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करीब 20 घंटे बाद बिजली कर्मियों की हड़ताल समाप्त, जानें कैसे हुई हड़ताल समाप्त…

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नवीन समाचार, देहरादून, 27 जुलाई 2021। सरकार द्वारा दिन में एस्मा यानी अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम लगाने के बाद बिजली कर्मचारियों की हड़ताल करीब 20 घंटों बाद ही समाप्त हो गई है। सरकार द्वारा एस्मा लगाए जाने के बाद यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल के कर्मचारियों में काफी गुस्सा देखा गया, लेकिन काफी मान मनोव्वल के बाद उनका गुस्सा ठंडा पड़ गया और वे हड़ताल को समाप्त करने पर राजी हो गए।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 14 सूत्री मांगों को लेकर 3500 से ज्यादा बिजली कर्मचारियों ने मध्य रात्रि से हड़ताल शुरू कर दी थी। इससे जगह-जगह बिजली की आपूर्ति बाधित होने की खबरें आने लगीं। इस पर प्रदेश की ऊर्जा सचिव सौजन्या ने एस्मा का आदेश जारी किया। वहीं दूसरी ओर पहले एमडी स्तर पर बिजली कर्मचारियों से वार्ता हुई, और फिर करीब तीन घंटे तक ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत से वार्ता हुई। वार्ता के बाद ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने सभी मांगों को पूरा करने के लिए एक माह का समय मांगा है।

वार्ता के बाद मोर्चा के संयोजक इंसारुल हक ने मीडिया के सामने हड़ताल स्थगित करने का एलान कर दिया। लेकिन इस पर कई संगठन असहमत होते हुए बाहर चले गए। इस असहमति के बवाल को थामने के लिए मोर्चा की बैठक दोबारा बुलाई गई। बैठक में कहा गया कि जब तक ऊर्जा मंत्री से बातचीत के ब्यौरे लिखित में नहीं आएंगे, तब तक वह हड़ताल जारी रखेंगे। रात करीब साढ़े नौ बजे तीनों निगमों के एमडी के हस्ताक्षर हुए मिनट्स आए, जिस पर कर्मचारी नेताओं ने भी हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद हड़ताल पूर्ण रूप से स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। हड़ताल खत्म होते ही बिजली कर्मचारी अपने काम पर लौटने लगे। देर रात तक कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति सुचारु हो गई थी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : विद्युत कर्मियों की हड़ताल के बाद कमोबेश सुचारू रही विद्युत आपूर्ति, डीएम ने संभाली कमान…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2021। डीएम धीराज गर्ब्याल ने विद्युत कर्मियों की सोमवार रात्रि से शुरू हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल के दृष्टिगत जनपद के सभी विद्युत सब स्टेशन यानी बिजली घरों को सही से संचालित करने एवं उन्हें किसी भी प्रकार की क्षति न होने देने के लिए कमान संभालते हुए वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुख्य अभियंता विद्युत, राजस्व तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। इस हेतु मुख्य अभियंता विद्युत पुलिस की मदद ले सकते हैं। इसके साथ ही डीएम ने विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने के लिए जल संस्थान के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है। संभवतया इसके प्रभाव से ही पहले दिन कुछ क्षेत्रों में प्रभावित होने के अलावा मुख्यालय में विद्युत आपूर्ति आम तौर पर सुचारू रही।

डीएम ने बैठक में विद्युत विभाग को मांग के अनुसार आईटीआई तथा उपनल के माध्यम से कुशल सबस्टेशन ऑपरेटरों की तैनाती हेतु सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश उप जिलाधिकारी हल्द्वानी एवं सब स्टेशनों की सुरक्षा हेतु मांग अनुसार पुलिस बल मुहैया कराने के निर्देश भी एसपी सिटी हल्द्वानी को दिये हैं। इसके अलावा उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति में ट्यूबवेल तथा फिल्टरेशन प्लांटों को सफतापूर्वक संचालित करने के लिए वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था के रूप में 20 से 25 विद्युत जनरेटरों एवं पेयजल की आपूर्ति के लिए 60 टैंकरों की व्यवस्था करने को भी कहा। साथ ही उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी जल संस्थान के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाये रखने के निर्देश भी दिये। वीसी में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी, संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन, एडीएम अशोक जोशी, मुख्य अभियंता विद्युत श्री गर्ब्याल, एसई जल संस्थान विशाल कुमार सक्सेना, एसडीएम विनोद कुमार, गौरव चटवाल, विजयनाथ शुक्ल, मनीष कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट रिचा सिंह, ईई जल संस्थान संतोष उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

