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खास खबर : उत्तराखंड में यह वर्ष ‘रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाएगी सरकार, संविदा कर्मियों की भी खुलेगी लॉटरी…

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नवीन समाचार, देहरादून, 15 अगस्त 2019। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती करने की घोषणा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इसकी निगरानी के लिए कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित की जायेगी । 73वें स्वतंत्रता दिवस पर यहां परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रावत ने वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मनाने का जिक्र करते हुए कहा कि सभी रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग के लिए कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा और जो लोग पहले से संविदा पर कार्य कर रहे हैं, उनके लिए अधिमान अंक की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना’ शुरू करने जा रही है। इसमें एक वर्ष में 5100 महिलाओं को कियोस्क बनाकर मसूरी, नैनीताल, केदारनाथ, बदरीनाथ आदि प्रमुख स्थलों पर आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक कियोस्क से अगर औसतन चार महिलाओं को रोजगार मिलना माना जाये तो 20 हजार से अधिक महिलाओं को आजीविका का साधन मिलेगा। बुजुर्गों को समाज की अनमोल धरोहर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध व्यक्तियों की देखभाल के लिए जल्द ही कानून लाने पर विचार किया जा रहा है । इस संबंध में उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का अनुभव व बुद्धिमत्ता परिवार, समाज व देश के लिए बहुत जरूरी होता है लेकिन यह देखकर बड़ा दुख होता है कि समाज में नैतिक व सामाजिक मूल्यों की गिरावट के कारण बहुत से लोग अपने बुजुर्गों की उपेक्षा करते हैं । मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ‘मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना’ के तहत टॉपर 25 बच्चों को सभी पाठ्यक्रमों में 50 प्रतिशत शुल्क की छात्रवृत्ति देने की भी घोषणा की तथा कहा कि ‘देश को जानो योजना’ के तहत उत्तराखंड बोर्ड से पढने वाले कक्षा 10 के शीर्ष 25 छात्रों को भारत भ्रमण कराया जाएगा जिसमें एक भ्रमण हवाई जहाज से भी होगा । रावत ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा आश्रम पद्धति के विद्यार्थियों के भोजन भत्ते को 3000 रूपए प्रति माह से बढाकर 4500 रूपए प्रति माह करने का भी ऐलान किया । राज्य में सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही वेलनेस, योग, आयुर्वेद व पर्यटन पर आधारित एक सम्मेलन का आयोजन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के समस्त विद्यालयों में फर्नीचर, जल आपूर्ति, शौचालय, कंप्यूटर, पुस्तकालय और लैब की व्यवस्था को भी चरणबद्ध तरीके से 2022 तक पूर्ण करने का वादा किया । उन्होंने कहा कि 2020 तक प्रदेश की समस्त सहकारी समितियों को भी कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा जम्मू—कश्मीर से धारा 370 के प्रावधान हटाने और वहां विकास के एक नये युग का आगाज होने से आज देश भर में स्वतंत्रता दिवस का उल्लास दोगुना हो गया है । मुख्यमंत्री ने धारा 370 पर ऐतिहासिक कदम उठाने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देते हुए कहा कि यह संवैधानिक प्रावधान जम्मू—कश्मीर की जनता के विकास के रास्ते में एक रोडा था और इसके हटने से वहां के निवासियों को केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिलेगा । तीन तलाक के शोषण से मुस्लिम महिलाओं को आजादी मिलने जैसे केंद्र सरकार द्वारा उठाये कदमों का जिक्र करते हुए रावत ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह बहुत बङा कदम है। रावत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ धर्मयुद्ध में जनता का सहयोग मांगते हुए कहा कि देवभूमि को भ्रष्टाचार से आजाद करने के लिए जल्द ही एक और कठोर कानून लाने पर विचार किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड ‘उत्कर्ष’, सीएम हेल्पलाईन 1905 और सेवा का अधिकार से कार्य संस्कृति में सुधार लाया जा रहा है जिसमें काफी कामयाबी भी मिली है।

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-केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एवं राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) की वार्षिक श्रम बल की रिपोर्ट के आंकड़ों में बयां हो रही है कहानी
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जुलाई 2019। उत्तराखंड पिछले तीन वर्षों में बेरोजगारों को नया रोजगार देने में फिसड्डी साबित हुआ है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के आंकड़े बता रहे हैं कि अगस्त 2016 से लेकर मार्च 2019 तक, जिसमें अधिकांश समय त्रिवेंद्र रावत सरकार राज्य में काबिज रही है, उत्तराखंड में केवल दो फीसद बेरोजगारों को ही नया रोजगार मिला है।
साथ ही राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) की वार्षिक श्रम बल रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड देश के उन 11 राज्यों में शुमार है, जहां बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। प्रदेश में करीब 9.36 लाख पंजीकृत बेरोजगार हैं, जबकि सृजित सरकारी पदों की संख्या 2.17 लाख है, जिनमें 1.73 लाख लोग काम कर रहे हैं। बाकी काम अनुबंध पर हो रहा है। प्रदेश सरकार की हालिया मानव विकास रिपोर्ट के मुताबिक 15 से 29 साल के युवाओं के बेरोजगारी के आंकड़े देखें तो 2004-05 में युवाओं में बेरोजगारी दर 6 फीसद तो पढ़े-लिखे युवाओं में 9.8 फीसद थी। 2011-12 में यह बढ़कर युवाओं के लिए 10.2 व पढ़े लिखे युवाओं के लिए 17.2 प्रतिशत हो गई। जबकि 2017 के आंकड़ों के मुताबिक बेरोजगारी अब बढ़कर युवाओं के लिए 13.2 व पढ़े लिखे युवाओं के लिए 17.4 प्रतिशत हो गई है।
वहीं, प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत अगस्त 2016 से लेकर मार्च 2019 तक देशभर में एक करोड़ 18 लाख पांच हजार तीन कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं। इनमें से 57 फीसद कर्मचारी पांच राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात और हरियाणा के हैं। इनमें महाराष्ट्र के कुल श्रम बल के 18 फीसद, तमिलनाडु के 12, कर्नाटक के 10, गुजरात के नौ, हरियाणा व आंध्र प्रदेश के आठ-आठ फीसद, उत्तर प्रदेश के 7, दिल्ली के 6, राजस्थान के 4, पश्चिमी बंगाल और मध्य प्रदेश के 3-3 प्रतिशत कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं। जबकि उत्तराखंड, केरल, पंजाब के केवल 2-2 फीसद तो उड़ीसा, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड व गोवा के केवल एक-एक फीसद नए कर्मचारी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। इस अवधि में जिन नए कर्मचारियों को नौकरियां मिली हैं, उनमें से 40 फीसद विशेषज्ञ सेवाओं में से हैं जबकि दो फीसद वित्तीय संस्थानों से जुड़े हैं। व्यापार, वाणिज्य, वस्त्र, भवन निर्माण आदि के क्षेत्र में सात-सात फीसद नौकरी के अवसर खुले। वस्त्र निर्माण व इंजीनियरिंग सेक्टर में कुल पांच फीसद नए कर्मचारी जुड़े। वैसे दिलचस्प बात यह है कि लोकसभा चुनाव से पहले 2018-19 में इस योजना के तहत देशभर में 87 लाख 46 हजार 888 कर्मचारी लाभान्वित हुए। यानी इस योजना के तहत लाभ पाने वाले कुल कर्मियों का 74 प्रतिशत या फिर यूं कहे कि चुनाव से पहले हर महीने सात लाख कर्मचारियों की दर से कर्मचारियों को योजना का लाभ मिला। मगर चुनाव बाद इसकी गति में कमी आ गई। (इनपुट अरविंद शेखर, राष्ट्रीय सहारा, देहरादून)

