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प्रदेश के बहुचर्चित वन कर्मी के हत्याकांड का ईनामी आरोपी गिरफ्तार..

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-प्रदेश के चर्चित वन वीट वाचर हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, मुख्य आरोपी लखविंदर को किया गिरफ्तार, अन्य तीन साथी पहले ही हो चुके है गिरफ्तार
ललित मोहन बधानी @ नवीन समाचार, कालाढूंगी, 15 जुलाई 2019। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के बरहैनी रेंज में पिछले माह 22 जून की देर रात्रि वन वीट वाचर बहादुर सिंह की वन तस्करो ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी लखविंदर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में उसके अन्य तीन साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि इस मामले में वन विभाग की बरहैनी रेंज के वन छेत्रधिकारी द्वारा कालाढूंगी पुलिस को नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने आज मामले के मुख्य आरोपी लखविंदर सिंह पुत्र जग्गा सिंह निवासी हरिपुरा हरसान को मुखबिर की सूचना पर राधे हरि डिग्री कॉलेज काशीपुर से गिरफ्तार कर धारा 302, 307, 34, 353 और 3/25 व 26 वन अधिनियम आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेज दिया। उल्लेखनीय है कि अपर पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव द्वारा मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए इनाम भी रखा गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी लखविंदर के ऊपर दर्जनों मुकदमे दर्ज है और वह 2013 मैं पुलिस अभिरक्षा से फरार भी हो चुका है। पुलिस इससे पूर्व बीट वॉचर बहादुर सिंह की हत्या में शामिल आरोपी सूरज पुत्र पाला सिंह, परमजीत सिंह पुत्र दर्शन सिंह और कारण सिंह पुत्र इंदरजीत सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

यह भी पढ़ें : बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पिकअप को पकड़कर गायों को छुड़वाया…

-पुलिस को सोंपा, पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध दर्ज किया मुकदमा, चालक मौका देख भाग निकला

खाली बोरों के बीच छुपाकर लायी जा रही गायों को मुक्त करते पुलिस कर्मी।

शाकिर हुसैन  @ नवीन समाचार, कालाढुंगी, 8 जुलाई 2019। रामनगर बन्नाखेड़ा चौराहे पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने एक पिकअप को पकड़कर कालाढूंगी पुलिस को सौंपा है। इस पिक अप में दो गायों को लादकर संभवतया गौकशी के लिए ले जाया जा रहा था। जानकारी के अनुसार बजरंग कार्यकर्ताओं ने शक होने पर पिकअप संख्या यूए04ई-1513 को रोक कर इसकी तलाशी ली। चालक पिकअप छोड़ भाग निकला। पिक अप में पहले तो खाली बोरे लदे हुए दिखाई दे रहे थे। लेकिन कार्यकर्ताओं ने बोरे हटाकर देखा तो उसमें दो गाय मिलीं। उन्होंने यह पिकअप पुलिस को सौंप दी। थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने बताया कि पिकअप को सीज कर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, तथा गायों को गौशाला भेजा जा रहा है।
वहीं दूसरी घटना में विद्युत विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी सलीम अहमद कुरैसी पुत्र तस्लीम कुरैशी निवासी वार्ड नंबर 4 को सोमवार सुबह विद्युत लाइन सही करते समय करंट लग गया। जानकारी के अनुसार सलीम सोमवार सुबह एक पोल पर तार टूटा होने की सूचना पर मौके पर पहुंच कर तार सही कर रहा था। इस दौरान उसके हाथ मे नंगा तार आ गया, जिस कारण उसका हाथ बुरी तरह से झुलस गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओ सहित कई विद्युत कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उसे कालाढुंगी के चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के लिए ले गये। बाद में उसे 108 एंबुलेंस सेवा सेवा की मदद से हल्द्वानी रेफर कर दिया गया।

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नवीन समाचार, स्याल्दे, रानीखेत (अल्मोड़ा), 5 जुलाई 2019। मेरठ के एक मानव तस्कर गैंग के द्वारा एक विकलांग से जबर्दस्ती ब्याही गयी क्षेत्र की एक 19 वर्षीय युवती ने अपने पिता व निकटवर्ती गोलना गांव के मदन राम तथा दो अन्य व्यक्तियों पर रुपयों के लालच में उसे मेरठ के मानव तस्कर गैंग को बेचने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि वह बड़ी मुश्किल के चंगुल से मेरठ से बच पाई है। उल्लेखनीय है कि मदन राम की गत से दो जुलाई को इस मामले में ही राजस्व पुलिस द्वारा पूछताछ करने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
उल्लेखनीय है कि बीती दो जुलाई को युवती के गांव के सरपंच कुंवर राम ने राजस्व चौकी में गोलना गांव के मदन राम के खिलाफ क्षेत्र की एक युवती को मेरठ के मानव तस्कर गिरोह को बेचे जाने का आरोप लगा कर तहरीर दी थी। इधर तस्करों के चंगुल से छूटी युवती ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि बीती 30 जून को उसके पिता, मदन राम व समीपवर्ती गांव के दो ग्रामीण उसे मेरठ ले गए। चार अनजान लोग भी यहां पहुंचे थे। एक जुलाई को मेरठ के एक दिव्यांग हेमंत से जबरदस्ती हस्तिनापुर मंदिर में उसकी शादी करवाई गई। हेमंत के पिता ने मदन राम को 35 हजार तथा युवती के पिता को 10 हजार रुपये दिए। इस पर युवती ने हिम्मत दिखाकर किसी तरह अपने गांव की सहेली को फोन कर आपबीती सुनाई। सहेली की सलाह पर उसने 100 नंबर डायल किया। इस पर मेरठ पुलिस हरकत में आई। उसने युवती को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त करा कर मेरठ में ही रहने वाले उसके एक परिचित व तीन अन्य लोगों के सुपुर्द कर दिया, जो उसे वापस गांव छोड़ गये।
बताया गया है कि राजस्व पुलिस ने दो जुलाई को मदन राम से पूछताछ की थी। तब उसने युवती के पिता व अन्य लोगों की मिलीभगत से लड़की का सौदा मेरठ कर दिए जाने की बात कबूली थी। किंतु अगले दिन मदन राम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसका शव संदिग्ध हालात में एक मंदिर पास पड़ा मिला था, जिस पर उसके परिजनों ने इसे हत्या करार दे तहरीर दी थी।

यह भी पढ़ें : देखें वीडियो और लें सबक, कैसे चेन स्नेचिंग को लाइव अंजाम दिया चेन स्नेचरों ने

नवीन समाचार, खटीमा, 27 मई 2019। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद के खटीमा कस्बे में एक महिला के साथ चेन स्नेचिंग की घटना हुई है। खास बात यह है कि चेन स्नेचिंग की यह घटना पास के एक घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गयी, और अब इसका वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि किस होशियारी से चेन स्नेचर मोटरसाइकिल से आते हैं और अपने पुरुष साथी से पीछे चल रही महिला के गले से चेन खींच लेते हैं। घटना खटीमा के मुख्य चौराहे की बताई जा रही है। वीडियो आने के बाद खटीमा पुलिस मामले का संज्ञान लेकर पीड़ित महिला से संपर्क करने एवं शहर में सक्रिय चेन स्नेचरों की पहचान करने की कोशिश में जुट गयी है।
‘नवीन समाचार’ अपने पाठकों को सलाह देता है कि इस घटना से सबक लेकर बाहर निकलने पर महंगे आभूषणों को पहनकर चलने से बचें और यदि कोई पुरुष साथ में हो तो उसके करीब चलें, ताकि ऐसी अनहोनी की स्थिति में बचने का कोई प्रबंध किया जा सके।
देखें वीडियो:  http://www.thetoptennews.com/wp-content/uploads/2019/05/VID-20190528-WA0000-1.mp4?_=1

यह भी पढ़ें : फेसबुक के प्यार को रास नहीं आया सास का प्यार, कर दिया रिश्तों को शर्मशार…

नवीन समाचार, काशीपुर, 14 मई 2019। शायद इसीलिए कहते हों, जन्म-जन्मांतर का रिस्ता बनाने शादी करने से पहले माता-पिता की अनुभवी पसंद जरूर देखनी चाहिए। काठगोदाम की एक लड़की मानसी ने फेसबुक पर काशीपुर के ग्राम खरमासा निवासी युवक गौरव पुत्र राजकुमार से 4 दिसंबर 2017 को शादी की थी। शादी बमुश्किल हुई थी। मामला दूसरी बिरादरी की लड़की से बेटे की शादी करने का था तो गौरव की मां शकुंतला आसानी से राजी नहीं हुई थी। वह 25 वर्ष पूर्व अपने पति के दिवंगत होने के बाद से अपने इकलौते बेटे गौरव की इस तरह शादी के पक्ष में नहीं थी। इस पर बहनों ने भाई की जिद के आगे किसी तरह मां को शादी के लिए मनाया।
लेकिन शादी के बाद सास शकुंतला, बहु मानसी को खटकने लगी। दोनों में अक्सर विवाद होते थे। इस पर मां ने खुद से बेहद प्यार करने वाले अपने जिगर के टुकड़े को बहु की जिद पर अलग रहने की इजाजत भी दे दी। लेकिन पुलिस के अनुसार काफी उग्र मानसी ने एक बार अपने पति पर चाकू से वार करने से भी गुरेज नहीं किया। उधर शहर में पत्नी के खर्चे पूरे न कर पाने के कारण गौरव वापस उसे लेकर गांव आकर रहने लगा था, जबकि मां दोनों की खुशी के लिए अपनी बेटियों के पास रहने लगी थी। इसके बावजूद जब सुबह ही मां बेटे के घर आई थी, बहु मानसी ने गला दबाकर अपनी मां समान सास को मार डाला, और पति को रोते हुए मां की अचानक मृत्यु होने की खबर दी। इस बीच मृतका के गले में निशान देखकर लोगों ने पुलिस को भी सूचना दे दी और पुलिस की पूछताछ में मानसी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पति गौरव की तहरीर पर काशीपुर की कुंडेश्वरी चौकी पुलिस ने मानसी को अपनी सास शकुंतला की हत्या करने के जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह भी बताया जा रहा है कि मानसी की अपने पति की संपत्ति पर भी नजर थी। वह गांव की जमीन बेचकर पति के साथ हल्द्वानी में जमीन लेकर बसना चाहती थी।

यह भी पढ़ें : साइकिल चुराने पर दो भाइयों ने कर दी युवक की हत्या

नवीन समाचार, रुड़की, 13 मई 2019। साइकिल चोरी के आरोप में एक युवक की पीट पीट कर हत्या करने की सनसनीखेज खबर आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रुड़की के सिविल लाइंस कोतवाली के ढंडेरा बूचड़ी फाटक पर शादाब पुत्र इलियास नाम के व्यक्ति की स्टेशनरी की दुकान है। रविवार शाम उसकी साइकिल चोरी हो गई थी। शादाब को पास में ठेली लगाने वाले शमशाद उर्फ काला नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी साइकिल वसीम और विशाल निवासी मिलाप नगर कहीं ले जाते हुए दिखे हैं। इस पर शादाब और काला दोनों उनके पीछे लग गए और उन्हें रात्रि करीब साढ़े 10 बजे पकड़ कर बूचडी फाटक पर ले आये। बताया गया है कि यहां पर शादाब और काला ने अज्ञात लोगों के साथ मिलकर वसीम और विशाल के साथ लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से जमकर पीटा। इसी बीच विशाल तो किसी तरह जान बचाकर भाग खड़ा हुआ, जबकि वसीम पर उनका पूरा गुस्सा फूटा। अंत में वे उसे मरा समझकर छोड़ गये। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल वसीम को अस्पताल भेजा। जहां से एक घायल वसीम (20) को उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए ऋषिकेश एम्स भेजा गया। जहां पर सोमवार सुबह वसीम की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार इस मामले में वसीम की बहन नसीमा की तहरीर पर शादाब और उसके भाई शावेज व काला सहित कई अन्य पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही बीती शाम ही शादाब की साइकिल चोरी की तहरीर पर विशाल व वसीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस पर पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार कर लिया है, और उसकी निशानदेही पर साइकिल भी बरामद कर ली है।

यह भी पढ़ें : हो गया कारोबारी के साथ ‘लिव इन’ में रह रही 23 वर्षीया युवती की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या का सनसनीखेज खुलासा..

