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चुनावी चकल्लस: चुनावी मेले में सब की पौ-बारह, बस यहां है मायूसी !

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नैनीताल, 15 नवंबर 2018। नगर पालिका चुनाव में मतदान की बेला आने तक काफी कुछ घट-बढ़-चढ़-उतर गया है। चुनावी मेला चल रहा है तो मेले में हर ओर बहार है। नेताओं का बाजार गर्म है तो पार्टियों-निर्दलीयों के चुनाव कार्यालयों में सुबह-शाम लाइन लगाकर निकलने वाली प्रचार टोलियों को भी रोजगार मिलने के साथ ‘बेरोजगारी की समस्या का मुद्दा’ पीछे चला गया है। होर्डिंग बनाने-लगाने वालों की भी पौ-बारह है। सच्चे-झूठे दावों-वादों का बाजार भी चढ़ा हुआ है। नये-नये बने नेताओं ने नये-नये नेताकट जैकेट, कुर्ते-पाजामे सिलवाये हैं। हेयर ड्रेसर-सैलूनों में भी रौनक है। प्रत्याशी सुबह-सवेरे ही नेताओं के मेकअप कर चकाचक होकर निकल रहे हैं। ‘झंडे-डंडे’ भी खुश हैं। उनके लिये दिन के साथ ही रात में भी ‘खाने-पीने’ का पूरा प्रबंध है। ‘रेड-ह्वाइट’ हर तरह के ‘गोश्त’ की भी ‘व्यवस्था’ बताई जा रही है। पीने-पिलाने की तो शायद ‘सरकार’ से भी छूट मिली हुई है। क्योंकि उनके लिये भी ‘टार्गेट्स अचीव’ करने का यह मौका है। अभी ‘फिगर्स’ बढ़ेंगे तो अगले लोकसभा चुनावी वर्ष का कोटा भी बढ़ना तय है। अलबत्ता नेताओं के ‘फिगर’ जरूर ‘शेप’ में आ गये हैं। अपनों-परायों को परखने-आजमाने का भी यह मौका है। लाउडस्पीकरों का शोर भी चढ़ा हुआ है। स्कूलों में परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। बच्चों को भी पढ़ने से जी चुराने का बहाना मिल गया है कि इतने शोर में कैसे पढ़ें। परिणाम बुरे आये तो भी उन्हें नहीं अभिभावकों को भुगतना है।
लेकिन बाजार के एक हिस्से में मायूसी भी है। पता नहीं किसने चुनाव के शुरू में कह दिया कि चुनाव नगर पालिका अध्यक्ष नहीं छात्र संघ का जैसा लग रहा है, तब से बाजार में काली मेंहदी और हेयर डाई की बिक्री घट गयी है। उधर बड़े नेताओं का भी मानो अकाल पड़ गया है। जनता को लुभाने लायक चुनावी मुद्दे उपलब्ध कराने वाली दुकानें भी ठंडी पड़ी हुई हैं। ऐसे में घिसे-घिसाये मुद्दों से ही काम चलाना पड़ रहा है। इधर, पिछले दिनों कम सर्दी के बावजूद तीन-तीन ‘जैकेटें’ पहन कर निकल रहे अखबारों की जैकेटें इस बीच उतरी नजर आ रही हैं, अलबत्ता चुनावी बेला में कुछ साथियों पर ‘कंबल’ की जगह ‘जैकेट’ डालने का प्रयास पत्रकारों की चर्चाओं में बना हुआ है।

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-आवारा कुत्तों, साफ-सफाई, यातायात, जाम, पालिका की आय बढ़ाने आदि पर सवालों के दिये बेबाकी से जवाब

प्रश्न मंच में जनता के सवालों के जवाब देते अध्यक्ष प्रत्याशी एवं अन्य मंचासीन प्रत्याशी।
प्रश्न मंच में जनता के सवालों के जवाब देते अध्यक्ष प्रत्याशी एवं अन्य मंचासीन प्रत्याशी।

नैनीताल, 11 नवंबर 2018। देश ही तीसरी ऐतिहासिक नैनीताल नगर पालिका के अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों एवं आम लोगों के लिए रविवार को अपनी तरह की अनूठी पहल करते हुए ‘प्रश्न मंच’ का आयोजन किया गया। नगर के आम लोगों के समूह ‘आजाद मंच’ की ओर से की गयी इस पहल में अध्यक्ष पद के 13 में से केवल तीन प्रत्याशियों ने ही जनता के सवालों के जवाब देने का दम दिखाया, और सवालों के बेबाकी से जवाब भी दिये। जबकि अन्य प्रत्याशी आयोजकों के द्वारा व्यक्तिगत आमंत्रण दिये जाने के बावजूद नहीं पहुंचे।