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पीसीएस में चयनित जितेंद्र वर्मा।

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जुलाई 2019। जनपद के निकटवर्ती ज्योलीकोट के ग्राम भल्यूटी निवासी जितेंद्र वर्मा ने पीसीएस परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इससे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। क्षेत्र के ग्राम प्रधान रहे स्वर्गीय किशोरी लाल वर्मा के पौत्र एवं कैलाश चंद्र वर्मा व हेमा वर्मा के 29 वर्षीय पुत्र जितेंद्र वर्तमान में जिला पंचायत अल्मोड़ा में कार्यकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, तथा पूर्व में सेवा कर के ऑडिट विभाग में इंस्पेक्टर, न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में प्रशासनिक अधिकारी एवं सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद भी कार्य कर चुके हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा निकटवर्ती डॉन बॉस्को स्कूल से हुई है, जिसके बाद उन्होंने वर्ष 2011 में डीआईटी देहरादून से सूचना प्रौद्योगिकी में इंजीनियरिंग भी की है। जितेंद्र अभी भी आईएएस परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं।

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नवीन समाचार, हरिद्वार, 5 जुलाई 2019। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की 2016 की पीसीएस परीक्षा का अंतिम परिणाम शुक्रवार शाम को जारी कर दिया गया है। जिसमें नैनीताल के ओखलकांडा निवासी देहरादून के जिला पंचायत अधिकारी हिमांशु कफल्टिया सहित पांच अभ्यर्थी डिप्टी कलक्टर बने हैं। वहीँ पुलिस उपाधीक्षक में अंकित कंडारी सहित 17 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए है।हालांकि आवास विकास विभाग के सहायक नगर नियोजक, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग फीचर लेखक एवं संपादक, जिला सूचना अधिकारी के रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल सके हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट 27 मार्च को जारी कर दिया गया था। जबकि साक्षात्कार 28 मई से 31 मई के बीच आयोजित कराए गए। आयोग के सचिव राजेंद्र कुमार की ओर से शुक्रवार की शाम को पीसीएस परीक्षा का अंतिम परिणाम वेबसाइट https://ukpsc.gov.in/ पर अपलोड कर दिया गया है। उत्तराखंड पीसीएस रिजल्ट में जिला पंचायत का दबदबा देखने को मिला है। प्रथम और तृतीय स्थान पर जिला पंचायत के दो अधिकारी एवं द्वितीय स्थान पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चंपावत के पुत्र चयनित हुए हैं। वहीं बागेश्वर की कुमकुम जोशी व निर्मल जोशी का भी उत्तराखंड पीसीएस में चयन हुआ है। इससे बागेश्वर में भी हर्ष का माहौल है।

कड़ी मेहनत ने दिलाया हिमांशु को मुकाम

पीसीएस टॉपर हिमांशु ने बैंक क्लर्क से लेकर डिप्टी कलक्टर तक किया सफरतीन माह के बेटे के पिता हिमांशु कफल्टिया मूल रूप से नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के तुषराड़ गांव के रहने वाले हैं। एक बैंक क्लर्क से लेकर डिप्टी कलक्टर तक का उनका सफर संघर्षो से भरा रहा है। इस बीच कई असफलताओं का मुंह भी उन्हें देखना पड़ा। पर उनके कदम डगमगाए नहीं। वे पहले भी पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, और तीन बार सिविल सेवा के लिए साक्षात्कार दे चुके हैं। वर्तमान में जिला पंचायत के कार्याधिकारी के पद पर कार्यरत रहते हुए उत्तरकाशी व टिहरी में अपनी सेवा दे चुके हिमांशु पूर्व में छत्तीसगढ़ में दो साल भारतीय जीवन बीमा निगम में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तथा दिल्ली में एक वर्ष विजया बैंक में लिपिक के पद पर कार्य कर चुके हैं। गुप्तचर विभाग व भारतीय स्टेट बैंक में भी उनका चयन हो गया था, पर उन्होंने यह नौकरियां नहीं कीं। उनकी पत्नी गुंजन शर्मा 2016-बैच की आइआरएस हैं तथा अभी देहरादून में सहायक आयुक्त आयकर के पद पर कार्यरत हैं जबकि उनके भाई रमाशंकर सीए हैं तथा पेट्रोलियम मंत्रालय में विधिक सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं। जबकि उनके पिता घनश्याम कफल्टिया जूनियर हाईस्कूल के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य व मां गीता गृहणी हैं। प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव से ही प्राप्त करने के बाद उन्होंने वर्ष 2006 में कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर से स्नातक की पढ़ाई की।
ये बने डिप्टी कलक्टर : डिप्टी कलक्टर के लिए हिमांशु कफल्टिया, गौरव पांडे, जितेंद्र वर्मा, कुमकुम जोशी व संदीप कुमार। 

ये बने पुलिस उपाधीक्षक : पुलिस उपाधीक्षक (गृह विभाग) में अंकित कंडारी, नीरज सेमवाल, सुमित पांडे, नितिन लोहानी, अभिनव चौधरी, प्रवेज अली, विभा दीक्षित, अस्मिता ममगांई, रीना, ओशीन जोशी, विमल रावत, हर्ष वर्धिनी सुमन, वैभव सैनी, नताशा सिंह, विवेक सिंह कोटियाल, प्रशांत कुमार, निहारिका सेमवाल का चयन हुआ है। 

ये बने जिला जिला कमांडेंट होमगार्ड
जिला कमांडेंट होमगार्ड (गृह विभाग) में निर्मल जोशी, नितिन काकेरवाल चयनित हुए।

ये बने अधीक्षक कारागार : अधीक्षक कारागार (गृह विभाग) में अनुराग मलिक व सुमित त्रिपाठी।

ये बने सहायक आयुक्त : सहायक आयुक्त (वित्त विभाग) में अमित कुमार, शिवांग सेठ, अभिषेक सिंह हयांकी व अविनाश दीपक।

ये बने वित्त अधिकारी : वित्त अधिकारी (वित्त विभाग) में प्रणव कुमार, प्रशांत कुमार, हेम कांडपाल, स्मिता लोशाली, मनीष कुमार श्रीवास्वत, ऐकता पंजवाणी, अजय कुमार, दीपिका चौहान, आशीष कुमार खुडलानी व विदूषी भट्ट।

ये बने सहायक नगर आयुक्त : सहायक नगर आयुक्त- सहायक नगर अधिकारी- अधिकारी अधिशासी श्रेणी-1 (शहरी विकास विभाग) में गौरव भसीन, आलोक उनियाल, तनवीर सिंह मारवा, सरताज सिंह मन्हास, आशुतोष सती, अंकिता जोशी, दीपिका गोस्वामी, लीना चंद्रा व विनोद कुमार।

