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एनडी तिवारी के पुत्र के हत्याकांड में पुलिस को मिला रोहित के ‘मृत्यु पूर्व बयान’ का विडियो, पत्नी का बचना नामुमकिन…

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नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जुलाई 2019। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रोहित शेखर मर्डर केस में चार्जशीट फाइल कर दी है। मामले में जांच टीम को रोहित का एक ऐसा विडियो मिला है, जिसे खुद  राहत विडियो में अपना मृत्यु पूर्व बयान बता रहे हैं। 
विडियो में रोहित शेखर कह रहे हैं, ‘इसे मेरा मृत्यु से पहले का बयान समझा जाना चाहिए। उसने मुझे धमकी दी है कि वह मुझसे सब कुछ छीन लेगी और। मेरी पत्नी अपूर्वा शुक्ला मेरी संपत्ति हासिल करने के लिए लगातार मुझे ब्लैकमेल कर रही है और मानसिक रूप से प्रताड़ित करती है। अगर भविष्य में मुझे कुछ होता है तो इसे मेरा मृत्यु से पहले का बयान समझा जाना चाहिए।’

बताया गया है 17 सितंबर को बायपास सर्जरी के बाद रोहित को रूम में शिफ्ट किया गया था। इसी दिन अपूर्वा और रोहित के बीच काफी लड़ाई हुई थी जिसके बाद उन्होंने यह विडियो बनाया। इस विडियो शूट के ठीक 7 महीने बाद रोहित की हत्या हो गई और आरोप उनकी पत्नी अपूर्वा पर ही है। यह विडियो क्राइम ब्रांच को रोहित के पेनड्राइव से मिला है जिसे पुलिस ने अहम साक्ष्य के तौर पर चार्जशीट में प्रयोग किया है।

बीमार रोहित को अपूर्वा ने सुनाई थी खरी-खोटी
सूत्रों का कहना है कि पुलिस रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि 17 सितंबर को अपूर्वा शुक्ला ने रोहित को अस्पताल में काफी अपमानित किया था। बीमारी की हालत में ही रोहित को अपूर्वा ने अपशब्द कहे और ‘तुमको देख लूंगी’ की धमकी भी दी थी। पुलिस ने घटना के अगले ही दिन का एक और विडियो भी जब्त किया है जिसमें अपूर्वा अपने व्यवहार के लिए रोहित से माफी मांगती नजर आ रही हैं। अपूर्वा ने अस्पताल में अपने दुर्व्यवहार के लिए पति से माफी मांगी थी।

चार्जशीट में पुलिस का कहना है कि दोनों के वैवाहिक संबंध अच्छे नहीं थे। पुलिस का दावा है कि रोहित से शादी के पीछे शुक्ला के कुछ राजनीतिक महत्वाकांक्षा थी और उन्हें काफी संपत्ति मिलने की भी उम्मीद थी। हालांकि, शादी के बाद ही दोनों के संबंध बिगड़ने लगे और अपूर्वा को शक था कि रोहित की संपत्ति उनकी महिला रिश्तेदार के पुत्र को मिल सकती है। अपूर्वा को शक था कि रोहित और महिला रिश्तेदार के भी आपस में संबंध हैं। इसी शक के कारण दोनों के बीच रिश्ते लगातार बिगड़ते गए।

पुलिस की थिअरी को मजबूत करते हैं CCTV फुटेज
सूत्रों का कहना है कि रोहित शेखर मर्डर केस में अपूर्वा ही एक मात्र आरोपी हैं। अपूर्वा के खिलाफ परिस्थितिजन्य साक्ष्य तो हैं ही फरेंसिक और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस की थिअरी को पुख्ता करते हैं। रोहित ने अपने पिता एनडी तिवारी को अपना जैविक पिता साबित करने के लिए कोर्ट में कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी।

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राजशेखर झा, नई दिल्ली। पति रोहित शेखर तिवारी की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार हुई अपूर्वा ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर स्वीकार किया है कि उसने हत्या की योजना इसलिए बनाई क्योंकि उसे शक था कि उसका पति का एक अन्य महिला के बेटे का ‘असली’ पिता है। अपूर्वा को शक था कि उसकी संपत्ति आखिरकार उस बच्चे की हो जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि अपूर्वा ने अपनी 2 दिनों की रिमांड के दौरान पुलिस को बताया कि उसके पति का अन्य महिला के साथ ‘अफेयर’ उसके लिए बड़ा झटका था जो उसे ‘अंदर से खाए’ जा रहा था। जिस महिला के साथ रोहित का कथित तौर पर अफेयर था, उसका एक बेटा था जो उसकी शादी के 8 सालों बाद हुआ था। इसी को लेकर अपूर्वा और रोहित के रिश्ते खराब होते गए। पुलिस के डिस्क्लोजर रिपोर्ट में अपूर्वा को उद्धृत किया गया है, ‘महिला चाहती थी कि रोहित अपनी प्रॉपर्टी में उसके बेटे के लिए हिस्सा दे और वह अक्सर यह बात कहती थी कि आपके घर का ही तो बच्चा है। बच्चे के लिए रोहित का प्यार भी मेरे शक की पुष्टि कर रहा था।’

इंदौर के एक वकीलों के परिवार से आने वाली अपूर्वा 2012 से 2014 के बीच दिल्ली में रही और बाद में उसने लाजपत नगर 4 में एक किराये पर घर ले लिया। उसने इंदौर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में भी प्रैक्टिस शुरू कर दी। अपूर्वा ने पूछताछ में बताया कि उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं थीं। ऐसा लगता है कि जब उसने मैरेज साइट पर अपने भावी वर के लिए प्रोफाइलों को खंगाला तो रोहित शेखर तिवारी को सिर्फ इसलिए चुना क्योंकि उसे लगता था कि इससे उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी हो सकेंगी। उसे पता चला कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व राज्यपाल एन. डी. तिवारी का बेटा है और उसने अदालत में पितृत्व केस को जीता है।कुछ महीनों की डेटिंग के बाद वह शादी के लिए दबाव बनाने लगी। अपूर्वा की रोहित से शादी पिछले साल 11 मई 2018 को हुई लेकिन उसने पुलिस को बताया कि जल्द ही उसे ‘महसूस हो गया कि यह शादी नहीं टिक पाएगी’ और उसने 29 मई को अपनी ससुराल को छोड़ दिया। वह जुलाई में वापस आई और अपने वकील के जरिए रोहित के पास तलाक का नोटिस भेजा। दोनों में फिर झगड़ा हुआ लेकिन आखिरकार अपूर्वा ने रोहित से माफी मांगकर अपनी शादी को एक और मौका देने को सहमत हुई। दोनों ने डिफेंस कॉलोनी स्थित घर में फिर साथ रहना शुरू कर दिया लेकिन उसे नियमित तौर पर इंदौर जाना पड़ता था क्योंकि उसके पिता अल्जाइमर के मरीज थे।

उसने बताया कि सुलह की कोशिशों के बावजूद रोहित और उसके परिवार के साथ रहने से वह बीमार हो गई। वह खासतौर पर अपनी सास उज्ज्वला शर्मा की ‘डिमांडिंग, दखल देने वाली और डॉमिनेटिंग’ नेचर से नाखुश थी। अपूर्वा के मुताबिक वह अपने बेडरूम के परदों को भी नहीं बदल सकती थी क्योंकि उज्ज्वला यह नहीं चाहती थी। उसक मुताबिक, उज्ज्वला ही परिवार के फाइनैंस को कंट्रोल करती थी और उसे घर चलाने के लिए पैसे तक नहीं देती थी और न ही एक बहू के नाते उसे परिवार में कोई इज्जत दी जाती थी। अपूर्वा के मुताबिक, उज्ज्वला की वसीयत के अनुसार रोहित को घर की कीमत का 60 प्रतिशत मिलता जबकि बाकी उसके दूसरे बेटे सिद्धार्थ को मिलने वाला था। अगर दोनों भाइयों में से किसी की मौत होती तो प्रॉपर्टी अन्य भाई की होती। सिद्धार्थ अविवाहित है और उसने कह रखा था कि उसके हिस्से की संपत्ति उसके बाद उस बच्चे की होगी जिसका अपूर्वा को शक था कि वह उसके पति रोहित का है। अपूर्वा ने पुलिस को बताया, ‘मैंने इस शादी से यह उम्मीद नहीं की थी।’ 

मर्डर की वारदात के बारे में अपूर्वा ने बताया कि 10 अप्रैल को तिवारी अपनी मां और दूसरे रिश्तेदारों के साथ उत्तराखंड के काठगोदाम गए थे। वे 15 अप्रैल को रात पौने 10 के करीब दिल्ली लौटे। अपूर्वा ने बताया, ‘मैंने ध्यान दिया कि रोहित और वह महिला पिए हुए थे। मैंने रोहित को खाना परोसा और बाद में हम दोनों साथ में बेडरूम गए। करीब पौने 11 बजे उज्ज्वला और कुछ रिश्तेदार डिनर के लिए आए। इसलिए मैं और रोहत करीब साढ़े 11 बजे तक उनके जाने तक उनके साथ रहे।’ अपूर्वा ने बताया कि करीब आधी रात को उसने डिनर खत्म किया और उसके बाद टीवी पर सावधान इंडिया देखा। करीब पौने एक बजे रात को उसने कपड़े बदले और वह रोहित के कमरे में दाखिल हुई। उसने बताया कि रोहित अभी सोया नहीं था और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। अपूर्वा ने महिला के बारे में उससे सवाल किए। रोहित ने बताया कि महिला और उसने एक ही गिलास से शराब पी थी, जिससे वह नाराज हो गई। उसने कथित तौर पर पुलिस के सामने कबूल किया, ‘मैंने उसे मारना शुरू कर दिया। मैंने उसका गला पकड़ लिया और उसे दबाना शुरू कर दिया। फिर मैंने एक तकिए से उसका गला घोंट दिया।’उसने बताया कि जब वह निश्चिंत हो गई अब वह बेजान है तो वह कमरे से बाहर निकल गई। उसे उम्मीद थी कि उसके पति की मौत के लिए उसके हृदय की बीमारी को जिम्मेदार माना जाएगा। उसने पुलिस को बताया कि वह पूरी रात यह सोचकर सो नहीं सकी कि उसने यह क्या कर दिया। लेकिन साथ-साथ उसे खुशी भी महसूस हो रही थी। पूछताछ में उसने बताया, ‘काफी लंबे वक्त बाद मैं खुद को आजाद महसूस कर रही थी। मैंने रोहित को अपनी जिंदगी से निकाल दिया था। वह मेरे दुख का प्रमुख कारण बन गया था।’

तिहाड़ जेल में कटेंगी अपूर्वा की अगली 14 रातें, जानें रोहित को क्या कहकर चिढ़ाती थी अपूर्वा, उज्जवला ने किये कई खुलासे…

