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‘नवीन समाचार’ एक्सक्लूसिव: डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताईं अपनी भावी योजनाएं

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 फरवरी 2021। जनपद के नवागत डीएम धीराज गर्ब्याल ने आपके पसंदीदा एवं भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के साथ बात कर अपनी भावी योजनाओं का खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि नगर में आने वाले सैलानियों के लिए नगर की यादें चिरस्थाई बनाने के लिए नक्काशीदार ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए जाएंगे। सैलानी नगर में प्रवेश करते ही तल्लीताल में इसका लाभ उठा सकेंगे। वहीं हिमालय दर्शन पर ‘नंदा देवी सेल्फी प्वाइंट’ बनाया जाएगा। इसके अलावा हनुमानगढ़ी में सूर्यास्त एवं विश्व में स्विटजरलेंड की बान घाटी की तरह कुछ ही स्थानों पर नजर आने वाली ‘विंटर लाइन’ के साथ फोटो खींचने के लिए भी सेल्फी प्वांट बनाया जा सकता है। इसके अलावा अपने ‘होम स्ट’े के कॉन्सेप्ट को एक कदम आगे बढ़ाते हुए ‘एस्ट्रो टूरिज्म’ के नए कॉन्सेप्ट को चुनिंदा गांवों में लागू किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीणों को दूरबीनें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनसे वे सैलानियों को चांद-सितारों के दीदार कराएंगे।
नगर की पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए पूर्व में अपने द्वारा ही अंडा मार्केट में नाले को पाट कर बनाई गई पार्किंग का मस्जिद तिराहे तक विस्तार किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यहां 70-75 तक वाहन खड़े हो सकेंगे। इसके अलावा तल्लीताल में बलियानाला के ऊपर, सेंट मेरीज कॉन्वेंट के नीचे सरकारी आवासों पर बीम कॉलम देकर नीचे आवासों युक्त या अन्यत्र शिफ्ट करके भी पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा डीएम आवास के ऊपर भी पार्किंग का विकास किया जाएगा। इसके अलावा ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में होने वाले आयोजनों को अन्य समय पर किए जाने की भी पहल की जाएगी, ताकि उस समय अनावश्यक भीड़भाड़ न बढ़े, बल्कि वही भीड़ किसी अन्य मौसम में आए। उन्होंने मल्लीताल बैंड स्टेंड में वर्ष भर हर शाम को स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान कराने तथा पौड़ी की तरह हर सेक्टर में नई पहलें करने का भी इरादा जताया।

डीएम गर्ब्याल ने छात्रों एवं उच्चाधिकारियों के बीच सतत संवाद की जरूरत बताई

डीएम धीराज गर्ब्याल का शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन करते कूटा के पदाधिकारी।

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ यानी कुटा के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र के रूप में नैनीताल के डीएम धीराज गर्ब्याल से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें शाल पहनाकर एवम् पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत व अभिनंदन किया। इस मौके पर डीएम गर्ब्याल से वार्ता करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कुमाऊं विश्वविद्यालय को भूमि स्थानांतरण के लिए निवेदन किया। इस पर डीएम ने शीघ्र ही मामला शासन को भेजने का आश्वासन दिया। साथ ही नैनीताल की विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाने पर डीएम ने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया। डीएम गर्ब्याल ने विश्वविद्यालय के छात्रों को अभिप्रेरित करने के उद्देश्य से उच्च अधिकारियों एवं विद्यार्थियों के मध्य सतत संवाद पर भी जोर दिया तथा कहा की माह में कम से कम एक बार इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक हों। शिष्टाचार मंडल में प्रो. ललित तिवारी, डॉ. सुचेतन साह, डॉ. विजय कुमार व डॉ सुहेल जावेद आदि सम्मलित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 10 फरवरी 2021। नैनीताल जनपद के नवनियुक्त जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल का जनपद में फोकस स्थानीय समस्याओं के समाधान के साथ जनपद में बेहतर संभावनाओं के क्षेत्रों को और उभारने पर होगा। बुधवार को कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत पहली बार पत्रकारों को औपचारिक तौर पर संबोधित करते हुए श्री गर्ब्याल ने कहा कि जनपद के बेतालघाट क्षेत्र में फलोद्यान व जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। बेतालघाट में मसालों के क्षेत्रों में बेहतर काम करने की संभावना है। साथ ही भाबर के क्षेत्र में कृषि के क्षेत्र में भी बेहतर काम किया जा सकता है। इन्हें और बढ़ावा दिया जाएगा।

पर्यटन नगरी नैनीताल मैं पर्यटन स्थलों के विकास के साथ ही यहां से सैलानियों का दबाव कम करने की कोशिश में है निकटवर्ती पर्यटन स्थलों को विकसित करने की भी उनकी कोशिश रहेगी। मल्लीताल बेंड स्टैंड पर लगातार स्थानीय प्रतिभाओं को कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए संस्कृति विभाग से बात की जाएगी। हल्द्वानी में जाम से निजात दिलाने के लिए रोडवेज बस स्टेशन से कालू साई मंदिर – मंगलपड़ाव तक एक किलोमीटर का व मुखानी में फ्लाईओवरों का निर्माण किया जाएगा। शहरी विकास सचिव से इस संबंध में वार्ता हो गई है। हल्द्वानी टैक्सी स्टैंड को अंत्यत्र शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए जरूरत पड़ी तो अतिक्रमण हटवाकर सड़कों को खाली कराया जाएगा।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत हर घर की बेटी के नाम पर घर के बाहर नेम प्लेट लगाई जाएगी। मल्लीताल व तल्लीताल रिक्शा स्टैंड को कुमाउनी शैली में ढाला जाएगा। नैनीताल लगे निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों खुले आकाश को भी पर्यटन का माध्यम बनाते हुए एस्ट्रोनॉमी पर्यटन के नए क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। हर ब्लॉक में एक मॉडल गांव बनाया जाएगा। पर्यटन स्थलों का सुन्दरीकरण पर्वतीय शैली में किया जाएगा। नक्कासीदार सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। इसके अलावा नैनीताल में ट्रैफिक का दबाव कम करने को छोटे पार्किंग स्थल बनाये जाएंगे। मुक्तेश्वर, सातताल, ओखलकांडा में भी पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मुक्तेश्वर में ट्रैफिक समस्या के समाधान को अध्ययन किया जाएगा। खासकर नर्सरी व सेब  के बागान बनाये जाएंगे और किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए हिमांचल से विशेषज्ञ बुलाये जाएंगे। भीमताल में इसी वित्तीय वर्ष से समूह आधारित नर्सरी बनाई जाएगी।

