हो रही है। इसकी बानगी नालों में बिना बारिश बहते पानी के रूप में देखी जा सकती है। पेयजल की कटौती को भाजपा से जुड़े लोग भी डीएम एवं भाजपा नगर अध्यक्ष के बीच के टकराव से जोड़ रहे हैं और यह भी संभावना जता रहे हैं कि कटौती व लीकेज से सरकार की छवि खराब हो रही है, और इससे निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ दल की लुटिया डूब भी सकती है।

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 26 अक्तूबर 2018। डीएम के आदेशों पर सरोवरनगरी में पेयजल की आपूर्ति में 50 फीसद तक कटौती कर दी गयी है। पिछले वर्ष तक वर्ष भर होने वाली 14 एमएलडी (मीट्रिक लीटर पर डे) की जगह इसी सप्ताह सोमवार से नगर में केवल 7 एमएलडी पेयजल की ही आपूर्ति की जा रही है। इस पर लोग कुमाऊं आयुक्त के पास शिकायत करने पहुंच रहे हैं। इससे कमोबेश पूरे नगर में पेयजल की किल्लत हो गयी है। खासकर लाइनों के आखिरी शिरों पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे लोग बेहद परेशानी में हैं, और पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। नगर के पॉपुलर कंपाउंड निवासी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता भुवनेश जोशी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उनके घर में पानी की बूंद नहीं टपकी है। वहीं नगर के अयारपाटा निवासी मनोज साह जगाती ने शुक्रवार को कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला को ज्ञापन सोंपकर क्षेत्र में पिछले चार-पांच दिनों से पानी की भारी किल्लत होने की शिकायत करते हुए पेयजल आपूर्ति सुचारू कराने का अनुरोध किया है।
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2018 से नगर की नैनी झील का जल स्तर तेजी से गिरने के मद्देनगर पहली बार पेयजल की कटौती की गयी थी। इसका असर इस वर्ष गर्मियों में नैनी झील का जल स्तर पिछले वर्षों की तरह नहीं गिरा, और बरसात के मौसम में झील 12 फिट के स्तर तक भरकर तल्लीताल में मॉल रोड तक भी भर गयी थी। इस दौरान कुमाऊं आयुक्त ने भाजपा नेताओं के अनुरोध पर पेयजल की कटौती बंद करवा दी थी। बताया गया कि इसके बाद नैनी झील का जल स्तर प्रतिदिन करीब एक इंच की दर से गिरने लगा। इस पर डीएम ने फिर से 50 फीसद कटौती करने के आदेश जल संस्थान को दिये। इस सोमवार 21 अक्टूबर से कटौती लागू होने के बाद नगर में भारी पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि शनिवार व रविवार को 8 एमएलडी की आपूर्ति की जाएगी। जिन क्षेत्रों में अधिक परेशानी है वहां की दिक्कतें दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं। हर रोज 40 से 45 शिकायतें आ रही हैं।

यह भी पढ़ें: नैनीताल में इस मुद्दे पर आमने-सामने आये डीएम और कमिश्नर, भाजपा है तीसरे कोण पर

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p style=”text-align: justify;”>पानी की रोस्टिंग पर डीएम-कमिश्नर के आदेशों में पिसा जल संस्थान
नैनीताल, 11 अक्टूबर 2018। सरोवरनगरी में पेयजल की रोस्टिंग को लेकर डीएम एवं कमिश्नर के अलग-अलग आदेशों के पाटों में नगर में पेयजल की आपूर्ति करने वाला जल संस्थान फंस कर रह गया है। इस पूरी कहानी में सत्तारूढ़ भाजपा भी तीसरा रोचक कोण बना रही है।
हुआ यह कि नगर में पूर्व में करीब 16 एमएलडी (मीट्रिक लीटर पर डे) तक पेयजल की आपूर्ति की जाती थी, किंतु दिसंबर 2017 से डीएम के आदेशों पर आपूर्ति में रोस्टिंग यानी कटौती करके 7-8 एमएलडी तक सीमित कर दी गयी। इसका प्रभाव इस वर्ष नैनी झील में पेयजल स्तर के अपेक्षाकृत बेहतर स्तर के रूप में देखा गया। लेकिन इधर सितंबर माह में नैनी झील के 12 फिट तक भर जाने के उपरांत स्थानीय लोगों की कटौती से हो रही समस्या की शिकायत पर भाजपा कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने गत दिवस कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला से मिलकर रोस्टिंग बंद करने का अनुरोध किया था। इस पर कमिश्नर रौतेला ने जल संस्थान के महाप्रबंधक को कटौती को बंद करने के निर्देश दिये। इसके बाद जल संस्थान ने कटौती बंद कर दी थी। लेकिन इधर डीएम विनोद कुमार सुमन ने नैनी झील के जल स्तर को बनाये रखने के उद्देश्य से जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बीएस पाल को कटौती बंद करने के निर्देश दिये हैं। इसके बाद असमंजसपूर्ण स्थिति बताते हुए श्री पाल ने बताया कि डीएम ने आम दिनों में 7 एवं सैलानियों की अधिक उपस्थिति के दिनों में 8 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति करने के आदेश दिये हैं।