-मां उज्जवला ने बताई अपूर्वा की राजनीतिक महत्वाकांक्षा की कहानी भी
नवीन समाचार, नई दिल्ली, 26 अप्रैल, 2019। दिल्ली की साकेत जिला अदालत ने रोहित शेखर की हत्या के आरोप में उनकी पत्नी अपूर्वा शुक्ला को शुक्रवार को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मुख्य मेट्रोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक सहरावत ने पुलिस द्वारा दो दिन की न्यायिक हिरासत में पूछताछ पूरी होने के बाद उसे 14 दिन के लिए तिहाड़ जेल भेजने के आदेश दिये। अदालत ने अपूर्वा की अलग बैरक दिये जाने की मांग भी ठुकरा दी।

इधर रोहित शेखर तिवारी की मां उज्ज्वला ने अपूर्वा के बारे में नये खुलासे करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे को अपूर्वा को लेकर चेताया था, लेकिन उसने उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया और उनके बेटे को मार कर अपूर्वा ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। उज्ज्वला ने बताया कि शादी के कुछ दिनों बाद ही पिछले साल मई के आस-पास भी अपूर्वा रोहित को छोड़कर चली गयी थी, और उसने रोहित को 2 बार कानूनी नोटिस भेजा था और वह अक्सर रोहित को ‘मां का बेटा’ कहकर चिढ़ाती थी। उज्ज्वला ने बताया कि उन्होंने बेटे की शादी बेंगलुरु की एक युवती से तय की थी लेकिन अपूर्वा रोहित पर शादी के लिए दबाव बना रही थी। शुरुआत में जब अपूर्वा ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं शेयर कीं तो रोहित ने अपूर्वा से दूरी बना ली थी। उज्जवला ने कहा, ‘जब वह पहली बार हमारे घर आई थी तो मैंने रोहित को सचेत रहने को कहा था। अपूर्वा ने पूछा था कि क्या वह हमारे घर में एक कमरे में शिफ्ट हो सकती है? काफी हिचकने के बाद आखिरकार रोहित इसके लिए तैयार हो गया था और अपूर्वा ने हमारी अच्छाई को कमजोरी समझ लिया।’

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-तब 11 वर्ष के लंबे संघर्ष से मिला था, अब क्या रोहित शेखर की आत्मा को भी मिल पायेगा न्याय
नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अप्रैल 2019। उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के चार बार मुख्यमंत्री, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एवं केंद्र सरकार में कई मंत्रालयों के संभालने के साथ ही एक समय देश के प्रधानमंत्री पद के करीब तक बताये गये दिवंगत नेता पंडित नारायण दत्त तिवारी के पुत्र की बीती 16 अप्रैल की शाम को आई असामयिक मौत की सूचना ने पूरे देश व खासकर उत्तराखड वासियों को झकझोर कर रख दिया। हर कोई पूछ रहा था, स्वयं को पंडित तिवारी का जैविक पुत्र एवं अपनी मां को 86 की उम्र के तिवारी की व्याहता पत्नी का सम्मान दिलानेे के लिए 11 वर्ष लंबी लड़ाई लड़ते हुए अपनी जबर्दस्त जिजीविषा एवं दृढ़ इच्छा शक्ति का प्रदर्शन करने वाले रोहित केवल 40 वर्ष की उम्र में कैसे काल की कू्ररता का शिकार हो सकते हैं। लेकिन इससे भी बड़ा झटका इसके तीन दिन बात 19 अप्रैल को तब लगा जब रोहित के शरीर का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने कहा कि उनकी मौत ‘अप्राकृतिक’ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि रोहित की हत्या मुंह, नाक व गला दबाकर हत्या की गई है। आगे दिल्ली पुलिस द्वारा सोंपे जाने पर क्राइम ब्रांच की सात दिन लंबी चली जांच के दौरान यह भी साबित हुआ कि उनका हत्यारा कोई घर का ही सदस्य है, और आखिर 24 अप्रैल को उनकी हत्या के आरोप में उनकी केवल 11 माह पूर्व ही ‘लिव इन’ रिश्तों से पत्नी बनी सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अपूर्वा शुक्ला तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद सवाल बना हुआ है कि क्या ऐसी मजबूत व दृढ़ इच्छा शक्ति वाले रोहित की किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे निकटस्थ व बामांग कही जाने वाली पत्नी के हाथों बिना किसी प्रतिरोध के लिए हुई हत्या के बाद उनकी आत्मा को शांति और हत्यारी पत्नी को सजा हो पाएगी।

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यह सवाल इसलिये उठ रहा है, जहां क्राइम ब्रांच ने रोहित शेखर की हत्या के आरोप में अज्ञात के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में मुकदमा दर्ज किया है, वहीं उनकी हत्यारोपी पत्नी अपूर्वा शुक्ला तिवारी इसे गैर इरादतन हत्या साबित करने की कहानी बनाई है। उन्होंने क्राइम ब्रांच की टीम के द्वारा साकेत कोर्ट में पेश किये जाने के बाद अपने बयान दर्ज कराते हुए उन्होंने कबूल किया है कि रोहित शेखर की हत्या उसी के हाथों से हुई है। कोर्ट में दिए गए अपने बयान में अपूर्वा ने बताया है कि ‘उत्तराखंड से 15 अप्रैल की रात्रि करीब 10 बजे लौटने के बाद रोहित और उसके बीच रात्रि करीब एक बजे झगड़ा हुआ और इसी बीच कुछ ऐसे हालात बने कि रोहित का गला दब गया और उसका दम घुट गया।’ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने पहले घटना की रात्रि रोहित के साथ बिस्तर पर अंतरंग होने और इस दौरान जोश में संभवतया रोहित का गला दब जाने की संभावना भी जताई थी। साफ है कि वे मामले को गैर इरादतन हत्या साबित कर बचने के मार्ग बना रही है।
इससे क्राइम ब्रांच व दिल्ली पलिस और सीबीआई की फॉरेंसिक टीम द्वारा अब तक जुटाए सारे सुबूत धरे के धरे रह गए हैं, क्योंकि पुलिस और क्राइम ब्रांच मामले में अपूर्वा को हत्या आरोपी बनाकर उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के आरोपों को साबित करने पर जुटी हुई थी लेकिन अपूर्वा के बयान ने पुलिस व क्राइम ब्रांच की कहानी को नकारते हुए मामले को धारा 304 यानी गैर इरादतन हत्या की ओर मोड़ दिया है। पुलिस के समक्ष समस्या यह भी है कि उसके पास घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है, साथ ही पति-पत्नी के बीच जो कुछ भी हुआ, वह किसी सीसीटीवी कैमरे में भी दर्ज नहीं हुआ है। चश्मदीद के रूप में घर में जो 7 कैमरे लगे थे, उनमें से जानबूझकर अथवा इत्तफाकन वे ही दो सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े मिले हैं, जो रोहित के कमरे के आसपास लगे हैं। ऐसे में पुलिस की निर्भरता केवल वैज्ञानिक व तकनीकी तथ्यों पर बनी हुई है। जिनके जरिये यह साबित करना कठिन है कि गला दबाकर हत्या क्षणिक भावावेश में गैर इरादतन की गयी अथवा जान बूझकर। यह इसलिये भी कठिन हो गया है कि रोहित रात्रि में नींद न आने की इन्सोमेनिया तथा दिल आदि की कई बीमारियों से भी ग्रस्त थे और घटना के दौरान शराब भी पिये हुए थे। यह सभी बातें अपूर्वा के बचने के लिए मार्ग बनाती प्रतीत हो रही हैं। हालांकि पहले पुलिस रोहित की मौत को ‘फूलप्रूफ मर्डर’ बताती रही है। पोस्टमॉर्टम की फाइनल रिपोर्ट में भी आया है कि रोहित की मौत नाक, मुंह व गला दबाने के बाद दम घुटने से कान की नस फटने से हुई, और इसी वजह से नाक से खून निकला। साथ ही रोहित के नाखून और पैरों के तलवे नीले पड़े हुए थे। जानकारों के मुताबिक, इसकी वजह ऑक्सीजन का स्तर गिरना होता है। इसलिए गला दबाने से पहले ‘जहर’ देने की आशंका भी जताई गई है, हालांकि इसकी पुष्टि होनी शेष है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद यह पता लगेगा कि रोहित की हत्या करने से पहले उसे नशीला पदार्थ दिया गया था या फिर जहरीला पदार्थ। अपूर्वा ने रोहित के मोबाइल से कुछ फोटो व मैसेज डिलीट करने की बात भी स्वीकार की है। इसी तरह पुलिस को उस तकिये या नर्म वस्तु यानी हत्या में प्रयुक्त मुख्य उपकरण की तलाश तथा उस पर हत्यारे की अंगुलियों के निशानों का वैज्ञानिक तरीके से मिलान भी करना है, तभी केस मजबूत बन सकता है, अन्यथा पुलिस को इस हाई प्रोफाइल मामले में अदालत में मुंह की खानी पड़ सकती है।

हत्या के कारणों के मूल में संपत्ति !

दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने रोहित शेखर तिवारी की अपूर्वा शुक्ला तिवारी द्वारा गला दबाकर की गई हत्या के पीछे तात्कालिक कारण बताए हैं। कहा है 15 अप्रैल की रात्रि करीब 10 बजे काठगोदाम से लोक सभा चुनाव में लौटते हुए अपनी महिला रिश्तेदार के साथ शराब पीते हुए रोहित शेखर तिवारी से अपूर्वा की वीडियो कॉल पर बात हुई थी और इस तरह उन्हें साथ देख कर रात्रि में अपूर्वा ने आवेश में रोहित का गला घोंट दिया। रोहित शराब के नशे में थे इसलिए विरोध नहीं कर पाये और उनकी मौत हो गई। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस फिलहाल मामले में किसी साजिश से भी इंकार कर रही है। लेकिन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार असल वजह संपत्ति का विवाद ही है। रोहित शेखर और अपूर्वा की पहचान व मुलाकात लखनऊ में 2017 में एक मेट्रोमोनियल साइट के जरिये हुई थी और फिर केवल 11 माह पूर्व ही दोनों ने विवाह कर लिया था। इस बीच 6 माह के भीतर ही परिवार ने घर का मुखिया यानी पंडित तिवारी को और अब घर के बेटे को खो दिया है। जिस तरह से रोहित की मां उज्जवला तिवारी ने कहा है कि अपूर्वा का परिवार ‘मनी माइंडेड’ है इससे साफ होता है कि अपूर्वा की रोहित की संपत्ति पर नजर थी। उसे लगता था कि 2 राज्यों के चार बार मुख्यमंत्री और कई मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री रहे पंडित नारायण दत्त तिवारी के पास अकूत संपत्ति होगी। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह संपत्ति करीब 500 करोड रुपए की आंकी गई थी। अपूर्वा को लगता था कि पंडित तिवारी की इस संपत्ति पर रोहित के साथ उसका ही स्वाभाविक स्वामित्व बनेगा। लेकिन शादी करने के बाद अपूर्वा को असलियत पता चली कि वास्तव में पंडित तिवारी के नाम पर कोई संपत्ति ही नहीं है। उनके नाम पर केवल नैनीताल जिले के पदमपुरी में स्थित पैतृक आवास और कुछ जमीन है जिसकी कीमत नगण्य ही है। इसके अलावा दिल्ली स्थित डिफेंस कॉलोनी के जिस आवास में पंडित तिवारी अपनी पत्नी डॉ उज्ज्वला व रोहित के साथ रहते थे वह वास्तव में डॉ उज्ज्वला ने 1978 में दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर पद पर रहते हुए खुद किया था। इसी तरह उनका लखनऊ का घर भी वास्तव में पंडित तिवारी की पहली पत्नी डॉक्टर सुशीला तिवारी के नाम पर है, और मृत्यु के समय उनके खाते हैं केवल 10000 रुपये ही बताए गए। इसके अलावा यह बात भी प्रकाश में आई है की डॉ उज्ज्वला ने अपनी संपत्ति का 60 फीसद हिस्सा रोहित को और 40 फीसद हिस्सा दूसरे बेटे सिद्धार्थ को दे दिया था साथ ही अपनी वसीयत में यह भी लिखा था कि यह एक बेटे की मौत होती है तो उसकी संपत्ति दूसरे बेटे को मिल जाएगी और इसमें अपूर्वा का कहीं नाम नहीं था। साथ ही सिद्धार्थ ने अपनी संपत्ति अपनी महिला रिश्तेदार के बेटे के नाम करने की घोषणा कर दी थी। बताया जाता है कि अब वह इस बात को लेकर भी परेशान थी। बताया गया है कि अपूर्वा ने अपने मायके वालों के लिए रोहित से एक अलग घर की मांग भी की थी और इसके लिए वह अक्सर रोहित से झगड़ती रहती थी। इसलिए दोनों के बीच जून माह में तलाक होना भी तय हो गया था। ऐसी स्थिति में अपूर्व का रोहित से इस नाते मोहभंग हो गया कि उसके पास तो कोई संपत्ति ही नहीं है और वह राजनीतिक तौर पर भी आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। इसलिये दोनों अलग-अलग कमरों में सोते थे, और आगामी जून माह में उनका तलाक होना भी प्रस्तावित था। माना जाता है कि वह रोहित को इस बारे में अक्सर बात करती थी जिस कारण रोहित विवाह के बाद और अधिक तनाव में रहने लगा। इसका इशारा उसकी मां उज्जवला पहले ही कर चुकी हैं। इस प्रकार साफ होता है कि वास्तव में रोहित की हत्या का कारण उसके पास संपत्ति का न होना ही है। क्योंकि विवाह टूटने अथवा शादी के अल्प समय में ही पति पत्नी के संबंध खराब होने के पीछे दूसरा कारण किसी तरह की शारीरिक व खासकर यौन अक्षमता जैसे कारण होते हैं लेकिन रोहित की रिपोर्टों में ऐसा कोई खुलासा नहीं हुआ है।

रोहित के जरिए अपनी राजनीतिक पारी शुरू करना चाहती थीं अपूर्वा

परिवार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अपूर्वा की राजनीति में काफी दिलचस्पी के साथ ही राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी थी और वह रोहित के जरिए अपना करियर बनाना चाहती थीं। वह युवा इंटक की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी थी। यह भी कहा जाता है कि अपूर्वा ने रोहित से शादी भी इसलिए की थी ताकि उनके जरिए वह कांग्रेस पार्टी में अपनी जगह बना सके।

यह भी पढ़ें : यह है रोहित शेखर तिवारी की पत्नी द्वारा की गई हत्या की असल वजह

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अप्रैल 2019। दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने रोहित शेखर तिवारी की अपूर्वा शुक्ला तिवारी द्वारा गला दबाकर की गई हत्या के पीछे तात्कालिक कारण बताए हैं। कहा जा रहा है काठगोदाम से लौटते हुए अपने पारिवारिक मित्र की पत्नी के साथ शराब पीते हुए रोहित शेखर तिवारी से अपूर्वा की वीडियो कॉल पर बात हुई थी और इस तरह उन्हें साथ देख कर रात्रि में अपूर्वा ने आवेश में रोहित का गला घोंट दिया। रोहित शराब के नशे में था इसलिए विरोध नहीं कर पाया और उसकी मौत हो गई। दिल्ली पुलिस फिलहाल मामले में किसी साजिश से इंकार कर रही है। लेकिन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार असल वजह संपत्ति का विवाद ही है। रोहित शेखर और अपूर्वा की पहचान व मुलाकात लखनऊ में 2017 में एक मेट्रोमोनियल साइट के जरिये हुई थी और फिर केवल 11 माह पूर्व ही दोनों ने विवाह कर लिया था। जिस तरह से रोहित की मां उज्जवला तिवारी ने कहा है कि अपूर्वा का परिवार ‘मनी माइंडेड’ है इससे साफ होता है कि अपूर्वा की रोहित की संपत्ति पर नजर थी। उसे लगता था कि 2 राज्यों के चार बार मुख्यमंत्री और कई मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री रहे पंडित नारायण दत्त तिवारी के पास अकूत संपत्ति होगी। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह संपत्ति करीब 500 करोड रुपए की आंकी गई थी। अपूर्वा को लगता था कि पंडित तिवारी की इस संपत्ति पर रोहित के साथ उसका ही स्वाभाविक स्वामित्व बनेगा। लेकिन शादी करने के बाद अपूर्वा को असलियत पता चली कि वास्तव में पंडित तिवारी के नाम पर कोई संपत्ति ही नहीं है। उनके नाम पर केवल नैनीताल जिले के पदमपुरी में स्थित पैतृक आवास और कुछ जमीन है जिसकी कीमत नगण्य ही है। इसके अलावा दिल्ली स्थित डिफेंस कॉलोनी के जिस आवास में पंडित तिवारी अपनी पत्नी डॉ उज्ज्वला व रोहित के साथ रहते थे वह वास्तव में डॉ उज्ज्वला ने 1978 में दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर पद पर रहते हुए खुद किया था। इसी तरह उनका लखनऊ का घर भी वास्तव में पंडित तिवारी की पहली पत्नी डॉक्टर सुशीला तिवारी के नाम पर है, और मृत्यु के समय उनके खाते हैं केवल ₹10000 ही बताए गए। इसके अलावा यह बात भी प्रकाश में आई है की डॉ उज्ज्वला ने अपनी संपत्ति का 60 फीसद हिस्सा रोहित को और 40 फीसद हिस्सा दूसरे बेटे सिद्धार्थ को दे दिया था साथ ही अपनी वसीयत में यह भी लिखा था कि यह एक बेटे की मौत होती है तो उसकी संपत्ति दूसरे बेटे को मिल जाएगी और इसमें अपूर्वा का कहीं नाम नहीं था। साथ ही सिद्धार्थ ने अपनी संपत्ति अपनी महिला रिश्तेदार के बेटे के नाम करने की घोषणा कर दी थी। बताया जाता है कि अब वह इस बात को लेकर भी परेशान थी। बताया गया है कि अपूर्वा ने अपने मायके वालों के लिए रोहित से एक अलग घर की मांग भी की थी और इसके लिए वह अक्सर रोहित से झगड़ती रहती थी। इसलिए दोनों के बीच जून माह में तलाक होना भी तय हो गया था।

ऐसी स्थिति में अपूर्व का रोहित से इस नाते मोहभंग हो गया कि उसके पास तो कोई संपत्ति ही नहीं है और वह राजनीतिक तौर पर भी आगे नहीं बढ़ पा रहा था। माना जाता है कि वह रोहित को इस बारे में अक्सर बात करती थी जिस कारण रोहित विवाह के बाद और अधिक तनाव में रहने लगा। इसका इशारा उसकी मां उज्जवला पहले ही कर चुकी हैं। इस प्रकार साफ होता है कि वास्तव में रोहित की हत्या का कारण उसके पास संपत्ति का न होना ही है। क्योंकि विवाह टूटने अथवा शादी के अल्प समय में ही पति पत्नी के संबंध खराब होने के पीछे दूसरा कारण किसी तरह की शारीरिक व खासकर यौन अक्षमता जैसे कारण होते हैं लेकिन रोहित की रिपोर्टों में ऐसा कोई खुलासा नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें : रोहित शेखर की पत्नी हत्या के आरोप में गिरफ्तार, दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2019। नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर की हत्या के मामले में पत्नी अपूर्वा शुक्ला को क्राइम ब्रांच ने अरेस्ट कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि अपूर्वा के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही पुलिस ने उन्हें अरेस्ट किया है। सूत्रों का कहना है कि हत्या के रात रोहित और अपूर्वा में झगड़ा हुआ था। अपूर्वा ने सबूत मिटाने के लिए मोबाइल फॉर्मेट भी किया था। बता दें कि 16 अप्रैल को रोहित अपने बंगले के कमरे में मृत पाए गए थे। पुलिस ने हत्या की पुष्टि के बाद कई घंटे तक उनकी पत्नी से पूछताछ की थी।

अपूर्वा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने बताया कि अपूर्वा शादी से नाखुश थी और जब रोहित नशे में था तब अपूर्वा ने उसका गला घोंट दिया। उसने बिना किसी मदद के इस हत्या को खुद अंजाम दिया है। पुलिस ने अपूर्वा को साकेत कोर्ट में पेश किया जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने बुधवार दोपहर 2.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस कर खुलासा किया कि यह हत्या सुनियोजित नहीं थी। अपूर्वा ने पहले से हत्या के बारे में कुछ नहीं सोचा था। दोनों के बीच हुए झगड़े और कुमकुम के साथ शराब पीने की बात सुनकर अपूर्वा को गुस्सा आ गया था जिसके बाद उसने रोहित का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

हत्या की रात्रि के घटनाक्रम के अनुसार 10 अप्रैल को रोहित शेखर अपनी मां और कुछ रिश्तेदारों के साथ उत्तराखंड के काठगोदाम में वोट डालने के लिए गए थे। 15 अप्रैल को वापस लौटे। लौटने के दौरान पूरे रास्ते वह अपनी महिला रिश्तेदार के साथ कार में शराब पीते रहे। इस कारण अपूर्वा और रोहित में काफी झगड़ा हुआ था।  इसी तात्कालिक कारण से उनकी हत्या करीब रात के 1 बजे हुई। रोहित को इन्सोमेनिया था और अक्सर वह देर रात तक जगे रहते थे इस कारण देर तक सोते रहने के कारण घर में मौजूद लोगों को ज्यादा शक नहीं हुआ। मर्डर के कारण के बारे में पुलिस का दावा है कि अपूर्वा ने यह पहले से प्लान नहीं किया था। जांच टीम का कहना है कि अभी तक की जांच से ऐसा लग रहा है कि मर्डर की पहले से योजना नहीं बनाई गई थी, लेकिन उनकी शादी में काफी दिक्कत थी। रोहित शेखर और उनका परिवार तलाक की प्रक्रिया के बारे में सोच रहे थे। प्रॉपर्टी का भी एक ऐंगल हैं क्योंकि डिफेंस कॉलोनी का घर रोहित और उनके सौतेले भाई को ही मिलना था, अपूर्वा का इसमें कोई हिस्सा नहीं था।

