एक शताब्दी के बाद लोनिवि को आरटीआई से पता लगी अपनी 5 एकड़ जमीन

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

-नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी है करोड़ों रुपए मूल्य की है जमीन नवीन जोशी, नैनीताल। सूचना का अधिकार अधिनियम पुराने दबे इतिहास की परतें भी खोल रहा है। नैनीताल के सूचना अधिकार कार्यकर्ता अधिवक्ता पुनीत टंडन द्वारा मांगी गयी सूचनाओं से लोक निर्माण विभाग को करीब एक शताब्दी के बाद अपनी करीब 5 एकड़ जमीन के नक्शे प्राप्त हुए हैं। हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी स्प्रिंगडेज इस्टेट की यह जमीन करोड़ों रुपए मूल्य की बतायी जा रही है। जमीन की तस्दीक में इस इस पर एक बाहरी व्यक्ति द्वारा भवन निर्माण भी किया गया है, जिसे नोटिस दिया गया है। मामले का एक अन्य पहले यह भी है कि पिछले करीब 10 माह से मामले में सूचना अधिकार कार्यकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी जा रही जानकारियों एवं मामले के समाधान पोर्टल के जरिये मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंचने के बावजूद कार्रवाई अपेक्षित तेजी से नहीं हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सूचना अधिकार कार्यकर्ता पुनीत टंडन करीब नवंबर 2018 से यह मामला उठा रहे हैं। आगे मामला समाधान पोर्टल एवं डीएम नैनीताल के स्तर से मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया। शुरू से इस बेशकीमती जमीन का स्वामी लोक निर्माण विभाग का प्रांतीय खंड अपने पास नक्शे ही न होने की बात करता रहा। बाद में नगर पालिका से 1918 व 1929 के स्प्रिंगडेल इस्टेट के नक्शों में तत्कालीन सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं जूनियर हाईस्कूल की करीब 5 एकड़ भूमि प्रदर्शित की गयी है। यह भूमि वर्तमान जीआईसी को धर्मशाला की ओर से जाने वाले मार्ग से नीचे की ओर हल्द्वानी रोड तक बतायी गयी है। इधर जनवरी 2018 में टंडन द्वारा मांगी गयी जानकारी पर एसडीएम नैनीताल अभिषेक रुहेला ने लोनिवि, राजस्व एवं नगर पालिका के अधिकारियों की टीम बनाकर उन्हें जमीन की धरातल पर तस्दीक करने को कहा था। फरवरी 2018 में टंडन ने मामले की शिकायत समाधान पोर्टल के जरिये मुख्यमंत्री से भी की, और इस जमीन की धरातल पर तस्दीक कर जमीन की दाखिल-खारिज लोनिवि के प्रांतीय खंड के नाम करने को कहा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले में 20 फरवरी 2018 को सचिव शहरी विकास को भेजकर शिकायत के अनुरूप कार्रवाई करने को कहा। इधर संयुक्त जांच टीम ने भूमि पर एक बाहरी व्यक्ति द्वारा किये गये निर्माण को चिन्हित किया है। इधर एक सप्ताह पूर्व भवन स्वामियों को लोनिवि की ओर से उनका पक्ष जानने के लिए नोटिस भी दे दिया गया है। लेकिन करीब 10 माह से मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने, अब तक जमीन के बारे में ठीक-ठीक चिन्हीकरण ही न हो पाने पर सूचना अधिकार कार्यकर्ता ने सवाल उठाये हैं। उन्होंने बताया कि कई बिल्डरों की भी इस बेशकीमती जमीन पर नजर है। वहीं एसडीएम अभिषेक रुहेला ने बताया कि मामला नगर पालिका के स्तर से लंबित है। सरकारी विभागों की जमीनों के नक्शे नगर पालिका के पास हैं। इधर नगर पालिका ने जो नक्शा उपलब्ध कराया है वह बंदोबस्ती तरह का नहीं है। इसलिए इसकी धरातल पर तस्दीक करने में दिक्कत आ रही है।

प्राधिकरण से नक्शा है पास, लोनिवि ने दी है अनापत्ति

नैनीताल। स्प्रिंगडेल इस्टेट की जिस भूमि की बात हो रही है, उस पर हाल ही में एक भवन निर्मित हुआ है। बताया जा रहा है कि यह मामला इस भवन के निर्माण के बाद ही भवन के मालिक एवं निर्माणकर्ता ठेकेदार के बीच हुए विवाद के बाद आगे बढ़ा। बताया गया है कि भवन निर्माण के लिए तत्कालीन बृहत्तर झील परिक्षेत्र विकास प्राधिकरण से भवन का नक्शा पास है, तथा इसके लिए लोनिवि ने भी अनापत्ति दी है। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि वर्ष 2011 में इस जमीन से लगे जीजीआईसी की सड़क से ऊपर की ओर स्थित फेयरीहॉल विला क्षेत्र के कुछ निवासियों ने आपसी सहमति से घर बंटवारा करते हुए घर के सदस्यों को लोनिवि की यह जमीन दे दी थी।

पूर्व समाचार : नैनीताल में 5 एकड़ सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का बड़ा मामला खुला

    • लोनिवि की है जमीन, पर विभाग को पता ही नहीं, नक्शे भी लोनिवि नहीं नगर पालिका के पास हैं
  • पुष्टि हुई तो अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचना तय

नवीन जोशी, नैनीताल। सरोवरनगरी में 5 एकड़ सरकारी भूमि पर अतिक्रमण होने का नया मामला प्रकाश में आया है। सूचना के अधिकार के तहत इस मामले का खुलाशा हुआ है। नगर के अधिवक्ता पुनीत टंडन को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के तल्लीताल धर्मशाला के पास के स्प्रिंगफील्ड कंपाउंड क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की करीब 5 एकड़ भूमि पर लोगों का अवैध कब्जा है, तथा कई आवासीय भवन भी बने हैं। खास बात यह भी है कि लोक निर्माण विभाग को अपनी इस भूमि के बारे में कुछ भी खास जानकारी यहां तक कि इसके नक्शे भी उपलब्ध नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस भूमि पर अंग्रेजी दौर में तत्कालीन सार्वजनिक निर्माण विभाग के गोदाम होते थे।

सूचना के अधिकार के तहत जानकारी दिये जाते समय यह मामला संज्ञान में आया है। इस पर एसडीएम के नेतृत्व में लोनिवि, राजस्व व नगर पालिका की टीम ने संबंक्षित क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया है। टीम में लोनिवि की ओर से अधिशासी अभियंता सीएस नेगी, नगर पालिका की ओर से अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा व राजस्व विभाग की ओर से तहसीलदार शामिल रहे। लोनिवि के अधिशासी अभियंता सीएस नेगी ने इस बारे में पूछे जाने पर बताया कि नेगी ने बताया कि नगर पालिका से इस भूमि के मूल रंगीन नक्शे लेने के लिए आवेदन किया गया है, साथ ही विभाग के संबंधित सहायक अभियंता से मामले की जांच तथा नक्शे के आधार पर लोनिवि की जमीन का चिन्हीकरण करने और इस पर अतिक्रमण होने की स्थिति में अतिक्रमणकारियों को नोटिस देने को कहा गया है। बताया गया है कि कुछ अतिक्रमणकारियों को नोटिस दे भी दिये गये हैं। आगे इस मामले में अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचना तय है।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
https://navinsamachar.com

Leave a Reply

loading...