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p style=”text-align: justify;”>सरकार के खिलाफ काम कर रहे हैं डीएम: भाजपा
नैनीताल। डीएम के कटौती बंद करने के आदेशों पर भाजपा नगर अध्यक्ष मनोज जोशी ने डीएम सुमन पर सरकार के खिलाफ कार्य करने का आरोप लगाया। कहा कि एक ओर नैनी झील के लबालब भरने के बाद बलियानाला में पानी खोलना पड़ा है, वहीं नगरवासी पानी को तरस रहे हैं। इससे सरकार की छवि खराब हो रही है। उन्होंने गत दिनों बलियानाला में हुए भूस्खलन के बाद प्रभावितों को दुर्गापुर में पुर्नवासित करने से डीएम सुमन द्वारा दो टूक मना करने एवं बाद में विधायक को धरने पर बैठने की नौबत आने को भी डीएम की हठधर्मिता और सरकार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।

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p style=”text-align: justify;”>अयारपाटा में चार दिन से पानी न आने पर धरने पर बैठे जगाती
नैनीताल। बृहस्पतिवार को नगर के अयारपाटा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मनोज साह जगाती जल संस्थान के पंप हाउस के पास अकेले धरने पर बैठ गये। उनका आरोप था कि उनके क्षेत्र में पिछले चार दिनों से पानी की समस्या चल रही है, और जल संस्थान टालमटोल कर रहा है। इस कारण उन्हें धरने पर बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। बाद में अधिकारियों के आपूर्ति सुनिश्चित करने के आश्वासन के बाद वह धरने से उठे।

नैनीताल में आज से मिली इस 10 माह से चली आ रही परेशानी से निजात

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p style=”text-align: justify;”>-दिसंबर 2017 में शुरू हुई नगर में पेयजल कटौती, आज से करीब दोगुना मिलने लगा पानी
नैनीताल, 26 सितंबर 2018। सरोवरनगरी में बुधवार से पेयजल की कटौती बंद हो गई है और पूर्व की तरह करीब दोगुना पानी नगर वासियों को मिलने लगा है। नगर के भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मंडल अध्यक्ष मनोज जोशी की अगुवाई में नगर की विभिन्न समस्याओं को लेकर कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला से भेंट की एवं उन्हें ज्ञापन सोंपकर नैनी झील के पूरी तरह से भरने का हवाला देते हुए नगर में पेयजल की कटौती बंद करने का अनुरोध किया, इस पर आयुक्त ने जल संस्थान के जीएम को कटौती बंद करने के निर्देश दिये। इसके बाद जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि अब तक नगर में 8 एमएलडी (मीट्रिक लीटर पर डे) पानी की हर रोज आपूर्ति की जा रही थी, जो कि बुधवार से अपने पूर्व के स्तर तक पहुंच जाएगी। 

उल्लेखनीय है कि नगर में आम तौर पर सुबह और शाम 4 से पांच यानी दिन में कुल 8 से 10 घंटे तक 14 एमएलडी (मीट्रिक लीटर पर डे) तक पानी की आपूर्ति की जाती थी। किंतु इस वर्ष झील के जल स्तर को बनाए रखने के लिए दिसंबर माह से सुबह शाम केवल 3-3 घंटे ही और दिन में कुल 8 एमएलडी ही आपूर्ति की जा रही थी।