पुलिस का दावा : शादी से नाखुश थी अपूर्वा, इसलिए की रोहित की हत्या

अपूर्वा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने बताया कि अपूर्वा शादी से नाखुश थी और जब रोहित नशे में था तब अपूर्वा ने उसका गला घोंट दिया। उसने बिना किसी मदद के इस हत्या को खुद अंजाम दिया है। जल्द ही अपूर्वा की पेशी कोर्ट में की जाएगी। पुलिस ने बताया कि बुधवार दोपहर 2.30 बजे वह प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की पूरी जानकारी देगी। अपूर्वा सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं और काफी समय तक पुलिस को अपनी बातों से फंसाती रहीं। वह बार-बार पुलिस को दिया अपना बयान बदलती रहीं जिसके कारण वह पुलिस के शक के दायरे में आ गईं।अपूर्वा की गिरफ्तारी के बाद इस केस में कई नए खुलासे होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया था और उसी के तहत पुलिस ने अपूर्वा को गिरफ्तार किया है। यानी अपूर्वा को कत्ल के इल्जाम में गिरफ्तार किया गया है और ये बाद में ही पता चल सकेगा कि पुलिस इस मामले में धारा बदलती है या नहीं।

दो दिन में जांच पूरी होने की उम्मीद
क्राइम ब्रांच के एडिशनल सीपी राजीव रंजन ने कहा कि संभवत: दो दिनों के भीतर जांच पूरी हो जाएगी। हमने काफी हद तक कड़ियों को जोड़ लिया है। अब हम वैज्ञानिक और फॉरेसिंक जांच के आधार पर साक्ष्यों को पुख्ता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो चुका है कि रोहित की मुंह, नाक व गला दबाकर हत्या की गई है। लेकिन इस वारदात को अंजाम देने में सिर्फ एक आरोपी शामिल है या फिर और भी लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है।

अलग-अलग कमरों में सोते थे रोहित-अपूर्वा
जांच में खुलासा हुआ है कि रोहित शेखर और उसकी पत्नी अपूर्वा अलग-अलग कमरों में सोते थे। रोहित के कमरे में सिंगल बेड था। हालांकि, पहली मंजिल पर ही अपूर्वा का भी कमरा है, लेकिन दोनों एक साथ नहीं रहते थे। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, रोहित के किसी महिला के संपर्क में रहने बात सामने आई थी, जबकि अपूर्वा का भी पहले से दोस्त होने की बात का खुलासा रोहित की मां उज्जवला ने किया था।

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 -वहीं फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट बोली – फूलप्रूफ मर्डर

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2019। रोहित शेखर की पत्नी अपूर्वा ने फिर अपना बयान बदलते हुए  बड़ी दिलचस्प आती है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार उसका कहना है कि 16 अप्रैल की रात्रि वह  रोहित के साथ  बिस्तर पर अंतरंग हुई थी। रोहित शराब पिये हुए थे। हो सकता है, इस बीच (प्रेम के) जोश में उससे रोहित का गला दब गया हो और इससे उसकी मौत हो गई हो। इसकी उसे जानकारी नहीं लगी। हालांकि उसकी इस बात से क्राइम ब्रांच कोई भी विश्वास नहीं कर रहा है, और इसे उसके बचने के प्रयासों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों ने मंगलवार को रोहित के पोस्टमॉर्टम की फाइनल रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। इसमें दम घुटने से कान की नस फटने की बात कही गई है। इसी वजह से नाक से खून निकलना बताया गया है। इससे साफ हो गया है कि ‘फूलप्रूफ मर्डर’ प्लान किया गया था। रोहित की कॉल डिटेल से खुलासा हुआ है कि वारदात वाली रात करीब 4:10 बजे पर आखिर बार कुमकुम के नंबर पर कॉल की गई थी। पोस्टमॉर्टम में रोहित की मौत 1:30 से 2:20 बजे के बीच बताई गई है। ऐसे में सवाल ये है कि रोहित के मोबाइल से कुमकुम को किसने कॉल किया था। मर्डर का मोटिव साफ नहीं हो पा रहा है, जो आपसी संबंधों से लेकर प्रॉपर्टी विवाद के बीच ‘झूल’ रहा है। इसके बाद क्राइम ब्रांच को रोहित की बिसरा रिपोर्ट का इंतजार है। पोस्टमॉर्टम और फौरेंसिक रिपोर्ट में हत्या का जिक्र होने के बाद अब मौत की असल वजह का सामने आना जरूरी है। विसरा जांच के लिए रोहित के लीवर, किडनी और आंतों के कुछ हिस्से रासायनिक जांच के लिए भेजे गए हैं। इससे मौत की असल वजह सामने आ जाएगी, जिसके आधार पर पुलिस असल हत्यारे पर शिकंजा कसेगी। 

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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2019। रोहित शेखर की हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। ताजा जानकारी के अनुसार रोहित की पत्नी अपूर्वा तीन दिन तक हुई पूछताछ के बाद टूट गयी है और उसने रोहित का गला दबाने की बात स्वीकार कर ली है। अलबत्ता, वह अधिवक्ता होने और कानूनी जानकारी रखने के कारण रोहित की हत्या को गैर इरादतन हत्या ठहराने की कोशिश की है। उसके कबूलनामे के पीछे सीसीटीवी कैमरे की वह फुटेज रही जिसमें करीब डेढ़ बजे वह रोहित के कमरे में जाती और ढाई बजे लौटती नजर आ रही है। इस पर पूछे जाने पर पहले अपूर्वा ने कहा कि वह रोहित की तबियत का हाल जानने उसके कमरे में गई थी, लेकिन यह पूछे जाने पर कि यदि वह रोहित की तबियत के प्रति इतनी ही चिंतित थी तो शाम चार बजे तक उसने रोहित का हाल क्यों नहीं जाना, इस पर वह टूट गयी।
इसके बाद उसके द्वारा बनाई गयी कहानी के अनुसार 15 अप्रैल को हल्द्वानी से लौटने के दौरान उसने (अपूर्वा ने) रोहित को वीडियो कॉल की थी, जिसमें वह अपनी महिला मित्र के साथ शराब पीते मिले थे। इस पर घर पहुंचने पर पति-पत्नी में सोमवार रात 11 बजे झगड़ा हो गया। दोनों ने एक-दूसरे का गला दबाया था। इस दौरान उसने खुद को बचाने के लिए रोहित का गला भी दबाया। हो सकता है गला जोर से दब गया हो, जिससे उसकी मौत हो गयी हो। लेकिन इस बारे में उसे जानकारी नहीं लगी। साथ ही उसने यह कहकर भी खुद को बचाने की कोशिश की कि रोहित से आगामी जून माह में उसका तलाक होना तय था। इसलिये वह क्यों उसकी हत्या कर दी। जो हुआ वह क्षणिक आवेश में खुद को बचाने की कोशिश के दौरान हुआ।
हालांकि क्राइम ब्रांच की टीम उसके बयान से संतुष्ट नहीं है, और उसके नाखूनों व अंगुलियों के निशानों से संबंधित सोमवार देर रात्रि आयी फॉरेंसिक रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। साथ ही फॉरेंसिक रिपोर्ट में रोहित का गला दबाने से पहले उसे जहर दिये जाने के तथ्य से भी कड़ियों को जोड़ रही है। पुलिस की कोशिश दिल्ली से बाहर के उस शख्स तक पहुंचने की भी है जिससे अपूर्वा ने रोहित की हत्या करने के बाद फोन पर बात की थी, ताकि यह पता चल सके कि उसने गैर इरादतन अथवा इरादतन हत्या के बारे में उस व्यक्ति से कानूनी राय ली थी। उल्लेखनीय है कि रोहित का मृत्यु के दौरान इतना खून निकला था कि तकिये चादर के साथ ही नीचे गद्दा भी खून से सन गया था। ऐसे में यह समझना कठिन नहीं कि अपूर्वा को रोहित का गला दबाने के बाद उसका इतना खून निकलने के बाद भी बचने की कोई संभावना दिखी हो। संभव है कि वह हत्या के बाद अपने बचने के ही उपाय तलाशती रही हो। इसके बाद क्राइम ब्रांच कुछ अन्य वैज्ञानिक सबूतों और कड़ियों को पक्के तौर पर जोड़ने के बाद ही हत्याकांड का पर्दाफाश करने के मूड में नजर आ रही है।

मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच केस को सुलझाने के हालाँकि एकदम करीब पहुंच चुकी है। कुछ तकनीकी कड़ियों को और जोड़ा जा रहा है। मामले में यह भी पता लगा है कि क्राइम ब्रांच ने कई सैंपल उठाने के साथ ही रोहित के घर के एक से तीन लोगों के डीएनए सैंपल भी लिए हैं। इनमें बेहद करीबी लोग शामिल हैं। इन सैंपल की रिपोर्ट इस केस की दशा और दिशा तय करने में अपनी अहम भूमिका निभाएगी। डीएनए सैंपल संदिग्धों के नाखून के लिए गए हैं। जानकार बताते हैं कि इसमें गला घोंटने, नाक और मुंह दबाते वक्त कातिल कितनी भी सावधानी बरत ले, लेकिन शरीर के कुछ रेशे ऐसे होते हैं जो नाखून के अंदर घुस जाते हैं। यह आसानी से धोने से भी साफ नहीं होते। अगर डीएनए रिपोर्ट में रोहित शेखर के डीएनए और संदिग्ध आरोपियों के डीएनए रिपोर्ट मिल गई तो फिर इसमें कोई संदेह नहीं रहेगा कि कातिल कौन है या कौन-कौन हैं।

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नवीन समाचार, नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2019। पूर्व सीएम व केंद्रीय मंत्री एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर की मौत के मामले में इतना तो साफ हो गया है कि उनकी हत्या उनके डिफेंस कॉलोनी के भीतर ही, 16 अप्रैल की रात्रि घर में मौजूद गिने-चुने लोगों में से ही किसी ने गला, नाक, मुंह दबाकर की है। लेकिन घटना को करीब एक सप्ताह भर बीतने तक भी हत्यारों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो पा रही है, इस प्रश्न का जवाब कुछ जांचों पर अटका हुआ है।