विद्युत कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किया प्रदर्शन
नैनीताल। 14 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल के तहत मुख्यालय के ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले मुख्यालय में भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मल्लीताल स्थित कार्यालय में कर्मचारियों ने मंगलवार को बैठक कर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से संगठन पुरानी पेंशन योजना लागू करने, समान कार्य के लिए समान वेतन देने, कर्मियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार भत्ते देने, अभियंता व अवर अभियंता संवर्ग में नियमित भर्ती करने, तीनों निगमों में उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मियों को वर्ष में दो बार महंगाई भत्ता दिए जाने, अवर अभियंताओं के ग्रेड पे बढ़ाने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। मगर सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। कहा कि कार्य बहिष्कार के दौरान यदि विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो सरकार ही उत्तरदाई होगी। इस दौरान रघुनाथ सिंह, उमेश मेहता, रमेश सिंह, दीप, अर्चना, विनोद सिंह, योगिता भाकुनी, विनोद, रमेश बिष्ट, नवीन, हरीश भट्ट, गजेंद्र, राजू, सूरज, रमेश चंद्र, देवेंद्र कुमार, सुरेंद्र, पानू, रुबीन खान आदि कर्मी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : केजरीवाल पर हरीश रावत का तंज, ऐसे तो हम 400 यूनिट बिजली मुफ्त दे देते…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जुलाई 2021। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक दिन पूर्व उत्तराखंड वासियों को 300 यूनिट बिजली फ्री देने का वादा करने वाले आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को कटघरे में खड़ा करते हुए ऐसा घेरा है कि शायद वह जवाब ही न दे पाएं। केजरीवाल पर तंज कसते हुए रावत ने लिखा है, ‘उत्तराखंड में 300 यूनिट बिजली प्रति परिवार फ्री देने का वादा। दिल्ली में मुख्यमंत्री के रूप में श्री केजरीवाल जी का यह दूसरा टर्म है और वहां लोगों को केवल 200 यूनिट तक बिजली फ्री दी जा रही है। 200 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने पर पूरा बिल वसूल किया जाता है। सनद रहे दिल्ली में वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से 7 रुपया 75 पैसा पर यूनिट बिजली का बिल वसूला जाता है, जबकि उत्तराखंड में 5 रुपया 80 पैसा देना पड़ता है। फिर दिल्ली की आमदनी और उत्तराखंड की आमदनी का कोई मुकाबला नहीं है। यदि उत्तराखंड का बजट भी दिल्ली के वार्षिक बजट के बराबर हो तो कांग्रेस 400 यूनिट तक बिजली का बिल माफ कर देगी। राज्य के संसाधनों को देखकर हमारा वादा है कि सत्ता में आने के वर्ष 100 यूनिट और दूसरे वर्ष में 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त देंगे।’ आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

 

यह भी पढ़ें : धामी सरकार की घोषणा से ‘आप’ को लगा करंट ! केजरीवाल दून पहुंचे, ‘बड़ा चारा’ डालने की की कोशिश !!

नवीन समाचार, देहरादून, 11 जुलाई 2021। धामी सरकार के आते ही राज्य के ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने राज्य में 100 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा क्या की, लगता है आम आदमी पार्टी को सबसे पहले ‘करंट’ लग गया है। राज्य में सियासी जमीन तलाशने में लगी पार्टी के प्रमुख दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तत्काल ही सिर्फ बिजली के मुद्दे को लेकर देहरादून पहुंच गए और राज्य की जनता को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए ‘बड़ा चारा’ डालते हुए राज्य में अपनी सरकार आने पर 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा कर दी। खुद बताया कि दिल्ली में 200 यूनिट ही बिजली मुफ्त दे रहे हैं। फिर उत्तराखंड पर यह दरियादिली क्यों ? पहले जहां सत्ता में हैं, वहां दे दें।