इसके अतिरिक्त भाजपाइयों ने बरसात के मौसम में क्षतिग्रस्त हुई नगर की मस्जिद तिराहे से हाईकोर्ट तक एवं जू रोड सहित अनेक सड़कों की मरम्मत करने, अयारपाटा में राधा स्वामी आश्रम के अंदर अवैध निर्माण तथा हरे वृक्षों को सुखाने का कार्य होने आदि की भी शिकायत की। भाजपाई शिष्टमंडल में अरविंद पडियार, नितिन कार्की, विकास जोशी, आनंद बिष्ट, बिमला अधिकारी, भूपेंद्र बिष्ट व मनोज साह आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : सीजन शुरू होते ही सरोवरनगरी के घरों में पानी के लिए हाहाकार

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p style=”text-align: justify;”>-पिछले वर्ष हर दिन होती थी 14 एमएलडी पानी की आपूर्ति, इस वर्ष दिसंबर से नैनी झील बचाने के उद्देश्य से केवल 8 एमएलडी की आपूर्ति, सीजन में भी नहीं बढ़ाई जा रही आपूर्ति
-होटलों एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में अधिक पानी देने व नियत 8 एमएलडी पानी की आपूर्ति भी न किये जाने के आरोप में एडीबी व जल संस्थान कार्यालयों को घेरा
नैनीताल, 25 मई 2018। सामने नैनी सरोवर और पानी की बूंद के लिए तरसते सरोवरनगरी वासी। मौका ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन का, और हजारों सैलानियों को भोजन-पानी खिलाने-पिलाने के बावजूद होटलों को पानी की कोई दिक्कत नहीं, और नगरवासी एडीबी व जल संस्थान के कार्यालयों में पानी की बूंद दिलाने को भटक रहे। तस्वीर के यह पहलू शुक्रवार को उभर कर आये, जब नगर के बारापत्थर में घोड़ा संचालक एवं सात-नंबर स्नोव्यू, आल्मा कॉटेज व पुराना राजभवन क्षेत्र के लोगों ने पहले एडीबी और फिर जल संस्थान के अधिशासी कार्यालय का घेराव किया।

राष्ट्रीय सहारा, 26 मई 2018

नेतृत्व कर रहे टैक्सी-ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज जोशी ने एडीबी व जल संस्थान पर एक-दूसरे पर समस्या को टालने एवं कुछ संस्थानों के दबाव में कार्य करने, वहां 24 घंटे की आपूर्ति करने व झील को बचाने के नाम पर पिछले वर्ष के 14 की जगह इस बार तय 8 एमएलडी पानी भी न देने के जबकि प्रशांत दीक्षित ने समस्या के समाधान के लिए एडीबी व जल संस्थान के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर समाधान करने की मांग की। वहीं घोड़ा मालिक चालक संघ के लियाकत अली, अब्दुल सत्तार आदि का कहना था कि रमजान का महीना होने के बावजूद पानी नहीं मिल रहा है। 94 घोड़े हैं, उनके लिए करीब 15 किमी का फेरा लगाकर रूसी बाइपास के स्रोत से पानी लाना पड़ रहा है। इस मौके पर अब्दुल मालिक, मो. उमर, अब्दुल रहमान, जुल्फिकार, रेखा, हेमा, बबली, मनीशा, मीना, हिमानी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