हालांकि इधर रोहित की फोरेंसिक रिपोर्ट सोमवार शाम को आ चुकी है, जिसके आधार पर अपूर्वा के इसमें शामिल होने की बात पुख्ता हो गई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि रोहित के नाखून और पैरों के तलवे नीले पड़े हुए थे। जानकारों के मुताबिक, इसकी वजह ऑक्सीजन लेवल का डाउन होना होता है। इसलिए गला दबाने से पहले ‘जहर’ देने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में किसी भी समय अपूर्वा की गिरफ्तारी होने के संकेत मिल रहे हैं। तफ्तीश में पता चला है कि रोहित ने हल्द्वानी से दिल्ली लौटते वक्त महिला रिश्तेदार के साथ गाड़ी में शराब पी थी। अपूर्वा इस महिला को लेकर शक करती थी। दोनों के बीच इसे लेकर अकसर झगड़े होते थे। पुलिस अब रोहित की विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके आने के बाद जो कड़ियां बची हैं उन्हें जल्द ही जोड़ लिया जाएगा। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता लगेगा कि रोहित की हत्या करने से पहले उसे नशीला पदार्थ दिया गया था या फिर जहरीला पदार्थ। हालांकि रोहित द्वारा शराब पीने की बात पहले ही सामने आ चुकी है। अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार हत्याकांड की सभी कड़ियों को जोड़कर जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि शक की सुई रोहित की पत्नी अपूर्वा की तरफ ही घूम रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट भी अपूर्वा की तरफ इशारा कर रही है। अब ये देखा जा रहा है कि  इस वारदात को अंजाम एक आरोपी ने दिया या फिर उसके साथ कोई और था।

इसके अलावा पुलिस ने भले घर में उपस्थित सभी लोगों को एक तरह से हिरासत में लेकर, साथ व अकेले पूछताछ कर ली है, लेकिन अब तक किसी ने भी आरोपों को स्वीकारा नहीं है। चश्मदीद के रूप में घर में जो 7 कैमरे लगे थे, उनमें से जानबूझकर अथवा इत्तफाकन वे ही दो सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े मिले हैं, जो रोहित के कमरे के आसपास लगे हैं। वहीं पुलिस को अभी तक कोई ऐसा चश्मदीद भी नहीं मिला है, जो मामले के अदालत में जाने पर पुलिस की कहानी की पुष्टि करे। ऐसे में पुलिस के लिए वैज्ञानिक कारणों पर निर्भर रहना जरूरी हो गया है। वैज्ञानिक सबूतों की बात करें तो क्राइम ब्रांच ने रोहित के गले पर आये उन पांच अंगुलियों के निशानों का मिलान करना है, जिससे साफ तौर पर पता चल जाना है कि उन अंगुलियों वाला व्यक्ति ही रोहित का हत्यारा होगा। साथ ही पुलिस रोहित के मोबाइल से डिलीट की गयी उन तस्वीरों और मैसेज को फिर से रिकवर करके देखना चाहती है कि उनमें ऐसा क्या था, जिसे डिलीट किया गया। बताया जा रहा है कि रोहित की पत्नी अपूर्वा ने रोहित के मोबाइल से कुछ फोटो व मैसेज डिलीट करने की बात स्वीकार भी कर ली है। इसी तरह पुलिस को उस तकिये या नर्म वस्तु यानी हत्या में प्रयुक्त मुख्य उपकरण की तलाश तथा उस पर हत्यारे की अंगुलियों के निशानों का वैज्ञानिक तरीके से मिलान भी करना है, तभी केस मजबूत बन सकता है, अन्यथा पुलिस को इस हाई प्रोफाइल मामले में अदालत में मुंह की खानी पड़ सकती है। माना जा रहा है कि इन जांचों और उनका मिलान कर पुष्टि होने में क्राइम ब्रांच को और कुछ समय लग सकता है। 

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नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2019। दिल्ली पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर की बीती 16 अप्रैल को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तकिये से मुंह, नाक भींचकर की गयी हत्या के मामले में जांच से इतर पहली कार्रवाई करते हुए रोहित शेखर तिवारी की पत्नी अपूर्वा शुक्ला और दो घरेलू नौकरों-चालक अभिषेक और मसाज करने वाले भोलू को पूछताछ के लिये हिरासत में ले लिया है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस रोहित तिवारी की हत्या के मामले में अपूर्वा को मुख्य संदिग्ध मान रही है। दिल्ली पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद रोहित तिवारी की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को मामला दर्ज किया था।

मां उज्जवला के नये बयान के बाद क्राइम ब्रांच ने बदला रोहित शेखर हत्याकांड की जांच का एंगल….

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जांच के कोण को अवैध संबंधों से इतर संपत्ति हथियाने के कोण पर बदल दिया था। इस बारे में रोहित की मां उज्जवला का एक महत्वपूर्ण बयान आया है, जिसमें उनके द्वारा कहा गया है, ‘मेरे दोनो बेटे रोहित और सिद्धार्थ की प्रॉपर्टी अपूर्वा और उसका परिवार हड़पना चाहते थे। क्योंकि यह घर सुप्रीम कोर्ट से पास है जहां अपूर्वा प्रक्टिस करती है। रोहित की मां ने कहा कि अपूर्वा का परिवार ‘मनी माइंडेड’ यानी पैसे का लालची है। जल्द आपको सब पता चल जाएगा। विवाह के पहले अपूर्वा का बॉय फ्रेंड था। अपूर्वा के पिता गलत बोल रहे है।’ साथ ही उन्होंने रोहित के अवैध संबंधों की कहानी को खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि रोहित शेखर मेट्रोमोनियल साइट के जरिये 2017 में पहली बार अपूर्वा से लखनऊ मिले थे। उज्ज्वला ने कहा कि मेरे परिवार के रिश्तेदार राजीव और उनकी पत्नी के संदर्भ में जो शक किया जा रहा है वह गलत है। राजीव मेरे रिश्तेदार है और एनडी तिवारी के ओएसडी रहे है। रोहित की मां ने कहा कि अपूर्वा को राजीव और एक महिला से परेशानी थी। उज्ज्वला ने बताया कि राजीव के बेटे कार्तिक को सिद्धार्थ अपनी प्रॉपर्टी का हिस्सा देना चाहता था। इस बात से अपूर्वा नाखुश थी। राजीव और उसकी पत्नी ने 40 साल से हमारी सेवा कर रही है। राजीव ने एनडी तिवारी की भी सेवा की है। उज्ज्वला ने कहा कि फोन कॉल से वक्त आने पर सब पता चल जाएगा कि किसने किसको फोन किया।
वहीं उज्ज्वला के दूसरे पति के बेटे सिद्धार्थ के बारे में एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि सिद्धार्थ में संतान पैदा करने की क्षमता नहीं है इसलिए उन्होंने शादी नहीं की। ऐसे में पुलिस की जांच संपत्ति के कोण पर भी फिर से अपूर्वा के इर्द-गिर्द ही सिमट गयी है। पुलिस को लग रहा है कि अपूर्वा यह सोच रही हो कि सिद्धार्थ तो बेकार ही है। रोहित की हत्या कर देने पर एनडी तिवारी की सारी संपत्ति का मालिक वह बन जाएगी। इसलिए अब पुलिस अब संपत्ति के एंगल पर जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि अब तक क्राइम ब्रांच ने रोहित की पत्नी अपूर्वा शुक्ला और मां उज्ज्वला सहित परिवार के 10 सदस्यों रोहित के बड़े भाई सिद्धार्थ शर्मा, ससुर पीके शुक्ला, घरेलू नौकर गोलू व मास्था, ड्राइवर अभिषेक, राजीव और उसकी पत्नी कुमकुम और एक महिला नौकरानी सहित कुल 8 लोगों से पूछताछ करते हुए करीब 80 सवाल पूछे हैं, और इसमें खासकर पत्नी अपूर्वा पुलिस की रडार पर रही हैं।

आधी रात को रोहित के फोन से 12 लोगों को फोन कॉल

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ की जद में रोहित की पत्नी के अलावा भाई सिद्धार्थ और मां उज्ज्वला भी हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि घटना वाले दिन सोमवार की आधी रात रोहित के फोन से एक व्यक्ति को 12 फोन किए गए। लिहाजा पुलिस इस नंबर के अलावा रोहित के फोन से किए गए अन्य 18 नंबरों की काल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है। दरअसल प्राथमिक रिपोर्ट में सोमवार की देर रात ही रोहित की हत्या की बात सामने आई है। जांच में यह भी पता चला है कि रोहित न तो नशे की ओवरडोज का शिकार थे और न ही उनके खून में कुछ संदिग्ध पदार्थ मिला है। सवाल ये भी है कि क्या घर के दो कैमरे इत्तेफाक से खराब हैं या फिर किसी ने जानबूझ कर खराब किए गये ?

उज्जवला ने बतायी हल्द्वानी-कैंची, रानीबाग भ्रमण की पूरी कहानी

उल्लेखनीय है कि शेखर और उनकी मां 11 अप्रैल को अपना वोट डालने के लिए हलद्वानी गए थे. उन्हें 12 अप्रैल को दिल्ली आना था लेकिन उन्होंने तब अपनी योजना बदल दी जब रोहित ने कहा कि वह ‘अपने लोगों से मिलना चाहते हैं.’ उज्ज्वला ने याद किया, ‘शेखर ने कहा कि वह अपने लोगों से मिलना चाहता है और उस स्थान चित्रशिला घाट (रानीबाग) पर जाना चाहता है जहां उनके पिता का अंतिम संस्कार किया गया था. घाट जाने के बाद वह नीम करोली बाबा के आशीर्वाद के लिए गया था.’ 15 अप्रैल को मां-बेटे रात 10 बजे दिल्ली लौट आए। शेखर डिफेंस कालोनी वाले अपने घर गए जबकि उज्ज्वला तिलक लेन गईं और बाद में लौटीं. उन्होंने कहा, ‘जब मैं वापस आई तो अपूर्वा (शेखर की पत्नी) से उसके बारे में पूछा, उसने मुझे बताया कि वह थके हुए हैं, इसलिए रात का खाना खाया और सोने चले गए. इस बीच शेखर नीचे आए और कहा कि वह थक गए हैं.’ रोहित की मां ने मीडिया को बताया कि सोमवार रात उनका बेटा बाहर से दिल्ली लौटा था। रात को वह घर पहुंचीं तो अपूर्वा ने बताया कि रोहित थका है और खाना खाकर सो गया है। इस बातचीत के दौरान ही रोहित कमरे से बाहर आ गया। उज्जवला ने बताया कि उनका बेटा हल्के नशे में था। बातचीत के दौरान रोहित ने उनका हालचाल जाना। बाद में उज्जवला ने वहां खाना खाया और करीब 11.30 बजे अपने सरकारी घर तिलक लेन के लिए निकल गईं। रोहित के मोबाइल से उनकी मौत के बाद पांच-छह बार कुमकुम को कॉल किया गया था। ऐसे में पुलिस से पूछताछ की।