नवीन समाचार, देहरादून, 11 मई 2019। देहरादून में शादीशुदा दवा कारोबारी के साथ लिव-इन संबंधो के साथ रह रही 23 वर्षीय तलाकशुदा समरजहां की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दावा किया है कि लिव इन में रहने वाले राकेश गुप्ता, उसकी पत्नी और बेटे ने सोची समझी साजिश के तहत सुपारी देकर कराई थी। पुलिस की पूछताछ में दवा कारोबारी के बेटे ने पूरी सच्चाई बयां की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने बताया कि कार्तिक गुप्ता ने सच कबूल करने में ज्यादा देर नहीं लगाई।

कार्तिक का कहना था कि पिता के अवैध संबंधों के चलते परिवार में झगड़ा था। समरजहां अब उसके पिता पर शादी और प्रापर्टी में आधा हिस्सा देने का दबाव बना रही थी, जिससे पिता भी दुखी थे। उसने माता-पिता की स्वीकृति के बाद उसने समरजहां की हत्या की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि सख्ती से पूछताछ करने पर राकेश और उसकी पत्नी सीमा ने भी साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।  मुकदमे में धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) बढ़ाकर गुप्ता परिवार के तीनों सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

उल्लेखनीय है कि बीती 8 मई को देहरादून की सहस्रधारा रोड के कुल्हान मानसिंह में रात में एक कार सवार ने स्कूटी से घर जा रही रेस्टारेंट संचालक युवती की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गया। शहर की नाकाबंदी कर पुलिस ने सघन तलाशी शुरू कर दी, लेकिन हमलावर पुलिंस के हाथ नहीं लग सके। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि मरने वाली युवती समरजहां उर्फ रिहाना (23) मूल रूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली व तलाकशुदा थी। वह 15 दिन पहले यहां फ्लैट में आयी थी। वह तलाक के बाद यहां दवा कारोबारी राकेश कुमार गुप्ता के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। बताया जा रहा है कि उससे रिश्तों को लेकर कारोबारी के परिवार में भी कड़वाहट चल रही थी। गुप्ता की पत्नी मुजफ्फरनगर में रहती है, जिसके दो बेटे हैं। इनमें से एक बेटा मां के साथ रहता है। जबकि दूसरा देहरादून में फैमिली रेस्टोरेंट चलाता है। गुप्ता और समरजहां के रिश्तों को लेकर परिवार में विवाद था। इस बात को लेकर कई बार परिवार के लोग अपना विरोध जता चुके थे। पुलिस का कहना है कि झगड़ों के चलते गुप्ता प्रेमिका समरजहां को देहरादून ले आया था। गुप्ता समरजहां के लिए बुटीक सेंटर खोलने वाला था।वह सहस्रधारा रोड पर पैसेफिक गोल्फ स्टेट के पास माउंट ग्रिल नाम का रेस्टोरेंट चलाती थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 8.55 बजे समरजहां स्कूटी से अपने फ्लैट की ओर जा रही थी। फ्लैट से 20 से 25 मीटर पहले एक कार सवार ने स्कूटी के आगे कार अड़ा दी। स्कूटी के रुकते ही कार सवार ने समरजहां पर चार-पांच राउंड गोलियां चलाईं। गोली लगने के बाद समरजहां स्कूटी से नीचे गिर गई और हमलावर कार सवार मौके से फरार हो गया। महिला की चीख सुनकर आस-पास की महिलाएं बाहर निकली और मदद की कोशिश की, लेकिन महिला करीब 500 मीटर दूर अपने रेस्टोरेंट के पास तक जाकर सड़क पर गिर गई। इस बीच स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। राजपुर थाना पुलिस सहित अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। महिला को तुरंत मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं एसएसपी निवेदिता कुकरेती, एसपी सिटी श्वेता चौबे, सीओ लोकजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने घटना स्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। पुलिस अभी तक हत्या के कारण का पता नहीं लगा पाई है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि हत्यारे की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें : उफ अभी भी ऐसा जातिवाद ! साथ बैठकर खाने पर कर दी दलित युवक की हत्या !!

नवीन समाचार, देहरादून, 5 मई 2019। क्या उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में अभी भी जातिवाद गहरे पैठा हुआ है, और  जाने का नाम नहीं ले रहा ? कहा जा रहा है कि टिहरी जिले में एक अनुसूचित जाति के युवक को ‘उच्च जाति’ के लोगों के सामने बैठकर खाना खाने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। कहा जा रहा है कि बीती 27 अप्रैल को 23 वर्षीय जितेंद्र की गांव के सवर्ण लोगों ने कथित तौर पर सिर्फ इसलिए बेरहमी से पिटाई कर दी क्योंकि वह शादी समारोह में उनके सामने बैठकर खाना खा रहा था। युवक की देहरादून के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

रिश्तेदार की शादी में आया था जितेंद्र
खबर के मुताबिक, जितेंद्र अपने रिश्तेदार की शादी में नैनबाग तहसील के कोट गांव गया था। बारात में खाना लेकर वह एक कुर्सी पर बैठ गया और खाने लगा। उसके बगल में कुछ सवर्ण लोग खाना खा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से ‘ऊंची जाति’ के एक शख्स ने जितेंद्र को अपशब्द कहते हुए कुर्सी से उठने के लिए कहा। बाद में उन्होंने उसकी पिटाई शुरू कर दी। इस बीच कुछ लोगों नें बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया लेकिन जितेंद्र जब घर जाने लगा तब झगड़ा करने वाले उसके पीछे लग गए।
घर में कमाने वाला इकलौता सदस्य था मृतक
जितेंद्र की बहन पूजा ने बताया कि रास्ते में उसका भाई अकेले था जिसका फायदा उठाते हुए उन लोगों ने उसकी खूब पिटाई की। इसके बाद गंभीर रूप से घायल जितेंद्र की तबीयत बिगड़ने पर परिजन ने उसे नैनबाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। गंभीर हालत देख यहां से उसे देहरादून रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जितेंद्र का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। गौरतलब है कि मृतक के घर में उसका 13 वर्षीय छोटा भाई, 20 वर्षीय बहन और विधवा मां है। जितेंद्र अपने घर में कमाने वाले इकलौता सदस्य था। झगड़े में शामिल लोगों के खिलाफ मसूरी के निकट केम्पटी थाने में आईपीसी की धारा 323, 147, 504, 506 और एससी-एसटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में एयरपोर्ट पर यात्रियों से पकड़ा गया आधा किलो सोना और लाखों की नगदी…

नवीन समाचार, देहरादून, 27 अप्रैल 2019। चेन्नई से आए एक परिवार को आयकर विभाग की टीम ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर आधा किलो सोना और लाखों रुपये की नकदी के साथ पकड़ लिया है। आयकर विभाग की एयर इंटेलीजेंस इकाई की सूचना पर जांच पड़ताल की गई तो एक बुजुर्ग महिला सहित परिवार के कई सदस्यों को आयकर विभाग ने पूछताछ के लिए रोक लिया है। आयकर विभाग ने एयर इंटेलीजेंस से मिली सूचना पर करीब 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला सहित छह सदस्यीय परिवार के पास भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और कैश बरामद किया गया है। परिवार का दावा है कि वह मसूरी में डेस्टिनेशन वेडिंग के तहत अपने बच्चे की शादी के लिए जा रहे हैं। उनका यह भी कहना था कि उनके पास आभूषणों के प्रमाण हैं।

यह भी पढ़ें : हिमाकत : किशोरी का घर से हुआ अपहरण, 5 के खिलाफ मुकदमा दर्ज, आखिर कब महिलाएं होंगी सुरक्षित ?

नवीन समाचार, रुड़की, 21 अप्रैल 2019। न जाने देश-प्रदेश में कब महिलाएं सुरक्षित होंगी..! उत्तराखंड के रुड़की में घर में किशोरी को अकेला पाकर कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया। परिजनों ने किशोरी की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। किशोरी के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है। किशोरी की तलाश के लिए पुलिस आरोपियों के परिजनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही आरोपियों की लोकेशन खंगाल रही है।
नगर के सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शनिवार दोपहर को वह परिवार के साथ किसी काम से बाहर गया था। उसकी नाबालिग बहन घर पर अकेली थी। इसी बीच एक युवक अपने साथियों के साथ घर में घुस आया और उसका अपहरण कर लिया। वह परिवार के साथ घर लौटा तो बहन लापता थी। उसने बहन की आसपास तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस बीच ग्रामीणों ने बताया कि उसकी बहन को आखिरी बार उक्त युवक के साथ जाते देखा था। वह युवक के घर पहुंचा तो वह भी लापता था। आरोप है कि दस दिन पूर्व भी उसी युवक ने साथियों के साथ बहन के अपहरण का प्रयास किया था। उस दौरान गांव के जिम्मेदार लोगों ने समझौता करा पुलिस में शिकायत नहीं करने को कहा था। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर शुभम, गोविंद, आशु निवासी ढंडेरा, यूपी के लखीमपुरी निवासी खुशीराम और सहारनपुर के देवबंद स्थित सैनपुर गांव निवासी राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। किशोरी की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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ऋषिकेश: सर्विलांस टीम को चेकिंग के दौरान दो गाड़ियों से मिले 14 लाख 96 हजार नकदनवीन समाचार, ऋषिकेश, 7 अप्रैल 2019। उत्तराखंड के ऋषिकेश में लोकसभा चुनाव की एफएसटी यानी फ्लाइंग स्क्वॉड टीम को चेकिंग के दौरान 14 लाख 96 हजार नकद रुपए मिले हैं। टीम ने पकड़ी गई धनराशि को जब्त कर आगे की छानबीन शुरू कर दी है। मामला शनिवार देर रात का है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ऋषिकेश की लक्ष्मण झूला पुलिस और सर्विलांस टीम द्वारा संयुक्त रूप से लक्ष्मण झूला और आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। तभी तलाशी के दौरान हरियाणा से आई एक गाड़ी संख्या एचआर26 सीए-0961 से सर्विलांस टीम ने तलाशी में करीब 9,96,000 नकद रुपए प्राप्त हुए। गाड़ी के मालिक महानंद शर्मा पुत्र रामस्वरूप शर्मा निवासी द्वारका के रूप में हुई। इसके अलावा दिल्ली की एक गाड़ी डीएल3सीबीके-4245 होंडा जैन से करीब 5,00,000 नकद रुपए जब्त किए गए। इस तरह पुलिस ने दो अलग अलग गाड़ियों से कुल 14 लाख 96 हजार नकद रुपए जब्त किए।