आरोपः राजभवन में गोल्फ कोर्स की सिचाई, और पुराने राजभवन में बूंद नहीं

नैनीताल। प्रदर्शन के दौरान पुराना राजभवन क्षेत्रवासी महिलाओं ने यह सनसनीखेज आरोप भी लगाया कि एक ओर राजभवन में नैनी झील के पानी के गोल्फ कोर्स में सिचाई व तरावट कर गवर्नर्स गोल्फ टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है, वहीं पुराना राजभवन, आल्मा कॉटेज क्षेत्र में लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। पानी न आने से बच्चे स्कूल और बड़े अपने कार्यालय नहीं जा पा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस बाबत एक दिन पूर्व प्रदेश के राज्यपाल डा. केके पाल से भी मीडिया के द्वारा सवाल पूछा गया था, जिस पर उन्होंने कहा कि राजभवन में काफी वर्षा जल संग्रह किया जा रहा है, जिसका उपयोग सिचाई व तरावट के लिए किया जा रहा है, अलबत्ता साफ तौर पर नैनी झील के जल का उपयोग किये जाने से इंकार भी नहीं किया था। गौरतलब है कि राज्यपाल नैनी झील के जल संरक्षण के प्रति काफी संवेदनशील भी हैं।

होटलों में लगे टुल्लू पंप, पुराने टैंक को एडीबी बता रहा नया, जांच होगी

डीएम को ज्ञापन सोंपते भाजपाई।

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p style=”text-align: justify;”>-भाजपाइयों ने पानी व अन्य समस्याओं पर डीएम को दिया ज्ञापन
नैनीताल। सरोवरनगरी में पानी की समस्या पर विपक्ष कुछ कहे, इससे पहले सत्तारूढ़ भाजपाई ही मुखर हो गये हैं। शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने नगर अध्यक्ष मनोज जोशी के नेतृत्व में इस मुद्दे पर डीएम विनोद कुमार सुमन से मुलाकात की, एवं उन्हें ज्ञापन सोंपा। उनका कहना था कि नगर के होटलों में जल संस्थान के अधिकारियों की शह पर टुल्लू पंप चलाए जा रहे हैं, तथा कई पाइप जुड़वा कर भारी मात्रा में पानी का भंडारण किया जा रहा है। साथ ही नगर में नई पाइप लाइन व टैंक बनाने वाले एडीबी पर भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भाजपाइयों ने टिफिन टॉप में पुराने अंग्रजी दौर के टैंक को ही एडीबी द्वारा नया बताये जाने जैसे आरोप लगाये गए।

राष्ट्रीय सहारा, 26 मई 2018

डीएम ने कहा कि मामले की जांच कराएंगे। इसके अलावा नगर में साफ-सफाई व सड़कों पर गड्ढों की भी शिकायत की गयी। डीएम ने नालों में लगातार आ रही गंदगी, खासबर मलबे की समस्या से निजात के लिए नगर के बाहर मलबे के डंपिंग जोन बनाने की बात कही, जिसका उपयोग बाद में पार्किंग के रूप में हो सकता है। शिष्टमंडल में बिमला अधिकारी, गोपाल रावत, अरविंद पडियार, भूपेंद्र बिष्ट, मनोज जगाती, डीएसए महासचिव सोनू बिष्ट, हरीश राणा, अनिल गड़िया व विकास जोशी आदि भाजपाई मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : 50 फीसद तक कटौती किये जाने के बावजूद ‘शून्य’ पर पहुंच गया नैनी झील का जल स्तर