नवनियुक्त डीएम धीराज गर्ब्याल द्वारा पद ग्रहण करने पर भाजपा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। स्वागत करने वालो में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल सिंह रावत, पूर्व मंडल अध्यक्ष व सभासद मनोज जोशी, पूर्व मंडल अध्यक्ष पूरन मेहरा, जिलाध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा प्रकाश आर्य, विधानसभा संयोजक सोशल मीडिया विश्वकेतु वैद्य, छावनी परिषद उपाध्यक्ष बहादुर सिंह रौतेला, अधिवक्ता दयाकिशन पोखरिया, पूर्व सभासद दीप नारायण, मंडल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अतुल पाल व रचित आदि भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 09 फरवरी 2021। आईएएस धिराज गर्ब्याल ने नैनीताल जनपद के नए जिलाधिकारी के रूप में मंगलवार देर रात्रि करीब 11 बजे कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वह उत्तराखंड बनने के बाद नैनीताल जनपद के 18वें एवं जनपद बनने के बाद से 81वें जिलाधिकारी होंगे। 

नवनियुक्त डीएम धीराज से अपार उम्मीदें

केएमवीएन के प्रबंध निदेशक श्री धीराज गर्ब्याल

जनपद के नवनियुक्त डीएम धीराज गर्ब्याल से अब जनपदवासियों को काफी उम्मीदें हैं। धीराज का काफी समय नैनीताल में बीता है। 1994 में उन्होंने यहीं डीएसबी परिसर से पढ़ाई की है। इसके बाद यहीं तत्कालीन झील विकास प्राधिकरण के सचिव रहते उन्होंने काफी कार्य किए। इनमें नैनी झील के संरक्षण के लिए बायो मैन्युपुलेशन, एरिएशन, झील में खतरनाक गंबूशिया व बिग हेड प्रजातियों की मछलियांे का उन्मूलन तथा गोल्डन व सिल्वर कार्प तथा महाशीर मछलियों को डलवाने, ठंडी सड़क का सौंदर्यीकरण, भीमताल झील के बीच में दुनिया के अनूठे एक्वेरियम की स्थापना जैसे कार्य आज भी याद किए जाते हैं।
इसके अलावा वे नैनीताल जनपद के अपर जिलाधिकारी भी रहे। वहीं कुमाऊं मंडल विकास निगम के पहले महाप्रबंधक और बाद में प्रबंध निदेशक रहते उन्होंने पूरे कुमाऊं मंडल के पर्यटक आवास गृहों की व्यवस्थाओं में आमूलचूल परिवर्तन करवाया। कमरों से बाहर की प्राकृतिक छटा के दर्शन कराने के लिए बड़े-बड़े शीशे और भीतर अत्याधुनिक एवं ब्रांडेड सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, साथ ही सीमांत क्षेत्र में हरे रंग को पहचान बनाकर अनेक गांवों में ‘होम स्टे’ की सुविधाएं विकसित की गईं। उन्हें उत्तराखंड में ‘होम स्टे’ का विचार लाने व धरातल पर उतारने वाले शुरुआती लोगों में भी गिना जाता है। ‘होम स्टे’ इतना प्रसिद्ध हुआ कि गणतंत्र दिवस में उत्तराखंड की झांकी में भी शामिल किया गया। संभवतया इसी कारण उन्हें पहले गढ़वाल मंडल के मुख्यालय पौड़ी और अब कुमाऊं मंडल के मुख्यालय नैनीताल जनपद के डीएम पद की जिम्मेदारी सोंपी गई है। होम स्टे को उन्होंने पौड़ी के डीएम रहते वहां भी लागू किया। साथ ही वहां गढ़वाली भाषा को प्रारंभिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में लागू करने का उनका प्रयोग इतना पसंद किया गया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इसे कुमाऊं मंडल में भी लागू किया है। यहां भी प्राथमिक कक्षाओं के लिए कुमाउनी विषय की पाठ्यपुस्तकें बन चुकी हैं। ऐसे में उनसे जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ नए अनूठे प्रयोग करने, कुमाउनी पाठ्यक्रम को धरातल पर उतारने, जनपद में विकास से संबंधित योजनाओं को तेजी प्रदान करने की उम्मीदें हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 08 फरवरी 2021। नैनीताल के डीएम सविन बंसल को बीते सप्ताह एक फरवरी को प्रदेश के मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने आकर पीठ थपथपाई थी, और कहा था ‘वेलडन सविन’। इससे पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री भी उनकी ‘पीठ ठोंक’ चुके थे। लेकिन ठीक एक सप्ताह बाद ही आठ फरवरी को, प्रदेश में आई बड़ी दैवीय आपदा के दौरान उन्हें उन्ही मुख्य सचिव के नेतृत्व वाले शासन व उन्हीं मुख्यमंत्री की सरकार से आदेश आ गया ‘कम बैक सविन’। यानी उन्हें किसी भी अधिकारी के लिए स्वप्न सरीखे डीएम पद से हटाकर शासन में बुला लिया गयाउल्लेखनीय है कि कुल पांच जिलों के डीएम हटाए गए हैं, किंतु केवल बंसल को छोड़कर शेष को अन्य जिलों का डीएम ही बनाया गया है। 

इस पर जानकारों का कहना है कि बंसल का जोर जमीनी काम करने से अधिक मीडिया में अपनी छवि बनाने को लेकर रहा। यहां तक कि उन्होंने 29 जून 2019 को कार्यभार ग्रहण के दौरान अपनी पहली पत्रकार वार्ता में किए गए वादों पर भी कार्य नहीं किया। पद व कद में ऊंचे सविन की नजरें ऊपर ही अधिक रहीं। उनकी मुख्यालय में आम जनता भी उनसे मिलने को तरसती रही। जिला कलक्ट्रेट में उनके द्वारा बनाया गया बैडमिंटन कोर्ट भी विवादों में रहा। पत्रकारों की भी आम शिकायत रही कि वे फोन नहीं उठाते हैं। जिला मुख्यालय के व्यवसायियों की भी मानें तो वे जिला मुख्यालय किसी सैलानी की तरह ही आते थे। हल्द्वानी को ही उन्होंने अपना मुख्यालय बना लिया था। अलबत्ता दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल जाना उनकी विशेषता रही। बच्चों, छात्राओं एवं महिलाओं को आगे बढ़ाने एवं स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के उनके कुछ प्रयास भी स्मरणीय रहेंगे।
यहां हम श्री बंसल के 29 जून को आयोजित पहली पत्रकार वार्ता को कमोबेश हूबहू प्रस्तुत कर रहे हैं, ताकि पाठक स्वयं मूल्यांकन करें कि वे अपने कथनों पर कितने बने रहे।

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मलुवाताल में लगी चौपाल में पैदल पहुंचने पर डीएम को दुलारती गांव की एक वृद्धा (फाइल फोटो)।