बोले, दिल्ली में 200 यूनिट खर्चने वाले को मुफ्त और 200 से 400 यूनिट खर्चने वालों को 50 फीसद छूट दे रहे हैं, इसलिए यहां 200 व 400 का औसत 300 यूनिट देंगे। साथ ही कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर गलत व बड़े बिल आए हैं, इसलिए पुराने बिजली के बिल माफ करने, किसानों को मुफ्त बिजली देने और 24 घंटे बिजली देने का वादा भी किया। बिजली के अलावा कोई बड़ा वादा नहीं किया, मानो उत्तराखंडवासियों की सबसे बड़ी समस्या बिजली के बिल ही हों। राज्य में और कोई समस्या ही न हो। गौरतलब है कि राज्य में नई-नई आम केजरीवाल की पार्टी केवल हर मुद्दा लपकने, हर छोटे-बड़े आंदोलन में खुद भी घुसने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि खुद को जनता की समस्याओं में खुद को साझीदार बताने का ढोंग कर सकें।

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यह भी पढ़ें : मुफ्त बिजली का कितना मिलेगा आमजन को लाभ ? उत्तराखंड में चल पायेगा दिल्ली का फॉर्मूला ?

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जुलाई 2021। उत्तराखंड सरकार राज्य वासियों को 100 यूनिट बिजली देना का जल्दी ही ऐलान कर सकती है। इसकी कवायद शुरू हो गई है। बुधवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक में इस बारे में प्रस्ताव बनाने को कहा। इसके बाद इस दिशा में विभागीय अधिकारियों ने होमवर्क शुरू कर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार सरकार घरेलू उपभोक्ताओं से प्रतिमाह उनके द्वारा खर्च की जाने वाली 100 यूनिट बिजली का शुल्क नहीं लेगा। इसका मतलब है कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली का खर्च प्रतिमाह 100 यूनिट यानी हर दो माह में आने वाले बिल में 200 यूनिट आएगा, उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा। वहीं इससे अधिक यूनिट खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को 200 के अलावा शेष यूनिट का ही शुल्क देना होगा। यानी यदि कोई उपभोक्ता दो माह में 400 यूनिट बिजली खर्च करता है, तो उसे 200 यूनिट का ही शुल्क देना होगा।

बताया गया है कि राज्य के करीब 13 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं, जो 100 से 200 यूनिट प्रतिमाह बिजली खर्च के दायरे में आते हैं। वहीं करीब सात लाख उपभोक्ता हैं तो प्रतिमाह 100 यूनिट तक ही खर्च करते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को कोई शुल्क नहीं देना होगा। इस तरह जिन परिवारों का खर्च 100 यूनिट तक था, उनका बिल अभी करीब 400 रुपये का आता है। उन्हें हर महीने 400 रुपए की बचत होगी। जल्द की मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में प्रस्ताव लाया जा सकता है, जिसके बाद यह योजना लागू हो सकती है। देखने वाली बात होगी कि सरकार फिक्स्ड चार्जेज पर कहीं अधिक पैंसा न ले ले। उल्लेखनीय है कि बिलों में विद्युत विभाग भी खेल करता है। एक की जगह दो माह के बिल साथ आते हैं। अभी सामान्य बिलों पर 190 रुपए फिक्स्ड चार्जेज लिए जा रहे हैं। साथ ही 100 यूनिट प्रतिमाह तक 1.75 रुपए एवं इससे अधिक पर 2.8 रुपए की दरें हैं। आगे देखने वाली बात होगी कि सरकार इस पर क्या स्थिति साफ करती है।

गौरतलब है कि दिल्ली में अभी 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है। वहां प्रतिमाह 100 से अधिक खर्च करने वालों को बिलों में 50 फीसद की ही छूट दी जा रही है। आम आदमी पार्टी चुनाव में 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने का वादा भी कर सकती है, जबकि कांग्रेस की ओर से हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर शुरुआत में 100 एवं बाद में 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी और सुनिश्चित किया जाएगा कि बिजली कटे नहीं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : जिला मुख्यालय के निकट के दर्जन भर गांवों में पिछले 4 दिनों से बिजली नहीं, ग्रामीण मंगलवार को करेंगे ईई का घेराव-प्रदर्शन

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अप्रैल 2021। मुख्यालय के निकटवर्ती दर्जन भर गांवों में पिछले चार दिनों से बिजली नहीं है। इससे इन गांवों की करीब 8 हजार की आबादी पिछले चार दिनों से बिजली की सुविधा से वंचित है। इससे परेशान व आक्रोशित क्षेत्रीय लोगों ने अब मंगलवार सुबह तक बिजली न आने पर मंगलवार को मुख्यालय में विद्युत वितरण खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता घेराव व धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