7 मई 2018 को शून्य पर पहुंचने के बाद नैनी झील की स्थिति।

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p style=”text-align: justify;”>-अलबत्ता पिछले वर्ष आज की तिथि पर 6.2 फिट और 2016 में 5.35 फिट कम था नैनी झील का जल स्तर
नैनीताल, 7 मई 2018। नैनी झील और इसके चाहने वाले पर्यावरण प्रेमियों के लिये यह बुरी खबर है। नगर वासियों के लिए पिछले दिसंबर माह यानी सर्दियों से ही पेयजल की 40 से 50 फीसद तक कटौती किये जाने के बावजूद नैनी झील का जल स्तर सोमवार सात मई को इस वर्ष में पहली बार शून्य पर पहुंच गया है। अलबत्ता, संतोष की बात यह है कि आज की तिथि में वर्ष 2017 में जल स्तर 6.2 फिट और 2016 में 5.35 फिट कम था।
उल्लेखनीय है कि नगर में आम तौर पर सुबह और शाम 4 से पांच यानी दिन में कुल 8 से 10 घंटे तक 14 एमएलडी (मीट्रिक लीटर पर डे) तक पानी की आपूर्ति की जाती थी। किंतु इस वर्ष झील के जल स्तर को बनाए रखने के लिए दिसंबर माह से सुबह शाम केवल 3-3 घंटे ही और दिन में कुल 8 एमएलडी ही आपूर्ति की जा रही है। इससे इस वर्ष झील का जल स्तर अंग्रेजी दौर के तल्लीताल स्थित झील नियंत्रण कक्ष में बने मापक पर सोमवार को शून्य पर पहुंच गया। इससे पूर्व 2017 में यह स्थिति 25 जनवरी को ही, जबकि 2016 में 16 फरवरी को आई थी, तथा वर्ष 2015 में आई ही नहीं थी। 2015 में अप्रैल तक ही एक हजार मिमी से अधिक शीतकालीन बारिश के साथ सात मई को भी झील का जल स्तर 4.5 फिट के अच्छे स्तर पर था। गौरतलब है कि इस वर्ष दिखने में अच्छी और काफी ओलावृष्टि होने के बावजूद अब तक इस वर्ष में केवल 166.6 मिमी ही बारिश दर्ज की गयी है। इसमें से जनवरी माह में केवल 6 मिमी, फरवरी में 32 मिमी, मार्च में 15.4 मिमी, अप्रैल में 101.4 मिमी और इधर 7 मई तक मई माह में 11.8 मिमी बारिश हुई है। आगे ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में बढ़ते पर्यटन के दबाव के साथ नैनी झील का जल स्तर कितना और गिरता है, यह देखने वाली बात होगी।

नैनी झील का जल स्तर 7 मई को 0 पर था।प्रशासन ने जल रोस्टिंग के द्वारा इसको नियन्त्रित करने का प्रयास किया है।आप सभी की सूचना के लिए यह बताना भी जरूरी होगा कि सामान्यतया आदर्श दशाओं मे इसको इस समय 7 फ़ीट होना चाहिए था परंतु केवल वर्ष 2015 को छोड़कर जबकि झील 4 फ़ीट 8 इंच भरी थी ,अन्य सालों के 1 मई को जल स्तर का विवरण निम्नवत है।
2010- 3 फ़ीट
2011-1’8इंच
2012- (-1इंच)
2013-2फीट6’5इंच
2014-1फ़ीट5इंच
2016-(-4फ़ीट7इंच)
2017-(-5फ़ीट6इंच)
2018-3’5इंच
यह भी जाने कि अलग अलग वर्ष मे झील कब 0 स्तर पर थी—-
1923-जून
1980-जून
2002,2004,2006-जून
2009-मई
2010-जून
2011-मई
2012-30 अप्रैल
2013-26मई
2014-17मई
2016-17फरवरी
2017-12फरवरी
2018-7मई
ये सूचनाये नियन्त्रण कक्ष से उपलब्ध डेटा कर आधार पर संकलित हैं।

डॉ०जी०एल०साह
नैनीताल

चिंताजनक: राज्य बनने के बाद चार से पांच गुना गति से घट रहा है नैनी झील का जल स्तर

जनवरी माह के आखिर में ऐसी है नैनी झील के जल स्तर की स्थिति।

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p style=”text-align: justify;”>-1999 की शुरुआत में कमोबेश समान कम बारिश की स्थितियों में प्रतिदिन औसतन 5.3 मिमी की गति से गिरा था जल स्तर, जबकि इधर नवंबर में 23.3 व दिसंबर में 20.2 मिमी गिरा
-इधर जनवरी माह में पानी की रोस्टिंग के बाद भी प्रतिदिन 12.7 मिमी की दर से गिरा है जलस्तर
नवीन जोशी, नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध सरोवरनगरी की नैनी झील विश्व भर के सैलानियों को आकर्षित करने के साथ वैश्विक पहचान रखती है, साथ ही पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी इसका बड़ा महत्व है। इसलिए हमेशा से केंद्र एवं राज्य सरकारें भी इसके प्रति गंभीर होने का जुबानी दावा भी करती रहती हैं। हालिया दौर में भी इस पर केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार के मुखिया और राज्यपाल चिंता जता चुके हैं। करोड़ों रुपए भी झील के संरक्षण के लिए खर्च होते हैं, लेकिन यह भी असलियत है कि वास्तव में झील के संरक्षण के लिए जरूरी, मूल व ठोस कार्य अंग्रेजी दौर के बाद से नहीं हो पाये हैं। आंकड़े गवाह हैं कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद झील का जल स्तर गिरने की दैनिक औसत दर चार से पांच गुना तक बढ़ चुकी है। 1999 की शुरुआत में कमोबेश समान कम बारिश की स्थितियों में प्रतिदिन औसतन 5.3 मिमी की गति से इसका जल स्तर गिरा था, जबकि इधर नवंबर 2017 में 23.3 व दिसंबर में 20.2 मिमी की दर से जल स्तर गिरा। वहीं इधर जनवरी 2018 में पानी की बड़े स्तर पर हुई रोस्टिंग के बाद भी प्रतिदिन 12.7 मिमी की दर से जलस्तर गिर रहा है।