29 जून 2019 को अपनी पहली पत्रकार वार्ता में डीएम सविन बंसल ने नैनीताल को प्रदेश की पर्यटन राजधानी बताते हुए बताया था कि वे
1. नगर में आने वाले पर्यटकों के लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी का सहारा लेते हुए मोबाइल एप और क्यूआरटी यानी क्विक रिस्पांस सिस्टम विकसित करेंगे। सैलानी इसमें उनके साथ आने वाली किसी भी तरह की समस्या, पुलिस, होटल अथवा टैक्सियों या अन्य पर्यटन व्यवसायियों द्वारा की जाने वाली लूट की शिकायत दर्ज करेंगे, और क्यूआरटी उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर उनकी समस्या का समाधान करेगी।
2. इसी तरह का एक पोर्टल मुख्यमंत्री के समाधान पोर्टल की तर्ज पर सुशासन के उद्देश्य से जनपद में भी विकसित किया जाएगा। इसमें जनपदवासी अपनी शिकायत दर्ज करेंगे। अधिकारियों को शिकायतों पर 15 दिन में कार्रवाई करनी होगी। शिकायतकर्ता को उसके मोबाइल पर उसकी शिकायत कहां तक पहुंची है, इसकी भी जानकारी मिलती रहेगी।
3. रेफरल सेंटर बने अस्पतालों की समस्या को दूर करने के लिए जनपद में अब चिकित्सकों को किसी रोगी को अन्यत्र रेफर करने के लिए जिम्मेदारी से कारण दर्ज करना होगा। डीएम स्वयं इसकी मॉनीटरिंग करेंगे।
4. जनपद में किसी भी तरह की आपदा आने की स्थिति में जनपद के मुक्तेश्वर में लगे डॉप्लर रडार अथवा अन्य स्रोतों से मिलने वाली आपात सूचनाओं को जनपद में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहली बार ‘सेटेलाइट बेस्ड अलार्म सिस्टम’ से जोड़ा जाएगा। इस सिस्टम के तहत प्रभावित होने वाले क्षेत्र के समस्त नागरिकों के मोबाइल पर स्वतः चेतावनी अलार्म बजने लगेंगे और संदेश आएंगे।
5. नैनीताल नगर के आधार बलियानाला के संरक्षण के लिए आईएआरएस यानी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग से जीआईएस यानी भौगोलिक सूचना प्रणाली का बेहतर उपयोग कर पता लगाया जाएगा कि भूगर्भ में कैसे नये भ्रंश विकसित हो रहे हैं। कहां कमजोर मिट्टी है, और उसमें भू-धंसाव हो सकता है। इस अनुरूप ही क्षेत्र एवं यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित किया जाएगा।

जंगल की पथरीली पगडंडी से पूरे प्रशासनिक अमले के साथ अधौड़ा के लिए निकलते डीएम सविन बंसल।

इसके अलावा कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत डीएम ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए जल्द ही नगर के नारायणनगर, मेट्रोपोल व पाइंस में तीन नई पार्किंग बन जाने का विश्वास जताया था। कहा था कि शासन से ये जल्द ही स्वीकृत हो जाएंगी। बलियानाला के सुदृढ़ीकरण पर बताया कि जापान की एजेंसी जायका यहां तकनीकी अध्ययन कर रही है। सूचना प्रौद्योगिकी के जरिये हो रहे इस अध्ययन से पता चल जाएगा कि यहां भूस्खलन के कारण क्या हैं। साथ ही भूगर्भ में पानी कहां से इकट्ठा हो रहा है, और निर्माणों का दबाव भूस्खलन के कारणों में कितना है। इसके बाद जल्द ही डीपीआर तैयार करने की उन्होंने बात कही थी। सुशासन के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं एएनएम केंद्रों मंे 100 फीसद सुविधाएं देने पर फोकस करने की बात भी उन्होंने कही थी। इसी तरह सुदूर दुर्गम व संचारविहीन क्षेत्रों में 12वीं तक की शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। देश के ‘विजन-2020’ के तहत जनपद में ऐपण जैसे स्थानीय शिल्प व लोक कला के साथ ही परंपरागत मोटे खाद्यान्नों एवं फलोत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय दोगुनी करने व क्षेत्र में ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। आवारा कुत्तों एवं बंदरों की समस्या के समाधान के लिए पूर्व में अल्मोड़ा जनपद में लागू किये गये उपाय खासकर शिविर लगाकर बंध्याकरण करने जैसे कार्य किये जाएंगे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 04 फरवरी 2021। डीएम नैनीताल सविन बंसल ने नगर के मल्लीताल में माता नयना देवी मंदिर के निकट स्थित सेवा समिति के सामुदायिक भवन के पुनःनिर्माण के कार्यों को पूरा करने के लिए जिला योजना से 16 लाख की धनराशि जारी की है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी को स्वीकृत की गई इस धनराशि से कार्यदायी संस्था जिला पंचायत नैनीताल के द्वारा भवन का निर्माण पूरा किया जाएगा।
बताया गया है कि सेवा समिति नैनीताल के अध्यक्ष शंकर दत्त जोशी ने डीएम को पत्र भेजकर कहा था कि वर्ष 1919 में यानी 100 वर्ष पूर्व तत्कालीन कुमाऊं मंडलायुक्त श्री भिंडम द्वारा स्थापित कराया गया यह भवन वर्ष 2013 में अग्निकांड में जलकर नष्ट हो गया था। पूर्व में इस भवन का उपयोग नैनीताल शहर में गरीब कन्याओं की शादी, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों, नंदा देवी मेंले के क्रियाकलापों व अन्य सामाजिक कार्यों में होता था। यह कार्य 2013 से बाधित हैं। अभी तक सांसद निधि से मिले 10 लाख, विधायक निधि से मिले 20 लाख एवं सेवा समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए 35 लाख रुपयों से इसका निर्माण किया जा चुका है। इसके बाद कार्य पूरा करने के लिए 16 लाख रुपए की आवश्यकता जताई गई थी। यह धनराशि स्वीकृत होने के बाद अधूरे छूटे सेवा समिति भवन के कार्य पूरे होने की उम्मीद है।