आंधी-तूफान में गिरे बिजली के पोल।

क्षेत्र के पूर्व प्रधान दिनेश बुधलाकोटी ने बताया कि गत 16 अप्रैल को आए आंधी-तूफान से गैरीखेत-चारखेत के पास पोल गिरने से गैरीखेत, कुड़, अधौड़ा, सौन, खमारी, पिनोनिया, तल्ला व मल्ला बगड़, दोनियाखान, महरोड़ा, हरियाल, पाली, पंगोट, घुघूखान, सिगड़ी, विनायक, बांसी, सौड़ व सल्बा आदि गांवों में बिजली नहीं है। ग्रामीणों की ओर से प्रेस को जारी ग्राम प्रधान महरोड़ा खीमानंद, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रकाश बिष्ट, प्रधान-बुधलाकोट ललित चंद्र, प्रधान बगड़ भगवती आर्य, प्रधान घुघू सिगड़ी मोहन अधिकारी, दिनेश चंद्र, रोहित, संजय व मोहित आदि की ओर से भी मंगलवार को धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही गई है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरें बढ़ाने पर नैनीताल में ली जनता की राय, 7 से 12 फीसद तक बढ़ सकती हैं दरें, एनएचआरए ने भी दिया सुझाव

नवीन समाचार, नैनीताल, 06 अप्रैल 2021। उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार मंगलवार को नैनीताल क्लब के शैले हॉल में यूपीसीएल, यूजेवीएनएल, पिटकुल, एसएलडीसी द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए सहीकरण, वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए वार्षिक समीक्षा एवं वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए दायरएआरआर एवं टैरिफ याचिकाओं पर जनसुनवाई की। उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष डीपी गैरोला की अध्यक्षता में आयोजित हुए जन सुनवाई कार्यक्रम में 15 लोगों ने आयोग के समक्ष अपने सुझाव एवं मत रखे। अधिकांश उद्यमियों एवं व्यक्तियों ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत विद्युत दरें न बढ़ाने, डिफॉल्टर उपभोक्ताओं हेतु प्रीपेड मीटर लगवाने, टाइम से बिल जारी करने एवं बिलिंग सिस्टम को डिजिटलाइज करने तथा कन्टीनीयस चार्ज को कम एवं नगण्य करने की मांग करते हुए अपने मत एवं तर्क रखे।
आगे बताया गया कि आयोग द्वारा अगली सुनवाई 10 अप्रैल को आयोग के देहरादून स्थित मुख्यालय में उद्योग व गैरघरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं हेतु प्रातः 10.30 बजे से अपरान्ह एक बजे तक तथा अन्य शेष सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं हेतु अपरान्ह 3 से 5 बजे तक की जायेगी। आयोग द्वारा सभी पक्षों को सुनने एवं जानने के पश्चात जनहित में बेहतर निर्णय लिया जायेगा। जन सुनवाई में आयोग के सदस्य तकनीकि मनोज कुमार जैन, सचिव नीरज सती, वित्त निदेशक दीपक पाण्डे, निदेशक रजनीश माथुर, उप निदेशक दीपक कुमार सहित उद्यमि, होटल व्यवसायी, अन्य अधिकारी, नागरिक उपस्थित थे।
बढ़ सकती हैं बिजली की दरें
नैनीताल। गौरतलब है कि यूपीसीएल ने गत वर्ष की ट्रू-अप से सम्बन्धित एक तिहाई राजस्व की कमी (323.78 करोड़) की वसूली प्रस्तावित करते हुए वर्ष 2021-22 की एआरआर तथा विद्युत दरों में वृद्धि अनुमानित की है। इसी प्रकार यूपीसीएल ने वर्तमान में उपभोक्ताओं पर लागू विद्युत दरों में 4.56 प्रतिशत औषत वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। पिटकुल, एसएलडीसी, एवं यूजेवीएनएल ने भी वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अपनी एआरआर एवं टैरिफ पिटीशन आयोग के समक्ष प्रस्तुत की है, यदि आयोग द्वारा इनके दावे स्वीकार किये जाते हैं तो उपभोक्ताओं के लिए बिजलीे की दरों में 7.34 फीसद की वृद्धि होगी। वहीं यदि रेग्यूलेटरी एसेट्स अनुमोदित नहीं की जाती है तो दरों में 16.20 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
एनएचआरए ने दिया दरों में कमी का सुझाव
नैनीताल। नैनीताल होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने विद्युत नियामक आयोग के समक्ष विद्युत दरों से संबंधित जनसुनवाई में अपनी आपत्ति लिखित रूप में दी। एसोसिएशन का कहना था कि लगभग 50 प्रतिशत रोजगार देने वाले पर्यटन कारोबारी विशेष कर नैनीताल में पिछले कुछ सालों से काफी परेशानी से उबरने की कोशिश में थे, लेकिन कोरोना महामारी ने पर्यटन व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। इस परेशानी से निकलने के लिए पर्यटन उद्योग को किसी भी प्रकार की राहत ना तो केंद्र सरकार ने दी है ना राज्य सरकार ने। एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि विद्युत दरों में अलग-अलग मद जैसे न्यूनतम व नियत दरों की जगह पर केवल मीटर रीडिंग के आधार पर बिल दिया जाये। उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश भी कहा जाता है। कुछ वर्षो से जलविद्युत के क्षेत्र में काफी बढ़ोतरी हुई है, और इसका मूल्य भी किफायती है। इसलिए राज्य में विद्युत दरों में यथासंभव कमी की जानी चाहिए जिससे पर्यटन उद्योग को थोड़ी राहत मिल सके।