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नवीन समाचार, हरिद्वार, 30 मार्च 2019। भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी डा. रमेश पोखरियाल निशंक की गांव कटारपुर में आयोजित सभा में भाग लेने गए हरिद्वार में कनखल थाने की संदेश नगर कालोनी में भाजपा की जिला पंचायत सदस्य प्रीति चौहान और उनकी छह साल की बेटी को बंधक बनाकर हथियारबंद बदमाश शनिवार को करीब पंद्रह लाख के जेवर और ढाई लाख की रकम लूटकर ले गए। दिनदहाड़े हुई लूट की वारदात से पुलिस में हड़कंप मच गया। सीआईयू और कनखल पुलिस की कई टीमें वारदात के खुलासे में जुट गई हैं।
घटना शनिवार दोपहर दो से ढाई बजे के बीच हुई। मूल रूप से लक्सर पट्टी के गांव हरसीवाला के रहने वाले भाजपा नेता और स्टोन क्रशर मालिक कदम सिंह चौहान की पत्नी प्रीति चौहान हबीपुर सीट से जिला पंचायत सदस्य हैं। वह परिवार के साथ कनखल की संदेश नगर कालोनी में रहते हैं। शनिवार को वह डा. निशंक की सभा में गये थे। घर पर उनकी पत्नी प्रीति चौहान और छह साल की बेटी माही थी। घर की डोर वेल बजने पर प्रीति चौहान ने बेटी माही को गेट खोलने के लिए भेजा। गेट खोलने के बाद बदमाश हाथ में केले और अंगूर से भरी पॉलीथिन लिए खुद को उसके पिता का परिचित बताते हुए माही से बातचीत करते हुए तीन लोग अंदर घुस आए। अंदर घुसने पर धारदार हथियार के बल पर प्रीति को कब्जे में ले लिया और माही के हाथ पैर बांध दिए। बच्ची के गले पर धारदार हथियार रखकर हत्या करने की धमकी देने पर प्रीति ने अलमारी में रखे डिजिटल लॉकर का पासवर्ड बता दिया। लॉकर और अलमारी में रखे सोने हीरे के जेवर और ढाई लाख की रकम लेने के बाद प्रीति को बाथरूम में बंद कर तीनों बदमाश फरार हो गए। प्रीति चौहान को आशंका है कि वारदात में शामिल अपराधी परिचित ही थे। वे वारदात को अंजाम देने के वक्त उनके पति कदम सिंह चौहान की लोकेशन से बेहतर ढंग से वाकिफ थे। उन्होंने प्रीति से उसके पति की लोकेशन की जानकारी होने की बात कही। यह भी कहा कि वह उनका वक्त बर्बाद न करें क्योंकि उसका पति चंद मिनट में ही लौटने वाला है। लेकिन जब महिला नहीं मानी तब उनकी बेटी माही की गर्दन पर चाकू रख दिया। बदमाशों ने हाथ में पहनी छह अंगुठियां और सोने का कड़े भी उतरवाकर लूट लिये। प्रीति का कहना है कि बदमाशों ने जूतों में धारदार हथियार छिपाए हुए थे। वहीं एक चश्मदीद के अनुसार बदमाश मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे। उनमें से दो लोगों ने अंदर से निकलकर मुख्यद्वार को बाहर से बंद कर दिय थाा। यह देखकर उसका दिमाग ठनका था। वह कुछ पूछ पाता तब तक वह मोटरसाइकिल पर सवार होकर भाग निकलने में कामयाब रहे।

यह भी पढ़ें : देहरादून में नगर कोतवाल के प्रॉपर्टी डीलर मौसेरे भाई की गोली मारकर हत्या

नवीन समाचार, देहरादून, 18 मार्च 2019। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून शहर के बाहरी इलाके में वसंत विहार थाना क्षेत्र स्थित शुक्लापुर गांव में प्राथमिक स्कूल के पास सोमवार को सड़क किनारे एक व्यक्ति का पिस्टल की गोलियों से छलनी किया हुआ शव बरामद हुआ। शव की शिनाख्त नगर कोतवाल के मौसेरे भाई, प्रॉपर्टी डीलर का काम करने वाले 40 वर्षीय जय किरण सिंह रौतेला पुत्र पीएस रौतेला निवासी मोहनपुर के रूप में हुई। शव में नजदीक से पांच गोलियां मारे जाने के निशान पाये गये हैं। इनमें से दो गोलियां सिर और तीन सीने पर लगी थीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मृतक के एक प्रापर्टी डीलर दोस्त पूर्णानंद गोदियाल उर्फ बबलू गोदियाल पुत्र भागवत प्रसाद गोदियाल निवासी शुक्लापुर व तीन अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। बबलू को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। वहीं एक नामजद सहित तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
स्थानीय लोगों के उन्होंने रविवार की देर रात करीब बारह बजे गोलियां चलने की आवाज सुनी। मगर लोगों को लगा कि कोई व्यक्ति जंगली जानवर भगाने के लिए पटाखे चला रहा है। सुबह करीब सात बजे वहां से गुजर रहे दूधवाले ने सड़क किनारे लाश पड़ी देखी। प्रारंभिक जांच में लेनदेन के विवाद में हत्या किये जाने की बात प्रकाश में आ रही है। बताया जा रहा है कि हत्यारों ने पहले मृतक को शराब पिलाई, और फिर गोली मार दी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 8 मार्च 2019। आयुर्वेदिक विवि के कुलसचिव पद पर रहने के दौरान नियुक्तियों में गड़बड़ी, सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग, धोखाधड़ी मामले में जेल में बंद निलंबित पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को उत्तराखंड उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली है। न्यायालय ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मिश्रा से एक सप्ताह में प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 12 नवंबर को विजिलेंस ने आयुर्वेदिक विवि में कुलसचिव रहे मिश्रा के खिलाफ देहरादून में मुकदमा दर्ज किया था। विजीलेंस का आरोप है कि मिश्रा ने कुलसचिव रहते नियुक्तियों में गड़बड़ी की, सरकारी संपत्ति का गलत उपयोग कर लाखों की रकम अपने निजी खातों में जमा की। निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद मिश्रा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। जबकि उसके एक सप्ताह बाद याचिकाकर्ता को प्रति शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जनवरी 2019। उत्तराखंड आयुर्वेदिक विवि के पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति एनएस धानिक की अवकाशकालीन पीठ ने मंगलवार को उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई कर मिश्रा को रहत नहीं दी, अलबत्ता सरकार से चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा। अगली सुनवाई फरवरी के दूसरे सप्ताह में होगी।
उल्लेखनीय है कि आयुर्वेदिक विवि के निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को भ्रष्टाचार के आरोप में विजिलेंस ने तीन दिसंबर 2018 को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद मिश्रा की ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी। इस प्रकरण में मिश्रा की पत्नी श्वेता मिश्रा, विवि को कंप्यूटर उपकरण आपूर्ति करने वाली फर्म अमेजन ऑटोमेशन की शिल्पा त्यागी, क्रिएटिव वर्ल्ड सॉल्यूशन की नूतन रावत और मिश्रा के ड्राइवर अवतार सिंह के खिलाफ भी भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 420, 468, 471 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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देहरादून, 3 दिसंबर 2018। आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय मिश्रा को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है।  विजिलेंस ने जांच के बाद मिश्रा पर भ्रष्टाचार और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है। बताया  गया है कि जांच में 60 लाख से ज्यादा की गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। फिलहाल विजिलेंस मिश्रा से पूछताछ कर रही है।

विजिलेंस के निदेशक एडीजी राम सिंह मीणाने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि टीम ने मृत्युंजय मिश्रा को इंदर रोड स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया गया है। उन पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय में पद पर रहते हुए फर्जी फर्म के खातों में कैश ट्रांसफर जैसे कई घोटालों का आरोप लगा है। इसके साथ ही विजिलेंस की तीन टीमें मिश्रा के कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

कुछ समय पहले कुलसचिव पद से किया गया था निलंबित 

गौरतलब है कि हाल ही में मिश्रा को आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद से निलंबित कर दिया गया था। शासन ने उनका नाम मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश समेत अन्य अधिकारियों के स्टिंग के प्रयास को लेकर दर्ज एफआइआर में आने के बाद निलंबित किया था। हालांकि, शासन ने अधिकारिक तौर पर निलंबन का आधार उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में बतौर कुलसचिव उनके खिलाफ विजिलेंस विभाग में चल रही खुली जांच और अन्य जांच को बनाया।

विवादों से मृत्युंजय का पुराना नाता

उत्तराखंड में लेक्चरर के पद पर अपनी तैनाती के बाद से ही डॉ. मृत्युंजय मिश्रा तमाम वित्तीय अनियमितताओं और घपले-घोटालों को लेकर चर्चित रहे हैं। सबसे पहले चकराता और त्यूणी महाविद्यालयों में प्राचार्य के दोहरे प्रभार से चर्चा में आने वाले मिश्रा एक ही शैक्षिक सत्र में दो-दो डिग्रियां हासिल करने को लेकर सवालों के घेरे में आए थे। उसके बाद उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में 2007 में कुलसचिव के तौर पर नियम विरुद्ध नियुक्ति और खरीद से लेकर नियुक्तियों तक में गड़बड़ियां करने के आरोप लगे। इस दौरान उनका तत्कालीन कुलसचिव से भी विवाद हुआ। मेडिकल प्रवेश परीक्षा यूपीएमटी में रिजल्ट जारी करने के बाद दोबारा रिवाइज करने पर भी वह विवादों में आए थे। वर्ष 2009 में उत्तराखंड तकनीकी विवि में समूह-ग के पदों की भर्ती को लेकर भी उन पर तमाम अनियमितताओं के आरोप लगे। इसके बाद उन्होंने आयुर्वेद विवि में कुलसचिव का पदभार संभाला। यहां भी तत्कालीन कुलपति प्रो. एसपी मिश्र से उनका विवाद हो गया। यहां हुईं नियुक्तियों में भी वह सवालों के घेरे में आए। इसके बाद उन्हें दिल्ली में अपर स्थानिक आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई। वह कार्यकाल भी अब स्टिंग ऑपरेशन के चलते विवादों में आ गया है। कुछ महीने वहां रहने के बाद वह वापस आयुर्वेद विवि में आए तो विवाद शुरू हो गए। इन दिनों मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ विभिन्न मामलों में विजिलेंस जांच चल रही है। आयुर्वेद विवि में मई-2016 में हुए 65 लाख रुपये के फ र्नीचर और चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद-फ रोख्त के मामले में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन कुलसचिव मिश्रा समेत तीन लोगों पर मुकदमा चल रहा है।

कथित मारपीट भी निकली थी झूठी 

मई 2014 में लक्ष्मण सिद्ध मंदिर मार्ग पर मृत्युंजय मिश्रा ने अपने साथ हुई कथित मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी कार फूंकने की कोशिश की गई है। पुलिस की जांच पड़ताल में यह मामला पूरी तरह झूठा निकला था।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2019। देहरादून की विशेष न्यायाधीश पोक्सो रमा पांडेय की अदालत ने जिला न्यायालय ने वर्ष 2015 में पश्चिम बंगाल की दो युवतियों की तस्करी में दुश्कर्म के एक आरोपित को आठ साल की कठोर कैद तथा तीन महिलाओं सहित आठ लोगों को 12-12 साल की कठोर कारावास तथा 60-60 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि उत्तराखंड के इतिहास में मानव तस्करी गिरोह को इतनी बड़ी सजा पहली बार हुई है।