राष्ट्रीय सहारा, 1 फरवरी 2018
यह भी पढ़ें : पहली बार जनवरी में शून्य पर पहुंचा नैनी झील का जलस्तर,  क्या रूठ गयी हैं माता नंदा !

नैनी झील के जल स्तर गिरने पर अध्ययन करने पर पाया गया कि राज्य बनने के ठीक पहले 1999 में कमोबेश आज की तरह ही कम शीतकालीन वर्षा के हालात रहे। इस वर्ष जनवरी माह में मात्र 2.03 तथा फरवरी व मार्च माह में शून्य बारिश रिकार्ड की गयी। इसके साथ ही जनवरी माह के अंत में जल स्तर 10.14 फिट, फरवरी अंत में 9.6 फिट व मार्च अंत में 9 फिट रहा। इस प्रकार देखते हैं कि जनवरी 1999 में प्रतिदिन औसतन 5.38 मिमी की दर से जल स्तर गिरा। वहीं इस वर्ष नवंबर माह में 23.3 व दिसंबर माह में 201.2 तथा इधर जनवरी माह में अत्यधिक चिंताओं के बीच पेयजल की आपूर्ति प्रतिदिन 14 एमएलडी से घटाकर केवल 8 एमएलडी कर दिये जाने के बाद यह दर भी आधी होकर 12.7 मिमी रही है। इस प्रकार इस वर्ष शीतकालीन वर्षा के नाम पर जनवरी माह में केवल 6 मिमी वर्षा व 4 सेमी बर्फ गिरने की स्थितियों में माह के आखिर में नैनी झील का जल स्तर साढ़े तीन फिट के स्तर पर बना हुआ है, जबकि 2017 में यह इतिहास में पहली बार 25 जनवरी को शून्य के स्तर पर आ गया था।

….तो नहीं हो रहा नैनी झील से अतिरिक्त रिसाव
नैनीताल। नैनी झील के गिरते जल स्तर और इधर हाल में इस दिशा में किए गए प्रयासों के अध्ययन में यह बात भी उभर कर आई है कि पानी की बड़े पैमाने पर रोस्टिंग किए जाने तथा झील के गेजों को  गत दिनों अच्छी तरह से बंद कर बलियानाला में होने वाला रिसाव बंद करने के बाद जल स्तर का गिरने की दर भी पिछले महीनों के मुकाबले आधी हो गयी है। यानी झील से बड़े स्तर पर पानी का अतिरिक्त रिसाव, जिसके कि होने के बड़े स्तर पर दावे किये जा रहे हैं, नहीं हो रहा है। यह सही है कि बलियानाला क्षेत्र में पिछले वर्षों में बड़े जलस्रोत फूटे हैं, और हाइड्रोलॉजी यानी जल विज्ञान के जानकार समझते हैं कि कहीं न कहीं यह पानी सीधे न भी नहीं नैनी झील के ही जलागम क्षेत्र का है, बावजूद वैज्ञानिक अनुसंधानों में भी यह बात साफ हो गयी है कि यह सीधे तौर पर नैनी झील से रिसा हुआ पानी नहीं है। अलबत्ता इसे पंप कर वापस नैनी झील में डालने अथवा निकटवर्ती गांवों को इसकी आपूर्ति किए जाने की मांग उठ रही है।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….।मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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