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युवक की हत्या पर उत्तराखंड में यहां कर्फ्यू जैसे हालात, भड़की भीड़ ने हाईवे किया जाम, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, दागे आंसू गैस के गोले…

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नवीन समाचार, विकासनगर (देहरादून), 20 जनवरी 2019। निकटवर्ती जीवनगढ़ निवासी युवक मोती सिंह की बीती 16 जनवरी को अपहरण के बाद हत्या कर शव को शक्ति नहर में फैंक दिया था। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार करते हुए अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। इधर यह मामला काफी गरमा गया है। शव ना मिलने और आरोपियों के एक संप्रदाय विशेष से होने के चलते हजारों की संख्या में लोग रविवार को डाकपत्थर चौक पर एकत्र होकर पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर हत्यारे को फांसी दिए जाने की मांग करने लगे। भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया था। उग्र लोगों ने विकासनगर के मुख्य बाजार की दुकाने बंद करा दीं, और बाद में पुलिस से भी भिड़ गई और पुलिस पर पथराव कर डाला। बचाव में पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए लाठी चार्ज किया और उग्र भीड़ पर आंसू गैस के गोले भी दागे, तथा पुलिस ने भी भीड़ पर पथराव किया। लाठीचार्ज के बाद विकासनगर में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए।
गौरतलब हो अपहरण के मामले में पकड़े गए आरोपियों से की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार को पूरे दिन शक्ति कैनाल में सर्च आपरेशन चलाया था। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। शनिवार की रात को लोगों ने हंगामा करते हुए कोतवाली घेरी थी। शव के ना मिलने से आक्रोशित लोगों के हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था। किसी तरह बीते रोज आलाधिकारियों ने भीड़ को शांत कर दिया था। लेकिन रविवार को हजारों की संख्या में लोग शव न मिलने से नाराज होकर डाकपत्थर चौक पर एकत्र हुए और प्ुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर हत्यारों को फांसी दिए जाने की मांग कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, और पूरे विकासनगर की दुकानें बंद करा दीं तथा विकासनगर बाजार में जुलूस निकाला। वापसी पर गुस्साई भीड़ डाकपत्थर चौक पहुंची और नवाबगढ़ की ओर जुलूस के रूप में जाने लगी, आरोपियों को जहां का रहने वाला बताया जा रहा है। इस पर पुलिस बल ने लोगों की भीड़ को नवाबगढ़ की और जाने वाले रास्ते पर जाने से रोक दिया तो लोगों की भीड़ ने पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की और गाली गलौज की। नोकझोंक के बीच तनाव की स्थिति बन गई। इसी बीच गुस्साई भीड़ ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव के दौरान सीओ विकासनगर की गाड़ी के शीशे टूट गए। पहले तो पुलिस बल और आलाधिकारियों ने संयम से काम लिया किंतु जब भीड़ हिंसक हो गई तो बचाव मंे पुलिस ने लाठीचार्ज कर हिंसक भीड़ को दौड़ा दिया। कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया, साथ ही कुछ खुली दुकानों को भी बंद करा दिया, तथा जीवनगढ़ जाने वाले और डाकपत्थर जाने वाले व मुख्य बाजार को जाने वाले रास्ते पर फ्लेग मार्च किया। इससे विकासनगर में फिलहाल तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देख सीओ सदर, सीओ विकासनगर, एसपी देहात सहित आलाधिकारी और आसपास के थानों की पुलिस स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है।
उधर, एसडीआरएफ और जल पुलिस ने शक्ति नहर सहित यूजेवीएनएल के ढकरानी इंटक में रविवार को संयुक्त अभियान भी चलाया। समाचार लिखे जाने तक संयुक्त टीम को शव नहीं मिल पाया। वहीं शक्ति नहर में शव की तलाश के लिए पानी कम कराया जा रहा है।

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नवीन समाचार, काशीपुर, 17 जनवरी 2019। पुलिस ने बीती 15 जनवरी को ग्राम मिस्सावाला हाईवे किनारे रुद्रपुर जिला न्यायालय में चतुर्थ श्रेणी पद पर तैनात विनोद कुमार पुत्र स्व. हरि लाल की लाश मिलने के मामले में हत्यारों का खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि विनोद की हत्या उसकी पत्नी ने ही अपने प्रेमी के संग मिलकर की थी, ओर हत्या को हादसा दिखाने के लिए हाईवे किनारे शव फेंक दिया था। मामले में आरोपी पत्नी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि विनोद की गर्दन पर धारदार हथियार के गहरे जख्म बने हुए थे। उसकी एक आंख भी फूटी हुई थी। विनोद के चचेरे भाई जसपुर खुर्द निवासी दुष्पाल सिंह पुत्र चक्खन सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने गुरुवार को वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि विनोद की पत्नी रजनी के गांव के ही पड़ोसी मोहम्मद नफीस उर्फ बबलू पुत्र मोहम्मद शरीफ के साथ अवैध संबंध थे। विनोद पत्नी रजनी को परेशान करता था और खर्चे के लिए रुपये नहीं देता था। इससे नाराज रजनी ने ही पति को मरवा दिया। इसमें नफीस ने अपने दोस्त यूपी के ग्राम चंगेरी थाना डिलारी जिला मुरादाबाद हाल निवासी मोहल्ला महेशपुरा निवासी संजय कुमार पुत्र जेठन सिंह के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

नफीस ने दबाया मुंह, संजय ने मारा चाकू

एसएसपी बरिंदरजीत ने बताया कि 14 जनवरी की रात संजय और नफीस अल्टो कार लेकर विनोद के घर के पास पहुंच गए थे। दोनों चाहरदीवारी कूदकर घर में दाखिल हुए और विनोद का इंतजार करने लगे। जैसे ही विनोद रसोईघर में आया नफीस ने उसका मुंह और गला दबा दिया और संजय ने चाकू से उसके गर्दन पर वार कर दिया। इससे विनोद की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद रजनी, संजय और नफीस ने घर को साफ कर किया। घर साफ करने के बाद नफीस और संजय विनोद के शव को कार में डालकर महेशपुरा, अल्लीखां, श्मशान घाट व नया ढेला पुल होते हुए ग्राम मिस्सरवाला में पेट्रोल पंप के पास पहुंचे। यहां शव फेंककर सूर्या चौकी होते हुए मुरादाबाद की ओर फरार हो गए। बताया कि संजय और नफीस को मुखबिर की सूचना पर कुदईयोंवाला मोड़ से गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं रजनी को भी राजस्थान के धौलपुर से गिरफ्तार किया गया। रजनी की निशानदेही पर घर के पास हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया गया।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जनवरी 2019। उत्तराखंड आयुर्वेदिक विवि के पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति एनएस धानिक की अवकाशकालीन पीठ ने मंगलवार को उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई कर मिश्रा को रहत नहीं दी, अलबत्ता सरकार से चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा। अगली सुनवाई फरवरी के दूसरे सप्ताह में होगी।
उल्लेखनीय है कि आयुर्वेदिक विवि के निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को भ्रष्टाचार के आरोप में विजिलेंस ने तीन दिसंबर 2018 को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद मिश्रा की ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी। इस प्रकरण में मिश्रा की पत्नी श्वेता मिश्रा, विवि को कंप्यूटर उपकरण आपूर्ति करने वाली फर्म अमेजन ऑटोमेशन की शिल्पा त्यागी, क्रिएटिव वर्ल्ड सॉल्यूशन की नूतन रावत और मिश्रा के ड्राइवर अवतार सिंह के खिलाफ भी भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 420, 468, 471 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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देहरादून, 3 दिसंबर 2018। आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय मिश्रा को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया है।  विजिलेंस ने जांच के बाद मिश्रा पर भ्रष्टाचार और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है। बताया  गया है कि जांच में 60 लाख से ज्यादा की गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। फिलहाल विजिलेंस मिश्रा से पूछताछ कर रही है।