यह भी पढ़ें : राज्य में 16 फीसद तक बढ़ सकती है बिजली की दर, जल्द नैनीताल-दून में होगी जनसुनवाई

नवीन समाचार, देहरादून, 27 मार्च 2021। उत्तराखंड में विद्युत नियामक आयोग वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए जल्द बिजली की नई दरें निर्धारित कर सकता है। बताया गया है कि यूपीसीएल ने आयोग से बिजली की दरों में 13.25 फीसद की बढ़ोतरी की मांग की है। वहीं यूजेवीएनएल ने 1.96 फीसद और पिटकुल ने आयोग से 0.82 की बढ़ोतरी की मांग की है। जिसके हिसाब से तीनों निगमों ने नियामक आयोग से कुल 16.20 फीसद की बढोतरी का प्रस्ताव करते हुए ‘टैरिफ पिटिशन’ दाखिल की है। इस तरह माना जा रहा है कि राज्य में बिजली की दरों में करीब 16 फीसद की वृद्धि हो सकती है। इसके लिए आयोग पिछले वर्षों की चार की जगह इस वर्ष केवल दो जनसुनवाइयां कर जनता की राय लेगा। एक सुनवाई आगामी 6 अप्रैल को नैनीताल में और दूसरी जनसुनवाई देहरादून के उत्तराखंड नियामक आयोग के देहरादून स्थित कार्यालय में होगी। इसमें एक सुनवाई में उद्योग से जुड़े लोगों एवं दूसरी सुनवाई में आम जनता के साथ वाणिज्यिक उपभोगताओं को रखा गया है।
गौरतलब है कि आमतौर पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग हर वर्ष मार्च में बिजली की दरों को तय करता है लेकिन बताया गया है कि इस वर्ष कोरोना के चलते ये नहीं हो पाया। इस वजह से इस बार बिजली की दरें अप्रैल महीने में घोषित होंगी। इसके लिए नियामक आयोग दाखिल पिटिशन पर जनता से राय लेगा। इसके लिए दो जनसुनवाई की जाएगी। वहीं नियामक आयोग के तकनीकी सदस्य एमके जैन का कहना है कि पिछले सालों में राज्य में 4 जन सुनवाई की जाती थी, जिनमें 2 कुमाऊ मंडल और 2 सुनवाई गढ़वाल मंडल में होती थी। लेकिन इस बार दो ही जन सुनवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : लाइनमैन ने चलती लाइन में ग्रामीण युवक को चढ़ाया पोल पर, करंट से मौत