उल्लेखनीय है कि आठ अक्तूबर 2015 को सहसपुर थाने में रात करीब साढ़े दस बजे ब्रह्मावाला स्थित एक होटल से एक युवती कुछ लोगों के चंगुल से निकलकर थाने पहुंची थी। पश्चिम बंगाल निवासी उस युवती ने शिकायत की थी कि उसकी एक सहेली होटल में कुछ लोगों के चंगुल में है। इस सूचना पर सीओ विकासनगर के नेतृत्व में पुलिस ने होटल में छापा मारा और तीन महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों युवतियों को मुक्त कराया। आरोपियों में होटल मालिक कादिर हुसैन निवासी धर्मावाला, शेरखान निवासी खेड़ी अमरती थाना मिर्जापुर सहारनपुर, महमूद निवासी ढकरानी, सुरेंद्र व उसकी पत्नी ममता निवासी पौंटा साहिब, मनजीत कौर निवासी पौंटा साहिब, हैदर हुसैन व उसकी पत्नी लता निवासी दिल्ली शामिल थे। इनमें से महमूद को एक युवती के साथ पकड़ा गया था। महमूद के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में एक ओर जहां पुलिस ने नियत समय के भीतर आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी और आपराधिक षडयंत्र के आरोप में चार्जशीट दाखिल की। वहीं अभियोजन की ओर से कुल आठ जबकि बचाव पक्ष की ओर से केवल तीन गवाह पेश हुए। गुरुवार को मानव तस्करी व आपराधिक षडयंत्र के आरोपियों को 12-12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गयी। जबकि महमूद को दुष्कर्म के दोष में भी आठ साल की सजा सुनाई गई। आरोपियों पर अलग-अलग धाराओं में कुल 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इसे अदा न करने पर सभी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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-बहू से पीड़ित सास ससुर नाती-नातिन को लेकर थाने पहुंचे

पीड़ित सास-ससुर बच्चों के साथ

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 12 फरवरी 2019। उफ ऐसी बहू ! नगर की एक बहू अपने ही सास-ससुर और बच्चों की दुश्मन बन गई है। तीन दिन पहले बहू ने अकेले ही अपनी सास और ससुर को बुरी तरह पीट डाला। बात बढ़ी तो बोरिया बिस्तर बांध कर घर से चलती बनी। लेकिन अब पता लगा है कि बहू अपने मायके भी नहीं पहुंची है। इधर, मां की याद में बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। बहू से पीड़ित सास-ससुर आज अपने नाती और नातिन को लेकर ट्रांजिट कैंप थाने पहुंचे। जहां उन्होंने अपनी बहू के खिलाफ तहरीर दी।
खेड़ा वार्ड 11 निवासी अखिल सिन्हा व उनकी पत्नी मजदूरी करते हैं। घर में बेटा सुमारेश, बहू शीला व सुमारेश के बच्चे निर्मल व जयंती रहते हैं। अखिल ने बताया कि उसने करीब दस साल पहले अपने बेटे की शादी शीला से की थी। शादी के बाद वह यहां ट्रांजिट कैंप में आ कर रहने लगे। शादी के कुछ सालों बाद से ही शीला घर में विवाद खड़ा करने लगी। जब सास ससुर इस बात का विरोध करते तो शीला उन्हें बुरी तरह पीटती और जब बीच बचाव के लिए सुमारेश आगे आता तो उसे भी अपनी पत्नी के कोप भाजन का शिकार बनना पड़ता था। किसी न किसी बात को लेकर अकसर वह अपने देवर से भी मारपीट करती थी। जब लोग इस बात का विरोध करते थे तो शीला के घरवाले आकर धमक जाते थे और पूरे परिवार को जेल डलवाने की धमकी देते थे। जिसकी वजह से परिजन खामोश रह जाते थे। इससे उक्ता कर सात माह पहले देवर भी घर छोड़ कर चला गया।
बताया जाता है कि तीन पहले भी किसी बात को लेकर शीला नाराज हो गई। उसका अपनी सास से विवाद हो गया और जब ससुर ने शीला को समझाना चाहा तो उसने ससुर से भी गाली गलौज शुरू कर दी। यह सब देख रहा सुमारेश अपनी पत्नी का विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। जिसके बाद शीला ने एक बार फिर अपनी सास और ससुर के साथ बुरी तरह मारपीट की। मारपीट में ससुर के मुंह से खून निकल आया। बात ज्यादा बढ़ी तो आनन फानन में शीला ने अपना सामान पैक किया और कहा कि वह अपने मायके जा रही है। शीला सामान तो साथ ले गई, लेकिन अपने दोनों बच्चों को सास ससुर के पास ही छोड़ गई। अगले दिन सास ससुर ने पता किया तो मालूम हुआ कि बहू अपने मायके पहुंची ही नहीं। जिसके बाद पीड़ित सास ससुर आज तहरीर लेकर ट्रांजिट कैंप थाने पहुंचे।

देवर को भी मार कर घर से निकाल दिया

रुद्रपुर। अखिल का कहना है कि उसके दो बेटे हैं। बड़े बेटे की शादी के बाद छोटा बेटा भी उनके साथ ही रहता था, लेकिन शीला की उससे भी नहीं बनती थी।
ससुर का घर अपने नाम कराना चाहती है

रुद्रपुर। मजदूरी करने वाले परिवार ने पाई पाई जोड़ कर खेड़ा में एक छोटा सा घर बनाया, ताकि पूरा परिवार एक छत के नीचे महफूज रह सके। अब पूरे मामले पर अखिल की मानें तो उसकी बहू की निगाह घर पर है। जबकि घर में विवाद होता है तो वह बस एक ही बात की रट लगाती है कि घर उसके नाम कर दे। अखिल अपनी बहू के नाम घर कर भी दें, लेकिन उनको डर है कि कहीं घर नाम करने के बाद बहू सारे परिवार को घर से बाहर न निकाल दे।

नशा है पारिवारिक कलह की बड़ी वजह

रुद्रपुर। अखिल और उसकी पत्नी से बातचीत के दौरान एक बड़ी बात यह निकल कर सामने आई कि पूरे मामले के पीछे शराब भी एक वजह है। दरअसल, शीला का पति भी मजदूरी करता है और शराब का लती। शराब की लत के चलते ही पहले पति पत्नी के बीच विवाद ने जन्म लिया और फिर इस पूरे विवाद ने परिवार को जकड़ लिया। न तो शीला के पति ने शराब पीना छोड़ा और इस बीच शीला का व्यवहार घरवालों के प्रति लगातार खराब होता चला गया।

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नवीन समाचार, विकासनगर (देहरादून), 20 जनवरी 2019। निकटवर्ती जीवनगढ़ निवासी युवक मोती सिंह की बीती 16 जनवरी को अपहरण के बाद हत्या कर शव को शक्ति नहर में फैंक दिया था। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार करते हुए अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। इधर यह मामला काफी गरमा गया है। शव ना मिलने और आरोपियों के एक संप्रदाय विशेष से होने के चलते हजारों की संख्या में लोग रविवार को डाकपत्थर चौक पर एकत्र होकर पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर हत्यारे को फांसी दिए जाने की मांग करने लगे। भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया था। उग्र लोगों ने विकासनगर के मुख्य बाजार की दुकाने बंद करा दीं, और बाद में पुलिस से भी भिड़ गई और पुलिस पर पथराव कर डाला। बचाव में पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए लाठी चार्ज किया और उग्र भीड़ पर आंसू गैस के गोले भी दागे, तथा पुलिस ने भी भीड़ पर पथराव किया। लाठीचार्ज के बाद विकासनगर में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए।
गौरतलब हो अपहरण के मामले में पकड़े गए आरोपियों से की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार को पूरे दिन शक्ति कैनाल में सर्च आपरेशन चलाया था। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। शनिवार की रात को लोगों ने हंगामा करते हुए कोतवाली घेरी थी। शव के ना मिलने से आक्रोशित लोगों के हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था। किसी तरह बीते रोज आलाधिकारियों ने भीड़ को शांत कर दिया था। लेकिन रविवार को हजारों की संख्या में लोग शव न मिलने से नाराज होकर डाकपत्थर चौक पर एकत्र हुए और प्ुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर हत्यारों को फांसी दिए जाने की मांग कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, और पूरे विकासनगर की दुकानें बंद करा दीं तथा विकासनगर बाजार में जुलूस निकाला। वापसी पर गुस्साई भीड़ डाकपत्थर चौक पहुंची और नवाबगढ़ की ओर जुलूस के रूप में जाने लगी, आरोपियों को जहां का रहने वाला बताया जा रहा है। इस पर पुलिस बल ने लोगों की भीड़ को नवाबगढ़ की और जाने वाले रास्ते पर जाने से रोक दिया तो लोगों की भीड़ ने पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की और गाली गलौज की। नोकझोंक के बीच तनाव की स्थिति बन गई। इसी बीच गुस्साई भीड़ ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव के दौरान सीओ विकासनगर की गाड़ी के शीशे टूट गए। पहले तो पुलिस बल और आलाधिकारियों ने संयम से काम लिया किंतु जब भीड़ हिंसक हो गई तो बचाव मंे पुलिस ने लाठीचार्ज कर हिंसक भीड़ को दौड़ा दिया। कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया, साथ ही कुछ खुली दुकानों को भी बंद करा दिया, तथा जीवनगढ़ जाने वाले और डाकपत्थर जाने वाले व मुख्य बाजार को जाने वाले रास्ते पर फ्लेग मार्च किया। इससे विकासनगर में फिलहाल तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देख सीओ सदर, सीओ विकासनगर, एसपी देहात सहित आलाधिकारी और आसपास के थानों की पुलिस स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है।
उधर, एसडीआरएफ और जल पुलिस ने शक्ति नहर सहित यूजेवीएनएल के ढकरानी इंटक में रविवार को संयुक्त अभियान भी चलाया। समाचार लिखे जाने तक संयुक्त टीम को शव नहीं मिल पाया। वहीं शक्ति नहर में शव की तलाश के लिए पानी कम कराया जा रहा है।

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नवीन समाचार, काशीपुर, 17 जनवरी 2019। पुलिस ने बीती 15 जनवरी को ग्राम मिस्सावाला हाईवे किनारे रुद्रपुर जिला न्यायालय में चतुर्थ श्रेणी पद पर तैनात विनोद कुमार पुत्र स्व. हरि लाल की लाश मिलने के मामले में हत्यारों का खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि विनोद की हत्या उसकी पत्नी ने ही अपने प्रेमी के संग मिलकर की थी, ओर हत्या को हादसा दिखाने के लिए हाईवे किनारे शव फेंक दिया था। मामले में आरोपी पत्नी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि विनोद की गर्दन पर धारदार हथियार के गहरे जख्म बने हुए थे। उसकी एक आंख भी फूटी हुई थी। विनोद के चचेरे भाई जसपुर खुर्द निवासी दुष्पाल सिंह पुत्र चक्खन सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने गुरुवार को वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि विनोद की पत्नी रजनी के गांव के ही पड़ोसी मोहम्मद नफीस उर्फ बबलू पुत्र मोहम्मद शरीफ के साथ अवैध संबंध थे। विनोद पत्नी रजनी को परेशान करता था और खर्चे के लिए रुपये नहीं देता था। इससे नाराज रजनी ने ही पति को मरवा दिया। इसमें नफीस ने अपने दोस्त यूपी के ग्राम चंगेरी थाना डिलारी जिला मुरादाबाद हाल निवासी मोहल्ला महेशपुरा निवासी संजय कुमार पुत्र जेठन सिंह के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