विजिलेंस के निदेशक एडीजी राम सिंह मीणाने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि टीम ने मृत्युंजय मिश्रा को इंदर रोड स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया गया है। उन पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय में पद पर रहते हुए फर्जी फर्म के खातों में कैश ट्रांसफर जैसे कई घोटालों का आरोप लगा है। इसके साथ ही विजिलेंस की तीन टीमें मिश्रा के कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

कुछ समय पहले कुलसचिव पद से किया गया था निलंबित 

गौरतलब है कि हाल ही में मिश्रा को आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद से निलंबित कर दिया गया था। शासन ने उनका नाम मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश समेत अन्य अधिकारियों के स्टिंग के प्रयास को लेकर दर्ज एफआइआर में आने के बाद निलंबित किया था। हालांकि, शासन ने अधिकारिक तौर पर निलंबन का आधार उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में बतौर कुलसचिव उनके खिलाफ विजिलेंस विभाग में चल रही खुली जांच और अन्य जांच को बनाया।

विवादों से मृत्युंजय का पुराना नाता

उत्तराखंड में लेक्चरर के पद पर अपनी तैनाती के बाद से ही डॉ. मृत्युंजय मिश्रा तमाम वित्तीय अनियमितताओं और घपले-घोटालों को लेकर चर्चित रहे हैं। सबसे पहले चकराता और त्यूणी महाविद्यालयों में प्राचार्य के दोहरे प्रभार से चर्चा में आने वाले मिश्रा एक ही शैक्षिक सत्र में दो-दो डिग्रियां हासिल करने को लेकर सवालों के घेरे में आए थे। उसके बाद उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में 2007 में कुलसचिव के तौर पर नियम विरुद्ध नियुक्ति और खरीद से लेकर नियुक्तियों तक में गड़बड़ियां करने के आरोप लगे। इस दौरान उनका तत्कालीन कुलसचिव से भी विवाद हुआ। मेडिकल प्रवेश परीक्षा यूपीएमटी में रिजल्ट जारी करने के बाद दोबारा रिवाइज करने पर भी वह विवादों में आए थे। वर्ष 2009 में उत्तराखंड तकनीकी विवि में समूह-ग के पदों की भर्ती को लेकर भी उन पर तमाम अनियमितताओं के आरोप लगे। इसके बाद उन्होंने आयुर्वेद विवि में कुलसचिव का पदभार संभाला। यहां भी तत्कालीन कुलपति प्रो. एसपी मिश्र से उनका विवाद हो गया। यहां हुईं नियुक्तियों में भी वह सवालों के घेरे में आए। इसके बाद उन्हें दिल्ली में अपर स्थानिक आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई। वह कार्यकाल भी अब स्टिंग ऑपरेशन के चलते विवादों में आ गया है। कुछ महीने वहां रहने के बाद वह वापस आयुर्वेद विवि में आए तो विवाद शुरू हो गए। इन दिनों मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ विभिन्न मामलों में विजिलेंस जांच चल रही है। आयुर्वेद विवि में मई-2016 में हुए 65 लाख रुपये के फ र्नीचर और चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद-फ रोख्त के मामले में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन कुलसचिव मिश्रा समेत तीन लोगों पर मुकदमा चल रहा है।

कथित मारपीट भी निकली थी झूठी 

मई 2014 में लक्ष्मण सिद्ध मंदिर मार्ग पर मृत्युंजय मिश्रा ने अपने साथ हुई कथित मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी कार फूंकने की कोशिश की गई है। पुलिस की जांच पड़ताल में यह मामला पूरी तरह झूठा निकला था।

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नवीन समाचार, हरिद्वार, 31 दिसंबर 2018। बाइक न देने से नाराज एक युवक ने अपने माता-पिता और बहन को रॉड से हमला कर लहूलुहान कर दिया। घटना के बाद युवक घर से फरार हो गया। तीनों ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। साथ ही युवक की तलाश की जा रही है।
हरिद्वार के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सलेमपुर गांव निवासी एक युवक ने पिता से बाजार घूमने के लिए बाइक मांगी। पिता ने बाइक देने से इनकार कर दिया। इससे नाराज युवक ने पिता के साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट कर दी। बीच बचाव करने आई मां व बहन पर भी युवक ने रॉड से हमला कर लहूलुहान कर दिया। इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद युवक घर से फरार हो गया। लहूलुहान हालत में तीनों कोतवाली पहुंचे और युवक की हरकतों के बारे में पुलिस को बताया। पीड़ित पिता ने तहरीर देकर बताया कि वह अक्सर गलत प्रवृत्ति के युवकों के साथ घूमता है। इस कारण उन्होंने उसे बाइक देने पर पाबंदी लगा रखी है। उन्होंने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की।

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नवीन समाचार, कोटद्वार, 30 दिसंबर 2018। कोटद्वार में करीब सवा वर्ष पूर्व अधिवक्ता सुशील कुमार रघुवंशी की दिनदहाडे हत्या कर दी गई थी। मृत्यु से पूर्व मृतक अधिवक्ता ने पुलिस को हत्यारों के नाम बताते हुए अपने बयान भी दिये थे। हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग पर बीते 140 दिनों से लगातार कोटद्वार में धरना भी चल रहा है। बावजूद कोटद्वार की मित्र पुलिस आज तक भी न हत्यारों की और हत्या करवाने वालों की गिरफ्तारी कर पाई है, न ही हत्या में इस्तेमाल किए हथियार और गाड़ी ही बरामद कर पाई है।