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-जिला कलक्ट्रेट में लगाई गई लिफ्ट व्हील चेयर की व्यवस्था अन्य जिलों में भी लागू करने की बात कही
नवीन समाचार, नैनीताल, 31 जनवरी 2021। जनपद के दौरे पर आये प्रदेश के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने रविवार को डाटा प्रजेंटेशन के माध्यम से जिले में डीएम सविन बंसल द्वारा जनपद में संचालित किये जा रहे आजीविका संवर्धन, सामुदायिक अवस्थापना विकास एवं सौन्दर्यकरण हेतु किये जा रहे कार्यों के बारे में विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की, साथ ही नैनीताल स्थित जिलाधिकारी शिविर कार्यालय में महिलाओं द्वारा निर्मित किये गये ऐपण व आकर्षक वॉल पेंटिंग, स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामान, जिला कलक्ट्रेट स्थित हिलांस कैंटीन आदि का अवलोकन किया। उन्होंने डीएम द्वारा किए गए जन उपयोगी एवं विकास के कार्यों एवं दिव्यांग एवं बुजुर्गों के लिए स्थापित व्हील चेयर की प्रशंसा की और शाबासी दी। साथ ही लिफ्ट व्हील चेयर का विवरण उपलब्ध कराने को कहा ताकि प्रदेश के अन्य जनपदों में भी इस प्रकार की लिफ्ट व्हील चेयर की स्थापना करायी जा सके। इस दौरान उन्होंने जिला कैम्प कार्यालय पहुंचकर जनपद में आजीविका संवर्धन, सामुदायिक अवस्थापना विकास एवं सौन्दर्यकरण हेतु किये जा रहे कार्यों के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली।
डाटा प्रजेंटेशन के माध्यम से डीएम बंसल ने बताया कि जनपद में छः नए मॉडर्न हिलंास किचन तथा 15 प्रमुख पर्यटक स्थलों पर हिलांस आउटलेट संचालित किये गये है। इनके माध्यम से ग्रामीण एवं निर्बल वर्ग की गरीब महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों में संगठित कर उनका क्षमता विकास कर महिलाऐं आत्म निर्भर बनाया गया है। साथ ही बताया कि दिव्यांगजनों हेतु ईको-फ्रेंडली एवं स्वच्छ आंतरिक सुविधाजनक संरचनायुक्त चार से छः सीटर 12 जन सुविधा केंद्रों (शौचालयों) का निर्माण किया जा रहा है। उन्हांेने कुमाऊं की कला एवं संस्कृति के विकास तथा स्थानीय लोक कलाकारों व उभरती हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए नैनीताल में आकर्षक ओपन एयर थिएटर के रूप में बीएम साह ओपन एयर थिएटर का जीर्णोद्धार करने, मेट्रोपोल परिसर में सुव्यवस्थित एवं सुसज्जित पार्किंग स्थल का विकास करने, सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय हल्द्वानी, महिला चिकित्सालय हल्द्वानी तथा बीडी पांडे चिकित्सालय नैनीताल में जन औषधि केन्द्रों का संचालन प्रारंभ करने, तल्लीताल डांट चौराहे पर नौका आधारित थीम पर व चीना बाबा चौक पर जिम कॉर्बेट पार्क की जैव विविधता को प्रदर्शित करने वाले चौराहे के रूप में विकसित करने की भावी योजनाओं की जानकारी भी दी। इस दौरान एसडीएम अनुराग आर्य, ऋचा सिंह, एपीडी संगीता आर्या, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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-बच्चों के लिए बनने लगे प्लाइवुड के बेड
नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जनवरी 2021। डीएम सविन बंसल के प्रयासों से अब जवाहर नवोदय विद्यालय सुयालबाडी के बच्चे प्लाइवुड के पलंगों पर सो सकेंगे। उल्लेखनीय है कि डीएम बंसल द्वारा गत वर्ष इस विद्यालय का निरीक्षण करने के दौरान यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं व अभिभावकों ने डीएम को बताया था कि बच्चे सीमेंट से बने पलंगों पर सो रहे है। इससे उन्हें ठंड लगती है। इस पर जिलाधिकारी ने बच्चों के छात्रावास में प्रत्येक बच्चों हेतु प्लाईबुड की पलंग देने व अभिभावकों तथा आगंतुकों के लिए मुख्य द्वार के पास शेड व शौचालय बनाने का वादा किया था। डीएम ने इन कार्यों के लिए 23.62 लाख रुपए अवमुक्त कर अपना वादा पूरा किया है। वहीं बच्चों के लिए बेडों का निर्माण प्रारंभ हो गया है।
डीएम ने बताया कि विद्यालय की बेहतरी एवं सुदृढीकरण के लिए खनन निधि न्यास से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराये गए हैं। साथ ही बालिका छात्रावास के पास खाली भूमि पर बास्केटबाल तथा बॉलीबाल ग्राउंड आरईएस विभाग से बनवाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा विद्यालय के चारोें ओर सुरक्षात्मक बचाव तथा जंगली जानवरो की सुरक्षा के लिए 12 सोलर लाईट लगाने की स्वीकृति भी दी गई है। साथ ही अध्ययरत छात्र-छात्राओं का हर तीन माह में आरबीएसके की टीम के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा। इसके साथ ही जल संस्थाा के अधिशासी अभियंता एसके उपाध्याय को विद्यालय मे कोसी नदी से हो रही जलापूर्ति के लिए अतिरिक्त पम्प सैट क्रय करने तथा पेयजल सम्बन्धी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के प्रस्ताव आगामी जिला योजना मे शामिल करने के निर्देश भी दिये हैं।

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-दो छात्राओं को फीस के लिए दिए 74 हजार, दोनों ने फीस देने में अक्षम बताकर डीएम से किया था संपर्क, डीएम ने जांच कराकर जमा कराई फीस
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 सितंबर 2020। जनपद के डीएम सविन बंसल लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के आह्वान को आगे बढ़ा रहे हैं। इधर उन्होंने कुमाऊं आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय हल्द्वानी में डी फार्मा प्रथम वर्ष में अध्ययनरत एक छात्रा कुमारी अर्चना को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए 34 हजार तथा जवाहर खत्ता दमुवाढुंगा हल्द्वानी निवासी अनाथ व बेसहारा बीएड की छात्रा कुमारी कांता आर्या को 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई है।
श्री बंसल का मानना है कि देश व समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेटियों का शिक्षित एवं सशक्तिकरण होना बहुत आवश्यक है। क्योंकि एक बेटी शिक्षित होती है तो अपनी आगे की तमाम पीढ़ियों को भी शिक्षित करने का मार्ग प्रशस्त करती है। इसलिए वे गरीब बेटियों की पढ़ाई में आर्थिक तंगी के कारण उत्पन्न होने वाली बाधाओं को दूर कर बेटियों को पंखों की उड़ान प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं। इधर बताया गया है कि इसी सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में भौनियाधार निवासी अर्चना ने डीएम बंसल को व्हाट्सअप पर संपर्क कर बताया कि कोरोना काल में पिता की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह डी फार्मा की पढ़ाई का शुल्क जमा करने में असमर्थ है, तो इसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने एसडीएम नैनीताल के माध्यम से वास्तविक स्थिति की जॉच कराकर सुनिश्चित होने के बाद कि उसके पिता नंदलाल की मासिक आय मात्र डेढ़ हजार रुपये रुपए है। अर्चना ने कुल फीस 59 हजार रुपये के सापेक्ष 25 हजार रुपए जमा कर दिये गए हैं तथा 34 हजार रुपये की धनराशि जमा होनी शेष है। इस पर डीएम बंसल ने सभी औपचारिकताऐं पूर्ण कराते हुए दोनों छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने के लिए उनकी फीस जमा करा दी है। इसी तरह जिला प्रोबेशन अधिकारी से जॉच कराते हुए कांता आर्या की फीस के 40 हजार रुपये की धनराशि भी जमा करायी जा रही है। दोनो बालिकाओं ने उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए डीएम सविन बंसल का आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि श्री बंसल द्वारा बालिकाओं की शिक्षा एवं संर्वागीण विकास हेतु कैरियर काउंसिलिंग का आयोजन, कोचिंग की व्यवस्था, मार्गदर्शन एवं सहायता आदि का कार्य भी किया जा रहा है।

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-खूबसूरत जागरूकता संदेशों से पटीं मुख्यालय की दीवारें…

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 नवंबर 2019। जनपद के सरकारी कार्यालयों की दीवारें जनता को खूबसूरत व आकर्षक तरीके से बालिका शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या न करने जैसे दिल को छूते हुए संदेश देंगी।