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बीती 16 अप्रैल को संदिग्धावस्था में मृत मिले 40 वर्षीय रोहित शेखर की मौत के मामले में परदा उठने में अब अधिक देर नहीं। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच 21 अप्रैल को पूरे मामले का पर्दाफाश कर सकती है। बताया जा रहा है कि हत्याकांड में घर के भीतर के ही, परंतु एक नहीं दो लोगों का हाथ है।  साथ ही मामले में रोहित के एक करीबी मित्र की पत्नी से रोहित की निकटता की भी बात प्रकाश में आ रही है, जो कि हत्या के पीछे का कारण हो सकती है। जो रोहित के घर आती रहती थी, और यह अपूर्वा को पसंद नहीं था। घटना के दिन अपूर्वा ही रोहित के कमरे से सबसे आखिर में बाहर निकली है।

पुलिस अब उस महिला रिश्तेदार के रोल को ध्यान में रखते हुए भी जांच को आगे बढ़ा रही है, जो परिवार की करीबी थी और रोहित की मौत के वक्त घर में मौजूद थी। शुरुआती अटॉप्सी रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित की मौत संभवतः 16 अप्रैल की अलसुबह 1 से 1:30 बजे के बीच हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित की नाक में खून का थक्का जम गया था, जिससे यह शक होता है कि उनपर किसी चीज से वार किया गया था। उनके सीने पर भी जख्म था। रोहित को हृदयाघात नहीं हुआ था, बल्कि तकिये जैसी किसी नर्म वस्तु से उनकी गला, मुंह और नाक दबाकर हत्या की गई थी। साथ ही उनके गले पर पांच अंगुलियों के निशान भी मिले हैं। उनके नाक और मुंह को भी भींचा गया है। शायद इसलिए कि गला दबाते वक्त उनकी आवाज ना निकले और हत्या सुनिश्चित हो सके। साथ ही माना जा रहा है कि हत्या से पहले उन्हें शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया और बेसुध होने पर उनकी हत्या की गई। इस प्रकार करीब 13-14 घंटों के बाद उनकी मौत होने के बात सार्वजनिक हुई। वहीं रोहित की मौत के बाद उनके फोन से उस रात 2 से 4:14 बजे के बीच एक रिश्तेदार और पत्रकार को कई कॉल किए गए थे, जिन्हें उठाया नहीं गया।

शनिवार को क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने घर में काम करने वाले नौकरों के अलावा रोहित शेखर की पत्नी अपूर्वा शुक्ला, मां उज्जवला शर्मा व घर में उस वक्त मौजूद अन्य परिजनों से पूछताछ की। हालांकि अभी क्राइम ब्रांच के आला अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। किन्तु अभी तक हुई जांच में एक बात सामने आई है कि इस केस में सबसे महत्वपूर्ण गवाह रोहित शेखर का भरोसेमंद नौकर भोलू मंडल उर्फ भोगेंद्र मंडल है। भोलू ने ही सबसे पहले रोहित को बेड पर पड़े हुए देखा था और उस वक्त उनकी नाक से काफी खून निकल चुका था। पुलिस को घर के परिचितों पर भी हत्या करने का शक है, लेकिन अभी तक हत्या के पीछे कारणों का पता नहीं चल पाया है। क्राइम ब्रांच पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रोहित शेखर व पत्नी अपूर्वा शुक्ला के बीच संबध कैसे थे और मां बेटे के बीच संबध किस प्रकार से चल रहे थे। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है। परिजनों सहित सात लोगों ले चली पूछताछ : जांच से जुड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन एवं डीसीपी जॉय टर्की डिफेंस कॉलोनी स्थित रोहित शेखर के घर पर पहुंचे। साथ ही पुलिस की चार टीमें भी घर पहुंच गई। टीम ने रोहित की मां उज्जवला शर्मा, पत्नी अपूर्वा, भाई सिद्धार्थ के अलावा चार नौकरों से पूछताछ शुरू की।क्राइम ब्रांच को परिवार के दो लोगों पर शक : जांच से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि 15 अप्रैल की रात घर में मौजूद सभी लोगों की गतिविधियों के बारे में उनसे पूछा गया। मसलन, रात को कब खाना खाया और कब सोने गए, आखिरी बार वह लोग कब रोहित शेखर से मिले आदि। हालांकि इस दौरान सभी के बयान में कुछ न कुछ विरोधाभास भी सामने आया। पुलिस ने इसी विरोधाभास के आधार पर आगे भी पूछताछ की। फिलहाल पुलिस का शक परिवार के दो सदस्यों पर है। तीन घंटे तक हुई पत्नी से पूछताछ : क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने तीन घंटे तक रोहित की पत्नी अपूर्वा से पूछताछ की। इस दौरान कुछ प्रश्नों के उत्तर अपूर्वा ने नहीं दिए। खासतौर पर रोहित से संबंधों पर उसने स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। पुलिस ने अपूर्वा से रोहित के व्यवहार, उसकी रंजिश, परिवार के अन्य सदस्यों से संबंध एवं संपत्तियों के विषय में जानकारी हासिल की। शाम को पुलिस की टीम रोहित की मां उज्जवला को अपने साथ तिलक मार्ग थाने लेकर गई और पूछताछ के बाद वह एक घंटे में वापस लौटकर आ गई।आज भी पूछताछ रहेगी जारी : सूत्रों के मुताबिक रात आठ बजे तक पुलिस की पूछताछ चलती रही। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हत्याकांड के विषय में कुछ सुराग मिले हैं। रविवार को भी पूछताछ जारी रहेगी। इसमें रोहित के दोस्तों एवं पड़ोसियों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।

रात डेढ़ से 3 बजे की बीच हुई मौत, और ढाई बजे तक जागती रही थी अपूर्वा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इशारा किया गया है कि रोहित की मौत सोमवार देर रात 1.30 बजे से 3.00 बजे के बीच हो गई थी। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि सोमवार रात 2.30 बजे तक अपूर्वा जागती रही थी। पुलिस ने उसके मोबाइल की सीडीआर की जांच की तो पता चला कि अपूर्वा ने देर रात अपने एक दोस्त व भाभी को कई बार कॉल कर उनसे संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन दोनों का फोन पिक नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो अपूर्वा के बयानों में विरोधाभास पाया जा रहा है। पुलिस अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि या तो अपूर्वा ने वारदात को अंजाम दिया है या उसके इशारे पर घर के ही किसी शख्स ने वारदात को अंजाम दिया है। अपूर्वा के पिता पदमाकर शुक्ला का कहना है कि उनकी बेटी रोहित की हत्या क्यों करेगी। उन्होंने अटकलों को खारिज किया है। पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है।

उधर, एक सीसीटीवी कैमरे में सोमवार रात नशे में सीढ़ी चढ़ते रोहित के पैर दिखे, साथ में शराब लेकर जाता नौकर भी है। रोहित की मौत वाली रात सीसीटीवी में कोई भी बाहरी शख्स घर के अंदर आता नहीं दिख रहा है। इसीलिए पुलिस के शक की सुई घर में मौजूद लोगों पर टिकी हुई है। कई करीबियों समेत नौकर भी शक के घेरे में हैं। इस सिलसिले में शनिवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रोहित की पत्नी अपूर्वा शुक्ला तिवारी व सौतेले बड़े भाई सिद्धार्थ तथा घटना के दौरान घर में मौजूद रहे दो नौकरों भोला व अन्य से पूछताछ की है। क्राइम ब्रांच ने केस से जुड़े सभी लोगों से बोल दिया है कि जांच से संतुष्ट होने तक कोई भी बिना इजाजत दिल्ली छोड़कर नहीं जाएगा।
इस सिलसिले में शनिवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रोहित की पत्नी से पूछताछ रोहित की पत्नी से हो रही पूछताछ पर उनकी मां उज्जवला ने कहा कि उनके बेटे एक वर्ष से भी कम समय पूर्व अपूर्वा शुक्ला प्रेम विवाह कर बनी शादी के पहले दिन से ही तनाव था। दोनों पेशे से अधिवक्ता थे। पर पति-पत्नी के बीच प्रेम विवाह होने के बावजूद इनके रिश्तों में तनाव था। उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। रोहित राजनीति में सही मुकाम न बना पाने के कारण भी तनाव में था। सोमवार को हल्द्वानी, नैनीताल व कैंची के साथ ही वह रानीबाग में अपने पिता के अंतिम संस्कार के स्थान पर भी गया था। तब उसने कहा था कि राजनीति में कम अनुभवी व कम क्षमता के लोगों को भी टिकट मिल रहे हैं, परंतु उन्हें क्यों नहीं। 

पुलिस की जांच इन तीन बिंदुओं पर केंद्रित हो गई है कि रात्रि में किसने रोहित शेखर का मोबाइल उसका लॉक खोलकर खोला था। मोबाइल वही खोल सकता था जो उनके मोबाइल का पैटर्न या पासवर्ड जानता था। दूसरे यह बात भी प्रकाश में आई है उनकी पत्नी अपूर्वा रात 2:30 बजे तक सावधान इंडिया सीरियल देख रही थी। तीसरे सोमवार से मंगलवार तक सोते रहे रोहित शेखर की खैर खबर उनकी पत्नी ने भी क्यों नहीं ली।

सांसद बलूनी ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक से की मामले की शीघ्र जांच की मांग

राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी में दिवंगत नेता स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी जी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी की मृत्यु के कारणों की निष्पक्ष और शीघ्र जांच करने की मांग की है। आज सांसद बलूनी ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक से वार्ता की और कहा कि यह महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है। स्वर्गीय तिवारी जी देश और उत्तराखंड की विराट विभूति रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम और भारत की राजनीति में उनका सम्मानजनक स्थान है। हाल ही में दिवंगत हुये तिवारी जी के परिवार के लिये रोहित का निधन वज्रपात से कम नहीं है।  उल्लेखनीय है कि रोहित शेखर ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी।

छाती से ऊपर का हिस्सा था नीला

पुलिस सूत्रों के हवाले से पता चला है कि रोहित शेखर तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिल सिकुड़ा हुआ आया है। लेकिन हार्ट फेल होना नहीं बताया गया है। छाती से ऊपर का उनका शरीर गहरा नीला पड़ चुका था। नाक के आगे काफी सारा खून जमा था। वह डिफेंस कॉलोनी स्थित अपनी कोठी की पहली मंजिल पर एक छोटे से रूम के सिंगल बेड पर सीधे लेटे हुए मिले थे। घर के नौकरों और परिजनों से पुलिस के सवाल-जवाब में विरोधाभास मिला। प्राथमिक जांच में हत्या करने का शक रोहित के बेहद करीबी पर जताया जा रहा है। क्राइम ब्रांच आपसी संबंध, प्रॉपर्टी विवाद समेत कई एंगल से जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच शादी के 1 वर्ष से भी कम समय में रोहित के अपनी पत्नी अपूर्वा शुक्ला से खराब हो चले संबंधों एवं सौतेले भाई से उनके संबंधों की पड़ताल भी कर रही है।