तस्वीर गवाह है कि कोटद्वार पुलिस के उप निरीक्षक ने मृत्यु पूर्व अधिवक्ता के बयान भी दर्ज किए, किंतु मामले में पुलिस ने जो बयान डायरी में लिखे थे वो डायरी और मोबाइल रिकॉर्डिग गायब कर दी गई है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने भी यह बात कही है। इस तरह पूरे प्रकरण में कोटद्वार के कोतवाल की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि कोतवाल हत्या करवाने वालों को बचाने में पूरी मदद कर रहा है, इसीलिए हत्या करवाने वाले और हत्या करने वाले आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस की इस तरह की कार्यप्रणाली से समाज में भय का महौल बना हुआ है। रविवार को 140वंे दिन धरने में बैठने वालो में रेखा रघुवंशी, आशीष किमोठी, एडवोकेट ध्यान सिंह नेगी, मुजीब नैथानी, एडवोकेट विश्वजीत बडथ्वाल, एडवोकेट हुकुम सिंह, शगुफ्ता सिंह, मनोज सिंह, राजदर्शन, हरीश चंद, प्रदीप कुमार शर्मा शामिल रहे।

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रुद्रपुर, 1 दिसंबर 2018। जिस पति ने साथ जीने-साथ मरने और सात जन्म तक साथ निभाने का वादा किया था, वहइतना बेरहम-दरिंदा निकलेगा यह किसी ने सोचा भी नहीं था। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में मुख्यालय से किच्छा को जोड़ने वाली सड़क स्थित मलसा गांव में एक महिला का शव घर से करीब सौ मीटर दूर खेत में पड़ा मिला। शव के मुंह में मिट्टी और गुप्तांग पर चोट के निशान थे। साथ ही घटनास्थल पर शराब के खाली पाऊच और ग्लास भी पुलिस को मिले। पुलिस के आशंका है कि वारदात से पहले रात को राजीव ने खुद अपने हाथों से बेबी को खाना खिलाया था। इसके अलावा बच्चों के साथ भी समय बिताया। इसके बाद कच्ची शराब पी और शायद यही शराब बेबी की हत्या का कारण बन गई। उसने न केवल पत्नी की हत्या कर दी, बल्कि उसके साथ बर्बरता भी की।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मूलरूप से दातागंज (बरेली) निवासी राजीव पुत्र फूलचंद का विवाह वर्ष 2012 में ग्राम वरुआखेना, शाहजहांपुर (यूपी) निवासी बेबी (30) से हुआ था। वर्तमान में वह अपने माता-पिता, पत्नी बेबी और दो बच्चों के साथ रुद्रपुर के किच्छा रोड स्थित मलसा गिरधरपुर में रहकर मजदूरी कर रहा था। शराब का आदी होने के कारण अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। बताया जा रहा है कि हाल ही में राजीव का शराब पीने पर पत्नी बेबी से विवाद हुआ था। दोनों का दो वर्षीय पवन नाम का बेटा भी है। महिला के भाई रामपाल पुत्र प्रेमपाल की तहरीर पर पुलिस ने राजीव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है, और उसकी तलाश की जा रही है। यह भी बताया है कि राजीव की मां सरोज रिश्ते में बेबी की बुआ भी है। इससे पहले दीपावली पर बेबी पति से नाराज होकर अपने मायके चली गयी थी, लेकिन उसकी सास उसे दिवाली से तीन दिन पहले मनाकर घर ले आई थी। 

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रुद्रपुर, 23 नवंबर 2018। बरेली के एक निजी अस्पताल के प्रबंधन पर आरोप लगा है कि उन्होंने एक नाबालिग बच्चे को मां के उपचार की धनराशि न देने के कारण बंधक बना लिया और अस्पताल में झाड़ू-पोछा करने के कार्य में लगा दिया। साथ ही उसकी मां का इलाज भी बंद कर दिया। जिससे बच्चे की मां के अंगों में संक्रमण का खतरा बन गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्रपुर के लालपुर क्षेत्र की की प्रेम कॉलोनी निवासी राजेश नाम के व्यक्ति ने बीती 14 नवंबर को अपनी पत्नी राखी को धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल कर दिया था, और खुद भी खुदकुशी का प्रयास किया था, और स्वयं भी घायल हो गया था। पुलिस ने सूचना मिलने पर राखी और राजेश को रुद्रपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में राखी को पहले सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी और फिर बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर राजेश अपनी हालत सुधरने के बाद अस्पताल से फरार हो गया था। इस बात की जानकारी मिलने पर राखी का नाबालिग पुत्र राहुल मां की हालत जानने के लिए किसी तरह बरेली के अस्पताल पहुंच गया, जहां डॉक्टरों ने उससे उसकी मां के इलाज के रुपये मांगे, और रुपये न होने की बात कहने पर अस्पताल प्रबंधन ने राहुल को बंधक बना लिया और जबरन उससे अस्पताल की सफाई कराने लगे। साथ ही उसकी मां का इलाज भी बंद कर दिया। इस बीच मौका पाकर राहुल ने फोन पर इसकी सूचना अपने पड़ोसी को दी। पड़ोसी ने पुलिस को मामले की सूचना देकर आशंका जताई है कि इलाज रुकने के कारण राखी का एक हाथ पूरी तरह से कटकर चमड़े के सहारे झूल रहा है। संक्रमण होने से उसके शरीर में आई चोटों में संक्रमण हो सकता है, और उसकी जान को भी खतरा हो सकता है। चौकी प्रभारी सतपाल सिंह का कहना है कि अस्पताल से संबंधित चौकी को सूचित करके दोषी पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, और मां-बेटे दोनों को बंधन से मुक्त कराया जाएगा।

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देहरादून, 21 नवंबर 2018। देहरादून का मंगलौर क्षेत्र बुधवार को बदमाशों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में चली गोलियों को तड़तड़ाहट से गूंज उठा। दोनों तरफ से कई राउंड फायर हुए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को गोली लगी, जबकि उसका साथी फरार होने में कामयाब रहा। घायल बदमाश को प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। मंगलौर पुलिस को सुबह करीब पांच बजे सूचना मिली कि देवबंद मार्ग पर बाइक सवार दो बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना पाकर पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच देवबंद मार्ग के पास पुलिस को बाइक सवार बदमाश दिखाई दिए। पुलिस ने बदमाशों को रुकने का इशारा किया। लेकिन पुलिस को देखकर बदमाशों ने बाइक दौड़ा ली। फरार होता देख पुलिस ने बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया। खुद को घिरता देख बदमाश बाइक को रास्ते में छोड़कर खेतों में घुस गए। बदमाशों का पकड़ने के लिए पुलिस ने खेत की घेराबंदी कर दी। बदमाशों ने पुलिस पर फायर झोंकना शुरू कर दिया। पांच मिनट में ही बदमाशों ने कई राउंड फायर किए। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया। इस दौरान दोनों ओर से करीब दस राउंड फायर हुए। जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी। जबकि उसका साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मुठभेड़ में खालापार मुजफ्फनगर यूपी निवासी नईम कुरैशी पुत्र मो. यूसुफ के पैर में गोली लगी है। बदमाश को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। जबकि उसका साथी मोहल्ला कटहटा कोतवाली मंगलौर निवासी सद्दाम पुत्र मुर्सलीन फरार हो गया। फरार बदमाश की तलाश की जा रही है। बदमाश से एक पिस्टल, सात हजार रुपये, बाइक संग दो फोन बरामद किए हैं।