डीएम सविन बंसल की पहल पर कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के चित्रकला विभाग के छात्र-छात्राओं ने जनपद मुख्यालय में डीएसए मैदान, रिक्शा स्टेंड, जिला कलक्ट्रे व डीएम आवास आदि स्थानों की दीवारों को खूबसूरत चित्रों से सजा दिया है। इन चित्रों की अनुपम छटा से हर कोई मोहित हो रहा है। इस तरह कॉलेज के विद्यार्थियो को अपनी कला को सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित करना का बड़ा मंच भी मिला है। आगे डीएम ने बताया कि जिले भर के शासकीय भवनों की दीवारों पर बच्चों से ऐसी ही पेंटिंग बनवाई जाएंगी। इस कार्य हेतु बच्चों को ब्रश, रंग आदि भी प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराये गये हैं। बताया कि बच्चों को प्रोत्साहन के लिए प्रशासन की ओर से प्रशस्ति पत्र एवं उपहार भी दिए जायेंगे। उल्लेखनीय है कि डीएम श्री बंसल स्वयं भी एक अच्छे कलाकार हैं। अपनी इस प्रतिभा का प्रदर्शन उन्होंने शनिवार को इस अभियान का शुभारंभ करते हुए स्वयं भी बच्चों के साथ दीवारों पर पेंटिंग करके किया था।

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-शुरू हुई वॉल पेंटिंग के जरिये जागरूकता संदेश देने की शुरुआत,दीवारें भी होंगी आकर्षक

स्वयं भी दीवार पर पेंटिंग के लिए कूची चलाते डीएम सविन बंसल।

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 नवंबर 2019। डीएम सविन बंसल की अभिनव पहल पर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान, रिक्शा स्टैंड व जिला कार्यालय आदि स्थानों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व अन्य सामाजिक ज्वलन्त समस्याओं को लेकर जनजागरूकता के लिए स्थानीय स्कूल, कॉलेजों के चित्रकला के विद्यार्थियों के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा वॉल पैंटिंग की शुरूआत की गई। डीएम श्री बंसल व एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने विद्यार्थियों के साथ स्वयं भी पेंटिंग कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
इस मौके पर श्री बंसल ने बताया कि वर्तमान सामाजिक ज्वलन्त समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करने एवं समाज में जागरूकता लाने के लिए जनपद के सार्वजनिक स्थानों पर वॉल पेंटिंग के माध्यम से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा आदि का संदेश देने की कवायद शुरू की जा रही है। इस माध्यम से प्रतिभावान विद्यार्थियों को अपनी कला एवं विचारों को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा तथा जन-जागरूकता के साथ ही सार्वजनिक स्थलों को सुन्दर व आकर्षक बनाया जा रहा है। बताया कि वॉल पेंटिंग करने वाले विद्यार्थियों को ग्रुप व एकल वर्ग में नकद पुरस्कार के साथ ही सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किया जायेंगे। वॉल पेंटिंग में विभिन्न स्कूल कॉलेजों के 21 ग्रुपों में लगभग 100 विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रतिभा दिखाने का अवसर देने, पेंटिंग सामग्री देने, यातायात व अन्य सुविधाएं देने के लिए सभी विद्यार्थियों ने डीएम का आभार व्यक्त किया।

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-डीएम ने कहा किताबों के साथ ही बच्चों को आधुनिक तकनीकों, ई-लर्निंग से जोड़ने के प्रयास करेंगे तेज

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2019। डीएस सविन बंसल की पहल पर जनपद के दूरस्थ राइंका बगड़ के छात्र-छात्राओं ने पहली बार परदे पर फिल्म देखी। स्कूली बच्चों को विकास की मुख्य धारा एवं नवीन तकनीकी से रूबरू कराने के लिए डीएम ने गत दिवस पैदल चलकर राइंका बगड़ पहुंचकर बच्चों को विद्यालय में डाटा प्रोजेक्टर के जरिये बड़े परदे पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्यौमा जैन के माध्यम से विभिन्न विषयों की लघु फिल्म दिखाई। इस पर बच्चे रोमांचित हो उठे और बोले कि उन्होंने आज पहली बार सिनेमा के परदे पर फिल्म देखी। इस दौरान बच्चों को सुश्री जैन ने फिल्मों के माध्यम से सुरिक्षत एवं असुरक्षित स्पर्श, पास्को अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम व चाईल्ड हैल्पलाईन आदि की जानकारियां दीं। इस दौरान विद्यालय में पहली बार डीएम के प्रयास से ड्रोन उड़ाया गया और ड्रोन की कार्यप्रणाली बताई गई तो बच्चे और भी रोमांचित एवं आश्चर्य चकित हो उठे। साथ ही विद्यालय में श्याम पट की जगह ई-लर्निंग की ओर कदम बढ़ाते हुए व्हाईट बोर्ड पर मार्कर से लिखने की भी शुरुआत की गई। डीएम ने कहा कि जल्द ही जिलेभर के सभी विद्यालयों में व्हाईट बोर्ड, कम्प्यूटर, ई-लर्निंग, डाटा प्रोजेक्टर, नेपकिन वेंडिग मशीनों की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा विद्यालय में पहली बार इंसीनेटर मशीन लगायी गई, जिसका डीएम ने लोकार्पण भी किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बालिकाओं को स्वास्थ्य के बारे में तथा सेनेटरी नेपकिन व सेनेटरी पैड आदि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। साथ ही बच्चों को सोशल मीडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप, यू-ट्यूब व इंटरनेट आदि के बारे में भी जानकारी दी गई। डीएम ने विद्यालय में एक सप्ताह के भीतर दो कम्प्यूटर उपलब्ध कराने के आदेश भी दिये। उल्लेखनीय है कि डीएम ने गत दिवस राइंका जंगलिया गॉव में भी दो कम्प्यूटर अपने विवेकाधीन कोष से स्वीकृत किए थे। श्री बंसल ने कहा कि बच्चों में ज्ञानकोष वृद्धि एवं संस्कारों के लिए निस्संहेह पुस्तकों का अहम रोल है, लेकिन आधुनिक दौर में बच्चों को आधुनिक तकनीकी से जोड़ना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिले में 195 सरकारी विद्यालयों में से 34 में कम्प्यूटर नहीं हैं। इन विद्यालयों में जल्द ही कम्प्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही जिले के 78 विद्यालयों में ई-लर्निंग कक्षाएं संचालित हैं, शेष में ई-लर्निंग की व्यवस्था जल्द कर दी जाएगी। ई-लर्निंग को और अधिक प्रभावी तरीके से चलाने हेतु शिक्षा विभाग को जिला योजना में 12 लाख की धनराशि दी गई है।