प्रश्न मंच में अध्यक्ष प्रत्याशियों से सवाल पूछने पहुंचे आम जन।
प्रश्न मंच में अध्यक्ष प्रत्याशियों से सवाल पूछने पहुंचे आम जन।

मल्लीताल स्थित श्रीराम लीला मैदान पर आयोजित हुए प्रश्न मंच में सवालों की शुरुआत शेर सिंह मेर नाम के वरिष्ठ नागरिक के सवालों से हुई। उन्होंने नगर में आवारा कुत्तों, साफ-सफाई और यातायात की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्याशियों से उनकी योजना के बारे में पूछा। वहीं रंगकर्मी इदरीश मलिक, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओंकार गोस्वामी, डा. मोहित सनवाल आदि ने नगर पालिका की आय बढ़ाने के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष के अधिकारों एवं शक्तियों के बारे में भी सवाल पूछे। उत्तराखंड लोक वाहिनी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी नीरज जोशी ने सभी सवालों के तर्कपूर्ण तरीके से जवाब दिये। कहा कि उपलब्ध संसाधनों के सदुपयोग एवं करों की सही तरह से वसूली एवं 74वें संविधान संशोधन के तहत नगर पालिका के अधिकारों की लड़ाई लड़कर नगर की व्यवस्थाओं को दुरुस्थ किया जा सकता है। वहीं बसपा के प्रत्याशी रईश अहमद अंसारी ने जीतने के बाद 10 दिनों में नगर से आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान कर देने और सफाई के मुद्दे पर 6 माह में नगर को स्वर्ग की तरह सुंदर बनाने, नारायण नगर में पार्किंग का निर्माण कर यातायात व्यवस्था का समाधान करने व जनता के लिये प्याऊ लगाने की बात कही। सुनीता जोशी व शबाना खान के महिलाओं की सुरक्षा व रोजगार के प्रबंधों पर पूछे गये प्रश्न पर उपस्थित महिला प्रत्याशी नलिनी नेगी ने महिला सेल तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध बनाने की बात कही। जनहित संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र चौधरी ने रिक्शों के किराये अत्यधिक बढ़ने, मॉल रोड पर ई-रिक्शे चलाने के संस्था द्वारा उठाये जा रहे प्रश्नों पर सवाल उठाये। संचालन खालिद भारती व ज्योति प्रकाश ने किया। मंच के अध्यक्ष मो. खुर्शीद ने बताया कि केवल तीन अध्यक्ष प्रत्याशियों के पहुंचने के कारण प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों को भी मंच पर जनता के सवालों का जवाब देने की पेशकश की गयी। इसके बावजूद केवल एक ही, कांग्रेस प्रत्याशी सचिन नेगी के प्रतिनिधि जेके शर्मा पहुंचे, किंतु निर्धारित समय के बाद आने के कारण प्रश्न मंच में शामिल नहीं हो पाये। जगमोहन बिष्ट, गिरीश जोशी, सूरज पांडे सहित अनेक अन्य लोग भी मौजूद रहे।

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-देश की प्राचीनतम दूसरी नगर पालिका नैनीतालवासियों की कुछ ऐसी है नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में चाह
-निवर्तमान अनुभवी अध्यक्ष की विफलता के बावजूद नगरवासियों को अनुभवी अध्यक्ष चाहिए, किंतु अधिकांश दावेदार युवा जोश वाले आ रहे हैं