खड़े हुए ये सवाल
मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच इस सवाल का जवाब भी ढूंढ रही है कि सोमवार रात 11 बजे से मंगलवार शाम 4 बजे तक घर में किसी ने भी उनकी सुध क्यों नहीं ली? शाम 4 बजे इस घटना के बारे में पता लग गया था तो फिर मेडिकल हेल्प लेने में 41 मिनट क्यों लगे? शाम 4:41 बजे मैक्स साकेत को फोन किया गया। कोठी में लगे सीसीटीवी में यह दिखाई दे रहा है कि मंगलवार शाम 4 बजे जब रोहित के बारे में सबसे पहले नौकर भोगिंदर मंडल को पता लगा। उनकी पत्नी उन्हें सीपीआर देती दिखाई दे रही हैं, लेकिन यह प्रयास बहुत अधिक नहीं किए गए लग रहे थे।

पुलिस को जांच करने से क्यों रोका?
सबसे पहले मौके पर पहुंची डिफेंस कॉलोनी पुलिस को घरवालों ने लगातार जांच करने से रोका। घर वाले पुलिस से लगातार कहते रहे कि रोहित को तो हार्ट अटैक हुआ है। आप लोग क्यों आए हैं? पुलिस की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब मामला संदिग्ध था तो फिर घरवालों ने पुलिस को जांच करने से क्यों रोका। उन्हें कैसे पता चला कि रोहित शेखर का हार्ट फेल हुआ है?
शक है कि कोई जहरीली चीज दी गई

रोहित शेखर का शरीर छाती से ऊपर गहरा नीला पड़ गया था। दोनों कंधे काले हो गए थे। इससे यह शक गहराता है कि हत्या करने से पहले क्या उन्हें कोई जहरीला पदार्थ दिया गया था। जांच करने वाली टीम की कहना है कि आमतौर पर इस तरह से शरीर का रंग जब काला या गहरा नीला पड़ता है तो इसमें पॉइजनिंग के चांस काफी अधिक होते हैं। शक है कि हत्या करने में आसानी हो इस वजह से रोहित को पहले जहर दिया गया हो।

पेट में नहीं था चिकन 
एम्स में हुए रोहित के शव के पोस्टमॉर्टम में डॉक्टर्स को उनके पेट से रोटी, चावल और दाल मिली है। खाना पूरी तरह पचा नहीं था। पुलिस ने जब नौकरों और मेड से पूछताछ की तो एक मेड ने पुलिस को बताया था कि उन्हें चिकन भी परोसा गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि चिकन कहां गया? क्योंकि प्लेट में कोई लेग पीस नहीं मिला।

रोहित वाले कमरे की फुटेज नहीं
कोठी की पहली मंजिल के जिस रूम में रोहित का शव मिला। केवल उस रूम के गेट को छोड़ते हुए कोठी के लगभग तमाम हिस्सों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती थी। पुलिस ने जब्त की सीसीटीवी फुटेज में काफी चीजें देखी हैं। एक भी फुटेज में रोहित के कमरे के अंदर आने-जाने वाली कोई फुटेज नहीं हुई है। बताया जाता है कि उनके कमरे को कवर करने वाले कैमरे का एंगल मुड़ा हुआ था। यह जानबूझकर किया गया या अनजाने में पता नहीं।

अलग-अलग बयान
घर के नौकरों और परिजनों से पुलिस पूछताछ में कई बयानों में विरोधाभास मिले। एक नौकर ने कहा कि साहब नशे में थे तो दूसरे ने कहा कि नहीं साहब तो शराब पीते ही नहीं थे। सीसीटीवी कैमरे में रोहित के पैर लड़खड़ाते साफ नजर आ रहे थे और साथ में एक नौकर शराब की बोतल लिए भी सीढ़ियों पर उनके साथ चढ़ता नजर आया। इसके अलावा उनके कमरे में जाने के टाइमिंग में भी फर्क आया है। मामले में 10 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।

खून से सने थे तकिया और गद्दा 
कमरे को देखकर साफ था कि यहां काफी खून निकला था। हालांकि, पुलिस के जाने से पहले रोहित को नीचे उतार लिया गया था। रूम को देखने से पता लगता है कि इसमें रखे तकिये और गद्दे पर खूब सारा खून भरा ही था। साथ ही वहां नीचे बहुत सारे खून से भीगे टिशू पेपर पड़े थे।

छोटे से रूम में लगा था विंडो एसी
रोहित की मौत जिस रूम में हुई वह छोटा-सा कमरा है। इसमें सिंगल बेड था और बेड पास ही एक विंडो एसी लगा हुआ है। हालांकि, जब जांच करने वाली टीम पहुंची, तब एसी बंद था। कमरे में एक अलमारी है जिसमें कई किताबें थीं। कमरे के अंदर ढेर सारी दवाइयां रखी हुई थीं। उस दिन घर में रोहित के बड़े भाई के अलावा उनकी पत्नी और कई नौकर भी थे। (साभार :  नवभारत टाइम्स)

पूर्व समाचार : नवीन समाचार ब्रेकिंग: पोस्टमार्टम में ‘सामान्य’ नहीं आई एनडी के पुत्र रोहित शेखर की मृत्यु ! क्राइम ब्रांच पहुंची घर…

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 19 अप्रैल 2019। पूर्व मुख्यमंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी माता डा. उज्जवला तिवारी के मृत्यु को ‘सामान्य; बताने से इतर ‘असामान्य’ होने का इशारा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके गले में चोट का निशान पाया गया है। इसके बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। रोहित की मौत के बारे में दिल्‍ली पुलिस ने इससे बुधवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के पांच डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड के द्वारा किये गए पोस्‍टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर खुलासा किया है कि उनकी मौत ‘अप्राकृतिक’ थी। अब इस मामले में आइपीसी की धारा 302 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इससे पहले शुक्रवार को ही पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार किये बिना ही पूरे मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। इस पर तत्परता बरतते हुए क्राइम ब्रांच ने डिफेंस कॉलोनी स्थित रोहित के घर पहुंच जांच पड़ताल की। इस दौरान उनके साथ फॉरेंसिक टीम भी थी।

पहले बताया गया था कि उन्हें जब मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया तब उनके नाक से खूून निकल रहा था। चिकित्सकों के अनुसार उनकी मृत्युु ब्रेन हेमरेेज अथवा हृदयाघात केेेे कारण हो सकती है।  बताया गया था कि मृत्यु के समय उनकी माता घर पर नहीं बल्कि अस्पताल में खुद को दिखाने आई थीं। उन्हें घर से फोन पर उनका स्वास्थ्य बिगड़ने की सूचना मिली थी। जिसके बाद वे घर पहुंचीं और एंबुलेंस की मदद से रोहित को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अलबत्ता, डा. उज्जवला ने यह बात स्वीकारी थी कि राजनीति में समुचित स्थान न मिल पाने के कारण रोहित कुछ समय से गहरे अवसाद में थे। हम लगातार इस समाचार पर नजर रखने की कोशिश करेंगे। इधर आज ही उनकी अस्थियां कनखल, हरिद्वार लाकर गंगा में विसर्जित कर दी गयी हैं।

बताया गया है पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टर भी मौत को लेकर संशय में नजर आए हैं। डॉक्टरों ने पुलिस के संपर्क कर रोहित की 12 वर्षों मेडिकल हिस्ट्री मांगी है, ताकि रोहित के बारे में पूरी जानकारी मिल सके।  पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बताया है कि रोहित को 26 वर्ष की उम्र यानि वर्ष 2007 में पहली बार दिल की समस्या हुई थी। इसके बाद उनकी सर्जरी की गई थी। इसके बाद दिसंबर 2018 में दोबारा उन्हें दिल की समस्या हुई। इस बार सर्जरी साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में हुई थी। इसके बाद से वह लगातार मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों के सम्पर्क में थे। ऐसे में अब पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर रोहित का उपचार कर रहे डॉक्टरों से भी बात करेंगे, ताकि उन्हें उनके बारे में पूरी जानकारी मिल सके।

वहीं, परिजनों ने बताया कि रोहित को दिल के अलावा गेस्ट्रोलॉजी और स्र्लिंपग डिसऑर्डर की भी समस्या थी। परिजनों ने पुलिस को उनकी मेडिकल हिस्ट्री और दवाओं की सूची सौंप दी है।

इन पांच बिंदुओं पर चल रही है जांच

यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की मंगलवार को हुई संदिग्ध मौत मामले में बेशक अबतक कोई ऐसी बात सामने नहीं आई जिसके आधार पर किसी को भी शक के दायरे में रखा जाए, लेकिन जांच में जुटी पुलिस किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहती है। इस कारण पुलिस पूरी गहराई से मामले की जांच कर रही है। पुलिस जिन पांच बिंदुओं पर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है। आइए जानते हैं… 

उठाने में देरी क्यों?

रोहित सोमवार रात 11 बजे डिफेंस कॉलोनी स्थित अपने घर लौटे। इसके बाद उन्होंने खाना खाया और करीब 11:30 बजे वह अपने रूम में सो गए। मंगलवार शाम 4 बजे नौकर कमरे में गया तो उसने देखा कि रोहित के नाक से खून निकला हुआ था। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सुबह उनके नहीं उठने के बाद भी किसी ने उनके कमरे में जाकर उन्हें उठाने की जहमत क्यों नहीं की?  उनकी सुध लेने में इतनी देर क्यों की गई। 

क्या नशे में दवा ली? 

