Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

राष्ट्रीय महासचिव बनने पर हरीश रावत ने इसलिए तंज कसते हुए इंदिरा हृदयेश को कहा ‘धन्यवाद’

Spread the love

-गत दिवस पूर्व कैबिनेट मंत्री व नेता प्रतिपक्ष ने कहा था कि हरीश रावत को कांग्रेस ने सब कुछ तो बना दिया, अब क्या बनना बांकी है

हरीश रावत का राष्ट्रीय महासचिव बनने पर अभिनंदन करती महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सरिता आर्य व अन्य।

नैनीताल, 18 जुलाई 2018। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद भी लगता है नेता प्रतिपक्ष व पूर्व काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के साथ उनका वाकयुद्ध व राजनीतिक तल्खी घटने वाली नहीं है। उल्लेखनीय है कि गत दिवस डा. हृदयेश ने कहा था कि हरीश रावत को कांग्रेस ने सब कुछ तो बना दिया, अब क्या बनना बांकी है, राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद इस बयान पर ही पलटवार करते हुए रावत ने टिप्पणी की कि उन्हें और क्या बनना बांकी है, यह बताने वालों का धन्यवाद अदा करते हैं। साथ ही पूछे जाने पर कहा कि उत्तराखंड में अपनी सक्रियता को कम नहीं होने देंगे। कहा, ‘थाप देते रहेंगे।’ यह पूछे जाने पर कि क्या आसाम जाने के बाद भी उनकी आम, काफल, मुंगरी आदि की पार्टियां जारी रहेंगी, उन्होंने कहा, वहां कोई शिष्य मिलेगा तो उसे भी यह सब सिखा देंगे। इसी तरह के एक अन्य सवाल पर कि क्या उन्हें उत्तराखंड की राजनीति से किनारे कर दिया गया है, उन्होंने कहा, आज के सोशल मीडिया के दौर में कहीं भी कोई किनारा नहीं होता है।
प्रधानमंत्री मोदी पर बोले जाने वाले हमलों पर उन्होंने कहा, उनका विरोध मोदी से नहीं बल्कि मोदीवाद से है। कहा कि उन्हें हरेले के त्योहार पर राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रीय महासचिव पद का आशीर्वाद मिला है। हमेशा की तरह जो भी जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी लगन से निभाएंगे। पहली बार हल्द्वानी से लोकसभा चुनाव में दावेदारी के सवाल पर उन्होंने टालामटोली नहीं की। कहा कि इस पड़ाव पर वह कुछ मांगने की स्थिति में नहीं है। जो भी जिम्मेदारी मिलेगी उसे निभाएंगे। वहीं केंद्रीय कार्यकारिणी में प्रकाश जोशी की उपेक्षा को खारिज किया। इस मौके पर उनके पुत्र आनंद रावत, कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष सरिता आर्या, राजेंद्र खनवाल, मारुति साह, धीरज बिष्ट व कैलाश अधिकारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे। इससे पूर्व नैनीताल क्लब में समर्थकों ने रावत का नई जिम्मेदारी मिलने पर पटाखे तोड़कर स्वागत किया।
हरीश रावत को अभिनंदन करती महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सरिता आर्य व अन्य।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड कांग्रेस में इन दिनों : “गैरों पे करम-अपनों पे सितम….”

गत दिनों इंदिरा ने पकड़े थे अजय भट्ट के हाथ, तो अब हरीश रावत ने त्रिवेंद्र रावत को खिलाये आम-ककड़ी
-अजय भट्ट-हरीश रावत में रानीखेत से होने तो त्रिवेंद्र रावत व डा. हृदयेश में नेता सदन व नेता प्रतिपक्ष होने का साम्य

28 जून को अजय भट्ट के हाथ थामे डा. इंदिरा हृदयेश.
8 जुलाई को अपने हाथों से त्रिवेन्द्र रावत को आम खिलाते हरीश रावत.

नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड कांग्रेस की राजनीति इन दिनों एक अलग स्तर पर चल रही है। यहां पार्टी नेता जो कर रहे हैं, उसे “गैरों पे करम-अपनों पे सितम….” यानी विरोधियों से लड़ने की बजाय अपनों से लड़ने में विरोधियों को गले लगाने जैसा उपक्रम माना जा रहा है। वैसे भी दुश्मन का दुश्मन दोस्त ही होता है। ऐसी पुरानी मान्यता भी है। उत्तराखंड कांग्रेस के क्षत्रप इसी राह पर हैं ।
उत्तराखंड कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और एनडी तिवारी के बीच की अदावत अब हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश के बीच खुले तौर पर दिखने लगी है। डा. इंदिरा ने जहां गत दिनों हरीश रावत के मुख्यमंत्री के दिनों में मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह को राहुल गांधी की पसंद होना बताया तो हरीश रावत ने इंदिरा हृदयेश को ऐसी खोज करने वाला ‘कोलंबस’ बता डाला। इसके कुछ ही दिनों बाद बीती 28 मार्च को इंदिरा नैनीताल आयीं तो यहां नैनीताल क्लब में पास के कक्ष में ठहरे अजय भट्ट के कक्ष में चली गयीं। उन्हें पत्नी पुष्पा भट्ट के उच्च न्यायालय में उप महाधिवक्ता बनने पर बधाई देते हुए कक्ष के भीतर व बाहर करीब 10 बार उनके हाथ थामकर भट्ट के ही क्षेत्र रानीखेत के मूल निवासी हरीश रावत को कोई संदेश देने की कोशिश की। अब हरीश रावत भी कहां चुप बैठने वाले थे। उन्होंने रविवार को देहरादून में अपनी काफी दिनों से प्रचारित आम-ककड़ी पार्टी की तो इसमें ‘सदन के नेता’ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को अपने हाथों से मीठे आम छुरी से काटकर खिलाए। आगे देखना होगा कि यह छुरी आम पर ही चली है कि इसे ‘नेता प्रतिपक्ष’ को कोई संदेश देने के लिए चलाया गया है। यह भी देखने वाली बात होगी कि सदन के नेता को खिलाए गये मीठे आम कहीं नेता प्रतिपक्ष को खट्टे तो नहीं  लगेंगे, और वे इसका क्या जवाब देंगी।

यह भी पढ़ें : ऐसा क्या हुआ कि डा. इंदिरा ने सरिता से साझा किये मंच व माला, और अजय भट्ट के 10 बार थामे हाथ

राज्य अतिथि गृह के बाहर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के हाथ थामे इंदिरा हृदयेश।

28 जून को अजय भट्ट के हाथ थामे डा. इंदिरा हृदयेश.

नैनीताल। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री व नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश बुधवार को मुख्यालय में थीं। यहां उन्होंने एक कार्यक्रम में भाग लेने के साथ ही दो महत्वपूर्ण घटनाएं कीं। एक-नगर पालिका सभागार में महिला कांग्रेस अध्यक्ष की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य के साथ मंच तथा बड़ी माला साझा की, वहीं राज्य अतिथि गृह में अचानक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के कक्ष में पहुंच गयीं, और एक नहीं करीब 10 बार उनके हाथ छामे। उन्हें पत्नी पुष्पा भट्ट के उत्तराखंड उच्च न्यायालय में उप महाधिवक्ता बनने पर बधाई दी, एवं 2019 में लोक सभा चुनाव लड़ने को लेकर भी मन भांपा। इसे डा. इंदिरा का कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में चल रही हलचलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