नफीस ने दबाया मुंह, संजय ने मारा चाकू

एसएसपी बरिंदरजीत ने बताया कि 14 जनवरी की रात संजय और नफीस अल्टो कार लेकर विनोद के घर के पास पहुंच गए थे। दोनों चाहरदीवारी कूदकर घर में दाखिल हुए और विनोद का इंतजार करने लगे। जैसे ही विनोद रसोईघर में आया नफीस ने उसका मुंह और गला दबा दिया और संजय ने चाकू से उसके गर्दन पर वार कर दिया। इससे विनोद की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद रजनी, संजय और नफीस ने घर को साफ कर किया। घर साफ करने के बाद नफीस और संजय विनोद के शव को कार में डालकर महेशपुरा, अल्लीखां, श्मशान घाट व नया ढेला पुल होते हुए ग्राम मिस्सरवाला में पेट्रोल पंप के पास पहुंचे। यहां शव फेंककर सूर्या चौकी होते हुए मुरादाबाद की ओर फरार हो गए। बताया कि संजय और नफीस को मुखबिर की सूचना पर कुदईयोंवाला मोड़ से गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं रजनी को भी राजस्थान के धौलपुर से गिरफ्तार किया गया। रजनी की निशानदेही पर घर के पास हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया गया।

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नवीन समाचार, हरिद्वार, 31 दिसंबर 2018। बाइक न देने से नाराज एक युवक ने अपने माता-पिता और बहन को रॉड से हमला कर लहूलुहान कर दिया। घटना के बाद युवक घर से फरार हो गया। तीनों ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। साथ ही युवक की तलाश की जा रही है।
हरिद्वार के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सलेमपुर गांव निवासी एक युवक ने पिता से बाजार घूमने के लिए बाइक मांगी। पिता ने बाइक देने से इनकार कर दिया। इससे नाराज युवक ने पिता के साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट कर दी। बीच बचाव करने आई मां व बहन पर भी युवक ने रॉड से हमला कर लहूलुहान कर दिया। इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद युवक घर से फरार हो गया। लहूलुहान हालत में तीनों कोतवाली पहुंचे और युवक की हरकतों के बारे में पुलिस को बताया। पीड़ित पिता ने तहरीर देकर बताया कि वह अक्सर गलत प्रवृत्ति के युवकों के साथ घूमता है। इस कारण उन्होंने उसे बाइक देने पर पाबंदी लगा रखी है। उन्होंने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की।

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नवीन समाचार, कोटद्वार, 30 दिसंबर 2018। कोटद्वार में करीब सवा वर्ष पूर्व अधिवक्ता सुशील कुमार रघुवंशी की दिनदहाडे हत्या कर दी गई थी। मृत्यु से पूर्व मृतक अधिवक्ता ने पुलिस को हत्यारों के नाम बताते हुए अपने बयान भी दिये थे। हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग पर बीते 140 दिनों से लगातार कोटद्वार में धरना भी चल रहा है। बावजूद कोटद्वार की मित्र पुलिस आज तक भी न हत्यारों की और हत्या करवाने वालों की गिरफ्तारी कर पाई है, न ही हत्या में इस्तेमाल किए हथियार और गाड़ी ही बरामद कर पाई है।

तस्वीर गवाह है कि कोटद्वार पुलिस के उप निरीक्षक ने मृत्यु पूर्व अधिवक्ता के बयान भी दर्ज किए, किंतु मामले में पुलिस ने जो बयान डायरी में लिखे थे वो डायरी और मोबाइल रिकॉर्डिग गायब कर दी गई है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने भी यह बात कही है। इस तरह पूरे प्रकरण में कोटद्वार के कोतवाल की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि कोतवाल हत्या करवाने वालों को बचाने में पूरी मदद कर रहा है, इसीलिए हत्या करवाने वाले और हत्या करने वाले आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस की इस तरह की कार्यप्रणाली से समाज में भय का महौल बना हुआ है। रविवार को 140वंे दिन धरने में बैठने वालो में रेखा रघुवंशी, आशीष किमोठी, एडवोकेट ध्यान सिंह नेगी, मुजीब नैथानी, एडवोकेट विश्वजीत बडथ्वाल, एडवोकेट हुकुम सिंह, शगुफ्ता सिंह, मनोज सिंह, राजदर्शन, हरीश चंद, प्रदीप कुमार शर्मा शामिल रहे।

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रुद्रपुर, 1 दिसंबर 2018। जिस पति ने साथ जीने-साथ मरने और सात जन्म तक साथ निभाने का वादा किया था, वहइतना बेरहम-दरिंदा निकलेगा यह किसी ने सोचा भी नहीं था। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में मुख्यालय से किच्छा को जोड़ने वाली सड़क स्थित मलसा गांव में एक महिला का शव घर से करीब सौ मीटर दूर खेत में पड़ा मिला। शव के मुंह में मिट्टी और गुप्तांग पर चोट के निशान थे। साथ ही घटनास्थल पर शराब के खाली पाऊच और ग्लास भी पुलिस को मिले। पुलिस के आशंका है कि वारदात से पहले रात को राजीव ने खुद अपने हाथों से बेबी को खाना खिलाया था। इसके अलावा बच्चों के साथ भी समय बिताया। इसके बाद कच्ची शराब पी और शायद यही शराब बेबी की हत्या का कारण बन गई। उसने न केवल पत्नी की हत्या कर दी, बल्कि उसके साथ बर्बरता भी की।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मूलरूप से दातागंज (बरेली) निवासी राजीव पुत्र फूलचंद का विवाह वर्ष 2012 में ग्राम वरुआखेना, शाहजहांपुर (यूपी) निवासी बेबी (30) से हुआ था। वर्तमान में वह अपने माता-पिता, पत्नी बेबी और दो बच्चों के साथ रुद्रपुर के किच्छा रोड स्थित मलसा गिरधरपुर में रहकर मजदूरी कर रहा था। शराब का आदी होने के कारण अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। बताया जा रहा है कि हाल ही में राजीव का शराब पीने पर पत्नी बेबी से विवाद हुआ था। दोनों का दो वर्षीय पवन नाम का बेटा भी है। महिला के भाई रामपाल पुत्र प्रेमपाल की तहरीर पर पुलिस ने राजीव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है, और उसकी तलाश की जा रही है। यह भी बताया है कि राजीव की मां सरोज रिश्ते में बेबी की बुआ भी है। इससे पहले दीपावली पर बेबी पति से नाराज होकर अपने मायके चली गयी थी, लेकिन उसकी सास उसे दिवाली से तीन दिन पहले मनाकर घर ले आई थी। 

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रुद्रपुर, 23 नवंबर 2018। बरेली के एक निजी अस्पताल के प्रबंधन पर आरोप लगा है कि उन्होंने एक नाबालिग बच्चे को मां के उपचार की धनराशि न देने के कारण बंधक बना लिया और अस्पताल में झाड़ू-पोछा करने के कार्य में लगा दिया। साथ ही उसकी मां का इलाज भी बंद कर दिया। जिससे बच्चे की मां के अंगों में संक्रमण का खतरा बन गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्रपुर के लालपुर क्षेत्र की की प्रेम कॉलोनी निवासी राजेश नाम के व्यक्ति ने बीती 14 नवंबर को अपनी पत्नी राखी को धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल कर दिया था, और खुद भी खुदकुशी का प्रयास किया था, और स्वयं भी घायल हो गया था। पुलिस ने सूचना मिलने पर राखी और राजेश को रुद्रपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में राखी को पहले सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी और फिर बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर राजेश अपनी हालत सुधरने के बाद अस्पताल से फरार हो गया था। इस बात की जानकारी मिलने पर राखी का नाबालिग पुत्र राहुल मां की हालत जानने के लिए किसी तरह बरेली के अस्पताल पहुंच गया, जहां डॉक्टरों ने उससे उसकी मां के इलाज के रुपये मांगे, और रुपये न होने की बात कहने पर अस्पताल प्रबंधन ने राहुल को बंधक बना लिया और जबरन उससे अस्पताल की सफाई कराने लगे। साथ ही उसकी मां का इलाज भी बंद कर दिया। इस बीच मौका पाकर राहुल ने फोन पर इसकी सूचना अपने पड़ोसी को दी। पड़ोसी ने पुलिस को मामले की सूचना देकर आशंका जताई है कि इलाज रुकने के कारण राखी का एक हाथ पूरी तरह से कटकर चमड़े के सहारे झूल रहा है। संक्रमण होने से उसके शरीर में आई चोटों में संक्रमण हो सकता है, और उसकी जान को भी खतरा हो सकता है। चौकी प्रभारी सतपाल सिंह का कहना है कि अस्पताल से संबंधित चौकी को सूचित करके दोषी पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, और मां-बेटे दोनों को बंधन से मुक्त कराया जाएगा।

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देहरादून, 21 नवंबर 2018। देहरादून का मंगलौर क्षेत्र बुधवार को बदमाशों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में चली गोलियों को तड़तड़ाहट से गूंज उठा। दोनों तरफ से कई राउंड फायर हुए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को गोली लगी, जबकि उसका साथी फरार होने में कामयाब रहा। घायल बदमाश को प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। मंगलौर पुलिस को सुबह करीब पांच बजे सूचना मिली कि देवबंद मार्ग पर बाइक सवार दो बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना पाकर पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच देवबंद मार्ग के पास पुलिस को बाइक सवार बदमाश दिखाई दिए। पुलिस ने बदमाशों को रुकने का इशारा किया। लेकिन पुलिस को देखकर बदमाशों ने बाइक दौड़ा ली। फरार होता देख पुलिस ने बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया। खुद को घिरता देख बदमाश बाइक को रास्ते में छोड़कर खेतों में घुस गए। बदमाशों का पकड़ने के लिए पुलिस ने खेत की घेराबंदी कर दी। बदमाशों ने पुलिस पर फायर झोंकना शुरू कर दिया। पांच मिनट में ही बदमाशों ने कई राउंड फायर किए। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया। इस दौरान दोनों ओर से करीब दस राउंड फायर हुए। जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी। जबकि उसका साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मुठभेड़ में खालापार मुजफ्फनगर यूपी निवासी नईम कुरैशी पुत्र मो. यूसुफ के पैर में गोली लगी है। बदमाश को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। जबकि उसका साथी मोहल्ला कटहटा कोतवाली मंगलौर निवासी सद्दाम पुत्र मुर्सलीन फरार हो गया। फरार बदमाश की तलाश की जा रही है। बदमाश से एक पिस्टल, सात हजार रुपये, बाइक संग दो फोन बरामद किए हैं।

रिमांड के लिए कोर्ट में दिया प्रार्थना पत्र : एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि बदमाश नईम कुरैशी को पीसीआर पर लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है।