धर्मेंद्र पंत, विक्की राठौर, प्रवीण शर्मा, नवीन तिवारी व चंद्रशेखर सिंह कार्की।

नवीन जोशी, नैनीताल, 20 अक्टूबर 2018। देश की प्राचीनतम-दूसरी नगर पालिका में नगरीय क्षेत्रों की ‘छोटी संसद’ मानी जाने वाली नगर पालिका के चुनावों का बिगुल बजने के बाद अगला ‘नगर पिता’ यानी नगर का प्रथम नागरिक यानी नगर पालिका अध्यक्ष कौन बनेगा, इस पर शहर भर में चर्चा है। वहीं नये अध्यक्ष के तौर पर समाज के एक प्रबुद्ध वर्ग में ‘मोह भंग’ जैसी स्थिति भी नजर आ रही है। नगर के गणमान्य जनों में गिने जाने वाले लोग, जिनसे अपेक्षा की जाती है कि वे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे, चुनाव से दूर हैं। ऐसे में प्रत्याशियों में अनुभव कम युवा जोश अधिक नजर आ रहा है। लेकिन इससे इतर नगर के निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष उत्तराखंड क्रांति दल नेता श्याम नारायण ‘मास्साब’ स्वयं ही अपने कार्यकाल को ‘असफल’ बता चुके हैं। ऐसे में नगरवासी ‘अनुभव’ की असफलता देख चुके हैं। बावजूद अनुभवी प्रत्याशी से उनका मोहभंग नहीं हुआ है। इन स्थितियों में ‘नवीन समाचार’ ने नगर के खासकर व्यवसायी वर्ग के आम लोगों से बात की। जानते हैं, किसने क्या कहा।
नगर के तल्लीताल के पत्र व्यवसायी धर्मेंद्र पंत का कहना है कि नगर पिता कम से कम नगर पालिका का अर्थ व इस पद की जिम्मेदारी तो जानता हो। कई दावेदार ऐसे हैं जिन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता। बस अपने रिश्तेदारों-संबंधों के नाम पर वोट मांग रहे हैं। नगर को कोई रिश्तेदार नहीं नगर पालिका अध्यक्ष चाहिये। वह बेहतर प्रबंधन जानने वाला होना चाहिए। वहीं तल्लीताल भवाली रोड के ही रेस्टोरेंट व्यवसायी विक्की राठौर ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष शहर को समझने वाला, पढ़ा-लिखा होना चाहिए। नगर पालिका छोटी संसद है। लिहाजा वह प्रशासनिक दबाव में आने वाला न हो और पर्यटन नगरी के भविष्य के लिए यहां पार्किंग व साफ-सफाई की व्यवस्थाएं करने में समर्थ होना चाहिए। वहीं होटल-पर्यटन व्यवसायी प्रवीण शर्मा का कहना था कि पिछले-मौजूदा कार्यकाल में नगर पालिका, विधायक व सांसद की ओर से नगर में कोई कार्य नहीं हुए हैं। अच्छे-जिम्मेदार ऐसे लोगों को चुनाव लड़ना चाहिए, जिनके पास नगर के लिए कोई सोच-एजेंडा हो। लेकिन ऐसा नहीं दिखता है। प्रत्याशियों का स्तर हर तरह से बेहद गिर गया है। वहीं माल रोड के व्यवसायी व पत्रकार नवीन तिवारी का कहना था कि अध्यक्ष साफ-स्वच्छ छवि का तथा अनुभवी होना चाहिए, तथा वह नगर तथा जनता के लिए कार्य करने की इच्छा शक्ति रखने वाला होना चाहिए। वहीं सूखाताल के व्यवसायी चंद्रशेखर सिंह कार्की का कुछ अलग कहना था कि अध्यक्ष किसी राजनीतिक दल से नहीं वरन निर्दलीय होना चाहिए। क्योंकि दलों के प्रत्याशी जल्दी घोटालों में लिप्त हो जाते हैं। वह अनुभवी होने के साथ ही युवा हो, तथा सबको साथ लेकर चलने वाला तथा अच्छे स्वभाव का होना चाहिए।

(इस कॉलम में आप सभी के विचार भी आमंत्रित हैं। आप हमें इस कॉलम के लिए अपने विचार अपने फोटो सहित हमारे ईमेल-saharanavinjoshi@gmail.com पर भेजें। आपके विचार ‘नवीन समाचार’ के इस कॉलम में प्रकाशित किये जाएंगे।)

नगरपालिका हो , नगर पंचायत हो या नगरनिगम हो। उसके अध्यक्ष को निम्नलिखित कार्य सुनिश्चित करनें चाहिए :

रतन सिंह किरमोलिया

1. सफाई व्यवस्था : इसके लिए गली मुहल्लों में कूड़ादानों की व्यवस्था की जाए। लोग उसी में कूड़ा डालें ।

2. यातायात व्यवस्था : शहर, गलियों की यातायात व्यवस्था दुरुस्त की जाए। यथास्थान टैक्सी  एवं बस स्टैंड बनाए जाएं। ध्यान रखा जाए की कहीं जाम की स्थिति  न बनने पाए। सड़क किनारे फुटपाथ बनाए जाए। फड़ और ठेले वालों के लिए अलग वेंडर जोन बनाए जाएं ।
3. बाजार में वाहनों की आवाजाही पर सख्त रोक लगाई जाए ।
4. बाजार गलियों में प्रकाश व्यवस्था ठीक हो।
5. नालियों एवं सीवर लाइनों की पक्की व्यवस्था की जाए । सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था हो।उससे गैस एवं खाद बनाने का भी प्लांट लगवाया जाए।
6. शहर को सजाने -संवारने में जिसका  विशेष  रुझान हो, ऐसे व्यक्ति को ही टिकट मिले और उसे ही वोट दें।
 7. इन कामों को साल भर में अमलीजामा पहनाने के लिए निश्चित रोड मैप बनाने एवं उसे मूर्तरुप न देने वाले को हटाने का भी प्रावधान होना चाहिए । चुनाव आयोग को इस बात पर ध्यान देना चाहिए ।
(रतन सिंह किरमोलिया हल्द्वानी )
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