ये बने वाणिज्य कर अधिकारी : वाणिज्य कर अधिकारी (वित्त विभाग) में नितिन कुमार सैन, मनोज कुमार जोशी, ईशा, मुरली मनोहर जोशी व अमित दत्त।

इनके अलावा सहायक निबंधक (सहकारिता विभाग) में मोनिका चुनेरा, जिला बचत अधिकारी (वित्त विभाग) में अर्षित गोंडवाल तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (अल्पसंख्यक कल्याण विभाग) में अंबुजा त्रिवेदी, नितेश सिंह रावत का चयन हुआ है।

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15 हजार के मानदेय पर नियुक्त होंगे 4000 अस्थाई शिक्षक, वाक इन इंटरव्यू के जरिए ब्लाक लेबल पर होगा चयन, प्राथमिक से लेकर प्रवक्ता तक के पद हैं शामिल
नवीन समाचार, देहरादून, 13 जून 2019। राज्य के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पड़े शिक्षकों के 4000 पदों पर जल्द ही अस्थायी रूप से नियुक्ति दी जाएगी। नियुक्तियां जल्द हो सकें, इसके लिए वाक इन इंटरव्यू पण्राली अपनायी जाएगी। अस्थायी रूप से होने वाली इन नियुक्तियों में शिक्षक के लिए जरूरी अर्हता पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को ही अवसर दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया है कि उक्त नियुक्ति नितांत अस्थायी व्यवस्था के तहत होगी। विकास खंडवार दी जाने वाली ये नौकरियां विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षक-अभिभावक समिति की देखरेख में होंगी। उस क्षेत्र विशेष की रिक्तियों को देखते हुए स्थानीय योग्य युवाओं को ही इसमें अवसर दिया जाएगा। बुधवार को सचिवालय में हुई शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में व्यापक मंथन के बाद यह निर्णय लिया गया। विद्यालयों में रिक्त पड़े प्राइमरी, जूनियर, एलटी और प्रवक्ता के लगभग 4000 पदों पर अस्थायी नियुक्ति दिए जाने का निर्णय बैठक में लिया गया। विभिन्न पदों पर होने वाली इन नियुक्तियों के बदले प्रत्येक शिक्षक को 15000 रुपये मानदेय दिया जाएगा, लेकिन स्थायी नियुक्ति होते ही वह पद स्वत: समाप्त हो जाएगा। नितांत अस्थायी व्यवस्था के तहत भरे जाने वाले इन पदों के लिए ब्लाकवार मेरिट बना कर चयन किया जाएगा। नियुक्ति के लिए मानकों में जरा भी शिथिलता नहीं बरती जाएगी। जिस पद के लिए जो पात्रता चाहिए, उसे पूरा करने वाले बेरोजगार को ही नियुक्ति दी जाएगी। ब्लाक शिक्षा अधिकारियों को इस सम्बंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विकास खंडों के विद्यालयों में रिक्त पदों की सूची तैयार कर उन पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करें। नियुक्ति की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य और शिक्षक-अभिभावक समिति को सौंपी जाएगी। विकासखंड से बाहर के अभ्यर्थी को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए इसकी लगातार मानीटरिंग भी की जाएगी। सरकार ने शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए इससे पहले गेस्ट टीचर के रूप में नियुक्तियां शुरू की थी, लेकिन इस मामले में कोर्ट ने आगे अनुमति नहीं दी। सुप्रीम कोर्ट ने दो महीने के भीतर स्थायी नियुक्तियां करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। इसके लिए सरकार लोकसेवा आयोग से जल्द प्रक्रिया पूरी होने के इंतजार में है और तब तक शिक्षकों की कमी न रहे, इसके लिए अस्थायी सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में 56 हजार पद रिक्त, सरकार शुरू करने जा रही है इन पर भर्तियों की शुरुआत, लेकिन इससे पहले आप जरूर कर लें यह…

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जून 2019। लोक सभा चुनाव निपट जाने के बाद उत्तराखंड में जल्द ही सरकारी नौकरियों की बहार आने वाली है। प्रदेश सरकार सभी विभागों में लंबे अरसे से रिक्त पड़े तकरीबन 56 हजार पदों को सीधी भर्ती के जरिये भरने के लिए विशेष अभियान चलाने जा रही है। लेकिन यदि आप इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो इससे पहले सेवायोजन कार्यालय में अपना पंजीकृत अवश्य करा लें। इतना जरूर है कि सरकार ने विभिन्न विभागों से पूछा है कि जो रिक्तियां हैं, उनकी उपयोगिता कितनी है। यानी यदि विभाग किन्ही पदों को गैर जरूरी मानते हैं तो वह पद घट भी सकते हैं
बताया गया है कि इन पदों के सरकार ने कार्मिक विभाग ने सभी सरकारी विभागों से रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है, ताकि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सके। गौरतलब है कि राज्य के सेवायोजन कार्यालयों में भी सवा आठ लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत हैं, जो सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं। रिक्त पदों को विभागीय पदोन्नति और सीधी भर्ती के माध्यम से भर्ती से पहले पदों की उपयोगिता का परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए कार्मिक विभाग ने सभी विभागों से रिक्त पदों का रिकॉर्ड मांगा है। इसके बाद विभागों के माध्यम से लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को सीधी भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे। शीघ्र ही कार्मिक विभाग की ओर से सभी विभागों के साथ रिक्त पदों को लेकर बैठक की जाएगी।

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Indian army Job chance for youths after 12th classनवीन समाचार, नई दिल्ली, 28 मई 2019। बड़े बहुमत के साथ वापसी करने वाली नरेंद्र मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में सबसे पहले नौकरियों के मोर्चे पर काम करेगी। केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों में खाली पड़े पदों और मौजूदा जरूरतों को देखते हुए रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, करीब 75 हजार पद ऐसे हैं, जिन्हें तुरंत भरने की जरूरत महसूस हो रही है। इसके लिए सरकार स्टाफ सलेक्शन कमीशन (एसएससी) को परीक्षा आयोजित कर इन पदों पर भर्ती शुरू करने को कह सकती है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार बजट में असंगठित क्षेत्र में रोजगार के लिए बड़ी योजना का भी ऐलान कर सकती है। दरअसल, मोदी के पहले कार्यकाल में नौकरियों की कमी एक बड़ी चिंता बनकर सामने आई थी। कांग्रेस ने इसे चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाया था और घोषणापत्र में एक साल में 22 लाख नौकरियां देने का वादा भी किया था।
सूत्र बताते हैं कि आम चुनाव के दौरान ही नीति आयोग ने अगली सरकार के लिए 100 दिनों का जो अजेंडा तैयार किया है, उसमें सबसे ज्यादा तरजीह खाली पदों को भरने और शिक्षा-सुधार करने के निर्देश पर सभी मंत्रालयों और विभागों से 30 जून 2019 तक खाली पड़े सरकारी पदों की विस्तृत जानकारी मांगी गई थी। ज्यादातर मंत्रालयों से रिपोर्ट मिलने के बाद अब कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) इसकी समीक्षा कर रहा है।

यह भी पढ़ें : सिर्फ 12वीं के बाद सेना में अधिकारी बनने का है मौका, यहाँ से लें पूरी जानकारी और करें ऑनलाइन आवेदन