नगर पालिका सभागार में सरिता के साथ मंच व बड़ी माला साझा करतीं इंदिरा हृदयेश।

उल्लेखनीय है कि गत दिवस पिछले विस चुनावों के दौरान भाजपा छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़े हेम आर्य को कांग्रेस पार्टी में शामिल करने को लेकर कांग्रेस पार्टी में माहौल खासा गर्म रहा। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य ने जहां अपनी अनुपस्थिति में हेम की जॉइनिंग को लेकर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पार्टी में अपने बने रहने या न रहने तक पर टिप्पणियां कीं, वहीं पहले से ही तय मानी जा रही अपेक्षाओं के अनुरूप पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने पक्ष की मानी जाने वाली सरिता के पक्ष में उतर आये। वहीं इंदिरा ने जहां कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह को राहुल गांधी की पहली पसंद बताया तो रावत ने इंदिरा को कांग्रेस पार्टी का कोलंबस बताकर आपसी खाई को बढ़ाने में कोर-कसर नहीं छोड़ी। वहीं गत दिवस रावत से उपेक्षित रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता पुष्कर मेहरा ने हरीश रावत को ‘कीचड़ में सना महाभारत का कर्ण’ जैसी उपमा से नवाजकर खाई को और चौड़ा कर दिया। इस पृष्ठभूमि में इंदिरा का आज सरिता के साथ मंच साझा करना और अजय भट्ट के हाथ कई बार थामना इसी पृष्ठभूमि के आलोक में देखे जा रहे हैं। इसे इंदिरा का एक ओर सरिता को फिर से करीब लाकर और सत्ता पक्ष को भी साधकर हरीश रावत को और कमजोर करने का उपक्रम भी माना जा रहा है।

हेम को टिकट देना, नहीं तो कांग्रेस भी छोड़ देगा…
‘हेम को टिकट देना, नहीं तो कांग्रेस भी छोड़ देगा’ इंदिरा हृदयेश को यही बता रहे हैं अजय भट्ट

नैनीताल। राज्य अतिथि गृह में डा. इंदिरा हृदयेश के साथ हाल में पार्टी में शामिल हुए हेम आर्य भी साथ थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट का अभिवादन किया तो भट्ट ने डा. हृदयेश को टिप्पणी की कि हेम को जरूर टिकट देना, वरना यह कांग्रेस पार्टी भी छोड़ देगा। इस टिप्पणी पर मौके पर मौजूद भाजपा व कांग्रेस दोनों दलों के लोग देर तक हंसी नहीं रोक पाये। इधर नगर पालिका के कार्यक्रम में कुछ देर उपस्थित रहने के बावजूद हेम आर्य स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए सरिता आर्य से दूरी बनाते दिखे, अलबत्ता राज्य अतिथि गृह में भी डा. हृदयेश के बगलगीर रहे।

वरिष्ठ नेता युवाओं के हाथ में सौपें कांग्रेस की बागडोर: इंदिरा

नैनीताल। नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश ने बुधवार को नगर पालिका सभागार में देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ नैनीताल शाखा पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार को कोसते हुए रोजगार तथा आरक्षित वर्ग के हितों को लेकर फेल बताया। कहा कि केंद्र सरकार यदि दलित हितों पर गंभीर होती तो अध्यादेश लाकर उन्हें पूर्व की तरह लाभ दिलाती। दावा किया कि आरक्षित वर्ग का समाज फिर से कांग्रेस के पास लौट रहा है। 2019 में विपक्ष की एकजुटता मोदी सरकार को उखाड़ फेंकेगी। वहीं कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं के स्तर पर गुटबाजी से इंकार करने के साथ ही उन्होंने वरिष्ठ नेताओं को नई पीढ़ी के हाथ में कांग्रेस की मजबूत बागडोर सोंपने की सलाह भी दी। कार्यक्रम में पूर्व सांसद महेंद्र पाल, जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, मारुति साह, हेम आर्य, मुकेश जोशी, खष्टी बिष्ट, मुन्नी तिवारी, गजाला कमाल, हेम आर्य, सचिन नेगी व सुनील मेहरा आदि कांग्रेसी मौजूद रहे ।

यह भी पढ़ें : तब  हेम को हराने के बाद यशपाल आर्य ने संभाला था इंदिरा और सुमित्रा को

गजबः नैनीताल जिला पंचायत में जीत कांग्रेस की पर जीते भाजपाई

Yashpal Arya Hugged Dr. Indira Hridyesh and Sumitra Prasad, just after winning Nainital Jila Panchayat President ElectionYashpal Arya Hugged Dr. Indira Hridyesh and Sumitra Prasad, just after winning Nainital Jila Panchayat President Election