रिमांड के लिए कोर्ट में दिया प्रार्थना पत्र : एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि बदमाश नईम कुरैशी को पीसीआर पर लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है।

12 हत्याएं कर चुका है नईम कुरैशी:पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश नईम कुरैशी ने पूछताछ में बताया कि वह अभी तक 12 लोगों को मौत के घात उतार चुका है। हरिद्वार जिले में भी वह चार लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। सिखेड़ा यूपी निवासी पशु व्यापारी से लूट की घटना को अंजाम देने के बाद उसकी हत्या कर शव खेत में फेंक दिया था।

पकड़े गए बदमाश पर है चालीस केस: मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश नईम कुरैशी पर सहारनपुर, देवबंद, मंगलौर, झबरेड़ा, मुजफ्फनगर आदि थान क्षेत्रों में लूट, हत्या आदि विभिन्न मामलों में करीब चालीस मुकदमे दर्ज हैं।

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-सूचना अधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी से हुआ खुलासा
नैनीताल, 16 नवंबर 2018। देवभूमि कहे जाने वाले छोटे से उत्तराखंड राज्य में जहां पहाड़ की हर छोटी-बड़ी चोटी पर देवी का थान यानी मंदिर होता है, देवियों के प्रति अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहे। आंकड़े गवाह हैं कि राज्य में बीते 5 वर्षों में महिलाओं के साथ 10 हजार 314 अपराध हुए हैं, और इनमें से 1733 यानी 16.8 फीसद अपराध मानव सभ्यता पर कलंक माने जाने वाले छेड़खानी तथा दुष्कर्म से संबंधित हैं। वहीं महिला उत्पीड़न के मामले में सर्वाधिक अपराधों के साथ प्रदेश के मैदानी जिले खासकर हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिले कोढ़ में खाज की तरह बने हुए हैं। यानी राज्य में महिलाओं के साथ हर वर्ष औसतन दो हजार से अधिक और हर रोज करीब 6 महिलाओं के साथ अपराध हो रहे हैं।
सूचना के अधिकार के तहत जनपद के सूचना अधिकार कार्यकर्ता हेमंत गौनिया को पुलिस मुख्यालय देहरादून के पुलिस अधीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था प्रीति प्रियदर्शिनी एवं सहायक पुलिस महानिरीक्षक-प्रशिक्षण एनएस नपल्याल से प्राप्त ताजा सूचना में यह खुलासा हुआ है। इसके साथ ही बताया गया है कि प्रदेश में महिला अपराधों की रोकथाम के लिए 1090 टॉल फ्री नंबर आवंटित किया गया है। साथ ही देहरादून जिले में ‘वूमन प्रोटक्शन सेल’ तथा देहरादून व हरिद्वार जिलों में महिला चीता फोर्स का गठन किया गया है। तथा महिलाओं के प्रति घटित अपराधों के प्रति जागरूकता के लिये विधिक प्राविधानों के प्रचार-प्रसार हेतु प्रदेश में होर्डिंग, बोर्ड, पोस्टर व पंपलेट आदि लगाये गये हैं।

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आग

रामनगर, 14 नवंबर 2018। किसी के साथ ऐसा मजाक में भी कभी नहीं करना चाहिए, कि उसकी जान पर आफत आ जाये। रामनगर में चार दोस्तों ने शैतानी में अपने ही साथी युवक को पहले शराब पिलाकर फिर शराब के नशे में बहकने पर वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड कर दिया। सोशल मीडिया पर मजाक बनने से आहत युवक ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। 35 फीसदी से अधिक जले युवक को संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मामले में युवक के भाई ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने चारों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक युवक ने बीती रात अपने दोस्तों कन्हैया सैनी, आफताब, रोहित और नदीम के साथ शराब पी थी। नशा अधिक होने पर दोस्तों ने युवक का पंजाबी गाने पर थिरकते हुए वीडियो बना लिया। मजाक उड़ाने के उद्देश्य से दोस्तों ने यह वीडियो फेसबुक पर अपलोड कर दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो को देख युवक के पास कई लोगों के फोन आने लगे। दोस्तों के बीच मजाक बनने से आहत युवक ने बुधवार को अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। गंभीरावस्था में युवक को परिजन संयुक्त चिकित्सालय लेकर आए। डॉक्टरों ने बताया कि युवक 35 फीसदी से अधिक जल गया है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। युवक के भाई ने चारों दोस्तों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने चारों आरोपियों कन्हैया सैनी, आफताब, रोहित और नदीम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसएसआई कश्मीर सिंह ने बताया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

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काशीपुर, 10 नवंबर 2018। अवैध संबंधों में आड़े आने पर पत्नी ने प्रेमी की मदद से अपने पति को गला दबाकर मार डाला। मानवीय संबंधों एवं लोक विश्वास के अनुसार पति-पत्नी के स्वर्ग में लिखे जाने वाले रिश्ते को शर्मसार करने वाला ऐसा मामला काशीपुर के मानपुर नई बस्ती इलाके में घटित हुआ है। बताया गया है कि बीती 5 नवंबर को घर के बरामदे की बल्ली पर लटके मिले युवक गुरमीत सिंह उर्फ मिंटू (35) पुत्र बारा सिंह के शव के मामले में खुलासा हुआ है कि गुरमीत को उसकी पत्नी सुमन ने ही अपने प्रेमी सुनील कुमार निवासी ग्राम सैटाखेड़ा थाना टांडा जिला रामपुर (यूपी) और हाल निवासी नई बस्ती मानपुर के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा था। पुलिस के अनुसार पत्नी सुमन ने गुरमीत के हाथ कस कर पकड़े और उसके प्रेमी ने गुरमीत का गला उसकी जान जाने तक दबाये रखा, और जान चली जाने के बाद मामले को आत्महत्या का दर्शाने के लिए दोनों ने शव को टिनशेड में लगी बल्ली से लटका दिया था, अलबत्ता मृतक के पैर जमीन पर मुड़े हुए थे। इससे पुलिस को आत्महत्या के बजाय हत्या किये जाने का शक हुआ। खास बात यह है कि मामले में मृतक के ससुर यानी उसकी हत्या करने की आरोपित पत्नी के पिता ग्राम रम्पुरा काशीपुर निवासी कुलदीप सिंह ने ही पुलिस में दामाद की मृत्यु पर पुलिस में तहरीर दी थी। मामले में पुलिस ने गुरमीत के ससुर की तहरीर पर उनकी बेटी सुमन और उसके प्रेमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पिता की मौत और मां के जेल चले जाने के बाद अब उनके मासूम बच्चों बेटी सोना (5) और पुत्र प्रभजोत (2) का भविष्य अंधकारमय हो गया है।