नवीन समाचार, देहरादून, 22 मई 2019। सेना में 12वीं के बाद परमानेंट कमीशन के तौर पर अधिकारी बनने का मौका है। इसके लिए टेक्निकल एंट्री स्कीम (टीईएस) की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आठ जून तक 90 पदों पर भर्ती के लिए http://www.joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।इसके लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में कुल मिलाकर कम से कम 70 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता है। आवेदक की आयु 16.6 वर्ष से 19.6 वर्ष होनी चाहिए। कोर्स के तहत चार वर्ष का प्रशिक्षण हासिल करने के बाद सेना में परमानेंट कमीशन प्राप्त होगा।
इस कोर्स के तहत चयनितों को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया में प्रशिक्षण मिलेगा। पासआउट होने वाले युवाओं को पहली ज्वाइनिंग बतौर लेफ्टिनेंट मिलेगी। इसके बाद अनुभव के आधार पर पदोन्नति होगी। भर्ती के लिए पहले मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद एसएसबी होगा। एसएसबी की तिथि वेबसाइट से देख सकते हैं। 

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी में युवक-युवतियों हेतु रोजगार के अवसर

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मई 2019। हल्द्वानी महानगर में एक वित्तीय सेवाओं से संबंधित कंपनी में कुछ युवक एवं युवतियों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। वेतन एवं अन्य सुविधाएं योग्यतानुसार। इच्छुक अभ्यर्थी इस ह्वाट्सएप ग्रुप पर इस लिंक (https://chat.whatsapp.com/BTAqkinkInq5Ig3BOyyQHJ) से जुड़कर अथवा इस पोस्ट में कंमेंट करके आज ही अपने नाम व मोबाइल फ़ोन नंबर देकर संपर्क करें।

यह भी पढ़ें : परिणाम के 7 माह बाद भी सफल अभ्यर्थियों को नहीं मिल रही नियुक्ति, और हो रही रोजगार में गिनती, अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश

-सफल अभ्यर्थियों की फाइल विभागों को आगे बढ़ाने के बावजूद दबाये बैठा है यूकेएसएसएससी
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2019। यूकेएसएसएससी यानी उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पर बेहद सुस्त कार्यप्रणाली के आरोप लग रहे हैं। आयोग सात माह पूर्व परीक्षा परिणाम घोषित करने के सात माह से अधिक समय गुजरने के बाद भी सफल अभ्यर्थियों के अभिलेखों की फाइल को संबंधित विभागों में नियुक्ति के लिए भेजने के बजाय अपने पास दबाये बैठा है। जिससे परीक्षा प्रक्रिया में भीतरखाने किसी तरह का भ्रष्टाचार पनपने की भी संभावना जताई जा रही है। इधर आयोग ने सूचना के अधिकार के तहत सफल अभ्यर्थियों को लोक सभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए 11 अप्रैल यानी उत्तराखंड में लोक सभा चुनाव की तिथि के बाद फाइल विभागों को भेजने की बात कही है किंतु इसके बाद भी आधा माह गुजर जाने के बावजूद फाइल को खिसकाया नहीं है। ऐसे में सफल अभ्यर्थियों में आक्रोश पनप रहा है।
यहां बात आयोग द्वारा गत वर्ष 6 मई 2018 को कराई गयी कनिष्ठ सहायक पदों की परीक्षा की हो रही है। इसके परिणाम 19 सितंबर 2018 को जारी हुए और 11 नवंबर को नलकूप चालक, राजस्व सहया व ग्रेडिंग पर्यवेक्षक आदि पदों के सफल अभ्यर्थियों के प्रपत्रों का सत्यापन भी कर लिया गया। लेकिन अब तक सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति देना दूर उनकी फाइल संबंधित विभाग को भी नहीं भेजी गयी है। इसके बाद टाइपिंग की अर्हता वाले पदों के परिणाम 10 अक्तूबर को और अभिलेख सत्यापन 17 व 18 जनवरी 2019 को हो चुका है। इनकी नियुक्ति भी तीन माह से लंबित है।

सफल अभ्यर्थियों को नौकरी देने के नाम पर गिना जा रहा, पर नियुक्ति नही दी जा रही

नैनीताल। सफल अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य सरकार जितनी परीक्षाएं करा रही है, उनके पदों को भी सरकार द्वारा रोजगार देने के आंकड़ों में जोड़ कर अपनी उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर रही है, लेकिन नियुक्ति देने में सब कुछ ठीक होने के बावजूद बेवजह देरी कर रही है।

बिना नियुक्ति दिये जारी की जा रही है दूसरी-तीसरी वरीयता सूची

नैनीताल। सफल अभ्यर्थियों का यह भी आरोप है कि आयोग बिना नियुक्ति दिये ही न जाने कैसे सफल अभ्यर्थियों द्वारा नियुक्ति न लेने के अनुमान लगाकर वेटिंग वाले अभ्यर्थियों की दो वरीयता सूचियां भी निकाल चुका है। जबकि पूर्व में नियुक्तियां देने के बाद नियुक्ति न लेने के कारण शेष बचे पदों के लिए वरीयता सूचियां निकालता था, लेकिन इस परीक्षा में पहले ही वरीयता सूचियां निकाली जा रही हैं।

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यह भी पढ़ें : यहां होने वाली हैं 2 साल से लटकी 365 नियुक्तियां

-रोडवेज में 365 कंडक्टरों की संविदा पर होगी नियुक्ति
-प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा 2016 में की गई थी प्रक्रिया पूरी

-वर्ष 2017 में संविदा पर नियुक्ति न करने के आदेश से लटकी थी नियुक्तियां

-कैबिनेट में जल्द आएगा कंडक्टरों को संविदा आधार पर नियुक्ति का प्रस्ताव

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2019। उत्तराखंड परिवहन निगम को जल्द ही 365 कंडक्टर मिल जाएंगे। प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा चयनित 365 कंडक्टरों को निगम में संविदा पर नियुक्ति मिलेगी। वर्ष 2017 में सरकार के आदेश के चलते परिवहन निगम में कंडक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लग गई थी। कैबिनेट में जल्दी इस संबंध में प्रस्ताव आने की उम्मीद है।