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-फिर चार किमी चलकर बगड़ मल्ला व तीन किमी चलकर प्राथमिक विद्यालय भी पहुंचे और राइंका के कक्षा कक्षों के निर्माण में गुणवत्ता की कमी पर प्रधानाचार्य व उप शिक्षा अधिकारी का एक दिन का वेतन रोका
नवीन समाचार, नैनीताल, 13 सितंबर 2019 । डीएम सविन बंसल शुक्रवार को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनता की समस्या सुनने के लिए सुबह पांच किमी पैदल चलकर विकास खंड कोटाबाग के दूरस्थ क्षेत्र बगड़ तल्ला के तोक पिनोनिया और यहां जनता दरबार लगाने के उपरांत 4 किमी पैदल चलकर राइंका बगड़ मल्ला पहुंचे, और यहां विद्यालय में इंसीनरेटर मशीन का फीता काटकर शुभारम्भ किया। बताया गया कि बंसल पिनौनिया पहुंचने वाले पहले डीएम हैं। राइंका बगड़ का निरीक्षण करते हुए कक्षा-कक्षों में विद्युत फिटिंग न होने व निर्माण कार्य की खराब गुणवत्ता पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को ठेकेदार के एग्रीमेंट की जॉच कर शीघ्र रिर्पोट प्रस्तुत करने, प्रधानाचार्य व उप शिक्षा अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकने तथा जिस वर्ष कक्षा-कक्ष निर्माण हुए उस वर्ष की एसएमसी की भी जॉच करने के निर्देश भी दिये व तुरन्त प्रत्येक कमरों में विद्युत फिटिंग कर दो-दो विद्युत ट्यूबलाईट लगाने के निर्देश डीईओ को दिये। इसके बाद डीएम 3 किमी पैदल चलकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय बगड़ मल्ला तोक भी पहुंचे और बहुउद्देशीय शिविर में शामिल हुए।
इससे पूर्व डीएम ने पिनौनिया में जनता दरबार लगाकर जन समस्याऐं सुनी व उनका निराकरण किया। पिनौनिया वासियों ने अपनी मुख्य समस्या के रूप में पंगूट-तल्ला बगड़ मोटर मार्ग को 4 किमी विस्तारित करते हुए पिनौनिया तक बनाने की मांग की। इस पर डीएम ने अधिशासी अभियंता लोनिवि को शीघ्र सर्वे कर एससीपी योजना के अन्तर्गत राज्य सैक्टर में प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। इसके अलावा डीएम ने तीन माह पूर्व अपने पिता को खोने वाली भगवती आर्या का पारिवारिक पेंशन, जन्म से दिव्यांग संतोष कुमार के जनता दरबार में ही फार्म भरवा कर ही एक सप्ताह के भीतर पेंशन, चनर राम को बच्चे के ईलाज हेतु आर्थिक सहायता, भूवन चंद्र को प्रधानमंत्री आवास तथा लीलाराम को किसान सम्मान मानधन योजना स्वीकृत करने के निर्देश दिये। वहीं ग्रामवासियों की मांग पर प्राथमिक विद्यालय की क्षतिग्रस्त छत की जिला योजना से मरम्मत कराने मनरेगा से चारदीवारी बनवाने को कहा तथा पिनौनिया विद्यालय व आंगवाड़ी में पोषण माह व स्वच्छता पखवाड़ा योजना के अन्तर्गत जानकारियॉ देते हुए बच्चों को स्वच्छता किट, कापियॉ, रजिस्टर, कलर बाक्ॅस, जामेक्ट्री बॉक्स भेंट किये।
डीएम ने राइंका बगड़ मल्ला में एक माह के भीतर चार कम्प्यूटर खरीदने, निर्माणाधीन तीन कक्षा-कक्षों को तीन माह में पूर्ण करने, स्कूल की चारदीवारी मनरेगा के अंतर्गत बनाने के निर्देश दिये, तथा कार्यक्रम में बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं, पोषण माह, स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत विद्यार्थियों को डिक्सनरी, एटलस, रजिस्टर, पेन, स्वच्छता किट तथा बालिकाओं को सेनेटरी नेपकीन वितरित किये व मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया साथ ही गये। साथ ही विद्यालयों में नियमित कम्प्यूटर शिक्षा देने, अंग्रेजी अखबार व योजना मैंगजीन लगाने के निर्देश भी दिये। इस दौरान विमर्श संस्था द्वारा मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता पर कार्यशाला आयोजित कर जानकारियॉ दी गई। व 72 लोंगो का स्वास्थ परीक्षण, जॉच ब्लैड,सूगर, बीपी की जॉच, निःशुल्क दवा, 10 बीपीएल को चश्में वितरित किये गये साथ ही आर्युवेद द्वारा 10 की ओपीडी, 248 राशन कार्डो का डिजिटाईजेशनध्शुद्विकरण, समाज कल्याण द्वारा 2 वृद्धावस्था, 1 दिव्यांग, 2 शादी अनुदान स्वीकृत के साथ ही विभिन्न पेंशन व अनुदान के 65 फार्म वितरित किये गये साथ आधार कार्ड अपडेट किये गये व13 ऑनलाईन किये गये। कृषि विभाग द्वारा 11 बोतल पैस्टीसाइड, 03 कृषियन्त्र व 31 फार्म प्रधानमंत्री किसान सम्मान मानधन योजना के फार्म भरवाये गये।

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-सैलानियों एवं फरियादियों के लिए पोर्टल बनेंगे, जिनमें आने वाली समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
-बादल फटने जैसी आपदा की पहले ही जानकारी क्षेत्रीय लोगों के मोबाइल में अलार्म के रूप में तत्काल आएगी
-अस्पतालों में मरीजों को रेफर करने पर चिकित्सकों की जिम्मेदारी होगी तय
-बलियानाला के संरक्षण के लिए जीआईएस व आरआईडीएस की ली जाएगी मदद
नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2019।
आईएएस अधिकारी सविन बंसल ने शनिवार को नैनीताल के नये जिलाधिकारी के पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वे उत्तराखंड बनने के बाद नैनीताल जनपद के 17वें एवं जनपद बनने के बाद से 80वें जिलाधिकारी होंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं के साथ कई अभिनव पहल करने का इरादा जताया है।

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कार्यभार ग्रहण करते नये डीएम सविन बंसल।

जिलाधिकारी सविन बंसल की अभिनव योजनाएं:

  1. नैनीताल को प्रदेश की पर्यटन राजधानी बताते हुए डीएम ने बताया कि वे नगर में आने वाले पर्यटकों के लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी का सहारा लेते हुए मोबाइल एप और क्यूआरटी यानी क्विक रिस्पांस सिस्टम विकसित करेंगे। सैलानी इसमें उनके साथ आने वाली किसी भी तरह की समस्या, पुलिस, होटल अथवा टैक्सियों या अन्य पर्यटन व्यवसायियों द्वारा की जाने वाली लूट की शिकायत दर्ज करेंगे, और क्यूआरटी उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर उनकी समस्या का समाधान करेगी।
  2. इसी तरह का एक पोर्टल मुख्यमंत्री के समाधान पोर्टल की तर्ज पर सुशासन के उद्देश्य से जनपद में भी विकसित किया जाएगा। इसमें जनपदवासी अपनी शिकायत दर्ज करेंगे। अधिकारियों को शिकायतों पर 15 दिन में कार्रवाई करनी होगी। शिकायतकर्ता को उसके मोबाइल पर उसकी शिकायत कहां तक पहुंची है, इसकी भी जानकारी मिलती रहेगी।
  3. रेफरल सेंटर बने अस्पतालों की समस्या को दूर करने के लिए जनपद में अब चिकित्सकों को किसी रोगी को अन्यत्र रेफर करने के लिए जिम्मेदारी से कारण दर्ज करना होगा। डीएम स्वयं इसकी मॉनीटरिंग करेंगे।
  4. जनपद में किसी भी तरह की आपदा आने की स्थिति में जनपद के मुक्तेश्वर में लगे डॉप्लर रडार अथवा अन्य स्रोतों से मिलने वाली आपात सूचनाओं को जनपद में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहली बार ‘सेटेलाइट बेस्ड अलार्म सिस्टम’ से जोड़ा जाएगा। इस सिस्टम के तहत प्रभावित होने वाले क्षेत्र के समस्त नागरिकों के मोबाइल पर स्वतः चेतावनी अलार्म बजने लगेंगे और संदेश आएंगे।
  5. नैनीताल नगर के आधार बलियानाला के संरक्षण के लिए आईएआरएस यानी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग से जीआईएस यानी भौगोलिक सूचना प्रणाली का बेहतर उपयोग कर पता लगाया जाएगा कि भूगर्भ में कैसे नये भ्रंश विकसित हो रहे हैं। कहां कमजोर मिट्टी है, और उसमें भू-धंसाव हो सकता है। इस अनुरूप ही क्षेत्र एवं यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित किया जाएगा।