इस दौरान सख्ती से पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि उनके आपस में अवैध संबंध थे। सुमन ने सुनील से मकान बनाने के लिए जगह खरीदी थी और मकान बनाने के लिए रुपये उधार भी लिए थे। सुमन पर सुनील की करीब 11 हजार रुपये देनदारी और है। चूंकि सुनील का घर भी सुमन के बगल में बन रहा है, लिहाजा सुनील का सुमन के घर आना-जाना हो गया। बाद में दोनों के अवैध संबंधों के बारे में सुमन के पति गुरमीत सिंह को पता चल गया था। इस पर गुरमीत ने कई बार पत्नी सुमन को संभलने को कहा था और इस बात को लेकर सुमन और गुरमीत का आपस में झगड़ा भी होता रहता था। ऐसे में गुरमीत को रास्ते से हटाने के लिए सुमन ने बीती पांच नवंबर की दोपहर सुनील से फोन पर बात की। सुनील ने रात को गुरमीत को ठिकाने लगाने को कहा। सुनील देर रात सुमन के घर आया तो गुरमीत ने उसके इतनी रात को घर आने का विरोध किया। इस पर सुनील ने उसे धक्का दे दिया, जिससे गुरमीत गिर गया। इसके बाद सुमन ने गुरमीत के हाथ पकड़े और सुनील ने उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसके गले में चुन्नी बांधकर बरामदे की छत पर लगी बल्ली से शव को लटका दिया। सुनील ने सुमन से कहा कि लोगों के पूछने पर वह गुरमीत के फांसी लगाने की बात कहे। पुलिस ने सुमन की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चुन्नी बरामद कर ली। खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई बीएस बिष्ट, एसआई लाखन सिंह, पीडी जोशी, कांस्टेबल मनोज देवड़ी, ध्यान सिंह, सतीश भट्ट, ऋचा तिवारी आदि शामिल हैं।

मिली ऐसी सीबीआई, जिसकी महिला सदस्य ले जाती हैं कमरे में, और पुरुष दबिश डालकर वसूलते हैं रंगदारी

-पंतनगर की सिडकुल पुलिस चौकी पुलिस ने किया है ऐसे फर्जी गिरोह का पर्दाफाश
रुद्रपुर, 30 अक्तूबर 2018। पंतनगर थाना क्षेत्र की सिडकुल चौकी पुलिस ने सोमवार रात एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसके सदस्य फर्जी क्राइम ब्रांच के सदस्य बनकर लोगों से ठगी करते हैं। खास बात यह है कि गिरोह के सदस्य की महिलाएं लोगों को अपने चंगुल में फंसाकर अपने साथ कमरे में ले जाती हैं, और बाद में गिरोह के पुरुष सदस्य क्राइम ब्रांच-सीबीआई के अफसर बनकर कमरे में दबिश डालते हैं, और लोगों की वीडियो और फोटो लेकर ब्लेकमेल करते हैं, तथा जेल भेजने का डर दिखाकर लाखों की रंगदारी मांगते हैं।

पुलिस ने मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड प्रणव सिंह निवासी नगीना बिजनौर यूपी, विकास गंगवार निवासी बहेड़ी जिला बरेली व महिला पूनम शर्मा निवासी जिला बिजनौर को मेट्रोपॉलिस के फ्लैट से महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि गिरोह के तीन अन्य सदस्य अभिषेक गुप्ता उर्फ नावेद निवासी नगीना, फैजान पाशा निवासी रामपुर और सिमरन शामिया लेक सिटी रुद्रपुर पुलिस को चकमा देकर भाग खड़े हुए। उल्लेखनीय है कि खटीमा निवासी एक व्यक्ति ने सिडकुल चौकी में तहरीर दी थी कि चार दिन पूर्व 26 अक्टूबर को कुछ लोगों ने फर्जी क्राइम ब्रांच सदस्य बनकर उसे रुद्रपुर के मेट्रोपॉलिस के एक फ्लैट में बंधक बना लिया था, और 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगे और न देने पर जेल भेजने की कहकर डराने लगे। इसके बाद उसने 2 लाख रुपये मंगवाकर उन लोगों को दिए। रुपये मिलने के बाद वे उसे सिडकुल पंतनगर के सामने सुनसान जगह पर छोड़कर भाग गए। इसके बाद उसने सिडकुल चौकी में शिकायत की। गिरफ्तार किये गये आरोपियों से क्राइम ब्रांच व पुलिस के आईकार्ड, 1 इंडिगो कार व अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।

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उत्तरकाशी, 22 अक्टूबर 2018। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक बंद कमरे के भीतर बक्से में महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गयी। मामले में पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद महिला का शव उसकी बहन के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही मृतका के पति, देवर, देवरानी और भांजे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यहां बता दें कि रविवार रात को उत्तरकाशी के बड़कोट नगर में शिव मंदिर के पास बीते एक पखवाड़े से बंद पड़े मकान में बक्से में महिला की सड़ी गली लाश मिली है। मकान मालिक गजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उनके मकान के दो कमरों में रतन बहादुर जोशी अपनी दो पत्नियों और एक बेटी के साथ रहता था, जबकि इसी मकान के दूसरे कमरे में उसका भाई जयकिशन अपनी पत्नी नंदा देवी और भांजे विनोद के साथ रहता था। कुछ समय पहले घर में झगड़ा होने पर रतन बहादुर की पहली पत्नी और बेटी घर छोड़कर चले गए थे और बीते सात अक्तूबर को और लोग भी कुछ दिन बाद आने की बात कहकर कहीं चले गए। रविवार शाम को बंद पड़े कमरे से बदबू आने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी, तब मामले का खुलासा हुआ।
थानाध्यक्ष विनोद थपलियाल ने बताया कि बक्से में बंद मिला पद्मा देवी का शव पोस्टमार्टम कराने के बाद उसकी बहन गंगोरी उत्तरकाशी निवासी बिंद्रा ग्वाल को सौंप दिया गया। मकान मालिक की तहरीर और पद्मा देवी की बहन द्वारा अंदेशा जताए जाने के आधार पर पुलिस ने रतन बहादुर, जयकिशन, नंदा देवी और विनोद के खिलाफ भादंसं की धारा 302 एवं 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। रतन बहादुर के आधार कार्ड पर उसका पता सतपुली पौड़ी दर्ज है। वहां पुलिस से संपर्क कर उसकी खोजबीन की जा रही है। हत्या के मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भय के साथ रोष व्याप्त है।