नवीन समाचार, मानिला (अल्मोड़ा), 19 मार्च 2021। अल्मोड़ा जनपद के सल्ट ब्लॉक मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर गुलार गांव में ऊर्जा विभाग के एक लाइनमैन की लापरवाही से एक ग्रामीण युवक की जान चली गई। आरोप है कि लाइनमैन ने पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हुई बिजली की लाइन के जोडने के लिए खुद की जगह एक स्थानीय युवक को बिना लाइन काटे खंभे पर चढ़ा दिया। फलस्वरूप युवक बिजली के करंट की चपेट में आ गया, और जमीन पर गिर पड़ा, तथा कुछ देर छटपटाने के बाद उसने दम तोड़ दिया। विभागीय अधिकारी अब प्रकरण की जांच कराने की बात कह रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती शाम करीब छह बजे गुलार गांव में एक पेड़ काटे जाने के बाद बिजली की लाइन पर जा गिरा। इससे तार क्षतिग्रस्त हो गए और आसपास की विद्युत आपूर्ति भंग हो गई। इस पर विभागीय लाइन मैन हरीश सिंह को बुलवाया गया। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार लाइनमैन ने अपने परिचित 24 वर्षीय अनिल राम पुत्र गोपाल राम को तार जोडने के लिए खंभे पर चढ़ा दिया। पोल पर चढ़कर अनिल ने जैसे ही लाइन जोड़ी, वह बिजली के करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। आनन फानन में उसे सीएचसी देवायल ले जाया गया, मगर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
ग्रामीणों के अनुसार मृतक अनिल अपने परिवार का इकलौता कमाऊ बेटा था। वह ऊर्जा विभाग में संविदा कर्मी के रूप में काम कर चुका था। लेकिन इन दिनों अनिल सराइखेत रोड स्थित दूधोडी गांव में एक रिजॉर्ट में काम कर परिवार का खर्च चलाता था। दो दिन पूर्व ही वह छुट्टी लेकर घर आया था। इस दौरान लाइनमैन ने उसे पोल पर चढ़ा दिया, और यह हादसा हो गया। बताया गया है कि वर्ष 2019 में भी गढ़कोट मल्ला गांव में लाइनमैन ने गांव के 22 वर्षीय अनिल को ट्रांसफार्मर का फ्यूज जोड़ने भेज दिया था। इस दौरान करंट से अनिल की भी मौत हो गई थी। इसके अलावा क्षेत्र में झूलते तारों व लाइन टूटने से बस सवार तीन लोगों की मौत होने की घटना भी हुई थी। बेटे की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।

यह भी पढ़ें : बिजली की बढ़ी दरों के दृष्टिगत किस्तों में बिल भुगतान की नई मांग

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 मार्च 2021। बिजली की दरों में भारी वृद्धि का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से डीएम धीराज गर्ब्याल को एक ज्ञापन सोंपकर बिलों का भुगतान किस्तों में लेने की व्यवस्था करने की मांग की है। पूर्व विधायक सरिता आर्य, भवाली के कांग्रेस नगर अध्यक्ष हितेश साह व चंद्रा आर्य द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि बढ़ी दरों की वजह से काफी बड़े बिल आ रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र बेतालघाट की जनता बड़े बिजली के बिलों से परेशान हैं और बिलों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए किस्तों में बिलों का भुगतान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में हाई वोल्टेज से लाखों के विद्युत उपकरण फुंके, केबल प्रसारण भी अवरुद्ध

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 फरवरी 2021। जिला मुख्यालय के मल्लीताल क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक बिजली की हाई वोल्टेज आने से लोगों के लाखों के विद्युत उपकरण फुक गए हैं। साथ ही शहर के बड़े हिस्से में केबल टीवी का प्रसारण भी बंद हो गया है। नगर के मल्लीताल कमेटी लाइन क्षेत्र के क्षेत्रीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शाम करीब 7 बजे अचानक हाई वोल्टेज आने के कारण कुछ ही सेकंडों के अंतराल में लोगों के घरों के अधिकांश बल्ब और ट्यूबलाइट फुक गए। क्षेत्रीय निवासी गुड्डू ठठोला ने बताया कि उनके घर में ट्यूबलाइट एवं बल्बों के अलावा एक्वेरियम भी फूंक गया। इस कारण एक्वेरियम में रह रही दर्जनभर मछलियां भी झटके से मर गईं, वही एक मीडिया कर्मी के घर में भी फ्रिज सहित अनेक विद्युत उपकरण फुकने का समाचार है। इसी तरह नगर में केबल टीवी संचालित करने वाले विजय साह के केबल टीवी से संबंधित कुछ उपकरण भी फूंक गए हैं। इस कारण नगर में नगर के बड़े हिस्से में केबल टीवी का प्रसारण भी बंद हो गया है। वहीं इस बारे में पूछे जाने पर विद्युत वितरण खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता एसएस उस्मान ने बताया कि संभवतया लोगों द्वारा सर्दी के कारण हीटर इत्यादि से अधिक लोड लिए जाने के कारण न्यूट्रल की तार फुक गई थी। संभवतया इस दौरान ही घरों में विद्युत उपकरण फुके हैं। उन्होंने बताया कि लाइन को फिलहाल सुचारू कर दिया गया है।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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