12 हत्याएं कर चुका है नईम कुरैशी:पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश नईम कुरैशी ने पूछताछ में बताया कि वह अभी तक 12 लोगों को मौत के घात उतार चुका है। हरिद्वार जिले में भी वह चार लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। सिखेड़ा यूपी निवासी पशु व्यापारी से लूट की घटना को अंजाम देने के बाद उसकी हत्या कर शव खेत में फेंक दिया था।

पकड़े गए बदमाश पर है चालीस केस: मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश नईम कुरैशी पर सहारनपुर, देवबंद, मंगलौर, झबरेड़ा, मुजफ्फनगर आदि थान क्षेत्रों में लूट, हत्या आदि विभिन्न मामलों में करीब चालीस मुकदमे दर्ज हैं।

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-सूचना अधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी से हुआ खुलासा
नैनीताल, 16 नवंबर 2018। देवभूमि कहे जाने वाले छोटे से उत्तराखंड राज्य में जहां पहाड़ की हर छोटी-बड़ी चोटी पर देवी का थान यानी मंदिर होता है, देवियों के प्रति अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहे। आंकड़े गवाह हैं कि राज्य में बीते 5 वर्षों में महिलाओं के साथ 10 हजार 314 अपराध हुए हैं, और इनमें से 1733 यानी 16.8 फीसद अपराध मानव सभ्यता पर कलंक माने जाने वाले छेड़खानी तथा दुष्कर्म से संबंधित हैं। वहीं महिला उत्पीड़न के मामले में सर्वाधिक अपराधों के साथ प्रदेश के मैदानी जिले खासकर हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिले कोढ़ में खाज की तरह बने हुए हैं। यानी राज्य में महिलाओं के साथ हर वर्ष औसतन दो हजार से अधिक और हर रोज करीब 6 महिलाओं के साथ अपराध हो रहे हैं।
सूचना के अधिकार के तहत जनपद के सूचना अधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया को पुलिस मुख्यालय देहरादून के पुलिस अधीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था प्रीति प्रियदर्शिनी एवं सहायक पुलिस महानिरीक्षक-प्रशिक्षण एनएस नपल्याल से प्राप्त ताजा सूचना में यह खुलासा हुआ है। इसके साथ ही बताया गया है कि प्रदेश में महिला अपराधों की रोकथाम के लिए 1090 टॉल फ्री नंबर आवंटित किया गया है। साथ ही देहरादून जिले में ‘वूमन प्रोटक्शन सेल’ तथा देहरादून व हरिद्वार जिलों में महिला चीता फोर्स का गठन किया गया है। तथा महिलाओं के प्रति घटित अपराधों के प्रति जागरूकता के लिये विधिक प्राविधानों के प्रचार-प्रसार हेतु प्रदेश में होर्डिंग, बोर्ड, पोस्टर व पंपलेट आदि लगाये गये हैं।

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आग

रामनगर, 14 नवंबर 2018। किसी के साथ ऐसा मजाक में भी कभी नहीं करना चाहिए, कि उसकी जान पर आफत आ जाये। रामनगर में चार दोस्तों ने शैतानी में अपने ही साथी युवक को पहले शराब पिलाकर फिर शराब के नशे में बहकने पर वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड कर दिया। सोशल मीडिया पर मजाक बनने से आहत युवक ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। 35 फीसदी से अधिक जले युवक को संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मामले में युवक के भाई ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने चारों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक युवक ने बीती रात अपने दोस्तों कन्हैया सैनी, आफताब, रोहित और नदीम के साथ शराब पी थी। नशा अधिक होने पर दोस्तों ने युवक का पंजाबी गाने पर थिरकते हुए वीडियो बना लिया। मजाक उड़ाने के उद्देश्य से दोस्तों ने यह वीडियो फेसबुक पर अपलोड कर दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो को देख युवक के पास कई लोगों के फोन आने लगे। दोस्तों के बीच मजाक बनने से आहत युवक ने बुधवार को अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। गंभीरावस्था में युवक को परिजन संयुक्त चिकित्सालय लेकर आए। डॉक्टरों ने बताया कि युवक 35 फीसदी से अधिक जल गया है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। युवक के भाई ने चारों दोस्तों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने चारों आरोपियों कन्हैया सैनी, आफताब, रोहित और नदीम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसएसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

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काशीपुर, 10 नवंबर 2018। अवैध संबंधों में आड़े आने पर पत्नी ने प्रेमी की मदद से अपने पति को गला दबाकर मार डाला। मानवीय संबंधों एवं लोक विश्वास के अनुसार पति-पत्नी के स्वर्ग में लिखे जाने वाले रिश्ते को शर्मसार करने वाला ऐसा मामला काशीपुर के मानपुर नई बस्ती इलाके में घटित हुआ है। बताया गया है कि बीती 5 नवंबर को घर के बरामदे की बल्ली पर लटके मिले युवक गुरमीत सिंह उर्फ मिंटू (35) पुत्र बारा सिंह के शव के मामले में खुलासा हुआ है कि गुरमीत को उसकी पत्नी सुमन ने ही अपने प्रेमी सुनील कुमार निवासी ग्राम सैटाखेड़ा थाना टांडा जिला रामपुर (यूपी) और हाल निवासी नई बस्ती मानपुर के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा था। पुलिस के अनुसार पत्नी सुमन ने गुरमीत के हाथ कस कर पकड़े और उसके प्रेमी ने गुरमीत का गला उसकी जान जाने तक दबाये रखा, और जान चली जाने के बाद मामले को आत्महत्या का दर्शाने के लिए दोनों ने शव को टिनशेड में लगी बल्ली से लटका दिया था, अलबत्ता मृतक के पैर जमीन पर मुड़े हुए थे। इससे पुलिस को आत्महत्या के बजाय हत्या किये जाने का शक हुआ। खास बात यह है कि मामले में मृतक के ससुर यानी उसकी हत्या करने की आरोपित पत्नी के पिता ग्राम रम्पुरा काशीपुर निवासी कुलदीप सिंह ने ही पुलिस में दामाद की मृत्यु पर पुलिस में तहरीर दी थी। मामले में पुलिस ने गुरमीत के ससुर की तहरीर पर उनकी बेटी सुमन और उसके प्रेमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पिता की मौत और मां के जेल चले जाने के बाद अब उनके मासूम बच्चों बेटी सोना (5) और पुत्र प्रभजोत (2) का भविष्य अंधकारमय हो गया है।

इस दौरान सख्ती से पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि उनके आपस में अवैध संबंध थे। सुमन ने सुनील से मकान बनाने के लिए जगह खरीदी थी और मकान बनाने के लिए रुपये उधार भी लिए थे। सुमन पर सुनील की करीब 11 हजार रुपये देनदारी और है। चूंकि सुनील का घर भी सुमन के बगल में बन रहा है, लिहाजा सुनील का सुमन के घर आना-जाना हो गया। बाद में दोनों के अवैध संबंधों के बारे में सुमन के पति गुरमीत सिंह को पता चल गया था। इस पर गुरमीत ने कई बार पत्नी सुमन को संभलने को कहा था और इस बात को लेकर सुमन और गुरमीत का आपस में झगड़ा भी होता रहता था। ऐसे में गुरमीत को रास्ते से हटाने के लिए सुमन ने बीती पांच नवंबर की दोपहर सुनील से फोन पर बात की। सुनील ने रात को गुरमीत को ठिकाने लगाने को कहा। सुनील देर रात सुमन के घर आया तो गुरमीत ने उसके इतनी रात को घर आने का विरोध किया। इस पर सुनील ने उसे धक्का दे दिया, जिससे गुरमीत गिर गया। इसके बाद सुमन ने गुरमीत के हाथ पकड़े और सुनील ने उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसके गले में चुन्नी बांधकर बरामदे की छत पर लगी बल्ली से शव को लटका दिया। सुनील ने सुमन से कहा कि लोगों के पूछने पर वह गुरमीत के फांसी लगाने की बात कहे। पुलिस ने सुमन की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चुन्नी बरामद कर ली। खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई बीएस बिष्ट, एसआई लाखन सिंह, पीडी जोशी, कांस्टेबल मनोज देवड़ी, ध्यान सिंह, सतीश भट्ट, ऋचा तिवारी आदि शामिल हैं।

मिली ऐसी सीबीआई, जिसकी महिला सदस्य ले जाती हैं कमरे में, और पुरुष दबिश डालकर वसूलते हैं रंगदारी

-पंतनगर की सिडकुल पुलिस चौकी पुलिस ने किया है ऐसे फर्जी गिरोह का पर्दाफाश
रुद्रपुर, 30 अक्तूबर 2018। पंतनगर थाना क्षेत्र की सिडकुल चौकी पुलिस ने सोमवार रात एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसके सदस्य फर्जी क्राइम ब्रांच के सदस्य बनकर लोगों से ठगी करते हैं। खास बात यह है कि गिरोह के सदस्य की महिलाएं लोगों को अपने चंगुल में फंसाकर अपने साथ कमरे में ले जाती हैं, और बाद में गिरोह के पुरुष सदस्य क्राइम ब्रांच-सीबीआई के अफसर बनकर कमरे में दबिश डालते हैं, और लोगों की वीडियो और फोटो लेकर ब्लेकमेल करते हैं, तथा जेल भेजने का डर दिखाकर लाखों की रंगदारी मांगते हैं।

पुलिस ने मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड प्रणव सिंह निवासी नगीना बिजनौर यूपी, विकास गंगवार निवासी बहेड़ी जिला बरेली व महिला पूनम शर्मा निवासी जिला बिजनौर को मेट्रोपॉलिस के फ्लैट से महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि गिरोह के तीन अन्य सदस्य अभिषेक गुप्ता उर्फ नावेद निवासी नगीना, फैजान पाशा निवासी रामपुर और सिमरन शामिया लेक सिटी रुद्रपुर पुलिस को चकमा देकर भाग खड़े हुए। उल्लेखनीय है कि खटीमा निवासी एक व्यक्ति ने सिडकुल चौकी में तहरीर दी थी कि चार दिन पूर्व 26 अक्टूबर को कुछ लोगों ने फर्जी क्राइम ब्रांच सदस्य बनकर उसे रुद्रपुर के मेट्रोपॉलिस के एक फ्लैट में बंधक बना लिया था, और 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगे और न देने पर जेल भेजने की कहकर डराने लगे। इसके बाद उसने 2 लाख रुपये मंगवाकर उन लोगों को दिए। रुपये मिलने के बाद वे उसे सिडकुल पंतनगर के सामने सुनसान जगह पर छोड़कर भाग गए। इसके बाद उसने सिडकुल चौकी में शिकायत की। गिरफ्तार किये गये आरोपियों से क्राइम ब्रांच व पुलिस के आईकार्ड, 1 इंडिगो कार व अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।