इसके अलावा कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत डीएम ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए जल्द ही नगर के नारायणनगर, मेट्रोपोल व पाइंस में तीन नई पार्किंग बन जाने का विश्वास जताया। कहा कि शासन से ये जल्द ही स्वीकृत हो जाएंगी। बलियानाला के सुदृढ़ीकरण पर बताया कि जापान की एजेंसी जायका यहां तकनीकी अध्ययन कर रही है। सूचना प्रौद्योगिकी के जरिये हो रहे इस अध्ययन से पता चल जाएगा कि यहां भूस्खलन के कारण क्या हैं। साथ ही भूगर्भ में पानी कहां से इकट्ठा हो रहा है, और निर्माणों का दबाव भूस्खलन के कारणों में कितना है। इसके बाद जल्द ही डीपीआर तैयार की जाएगी। सुशासन के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं एएनएम केंद्रों मंे 100 फीसद सुविधाएं देने पर फोकस किया जाएगा। इसी तरह सुदूर दुर्गम व संचारविहीन क्षेत्रों में 12वीं तक की शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। देश के ‘विजन-2020’ के तहत जनपद में ऐपण जैसे स्थानीय शिल्प व लोक कला के साथ ही परंपरागत मोटे खाद्यान्नों एवं फलोत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय दोगुनी करने व क्षेत्र में ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। आवारा कुत्तों एवं बंदरों की समस्या के समाधान के लिए पूर्व में अल्मोड़ा जनपद में लागू किये गये उपाय खासकर शिविर लगाकर बंध्याकरण करने जैसे कार्य किये जाएंगे। कार्यभार ग्रहण करने के मौके पर उप निदेशक सूचना योगेश मिश्रा, वैयक्तिक अधिकारी कवीेंद्र पांडे, कोषाधिकारी अनीता आर्य, पूर्व डीएम विनोद कुमार सुमन व अपर जिला सूचना अधिकारी अहमद नदीम आदि अधिकारी मौजूद रहे।

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-‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र पर कार्य करेंगे नए डीएम सुमन
-बोले सामान्य बनकर और सबकी सुनकर ही बेहतर तरीके से चलाया जा सकता है प्रशासन

कार्यभार ग्रहण करते डीएम विनोद कुमार सुमन

नैनीताल, 25 मार्च 2018। नैनीताल जनपद के नवागत डीएम विनोद कुमार सुमन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र पर प्रशासन चलाएंगे। उन्होंने कहा कि हर स्थिति में शासन, न्यायालय तथा सभी संबंधित प्रभावित पक्षों से समन्वय बनाकर और सबको साथ लेकर, सामान्य बनकर और सबकी सुनकर ही बेहतर तरीके से प्रशासन चलाया जा सकताा है। अल्मोड़ा और चमोली जिलों के डीएम रहते जिले की हर तहसील के एक स्कूल में जाकर शासन की विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने जैसी समस्त सुविधाएं लेकर पहुंचने जैसे बेहतर रहे प्रयोगों को यहां भी लागू करने की कोशिश करेंगे।
रविवार देर रात्रि कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत सोमवार दोपहर पत्रकार वार्ता में डीएम श्री सुमन ने कहा कि पर्यटन से संबंधित मुख्यालय व जनपद होने के नाते पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं व अनुभव प्रदान करने, नैनी झील के जल को संरक्षित करने के कार्य प्राथमिकता में होंगे, जबकि आसन्न नगर निकाय चुनाव कराना पहली चुनौती होगी। बोले, सकारात्मक कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। नगर के लिए जल्द ही बेहतर यातायात योजना बनाई जाएगी। बताया कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ की अवधारणा के तहत हर खास व आम व्यक्ति का फोन सुनते हैं, और नहीं सुनने पर कॉल बैक भी करते हैं। उन्होंने सरकार की ई-ऑक्शन के जरिये हो रही खनन पट्टों की नीलामी, पहली बार प्रदेश में 400 चिकित्सकों की तैनाती व टेलीमेडिसिन की सुविधा जैसी योजनाओं की प्रशंसा भी की। इस मौके पर अपर निदेशक सूचना योगेश मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी गोविंद बिष्ट आदि भी मौजूद रहे।

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नैनीताल, 25 मार्च 2018। 1997 बैच के पीसीएस व 2008 बैच के आईएएस अधिकारी विनोद कुमार सुमन ने रविवार देर रात्रि नैनीताल के उत्तराखंड बनने के बाद 16वें, और 1893 में नैनीताल जनपद के अस्तित्व में आने के बाद से 79वें डीएम के रूप में देर शाम कार्यभार ग्रहण कर लिया। देर रात्रि कार्यभार ग्रहण करने का कारण रविवार को नवरात्र का आखिरी दिन व रामनवमी होना बताया जा रहा है। इससे पूर्व श्री सुमन के शाम छह बजे कार्यभार ग्रहण करने की सूचना प्राप्त हुई, लेकिन उनके पहुंचने में काफी विलंब हुआ। इधर जिला कलक्ट्रेट में एडीएम हरबीर सिंह, प्रभारी अधिकारी अशोक जोशी, एसडीएम प्रमोद कुमार, उप निदेशक सूचना योगेश मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी गोविंद सिंह बिष्ट एवं डीएम के वैयक्तिक अधिकारी कवींद्र पांडे एवं कोषागार के अधिकारी-कर्मचारी डीएम की अगवानी के लिए मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि नैनीताल जनपद के जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी का 24 मार्च 2018 को शासन में तबादला कर दिया गया था। उनकी जगह शासन से अपर सचिव विनोद कुमार सुमन को नैनीताल का जिलाधिकारी बनाकर भेजा गया है। शनिवार को अपर सचिव कार्मिक भूपाल सिंह मनराल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया था। आदेश के अनुसार श्री चौधरी को शासन में अब तक सुमन द्वारा देखे जा रहे शहरी विकास विभाग में अपर सचिव व निदेशक पदों की जिम्मेदारी दी गयी है।