वर्ष 2016 में उत्तराखंड परिवहन निगम ने 365 कंडक्टरों की संविदा पर नियुक्ति के लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखा। परिषद ने नियुक्ति प्रक्रिया की सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए 365 कंडक्टरों का चयन भी कर लिया था। सफल अभ्यर्थियों की वेरीफिकेशन प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई थी, केवल नियुक्ति के आदेश जारी होने बाकी थे। इसी बीच 27 अप्रैल 2017 में प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी किया कि किसी भी पद पर संविदा के तहत नियुक्ति न की जाए। इस आदेश के चलते उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए चयनित 365 संविदा कंडक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पाई। पिछले तीन वर्षो से परिवहन निगम कंडक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है। खास बात यह कि परिवहन निगम जल्दी ही अपने बेड़े में 300 नई बसें शामिल करने जा रहा है। ऐसी स्थिति में उसे कंडक्टरों की आवश्यकता पड़ेगी।सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परिवहन निगम को इस संकट से बचाने के लिए सरकार संविदा पर कंडक्टरों की नियुक्ति के मामले में नियमों में ढील देने जा रही है। इसके लिए आगामी केै बिनेट की बैठक में में 365 कंडक्टरों की संविदा पर नियुक्ति को लेकर प्रस्ताव आएगा। इसके चलते परिवहन निगम में पूर्व में चयनित संविदा कंडक्टरों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा। उतराखंड परिवहन निगम के महाप्रबन्धक दीपक जैन ने इस मामले में पूछे जाने पर बताया कि कंडक्टरों की कमी के चलते इनको रखने की प्रक्रिया जारी है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2019। विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता परीक्षा यूजीसी नेट के लिए एक मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। देशभर में इस परीक्षा का आयोजन 20 से 28 जून के बीच किया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से यूजीसी नेट का आयोजन कराया जाएगा। एक मार्च से 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। 15 मई को पात्रता परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी हो जाएंगे। देशभर में 20, 21, 24, 25, 26, 27 और 28 जून को ऑनलाइन परीक्षा होगी। यूजीसी ने एनटीए का पहला पेपर का सिलेबस बदल दिया है। इस बार इसी बदले हुए सिलेबस से परीक्षा होगी। 101 विषयों का सिलेबस भी एनटीए ने वेबसाइट पर जारी कर दिया है।

यहां करें ऑनलाइन आवेदन : www.ntanet.nic.in
यहां देखें बदला हुआ सिलेबस : www.ugcnetonline.in/syllabus-new.php

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2019। पिछले वर्ष उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सरकार के द्वारा आयोजित हुई इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों से एमओयू के दूसरे चरण के प्रस्तावों में से 2173 करोड़ के प्रस्तावों को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मंजूरी मिल गई है। इसके बाद जल्द ही ये प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहे हैं। जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी है, उनके जरिये राज्यभर में 2000 नौकरियों के दरवाजे खुलने की बात कही जा रही है। इससे पहले सरकार निवेशकों के लगभग नौ हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूर कर चुकी है और कंपनियों ने इन प्रोजेक्टों पर काम भी शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार निवेशकों के प्रस्तावों को प्राथमिकता से ले रही है। निवेशक, जिन प्रस्तावों पर विभागों से एनओसी लेनी बाकी है, उनकी औपचारिकता जल्द पूरी कर लें। उन्होंने सचिव राजस्व को जमीनों से जुड़े मामले निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में इन प्रस्तावों को दी गई मंजूरी-(लागत करोड़ रुपये में है)-कंपनीस्थान
225      मैन्युफेक्चरिंग पार्टिकल्स एंड फाइबर बोर्ड     -यूएसनगर
132       नील मेटल प्रोडक्ट     -हरिद्वार
648       हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट     -मोरी
550      एसएबीएन लिमिटेड     -काशीपुर
132      पार्ले एग्रो           -सितारगंज
150      काशी विश्वनाथ स्टील       -यूएसनगर
64        एचपीएच फुटवियर            -सितारगंज
08        आरके इंजीनियर्स कंस्ट्रक्शन      -मुनिकीरेती
48        काला हेल्थ केयर कंपनी        -देहरादून
36       कैलाशी देवी पल्प एंड पेपर प्रोडक्ट       -जसपुर
58      सिरडी इंडस्ट्री                    -पंतनगर

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण का रोस्टर जारी, ऐसे मिलेगा लाभ..

नवीन समाचार, देहरादून, 23 फरवरी 2019। उत्तराखंड में गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण लागू होने के बाद सरकार ने रोस्टर भी जारी कर दिया है।  शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यह आदेश किए। सभी प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को भेजे आदेश में कहा गया है कि सीधी भर्ती के पदों में अब प्रत्येक दसवां पद इस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा। अलबत्ता, छह पद बाद सातवां पद 70 के बजाय 69 क्रमांक का होगा। इसके बाद फिर 80,90 व 100वां पद सवर्ण वर्ग के लिए आरक्षित माना जाएगा। नए रोस्टर के तहत भर्ती का पहला पद अनुसूचित जाति, जबकि इसके बाद के चार पद सामान्य वर्ग के लिए होंगे। छठवां पद अनुसूचित जाति, सातवां अन्य पिछड़ा वर्ग और फिर आठवां व नौवां पद सामान्य वर्ग के लिए, जबकि दसवां पद गरीब सवर्ण के अभ्यर्थियों के हिस्से में आएगा।  सरकार के इस फैसले के बाद ही अब सीधी भर्ती के जो भी नई विज्ञप्तियां जारी होंगी, उसमें इसका पालन किया जाएगा। जो कोई भी विभागीय अफसर इसका पालन नहीं करेगा, उन्हें तीन माह कारावास की सजा का प्रावधान भी किया है।

यह भी पढ़ें : आर्थिक रूप से कमजोरों को आरक्षण देने का विधेयक उत्तराखंड विस से हुआ पास

नवीन समाचार, देहरादून, 22 फरवरी। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण देने के लिये बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में ‘उत्तराखंड लोक सेवा : आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण’ विधेयक पेश हुआ और शुक्रवार को पास कर दिया है। विधेयक को सदन में पेश करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि प्रदेश में सामान्य वर्ग के अंतर्गत आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों का लोक सेवा पदों में प्रतिनिधित्व अन्य वर्गो की तुलना में आनुपातिक रूप से पर्याप्त नहीं है। इसलिये लोक सेवाओं में अवसर की समानता उपलब्ध कराने के उददेश्य से यह विधेयक लाया गया है। यह आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के ऐसे व्यक्तियों को मिलेगा जिनके परिवारों की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय आठ लाख रूपये से कम होगी ।

विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि लोक सेवाओं और पदों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के तहत उत्तराखंड के उन स्थायी निवासियों को आरक्षण प्राप्त होगा जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछडे वर्गों के लिये आरक्षण की मौजूदा योजना के अंतर्गत सम्मिलित नहीं हैं। परिवार की आय में सभी स्रोतों से अर्थात वेतन, कृषि, व्यवसाय आदि से प्राप्त आय को शामिल किया जायेगा तथा लाभार्थी द्वारा आवेदन के वर्ष से पूर्व के वित्तीय वर्ष की आय को आधार माना जायेगा । हांलांकि, जिन व्यक्तियों या उनके परिवारों के पास पांच एकड या उससे अधिक कृषि भूमि या 1000 वर्ग फुट या उससे अधिक का आवासीय भवन या अधिसूचित नगर पालिकाओं के अलावा अन्य क्षेत्रों में 200 वर्ग गज या उससे अधिक के भूखंड होंगे, उन्हें इस आरक्षण का लाभ नहीं मिल पायेगा । विधानसभा में पेश विधेयक पूर्व में राज्य सरकार द्वारा लाये गये अध्यादेश के स्थान पर लाया गया है। अध्यादेश के जरिये राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिये पहले ही 10 प्रतिशत आरक्षण को लागू कर चुकी है।

यह भी पढ़ें : अगले एक साल में उत्तराखंड के युवाओं के लिए 77 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर

नवीन समाचार, रोजगार डेस्क, 14 फरवरी 2019। अगले एक साल में राज्य के युवाओं के लिए 77 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार द्वारा सदन में पेश किए आर्थिक सर्वेक्षण में उद्योग और एमएसएमई सेक्टर में रोजगार को बढ़ावा देने का लक्ष्य तय किया है। रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में एमएसएमई सेक्टर में 62 हजार नई नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि उद्योगों के जरिए अगले वित्तीय वर्ष में 15 हजार नौकरियां दी जाएंगी। सरकार ने विजन 2030 के तहत 2030 तक इस क्षेत्र से कुल छह लाख के करीब नई नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। रिपोर्ट के अनुसार सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और अक्तूबर में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट से अभी तक नौ हजार करोड़ का निवेश शुरू हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए पाठ्यक्रम में नए विषय शामिल किए जा रहे हैं। जबकि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई तरह की प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की गई हैं। 2030 तक राज्य में एक लाख से अधिक उद्योग और छोटे उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड बनने से अब तक लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) सेक्टर में कुल 2 लाख 58 हजार लोगों को रोजगार मिला है। जबकि बड़े उद्योगों से एक लाख 68 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। एमएसएमई से राज्य को 10 हजार करोड़ का निवेश मिला है जबकि उद्योगों से दो हजार करोड़ से अधिक का निवेश आया है।

उत्तराखंड से 1000 करोड़ के करीब पहुंचा निर्यात 
उत्तराखंड के निर्यात में पिछले सालों में लगातार इजाफा हुआ है। वर्ष 2017-18 में कुल 9389 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया। जबकि इससे पहले यह आकंड़ा छह हजार करोड़ रुपये था। वर्ष 2011 में उत्तराखंड का निर्यात 3500 करोड़ रुपये था। उत्तराखंड से सबसे अधिक निर्यात पशु और पशुओं से बने प्रोडक्ट का हो रहा है।

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नवीन समाचार, रोजगार डेस्क, 13 फरवरी 2019। एक तरफ जहां लाखों बेरोजगार युवा प्रदेश में नौकरी की राह देख रहे हैं वहीं रोजगार को लेकर एक और तस्वीर सामने आई है। विपक्षी विधायकों के जनता के मुद्दों पर चर्चा के बजे हंगामे में व्यस्त रहने के दौरान सत्तारूढ़ विधायकों ने विपक्षी विधायकों की भूमिका निभाते हुए खजानदास और सुरेंद्र सिंह जीना के सवालों पर श्रम मंत्री की ओर से सदन को बताया गया कि राज्य में कुल 23 सेवायोजन दफ्तरों में 8,29,139 बेरोजगारों ने नौकरी की प्रत्याशा में पंजीकरण करा रखा है। लेकिन राज्य गठन के बाद से अब तक सेवायोजन दफ्तरों के माध्यम से केवल 24,056 बेरोजगारों को रोजगार दिया गया है। साथ हीसरकार ने यह भी स्वीकार किया कि एक अप्रैल-2014 से बेरोजगारों को रोजगार सह कौशल विकास भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 6 फरवरी 2019। गुजरात के बाद अब उत्तराखंड में भी सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिया है। बुधवार को इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसकी जानकारी अपने ट्विटर एकाउंट पर भी शेयर की है। साथ ही प्रदेशवासियों को बधाई भी दी है। सामान्य वर्ग को आरक्षण जारी करने वाला उत्तराखंड दूसरा राज्य बन गया है। 

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालयों को मिले 46 नये असिस्टेंट प्रोफेसर, देखें पूरी लिस्ट…

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 फरवरी 2019। उत्तराखंड लोकसेवा आयोग से प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों को बुधवार को 41 नये असिस्टेंट प्रोफेसर मिल गये हैं। जिन नये असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हुई ह,ै उनके प्रतिभा बलूनी, कमल किशोर, पूनम टाकुली, तनूजा तिवारी, ऋचा बधानी, प्रियंका, सतीश चंद्र, आरती चौहान, दीपक कुमार सिंह, अभय कुमार श्रीवास्तव, अनुपा फोनिया, प्रीति पंत, विपिन चंद्र, हसीन अहमद, इंद्रेश कुमार पांडे, प्रियंका उनियाल, कोमल गुप्ता, विवेक कुमार, निशा, भारती, छाया सिंह, अश्विन कुमार, सैफाली सक्सेना, आरती खंडूरी, नरेश कुमार चौहान, रेनू, विजय आर्या, पंकज कुमार टम्टा, विश्वंभर जोशी, संजीव लाल, रूपेश कुमार, मनोज कुमार, मकान प्रकाश विष्वकर्मा, दीपक कुमार, नीलम धर्मसत्तू, जगदीश चंद्र, सुबोध कुमार, संजय कुमार, पंकज आर्या, विपिन चंद्र व संजू शामिल हैं। इनके अलावा मनोविज्ञान विभाग में गुरप्रीत सिंह एवं भूगर्भ विज्ञान विभाग में दीपक पंत, दीपक कुमार दयाल, गुंजन आर्य व सुनील दत्त की भी असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति हुई है।

यह भी पढ़ें : यूजीसी नेट परीक्षा का बदला पाठ्यक्रम, पिछली परीक्षा की कटऑफ व संशोधित परिणाम हुआ जारी

वीन समाचार,  नई दिल्ली, 4 फरवरी 2019। असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए होने वाली यूजीसी की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) का पाठ्यक्रम बदल गया है। यह पाठ्यक्रम वर्ष 2019 से होने वाली सभी यूजीसी नेट परीक्षाओं में लागू होगा। एनटीए की ओर से साल में दो बार यूजीसी नेट का आयोजन कराया जाता है। एनटीए के मुताबिक जून 2019 में होने वाली यूजीसी नेट परीक्षा में यह बदला हुआ पाठ्यक्रम लागू होगा। अभ्यर्थी चाहें तो वेबसाइट से पाठ्यक्रम डाउनलोड कर सकते हैं।
यहां देखें बदला हुआ  पाठ्यक्रम : www.ugcnetonline.in/syllabus-new.php

44001 ने क्वालिफाई किया यूजीसी नेट 2018 में

यूजीसी नेट 2018 का दिसंबर में परिणाम जारी हुआ था। अब एनटीए ने इसकी कटऑफ जारी की है। इस परीक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए देशभर से 44001 युवाओं ने क्वालिफाई किया है। जेआरएफ के लिए 3883 ने परीक्षा क्वालिफाई की है।
यूजीसी नेट 2018 का संशोधित परिणाम जारी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने संशोधित एनटीए यूजीसी नेट का संशोधित परिणाम जारी किया है। जिन अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी थी, वह वेबसाइट www.ntanet.nic.in पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