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उत्तरकाशी, 22 अक्टूबर 2018। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक बंद कमरे के भीतर बक्से में महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गयी। मामले में पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद महिला का शव उसकी बहन के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही मृतका के पति, देवर, देवरानी और भांजे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यहां बता दें कि रविवार रात को उत्तरकाशी के बड़कोट नगर में शिव मंदिर के पास बीते एक पखवाड़े से बंद पड़े मकान में बक्से में महिला की सड़ी गली लाश मिली है। मकान मालिक गजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उनके मकान के दो कमरों में रतन बहादुर जोशी अपनी दो पत्नियों और एक बेटी के साथ रहता था, जबकि इसी मकान के दूसरे कमरे में उसका भाई जयकिशन अपनी पत्नी नंदा देवी और भांजे विनोद के साथ रहता था। कुछ समय पहले घर में झगड़ा होने पर रतन बहादुर की पहली पत्नी और बेटी घर छोड़कर चले गए थे और बीते सात अक्तूबर को और लोग भी कुछ दिन बाद आने की बात कहकर कहीं चले गए। रविवार शाम को बंद पड़े कमरे से बदबू आने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी, तब मामले का खुलासा हुआ।
थानाध्यक्ष विनोद थपलियाल ने बताया कि बक्से में बंद मिला पद्मा देवी का शव पोस्टमार्टम कराने के बाद उसकी बहन गंगोरी उत्तरकाशी निवासी बिंद्रा ग्वाल को सौंप दिया गया। मकान मालिक की तहरीर और पद्मा देवी की बहन द्वारा अंदेशा जताए जाने के आधार पर पुलिस ने रतन बहादुर, जयकिशन, नंदा देवी और विनोद के खिलाफ भादंसं की धारा 302 एवं 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। रतन बहादुर के आधार कार्ड पर उसका पता सतपुली पौड़ी दर्ज है। वहां पुलिस से संपर्क कर उसकी खोजबीन की जा रही है। हत्या के मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भय के साथ रोष व्याप्त है।

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नैनीताल, 20 अक्टूबर 2018। उत्तराखंड के ऋषिकेश में कुंडलिनी जागरण की शिक्षा देने के बहाने एक विदेशी युवक ने डेनमार्क की 22 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़ करने का मामला प्रकाश में आया है। युवती की शिकायत पर थाना मुनिकीरेती पुलिस ने आरोपी सुदीप निवासी बलैन अमेरिकन (कैलिफोर्निया) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक सुदीप बलैन कैलिफोर्निया से एक महीने पहले घूमने और म्यूजिक सीखने आया था। वह तपोवन स्थित एक गेस्ट हाउस में करीब 10 दिनों से ठहरा हुआ था। इसी दौरान उसकी मुलाकात डेनमार्क की युवती से तपोवन स्थित इवा कैफे में हुई। दोनों में बातचीत के दौरान योग और कुंडलिनी जागरण की विधा और उसके चमत्कारिक प्रभाव की भी चर्चा हुई। विदेशी युवती ने कुंडलिनी जागरण सीखने की इच्छा जताई। इस पर सुदीप ने युवती को अपने फ्लैट पर बुला लिया। 16 अक्तूबर को युवती जब सुदीप के फ्लैट पर पहुंची तो आरोपी ने कुंडलिनी जागरण की प्रक्रिया के बहाने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। कुछ देर बाद जब युवती को मामला संदिग्ध लगा तो उसने इन हरकतों का विरोध किया। इस पर सुदीप ने युवती को ब्लैकमेल करने की कोशिश की। युवती नहीं मानी तो आरोपी ने धमकाना शुरू कर दिया। युवती ने एक स्थानीय पूर्व परिचित युवक जतिन अरोड़ा से पूरी घटना का जिक्र किया। मुनिकीरेती थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक सुजीत कुमार ने बताया कि युवती की शिकायत पर सुदीप बलैन पुत्र कंवर सिंह निवासी ग्रीन स्ट्रीट मेल वैली, कैलिफोर्निया, अमेरिका के खिलाफ शुक्रवार को मुनिकीरेती थाने में धारा 376 (1), 354 में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया है।
वहीं एक अन्य घटना में देहरादून के अधेड़ ने खुद से 40 साल छोटी पंजाब के अम्बाला जिले की निवासी 14 वर्षीया बोर्डिंग स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा से कई बार दुष्कर्म कर दिया गया। दुष्कर्म से छात्र गर्भवती हो गयी। शिकायत पर  प्रेमनगर पुलिस ने आरोपी अधेड़ को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। बताया गया है कि बोर्डिंग स्कूल से छुट्टी होने पर 14 वर्षीय पीड़िता आरोपी के घर कुछ दिन रुकने गई थी। दिलावर की पत्नी एक अस्पताल में स्टाफ नर्स है। इस दौरान आरोपी ने अकेलेपन का फायदा उठाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इसके बाद बीते मई में वह अपने घर चली गई। अगस्त में तबीयत खराब होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर गए तो बेटी के पांच माह की गर्भवती होने का पता लगा। एसओ प्रेमनगर दिलवर सिंह नेगी ने बताया कि अम्बाला जिले की निवासी छात्रा के परिजनों ने बेटी से दुष्कर्म के लेकर अपने नजदीकी थाने में दिलावर सिंह (54) पुत्र मोहन सिंह निवासी महिमा एन्क्लेव केहरी गांव प्रेमनगर के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कराई। जिसे बीते 28 सितंबर को प्रेमनगर पुलिस ने दर्ज कर जांच शुरू की।

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सितारगंज, 17 अक्टूबर 2018। नगर के अमृतसरिया ढाबा स्वामी की हत्या हो गयी है। मृत्यु के बाद शव का गुपचुप अंतिम संस्कार करने की भी कोशिश की गई। हत्या मृतक के जीजा ने गोली मारकर की है। हत्या का कारण अस्पष्ट है। पुलिस शादी के बाद हर्ष फायरिंग को मृत्यु का कारण बता रही है, किंतु यह कारण किसी के गले नहीं उतर रहा है।
बताया गया है कि शादी समारोह से घर लौटने के बाद नशे में धुत एक मेजर ने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर झोंके। उसके साले ने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन एक गोली साले के पेट में आ लगी। घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। आरोपी जीजा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने शादी समारोह में भी फायर किए थे।
मूल रूप से रिछौला गजरौला जिला पीलीभीत निवासी हरपाल सिंह (37) पुत्र तरसेम सिंह का बिज्टी बाईपास पर बिजली कॉलोनी के सामने हाईवे किनारे अमृतसरिया ढाबा है। वह बिजली कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। सोमवार रात करीब 11 बजे हरपाल अपने जीजा मलपुरी गांव निवासी मेजर सिंह के साथ पीलीभीत मार्ग पर एक शादी समारोह से लौटा था। कुछ देर बाद उसके जीजा मेजर सिंह ने नशे में अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गेट पर फायरिंग की। इस पर हरपाल और उसकी पत्नी घर से बाहर निकल आए और मेजर सिंह से ऐसा न करने को कहा। मेजर सिंह नहीं माना और बाहर खड़ी कार में रिवाल्वर लोड कर सड़क पर आ गया। हरपाल ने उसे फायर झोंकने से रोकने की कोशिश की। इसी दौरान अचानक गोली चल गई जो हरपाल के पेट में जा धंसी।

पुलिस को सूचना दिए बगैर अंत्येष्टि करने की थी तैयारी

मेजर सिंह तत्काल ही उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां से डॉक्टर ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया। लेकिन, परिजन हरपाल को रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। यहां से भी रेफर करने पर उसे पीलीभीत के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीओ हिमांशु शाह और कोतवाल संजय कुमार ने घटनास्थल का दौरा कर पत्नी समेत अन्य परिजनों के बयान लिए। सीओ ने बताया कि अभी तक हर्ष फायरिंग में मौत होना सामने आया है। आरोपी को हिरासत में लिया गया है। परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना मंगलवार शाम को हरपाल की अंत्येष्टि की तैयारी चल रही थी, तभी मृतक की पत्नी सरनजीत कौर ने पुलिस को तहरीर देकर घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा। इधर, सीओ हिमांशु शाह और कोतवाल संजय कुमार ने कहा है कि जांच के बाद आरोपी मेजर सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर,  हरपाल की मौत से उसकी पत्नी, बेटे और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है।
अस्पताल प्रबंधन का जवाब तलब करेंगे : सीओ 
सितारगंज। फायरिंग के बाद गंभीर रूप से घायल हरपाल सिंह को सोमवार रात में ही सीएचसी में ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे रेफर तो कर दिया, लेकिन पुलिस को उसका मेमो नहीं भेजा। इससे पुलिस तक घटना की जानकारी नहीं पहुंची। मंगलवार शाम को मृतक की पत्नी के तहरीर देने पर मामला संज्ञान में आने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। सीओ ने बताया कि मेमो न देने पर अस्पताल प्रबंधन का जवाब तलब करेंगे।

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अगस्त्यमुनि, 14 अक्तूबर 2018। बीती 7 अक्तूबर को उत्तराखंड के अगस्त्यमुनि ब्लाक के राजस्व क्षेत्र जग्गी-कांडई में हुई वृद्ध दरवान सिंह राणा की हत्या के मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर राजबर सिंह राणा पुत्र स्व. प्रताप सिंह राणा निवासी आगर और एक स्वर्णकार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। एसपी पीएन मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 7 अक्तूबर की देर शाम को आरोपी ने लूटपाट के इरादे से वृद्ध को षड्यंत्र के तहत पहले शराब पिलाई। इसके बाद वह अपने घर चला गया। देर रात 11 बजे वह पुनः वृद्ध के घर पर पहुंचा और गला दबाकर उनकी हत्या कर घर से मंगलसूत्र, गुलबंद, पायल आदि लूटकर फरार हो गया। कोतवाल केएस बिष्ट के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी की धरपकड़ के लिए कई जगहों पर दबिश दी, और उसका मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाने के साथ अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाकर आरोपी को गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि आरोपी राजबर सिंह राणा ने हत्या की है। बताया कि आरोपी इससे पूर्व वर्ष 2004 में जनपद चमोली में अपनी ससुराल में चोरी के आरोप में और वर्ष 2007 में कांडई-दशज्यूला में लकड़ी चोरी के मामले में जेल जा चुका है। एसपी ने हत्यारोपी को पकड़ने वाली टीम कोतवाली निरीक्षक केएस बिष्ट, उप निरीक्षक विजेंद्र कुमांई, कांस्टेबल महेंद्र सिंह राणा व महिला कांस्टेबल कल्पेश्वरी को ढाई हजार रुपये का नगद इनाम दिया है।

उल्लेखनीय है कि 9 अक्तूबर को यह मामला राजस्व पुलिस में दर्ज हुआ था, ओर 11 अक्तूबर को रेगुलर पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया था। आरोपी के पास से लूट के नगद 15000 रुपये सहित 15500 रुपये, मृतक का आधार कार्ड, एक जोड़ी पायल, एक जोड़ी बिछुए, एक नोज रिंग, एक मंगलसूत्र बरामद हुए हैं, जबकि आरोपी की निशादेही पर पुलिस ने मृतक के घर से लूटा गया गलोबंद रुद्रप्रयाग बाजार के स्वर्णकार सुनील वर्मा पुत्र रामेश्वर वर्मा की दुकान से बरामद कर आरोपी स्वर्णकार को भी हिरासत में लिया है। स्वर्णकार के विरुद्ध भी भारतीय दंड संहिता की धारा 411 के मुकदमा दर्ज किया गया है।

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p style=”text-align: justify;”>केंद्र सरकार की योजनाओं के नाम पर भी ठगी करता रहा है आरोपित
एसपी ने बताया कि हत्यारोपी राजबर सिंह राणा ने गांवों में जरूरतमंदों से केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर भी हजारों रुपयों की ठगी की है। पुलिस के मुताबिक उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिलाने, इंदिरा गांधी व प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास दिलाने के लिए आठ सौ रुपये से 15 हजार रुपये तक की ठगी की है।