अल्मोड़ा व चमोली के जिलाधिकारी रह चुके व अब नैनीताल के डीएम बनाने जा रहे व यहाँ कुमाऊँ मंडल विकास निगम के जीएम के पद पर भी रह चुके 1997 बैच के पीसीएस व 2008 बैच के आईएएस अधिकारी विनोद कुमार सुमन नैनीताल के उत्तराखंड बनने के बाद 16वें, और 1893 में नैनीताल जनपद के अस्तित्व में आने के बाद से 79वें डीएम बने हैं। 

नैनीताल जिले के अब तक के डीएम :

चौधरी इसलिए लौट रहे शासन 

यह इत्तफ़ाक ही कहा जा रहा है कि डीएम चौधरी का तबादला एक दिन पूर्व नगर में यातायात सुधार हेतु मॉल रोड को अपराह्न 4 से 8 बजे तक बंद करने सहित कई निर्णय लेने और कुछ ही घंटे बाद इस निर्णय को वापस लेने की पृष्ठभूमि में हुआ है। हालाँकि यह भी बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले ही मुख्यमंत्री से मिलकर ‘फील्ड’ में न रहने की दरखास्त की थी। इसका कारण उनकी वृद्ध माता का स्वास्थ्य खराब होना बताया गया है।

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अगर इंसान जिंदगी में कुछ हासिल करने की ठान ले तो बड़ी से बड़ी कठिनाई उसकी राह नहीं रोक सकती, बस इसके लिए इरादा पक्का और हौसले बुलंद होने चाहिए।

सुमन की सफलता की कहानी आज के युवाओं को प्रेरणा दे सकती है। उत्तर प्रदेश के भदोही के पास जखांऊ गांव के रहने वाले विनोद कुमार सुमन ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई विभूति नारायण राजकीय इंटर कालेज ज्ञानपुर (भदोही) से की। इंटरमीडिएट करने के बाद अपने ही दम पर मंजिल पाने के जुनून में भदोही से अपने माता-पिता को छोड़कर श्रीनगर गढ़वाल निकल आए थे और वहां कई महीने मजदूरी करके गुजारा किया। आगे उन्होंने श्रीनगर में कठिन संघर्ष करके ग्रेजुएशन किया और आखिरकार पीसीएस की परीक्षा में सफल हुए। 

स्नातक में परिजनों ने इलाहाबाद में प्रवेश दिलाया लेकिन उनका मन नहीं लगा। वह सोचते थे कि वहां रहकर प्रशासनिक सेवा में सफल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने पढ़ाई के लिए बाहर जाने की इच्छा जताई लेकिन घर के लोग राजी नहीं हुए। इस पर उन्होंने अपने ही दम पर कुछ करने की ठान ली।

वे बताते हैं कि वह कुछ बनने के लिए घर से निकले थे। उन्होंने इंटरमीडिएट करने के बाद ही तय कर लिया था कि एक न एक दिन प्रशासनिक सेवा में सफल होकर दिखाएंगे।

पारिवारिक पृष्ठभूमि को वे इन शब्दों में बयां करते हैं ‘पिता खेती के साथ ही कालीन बुनते हैं। पांच भाई और दो बहनों में मैं सबसे बड़ा था। जाहिर है परिवार की जिम्मेदारी में पिता का हाथ बंटाना मेरा फर्ज भी था।’ 1987 में विभूति नारायण राजकीय इंटर कालेज ज्ञानपुर से इंटर पास करने के बाद समस्या आई आगे की पढ़ाई की। बहुत मुश्किल हालात में स्नातक के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। विवि में प्रवेश के बाद उनके सामने पैसों की दिक्कत खड़ी हो गई। घर से कभी मनीआर्डर आता था कभी नहीं। ऐसे में उन्होंने खुद के दम पर कुछ करने की ठानी। वे किसी को बिना बताए पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर शहर आ गए और घर पत्र भेज बता दिया कि उन्हें तलाशने की कोशिश न करें।

सुमन 1989 के उन दिनों को याद कर बताते हैं कि श्रीनगर पहुंचे तो जेब के पैसे खत्म हो चुके थे। वह एक मंदिर में पहुंचे और पुजारी से शरण मांगी। अगले दिन वह काम की तलाश में निकले। उन दिनों श्रीनगर में एक सुलभ शौचालय का निर्माण चल रहा था। ठेकेदार से मिन्नत के बाद वह वहां मजूदरी करने लगे। मजदूरी के तौर पर उन्हें 25 रुपये रोज मिलते थे। 

संघर्ष के दिनों को याद करते हुए सुमन बतातें हैं “करीब एक माह तक वे एक चादर और बोरे के सहारे मंदिर के बरामदे में रातें बिताई। इस दौरान मजदूरी से मिले पैसों से कुछ भी खा लेते थे।”

इस बीच उन्होंने गढ़वाल विश्वविद्यालय में बीए में प्रवेश भी ले लिया, और गणित, सांख्यिकी और इतिहास विषय लिए। किसी तरह दोनों काम साथ चलते रहे। उनकी गणित अच्छी थी। इसलिए उन्होंने रात में ट्यूशन पढ़ाने का निश्चय किया। पूरे दिन मजदूरी करते और रात को ट्यूशन पढ़ाते। धीरे-धीरे उनकी आर्थिक हालात कुछ ठीक हुए तो उन्होंने घर पर पैसे भेजने शुरू कर दिए। वर्ष 1992 में प्रथम श्रेणी में बीए करने के बाद सुमन ने पिता की सलाह पर इलाहाबाद लौटने का निश्चय किया और यहां इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्राचीन इतिहास में एमए किया। इसके बाद 1995 में उन्होंने लोक प्रशासन में डिप्लोमा किया, और प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गये। इसी बीच उनकी महालेखाकार कार्यालय में लेखाकार के पद पर नौकरी लग गई। नौकरी लगने के बाद भी उन्होंने तैयारी जारी रखा और 1997 में उनका पीसीएस में चयन हुआ और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

तमाम महत्वपूर्ण पदों पर सेवा देने के बाद 2008 में सुमन को आइएएस कैडर मिल गया। नवंबर 2015 में चमोली का जिलाधिकारी बनते ही सुमन ने देखा कि दूर-दराज के छात्र मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र के लिए जिला मुख्यालय गोपेश्वर में भटक रहे हैं। उन्होंने आदेश दिया कि दूर दराज के स्कूलों में प्रमाण पत्र वहीं वितरित किए जाएं। अब बच्चों को गोपेश्वर नहीं आना पड़ता। वह देहरादून में एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा कई जिलों में एडीएम गन्ना आयुक्त, निदेशक समाज कल्याण सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

सुमन का मानना है, “अगर दृढ़ निश्चय हो तो कोई भी कठिनाई इंसान को नहीं डिगा सकती।” अपने लक्ष्य को लेकर सुमन दृढ़-संकल्प होकर डटे रहे और अंत में सफलता का स्वाद चखा। उनकी सफलता से हमें यही प्रेरणा मिलती है कि जिंदगी की राह में हमें अनगिनत बाधाओं का सामना करना पड़ेगा, हमें उसका डटकर मुकाबला करने की जरुरत है न कि हार मान लेने का।

नवीन समाचार
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