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नैनीताल, 20 अक्टूबर 2018। उत्तराखंड के ऋषिकेश में कुंडलिनी जागरण की शिक्षा देने के बहाने एक विदेशी युवक ने डेनमार्क की 22 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़ करने का मामला प्रकाश में आया है। युवती की शिकायत पर थाना मुनिकीरेती पुलिस ने आरोपी सुदीप निवासी बलैन अमेरिकन (कैलिफोर्निया) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक सुदीप बलैन कैलिफोर्निया से एक महीने पहले घूमने और म्यूजिक सीखने आया था। वह तपोवन स्थित एक गेस्ट हाउस में करीब 10 दिनों से ठहरा हुआ था। इसी दौरान उसकी मुलाकात डेनमार्क की युवती से तपोवन स्थित इवा कैफे में हुई। दोनों में बातचीत के दौरान योग और कुंडलिनी जागरण की विधा और उसके चमत्कारिक प्रभाव की भी चर्चा हुई। विदेशी युवती ने कुंडलिनी जागरण सीखने की इच्छा जताई। इस पर सुदीप ने युवती को अपने फ्लैट पर बुला लिया। 16 अक्तूबर को युवती जब सुदीप के फ्लैट पर पहुंची तो आरोपी ने कुंडलिनी जागरण की प्रक्रिया के बहाने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। कुछ देर बाद जब युवती को मामला संदिग्ध लगा तो उसने इन हरकतों का विरोध किया। इस पर सुदीप ने युवती को ब्लैकमेल करने की कोशिश की। युवती नहीं मानी तो आरोपी ने धमकाना शुरू कर दिया। युवती ने एक स्थानीय पूर्व परिचित युवक जतिन अरोड़ा से पूरी घटना का जिक्र किया। मुनिकीरेती थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक सुजीत कुमार ने बताया कि युवती की शिकायत पर सुदीप बलैन पुत्र कंवर सिंह निवासी ग्रीन स्ट्रीट मेल वैली, कैलिफोर्निया, अमेरिका के खिलाफ शुक्रवार को मुनिकीरेती थाने में धारा 376 (1), 354 में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया है।
वहीं एक अन्य घटना में देहरादून के अधेड़ ने खुद से 40 साल छोटी पंजाब के अम्बाला जिले की निवासी 14 वर्षीया बोर्डिंग स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा से कई बार दुष्कर्म कर दिया गया। दुष्कर्म से छात्र गर्भवती हो गयी। शिकायत पर  प्रेमनगर पुलिस ने आरोपी अधेड़ को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। बताया गया है कि बोर्डिंग स्कूल से छुट्टी होने पर 14 वर्षीय पीड़िता आरोपी के घर कुछ दिन रुकने गई थी। दिलावर की पत्नी एक अस्पताल में स्टाफ नर्स है। इस दौरान आरोपी ने अकेलेपन का फायदा उठाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इसके बाद बीते मई में वह अपने घर चली गई। अगस्त में तबीयत खराब होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर गए तो बेटी के पांच माह की गर्भवती होने का पता लगा। एसओ प्रेमनगर दिलवर सिंह नेगी ने बताया कि अम्बाला जिले की निवासी छात्रा के परिजनों ने बेटी से दुष्कर्म के लेकर अपने नजदीकी थाने में दिलावर सिंह (54) पुत्र मोहन सिंह निवासी महिमा एन्क्लेव केहरी गांव प्रेमनगर के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कराई। जिसे बीते 28 सितंबर को प्रेमनगर पुलिस ने दर्ज कर जांच शुरू की।

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सितारगंज, 17 अक्टूबर 2018। नगर के अमृतसरिया ढाबा स्वामी की हत्या हो गयी है। मृत्यु के बाद शव का गुपचुप अंतिम संस्कार करने की भी कोशिश की गई। हत्या मृतक के जीजा ने गोली मारकर की है। हत्या का कारण अस्पष्ट है। पुलिस शादी के बाद हर्ष फायरिंग को मृत्यु का कारण बता रही है, किंतु यह कारण किसी के गले नहीं उतर रहा है।
बताया गया है कि शादी समारोह से घर लौटने के बाद नशे में धुत एक मेजर ने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर झोंके। उसके साले ने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन एक गोली साले के पेट में आ लगी। घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। आरोपी जीजा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने शादी समारोह में भी फायर किए थे।
मूल रूप से रिछौला गजरौला जिला पीलीभीत निवासी हरपाल सिंह (37) पुत्र तरसेम सिंह का बिज्टी बाईपास पर बिजली कॉलोनी के सामने हाईवे किनारे अमृतसरिया ढाबा है। वह बिजली कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। सोमवार रात करीब 11 बजे हरपाल अपने जीजा मलपुरी गांव निवासी मेजर सिंह के साथ पीलीभीत मार्ग पर एक शादी समारोह से लौटा था। कुछ देर बाद उसके जीजा मेजर सिंह ने नशे में अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गेट पर फायरिंग की। इस पर हरपाल और उसकी पत्नी घर से बाहर निकल आए और मेजर सिंह से ऐसा न करने को कहा। मेजर सिंह नहीं माना और बाहर खड़ी कार में रिवाल्वर लोड कर सड़क पर आ गया। हरपाल ने उसे फायर झोंकने से रोकने की कोशिश की। इसी दौरान अचानक गोली चल गई जो हरपाल के पेट में जा धंसी।

पुलिस को सूचना दिए बगैर अंत्येष्टि करने की थी तैयारी

मेजर सिंह तत्काल ही उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां से डॉक्टर ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया। लेकिन, परिजन हरपाल को रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। यहां से भी रेफर करने पर उसे पीलीभीत के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीओ हिमांशु शाह और कोतवाल संजय कुमार ने घटनास्थल का दौरा कर पत्नी समेत अन्य परिजनों के बयान लिए। सीओ ने बताया कि अभी तक हर्ष फायरिंग में मौत होना सामने आया है। आरोपी को हिरासत में लिया गया है। परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना मंगलवार शाम को हरपाल की अंत्येष्टि की तैयारी चल रही थी, तभी मृतक की पत्नी सरनजीत कौर ने पुलिस को तहरीर देकर घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा। इधर, सीओ हिमांशु शाह और कोतवाल संजय कुमार ने कहा है कि जांच के बाद आरोपी मेजर सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर,  हरपाल की मौत से उसकी पत्नी, बेटे और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है।
अस्पताल प्रबंधन का जवाब तलब करेंगे : सीओ 
सितारगंज। फायरिंग के बाद गंभीर रूप से घायल हरपाल सिंह को सोमवार रात में ही सीएचसी में ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे रेफर तो कर दिया, लेकिन पुलिस को उसका मेमो नहीं भेजा। इससे पुलिस तक घटना की जानकारी नहीं पहुंची। मंगलवार शाम को मृतक की पत्नी के तहरीर देने पर मामला संज्ञान में आने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। सीओ ने बताया कि मेमो न देने पर अस्पताल प्रबंधन का जवाब तलब करेंगे।