हैवान पड़ोसियों ने पड़ोसी महिला को पिला दिया तेजाब, 6 आरोपितों में से तीन महिलाएं

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p style=”text-align: justify;”>जसपुर, 7 अक्टूबर 2018। आज के दौर में जब अधिकांश लोग अपने घर-परिवारों से दूर अन्यत्र रहते हैं, तब पड़ोसियों को ही असली सहारा कहा जाता है। लेकिन एक घटना में मात्र इतना सा कारण कि एक महिला अपने छोटे से बच्चे को नाली में पेशाब करा रही थी, हैवान पड़ोसियों को यह इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने महिला की पिटाई कर उसे तेजाब पिला दिया। इससे उसका गला, भोजन नली सहित पेट की आंतें आदि बुरी तरह से झुलस गये हैं, और उसे बेहद गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस एवं राजस्व कर्मियों ने महिला के बयान दर्ज कर लिए हैं। दरिंदगी की हद यह भी है कि 6 आरोपितों में से तीन कोमल मन की मानी जाने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। इन महिलाओं पर पीड़िता के घर में घुसकर उसके कपड़े फाड़ने का भी आरोप है। घटना के बाद से यह महिलाएं और उनके घर के आरोपित पुरुष गायब बताये गये हैं।
दरिंदगी की हद का यह मामला जसपुर उत्तराखंड के मोहल्ला नत्थासिंह नहरपार का है। यहां रहने वाली शाहीन (35) के पति अनवर सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। बीती रात आठ बजे बच्चे को नाली पर पेशाब कराने को लेकर पड़ोसी उससे पहले बुरी तरह से झगड़े, और उसकी पिटाई कर घर के शौचालय में सफाई के लिय रखी तेजाब की बोतल उसके मंुह में उड़ेल दी, और मौके से भाग गये। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे काशीपुर के एक निजी नर्सिंग होम में ले गए, जहां वह दर्द के कारण पिछले कई घंटों से तड़प रही है। उसका उपचार कर रहे डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि तेजाब से महिला का गला और आंतें झुलस गई हैं। उसकी हालत नाजुक है। सिंह ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस और कानूनगो नवाब जान ने अस्पताल जाकर शाहीन के बयान दर्ज किये, जिसमें पीड़िता ने ने बयान में तेजाब पिलाए जाने की बात कही। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने महिला के पिता की तहरीर पर तीन महिलाओं सहित छह लोगों के खिलाफ तेजाब पिलाने की तहरीर दी, जिस पर मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। पिता की तहरीर में आरोपित पड़ोसियों पर पीड़िता के कपड़े फाडने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पड़ोसियों ने घर में घुसकर न केवल मारपीट की और तेजाब ही पिलाया, बल्कि उनके घरों की महिलाओं ने शाहीन के कपड़े भी फाड़ दिया।

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हरिद्वार, 5 अक्टूबर 2018  अवैध संबंध टूटने से नाराज एक मिस्त्री ने कथित तौर पर पांच बच्चों की विधवा मां के सात साल के बच्चे की हथौड़े से पीट-पीटकर हत्या कर दी, और शव को हत्यारे ने रेत में दबा दिया। मामला सिडकुल थानाक्षेत्र के नवोदय नगर कॉलोनी का है। पुलिस ने राज मिस्त्री को गिरफ्तार कर देर रात उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद कर लिया। इसके साथ ही बच्चे की गुमशुदगी को हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया गया है।  महिला के पति का निधन हो चु का है। पति से उसके पांच बच्चे हैं। वह मजदूरी करके अपना व अपने बच्चों का पेट पालती है। हत्यारे के महिला से सम्बन्ध बन गए थे, जबकि इन दिनों उसके किसी अन्य ठेकेदार से सम्बन्ध हो गए थे। इससे आहत होकर ही उसने महिला के बच्चे की हत्या कर दी। 

बुधवार को सिडकुल थाना अंतर्गत में एक महिला का आठ साल का बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। इस पर मां ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस बच्चे की खोजबीन में लगी। मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने आरोपी युवक शमशेर गढ़मीर पुर बहादराबाद हरिद्वार को हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में युवक ने बताया कि बच्चे के सिर पर हथौड़ा मारकर हत्या की। आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद वह बच्चे को बोरे में भरकर ले गया और रेत के गड्ढे में दबा दिया। सीओ सदर प्रकाश देवली ने बताया कि बच्चे का पिता नहीं है। मां का कुछ समय पहले तक आरोपी से प्रेम-प्रसंग चला। फिर इस बीच किसी और के साथ महिला के संबंध बन गए। आरोपी ने बीते दिनों जब बच्चे से बात कि तो उसने बताया कि उसकी मां से मिलने रात में एक अंकल आए थे और रात भर रहे। यह सुनकर आरोपी आग बबूला हो गया और बच्चे के सिर पर हथौड़े से तीन वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया और हेतमपुर पुल के पास शव को दबा दिया।

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रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में आरोपी के साथ रहकर काम करती थी लड़की

रुद्रपुर, 18 सितंबर 2018। लोग अपनी बहन- बेटियों को दूसरे शहरों में सुरक्षा के लिये अपने रिश्तेदारों के साथ रखते हैं। लेकिन इस घटना के बाद शायद ऐसा करने से डरें। 

रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में रहने वाले एक युवक पर साथ में रहकर नौकरी करने वाली अपनी ही ममेरी बहन से बलात्कार करने और बलात्कार के आरोप से बचने के लिए बहन का कत्ल करने व उसकी लाश को दफनाने का आरोप लगा है। मामले में न तो लड़की का कहीं पता है और न ही आरोपी का। पूरे मामले में गायब लड़की के पिता ने अपने मूल स्थान शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश में मामला दर्ज कराया है। यूपी पुलिस ने यह मामला अब ट्रांजिट कैंप पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस गहनता के साथ दोनों की तलाश कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खुटार शाहजहां उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक लड़की यहां ट्रांजिट कैंप स्थित चामुंडा मंदिर वाली गली में रह एक कंपनी में काम करती थी। यहीं हाफिजगंज बरेली उत्तर प्रदेश का रहने वाला अनिल कुमार शर्मा पुत्र स्व.राम बहादुर शर्मा भी रहता था। बताया जाता है कि लड़की अनिल की ममेरी बहन थी। दोनों लंबे समय से यहां रह रहे थे। कुछ कुछ महीनों के अंतराल में हमेशा लड़की अपने परिजनों से मिलने के लिए शाहजहांपुर जाती थी, लेकिन पिछले कुछ माह से लड़की अपने परिजनों से मिलने नहींं गई। ऐसे में परिजनों ने अपनी बेटी को फोन किया, लेकिन उसका फोन लगातार स्विच ऑफ मिला। इस पर परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने अनिल को फोन किया, लेकिन अनिल ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस जवाब पर परिजन अपने स्तर पर पड़ताल में जुट गए और यह बात सामने आई कि अनिल उनकी बेटी का बलात्कार कर रहा था। जब बेटी ने धमकी दी कि वह यह बात सबको बता देगी तो बचने के लिए अनिल ने उसका अपहरण किया और जान से मार दिया। लाश बरामद न हो सके इसलिए उसकी लाश को कहीं ले जा कर दफना दिया। परिजनों की इस तहरीर पर खुटार थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। चूंकि घटना स्थल ट्रांजिट कैंप था तो यूपी पुलिस ने पूरा केस ट्रांजिट कैंप पुलिस के हस्तांतरित कर दिया है। अब पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है। हालांकि ट्रांजिट कैंप पुलिस का कहना है कि जांच से पहले मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

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पूर्णागिरि मंदिर के पास पुलिस को किशोर का डेढ़ वर्ष पुराना कंकाल बरामद करता हत्यारा।

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p style=”text-align: justify;”>टनकपुर, 5 सितंबर 2018। सीबीसीआईडी ने बुधवार को पूर्णागिरि मंदिर के पास हत्यारे प्रीतम सिंह की निशानदेही पर एक कंकाल बरामद किया। उसकी शिनाख्त शव के पास पड़े कपड़ों के आधार पर मृतक के भाई सुशील कुमार ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व गायब हुए रुद्रपुर निवासी 16 वर्षीय किशोर संजीव कुमार के रूप में हुई। पुष्टि के लिए पुलिस कंकाल का डीएनए परीक्षण कराएगी। अलबत्ता हत्यारे ने कबूल किया है कि उसने मोबाइल लूटने के लिए ही संजीव को मौत के घाट उतार दिया था। उसने पुलिस टीम को बताया कि वह संजीव को बहला-फुसलाकर इसी जगह पर लाया था और बातों ही बातों में चट्टान पर बैठाकर उसके सिर में पत्थर से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद हत्यारे ने शव को बगल में ही बड़े पत्थरों के बीच में फेंक दिया। घटना काफी पुरानी होने के कारण पत्थरों के बीच में मिट्टी और रेत भर गई थी, जिससे कंकाल दबा हुआ था। पुलिस और सीबीसीआईडी की टीम ने कंकाल बरामद कर अपने पास सुरक्षित रख लिया है, जिसे फॉरेसिंक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। बताया गया है कि जिस दिन संजीव की हत्या की गई थी, उस दिन उसके पास दो मोबाइल फोन और जेब में मात्र चार सौ रुपये थे। हत्या के बाद रुद्रपुर के एक व्यापारी को मोबाइल फोन बेचा गया।
इसके अलावा हत्यारे प्रीतम सिंह ने इससे पहले हरिद्वार में हर की पैड़ी के पास झाड़ू लगाने वाली एक महिला की चिड़ियापुर में दुष्कर्म के बाद हत्या करने की बात भी कबूली है।

चंपावत में वृद्ध दंपति व मां सहित 3 को काट डाला, 3 दिन बाद पता चली घटना

तीन दिन बाद घटनास्थल गांव पहुंचे पुलिसकर्मी।

चंपावत, 4 सितंबर 2018। चंपावत जनपद में बीते छह माह में तीसरी तिहरे हत्याकांड का मामला सामने आया है। जनपद के सील्याड़-उदाली ग्राम सभा के चांचडी तोक में तीन दिन बाद एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। टनकपुर कोतवाली पुलिस द्वारा सोमवार रात्रि पकड़े गए दो लोगों-प्रीतम सिंह (34) पुत्र हुकुम सिंह निवासी तामली चंपावत व विशाल (20) पुत्र प्रेम सिंह निवासी हरिपुरकलां रायवाला हरिद्वार से घटना का खुलासा हुआ। सूचना के बाद घटनास्थल पहुंची चंपावत पुलिस को मौके पर कृष्ण सिंह (60) पुत्र चन्दन सिंह उनकी पत्नी मनू देवी (45) व मां पार्वती देवी (85) के तीन दिन से मृत पड़े शव पड़े मिले। घर का सामान भी बिखरा हुआ था। मृतक के तीन पुत्र प्रकाश, भीम व सचिन गुजरात मे काम करते है। बताया गया है कि मामले की जानकारी पुलिस को मीडिया के बाद मिली। इस पर एसपी धीरेन्द्र गुंज्याल मीडिया पर भड़क गए, और पहले घटना को छुपाते रहे व बदसलूकी की।

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