-विजयी अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद व उपाध्यक्ष पुष्कर नयाल दोनों ने भाजपा के चुनाव चिह्न पर जीता था जिला पंचायत का चुनाव

नवीन जोशी, नैनीताल। जी हां, यकीनन नैनीताल जिला पंचायत में कांग्रेस की ओर से घोषित अध्यक्ष पद प्रत्याशी सुमित्रा प्रसाद और उपाध्यक्ष पद पर पुष्कर नयाल ने चुनाव जीता है, लेकिन दोनों विजयी सदस्य न केवल मूलतः भाजपाई रहे हैं, वरन उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए जिला पंचायत सदस्य बनने की अर्हता धुर विरोधी भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिह्न कमल के फूल पर चुनाव लड़ कर अर्जित की है। वरन, उपाध्यक्ष बने पुष्कर नयाल ने तो स्वयं को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सक्रिय कार्यकर्ता भी बताया है। कांग्रेस प्रत्याशियों की विजय में योगदान देने वाले कम से कम दो सदस्य प्रताप गोरखा और कृष्णानंद कांडपाल भी मूलतः भाजपाई रहे हैं।

जी हां, ऐसा इतिहास में संभवतया पहली बार हुआ होगा कि किसी शीर्ष संवैधानिक संस्था के सभी शीर्ष पदों पर किसी पार्टी के समर्थन से जीते प्रत्याशी मूलतः किसी अन्य व धुर विरोधी दल से रहे होंगे। इसे आधुनिक राजनीति और सत्ता प्राप्ति के लिए किए जा रहे प्रबंधन और जोड़-तोड़ की राजनीति का एक अनूठा नमूना माना जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को हुए जिला पंचायत के चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी सुमित्रा प्रसाद ने अध्यक्ष एवं पुष्कर नयाल ने उपाध्यक्ष पद पर एक-एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की। दोनों को 31 सदस्यीय जिला पंचायत में 16-16 मत मिले, जबकि पराजित भाजपा अध्यक्ष प्रत्याशी नीमा आर्या और उपाध्यक्ष प्रत्याशी धीरज कुमार जोशी को 15-15 मत मिलने के कारण हार का मुंह देखना पड़ा। और इस तरह नैनीताल जिला पंचायत में लगातार चौथी बार कांग्रेस का राज कायम रहा है।

गौरतलब है कि सुमित्रा प्रसाद ने भाजपा से अध्यक्ष पद की दावेदारी करने और वहां से टिकट न मिलने पर आखिरी क्षणों में पाला बदलकर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। नामांकन प्रक्रिया के दौरान आखिरी क्षणों में तीन बजने से कुछ मिनट पहले कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल ने काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश व हरीश चंद्र दुर्गापाल की मौजूदगी में उनका नामांकन पत्र उनकी अनुपस्थिति में दाखिल किया था। यह भी काबिल-ए-गौर है कि इस चुनाव में भाजपा से कांग्रेस में ही नहीं, कांग्रेस से भाजपा में भी सदस्यों का आना-जाना रहा। बिर राम को कांग्रेस ने कथित तौर पर अपना अध्यक्ष प्रत्याशी घोषित कर दिया था, लेकिन वह भाजपा के पाले में चले गए। इसी तरह भाजपा की ओर से उपाध्यक्ष प्रत्याशी रहे धीरज कुमार भी मूलतः कांग्रेसी हैं।

इन 16 सदस्यों ने दिए कांग्रेस प्रत्याशियों को वोट
नैनीताल। घोषित तौर पर जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष व उपाध्

Loading...

नवीन समाचार

मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

4 thoughts on “राष्ट्रीय महासचिव बनने पर हरीश रावत ने इसलिए तंज कसते हुए इंदिरा हृदयेश को कहा ‘धन्यवाद’

Comments are closed.