रोहित नींद न आने पर कई बार नींद की गोलियां लेते थे। ऐसे में पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि जब वे उत्तराखंड से दिल्ली आए तो क्या वह कुछ नशे में थे। क्या नशे में उन्होंने नींद की गोली खाई थी, जिसके रिऐक्शन से उनकी मौत हुई या फिर किसी और ने उन्हें दवा दी। अगर ऐसा है तो वह शख्स कौन है, इसे लेकर पूलिस जांच कर रही है। 

मां के बयान का मतलब

रोहित की मां उज्ज्वला ने पत्रकारों से कहा कि बेटा रोहित परेशान था। उन्होंने कहा कि जिन्होंने बेटे को अवसाद में डाला, वे उनका नाम जरूर बताएंगी। उन्होंने कहा कि मन में बहुत सी बातें हैं, लेकिन यह बात करने का उचित समय नहीं है। मां के इस बयान का मतलब भी पुलिस जानना चाहती है।

पुलिस यह जानने का भी प्रयास कर रही है कि जब वह उत्तराखंड में थे तो आखिरी वक्त उनके संपर्क में कौन-कौन से लोग थे? इसके लिए पुलिस उनके फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच कर रही है। पुलिस अब यह भी जानने में जुटी है कि आखिरकार जब वह अपने कमरे में गए तो इस दौरान घर में मौजूद लोग कहां-कहां थे? इसके लिए पूछताछ की जा रही है। साथ ही, सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस इस मामले में भाई सिद्धार्थ समेत घर से जुड़े कुल दस लोगों से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद विसरा को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। पुलिस रोहित शेखर सहित तीन लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। घर के अंदर व बाहर लगे चारों सीसीटीवी फुटेज जांच करने के लिए पुलिस ने जब्त कर लिया है।अबतक की पुलिस जांच में  किसी तरह का पारिवारिक और प्रॉपर्टी विवाद सामने नहीं आया है 

पूर्व समाचार : स्मृति शेष: इस राजनीतिक पार्टी में शामिल होने जा रहे थे रोहित शेखर, लेकिन इससे पहले ही….

-दो दिन पूर्व ही सरोवरनगरी में थे, यहां नैना देवी मंदिर, बाबा नीब करौरी के कैंची धाम और घोड़ाखाल स्थित ग्वेल देवता के मंदिर में शीष नवाकर लौटे थे
-मृत्यु की खबर से सकते में आये लोग
नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अप्रैल 2019। पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय एनडी तिवारी के युवा पुत्र रोहित शेखर तिवारी के नई दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में असामयिक निधन की मंगलवार शाम को आई खबर से लोग सकते में आ गये। लोग एक-दूसरे से एवं विभिन्न समाचार माध्यमों से इस दुःखद खबर की पुष्टि करते रहे। 

स्मृति शेष:

उल्लेखनीय है कि सामान्यतया दिल्ली में रहने वाले स्वर्गीय रोहित शेखर तिवारी इधर केवल दो दिन पूर्व ही रविवार को मुख्यालय में थे। यहां उन्होंने नगर की आराध्य देवी नयना देवी, बाबा नीब करौरी के निकटवर्ती कैंची धाम और घोड़ाखाल स्थित ग्वेल देवता के मंदिर में शीष नवाकर लौटे थे। वे बीती 11 अप्रैल को हल्दूचौड़ में मतदान करने के बाद यहां मंदिरों के दर्शन करने के लिए आये थे। इस दौरान मीडिया कर्मियों से बात करते हुए उन्होंने खुलकर कहा था कि वे यहां अपने पिता की मूल पार्टी कांग्रेस के प्रत्याशी हरीश रावत को वोट देकर राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करने के लिए आये थे। आगे उनका इरादा कांग्रेस पार्टी में जाने का है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व लंबी कानूनी लड़ाई के बाद स्वयं को एनडी तिवारी का जैविक पुत्र घोषित करने एवं अपनी माता को एनडी तिवारी से विधिवत विवाह कराकर उनकी धर्मपत्नी का दर्जा दिलाने के बाद अक्तूबर 2015 में भी रोहित अपनी माता व पिता के साथ नैनीताल आये थे। बाद में वर्ष 2017 के उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव के दौरान रोहित की अपने पिता सहित भाजपा से नजदीकी के बीच नैनीताल जनपद की हल्द्वानी, लालकुआ व कालाढुंगी सीटों से भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ने की भी चर्चा थी। इस दौरान स्वर्गीय तिवारी ने भी जीवन में पहली बार विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में बयान दिया था। लेकिन टिकट न मिलने के बाद भाजपा के साथ उनकी वैसी करीबी नहीं देखी गयी थी।

पूर्व समाचार : एनडी के घर बजी शहनाई…

बीती 20 जुलाई से अस्वस्थता की वजह से दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती यूपी व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी के घर में एक बार फिर शहनाई बजी। वयोवृद्ध नेता के पुत्र रोहित शेखर ने 11 मई को उन्हें अनूठी खुशी दी। रोहित ने पहले शनिवार 7 अप्रैल को पिता के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर चुनिन्दा पारिवारिक सदस्यों की उपस्थिति में बेहद सादगी के साथ मूलतः मध्य प्रदेश निवासी सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अपूर्वा शुक्ला के साथ सगाई की, और 11 मई को शादी कर ली। इस दौरान उन्होंने मां उज्ज्वला शर्मा के साथ पिता का आशीर्वाद भी लिया।  

उल्लेखनीय है कि 88 वर्षीय तिवारी ने पुत्र रोहित द्वारा वर्ष 2008 में अदालत में दायर पैतृक वाद के बाद अप्रैल 2014 में रोहित को अपना पुत्र स्वीकार कर लिया था, और 4 वर्ष पूर्व ही मार्च 2014 में उनकी माँ 62 वर्षीया उज्ज्वला शर्मा से विवाह किया था।

यह पूर्व आलेख भी पढ़ें: रोहित शेखर झटकेंगे पिता एनडी का ‘हाथ’, थामेंगे भाजपा का दामन 

रोहित शेखर

-करीब एक वर्ष से राहुल-सोनिया को भी साधने के बावजूद कांग्रेस से कोई सकारात्मक संकेत न मिलने से हैं नाखुश, कहा था-पिता के जन्म दीं के बाद होंगे ‘खुले पंछी’
-भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट व सांसद भगत सिंह कोश्यारी के हुई है बात, लालकुआ, भीमताल, किच्छा और काशीपुर सीटों से चुनाव लड़ने के दिए हैं विकल्प, समाजवादी पार्टी से भी हैं बेहतर संबंध
नवीन जोशी, नैनीताल। कभी प्रदेश ही नहीं देश की राजनीति के शीर्ष पुरुष रहे यूपी व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री पंडित नारायण दत्त तिवारी के पुत्र रोहित शेखर पिता की 80 वर्ष से सेवित कांग्रेस पार्टी का श्हाथश् झटक सकते हैं। पहले से ही यूपी सरकार में ट्रांसपोर्ट सलाहकार के पद का श्लुत्फश् ले रहे रोहित के लिए पिता एनडी के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट व नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से सांसद भगत सिंह कोश्यारी के बात हो चुकी है। बताया गया है की भाजपा को लालकुआ, भीमताल, किच्छा और काशीपुर सीटों से चुनाव लड़ने के विकल्प दिए गए हैं। इन सीटों का एनडी पिछले दिनों खुद जायजा भी ले गए हैं। वहीँ समाजवादी पार्टी भी एनडी के पुराने दौर के करिश्मे की उम्मीद और ब्राह्मण चेहरे के साथ अब से पहले कभी न चढ़ पाई श्साइकिलश् को उनके सहारे पहाड़ चढ़ाने की फिराक में है। रोहित ने भी साफ कह दिया है कि वे एक वर्ष के असफल इंतजार के बाद कांग्रेस से अब ‘भीख’ माँगने वाले नहीं हैं।
गौरतलब है की एनडी एक बार फिर, लगातार दूसरे वर्ष अपना जन्मदिन मनाने पत्नी उज्जवला शर्मा और जैविक पुत्र रोहित शेखर के साथ आगामी 18 अक्टूबर को हल्द्वानी आये। इससे पूर्व समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सचान ने हल्द्वानी में यह कहकर चर्चाओं को हवा दे दी थी कि यदि उनके पुत्र रोहित शेखर समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेते हैं तो पार्टी उन्हें कुमाऊं मंडल की किसी भी सीट से टिकट देने के लिये तैयार है। इस तरह चर्चा जोरों पर है कि सपा प्रदेश में ब्राह्मण चेहरे को आगे कर अपनी डूबती-उतराती चुनावी नैया को नए माझी के साथ प्रदेश की राजनीति में उतार सकती है। इस पर 37 वर्षीय रोहित शेखर ने लखनऊ से बात करते हुये कहा कि वह अपने पिता द्वारा 80 वर्ष से सेवित कांग्रेस को ही अपनी पार्टी और सोनिया गांधी को अपनी मां के समान मानते हैं। उन्होंने ही इस वर्ष 13 जनवरी को अपने पिता को बचपन के बाद युवा राहुल गांधी से पहली बार मिलाया। फरवरी माह में सोनिया गांधी से भी अपने पिता के साथ मुलाकात हुई। इसके बाद से वे कांग्रेस पार्टी से जुड़ने के प्रति आशान्वित थे। लेकिन अक्टूबर माह तक कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई सकारात्मक संकेत न मिलने से वह इधर बीच में हताशा महसूस करने लगे हैं। उन्हें लगता है कि कांग्रेस पार्टी में ‘स्थानीय व प्रदेश स्तर पर’ कुछ लोग हैं, जो नहीं चाहते कि वह यानी एनडी की राजनीतिक विरासत संभालने आ रहे पुत्र उनकी दुनिया में कदम भी रखें। आखिर में वह दो-टूक बोले-18 के बाद उनके सभी विकल्प खुले हैं। इस दिन के बाद कोई भी निर्णय लेने के लिये वे ‘खुले पंछी’ हैं। साथ ही समाजवादियों से अपनी नजदीकी को खुलकर स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह उत्तराखंड आंदोलन के दौर के मतभेदों के बावजूद आज पिता एनडी को बड़े भाई और गुरू के रूप में पूरा सम्मान दे रहे हैं, और अखिलेश भी रोहित को छोटे भाई के रूप में पिता एनडी की तरह ही पूरा अपनापन और प्यार देते हैं। वहीं भाजपा नेताओं के एनडी से मिलने के बाद उन्होंने कहा-उनके पिता का जो भी पार्टी सम्मान करेगी, उसमें जाने से उन्हें कोई गुरेज नहीं है। लेकिन फिर से उन्होंने स्वयं को अपने पिता के जन्म दिन तक के लिये संयत रखा है। 18 अक्टूबर को हल्द्वानी आकर देखेंगे कि उन कांग्रेस जनों, जो आज भी उनके पिता से बात करते रहते हैं, तथा कांग्रेस पार्टी उन्हें कैसा ‘रिस्पॉंस’ देते हैं। कहा कि वे आज भी किसी पार्टी में नहीं हैं। आगे चुनाव के लिये काफी कम समय शेष रहते उनके लिये इस दिन के बाद आगामी विस चुनावों के लिये कोई न कोई निर्णय लेने की मजबूरी होगी। कहा-वह कांग्रेस पार्टी से कोई ‘भिक्षा’ मांगने वाले नहीं हैं। वह तो अपने पिता की राजनीतिक विरासत के साथ कहीं भी जा सकते हैं, पर उनके जाने से किसे वास्तव में नुकसान होगा, बताना कठिन नहीं है। कहा कि वह लखनऊ-देहरादून रहते भी हर रोज पूरे उत्तराखंड प्रदेश की समस्याओं से अवगत रहते हैं।

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