यह भी पढ़ें : सहकारिता विभाग में जल्द 1000 युवाओं को मिलेंगी नौकरियां

वीन समाचार, रुद्रपुर, 20 जनवरी 2019। सहकारिता एवं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य के 1000 युवाओं को सहकारिता विभाग में जल्द नौकरियां दी जाएंगी। जल्द ही इसकी विज्ञप्ति जारी की जाएगी। बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और परीक्षा होगी।
उत्तराखंड में जिला सहकारी बैंकों के लिए इसी हफ़्ते 442 पदों पर भर्तियों की विज्ञप्ति जारी हो सकती है। ये रिक्तियां कैशियर, सीनियर ब्रांच मैनेजर, जूनियर ब्रांच मैनेजर और डीजीएम पदों के लिए जारी होंगी। सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार बाल मयंक मिश्रा ने बताया कि इन 442 पदों में से कैशियर के पदों पर 305, सीनियर ब्रांच मैनेजर के पदों पर 23, जूनियर ब्रांच मैनेजर के पदों पर 104 और डीजीएम के पदों पर 23 रिक्तियां हैं. डीजीएम पदों को छोड़कर शेष सभी के लिए केवल लिखित परीक्षा होगी और योग्यता स्नातक रखी गई है जबकि डीजीएम पद के लिए लिखित परीक्षा के साथ ही इंटरव्यू भी होगा। उम्मीदवार का अनुभव के साथ ही पोस्ट ग्रेजुएट होना ज़रूरी है। इस बार भर्ती आईबीपीएस (Institute of Banking Personnel Selection) के माध्यम से की जाएगी।
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी से किसानों को मुख्यमंत्री कल्याण योजना के तहत एक लाख रुपये तक ऋण रहित ब्याज दिया जाएगा। प्रदेश में सात लाख किसानों को यह ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। महिला समूहों को भी पांच लाख रुपये तक ब्याज रहित ऋण दिलाया जाएगा।
किच्छा हरिद्वार में खुलेंगे मॉडल कालेज
ऊधमसिंह नगर जिला सहकारी बैंक भवन के शिलान्यास के मौके पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह ने कहा कि तीन फरवरी को किच्छा और हरिद्वार में दो मॉडल कॉलेज खोले जाएंगे। किच्छा के कॉलेज के लिए पांच करोड़ 86 लाख रुपये का बजट जारी हो चुका है। इन कॉलेजों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर से स्क्रीन के द्वारा शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के 10 महिला बैंकों में से सात मुनाफे में चल रहे हैं।

यह भी पढ़ें : JEE Mains का परिणाम जारी, 99.95 प्रतिशत अंकों के साथ पल्लव ने परीक्षा में किया टॉप

नवीन समाचार, देहरादून, 19 जनवरी 2019। जेईई मेन 2019 के पहले प्रश्न पत्र का परिणाम 19 जनवरी को ऑनलाइन मोड के रूप में घोषित हो गया है। परीक्षा में प्रतापनगर के जाखणी निवासी पल्लव सेमवाल ने 99.95 फीसदी अंकों के साथ उत्तराखंड में टॉप किया है। बताया गया है कि जेईई मेन 2019 का दूसरे प्रश्न पत्र का परिणाम बाद में घोषित किया जाएगा।
नई टिहरी में बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर ब्लाक के जाखणी गांव निवासी पल्लव सेमवाल ने कड़ी मेहनत के दम पर दूसरे प्रयास में इंजीनियरिंग की जेई मेन (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) 2019 उत्तीर्ण कर राज्य में प्रथम रैंकिंग हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। पल्लव को मिली इस शानदार कामयाबी पर पजिरनों से लेकर टिहरी जिले के लोग खासे उत्साहित है। प्रतापनगर के ओण पट्टी के जाखणी गांव निवासी 18 वर्षीय पल्लव सेमवाल ने नौ से 12 जनवरी 2019 को संपन्न हुई इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेई मेन में दी थी। जिसका शनिवार को परिणाम घोषित हो गया है। पल्लव सेमवाल ने 99.95 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण कर उत्तराखंड में टॉप किया है। पल्लव ने 2018 में भी जेई मेन की परीक्षा दी थी। लेकिन वह टॉप में जगह नही बना पाया था।  बावजूद इस बार पल्लव ने कडी मेहनत कर राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर प्रदेश में टिहरी जिले का नाम रोशन किया है।

यह भी पढ़ें : जेईई मेन में जुड़वां भाईयों का धमाल, 98 परसेंटाइल से ऊपर किया स्कोर, जानिए इनका सक्सेस मंत्रा

नवीन समाचार, देहरादून, 19 जनवरी 2019। 

खुशी से फूले नहीं समाए जुड़वा भाई
इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन में देहरादून के आकाश-विकास ने धमाल मचाया। दोनों जुड़वां भाइयों ने परीक्षा में 98 से ऊपर परसेंटाइल हासिल की है। अब दोनों ही जेईई एडवांस की तैयारी में जुट गए हैं।
मसूरी के उप प्रभागीय वन अधिकारी केपी वर्मा के जुड़वां बेटों ने शनिवार को आए जेईई परीक्षा परिणाम में मिसाल कायम की। दोनों ने गत वर्ष समरवैली स्कूल से 12वीं पास की थी। बड़े भाई आकाश ने परीक्षा में 94 प्रतिशत तो छोटे विकास ने परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इससे पहले 10वीं में आकाश ने 94 और विकास ने 93 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।

दोनों ने एक साथ दोबारा तैयारी करने का फैसला लिया

गत वर्ष दोनों ने जेईई मेन परीक्षा दी थी, जिसमें आकाश ने जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई किया था, जबकि विकास क्वालिफाई नहीं कर पाया था। दोनों ने एक साथ दोबारा तैयारी करने का फैसला लिया। इस साल दोबारा जेईई मेन-1 परीक्षा दी। इस साल आकाश ने जेईई मेन में 98.77 जबकि विकास ने 98.59 परसेंटाइल स्कोर किया है।जुड़वां भाइयों के इस परिणाम पर मां मिथलेश वर्मा भी खुश हैं। उनके शिक्षक एवं अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा का कहना है कि दोनों ही भाइयों ने लगन के साथ तैयार की है। वह दो साल से आईआईटी में दाखिले की तैयारी में जुटे हुए हैं। इस साल निश्चित तौर पर आईआईटी की सीट निकाल लेंगे।

यह भी पढ़ें : रोजगार समाचार: उत्तराखंड वन विभाग में आई नौकरियों की बहार, निकली 1218 पदों पर रिक्तियां…