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अगस्त्यमुनि, 14 अक्तूबर 2018। बीती 7 अक्तूबर को उत्तराखंड के अगस्त्यमुनि ब्लाक के राजस्व क्षेत्र जग्गी-कांडई में हुई वृद्ध दरवान सिंह राणा की हत्या के मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर राजबर सिंह राणा पुत्र स्व. प्रताप सिंह राणा निवासी आगर और एक स्वर्णकार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। एसपी पीएन मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 7 अक्तूबर की देर शाम को आरोपी ने लूटपाट के इरादे से वृद्ध को षड्यंत्र के तहत पहले शराब पिलाई। इसके बाद वह अपने घर चला गया। देर रात 11 बजे वह पुनः वृद्ध के घर पर पहुंचा और गला दबाकर उनकी हत्या कर घर से मंगलसूत्र, गुलबंद, पायल आदि लूटकर फरार हो गया। कोतवाल केएस बिष्ट के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी की धरपकड़ के लिए कई जगहों पर दबिश दी, और उसका मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाने के साथ अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाकर आरोपी को गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि आरोपी राजबर सिंह राणा ने हत्या की है। बताया कि आरोपी इससे पूर्व वर्ष 2004 में जनपद चमोली में अपनी ससुराल में चोरी के आरोप में और वर्ष 2007 में कांडई-दशज्यूला में लकड़ी चोरी के मामले में जेल जा चुका है। एसपी ने हत्यारोपी को पकड़ने वाली टीम कोतवाली निरीक्षक केएस बिष्ट, उप निरीक्षक विजेंद्र कुमांई, कांस्टेबल महेंद्र सिंह राणा व महिला कांस्टेबल कल्पेश्वरी को ढाई हजार रुपये का नगद इनाम दिया है।

उल्लेखनीय है कि 9 अक्तूबर को यह मामला राजस्व पुलिस में दर्ज हुआ था, ओर 11 अक्तूबर को रेगुलर पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया था। आरोपी के पास से लूट के नगद 15000 रुपये सहित 15500 रुपये, मृतक का आधार कार्ड, एक जोड़ी पायल, एक जोड़ी बिछुए, एक नोज रिंग, एक मंगलसूत्र बरामद हुए हैं, जबकि आरोपी की निशादेही पर पुलिस ने मृतक के घर से लूटा गया गलोबंद रुद्रप्रयाग बाजार के स्वर्णकार सुनील वर्मा पुत्र रामेश्वर वर्मा की दुकान से बरामद कर आरोपी स्वर्णकार को भी हिरासत में लिया है। स्वर्णकार के विरुद्ध भी भारतीय दंड संहिता की धारा 411 के मुकदमा दर्ज किया गया है।

केंद्र सरकार की योजनाओं के नाम पर भी ठगी करता रहा है आरोपित
एसपी ने बताया कि हत्यारोपी राजबर सिंह राणा ने गांवों में जरूरतमंदों से केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर भी हजारों रुपयों की ठगी की है। पुलिस के मुताबिक उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिलाने, इंदिरा गांधी व प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास दिलाने के लिए आठ सौ रुपये से 15 हजार रुपये तक की ठगी की है।

हैवान पड़ोसियों ने पड़ोसी महिला को पिला दिया तेजाब, 6 आरोपितों में से तीन महिलाएं

जसपुर, 7 अक्टूबर 2018। आज के दौर में जब अधिकांश लोग अपने घर-परिवारों से दूर अन्यत्र रहते हैं, तब पड़ोसियों को ही असली सहारा कहा जाता है। लेकिन एक घटना में मात्र इतना सा कारण कि एक महिला अपने छोटे से बच्चे को नाली में पेशाब करा रही थी, हैवान पड़ोसियों को यह इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने महिला की पिटाई कर उसे तेजाब पिला दिया। इससे उसका गला, भोजन नली सहित पेट की आंतें आदि बुरी तरह से झुलस गये हैं, और उसे बेहद गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस एवं राजस्व कर्मियों ने महिला के बयान दर्ज कर लिए हैं। दरिंदगी की हद यह भी है कि 6 आरोपितों में से तीन कोमल मन की मानी जाने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। इन महिलाओं पर पीड़िता के घर में घुसकर उसके कपड़े फाड़ने का भी आरोप है। घटना के बाद से यह महिलाएं और उनके घर के आरोपित पुरुष गायब बताये गये हैं।
दरिंदगी की हद का यह मामला जसपुर उत्तराखंड के मोहल्ला नत्थासिंह नहरपार का है। यहां रहने वाली शाहीन (35) के पति अनवर सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। बीती रात आठ बजे बच्चे को नाली पर पेशाब कराने को लेकर पड़ोसी उससे पहले बुरी तरह से झगड़े, और उसकी पिटाई कर घर के शौचालय में सफाई के लिय रखी तेजाब की बोतल उसके मंुह में उड़ेल दी, और मौके से भाग गये। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे काशीपुर के एक निजी नर्सिंग होम में ले गए, जहां वह दर्द के कारण पिछले कई घंटों से तड़प रही है। उसका उपचार कर रहे डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि तेजाब से महिला का गला और आंतें झुलस गई हैं। उसकी हालत नाजुक है। सिंह ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस और कानूनगो नवाब जान ने अस्पताल जाकर शाहीन के बयान दर्ज किये, जिसमें पीड़िता ने ने बयान में तेजाब पिलाए जाने की बात कही। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने महिला के पिता की तहरीर पर तीन महिलाओं सहित छह लोगों के खिलाफ तेजाब पिलाने की तहरीर दी, जिस पर मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। पिता की तहरीर में आरोपित पड़ोसियों पर पीड़िता के कपड़े फाडने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पड़ोसियों ने घर में घुसकर न केवल मारपीट की और तेजाब ही पिलाया, बल्कि उनके घरों की महिलाओं ने शाहीन के कपड़े भी फाड़ दिया।

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हरिद्वार, 5 अक्टूबर 2018  अवैध संबंध टूटने से नाराज एक मिस्त्री ने कथित तौर पर पांच बच्चों की विधवा मां के सात साल के बच्चे की हथौड़े से पीट-पीटकर हत्या कर दी, और शव को हत्यारे ने रेत में दबा दिया। मामला सिडकुल थानाक्षेत्र के नवोदय नगर कॉलोनी का है। पुलिस ने राज मिस्त्री को गिरफ्तार कर देर रात उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद कर लिया। इसके साथ ही बच्चे की गुमशुदगी को हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया गया है।  महिला के पति का निधन हो चु का है। पति से उसके पांच बच्चे हैं। वह मजदूरी करके अपना व अपने बच्चों का पेट पालती है। हत्यारे के महिला से सम्बन्ध बन गए थे, जबकि इन दिनों उसके किसी अन्य ठेकेदार से सम्बन्ध हो गए थे। इससे आहत होकर ही उसने महिला के बच्चे की हत्या कर दी। 