नवीन समाचार, देहरादून, 19 जनवरी 2019। खंड वन विभाग में बड़ी संख्या में नई रिक्तियां आई हैं। वन रक्षक यानी फॉरेस्ट गार्ड के 1218 पदों की भर्ती के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से जिलावार आवेदनों का ब्योरा मांगाकर वन विभाग शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहा है। रिक्त पदों में से 30 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। पिछले एक साल से डेढ़ लाख अभ्यर्थी भर्ती शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
वन विभाग के प्रस्ताव पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने अगस्त 2017 में विज्ञप्ति जारी कर 1218 पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद ही सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। फॉरेस्ट गार्ड पद के लिए शैक्षिक योग्यता व आयु सीमा में वन विभाग ने संशोधन कर दोबारा से सीधी भर्ती का प्रस्ताव आयोग को भेजा। अक्तूबर 2017 में दोबारा से आवेदन मांगे गए। इसमें प्रदेश भर से डेढ़ लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। लेकिन आज तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। फॉरेस्ट गार्ड पदों के लिए पहले शारीरिक परीक्षा होनी है। इसके बाद लिखित परीक्षा होगी। चयन आयोग ने विभागीय स्तर पर शारीरिक परीक्षा कराने का प्रस्ताव वन विभाग को भेजा है। शारीरिक परीक्षा कराने के लिए विभाग जिला स्तर पर व्यवस्था देख रहा है। उधर, फॉरेस्ट गार्ड के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती कराने पर गोविंद पशु विहार उत्तरकाशी के दैनिक भोगी कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। वन विभाग में करीब 1600 पद खाली है। ऐसे में विभाग सीधी भर्ती के साथ दैनिक भोगी कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियुक्ति देने का रास्ता निकाल रहा है।
लिखित परीक्षा से पहले होगा शारीरिक टेस्ट
वन रक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का पहला शारीरिक टेस्ट होगा। जिसमें पुरूष अभ्यर्थियों के 25 किमी. की दौड़ 10 किलोग्राम भार के साथ चार घंटे में पूरी करनी होगी। इसके साथ ही 13 फीट की लंबी कूद, ऊंची कूद व शाटपुट में क्वालीफाई करना अनिवार्य होगा।जबकि महिला वर्ग के लिए 14 किमी. दौड़ 5 किलोग्राम भार के साथ चार घंटे में पूरी करनी होगी। महिला अभ्यर्थियों के लिए 30 प्रतिशत पद आरक्षित है। जबकि राज्य आंदोलनकारी श्रेणी में भी पदों को आरक्षित रखा गया है। शारीरिक परीक्षा के लिए सभी वनमंडलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। कुछ डीएफओ की ओर से ये कहा गया है कि उनके संसाधनों का अभाव है। इस कमी को पूरा करते हुए परीक्षा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। पहले से कार्यरत दैनिक भोगी कर्मचारियों के मसले पर भी विचार किया जा रहा है

यह भी पढ़ें : दिसंबर में हुई सीटेट परीक्षा के परिणाम घोषित, एक क्लिक में यहां देखें अपना परिणाम

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 5 जनवरी 2019। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शुक्रवार रात को CTET 2018 के नतीजे जारी कर दिये हैं। उल्लेखनीय है कि यह परीक्षा 9 दिसंबर 2018 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में कुल 16 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने एग्जाम दिया था। शुक्रवार रात को CBSE ने इसका रिजल्ट घोषित कर गिया है, जो कि CTET की आधिकारिक वेबसाइट तथा CBSE के पोर्टल पर उपलब्ध है। अभ्यार्थियों को अपना रिजल्ट देखने के लिए CTET की आधिकारिक पर जाकर  इस लिंक पर देख सकते हैं : http://cbseresults.nic.in/ctet/ctet18.htm

यह भी पढ़ें : सहायक लेखाकार के 141 व अमीन के 21 पदों की भर्ती परीक्षा का परिणाम किया घोषित, एक क्लिक में देखें यहां….

नवीन समाचार, देहरादून, 3 जनवरी 2018। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने विभिन्न विभागों में 141 सहायक लेखाकार पदों की भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। लिखित व टाइपिंग परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग 23 व 24 जनवरी को होगी। जिसमें अभ्यर्थियों के मूल शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। नीचे नीले रंग के शब्दों पर क्लिक करके इन्हें देखा जा सकता है।

चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि दिनांक 13 मई,2018 को आयोग द्वारा आयोजित लिखित प्रतियोगी परीक्षा व टंकण परीक्षा के पश्चात् औपबंधिक श्रेष्ठता सूची जारी कर दी गई है। इस हेतु 13 मई 2018 को सहायक लेखाकार पदों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की एक व दो नवंबर 2018 को टाइपिंग परीक्षा ली गई। लिखित व टाइपिंग परीक्षा के आधार पर बृहस्पतिवार को आयोग ने अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। चयनित अभ्यर्थियों की सूची आयोग की वेबसाइट www.sssc.uk.gov.inपर जारी दी गई है। सभी चयनित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग 23 व 24 जनवरी को आयोग कार्यालय में की जाएगी। जिसमें स्थायी निवास, सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण, आरक्षण संबंधित प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता, लिखित परीक्षा के प्रवेश पत्र की मूल प्रतियों का सत्यापन किया जाएगा। आयोग ने पारदर्शिता के लिए परीक्षा परिणाम के साथ ही लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले सभी अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट भी वेबसाइट पर अपलोड की है। जिससे अभ्यर्थी ओएमआर शीट से अपने अंकों का मिलान कर सकते हैं। इसके अलावा अवर अभियंता (जानपद एवं सूचना प्रोद्योगिकी) की अभिलेख सत्यापन हेतु सूची भी जारी कर दी गई है।
अमीन पद की द्वितीय मेरिट सूची भी जारी : चयन आयोग ने लोक निर्माण विभाग में अमीन के 21 पदों की भर्ती के लिए अमीन पद (कोड-46) की अभिलेख सत्यापन(2nd Document Verification List) हेतु द्वितीय मेरिट सूची भी जारी कर दी है। प्रथम चरण की मेरिट सूची के सत्यापन में 16 पद रिक्त रहने से आयोग ने दूसरी मेरिट में अभ्यर्थियों को चयन किया है। 30 जनवरी को अमीन पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : उत्तराखंड में समूह ‘ग’ में निकल रही हैं 2000 नौकरियां

नैनीताल, 11 नवंबर 2018। सरकारी नौकरियों की राह देख रहे बेरोजगारों के लिए खुशखबरी है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने समूह ‘ग’ की दो हजार नई नौकरियां के लिए भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसमें शिक्षा विभाग, जल निगम समेत विभिन्न विभागों में इंटरमीडिएट स्तर के रिक्त पद शामिल हैं। दिसंबर में आयोग रिक्त पदों के सापेक्ष आवेदन के लिए विज्ञप्ति जारी करेगा।
चयन आयोग को विभिन्न विभागों से करीब दो हजार नए पदों की भर्ती करने के लिए प्रस्ताव (अधियाचन) मिले हैं। शिक्षा विभाग ने सहायक अध्यापक (एलटी) के 921 पदों और जल निगम में जेई के 100 पदों समेत विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक, आईटीआई में अनुदेशक के कुल दो हजार पद शामिल हैं। चयन आयोग ने इन पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। दिसंबर में रिक्त पदों की विज्ञप्ति जारी कर अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे जाएंगे।

नए पैटर्न पर होगा ऑनलाइन आवेदन

समूह ‘ग’ पदों की भर्ती के लिए चयन आयोग ने ऑनलाइन आवेदन का नया पैटर्न तैयार किया है। नए पदों की भर्ती प्रक्रिया में इस पैटर्न को लागू करने की तैयारी है। इसमें अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए यूजर आईडी जनरेट करनी पड़ेगी। इससे अभ्यर्थियों को अलग-अलग आवेदन करने में आसानी होगी। भर्ती प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों को आवेदन करने पर बार-बार फोटो, हस्ताक्षर, शैक्षणिक योग्यता व अन्य जानकारी नहीं भरनी पड़ेगी। अभ्यर्थी की पूरी डिटेल यूजर आईडी पर उपलब्ध होगी।
आयोग को विभिन्न विभागों से लगभग दो हजार रिक्त पदों के नए भर्ती प्रस्ताव मिले हैं। पदों के अनुसार विज्ञप्ति जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। दिसंबर में रिक्त पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
– संतोष बडोनी, सचिव, चयन आयोग

नवीन जोशी

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