बुधवार को सिडकुल थाना अंतर्गत में एक महिला का आठ साल का बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। इस पर मां ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस बच्चे की खोजबीन में लगी। मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने आरोपी युवक शमशेर गढ़मीर पुर बहादराबाद हरिद्वार को हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में युवक ने बताया कि बच्चे के सिर पर हथौड़ा मारकर हत्या की। आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद वह बच्चे को बोरे में भरकर ले गया और रेत के गड्ढे में दबा दिया। सीओ सदर प्रकाश देवली ने बताया कि बच्चे का पिता नहीं है। मां का कुछ समय पहले तक आरोपी से प्रेम-प्रसंग चला। फिर इस बीच किसी और के साथ महिला के संबंध बन गए। आरोपी ने बीते दिनों जब बच्चे से बात कि तो उसने बताया कि उसकी मां से मिलने रात में एक अंकल आए थे और रात भर रहे। यह सुनकर आरोपी आग बबूला हो गया और बच्चे के सिर पर हथौड़े से तीन वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया और हेतमपुर पुल के पास शव को दबा दिया।

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रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में आरोपी के साथ रहकर काम करती थी लड़की

रुद्रपुर, 18 सितंबर 2018। लोग अपनी बहन- बेटियों को दूसरे शहरों में सुरक्षा के लिये अपने रिश्तेदारों के साथ रखते हैं। लेकिन इस घटना के बाद शायद ऐसा करने से डरें। 

रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में रहने वाले एक युवक पर साथ में रहकर नौकरी करने वाली अपनी ही ममेरी बहन से बलात्कार करने और बलात्कार के आरोप से बचने के लिए बहन का कत्ल करने व उसकी लाश को दफनाने का आरोप लगा है। मामले में न तो लड़की का कहीं पता है और न ही आरोपी का। पूरे मामले में गायब लड़की के पिता ने अपने मूल स्थान शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश में मामला दर्ज कराया है। यूपी पुलिस ने यह मामला अब ट्रांजिट कैंप पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस गहनता के साथ दोनों की तलाश कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खुटार शाहजहां उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक लड़की यहां ट्रांजिट कैंप स्थित चामुंडा मंदिर वाली गली में रह एक कंपनी में काम करती थी। यहीं हाफिजगंज बरेली उत्तर प्रदेश का रहने वाला अनिल कुमार शर्मा पुत्र स्व.राम बहादुर शर्मा भी रहता था। बताया जाता है कि लड़की अनिल की ममेरी बहन थी। दोनों लंबे समय से यहां रह रहे थे। कुछ कुछ महीनों के अंतराल में हमेशा लड़की अपने परिजनों से मिलने के लिए शाहजहांपुर जाती थी, लेकिन पिछले कुछ माह से लड़की अपने परिजनों से मिलने नहींं गई। ऐसे में परिजनों ने अपनी बेटी को फोन किया, लेकिन उसका फोन लगातार स्विच ऑफ मिला। इस पर परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने अनिल को फोन किया, लेकिन अनिल ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस जवाब पर परिजन अपने स्तर पर पड़ताल में जुट गए और यह बात सामने आई कि अनिल उनकी बेटी का बलात्कार कर रहा था। जब बेटी ने धमकी दी कि वह यह बात सबको बता देगी तो बचने के लिए अनिल ने उसका अपहरण किया और जान से मार दिया। लाश बरामद न हो सके इसलिए उसकी लाश को कहीं ले जा कर दफना दिया। परिजनों की इस तहरीर पर खुटार थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। चूंकि घटना स्थल ट्रांजिट कैंप था तो यूपी पुलिस ने पूरा केस ट्रांजिट कैंप पुलिस के हस्तांतरित कर दिया है। अब पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है। हालांकि ट्रांजिट कैंप पुलिस का कहना है कि जांच से पहले मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

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पूर्णागिरि मंदिर के पास पुलिस को किशोर का डेढ़ वर्ष पुराना कंकाल बरामद करता हत्यारा।

टनकपुर, 5 सितंबर 2018। सीबीसीआईडी ने बुधवार को पूर्णागिरि मंदिर के पास हत्यारे प्रीतम सिंह की निशानदेही पर एक कंकाल बरामद किया। उसकी शिनाख्त शव के पास पड़े कपड़ों के आधार पर मृतक के भाई सुशील कुमार ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व गायब हुए रुद्रपुर निवासी 16 वर्षीय किशोर संजीव कुमार के रूप में हुई। पुष्टि के लिए पुलिस कंकाल का डीएनए परीक्षण कराएगी। अलबत्ता हत्यारे ने कबूल किया है कि उसने मोबाइल लूटने के लिए ही संजीव को मौत के घाट उतार दिया था। उसने पुलिस टीम को बताया कि वह संजीव को बहला-फुसलाकर इसी जगह पर लाया था और बातों ही बातों में चट्टान पर बैठाकर उसके सिर में पत्थर से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद हत्यारे ने शव को बगल में ही बड़े पत्थरों के बीच में फेंक दिया। घटना काफी पुरानी होने के कारण पत्थरों के बीच में मिट्टी और रेत भर गई थी, जिससे कंकाल दबा हुआ था। पुलिस और सीबीसीआईडी की टीम ने कंकाल बरामद कर अपने पास सुरक्षित रख लिया है, जिसे फॉरेसिंक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। बताया गया है कि जिस दिन संजीव की हत्या की गई थी, उस दिन उसके पास दो मोबाइल फोन और जेब में मात्र चार सौ रुपये थे। हत्या के बाद रुद्रपुर के एक व्यापारी को मोबाइल फोन बेचा गया।
इसके अलावा हत्यारे प्रीतम सिंह ने इससे पहले हरिद्वार में हर की पैड़ी के पास झाड़ू लगाने वाली एक महिला की चिड़ियापुर में दुष्कर्म के बाद हत्या करने की बात भी कबूली है।

चंपावत में वृद्ध दंपति व मां सहित 3 को काट डाला, 3 दिन बाद पता चली घटना

तीन दिन बाद घटनास्थल गांव पहुंचे पुलिसकर्मी।

चंपावत, 4 सितंबर 2018। चंपावत जनपद में बीते छह माह में तीसरी तिहरे हत्याकांड का मामला सामने आया है। जनपद के सील्याड़-उदाली ग्राम सभा के चांचडी तोक में तीन दिन बाद एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। टनकपुर कोतवाली पुलिस द्वारा सोमवार रात्रि पकड़े गए दो लोगों-प्रीतम सिंह (34) पुत्र हुकुम सिंह निवासी तामली चंपावत व विशाल (20) पुत्र प्रेम सिंह निवासी हरिपुरकलां रायवाला हरिद्वार से घटना का खुलासा हुआ। सूचना के बाद घटनास्थल पहुंची चंपावत पुलिस को मौके पर कृष्ण सिंह (60) पुत्र चन्दन सिंह उनकी पत्नी मनू देवी (45) व मां पार्वती देवी (85) के तीन दिन से मृत पड़े शव पड़े मिले। घर का सामान भी बिखरा हुआ था। मृतक के तीन पुत्र प्रकाश, भीम व सचिन गुजरात मे काम करते है। बताया गया है कि मामले की जानकारी पुलिस को मीडिया के बाद मिली। इस पर एसपी धीरेन्द्र गुंज्याल मीडिया पर भड़क गए, और पहले घटना को छुपाते रहे व बदसलूकी की।

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